Tuesday, 15 Sep 2026 | 03:48 PM

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श्रीदेवी प्रॉपर्टी विवाद में बोनी कपूर हाई कोर्ट पहुंचे:जान्हवी और खुशी कपूर संग याचिका दाखिल, चेन्नई ईसीआर संपत्ति पर कानूनी लड़ाई तेज हुई

श्रीदेवी प्रॉपर्टी विवाद में बोनी कपूर हाई कोर्ट पहुंचे:जान्हवी और खुशी कपूर संग याचिका दाखिल, चेन्नई ईसीआर संपत्ति पर कानूनी लड़ाई तेज हुई

दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी की संपत्ति को लेकर कानूनी विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। फिल्म प्रोड्यूसर बोनी कपूर और उनकी बेटियां जान्हवी कपूर व खुशी कपूर ने इस मामले में मद्रास हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। Live Law की रिपोर्ट के मुताबिक यह पूरा मामला चेन्नई के ईस्ट कोस्ट रोड स्थित श्रीदेवी की एक प्रॉपर्टी से जुड़ा है। इस संपत्ति को लेकर एक व्यक्ति ने दावा किया है और इसी के तहत उसने चेंगलपट्टू की जिला अदालत में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, चेंगलपट्टू ने कपूर परिवार की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने इस याचिका को शुरुआती स्तर पर ही खारिज करने की मांग की थी। निचली अदालत के इस फैसले के खिलाफ अब बोनी कपूर और उनकी बेटियों ने मद्रास हाई कोर्ट में चुनौती दी है। उनका कहना है कि यह मुकदमा कानूनन टिकाऊ नहीं है और इसे खारिज किया जाना चाहिए। कपूर परिवार का तर्क है कि संपत्ति से जुड़े सभी अधिकार और दस्तावेज उनके पक्ष में हैं, ऐसे में इस तरह के दावे निराधार हैं। वहीं, याचिकाकर्ता का दावा है कि संपत्ति को लेकर कुछ अधिकार उसके पास भी हैं, जिनकी कानूनी जांच जरूरी है। इसी आधार पर उसने कोर्ट में मामला दायर किया है। अब इस पूरे विवाद पर अंतिम फैसला हाई कोर्ट में सुनवाई के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। यह मामला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि यह सीधे तौर पर श्रीदेवी की विरासत से जुड़ा है। उनके निधन के बाद से ही उनकी संपत्तियों और अधिकारों को लेकर समय-समय पर खबरें सामने आती रही हैं। फिलहाल, मद्रास हाईकोर्ट में इस याचिका पर सुनवाई का इंतजार है। अब देखना होगा कि कोर्ट इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या कपूर परिवार को राहत मिलती है या नहीं।

सिंगरौली के गनियारी पीजी कॉलेज की भूमि से हटा अतिक्रमण:15 मकानों को बुलडोजर चलाकर किया जमींदोज; कलेक्टर-कमिश्नर के निर्देश पर कार्रवाई

सिंगरौली के गनियारी पीजी कॉलेज की भूमि से हटा अतिक्रमण:15 मकानों को बुलडोजर चलाकर किया जमींदोज; कलेक्टर-कमिश्नर के निर्देश पर कार्रवाई

सिंगरौली जिला मुख्यालय के पास गनियारी में पीजी कॉलेज के लिए आरक्षित शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए मंगलवार को प्रशासन का बुल्डोजर चला। तहसीलदार सविता यादव के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस टीम ने करीब 15 अवैध मकानों को ध्वस्त कर दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शेष बचे अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई बुधवार को भी जारी रहेगी। 2024 से लंबित था बेदखली का आदेश राजस्व विभाग के अनुसार, गनियारी की इस कीमती जमीन पर लगभग तीन दर्जन लोगों ने अवैध कब्जा कर पक्के मकान बना लिए थे। इस संबंध में 15 मार्च 2024 को ही बेदखली आदेश पारित हो चुका था, लेकिन अमल अब जाकर हुआ है। प्रशासन ने 12 मार्च को अंतिम नोटिस जारी कर 16 मार्च तक कब्जा हटाने की मोहलत दी थी, जिसके बाद मंगलवार को यह बड़ी कार्रवाई की गई। कमिश्नर-कलेक्टर के निरीक्षण के बाद सख्ती हाल ही में रीवा संभाग आयुक्त बी.एस. जामोद और कलेक्टर गौरव बैनल ने ₹26.91 करोड़ की लागत से निर्मित पीजी कॉलेज भवन का निरीक्षण किया था। परिसर के आसपास बड़े पैमाने पर अतिक्रमण देख कमिश्नर ने नाराजगी जताते हुए इसे तत्काल हटाने के निर्देश दिए थे। इसी निर्देश के परिपालन में तहसीलदार सविता यादव और पटवारी उमेश नामदेव की मौजूदगी में भारी पुलिस बल के साथ ध्वस्तीकरण शुरू किया गया। लोगों ने बताया कि ध्वस्त किए गए कई मकानों में बिजली कनेक्शन और अमृत जल योजना की पाइपलाइन पहले से मौजूद थी। कुछ रहवासियों का दावा है कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भी मकान स्वीकृत हुए थे। लोगों ने सवाल उठाया कि जब निर्माण हो रहा था, तब नगर निगम या राजस्व विभाग ने उन्हें क्यों नहीं रोका।

न्यूजीलैंड ने दूसरे टी-20 में साउथ अफ्रीका को हराया:6 खिलाड़ी दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर सके, सीरीज 1-1 से बराबर,

न्यूजीलैंड ने दूसरे टी-20 में साउथ अफ्रीका को हराया:6 खिलाड़ी दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर सके, सीरीज 1-1 से बराबर,

न्यूजीलैंड ने दूसरे टी-20 में साउथ अफ्रीका को 68 रन से हराकर सीरीज में वापसी कर ली है। इस जीत के साथ ही 5 मैचों की सीरीज अब 1-1 से बराबरी पर आ गई है। पहले मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने कीवी टीम को 91 रन पर ऑलआउट कर शानदार जीत हासिल की थी। 17 मार्च को हैमिल्टन में खेले गए मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले बॉलिंग का फैसला किया। न्यूजीलैंड ने 20 ओवर में छह विकेट पर 175 रन बनाए। इसके जवाब में साउथ अफ्रीका की टीम सिर्फ 107 रन पर ऑलआउट हो गई। सीरीज का तीसरा मैच 20 मार्च को ऑकलैंड में खेला जाएगा। कॉन्वे ने 60 रन बनाए न्यूजीलैंड के लिए टॉम लैथम ने पारी की शुरुआत की, लेकिन वह सिर्फ 11 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद टिम रॉबिन्सन 1, निक केली 21, कप्तान मिचेल सैंटनर 20 रन बनाकर आउट हो गए। हालांकि, ओपनर डेवोन कॉन्वे ने अर्धशतक लगाया। उन्होंने 49 गेंदों में 5 चौके और 2 छक्कों की मदद से 60 रन बनाए। इसके बाद आखिरी में कोल मैकॉन्ची और जोश क्लार्कसन ने टीम को 175 रन तक पहुंचा दिया। क्लार्कसन ने 9 बॉल पर नाबाद 26 रन बनाए। साउथ अफ्रीका के लिए ब्योर्न फोर्टुइन ने 2 विकेट लिए। जॉर्ज लिंडे, केशव महाराज, ब्योर्न हैंड्रिक्स और ओटनील बार्टमैन को 1-1 विकेट मिला। साउथ अफ्रीका 107 रन पर ऑलआउट 176 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी साउथ अफ्रीका की शुरुआत बेहद खराब रही। 67 के स्कोर पर आधी टीम पवेलियन लौट गई। जॉर्ज लिंडे ने सबसे ज्यादा 33 रन बनाए, जबकि 6 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके और साउथ अफ्रीका की पूरी टीम 16 ओवर में 107 रन पर ढेर हो गई।

24 घंटे में गारंटी के साथ पार्सल की डिलीवरी:देरी होने पर मिलेगा पूरा पैसा, डाक विभाग की 3 प्रीमियम सर्विस लॉन्च

24 घंटे में गारंटी के साथ पार्सल की डिलीवरी:देरी होने पर मिलेगा पूरा पैसा, डाक विभाग की 3 प्रीमियम सर्विस लॉन्च

अब आप इंडिया पोस्ट के जरिए अपने जरूरी डॉक्युमेंट्स या पार्सल 24 घंटे के अंदर भेज सकेंगे। भारतीय डाक विभाग ने आज 17 मार्च को 3 नई प्रीमियम सर्विस लॉन्च की हैं। इस सर्विस में डाक विभाग से आपको लिखित गारंटी मिलेगी। खास बात ये है कि अगर तय समय में डिलीवरी नहीं हुई तो ‘मनी-बैक गारंटी’ के तहत आपको पूरे पैसे वापस मिलेंगे। डाक विभाग की 3 नई सर्विस दिल्ली-मुंबई समेत 6 शहरों में पहले फेज की शुरुआत डाक विभाग ने इस सर्विस को फिलहाल देश के 6 प्रमुख मेट्रो शहरों में शुरू किया है। इनमें दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद शामिल हैं। इन शहरों में डिलीवरी के टाइमलाइन को पूरा करने के लिए विभाग ने अलग से प्रोसेसिंग यूनिट्स बनाई हैं और पार्सल भेजने के लिए हवाई जहाज का इस्तेमाल होगा। बिना OTP नहीं मिलेगा पार्सल, 4 खास फीचर्स सुरक्षा और टेक्नोलॉजी के मामले में भी डाक विभाग ने बड़ा अपग्रेड किया है: सिंधिया बोले- 30 लाख करोड़ का होगा ई-कॉमर्स मार्केट सर्विस लॉन्च करते हुए दिल्ली के आकाशवाणी भवन से ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि यह इंडिया पोस्ट के लिए बदलाव का समय है। उन्होंने बताया कि भारत का ई-कॉमर्स बाजार अभी करीब 11 लाख करोड़ रुपए का है, जिसके 2030 तक 3 गुना बढ़कर 30 लाख करोड़ रुपए होने की उम्मीद है। डाक विभाग इसी बढ़ते बाजार में अपनी हिस्सेदारी मजबूत करना चाहता है। सिंधिया ने कहा कि डाक विभाग अब आधुनिक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार है। बिजनेस के लिए ‘बुक नाऊ, पे लेटर’ की सुविधा छोटे और बड़े कारोबारियों को लुभाने के लिए विभाग ने कई खास फीचर्स दिए हैं। थोक शिपमेंट के लिए फ्री पिकअप की सुविधा मिलेगी। बिजनेस हाउसेस के लिए सेंट्रलाइज्ड बिलिंग और API इंटीग्रेशन जैसे ऑप्शन दिए गए हैं। इससे कंपनियां सीधे डाक विभाग के सिस्टम से जुड़कर अपने पार्सल ट्रैक और मैनेज कर सकेंगी। —————- ये खबर भी पढ़ें… गैस कनेक्शन बंद होने की खबरों पर सरकार की सफाई: कहा- सभी को e-KYC की जरूरत नहीं; केवल वे लोग कराएं जिनका रिकॉर्ड अधूरा केंद्र सरकार ने उन खबरों पर जवाब दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि अगर ग्राहकों ने e-KYC नहीं कराया, तो उनका गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि eKYC की जरूरत सिर्फ उन्हीं ग्राहकों को है, जिनका वेरिफिकेशन अब तक नहीं हुआ है। सरकार ने कहा कि यह कोई नया नियम नहीं है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जो जानकारी दी है, वह पुराने अभियान का ही हिस्सा है। इसका मकसद सिर्फ इतना है कि ज्यादा से ज्यादा गैस ग्राहक अपना बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करवा लें, ताकि सिस्टम में फर्जीवाड़ा न हो। पूरी खबर पढ़ें…

गैस कनेक्शन बंद होने की खबरों पर सरकार की सफाई:कहा- सभी को e-KYC की जरूरत नहीं; केवल वे लोग कराएं जिनका रिकॉर्ड अधूरा

गैस कनेक्शन बंद होने की खबरों पर सरकार की सफाई:कहा- सभी को e-KYC की जरूरत नहीं; केवल वे लोग कराएं जिनका रिकॉर्ड अधूरा

केंद्र सरकार ने उन खबरों पर जवाब दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि अगर ग्राहकों ने e-KYC नहीं कराया, तो उनका गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि eKYC की जरूरत सिर्फ उन्हीं ग्राहकों को है, जिनका वेरिफिकेशन अब तक नहीं हुआ है। सरकार ने कहा कि यह कोई नया नियम नहीं है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जो जानकारी दी है, वह पुराने अभियान का ही हिस्सा है। इसका मकसद सिर्फ इतना है कि ज्यादा से ज्यादा गैस ग्राहक अपना बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करवा लें, ताकि सिस्टम में फर्जीवाड़ा न हो। किसे करानी होगी e-KYC और किसे नहीं? घर बैठे कर सकते हैं eKYC ग्राहकों को बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के लिए गैस एजेंसी जाने की जरूरत नहीं है। मंत्रालय ने बताया कि eKYC की प्रक्रिया घर बैठे आसानी से और मुफ्त में पूरी की जा सकती है। ग्राहक संबंधित गैस कंपनी के मोबाइल एप के जरिए इसे खुद ही पूरा कर सकते हैं। eKYC के लिए सिर्फ ‘आधार कार्ड’ और ‘रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर’ की ही आवश्यकता होती है। फर्जी ग्राहकों और कालाबाजारी पर लगाम लगेगी सरकार का कहना है कि eKYC कराने का मुख्य उद्देश्य सिस्टम में पारदर्शिता लाना है। इससे ‘घोस्ट कंज्यूमर्स’ यानी उन फर्जी गैस कनेक्शनों को हटाने में मदद मिलती है जो किसी और के नाम पर चल रहे हैं। इसके अलावा इससे एलपीजी की कालाबाजारी रोकने में भी मदद मिलेगी। असल में कानून क्या कहता है? सुप्रीम कोर्ट के 2018 के फैसले के मुताबिक, सरकार सिर्फ उन्हीं सेवाओं या फायदों के लिए आधार अनिवार्य कर सकती है, जहां पैसा सीधे सब्सिडी के रूप में दिया जा रहा हो। गैस कनेक्शन अपने आप में कोई सब्सिडी नहीं है। कोई भी बाजार भाव पर कनेक्शन ले सकता है और करोड़ों लोग बिना किसी सरकारी मदद के पूरी कीमत चुकाकर गैस खरीदते हैं। ऐसे लोगों के लिए आधार बायोमेट्रिक अनिवार्य करने का कोई कानूनी आधार नहीं है। कानून कहता है कि e-KYC सिर्फ उनके लिए जरूरी है जो ‘उज्ज्वला’ या ‘पहल’ स्कीम के तहत सब्सिडी लेते हैं। बाकी सबके लिए यह अपनी मर्जी पर है। 2024 में भी बनी थी इसी तरह भ्रम की स्थिति यह भ्रम पहली बार नहीं फैलाया जा रहा है। जुलाई 2024 में गैस एजेंसियों ने अपना टारगेट पूरा करने के लिए उन ग्राहकों को कनेक्शन काटने की धमकी दी थी जो सब्सिडी नहीं लेते थे लेकिन e-KYC के लिए मना कर रहे थे। तब एक RTI के जवाब में HPCL ने कहा था कि उन्होंने ऐसी कोई अनिवार्य सूचना जारी नहीं की है। ईरान जंग की वजह से देश में LPG संकट अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत हो गई है। गैस एजेंसियों के बाहर लम्बी लाइनें हैं। गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी भी हो रही है। इस वजह से e-kyc से जुड़ी आई इन खबरों के बाद अफरा-तफरी जैसी स्थिति पैदा हो गई थी। हालांकि अब सरकार के स्पष्टिकरण के बाद स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। LPG सिलेंडर बुकिंग के नियम तीन बार बदले सप्लाई संकट की वजह होर्मुज स्ट्रेट का लगभग बंद होना भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बंद होना है। ये करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहा। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने निर्यात के लिए इसी पर निर्भर हैं। भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी रास्ते से मंगाता है। ईरान खुद इसी रूट से एक्सपोर्ट करता है। ये खबर भी पढ़े… कैफे ने नींबू पानी पर 5% गैस-क्राइसिस चार्ज वसूला:₹358 के बिल पर ₹17 एक्स्ट्रा लिए; यूजर्स बोले- इसे बनाने में कौन सी गैस लगती है देशभर में जारी LPG संकट के बीच बेंगलुरु के एक कैफे ने अपने ग्राहक को नींबू पानी के बिल पर 5% ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ (गैस संकट शुल्क) लगा दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कैफे की रसीद की फोटो वायरल होने के बाद लोग इस पर तरह-तरह की रिएक्शन दे रहे हैं। पूरी खबर पढ़े…

कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव में पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने पर ओडिशा के 3 विधायकों को निलंबित कर दिया | राजनीति समाचार

New Zealand vs South Africa Live Cricket Score, 2nd T20I: Stay updated with NZ vs SA Ball by Ball Match Updates and Live Scorecard from Hamilton. (Picture Credit: X@ICC)

आखरी अपडेट:मार्च 17, 2026, 13:41 IST पार्टी नेताओं ने कहा कि संगठन की विश्वसनीयता की रक्षा के लिए अनुशासनात्मक कदम जरूरी थे, खासकर राज्यसभा चुनाव के बाद। निलंबित विधायकों – रमेश जेना, सोफिया फिरदौस और दसरथी गमांग – पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में क्रॉस वोटिंग करने का आरोप था। (न्यूज़18) ओडिशा कांग्रेस ने पार्टी के भीतर अनुशासन लागू करने के उद्देश्य से हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने पर मंगलवार को अपने तीन विधायकों को निलंबित कर दिया। निलंबित विधायकों – रमेश जेना, सोफिया फिरदौस और दसरथी गमांग – पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में क्रॉस वोटिंग करने का आरोप लगाया गया था, जिस पर पार्टी नेतृत्व ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। निर्णय की घोषणा करते हुए, सुजीत पाढ़ी ने कहा कि यह कार्रवाई “अनुशासनहीनता” और पार्टी के निर्देशों के उल्लंघन पर की गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह के आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा क्योंकि यह पार्टी की सामूहिक रणनीति को कमजोर करता है। एक अलग कार्रवाई में, कटक शहर कांग्रेस अध्यक्ष गिरिबाला बेहरा को कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। पार्टी नेताओं ने कहा कि संगठन की विश्वसनीयता की रक्षा के लिए अनुशासनात्मक कदम आवश्यक थे, खासकर राज्यसभा चुनावों में राज्य इकाई के भीतर आंतरिक विभाजन उजागर होने के बाद। कांग्रेस ने आगामी राजनीतिक चुनौतियों से पहले एकता के महत्व पर भी जोर दिया और कहा कि क्रॉस-वोटिंग ने ओडिशा में पार्टी की स्थिति कमजोर कर दी है और सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाया है। ओडिशा राज्यसभा चुनाव परिणाम सत्तारूढ़ भाजपा ने सोमवार को द्विवार्षिक चुनावों में ओडिशा की चार राज्यसभा सीटों में से दो पर जीत हासिल की, जबकि विपक्षी बीजद और भगवा पार्टी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार ने एक-एक सीट हासिल की। भाजपा की ओडिशा इकाई के अध्यक्ष मनमोहन सामल और पार्टी के सांसद सुजीत कुमार ने चुनाव जीतने के लिए 35-35 वोट हासिल किए। बीजद के आधिकारिक उम्मीदवार संतरूप मिश्रा ने 31 वोट हासिल कर चुनाव जीत लिया। भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार और पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप रे ने दूसरी वरीयता के वोटों के माध्यम से चौथी सीट जीती, उन्होंने विपक्ष समर्थित उम्मीदवार दत्तेश्वर होता को हराया, जिन्हें बीजद, कांग्रेस और सीपीआई (एम) का समर्थन प्राप्त था। रे और होता दोनों प्रथम वरीयता के 23-23 वोट हासिल कर बराबरी पर थे। अधिकारी ने बताया कि बाद में दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती के बाद रे को विजेता चुना गया। चुनाव में विधानसभा के सभी 147 सदस्यों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चुनावों में क्रॉस-वोटिंग देखी गई, जिसमें कई विपक्षी विधायकों ने कथित तौर पर भाजपा उम्मीदवारों और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन किया। जबकि 147 सदस्यीय सदन में भाजपा और उसके समर्थित निर्दलीय विधायकों की संख्या 82 थी, भगवा पार्टी के उम्मीदवारों ने 93 प्रथम वरीयता वोट हासिल किए, जो विधानसभा में उसकी ताकत से 11 अधिक थे। अधिकारी ने कहा, ये 11 वोट बीजद (8) और कांग्रेस (3) विधायकों से आए। जगह : भुवनेश्वर, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 17, 2026, 12:55 IST समाचार राजनीति कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव में पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने पर ओडिशा के तीन विधायकों को निलंबित कर दिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)ओडिशा कांग्रेस निलंबन(टी)राज्यसभा चुनाव(टी)क्रॉस वोटिंग(टी)पार्टी अनुशासन(टी)बीजेपी समर्थित उम्मीदवार(टी)आंतरिक विभाजन(टी)ओडिशा की राजनीति(टी)पार्टी से निष्कासित सदस्य

रजनीकांत विवाद पर टीवीके नेता की टिप्पणी के बाद एनडीए-विजय गठबंधन की चर्चा पटरी से उतरी | राजनीति समाचार

New Zealand vs South Africa Live Cricket Score, 2nd T20I: Stay updated with NZ vs SA Ball by Ball Match Updates and Live Scorecard from Hamilton. (Picture Credit: X@ICC)

आखरी अपडेट:मार्च 17, 2026, 13:37 IST टीवीके नेता आधव अर्जुन की रजनीकांत के खिलाफ टिप्पणी के बाद तमिलनाडु चुनाव के लिए भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए और तमिलागा वेट्री कड़गम गठबंधन की अटकलें समाप्त हो गईं। पलानीस्वामी ने टीवीके नेता की रजनीकांत पर की गई टिप्पणी की आलोचना की है. (एक्स) सुपरस्टार रजनीकांत के खिलाफ एक टीवीके नेता की टिप्पणी पर विवाद के बाद आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए और अभिनेता से नेता बने विजय की तमिलगा वेट्री कड़गम (टीवीके) के बीच संभावित गठबंधन की अटकलें तेज हो गई हैं। यह विवाद तब शुरू हुआ जब टीवीके महासचिव आधव अर्जुन ने रजनीकांत के खिलाफ बेबाक टिप्पणी की, अन्नाद्रमुक और भाजपा नेताओं ने खुलेआम टीवीके पदाधिकारियों की आलोचना की। पंक्ति क्या है? 12 मार्च को राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्टी सदस्यों को संबोधित करते हुए, अर्जुन ने आरोप लगाया कि जब रजनीकांत ने राजनीति में प्रवेश करने की कोशिश की तो डीएमके ने उन्हें धमकी दी। अर्जुन ने कहा कि वह अभिनेता की आलोचना नहीं कर रहे थे बल्कि यह बताना चाहते थे कि टीवीके के संस्थापक विजय में इस तरह के दबाव को झेलने का साहस था। हालाँकि, उनकी टिप्पणियों की रजनी के प्रशंसकों, एनडीए नेताओं और डीएमके मंत्री सहित विभिन्न हलकों से सहज आलोचना हुई, जिन्होंने कहा कि टीवीके “सरासर झूठ” बोलकर राजनीतिक लाभ हासिल करने का प्रयास कर रहा था। एनडीए, डीएमके स्लैम टीवीके अन्नाद्रमुक प्रमुख एडप्पादी पलानीस्वामी ने टिप्पणियों को “राजनीतिक रूप से अशोभनीय” करार दिया और अभिनेता के राजनीति से दूर रहने के फैसले का बचाव किया और व्यक्तिगत पसंद के सम्मान का आह्वान किया। भाजपा नेता अन्नामलाई ने भी अर्जुन पर निशाना साधते हुए उनके दावों को ”भ्रम” बताया और रजनीकांत के दशकों लंबे करियर की प्रशंसा की। केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन ने अभिनेता की छवि खराब करने के प्रयास के लिए अर्जुन से माफी की मांग की। यह देखते हुए कि शीर्ष अभिनेता के राजनीति में प्रवेश नहीं करने के फैसले पर टीवीके महासचिव की टिप्पणी “अत्यधिक निंदनीय” थी, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु के लोग अर्जुन की अपने राजनीतिक एजेंडे की पूर्ति के लिए की गई टिप्पणियों को स्वीकार नहीं करेंगे। तमिलनाडु के मंत्री एस रेगुपति ने आरोप के लिए टीवीके पर हमला बोला और कहा कि विजय के नेतृत्व वाली पार्टी “झूठ” बोलकर राजनीतिक लाभ हासिल करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि रजनी द्रमुक के मित्र थे और उन्होंने पार्टी के लिए समर्थन जताया था। “रजनीकांत को धमकी नहीं दी जा सकती। हर कोई यह जानता है। यह कहना कि द्रमुक ने उन्हें धमकी दी है, सरासर झूठ है। विजय की पार्टी राजनीतिक लाभ लेने के लिए ऐसा कह रही है,” रेगुपति ने कहा और बताया कि 1996 के चुनाव में रजनी ने द्रमुक के समर्थन में आवाज उठाई थी। रजनीकांत की प्रतिक्रिया इसके अलावा, रजनीकांत ने मंगलवार को अर्जुन द्वारा उनके बारे में की गई ”अपमानजनक टिप्पणियों” की निंदा की और कहा कि ”समय इसका जवाब देगा।” एक्स पर एक संदेश में, अभिनेता ने अर्जुन की टिप्पणियों पर चिंता व्यक्त की और उन्हें “सच्चाई के विपरीत” कहा। उन्होंने उन राजनीतिक नेताओं, प्रशंसकों और मीडिया सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया जिन्होंने “अपमानजनक” टिप्पणियों की आलोचना की। “श्री आधव अर्जुन, जो टीवीके पार्टी (तमिलगा वेट्री कज़गम) में नेतृत्व की स्थिति रखते हैं, ने हाल ही में मेरे बारे में एक राय व्यक्त की जो सच्चाई के विपरीत थी। मैं तमिलनाडु विधानसभा के विपक्ष के माननीय नेता, श्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी, तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष श्री नैनार नागेंद्रन, केंद्रीय मंत्री श्री एल मुरुगन, तमिलनाडु के मंत्री श्री रघुपति, श्री थोल को हार्दिक धन्यवाद देना चाहता हूं। थिरुमावलवन, श्री एसपी वेलुमणि, मित्र श्री अन्नामलाई, श्री अर्जुनमूर्ति, श्री अंबुमणि रामदास, श्री जीके वासन, श्री जॉन पांडियन, श्री पुगलेंथी, और कई अन्य राजनीतिक नेता, श्री अमीर, श्री जी. धनंजयन, और फिल्म उद्योग के अन्य मित्र, श्री नक्खीरन गोपाल, चाणक्य श्री रंगराज पांडे, मीडिया के सदस्य, और मेरे प्रिय प्रशंसक (जिन्हें मैं भगवान मानता हूं) अभिनेता ने संदेश में लिखा, ”मैं जीवित हूं), उनकी अपमानजनक टिप्पणियों की निंदा करने और मेरे समर्थन में आवाज उठाने के लिए।” उन्होंने कहा, “समय बोलता नहीं, बल्कि इंतजार करता है और जवाब देता है।” क्या टीवीके एनडीए में शामिल होगा? यह विवाद उन खबरों के बीच आया है कि एनडीए आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए 80 सीटों और यहां तक ​​कि उपमुख्यमंत्री पद की पेशकश के साथ टीवीके के पास पहुंचा था। ऐसे भी दावे थे कि विजय ने बदले में मुख्यमंत्री का पद मांगा, हालांकि टीवीके नेताओं ने ऐसी किसी भी बातचीत से इनकार किया। टिप्पणियों पर तनाव बढ़ने के साथ, गठबंधन की चर्चा काफी हद तक कम हो गई है, कम से कम अभी के लिए। तमिलनाडु एक बहुकोणीय चुनावी मुकाबले की ओर बढ़ रहा है, जहां सत्तारूढ़ द्रमुक दूसरे कार्यकाल की तलाश में है, अन्नाद्रमुक-भाजपा गठबंधन वापसी का लक्ष्य बना रहा है, और विजय की टीवीके अपनी चुनावी शुरुआत की तैयारी कर रही है। अभिनेता-राजनेता सीमान के नाम तमिलर काची के भी दौड़ में प्रमुख खिलाड़ी होने की उम्मीद है। पहले प्रकाशित: मार्च 17, 2026, 13:37 IST समाचार राजनीति रजनीकांत विवाद पर टीवीके नेता की टिप्पणी के बाद एनडीए-विजय गठबंधन की चर्चा पटरी से उतर गई अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी-टीवीके गठबंधन(टी)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव(टी)विजय की तमिलागा वेट्री कड़गम(टी)रजनीकांत विवाद(टी)एआईएडीएमके आलोचना(टी)डीएमके प्रतिक्रिया(टी)राजनीतिक लाभ(टी)रजनीकांत की प्रतिक्रिया

युवक पर धर्मविरोधी रील बनाने का आरोप:हिंदू संगठनों ने सौंपा ज्ञापन, पहले भी कर चुका है टिप्पणी

युवक पर धर्मविरोधी रील बनाने का आरोप:हिंदू संगठनों ने सौंपा ज्ञापन, पहले भी कर चुका है टिप्पणी

दमोह जिले के पटेरा थाना क्षेत्र में एक युवक पर सोशल मीडिया पर धर्मविरोधी रील वायरल करने का आरोप लगा है। इसके विरोध में सोमवार रात हिंदू संगठनों ने पुलिस को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और गौ रक्षक सेवा समिति ने पटेरा थाने में यह ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देते हुए शिवा चौरसिया ने बताया कि पटेरा के वार्ड 13 निवासी समीर खांन नामक युवक ने सोशल मीडिया पर एक रील साझा की है। आरोप है कि इस रील में पाकिस्तान का समर्थन करते हुए हिंदुओं के खिलाफ धर्मविरोधी शब्दों का प्रयोग किया गया है। पहले भी टिप्पणी कर चुका है युवक संगठनों ने यह भी बताया कि समीर खांन ने पहले भी बागेश्वर धाम महाराज के विरुद्ध टिप्पणी की थी। उस समय शिकायत के बाद तत्कालीन थाना प्रभारी ने युवक को समझाकर माफी मंगवाई थी। हालांकि, अब उसने दोबारा धर्मविरोधी रील वायरल की है, जिस पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। पटेरा थाने में पदस्थ एसआई संतोष सिंह ने पुष्टि की कि हिंदू संगठनों द्वारा ज्ञापन दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर ठोस कार्रवाई की जाएगी। ज्ञापन सौंपते समय मोनू विश्वकर्मा, संस्कार सोनी, मोनू यादव, सौरव असाटी, मनीष खरे, छोटू साहू सहित कई अन्य सदस्य मौजूद थे।

राज्यसभा चुनाव: तेजस्वी यादव के समर्थकों पर जदयू का बड़ा बयान, एडी सिंह की हार का कारण कौन?

राज्यसभा चुनाव: तेजस्वी यादव के समर्थकों पर जदयू का बड़ा बयान, एडी सिंह की हार का कारण कौन?

बिहार के पांचवे संग्रहालय में मेहमानों की जीत हुई है। प्रतिभा से एडी सिंह उम्मीदवार थे लेकिन वे हार गए। रिजल्ट के बाद अधेड़ और तेज तर्रार यादव की ओर से लगाए गए कई गंभीर आरोप। इस बीच अब नामांकन की ओर से बड़ा बयान आया है. मंगलवार (17 मार्च, 2026) को मीडिया से बातचीत में नामांकित के प्रवक्ता नीरज कुमार ने करारा जवाब दिया। निरंजन ने कहा, “राज्यसभा चुनाव में राजाओं की शानदार विजय और शानदार कुमार की शानदार विजय हुई है, जिसका नेतृत्व तेजतेज यादव कर रहे थे।” आगे ने कहा, “वे बिहार से लड़के हो गए और हम पर आरोप लगाया गया कि उनकी बेइज्जती खत्म हो गई और धमाका हो गया, लेकिन उन्होंने ऐसा कोई प्रतीकात्मक पेश नहीं किया…:” #घड़ी | दिल्ली: जदयू नेता नीरज कुमार ने राज्यसभा चुनाव के बारे में कहा, “राज्यसभा चुनाव में एनडीए की शानदार जीत और विरासत की शर्मनाक जीत हुई है, जिसका नेतृत्व कर्ता युवा यादव कर रहे थे। वे बिहार से भाग गए थे और हम पर आरोप लगाया जा रहा है कि उनके संबंधों को डराया और धमाका किया गया है…” pic.twitter.com/PzRz6aXTne – ANI_हिन्दीन्यूज़ (@Aहिन्दीन्यूज़) 17 मार्च 2026 यह भी पढ़ें- राज्यसभा चुनाव रिजल्ट: बेटे निशांत ने पिता को दी ऐसी बधाई, बोले- ‘एक बेटे के रूप में…’ युवा यादव हार के कारण:नीरज कुमार नोएडा नेताओं ने आगे कहा, “आपकी अंशकालिक टीम एआईएमआईएम ने अपना उम्मीदवार नहीं बनाया और धनबल वाले को दावेदार बनाया…होटल के बिल का भुगतान किया?…गैस की दुकान की जो बात उठा रहे थे, वहां होटल में क्या लकड़ी के चूल्हे पर खाना मांगा गया? इन लोकप्रिय बातों की जानकारी दें…” नीरज कुमार ने कहा कि कांग्रेस पूर्व में भी कहा गया है कि युवा यादव हार के कारक हैं। उधर, नामांकन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा, “…कौन सा नेता आया या नहीं आया, उस पार्टी को देखना चाहिए। हमारे सभी स्वतंत्र नेता थे…” यह भी पढ़ें- बिहार में राज्यसभा चुनाव हारे वाले राजद के उम्मीदवार एडी सिंह का बड़ा बयान, कहा- ‘बड़ी सिंपल बात है…’ (टैग्सटूट्रांसलेट)राज्यसभा चुनाव(टी)राज्यसभा चुनाव 2026(टी)राज्यसभा चुनाव परिणाम 2026(टी)राज्यसभा चुनाव परिणाम(टी)जेडीयू(टी)तेजस्वी यादव(टी)आरजेडी(टी)एडी सिंह(टी)बीजेपी(टी)एनडीए(टी)कांग्रेस(टी)बिहार समाचार(टी)राज्यसभा चुनाव(टी)राज्यसभा चुनाव 2026(टी)राज्यसभा चुनाव परिणाम 2026(टी)राज्यसभा चुनाव परिणाम(टी)जदयू(टी)तेजस्वी यादव(टी)राजद(टी)एडी सिंह(टी)भाजपा(टी)एनडीए(टी)कांग्रेस(टी)बिहार समाचार(टी)राज्यसभा चुनाव बिहार(टी)बिहार(टी)बिहार समाचार(टी)बिहार की खबरें(टी)आज की खबरें

रात में दही खाना सही या गलत? एक्सपर्ट से समझें बीमार होने का पूरा सच

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X रात में दही खाना सही या गलत? एक्सपर्ट से समझें बीमार होने का पूरा सच   Health Tips : गर्मी के मौसम में दही खाना शरीर के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती है और यह शरीर को ठंडक देने के साथ पोषण भी देता है. विशेषज्ञों के अनुसार दही में प्रोटीन, कैल्शियम, फास्फोरस और विटामिन B12 जैसे जरूरी तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को ऊर्जा और ताकत देते हैं. यह शरीर में पानी की कमी को भी पूरा करने में मदद करता है. हालांकि दही का सेवन सीमित मात्रा में और दिन के समय करना बेहतर माना जाता है. रात में दही खाने से सर्दी-खांसी या पाचन से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं. साथ ही ज्यादा खट्टा या बासी दही खाने से पेट खराब होने का खतरा भी रहता है.