Tuesday, 15 Sep 2026 | 04:59 AM

Trending :

EXCLUSIVE

सीनियर सिटीजंस स्कीम से हर महीने ₹20,500 तक की कमाई:इसमें सालाना 8.2% ब्याज मिल रहा, समझें इससे इनकम का पूरा गणित

सीनियर सिटीजंस स्कीम से हर महीने ₹20,500 तक की कमाई:इसमें सालाना 8.2% ब्याज मिल रहा, समझें इससे इनकम का पूरा गणित

सरकार ने अप्रैल-जून (Q1FY27) के लिए स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया है। यानी आपको पहले जितना ही ब्याज मिलता रहेगा। अगर आप सीनियर सिटीजन हैं और अपने लिए हर महीने इनकम का इंतजाम करना चाहते हैं तो पोस्ट ऑफिस सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम अकाउंट (SCSS) आपके लिए सही रहेगा। इस स्कीम में एक मुश्त पैसा लगाकर आप अपने लिए रिटायमेंट के बाद भी रेगुलर इनकम का इंतजाम कर सकते हैं। इस पर 8.2% सालाना ब्‍याज मिल रहा है। इस स्कीम में हर 3 महीने में ब्याज दिया जाता है। यानी 3 महीने में अधिकतम 61,500 रुपए तक का ब्‍याज आप हासिल कर सकते हैं, जो मंथली बेसिस पर 20,500 रुपए होगा। अधिकतम 30 लाख रुपए कर सकते हैं निवेश पोस्ट ऑफिस सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम में सिर्फ 1000 रुपए में अकाउंट खोला जा सकता है। इस स्कीम में ज्यादा से ज्यादा 30 लाख रुपए तक निवेश कर सकते हैं। इस स्कीम पर 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है। अगर आप इसमें 30 लाख रुपए तक निवेश करते हैं तो आपको 8.2% के हिसाब से सालाना 2,46,000 रुपए ब्याज मिलेगा। चूंकि इस योजना के तहत ब्याज तिमाही आधार पर मिलता है, तो अगर हम इसे 3-3 महीनों में बांटे तो ये 61,500 रुपए होगा। यानी हर 3 महीने में आपके अकाउंट में 61,500 रुपए आ जाएंगे। 5 साल का रहता है मैच्योरिटी पीरियड इस स्कीम का मैच्योरिटी पीरियड 5 साल का रहता है। यानी इस स्कीम में आपको 5 साल के लिए निवेश करना होता। हालांकि आप 5 साल से पहले भी अकाउंट बंद कर सकते हैं, लेकिन ऐसा करने पर आपको पेनल्टी देनी होती है। इसके अलावा आप 3-3 साल के लिए अकाउंट को जब तक चाहे आगे बढ़ा सकते हैं। अगर आप ऐसा नहीं करना चाहें तो आपके 30 लाख आपस ले सकते हैं। आपके अकाउंट में आ जाएगा ब्याज का पैसा ब्याज तिमाही आधार पर मिलता है। जो 1 अप्रैल, 1 जुलाई, 1 अक्टूबर और 1 जनवरी को आपके अकाउंट में आ जाएगा। ब्याज की रकम उसी डाकघर में स्थित आपके बचत खाते में आ जाएगी। यदि खाताधारक ब्याज की रकम नहीं निकालता है, तो ऐसे ब्याज पर अतिरिक्त ब्याज यानी कम्पाउंड इंटरेस्ट नहीं मिलेगा। इनकम टैक्स छूट का मिलता है लाभ इस योजना में निवेश करने पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत आप अपनी कुल आय से 1.5 लाख रुपए की कटौती का दावा कर सकते हैं। आसान भाषा में इसे ऐसे समझें, आप सेक्शन 80C के माध्यम से अपनी कुल कर योग्य आय से 1.5 लाख तक कम कर सकते हैं। हर तीन महीने में ब्याज नहीं निकालते हैं तो 30 लाख के मिलेंगे 42 लाख अगर आप इस योजना में आप 30 लाख रुपए निवेश करते हैं और हर 3 महीने में ब्याज नहीं निकालते हैं तो 5 साल बाद ये 42 लाख रुपए हो जाएंगे। यहां देखें कितना पैसा निवेश करने पर 5 साल बाद आपको कितना पैसा मिलेगा… कोई भी वरिष्ठ नागरिक खोल सकता है अकाउंट 60 साल या उससे अधिक उम्र के बाद अकाउंट पोस्ट ऑफिस जाकर खुलवाया जा सकता है। हालांकि VRS लेने वाला व्यक्ति जो 55 वर्ष से अधिक लेकिन 60 वर्ष से कम है वो भी इस अकाउंट को खोल सकता है। इसके अलावा डिफेंस (रक्षा विभाग) से रिटायर्ड हुए हो वो 50 साल से अधिक और 60 वर्ष से कम उम्र के लोग भी इस योजना में निवेश कर सकते हैं। हालांकि इस स्थिति में रिटायर होने के 1 महीने के भीतर निवेश करना होता है। डिस्क्लेमर: यह स्टोरी केवल जानकारी के लिए है। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले एक्सपर्ट्स से सलाह लें।

बजट फ्रेंडली कपल ट्रिप: 10,000 रुपये में भारत की इन जगहों पर कर सकते हैं एक्सप्लोर, गोपालगंज के लिए आदर्श यात्रा

छवि अपलोड की गई

कम बजट में भारत में घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहें: यदि आप और महानगर कहीं घूमने का मन बना रहे हैं, लेकिन बजट कम है, तो चिंता न लें। भारत में ऐसी कई खूबसूरत जगहें हैं जहां आप 10,000 रुपये के अंदर एक शानदार और रोमांटिक ट्रिप प्लान कर सकते हैं। कम बजट का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप कम बजट का मजा लें। यहां कुछ ऐसी जगहों की लिस्ट है जो कपल्स के लिए बेस्ट हैं। तो जानिए कौन सी हैं वो शानदार जगहें? ऋषिकेष, उत्तराखंड (ऋषिकेश) गंगा किनारे बसा यह शहरी शांति और रोमांच का प्रभाव मेल है। अगर आप दोनों को एडवेंचर पसंद है, तो यह जगह आपके लिए ही है। कैसे घूमें: दिल्ली से बस का बिजनेस कम है। आप वहां यूनिवर्सल स्कूटर किराए पर ले सकते हैं। क्या करें: गंगा आरती देखें, राम झूला और लक्ष्मण झूला पर टहलें, और कैफे में मठों का आनंद लें। बजट टिप: यहां कई खूबसूरत होमस्टे और आश्रम हैं जो काफी संपत्ति और साफ-सुथरे पाए जाते हैं। जयपुर, राजस्थान (जयपुर) ‘पिंक सिटी’ अपने शाही मेहमानवाजी और किलो के लिए मशहूर है। यहां कपल्स के लिए शामें बेहद रोमांटिक होती हैं। कैसे घूमें: ट्रेन या बस से आसानी से पहुंचा जा सकता है। क्या करें: अमेरिका का किला, हवा महल और नाहरगढ़ किले से शहर का सूर्यास्त देखें। बस्तु बाजार में सामूहिक सामान के साथ। बजट टिप: यहां स्ट्रीट फूड जैसे प्याज कचौरी और घेवर का स्वाद चखें, जो सस्ता भी है और सस्ता भी। लैंसडाउन, उत्तराखंड (लैंसडाउन) यदि आप भीड़भाड़ वाली जगह से किसी शांत स्थान पर दूरी तय करना चाहते हैं, तो लैंसडाउन से बेहतर कुछ नहीं। यह एक छोटा सा हिल स्टेशन है जो बहुत ही साफ और शांत है। कैसे घूमें: अपनी कार या बस से यहां पहुंच सकते हैं। क्या करें: भल्ला ताल झील में बोटिंग और टिप-इन-टॉप पॉइंट से हिमालय की चोटियों का दीदार करें। बजट टिप: यहां बहुत ज्यादा होटल नहीं हैं, इसलिए पहले से किफायती दाम पर सलाह देना। कसोल, हिमाचल प्रदेश (कसोल) कसोल उन कपल्स के लिए बेस्ट है जो प्रकृति के करीब चाहते हैं। यहां नदी, पहाड़ और हरियाली आपको देखने को मिलेगी। कैसे घूमें: दिल्ली से रात की बस रिश्ता संबंध या भुंतर पहुंचें। क्या करें: मणिकर्ण साहिब के दर्शन और पार्वती नदी के तट से जुड़ी हजारों बातें। बजट टिप: यहां इजरायली कैफे में खाना थोड़ा सस्ता और बहुत टेस्टी होता है। साथ ही यहां होटल में रहने का अनुभव भी होता है। ओरछा, मध्य प्रदेश (ओरछा) इतिहास प्रेमियों के लिए यह किसी जन्नत से कम नहीं है। बेतवा नदी के किनारे बसे इस छोटे से शहर में पुराने महलों और चित्रों की सुंदरता आपको देखने को मिलेगी। कैसे घूमें: रसोईघर से यात्री तक और वहां से ऑटो या टैक्सी ले लें। क्या करें: बेतवा नदी के तट पर भगवान के दर्शन और शाम को लाइट एंड साउंड शो देखें। बजट टिप: ओरघा काफी छोटा है, इसलिए आप पूरे शहर में पैदल ही घूम सकते हैं, जिससे आपका पैसा बच जाएगा। बजट यात्रा के लिए कुछ जरूरी जरूरी बातें काम ऑफ-सीजन में…: जब भीड़ कम होती है, तो होटलों के दाम खत्म हो जाते हैं। लोकल डाउनलोड: किराये पर लें या पैदल यात्रा करें। खाना: रेस्तरां में मशहूर स्थानीय ढाकों और स्ट्रीट फूड की सजावट करें। यह अवश्य पढ़ें: बजट फ्रेंडली कपल ट्रिप: कम बजट में यादगार बनाना चाहते हैं हनीमून? भारत के इन स्थानों को जानें; कपल्स के लिए बिल्कुल सही जगह है

सलमान खान व्हीलचेयर क्रिकेटर भीमा खूंटी से मिले:टी-शर्ट पर ऑटोग्राफ दिया, रणवीर सिंह ने भी मुलाकात की

सलमान खान व्हीलचेयर क्रिकेटर भीमा खूंटी से मिले:टी-शर्ट पर ऑटोग्राफ दिया, रणवीर सिंह ने भी मुलाकात की

जामनगर में अनंत अंबानी के 31वें जन्मदिन समारोह में शामिल होने के बाद एक्टर सलमान खान ने इंटरनेशनल व्हीलचेयर क्रिकेटर भीमा खूंटी से मुलाकात की और उनकी टी-शर्ट पर ऑटोग्राफ दिया। बता दें कि भीमा खूंटी एक अंतरराष्ट्रीय व्हीलचेयर क्रिकेटर हैं और गुजरात व्हीलचेयर क्रिकेट टीम के कप्तान हैं। वह पोरबंदर, गुजरात के रहने वाले हैं और एक मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में भी पहचान रखते हैं। भीमा खूंटी ने अपने इंस्टाग्राम पर जो वीडियो पोस्ट किया है, उसमें देखा जा सकता है कि सलमान जामनगर से निकलते समय कड़ी सुरक्षा के बीच भीमा खूंटी से मिलने के लिए रुके। उन्होंने भीमा खूंटी की टी-शर्ट पर ऑटोग्राफ दिया और कुछ समय बातचीत भी की। सलमान से मिलने के बाद भीमा ने लिखा कि सपनों की कोई सीमा नहीं होती, वे सिर्फ हिम्मत देखते हैं। क्रिकेट के मैदान से लेकर सलमान खान से मुलाकात तक का सफर उनके लिए गर्व का पल रहा। रणवीर सिंह ने भी मुलाकात की वहीं, रणवीर सिंह भी जामनगर एयरपोर्ट पर भीमा खूंटी से मिले। वीडियो में रणवीर उनके सामने घुटनों पर बैठकर बातचीत करते, ऑटोग्राफ देते और हाथ मिलाते नजर आए। रणवीर सिंह से मुलाकात को लेकर भीमा ने इमोशनल पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि जिंदगी में कुछ पल ऐसे होते हैं जो कभी नहीं भूलते और आज का दिन उन्हीं में से एक था। भीमा ने रणवीर सिंह की सादगी, विनम्रता और सम्मान की भावना की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सुपरस्टार होना अलग बात है, लेकिन एक अच्छा इंसान होना ही असली स्टार बनाता है। बता दें कि सलमान खान और रणवीर सिंह जामनगर में आयोजित अनंत अंबानी के जन्मदिन समारोह में शामिल होने पहुंचे थे।

पश्चिम बंगाल में SIR ही सबसे बड़ा मुद्दा:नई वोटर लिस्ट से CM ममता की परेशानी बढ़ी, 50 सीटों पर TMC को ज्यादा चुनौती

पश्चिम बंगाल में SIR ही सबसे बड़ा मुद्दा:नई वोटर लिस्ट से CM ममता की परेशानी बढ़ी, 50 सीटों पर TMC को ज्यादा चुनौती

8 अप्रैल की सुबह बूंदाबांदी के बीच करीब सुबह 10:25 बजे तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी समर्थकों के हुजूम के साथ पैदल ही हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित अपने घर से नामांकन के लिए निकलीं। गोपालनगर सर्वे बिल्डिंग तक के करीब एक किलोमीटर तक रास्ते में समर्थक जोतोई कोरो हमला, आबार जितबे बांग्लो (चाहे जितना करो हमला, फिर जीतेगा बांग्ला) के नारे लगा रहे थे। वहां CM बनर्जी ने मीडिया से कहा- राज्य के करीब 90.8 लाख (11.9%) मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं, जिसे उन्होंने अदालत में चुनौती देने की बात कही है। अकेले भवानीपुर सीट से 51 हजार वोट घटने का अनुमान है। दरअसल, बंगाल चुनाव में इस बार भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे पुराने मुद्दों को पीछे छोड़कर स्पेशन इंटेंसिव रिवीजन (SIR) सबसे बड़ा विवाद बन गया है। ममता के आरोपों का जवाब देते हुए राज्य भाजपा के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि मतदाता सूची से नाम सिर्फ मुसलमानों के ही नहीं कटे हैं बल्कि राजवंशी, मतुआ और अन्य समुदायों के भी कटे हैं। जो मर गए, ट्रांसफर हो गए, उनका नाम तो सूची से हटाना ही पड़ेगा। एक्सपर्ट बोले- SIR से ममता की राह थोड़ी मुश्किल हुई पॉलिटिकल एनालिस्ट और सीनियर जर्नलिस्ट सुभाशीष मोइत्रा कहते हैं कि एसआईआर से ममता की राह थोड़ी मुश्किल अवश्य हुई है। करीब 50 सीटों पर चुनौती और बढ़ गई है, लेकिन जीत असंभव जैसी भी नहीं है। राज्य में 49 सीटों पर 90% से अधिक हिंदू वोट हैं। साल 2021 में इनमें से तृणमूल 29 और भाजपा 20 सीटें जीती थी। वहीं 25% या इससे अधिक मुस्लिम वोट वाली राज्य की कुल 146 सीटों में तृणमूल 131 सीटों पर जीती थी। मोइत्रा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र (जहां नगरीय निकाय नहीं है) की करीब 163 सीटें (इन सीटों में मुस्लिम आबादी वाली व 90% हिंदू आबादी वाली कुछ सीटें शामिल हैं) में तृणमूल को 126 सीटें मिली, जबकि भाजपा 36 में सफल हुई थी। SIR के बाद मुस्लिम वोट ममता बनर्जी के पक्ष में और अधिक ताकत के साथ जुटेगा। मोइत्राग ने कहा कि मुर्शिदाबाद की बहरामपुर सीट से अधीर रंजन चौधरी उम्मीदवार हैं, जबकि मालदा मालतीपुर से मौसम नूर लड़ रही हैं। कांग्रेस यही दो सीट जीत सकती है। बाकी सीटों पर वामपंथी पार्टियाें के साथ वे कुछ खास वोट काटने या भाजपा को फायदा पहुंचाने की स्थिति में नहीं होंगी। सिर्फ 5 साल में भाजपा 10% से 38% पर पहुंची शहरी क्षेत्रों में ममता के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी सीनियर जर्नलिस्ट शंखदीप दास कहते हैं कि शहरी क्षेत्रों में ममता सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी स्पष्ट नजर आती है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में ममता सरकार अपनी योजनाओं के कारण मजबूत है। सबसे बड़ी बात है कि वे हर वर्ग महिला, युवा, किसान, श्रमिक, बेरोजगार, मजदूर, बुजुर्गों को कवर करने के लिए उससे संबंधित कोई न कोई योजना अवश्य चला रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इन योजनाओं का बहुत प्रभाव पड़ा है। लक्ष्मी भंडार योजना के तहत राज्य की 2.21 करोड़ महिलाओं को आर्थिक मदद दी है। दुआरे सरकार (दरवाजे पर सरकार) जैसे मॉडल से लोग जुड़े हैं। निर्वाचन आयोग भाजपा आयोग बन गया तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रिजू दत्ता ने कहा कि एसआईआर सबसे बड़ा मुद्दा हो गया है। निर्वाचन आयोग भाजपा आयोग बन गया है। लग रहा है जैसे बंगाल की 294 सीटों पर ज्ञानेश कुमार ही भाजपा के उम्मीदवार हैं। इनके पास पूरे बूथ पर लड़ने के लिए कार्यकर्ता भी नहीं हैं। वहीं संघ के एक पदाधिकारी ने कहा कि राज्य में मुर्शिदाबाद को छोड़कर हर जिले में हिंदू आबादी घट गई है। गुजरात के बाद बंगाल ही ऐसा राज्य है, जहां हिंदू सर्वाधिक 68% भाजपा को वोट देते हैं। इन सबसे दूर, राज्य की राजनीति में छह दशकों पर तक सत्ता में रही कांग्रेस और वामपंथी पार्टियां इस बार अलग-अलग और सभी 294 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। भाजपा नेता ने कहा कि राज्य के करीब 85 हजार बूथों में से हमने 65 हजार से अधिक बूथों पर कार्यकर्ताओं की नियुक्ति कर दी है, जो बड़ी उपलब्धि है। वर्ष 2021 के बाद से हमारे 321 कार्यकर्ता मारे गए हैं। भयमुक्त चुनाव हुए तो हमारी जीत तय है। …………………….. यह खबर भी पढ़ें… शाह बोले- ममता भतीजे को सीएम बनाना चाहती हैं: लोगों की परेशानी की परवाह नहीं; ममता बोलीं- सांप पर भरोसा करना, BJP पर नहीं गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के देबरा में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि, ममता बनर्जी बंगाल के लोगों की चिंता नहीं करती हैं। उन्हें बस भतीजे अभिषेक बनर्जी को अगला सीएम बनाने में दिलचस्पी है। उधर बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने नॉर्थ 24 परगना के टेंटुलिया में चुनावी रैली की। उन्होंने कहा- सांप पर भरोसा किया जा सकता है, लेकिन BJP पर नहीं। पूरी खबर पढ़ें…

पश्चिम बंगाल में SIR ही सबसे बड़ा मुद्दा:नई वोटर लिस्ट से CM ममता की परेशानी बढ़ी, 50 सीटों पर TMC को ज्यादा चुनौती

पश्चिम बंगाल में SIR ही सबसे बड़ा मुद्दा:नई वोटर लिस्ट से CM ममता की परेशानी बढ़ी, 50 सीटों पर TMC को ज्यादा चुनौती

8 अप्रैल की सुबह बूंदाबांदी के बीच करीब सुबह 10:25 बजे तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी समर्थकों के हुजूम के साथ पैदल ही हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित अपने घर से नामांकन के लिए निकलीं। गोपालनगर सर्वे बिल्डिंग तक के करीब एक किलोमीटर तक रास्ते में समर्थक जोतोई कोरो हमला, आबार जितबे बांग्लो (चाहे जितना करो हमला, फिर जीतेगा बांग्ला) के नारे लगा रहे थे। वहां CM बनर्जी ने मीडिया से कहा- राज्य के करीब 90.8 लाख (11.9%) मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं, जिसे उन्होंने अदालत में चुनौती देने की बात कही है। अकेले भवानीपुर सीट से 51 हजार वोट घटने का अनुमान है। दरअसल, बंगाल चुनाव में इस बार भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे पुराने मुद्दों को पीछे छोड़कर स्पेशन इंटेंसिव रिवीजन (SIR) सबसे बड़ा विवाद बन गया है। ममता के आरोपों का जवाब देते हुए राज्य भाजपा के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि मतदाता सूची से नाम सिर्फ मुसलमानों के ही नहीं कटे हैं बल्कि राजवंशी, मतुआ और अन्य समुदायों के भी कटे हैं। जो मर गए, ट्रांसफर हो गए, उनका नाम तो सूची से हटाना ही पड़ेगा। एक्सपर्ट बोले- SIR से ममता की राह थोड़ी मुश्किल हुई पॉलिटिकल एनालिस्ट और सीनियर जर्नलिस्ट सुभाशीष मोइत्रा कहते हैं कि एसआईआर से ममता की राह थोड़ी मुश्किल अवश्य हुई है। करीब 50 सीटों पर चुनौती और बढ़ गई है, लेकिन जीत असंभव जैसी भी नहीं है। राज्य में 49 सीटों पर 90% से अधिक हिंदू वोट हैं। साल 2021 में इनमें से तृणमूल 29 और भाजपा 20 सीटें जीती थी। वहीं 25% या इससे अधिक मुस्लिम वोट वाली राज्य की कुल 146 सीटों में तृणमूल 131 सीटों पर जीती थी। मोइत्रा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र (जहां नगरीय निकाय नहीं है) की करीब 163 सीटें (इन सीटों में मुस्लिम आबादी वाली व 90% हिंदू आबादी वाली कुछ सीटें शामिल हैं) में तृणमूल को 126 सीटें मिली, जबकि भाजपा 36 में सफल हुई थी। SIR के बाद मुस्लिम वोट ममता बनर्जी के पक्ष में और अधिक ताकत के साथ जुटेगा। मोइत्राग ने कहा कि मुर्शिदाबाद की बहरामपुर सीट से अधीर रंजन चौधरी उम्मीदवार हैं, जबकि मालदा मालतीपुर से मौसम नूर लड़ रही हैं। कांग्रेस यही दो सीट जीत सकती है। बाकी सीटों पर वामपंथी पार्टियाें के साथ वे कुछ खास वोट काटने या भाजपा को फायदा पहुंचाने की स्थिति में नहीं होंगी। सिर्फ 5 साल में भाजपा 10% से 38% पर पहुंची शहरी क्षेत्रों में ममता के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी सीनियर जर्नलिस्ट शंखदीप दास कहते हैं कि शहरी क्षेत्रों में ममता सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी स्पष्ट नजर आती है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में ममता सरकार अपनी योजनाओं के कारण मजबूत है। सबसे बड़ी बात है कि वे हर वर्ग महिला, युवा, किसान, श्रमिक, बेरोजगार, मजदूर, बुजुर्गों को कवर करने के लिए उससे संबंधित कोई न कोई योजना अवश्य चला रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इन योजनाओं का बहुत प्रभाव पड़ा है। लक्ष्मी भंडार योजना के तहत राज्य की 2.21 करोड़ महिलाओं को आर्थिक मदद दी है। दुआरे सरकार (दरवाजे पर सरकार) जैसे मॉडल से लोग जुड़े हैं। निर्वाचन आयोग भाजपा आयोग बन गया तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रिजू दत्ता ने कहा कि एसआईआर सबसे बड़ा मुद्दा हो गया है। निर्वाचन आयोग भाजपा आयोग बन गया है। लग रहा है जैसे बंगाल की 294 सीटों पर ज्ञानेश कुमार ही भाजपा के उम्मीदवार हैं। इनके पास पूरे बूथ पर लड़ने के लिए कार्यकर्ता भी नहीं हैं। वहीं संघ के एक पदाधिकारी ने कहा कि राज्य में मुर्शिदाबाद को छोड़कर हर जिले में हिंदू आबादी घट गई है। गुजरात के बाद बंगाल ही ऐसा राज्य है, जहां हिंदू सर्वाधिक 68% भाजपा को वोट देते हैं। इन सबसे दूर, राज्य की राजनीति में छह दशकों पर तक सत्ता में रही कांग्रेस और वामपंथी पार्टियां इस बार अलग-अलग और सभी 294 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। भाजपा नेता ने कहा कि राज्य के करीब 85 हजार बूथों में से हमने 65 हजार से अधिक बूथों पर कार्यकर्ताओं की नियुक्ति कर दी है, जो बड़ी उपलब्धि है। वर्ष 2021 के बाद से हमारे 321 कार्यकर्ता मारे गए हैं। भयमुक्त चुनाव हुए तो हमारी जीत तय है। …………………….. यह खबर भी पढ़ें… शाह बोले- ममता भतीजे को सीएम बनाना चाहती हैं: लोगों की परेशानी की परवाह नहीं; ममता बोलीं- सांप पर भरोसा करना, BJP पर नहीं गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के देबरा में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि, ममता बनर्जी बंगाल के लोगों की चिंता नहीं करती हैं। उन्हें बस भतीजे अभिषेक बनर्जी को अगला सीएम बनाने में दिलचस्पी है। उधर बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने नॉर्थ 24 परगना के टेंटुलिया में चुनावी रैली की। उन्होंने कहा- सांप पर भरोसा किया जा सकता है, लेकिन BJP पर नहीं। पूरी खबर पढ़ें…

लखनऊ में दुबई से आ रहे विमान की इमरजेंसी लैंडिंग:154 यात्री थे, काठमांडू में मौसम खराब होने पर उतारा; डेढ़ घंटे बाद रवाना

लखनऊ में दुबई से आ रहे विमान की इमरजेंसी लैंडिंग:154 यात्री थे, काठमांडू में मौसम खराब होने पर उतारा; डेढ़ घंटे बाद रवाना

लखनऊ एयरपोर्ट पर शनिवार सुबह दुबई से काठमांडू जा रहे विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। काठमांडू में मौसम खराब होने पर वहां लैंडिंग की परमिशन नहीं मिली। उसके बाद पायलट ने लखनऊ एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को कॉल किया और लैंडिंग की अनुमति मांगी। अनुमति मिलने के बाद विमान को सुबह 8:22 बजे अमौसी एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया। फ्लाई दुबई की फ्लाइट (एफजेड-1133) में 154 यात्री सवार थे। तकनीकी टीम ने विमान की जांच की। अब उसमें ईंधन भरा गया। करीब डेढ़ घंटे बाद सुबह 10 विमान को काठमांडू के लिए रवाना कर दिया गया। फ्लाई दुबई की विमान सेवा मध्य पूर्व, यूरोप में भी फ्लाई दुबई के टिकट अन्य कंपनियों की अपेक्षा किफायती माने जाते हैं। 2008 में दुबई सरकार के सहयोग से यह कंपनी शुरू की गई थी। इसका मुख्यालय दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर है। फ्लाई दुबई मध्य पूर्व, एशिया, यूरोप, अफ्रीका के कई शहरों के लिए विमान सेवा चला रही है। भारत के कई शहरों से भी इसकी सीधी उड़ानें उपलब्ध हैं। 31 मार्च को भी कराई थी इमरजेंसी लैंडिंग लखनऊ में इससे पहले 31 मार्च को एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी। फ्लाइट पश्चिम बंगाल के बागडोगरा से दिल्ली जा रही थी। सूत्रों के मुताबिक, फ्लाइट यूपी के अंबेडकरनगर के ऊपर थी, तभी पायलट के केबिन में धुआं महसूस हुआ। उस समय फ्लाइट 36 हजार फीट की ऊंचाई पर थी। पायलट ने धुआं महसूस होते ही लखनऊ एयर ट्रैफिक कंट्रोल को मेडे कॉल किया। मेडे कॉल के बाद यात्रियों को ऑक्सीजन मास्क उपलब्ध करा दिए गए। लखनऊ में इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति लेकर फ्लाइट को शाम 5:17 बजे सुरक्षित लैंड कराया। ———————– ये खबर भी पढ़िए- मिर्जापुर में मॉर्निंग वॉक पर वकील की हत्या, VIDEO : 2 हमलावर आए, सीने पर गोली मारी मिर्जापुर में शनिवार सुबह सवा 7 बजे मॉर्निंग वॉक पर निकले सीनियर वकील की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावर बाइक से आए। उन्हें रास्ते में रोका और सीने में तमंचा सटाकर गोली मार दी। खून से लथपथ वकील जमीन पर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पूरी वारदात CCTV में रिकॉर्ड हो गई। (पूरी खबर पढ़िए)

मध्यप्रदेश पुलिस में सरकारी नौकरी का मौका:679 पदों पर हो रही भर्ती , 19 अप्रैल हैं आवेदन की आखिरी तारीख

मध्यप्रदेश पुलिस में सरकारी नौकरी का मौका:679 पदों पर हो रही भर्ती , 19 अप्रैल हैं आवेदन की आखिरी तारीख

शुक्रवार रात निवाड़ी जिले की ऐतिहासिक नगरी ओरछा का रामराजा सरकार मंदिर प्रांगण मध्य प्रदेश पुलिस बैंड की प्रस्तुति से गूंज उठा। इस अवसर पर निवाड़ी के पुलिस अधीक्षक डॉ. राय सिंह नरवरिया ने पुलिस बैंड में 680 पदों पर जल्द भर्ती की घोषणा की। यह आयोजन संगीत और सेवा के संगम के साथ युवाओं के लिए नए अवसरों का संकेत लेकर आया। मध्य प्रदेश पुलिस बैंड भर्ती 2026 के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में जवाहरलाल नेहरू पुलिस अकादमी के पुलिस बैंड ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। देशभक्ति गीतों से लेकर भजनों तक, हर प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। बैंड ने ‘मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जाएंगे’, ‘राम आएंगे’ जैसे भजनों से भक्तिमय वातावरण बनाया, जिस पर लोग झूम उठे। ‘यह देश है वीर जवानों का’ गीत ने देशभक्ति की भावना को चरम पर पहुंचाया, जबकि हनुमान चालीसा की प्रस्तुति ने आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। ‘मेरा कर्मा तू मेरा धर्मा तू’ गीत ने माहौल को भावुक कर दिया। इस कार्यक्रम के दौरान निवाड़ी के पुलिस अधीक्षक डॉ. राय सिंह नरवरिया ने महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश पुलिस बैंड में जल्द ही 679 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। डॉ. नरवरिया ने स्पष्ट किया कि यह भर्ती ‘ए’ और ‘बी’ कैटेगरी के विभिन्न वाद्य यंत्रों में दक्ष युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है। जो युवा संगीत में रुचि रखते हैं और वाद्य यंत्र बजाने की कला जानते हैं, वे इस भर्ती के माध्यम से अपने करियर को नई दिशा दे सकते हैं। एसपी नरवरिया ने अकादमी की प्रस्तुति की जमकर सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं को प्रेरित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। यह भर्ती केवल नौकरी नहीं, बल्कि देश सेवा और अपने हुनर को पहचान दिलाने का एक बड़ा मंच है, जहां सुरों के साथ वर्दी का गौरव भी जुड़ा है। कार्यक्रम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्योति ठाकुर टी आई रामबाबू शर्मा आरआई दीपक साहू समेत पुलिस विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। कुल कितने पदों पर होगी भर्ती? मध्य प्रदेश पुलिस कांस्टेबल (बैंड) के कुल 679 पदों के लिए ये भर्ती निकाली गई है। भर्ती सिर्फ पुरुष उम्मीदवारों के लिए है, यानी महिला उम्मीदवार इसके लिए आवेदन नहीं कर सकती हैं. इच्छुक पुरुष उम्मीदवार ऑनलाइन तुरंत अपना आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की आखिरी तारीख आवेदन करने का प्रोसेस रविवार 5 अप्रैल से शुरू हो चुका है। उम्मीदवार 19 अप्रैल तक इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की आखिरी तारीख निकलने के बाद किसी भी उम्मीदवार को मौका नहीं दिया जाएगा और न ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे. MP Online पोर्टल पर जाकर तुरंत आवेदन कर सकते हैं। कितनी है आवेदन की फीस? अनारक्षित (General): ₹500 SC, ST, OBC और EWS: ₹250 सभी उम्मीदवारों को ₹150 + GST पोर्टल फीस के रूप में अलग से देना होगा आयुसीमा की जानकारी आयुसीमा की बात करें तो आवेदन करने वाले उम्मीदवार की आयु कम से कम 18 साल होनी चाहिए। सामान्य वर्ग (General) के लिए अधिकतम उम्र 33 साल और आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों लिए अधिकतम उम्र 38 साल तय की गई है। ज्यादा जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

धुरंधर फिल्म की अभिनेत्री सारा अर्जुन महाकाल मंदिर पहुंची:मां के जन्मदिन पर महाकाल का आशीर्वाद लेने भस्म आरती में शामिल हुई

धुरंधर फिल्म की अभिनेत्री सारा अर्जुन महाकाल मंदिर पहुंची:मां के जन्मदिन पर महाकाल का आशीर्वाद लेने भस्म आरती में शामिल हुई

हाल ही में रिलीज फिल्म धुरंधर की अभिनेत्री सारा अर्जुन शनिवार तड़के श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं। उनके साथ पिता राज अर्जुन और मां सान्या भी मौजूद थीं। सारा ने नंदी हाल से भगवान महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। सारा अर्जुन पहली बार महाकाल मंदिर दर्शन के लिए पहुंचीं। सुबह करीब 4 बजे उन्होंने भस्म आरती में हिस्सा लिया और करीब दो घंटे तक आरती में शामिल रहीं। इस दौरान उन्होंने “जय महाकाल” के जयकारे लगाए और पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की। नंदी जी के कान में मांगी मुराद आरती के बाद सारा ने नंदी जी के कान में अपनी मनोकामना कही। इसके बाद गर्भगृह की देहरी से भगवान महाकाल को जल अर्पित कर आशीर्वाद लिया। मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उनका स्वागत और सत्कार भी किया गया। ‘यहां आकर बहुत अच्छा लगा’ दर्शन के बाद सारा ने कहा कि महाकाल के दर्शन कर उन्हें बेहद सुकून मिला। उन्होंने कहा कि उन्होंने कुछ खास नहीं मांगा, बस सभी के अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। साथ ही मंदिर की व्यवस्थाओं की भी सराहना की। कम उम्र में बनाई पहचान सारा अर्जुन ने बहुत कम उम्र में विज्ञापनों और फिल्मों से करियर शुरू किया था। धुरंधर फिल्म से उन्हें खास पहचान मिली है। वे हिंदी के साथ तमिल, तेलुगु और मलयालम फिल्मों में भी काम कर चुकी हैं।

सोहराब के किरदार पर रणवीर बोले- उसे बस अटेंशन चाहिए:रजत कपूर की फिल्म में असल जिंदगी से जुड़े किरदार, विनय पाठक बोले- बदलाव जरूरी

सोहराब के किरदार पर रणवीर बोले- उसे बस अटेंशन चाहिए:रजत कपूर की फिल्म में असल जिंदगी से जुड़े किरदार, विनय पाठक बोले- बदलाव जरूरी

फिल्म ‘एवरीबडी लव्स सोहराब हांडा’ पर रजत कपूर, विनय पाठक और रणवीर शौरी ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। रजत कपूर ने फिल्म में अभिनय के साथ इसे लिखा, डायरेक्ट किया और अपलॉज एंटरटेनमेंट के साथ प्रोड्यूस किया है। उन्होंने बताया कि सोहराब हांडा ऐसा किरदार है जो हर किसी का ध्यान खींचता है। रणवीर शौरी और विनय पाठक ने कहानी और किरदारों की गहराई पर बात की। यह मर्डर मिस्ट्री फिल्म 10 अप्रैल को ZEE5 पर स्ट्रीम हो चुकी है। सवाल: फिल्म का टाइटल ‘एवरीबडी लव्स सोहराब हांडा’ दिलचस्प है। सोहराब में ऐसा क्या है कि हर किरदार उससे जुड़ जाता है? जवाब / रजत कपूर: सोहराब हांडा एक खास इंसान है। कुछ लोग कमरे में आते ही माहौल अपने कब्जे में ले लेते हैं। सोहराब भी वैसा ही है। उसे हर किसी का ध्यान चाहिए और वह ऐसा करने का तरीका ढूंढ लेता है। उसकी पर्सनैलिटी मैग्नेटिक है। सवाल: रणवीर, आप सोहराब हांडा के बारे में क्या कहना चाहेंगे? जवाब / रणवीर शौरी: जैसा रजत सर ने कहा, वह हमेशा ध्यान चाहता है। इंडस्ट्री में ऐसे लोग हैं जिन्हें ज्यादा भाव चाहिए होता है। वह अलग-अलग लोगों से अलग तरीके से जुड़ता है, लेकिन एक बात कॉमन है- उसे अटेंशन चाहिए। सवाल: विनय जी, आप सोहराब हांडा का किरदार निभा रहे हैं। इसके लिए आपको क्या करना पड़ा? जवाब / विनय पाठक: मेरे लिए यह आसान था, क्योंकि स्क्रिप्ट अच्छी तरह लिखी गई थी। रजत बहुत रिसर्च करके लिखते हैं। हर किरदार असल जिंदगी से जुड़ा लगता है। इसलिए निभाना आसान हुआ। सभी किरदारों में गहराई और रोचकता है। सवाल: रजत जी, फिल्म के किरदार असल जिंदगी से प्रभावित हैं। क्या किसी खास व्यक्ति से प्रेरित होकर आपने कहानी लिखी? जवाब / रजत कपूर: किसी एक व्यक्ति को देखकर किरदार नहीं लिखा जाता। हम अनुभवों, दोस्तों और आसपास के लोगों से छोटी-छोटी बातें लेकर किरदार बनाते हैं। फिल्म में सभी किरदार खास हैं, ताकि रिश्ते अच्छे से दिखाए जा सकें। सवाल: क्या लिखते वक्त सारे किरदार आपके दिमाग में साफ होते हैं? जवाब / रजत कपूर: हां, एक आइडिया होता है कि कहानी किस दिशा में जाएगी। बाद में एक्टर्स किरदार को और निखार देते हैं। सवाल: रणवीर, जब आपने कहानी सुनी तो आपका पहला रिएक्शन क्या था? जवाब / रणवीर शौरी: रजत कुछ नया लिखते हैं तो उसे पढ़ने का उत्साह रहता है। उनके साथ काम करके मैंने बहुत कुछ सीखा है। फिल्म ऊपर से साधारण लग सकती है, लेकिन अंदर से अलग और खास है। रजत कपूर:: फिल्म में बेहतरीन कलाकार हैं- हर एक शानदार है। इतने अच्छे एक्टर्स का साथ काम करना खास अनुभव है। सवाल: विनय जी, फिल्म में जिस तरह से पिता-पुत्र का रिश्ता दिखाया गया है। इससे आप कितना जुड़ाव महसूस करते हैं? जवाब / विनय पाठक: किरदार भले काल्पनिक हो, लेकिन उसमें सच्चाई है। कई बार लगेगा कि ये हमारे आसपास के लोग हैं। यही अच्छे किरदार की पहचान है कि वह असली लगे। रजत कपूर: अगर दर्शकों को लगे कि वे इन किरदारों को जानते हैं, तो वही फिल्म की असली सफलता है। सवाल: शूटिंग के दौरान कोई भावनात्मक या मुश्किल पल आया? जवाब / रणवीर शौरी: कई सीन में 15 किरदार एक साथ थे। ऐसे सीन करना मुश्किल और रोमांचक था। रजत कपूर: इतने किरदारों को एक फ्रेम में सही तरीके से दिखाना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन यही मजा था। शुरुआत में सब अराजक लगता था, फिर धीरे-धीरे सेट हो जाता था। सवाल: अप्लॉज एंटरटेनमेंट के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब / रजत कपूर: बहुत अच्छा। उन्होंने स्क्रिप्ट पढ़कर तुरंत हां कहा और पूरे समय सपोर्टिव रहे। उन्होंने काम में दखल नहीं दिया, जिससे काम आसान हो गया। सवाल: इस फिल्म को किस जॉनर में रखेंगे? जवाब / रजत कपूर: यह मर्डर मिस्ट्री है, लेकिन सिर्फ “किसने किया” नहीं, बल्कि “क्यों किया” पर ज्यादा फोकस है। सवाल: विनय जी, कंटेंट और दर्शकों की पसंद में आए बदलाव को कैसे देखते हैं? जवाब / विनय पाठक: यह बदलाव अच्छा है। अब कहानी आधारित फिल्में बन रही हैं। ओटीटी के आने से प्लेटफॉर्म बढ़े हैं, जिससे हर तरह की कहानियों को मौका मिल रहा है। सवाल: आज के कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा में इस फिल्म को कहां रखते हैं? जवाब / रजत कपूर: मुझे नहीं लगता कि पूरी तरह कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा चल रहा है। हमने एक फिल्म बनानी चाही और बना दी। आगे क्या होगा, यह समय बताएगा। रणवीर शौरी: ऐसी फिल्मों की एक खास ऑडियंस होती है। वह बड़ी नहीं होती, लेकिन मौजूद जरूर है। विनय पाठक: हम उम्मीद करते हैं कि ऐसी फिल्मों की ऑडियंस धीरे-धीरे बढ़े।

राजस्थान-छत्तीसगढ़ में तापमान 40°C के पार पहुंचेगा:आंध्र प्रदेश में अगले 5 दिन आंधी-तूफान अलर्ट; शिमला में 46 साल बाद सबसे ठंडी अप्रैल की रात

राजस्थान-छत्तीसगढ़ में तापमान 40°C के पार पहुंचेगा:आंध्र प्रदेश में अगले 5 दिन आंधी-तूफान अलर्ट; शिमला में 46 साल बाद सबसे ठंडी अप्रैल की रात

देशभर में ग्रमी बढ़ने लगी है। राजस्थान के बाड़मेर में तापमान 37.5°C पर पहुंच गया है। अगले दो सप्ताह में कुछ शहरों का तापमान 40°C के पार जा सकता है। वहीं कुछ जगह बादल छाने की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 12 अप्रैल से बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभाग में तापमान 42°C से ऊपर पहुंच सकता है। यहां लू जैसे हालात बनने की आशंका है। इधर, आंध्र प्रदेश में अगले 5 दिनों तक आंधी-बिजली के साथ 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती है। वहीं हिमाचल प्रदेश के शिमला में गुरुवार (9 अप्रैल) की रात न्यूनतम तापमान 3.6°C दर्ज किया गया, जो अप्रैल में करीब 46 साल में सबसे कम है। IMD ने आज 11 राज्यों में आंधी-तुफान के साथ बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस कमजोर पड़ने से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में तापमान 4-6°C तक बढ़ सकता है। वहीं ओडिशा और तमिलनाडु समेत 5 राज्यों में गर्मी और उमस का मौसम बना रहेगा। अगले दो दिन के मौसम का हाल 12 अप्रैल: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अधिकतम तापमान 6-8°C तक बढ़ सकता है। बिहार में 5-7°C और छत्तीसगढ़ में 3-5°C तक बढ़ोतरी का अनुमान है। इन सभी राज्यों में मौसम साफ रहेगा, बारिश की संभावना नहीं है। 13 अप्रैल: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल में तापमान बढ़ेगा। बिहार में भी गर्मी बढ़ी रहेगी, जबकि छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में हीटवेव चलने की संभावना है। ज्यादातर हिस्सों में मौसम साफ और गर्म रहेगा।