Tuesday, 14 Jul 2026 | 10:01 PM

Trending :

EXCLUSIVE

पश्चिम बंगाल में SIR ही सबसे बड़ा मुद्दा:नई वोटर लिस्ट से CM ममता की परेशानी बढ़ी, 50 सीटों पर TMC को ज्यादा चुनौती

पश्चिम बंगाल में SIR ही सबसे बड़ा मुद्दा:नई वोटर लिस्ट से CM ममता की परेशानी बढ़ी, 50 सीटों पर TMC को ज्यादा चुनौती

8 अप्रैल की सुबह बूंदाबांदी के बीच करीब सुबह 10:25 बजे तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी समर्थकों के हुजूम के साथ पैदल ही हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित अपने घर से नामांकन के लिए निकलीं। गोपालनगर सर्वे बिल्डिंग तक के करीब एक किलोमीटर तक रास्ते में समर्थक जोतोई कोरो हमला, आबार जितबे बांग्लो (चाहे जितना करो हमला, फिर जीतेगा बांग्ला) के नारे लगा रहे थे। वहां CM बनर्जी ने मीडिया से कहा- राज्य के करीब 90.8 लाख (11.9%) मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं, जिसे उन्होंने अदालत में चुनौती देने की बात कही है। अकेले भवानीपुर सीट से 51 हजार वोट घटने का अनुमान है। दरअसल, बंगाल चुनाव में इस बार भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे पुराने मुद्दों को पीछे छोड़कर स्पेशन इंटेंसिव रिवीजन (SIR) सबसे बड़ा विवाद बन गया है। ममता के आरोपों का जवाब देते हुए राज्य भाजपा के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि मतदाता सूची से नाम सिर्फ मुसलमानों के ही नहीं कटे हैं बल्कि राजवंशी, मतुआ और अन्य समुदायों के भी कटे हैं। जो मर गए, ट्रांसफर हो गए, उनका नाम तो सूची से हटाना ही पड़ेगा। एक्सपर्ट बोले- SIR से ममता की राह थोड़ी मुश्किल हुई पॉलिटिकल एनालिस्ट और सीनियर जर्नलिस्ट सुभाशीष मोइत्रा कहते हैं कि एसआईआर से ममता की राह थोड़ी मुश्किल अवश्य हुई है। करीब 50 सीटों पर चुनौती और बढ़ गई है, लेकिन जीत असंभव जैसी भी नहीं है। राज्य में 49 सीटों पर 90% से अधिक हिंदू वोट हैं। साल 2021 में इनमें से तृणमूल 29 और भाजपा 20 सीटें जीती थी। वहीं 25% या इससे अधिक मुस्लिम वोट वाली राज्य की कुल 146 सीटों में तृणमूल 131 सीटों पर जीती थी। मोइत्रा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र (जहां नगरीय निकाय नहीं है) की करीब 163 सीटें (इन सीटों में मुस्लिम आबादी वाली व 90% हिंदू आबादी वाली कुछ सीटें शामिल हैं) में तृणमूल को 126 सीटें मिली, जबकि भाजपा 36 में सफल हुई थी। SIR के बाद मुस्लिम वोट ममता बनर्जी के पक्ष में और अधिक ताकत के साथ जुटेगा। मोइत्राग ने कहा कि मुर्शिदाबाद की बहरामपुर सीट से अधीर रंजन चौधरी उम्मीदवार हैं, जबकि मालदा मालतीपुर से मौसम नूर लड़ रही हैं। कांग्रेस यही दो सीट जीत सकती है। बाकी सीटों पर वामपंथी पार्टियाें के साथ वे कुछ खास वोट काटने या भाजपा को फायदा पहुंचाने की स्थिति में नहीं होंगी। सिर्फ 5 साल में भाजपा 10% से 38% पर पहुंची शहरी क्षेत्रों में ममता के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी सीनियर जर्नलिस्ट शंखदीप दास कहते हैं कि शहरी क्षेत्रों में ममता सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी स्पष्ट नजर आती है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में ममता सरकार अपनी योजनाओं के कारण मजबूत है। सबसे बड़ी बात है कि वे हर वर्ग महिला, युवा, किसान, श्रमिक, बेरोजगार, मजदूर, बुजुर्गों को कवर करने के लिए उससे संबंधित कोई न कोई योजना अवश्य चला रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इन योजनाओं का बहुत प्रभाव पड़ा है। लक्ष्मी भंडार योजना के तहत राज्य की 2.21 करोड़ महिलाओं को आर्थिक मदद दी है। दुआरे सरकार (दरवाजे पर सरकार) जैसे मॉडल से लोग जुड़े हैं। निर्वाचन आयोग भाजपा आयोग बन गया तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रिजू दत्ता ने कहा कि एसआईआर सबसे बड़ा मुद्दा हो गया है। निर्वाचन आयोग भाजपा आयोग बन गया है। लग रहा है जैसे बंगाल की 294 सीटों पर ज्ञानेश कुमार ही भाजपा के उम्मीदवार हैं। इनके पास पूरे बूथ पर लड़ने के लिए कार्यकर्ता भी नहीं हैं। वहीं संघ के एक पदाधिकारी ने कहा कि राज्य में मुर्शिदाबाद को छोड़कर हर जिले में हिंदू आबादी घट गई है। गुजरात के बाद बंगाल ही ऐसा राज्य है, जहां हिंदू सर्वाधिक 68% भाजपा को वोट देते हैं। इन सबसे दूर, राज्य की राजनीति में छह दशकों पर तक सत्ता में रही कांग्रेस और वामपंथी पार्टियां इस बार अलग-अलग और सभी 294 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। भाजपा नेता ने कहा कि राज्य के करीब 85 हजार बूथों में से हमने 65 हजार से अधिक बूथों पर कार्यकर्ताओं की नियुक्ति कर दी है, जो बड़ी उपलब्धि है। वर्ष 2021 के बाद से हमारे 321 कार्यकर्ता मारे गए हैं। भयमुक्त चुनाव हुए तो हमारी जीत तय है। …………………….. यह खबर भी पढ़ें… शाह बोले- ममता भतीजे को सीएम बनाना चाहती हैं: लोगों की परेशानी की परवाह नहीं; ममता बोलीं- सांप पर भरोसा करना, BJP पर नहीं गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के देबरा में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि, ममता बनर्जी बंगाल के लोगों की चिंता नहीं करती हैं। उन्हें बस भतीजे अभिषेक बनर्जी को अगला सीएम बनाने में दिलचस्पी है। उधर बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने नॉर्थ 24 परगना के टेंटुलिया में चुनावी रैली की। उन्होंने कहा- सांप पर भरोसा किया जा सकता है, लेकिन BJP पर नहीं। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
इंदौर में पंपकर्मी की हत्या का मामला:कार मालिक आर्यन अब भी फरार, परिचितों को बताया- दोस्तों को दी थी कार

March 14, 2026/
12:20 am

इंदौर के सांवेर में पंपकर्मी रोहित परमार की जान कार सवार युवकों ने ले ली थी। कई फुटेज देखने के...

बेंगलुरु प्लेऑफ में पहुंची, क्वालीफायर-1 खेलना तय:पंजाब-राजस्थान के लिए हर मैच जीतना जरूरी; दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई की भी उम्मीदें कायम

May 18, 2026/
4:30 am

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL 2026 में पंजाब किंग्स को हराकर प्लेऑफ में जगह पक्की कर ली। टीम 13 मैचों...

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शपथ: 321 राज्य के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु के नाम का खुलासा

May 8, 2026/
5:36 pm

पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री: गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता दल की बैठक के बाद...

Palakkad reported a voter turnout of 79.22% this assembly elections.

May 4, 2026/
2:21 pm

आखरी अपडेट:04 मई, 2026, 14:21 IST शुरुआती रुझानों से संकेत मिलता है कि एनडीए 30 सदस्यीय विधानसभा में 11 सीटों...

Chhattisgarh Temple Ropeway Accident | Khallari Temple

March 22, 2026/
12:25 pm

महासमुंद जिले में स्थित प्रसिद्ध खल्लारी मंदिर में रोप-पे केबल टूटने से ट्रॉली नीचे गिर गई। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले...

#बंगालबजट | "₹8 लाख करोड़ का कर्ज़, बजट असंतुलन और अल्पसंख्यक आवंटन पर बहस" | ए. रंगनाथन

June 22, 2026/
9:26 pm

द हार्ड फैक्ट्स के इस एपिसोड में, लेखक ए. रंगनाथन ने पश्चिम बंगाल के राजकोषीय प्रबंधन और बजट आवंटन प्राथमिकताओं...

राजनीति

पश्चिम बंगाल में SIR ही सबसे बड़ा मुद्दा:नई वोटर लिस्ट से CM ममता की परेशानी बढ़ी, 50 सीटों पर TMC को ज्यादा चुनौती

पश्चिम बंगाल में SIR ही सबसे बड़ा मुद्दा:नई वोटर लिस्ट से CM ममता की परेशानी बढ़ी, 50 सीटों पर TMC को ज्यादा चुनौती

8 अप्रैल की सुबह बूंदाबांदी के बीच करीब सुबह 10:25 बजे तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी समर्थकों के हुजूम के साथ पैदल ही हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित अपने घर से नामांकन के लिए निकलीं। गोपालनगर सर्वे बिल्डिंग तक के करीब एक किलोमीटर तक रास्ते में समर्थक जोतोई कोरो हमला, आबार जितबे बांग्लो (चाहे जितना करो हमला, फिर जीतेगा बांग्ला) के नारे लगा रहे थे। वहां CM बनर्जी ने मीडिया से कहा- राज्य के करीब 90.8 लाख (11.9%) मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं, जिसे उन्होंने अदालत में चुनौती देने की बात कही है। अकेले भवानीपुर सीट से 51 हजार वोट घटने का अनुमान है। दरअसल, बंगाल चुनाव में इस बार भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे पुराने मुद्दों को पीछे छोड़कर स्पेशन इंटेंसिव रिवीजन (SIR) सबसे बड़ा विवाद बन गया है। ममता के आरोपों का जवाब देते हुए राज्य भाजपा के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि मतदाता सूची से नाम सिर्फ मुसलमानों के ही नहीं कटे हैं बल्कि राजवंशी, मतुआ और अन्य समुदायों के भी कटे हैं। जो मर गए, ट्रांसफर हो गए, उनका नाम तो सूची से हटाना ही पड़ेगा। एक्सपर्ट बोले- SIR से ममता की राह थोड़ी मुश्किल हुई पॉलिटिकल एनालिस्ट और सीनियर जर्नलिस्ट सुभाशीष मोइत्रा कहते हैं कि एसआईआर से ममता की राह थोड़ी मुश्किल अवश्य हुई है। करीब 50 सीटों पर चुनौती और बढ़ गई है, लेकिन जीत असंभव जैसी भी नहीं है। राज्य में 49 सीटों पर 90% से अधिक हिंदू वोट हैं। साल 2021 में इनमें से तृणमूल 29 और भाजपा 20 सीटें जीती थी। वहीं 25% या इससे अधिक मुस्लिम वोट वाली राज्य की कुल 146 सीटों में तृणमूल 131 सीटों पर जीती थी। मोइत्रा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र (जहां नगरीय निकाय नहीं है) की करीब 163 सीटें (इन सीटों में मुस्लिम आबादी वाली व 90% हिंदू आबादी वाली कुछ सीटें शामिल हैं) में तृणमूल को 126 सीटें मिली, जबकि भाजपा 36 में सफल हुई थी। SIR के बाद मुस्लिम वोट ममता बनर्जी के पक्ष में और अधिक ताकत के साथ जुटेगा। मोइत्राग ने कहा कि मुर्शिदाबाद की बहरामपुर सीट से अधीर रंजन चौधरी उम्मीदवार हैं, जबकि मालदा मालतीपुर से मौसम नूर लड़ रही हैं। कांग्रेस यही दो सीट जीत सकती है। बाकी सीटों पर वामपंथी पार्टियाें के साथ वे कुछ खास वोट काटने या भाजपा को फायदा पहुंचाने की स्थिति में नहीं होंगी। सिर्फ 5 साल में भाजपा 10% से 38% पर पहुंची शहरी क्षेत्रों में ममता के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी सीनियर जर्नलिस्ट शंखदीप दास कहते हैं कि शहरी क्षेत्रों में ममता सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी स्पष्ट नजर आती है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में ममता सरकार अपनी योजनाओं के कारण मजबूत है। सबसे बड़ी बात है कि वे हर वर्ग महिला, युवा, किसान, श्रमिक, बेरोजगार, मजदूर, बुजुर्गों को कवर करने के लिए उससे संबंधित कोई न कोई योजना अवश्य चला रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इन योजनाओं का बहुत प्रभाव पड़ा है। लक्ष्मी भंडार योजना के तहत राज्य की 2.21 करोड़ महिलाओं को आर्थिक मदद दी है। दुआरे सरकार (दरवाजे पर सरकार) जैसे मॉडल से लोग जुड़े हैं। निर्वाचन आयोग भाजपा आयोग बन गया तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रिजू दत्ता ने कहा कि एसआईआर सबसे बड़ा मुद्दा हो गया है। निर्वाचन आयोग भाजपा आयोग बन गया है। लग रहा है जैसे बंगाल की 294 सीटों पर ज्ञानेश कुमार ही भाजपा के उम्मीदवार हैं। इनके पास पूरे बूथ पर लड़ने के लिए कार्यकर्ता भी नहीं हैं। वहीं संघ के एक पदाधिकारी ने कहा कि राज्य में मुर्शिदाबाद को छोड़कर हर जिले में हिंदू आबादी घट गई है। गुजरात के बाद बंगाल ही ऐसा राज्य है, जहां हिंदू सर्वाधिक 68% भाजपा को वोट देते हैं। इन सबसे दूर, राज्य की राजनीति में छह दशकों पर तक सत्ता में रही कांग्रेस और वामपंथी पार्टियां इस बार अलग-अलग और सभी 294 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। भाजपा नेता ने कहा कि राज्य के करीब 85 हजार बूथों में से हमने 65 हजार से अधिक बूथों पर कार्यकर्ताओं की नियुक्ति कर दी है, जो बड़ी उपलब्धि है। वर्ष 2021 के बाद से हमारे 321 कार्यकर्ता मारे गए हैं। भयमुक्त चुनाव हुए तो हमारी जीत तय है। …………………….. यह खबर भी पढ़ें… शाह बोले- ममता भतीजे को सीएम बनाना चाहती हैं: लोगों की परेशानी की परवाह नहीं; ममता बोलीं- सांप पर भरोसा करना, BJP पर नहीं गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के देबरा में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि, ममता बनर्जी बंगाल के लोगों की चिंता नहीं करती हैं। उन्हें बस भतीजे अभिषेक बनर्जी को अगला सीएम बनाने में दिलचस्पी है। उधर बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने नॉर्थ 24 परगना के टेंटुलिया में चुनावी रैली की। उन्होंने कहा- सांप पर भरोसा किया जा सकता है, लेकिन BJP पर नहीं। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.