पाकिस्तान का दावा- अफगानिस्तान के तीन ठिकानों पर हमले किए:TTP कमांडर समेत 29 आतंकी मारे; एक दिन पहले कराची में आतंकी हमला हुआ था

पाकिस्तान ने रविवार रात को अफगानिस्तान सीमा से लगे इलाकों में 29 आतंकियों को मार गिराने का दावा किया है। पाकिस्तान के मुताबिक, पहले खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले में जमीनी ऑपरेशन किया गया। इसके बाद सीमा पार अफगानिस्तान के भीतर तीन आतंकियों के ठिकानों पर हमले किए गए। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने X पर लिखा- यह ऑपरेशन देश में हाल के आतंकी हमलों के जवाब में किया गया। इसमें जमात-उल-अहरार और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों को निशाना बनाया गया। TTP का कमांडर खान फरोश भी मारा गया। बाजौर में 4, अफगानिस्तान में 25 आतंकी मारे अताउल्लाह तरार ने बताया कि बाजौर जिले में खुफिया जानकारी मिलने के बाद ऑपरेशन शुरू किया गया। इसमें खान फरोश समेत चार आतंकी मारे गए। बाजौर, खैबर पख्तूनख्वा का अफगानिस्तान से लगा जिला है। इसके बाद अफगानिस्तान के पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में तीन अलग-अलग ठिकानों पर हमले किए गए। वहां 25 आतंकी मारे गए। इन ठिकानों पर रखा हथियार और गोला-बारूद भी नष्ट कर दिया गया। एक दिन पहले कराची में हमला हुआ था शनिवार को कराची में सिंध रेंजर्स के क्षेत्रीय मुख्यालय पर हथियारों और विस्फोटकों से लैस आतंकियों ने हमला किया था। इस हमले में चार रेंजर्स जवान मारे गए थे। पाकिस्तान के मुताबिक, जवाबी फायरिंग में छह हमलावर मारे गए। एक घायल हमलावर को गिरफ्तार किया गया। पाकिस्तान ने उसे अफगान नागरिक बताया है। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान तालिबान से अलग हुए संगठन जमात-उल-अहरार ने ली थी। पाकिस्तान का कहना है कि ताजा ऑपरेशन में इसी संगठन और TTP के ठिकानों को निशाना बनाया गया। पाकिस्तान बोला- नागरिकों की सुरक्षा से समझौता नहीं करेंगे अताउल्लाह तरार ने कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना चाहता है, लेकिन अपने नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। पाकिस्तान पिछले साल से अफगान सीमा और उसके भीतर कई बार हमले कर चुका है। उसका कहना है कि इन हमलों का निशाना TTP और दूसरे आतंकी संगठनों के ठिकाने रहे हैं। पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार TTP के आतंकियों को पनाह देती है। काबुल इन आरोपों से लगातार इनकार करता रहा है। पाकिस्तान और TTP में लड़ाई क्यों? 2001 में अमेरिका के अफगानिस्तान पर हमले के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका का साथ दिया। इससे TTP नाराज हो गया, वह इसे इस्लाम के खिलाफ मानता था। TTP का मानना है कि पाकिस्तान सरकार सच्चा इस्लाम नहीं मानती है, इसलिए वो उसके खिलाफ हमला करता है। TTP का अफगान तालिबान के साथ गहरा जुड़ाव है। दोनों समूह एक-दूसरे को समर्थन देते हैं। 2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान ने TTP को निशाना बनाकर अफगानिस्तान में हमले किए।
पाकिस्तान का दावा- अफगानिस्तान में तीन ठिकानों पर हमले किए:TTP कमांडर समेत 29 आतंकी मारे; एक दिन पहले कराची में आतंकी हमला हुआ था

पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में तीन ठिकानों पर अटैक करने का दावा किया है। पाकिस्तान के मुताबिक, पहले खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले में जमीनी ऑपरेशन किया गया। इसके बाद सीमा पार अफगानिस्तान के भीतर तीन आतंकियों के ठिकानों पर हमले किए गए। इन हमलों में 29 आतंकियों को मार गिराया हैं। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने X पर लिखा- यह ऑपरेशन देश में हाल के आतंकी हमलों के जवाब में किया गया। इसमें जमात-उल-अहरार और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों को निशाना बनाया गया। TTP का कमांडर खान फरोश भी मारा गया। इससे एक दिन पहले पाकिस्तान के कराची में सिंध रेंजर्स के हेडकॉर्टर पर हथियारों और विस्फोटकों से लैस आतंकियों ने हमला किया था। इसमें चार रेंजर्स जवान मारे गए थे। वहीं, छह हमलावर मारे गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी जमात-उल-अहरार ने ली थी। बाजौर में 4, अफगानिस्तान में 25 आतंकी मारे अताउल्लाह तरार ने बताया कि खुफिया जानकारी मिलने पर बाजौर जिले में ऑपरेशन शुरू किया गया। इसमें खान फरोश समेत चार आतंकी मारे गए। खैबर पख्तूनख्वा का बाजौर, अफगानिस्तान से लगा जिला है। इसके बाद अफगानिस्तान के पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में तीन अलग-अलग ठिकानों पर हमले किए गए। वहां 25 आतंकी मारे गए। इन ठिकानों पर रखा हथियार और गोला-बारूद भी नष्ट कर दिया गया। पाकिस्तान बोला- नागरिकों की सुरक्षा से समझौता नहीं करेंगे तरार ने कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की कोशिश करता रहा है, लेकिन अपने नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। पाकिस्तान पिछले साल से अफगान सीमा और उसके भीतर कई बार हमले कर चुका है। उसका कहना है ये हमले TTP और दूसरे आतंकी संगठनों के ठिकाने किए गए हैं। पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार TTP के आतंकियों को पनाह देती है। पाकिस्तान और TTP में लड़ाई क्यों? 2001 में अमेरिका के अफगानिस्तान पर हमले के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका का साथ दिया। इससे TTP नाराज हो गया, वह इसे इस्लाम के खिलाफ मानता था। TTP का मानना है कि पाकिस्तान सरकार सच्चा इस्लाम नहीं मानती है, इसलिए वो उसके खिलाफ हमला करता है। TTP का अफगान तालिबान के साथ गहरा जुड़ाव है। दोनों समूह एक-दूसरे को समर्थन देते हैं। 2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान ने TTP को निशाना बनाकर अफगानिस्तान में हमले किए। अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के पिछले दो बड़े हमले…. 10 जून: पाकिस्तानी मिसाइल हमले में 13 की मौत, इनमें 11 बच्चे थे पाकिस्तान ने 10 जून को अफगानिस्तान के कई इलाकों में मिसाइल हमले किए थे। अफगान तालिबान सरकार के मुताबिक इन हमलों में 13 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 11 बच्चे थे। तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के एयरस्पेस का उल्लंघन किया। कुनार, खोस्त तथा पक्तिका प्रांतों में आम लोगों के घरों पर बमबारी की। वहीं पाकिस्तान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि उसने खुफिया जानकारी के आधार पर आतंकियों के ठिकानों पर सटीक हमला किया। पूरी खबर पढ़ें… 16 मार्च: पाकिस्तान के एयरस्ट्राइक में 400 की मौत, 250 घायल पाकिस्तान ने 16 मार्च की रात को अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक किया था। पाकिस्तानी एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों ने राजधानी काबुल के कई इलाकों को निशाना बनाया, जिनमें एक हॉस्पिटल भी था। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक इसमें 400 लोगों की मौत हुई थी। वहीं 250 से ज्यादा घायल हुए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक दारुलअमान, अरजान कीमत, खैरखाना और काबुल इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास कई जगहों पर धमाकों और गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सेना ने काबुल में एक नशा मुक्ति अस्पताल पर बम गिराए। पूरी खबर पढ़ें… ——————- ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान के कराची में पैरामिलिट्री हेडक्वार्टर पर आतंकी हमला:4 सुरक्षाकर्मियों और 6 आतंकियों की मौत; तालिबान से जुड़े जमात-उल-अहरार ने जिम्मेदारी ली पाकिस्तान के कराची में शनिवार रात आतंकियों ने सिंध रेंजर्स के पैरामिलिट्री हेडक्वार्टर पर हमला कर दिया। हमला रात करीब 8.30 बजे गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में हुआ। इसमें चार रेंजर्स की मौत हो गई। जवाबी कार्रवाई में छह आतंकी मारे गए, जबकि एक आतंकी को घायल हालत में गिरफ्तार कर लिया गया। पूरी खबर पढ़ें…
एसी कूलिंग टिप्स: एसी को ठंडा करने के चक्कर में कहीं खराब न हो जाए मशीन, जानें आउटर यूनिट पर पानी कितना सही?

28 जून 2026 को 21:21 IST पर अपडेट किया गया एसी आउटडोर यूनिट को सुरक्षित रूप से ठंडा कैसे करें: भीषण गर्मी में एसी का दिन-रात चलना आम बात है। जब भी एसी कूलिंग कम कर देता है या स्ट्रिप मारने का आभास होता है, तो लोग ‘देसी जुगाड़’ के रूप में अपनी बाहरी यूनिट पर बाल्टी या पाइप से पानी डाल देते हैं। लेकिन क्या ऐसा करना सुरक्षित है? कहीं ठंडक बढ़ाने के चक्कर में आप अपनी मशीन तो खराब नहीं कर रहे? तो जानें ये कितना सही है? अनुसरण करना : अगर सही तरीके से पानी डाला जाए, तो आमतौर पर कोई परेशानी नहीं होती। क्योंकि AC का आउटर यूनिट बारिश और धूप झेलने के लिए बनाया जाता है। लेकिन अंतिम नुकसान हो सकता है। छवि: फ्रीपिक पाइप से तेज़ दस्तावेज़ में वॉटर हीटर से आउटर यूनिट की परत एल्युमीनियम फ़िनिशें निकाली जा सकती हैं। इससे हवा का प्रवाह कम हो जाता है और AC की कूलिंग भी कम हो जाती है। छवि: एआई अगर एसी चल रही हो और उसी समय आउटर यूनिट पर पानी डाला जाए, तो शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ सकता है। इससे मोटर या मॉडल खराब होने की संभावना बनी रहती है। छवि: एआई अगर यूनिट पर केवल थोड़ा-सा पानी छिड़कर छोड़ दिया जाए, तो धूल फांकता हुआ पंखों में जाम लग जाता है। इससे संबंधित अतिरिक्त दबाव वाले सामान और एसी बार-बार यात्रा कर सकते हैं। छवि: फ्रीपिक बाहरी इकाई पर शेड रूम। हर 10-15 दिन में इलेक्ट्रॉनिक्स इलेक्ट्रॉनिक्स को साफ करें। AC का तापमान 24°C होता है, इससे बेहतर कूलिंग और बिजली की बचत दोनों होती है। छवि: एआई बाहरी इकाई पर बार-बार पानी का कोई स्थायी समाधान नहीं है। छवि: फ्रीपिक अगर एसी की कूलिंग कम हो रही है या यूनिट बहुत खराब है, तो प्रोफेशनल सर्विसिंग सबसे सुरक्षित और बेहतर विकल्प है। इससे आपका AC लंबे समय तक अच्छा काम करेगा। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: समृद्धि ब्रेजा प्रकाशित 28 जून 2026 को 21:21 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)एसी कूलिंग टिप्स(टी)एसी को ठंडा कैसे करें(टी)एसी कूलिंग हैक(टी)एसी रखरखाव टिप्स(टी)एसी सफाई टिप्स(टी)एसी बाहरी इकाई(टी)एसी कूलिंग हैक
फर्स्ट डेट टिप्स: पहली डेट पर क्या आप इम्प्रेस करना चाहते हैं? जानिए 5 खास टोटके जो सामने वाले को कर देंगे आपका दीवाना

पहली डेट युक्तियाँ: पहली डेट किसी भी नए रिश्ते का सबसे खास होता है। इस मुलाकात के दौरान ज्यादातर लोगों की यही कोशिश रहती है कि उनका पहला इम्प्रेशन शानदार हो और जो उन्हें हमेशा याद रहे। अक्सर लोगों को लगता है कि किसी का दिल जीतने के लिए पैसा तोहफे या बहुत ज्यादा खर्च करना जरूरी होता है, लेकिन स्टैटिस्टिक्स बिल्कुल अलग है। पहली मुलाकात में आपका बिहे वीर, बातचीत का तरीका और सामने वाले के प्रति आपकी समीक्षा ही सबसे ज्यादा मायने रखती है। अगर आप भी अपनी पहली डेट को यादगार बनाना चाहते हैं तो इन 5 आसान टिप्स को जरूर अपनाएं। अगर डेट के दौरान या उससे पहले आपके ग्रेटर नोएडा ने अपनी किसी पसंद की कोई छोटी सी बात कही है, तो उसे याद रखना एक बहुत अच्छा संकेत होता है। जब आप बातचीत के दौरान अपनी पसंद की उन खास बातों का ज़िक्र करते हैं, तो उन्हें यह एहसास होता है कि आपको उनकी बातें कितनी अच्छी लगती हैं और ध्यान से सुनाई और समझ आती हैं। सामने वाले को ध्यान से सिद्धांत सिखाएं अक्सर लोग डेट के दौरान सिर्फ अपने बारे में ही बातें करते रहते हैं। इसके साथ ही लोग सामने वाले को बोलने का मौका तक नहीं देते। एक अच्छी बातचीत है जिसमें दोनों पक्ष अपनी-अपनी बातें साझा कर रहे हैं। जब आप सामने वाले की बातों को पूरी तरह से सुनते हैं, तो उन्हें यह महसूस होता है कि आप उनकी भावनाओं और विचारों की समीक्षा कर रहे हैं। डिजिटल दुनिया में पहली डेट पर बार-बार अपना फोन चेक करना एक बहुत ही गलत मैसेज देता है। ऐसा सामने आने से ऐसा लग सकता है कि आपको इस मुलाकात या उनकी बातों में बिल्कुल भी दिलचस्पी नहीं है। इस बात का ध्यान रखें कि डेट के दौरान आपका पूरा ध्यान फोन की स्क्रीन पर नहीं, बल्कि सामने बैठे इंसान पर होना चाहिए। साक्षात्कार के लिए रेस्पेक्टफुल बिहेवियर आपका नेचर केवल आपके आसपास के लोगों के लिए आपके व्यवहार से नहीं, बल्कि आपके आसपास के लोगों के साथ दी गई विचारधारा से भी प्रभावित है। रेस्तरां के कर्मचारी या अन्य लोगों के साथ आपके चालक और चालक यह संकेत देते हैं कि आप एक अच्छे इंसान हैं। सामने वाला इन छोटे-छोटे बच्चों को जरूर नोटिस करता है। पहली डेट पर खुद को बेहतरीन साबित करने के चक्कर में बार-बार लोग ऊंची-ऊंची बातें करते हैं या दिखाते हैं। लेकिन याद रखें कि सादगी और विश्वसनीयता हमेशा लोगों को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है। जैसा कि आप वास्तविक जीवन में हैं, आदर्श ही खुद को सामने रखते हैं। आपका असली नेचर ही सामने वाले को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। (टैग्सटूट्रांसलेट)पहली डेट टिप्स(टी)डेटिंग सलाह हिंदी में(टी)पहली डेट पर पार्टनर को कैसे प्रभावित करें(टी)पहली डेट के विचार(टी)रिलेशनशिप टिप्स(टी)डेटिंग शिष्टाचार(टी)रोमांटिक पहली डेट(टी)पहली छाप सुधारें(टी)डेटिंग गाइड
थिएटर में फिल्म देखने पहुंचे शरवरी और वेदांग रैना:मैं वापस आऊंगा' पर एक्ट्रेस ने लिखा इमोशनल नोट, कहा- दर्शकों ने फिल्म को अपनाया

फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ सिनेमाघरों में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है। हाल ही में फिल्म के मुख्य कलाकार शरवरी और वेदांग रैना दर्शकों के साथ एक स्पेशल स्क्रीनिंग में शामिल होने थिएटर पहुंचे। फिल्म को मिल रहे अच्छे रिस्पॉन्स को देखकर शरवरी ने सोशल मीडिया पर एक इमोशनल नोट शेयर कर फैंस का शुक्रिया अदा किया है। यह फिल्म भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौर के बैकग्राउन्ड पर आधारित एक इमोशनल ड्रामा है, जिसमें नसीरुद्दीन शाह और दिलजीत दोसांझ भी अहम किरदारों में हैं। देखें थिएटर में एक्टर्स की तस्वीरें.… शरवरी ने लिखा इमोशनल नोट थिएटर विजिट की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए शरवरी ने दर्शकों का आभार जताया। उन्होंने लिखा कि कुछ कहानियां क्रेडिट रोल होने के बाद खत्म नहीं होतीं। वे हर इमोशन, हर बातचीत और सोशल मीडिया रील्स में जिंदा रहती हैं। शरवरी ने आगे लिखा कि दर्शकों ने जिया और कीनू (फिल्म के किरदार) को अपने दिल में जगह दी और इस फिल्म को पूरी तरह अपना बना लिया। उन्होंने प्रशंसकों के एक सोशल मीडिया ट्रेंड को रीक्रिएट करके उन्हें थैंक्यू कहा। फिल्म को पाकिस्तान से मिल चुकी तारीफ इससे पहले ‘मैं वापस आऊंगा’ को पाकिस्तान से भी तारीफ मिल चुकी है। पाकिस्तानी फिल्ममेकर उमर नासिर अली ने इस फिल्म की जमकर तारीफ करते हुए इसे एक बेहद खूबसूरत और गहरी भावनात्मक फिल्म बताया है। उमर नासिर के मुताबिक, यह फिल्म उनके दिल के बेहद करीब है क्योंकि वे खुद भी इसी विषय के आसपास एक फिल्म बना रहे हैं। इस बीच फिल्म को मिल रहे अच्छे रिस्पॉन्स का असर इसके बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर भी दिख रहा है और फिल्म की कमाई सोमवार को कामकाजी दिन होने के बावजूद बढ़ गई है। सिनेमाघरों में आम दर्शकों के अलावा फिल्म इंडस्ट्री के लोग भी इस पीरियड ड्रामा की तारीफ कर रहे हैं। फिल्ममेकर जोया अख्तर, अनुराग कश्यप और अनुभव सिन्हा ने भी फिल्म की सराहना की है। जोया अख्तर ने सोशल मीडिया पर पूरी टीम को बधाई दी। अनुभव सिन्हा ने लिखा कि इम्तियाज की फिल्म का हर फ्रेम उनके कला के प्रति विश्वास को दिखाता है। तीन पीढ़ियों के अधूरे सफर की कहानी फिल्म की कहानी तीन पीढ़ियों के भावनात्मक सफर को दिखाती है, जिसमें बंटवारे के जख्मों को एक प्रेम कहानी के साथ पेश किया गया है। कहानी पाकिस्तान के सरगोधा से भारत आए एक सिख परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। बंटवारे के समय युवा कीनू (वेदांग रैना) अपनी प्रेमिका अफसाना (शरवरी) से अलग हो जाता है। करीब 70 साल बाद, 95 साल के हो चुके कीनू (नसीरुद्दीन शाह)अपने जीवन के आखिरी पड़ाव पर एक आखिरी बार सरगोधा वापस जाना चाहते हैं। इस यात्रा में उनका पोता निरवैर (दिलजीत दोसांझ) उनकी मदद करता है। ये खबर भी पढ़ें ‘मैं वापस आऊंगा’ को एंटी-नेशनल बताने पर हंसे एआर रहमान:इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया पोस्ट; फिल्म को पाकिस्तान से मिल चुकी तारीफ इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ को एंटी-नेशनल बताए जाने पर संगीतकार एआर रहमान ने रिएक्शन दिया है। दरअसल सोशल मीडिया पर फिल्म को एक वर्ग एंटी-नेशनल बता रहा है, क्योंकि इसमें पाकिस्तान को जासूसों और आतंकवादियों के बिना दिखाया गया है। पूरी खबर पढ़ें
थिएटर में फिल्म देखने पहुंचे शरवरी और वेदांग रैना:मैं वापस आऊंगा' पर एक्ट्रेस ने लिखा इमोशनल नोट, कहा- दर्शकों ने फिल्म को अपनाया

फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ सिनेमाघरों में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है। हाल ही में फिल्म के मुख्य कलाकार शरवरी और वेदांग रैना दर्शकों के साथ एक स्पेशल स्क्रीनिंग में शामिल होने थिएटर पहुंचे। फिल्म को मिल रहे अच्छे रिस्पॉन्स को देखकर शरवरी ने सोशल मीडिया पर एक इमोशनल नोट शेयर कर फैंस का शुक्रिया अदा किया है। यह फिल्म भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौर के बैकग्राउन्ड पर आधारित एक इमोशनल ड्रामा है, जिसमें नसीरुद्दीन शाह और दिलजीत दोसांझ भी अहम किरदारों में हैं। देखें थिएटर में एक्टर्स की तस्वीरें.… शरवरी ने लिखा इमोशनल नोट थिएटर विजिट की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए शरवरी ने दर्शकों का आभार जताया। उन्होंने लिखा कि कुछ कहानियां क्रेडिट रोल होने के बाद खत्म नहीं होतीं। वे हर इमोशन, हर बातचीत और सोशल मीडिया रील्स में जिंदा रहती हैं। शरवरी ने आगे लिखा कि दर्शकों ने जिया और कीनू (फिल्म के किरदार) को अपने दिल में जगह दी और इस फिल्म को पूरी तरह अपना बना लिया। उन्होंने प्रशंसकों के एक सोशल मीडिया ट्रेंड को रीक्रिएट करके उन्हें थैंक्यू कहा। फिल्म को पाकिस्तान से मिल चुकी तारीफ इससे पहले ‘मैं वापस आऊंगा’ को पाकिस्तान से भी तारीफ मिल चुकी है। पाकिस्तानी फिल्ममेकर उमर नासिर अली ने इस फिल्म की जमकर तारीफ करते हुए इसे एक बेहद खूबसूरत और गहरी भावनात्मक फिल्म बताया है। उमर नासिर के मुताबिक, यह फिल्म उनके दिल के बेहद करीब है क्योंकि वे खुद भी इसी विषय के आसपास एक फिल्म बना रहे हैं। इस बीच फिल्म को मिल रहे अच्छे रिस्पॉन्स का असर इसके बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर भी दिख रहा है और फिल्म की कमाई सोमवार को कामकाजी दिन होने के बावजूद बढ़ गई है। सिनेमाघरों में आम दर्शकों के अलावा फिल्म इंडस्ट्री के लोग भी इस पीरियड ड्रामा की तारीफ कर रहे हैं। फिल्ममेकर जोया अख्तर, अनुराग कश्यप और अनुभव सिन्हा ने भी फिल्म की सराहना की है। जोया अख्तर ने सोशल मीडिया पर पूरी टीम को बधाई दी। अनुभव सिन्हा ने लिखा कि इम्तियाज की फिल्म का हर फ्रेम उनके कला के प्रति विश्वास को दिखाता है। तीन पीढ़ियों के अधूरे सफर की कहानी फिल्म की कहानी तीन पीढ़ियों के भावनात्मक सफर को दिखाती है, जिसमें बंटवारे के जख्मों को एक प्रेम कहानी के साथ पेश किया गया है। कहानी पाकिस्तान के सरगोधा से भारत आए एक सिख परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। बंटवारे के समय युवा कीनू (वेदांग रैना) अपनी प्रेमिका अफसाना (शरवरी) से अलग हो जाता है। करीब 70 साल बाद, 95 साल के हो चुके कीनू (नसीरुद्दीन शाह)अपने जीवन के आखिरी पड़ाव पर एक आखिरी बार सरगोधा वापस जाना चाहते हैं। इस यात्रा में उनका पोता निरवैर (दिलजीत दोसांझ) उनकी मदद करता है। ये खबर भी पढ़ें ‘मैं वापस आऊंगा’ को एंटी-नेशनल बताने पर हंसे एआर रहमान:इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया पोस्ट; फिल्म को पाकिस्तान से मिल चुकी तारीफ इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ को एंटी-नेशनल बताए जाने पर संगीतकार एआर रहमान ने रिएक्शन दिया है। दरअसल सोशल मीडिया पर फिल्म को एक वर्ग एंटी-नेशनल बता रहा है, क्योंकि इसमें पाकिस्तान को जासूसों और आतंकवादियों के बिना दिखाया गया है। पूरी खबर पढ़ें
आखिरी ओवर का रोमांच…वॉशिंगटन को 6 रन की जरूरत थी:अकील हुसैन ने हैट्रिक ली; निखिल चौधरी ने अंतिम बॉल पर छक्का लगाकर जिताया

मेजर क्रिकेट लीग में शनिवार रात एक अति रोमांचक मैच खेला गया। ऑकलैंड में मैच के आखिरी ओवर में वॉशिंगटन फ्रीडम को जीत के लिए 6 रनों की जरूरत थी। टेक्सास सुपर किंग्स के अकील हुसैन ने आखिरी ओवर में हैट्रिक लेकर मैच का रुख पलट दिया। लेकिन, फ्रीडम के बैटर निखिल चौधरी ने आखिरी बॉल पर छक्का लगाकर अपनी टीम को एक विकेट की जीत दिला दी। अकील हुसैन ने मेजर लीग की पहली हैट्रिक ली टेक्सेस के अकील हुसैन ने 20वें ओवर की पहली बॉल मार्को यानसन (9 रन) को डॉट कराई। उन्होंने अगली बॉल पर यानसन को पवेलियन भेज दिया। इसके बाद अपोंसो (18 रन) और फिर आसिफ महमूद (0 रन) को विकेटकीपर मुक्कामाला के हाथों स्टंप कराकर हैट्रिक पूरी की। अकील ने मेजर क्रिकेट लीग की पहली हैट्रिक ली। 5वीं गेंद पर लॉकी फर्ग्युसन ने एक रन लेकर निखिल को स्ट्राइक दी। फिर भारत में जन्मे ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंड निखिल ने आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर मैच को अपने नाम किया। मिडिल ओवर में लड़खड़ाई फ्रीडम की टीम ओपनर्स के आउट होने के बाद वॉशिंगटन फ्रीडम की टीम लड़खड़ाती दिखी। मार्क चैपमेन 2 और एंडियस गॉस 6 रन बना सके। हालांकि, टीम ने 19 ओवर में जैसे-तैसे 180 रन बना लिए थे। यहां ऐसा लग रहा था कि टीम आसानी से जीत हासिल कर लेगी। मिचेल ओवन की फिफ्टी, स्मिथ के साथ 91 रन जोड़े 186 के टारगेट का पीछा करने उतरी वॉशिंगटन फ्रीडम के लिए मिचेल ओवन और स्टीव स्मिथ ने धमाकेदार शुरुआत की। ओवन ने 35 गेंदों पर 7 चौकों और 6 छक्कों की मदद से 77 रन बनाए। जबकि, स्टीव स्मिथ ने 21 गेंदों पर 30 रनों की पारी खेली। दोनों ने 91 रन की साझेदारी की। टेक्सास की ओर से कोई फिफ्टी नहीं टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी टेक्सास सुपर किंग्स ने निर्धारित 20 ओवर में 185 रन बोर्ड पर लगाए थे। डेवोन फरेरा ने 20 गेंद पर 44 रन की पारी खेली। जबकि वियान मुल्डन ने इतनी ही गेंद पर 43 रन बनाए। दोनों ने 31 गेंद पर नाबाद 75 रनों की साझेदारी की। ——————————————————————-
आखिरी ओवर का रोमांच…वॉशिंगटन को 6 रन की जरूरत थी:अकील हुसैन ने हैट्रिक ली; निखिल चौधरी ने अंतिम बॉल पर छक्का लगाकर जिताया

मेजर क्रिकेट लीग में शनिवार रात एक अति रोमांचक मैच खेला गया। ऑकलैंड में मैच के आखिरी ओवर में वॉशिंगटन फ्रीडम को जीत के लिए 6 रनों की जरूरत थी। टेक्सास सुपर किंग्स के अकील हुसैन ने आखिरी ओवर में हैट्रिक लेकर मैच का रुख पलट दिया। लेकिन, फ्रीडम के बैटर निखिल चौधरी ने आखिरी बॉल पर छक्का लगाकर अपनी टीम को एक विकेट की जीत दिला दी। अकील हुसैन ने मेजर लीग की पहली हैट्रिक ली टेक्सेस के अकील हुसैन ने 20वें ओवर की पहली बॉल मार्को यानसन (9 रन) को डॉट कराई। उन्होंने अगली बॉल पर यानसन को पवेलियन भेज दिया। इसके बाद अपोंसो (18 रन) और फिर आसिफ महमूद (0 रन) को विकेटकीपर मुक्कामाला के हाथों स्टंप कराकर हैट्रिक पूरी की। अकील ने मेजर क्रिकेट लीग की पहली हैट्रिक ली। 5वीं गेंद पर लॉकी फर्ग्युसन ने एक रन लेकर निखिल को स्ट्राइक दी। फिर भारत में जन्मे ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंड निखिल ने आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर मैच को अपने नाम किया। मिडिल ओवर में लड़खड़ाई फ्रीडम की टीम ओपनर्स के आउट होने के बाद वॉशिंगटन फ्रीडम की टीम लड़खड़ाती दिखी। मार्क चैपमेन 2 और एंडियस गॉस 6 रन बना सके। हालांकि, टीम ने 19 ओवर में जैसे-तैसे 180 रन बना लिए थे। यहां ऐसा लग रहा था कि टीम आसानी से जीत हासिल कर लेगी। मिचेल ओवन की फिफ्टी, स्मिथ के साथ 91 रन जोड़े 186 के टारगेट का पीछा करने उतरी वॉशिंगटन फ्रीडम के लिए मिचेल ओवन और स्टीव स्मिथ ने धमाकेदार शुरुआत की। ओवन ने 35 गेंदों पर 7 चौकों और 6 छक्कों की मदद से 77 रन बनाए। जबकि, स्टीव स्मिथ ने 21 गेंदों पर 30 रनों की पारी खेली। दोनों ने 91 रन की साझेदारी की। टेक्सास की ओर से कोई फिफ्टी नहीं टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी टेक्सास सुपर किंग्स ने निर्धारित 20 ओवर में 185 रन बोर्ड पर लगाए थे। डेवोन फरेरा ने 20 गेंद पर 44 रन की पारी खेली। जबकि वियान मुल्डन ने इतनी ही गेंद पर 43 रन बनाए। दोनों ने 31 गेंद पर नाबाद 75 रनों की साझेदारी की। ——————————————————————-
हर्षाली ने 20 बार सलमान के हाथ पर थूका था:फिल्म 'बजरंगी भाईजान' के एक्टर मनोज बख्शी ने शूटिंग का किस्सा शेयर किया

फिल्म बजरंगी भाईजान के सेट से जुड़ा एक किस्सा एक्टर मनोज बख्शी ने हाल ही में शेयर किया। उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान चाइल्ड आर्टिस्ट हर्षाली मल्होत्रा को सीन की जरूरत के चलते कई बार सलमान खान के हाथ पर थूकना पड़ा। मनोज ने बताया कि सलमान ने बिना किसी हिचक के करीब 20 बार अपना हाथ आगे कर दिया। मनोज बख्शी ने द वी टी शो पॉडकास्ट में बजरंगी भाईजान की शूटिंग का एक अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि उस दौरान उन्हें एहसास हुआ कि सुपरस्टार होने के बावजूद सलमान खान का व्यवहार बेहद सहज और विनम्र है। हर्षाली को नॉनवेज खाते हुए सीन करना था मनोज के अनुसार, फिल्म के एक सीन में मुन्नी का किरदार निभा रहीं हर्षाली मल्होत्रा को कैमरे की ओर देखकर नॉन-वेज खाते हुए दिखाना था। निर्देशक कबीर खान के निर्देशानुसार उन्हें चबा-चबाकर खाना था, लेकिन कई बार उनके मुंह में बड़ा टुकड़ा आ जाता था, जिसे वह चबा नहीं पाती थीं। ऐसी स्थिति में शूटिंग रोकने के बजाय सलमान खान ने अपना हाथ आगे बढ़ाकर हर्षाली से कहा था कि वह उसमें थूक दें। मनोज बख्शी के मुताबिक, सीन के दौरान ऐसा करीब 20 बार हुआ और सलमान ने एक बार भी असहजता नहीं जताई। मनोज ने बताया कि यह देखकर उन्होंने सलमान से कहा कि वह दूसरे के बच्चे के लिए ऐसा क्यों कर रहे हैं। इस पर सलमान ने जवाब दिया कि वह ऐसे ही हैं। बजरंगी भाईजान साल 2015 में रिलीज हुई थी। फिल्म में सलमान खान और हर्षाली मल्होत्रा की बॉन्डिंग को दर्शकों ने काफी पसंद किया था और यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता साबित हुई। मनोज बख्शी जब तक है जान, दिल्ली बेली, मदारी, नो वन किल्ड जेसिका, गदर 2 और अन्य फिल्मों में भी नजर आ चुके हैं। वहीं, हर्षाली मल्होत्रा को बजरंगी भाईजान के लिए करीब 5,000 लड़कियों के ऑडिशन के बाद चुना गया था। फिल्म के समय वह छह साल की थीं और अब 18 साल की हो गई हैं। वह दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी काम कर रही हैं।
हर्षाली ने 20 बार सलमान के हाथ पर थूका था:फिल्म 'बजरंगी भाईजान' के एक्टर मनोज बख्शी ने शूटिंग का किस्सा शेयर किया

फिल्म बजरंगी भाईजान के सेट से जुड़ा एक किस्सा एक्टर मनोज बख्शी ने हाल ही में शेयर किया। उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान चाइल्ड आर्टिस्ट हर्षाली मल्होत्रा को सीन की जरूरत के चलते कई बार सलमान खान के हाथ पर थूकना पड़ा। मनोज ने बताया कि सलमान ने बिना किसी हिचक के करीब 20 बार अपना हाथ आगे कर दिया। मनोज बख्शी ने द वी टी शो पॉडकास्ट में बजरंगी भाईजान की शूटिंग का एक अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि उस दौरान उन्हें एहसास हुआ कि सुपरस्टार होने के बावजूद सलमान खान का व्यवहार बेहद सहज और विनम्र है। हर्षाली को नॉनवेज खाते हुए सीन करना था मनोज के अनुसार, फिल्म के एक सीन में मुन्नी का किरदार निभा रहीं हर्षाली मल्होत्रा को कैमरे की ओर देखकर नॉन-वेज खाते हुए दिखाना था। निर्देशक कबीर खान के निर्देशानुसार उन्हें चबा-चबाकर खाना था, लेकिन कई बार उनके मुंह में बड़ा टुकड़ा आ जाता था, जिसे वह चबा नहीं पाती थीं। ऐसी स्थिति में शूटिंग रोकने के बजाय सलमान खान ने अपना हाथ आगे बढ़ाकर हर्षाली से कहा था कि वह उसमें थूक दें। मनोज बख्शी के मुताबिक, सीन के दौरान ऐसा करीब 20 बार हुआ और सलमान ने एक बार भी असहजता नहीं जताई। मनोज ने बताया कि यह देखकर उन्होंने सलमान से कहा कि वह दूसरे के बच्चे के लिए ऐसा क्यों कर रहे हैं। इस पर सलमान ने जवाब दिया कि वह ऐसे ही हैं। बजरंगी भाईजान साल 2015 में रिलीज हुई थी। फिल्म में सलमान खान और हर्षाली मल्होत्रा की बॉन्डिंग को दर्शकों ने काफी पसंद किया था और यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता साबित हुई। मनोज बख्शी जब तक है जान, दिल्ली बेली, मदारी, नो वन किल्ड जेसिका, गदर 2 और अन्य फिल्मों में भी नजर आ चुके हैं। वहीं, हर्षाली मल्होत्रा को बजरंगी भाईजान के लिए करीब 5,000 लड़कियों के ऑडिशन के बाद चुना गया था। फिल्म के समय वह छह साल की थीं और अब 18 साल की हो गई हैं। वह दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी काम कर रही हैं।






