अशोकनगर में सिलेंडर न मिलने पर चक्काजाम:डिलीवरी मैसेज आने के बाद भी नहीं मिली गैस; कलेक्ट्रेट पर खाली टंकी रखकर हंगामा

अशोकनगर जिले में सोमवार को गैस सिलेंडर की डिलीवरी का मैसेज आने के बावजूद टंकी नहीं मिलने से नाराज उपभोक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। दो गैस एजेंसियों के उपभोक्ताओं ने पहले कोलूआ रोड पर चक्का जाम किया और फिर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर गेट पर खाली सिलेंडर रखकर हंगामा किया। देहात थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर समझा-बुझाकर जाम खुलवाया, जिसके बाद लोग अपनी शिकायत दर्ज कराने कलेक्ट्रेट पहुंचे हैं। जय बाबा गैस एजेंसी के बाहर चक्का जाम, पुलिस ने हटाया सुबह के समय कोलूआ रोड स्थित जय बाबा इंडियन गैस एजेंसी के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। उपभोक्ताओं का आरोप था कि उन्हें मोबाइल पर सिलेंडर डिलीवर होने का मैसेज मिल चुका है, लेकिन असल में उन्हें टंकी नहीं मिली। जब उन्होंने एजेंसी से संपर्क किया तो उन्हें सिलेंडर नहीं मिला। नाराज उपभोक्ताओं ने सड़क पर उतरकर चक्का जाम कर दिया, जिससे यातायात बाधित हो गया। सूचना मिलने पर देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर सड़क से हटाया। इसके बाद कुछ लोग अपनी शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। डीसी गैस गोदाम के उपभोक्ताओं ने कलेक्ट्रेट गेट पर रखा खाली सिलेंडर इसी दौरान, गुना रोड स्थित डीसी गैस गोदाम के उपभोक्ता भी सिलेंडर न मिलने से आक्रोशित होकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने कार्यालय के गेट पर खाली सिलेंडर रखकर अपना विरोध दर्ज कराया। इन उपभोक्ताओं का भी कहना था कि उन्हें मोबाइल पर सिलेंडर डिलीवर होने का मैसेज आ गया था, लेकिन उन्हें टंकी नहीं मिली। घर तक नहीं पहुंच रही गैस की टंकियां दुर्गा कॉलोनी निवासी प्राण सिंह कुशवाह ने बताया कि उन्होंने लगभग एक महीने पहले डीसी गैस गोदाम पर सिलेंडर बुक कराया था। उन्हें मोबाइल पर टंकी मिलने का मैसेज भी आया, लेकिन उन्हें अब तक सिलेंडर प्राप्त नहीं हुआ है। उनका यह भी कहना था कि अब उनका दोबारा नंबर भी नहीं लग रहा है। वहां मौजूद कुछ अन्य उपभोक्ताओं ने बताया कि जब एजेंसी पर गैस की गाड़ी आती है, तो उनसे कहा जाता है कि रिक्शा के माध्यम से टंकी घर पहुंचा दी जाएगी। हालांकि, कई बार टंकियां उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचतीं और उनका पता नहीं चलता। देखिए जाम की तस्वीरें…
भीषण गर्मी में लू की मार से बचाने में मदद करेगा ये शरबत, जानें इसे घर पर बनाने की आसान विधि – News18 हिंदी

X भीषण गर्मी में लू की मार से बचाने में मदद करेगा ये शरबत, जानें बनाने की विधि Palash Flower Benefits: गर्मी का मौसम शुरू होते ही गांवों-जंगलों में पलाश (टेसू) के फूल खिलने लगते हैं, जो आग की तरह लाल-नारंगी रंग के नजर आते हैं. ग्रामीण इलाकों में इसे टेसू के नाम से जाना जाता है. आयुर्वेद में पलाश के फूल, बीज, पत्ते और छाल का उपयोग कई बीमारियों के इलाज में किया जाता है. खास बात ये कि इन फूलों से बनने वाला शरबत गर्मियों में किसी वरदान से कम नहीं माना जाता. पलाश के फूलों का शरबत शरीर को ठंडक देने के साथ कई समस्याओं में राहत देता है. लू और गर्मी से बचाव पलाश का शरबत शरीर को अंदर से ठंडा रखता है. तेज धूप में निकलने पर होने वाली थकान, सिरदर्द और बेचैनी को कम करने में मदद करता है. इसे पीने से लू लगने का खतरा भी कम हो जाता है. यह शरबत पाचन तंत्र को मजबूत करता है. गैस, कब्ज, दस्त और पेट की जलन जैसी समस्याओं में राहत देता है. जिन लोगों को पेट में गर्मी की शिकायत रहती है, उनके लिए यह काफी फायदेमंद माना जाता है.
पहलवान बिस्वा शर्मा का बड़ा आरोप- ‘कांग्रेस ने सोशल मीडिया ग्रुप से मिली जानकारी के आधार पर मेरी पत्नी पर लगाया आरोप’

असम के मुख्यमंत्री हिमंत शर्मा विश्व ने अपने परिवार पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने मेरी पत्नी के खिलाफ आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया ग्रुप से मिली जानकारी का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा,” मेरी पत्नी के खिलाफ ग़रीब पति-पत्नी को लेकर कांग्रेस नेता पवन सह-लेखक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। मेरी पत्नी के खिलाफ कांग्रेस के आरोप में असमंजस की स्थिति को प्रभावित करने के उद्देश्य से लगाए गए हैं, इसके लिए कॉलेज की सजा हो सकती है।” असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, “…कोई भी 199 अमेरिकी डॉलर कंपनी का रजिस्ट्रेशन करा सकता है। कल की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उन्होंने रिंकी के नाम से एक और बनाई कंपनी…कांग्रेस ने सोशल मीडिया ग्रुप से प्राप्त पासपोर्ट और शेयरहोल्डिंग की स्थिति का इस्तेमाल किया। गौरव गोगोई ने भी एक सोशल मीडिया ग्रुप की मदद की। पाकिस्तान किस तरह असम चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है, यह बहुत महत्वपूर्ण है।” #घड़ी | गुवाहाटी: असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा कहते हैं, “…कोई भी 199 अमेरिकी डॉलर का भुगतान करके एक कंपनी पंजीकृत कर सकता है। कल की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद, उन्होंने रिनिकी के नाम पर एक और कंपनी बनाई…कांग्रेस ने एक पाकिस्तानी सोशल मीडिया से प्राप्त पासपोर्ट और दस्तावेजों की छवियों का इस्तेमाल किया… https://t.co/S5bBLdtBKn pic.twitter.com/zPQr9lJs0V – एएनआई (@ANI) 6 अप्रैल 2026 क्या है मामला असम में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के पास तीन अलग-अलग पासपोर्ट कैसे हैं? उन्हें तीन पासपोर्ट रखने की क्या आवश्यकता है? क्या वे कोई अपराधी हैं? कांग्रेस के एक्स हैंडल पर पवन एसोसिएट का वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा गया, ”असम की जनता पूछ रही है।” हिमंता बिस्वा सरमा की पूरी राजनीतिक छवि के खिलाफ अपमान पर आधारित है, लेकिन उनकी पत्नी दो मुस्लिम देशों के पासपोर्ट दर्ज हैं, कैसे? भारत के कानून के खाते से आप द्विपक्षीय नागरिकता नहीं रख सकते हैं, तो क्या रिंकी भू लाइसेंस सरमा भारत का पासपोर्ट भी रखता है? हिमंता बिस्वा सरमा, अमित शाह के दत्तक पुत्र क्या हैं? और किस देश के मठाधीश को ये जानकारी थी कि उनके दत्तक पुत्र की पत्नी के 3 पासपोर्ट हैं? अमित शाह का जवाब- वो एसआईटी सहायक इस मामले की जांच क्या करेगी?” (टैग्सटूट्रांसलेट)असम चुनाव 2026(टी)असम(टी)हिमंत बिस्वा शर्मा(टी)कांग्रेस(टी)असम चुनाव 2026(टी)असम(टी)हिमंत बिस्वा शर्मा(टी)कांग्रेस
जाह्नवी बोलीं- मैं पूरी तरह से मां पर निर्भर थी:उनके जाने के बाद कई गलत फैसले लिए, कई लोगों ने निजी जिंदगी में दखल दिया

बॉलीवुड एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में अपनी मां और सुपरस्टार श्रीदेवी के निधन और उसके बाद आई मुश्किलों पर बात की है। जाह्नवी ने बताया कि वे अपनी जिंदगी के हर छोटे-बड़े फैसले के लिए मां पर निर्भर थीं। उनके अचानक चले जाने के बाद जाह्नवी को न सिर्फ अकेले फैसले लेना सीखना पड़ा, बल्कि दुनिया के कड़े व्यवहार और ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ा। हर छोटी बात के लिए मां पर थीं निर्भर राज शमानी के पॉडकास्ट में जाह्नवी ने बताया कि श्रीदेवी के रहते उन्होंने कभी खुद से कोई फैसला नहीं लिया था। जाह्नवी ने कहा, “मैं उन पर पूरी तरह निर्भर थी। मैं उनसे हर बात पूछती थी की क्या कपड़े पहनूं? क्या करूं? क्या सही है और क्या गलत? उनके जाने के बाद मुझे अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेना सीखना पड़ा।” जाह्नवी ने यह भी माना कि इस दौरान उन्होंने कई गलत फैसले लिए और उन लोगों को अपनी निजी जिंदगी में दखल देने दिया, जिनका वहां कोई काम नहीं था। दुनिया मेरे दुख को जज कर रही थी जाह्नवी ने उस दौर के तनाव को याद करते हुए बताया कि लोग उनके दुख का पैमाना तय कर रहे थे। एक्ट्रेस के मुताबिक, “दुनिया मुझे तोड़ने की कोशिश कर रही थी। लोग कमेंट करते थे कि देखो वह अब कुछ ज्यादा ही मुस्कुरा रही है, वह उतनी दुखी नहीं है जितनी उसे होना चाहिए। मेरे परिवार पर भी कई तरह के आरोप लगाए गए।” मां के जाने से बदल गए बोनी कपूर अपनी मां के मजाकिया स्वभाव को याद करते हुए जाह्नवी भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि श्रीदेवी की जगह दुनिया में कोई नहीं ले सकता। जाह्नवी ने अपने पिता बोनी कपूर के बारे में कहा, उस दिन मैंने सिर्फ परिवार का एक सदस्य नहीं खोया था, बल्कि अपने पिता को भी खो दिया था। जब मां हमारे साथ थीं, तब पापा बिल्कुल अलग इंसान थे। आज वह जैसे हैं मैं उससे खुश हूं, लेकिन वह पहले जैसे नहीं रहे।” जाह्नवी के मुताबिक, उनकी फैमिली की खुशी और पॉजिटिविटी में श्रीदेवी का सबसे बड़ा योगदान था। डेब्यू फिल्म के दौरान हुआ था निधन श्रीदेवी का निधन 24 फरवरी 2018 को यूएई में हुआ था। यह वह समय था जब जाह्नवी अपनी पहली बॉलीवुड फिल्म ‘धड़क’ की तैयारी कर रही थीं। जाह्नवी की फिल्म तो बॉक्स ऑफिस पर हिट रही, लेकिन उनकी इस सफलता को देखने के लिए उनकी मां उनके साथ नहीं थीं। श्रीदेवी ने करीब तीन दशकों तक हिंदी, तमिल और तेलुगू सिनेमा पर राज किया था।
जाह्नवी बोलीं- मैं पूरी तरह से मां पर निर्भर थी:उनके जाने के बाद कई गलत फैसले लिए, कई लोगों ने निजी जिंदगी में दखल दिया

बॉलीवुड एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में अपनी मां और सुपरस्टार श्रीदेवी के निधन और उसके बाद आई मुश्किलों पर बात की है। जाह्नवी ने बताया कि वे अपनी जिंदगी के हर छोटे-बड़े फैसले के लिए मां पर निर्भर थीं। उनके अचानक चले जाने के बाद जाह्नवी को न सिर्फ अकेले फैसले लेना सीखना पड़ा, बल्कि दुनिया के कड़े व्यवहार और ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ा। हर छोटी बात के लिए मां पर थीं निर्भर राज शमानी के पॉडकास्ट में जाह्नवी ने बताया कि श्रीदेवी के रहते उन्होंने कभी खुद से कोई फैसला नहीं लिया था। जाह्नवी ने कहा, “मैं उन पर पूरी तरह निर्भर थी। मैं उनसे हर बात पूछती थी की क्या कपड़े पहनूं? क्या करूं? क्या सही है और क्या गलत? उनके जाने के बाद मुझे अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेना सीखना पड़ा।” जाह्नवी ने यह भी माना कि इस दौरान उन्होंने कई गलत फैसले लिए और उन लोगों को अपनी निजी जिंदगी में दखल देने दिया, जिनका वहां कोई काम नहीं था। दुनिया मेरे दुख को जज कर रही थी जाह्नवी ने उस दौर के तनाव को याद करते हुए बताया कि लोग उनके दुख का पैमाना तय कर रहे थे। एक्ट्रेस के मुताबिक, “दुनिया मुझे तोड़ने की कोशिश कर रही थी। लोग कमेंट करते थे कि देखो वह अब कुछ ज्यादा ही मुस्कुरा रही है, वह उतनी दुखी नहीं है जितनी उसे होना चाहिए। मेरे परिवार पर भी कई तरह के आरोप लगाए गए।” मां के जाने से बदल गए बोनी कपूर अपनी मां के मजाकिया स्वभाव को याद करते हुए जाह्नवी भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि श्रीदेवी की जगह दुनिया में कोई नहीं ले सकता। जाह्नवी ने अपने पिता बोनी कपूर के बारे में कहा, उस दिन मैंने सिर्फ परिवार का एक सदस्य नहीं खोया था, बल्कि अपने पिता को भी खो दिया था। जब मां हमारे साथ थीं, तब पापा बिल्कुल अलग इंसान थे। आज वह जैसे हैं मैं उससे खुश हूं, लेकिन वह पहले जैसे नहीं रहे।” जाह्नवी के मुताबिक, उनकी फैमिली की खुशी और पॉजिटिविटी में श्रीदेवी का सबसे बड़ा योगदान था। डेब्यू फिल्म के दौरान हुआ था निधन श्रीदेवी का निधन 24 फरवरी 2018 को यूएई में हुआ था। यह वह समय था जब जाह्नवी अपनी पहली बॉलीवुड फिल्म ‘धड़क’ की तैयारी कर रही थीं। जाह्नवी की फिल्म तो बॉक्स ऑफिस पर हिट रही, लेकिन उनकी इस सफलता को देखने के लिए उनकी मां उनके साथ नहीं थीं। श्रीदेवी ने करीब तीन दशकों तक हिंदी, तमिल और तेलुगू सिनेमा पर राज किया था।
सेंसेक्स 450 अंक गिरकर 73,850 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी 100 अंक नीचे, 22600 पर आया; ऑयल एंड गैस शेयरों में बिकवाली

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन आज यानी सोमवार 6 अप्रैल को शेयर बाजार में गिरावट है। सेंसेक्स 450 अंक गिरकर 73,850 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 100 अंकों की गिरावट है, ये 22600 के स्तर पर आ गया है। आज ऑयल एंड गैस और फार्मा शेयरों में बिकवाली है। एशियाई बाजार में तेजी अमेरिकी बाजार में 2 अप्रैल को मिला-जुला कारोबार क्रूड 0.48% बढ़कर 109 डॉलर प्रति बैरल पर आया आज कच्चा तेल करीब आधा फीसदी ऊपर है। ये 109 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। 28 फरवरी को ईरान जंग शुरू होने से पहले कच्चे तेल के दाम 70 डॉलर प्रति बैरल के आस-पास थे। आज से RBI की मीटिंग: ब्याज दर में बदलाव की संभावना नहीं RBI की मॉनेटरी पॉलिसी में ब्याज दरों पर लिए फैसलों और महंगाई के आउटलुक पर निवेशक करीबी नजर रखेंगे। नए वित्त वर्ष की पहली मीटिंग आज से शुरू हो गई है। 8 अप्रैल को गवर्नर मीटिंग में लिए फैसले की जानकारी देंगे। इस बार ब्याज दरों में बदलाव की संभावना नहीं है। सपोर्ट और रेजिस्टेंस सपोर्ट जोन: 22,637 | 22,556 | 22,504 | 22,408 सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है। रेजिस्टेंस जोन: 23,320 | 23,814 | 23,875 | 24,142 रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है। टेक्निकल चार्ट: निफ्टी के लिए 21,930 का स्तर अहम निफ्टी 50: रेलीगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा का मानना है कि निफ्टी धीरे-धीरे अपने क्रिटिकल सपोर्ट लेवल की ओर बढ़ रहा है। लॉन्ग-टर्म वीकली मूविंग एवरेज (200 WEMA) के हिसाब से 21,930 और उसके बाद 21,750 (जो अप्रैल 2025 का निचला स्तर था) अहम सपोर्ट हैं। मिश्रा ने कहा कि मौजूदा स्तरों पर अनिश्चितता दिख रही है। ऊपर की तरफ 23,000–23,200 के जोन में रेजिस्टेंस है और 23,500 एक बड़ी बाधा है। अगर निफ्टी इस लेवल को पार कर लेता है, तो बाजार का रुख सकारात्मक हो सकता है और यह 24,000 की ओर बढ़ सकता है। सेंसेक्स: एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. के मुताबिक सेंसेक्स 73,300 के करीब संभलने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इसका ओवरऑल स्ट्रक्चर अभी भी कमजोर है। ऊपर की ओर 73,800–74,000 के स्तर पर तत्काल रेजिस्टेंस है। वहीं अगर सेंसेक्स 72,000 के नीचे फिसला तो यह 71,500–71,000 के स्तर तक जा सकता है। एक्सपर्ट की राय 1. पोनमुडी आर. के मुताबिक, इस हफ्ते शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की आशंका है। बाजार की चाल फंडामेंटल्स के बजाय ग्लोबल फैक्टर्स से ज्यादा प्रभावित होगी। निवेशकों का सेंटिमेंट काफी हद तक मिडिल ईस्ट के हालातों, करेंसी और विदेशी निवेशकों पर टिका रहेगा। 2. रेलीगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च एसवीपी अजीत मिश्रा का मानना है कि मौजूदा अनिश्चितता में निवेशकों को संभलकर चलना चाहिए। मिश्रा की राय है कि पोर्टफोलियो में उन मजबूत लार्ज-कैप शेयरों को जगह देनी चाहिए, जिनकी कमाई की स्थिति और बैलेंस शीट बेहतर हो। गुरुवार को सेंसेक्स 185 अंक चढ़कर 73,320 पर बंद हुआ शुक्रवार को गुड फ्राइडे की वजह से बाजार बंद था। इससे पहले गुरुवार को सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से 1,773 अंक चढ़कर बंद हुआ। सुबह ये भारी दबाव के साथ खुला और गिरकर 71,545 के स्तर तक आ गया था। बाद में यह 185 अंक चढ़कर 73,320 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी 22,182 का निचला स्तर बनाने के बाद 531 अंकों की रिकवरी दिखी। ये 34 अंक (0.15%) चढ़कर 22,713 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी के आईटी और रियल्टी इंडेक्स सबसे ज्यादा चढ़ें। इसमें 2.62% और 1.18% की तेजी रही।
चमकती त्वचा के लिए गोल्ड फेशियल: पॉलिश नहीं, अब घर पर मिनटों में करें गोल्ड फेशियल; बिना खर्च किये सोने सा चमकेगा चेहरा

घर पर फेशियल कैसे करें: हर कोई चाहता है कि उसका चेहरा साफ, चमकीला और चमकता हुआ दिखे। इसके लिए लोग रिटेल रिटेल मैक्सिल गोल्ड फेशियल करवाते हैं। लेकिन अब आपको पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है। आप घर पर आसानी से गोल्ड फेशियल कर सकते हैं और वो भी कुछ ही मिनट में। गोल्ड फेशियल क्या होता है? गोल्ड फ़ेशियल एक ऐसा स्कार्फ प्रोजेक्ट है जो त्वचा को गहराई से साफ़ करता है, डेड फ़ेशियल हटाता है और चेहरे पर ग्लो पेश करता है। यह त्वचा को प्लांट और फ्रेशनर की दुकान में मदद करता है। घर पर गोल्ड फेशियल कैसे करें? सफाई सबसे पहले अपने चेहरे को साफ करें। इसके लिए कच्चा दूध लेन और कॉटन डब्बेकर फेस पर तैयार किया जाता है। अब 2-3 मिनिट में हाथ से मसाज करें। यह आपके चेहरे की गंदगी और तेल निकालने में मदद करेगा। स्क्रब अब डेड स्किन रिमूवल के लिए आवेदन करें। इसके लिए 1 चीनी चीनी और 1 मिशिगन पूरे चेहरे पर छोटे हाथ से राँचे और फिर धो लें। मसाज (मालिश) ग्लोम के साथ काम करना बहुत जरूरी है। इसके लिए एलोवेरा जेल या क्रीम लें और 5-10 मिनट तक चेहरे पर सर्कूल मोशन में मसाज करें। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और त्वचा चमकदार दिखती है। फेस पैक (फेस पैक) अब फेस पैक रूम। फेस पैक बनाने के लिए 1 मिंट बेसन, 1 हल्दी और थोड़ा दूध या गुलाब जल एक कटोरी में लें। इसे पूरे प्लांट पर फर्नीचर और फैक्ट्री के बाद धो लें। टोनिंग और टिनटिंग आख़िर में गुलाब जल से टोनिंग करें। फिर से इलेक्ट्रोमैग्नेटिक यूनिट। गोल्ड फेसियल के फायदे क्या हैं? चेहरे पर तुरंत चमक आती है। त्वचा की प्रदर्शनी और साफ-सुथरी कलाकृतियाँ। डेड स्किन हटती है। जुर्रियाँ कम होती हैं। कंकाल और ताज़े दिखते हैं। किन बातों का रखें प्रबंध? आस्था हमेशा के लिए हाथ से बनाएं। अगर आपका स्किन सेन्स प्रतिबंधित है तो पहले पैच टेस्ट करा लें। ज्यादा से ज्यादा बार फेशियल न करें। महीने में 1-2 बार काफी है। अब चमकदार त्वचा पाने के लिए आपको फ्लोर की जरूरत नहीं है। घर पर आसानी से बेचा गया गोल्ड फेशियल भी आकर्षक ही होता है। अगर आप इसे सही तरीके से चलाएंगे, तो आपका चेहरा भी सोने जैसा चमकने लगेगा। यह अवश्य पढ़ें: चेहरे के बाल हटाना: चेहरे से अनचाहे बाल हटाने के लिए काम आएगा ये 3 देसी नुस्खा, 10 मिनट में चेहरे से बाल हटाएं अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।
उड़ते पंजाब की दर्दनाक तस्वीर: 4 जवान बेटों को खोया, अब 5वें को बिस्तर पर खत्म होता देख रहे मां-बाप

Udta Punjab real Story: 60 की उम्र में अपने चार-चार जवान बेटों को पल-पल मरते देखने और उनकी लाशों को कंधा देने के बाद जोगिंदर पाल और मंजीत कौर की आंखों के आंसू सूखे भी नहीं हैं कि उनका पांचवा बेटा भी बिस्तर पर जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है. ड्रग्स और नशे की लत से बबार्द हो चुके इस परिवार के बुजुर्ग दंपत्ति की आंखों में अब सिर्फ डर, बेबसी और लाचारी बची है, जो हंसते-खेलते पंजाब की आज की असली हकीकत बयां कर रही है. पांच-पांच तंदुरुस्त जवान बेटों के मां-बाप ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि उड़ता पंजाब उनके बेटों को इस हालत में पहुंचा देगा. ड्रग्स की लत से बर्बाद हुए इस परिवार के प्रति अब सिर्फ लोगों की संवेदना बची है. पंडोरी मोहल्ले में अपने घर पर बिस्तर पर पड़े 32 साल के बेटे को देखकर मां-बाप अब सिर्फ रोते हैं क्योंकि उसका शरीर सिर्फ हड्डियों का ढांचा बनकर रह गया है और उसकी सांसें भी धीरे-धीरे थम रही हैं. रुला देगी इस परिवार की कहानी कपूरथला के सुल्तानपुर लोधी स्थित पंडोरी मोहल्ले के जोगिंंदर पाल और मंजीत कौर के घर की कहानी इतनी दर्दनाक है कि जो भी सुन रहा है वह इन दंपत्ति पर तरस खा रहा है. लंबे समय से पड़ोसी बारी-बारी से इस बुजुर्ग जोड़े की मदद करने के लिए सामने आ रहे हैं अपने बेटे की मौत का इंतजार करते हुए, बेबसी से उस जवान लड़के को धीरे-धीरे खत्म होते देख रहे बुजुर्ग दंपत्ति के लिए मोहल्ले के लोगों ने आखिरकार सरकार ने गुहार लगाई है. टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक रविवार को इस दुखी जोड़े और मोहल्ले के अन्य निवासियों ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने राज्य सरकार से सोनू को बचाने और इलाके को नशों से मुक्त कराने की मांग की. प्रदर्शन के दौरान मंजीत और इलाके की अन्य महिलाओं ने आरोप लगाया कि पंजाब के हर इलाके में और खासतौर पर उनके शहर में हर गली-नुक्कड़ पर नशा खुलेआम उपलब्ध है. यहां तक कि बच्चे-बच्चे जानते हैं कि ड्रग्स कहां मिल ही है. पिछले कुछ सालों में यहां कम से कम 20 युवा नशेड़ियों की मौत हो चुकी है. मंजीत ने कहा, ‘इनमें से तीन मौतें तो सिर्फ हमारे मोहल्ले में ही हुई हैं, और वह भी सिर्फ चार-पांच महीनों के अंदर.’ चार बेटों में दो थे शादीशुदा, बिलख रहे बच्चे उन्होंने बताया, ‘मेरे जिन दो बेटों की मौत हुई, वे शादीशुदा थे और दो कुंवारे थे. अब हमें डर है कि हमारे पांचवें बेटे का भी वही हश्र होगा. उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन डॉक्टरों ने हमसे उसे घर ले जाने के लिए कह दिया, क्योंकि उन्हें उसकी नसें नहीं मिल पा रही थीं और वे उसे सिर्फ मुंह से खाने वाली दवाएं ही दे सकते थे. सरकार को हमारे बेटे को बचाने में हमारी मदद करनी चाहिए.’ उनका सबसे छोटा बेटा करीब दो साल पहले मर गया था. उन्होंने बताया कि गंभीर रूप से बीमार सोनू के दो बच्चे हैं, जिनकी उम्र ढाई साल और छह महीने है. कई परिवार हो गए बर्बाद कुछ अन्य लोगों ने भी अपनी-अपनी दुखभरी कहानियां सुनाईं. एक महिला ने बताया कि उसकी बहू उसके बेटे को छोड़कर चली गई, क्योंकि वह नशा छोड़ना नहीं चाहता था खासकर तब, जब नशा इतनी आसानी से उपलब्ध हो. मंजीत ने कहा कि नशों पर काबू पाने के बारे में राज्य सरकार जो दावे करती है, और जमीनी हकीकत जो है इन दोनों के बीच बहुत बड़ा अंतर है.
टीवीके नेता अधव अर्जुन ने स्कूल्सके को सार ढांचे पर कहा- स्टालिन ने अपनी बहन कनिमोजी करुणानिधि को किनारे कर दिया

तमिलगा वेत्र्री कजगम (टीवीके) के चुनाव अभियान के प्रमुख अधव अर्जुन ने रविवार को तमिल के मुख्यमंत्री एम.के. स्टाल पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले, शिक्षकों का नेतृत्व अपने परिवार के हितों के लिए वरिष्ठ पार्टियों के नेताओं और सहयोगी दलों के ऊपर विचारधारा दे रहा है। अर्जुन ने आरोप लगाया कि स्टालिन ने अपनी बहन और वर्तमान सांसद कनिमोजी करुणानिधि को किनारे कर दिया है। मुख्यमंत्री अपने पुत्र, उदयनजी स्टालिन को राजनीतिक विचारधारा के लिए तैयार कर रहे हैं, जिससे पार्टी में परिवार का प्रभाव मजबूत हो रहा है। अर्जुन ने कहा, “वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जैसे कि कनिमोझी और जनरल दुरईमुर्गन, उन्हें अलग कर दिया जा रहा है।” इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि जजमेंट क्रिटिकल अब एक प्रमुख लीडरशिप के लिए जा रहे हैं। उन्होंने शिक्षकों के पद के लिए चयन प्रक्रिया की भी आलोचना की, यह दावा करते हुए कहा गया कि नामांकित मुख्य रूप से उन लोगों तक सीमित हैं, जो उदयनोधी स्टालिन और सबरीसन का समर्थन करते हैं। उनके अनुसार, इससे पार्टी में असंतोष पैदा हुआ है और सहयोगियों में सम्मान बढ़ा है। अर्जुन ने बताया कि मुख्य सहयोगी, कांग्रेस की तरह, अभी भी कई तर्कों पर आधारित निर्णय नहीं मिले हैं, जिससे इस गठबंधन में आंतरिक स्तर पर जमीनी स्तर पर सामंजस्य स्थापित हो रहा है। बिहार की राजनीतिक परिस्थितियों का उदाहरण देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि अपने सहयोगियों के साथ मिलकर समय बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने एमकेएम, कोके जैसे छोटे सिद्धांतों को चुनावी लड़ाई के प्रतीक के रूप में उदाहरण दिया और कहा कि ऐसे ही उनकी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान को कमजोर कर दिया जाता है। एलायंस गठबंधन की आलोचना करते हुए, अर्जुन ने स्कूल-संचालन के संस्थापक मशडिके की निंदा की और कहा कि यह इसके संस्थापक, विचारधारा विजयकांत की उन्नत विरासत के विपरीत है। ऐसे राजनीतिक गठबंधन पार्टी के मूल दृष्टिकोण को कमजोर कर सकते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उम्मीदवार चयन और चुनाव में छोटे सहयोगियों और नेताओं पर दबाव डाला जा रहा है। टीवीके की ओर से टीवीके की ओर से दावा करते हुए अर्जुन ने कहा कि पार्टी ने सभी 234 टेलीकॉम पोर्टफोलियो में अपने उम्मीदवार उतारे हैं और दावा किया है कि एआईएडीएमके के पारंपरिक वोट बैंक का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा टीवीके की ओर चला गया है।
विदिशा में सोमवार को तीन घंटे बिजली बंद रहेगी:तिलक चौक फीडर पर मेंटेनेंस, कई इलाकों में असर; जानिए शेड्यूल…

विदिशा शहर में बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सोमवार को मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा मेंटेनेंस कार्य किया जाएगा। कंपनी के जोन-1 के अंतर्गत तिलक चौक फीडर पर आवश्यक सुधार और रखरखाव के चलते सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। विद्युत कंपनी ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस निर्धारित समय के दौरान अपने आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें, ताकि किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके। वर्तमान में भविष्य में बेहतर और सुचारू विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यह सुधार कार्य किया जा रहा है। हॉस्पिटल रोड और बड़ा बाजार समेत इन इलाकों में रहेगा असर तिलक चौक फीडर से जुड़े कई प्रमुख क्षेत्रों में बिजली कटौती का असर देखने को मिलेगा। इनमें मुख्य रूप से हॉस्पिटल रोड, नीमताल, कागदीपुरा, मुगलटोला, चौरसिया हॉस्पिटल क्षेत्र, तिलक चौक, मेघदूत टॉकीज के आसपास, नंदवाना, बड़ा बाजार, खाई रोड, लोहा बाजार, मीट मार्केट, बजरिया, रीठा फाटक, तोपपुरा और नदीपुरा सहित अन्य क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में सुधार कार्य के दौरान 3 घंटे तक बिजली नहीं रहेगी। सुचारू आपूर्ति के लिए किया जा रहा है सुधार कार्य विद्युत कंपनी के अनुसार, यह मेंटेनेंस कार्य भविष्य में उपभोक्ताओं को बेहतर और सुचारू विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवश्यकता पड़ने पर बिजली बंद करने के समय में आंशिक परिवर्तन भी किया जा सकता है। विभाग ने इस कार्य में उपभोक्ताओं से सहयोग की अपेक्षा की है और लोगों को असुविधा से बचने के लिए समय से पहले जरूरी काम करने की सलाह दी गई है।








