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पीएम मोदी, मल्लिकार्जुन खड़गे ने अंबेडकर जयंती पर दुर्लभ मिलन समारोह में हल्के पल साझा किए | देखो | भारत समाचार

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आखरी अपडेट:14 अप्रैल, 2026, 13:29 IST पीएम मोदी और खड़गे और बिड़ला सहित नेताओं ने बीआर अंबेडकर को उनकी 135वीं जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की। अंबेडकर जयंती: संसद कार्यक्रम के दौरान हंसते नजर आए मोदी, खड़गे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई राजनीतिक नेताओं ने अंबेडकर जयंती के अवसर पर संसद परिसर में प्रेरणा स्थल पर बीआर अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस कार्यक्रम में अंबेडकर की 135वीं जयंती मनाई गई। उपस्थित लोगों में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और उपाध्यक्ष सीपी राधाकृष्णन शामिल थे। सभी नेताओं ने उनके सम्मान में पुष्पांजलि अर्पित की. एक दुर्लभ हल्का-फुल्का आदान-प्रदान कार्यक्रम के दौरान, मोदी और खड़गे को संक्षिप्त और मैत्रीपूर्ण बातचीत करते देखा गया। दृश्यों में दोनों नेताओं को एक-दूसरे का अभिवादन करते, हाथ मिलाते और कुछ शब्दों का आदान-प्रदान करते दिखाया गया। उन्हें एक साथ मुस्कुराते और हंसते हुए भी देखा गया, एक पल जो खास था। इससे पहले मोदी ने ओम बिड़ला और सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की और फिर बातचीत के लिए खड़गे से संपर्क किया. #घड़ी | दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक हल्के-फुल्के पल को साझा किया। पीएम मोदी और अन्य नेताओं ने अंबेडकर जयंती के अवसर पर संसद परिसर में प्रेरणा स्थल पर भारत रत्न डॉ. बीआर अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी।… https://t.co/JoquMq3m4d pic.twitter.com/vN3KkG63j1 – एएनआई (@ANI) 14 अप्रैल 2026 महिला आरक्षण बिल पर चर्चा बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष से महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने के लिए संसद में पेश किए जाने वाले संशोधन विधेयक पर समर्थन देने का आग्रह किया. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं के कल्याण के उद्देश्य से उठाए गए कदमों को सभी पक्षों में साझा जिम्मेदारी के रूप में देखा जाना चाहिए। पीएम मोदी ने खड़गे से कहा कि यह बिल महिलाओं के हित में लाया जा रहा है और सामूहिक समर्थन का आह्वान किया. जवाब में, खड़गे ने कहा कि कांग्रेस कोई रुख अपनाने से पहले प्रस्ताव पर आंतरिक रूप से चर्चा करेगी। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी इस मामले पर गहन विचार-विमर्श के बाद अपना रुख बताएगी। पीएम मोदी ने खड़गे से कहा, “यह बिल महिलाओं के हित में पेश किया जा रहा है और इसका समर्थन करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।” पीएम मोदी की हाल ही में राहुल गांधी से बातचीत ऐसा ही एक पल कुछ दिन पहले देखने को मिला था जब मोदी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से कुछ देर बात की थी. दोनों नेताओं ने अपने कार्यक्रम को जारी रखने से पहले विनम्रतापूर्वक कुछ शब्दों का आदान-प्रदान किया। इस बीच, पीएम मोदी ने श्रद्धांजलि अर्पित करने में संसद सदस्यों का नेतृत्व किया और कहा कि अंबेडकर का काम लोगों को प्रेरित करता रहता है। उन्होंने कहा कि अंबेडकर का जीवन एक न्यायपूर्ण और प्रगतिशील समाज के निर्माण के प्रयासों को प्रेरित करता है। खड़गे ने अंबेडकर को एक दूरदर्शी व्यक्ति बताया जिन्होंने भारत को नैतिक और संवैधानिक आधार दिया। उन्होंने लोगों से स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व और न्याय के मूल्यों की रक्षा करने का आग्रह किया। राहुल गांधी ने कहा कि अंबेडकर के आदर्शों और संविधान को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और उन्होंने कहा कि वह उनका बचाव करना जारी रखेंगे। डॉ. बीआर अंबेडकर, जिन्हें बाबासाहेब के नाम से जाना जाता है, भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार थे और उन्होंने भारत के सामाजिक सुधार आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : दिल्ली, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 14 अप्रैल, 2026, 12:30 IST न्यूज़ इंडिया पीएम मोदी, मल्लिकार्जुन खड़गे ने अंबेडकर जयंती पर दुर्लभ मिलन समारोह में हल्के पल साझा किए | घड़ी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)मोदी खड़गे(टी)पीएम मोदी खड़गे(टी)अंबेडकर जयंती श्रद्धांजलि(टी)नरेंद्र मोदी अंबेडकर(टी)बीआर अंबेडकर जयंती(टी)प्रेरणा स्थल संसद(टी)मल्लिकार्जुन खड़गे मोदी बातचीत(टी)मोदी राहुल गांधी बैठक(टी)आंबेडकर संवैधानिक विरासत(टी)भारतीय सामाजिक सुधार नेता

देवास में 3 वाहनों की टक्कर:कार के पिछले हिस्से में घुसी बाइक, कांच से टकराने पर युवक को आए 10 टांके

देवास में 3 वाहनों की टक्कर:कार के पिछले हिस्से में घुसी बाइक, कांच से टकराने पर युवक को आए 10 टांके

देवास शहर में ट्रैफिक थाने के सामने मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे स्कूटर, कार और बाइक की आपस में टक्कर हो गई। क्रॉसिंग पर ब्रेक लगने से हुए इस हादसे में बाइक सवार उछलकर कार के पिछले कांच से टकरा गया, जिससे 40 वर्षीय गोपाल सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल को स्थानीय लोगों ने ई-रिक्शा की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया है, जहां प्राथमिक इलाज के दौरान चेहरे पर 10 से ज्यादा टांके लगाकर उन्हें अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है। क्रॉसिंग पर अचानक ब्रेक लगाने से हुई तीनों वाहनों की भिड़ंत जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे ट्रैफिक थाने के सामने क्रॉसिंग करते वक्त एक स्कूटर सवार ने अचानक ब्रेक लगा दिया। ब्रेक लगने के कारण स्कूटर के पीछे आ रही कार उससे टकरा गई। इसी दौरान कार के ठीक पीछे आ रही बाइक भी अनियंत्रित होकर कार के पिछले हिस्से में जा घुसी। कांच से टकराकर उछला बाइक सवार, चेहरे पर लगी गंभीर चोट पीछे से हुई यह टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक चला रहे 40 वर्षीय गोपाल सिंह उछलकर कार के पिछले कांच से टकरा गए। कांच से टकराने के कारण वे गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में घायल को ई-रिक्शा से जिला अस्पताल लाया गया, जहां उनके चेहरे पर करीब 10 से ज्यादा टांके आए हैं। दोस्त के साथ इंदौर के पास नुक्ते में जा रहे थे गोपाल हादसे के समय बाइक पर पीछे बैठे गोपाल सिंह के दोस्त राजेश मंडलोई (निवासी अमोना) ने बताया कि वे दोनों मंगलवार सुबह बाइक से इंदौर के पास स्थित एक गांव में जा रहे थे। दोनों को वहां परिवार के एक नुक्ते के कार्यक्रम में शामिल होना था, लेकिन रास्ते में ही ट्रैफिक थाने के सामने यह सड़क हादसा हो गया।

पेड़ पर उगने वाली जलेबी! बाजार में सिर्फ 2 महीने आती है नजर, शरीर के लिए संजीवनी

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Last Updated:April 14, 2026, 11:55 IST Sidhi News: बाजार में जंगल जलेबी की कीमत 50 से 60 रुपये प्रति किलो है. इससे उन्हें रोजाना 400 से 500 रुपये तक की कमाई हो जाती है, जिससे परिवार का खर्च और बच्चों की पढ़ाई में अच्छी मदद हो जाती है. सीधी. मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र के जंगलों में पाया जाने वाला कीकर, जिसे स्थानीय भाषा में जंगल जलेबी के नाम से जाना जाता है, इन दिनों शहरों के बाजारों में खासा लोकप्रिय हो रहा है. खट्टी-मीठी स्वाद वाला यह जंगली फल न केवल लोगों की जुबान पर चढ़ रहा है बल्कि आदिवासी क्षेत्र की महिलाओं के लिए आय का साधन भी बनते जा रहा है. सीधी जिले के ग्रामीण और वन क्षेत्रों में इसकी भरपूर पैदावार होती है. यह केवल दो महीने ही मिलती है. पुराने बस स्टैंड के पास जंगल जलेबी बेचने वाली फूलमती गोंड लोकल 18 को बताती हैं कि पहले वह जंगल से लकड़ियां इकट्ठा कर बेचती थीं, जिससे कम आमदनी होती थी और मेहनत भी ज्यादा लगती थी लेकिन अब जंगल जलेबी के कारण उन्हें बेहतर और सुरक्षित आय का विकल्प मिल गया है. उनका कहना है कि इस काम में जोखिम कम है और कम समय में ज्यादा कमाई हो जाती है. फूलमती ने बताया कि वह रोज सुबह तड़के जंगलों में जाकर जंगल जलेबी तोड़ती हैं और दोपहर तक शहर के मुख्य बाजार में बेचने पहुंच जाती हैं. बाजार में इसकी कीमत 50 से 60 रुपये प्रति किलो है. इससे उन्हें प्रतिदिन 400 से 500 रुपये तक की कमाई हो जाती है, जिससे परिवार का खर्च और बच्चों की पढ़ाई में अच्छी मदद मिल रही है. सेहत के लिए फायदेमंद जंगल जलेबीआयुर्वेदिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ आरपी परौहा ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि गर्मी के मौसम में मिलने वाली जंगल जलेबी का सेवन शरीर के लिए बेहद लाभकारी होता है. इसके नियमित सेवन से इम्युनिटी सिस्टम मजबूत होता है, त्वचा रोगों में राहत मिलती है, आंखों की रोशनी बेहतर होती है और शुगर नियंत्रण में मदद मिलती है. साथ ही यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में भी सहायक है. उन्होंने बताया कि यह फल शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को कम कर गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने का काम करता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा कम हो जाता है. औषधीय गुणों को लेकर जागरूक हैं शहरी लोगवहीं ग्रामीण इलाकों में अभी भी इस फल को ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता लेकिन शहरों में इसके स्वाद और औषधीय गुणों को लेकर लोगों में जागरूकता तेजी से बढ़ रही है. इसके चलते जंगल जलेबी अब आदिवासी महिलाओं के लिए आय का बेहतर साधन बनती जा रही है. यह फल उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है. About the Author Rahul Singh राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sidhi,Madhya Pradesh First Published : April 14, 2026, 11:55 IST

टीकमगढ़ में संत सेन महाराज की 726वीं जयंती:प्रतिमा स्थल पर पूजा, समाज को व्यसन मुक्त रखने पर जोर

टीकमगढ़ में संत सेन महाराज की 726वीं जयंती:प्रतिमा स्थल पर पूजा, समाज को व्यसन मुक्त रखने पर जोर

टीकमगढ़ में मंगलवार को राष्ट्रीय सर्व सेन समाज संगठन ने संत शिरोमणि श्री सेन महाराज की 726वीं जयंती मनाई। इस अवसर पर सिविल लाइन रोड स्थित सेन महाराज की प्रतिमा स्थल पर पूजा-अर्चना की गई। यह कार्यक्रम संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोरेलाल सेन के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। जयंती समारोह में भाजपा जिला अध्यक्ष सरोज राजपूत, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष लक्ष्मी गिरी और युवा प्रदेश महामंत्री राहुल तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के संरक्षक कन्हैयालाल मुखिया ने की। रमेश कुमार ने सेन महाराज का अभिषेक, पूजा-अर्चना और कन्या पूजन करवाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उपस्थित सभी अतिथियों ने संत सेन महाराज के जीवन चरित्र पर अपने विचार व्यक्त किए। राष्ट्रीय अध्यक्ष गोरेलाल सेन ने समाज को एकजुट रहने और बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों को व्यसन मुक्त जीवन जीने का संकल्प भी दिलाया। इस अवसर पर देवेंद्र सेन, धनीराम सेन, राहुल बंटी वर्मा, छोटे लाल अंतौरा, रामनारायण सेन, गणेश सेन, मुन्ना लाल सेन, रामरतन सेन, चंद्रभान सेन, सूदन लाल, रामबगस सेन, वीरन मुखिया, कमलेश सेन सहित सेन समाज के कई सदस्य मौजूद रहे।

TET परीक्षा के लिए नए सिरे से आदेश जारी होंगे:किन शिक्षकों को परीक्षा देना जरूरी यह तय करेगा विभाग; सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका पर भी मंथन

TET परीक्षा के लिए नए सिरे से आदेश जारी होंगे:किन शिक्षकों को परीक्षा देना जरूरी यह तय करेगा विभाग; सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका पर भी मंथन

मध्यप्रदेश में डेढ़ लाख शिक्षकों की नौकरी पर असर डालने वाली TET परीक्षा को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग नया आदेश जारी करेगा। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नए आदेश में टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता और छूट की स्थिति स्पष्ट की जाए। आयुक्त ने कहा कि नए आदेश में यह स्पष्ट किया जाएगा कि किन शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा अनिवार्य होगी और किन्हें नियमानुसार छूट या सरलीकरण मिलेगा। शासकीय अधिवक्ता से अभिमत की प्रक्रिया जारी विभाग ने बताया कि मामले में शासकीय अधिवक्ता से अभिमत प्राप्त करने की प्रक्रिया चल रही है। अभिमत मिलने के बाद सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की जाएगी। सोमवार को लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ और अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें कई प्रशासनिक निर्णय लिए गए। वेतनवृद्धि और समयमान के मामलों में शीघ्र आदेश बैठक में तय हुआ कि जिन शिक्षकों को वेतनवृद्धि और समयमान वेतनमान का लाभ मिलना है, उनके प्रकरणों में शीघ्र कार्रवाई कर आदेश जारी किए जाएंगे। यदि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश यथावत रहते हैं, तो परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षकों के लिए तहसील और विकासखंड स्तर पर प्रशिक्षण व सिलेबस आधारित मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। डीपीआई स्तर पर परामर्श बैठक आयोजित होगी लंबित समस्याओं के समाधान के लिए डीपीआई स्तर पर परामर्शदात्री बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ, शिक्षक कांग्रेस और राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष और महामंत्री उपस्थित रहे। सुप्रीम कोर्ट ने दिया था निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 को निर्देश दिया था कि अब टीच‍िंग सर्विस से जुड़े सभी शिक्षकों को अपनी सर्विस में बने रहने या प्रमोशन पाने के लिए टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्‍ट यानी TET पास करना जरूरी होगा। जस्टिस दीपांकर दत्‍ता और जस्टिस ऑगस्‍टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने कहा- जिन टीचर्स की नौकरी को 5 साल से ज्यादा बचे हैं, उन्हें टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) क्वालिफाई करना जरूरी होगा। अगर ऐसा नहीं किया तो उन्हें इस्तीफा देना होगा या फिर कंपल्सरी रिटायरमेंट लेना होगा। क्‍या है TET एग्‍जाम टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी TET एक राष्ट्रीय स्तर की पात्रता परीक्षा है, जो यह तय करती है कि कोई अभ्यर्थी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक कक्षाओं (कक्षा 1 से 8 तक) में टीचर बनने के योग्य है या नहीं। यह परीक्षा राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) द्वारा 2010 में अनिवार्य की गई थी। जानिए पूरा मामला RTE एक्‍ट, 2009 की धारा 23(1) के अनुसार, शिक्षकों के लिए न्यूनतम योग्यता NCTE द्वारा निर्धारित की जाएगी। NCTE ने 23 अगस्त 2010 को एक नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसमें कक्षा 1 से 8 तक शिक्षक बनने के लिए TET पास करना अनिवार्य किया गया था। NCTE ने शिक्षक पदों पर नियुक्‍त उम्‍मीदवारों को TET क्‍वालिफाई करने के लिए 5 साल का समय दिया, जिसे आगे चलकर 4 साल और बढ़ाया भी गया। NCTE के नोटिस के खिलाफ उम्‍मीदवारों ने कोर्ट का रुख किया। मद्रास HC बेंच ने जून 2025 में कहा कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति 29 जुलाई 2011 से पहले हुई थी, उन्हें सेवा में बने रहने के लिए TET पास करने की बाध्यता नहीं है, लेकिन पदोन्नति के लिए TET पास करना अनिवार्य रहेगा। इसी फैसले पर अब सुप्रीम कोर्ट ने सर्विस में बने रहने और प्रमोशन दोनों के लिए TET क्‍वालिफाई करना अनिवार्य कर दिया है।

वन अमले पर हमला, दो महिला समेत 10 पर केस:खंडवा के जंगल में अतिक्रमण रोकने पहुंचे चौकीदार से की थी मारपीट

वन अमले पर हमला, दो महिला समेत 10 पर केस:खंडवा के जंगल में अतिक्रमण रोकने पहुंचे चौकीदार से की थी मारपीट

खंडवा जिले के गुड़ी वन परिक्षेत्र में जंगल की भूमि पर अतिक्रमण को लेकर एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई। सोमवार को भिलाईखेड़ा बीट के आमाखुजरी टांडा में अतिक्रमणकारियों ने जंगल की जमीन पर हल चलाकर खेती की तैयारी शुरू कर दी थी। इस दौरान वन विभाग की टीम ने कार्रवाई की तो आरोपियों ने एकजुट होकर वन अमले के साथ झूमाझपटी की और चौकीदार से मारपीट की थी। मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया हैं। वनपाल अंतरसिंह बघेल (44), निवासी गुड़ी वन परिक्षेत्र की शिकायत पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज की है। पुलिस ने रमेश, इंदर सिंह, सुरसिंह, भुवानसिंह, बुचा, गंगाराम, गणपत, सूरज, रामसिंह की पत्नी, गोरेलाल की पत्नी सहित अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(2), 190, 189(2), 132, 351(3) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। चौकीदार पर हमला, कपड़े फाड़े कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों ने चौकीदार रामदास को घेर लिया और उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि हमलावरों ने उसके कपड़े फाड़ दिए, गला दबाया और नाखूनों से हमला कर घायल कर दिया। साथ ही दोबारा कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी दी। महिलाओं ने किया हंगामा, बनाया दबाव वन विभाग के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कुछ महिलाओं ने हंगामा करते हुए खुद के कपड़े फाड़ लिए, ताकि वन अमले पर दबाव बनाया जा सके। हालांकि, पूरे घटनाक्रम का वीडियो वन कर्मचारियों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया है। बाहरी जिलों से पहुंचे अतिक्रमणकारी वन विभाग का कहना है कि क्षेत्र में अतिक्रमणकारी बड़वानी, खरगोन और बुरहानपुर जिलों से आकर वन भूमि पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। अतिक्रमण में मुआसिंह और उसके परिवार के सदस्यों की भूमिका सामने आई है। विभाग के मुताबिक, इनके पट्टे करीब दो महीने पहले निरस्त कर दिए गए थे और बेदखली के आदेश भी जारी हो चुके हैं। मुआसिंह पर पहले से आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं और जिलाबदर की कार्रवाई भी लंबित है। पेड़ काटे, दोबारा कब्जा करने की कोशिश अतिक्रमणकारियों ने करीब 3 हेक्टेयर क्षेत्र में बबूल के पेड़ काट दिए, जहां पहले बीजारोपण किया गया था। वहीं आमाखुजरी क्षेत्र की करीब 250 हेक्टेयर वनभूमि में से लगभग 50 हेक्टेयर पर दोबारा अवैध कब्जा कर बोवनी की तैयारी की जा रही है।

कलेक्टर रात में वेयरहाउस पहुंचे, ताला खुलवाया:फसल तुलाई रुकने पर कलेक्टर की फटकार; बोले- किसान जगेगा तो सबको जागना पड़ेगा

कलेक्टर रात में वेयरहाउस पहुंचे, ताला खुलवाया:फसल तुलाई रुकने पर कलेक्टर की फटकार; बोले- किसान जगेगा तो सबको जागना पड़ेगा

अशोकनगर जिले के सिजावट गांव स्थित अमल वेयरहाउस पर 8 अप्रैल से किसानों की फसल तुलाई बंद होने की सूचना पर कलेक्टर साकेत मालवीय सोमवार रात मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां पहुंचते ही अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल वेयरहाउस का ताला खुलवाया। कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बाद प्रशासन तुलाई का काम सुनिश्चित करने में जुटा हुआ है। गौरतलब है कि इससे पहले तुलाई रुकने से नाराज होकर किसानों ने चक्काजाम भी किया था, जिसे अधिकारियों के समझाने पर हटाया गया था। बोले- मुंशी नहीं होगा तो क्या काम नहीं होगा? कलेक्टर ने अधिकारियों से सवाल किया कि यदि समिति प्रबंधक नहीं है, तो क्या किसानों की फसल नहीं तोली जाएगी? जिला अधिकारी होने के नाते उन्हें तुलाई सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा, “आप डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर हो, मुंशी न होने की स्थिति में तुलाई शुरू नहीं कर पा रहे। मुंशी नहीं होगा तो क्या काम नहीं होगा?” कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि किसान अपनी फसल लेकर खड़े रहेंगे और अधिकारी चैन से सोएंगे, ऐसा बिल्कुल नहीं होगा। अधिकारियों से पूछा- दिनभर से तोल नहीं हो रही थी, जानकारी क्यों नहीं थी मौके पर प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ पहुंचे कलेक्टर मालवीय ने जवाब मांगा कि दिनभर से तोल नहीं हो रही थी, इसकी जानकारी उन्हें क्यों नहीं थी और तुलाई का काम शुरू क्यों नहीं कर पाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसानों को तुलाई में जितनी देर होगी, अधिकारियों को भी उतनी ही रात भर जागना पड़ेगा। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, “किसान जगेगा तो सबको जागना पड़ेगा।” 8 अप्रैल से बंद थी तुलाई, किसानों ने किया था चक्काजाम दरअसल, सिजावट गांव स्थित अमल वेयरहाउस पर समिति प्रबंधक द्वारा 8 अप्रैल से किसानों की फसल की तुलाई रोक दी गई थी। लगातार कई दिनों से तुलाई न होने के कारण किसानों में भारी आक्रोश था और इसी से नाराज होकर उन्होंने चक्काजाम कर दिया था। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप और समझाने के बाद चक्काजाम हटाया गया था, जिसके बाद सोमवार रात खुद कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला।

पुलिस का सुरक्षित ट्रैक्टर-ट्रॉली, सुरक्षित किसान अभियान:सड़क दुर्घटना रोकने 30 ट्रैक्टर ट्रालियों पर लगाया रिफ्लेक्टर रेडियम

पुलिस का सुरक्षित ट्रैक्टर-ट्रॉली, सुरक्षित किसान अभियान:सड़क दुर्घटना रोकने 30 ट्रैक्टर ट्रालियों पर लगाया रिफ्लेक्टर रेडियम

नर्मदापुरम पुलिस ट्रैक्टर ट्रालियों से होने वाले सड़क हादसों को रोकने के लिए अभियान चला रही है। अभियान का नाम सुरक्षित ट्रैक्टर-ट्रॉली सुरक्षित किसान दिया है। अभियान के अंतर्गत पुलिस द्वारा ट्रॉली के पीछे रिफ्लेक्टर रेडियम लगाया जा रहा है। ताकि रात के दौरान गाड़ी के लाइट का उजाला पड़ने पर वो रिफ्लेक्ट हो और सामने वाला वाहन चालक पहले से सतर्क हो जाएं। किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है। डोलरिया थाना प्रभारी प्रवीण चौहान के नेतृत्व में थाना क्षेत्र में गेहूं,चना खरीदी केंद्रों पर खड़ी ट्रालियों और हाईवे से गुजरती ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में रेडियम चस्पा किया। अभियान का फ्लैक्स लगाकर भी रेडियम लगाने के फायदें बताएं। डोलरिया थाना प्रभारी चौहान ने बताया ट्रॉलियों में पीछे लाइट नहीं होती है। जिस वजह से अधिकांश रात को ट्रॉलियों दिखती नहीं और उसमें अन्य वाहन टकरा जाते। जिससे मृत्यु और घायल होने की घटनाएं होती। उसे रोकने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। 30 ट्रॉलियों के पीछे रेडियम लगाया। किसानों को इसके फायदें और रेडियम नहीं लगे होने के नुकसान बताएं।

अनियंत्रित होकर ट्रैक्टर में लगा थ्रेसर पलटा:धूमा बाईपास पर यातायात रहा बाधित, मशक्कत के बाद खुला जाम

अनियंत्रित होकर ट्रैक्टर में लगा थ्रेसर पलटा:धूमा बाईपास पर यातायात रहा बाधित, मशक्कत के बाद खुला जाम

सिवनी जिले के धूमा थाना क्षेत्र अंतर्गत धूमा बाईपास पर सोमवार देर रात एक बड़ा हादसा टल गया। यहां एक ट्रैक्टर में लगा थ्रेसर मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलट गया। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। जानकारी के अनुसार, देर रात एक ट्रैक्टर थ्रेसर लेकर धूमा बाईपास मार्ग से गुजर रहा था। मोड़ पर संतुलन बिगड़ने के कारण थ्रेसर अचानक पलट गया। जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वहां आमतौर पर वाहनों और लोगों की आवाजाही अधिक रहती है। हालांकि, घटना के समय वहां कोई राहगीर या अन्य वाहन मौजूद नहीं था, जिससे संभावित बड़ा नुकसान टल गया। हादसे के बाद सड़क पर थ्रेसर पलटने से कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हो गया। राहगीरों और वाहन चालकों को असुविधा का सामना करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। क्रेन की सहायता से पलटे हुए थ्रेसर को सड़क से हटाया गया, जिसके बाद यातायात सुचारू रूप से बहाल हो सका। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस बाईपास मार्ग पर तेज गति और मोड़ों पर पर्याप्त संकेतक न होने के कारण अक्सर दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और सावधानीपूर्वक वाहन संचालन की आवश्यकता को उजागर किया है।

अमेरिका में आज इजराइल-लेबानन की सीजफायर वार्ता:हिजबुल्लाह मुद्दे पर अटका पेंच, नेतन्याहू बोले- उग्रवादियों पर हमले बंद नहीं करेंगे

अमेरिका में आज इजराइल-लेबानन की सीजफायर वार्ता:हिजबुल्लाह मुद्दे पर अटका पेंच, नेतन्याहू बोले- उग्रवादियों पर हमले बंद नहीं करेंगे

अमेरिका में आज इजराइल और लेबनान के बीच सीजफायर पर अहम बातचीत होगी। यह बैठक वॉशिंगटन डीसी में होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका इस वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। इस बातचीत का मकसद लेबनान सीमा पर हिंसा कम करना और स्थायी युद्धविराम की तरफ बढ़ना है। हालांकि, इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पहले ही कह चुके हैं कि लेबनान में ईरान समर्थक उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं, ईरान का कहना है कि इजराइल को लेबनान में तुरंत हमले रोकने होंगे, क्योंकि सीजफायर समझौते की एक शर्त है कि लेबनान पर हमले नहीं होंगे। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स ईरान जंग जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…