Tuesday, 15 Sep 2026 | 09:25 PM

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सोना ₹3 हजार महंगा, ₹1.58 लाख पर पहुंचा:चांदी ₹15 हजार महंगी होकर ₹2.65 लाख किलो हुई, इस साल 35 हजार बढ़ चुकी

सोना ₹3 हजार महंगा, ₹1.58 लाख पर पहुंचा:चांदी ₹15 हजार महंगी होकर ₹2.65 लाख किलो हुई, इस साल 35 हजार बढ़ चुकी

सोने-चांदी के दाम में आज यानी 23 फरवरी को तेजी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 3,362 रुपए बढ़कर 1,58,428 रुपए पहुंच गया है। इससे पहले यह 1,55,066 रुपए पर था। वहीं, एक किलो चांदी की कीमत 15,236 रुपए बढ़कर 2,65,550 रुपए पर आ गई है। कल इसकी कीमत 2,50,314 रुपए किलो थी। एक्सपर्ट्स के अनुसार आने वाले दिनों में सोने-चांदी कीमतें और बढ़ सकती हैं। इस साल सोना 25,000 रुपए और चांदी 35,000 रुपए महंगी हुई इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 25,000 रुपए और चांदी 35,000 रुपए महंगी हो चुकी है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑल टाइम हाई भी बनाया था। इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 23 फरवरी, 2026) 2025 में सोना ₹57 हजार महंगा हुआ 1.80 लाख तक जा सकता है सोना इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनी UBS के अनुसार सोने की मांग में तेजी बनी हुई है। 2025 में दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों ने 863 टन सोना खरीदा था। अब अनुमान है कि 2026 में यह खरीदारी बढ़कर 950 टन तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही, गोल्ड ईटीएफ (ETF) में निवेश भी बढ़कर 825 टन होने की उम्मीद है। UBS को पूरा भरोसा है कि 2026 में सोने की कीमतें और ऊपर जाएंगी। रिपोर्ट के अनुसार, साल के बीच तक सोना 6,200 डॉलर प्रति औंस के ऊंचे स्तर को छू सकता है। अगर रुपए के हिसाब से बात करें तो सोने का भाव 1.80 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।

सिलवानी-भोपाल मार्ग पर वाहन की टक्कर:20 वर्षीय युवक की मौके पर मौत, साथी गंभीर; सीसीटीवी से आरोपी की तलाश हो रही

सिलवानी-भोपाल मार्ग पर वाहन की टक्कर:20 वर्षीय युवक की मौके पर मौत, साथी गंभीर; सीसीटीवी से आरोपी की तलाश हो रही

रायसेन जिले में सिलवानी-भोपाल मार्ग पर सोमवार सुबह ग्राम जमुनिया के पास एक सड़क हादसा हो गया। एक वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी, जिससे एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान आमापानी कॉलोनी के वार्ड 1 निवासी 20 वर्षीय जितेंद्र लोधी के रूप में हुई है। हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए रोहित आदिवासी को प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार, दोनों युवक देर रात सिलवानी से सीहोर की ओर जा रहे थे। ग्राम जमुनिया के पास एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि जितेंद्र लोधी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। टक्कर मारने के बाद अज्ञात वाहन चालक अपने वाहन सहित मौके से फरार हो गया। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और अज्ञात वाहन ड्राइवर के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसकी तलाश कर रही है।

MP में महंगी हो सकती है बिजली:10 फीसदी टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव; आम आदमी पर पड़ेगा 3600 रुपए सालाना का बोझ

MP में महंगी हो सकती है बिजली:10 फीसदी टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव; आम आदमी पर पड़ेगा 3600 रुपए सालाना का बोझ

मध्य प्रदेश के सवा करोड़ से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को जल्द ही बिजली का एक और बड़ा झटका लग सकता है। प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली की दरों में 10.19% की बढ़ोतरी का प्रस्ताव राज्य विद्युत नियामक आयोग (MPERC) को सौंपा है। अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो 1 अप्रैल, 2026 से लागू होने वाली नई दरें आम आदमी के घरेलू बजट पर असर डालेगी। अनुमान है कि इस वृद्धि से प्रत्येक घरेलू उपभोक्ता पर सालाना 3600 रुपए से ज्यादा का बोझ पड़ेगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोयले पर जीएसटी सेस हटने के बाद उत्पादन का खर्च कम हो चुका है। इसके बाद भी कंपनियों ने बिजली के दाम बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। मंडे स्टोरी में पढ़िए बिजली कंपनियों ने दाम बढ़ाने के लिए कौन से तर्क दिए हैं और आम आदमी पर किस तरह से असर पड़ेगा…। 300 रुपए महीना बढ़ सकता है बिजली का खर्च बिजली कंपनियों ने अपने प्रस्ताव में लगातार बढ़ते घाटे, परिचालन लागत में वृद्धि और अन्य वित्तीय चुनौतियों का हवाला दिया है। इस बार पावर मैनेजमेंट कंपनी ने कुल 6,044 करोड़ रुपये के घाटे की भरपाई के लिए यह मांग रखी है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर उपभोक्ताओं के मासिक बिल पर पड़ेगा। उदाहरण के लिए, यदि कोई परिवार हर महीने 400 यूनिट बिजली की खपत करता है, तो उसका वर्तमान बिल जो लगभग 3250 रुपये आता है, वह बढ़कर 3550 रुपये से अधिक हो जाएगा। यह सीधे तौर पर 300 रुपये की मासिक वृद्धि है। यानी सालाना हिसाब देखे तो 3600 रु. सालाना बिजली का खर्च बढ़ जाएगा। क्यों बढ़ाई जा रही हैं दरें? कंपनियों ने गिनाए ये कारण बिजली कंपनियों का तर्क है कि उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब है और वे भारी घाटे में चल रही हैं। प्रस्ताव पर उठे सवाल इस प्रस्ताव पर कई गंभीर सवाल भी उठ रहे हैं, जो बिजली कंपनियों और सरकार की मंशा पर संदेह पैदा करते हैं। 4,800 करोड़ की रुकी वसूली का अनसुलझा पेंच मामले में एक और बड़ा वित्तीय पेंच फंसा हुआ है। विधानसभा चुनाव 2023 से ठीक पहले, तत्कालीन सरकार ने मतदाताओं को लुभाने के लिए 31 अगस्त 2023 तक के घरेलू उपभोक्ताओं के बकाया बिजली बिलों की वसूली स्थगित कर दी थी। यह राशि लगभग 4,800 करोड़ रुपये है। विद्युत वितरण कंपनियों को इस राशि की भरपाई सरकार करने वाली थी, लेकिन अब तक नहीं हुई है। अब यह राशि उपभोक्ताओं से वसूली जाएगी या कोई और विकल्प खोजा जाएगा, इसका फैसला करने के लिए उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है। इसके अलावा, कंपनियां घरेलू उपभोक्ताओं से 1,373 करोड़ रुपये और कृषि उपभोक्ताओं से 2,790 करोड़ रुपये की पुरानी बकाया राशि वसूलने का भी प्रस्ताव रख रही हैं। सरकार का विरोधाभासी रुख और मंत्री का बयान दिलचस्प बात यह है कि यह प्रस्ताव प्रदेश सरकार के हालिया दावों के ठीक विपरीत है। कुछ समय पहले ही अपने दो वर्ष के कार्यकाल पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा था कि सरकार का प्रयास है कि उपभोक्ताओं पर कोई अतिरिक्त भार न पड़े और बिजली टैरिफ में कोई वृद्धि न हो। उन्होंने यह भी दावा किया था कि 2028 तक प्रदेश की तीनों बिजली कंपनियां घाटे से उबर जाएंगी। जब उनसे बिजली सस्ती करने पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “प्रदेश में 1 करोड़ 35 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जिसमें से करीब एक करोड़ तो सिर्फ 100 रुपए में बिजली वाली सब्सिडी स्कीम (अटल गृह ज्योति योजना) से जुड़े हैं। ऐसे में सस्ती बिजली कैसे देंगे?” 24 फरवरी से 26 फरवरी तक प्रस्ताव पर सुनवाई राज्य विद्युत नियामक आयोग इस प्रस्ताव पर 24 से 26 फरवरी तक जनसुनवाई करेगा, जिसमें विभिन्न उपभोक्ता संगठन, उद्योगपति और आम नागरिक अपना पक्ष रखेंगे। सभी पक्षों को सुनने के बाद आयोग अंतिम फैसला लेगा। यदि आयोग इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी देता है, तो 1 अप्रैल, 2026 से नई महंगी दरें पूरे प्रदेश में प्रभावी हो जाएंगी।आम जनता को अब आयोग के फैसले का इंतजार है, जिस पर उनके घर का बजट टिका हुआ है।

मैक्सिको में सेना ने ड्रग तस्कर को मार गिराया:समर्थक भड़के; एयरपोर्ट में तोड़फोड़ की, सड़क पर सैकड़ो गाड़ियों में आग लगाई

मैक्सिको में सेना ने ड्रग तस्कर को मार गिराया:समर्थक भड़के; एयरपोर्ट में तोड़फोड़ की, सड़क पर सैकड़ो गाड़ियों में आग लगाई

मैक्सिकन सेना ने रविवार को एक ऑपरेशन के तहत सबसे बड़े ड्रग तस्कर नेमेसियो रुबन ओसेगुएरा सर्वेंटेस उर्फ एल मेंचो को मार गिराया। एल मेंचो मैक्सिको के सबसे बड़े ड्रग कार्टेल जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) का लीडर था। एल मेंचो की हत्या के बाद उसके समर्थकों ने जलिस्को और दूसरे राज्यों में कई घंटों तक सड़क जाम कर दी। आसपास खड़ी सैकड़ों गाड़ियों में आग लगा दी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में जलिस्को के टूरिस्ट शहर प्यूर्टो वालार्टा के ऊपर धुएं का गुबार उठता दिख रहा है। लोग डर के चलते एयरपोर्ट भाग रहे हैं। एयर कनाडा ने अनाउंस किया कि वह चल रही सिक्योरिटी सिचुएशन की वजह से प्यूर्टो वालार्टा के लिए फ्लाइट्स सस्पेंड कर रहा है और कस्टमर्स को अपने एयरपोर्ट पर न जाने की एडवाइस दी। हिंसा के बाद की 4 तस्वीरें… ट्रम्प ने कार्टेल को आतंकवादी संगठन घोषित किया था US स्टेट डिपार्टमेंट ने एल मेंचो की अरेस्ट में मदद करने वाली इन्फॉर्मेशन देने वाले को USD 15 मिलियन तक का इनाम देने का ऑफर दिया था। जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल जिसे CJNG के नाम से जाना जाता है। मैक्सिको के सबसे ताकतवर और तेजी से बढ़ने वाले क्रिमिनल ऑर्गनाइजेशन में से एक है। यह कार्टेल 2009 में बना था। इसी साल फरवरी में ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने कार्टेल को एक विदेशी टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन घोषित किया। अमेरिकी मार्केट में कोकीन के मुख्य सप्लायर में से एक इस कार्टेल को सिनालोआ कार्टेल जितना ही ताकतवर मानता है, जो मैक्सिको के सबसे बदनाम क्रिमिनल ग्रुप में से एक है। इसकी मौजूदगी अमेरिका के सभी 50 राज्यों में है, जहां यह टनों ड्रग्स बांटता है। यह अमेरिकी मार्केट में कोकीन के मुख्य सप्लायर में से एक है और सिनालोआ कार्टेल की तरह, फेंटानिल और मेथामफेटामाइन के प्रोडक्शन से अरबों कमाता है।

मैक्सिको में सेना ने ड्रग तस्कर को मार गिराया:समर्थक भड़के; एयरपोर्ट में तोड़फोड़ की, सड़क पर सैकड़ो गाड़ियों में आग लगाई

मैक्सिको में सेना ने ड्रग तस्कर को मार गिराया:समर्थक भड़के; एयरपोर्ट में तोड़फोड़ की, सड़क पर सैकड़ो गाड़ियों में आग लगाई

मैक्सिकन सेना ने रविवार को एक ऑपरेशन के तहत सबसे बड़े ड्रग तस्कर नेमेसियो रुबन ओसेगुएरा सर्वेंटेस उर्फ एल मेंचो को मार गिराया। एल मेंचो मैक्सिको के सबसे बड़े ड्रग कार्टेल जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) का लीडर था। एल मेंचो की हत्या के बाद उसके समर्थकों ने जलिस्को और दूसरे राज्यों में कई घंटों तक सड़क जाम कर दी। आसपास खड़ी सैकड़ों गाड़ियों में आग लगा दी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में जलिस्को के टूरिस्ट शहर प्यूर्टो वालार्टा के ऊपर धुएं का गुबार उठता दिख रहा है। लोग डर के चलते एयरपोर्ट भाग रहे हैं। एयर कनाडा ने अनाउंस किया कि वह चल रही सिक्योरिटी सिचुएशन की वजह से प्यूर्टो वालार्टा के लिए फ्लाइट्स सस्पेंड कर रहा है और कस्टमर्स को अपने एयरपोर्ट पर न जाने की एडवाइस दी। हिंसा के बाद की 4 तस्वीरें… ट्रम्प ने कार्टेल को आतंकवादी संगठन घोषित किया था US स्टेट डिपार्टमेंट ने एल मेंचो की अरेस्ट में मदद करने वाली इन्फॉर्मेशन देने वाले को USD 15 मिलियन तक का इनाम देने का ऑफर दिया था। जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल जिसे CJNG के नाम से जाना जाता है। मैक्सिको के सबसे ताकतवर और तेजी से बढ़ने वाले क्रिमिनल ऑर्गनाइजेशन में से एक है। यह कार्टेल 2009 में बना था। इसी साल फरवरी में ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने कार्टेल को एक विदेशी टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन घोषित किया। अमेरिकी मार्केट में कोकीन के मुख्य सप्लायर में से एक इस कार्टेल को सिनालोआ कार्टेल जितना ही ताकतवर मानता है, जो मैक्सिको के सबसे बदनाम क्रिमिनल ग्रुप में से एक है। इसकी मौजूदगी अमेरिका के सभी 50 राज्यों में है, जहां यह टनों ड्रग्स बांटता है। यह अमेरिकी मार्केट में कोकीन के मुख्य सप्लायर में से एक है और सिनालोआ कार्टेल की तरह, फेंटानिल और मेथामफेटामाइन के प्रोडक्शन से अरबों कमाता है।

एमपी-छत्तीसगढ़ समेत 10 राज्यों में बारिश का अलर्ट:राजस्थान-झारखंड के 3 जिलों में पारा 34°C पार; सिक्किम में बर्फबारी, त्सांगू में 350 टूरिस्ट गाड़ियां फंसी

उत्तराखंड के 5 जिलों में बर्फबारी, केदारनाथ में तापमान -12°C:एमपी के 3 जिलो में बूंदाबांदी, कई शहरों में कोहरा; राजस्थान में टेंपरेचर 30°C से ऊपर

देश में फरवरी के आखिरी हफ्ते में 3 तरह का मौसम चल रहा है। उत्तरभारत में बर्फबारी और कोहरे का असर है। मैदानी राज्यों में दिन में 34 का आंकड़ा पार गया है। वहीं पूर्व और पश्चिम के 10 राज्यों में बारिश का अलर्ट है। राजस्थान के बाड़मेर, झारखंड के सरायकेला और चाईबासा में फरवरी में ही पारा 34 डिग्री का आंकड़ा क्रॉस कर गया है। इधर, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने लो प्रेशर एरिया के कारण 23 फरवरी को 10 राज्यों में बारिश की संभावना है। नॉर्थ ईस्ट में सिक्किम में रविवार को भारी बर्फबारी हुई। इसके कारण राज्य के शेरेथांग इलाके में जवाहरलाल नेहरू रोड पर सिप्सू और 16th माइल के बीच त्सांगू के पास करीब 350 टूरिस्ट गाड़ियां फंसी हुई हैं। बच्चों समेत करीब 46 टूरिस्ट को कुछ समय के लिए रहने और सुरक्षा के लिए 17th माइल पर आर्मी ट्रांज़िट कैंप में भेज दिया गया है। सेना ने एहतियात के तौर पर प्रभावित इलाके में गाड़ियों की आवाजाही रोक दी है। मौसम विभाग ने आज असम, मेघालय, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, विदर्भ, बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। बर्फबारी की तस्वीरें… अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम…

कनाडा के 3 पंजाबी सांसदों की सीक्रेट विजिट पर विवाद:पूछा जा रहा- यात्रा पर खर्चा किसने किया; हथियारबंद निहंगों से मिलने पर सवाल उठ रहे

कनाडा के 3 पंजाबी सांसदों की सीक्रेट विजिट पर विवाद:पूछा जा रहा- यात्रा पर खर्चा किसने किया; हथियारबंद निहंगों से मिलने पर सवाल उठ रहे

कनाडा में मुख्य विपक्षी पार्टी कंजर्वेटिव पार्टी ऑफ कनाडा के पंजाबी मूल के 3 सांसदों की पंजाब यात्रा पर सवाल उठ रहे हैं। कनाडा में सोशल मीडिया पर तीनों कंजर्वेटिव सांसदों से पूछा जा रहा है कि उनकी इस यात्रा का खर्च किसने उठाया? कनाडा के सांसद जसराज सिंह हल्लां, अमरप्रीत सिंह गिल और दलविंदर सिंह गिल पंजाब यात्रा पर आए थे। यात्रा का कारण और इस यात्रा के बारे में जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की गई, इस पर भी सवाल पूछे जा रहे हैं। यही नहीं, सांसदों के आसपास हथियारबंद निहंगों के होने पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। यात्रा से जुड़ी बातें और अन्य गतिविधियों से जुड़े फोटो-वीडियो लोगों ने सोशल मीडिया पर अपलोड किए। इसके बाद सांसदों की यात्रा का खुलासा हुआ। 15 से 17 फरवरी तक सोशल मीडिया पर चले फोटो-वीडियो सांसदों ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर पंजाब दौरे के वीडियो, फोटो और जानकारियां शेयर नहीं की, लेकिन जब वे 15 से 17 फरवरी तक पंजाब में रहे तो उनके बहुत से वीडियो व फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए। यही वीडियो कनाडा मीडिया और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों तक पहुंचे। उसके बाद उन्होंने सांसदों व कंजर्वेटिव पार्टी से इस पर सवाल पूछने शुरू किए। गोल्डन टेंपल, गुरु की रसोई व परगट सिंह से मिले तीनों सांसद 15 फरवरी को अमृतसर में श्री हरमिंदर साहिब (गोल्डन टेंपल) गए और वहां माथा टेका। उसके बार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी (SGPC) ने उन्हें सम्मानित किया। SGPC के सदस्यों व अन्य धार्मिंक नेताओं के साथ बैठक की। उसके बाद वह कांग्रेस विधायक परगट सिंह से मिले और उनके साथ इमीग्रेशन के मुद्दे पर बातचीत की। बाद में वे होशियारपुर में गुरु की रसोई में गए। वीडियो में हथियारबंद निहंगों के साथ दिखे सांसद कनाडा सरकार कट्टरपंथी व गनकल्चर को प्रमोट नहीं करती है। कनाडा में सरकार किसी को भी हथियार प्रदर्शन करने नहीं देती। कनाडा में सोशल मीडिया पर सांसदों के जो वीडियो वायरल हो रहे हैं, उनमें सांसद एक धार्मिक स्थल पर हैं और उनके साथ हथियारबंद निहंग हैं। निहंग सिहों के पास गन हैं। खाने की टेबल पर भी हथियारबंद निहंगों के साथ दिखे सांसद सांसद जब गुरु की रसोई में गए तो वहां खाने की व्यवस्था थी। खाने की टेबल पर जहां तीनों सांसद बैठे थे, वहां बड़ी संख्या में निंहग सिंह व अन्य लोग भी बैठे थे। टेबल पर बैठे निहंग सिंहों के पास भी बंदूकें दिख रही हैं। कनाडा में इन क्षेत्रों से सांसद हैं तीनों जसराज सिंह हल्लां कैलगरी ईस्ट, अमनप्रीत सिंह गिल कैलगरी स्काईव्यू और दलविंदर सिंह गिल कैलगरी मैकनाइट से सांसद हैं। तीनों पंजाबी मूल के हैं और सिख धर्म से संबंध रखते हैं। कनाडा के अलग-अलग शहरों में पंजाबियों की संख्या काफी है। ऐसे में वे पंजाब आकर कनाडा में रहने वाले पंजाबियों में अपनी पकड़ मजबूत बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इमीग्रेशन कानून पर की विधायक से चर्चा जालंधर से कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने बतायाक कनाडा में इमीग्रेशन कानून को सख्त बनाने की बात चल रही है, जिसकी वजह से पंजाब के स्टूडेंट्स और वर्कर्स को कनाडा में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विधायक ने कनेडियन सांसदों से मिलकर इमीग्रेशन कानून के कारण स्टूडेंट्स व वर्कर्स को आ रही दिक्कतों के बारे में चर्चा की। कनाडा में सांसदों के पंजाब दौरे को लेकर सवाल उठने के कारण…

पुलिस अभिरक्षा में मौतों पर उठे सवाल:मानव अधिकार आयोग पहुंचेगी मुस्लिम त्योहार कमेटी, करेंगे निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

पुलिस अभिरक्षा में मौतों पर उठे सवाल:मानव अधिकार आयोग पहुंचेगी मुस्लिम त्योहार कमेटी, करेंगे निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

प्रदेश में कथित रूप से बढ़ती पुलिस अभिरक्षा में मौतों और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए ऑल इंडिया मुस्लिम त्यौहार कमेटी ने मानव अधिकार आयोग को ज्ञापन सौंपने की घोषणा की है। कमेटी का आरोप है कि मध्यप्रदेश में कानून व्यवस्था चरमराई हुई है और पुलिस पर लगाए जा रहे गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है। कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन का कहना है कि आम नागरिक के खिलाफ हत्या के मामलों में धारा 302 के तहत प्रकरण दर्ज किए जाते हैं, लेकिन यदि किसी व्यक्ति की मौत पुलिस अभिरक्षा में होती है तो जांच के नाम पर लीपापोती की जाती है। उन्होंने इसे “एक प्रदेश में दो कानून” जैसी स्थिति बताया है। ऑल इंडिया मुस्लिम त्यौहार कमेटी ने मांग की है कि पुलिस अभिरक्षा में हुई मौतों की अविलंब निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाएं। कमेटी के अनुसार, 23 फरवरी 2026 को सुबह 11:30 बजे मानव अधिकार आयोग परिसर में एकत्र होकर आयोग को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

दिल्ली में अरुणाचल की 3 महिलाओं पर नस्लीय कमेंट:पड़ोसियों ने धंधेवाली कहा, आरोपी महिला बोली- मेरे पति के साथ बेडरूम में सो जा

दिल्ली में अरुणाचल की 3 महिलाओं पर नस्लीय कमेंट:पड़ोसियों ने धंधेवाली कहा, आरोपी महिला बोली- मेरे पति के साथ बेडरूम में सो जा

दिल्ली के मालवीय नगर में किराए पर रहने वाली अरुणाचल प्रदेश की 3 महिलाओं पर नस्लीय कमेंट और गाली-गलौज किया गया। घटना 20 फरवरी की है, जानकारी अब सामने आई है। दरअसल पूरा विवाद गंदगी फैलाने को लेकर हुआ था। जिसके बाद पड़ोसियों ने नॉर्थईस्ट की महिलाओं को ‘मोमो’ कहा। यही नहीं एक आरोपी महिला ने पीड़ितों को धंधेवाली भी कहा और मसाज पार्लर चलाने का आरोप लगाया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। जिसमें आरोपी महिला कहती है कि, उसका पति कितना जवान है अगर ये जानना है तो मेरे पति के साथ बेडरूम में चली जा। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। उधर मेघालय के सीएम के संगमा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि नॉर्थईस्ट के लोगों के साथ भेदभाव बंद होना चाहिए। घटना से जुड़ दो तस्वीरें… अब समझिए पूरा मामला क्या है दरअसल अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाएं दिल्ली के मालवीय नगर में किराए पर रहती हैं। इनका फ्लैट चौथी मंजिल पर है। 20 फरवरी को महिलाओं ने दोपहर करीब 3.30 बजे अपने फ्लैट में एयर कंडीशनर लगवाने के लिए एक इलेक्ट्रीशियन को बुलाया था। इस दौरान बाहरी दीवार पर ड्रिलिंग करते समय धूल और मलबा नीचे फर्स्ट फ्लोर में रहने वाले हर्ष सिंह और उनकी पत्नी रूबी की बालकनी में गिर गया। मलबा गिरने को लेकर शुरू हुई बहस जल्द ही बिगड़ गई। महिलाओं ने आरोप लगाया कि कपल ने गालियां दीं और उन्हें और नॉर्थईस्ट समुदाय को टारगेट करते हुए अपमानजनक और नस्लीय टिप्पणियां कीं। इस घटना का एक कथित वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में, आरोपी महिला पीड़ित से कहती है कि वह 500 रुपए में मसाज पार्लर में काम करने वाली धंधेवाली है। जब झगड़ा हो रहा था, तब एक पुलिस ऑफिसर मौके पर मौजूद था। वीडियो में, पुलिसवाला बीच-बचाव करते और हालात को शांत करने की कोशिश करते हुए भी दिख रहा है। इस बीच आरोपी हर्ष सिंह महिलाओं से गाली-गलौज करने लगा। तब पीड़ित ने कहा कि इस बुड्ढे को समझा लो। इस पर पत्नी कहती है कि जिस आदमी से वह बात कर रही है वह एक “बड़े पॉलिटिशियन” का बेटा है। तुम उसको बुड्ढा कैसे कह सकती हो। फिर आरोपी महिला कहती है कि तुम (पीड़ित) उसके साथ क्यों नहीं सोती? मेरे बेडरूम में जाओ। तुम्हें पता चल जाएगा कि वह कितने साल का है।” पुलिस ने केस दर्ज किया, अभी तक गिरफ्तारी नहीं पुलिस ने कहा कि हर्ष सिंह और उसकी पत्नी रूबी जैन के खिलाफ मालवीय नगर पुलिस स्टेशन में BNS सेक्शन 79 (महिला की अपमान करने के लिए इस्तेमाल किया गया शब्द), 351(2) (आपराधिक धमकी), 3(5) (कॉमन इंटेंशन) और 196 (धर्म, जाति, जन्म स्थान, रहने की जगह, भाषा, वगैरह के आधार पर दुश्मनी बढ़ाना) के तहत FIR दर्ज की गई है। हालांकि, इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। सीनियर ऑफिसर ने कहा, “किसी भी तरह की फिजिकल चोट की खबर नहीं है। हालांकि, शिकायत करने वालों ने मेंटल हैरेसमेंट और बेइज्जती का आरोप लगाया है।” महिलाओं ने आरोपी से फॉर्मल माफी की मांग की है, और कहा है कि कमेंट्स सिर्फ पर्सनल नहीं थे बल्कि नॉर्थईस्ट कम्युनिटी की इज्जत को टारगेट करते थे।

मातृभाषा दिवस पर गूंजा अपनी जड़ों से जुड़ने का संदेश:इंदौर में विविध भाषाओं का भव्य उत्सव, भारतीय भाषा पर्व में वक्ताओं ने जताई चिंता

मातृभाषा दिवस पर गूंजा अपनी जड़ों से जुड़ने का संदेश:इंदौर में विविध भाषाओं का भव्य उत्सव, भारतीय भाषा पर्व में वक्ताओं ने जताई चिंता

अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर शहर में ‘भारतीय भाषा पर्व’ का भव्य आयोजन हुआ। डॉक्टर हेडगेवार स्मारक समिति एवं भारतीय भाषा संवर्धन समिति के संयुक्त तत्वावधान में नूतन स्कूल (चिमन बाग) के फुटबॉल ग्राउंड पर आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न भाषाई समाजों ने अपनी संस्कृति, साहित्य और पारंपरिक व्यंजनों के माध्यम से भारत की विविधता में एकता का जीवंत संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि पी. नरहरि, प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक एकता उसकी भाषाई विविधता में निहित है। उन्होंने कहा कि बच्चों के बौद्धिक और मानसिक विकास के लिए मातृभाषा में शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने श्री कृष्ण देव राय का उदाहरण देते हुए भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन को राष्ट्र निर्माण से जोड़ा। विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत्त मेजर जनरल सरबजीत सिंह ने कहा कि मातृभाषा हमें परिवार से विरासत में मिलती है और यह हमारी पहचान का आधार है। सेना केवल देश की सीमाओं की रक्षा नहीं करती, बल्कि संस्कृति और मूल्यों की भी सुरक्षा करती है। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा को राष्ट्रहित में लगाने का आह्वान किया। मुख्य वक्ता क्षेत्र संपर्क प्रमुख प्रवीण गुप्त ने भाषा के प्रति घटती संवेदनशीलता पर चिंता जताई। उन्होंने दैनिक जीवन में मातृभाषा के अधिकाधिक उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भावनाओं की अभिव्यक्ति है। हस्ताक्षर भी अपनी मातृभाषा में करने की अपील की गई। कार्यक्रम संयोजक रवींद्र देशपांडे के अनुसार, इस पर्व में संस्कृत, निमाड़ी, मालवी, भीली, मैथिली, भोजपुरी, मलयालम, तेलुगु, कन्नड़, तमिल, मराठी, पंजाबी, मारवाड़ी, सिंधी, गुजराती, नेपाली और गढ़वाली सहित अनेक भाषाई समाजों ने सहभागिता की। विभिन्न राज्यों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां, पारंपरिक व्यंजनों और साहित्य के स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम के अंत में समिति के उपाध्यक्ष रुपेश पाल ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। आयोजन ने मातृभाषा के संरक्षण और संवर्धन के लिए समाज को एकजुट होने का संदेश दिया।