दत्तात्रेय होसबाले बोले- ईरान युद्ध पर भारत का स्टैंड सही:पानीपत में कहा- BJP ने RSS की विचारधारा अपनाई, बाकियों ने दरवाजे बंद किए

हरियाणा में चल रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के आखिरी दिन रविवार को सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने चर्चा में आए विषयों की जानकारी दी। उन्होंने मीडिया के कुछ सवालों के जवाब भी दिए। मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच ईरान को लेकर भारत के स्टैंड पर कहा कि भारत हित में सरकार सही कर रही है, ऐसा विश्वास है। उन्होंने कहा कि संघ पड़ोसी देशों के साथ बेहतर संबंधों पर जोर देता है। बांग्लादेश और नेपाल में सामाजिक और राजनीतिक उथल-पुथल के बाद नई सरकारें बनी हैं। दोनों देशों में शांति-स्थिरता और उनका भारत के साथ अच्छा संबंध पूरे एशिया के विकास और सुरक्षा के लिए जरूरी है। हालांकि, उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा पर भी चिंता जताई। होसबाले ने कहा कि RSS के कार्यकर्ता ही देशभक्त हैं, ऐसा संघ का कहना बिल्कुल भी नहीं है। RSS-BJP के संबंधों के सवाल पर बोले-भाजपा ने संघ की विचारधारा अपनाई, बाकियों ने अपने दरवाजे बंद कर दिए। आइए जानें होसबाले ने सवालों के क्या जवाब दिए…. सवाल- क्या आरएसएस के स्ट्रक्चरल बदलाव होने जा रहा है? जवाब: दायित्व में कुछ बदलाव होगा, तो उसके बारे में दोपहर के बाद घोषणा की जाएगी। कुछ चीजें सार्वजनिक की जाएंगी। सवाल: ईरान के प्रति भारत के स्टैंड पर संघ की क्या राय है? जवाब: जो हो रहा है उसमें संघ की भूमिका नहीं है। ऐसा विश्वास है कि भारत सरकार देश के हित में सही काम कर रही होगी। संघ चाहता है कि दुनिया में शांति हो। सवाल: संघ में मुस्लिम और महिलाओं को मेंबरशिप पर क्या स्टैंड है? जवाब: किसी भी मजहब का व्यक्ति यहां आ सकता है, भगवा झंडे को प्रणाम कर सकता है। मुस्लिम कार्यकर्ता पहले भी संघ में बहुत हैं। महिलाओं के संघ में भूमिका पर कहा कि सिर्फ शाखा की वर्किंग में महिलाएं शामिल नहीं होतीं, लेकिन संघ की अन्य और भी कार्य प्रणाली है जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हैं। सवाल: बेसहारा गोवंश को लेकर संघ क्या कर रहा है? जवाब: सरकार, नगर निगम लगातार प्रयास कर रही है। लेकिन लोगों को समझना होगा कि गाय सिर्फ दूध के लिए ही नहीं है, उनका मूत्र, गोबर भी बहुत उपयोगी है। इसीलिए उन्हें सड़कों पर बेसहारा नहीं छोड़ना चाहिए। सवाल: BJP से RSS का क्या संबंध है? जवाब: हमारी देश के लिए बहुत विचारधाराएं हैं। इन विचारधाराओं को सिर्फ BJP ने ही अपनाया। बाकी पार्टियों ने RSS के लिए दरवाजे बंद रखे। इसीलिए संघ के कई लोग राजनीति में उतरे और देश हित के विचारों को आगे बढ़ा रहे हैं। सवाल: UGC विवाद पर क्या बोले? जवाब: यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, इसीलिए संघ इस विषय पर अपने विचार नहीं रखेगा। कोर्ट के निर्णय के बाद ही संघ कुछ कह सकता है। सवाल: हरियाणा के पानीपत में हेडक्वार्टर बनाने पर क्या कहा? जवाब: यहां ग्राम विकास के कार्य हमेशा चलते रहते हैं। यहां अभी हम 3 साल बाद बैठक कर रहें हैं। संघ कार्यकर्ताओं ने अपने विचार रखने के लिए कई जगह बनाई हुई है। यहां हम मशरूम की खेती करते हैं। यहां बहुत से कोर्स चलते हैं। RSS की 3 दिवसीय सभा की अहम बातें… संघ ने अपने तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में आखिरी दिन कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव और सुझाव रखे। इनमें आरएसएस के दायित्व परिवर्तन भी शामिल रहा। आरएसएस के शताब्दी वर्ष (2025-26) की वार्षिक रिपोर्ट पेश की गई। यहां केरल और तमिलनाडु समेत दक्षिण के राज्यों और पूर्वोत्तर में संघ की गतिविधियों और सामने आई चुनौतियों का जिक्र किया गया। रिपोर्ट में बताया गया कि एक वर्ष में देश में संघ की 88,949 शाखाएं लगाई गईं। जो पिछले साल से 5,820 ज्यादा हैं। गुरु तेग बहादुर व संत शिरोमणि रविदास जयंती से मैसेज सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष में सिखों के नौवें गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व पर कई कार्यक्रम किए गए। वहीं संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं जयंती पर इस साल कार्यक्रम हो रहे हैं। यह समरता का संदेश है। 3 दिन में 32 संगठनों ने दिए सुझाव माधव सृष्टि में चल रहे तीन दिवसीय सभा के अंतिम दिन आरएसएस के सरसंघ चालक का संबोधन होगा। इससे पहले दो दिन में आरएसएस की विचारधारा से जुड़े 32 संगठनों ने सुझाव रखे। 1487 पदाधिकारियों ने यहां भाग लिया। संघ में बदलाव और अगले साल की योजना पर सहमति लेंगे बता दें कि संघ प्रमुख मोहन भागवत संघ के स्ट्रक्चरल बदलावों के साथ ही अगले एक साल तक होने वाले कार्यों को लेकर आज सभा से स्वीकृति लेंगे। हरियाणा में भी RSS का बड़ा केंद्र विकसित करने की तैयारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) उत्तर भारत के लिए हरियाणा में बड़ा केंद्र विकसित करने की तैयारी में है। इसका प्रस्ताव हरियाणा के पानीपत में चल रही अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में रखा जाएगा। पानीपत के पट्टीकल्याणा में बना माधव दृष्टि साधना केंद्र करीब 25 एकड़ में फैला है। इसे नागपुर मुख्यालय की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। रणनीतिक दृष्टि से अनुकूल होने के कारण संघ यहां से कई उत्तर भारतीय राज्यों को एक साथ साधने की तैयारी में है। दिल्ली से निकटता और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण माधव सृष्टि को और अधिक अपग्रेड किया जाएगा। 8 साल पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन राव भागवत ने पट्टीकल्याणा में सेवा साधना एवं ग्राम विकास केंद्र की आधारशिला रखी थी। उन राज्यों पर ध्यान, जिनमें BJP नहीं जीती आरएसएस प्रतिनिधि सभा के पहले दिन चर्चा के केंद्र में वो राज्य रहे, जिनमें BJP या तो कभी सत्ता में नहीं रही, या दमदार उपस्थिति नहीं है। संघ के शीर्ष नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया कि आगले दो वर्षों में मुख्य ध्यान चार राज्यों- केरल, तमिलनाडु, पंजाब और पश्चिम बंगाल पर केंद्रित रहेगा। इन राज्यों में संघ अपने कार्य विस्तार के लिए माइक्रो-मैनेजमेंट और नए सांगठनिक स्ट्रक्चर पर जोर दे रहा है। पंजाब में राष्ट्रीय सिख संगत को एक्टिव करेंगे आरएसएस पंजाब को एक चुनौती के रूप में ले रही है। वहां कभी भाजपा अपने दम पर सरकार नहीं बना सकती है। असल में पंजाब की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों में कट्टर हिंदुत्व की विचारधारा का सिखों के साथ
वर्ल्ड अपडेट्स:वेनेजुएला में अमेरिकी दूतावास पर 7 साल बाद अमेरिकी झंडा लहराया, राजनयिक संबंध बिगड़ने की वजह से बंद था

वेनेजुएला की राजधानी कराकस में अमेरिकी दूतावास पर 7 साल बाद फिर से अमेरिकी झंडा फहराया गया। अमेरिकी दूतावास ने बताया कि 12 मार्च 2019 को दोनों देशों के बीच राजनयिक रिश्ते खराब होने के कारण दूतावास बंद हो गया था। झंडा फहराने की यह घटना अमेरिका-वेनेजुएला संबंधों में हालिया नरमी का संकेत मानी जा रही है। दरअसल, इसी साल 4 जनवरी को अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद डेल्सी रोड्रिगेज को देश का कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया गया। झंडा फहराने के दौरान कई स्थानीय लोग वहां पहुंचे। कुछ लोगों ने इसे अच्छा कदम बताया और कहा कि इससे दूसरे देशों के साथ रिश्ते बेहतर हो सकते हैं। हालांकि देश में अब भी कुछ लोग अमेरिका के बढ़ते असर की आलोचना कर रहे हैं। उनका कहना है कि मादुरो को जबरन सत्ता से हटाना और उन्हें उनकी पत्नी के साथ न्यूयॉर्क की जेल में रखना गलत था। साथ ही वेनेजुएला के तेल उद्योग में बढ़ते अमेरिकी प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।
वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान में सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में 30% तक कटौती, नई गाड़ी खरीदने पर भी रोक

पाकिस्तान में बढ़ते फ्यूल संकट के बीच सरकार ने खर्च कम करने के लिए कई बड़े फैसले किए हैं। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया कि सरकारी कंपनियों और सरकार के अधीन स्वायत्त संस्थानों के कर्मचारियों की सैलरी में 5% से 30% तक कटौती की जाएगी। सरकार का कहना है कि इन कदमों से जो पैसा बचेगा, उसे लोगों को राहत देने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि अगले दो महीनों तक सरकारी गाड़ियों के लिए फ्यूल का इस्तेमाल 50% तक कम किया जाएगा और करीब 60% सरकारी वाहनों को सड़कों से हटा दिया जाएगा। इसके अलावा नई सरकारी गाड़ियां खरीदने पर रोक लगा दी गई है। मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों के विदेशी दौरों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है और सरकारी मीटिंग में मिलने वाली फीस भी खत्म करने का फैसला किया गया है। दरअसल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ने के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत करीब 55 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गई है। इसी वजह से सरकार फ्यूल की खपत कम करने और आर्थिक दबाव घटाने के लिए ये कदम उठा रही है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… वेनेजुएला में अमेरिकी दूतावास पर 7 साल बाद अमेरिकी झंडा लहराया, राजनयिक संबंध बिगड़ने की वजह से बंद था वेनेजुएला की राजधानी कराकस में अमेरिकी दूतावास पर 7 साल बाद फिर से अमेरिकी झंडा फहराया गया। अमेरिकी दूतावास ने बताया कि 12 मार्च 2019 को दोनों देशों के बीच राजनयिक रिश्ते खराब होने के कारण दूतावास बंद हो गया था। झंडा फहराने की यह घटना अमेरिका-वेनेजुएला संबंधों में हालिया नरमी का संकेत मानी जा रही है। दरअसल, इसी साल 4 जनवरी को अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद डेल्सी रोड्रिगेज को देश का कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया गया। झंडा फहराने के दौरान कई स्थानीय लोग वहां पहुंचे। कुछ लोगों ने इसे अच्छा कदम बताया और कहा कि इससे दूसरे देशों के साथ रिश्ते बेहतर हो सकते हैं। हालांकि देश में अब भी कुछ लोग अमेरिका के बढ़ते असर की आलोचना कर रहे हैं। उनका कहना है कि मादुरो को जबरन सत्ता से हटाना और उन्हें उनकी पत्नी के साथ न्यूयॉर्क की जेल में रखना गलत था। साथ ही वेनेजुएला के तेल उद्योग में बढ़ते अमेरिकी प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।
केरल विधानसभा चुनाव: CM विजयन को बुजुगों से बड़ी आस:राज्य में इन पर सबसे ज्यादा खर्च; इस चुनाव में 'कैश' स्कीम्स की भूमिका भी अहम

चुनावों में विचारधारा और कोर वोट बैंक बिना किसी तनाव के कैसे काम करते हैं, इसे गहराई से समझने के लिए केरल सबसे मुफीद राज्य है। यहां 140 सीटों पर विधानसभा चुनावों की घोषणा किसी भी वक्त हो सकती है, लेकिन इन दिनों कहीं भी चुनावी शोर नहीं है, क्योंकि यहां चुनाव विचारधारा ही लीड करती रही है। केरल के बुजुर्ग और महिलाएं इस विचारधारा को लीड करते हैं। बुजुर्ग एलडीएफ के कोर वोट बैंक की रीढ़ हैं। इसलिए विजयन सरकार अपनी कल्याणकारी योजनाओं का 48% पैसा इन्हीं पर खर्च कर रही है। देश का पहला ‘एल्डरली बजट’ इन्हीं के लिए लेकर आई। यही अहमियत महिलाओं की है। इसे ऐसे समझें… नेदुमकंदम गांव पहुंचा दैनिक भास्कर दैनिक भास्कर मध्य केरल के इडुक्की जिले के इलाइची उत्पादक गांव नेदुमकंदम पहुंचा। यह महिला प्रधान गांव है। यहां आय के दो सोर्स हैं। पहला इलाइची और दूसरा कल्याणकारी योजनाएं। जलवायु परिवर्तन के कारण इलाइची का आकार छोटा और रंग हल्का हो रहा है। इससे निर्यात पर असर पड़ा है और किसानों की आय पर भी। यहां के ग्रामीणों को 3 साल से वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) शासित पिनराई विजयन सरकार की योजनाओं से बहुत मदद मिली। लगभग हर परिवार कुदुम्बश्री जैसी देश की सबसे बड़ी स्व सहायता समूह और मुफ्त राशन किट योजनाओं से जुड़ा हुआ है।दैनिक भास्कर ने नेदुमकंदम की किसान रश्मिका वेल्लई (34) से बता की, उन्होंने बताया पहले हम सिर्फ इलाइची पर ही निर्भर थे। अब आत्मनिर्भर हैं। कुदुम्बश्री (करीब 45 लाख महिलाएं) ने घर बैठे कमाने का मौका दिया। देश-दुनिया से जोड़ा। मुफ्त राशन किट ने खर्च बचाया। और सरकार एक हजार रुपए महीना भी दे रही है। मां को पेंशन मिल रही है। अब हमें इलाइची की पैदावार घटने का डर नहीं है। इडुक्की में 43 फीसदी ईसाई आबादी, पहले कांग्रेस-UDF अब LDF का गढ़ इडुक्की में ईसाई आबादी (43.42%) है और 2016 से पहले यह कांग्रेस नीत यूडीएफ का गढ़ रहा है। लेकिन, 2021 में यहां की 5 में से 4 सीटें एलडीएफ ने जीती थीं। समाजशास्त्री, शोधकर्ता व कलाडी संस्कृत विश्वविद्यालय में प्रोफेसर डॉ. सुनील पी. एलाडियम बताते हैं कि राज्य में इस बार 1.38 करोड़ महिला वोटर हैं। 2021 में 1.41 करोड़ थीं। यानी पिछली बार से कम हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए पिछले साल वाम सरकार ने नकद राशि वाली योजना लॉन्च की। इस स्कीम से 31 लाख, कुदुम्बश्री से 45 लाख तो सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्कीम से 60 लाख महिलाएं सीधे तौर पर जुड़ी हैं। कुल महिला वोटर का करीब 73%। जनकल्याणकारी योजनाओं का 22% पैसा इन पर खर्च हो रहा है। इसी तरह, राज्य में 115 सीटें ऐसी हैं, जिन्हें मुख्य रूप से ग्रामीण या अर्ध शहरी माना जाता है। इनमें ग्राम पंचायतों का बड़ा हिस्सा होता है और जहां खेती, बागवानी और प्रवासी आय का प्रभाव ज्यादा रहता है। यही एलडीएफ का कोर वोट बैंक भी बन गया है। इसका कारण यह है कि यहां बुजुर्ग और महिलाओं की तादाद ज्यादा है। 98% महिलाओं के पास बैंक खाते हैं। यही वजह है कि कर्ज संकट के बावजूद सीएम पिनराई विजयन ने नकद स्कीम के लिए हर साल ₹3800 करोड़ का बोझ उठाया। शी-टैक्सी जैसी कुल 10 ऐसी योजनाएं हैं, जिनसे महिलाएं सीधे लाभान्वित हो रही हैं। युवाओं से ज्यादा हुए बुजुर्ग, 48% पैसा इन्हीं पर खर्च केरल में 2.69 करोड़ मतदाता हैं। इनमें 18-19 आयु वर्ग के नए युवा मतदाता 4-5 लाख के बीच हैं। जबकि 60 से 79 की उम्र वाले बुजुर्ग 53 लाख से ज्यादा हैं। इनमें भी ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में हैं, जहां एलडीएफ मजबूत है। इसीलिए चुनाव भी पेंशन, स्वास्थ्य सेवा और जीवन यापन की लागत जैसे मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमता है। इस बार भी एलडीएफ ने अपनी ज्यादातर कल्याणकारी योजनाओं के केंद्र में इन्हें ही रखा है। जनकल्याण का 48% पैसा बुजुर्गों पर ही खर्च हो रहा है। इनके लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन समेत करीब 46 हजार करोड़ की 4 योजनाएं चल रही हैं। भाजपा अर्ध शहरी तो कांग्रेस पुरानी सीटों पर दम लगा रही चुनाव पर बात नहीं, नेताओं से ज्यादा फिल्मों के पोस्टर भास्कर टीम ने एर्नाकुलम, इडुक्की, कोट्टायम, अलप्पुझा, पतनमतिट्टा जिलों के कुछ शहरी और ग्रामीण इलाकों में लोगों से केरल के नए नाम ‘केरलम’ पर बात की। एलेप्पी में हाउसबोट के मालिक त्रिवेंद्रम एस. ने सिर्फ इतना कहा- हमें फर्क नहीं पड़ता? एर्नाकुलम की जिस मरीन ड्राइव पर बीते दिनों एनडीए की रैली हुई, वहां घूम रहे 29 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर एस. सुरेश कहते हैं कि केरल की पहचान सामाजिक जागरुकता, साक्षरता है। केरलम का कहीं विरोध नहीं है। यह चुनावी मुद्दा है। यहां नेताओं से ज्यादा फिल्मों के पोस्टर मिलेंगे, क्योंकि लोग इसे समाज का आईना मानते हैं। फैशन को फॉलो नहीं करते। चुनाव यहां सामाजिक जिंदगी पर असर नहीं डालते। ………………… यह खबर भी पढ़ें… केरल चुनाव 2026, अबकी बार गठबंधन नहीं: चेहरों पर केंद्रित हो रहा चुनावी मुकाबला; पिनाराई सरकार अपने काम गिना रही केरल विधानसभा चुनाव महज दो-तीन महीने दूर है। लोगों ने चर्चा है कि क्या पिनराई विजयन के नेतृत्व वाला वाम मोर्चा (LDF ) तीसरी बार सत्ता में लौटकर इतिहास रचेगा या कांग्रेस नीत यूडीएफ को नेतृत्व की स्पष्टता और जमीनी सक्रियता का फायदा मिलेगा? नगर निकाय चुनाव में कई शहरी वार्डों में वोट शेयर बढ़ाने वाली भाजपा क्या असर डालेगी? पूरी खबर पढ़ें…
केरल विधानसभा चुनाव: CM विजयन को बुजुगों से बड़ी आस:राज्य में इन पर सबसे ज्यादा खर्च; इस चुनाव में 'कैश' स्कीम्स की भूमिका भी अहम

चुनावों में विचारधारा और कोर वोट बैंक बिना किसी तनाव के कैसे काम करते हैं, इसे गहराई से समझने के लिए केरल सबसे मुफीद राज्य है। यहां 140 सीटों पर विधानसभा चुनावों की घोषणा किसी भी वक्त हो सकती है, लेकिन इन दिनों कहीं भी चुनावी शोर नहीं है, क्योंकि यहां चुनाव विचारधारा ही लीड करती रही है। केरल के बुजुर्ग और महिलाएं इस विचारधारा को लीड करते हैं। बुजुर्ग एलडीएफ के कोर वोट बैंक की रीढ़ हैं। इसलिए विजयन सरकार अपनी कल्याणकारी योजनाओं का 48% पैसा इन्हीं पर खर्च कर रही है। देश का पहला ‘एल्डरली बजट’ इन्हीं के लिए लेकर आई। यही अहमियत महिलाओं की है। इसे ऐसे समझें… नेदुमकंदम गांव पहुंचा दैनिक भास्कर दैनिक भास्कर मध्य केरल के इडुक्की जिले के इलाइची उत्पादक गांव नेदुमकंदम पहुंचा। यह महिला प्रधान गांव है। यहां आय के दो सोर्स हैं। पहला इलाइची और दूसरा कल्याणकारी योजनाएं। जलवायु परिवर्तन के कारण इलाइची का आकार छोटा और रंग हल्का हो रहा है। इससे निर्यात पर असर पड़ा है और किसानों की आय पर भी। यहां के ग्रामीणों को 3 साल से वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) शासित पिनराई विजयन सरकार की योजनाओं से बहुत मदद मिली। लगभग हर परिवार कुदुम्बश्री जैसी देश की सबसे बड़ी स्व सहायता समूह और मुफ्त राशन किट योजनाओं से जुड़ा हुआ है।दैनिक भास्कर ने नेदुमकंदम की किसान रश्मिका वेल्लई (34) से बता की, उन्होंने बताया पहले हम सिर्फ इलाइची पर ही निर्भर थे। अब आत्मनिर्भर हैं। कुदुम्बश्री (करीब 45 लाख महिलाएं) ने घर बैठे कमाने का मौका दिया। देश-दुनिया से जोड़ा। मुफ्त राशन किट ने खर्च बचाया। और सरकार एक हजार रुपए महीना भी दे रही है। मां को पेंशन मिल रही है। अब हमें इलाइची की पैदावार घटने का डर नहीं है। इडुक्की में 43 फीसदी ईसाई आबादी, पहले कांग्रेस-UDF अब LDF का गढ़ इडुक्की में ईसाई आबादी (43.42%) है और 2016 से पहले यह कांग्रेस नीत यूडीएफ का गढ़ रहा है। लेकिन, 2021 में यहां की 5 में से 4 सीटें एलडीएफ ने जीती थीं। समाजशास्त्री, शोधकर्ता व कलाडी संस्कृत विश्वविद्यालय में प्रोफेसर डॉ. सुनील पी. एलाडियम बताते हैं कि राज्य में इस बार 1.38 करोड़ महिला वोटर हैं। 2021 में 1.41 करोड़ थीं। यानी पिछली बार से कम हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए पिछले साल वाम सरकार ने नकद राशि वाली योजना लॉन्च की। इस स्कीम से 31 लाख, कुदुम्बश्री से 45 लाख तो सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्कीम से 60 लाख महिलाएं सीधे तौर पर जुड़ी हैं। कुल महिला वोटर का करीब 73%। जनकल्याणकारी योजनाओं का 22% पैसा इन पर खर्च हो रहा है। इसी तरह, राज्य में 115 सीटें ऐसी हैं, जिन्हें मुख्य रूप से ग्रामीण या अर्ध शहरी माना जाता है। इनमें ग्राम पंचायतों का बड़ा हिस्सा होता है और जहां खेती, बागवानी और प्रवासी आय का प्रभाव ज्यादा रहता है। यही एलडीएफ का कोर वोट बैंक भी बन गया है। इसका कारण यह है कि यहां बुजुर्ग और महिलाओं की तादाद ज्यादा है। 98% महिलाओं के पास बैंक खाते हैं। यही वजह है कि कर्ज संकट के बावजूद सीएम पिनराई विजयन ने नकद स्कीम के लिए हर साल ₹3800 करोड़ का बोझ उठाया। शी-टैक्सी जैसी कुल 10 ऐसी योजनाएं हैं, जिनसे महिलाएं सीधे लाभान्वित हो रही हैं। युवाओं से ज्यादा हुए बुजुर्ग, 48% पैसा इन्हीं पर खर्च केरल में 2.69 करोड़ मतदाता हैं। इनमें 18-19 आयु वर्ग के नए युवा मतदाता 4-5 लाख के बीच हैं। जबकि 60 से 79 की उम्र वाले बुजुर्ग 53 लाख से ज्यादा हैं। इनमें भी ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में हैं, जहां एलडीएफ मजबूत है। इसीलिए चुनाव भी पेंशन, स्वास्थ्य सेवा और जीवन यापन की लागत जैसे मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमता है। इस बार भी एलडीएफ ने अपनी ज्यादातर कल्याणकारी योजनाओं के केंद्र में इन्हें ही रखा है। जनकल्याण का 48% पैसा बुजुर्गों पर ही खर्च हो रहा है। इनके लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन समेत करीब 46 हजार करोड़ की 4 योजनाएं चल रही हैं। भाजपा अर्ध शहरी तो कांग्रेस पुरानी सीटों पर दम लगा रही चुनाव पर बात नहीं, नेताओं से ज्यादा फिल्मों के पोस्टर भास्कर टीम ने एर्नाकुलम, इडुक्की, कोट्टायम, अलप्पुझा, पतनमतिट्टा जिलों के कुछ शहरी और ग्रामीण इलाकों में लोगों से केरल के नए नाम ‘केरलम’ पर बात की। एलेप्पी में हाउसबोट के मालिक त्रिवेंद्रम एस. ने सिर्फ इतना कहा- हमें फर्क नहीं पड़ता? एर्नाकुलम की जिस मरीन ड्राइव पर बीते दिनों एनडीए की रैली हुई, वहां घूम रहे 29 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर एस. सुरेश कहते हैं कि केरल की पहचान सामाजिक जागरुकता, साक्षरता है। केरलम का कहीं विरोध नहीं है। यह चुनावी मुद्दा है। यहां नेताओं से ज्यादा फिल्मों के पोस्टर मिलेंगे, क्योंकि लोग इसे समाज का आईना मानते हैं। फैशन को फॉलो नहीं करते। चुनाव यहां सामाजिक जिंदगी पर असर नहीं डालते। ………………… यह खबर भी पढ़ें… केरल चुनाव 2026, अबकी बार गठबंधन नहीं: चेहरों पर केंद्रित हो रहा चुनावी मुकाबला; पिनाराई सरकार अपने काम गिना रही केरल विधानसभा चुनाव महज दो-तीन महीने दूर है। लोगों ने चर्चा है कि क्या पिनराई विजयन के नेतृत्व वाला वाम मोर्चा (LDF ) तीसरी बार सत्ता में लौटकर इतिहास रचेगा या कांग्रेस नीत यूडीएफ को नेतृत्व की स्पष्टता और जमीनी सक्रियता का फायदा मिलेगा? नगर निकाय चुनाव में कई शहरी वार्डों में वोट शेयर बढ़ाने वाली भाजपा क्या असर डालेगी? पूरी खबर पढ़ें…
दमोह रेलवे ट्रैक पर मिला युवक का शव:भाई ने बताया रात शादी में शामिल हुआ था, वृंदावन में मजदूरी करता था

दमोह कोतवाली थाना क्षेत्र के फुटेरा फाटक रेलवे ट्रैक पर रविवार सुबह एक युवक का शव मिला। युवक की मौत ट्रेन से कटकर होने की आशंका है। सूचना मिलने पर परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल के शवगृह में रखवाया है। मृतक की पहचान फुटेरा वार्ड चार, कछियाना मोहल्ला निवासी मनीष पटेल (38) पुत्र अनंत राम पटेल के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि मनीष पिछले आठ सालों से मथुरा-वृंदावन में मजदूरी करता था और होली के त्योहार पर कुछ दिन पहले ही घर आया था। भाई ने बताया रात में शादी में शामिल हुआ था मृतक के भाई जितेंद्र पटेल ने जानकारी दी कि शनिवार रात मनीष परिवार के साथ एक शादी समारोह में शामिल हुआ था। रविवार सुबह करीब 4 बजे उसका शव रेलवे ट्रैक पर मिला। उन्हें भी घटना के कारणों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मनीष अविवाहित था। कोतवाली में पदस्थ एसआई सियाराम सिंह ने बताया कि रेलवे ट्रैक पर शव मिलने की सूचना पर पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है।
ईरान बोला- नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई पूरी तरह ठीक:उन्हें कोई चोट नहीं; ट्रम्प बोले- बाकी देश भी होर्मुज स्ट्रेट की जिम्मेदारी लें

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 16वां दिन है। इस बीच ईरान ने कहा है कि देश के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई पूरी तरह ठीक हैं और उन्हें कोई चोट नहीं लगी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि खामेनेई सामान्य रूप से अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं। इससे पहले ब्रिटिश मीडिया द सन ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि मुजतबा 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के हमले में घायल हो गए थे। इसके बाद से वे कोमा में हैं और उनका एक पैर भी काटना पड़ा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ने भी कहा था कि मुजतबा घायल हो गए हैं। हालांकि अराघची ने इन दावों को खारिज कर दिया है। इस बीच ट्रम्प ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से तेल लेने वाले देशों को इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अमेरिका अन्य देशों के साथ मिलकर इस रास्ते को सुरक्षित रखने के लिए काम करेगा। होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल का व्यापार होता है। LPG ला रहे 2 भारतीय जहाजों ने होर्मुज पार किया खाड़ी देशों से LPG लेकर आ रहे भारत के दो जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर गए हैं। ईरान ने एक दिन पहले इन जहाजों को गुजरने की अनुमति दी थी और अब ये भारत के पश्चिमी तट की ओर बढ़ रहे हैं। शिपिंग जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा के मुताबिक भारतीय झंडे वाले LPG कैरियर शिवालिक और नंदा देवी ने शनिवार होर्मुज स्ट्रेट पार किया। दोनों जहाज कुल 92,700 टन LPG लेकर भारत आ रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि दोनों जहाज गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाह की ओर जा रहे हैं और इनके अगले 2–3 दिनों में भारत पहुंचने की संभावना है। ये दोनों जहाज उन 24 जहाजों में शामिल थे, जो मिडिल-ईस्ट में जंग शुरू होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से में फंस गए थे। इससे पहले भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने शुक्रवार को कहा था कि ईरान ने कई भारतीय जहाजों को इस जलमार्ग से गुजरने की अनुमति दी है, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि कुल कितने जहाजों को अनुमति दी गई। इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें… अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
नेशनल हाईवे पर हादसा:बिजासन घाट में डिवाइडर पर चढ़ा ट्रेलर, चार किमी जाम

बिजासन घाट नेशनल हाईवे-52 पर बिजासन घाट क्षेत्र में शनिवार दोपहर करीब 2 बजे तेज रफ्तार ट्रेलर डिवाइडर पर चढ़ गया। इससे सेंधवा की ओर आने वाली लेन में यातायात बाधित हो गया और वाहन धीमी गति से निकलने लगे। कुछ ही देर में वाहनों की कतार करीब चार किमी तक पहुंच गई। ट्रेलर (सीजी 10बी 4914) महाराष्ट्र से सीमेंट खाली कर लौट रहा था। सूचना मिलते ही बिजासन चौकी प्रभारी रोहित पाटीदार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। क्रेन की मदद से करीब एक घंटे में ट्रेलर हटाया गया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सुचारू हो गया। क्रेन बुलाकर हटवाया ट्रेलर जाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात व्यवस्था संभाली। क्रेन की मदद से ट्रेलर को डिवाइडर से हटाया गया। इस दौरान प्रधान आरक्षक मकसूद खान, मुकेश यादव, आरक्षक नारायण पाटीदार, राकेश सिलोजे और हाईवे पेट्रोलिंग के दिनेश चौहान व दिलीप साहू मौजूद रहे।
लेफ्टिनेंट कर्नल की याचिका पर सुनवाई:कोर्ट ने कहा-आपसी सहमति से बने संबंध को नहीं माना जा सकता रेप; एफआईआर रद्द

वो युवती जो कि पहले तो लव रिलेशन में रहती है,आपसी सहमति से संबंध बनाती है, और फिर बाद में रेप का आरोप लगाते हुए पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाती है, उसे रेप की श्रेणी में नही माना जा सकता है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि आपसी सहमति से बने संबंध को रेप नहीं माना जा सकता है। कोर्ट ने महिला की शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर को रद्द करते हुए कहा कि दोनों के बीच लंबे समय तक आपसी सहमति से संबंध बने थे। आरोप एमपी पुलिस में पदस्थ एक महिला पुलिस आरक्षक ने सेना में पदस्थ लेफ्टिनेंट कर्नल पर लगाए थे। शनिवार को कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद चार्जशीट को भी कोर्ट ने निरस्त कर दिया है। 13 साल तक रिलेशनशिप में रही युवती एमपी पुलिस में पदस्थ एक महिला आरक्षक ने एफआईआर दर्ज करवाते हुए आरोप लगाया कि वह सेना में पदस्थ लेफ्टिनेंट कर्नल वरुण प्रताप सिंह के साथ 13 साल तक रिलेशनशिप में रही है। वह कहता था कि पत्नी बेकार है, तलाक होते ही तुमसे शादी कर लूंगा। मध्यप्रदेश पुलिस में कॉन्स्टेबल शीना (परिवर्तित नाम) ने सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल वरुण प्रताप सिंह के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कराया। महिला का कहना था कि – मेरी वरुण ही नहीं, उसके मम्मी-पापा और भाई-बहन से भी बातचीत होती थी। दोनों के परिवारों के बीच संबंध मजबूत हो गए। वरुण ने कहा था कि जल्द ही हम शादी कर लेंगे, इसलिए मैं उसके साथ रिलेशन में आ गई। ऐसे ही समय बीतता गया, लेकिन भोपाल से ट्रांसफर के दौरान मुझे पता चला कि उसकी शादी तो पहले ही हो चुकी है। बच्चा भी है। अलग-अलग नामों से अकाउंट, कई लड़कियों से दोस्ती शीना ने पुलिस को एफआईआर में बताया कि वरुण की पोस्टिंग असम में हो गई थी। बाद में पता चला कि वहां एक असमिया लड़की से भी उसकी दोस्ती हो गई। उससे पूछा तो वो टालता रहा। इस बीच पता चला कि वरुण नाम से सोशल मीडिया पर आईडी तो है ही, साथ ही एक आईडी आदित्य प्रताप और एक आदित्य राज नाम से भी बना रखी है। इसमें उसकी फोटो लगी है, चैटिंग भी करता रहता है। इन सोशल मीडिया अकाउंट का उपयोग वह नई-नई लड़कियों को तलाशने और उन्हें अपने प्रभाव में लेने के लिए करता है। हनी ट्रैप का शिकार हो सकता है वरुण शीना ने अपनी एफआईआर में बताया कि वरुण सेना की जिम्मेदारी वाली नौकरी में रहकर कई सोशल मीडिया अकाउंट चला रहा है, यह खतरनाक हो सकता है। वो लड़कियों की फोटो लगी आईडी से आने वाली अनजान रिक्वेस्ट पर रिस्पॉन्स करता है। चैटिंग करने लगता है। मुझे डर है कि जिस तरह की उसकी एक्टिविटी है, वह आसानी से हनी ट्रैप का शिकार हो सकता है या हो चुका होगा। वरुण ने जो काम भोपाल में किया, वही असम में किया। पठानकोट जैसी संवेदनशील पोस्टिंग में रहते हुए भी उसकी आदत नहीं सुधरी। सेना को इसकी जांच करानी चाहिए, मैंने इसकी शिकायत भी की है। जिला कोर्ट ने याचिका खारिज की युवती की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। भोपाल कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई तो, वरुण की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। पीड़िता के वकील ने आरोपी की जमानत याचिका पर आपत्ति लगाते हुए अदालत को बताया कि यदि उन्हें जमानत मिलती है तो वो सबूतों को मिटा सकते हैं। साक्ष्यों को प्रभावित कर सकते हैं। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी की याचिका खारिज कर दी। आपसी संबंध रेप की श्रेणी नहीं मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने करीब 13 साल तक चले आपसी संबंधों को दुष्कर्म की श्रेणी में रखने से इनकार करते हुए सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल के खिलाफ दर्ज एफआईआर और चार्जशीट को निरस्त कर दिया है। जस्टिस विनय सराफ की एकलपीठ ने मामले पर सुनवाई की है। महिला पुलिस आरक्षक ने याचिका पर बताया कि सेना अधिकारी ने स्वयं को अविवाहित बताते हुए उससे विवाह का वादा किया और इसी भरोसे पर दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया। कोर्ट ने पाया कि दोनों के बीच लंबे समय तक आपसी सहमति से संबंध रहे, इसलिए इसे दुष्कर्म की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। इसी आधार पर अदालत ने दर्ज एफआईआर और चार्जशीट को रद्द कर दिया।
मुजरबानी पर PCB केस करेगा, IPL के लिए PSL छोड़ा:जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज KKR से जुड़े, मुस्तफिजुर रहमान को रिप्लेस किया

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी पर एग्रीमेंट तोड़ने का केस करने की तैयारी कर रहा है। शनिवार को न्यूज एजेंसी PTI ने पाकिस्तानी बोर्ड के सूत्रों के हवाले से लिखा- PCB के कानूनी विभाग को जिम्बाब्वे के इस तेज गेंदबाज के खिलाफ मामला दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज मुजरबानी ने पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) की फ्रेंचाइजी इस्लामाबाद यूनाइटेड के एग्रीमेंट को छोड़कर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ करार किया है। एक दिन पहले शक्रवार को KKR ने बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान के रिप्लेसमेंट के रूप में मुजरबानी को अपने साथ जोड़ने का ऐलान किया था। जिन्हें BCCI के निर्देश के बाद फ्रेंचाइजी ने रिलीज कर दिया था। KKR ने इस पोस्ट के जरिए मुजरबानी को अपने साथ जोड़ने का ऐलान किया… PCB के सूत्र ने कहा- पिछले साल से भारत और पाकिस्तान की क्रिकेट लीग एक ही समय पर हो रहे हैं। ऐसे में हम खिलाड़ियों को संदेश देना चाहते हैं कि अगर वे PSL खेलने का वादा करते हैं तो फिर वे अनुबंध तोड़कर IPL की किसी फ्रेंचाइजी से नया करार नहीं कर सकते। इस्लामाबाद यूनाइटेड ने मुजरबानी को वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शमार जोसेफ के रिप्लेसमेंट के तौर पर टीम में शामिल किया था। मुजरबानी टी-20 वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे के टॉप विकेट टेकर रहे। उन्होंने 6 मैच में 13 विकेट झटके। कॉर्बिन बॉश पर एक साल का प्रतिबंध लगाया था मुजरबानी पहले खिलाड़ी नहीं हैं, जिनके खिलाफ एग्रीमेंट तोड़ने पर लीगल एक्शन हो रहा है। पिछले साल साउथ अफ्रीका के कॉर्बिन बॉश ने पहले पाकिस्तानी लीग में पेशावर जालमी के साथ समझौता किया था। फिर बॉश एक चोटिल खिलाड़ी की जगह मुंबई इंडियंस से जुड़े गए थे। उन्हें एक सीजन के लिए PSL से प्रतिबंधित कर दिया गया था। बॉश ने पाकिस्तानी बोर्ड से माफी मांगी थी और बोर्ड ने उनसे हर्जाने की मांग भी की थी। टी-20 इंटरनेशनल में मुजरबानी का प्रदर्शन मेंडिस और ओवन ने भी PSL छोड़ा था इसी तरह श्रीलंका के कुसल मेंडिस और ऑस्ट्रेलिया के मिचेल ओवन ने भी पेशावर जालमी के लिए कुछ मैच खेले थे। पिछले साल मई में भारत-पाकिस्तान तनाव के कारण लीग कुछ दिनों के लिए स्थगित हुई तो दोनों खिलाड़ी बाद में IPL से जुड़ गए थे। ————————————————– मुजरबानी से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… जिम्बाब्वे के ब्लेसिंग मुजरबानी KKR की टीम में शामिल, फ्रेंचाइजी ने IPL 2026 से पहले साइन किया कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने IPL-2026 से पहले जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी को अपनी टीम में शामिल किया है। फ्रेंचाइजी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। 29 साल के इस तेज गेंदबाज ने टी-20 वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे की ओर से 13 विकेट झटके थे। वे अपनी टीम के टॉप विकेट टेकर्स रहे हैं। जिम्बाब्वे की टीम सुपर-8 स्टेज तक पहुंची थी। पढ़ें पूरी खबर






