हमारी पौराणिक कथाएं कभी पुरानी नहीं हुईं:‘नागबंधम’ की स्टार कास्ट बोली- अब उन्हें बड़े पर्दे पर भव्य तरीके से दिखाने का समय आया है

रहस्य, रोमांच, पौराणिक इतिहास और बड़े विजुअल्स से सजी पैन इंडिया फिल्म ‘नागबंधम’ तीन जुलाई को रिलीज होगी। फिल्म में विराट कर्ण, नभा नटेश और ऋषभ साहनी मुख्य भूमिकाओं में हैं। निर्माता निशिता नागिरेड्डी हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में टीम ने फिल्म की कहानी, सनातन संस्कृति, दक्षिण भारतीय सिनेमा, बॉलीवुड और किरदारों पर बात की। सवाल: ‘नागबंधम’ की सबसे बड़ी खासियत क्या है? जवाब/निशिता नागिरेड्डी: यह सिर्फ पौराणिक फिल्म नहीं है। इसमें इतिहास, सनातन परंपरा, रहस्य और रोमांच को बड़े पैमाने पर दिखाया गया है। मकसद दर्शकों को मनोरंजन के साथ विरासत से जोड़ना है। सवाल: विराट, आपका किरदार रुद्र का है। इसमें क्या अलग देखने को मिलेगा? जवाब/विराट कर्ण: रुद्र सिर्फ ताकतवर नहीं है, उसके हर फैसले के पीछे वजह है। उसके हर संवाद और एक्शन का मतलब है। ज्यादा बताऊंगा तो मजा खत्म हो जाएगा। असली अनुभव थिएटर में मिलेगा। सवाल: नभा, पौराणिक दुनिया का हिस्सा बनना कैसा रहा? जवाब/नभा नटेश: खास अनुभव रहा। भारतीय सिनेमा में कई ऐतिहासिक और पौराणिक पहलुओं को अब तक सही तरीके से नहीं दिखाया गया। हमारी फिल्म उसी कमी को पूरा करने की कोशिश है। दर्शक मनोरंजन के साथ नया भी जानेंगे। सवाल: ऋषभ, आप लगातार नकारात्मक किरदार निभा रहे हैं। क्या ऐसे किरदार ज्यादा चुनौतीपूर्ण होते हैं? जवाब/ऋषभ साहनी: मुझे ऐसे किरदार निभाने में मजा आता है। हर किरदार का नजरिया होता है। मैं पहले समझने की कोशिश करता हूं कि वह ऐसा क्यों कर रहा है। उसकी सोच समझ में आ जाए तो किरदार जीवंत हो जाता है। सवाल: इतने क्रूर किरदार निभाने के बाद उससे बाहर कैसे निकलते हैं? जवाब/ऋषभ: शूट खत्म होते ही परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताता हूं। वही मुझे सामान्य जिंदगी में वापस ले आता है। मैं किरदार सेट पर छोड़ देता हू। सवाल: सनातन और भारतीय इतिहास पर लगातार फिल्में बन रही हैं। इसे आप ट्रेंड मानते हैं? जवाब/निशिता: यह ट्रेंड नहीं है। हमारी कहानियां हमेशा से थीं। अब तकनीक, बजट और दर्शकों का भरोसा बढ़ा है, इसलिए उन्हें बड़े पैमाने पर पेश किया जा रहा है। नभा: कोविड के बाद लोग अपनी जड़ों से फिर जुड़ना चाहते हैं। इसी वजह से ऐसी फिल्मों को ज्यादा स्वीकार किया जा रहा है। सवाल: बॉलीवुड दक्षिण भारतीय सिनेमा से क्या सीख सकता है? जवाब/ऋषभ: सबसे बड़ी सीख यही है कि कहानियों और नए कलाकारों पर भरोसा किया जाए। वहां कंटेंट को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है। सवाल: विराट, हिंदी फिल्मों में किस कलाकार के साथ काम करना चाहेंगे? जवाब/विराट: मुझे आलिया भट्ट का काम पसंद है। मौका मिला तो उनके साथ काम करना चाहूंगा। मुझे एक्शन और भावनात्मक फिल्में करना पसंद है। सवाल: आपकी प्रेरणा कौन रहे हैं? जवाब/विराट: विक्की कौशल का अभिनय मुझे प्रभावित करता है। खासकर ‘छावा’ देखने के बाद मैंने किरदार पर और मेहनत की। मैं चाहूंगा कि वह यह फिल्म देखें। सवाल: निर्माता के तौर पर बड़े सितारों की बजाय नए चेहरों पर भरोसा क्यों किया? जवाब/निशिता: हमारा विश्वास कहानी पर था। लगा कि जो कलाकार किरदार में फिट बैठता है, वही सही चुनाव है। स्टारडम से ज्यादा जरूरी कहानी है। सवाल: फिल्म को लेकर सबसे यादगार तारीफ कौन सी मिली? जवाब/ऋषभ: यूनिट हर अच्छे शॉट के बाद हौसला बढ़ाती थी। इससे अगले दृश्य में बेहतर करने की ऊर्जा मिलती थी। नभा: मेरे लुक और किरदार को लेकर अच्छी प्रतिक्रिया मिली क्योंकि दर्शकों ने मुझे पहले ऐसे अवतार में नहीं देखा। विराट: मेरे लिए बड़ी तारीफ यह रही कि लोगों ने कहा मैं भगवान शिव जैसा दिख रहा हूं। मैं इसे उनका आशीर्वाद मानता हूं। सवाल: फिल्म के टीजर को इंडस्ट्री से कैसा रिस्पॉन्स मिला? जवाब/निशिता: कई बड़े कलाकारों ने टीजर की तारीफ की। महेश बाबू का समर्थन हमारे लिए बड़ा उत्साह था। उनके शब्दों ने टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया।
करोंदे का अचार रेसिपी: दादी-नानी की बताई सीक्रेट रेसिपी से घर पर ऐसे बनाएं करोंदे का अचार, सिर्फ 20 मिनट में होगी तैयार

करोंदे का आचार्य सामग्री बनाने के लिए: 500 ग्राम जैतून का तेल, 3 बड़े चम्मच हल्दी पाउडर, 2 छोटे चम्मच हल्दी पाउडर, 1 छोटा चम्मच मेथी दाना, 1 छोटा चम्मच मेथी दाना, 1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, 1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, छवि: फ्रीपिक 2 छोटी काली मिर्च पाउडर, 1 छोटा चम्मच काली मिर्च, नमक का स्वाद, ½ छोटा चम्मच हींग। घर पर बना करोंदे का आचार्य स्वाद के साथ-साथ मूवी का भी भरोसा देता है। छवि: एआई बनाने की विधि: सबसे पहले करोंदों को अच्छी तरह धोकर साफ-सुथरे कपड़े से ले जाएं, ताकि वे बिल्कुल भी रामायण न रहें। अब हर करोंदे पर प्रभाव-सा चिरा लगा। इसी प्रकार अंदर तक अच्छे प्रकार के कलाकार। छवि: सोशल मीडिया एक कड़ाही में सरसों का तेल अच्छी तरह गर्म करें। जब तेल से प्रस्थान किया गया तो गैस बंद कर दी गई और तेल थोड़ा ठंडा हो गया। इसके बाद तेल में हींग, सौंफ, मेथी दाना और कलौंजी के कर्मचारी प्रभान भून लें। छवि: एआई अब इसमें दादरी पि रायसी, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, चौथा लाल मिर्च और नमक के टुकड़े अच्छी तरह मिला लें। अब कटे हुए करोंदे इस तत्व में शामिल हैं। छवि: एआई धीरे-धीरे-धीरे-धीरज की शुरुआत हुई 3 से 5 मिनट तक की दूरी, ताकि सभी करोंदों पर मसाला अच्छी तरह चढ़ जाए। इसके बाद आचार्य को पूरी तरह से कूल होने का मौका मिला और साक्षात् व आकर्षक ग्लास के जार में भर दिया गया। छवि: एआई अचार बनाने के लिए मजबूत और सख्त करोंदे चुनें। कांच का जार ठीक होना चाहिए, नहीं तो अचार जल्दी खराब हो सकता है। अगर लंबे समय तक आचार्य स्टोर करना चाहते हैं, तो ऊपर से थोड़ा सा सरसों का तेल डाल दें। छवि: सोशल मीडिया अचार को रोज एक बार साफा और प्लास्टिक से हिलाने पर अलग-अलग तरह के मिल जाते हैं और स्वाद भी बेहतर हो जाता है। छवि: एआई अगर इसे साफ और नकली में रखा जाए और सब्जियों से बेचकर रखा जाए, तो करोंदे का यह सहायक आचार्य 2 से 3 महीने तक आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। समय के साथ स्वाद और भी शानदार हो जाता है। छवि: एआई दादी-नानी की इस आसान रेसिपी को अपनाकर आप बिना किसी झटके के कम समय में स्वादिष्ट अचार बना सकते हैं। इस बार बाजार से अचार की जगह इसे घर पर जरूर देखें। छवि: सोशल मीडिया
सलमान खान को दिल्ली हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत:काला हिरण फिल्म पर सुनवाई 6 जुलाई तक टली; प्रोड्यूसर बोले- 8000 थिएटर्स में होगी रिलीज

सलमान खान की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ की रिलीज पर अंतरिम रोक लगाने से फिलहाल इनकार कर दिया है। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई तक के लिए टाल दी है। इस फैसले के बाद फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कोर्ट के लिए कोई स्टार या ग्लैमर मायने नहीं रखता। वहीं, सलमान खान ने याचिका में आरोप लगाया है कि यह फिल्म गैरकानूनी तरीके से उनकी पर्सनालिटी राइट्स का उल्लंघन करती है। प्रोड्यूसर अमित जानी ने सोशल मीडिया पर कसा तंज सुनवाई टलने के तुरंत बाद फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी बात रखी। अमित जानी ने लिखा, “सलमान खान को आज भी दिल्ली हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। फिल्म पर कोई बैन नहीं लगा है और केस की सुनवाई 6 जुलाई तक टल गई है।” उन्होंने आगे लिखा कि कोर्ट के लिए न तो कोई स्टार होता है और न ही वे किसी ग्लैमर को मानते हैं। खुद को बॉलीवुड का गॉडफादर कहने से काला हिरण नहीं रुकेगा। यह फिल्म पूरी दुनिया में एक साथ 8000 सिनेमाघरों में रिलीज होगी। अगली सुनवाई तक सेंसर बोर्ड के पास नहीं जाएगी फिल्म बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस ज्योति सिंह की कोर्ट में प्रोड्यूसर के वकील ने बताया कि ‘काला हिरण’ फिल्म को अभी तक सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) यानी सेंसर बोर्ड के पास सर्टिफिकेशन के लिए नहीं भेजा गया है। कोर्ट के पूछने पर वकील ने साफ किया कि फिल्म अभी रिलीज के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि सेंसर बोर्ड के सर्टिफिकेट के बिना कोई फिल्म रिलीज नहीं हो सकती और अगली सुनवाई से पहले वे फिल्म को सेंसर बोर्ड के पास नहीं भेजेंगे। प्रोड्यूसर का जवाब रिकॉर्ड पर न होने के कारण कोर्ट ने मामले को आगे बढ़ा दिया। सलमान खान ने क्यों खटखटाया कोर्ट का दरवाजा सलमान खान ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस फिल्म की रिलीज रोकने की मांग की है। उनका आरोप है कि फिल्म मेकर्स गलत तरीके से उनकी पहचान और नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं। याचिका के मुताबिक, फिल्म के प्रमोशनल मैटेरियल और प्रोमो में सलमान के लुक जैसे दिखने वाले एक शख्स (लुकअलाइक) को दिखाया गया है। इस शख्स ने सलमान खान जैसा ही सिग्नेचर ब्लू ब्रेसलेट पहना हुआ है, जो लंबे समय से उनकी खास पहचान रहा है। काले हिरण केस और लॉरेंस विवाद का कनेक्शन एक्टर ने अपनी याचिका में यह भी कहा है कि फिल्म में साल 1998 के काले हिरण शिकार मामले (ब्लैकबक पोचिंग केस) से जुड़ी घटनाओं को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। इसके साथ ही गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उनके बीच के कथित विवाद को भी फिल्म में गलत ढंग से दिखाने का दावा किया गया है। सलमान का कहना है कि इससे उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। अब इस पूरे मामले पर 6 जुलाई को दोबारा सुनवाई होगी।
खिलौने बनकर रह गए रोबोट; इंसानी काम से कोसों दूर:2050 तक दुनिया में 1 अरब ह्यूमनॉइड रोबोट, चीन बना लीडर, पर थमने लगी रफ्तार

पिछले साल ‘स्प्रिंग फेस्टिवल गाला’ में ह्यूमनॉइड रोबोट्स के डांस से प्रेरित होकर हांगझू के ई-कॉमर्स लाइव स्ट्रिमर आई लिन ने 25 लाख रुपए में पहला एंड्रॉइड खरीदा और रेंटल बिजनेस शुरू किया। 443 डॉलर/दिन के किराए पर इन्हें प्रदर्शनी, इवेंट्स के लिए लिया जाने लगा। लेकिन लिन कहते हैं, ‘ह्यूमनॉइड्स का बाजार अभी गति नहीं पकड़ पाया है क्योंकि आज के रोबोट खुद से काम नहीं कर सकते। वे सिर्फ बड़े आकार के खिलौने हैं। यह तकनीक इंसानी लेबर को रिप्लेस करने से सालों दूर है। इसके बावजूद, चीनी सरकार आर्थिक सुस्ती और सिकुड़ते वर्कफोर्स के लिए इस पर अरबों डॉलर लगा रही है। मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है कि 2050 तक दुनिया में 1 अरब ह्यूमनॉइड रोबोट होंगे, जो 5 ट्रिलियन डॉलर से बड़ा बाजार बनाएंगे। दुनिया के लगभग 90% ह्यूमनॉइड रोबोट चीन से आ रहे हैं। साल 2024 में चीन के पास 20 लाख औद्योगिक रोबोट्स का स्टॉक था, जो जापान, अमेरिका, द. कोरिया और जर्मनी के कुल योग से अधिक है। बीजिंग, शंघाई और शेन्जेन में रोबोट ट्रैफिक कंट्रोल, कॉफी और बीयर परोस रहे हैं। ट्रेंड फोर्स के अनुसार चीन में 140 से अधिक ह्यूमनॉइड निर्माता हैं। लेकिन कम मांग से यह ‘इंडस्ट्री बबल’ बन रहा है। ओमिडिया के मुख्य विश्लेषक लियन जे सू कहते हैं, ‘चीन उभरती तकनीक में कितना मजबूत है, यह दिखाने के लिए इस उद्योग को जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है।’ चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, देश में 1,53,000 से अधिक रोबोट रेंटल बिजनेस सक्रिय हैं। अग्रणी निर्माता अगिबॉट ने शेयरबॉट नाम से रेंटल सब्सिडियरी शुरू की है, जिसके अनुसार यह मार्केट 2026 के अंत तक 1.5 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। ग्राहक 517 डॉलर प्रतिदिन पर ह्यूमनॉइड रोबोट, शिपिंग और मानव ऑपरेटर पा सकते हैं। 8 रोबोट्स में निवेश करने वाली 52 वर्षीय झाओ शियाओहोंग कहती हैं, “जब तकनीक रुक जाती है और बाजार में एक जैसे रोबोट आ जाते हैं, तो शुरुआती उत्साह थकान में बदल जाता है और किराए गिरते हैं।’ डेटा और हार्डवेयर बनी सबसे बड़ी चुनौतियां, सटीकता सिर्फ 80% तक ही यिजुआंग के टेक हब में रोबोट लायन डांस करते हैं या बास्केटबॉल थ्रो करते हैं, लेकिन पास के केंद्र में 120 ह्यूमनॉइड्स को मानव ट्रेनर हाथ में रिमोट लेकर डायपर बदलना या पैकेज सॉर्ट करना सिखा रहे हैं। इन्हें प्रशिक्षित करने के लिए इंसानी डेटा की भारी कमी है। चीनी निर्माता ‘फिजिकल इंटरेक्शन डेटा’ के लिए एक्स-ह्य एक्स-ह्यूमनॉइड जैसी कंपनियों को 14,180 रुपए प्रति घंटा तक चुका रहे हैं। छोटे रोबोटिक हाथों में कई फंक्शंस डालने से ‘हीट डिसिपेशन’(गर्मी निकलना) बड़ी समस्या है। इनका जीवनकाल छोटा और उत्पादन लागत अधिक है।
खिलौने बनकर रह गए रोबोट; इंसानी काम से कोसों दूर:2050 तक दुनिया में 1 अरब ह्यूमनॉइड रोबोट, चीन बना लीडर, पर थमने लगी रफ्तार

पिछले साल ‘स्प्रिंग फेस्टिवल गाला’ में ह्यूमनॉइड रोबोट्स के डांस से प्रेरित होकर हांगझू के ई-कॉमर्स लाइव स्ट्रिमर आई लिन ने 25 लाख रुपए में पहला एंड्रॉइड खरीदा और रेंटल बिजनेस शुरू किया। 443 डॉलर/दिन के किराए पर इन्हें प्रदर्शनी, इवेंट्स के लिए लिया जाने लगा। लेकिन लिन कहते हैं, ‘ह्यूमनॉइड्स का बाजार अभी गति नहीं पकड़ पाया है क्योंकि आज के रोबोट खुद से काम नहीं कर सकते। वे सिर्फ बड़े आकार के खिलौने हैं। यह तकनीक इंसानी लेबर को रिप्लेस करने से सालों दूर है। इसके बावजूद, चीनी सरकार आर्थिक सुस्ती और सिकुड़ते वर्कफोर्स के लिए इस पर अरबों डॉलर लगा रही है। मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है कि 2050 तक दुनिया में 1 अरब ह्यूमनॉइड रोबोट होंगे, जो 5 ट्रिलियन डॉलर से बड़ा बाजार बनाएंगे। दुनिया के लगभग 90% ह्यूमनॉइड रोबोट चीन से आ रहे हैं। साल 2024 में चीन के पास 20 लाख औद्योगिक रोबोट्स का स्टॉक था, जो जापान, अमेरिका, द. कोरिया और जर्मनी के कुल योग से अधिक है। बीजिंग, शंघाई और शेन्जेन में रोबोट ट्रैफिक कंट्रोल, कॉफी और बीयर परोस रहे हैं। ट्रेंड फोर्स के अनुसार चीन में 140 से अधिक ह्यूमनॉइड निर्माता हैं। लेकिन कम मांग से यह ‘इंडस्ट्री बबल’ बन रहा है। ओमिडिया के मुख्य विश्लेषक लियन जे सू कहते हैं, ‘चीन उभरती तकनीक में कितना मजबूत है, यह दिखाने के लिए इस उद्योग को जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है।’ चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, देश में 1,53,000 से अधिक रोबोट रेंटल बिजनेस सक्रिय हैं। अग्रणी निर्माता अगिबॉट ने शेयरबॉट नाम से रेंटल सब्सिडियरी शुरू की है, जिसके अनुसार यह मार्केट 2026 के अंत तक 1.5 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। ग्राहक 517 डॉलर प्रतिदिन पर ह्यूमनॉइड रोबोट, शिपिंग और मानव ऑपरेटर पा सकते हैं। 8 रोबोट्स में निवेश करने वाली 52 वर्षीय झाओ शियाओहोंग कहती हैं, “जब तकनीक रुक जाती है और बाजार में एक जैसे रोबोट आ जाते हैं, तो शुरुआती उत्साह थकान में बदल जाता है और किराए गिरते हैं।’ डेटा और हार्डवेयर बनी सबसे बड़ी चुनौतियां, सटीकता सिर्फ 80% तक ही यिजुआंग के टेक हब में रोबोट लायन डांस करते हैं या बास्केटबॉल थ्रो करते हैं, लेकिन पास के केंद्र में 120 ह्यूमनॉइड्स को मानव ट्रेनर हाथ में रिमोट लेकर डायपर बदलना या पैकेज सॉर्ट करना सिखा रहे हैं। इन्हें प्रशिक्षित करने के लिए इंसानी डेटा की भारी कमी है। चीनी निर्माता ‘फिजिकल इंटरेक्शन डेटा’ के लिए एक्स-ह्य एक्स-ह्यूमनॉइड जैसी कंपनियों को 14,180 रुपए प्रति घंटा तक चुका रहे हैं। छोटे रोबोटिक हाथों में कई फंक्शंस डालने से ‘हीट डिसिपेशन’(गर्मी निकलना) बड़ी समस्या है। इनका जीवनकाल छोटा और उत्पादन लागत अधिक है।
आमिर खान से भाई फैसल ने माफी मांगी:कहा- मैं अपनी गलती सुधारूंगा, वो अपनी सुधारें, पुराने बयान पर पछतावा जाहिर किया, शादी की बधाई दी

आमिर खान और उनके छोटे भाई फैसल में सुलह हो चुकी है। कुछ महीनों पहले ही फैसल ने आमिर और परिवार के खिलाफ कई आरोप लगाते हुए एक बयान दिया था और रिश्ते खत्म कर लिए थे। हालांकि अब फैसल का कहना है कि उन्होंने परिवार से माफी मांग ली है। सभी ने उन्हें माफ कर दोबारा अपना लिया है। इसी बीच फैसल ने आमिर को 5 जुलाई को होने वाली उनकी शादी के लिए शुभकामनाएं भी दीं। फैसल खान ने उज्जवल त्रिवेदी को दिए इंटरव्यू में भाई आमिर को मैसेज देते हुए कहा, ‘मैं आमिर, अम्मी और निखत से बस माफी मांगना चाहता हूं। मुझसे जो गलती हुई है, मैं उसकी माफी मांगता हूं। वो भी सोचें कि उन्होंने क्या गलती की है। वो अपना सुधारें, हम अपना सुधारें, तो अपने आप चीजें सुधर जाएंगी।’ जमीने के कब्जे की जानकारी देने के लिए परिवार से संपर्क किया फैसल ने बातचीत में बताया है कि कुछ समय पहले वो खानदानी जमीनों का ब्योरा लेने गांव गए थे। वहां उन्हें पता चला कि आमिर की कुछ जमीनों पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है। हालांकि तब उनकी आमिर से बातचीत बंद थी। ऐसे में फैसल ने बहन निखत को कॉल किया और उन्होंने तुरंत कॉल रिसीव कर लिया। बहन ने उन्हें बताया कि मां की तबीयत भी बिगड़ी है और वो उनके बारे में पूछती रहती हैं। ऐसे में फैसल ने उनसे भी बात की और मां की भावुक बातें सुन वो अगले दिन ही उनसे मिलने पहुंचे और परिवार में सुलह हो गई। आमिर को दी शादी की मुबारकबाद आमिर की शादी पर बात करते हुए फैसल ने कहा, ‘5 जुलाई को उनकी शादी है। मैं उनको मुबारकबाद देता हूं। वो खुश रहें, यही हमारी दिल से दुआ है।’ फैसल खान ने अपने पुराने दिए गए बयान पर भी पछतावा जाहिर किया। उन्होंने कहा कि इंटरव्यू में जो भी उन्होंने कहा, वो उनका गुस्सा था। वो अपने परिवार से कुछ सवालों के जवाब चाहते थे, लेकिन इंटरव्यू में उन्होंने परिवार के खिलाफ कई बातें कहीं, जो नहीं कहनी चाहिए थीं। फैसल ने कहा कि उस इंटरव्यू के बाद मेरा परिवार बिखर गया। आखिर में फैसल ने कहा, ‘मेरी दुआ है कि अब हम इससे आगे ही बढ़ते जाएं और हमारी बॉन्डिंग और मजबूत होती जाए। आज से मेरी यही कोशिश रहेगी।’ फैसल खान को आखिरी बार कन्नड़ फिल्म ओपंदा में देखा गया था। इन दिनों वो अपनी कुछ स्क्रिप्ट्स पर काम कर रहे हैं, जिस पर आगे वो फिल्म बनाने पर विचार कर रहे हैं। इनमें पप्पू हिंदुस्तानी भी शामिल है, जो एक कॉमेडी सस्पेंस फिल्म होगी। फैसल के आरोपों पर परिवार ने जारी किया था स्टेटमेंट आमिर खान के भाई फैसल खान ने कुछ महीने पहले दिए गए एक इंटरव्यू में परिवार पर कई तरह के आरोप लगाए थे। उन्होंने ये कहा था कि आमिर और परिवार ने उन्हें एक साल तक एक कमरे में बंद रखा था। हालांकि अब परिवार ने स्टेटमेंट जारी कर साफ किया है कि परिवार ने मेडिकल एक्सपर्ट्स की सलाह पर उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए कुछ कदम उठाए थे, जिन्हें फैसल पहले भी गलत तरीके से पेश कर चुके हैं। बता दें कि फैसल सिजोफ्रेनिया के मरीज रह चुके हैं और उन्हें ये लगने लगा था कि आसपास के लोग उन्हें नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। इसके अलावा स्टेटमेंट में परिवार ने इस निजी मसले को गपशप का टॉपिक बनाने से बचने की विनती की है। परिवार ने स्टेटमेंट में लिखा, मीडिया से संवेदनशीलता दिखाने का निवेदन है। हम फैसल द्वारा अपनी मां जीनत ताहिर हुसैन, बहन निखत हेगड़े और भाई आमिर पर की गई आहत करने वाली और मिसलीडिंग प्रस्तुति से व्यथित हैं। चूंकि यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने इन घटनाओं को गलत तरीके से पेश किया है, हम अपने इरादों को स्पष्ट करना और एक परिवार के रूप में अपने आपसी एकजुटता को दोहराना जरूरी समझते हैं। आगे लिखा था, ‘यह साझा करना जरूरी है कि फैसल से जुड़े हर निर्णय परिवार ने सामूहिक रूप से, कई चिकित्सकीय विशेषज्ञों से परामर्श करके, केवल प्रेम, करुणा और उनके भावनात्मक एवं मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए लिए हैं। इसी कारण, हमने अपने परिवार के लिए कठिन और पीड़ादायक इस दौर के विवरण को सार्वजनिक रूप से साझा करने से परहेज किया है। हम मीडिया से संवेदनशीलता की अपील करते हैं और आग्रह करते हैं कि इस पर्सनल सब्जेक्ट को सनसनीखेज, भड़काऊ और आहत करने वाली गपशप में न बदलें।’
आमिर खान से भाई फैसल ने माफी मांगी:कहा- मैं अपनी गलती सुधारूंगा, वो अपनी सुधारें, पुराने बयान पर पछतावा जाहिर किया, शादी की बधाई दी

आमिर खान और उनके छोटे भाई फैसल में सुलह हो चुकी है। कुछ महीनों पहले ही फैसल ने आमिर और परिवार के खिलाफ कई आरोप लगाते हुए एक बयान दिया था और रिश्ते खत्म कर लिए थे। हालांकि अब फैसल का कहना है कि उन्होंने परिवार से माफी मांग ली है। सभी ने उन्हें माफ कर दोबारा अपना लिया है। इसी बीच फैसल ने आमिर को 5 जुलाई को होने वाली उनकी शादी के लिए शुभकामनाएं भी दीं। फैसल खान ने उज्जवल त्रिवेदी को दिए इंटरव्यू में भाई आमिर को मैसेज देते हुए कहा, ‘मैं आमिर, अम्मी और निखत से बस माफी मांगना चाहता हूं। मुझसे जो गलती हुई है, मैं उसकी माफी मांगता हूं। वो भी सोचें कि उन्होंने क्या गलती की है। वो अपना सुधारें, हम अपना सुधारें, तो अपने आप चीजें सुधर जाएंगी।’ जमीने के कब्जे की जानकारी देने के लिए परिवार से संपर्क किया फैसल ने बातचीत में बताया है कि कुछ समय पहले वो खानदानी जमीनों का ब्योरा लेने गांव गए थे। वहां उन्हें पता चला कि आमिर की कुछ जमीनों पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है। हालांकि तब उनकी आमिर से बातचीत बंद थी। ऐसे में फैसल ने बहन निखत को कॉल किया और उन्होंने तुरंत कॉल रिसीव कर लिया। बहन ने उन्हें बताया कि मां की तबीयत भी बिगड़ी है और वो उनके बारे में पूछती रहती हैं। ऐसे में फैसल ने उनसे भी बात की और मां की भावुक बातें सुन वो अगले दिन ही उनसे मिलने पहुंचे और परिवार में सुलह हो गई। आमिर को दी शादी की मुबारकबाद आमिर की शादी पर बात करते हुए फैसल ने कहा, ‘5 जुलाई को उनकी शादी है। मैं उनको मुबारकबाद देता हूं। वो खुश रहें, यही हमारी दिल से दुआ है।’ फैसल खान ने अपने पुराने दिए गए बयान पर भी पछतावा जाहिर किया। उन्होंने कहा कि इंटरव्यू में जो भी उन्होंने कहा, वो उनका गुस्सा था। वो अपने परिवार से कुछ सवालों के जवाब चाहते थे, लेकिन इंटरव्यू में उन्होंने परिवार के खिलाफ कई बातें कहीं, जो नहीं कहनी चाहिए थीं। फैसल ने कहा कि उस इंटरव्यू के बाद मेरा परिवार बिखर गया। आखिर में फैसल ने कहा, ‘मेरी दुआ है कि अब हम इससे आगे ही बढ़ते जाएं और हमारी बॉन्डिंग और मजबूत होती जाए। आज से मेरी यही कोशिश रहेगी।’ फैसल खान को आखिरी बार कन्नड़ फिल्म ओपंदा में देखा गया था। इन दिनों वो अपनी कुछ स्क्रिप्ट्स पर काम कर रहे हैं, जिस पर आगे वो फिल्म बनाने पर विचार कर रहे हैं। इनमें पप्पू हिंदुस्तानी भी शामिल है, जो एक कॉमेडी सस्पेंस फिल्म होगी। फैसल के आरोपों पर परिवार ने जारी किया था स्टेटमेंट आमिर खान के भाई फैसल खान ने कुछ महीने पहले दिए गए एक इंटरव्यू में परिवार पर कई तरह के आरोप लगाए थे। उन्होंने ये कहा था कि आमिर और परिवार ने उन्हें एक साल तक एक कमरे में बंद रखा था। हालांकि अब परिवार ने स्टेटमेंट जारी कर साफ किया है कि परिवार ने मेडिकल एक्सपर्ट्स की सलाह पर उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए कुछ कदम उठाए थे, जिन्हें फैसल पहले भी गलत तरीके से पेश कर चुके हैं। बता दें कि फैसल सिजोफ्रेनिया के मरीज रह चुके हैं और उन्हें ये लगने लगा था कि आसपास के लोग उन्हें नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। इसके अलावा स्टेटमेंट में परिवार ने इस निजी मसले को गपशप का टॉपिक बनाने से बचने की विनती की है। परिवार ने स्टेटमेंट में लिखा, मीडिया से संवेदनशीलता दिखाने का निवेदन है। हम फैसल द्वारा अपनी मां जीनत ताहिर हुसैन, बहन निखत हेगड़े और भाई आमिर पर की गई आहत करने वाली और मिसलीडिंग प्रस्तुति से व्यथित हैं। चूंकि यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने इन घटनाओं को गलत तरीके से पेश किया है, हम अपने इरादों को स्पष्ट करना और एक परिवार के रूप में अपने आपसी एकजुटता को दोहराना जरूरी समझते हैं। आगे लिखा था, ‘यह साझा करना जरूरी है कि फैसल से जुड़े हर निर्णय परिवार ने सामूहिक रूप से, कई चिकित्सकीय विशेषज्ञों से परामर्श करके, केवल प्रेम, करुणा और उनके भावनात्मक एवं मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए लिए हैं। इसी कारण, हमने अपने परिवार के लिए कठिन और पीड़ादायक इस दौर के विवरण को सार्वजनिक रूप से साझा करने से परहेज किया है। हम मीडिया से संवेदनशीलता की अपील करते हैं और आग्रह करते हैं कि इस पर्सनल सब्जेक्ट को सनसनीखेज, भड़काऊ और आहत करने वाली गपशप में न बदलें।’
बेन स्टोक्स के शानदार क्रिकेट करियर पर एक नजर:टेस्ट में सर्वाधिक छक्के लगाकर रिटायर हुए स्टोक्स

इंग्लैंड के दिग्गज ऑलराउंडर और टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स ने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज टेस्ट के चौथे दिन उन्होंने अपने संन्यास का ऐलान कर क्रिकेट जगत को चौंका दिया। 15 साल के अपने शानदार करियर में स्टोक्स ने तीनों फॉर्मेट्स को मिलाकर 279 इंटरनेशनल मैच खेले। उन्होंने अपना आखिरी वाइट-बॉल (वनडे/टी20) मैच भारत में हुए 2023 वनडे वर्ल्ड कप में खेला था। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी, घातक गेंदबाजी और कभी हार न मानने वाले जज्बे से उन्होंने टेस्ट क्रिकेट खेलने का तरीका ही बदल दिया। गेंद और बल्ले, दोनों से उन्होंने ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए हैं जो उन्हें क्रिकेट इतिहास के सबसे महान ऑलराउंडर्स की लिस्ट में शुमार करते हैं। आइए, उनके बेमिसाल करियर के आंकड़ों और रिकॉर्ड्स पर एक नजर डालते हैं… 1. 7000+ रन और 250+ विकेट टेस्ट के इतिहास में 7000 से ज्यादा रन और 250 से ज्यादा विकेट का ‘डबल’ पूरा करने वाले स्टोक्स दुनिया के केवल दूसरे क्रिकेटर हैं। उनके अलावा द. अफ्रीका के जैक कैलिस (13,289 रन, 292 विकेट) ने यह कारनामा किया है। 2. टेस्ट क्रिकेट के ‘सिक्सर किंग’ टेस्ट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड स्टोक्स (138 छक्के) के नाम दर्ज है। वह टेस्ट में 100+ छक्के लगाने वाले दुनिया के तीन बल्लेबाजों में से एक हैं। इन 138 में से 39 छक्के उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगाए हैं, जो टेस्ट में किसी भी एक टीम के खिलाफ लगाए गए सबसे ज्यादा छक्के हैं। टेस्ट और वनडे दोनों में एक पारी में 10+ छक्के जड़ने वाले स्टोक्स दुनिया के केवल दो बल्लेबाजों में से एक हैं। दूसरे खिलाड़ी उनके कोच ब्रेंडन मैक्कुलम हैं। 3. बैजबॉल अंदाज – हमेशा नतीजे के लिए खेले, सबसे कम ड्रॉ प्रतिशत -स्टोक्स ने कप्तान के तौर पर 44 टेस्ट में इंग्लैंड को 24 में जीत दिलाई। माइक ब्रेयरली और माइकल वॉन के बाद वे इंग्लैंड के तीसरे कप्तान हैं, जिनका जीत का प्रतिशत 50+ है। – उनकी कप्तानी में इंग्लैंड ने प्रति ओवर 4.40 के रन रेट से रन बनाए। 25 से ज्यादा टेस्ट में कप्तानी करने वालों में यह इकलौता ऐसा रिकॉर्ड है। -स्टोक्स के कप्तान रहते सिर्फ 4.55% टेस्ट मैच ही ड्रॉ हुए। यह कम से कम 25 टेस्ट मैचों में कप्तानी करने वालों में सबसे कम है। – 350+ के लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करने के इतिहास में 14 वाकये हुए हैं, जिनमें से दो मौकों पर स्टोक्स ने कप्तानी करते हुए जीत दिलाई। भारत के खिलाफ एजबेस्टन में 378 और हेडिंग्ले में 371 रन का चेज। 4. ऐतिहासिक पारियां – छठे नंबर पर दूसरा सबसे बड़ा स्कोर – 2016 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नंबर 6 पर खेलते हुए स्टोक्स ने 258 रन बनाए थे। यह डॉन ब्रैडमैन (270) के बाद छठे या उससे निचले क्रम के बल्लेबाज का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। इस पारी में उन्होंने 163 गेंद में दोहरा शतक ठोका था, जो टेस्ट इतिहास का दूसरा सबसे तेज दोहरा शतक है। – क्रिकेट के मक्का ‘लॉर्ड्स’ में सबसे तेज शतक (85 गेंद) लगाने का रिकॉर्ड भी स्टोक्स के नाम है, जो उन्होंने 2015 में न्यूजीलैंड के खिलाफ बनाया था। – 2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 182 रनों की पारी इंग्लैंड के किसी भी बल्लेबाज का वनडे में सर्वोच्च स्कोर है।
बेन स्टोक्स के शानदार क्रिकेट करियर पर एक नजर:टेस्ट में सर्वाधिक छक्के लगाकर रिटायर हुए स्टोक्स

इंग्लैंड के दिग्गज ऑलराउंडर और टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स ने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज टेस्ट के चौथे दिन उन्होंने अपने संन्यास का ऐलान कर क्रिकेट जगत को चौंका दिया। 15 साल के अपने शानदार करियर में स्टोक्स ने तीनों फॉर्मेट्स को मिलाकर 279 इंटरनेशनल मैच खेले। उन्होंने अपना आखिरी वाइट-बॉल (वनडे/टी20) मैच भारत में हुए 2023 वनडे वर्ल्ड कप में खेला था। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी, घातक गेंदबाजी और कभी हार न मानने वाले जज्बे से उन्होंने टेस्ट क्रिकेट खेलने का तरीका ही बदल दिया। गेंद और बल्ले, दोनों से उन्होंने ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए हैं जो उन्हें क्रिकेट इतिहास के सबसे महान ऑलराउंडर्स की लिस्ट में शुमार करते हैं। आइए, उनके बेमिसाल करियर के आंकड़ों और रिकॉर्ड्स पर एक नजर डालते हैं… 1. 7000+ रन और 250+ विकेट टेस्ट के इतिहास में 7000 से ज्यादा रन और 250 से ज्यादा विकेट का ‘डबल’ पूरा करने वाले स्टोक्स दुनिया के केवल दूसरे क्रिकेटर हैं। उनके अलावा द. अफ्रीका के जैक कैलिस (13,289 रन, 292 विकेट) ने यह कारनामा किया है। 2. टेस्ट क्रिकेट के ‘सिक्सर किंग’ टेस्ट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड स्टोक्स (138 छक्के) के नाम दर्ज है। वह टेस्ट में 100+ छक्के लगाने वाले दुनिया के तीन बल्लेबाजों में से एक हैं। इन 138 में से 39 छक्के उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगाए हैं, जो टेस्ट में किसी भी एक टीम के खिलाफ लगाए गए सबसे ज्यादा छक्के हैं। टेस्ट और वनडे दोनों में एक पारी में 10+ छक्के जड़ने वाले स्टोक्स दुनिया के केवल दो बल्लेबाजों में से एक हैं। दूसरे खिलाड़ी उनके कोच ब्रेंडन मैक्कुलम हैं। 3. बैजबॉल अंदाज – हमेशा नतीजे के लिए खेले, सबसे कम ड्रॉ प्रतिशत -स्टोक्स ने कप्तान के तौर पर 44 टेस्ट में इंग्लैंड को 24 में जीत दिलाई। माइक ब्रेयरली और माइकल वॉन के बाद वे इंग्लैंड के तीसरे कप्तान हैं, जिनका जीत का प्रतिशत 50+ है। – उनकी कप्तानी में इंग्लैंड ने प्रति ओवर 4.40 के रन रेट से रन बनाए। 25 से ज्यादा टेस्ट में कप्तानी करने वालों में यह इकलौता ऐसा रिकॉर्ड है। -स्टोक्स के कप्तान रहते सिर्फ 4.55% टेस्ट मैच ही ड्रॉ हुए। यह कम से कम 25 टेस्ट मैचों में कप्तानी करने वालों में सबसे कम है। – 350+ के लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करने के इतिहास में 14 वाकये हुए हैं, जिनमें से दो मौकों पर स्टोक्स ने कप्तानी करते हुए जीत दिलाई। भारत के खिलाफ एजबेस्टन में 378 और हेडिंग्ले में 371 रन का चेज। 4. ऐतिहासिक पारियां – छठे नंबर पर दूसरा सबसे बड़ा स्कोर – 2016 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नंबर 6 पर खेलते हुए स्टोक्स ने 258 रन बनाए थे। यह डॉन ब्रैडमैन (270) के बाद छठे या उससे निचले क्रम के बल्लेबाज का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। इस पारी में उन्होंने 163 गेंद में दोहरा शतक ठोका था, जो टेस्ट इतिहास का दूसरा सबसे तेज दोहरा शतक है। – क्रिकेट के मक्का ‘लॉर्ड्स’ में सबसे तेज शतक (85 गेंद) लगाने का रिकॉर्ड भी स्टोक्स के नाम है, जो उन्होंने 2015 में न्यूजीलैंड के खिलाफ बनाया था। – 2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 182 रनों की पारी इंग्लैंड के किसी भी बल्लेबाज का वनडे में सर्वोच्च स्कोर है।
विवाद खड़े करना नेटफ्लिक्स की नई स्ट्रेटजी!:लॉक-अप में बैक-टु-बैक जारी विवाद, राम कपूर ने पार्टनर को धोखा देने की पैरवी की, सुनीता-आकांक्षा भी विवादित बयानों पर टिकीं

Hindi News Entertainment Bollywood Netflix Show Lock Up Making Headlines Due To Controversy Not Concept, Ram Kapoor Now Justify Cheating Partner After Akanksha Chamola And Sunita Ahuja Controversy 5 मिनट पहले कॉपी लिंक नेटफ्लिक्स का शो लॉक-अप लगातार सुर्खियों में है। शो में लगातार कंटेस्टेंट्स से जुड़ी कंट्रोवर्सी को हाईलाइट किया जा रहा है। कभी शो में गौरव खन्ना की पत्नी आकांक्षा ने अचानक तलाक की अनाउंसमेंट की, तो कभी गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा घरेलू विवाद पर बात करती दिखीं। अब शो में राम कपूर के पार्टनर को चीट करने के बयान पर विवाद हो गया है, जिस पर को-कंटेस्टेंट्स भी भड़क गए हैं। इन विवादों से नेटफ्लिक्स पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या नेटफ्लिक्स ऑडियंस बटोरने के लिए इन विवादों का सहारा ले रहा है। क्या है राम कपूर का विवादित बयान? राम कपूर ने हाल ही में शो में कहा है कि अगर पति-पत्नी के बीच सच्चा प्यार हो तो धोखा देने के बाद भी रिश्ता खत्म नहीं होता। ये बयान उन्होंने को-कंटेस्टेंट श्रेया कालरा के उस सवाल पर दिया, जिसमें उन्होंने पूछा कि ‘अगर आपका पार्टनर चीट करे, तो क्या आप रिश्ता खत्म करेंगे’? इस पर राम ने कहा- आप कनेक्शन फिर ढूंढिए। अगर आप प्यार करते हैं तो रिश्ता खत्म नहीं होता। शादी मुश्किल सफर है। हमें शादी पर रोज काम करना होता है। 20-25 साल की शादी में आपको उतार-चढ़ाव देखने पड़ते हैं। बुरे समय में अगर गलती से किसी एक से कुछ हो जाए, अगर आप उनके बगैर नहीं जी सकते और अपने बच्चों के बगैर नहीं जी सकते, तो समय के साथ चीजें सुधर जाती हैं। कभी-कभी ये गलती से हो जाता है। राम कपूर के बयान से को-कंटेस्टेंट आकांक्षा चमोला भड़क गईं। उन्होंने पलटवार कर कहा, ‘नहीं, ये चीजें गलती से नहीं होतीं। आप फिजिकली इंटिमेट हो रहे हो किसी से तो ये एक प्रोसेस है। आप अपने कपड़े उतारते हैं, दूसरे के कपड़े उतारते हैं और फिर वो करते हैं। आप इसे गलती नहीं कह सकते।’ आकांक्षा के विरोध के बावजूद राम कपूर धोखा देने की बात को जस्टिफाई करते रहे। विवादों पर टिका है नेटफ्लिक्स का शो लॉक अप ये शो 27 जून से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम किया जा रहा है। शो शुरुआत से ही कॉन्सेप्ट कम और विवादों से सुर्खियों में है। शो के प्रीमियर में ही आकांक्षा चमोला ने गौरव खन्ना से तलाक अनाउंस कर दिया, जिसे कई यूजर्स ने फेक कहा। वहीं शो में स्प्लिट्सविला के विवादित कंटेस्टेंट्स आकांक्षा रावत और योगेश रावत को लाया गया है, जिन पर कंटेस्टेंट श्रेया कालरा आपत्तिजनक कमेंट कर चुकी हैं। दोनों का इससे पहले एक पॉडकास्ट के चलते भी झगड़ा हो चुका है। तलाक की सुर्खियों और गोविंदा के एक्स्ट्रा मैरिटल का दावा कर चुकीं सुनीता भी शो का हिस्सा हैं, जिन्होंने हाल ही में भांजे कृष्णा अभिषेक और कश्मीरा से हुए विवाद पर बात की है। कंटेस्टेंटस की सेक्शुएलिटी पर उठाए जा रहे हैं सवाल शो से जुड़े क्लिप लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें कंटेस्टेंट्स एक-दूसरे की सेक्शुएलिटी पर सवाल उठाते दिखे हैं। इन्फ्लूएंसर श्रेया कालरा ने हाल ही में सूफी मोतीवाला के सामने दावा किया है कि आकांक्षा चमोला बायसेक्शुअल हैं। वहीं सूफी ने भी कहा है कि को-कंटेस्टेंट वरुण (लैला) उनसे बड़े गे हैं। इस क्लिप में राम कपूर, वरुण को किस करते भी दिखे। सवालों में नेटफ्लिक्स की स्ट्रेटजी आमतौर पर ऐसे रियलिटी शोज में खाने और टास्क पर झगड़े होते हैं, लेकिन इससे इतर नेटफ्लिक्स के नए रियलिटी शो में लगातार विवादों और झगड़ों को ही हाईलाइट किया जा रहा है। शो में भाषा, गाली-गलौज और आपत्तिजनक शब्दों पर भी कोई सेंसर नहीं है। ऐसे में सवाल ये उठ रहा है कि दुनिया भर की बड़ी फिल्में और सीरीज स्ट्रीम करने वाले नेटफ्लिक्स को भारत में सर्वाइव करने और व्यूज बटोरने के लिए विवादों की जरुरत क्यों पड़ रही है। इंडियाज गॉट लेटेंट 2 लाने पर भी नेटफ्लिक्स पर सवाल उठे सिर्फ लॉक अप ही नहीं बल्कि नेटफ्लिक्स पर समय रैना का शो इंडियाज गॉट लेटेंट 2 भी स्ट्रीम किया जा रहा है, जिसका पिछला सीजन काफी विवादों में था। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने नेटफ्लिक्स जैसे बड़े OTT प्लेटफॉर्म में ऐसा कंटेंट आने पर आपत्ति भी जताई है। इनमें शिव सेना नेता प्रियंका चुतर्वेदी भी शामिल हैं। उन्होंने हाल ही में एक पोस्ट शेयर कर कहा कि समय रैना जैसे विवादित शख्स के आपत्तिजनक जोक्स को अब नेटफ्लिक्स जैसे प्लेटफॉर्म का सहारा मिल रहा है। नेटफ्लिक्स ने भारतीयों की नब्ज पकड़ने में देर की- धीरज मिश्रा, राइटर लेखक धीरज मिश्रा का मानना है कि नेटफ्लिक्स आम भारतीय दर्शकों की नब्ज पकड़ने में देर कर गया। दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, शुरुआती दौर में प्लेटफॉर्म के शो तकनीकी रूप से मजबूत थे और महानगरों के दर्शकों को पसंद आए, लेकिन बड़े दर्शक वर्ग से उनका जुड़ाव सीमित रहा। धीरज मिश्रा कहते हैं कि इसी दौरान दूसरे ओटीटी प्लेटफॉर्म ऐसे शो और फिल्में लेकर आए जिनकी कहानियां और किरदार आम भारतीय दर्शकों के ज्यादा करीब थे। इसी वजह से उन्होंने तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर ली। नेटफ्लिक्स का कंटेंट विजन साफ नहीं- विवेक शर्मा, डायरेक्टर नेटफ्लिक्स की चुनौतियों को सिर्फ कमजोर प्रोजेक्ट्स तक सीमित नहीं देखा जा सकता। सवाल यह भी है कि क्या प्लेटफॉर्म के पास भारतीय बाजार के लिए स्पष्ट कंटेंट विजन है। दैनिक भास्कर से बातचीत में डायरेक्टर विवेक शर्मा ने कहा है कि सबसे बड़ी समस्या यही है। कई बार फैसले रचनात्मकता के बजाय रिश्तों, लॉबी और स्थापित समूहों के प्रभाव में लिए जाते हैं। एक ही बैनर या प्रोडक्शन हाउस को बार-बार बड़े प्रोजेक्ट मिलते हैं, जबकि नए लोगों और नए विचारों को पर्याप्त अवसर नहीं मिलते। उनके मुताबिक नेटफ्लिक्स को गंभीर आत्ममंथन की जरूरत है। उसे तय करना होगा कि वह सिर्फ बड़े नामों का प्लेटफॉर्म बनना चाहता है या नई प्रतिभाओं और नई कहानियों का मंच भी। ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन मानते हैं कि नेटफ्लिक्स की शुरुआती पोजिशनिंग भी उसकी सीमाओं का कारण बनी। शुरुआत से उसने खुद को प्रीमियम प्लेटफॉर्म के रूप में पेश किया। उसकी कीमत दूसरे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स से ज्यादा रही, जबकि भारत प्राइस-सेंसिटिव मार्केट







