गंभीर बोले-भारत सिर्फ घरेलू पिचों पर 200+ रन नहीं बनाता:लग गया था कि संजू बेहतर करेगा; आंकड़े नहीं, अंतरात्मा की आवाज पर चलता हूं

टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत की जीत के बाद हेड कोच गौतम गंभीर ने कई मुद्दों पर बात की। न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में उन्होंने भारतीय पिचों पर उठे सवालों का जवाब देते हुए कहा कि टी-20 बैटर्स का खेल है और भारत ने विदेशों में भी 200 से ज्यादा स्कोर बनाया है। भारत ने ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका में भी ऐसा स्कोर बनाया है। गंभीर ने अपनी कार्यशैली पर बात करते हुए कहा कि वह फैसले लेते समय डेटा से ज्यादा अपनी समझ और अंतरात्मा की आवाज पर भरोसा करते हैं। उन्होंने संजू सैमसन को लगातार मौका देने की वजह, अपनी नियुक्ति और टीम के भविष्य पर भी चर्चा की। साथ ही पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद के ट्रॉफी को मंदिर ले जाने पर दिए बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। ‘भारत में विकेट तैयार करने का आरोप गलत’ टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान भारतीय पिचों को लेकर उठे सवालों पर टीम इंडिया के हेड कोच ने कहा कि भारत अपने फायदे के लिए पिच तैयार करता है, यह आरोप गलत है और अक्सर ऐसे बयान विवाद और टीआरपी के लिए दिए जाते हैं। गंभीर के मुताबिक टी-20 क्रिकेट अब बैटर्स का खेल बन चुका है और दुनियाभर में बड़े स्कोर बन रहे हैं। भारत ने ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका जैसे देशों में भी 200 से ज्यादा रन बनाए हैं, इसलिए इसे सिर्फ घरेलू पिचों से जोड़ना सही नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि ICC टूर्नामेंट में पिचों की जिम्मेदारी इंटरनेशन क्रिकेट काउंसिल की होती है, BCCI की नहीं। इसलिए भारत के लिए विकेट तैयार करने का सवाल ही नहीं उठता। गंभीर ने कोलंबो में पाकिस्तान के खिलाफ मैच का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ने वहां करीब 180 रन बनाए थे, जबकि बाकी टीमें उसी पिच पर करीब 140 रन तक ही पहुंच सकीं, लेकिन तब किसी ने पिच पर सवाल नहीं उठाए। टी-20 मैच में दर्शक बड़े स्कोर देखना चाहते हैं। यही वजह है कि ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका में भी हाई स्कोरिंग मैच आम हो गए हैं। ‘डेटा नहीं, अपनी समझ पर भरोसा करता हूं’ गंभीर का कहना है, ‘कोच के तौर पर फैसले लेते समय मैं डेटा से ज्यादा अपनी समझ पर भरोसा करता हूं। हर कोच की टीम को लेकर अपनी अलग सोच और नजरिया होता है।’ गंभीर ने कहा कि अगर मुझे लगता है कि कोई फैसला टीम के लिए सही है तो उस पर कायम रहता हूं और गलत साबित होने पर जिम्मेदारी भी स्वीकारता हूं। टीम का खेल, व्यवहार और माहौल मेरी अपनी सोच और विजन का हिस्सा है, जबकि भविष्य में आने वाला कोच अपनी सोच के साथ टीम को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर मैं वीवीएस लक्ष्मण और अजीत अगरकर जैसे अनुभवी लोगों से क्रिकेट पर चर्चा करता हूं। संजू सैमसन पर बोले- फॉर्म अस्थायी है न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में खराब प्रदर्शन के बावजूद संजू सैमसन को वर्ल्ड कप टीम में बनाए रखने पर गंभीर ने कहा, ‘मैंने उन्हें इसलिए रखा, क्योंकि मुझे पता था कि संजू टीम के लिए बहुत कुछ कर सकते हैं। न्यूजीलैंड सीरीज में उनका दौर खराब था, लेकिन फॉर्म हमेशा एक जैसी नहीं रहता। उन्हें एक ब्रेक की जरूरत थी, जो हमने दिया। जिस खिलाड़ी ने टी-20 में 3 शतक लगाए हों, उसके टैलेंट पर शक नहीं किया जा सकता।’ संजू ने टूर्नामेंट में 321 रन बनाकर विराट कोहली (2014) का रिकॉर्ड तोड़ दिया। वह प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ करो या मरो मैच में नाबाद 97 रन और उसके बाद सेमीफाइनल में 89 और फाइनल में 89 की पारी खेली थी। गंभीर ने कीर्ति आजाद के बयान की आलोचना की गंभीर ने कहा कि टी-20 वर्ल्ड कप जीत खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत का नतीजा है। खिलाड़ियों ने काफी दबाव झेला और फिर यह सफलता हासिल की। ऐसे में इस तरह के बयान देना अपने ही खिलाड़ियों और टीम का अपमान करने जैसा है। दरअसल, भारत ने नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता। इसके बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव, कोच गौतम गंभीर और ICC प्रमुख जय शाह अहमदाबाद के हनुमान मंदिर में आशीर्वाद लेने पहुंचे और ट्रॉफी भी साथ ले गए। इस पर 1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य और टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि खेल किसी धर्म या जाति से जुड़ा नहीं होता और यह जीत पूरे देश की है, इसलिए ट्रॉफी को मंदिर ले जाना सही नहीं है। आजाद के इस बयान की पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के मंदिर जाने को राजनीति से जोड़ना गलत है और एक पूर्व क्रिकेटर से ऐसी टिप्पणी की उम्मीद नहीं थी। आजाद ने गौतम गंभीर बयान पर बुधवार को प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि खिलाड़ियों का अपमान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को भी अपने स्तर और स्थिति का ध्यान रखना चाहिए। भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां सभी धर्मों के लोग रहते हैं और सभी का सम्मान किया जाना चाहिए। अगला लक्ष्य: वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का खिताब जीतना टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने अब अपना अगला लक्ष्य तय कर लिया है। उन्होंने कहा कि अगला टारगेट भारत को ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के फाइनल तक पहुंचाना और खिताब जीतना है। भारत ने पिछले दो साल में 4 ICC व्हाइट बॉल ट्रॉफी जीती हैं। 2024 टी-20 वर्ल्ड कप, 2025 एशिया कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 टी20 वर्ल्ड कप। लेकिन टीम अभी तक वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब नहीं जीत पाई है। गंभीर ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट मेरे दिल के बहुत करीब है और अब पूरा ध्यान वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने पर होगा। अभी भारत को करीब 9 टेस्ट मैच खेलने हैं और टीम रेड-बॉल क्रिकेट में युवा खिलाड़ियों को मौका देती रहेगी। उन्होंने माना कि टेस्ट क्रिकेट आसान नहीं होता, खासकर तब जब टीम बदलाव के दौर से गुजर रही हो, लेकिन खिलाड़ियों को लगातार समर्थन दिया जाएगा, ताकि टीम बेहतर प्रदर्शन कर सके। गंभीर ने यह भी कहा कि
मॉडल ने पति पर लगाए लव जिहाद के आरोप:कहा- जबरदस्ती इस्लाम कबूल करवाया, प्रताड़ना से तंग आकर हिंदू संगठनों की मदद से दोबारा हिंदू बनीं

मिस इंडिया अर्थ 2019 रह चुकीं पॉपुलर मॉडल सयाली सुर्वे ने पति पर जबरदस्ती धर्म परिवर्तन करवाने और शारीरिक-मानसिक शोषण करने के कई गंभीर आरोप लगाए हैं। मॉडल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इन सभी आरोपों का खुलासा किया है। वो पिछले 10 सालों से इस स्थिति में थीं, हालांकि अब उन्होंने हिंदू संगठनों की मदद से पति से छुटकारा पाते हुए दोबारा हिंदू धर्म अपना लिया है। इसके लिए उन्होंने हवन और शुद्धिकरण करवाया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सयाली ने बताया कि उन्होंने लंबे समय तक आतिफ तासे के साथ रिलेशनशिप में रहने के बाद साल 2019 में उनसे शादी की थी। सयाली का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था, इसके बावजूद वो परिवार के खिलाफ गईं और इस्लाम कबूल कर शादी की। धर्म बदलकर उनका नाम अतीजा कर दिया गया था। वीडियो में उन्होंने कहा कि उनका पति आतिफ जबरदस्ती और दबाव बनाकर उनसे स्ट्रिक्ट इस्लामिक चीजें करवाता था। वो उनका शोषण भी करता था। दोबारा करवाया धर्म परिवर्तन हिंदू संगठनों की मदद से सयाली अब दोबारा हिंदू बन चुकी हैं। इसके बाद उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की, जिसमें उन्होंने बताया कि उनकी लव मैरिज हुई थी। शादी के लिए उन्हें धर्म बदलना पड़ा, जिसके बाद उनका निकाह हुआ। मॉडल का कहना है कि उन्होंने बच्चा होने के बाद रिश्ते में रहने की काफी कोशिश की, लेकिन उनके साथ दिन भर गाली गलौज की जाती थी और बेवजह मारपीट भी होती थी। मॉडल बोलीं- ये लव जिहाद है प्रेस कॉन्फ्रेंस में मॉडल से पूछा गया कि क्या ये लव जिहाद का मामला है, तो जवाब में उन्होंने कहा, हां, बिल्कुल। लोग कहते हैं ये खुद मर्जी से शादी करने गई थी। लेकिन जब मैं गई थी, तब मुझे समझ नहीं थी। मैं भरोसे से गई थी। एक अच्छा इंसान है समझकर गई थी। इतना बड़ा फैसला लिया था। मॉडल ने ये भी बताया है कि इस्लाम कबूल करने के बाद भी वो हिंदू धर्म का पालन करती थीं, लेकिन फिर खुलेआम उसका विरोध किया जाने लगा। वहां उन्हें कहा गया कि इस्लाम के आगे दूसरे धर्म की वैल्यू नहीं है। उन्हें नमाज पढ़ना सिखाया गया, लेकिन तब भी लोग उनके साथ इंसानियत से पेश नहीं आते थे। पति के खिलाफ दर्ज करवाई शिकायत मॉडल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया है कि उन्होंने मुंबई में पति आतिफ के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। इसके बाद से ही वो पुणे में रह रही हैं। अपनी और बच्चों की सुरक्षा के लिए वो मुंबई नहीं जा रही हैं। ऐसे में पुलिस उनका बयान दर्ज करवाने पुणे आएगी। शादी से पहले मैं मॉडल थी, मास्टर्स किया हुआ है एविएशन में। मैं 20-21 साल की थी, जब मेरी शादी हुई। शादी से लेकर आज तक मैं हाउस वाइफ थी। शादी से उन्हें 4 बच्चे हुए, जिनके नाम भी मुस्लिम थे। बच्चों का नाम आरिस, फातिमा, खालिद और गाजी थे। लेकिन खुद हिंदू धर्म में वापसी करने के बाद मॉडल ने बच्चों के भी नाम बदलवाकर हिंदू कर दिए हैं।
पिता की सलाह पर क्रिकेटर अभिषेक शर्मा की धमाकेदार पारी:बोले- दुविधा में था बेटा, हमने कहा- दबाव में मत आओ; टी-20 वर्ल्डकप में अर्धशतक बनाया

भारतीय क्रिकेट टीम की टी20 वर्ल्ड कप जीत में अमृतसर के युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की धमाकेदार पारी ने अहम भूमिका निभाई। फाइनल में उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ 21 गेंदों में 52 रन बनाए। मैच के बाद उनके पिता और बचपन के कोच राजकुमार शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ मैचों में खराब प्रदर्शन के कारण अभिषेक दुविधा में थे। ऐसे में वह मैच से पहले बिना बताए उनसे मिलने पहुंचे और बेटे को अपना नेचुरल गेम खेलने की सलाह दी, जिसके बाद फाइनल में अभिषेक की शानदार पारी देखने को मिली। अभिषेक के पिता ने ये बड़ी बातें बताईं…
Health Tips: बदलता मौसम बच्चों को कर सकता है बीमार, मान लें डॉक्टर की सलाह, बिना दवा-इलाज गुजरेगा पूरा सीजन!

Last Updated:March 11, 2026, 08:38 IST Health Tips For Changing Season: मौसम बदल रहा है और अभी से तेज गर्मी पड़ने लगी है. ऐसे में बच्चों और बुजुर्गों के बीमार पड़ने के चांस ज्यादा रहते हैं. पलामू के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव विशाल ने बताया कि इस मौसम में कैसे बच्चों का ध्यान रखा जा सकता है. ख़बरें फटाफट पलामू. अब मौसम बदलने लगा है. इसी क्रम में अगर पलामू की बात करें तो यहां मौसम तेजी से गर्म हो रहा है और इसकी शुरुआत के साथ बच्चों की सेहत को लेकर चिंता भी बढ़ गई है. इस मौसम में सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों और छोटे बच्चों पर पड़ता है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है. बदलता मौसम अक्सर बच्चों को बीमार करके जाता है. तापमान बढ़ने के साथ शरीर में पानी की कमी, संक्रमण और पेट से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में अभिभावकों के लिए जरूरी है कि वे बच्चों की सेहत पर खास ध्यान दें और खान-पान व साफ-सफाई से जुड़े नियमों का पालन करें. डायरिया और उल्टी की हो सकती है समस्यागर्मी के मौसम में बच्चों में डायरिया, दस्त और उल्टी की समस्या तेजी से बढ़ने लगती है. डॉक्टरों के अनुसार तापमान बढ़ने के कारण खाने-पीने की चीजों में बैक्टीरिया और वायरस जल्दी पनपते हैं. खासकर एस्ट्रो वायरस जैसे पेट के वायरस भोजन के जरिए शरीर में पहुंच जाते हैं, जिससे बच्चों में डायरिया और उल्टी की शिकायत शुरू हो जाती है. इसलिए बच्चों के खान-पान और साफ-सफाई पर खास ध्यान देना जरूरी है. हाइजीन का रखें खास ध्यानशिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव विशाल ने लोकल18 को बताया कि गर्मी के मौसम में बच्चों को बीमारियों से बचाने के लिए हाइजीन बनाए रखना सबसे जरूरी होता है. बच्चों के लिए खाना बनाने से पहले हाथ अच्छी तरह धोना चाहिए. अगर बच्चे हाथ से खाना खाते हैं तो उन्हें भी हाथ धोकर ही खाना खाने की आदत डालनी चाहिए. खाने को हमेशा साफ बर्तनों में रखें और उसे ढककर रखें ताकि मक्खी या धूल से बचाया जा सके. साफ पानी का उपयोग करना और बर्तनों की नियमित सफाई भी जरूरी है. शरीर में पानी की कमी न होने देंगर्मी के मौसम में बच्चों के शरीर में पानी की कमी नहीं होने देनी चाहिए. बच्चों को थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पिलाते रहना जरूरी है. डॉक्टरों के अनुसार बच्चे के वजन के अनुसार पानी देना चाहिए. उदाहरण के लिए अगर बच्चे का वजन लगभग 10 किलो है तो उसे दिनभर में करीब 500 एमएल पानी जरूर मिलना चाहिए. इसके अलावा ओआरएस का घोल और नमक-चीनी का घोल भी समय-समय पर देना फायदेमंद होता है. हीट वेव से बचाव भी जरूरीउन्होंने कहा कि तेज धूप और हीट वेव बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है. इस दौरान बच्चों में हीट स्ट्रोक, नाक से खून आना, अचानक दस्त शुरू होना या बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए दोपहर के समय बच्चों को बाहर धूप में नहीं ले जाना चाहिए और उन्हें घर के अंदर सुरक्षित रखना चाहिए. छह महीने तक के शिशुओं को नियमित रूप से मां का दूध देना जरूरी है. इसके बाद बच्चों को पानी युक्त आहार जैसे दाल का पानी और पानी वाले फल भी दिए जा सकते हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी न हो. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें Location : Palamu,Jharkhand First Published : March 11, 2026, 08:38 IST
50 हजार शादियों में खाने पर संकट:कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं, भट्टी जलाने पर 10 हजार रुपए जुर्माना; हजारों होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर

अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से हॉर्मुज जलमार्ग के रास्ते गैस सप्लाई ठप हो गई है। इसका असर अब मध्यप्रदेश के सभी शहरों पर पड़ने लगा है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित सभी शहरों में कमर्शियल सिलेंडर पर निर्भर व्यवसाय वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। होटल और रेस्टोरेंट चलाने वालों के साथ ठेले पर खाने-पीने की चीजें बनाने वाले छोटे रोजगार से जुड़े लोग भी प्रभावित हो रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता शादी के सीजन के कारण उन लोगों की है जिन्होंने शादी समारोह के कार्ड बांट दिए हैं। सीजन में करीब 50 हजार शादियों का अनुमान है। इन आयोजनों में मेहमाननवाजी के लिए दावतें फीकी हो सकती हैं, क्योंकि कॉमर्शियल सिलेंडर मिलना बंद हो गए है और खुले में भट्टी जलाई तो 10 हजार रुपए तक जुर्माना लग सकता है। आइए बताते हैं कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत से क्या हालात हैं? कैटरिंग के काम पर असर, इवेंट कैंसिल होने का खतरा 12-15 सालों से कैटरिंग का काम करने वाले भोपाल के जितेंद्र ने बताया अभी तो रोज इवेंट है। कल भी दो-तीन हैं। परसों भी हैं। 14 तारीख तक खरमास चल रहा है। उससे पहले भी इवेंट है। टेंट, कैटरिंग, घर के सामान आदि का काम लेते हैं। कमर्शियल सिलेंडर बंद होने से धंधे पर बहुत असर पड़ेगा। अभी एक दो दिन तो निकाल लेंगे। घर के सिलेंडर से कुछ काम निकाल लिया। यहां- वहां से लेकर कुछ काम चला लिया, लेकिन आगे बड़ी परेशानी आनी है। जिन लोगों के इवेंट हैं उनके फोन आने शुरू हो गए हैं। इवेंट कैंसिल हुए तो भारी नुकसान होगा। जो सिलेंडर इधर-उधर से मिल रहा है वो भी 2200 रुपए तक मिल रहा है। वो भी एक-दो दिन में नहीं मिलेगा। कोई ऑप्शन भी नहीं है। डीजल चूल्हा या इलेक्ट्रिक चूल्हा हमारे काम के लिए सही नहीं है। ऐसे में अब क्या करेंगे कुछ समझ नहीं आ रहा। भट्टी जलाने पर कम से कम 5 हजार रुपए और अधिकतम ढाई लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान है, लेकिन सामान्यत: ऐसे मामलों में अफसर 10 हजार रुपए तक का जुर्माना करते हैं। गैस संकट से रेस्टोरेंट पर असर, ऑर्डर कैंसिल होने की नौबत भोपाल राजहंस रेस्टोरेंट के संचालक दीपक सिंह चौहान कहते हैं, हमारे यहां तो पांच से छह सिलेंडर प्रतिदिन लगते हैं। लगभग 800 से 1000 लोग रोजाना खाना खाते हैं। कमर्शियल सिलेंडर न मिलने से बिजनेस पर असर पड़ेगा। खाना बनाना जरूरी है। अगर नहीं बनाएंगे तो लोग घर पर ही बनाएंगे और जो घर पर बनाएंगे वहां भी गैस लगनी ही है। या फिर हमें फैसिलिटी दी जाए कि हम भी घरेलू गैस इस्तेमाल कर सकें। हमारे पास कुछ इंडक्शन वगैरह भी हैं। जैसे कि तंदूर वगैरह के लिए सरकार के आदेश हैं कि लकड़ी का कोयला न जलाएं। अब उसमें भी गैस ही लग रही है। उसमें भी समस्या आएगी। पार्टी के ऑर्डर लेते हैं। आगे ऐसे काफी ऑर्डर हैं। अब दिक्कत तो आएगी। यही हाल रहे तो कैंसिल ही करना पड़ेगा। रिसॉर्ट-होटलों के सामने खाना बनाने का संकट इंदौर के भंडारी रिसॉर्ट के जनरल मैनेजर मुकेश लाड ने बताया, कमर्शियल गैस सिलेंडर न मिलने से हमारे काम पर बहुत असर पड़ेगा। अभी खाना बनाने के लिए कोई ऑप्शन भी नहीं है। केरोसिन आसानी मिलता नहीं है। लकड़ियों पर भी खाना नहीं बना सकते, ना ही भट्टियों की उपलब्धता है। मान लीजिए आज मुझे 100 सिलेंडर लगते हैं और यदि उपलब्धता 20-25 की होगी तो मैं कैसे पूर्ति कर पाऊंगा? होटल इंडस्ट्री इमरजेंसी सर्विस, सीएम से मिलेंगे मध्य प्रदेश होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने बताया कि फिलहाल होटलों में इस तरह की कोई समस्या सामने नहीं आई है, लेकिन आने वाले दिनों में परेशानी हो सकती है। इस मुद्दे को लेकर प्रदेश स्तर पर होटल संचालकों की बैठक रखी गई है, वहीं इंदौर में भी एक बैठक बुलाई गई है। होटल इंडस्ट्री भी इमरजेंसी सर्विस में आती है। कोरोना काल में भी इसे इमरजेंसी सर्विस में रखा गया था, ताकि बाहर से आने वाले मेहमानों को किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने कहा- अपनी मांगों को लेकर संगठन के पदाधिकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात भी करेंगे। हजारों स्टूडेंट के भोजन पर संकट, बंद हो सकते हैं टिफिन सेंटर भोपाल के उन्नति भोजनालय के संचालक रजनीश ने बताया कि उनकी कैंटीन में हर पांचवें दिन गैस सिलेंडर की जरूरत पड़ती है। आपूर्ति प्रभावित हुई तो काम पर बड़ा असर पड़ेगा। उनके यहां रोज करीब 60-70 छात्र खाना खाते हैं और टिफिन भी भेजे जाते हैं। उन्होंने कहा कि वे पिछले 7-8 साल से यह काम कर रहे हैं। लकड़ी या अन्य विकल्पों पर खाना बनाना आसान नहीं है। इलाके में करीब 70-80 टिफिन सेंटर हैं और लगभग 20-25 हजार छात्र इन्हीं पर निर्भर हैं। सिलेंडर की कमी लंबी चली तो कई सेंटर बंद होने की नौबत आ सकती है। फूड डिलीवरी वालों को रोजगार की चिंता फूड डिलीवरी का काम करने वाले सुकेश बताते हैं, मैं रोज 15 से 20 ऑर्डर डिलीवर करता हूं। किसी दिन 800 तो किसी दिन 1200 रुपए तक कमा लेता हूं। आज पता चला कि कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बंद हो गई है। इसका असर रेस्टोरेंट्स पर तो पड़ेगा ही, साथ ही फूड डिलीवरी पर भी पड़ेगा। अगर रेस्टोरेंट खाना नहीं बना पाएंगे तो ऑर्डर कैसे मिलेंगे? ऐसे में हमारा काम भी ठप हो जाएगा। भोपाल में 7,000 से ज्यादा लोग नियमित रूप से फूड डिलीवरी का काम करते हैं। कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने पर इनकी रोजी-रोटी पर भी असर पड़ने की आशंका है। प्रदेश सरकार का दावा- सप्लाई सामान्य, घबराने की जरूरत नहीं कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पेट्रोल-डीजल और गैस की उपलब्धता की निगरानी के निर्देश दिए। मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक है और घरेलू गैस की सप्लाई सामान्य है। सरकार ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचने और अधिकृत जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की है। कालाबाजारी राेकने सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू किया इधर, केंद्र सरकार ने गैस समेत जरूरी चीजों की जमाखोरी रोक ने लिए देशभर में ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955’ लागू
इंदौर में युवक की मौत,परिजन ने पुलिस पर लगाए आरोप:कलेक्टोरेट जनसुनवाई में जांच की मांग, मां की तबीयत बिगड़ी

इंदौर के चंदन नगर थाना क्षेत्र में ताप्ती परिसर निवासी 23 वर्षीय राज मकवाना की मल्टी से कूदकर मौत के मामले में परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मंगलवार को राज के परिजन कलेक्टोरेट में जनसुनवाई में पहुंचे और घटना की जांच की मांग की। जनसुनवाई के बाद लौटते समय राज की मां रेखा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें एम्बुलेंस से एमवाय अस्पताल ले जाया गया, जहां करीब दो घंटे ऑब्जर्वेशन में रखने के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। मां ने पुलिसकर्मियों पर धमकी देने का आरोप लगाया मंगलवार को राज मकवाना के परिजन कलेक्टोरेट पहुंचे और अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। परिजनों का कहना है कि घटना से पहले पुलिसकर्मियों ने राज को धमकाया था। राज की मां रेखा, पिता मनोज मकवाना और बहन निकिता ने आरोप लगाया कि दो पुलिसकर्मियों ने राज को मर्डर केस में फंसाने की धमकी दी थी। परिवार का कहना है कि इसी डर से उसने मल्टी की पांचवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। सांस की तकलीफ के कारण रात में टहलने निकला था राज परिजनों के अनुसार राज को काफी समय से सांस की समस्या थी। घटना वाली रात वह इसी कारण टहलने के लिए घर से बाहर निकला था। नीचे मौजूद गार्ड ने उससे देर रात बाहर घूमने की वजह पूछी। परिवार का आरोप है कि उसी दौरान पुलिस की गाड़ी वहां पहुंची और दो पुलिसकर्मियों ने राज को रोककर पूछताछ की। इस दौरान उसे चांटे भी मारे गए और किसी को फोन लगाकर उसे मर्डर केस में फंसाने की बात कही गई। पांचवीं मंजिल से कूदने पर मौके पर मौत परिजनों के अनुसार धमकी से घबराकर राज मल्टी की पांचवीं मंजिल पर पहुंच गया और नीचे कूद गया। गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिवार का कहना है कि जहां घटना हुई वहां सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन पुलिस ने अब तक उनकी जांच नहीं की। परिजनों ने आरोप लगाया कि जब वे थाने पहुंचे तो संबंधित पुलिसकर्मी वहां से तुरंत चले गए। शराब पीने के आरोप को परिजनों ने बताया गलत परिजनों ने पुलिस के उस दावे को भी खारिज किया है जिसमें कहा गया था कि राज ने शराब पी रखी थी। उनका कहना है कि वह दवाइयां ले रहा था और शराब पीने का सवाल ही नहीं उठता।
ईरान में अब तक 8000 घरों पर हमला, 1300 मौत:जंग में 140 अमेरिकी सैनिक घायल, इजराइल में कई जगह बमबारी

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 12वां दिन है। ईरान का कहना है कि अब तक हुए हमलों में 1300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 8000 घरों को नुकसान पहुंचा है। UN में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी के मुताबिक देश में करीब 9600 सिविलियन इलाकों पर हमले हुए हैं। इनमें घरों के अलावा बाजार, अस्पताल, मेडिसिन सेंटर्स और स्कूल भी शामिल हैं। वहीं ईरान ने इजराइल में हाइफा, येरुशलम और तेल अवीव पर भी मिसाइल हमले करने का दावा किया है। युद्ध का असर अमेरिकी सेना पर भी पड़ा है। अमेरिका के रक्षा विभाग के मुताबिक अब तक करीब 140 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी तस्वीरें… अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
भीड़ कम होने पर शंकराचार्य बोले-यह शराब की दुकान नहीं:मुझे सपा समर्थक कहते हैं, मेरे कार्यक्रम में सबसे ज्यादा भाजपाई हैं

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने लखनऊ में गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान का शंखनाद किया। इसके बाद उन्होंने सभा को संबोधित करना शुरू किया। शंकराचार्य ने कहा- यह शराब की दुकान नहीं, ये सभा शुद्ध गाय की दुकान है। यहां ज्यादा भीड़ हो जाती तो इसका मतलब होता यह शराब की दुकान है। यहां कम भीड़ है, इसी से पता चल रहा है कि यह शुद्ध गाय के दूध की दुकान है। उन्होंने कहा- भाजपा अब भागपा हो गई है। अगर आप लोग पक्के गो-भक्त नहीं होते, तो इतनी रुकावट के बावजूद यहां आकर बैठे न होते। आप जितने भी लोग आए हैं, कार्यक्रम खत्म होने के बाद नाम नोट करके जाइएगा। क्योंकि, आप लोग इस कार्यक्रम के फाउंडर मेंबर होंगे। इसी बीच उनसे मिलने पहुंची एक महिला को पुलिस ने रोका, तो वह भड़क गई। उसने महिला पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की की। शंकराचार्य ने दैनिक भास्कर से कहा- 26 शर्तों के साथ कार्यक्रम की अनुमति मिली है। इसमें कहा गया है कि किसी का नाम नहीं लेना है। इससे लोगों के मन में संदेह पैदा हो रहा है। आखिर किसका नाम पुलिस छिपाना चाहती है? उसने ऐसा क्या किया है? दरअसल, लखनऊ प्रशासन ने 26 शर्तों के साथ कार्यक्रम की अनुमति दी है। इसके मुताबिक, सभा में धर्म, जाति, समुदाय या भाषा के खिलाफ भड़काने वाली कोई बात नहीं होगी। शंकराचार्य ने 30 जनवरी को योगी सरकार को 40 दिन का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने तब कहा था- गाय को राष्ट्रमाता घोषित करें, वरना आंदोलन करेंगे। शंकराचार्य ने 7 मार्च को वाराणसी से यात्रा शुरू की थी। जौनपुर, सुल्तानपुर, सीतापुर होते हुए 4 दिन में लखनऊ पहुंचे। वह आज रात लखनऊ में ही रुकेंगे। गुरुवार सुबह की फ्लाइट से अहमदाबाद रवाना होंगे। 4 तस्वीरें देखिए… शंकराचार्य के धर्मयुद्ध सभा से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
कजाकिस्तान में युवक को बंधक बनाया,VIDEO:करनाल से घूमने गया था, हाथ-पैर टेप से बांधे, पीठ पर ब्लेड मारकर ₹10 लाख वसूले

हरियाणा में करनाल के रहने वाले एक युवक को कजाकिस्तान के अल्माटी शहर में बंधक बना लिया गया। परिवार का आरोप है कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन देखकर जालंधर के एक एजेंट से संपर्क किया था। 22 लाख में बेटे को कनाडा भेजने की बात तय हुई थी। 28 फरवरी को उनका बेटा और एक अन्य युवक कनाडा के लिए रवाना हुए। आरोप है कि एजेंट कनाडा ले जाने के बजाए दोनों युवकों को कजाकिस्तान ले गए और वहां एक होटल में बंधक बना लिया। उन्होंने उनके हाथ और मुंह टेप से बांध दिए और मारपीट की। उन्होंने युवक की कमर पर ब्लेड से भी वार किए। मारपीट के वीडियो बनाकर 20 लाख रुपए की डिमांड की। परिवार ने डर से 10 लाख रुपए भी भेज दिए। घरौंडा थाना पुलिस ने युवक के पिता की शिकायत पर 4 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सिलसिलेवार जानिए, पुलिस को क्या शिकायत दी… इंस्टाग्राम पर एड देखा, 22 लाख में डील सदरपुर गांव के रहने वाले बलकार ने घरौंडा पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मेरा बेटा निखिल कनाडा घूमने के लिए जाना चाहता था। उसने इंस्टाग्राम पर विदेश भेजने का एक विज्ञापन देखा था। इस विज्ञापन में राय इमिग्रेशन, गांव मियानी, जालंधर का पता और मोबाइल नंबर दिए गए थे। उन्होंने इमिग्रेशन के नंबर पर संपर्क किया, जहां उनकी बात मनप्रीत नाम के व्यक्ति से हुई। बाद में मनप्रीत ने उन्हें जश्न नामक व्यक्ति से मिलवाया। जश्न ने निखिल को कनाडा भेजने के लिए 22 लाख रुपए में सौदा तय किया। 28 फरवरी को निखिल- हेमराज गए बलकार ने आगे बताया कि एजेंटों ने बेटे के सभी दस्तावेज ऑनलाइन मंगवा लिए। 28 फरवरी की रात करीब 8 बजे बेटे को दिल्ली हवाई अड्डे पर बुलाया गया और साथ में 500 डॉलर लाने को कहा। परिजनों ने 500 डॉलर निखिल को दे दिए और वह हवाई जहाज से विदेश रवाना हो गया। निखिल के साथ हेमराज नाम का एक और युवक भी गया था। बाद में पता चला कि एजेंटों ने निखिल की उड़ान मुंबई से कजाकिस्तान के लिए बुक करवाई थी। हाथ और मुंह टेप से बांधे, ब्लेड से काटा उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट पर सोनू नाम का व्यक्ति निखिल को लेने आया और कहा कि तीन घंटे के लिए होटल में रुकना होगा। इसके बाद निखिल और दूसरे युवक हेमराज को बंधक बना लिया। आरोपियों ने उसे ब्लेड से काटने, मुंह पर टेप लगाने और उल्टा लटकाकर मारपीट करने की बात कही। वीडियो भेजकर 20 लाख रुपए की मांग की। बेटे की जान बचाने के लिए कर्ज लेकर 10 लाख भेज दिए। इसके बावजूद निखिल को नहीं छोड़ा। पैसे लेने आए दो लोगों को पुलिस को सौंपा बलकार सिंह ने बताया कि 2 मार्च को चार लोग सदरपुर गांव में पैसे लेने पहुंचे थे। हमने उनमें से दो लोगों को पकड़ लिया और घरौंडा थाना पुलिस को सौंप दिया, जबकि दो आरोपी मौके से फरार हो गए। निखिल उनका इकलौता बेटा है और उसे कनाडा भेजने के लिए उन्होंने कर्ज लेकर पैसे जुटाए थे। अब फिरौती के रूप में भी 10 लाख रुपए कर्ज लेकर ही दिए गए हैं। विदेश भेजने वाले एजेंटों का इसमें हाथ है। 4 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज घरौंडा पुलिस ने बलकार की शिकायत पर 9 मार्च को मनप्रीत, जश्न, परमिंदर कौर और सोनू के खिलाफ मामला दर्ज किया। मामले की जांच सब इंस्पेक्टर उमेश को सौंपी गई है। कार्यकारी थाना प्रभारी राजकुमार ने बताया कि विदेश युवक के परिवार से सभी रिकॉर्ड क्लेक्ट किए जा रहे हैं। उसके आधार पर आगामी जांच शुरू कर दी गई है। युवक को सुरक्षित वापस लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पंजाबी सिंगर जस्सी बोले- मैं कब्रों पर जाकर नहीं गाता:₹35 लाख का ऑफर ठुकराया; डेरे चिट्टे से भी खतरनाक, माइंडवॉश करते हैं

‘दिल ले गई कुड़ी गुजरात दी’ फेम पंजाबी सिंगर जसबीर जस्सी ने कहा कि वह कब्रों पर जाकर नहीं गाते, चाहे कोई उन्हें करोड़ों रुपए क्यों न दे। जस्सी यहीं नहीं रूके उन्होंने डेरों को चिट्टा, ड्रग बेचने से भी खतरनाक बता दिया। एक इंटरव्यू में जस्सी ने कहा कि डेरों को प्रमोट करना चिट्टा बेचने से भी खतरनाक है क्योंकि यहां लोगों का माइंडवॉश किया जाता है। जसबीर जस्सी ने कहा कि लुधियाना के एक बाबा ने उन्हें अपने डेरे में होने वाले मेले में गाने के लिए ऑफर किया और 32 से 35 लाख रुपए देने की बात की लेकिन उन्होंने साफ मना कर दिया। मेरे से पहले भी वहां पर कई सिंगर गा चुके थे और मेरे बाद भी कई सिंगरों ने गाया है। बाबा ने मेले के बाद फोन करके कहा कि तुम नहीं आए तो मैं तुमसे भी बेहतर सिंगर लेकर आया और वह गाकर चला गया। जस्सी ने कहा कि मेरा उसूल है कब्र वाली जगह पर नहीं गाता हूं। इसलिए बाबा को मना कर दिया। जस्सी का ये बयान सीधे तौर पर उन सिंगरों को चुभने वाला है, जो डेरों और मजारों पर हर साल लगने वाले मेलों में परफॉर्म करते हैं। पंजाबी सिंगर जस्सी की 5 अहम बातें… जसबीर जस्सी के करियर से जुड़े 3 बड़े विवाद… कीर्तन-धार्मिक मर्यादा को लेकर विवाद हुआ पंजाबी सिंगर जसबीर सिंह जस्सी ने हाल ही में एक धार्मिक कार्यक्रम में शबद कीर्तन गाया। जिसको लेकर कुछ सिख धार्मिक संस्थाओं ने आपत्ति दर्ज की और मामला श्री अकाल तख्त तक पहुंचा। श्री अकाल तख्त के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने यहां तक कहा कि कीर्तन करने के लिए गुरमत मर्यादा का पालन जरूरी है। जसबीर जस्सी ने तुरंत सफाई दी और कहा कि सिख धर्म व श्री गुरुग्रंथ साहिब में उनका अटूट विश्वास है। अगर उनकी बात से किसी को ठेस पहुंची हो तो वो माफी चाहते हैं। श्री अकाल तख्त के आदेशों का पूरा सम्मान करूंगा। उसके बाद मामला शांत हुआ। यो यो हनी सिंह की अमर्यादित भाषा पर उठाए थे सवाल हाल ही में दिल्ली में यो यो हनी सिंह ने एक लाइव परफॉर्मेंस के दौरान अश्लील टिप्पणी की थी। म्युजिक इंडस्ट्री में सबसे पहले जसबीर जस्सी ने सवाल उठाए थे और उनके माता पिता व बहन से अपील की थी कि इसे अभी रोक लो। इसको लेकर काफी विवाद रहा। पाकिस्तानी कलाकारों के समर्थन का विवाद जसबीर जस्सी ने दिलजीत दोसांझ की फिल्म सरदार जी-3 में पाकिस्तानी अभिनेत्री को कास्ट करने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तानी कलाकारों पर प्रतिबंध लगाना है तो फिर उनके गाने और कंटेंट भी पूरी तरह हटाए जाने चाहिए। इस बयान के बाद दिल्ली के पार्लियामेंट थाने में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई और सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना हुई।






