बालों की देखभाल के टिप्स: रूखे और भूरे बालों का घर पर मौजूद है सस्ता इलाज, दही से बनाएं मजबूत और चमकदार बाल

बालों की देखभाल संबंधी युक्तियाँ: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बालों से जुड़ी कई चीजें तेजी से बढ़ रही हैं। बालों का झड़ना, रूखापन, दोमुंहे बाल और डैंड्रफ अब आम समस्या बन गई है। लोग स्वतंत्र रूप से प्राप्त करने के लिए सरकारी शैम्पू और डिटर्जेंट का उपयोग करते हैं, लेकिन कई बार इसके बावजूद गेमप्ले का परिणाम नहीं मिलता है। प्रदूषण, तनाव, ग़लत क्वालिटी और केमिकल से बने उत्पाद बालों को अंदर से ख़राब बना देते हैं। ऐसे में लोग अब मशीन और घरेलू उपाय अपनाते हैं, तो सेफ के साथ ही काफी प्रभावशाली भी हो जाते हैं। दही में मौजूद पोषक तत्त्व बाल और स्कैल्प दोनों के लिए हानिकारक माने जाते हैं। इसमें प्रोटीन, विटामिन और लैक्टिक एसिड पाया जाता है, जो बाल को पोषण देने के साथ-साथ स्कैल्प को भी बनाए रखने में मदद करता है। दही बालों की सेहत के लिए एक आसान और शैक्षणिक संस्थान माना जाता है। दही में लैक्टिक एसिड मौजूद होता है, जो स्कैल्प पर सागर गंदगी, पेय पदार्थ और एक्स्ट्रा ऑयल को साफ करने में मदद करता है। इससे रोमछिद्र खुलते हैं और बालों की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है। साफ स्कैल्प होने से बालों की जड़ें भी मजबूत बनती हैं। दही में पाए जाने वाले प्रोटीन और विटामिन बालों की जड़ों को पोषण देते हैं। इससे बालों का टूटना कम हो सकता है और धीरे-धीरे-धीरे-धीरे बाल मजबूत और घने नजारे आते हैं। परफेक्ट और बेजान बालों के लिए यह एक शॉपिंग टॉनिक की तरह काम करता है। अगर आप लंबे समय से डैंड्रफ और स्कैल्प में खुजली की समस्या से परेशान हैं, तो आपके लिए दही कमाल साबित हो सकता है। यह एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण स्कैल्प की जलन को शांत करने में मदद करता है और रूसी की समस्या को कम कर सकता है। अज्ञात की तरह काम करता है दही को बालों में लगाने से बालों में इक्सकींट बनी रहती है। इनमें बाल, चमकदार और कम उलझने वाले शामिल हैं। नियमित रूप से इस्तेमाल किये जाने वाले बालों के टेक्सचर बेहतर हो सकते हैं और बालों के मुख्य मानक निर्धारित होते हैं। बालों में दही बनाने का सही तरीका (टैग्सटूट्रांसलेट)बालों के लिए दही(टी)दही हेयर मास्क(टी)बालों पर दही लगाने के फायदे(टी)प्राकृतिक बालों की देखभाल के टिप्स(टी)डैंड्रफ का घरेलू इलाज(टी)बालों के झड़ने को नियंत्रित करने का उपाय(टी)डायरी हेयर मास्क(टी)प्राकृतिक रूप से स्वस्थ बाल
इंस्टाग्राम पर स्टंटबाजी का वीडियो देखकर पुलिस ने लिया उठा, दिल्ली में रील्स बनाने वाले अब हो जाएं सावधान | delhi police action after dwarka scorpion accident sahil death new usmanpur instagram complaint reckless 3 bikers arrested

नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली में कुछ दिन पहले रील्स बनाने के चक्कर में एक भयानक हादसा हुआ था, जिसमें एक मां ने अपने इकलौते बेटे साहिल को खो दिया था. इस घटना के बाद अब दिल्ली पुलिस सतर्क हो गई है. देश की राजधानी में रील बनाने के चक्कर में यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले स्टंटबाजों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने बड़ा एक्शन शुरू कर दिया है. राजधानी में रील बनाने के चक्कर में हो रही मौतों के बाद दिल्ली पुलिस हरकत में आ गई है. दिल्ली के नॉर्थ-ईस्ट के न्यू उस्मानपुर थाना पुलिस ने इंस्टाग्राम पर मिली एक शिकायत का संज्ञान लेते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया है, जो अपनी जान जोखिम में डालकर सड़कों पर खतरनाक तरीके से बाइक चला रहे थे. पुलिस ने न केवल आरोपियों को पकड़ा, बल्कि वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिलों को भी जब्त कर लिया है. आजकल के युवा सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने के लिए सड़कों पर स्टंटबाजी करते हैं, जो न केवल उनके लिए बल्कि राहगीरों के लिए भी जानलेवा साबित होती है. न्यू उस्मानपुर पुलिस को इंस्टाग्राम के माध्यम से एक वीडियो और शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें कुछ युवक सार्वजनिक सड़क पर बेहद खतरनाक तरीके से बाइक चला रहे थे. इंस्टाग्राम से मिला सुराग और एक्शन डीसीपी उत्तर-पूर्वी जिला आशीष मिश्रा के निर्देश और एसएचओ राजेंदर कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई. पुलिस ने डिजिटल फुटप्रिंट्स का पीछा करते हुए आरोपियों की पहचान की और उनके खिलाफ एफआईआर नंबर 111/26 दर्ज की. आरोपियों की प्रोफाइल पुलिस ने इस मामले में खजूरी खास इलाके के रहने वाले तीन युवकों को दबोचा है. 22 साल के तुषार पुनिया, 20 साल का तनिष्क मावी और 20 साल पुष्पेंद्र को गिरफ्तार किया गया है. ये तीनों युवक खजूरी खास के रहने वाले हैं और अक्सर न्यू उस्मानपुर और आसपास के इलाकों में स्टंटबाजी करते देखे जाते थे. हथियार बनी सोशल मीडिया, जब्त हुई बाइकें जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि इनमें से दो मोटरसाइकिलें पहले ही एक अन्य मामले (FIR No. 101/26) में जब्त की जा चुकी थीं, जिनका संबंध इसी तरह की लापरवाही भरी ड्राइविंग से था. ताजा मामले में पुष्पेंद्र की एक और मोटरसाइकिल को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है. पुलिस ने इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 (सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही से वाहन चलाना), 125(A) और मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं (194D, 38, 192) के तहत मुकदमा दर्ज किया है. डीसीपी आशीष मिश्रा ने बताया कि पुलिस अब सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय है. अगर कोई भी व्यक्ति ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है या स्टंटबाजी कर दूसरों की जान खतरे में डालता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने जनता से अपील की कि वे ऐसे किसी भी कृत्य को देखते ही पुलिस को सोशल मीडिया या हेल्पलाइन के माध्यम से सूचित करें.
मैरिज गार्डन में लगी आग:गार्डन के गोदाम में रखा सामान जलकर हुआ खाक दमकल ने पाया आग पर काबू

मुरैना के कैलारस कस्बे स्थित मंगल मैरिज गार्डन में मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे अचानक आग लग गई। आग गार्डन के स्टोर के दो कमरों में लगी, जिससे वहां रखा टेंट का सामान जलकर नष्ट हो गया। आग लगने का कारण फिलहाल अज्ञात बताया जा रहा है। आग की सूचना मिलते ही आसपास के स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और अपने निजी बोर से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। इसी दौरान दमकल वाहन भी मौके पर पहुंच गया, जिसके बाद आग पर काबू पाया जा सका। बताया जा रहा है कि घटना के समय गार्डन पिछले तीन दिनों से बंद था और वहां कोई कार्यक्रम नहीं चल रहा था। 7 से 8 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान मंगल मैरिज गार्डन के संचालक राजकुमार चौहान के अनुसार गार्डन पिछले तीन दिन से बंद था। दोपहर में स्थानीय लोगों और चौकीदार ने गोदाम हिस्से में आग लगने की सूचना दी, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे और दमकल को सूचना दी गई। स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन आग में टेंट का सामान जल गया। उन्होंने करीब 7 से 8 लाख रुपये के नुकसान की आशंका जताई है। आग के कारणों की जांच शुरू कैलारस एसडीओपी उमेश मिश्रा ने बताया कि मंगल गार्डन में दिन के समय आग लगी है, जिसका कारण अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस टीम और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही है। साथ ही आग लगने के कारणों की भी जांच की जा रही है।
How To Identify Emotional eating । इमोशनल ईटिंग के संकेत, बचाव और सेहत पर असर जानें

Last Updated:February 23, 2026, 16:59 IST Signs Of Emotional Eating: टेंशन में ज्यादा खाना इमोशनल ईटिंग का संकेत हो सकता है. स्ट्रेस के दौरान कोर्टिसोल और डोपामिन जैसे हार्मोन भूख बढ़ाते हैं. यह आदत धीरे धीरे वजन और सेहत पर असर डाल सकती है. दस मिनट रुकना, हेल्दी स्नैक चुनना और स्ट्रेस मैनेज करना मददगार है. भावनाओं को समझकर और सही आदतें अपनाकर इसे कंट्रोल किया जा सकता है. Signs Of Emotional Eating: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में टेंशन और स्ट्रेस जैसे शब्द आम हो चुके हैं. काम का दबाव, पढ़ाई की चिंता, रिश्तों की उलझन या पैसों की परेशानी, हर कोई किसी न किसी वजह से मानसिक दबाव में है. ऐसे में कई लोग अनजाने में एक आदत अपना लेते हैं, बार बार कुछ न कुछ खाते रहना. खासकर मीठा, चिप्स, चॉकलेट, फास्ट फूड या कोई भी ऐसा खाना जो तुरंत अच्छा महसूस कराए. उस समय लगता है कि खाने से मन हल्का हो रहा है, लेकिन कुछ देर बाद अपराधबोध भी होने लगता है. यही आदत धीरे धीरे इमोशनल ईटिंग में बदल जाती है. यानी जब भूख पेट की नहीं बल्कि मन की हो. कई लोग समझ ही नहीं पाते कि उन्हें सच में भूख लगी है या वे सिर्फ टेंशन से बचने के लिए खा रहे हैं. अगर समय रहते इस आदत को न समझा जाए तो वजन बढ़ना, थकान, सुस्ती और सेहत से जुड़ी कई समस्याएं शुरू हो सकती हैं. क्या है इमोशनल ईटिंग: इमोशनल ईटिंग का मतलब है भावनाओं के कारण खाना. जब हम उदास, गुस्से में, अकेले या परेशान होते हैं तो दिमाग जल्दी राहत चाहता है. ऐसे में दिमाग मीठा या तला हुआ खाना खाने का संकेत देता है, क्योंकि इससे तुरंत खुशी का एहसास होता है. लेकिन यह खुशी थोड़े समय के लिए ही होती है. Add News18 as Preferred Source on Google इसके पीछे का साइंस: जब हम तनाव में होते हैं तो शरीर में कोर्टिसोल नाम का हार्मोन बढ़ जाता है. यह हार्मोन भूख बढ़ाने का काम करता है. साथ ही जब हम मीठा या पसंदीदा खाना खाते हैं तो डोपामिन निकलता है, जिसे हैप्पी हार्मोन कहा जाता है. इससे दिमाग को कुछ समय के लिए राहत मिलती है. लेकिन यह आदत बार बार दोहराने पर शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है. कैसे पहचानें कि आप इमोशनल ईटर हैं? अगर आपको बिना असली भूख लगे भी बार बार कुछ खाने का मन करता है, उदासी या गुस्से में खासकर मीठा या जंक फूड खाने की तीव्र इच्छा होती है, खाना खाने के बाद अपराधबोध महसूस होता है, बोरियत में आप बार बार किचन की तरफ चले जाते हैं या रात में अकेले ज्यादा खा लेते हैं, तो ये इमोशनल ईटिंग के संकेत हो सकते हैं. अगर ये आदतें आपमें दिख रही हैं, तो सावधान होने और समय रहते अपनी भावनाओं को समझने की जरूरत है. 1. असली भूख और मन की भूख में फर्क समझें: खाना खाने से पहले खुद से पूछें कि क्या सच में पेट भूखा है. अगर हां तो हेल्दी खाना खाएं. अगर नहीं तो समझें कि यह सिर्फ भावना है. 2. दस मिनट का नियम अपनाएं: जब भी अचानक खाने का मन करे, दस मिनट रुकें. इस दौरान पानी पिएं या थोड़ी वॉक करें. अक्सर क्रेविंग अपने आप कम हो जाती है. 3. स्ट्रेस कम करने के दूसरे तरीके खोजेंछ संगीत सुनें, किसी दोस्त से बात करें, गहरी सांस लें या हल्की एक्सरसाइज करें. हर समस्या का हल खाना नहीं है. 4. हेल्दी स्नैक रखें: अगर आपको पता है कि शाम को ज्यादा खाने की आदत है, तो घर में फल, नट्स या दही जैसे विकल्प रखें. जंक फूड कम खरीदें. 5. नींद पूरी लें: नींद की कमी भी भूख बढ़ाती है. रोज कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद लेने की कोशिश करें. 6. अपनी भावनाएं लिखें: जब भी ज्यादा खाने का मन करे, अपनी भावना लिखें. इससे आप समझ पाएंगे कि असली वजह क्या है. क्यों जरूरी है इस आदत को रोकना: इमोशनल ईटिंग से सिर्फ वजन नहीं बढ़ता, बल्कि आत्मविश्वास भी कम होता है. बार बार अपराधबोध होने से मानसिक तनाव और बढ़ सकता है. इसलिए समय रहते इस पर ध्यान देना जरूरी है. याद रखें, खाना दुश्मन नहीं है. समस्या तब होती है जब हम भावनाओं को दबाने के लिए खाने का सहारा लेने लगते हैं. अगर आप अपनी भावनाओं को समझना शुरू कर दें, तो इस आदत को बदलना आसान हो सकता है. First Published : February 23, 2026, 16:59 IST
कर्नाटक संकट में: मुख्यमंत्री की हेलिकॉप्टर गाथा जारी, हेलीकॉप्टर यूनिट को ईमेल आमंत्रण पर विधायक का गुस्सा | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:23 फ़रवरी 2026, 16:52 IST एक विवाद कोलार जिले में एक हेलीकॉप्टर असेंबली यूनिट के उद्घाटन से जुड़ा है, जबकि दूसरा विवाद सीएम सिद्धारमैया की हेलीकॉप्टर यात्रा की जांच से जुड़ा है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (बाएं) ने कथित तौर पर 50 मिनट की कार यात्रा के लिए हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल किया; कोलार विधायक कोथुर मंजूनाथ ने अपने जिले में एक हेलीकॉप्टर असेंबली यूनिट के उद्घाटन के लिए एक ईमेल आमंत्रण प्राप्त करने पर निराशा व्यक्त की, जिसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में विवाद खड़ा हो गया। (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) कर्नाटक और हेलीकॉप्टर: बस इतना ही। यही खबर है. लेकिन दो अलग-अलग मुद्दों को एक साथ जोड़ना बहुत आसान होगा, जिसने कांग्रेस शासित राज्य में राजनीतिक रस्साकशी का कारण बना दिया है, भले ही दोनों में कम से कम एक सामान्य कारक है – शक्तिशाली हेलिकॉप्टर। पहला, कोलार जिले में एक हेलीकॉप्टर असेंबली यूनिट के उद्घाटन पर बड़े पैमाने पर विवाद से जुड़ा है और दूसरा, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की हेलीकॉप्टर यात्रा पर जांच के बारे में है। कोलार में कांग्रेस बनाम जद(एस), भाजपा कोलार से कांग्रेस विधायक, कोथुर मंजूनाथ ने अपने जिले में एक हेलीकॉप्टर असेंबली यूनिट के उद्घाटन के लिए एक ईमेल आमंत्रण प्राप्त करने पर निराशा व्यक्त करने के बाद “प्रोटोकॉल चूक” को लेकर विवाद खड़ा कर दिया है, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की थी। हालाँकि, कोथुर मंजूनाथ एक कदम आगे बढ़े और उन्होंने टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स द्वारा स्थानीय निवासियों को “अपर्याप्त रोजगार” दिए जाने के विरोध में हेलीकॉप्टर इकाई में बिजली कटौती का आह्वान किया। मजुनाथ ने वेमागल में पंचायत कार्यालय में संवाददाताओं से कहा, “उन्होंने हमारी जमीन ले ली है, लेकिन हमारे लोगों को नौकरी नहीं दे रहे हैं, न ही उन्हें अंदर आने दे रहे हैं। आइए देखें कि क्या वे निर्वाचित प्रतिनिधियों की ताकत को समझते हैं।” मंजूनाथ ने प्रोटोकॉल के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा कि स्थानीय निर्वाचित प्रतिनिधियों को वेमागल औद्योगिक क्षेत्र में हेलीकॉप्टर असेंबली इकाई के उद्घाटन के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था, जहां 17 फरवरी को प्रधान मंत्री मोदी ने सुविधा का उद्घाटन किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायकों, एमएलसी और वेमागल नगर पंचायत के सदस्यों को नजरअंदाज किया गया और इस कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया, इसे प्रोटोकॉल में एक गंभीर चूक बताया। उन्होंने क्षेत्र में जमीन पर परियोजना स्थापित होने के बावजूद स्थानीय प्रतिनिधियों को दरकिनार करने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। धमकियों की तरह लगने वाली बात में, उन्होंने हेलीकॉप्टर इकाई का बिजली कनेक्शन काटने, या कारखाने के गेट के सामने खाई खोदने का आह्वान किया और कहा कि एक ट्रैक्टर को उस खंभे से टकराया जा सकता है जो सुविधा को बिजली की आपूर्ति करता है। इतना ही नहीं, कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि जमीन स्थानीय स्तर पर अधिग्रहित की गई थी, लेकिन निवासियों को पर्याप्त रोजगार नहीं मिला और उन्हें गार्ड की नौकरियां दी जा रही थीं, जबकि “बाहरी लोगों” ने बेहतर पद छीन लिए। उन पर प्रतिक्रिया देते हुए, जद (एस) नेता निखिल कुमारस्वामी ने कहा कि उनकी टिप्पणी उत्तेजक है और विधायकों को कर्नाटक में औद्योगिक विकास का समर्थन करने की जरूरत है। कुमारस्वामी ने कहा, “किसे आमंत्रित नहीं किया गया, किसे आमंत्रित किया गया, आदि के बारे में बात करने के बजाय कांग्रेस विधायक केंद्र सरकार द्वारा लाए गए इस प्रोजेक्ट का समर्थन करें तो बेहतर होगा।” कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने उन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक जन प्रतिनिधि के रूप में “धमकी” जारी करने के लिए बुलाया। विजयेंद्र ने कहा, “मुझे लगता है कि वह भूल गए हैं कि हम एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में रहते हैं, इस तरह की धमकी से उन्हें मदद नहीं मिलेगी। एक जन प्रतिनिधि के रूप में उन्हें अधिक जिम्मेदारी के साथ बात करनी चाहिए।” ‘सिद्धारमैया सिर्फ उड़ना चाहते हैं’ भाजपा ने सिद्धारमैया की हेलिकॉप्टर यात्रा को राजनीतिक मुद्दा बना दिया और आरोप लगाया कि उन्हें सरकारी खजाने पर बोझ की चिंता नहीं है. भाजपा ने आरोप लगाया कि जहां एससी/एसटी निगम के लिए फंड में कटौती की गई है, वहीं मुख्यमंत्री की हेलीकॉप्टर यात्रा 40 किमी से 50 किमी की दूरी तक भी जारी रही है। उन्होंने कथित तौर पर ‘मनरेगा बचाओ’ कार्यक्रम के लिए बेंगलुरु से चिकाबल्लापुरा तक 50 किमी की यात्रा की, जिससे 50 मिनट की यात्रा के लिए हेलिकॉप्टर का उपयोग करने की उनकी आवश्यकता पर सवाल उठे, जबकि उनके पास पहले से ही सड़क पर “शून्य यातायात” विशेषाधिकार हैं। बीजेपी ने आरोप लगाया कि उन्हें सरकारी खजाने पर बोझ की चिंता नहीं है और वह सिर्फ उड़ान भरना चाहते हैं. कथित तौर पर उन्हें विशेष उड़ानों, विमानों और हेलीकॉप्टरों के कथित अत्यधिक उपयोग के लिए जाना जाता है, उन्होंने ऐसी यात्राओं पर मई 2023 और नवंबर 2025 के बीच 47 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। भाजपा ने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों में सीएम ने बेंगलुरु से अपने गृहनगर मैसूरु तक उड़ान भरने के लिए 5 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं, जबकि दोनों शहर सड़क मार्ग से केवल दो घंटे की दूरी पर हैं। विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाडी नारायणस्वामी ने कहा कि चिक्काबल्लापुर बेंगलुरु से केवल 48 किमी दूर है और सड़क यात्रा में एक घंटे का समय लगता है। नारायणस्वामी ने कहा, “सीएम के पास पूरी सुरक्षा है। फिर भी वह हेलिकॉप्टर का उपयोग कर रहे हैं…कर्नाटक के लोग इतनी समस्याओं से पीड़ित हैं, कुछ भी सुधार नहीं हो रहा है…पैसे नहीं हैं। यहां तक कि जब वह मैसूर की यात्रा कर रहे होते हैं, जो उनका निर्वाचन क्षेत्र है, तब भी वह वहां जाने के लिए हेलिकॉप्टर या निजी उड़ान लेते हैं। वह अपनी शक्ति का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं…उन्हें सरकारी खजाने पर बोझ की चिंता नहीं है।” सिद्धारमैया और कांग्रेस ने अभी तक आरोपों पर प्रतिक्रिया नहीं दी है. चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 23 फ़रवरी 2026, 16:52 IST समाचार राजनीति कर्नाटक संकट में: मुख्यमंत्री की हेलिकॉप्टर गाथा जारी, हेलीकॉप्टर यूनिट को ईमेल आमंत्रण पर विधायक का गुस्सा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध
19 साल की लड़की दिल्ली के लड़के के जाल में कैसे फंसी? कहानी उस ‘बुलबुल’ की, जिससे हिला पूरा देश | gurugram horror story tripura biotech 19 year girl student with boyfriend love thriller haryana police investigation

गुरुग्राम. त्रिपुरा की 19 की साल की एक लड़की के साथ गुरुग्राम में जो घटना घटी है, उसकी चर्चा चारों तरफ हो रही है. पुलिस जांच कर रही है कि यह घटना क्यों और कैसे हुई? पुलिस की शुरुआती पूछताछ में जो जानकारी मिली है, वह हैरान करने वाले हैं. यह कहानी किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं है, लेकिन इसका हर हिस्सा कड़वा और खौफनाक सच है. यह कहानी है त्रिपुरा की एक 19 वर्षीय छात्रा की, जिसने अपनी आंखों में बायोटेक इंजीनियर बनने का सपना संजोया था. लेकिन उसे क्या पता था कि जिस साइबर सिटी गुरुग्राम को वह अपने सपनों का शहर मान रही थी, वहीं उसकी जिंदगी का सबसे भयानक ‘हॉरर चैप्टर’ शुरू होने वाला है. सितंबर महीने में लड़की की ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर एक लड़के से दोस्ती हुई और फरवरी महीने में ही उसका दर्दनाक अंत हो गया. गुरुग्राम पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि सितंबर 2025 में एक ऑनलाइन एप पर दोनों की बातचीत शुरू हुई. दोनों में पहले सिर्फ हाय-हैलो हुआ फिर लेकिन धीरे-धीरे बातचीत लंबी होती चली गई. लड़की नॉर्थ ईस्ट के त्रिपुरा से थी और गुरुग्राम के नामी यूनिवर्सिटी में बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई कर रही थी. वहीं, लड़का दिल्ली के नरेला इलाके का था. दोनों एक ही उम्र के थे. ऐसे में दोस्ती जल्द ही नजदीकियों में बदल गई. मुलाकातें बढ़ीं और फिर दोनों ने गुरुग्राम के सेक्टर-69 स्थित एक पीजी में साथ रहना शुरू कर दिया. यहां तक की दोनों परिवारों तक इसकी बात पहुंची और दोनों की शादी की चर्चा भी होने लगी. सब कुछ सामान्य दिख रहा था. लेकिन अचानक लड़के को लड़की पर शक होने लगा. इसके बाद दोनों में टकराव शुरू हो गया. सितंबर में दोस्ती और फरवरी में उसका खौफनाक अंत शक की एक हल्की सी चिंगारी ने शिवम के भीतर के राक्षस को जगा दिया. सस्पेंस तब गहराया जब युवती ने बाहरी दुनिया से संपर्क करना बंद कर दिया. पिछले 3 दिनों से उसे एक कमरे में बंधक बना लिया गया था. शिवम ने उस पर हमला किया, उसे पीटा और उसे हर पल मौत का अहसास कराया. कमरे के भीतर जो हो रहा था, उसकी भनक पड़ोसियों तक को नहीं थी. गुरुग्राम में हॉरर की वो रात 16 फरवरी की रात इस कहानी का सबसे वीभत्स मोड़ लेकर आई. शिवम की सनक इस कदर बढ़ गई कि उसने युवती के शरीर पर ज्वलनशील सैनिटाइजर छिड़क दिया. इससे पहले कि युवती कुछ समझ पाती, उसने उसके प्राइवेट पार्ट्स में आग लगा दी. युवती दर्द से चीखती रही, लेकिन आरोपी शिवम रहम दिखाने के बजाय अपने मोबाइल फोन से इस पूरी हैवानियत का वीडियो बना रहा था. वह इस मंजर का आनंद ले रहा था जैसे वह कोई फिल्म शूट कर रहा हो. एक फोन कॉल पर एक्शन लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था. रात करीब 10 बजे, जब शिवम थोड़ी देर के लिए कमरे से बाहर गया, युवती ने हिम्मत जुटाकर अपनी मां को फोन लगाया. हजारों किलोमीटर दूर त्रिपुरा में बैठी मां ने जब बेटी की थरथराती आवाज सुनी. ‘मां, वह मुझे मार डालेगा, उसने मुझे जला दिया है, बचा लो मां…’ तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. लड़की ने बंगाली भाषा में मां से यह सारी बातें की. बंग्ला ने बचा ली जान मां ने बिना समय गंवाए त्रिपुरा पुलिस और फिर गुरुग्राम पुलिस को सूचना दी. दिल्ली और गुरुग्राम पुलिस ने लोकेशन ट्रेस की और जैसे ही पुलिस ने फ्लैट का दरवाजा तोड़ा, अंदर का मंजर देखकर अनुभवी अफसरों की भी रूह कांप गई. युवती अधजली हालत में फर्श पर तड़प रही थी और आरोपी वहीं छिपा हुआ था. आरोपी शिवम फरार हो गया लेकिन गुरुग्राम पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. पीड़िता को तुरंत दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां वह गंभीर हालत में अपनी जिंदगी के लिए लड़ रही है. पुलिस ने शिवम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की सख्त धाराओं में केस दर्ज किया है. वह वीडियो भी पुलिस के हाथ लग गया है, जो इस दरिंदगी का सबसे बड़ा सबूत बनेगा. इस कहानी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि ऑनलाइन दुनिया के पीछे छिपे चेहरों की पहचान करना कितना जरूरी है. एक मां की सजगता और पुलिस की तत्परता ने एक जान तो बचा ली, लेकिन उस मासूम के मन पर लगे जख्म शायद कभी नहीं भर पाएंगे.
भिंड में फूड सेफ्टी विभाग का अवैध डेयरी पर छापा:रिफाइंड ऑयल और ग्लूकोज मिलाकर तैयार हो रहा था मावा, सैंपल जांच के लिए भेजे

भिंड के मौ क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध डेयरी में मिलावटी मावा बनाने का भंडाफोड़ किया। जांच में सामने आया कि दूध से क्रीम निकालकर उसमें रिफाइंड पामोलिन ऑयल और ड्रायड ग्लूकोज पाउडर मिलाकर मावा तैयार किया जा रहा था। मौके से बड़ी मात्रा में मावा, दूध और मिलावटी सामग्री जब्त कर नमूने जांच के लिए भेजे गए। ग्राम तारौली में की गई छापामार कार्रवाई जानकारी के मुताबिक खाद्य सुरक्षा अधिकारी रेखा सोनी और रीना बंसल ने मौ स्थित ग्राम तारौली निवासी लल्लू सिंह परिहार की डेयरी पर छापामार कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान डेयरी में तीन टीन रिफाइंड पामोलिन ऑयल, 10 किलोग्राम ड्रायड ग्लूकोज पाउडर, तीन टीन घी, लगभग 50 किलोग्राम मावा और करीब एक क्विंटल दूध संग्रहित पाया गया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि डेयरी पर दूध से क्रीम अलग कर शेष दूध में रिफाइंड पामोलिन ऑयल और ग्लूकोज पाउडर मिलाकर कृत्रिम रूप से मावा तैयार किया जा रहा था। मौके पर डेयरी संचालक के पास खाद्य लाइसेंस भी उपलब्ध नहीं मिला। नमूने जांच के लिए भेजे, डेयरी बंद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत दूध, मावा, रिफाइंड पामोलिन ऑयल एवं ग्लूकोज पाउडर के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। संबंधित सामग्री को जब्त कर डेयरी संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया। इसी क्रम में मौ स्थित रघुराज डेयरी, ग्राम खेरियाचांद से मावा तथा सावित्री डेयरी से भी मावा के नमूने जांच के लिए लिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान निरंतर जारी रहेगा और रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ पर घमासान:कामाख्या नारायण सिंह ने अनुराग कश्यप को बताया मानसिक रूप से दुर्बल, बीफ सीन पर छिड़ी नई बहस

रिलीज से पहले ही विवादों में घिर चुकी ‘द केरल स्टोरी 2’ के निर्देशक कामाख्या नारायण सिंह ने मशहूर फिल्ममेकर अनुराग कश्यप को अपने तीखे बयान के जवाब में गंभीर आरोप लगाए हैं। यह विवाद खास तौर पर फिल्म के एक सीन को लेकर शुरू हुआ है, जिसमें ट्रेलर में दिखाया गया है कि एक मुस्लिम परिवार एक्ट्रेस को जबरदस्ती गोमांस खिला रहा है। कुछ दिनों पहले अनुराग कश्यप ने इस सीन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि कोई किसी को इस तरह गोमांस नहीं खिलाता, तो क्या खिचड़ी तक कोई जबरदस्ती नहीं खिला सकता। उन्होंने फिल्म को पूरी तरह बकवास और प्रोपगैंडा करार दिया था तथा फिल्म के उद्देश्यों पर भी सवाल उठाए थे। अब इसी टिप्पणी के जवाब में निर्देशक कामाख्या नारायण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें उन्होंने अनुराग कश्यप पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अनुराग मानसिक रूप से दुर्बल” हो गए हैं और उन्हें हर चीज से शिकायत रहती है। चाहे वह फिल्म इंडस्ट्री हो, ब्राह्मण समुदाय हो या नेटफ्लिक्स। कामाख्या ने कहा, “अनुराग कश्यप जी अब मानसिक रूप से दुर्बल हो गए हैं। इनको हर चीज से दिक्कत है।” कामाख्या ने अपने वीडियो में यह भी कहा कि समाज में कुछ निर्दोष लड़कियों को धर्म परिवर्तन कराने के लिए गोमांस खिलाया जाता है, और यह एक गंभीर अपराध है। उन्होंने अनुराग कश्यप की फिल्म ‘ द गर्ल इन येलो बूट्स’ का भी जिक्र किया और उस पर तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि अनुराग ने उस फिल्म में एक पिता-बेटी के रिश्ते को अवैध तरीके से दर्शाया था, जो सभ्य समाज में सोचना भी मुश्किल है। सिंह ने कहा कि अनुराग की फिल्में पिछले कुछ समय से फ्लॉप चल रही हैं और वह चाहते हैं कि उन्हें अक्ल आए। उन्होंने यह भी कहा कि ‘द केरल स्टोरी 2’ तथ्यों पर आधारित है और ट्रेलर को दर्शकों द्वारा अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। दूसरी तरफ, अनुराग कश्यप ने मीडिया से बातचीत में फिल्म को बकवास बताते हुए कहा था कि इससे विभाजन और सौहार्द को नुकसान पहुँच सकता है। यह विवाद तब और बढ़ गया जब कई फिल्म हस्तियों और राजनीतिक हस्तियों ने भी फिल्म पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। फिल्म 27 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है, लेकिन इस विवाद ने पहले से ही इसके आसपास बहस का एक बड़ा विषय तैयार कर दिया है।
इंदौर एयरपोर्ट पर लगेज के लिए परेशान नहीं होंगे यात्री:अब यात्रियों को कन्वेयर बेल्ट पर ही मिलेगी ट्रॉली, ये सुविधा शुरू करने वाला देश का पहला हवाईअड्डा

इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय विमानतल ने यात्रियों के लिए नई सुविधा शुरू की है। अब बाहर से आने वाले यात्रियों को सामान के लिए ट्रॉली ढूंढने की झंझट नहीं होगी, ट्रॉली सीधे कन्वेयर बेल्ट के पास ही उपलब्ध होगी। यह व्यवस्था रविवार से लागू कर दी गई है। इसके तहत एयरपोर्ट प्रबंधन ने ट्रॉली मैनेजमेंट कंपनी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कन्वेयर बेल्ट के आसपास हर तरफ ट्रॉलियां रखे। अब जैसे ही कोई यात्री सामान उठाता है, स्टाफ तुरंत नई ट्रॉली लगा देता है ताकि कोई कमी न रहे। एयरपोर्ट डायरेक्टर सुनील मग्गीरवार ने बताया कि यात्रियों को यह सुविधा देने वाला इंदौर देश का पहला एयरपोर्ट है। इस व्यवस्था के दौरान इस बात का विशेष ख्याल रखा जा रहा है कि ट्रॉली अवस्थित ना हो और किसी भी यात्री को ट्राली के लिए परेशान ना होना पड़े। इसके लिए पूरे समय कंपनी का स्टाफ अराइवल हाल में तैनात किया गया है। एयरपोर्ट प्रबंधन ने बताया कि यह सुविधा यात्रियों, खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए बहुत राहत भरी है। पहले अराइवल हाल में ट्रॉली ढूंढकर उसे बेल्ट तक लाना पड़ता था, जिससे काफी परेशानी होती थी। अब यात्री सीधे बेल्ट से सामान उठाकर ट्रॉली पर रखकर बाहर निकल सकते हैं। पूरी व्यवस्था में स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की गई है ताकि ट्रॉली कभी खाली न रहे और किसी यात्री को इंतजार न करना पड़े। छोटा लेकिन बहुत उपयोगी बदलाव ट्रेवल एजेंट्स और यात्रियों ने इस पहल की खूब सराहना की है। कई यात्रियों ने इसे “छोटा लेकिन बहुत उपयोगी बदलाव” बताया, जो यात्रा को और आरामदायक बनाता है। इंदौर एयरपोर्ट लगातार यात्री सुविधाओं में सुधार कर रहा है और यह कदम यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देने का एक शानदार उदाहरण है।
ग्लोबल टूरिज्म 2026, दुनिया को मिलेंगे 4 सबसे भव्य म्यूजियम:लॉस एंजिलिस में 'स्पेसशिप', अबू धाबी में कांच के पुल पर गैलरी के साथ बेल्जियम में दिखेगा कार फैक्ट्री म्यूजियम

वर्ष 2026 वैश्विक संस्कृति और पर्यटन के लिए बेहद खास होने वाला है। अमेरिका के लॉस एंजिलिस से लेकर मध्य एशिया तक दुनिया के चार सबसे प्रतीक्षित म्यूजियम खुलने जा रहे हैं। ये प्रतिष्ठित सांस्कृतिक केंद्र न केवल शहरों की स्काईलाइन बदलेंगे, बल्कि पर्यटन को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। इनमें हॉलीवुड निर्देशक जॉर्ज लुकास का लगभग 9 हजार करोड़ रु. का नैरेटिव आर्ट म्यूजियम और मशहूर आर्किटेक्ट फ्रैंक गेहरी द्वारा डिजाइन किया गया अबू धाबी का गुगेनहाइम प्रमुख है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया और बेल्जियम में भी कला केंद्र तैयार हो रहे हैं। 1- अमेरिका- यूएफओ जैसा म्यूजियम लॉस एंजिलिस (अमेरिका) के एक्स पोजिशन पार्क में बन रहा यह म्यूजियम सितंबर तक खुलेगा। 11 एकड़ में फैले परिसर की लागत लगभग 9 हजार करोड़ रु. है। इसका आकार उड़न तश्तरी (यूएफओ-स्पेसशिप) जैसा है। इसमें हॉलीवुड फिल्म ‘स्टार वॉर्स’ के असली प्रॉप्स सहित 40 हजार कलाकृतियां होंगी। 2 – अबू धाबी – धातु की चादरों से बना है यह गुगेनहाइम अबू धाबी म्यूजियम यूएई के सादियात द्वीप पर बन रहा है। यहां कांच के पुलों पर गैलरियां बनाई गई हैं। इसकी लागत लगभग 9 हजार करोड़ रु. है। इसे आर्किटेक्ट फ्रैंक गेहरी ने धातु की चादरों और पाल जैसा डिजाइन किया। यहां जैक्सन पोलक जैसे कलाकारों की कलाकृतियां दिखाई जाएंगी। 3 – शिकागो में ओबामा का वाइट हाउस अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ओबामा का यह ड्रीम प्रोजेक्ट शिकागो के साउथ साइड में बन रहा है, जो जून 2026 में खुलेगा। 6350 करोड़ रु. की लागत है। इसकी बड़ी खासियत वाइट हाउस के ‘ओवल ऑफिस’ (राष्ट्रपति का मुख्य दफ्तर) की हूबहू प्रतिकृति होगी। ये 8 मंजिला इमारत ग्रेनाइट पत्थर से बनी है। 4 – बेल्जियम – कार फैक्ट्री म्यूजियम बनी बेल्जियम के ब्रसल्स में बन रहा यह कनाल-पॉम्पिडू म्यूजियम नवंबर तक खुलेगा। इसे 40 हजार वर्ग मीटर में फैली 1930 के दशक की कार फैक्ट्री को आधुनिक रूप देकर बनाया गया है। यहां पाब्लो पिकासो और हेनरी माटिस जैसे महान चित्रकारों की 350 से ज्यादा कलाकृतियां रखी जाएंगी। यह पुराने औद्योगिक भवनों को नया रूप देगा।







