अमेरिका-इजराइल ने ईरान पर हमला किया, कई शहरों में धमाके:सुप्रीम लीडर खामेनेई सुरक्षित जगह शिफ्ट; ट्रम्प बोले- अमेरिकियों की सुरक्षा के लिए अटैक किया

इजराइल ने ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों पर हमला कर दिया है। भारतीय समय के मुताबिक शनिवार सुबह तेहरान समेत कई शहरों में धमाके सुने गए हैं और हवाई हमलों के सायरन बज रहे हैं। इजराइल डिफेंस फोर्स ने ईरान पर हमले की जानकारी देते हुए इसे ‘प्रिवेंटिव अटैक’ बताया है। हमले के बाद ईरान ने सभी उड़ानें रोक दी हैं और एयरस्पेस खाली करा लिया है। इधर इजराइल में भी एयर अटैक सायरन सुनाई दे रहे हैं। संवेदनशील इलाके खाली कराए जा रहे हैं। लोगों से घरों में रहने की अपील की गई है। वहीं अल जजीरा ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि यह अमेरिका और इजराइल का जॉइंट मिलिट्री एक्शन है। इसके तहत ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई के दफ्तर के पास हमला किया गया। हमले के बाद खामेनेई को सुरक्षित जगह शिफ्ट कर दिया गया है। इजराइल ने ईरान के खिलाफ अपने नए अभियान का नाम ‘लियोनस् रोर’ (शेर की दहाड़) रखा है। यह नाम इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तय किया है। बताया गया है कि सेना ने पहले इस हमले के लिए दूसरा नाम रखा था। यह हमला ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु हथियारों को लेकर चल रही बातचीत के बीच हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर हमले की धमकी दी थी। शुक्रवार को अमेरिका ने अपने नागरिकों से तुरंत इजरायल छोड़ने के लिए कहा था। हमले की तस्वीरें… ईरान-अमेरिका के बीच बैलिस्टिक मिसाइल पर विवाद चल रहा था अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर हमले की धमकी दी थी। अमेरिकी सेना पहले ही ईरान को चारों तरफ से घेर चुकी है। इससे पहले शुक्रवार को अमेरिका ने अपने नागरिकों से तुरंत इजराइल छोड़ने के लिए कहा था। ईरान और अमेरिका के बीच चल रही परमाणु समझौते की बातचीत में बैलिस्टिक मिसाइल प्रोजेक्ट सबसे बड़ा विवाद का मुद्दा बन गया है। ईरान इस पर बिल्कुल भी समझौता करने को तैयार नहीं है और इसे अपनी रेड लाइन मानता है। ईरान का कहना है कि यह उसके बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम रक्षा के लिए जरूरी है। ईरान का कहना है कि जून 2025 में इजराइल और अमेरिका ने ईरान के परमाणु साइटों पर हमला किया, तब ईरान की मिसाइलों ने ही उसकी रक्षा की। ईरानी अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि मिसाइल कार्यक्रम पर कोई बात नहीं होगी। यह ईरान की रक्षात्मक क्षमता है और इसे छोड़ना मतलब खुद को कमजोर करना होगा। ईरान कहता है कि बातचीत सिर्फ परमाणु कार्यक्रम तक सीमित रहेगी, मिसाइल या क्षेत्रीय समूहों पर नहीं। इजराइल के ईरान पर हमले से जुड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
चंदिया कटनी बाइपास पर ट्रकों से यातायात बाधित:एक किलोमीटर तक सड़क पर खड़े रहते हैं भारी वाहन

उमरिया जिले के चंदिया नगर में कटनी बाइपास मार्ग पर अव्यवस्थित रूप से खड़े ट्रकों के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। करीब एक किलोमीटर लंबे हिस्से में सड़क के दोनों किनारों पर भारी वाहनों की कतार लगने से आवागमन बाधित हो रहा है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। वाहन चालकों को सामने से आने वाले वाहनों को साइड देने में परेशानी होती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, शाम 7 बजे से सुबह 8 बजे तक ट्रक सड़क घेरकर खड़े रहते हैं। मार्ग पर अंधा मोड़ होने के कारण सामने से आने वाले वाहन समय पर दिखाई नहीं देते, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। इस मार्ग से प्रतिदिन गुजरने वाले बाइक सवार दुर्गा ने बताया कि दोनों तरफ ट्रक खड़े होने से निकलने की जगह नहीं बचती। यह शहर में प्रवेश का मुख्य मार्ग है, जिससे रात के समय आवागमन विशेष रूप से मुश्किल हो जाता है। मामले को लेकर एसडीओपी पी.एल. परस्ते ने बताया कि ट्रकों के खड़े होने से यातायात बाधित होने की शिकायत मिली है। उन्होंने जांच के निर्देश दिए हैं और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
हरदा में जलकर बढ़ोतरी पर घमासान, कांग्रेस ने उठाए सवाल:प्रस्ताव लाने वाले बीजेपी उपाध्यक्ष ही अब कर रहे पुनर्विचार की मांग

हरदा में जलकर की बढ़ी हुई दर को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। नगर पालिका परिषद की सामान्य बैठक में जलकर 75 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 200 रुपये कर दिया गया। परिषद में बताया गया कि प्रति कनेक्शन करीब 563 रुपये प्रतिमाह खर्च आ रहा है, इसी आधार पर दर बढ़ाने का निर्णय लिया गया। खास बात यह है कि जलकर बढ़ाने का प्रस्ताव नगर पालिका उपाध्यक्ष अंशुल गोयल ने ही रखा था। उन्होंने शुरुआत में 300 रुपये प्रतिमाह तक बढ़ाने का सुझाव दिया था, लेकिन चर्चा के बाद 200 रुपये प्रतिमाह की दर बहुमत से पारित कर दी गई। कांग्रेस ने किया था विरोध बैठक के दौरान कांग्रेस पार्षदों ने 75 रुपये से सीधे 200 रुपये करने का विरोध किया था। उनका कहना था कि यदि दर बढ़ानी है तो उसे 100 रुपये प्रतिमाह किया जाए। यह आपत्ति परिषद की कार्यवाही में दर्ज है और इसके वीडियो प्रमाण भी मौजूद हैं। अब वही उपाध्यक्ष अंशुल गोयल मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को पत्र लिखकर जलकर की दर कम करने या फैसले पर पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप: दोहरी राजनीति नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी ने कहा कि जब प्रस्ताव खुद उपाध्यक्ष ने रखा और बहुमत से पारित कराया, तो अब दर कम करने की मांग किस आधार पर की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पहले बहुमत का उपयोग कर फैसला करती है और अब जनता के दबाव में खुद को हितैषी दिखाने की कोशिश कर रही है। परिषद बैठक बुलाने की मांग कांग्रेस ने मांग की है कि यदि वास्तव में जलकर कम करना है तो परिषद की विशेष बैठक बुलाकर औपचारिक प्रस्ताव लाया जाए और दर 100 रुपये प्रतिमाह तय की जाए। उनका कहना है कि केवल पत्र लिखना पर्याप्त नहीं है। जलकर वृद्धि को लेकर शहर में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अब सभी की नजर नगर पालिका परिषद की अगली बैठक और प्रशासन के फैसले पर टिकी है।
नर्मदापुरम में 20 हजार पौधे उखाड़ फॉरेस्ट जमीन पर कब्जा:विभाग ने अतिक्रकण हटाया, देखरेख करने वाले वनकर्मियों पर कार्रवाई की तैयारी

नर्मदापुरम जिले के बानापुरा रेंज की झाड़बीड़ा बीट में प्लांटेशन की जमीन पर लगे करीब 20 हजार पौधों को उखाड़कर नष्ट कर दिया गया। आरोप है कि राजलढ़ाना गांव के करीब 100 ग्रामीणों ने खेती करने के उद्देश्य से लगभग 20 हेक्टेयर वन भूमि पर कब्जा करने की कोशिश की। वन विभाग को जब इसकी जानकारी मिली तो राजस्व और पुलिस विभाग की मदद से संयुक्त कार्रवाई की गई। करीब 230 वनकर्मी, पुलिस और राजस्व अधिकारी मौके पर पहुंचे और कब्जा हटाया गया। कार्रवाई के दौरान वहां बनाई गई अस्थायी टपरियां हटाई गईं और बड़े गड्ढे खोदे गए, ताकि दोबारा खेती नहीं की जा सके। 2019 में हुआ था प्लांटेशन डीएफओ गौरव शर्मा ने बताया कि इस क्षेत्र में वर्ष 2019 में पौधारोपण किया गया था। अतिक्रमणकारियों ने करीब 20 हजार पौधों को नुकसान पहुंचाया है, जिससे विभाग को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। अब वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर पौधों पर हुए खर्च की वसूली की जाएगी। जिम्मेदार स्टाफ पर भी होगी कार्रवाई डीएफओ ने यह भी कहा कि इस मामले में वन विभाग के जिन कर्मचारियों की लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था ठीक से क्यों नहीं की गई, इस संबंध में रेंजर को जांच के निर्देश दिए गए हैं। संयुक्त टीम ने हटाया अवैध कब्जा झाड़बीड़ा बीट के कंपार्टमेंट नंबर 159 में राजलढ़ाना और पतलई गांव के कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया था। इसे हटाने के लिए वन विभाग को पुलिस और राजस्व विभाग की सहायता लेनी पड़ी। अभियान के दौरान एसडीओ अनिल विश्वकर्मा, नायब तहसीलदार कीर्ति प्रधान, एसडीओपी महेंद्र सिंह चौहान और थाना प्रभारी सुधाकर बरसकर सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। फिलहाल वन विभाग ने साफ कर दिया है कि वन भूमि पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बोलिविया में करेंसी से भरा प्लेन क्रैश, 15 की मौत:30 घायल, खराब मौसम के कारण रनवे से फिसला; हाईवे पर बिखरे नोट उठाने जुटे लोग

बोलिविया के एल आल्टो शहर में शनिवार सुबह (भारतीय समयानुसार) वायुसेना का हरक्यूलिस विमान क्रैश हो गया। हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से ज्यादा लोग घायल हैं। विमान देश के सेंट्रल बैंक के नए नोट लेकर जा रहा था। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, खराब मौसम के बीच विमान लैंडिंग के बाद रनवे से फिसलकर पास की व्यस्त सड़क पर जा गिरा। जिस सड़क पर यह गिरा, वहां खड़ी 10 से 15 गाड़ियां भी इसके चपेट में आ गए और डैमेज हो गईं। एयरक्राफ्ट का मलबा, टूटी हुई कारें और लाशें सड़क पर बिखरी नजर आई। सड़क पर बैंक के नोट भी बिखरे नजर आए, जिन्हें उठाने के लिए लोग मौके पर जुट गए। हादसे के बाद एयरपोर्ट अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। हादसे की तस्वीरें… दो टुकड़ों में बंटा प्लेन सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में हादसे के बाद अफरातफरी का माहौल दिखा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय अधिकारियों को पानी की बौछार और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। हालांकि, इन वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। हादसे के बाद एल आल्टो इंटरनेशनल एयरपोर्ट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। राष्ट्रीय एयरलाइन ने बयान जारी कर बताया कि दुर्घटनाग्रस्त प्लेन उसके बेड़े का हिस्सा नहीं था, यह वायुसेना का विमान था। स्थानीय मीडिया में प्रसारित फुटेज में विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त दिखा। हादसे के बाद प्लेन दो टुकड़ों में बंट गया। बोलिविया का सेंट्रल बैंक आज इस घटना पर प्रेस ब्रीफिंग करने वाला है। हादसे के कारणों की आधिकारिक जांच शुरू कर दी गई है। घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में जारी है। प्रशासन ने मृतकों की पहचान और नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। —————————– ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में बर्फीले तूफान से 11 हजार फ्लाइट रद्द:5 लाख घरों की बिजली गुल, 153 साल में पहली बार अखबार नहीं छप सका अमेरिका में भीषण तेज हवाओं और भारी बर्फबारी के कारण एयरपोर्ट पर रनवे बंद करने पड़े और कई जगह उड़ानों पर रोक लगानी पड़ी है। यहां रविवार से मंगलवार के बीच 11,055 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गईं। पूरी खबर पढ़ें…
अफ्रीका से 6 फीमेल, 2 मेल चीते भारत आएंगे:एपस्टीन से नाम जुड़ने पर वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम CEO ब्रेंडे का इस्तीफा; 28 फरवरी करेंट अफेयर्स

जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. अफ्रीका से 8 चीते भारत आएंगे 28 फरवरी को 8 चीते अफ्रीका से एयरलिफ्ट कर भारत लाए जाएंगे। 2. कनाडाई पीएम 4 दिन के दौरे पर भारत पहुंचे 27 फरवरी को कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी 4 दिन के दौरे पर भारत पहुंचे। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 3. पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ युद्ध का ऐलान किया 27 फरवरी को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ युद्ध का औपचारिक ऐलान किया। मिसलीनियस (MISCELLANEOUS) 4. वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के प्रेसिडेंट बोर्गे ब्रेंडे का इस्तीफा 26 फरवरी को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के प्रेसिडेंट और CEO बोर्गे ब्रेंडे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। 5. शिक्षा मंत्रालय ने NCERT की नई किताबें वापिस लेने का आदेश दिया 27 फरवरी को शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NCERT की कक्षा 8वीं की नई किताबें सर्कुलेशन से वापिस लेने का आदेश दिया। ——————————– ये खबरें भी पढ़ें… राष्ट्रपति मुर्मू ने पहली बार हेलिकॉप्टर ‘प्रचंड’ की उड़ान भरी: गंगा डॉल्फिन, हिम तेंदुओं के संरक्षण के लिए भारत-नेपाल में MoU; 27 फरवरी करेंट अफेयर्स जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… पूरी खबर पढ़ें…
विल जैक्स ने शेन वॉटसन की बराबरी की:सबसे ज्यादा 4 प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीते; बटलर 10वीं बार शून्य पर आउट

इंग्लैंड ने टी-20 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हरा दिया। शुक्रवार को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में न्यूजीलैंड ने 7 विकेट खोकर 159 रन बनाए। इंग्लैंड ने 19.3 ओवर में 6 विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। जीत के हीरो रहे विल जैक्स, जिन्होंने 18 गेंद पर नाबाद 32 रन की तेज पारी खेली और 2 विकेट भी लिए। वे प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। यह उनके वर्ल्ड कप करियर का चौथा प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड रहा, इसी के साथ उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के शेन वॉटसन की बराबरी कर ली। दूसरी ओर जोस बटलर टी-20 इंटरनेशनल में 10वीं बार शून्य पर आउट हुए। ENG vs NZ मैच के टॉप रिकार्ड्स और मोमेंट्स… 1. विल जैक्स ने चौथा प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीता इंग्लैंड के ऑलराउंडर विल जैक्स ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में अपना चौथा प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीत लिया। इसी के साथ उन्होंने एक ही एडिशन में सबसे ज्यादा अवॉर्ड जीतने के मामले में शेन वॉटसन की बराबरी कर ली, जिन्होंने भी 2012 में 4 अवॉर्ड हासिल किए थे। तब वॉटसन प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी बने थे। वहीं, 2022 में सिकंदर रजा ने तीन बार यह सम्मान पाया था। 2. स्पिनर्स ने 31 ओवर्स फेंके टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में कोलंबो का आर प्रेमदासा स्टेडियम स्पिनर्स के लिए सबसे मददगार साबित हुआ। न्यूजीलैंड-इंग्लैंड मैच में 31 ओवर स्पिनर्स ने फेंके। यह टूर्नामेंट इतिहास के एक मैच में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा रहे। इससे पहले इसी वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान मुकाबले में भी दोनों टीमों के स्पिनर्स ने मिलकर 31 ओवर डाले थे। 3. बटलर इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट जोस बटलर शुक्रवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ खाता भी नहीं खोल सके। वे इंग्लैंड के लिए टी-20 में सबसे ज्यादा 10 बार शून्य पर आउट हुए हैं। उनके बाद ल्यूक राइट और मोईन अली 9-9 बार डक हुए, जबकि जेसन रॉय 7 बार शून्य पर आउट हुए हैं। अब मोमेंट्स… 1. न्यूजीलैंड के 2 बल्लेबाज स्टंपिंग आउट हुए न्यूजीलैंड के 2 बल्लेबाज टिम साइफर्ट और मार्क चापमन स्टंपिंग आउट हुए। 7वें ओवर में आदिल रशीद ने टिम साइफर्ट को धीमी गेंद डाली। साइफर्ट बड़ा शॉट खेलने के लिए क्रीज से बाहर निकले, लेकिन गेंद मिस कर गए, इतने में विकेटकीपर जोस बटलर ने स्टंपिंग कर दी। साइफर्ट 35 रन बनाकर आउट हुए। 15वें ओवर में आदिल रशीद ने मार्क चापमन के खिलाफ भी वही रणनीति अपनाई। चापमन लॉन्ग-ऑन के ऊपर शॉट खेलने के लिए आगे बढ़े, लेकिन गेंद की रफ्तार कम थी। शॉट में जल्दबाजी हुई, बैलेंस बिगड़ा और बटलर ने आसान स्टंपिंग कर दी। चापमन 15 रन बनाकर पवेलियन लौटे। 2. स्कूप खेलते हुए ब्रूक को गेंद लगी इंग्लैंड की बैटिंग के दौरान तीसरे ओवर में दूसरी गेंद पर हैरी ब्रूक शॉट खेलने के लिए ऑफ स्टंप से बाहर गए, लेकिन मैट हेनरी ने भी उनको फॉलो करते हुए गेंद डाली। ब्रूक ने स्कूप लगाने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का इनसाइड एज लेकर उनके शरीर से टकरा गई। हालांकि, उन्हें ज्यादा चोट नहीं आई और उन्होंने खेलना जारी रखा। 3. ग्लेन फिलिप्स ने डाइव लगाकर कैच पकड़ा 9वें ओवर की चौथी गेंद पर ग्लेन फिलिप्स ने हवा में डाइव लगाते हुए जैकब बेथेल का शानदार कैच पकड़ा। रचिन रवींद्र ने ऑफ स्टंप पर गुड लेंथ बॉल डाली, जिस पर बेथल ने बैकफुट से पुल शॉट खेला, लेकिन गेंद मिडविकेट की ओर चली गई, जहां ग्लेन फिलिप्स ने हवा में उड़ते हुए आगे की ओर डाइव लगाई और बेहतरीन कैच पकड़ लिया। 4. रेहान अहमद ने अपनी पहली बॉल पर विकेट लिया टी-20 वर्ल्ड कप में अपना पहला मैच खेल रहे रेहान अहमद ने अपनी पहली ही गेंद पर विकेट ले लिया। उन्होंने 12वें ओवर की पहली गेंद शॉर्ट पिच फेंकी। रचिन रवींद्र ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले के निचले हिस्से से लगकर डीप मिडविकेट की ओर गई। जहां खड़े जैकब बेथेल ने आसान-सा कैच पकड़ लिया। रेहान को पहली बॉल पर ही विकेट मिल गया। रचिन 11 रन बनाकर आउट हुए। —————————————– क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें ————————————————– टी-20 वर्ल्ड कप की यह खबर भी पढ़ें… इंग्लैंड ने लगातार तीसरा सुपर-8 मैच जीता, कीवियों की उम्मीदें पाकिस्तान पर टिकीं इंग्लैंड ने टी-20 वर्ल्ड कप के 9वें सुपर-8 मैच में न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हरा दिया है। इस जीत ने पाकिस्तान के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें कायम रखी हैं। वहीं, न्यूजीलैंड को पाकिस्तान के प्रदर्शन पर निर्भर कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर…
बढ़ते वजन पर पाएं काबू, पिएं ये 5 तरह के देसी ड्रिंक्स, ये है पीने का सही तरीका

Last Updated:February 28, 2026, 00:10 IST 5 Desi Drinks for Weight Loss: वजन बढ़ता है तो हर कोई टेंशन में आ जाता है. इसे कंट्रोल में रखने के लिए फिर वेट लॉस डाइट को फॉलो करना शुरू कर देते हैं. कई बार इससे थोड़ा वेट लॉस होता है, लेकिन फिर दोबारा से वजन बढ़ने लगता है. आप परेशान न हों, हम आपको यहां 5 ऐसे हेल्दी वेट लॉस ड्रिंक्स के बारे में बता रहे हैं, जिसे पीते ही फर्क दिखना शुरू हो जाएगा. वेट लॉस के लिए 5 देसी ड्रिंक. आज के दौर में घंटों बैठकर काम करना, समय पर न खाना, नींद पूरी न होना और लगातार तनाव में रहना, ये सब मिलकर शरीर के मेटाबोलिज्म को धीमा कर देते हैं. ऐसे में लोग जल्दी रिजल्ट पाने के चक्कर में फैट बर्न के नाम पर तरह-तरह के सप्लीमेंट्स लेने लगते हैं, लेकिन आयुर्वेद और विज्ञान दोनों ही मानते हैं कि शरीर को धीरे-धीरे और प्राकृतिक तरीके से संतुलन में लाया जाना चाहिए. ऐसे में कुछ देसी ड्रिंक्स हैं, जो लंबे समय तक वजन घटाने के साथ-साथ सेहत को बनाए रखते हैं. गुनगुना नींबू पानी- आयुर्वेद में सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीने को लाभकारी माना गया है. जब इसमें नींबू मिलाया जाता है, तो यह पाचन तंत्र को एक्टिव करता है. नींबू में मौजूद प्राकृतिक एसिड पेट में जमी गंदगी को साफ करने में मदद करते हैं. विज्ञान के अनुसार, सुबह के समय लिया गया यह ड्रिंक मेटाबोलिज्म को हल्का सा बूस्ट देता है, जिससे शरीर दिनभर कैलोरी को बेहतर तरीके से बर्न कर पाता है. इसका असर धीरे-धीरे दिखता है, लेकिन नियमितता के साथ यह पेट साफ रखने और सूजन कम करने में मदद करता है. जीरा पानी- रात में जीरा भिगोने से उसके गुण पानी में आ जाते हैं. सुबह उबालकर पीने पर यह पेट की गैस, भारीपन और ब्लोटिंग को कम करता है. जब पाचन सही होता है, तो शरीर फैट को जमा करने के बजाय एनर्जी के रूप में इस्तेमाल करने लगता है. विज्ञान भी मानता है कि अच्छा पाचन वजन कम करने की नींव होता है. जीरा पानी शरीर को अंदर से हल्का महसूस कराता है, जिससे पेट धीरे-धीरे फ्लैट होने लगता है. दालचीनी पानी- आयुर्वेद और विज्ञान दोनों ही दालचीनी पानी को ब्लड शुगर को संतुलित करने वाला मानते हैं. जब शुगर लेवल संतुलित रहता है, तो शरीर फैट को जमा करने के बजाय धीरे-धीरे इस्तेमाल करता है. गुनगुना दालचीनी पानी सुबह या रात को लेने से शरीर के अंदर जमा फैट एनर्जी में बदलने लगता है. ग्रीन टी- आज के समय में ग्रीन टी काफी लोकप्रिय है, लेकिन इसका सही इस्तेमाल बहुत जरूरी है. इसमें मौजूद प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में फैट को कम करते हैं. यह शरीर को हल्की एनर्जी भी देता है, जिससे थकान कम महसूस होती है. आयुर्वेद के अनुसार, ग्रीन टी शरीर की गर्मी को संतुलित रखती है. सौंफ का पानी- पेट और दिमाग दोनों के लिए सौंफ का पानी राहत देने वाला माना जाता है. आयुर्वेद में सौंफ को पाचन सुधारने वाला बताया गया है. इसे पीने से भूख संतुलित रहती है और बार-बार कुछ मीठा खाने की इच्छा कम होती है. जब क्रेविंग कंट्रोल में रहती है, तो अनजाने में ज्यादा खाने से बचाव होता है. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें First Published : February 27, 2026, 23:59 IST
भोपाल के बड़ा तालाब से 50 मीटर में निर्माण अवैध:153 झुग्गियां-निर्माण लिस्टेट; खानूगांव में 15 सरकारी जमीनों पर कब्जे मिले

भोपाल की लाइफ लाइन बड़ा तालाब के फुल टैंक लेवल (एफटीएल) से 50 मीटर के दायरे में जितने भी निर्माण 16 मार्च 2022 के बाद हुए, वे सभी अवैध माने जाएंगे। ये बड़ा तालाब का शहरी हिस्सा है, जबकि ग्रामीण हिस्से में एफटीएल से ढाई सौ मीटर की दूरी तय है। अब तक के सर्वे में कुल 153 झुग्गियां और पक्के निर्माण सामने आ चुके हैं। इनमें कई रसूखदारों के आलिशान मकान भी शामिल हैं। अफसरों की माने तो 16 मार्च 2022 को वेटलैंड एक्ट लागू हुआ था। इसके बाद यदि एफटीएल के निर्धारित दायरे में कोई भी निर्माण हुआ है तो वह अवैध ही कहलाएगा। दूसरी ओर, नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल के आदेशों का पालन करते हुए पुराने अतिक्रमण भी हटाए जाएंगे। इसकी रिपोर्ट भी एनजीटी में पेश करना है। इसलिए फिर शुरू हुई है। सांसद अलोक शर्मा और कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह की फटकार के बाद यह कार्रवाई तेज कर दी गई है। कहां मिले कब्जे होली से पहले पूरा होगा सीमांकन कलेक्टर सिंह ने बड़ा तालाब के आसपास के हिस्से के अधिकार क्षेत्र वाले सभी एसडीएम को होली से पहले हर हाल में सीमांकन पूरा करने को कहा है। साथ ही एमपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को वाटर बॉडी में मिलने वाले गंदे नालों का पता लगाने की बात कही गई है। पानी को दूषित करने वाले सभी सोर्स का पता लगाया जाएगा। ऐसे दो स्तर पर होगी कार्रवाई बता दें कि वेटलैंड एक्ट 16 मार्च 2022 को लागू हुआ था। ऐसे में इसके बाद एफटीएल के दायरे में होने वाले सभी निर्माण एक तरह से अवैध ही माने जाएंगे। चाहे इसे लेकर निगम या पंचायत स्तर से कोई भी अनुमति दी ही क्यों न गई हो। शहर में 50 मीटर और ग्रामीण में 250 मीटर का पैमाना निर्धारित है। यदि इससे पहले का कोई निर्माण है, लेकिन वह तालाब की जद में आ रहा है तो संबंधित से नगर निगम, पंचायत, टीएंडसीपी, पर्यावरण, वन आदि संबंधित विभागों की अनुमति के बारे में दस्तावेज मांगे जाएंगे। साथ ही परमिशन देने वालों की जानकारी भी ली जाएगी। अब तक 3 बार सर्वे, ठोस कार्रवाई नहीं बता दें कि बड़ा तालाब का बीते दस साल में 3 बार सर्वे हो चुका है। इनमें बड़ी संख्या में अतिक्रमण सामने आए, लेकिन सर्वे रिपोर्ट का आज तक पता नहीं है। इस वजह से बैरागढ़, खानूगांव, सूरज नगर, गौरागांव, बिसनखेड़ी समेत कई जगहों पर अतिक्रमण हुए। कई मैरिज गार्डन, फार्म हाउस, स्कूल-कॉलेज, घरों की सीमाएं बड़ा तालाब में हैं। 50 मीटर के दायरे में ढेरों अतिक्रमण एक्सपर्ट राशिद नूर की मानें तो शहरी सीमा में 50 मीटर और ग्रामीण सीमा में 250 मीटर के दायरे में कोई निर्माण नहीं होना चाहिए, लेकिन एफटीएल मुनार से सटकर ही पक्के निर्माण बन गए हैं। ऐसे 1 या 2 नहीं, बल्कि सैकड़ों निर्माण हैं। भदभदा, बिसनखेड़ी, गौरागांव, बील गांव और सूरजनगर में बड़ी बिल्डिंग, फार्म हाउस, रिसॉर्ट भी देखने को मिल सकते हैं। हैरत की बात ये है कि बड़ा तालाब रामसर साइट भी है। बावजूद सालों से सिर्फ फाइलों में ही कब्जे हटे हैं। सूरजनगर में तो जिस जगह पर रामसर साइट है और नगर निगम की मुनार लगी है। ठीक उससे जुड़ी बिल्डिंग की बाउंड्रीवॉल है। यही पर नगर निगम की सीवेज लाइन भी बिछाई गई है। मुनार के पास सड़क भी भरी गई है, जो नियम के विरुद्ध है। दूसरी ओर गौरागांव से बील गांव की तरफ सड़क भी तालाब के बीच से ही गुजरी है। मुनारों में भी फर्जीवाड़ा…दो तरह की मुनारे मिले बड़ा तालाब के किनारों पर भू-माफिया सक्रिय हैं, जो कम दाम पर प्लॉट देने का वादा कर रहे हैं। उन्होंने और लोगों ने इस दायरे को लेकर ही भ्रम की स्थिति भी खड़ी की है। जिन मुनारों से एफटीएल की सीमा तय होती है, उन्हीं में फर्जीवाड़ा किया गया है। मौके पर एफटीएल बताने वाली 5 तरह की मुनारे लगे हुए मिले हैं। इनमें से एक में बीएमसी यानी, भोपाल म्युनसिपल कॉर्पोरेशन लिखा है। बाकी पर सफेद रंग है। लिखा कुछ नहीं है। इन्हीं फर्जी मुनारों के आसपास अतिक्रमण और अवैध निर्माण है। सिलसिलेवार जानिए, अब तक क्या हुआ… पहला सर्वे: साल 2016 में डीजीपीएस सर्वे, पर रिपोर्ट सामने नहीं आई साल 2016 में नगर निगम ने डीजीपीएस (डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) सर्वे कराया था। यह जमीन का सटीक माप करने की तकनीक है, जो जीपीएस की तुलना में ज्यादा जानकारी सामने लाती है। जमीन की सीमा, आकार का सटीक डेटा इकट्ठा करती है। इस सर्वे में बड़ा तालाब का क्षेत्र 38.72 वर्ग किमी बताया गया था, जबकि पहले यह एरिया 32 वर्ग किमी माना जाता था। इसकी रिपोर्ट में तालाब के एफटीएल के को-ऑर्डिनेट्स दर्ज हैं। इन को-ऑर्डिनेट्स के आधार पर धरातल पर भी सीमाएं तय की जा सकती हैं। तालाब की सीमा में आ रही निजी जमीन के मालिकाना हक का भी निर्धारण हो सकता है, लेकिन यह रिपोर्ट निगम की फाइलों में दबकर रह गई। रिपोर्ट का आज तक खुलासा नहीं हो सका। दूसरा सर्वे: 141 मुनारे ही गायब हो गए इसी साल एनजीटी ने बड़े तालाब का सर्वे करने के निर्देश दिए थे। इसमें 943 में से 802 मुनारे ही मिले थे। इसमें भी 337 मुनारे पानी के भीतर डूबे हुए थे, यानी उन्हें एफटीएल से पहले ही लगाया गया था। 141 मुनारे मौके से गायब थे, लेकिन इसके बाद मुनारे दोबारा लगाने और अतिक्रमण रोकने की कोई ठोस पहल नहीं हुई। तीसरा सर्वे: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सर्वे हुआ, रिपोर्ट का पता नहीं इस साल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सर्वे किया गया। जिला प्रशासन ने मप्र झील संरक्षण प्राधिकरण के साथ मिलकर सर्वे किया, लेकिन इसकी रिपोर्ट का कोई पता नहीं है। ये रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आई है। न ही सरकार के किसी दस्तावेज में यह जिक्र आया है कि इस सर्वे का क्या हुआ? एक मोबाइल ऐप पर इसकी रिपोर्ट दर्ज होने की बात कही जाती है। जब तक यह दस्तावेज में नहीं आएगा तब तक धरातल पर सीमांकन नहीं हो सकता। पांच महीने पहले CM दे चुके निर्देश, सांसद ने कहा-मास्टर प्लान बने बड़ा तालाब को लेकर सरकार तो गंभीर है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही सामने
होली स्किन केयर: होली से पहले अपनाएं ये घरेलू टिप्स, ना चेहरे पर रंग चढ़ेगा; त्वचा और बाल भी सुरक्षित

होली पर त्वचा की सुरक्षा: होली का त्योहार रंगों से भरा होता है, लेकिन केमिकल वाले रंग-बिरंगे बालों और बालों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। कई लोगों को एलर्जी, जलन या रूखापन झेलने की आदत होती है, ऐसे में होली खेलने से पहले अपनी त्वचा को सुरक्षित रखने के लिए आप कुछ घरेलू नुस्खे अपना सकते हैं, क्योंकि होली पर चेहरे की सही देखभाल जरूरी है, नहीं तो बाद में रंग-बिरंगी चीजों में काफी त्वचा का सामना करना पड़ सकता है। नारियल तेल सबसे अच्छा पौधा क्यों? भिन्न भिन्न का प्रयोग किया जाता है नारियल का तेल त्वचा को पोषण देता है और सूखापन दूर करता है। कई लोग इसे बालों में भी 1-2 घंटे पहले लगाते हैं ताकि चमक बनी रहे। कुछ विद्वान जैतून तेल या बादाम तेल की भी सलाह देते हैं, लेकिन नारियल तेल सबसे लोकप्रिय और आसानी से उपलब्ध है। ध्यान रहे कि हमेशा शुद्ध, वर्जिन नारियल तेल का इस्तेमाल करें और हाथों से धागे लगाएं, ताकि स्टिक हट न हो। सुझाव त्वचा वाले पहले ही पैच टेस्ट करना ना भूलें। यह सुझाव सामान्य जानकारी पर आधारित है। अगर आपको एलर्जी या त्वचा संबंधी कोई समस्या है तो डॉक्टर या त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें। होली वाले दिन केमिकल कलर से अछूता और न्यूट्रल कलर का इस्तेमाल करें। इससे आप होली का पूरा मजा ले लेंगे। लेकिन त्वचा की सुरक्षा पर भी ध्यान दें और ये नारियल तेल वाला उपाय आप अपना सकते हैं, क्योंकि ये छोटी-सी तैयारी आपको रंग के बाद भी चमकदार त्वचा देगी। (टैग्सटूट्रांसलेट)होली त्वचा की सुरक्षा(टी)होली से पहले नारियल का तेल(टी)होली के रंगों के दाग को रोकें(टी)होली युक्तियाँ त्वचा की देखभाल(टी)प्राकृतिक होली सुरक्षा






