विभाजन की पृष्ठभूमि पर है फिल्म ‘जय हिंद जय सिंध’:प्रोड्यूसर सैमी ननवानी ने पीएम मोदी को फिल्म दिखाने की जताई इच्छा

सैमीज एंटरटेनमेंट की नई बॉलीवुड फिल्म जय हिंद जय सिंध – ए लव स्टोरी भारत के विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित एक इमोशनल कहानी है। फिल्म का निर्देशन इंद्रजीत लंकेश ने किया है और इसके प्रोड्यूसर सैमी ननवानी हैं। फिल्म को लेकर प्रोड्यूसर सैमी ननवानी और एक्टर विक्रम कोचर ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। प्रोड्यूसर सैमी ननवानी ने पीएम मोदी को फिल्म दिखाने की इच्छा जाहिर की। बातचीत में प्रोड्यूसर सैमी ननवानी से पूछा गया कि क्या फिल्म में सिंध से आए लोगों के पलायन और उनके योगदान को भी दिखाया जाएगा। इस पर उन्होंने कहा कि सिंध इस फिल्म का एक हिस्सा है, लेकिन पूरी कहानी उससे कहीं बड़ी है। उनके मुताबिक फिल्म भारत की विविधता और एकता को दिखाती है। उन्होंने कहा कि हम अलग-अलग भाषाएं बोलते हैं, अलग तरह का खाना खाते हैं और अलग दिखते हैं, फिर भी दिल से एक हैं और साथ रहते हैं। फिल्म भारत की छवि को आगे बढ़ाने का काम करेगी: सैमी सैमी ने कहा कि जैसे हॉलीवुड फिल्मों ने अमेरिका को दुनिया में पहचान दिलाई, वैसे ही यह फिल्म भारत की छवि को आगे बढ़ाने का काम करेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि आज दुनिया में भारत की पहचान पहले से ज्यादा मजबूत हुई है और इसमें प्रधानमंत्री की बड़ी भूमिका है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे यह फिल्म प्रधानमंत्री मोदी को दिखाना चाहेंगे, तो सैमी ने कहा कि यह उनका पहला कदम होगा। उन्होंने कहा कि वे प्रधानमंत्री से मिलकर अपनी गर्व की भावना जरूर व्यक्त करना चाहेंगे। विक्रम का इमोशनल किरदार फिल्म में अपने किरदार को लेकर विक्रम कोचर ने कहा कि उनका रोल अलग तरह का है। वह गोवा में बसे पंजाबी शख्स का किरदार निभा रहे हैं, जो एक विदेशी महिला से शादी करता है। उनका किरदार इमोशनल है और प्यार की भाषा समझता है। फिल्म भी प्यार का संदेश देती है। फिल्म में महेश मांजरेकर, जया प्रदा, जरीना वहाब, विक्रम कोचर, राहुल देव, छाया कदम, उपासना सिंह, अमित बहल, अजीत शिधाये, राजवीर सिंह, अकैशा वात्स और एहसान खान नजर आएंगे। साथ ही गौरव डिंगरा और झानवी इस फिल्म से बॉलीवुड में कदम रख रहे हैं। फिल्म इस समय पोस्ट-प्रोडक्शन में है और इसे 2026 के मध्य में देशभर में रिलीज किया जाएगा।
PM मोदी से मिले कनाडाई प्रधानमंत्री कार्नी:निवेश-ट्रेड डील पर बातचीत होगी, खालिस्तानी चरमपंथियों पर लगाम लगाने पर भी चर्चा

प्रधानमंत्री मोदी और कनाडाई PM मार्क कार्नी के बीच सोमवार सुबह हैदराबाद हाउस में मुलाकात हुई। कुछ ही देर में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय बातचीत शुरू होगी। इसमें दोनों देशों के रिश्तों को फिर से पटरी पर लाने, ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने, व्यापार विस्तार और व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को आगे बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। PM कार्नी के इस दौरे का सबसे बड़ा मकसद भारत-कनाडा के बीच 10 साल का यूरेनियम सप्लाई समझौता है। बताया जा रहा है कि यह डील करीब 3 अरब डॉलर की हो सकती है। बीबीसी के मुताबिक अगर यह समझौता होता है, तो इसे कार्नी की बड़ी कूटनीतिक और आर्थिक सफलता माना जाएगा। कनाडा दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा यूरेनियम उत्पादक देश है। भारत और कनाडा के बीच न्यूक्लियर कोऑपरेशन एग्रीमेंट 2013 में लागू हुआ था, जिसके बाद कनाडा ने भारत को यूरेनियम सप्लाई शुरू की थी। भारत अपने तेजी से बढ़ते परमाणु ऊर्जा क्षेत्र के लिए और अधिक यूरेनियम खरीदना चाहता है। PM कार्नी के भारत दौरे से जुड़ी 4 तस्वीरें… भारत में निवेश को बढ़ावा दे रहा कनाडा भारत इस समय दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। कनाडा के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच सालाना व्यापार 21 अरब डॉलर से ज्यादा है। भारत में 600 से ज्यादा कनाडाई कंपनियां काम कर रही हैं। भारत से कनाडा को मुख्य निर्यात में दवाइयां, रत्न-आभूषण और समुद्री उत्पाद शामिल हैं। कनाडा के बड़े पेंशन फंड पहले से ही भारत में रियल एस्टेट और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में बड़ा निवेश कर चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने भारत में 100 बिलियन डॉलर (करीब 8 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा) का निवेश किया है। अब कनाडा इस निवेश को और बढ़ाना चाहता है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का कहना है कि दोनों देशों के बीच कभी-कभी राजनीतिक मतभेद रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कनाडा भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का भरोसेमंद साझेदार बना रहेगा। निज्जर की हत्या के बाद रिश्ते खराब हुए साल 2023 में सिख अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते खराब हो गए थे। कनाडा ने निज्जर की हत्या को लेकर भारत पर आरोप लगाए गए थे। कनाडा के तत्कालीन पीएम जस्टिन ट्रूडो ने संसद में कहा कि कनाडाई सुरक्षा एजेंसियों को सबूत मिले हैं कि भारतीय सरकार के एजेंट इस हत्या में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने इसे कनाडा की संप्रभुता पर हमला बताया था। भारत ने इन आरोपों को सख्ती से खारिज किया था। भारत का कहना था कि कनाडा में खालिस्तानी चरमपंथी और आतंकवादी खुलेआम सक्रिय हैं, जो भारत के खिलाफ गतिविधियां चलाते हैं और कनाडा उन पर कार्रवाई नहीं करता। इसके बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के कई राजनयिकों को निष्कासित कर दिया। भारत ने कनाडाई नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दीं। कनाडा ने भी भारत से व्यापार मिशन रद्द कर दिए, और दोनों तरफ से यात्रा सलाह जारी की गई। बातचीत लगभग बंद हो गई और CEPA जैसी महत्वपूर्ण चर्चाएं ठप पड़ गईं। जस्टिन ट्रूडो के पद से हटने और मार्क कार्नी के प्रधानमंत्री बनने (मार्च 2025) के बाद दोनों देशों ने रिश्ते सुधारने की कोशिश की। कनाडा में हर चौथा व्यक्ति विदेशी मूल का कनाडा दुनिया के उन देशों में है जहां प्रवासियों (इमिग्रेंट) की संख्या तेजी से बढ़ी है। 2021 की आधिकारिक जनगणना के मुताबिक, कनाडा में लगभग 83.6 लाख (8.3 मिलियन) लोग विदेश में जन्मे हैं, जो देश की कुल आबादी का करीब 23% है। यह आंकड़ा स्टैटिस्टिक्स कनाडा ने जारी किया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कनाडा की अर्थव्यवस्था और जनसंख्या वृद्धि में प्रवासियों का खास रोल रही है, लेकिन हाल के सालों में इस मुद्दे पर बहस भी तेज हुई है। भारतीय विदेश मंत्रायल के मुताबिक, कनाडा में भारतीय मूल के लगभग 16 लाख लोग रहते हैं। वहीं करीब 3 लाख (लगभग 3.03 लाख) लोग पाकिस्तानी मूल के हैं।
अमेरिका-ईरान जंग से आज सोने में ₹5,000 की तेजी:ये ₹1.67 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा, चांदी ₹8500 बढ़कर ₹2.91 लाख पर कारोबार कर रही

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के चलते गोल्ड और सिल्वर मार्केट में तेजी है। वायदा बाजार (MCX) में सोने का दाम करीब 5 हजार रुपए चढ़कर 1.67 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। वहीं, चांदी के भाव में 8,500 रुपए का इजाफा हुआ है और वह 2.91 लाख रुपए/किलो पर कारोबार कर रही है। कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोना 1.90 लाख रुपए तक जा सकता है। चांदी 3.50 लाख तक पहुंच सकती है। इधर, सर्राफा बाजार में 24 कैरेट 10 ग्राम सोने की कीमत 1.70 लाख रुपए पर पहुंच गई है। युद्ध जैसे अनिश्चित माहौल में निवेशक सोने को सुरक्षित मानते हैं और इसमें पैसा लगाने लगते हैं। इससे इसकी डिमांड बढ़ती है और ये महंगे होने लगते हैं। सोने-चांदी के दाम बढ़ने के 3 मुख्य कारण सोना इस साल ₹34,000 और चांदी ₹36,000 महंगी इस साल सोने-चांदी की कीमत में तेजी देखने को मिली है। बीते साल के आखिर में सोना 1.33 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर था, जो अब 1.67 लाख रुपए पर पहुंच गया है। यानी इसकी कीमत इस साल अब तक 34 हजार बढ़ चुकी है। वहीं चांदी भी इस दौरान 61 हजार रुपए महंगी हो चुकी है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके
‘निगरानी राजनीति’: भाजपा ने सिद्धारमैया पर डीकेएस गुट की जासूसी करने के लिए राज्य खुफिया जानकारी का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 02, 2026, 10:15 IST इसे “प्रशासन का पूर्ण राजनीतिकरण” कहते हुए, अशोक ने कहा कि राज्य मशीनरी कर्नाटक के लोगों की रक्षा के लिए मौजूद है, “आपकी कुर्सी की रक्षा के लिए नहीं।” कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया. (छवि: न्यूज18) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर उन खबरों के सामने आने के बाद तीखी आलोचना की कि वह कथित तौर पर उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से जुड़े विधायकों पर नजर रखने के लिए राज्य खुफिया विभाग का इस्तेमाल कर रहे हैं। कर्नाटक के नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने कहा कि कांग्रेस सरकार अब शिवकुमार के सहयोगी विधायकों की रात्रिभोज उपस्थिति पर नज़र रख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता कानून-व्यवस्था और बढ़ते सांप्रदायिक तनाव जैसे मुद्दों को संबोधित करने के बजाय “विधायकों की गिनती करना और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को बचाना” है। “तो अब स्टेट इंटेलिजेंस के पास एक नया पूर्णकालिक काम है – डिप्टीसीएम @डीकेशिवकुमार के गुट की रात्रिभोज उपस्थिति पर नज़र रखना? दवा कारखाने अनियंत्रित चल रहे हैं, सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया है, कानून व्यवस्था कमजोर हो गई है। लेकिन इस सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता? विधायकों की गिनती और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की छाया, “उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा। तो अब स्टेट इंटेलिजेंस के पास एक नया पूर्णकालिक काम है – डिप्टीसीएम की रात्रिभोज उपस्थिति पर नज़र रखना @डीकेशिवकुमारका गुट?दवा कारखाने अनियंत्रित चलते हैं।साम्प्रदायिक तनाव बढ़ता है।कानून-व्यवस्था कमजोर होती है। लेकिन इस सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता? विधायकों की गिनती और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की छाया… pic.twitter.com/9gU735wmCB – आर. अशोक (@RAshokaभाजपा) 2 मार्च 2026 इसे “प्रशासन का पूर्ण राजनीतिकरण” कहते हुए, अशोक ने कहा कि राज्य मशीनरी कर्नाटक के लोगों की रक्षा के लिए मौजूद है, “आपकी कुर्सी की रक्षा के लिए नहीं।” उन्होंने संस्थानों के दुरुपयोग के दावों पर पाखंड का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “सिद्धारमैया जानते हैं, राज्य मशीनरी कर्नाटक के लोगों की रक्षा के लिए मौजूद है, न कि आपकी कुर्सी की रक्षा के लिए। और @RahulGandhi अब कहां हैं? वही राहुल गांधी जो संस्थानों के “दुरुपयोग” और “हथियारीकरण” के बारे में व्याख्यान देते हैं? कर्नाटक शासन का हकदार है। निगरानी की राजनीति का नहीं। सीएम सिद्धारमैया को व्यक्तिगत राजनीतिक अस्तित्व के लिए राज्य खुफिया का दुरुपयोग करना बंद करना चाहिए।” उनकी यह टिप्पणी उस खबर के बाद आई है कि मुख्यमंत्री कथित तौर पर अपने डिप्टी गुट पर नजर रखने के लिए राज्य की खुफिया मशीनरी का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह विवाद मगदी विधायक एचसी बालकृष्ण के जन्मदिन की पूर्व संध्या पर शिवकुमार खेमे द्वारा आयोजित रात्रिभोज बैठक के बाद शुरू हुआ। जबकि डीकेएस गुट ने दावा किया कि लगभग 40 विधायकों ने सभा में भाग लिया, सूत्रों ने कहा कि 69 आमंत्रित विधायकों में से 32 उपस्थित थे, द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने बताया। यह दावा किया गया था कि शिवकुमार खेमे द्वारा पार्टी के भीतर बढ़ते समर्थन को लेकर आशंकित सिद्धारमैया ने नियमित खुफिया ब्रीफिंग से परे विधायकों की गतिविधियों पर विस्तृत अपडेट मांगा था। सूत्रों ने कहा कि शिवकुमार गुट ने बजट सत्र के बाद दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान से मिलने की योजना का संकेत दिया है। कुछ तटस्थ विधायकों ने कथित तौर पर नेतृत्व परिवर्तन के लिए समर्थन व्यक्त किया, लेकिन कहा कि किसी भी निर्णय को 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी की छवि की रक्षा करनी चाहिए। पहले प्रकाशित: मार्च 02, 2026, 10:15 IST समाचार राजनीति ‘निगरानी राजनीति’: भाजपा ने सिद्धारमैया पर डीकेएस गुट की जासूसी करने के लिए राज्य खुफिया जानकारी का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कर्नाटक(टी)बीजेपी(टी)सिद्धारमैया(टी)डीके शिवकुमार(टी)आर अशोक
अफगानिस्तान का पाकिस्तान के नूरखान एयरबेस पर हमला:तालिबान के मंत्री बोले- हमने डूरंड लाइन पार की, PAK का दावा- 400 अफगान लड़ाके मारे

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर बीते चार दिनों से लगातार हवाई हमले और गोलीबारी जारी है। तालिबान सरकार का कहना है कि हमने पाकिस्तान के बेहद संवेदनशील नूर खान एयरबेस पर हमला किया है। यह एयरबेस रावलपिंडी में है। इसके साथ ही तालिबान के एक मंत्री ने दावा किया कि उनके लड़ाके डूरंड लाइन पार कर पाकिस्तान की जमीन में घुस चुके हैं। तालिबान के मुताबिक, क्वेटा और खैबर पख्तूनख्वा के कुछ सैन्य ठिकानों पर भी हमले किए गए हैं। ये कार्रवाई पाकिस्तान की ओर से काबुल, बगराम और अन्य इलाकों में किए गए हवाई हमलों के जवाब में की गई। दूसरी तरफ पाकिस्तान सरकार ने दावा किया है कि अब तक 400 से ज्यादा अफगान लड़ाके मारे जा चुके हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं। तालिबान के अनुसार, जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनमें शामिल हैं: पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच जंग जैसे हालात पाकिस्तान और अफगानिस्तान में संघर्ष की शुरुआत 22 फरवरी को हुई थी। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक की थी। पाकिस्तान के उप गृह मंत्री तलाल चौधरी ने दावा किया था कि सीमावर्ती इलाकों में TTP के ठिकानों पर कार्रवाई में कम से कम 70 लड़ाके मारे गए। बाद में पाकिस्तानी अखबार डॉन ने यह संख्या 80 तक पहुंचने का दावा किया था। इसके जवाब में अफगानिस्तान ने 27 फरवरी को पाकिस्तान पर हमला किया। अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि पाकिस्तान को ‘सही समय पर कड़ा जवाब’ दिया जाएगा। मंत्रालय ने इन हमलों को देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया था। पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर दबाव बनाता रहा है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी आतंकी संगठन को न करने दे। इस्लामाबाद का आरोप है कि TTP अफगानिस्तान से ऑपरेट हो रहा है, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों से लगातार इनकार करती रही है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में 415 तालिबान लड़ाके मारे पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ हमले को ‘गजब लिल हक’ ऑपरेशन नाम दिया है और काबुल समेत कई प्रांतों में हमले किए। ‘गजब लिल हक’ का मतलब है, अपने हक के लिए खड़े होना। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ता उल्लाह तारर के मुताबिक अब तक – पाकिस्तानी वायुसेना ने दावा किया है कि उसने नंगरहार और कंधार में तालिबान के सैन्य मुख्यालयों को निशाना बनाया। वहीं तालिबान का कहना है कि उसके सिर्फ 8 से 13 लड़ाके मारे गए और कुछ घायल हुए हैं। उसने दावा किया कि 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और दो सैन्य मुख्यालयों समेत कई चौकियों पर कब्जा किया गया। तालिबान ने चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तान ने आगे हमला किया तो और कड़ा जवाब दिया जाएगा। हमले के बाद की तस्वीरें… पाकिस्तान की संसद में निंदा प्रस्ताव पास पाकिस्तान की सीनेट ने अफगानिस्तान के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि आगे किसी भी उकसावे पर कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सेना मुख्यालय का दौरा कर जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई। पाकिस्तान के सूचना मंत्री ने अफगान तालिबान सरकार को गैर-कानूनी बताते हुए आरोप लगाया कि वहां महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकार छीने जा रहे हैं। दोनों देशों के बीच पहले भी हुआ है तनाव अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच डूरंड लाइन को लेकर लंबे समय से विवाद है। दोनों देश एक-दूसरे पर हमले और आतंकियों को छिपाने का आरोप लगाते रहते हैं। 2021 में अफगानिस्तान हुकूमत पर तालिबान के कंट्रोल के बाद से तनाव और बढ़ गया है।
प्रीमियर लीग फुटबॉल- आर्सनल ने चेल्सी को 2-1 से हराया:पॉइंट्स टेबल में टॉप पर पहुंचा; ब्रूनो फर्नाडेंज के गोल से मैनचेस्टर यूनाइटेड भी जीता

इंग्लिश प्रीमियर लीग (EPL) में खिताबी जंग अब और रोमांचक हो गई है। रविवार को एमिरेट्स स्टेडियम में खेले गए हाई-वोल्टेज ‘लंदन डर्बी’ में टेबल टॉपर आर्सनल ने चेल्सी को 2-1 से हरा दिया। इस जीत के साथ टीम ने पॉइंट्स टेबल में नंबर-1 पर अपनी पोजिशन स्ट्रॉन्ग भी कर ली। मैनचेस्टर सिटी 59 पॉइंट्स के साथ दूसरे नंबर पर है। वहीं, एक अन्य मुकाबले में मैनचेस्टर यूनाइटेड ने क्रिस्टल पैलेस पर रोमांचक जीत दर्ज कर तीसरा स्थान हासिल कर लिया है। टीम से ब्रूनो फर्नांडेज ने बेहतरीन गोल दागा। आर्सेनल vs चेल्सी पूरे मैच में आर्सेनल का दबदबा रहा और दिलचस्प बात यह रही कि मैच के तीनों गोल कॉर्नर के जरिए ही आए। चेल्सी को भारी पड़ी रेड कार्ड की मार मैच के आखिर में चेल्सी के पेड्रो नेटो को अंपायर से बहस और फाउल के कारण दूसरा यलो कार्ड मिला। 2 यलो कार्ड के कारण उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा, जिससे टीम को 10 खिलाड़ियों से ही मैच खेलना पड़ा। चेल्सी फिलहाल 45 पॉइंट्स के साथ छठे नंबर पर है। यूनाइटेड की ‘कमबैक’ जीत ओल्ड ट्रैफर्ड में मैनचेस्टर यूनाइटेड ने एक गोल से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए क्रिस्टल पैलेस को 2-1 से हरा दिया।
शिवराज सिंह चौहान ने जन्मदिन पर मांगे पौधे:विदिशा में मनाएंगे जन्मोत्सव, अखंड रामायण और होली मिलन समारोह भी होगा

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान 5 मार्च को अपना जन्मदिन विदिशा के रंगई स्थित बाड़ वाले गणेश मंदिर में मनाएंगे। इस मौके पर मंदिर परिसर में अखंड रामायण पाठ और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस बार उनका जन्मदिन होली के त्योहार के साथ पड़ रहा है। इसलिए आयोजन समिति ने होली मिलन समारोह भी रखा है। यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा। इसमें कार्यकर्ता, समर्थक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और आम लोग शामिल होंगे। समर्थकों से कहा- पौधा भेंट करें जन्मदिन से पहले शिवराज सिंह चौहान ने अपने एक्स अकाउंट के जरिए समर्थकों से खास अपील की है। उन्होंने कहा है कि उनके जन्मदिन पर शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह या अन्य उपहार न लाए जाएं। अगर कोई उन्हें शुभकामनाएं देना चाहता है तो एक पौधा लगाए, उसकी फोटो साझा करे या उन्हें पौधा भेंट करे। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि जीवन का हर पल उद्देश्यपूर्ण होना चाहिए। पर्यावरण संरक्षण उनका संकल्प है और वे खुद रोज पौधरोपण करते हैं। उन्होंने जन्मदिन को सादगी से मनाने और दिखावे से बचने की बात कही है। जन्मदिन को लेकर समर्थकों में उत्साह है। वहीं, पौधा लगाने की अपील से यह कार्यक्रम सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देगा।
केमिकल रंगीन से बाहर! घर पर गुलाब की सब्जी से हर्बल गुलाल, बच्चे भी खेलें बेफिक्र, त्वचा पर एलर्जी भी नहीं होगी

1 मार्च 2026 को 22:14 IST पर अपडेट किया गया घर पर बने होली के रंग: होली पर गुलाब की होली का इस्तेमाल कर आप भी घर पर गुलाल खरीद कर बना सकते हैं। ये केमिकल फ्री और स्किन फ्रेंडली होता है। घरेलू तरीकों से गुलाल तैयार करने का तरीका जानें, जो बच्चों के लिए भी है सुरक्षित। (टैग्सटूट्रांसलेट)घर पर बने होली के रंग(टी)डीआईवाई घर पर बने होली के रंग(टी)प्राकृतिक गुलाल(टी)गुलाब के फूलों से बना प्राकृतिक गुलाल(टी)गुलाब के फूलों का गुलाल(टी)प्राकृतिक गुलाल रेसिपी(टी)घर पर बने होली के रंग(टी)गुलाब की पंखुड़ियों वाला गुलाल(टी)पर्यावरण के अनुकूल होली(टी)त्वचा के अनुकूल होली के रंग
होली फूड: होली के दिन घर पर बाजार से भी बेहतर दही भल्ले, नोट कर लें आसान रेसिपी

दही भल्ले रेसिपी: भारत में त्योहारों का नाम लेते ही मुंह में पानी आ जाता है, खासकर दही भल्ले जैसे पारंपरिक व्यंजन त्योहारों पर ही मिलते हैं। उत्तर भारत में होली के त्योहार पर दही भल्ले घर-घर बनाए जाते हैं। ये उड़द दाल के नर भल्ले, गाए दही और नकली के साथ इतनी लजीज शामिल हैं कि मेहमान अंगलियां चाटते रह जाते हैं। लेकिन कई बार इसे घर पर बनाना काफी मुश्किल हो जाता है, क्योंकि भल्ले जल्दी से नर नहीं बनते या फिर बीच में ही पेट में रह जाते हैं। ऐसे में सही दही भल्ले बनाने का तरीका पता होना जरूरी है। दही भल्ले की सही रेसिपी काफी सरल है, साथ ही कुछ ट्रिक्स सिद्धांत से प्रभावकारी परिणाम भी है। हम यहां एक आसान तरीका बता रहे हैं, जो घरेलू सामग्री से तैयार होता है। यह रेसिपी उत्तर भारतीय स्टाइल की है। जानिए इसे बनाने का स्टेप बाई स्पेट का सही तरीका। दही भल्ले कैसे बनाएं? सबसे पहले उड़द और मूंग दाल को धोकर 5-6 घंटे या रात भर का समय लें। पानी से भरे मजदूर में कम पानी से पीस लें। पेस्ट प्लेसमेंट। पिसी दाल को 8-10 मिनट एक दिशा में फेंटें, जब तक फूली न हो। पानी में तैरने के लिए चेक करें, अगर तैरना है तो तैयार है। अब हींग, अदरक, काली मिर्च और नमक। आटे में पका हुआ तेल गर्म करें। प्यारे हाथों से छोटे खिलौने सोलोमन तलें। तले भल्लों को नमक-हींग वाले गुनगुने पानी में 20-30 मिनट भिगोएं, ताकि स्पंजी बनें।दही को फेंटकर चीनी मिलाएं और फ्रिज में ठंडा करें। हाउसते समय भल्लों से पानी निशानें, प्लेट में जगह। ऊपर दही, मठ और मूल तत्व। बस तैयार है आपके दही भल्ले। धनिया और सेव से सजाएं। ये रेसिपी कम तेल वाली है, जो होली की मस्ती में बैठती है। तो आप इसे होली पर ट्राई कर सकते हैं, परिवार के साथ मौजूद रहें। होली पर बनाएं ये पारंपरिक व्यंजन सभी को पसंद आएं। (टैग्सटूट्रांसलेट)दही भल्ले रेसिपी(टी)होली स्पेशल स्नैक्स(टी)सॉफ्ट दही वड़ा(टी)इंडियन स्ट्रीट फूड(टी)आसान होली रेसिपी(टी)होली फूड(टी)दही भल्ले
‘धुरंधर में अक्षय खन्ना के रोल पर उठा सवाल:शोभा डे बोलीं- प्रमोशन में किरदार और डांस मूव्स को बढ़ा-चढ़ाकर किया गया पेश

राइटर-कॉलमिस्ट शोभा डे ने फिल्म धुरंधर में अक्षय खन्ना के रोल को लेकर हो रही हाइप पर सवाल उठाया। एक पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि उनके रोल और डांस मूव्स को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया है। शोभा डे ने रेडिफ ओरिजिनल्स पॉडकास्ट में फिल्म के बारे में अपनी राय शेयर करते हुए कहा, “मुझे लगा कि जिस तरह का माहौल बनाया गया, वह थोड़ा मैनिपुलेटिव था। ऐसा दिखाया गया मानो अक्षय खन्ना रणवीर से बड़े स्टार हों और उन्होंने पूरी फिल्म को अपने दम पर संभाल लिया हो। उनके डांस को भी खास तरह से पेश किया गया। हालांकि डांस वाकई शानदार था और वायरल भी हुआ, लेकिन उसे जिस तरह प्रमोट किया गया, वह सोच-समझकर बनाई गई रणनीति जैसा लगा।” वहीं, जब पॉडकास्ट में फिल्म ‘धुरंधर’ को लेकर जब ऋतिक रोशन के बयान का जिक्र किया गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें फिल्म पसंद आई, लेकिन वह इसकी राजनीति से सहमत नहीं हैं, शोभा डे ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी ने ऋतिक से यह नहीं पूछा था कि वह फिल्म की राजनीति से सहमत हैं या नहीं। उनके मुताबिक, यह उनकी अपनी पसंद थी कि उन्होंने इस पहलू पर टिप्पणी की। शोभा डे ने हल्के अंदाज में कहा कि वह चाहते तो सिर्फ इतना कह सकते थे कि उन्हें फिल्म पसंद आई। राजनीति पर राय देना जरूरी नहीं था। फिल्म को लेकर ऋतिक ने क्या कहा था? बता दें कि ऋतिक ने फिल्म देखने के बाद इंस्टाग्राम पर लिखा था कि उन्हें फिल्म की स्टोरीटेलिंग पसंद आई। उन्होंने कहा था कि वह फिल्म की राजनीति से सहमत नहीं हैं, लेकिन सिनेमा के स्टूडेंट के तौर पर उन्होंने इससे बहुत कुछ सीखा। ऋतिक ने लिखा, “मुझे सिनेमा पसंद है। मुझे वे लोग पसंद हैं जो कहानी में पूरी तरह डूब जाते हैं। धुरंधर इसका उदाहरण है। मुझे इसकी कहानी कहने का तरीका अच्छा लगा। मैं इसकी राजनीति से सहमत नहीं हूं। फिर भी इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।” हालांकि, कुछ घंटों बाद उन्होंने एक्स और इंस्टाग्राम पर फिर पोस्ट किया। उन्होंने डायरेक्टर आदित्य धर और एक्टर रणवीर सिंह की तारीफ की। उन्होंने लिखा कि फिल्म अभी भी उनके दिमाग में चल रही है। फिल्म धुरंधर 5 दिसंबर को रिलीज हुई थी। इसमें रणवीर सिंह एक भारतीय जासूस बने थे। रणवीर के अलावा फिल्म में अक्षय खन्ना, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल और आर माधवन भी थे। फिल्म ने दुनियाभर में 1300 करोड़ रुपए से ज्यादा का बिजनेस किया था।






