विम्बलडन की ‘घास’ पर ‘हार्ड कोर्ट’ का रोमांच:आधुनिक रैकेट्स, पावर हिटिंग और बेसलाइन टेक्निक ने बदल दिया खेल का व्याकरण

लंदन के ऑल इंग्लैंड क्लब की हरी घास पर सफेद कपड़ों में टेनिस खेलना हमेशा से परंपरा, नजाकत और एक खास शैली का प्रतीक रहा है। एक दौर था जब विम्बलडन वही खिलाड़ी जीतता था, जिसे विशुद्ध रूप से ‘ग्रास-स्पेशलिस्ट’ माना जाता था। पीट सम्प्रास, बोरिस बेकर, स्टीफन एडबर्ग, रोजर फेडरर जैसे दिग्गजों का राज उनकी घातक ‘सर्व-एंड-वॉली’ (सर्विस करके तुरंत नेट पर आना) टेक्निक पर टिका था। लेकिन नए दौर के खिलाड़ियों ने घास पर खेलने के इस पारंपरिक तरीके को इतिहास बना दिया है। अब खिलाड़ी घास की पिचों को भी ‘हार्ड-कोर्ट’ की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। खिलाड़ियों ने अपने उपकरणों, फुटवर्क और खेल शैली में ऐसा बदलाव किया है कि टेनिस का पूरा व्याकरण ही बदल गया है। सोमवार से शुरू हो रहे साल के तीसरे टेनिस ग्रैंड स्लैम विम्बलडन से पहले जानिए कैसे आधुनिक खिलाड़ियों ने खेल की दशा और दिशा बदली है… 1. नए उपकरणों से मिली पावर और स्पिन पहले खिलाड़ी भारी रैकेट और प्राकृतिक (नेचुरल गट) स्ट्रिंग्स का उपयोग करते थे। इस कारण कोर्ट के पीछे से भारी स्पिन के साथ गेंद को हिट करना बहुत मुश्किल होता था। अब खिलाड़ी हल्के कार्बन-फाइबर रैकेट और पॉलिएस्टर स्ट्रिंग्स का इस्तेमाल करते हैं। यह नया कॉम्बिनेशन आधुनिक खिलाड़ियों को हाई स्पीड और भारी ‘टॉपस्पिन’ के साथ गेंद को हिट करने की अनुमति देता है। 2. नेट गेम की जगह बेसलाइन गेम का दबदबा पहले खिलाड़ी ‘सर्व-एंड-वॉली’ रणनीति अपनाते थे। वे तेज सर्विस करते और हवा में ही गेंद को हिट करने के लिए तुरंत नेट की ओर दौड़ पड़ते थे। अब आधुनिक रैकेट्स से ताकतवर शॉट्स आसान हो गए हैं, इसलिए नेट की तरफ भागना बेहद जोखिम भरा हो गया है। खिलाड़ी अब बेसलाइन पर ही जमे रहते हैं और तब तक ताकतवर शॉट्स का आदान-प्रदान करते हैं, जब तक कोई गलती न कर दे। 3. टेनिस कोर्ट की सतहें हो गईं धीमी पहले ग्रास और पारंपरिक हार्ड कोर्ट बहुत चिकने और तेज हुआ करते थे। इन पर गेंद बहुत नीची और तेज उछलती थी। अब इन ताकतवर बेसलाइन शॉट्स से निपटने के लिए टूर्नामेंट्स ने अपनी सतहों को धीमा कर दिया है। ऑल इंग्लैंड क्लब ने कोर्ट को अधिक टिकाऊ बनाने के लिए घास के मिश्रण को बदल दिया। इससे गेंद ऊंची उछलने लगी और उसकी गति धीमी हो गई, जिससे लंबी रैलियां खेलना संभव हो सका। 4. खिलाड़ियों के फुटवर्क में बड़ा बदलाव पहले घास के कोर्ट पर, खिलाड़ी किसी भी अप्रत्याशित बाउंस से निपटने के लिए छोटे और तेज कदम रखते थे। आधुनिक एथलीट हार्ड कोर्ट पर स्लाइड करना (फिसलना) सीखते हैं। घास की सतह पर भी जूते की विशेष ग्रिप की मदद से हार्ड कोर्ट जैसी आक्रामक स्लाइडिंग करते हैं। वे ‘ओपन स्टांस’ का उपयोग करते हैं और दमदार शॉट मारने के लिए संतुलन बनाए रखते हुए सुरक्षित रूप से रुकने के लिए पैरों को स्लाइड करते हैं।
चांदी ₹5,059 बढ़कर ₹2.22 लाख किलो पर पहुंची:10 ग्राम सोना ₹2,038 महंगा हुआ, इस साल दाम ₹9 हजार बढ़ चुके

सोने-चांदी की कीमतों में 29 जून को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 1 किलो आज चांदी 5,059 रुपए बढ़कर 2.22 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोना आज 2,038 रुपए महंगा होकर 1.42 लाख रुपए आ गया है। इससे पहले यह 1.40 लाख पर था। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 29 जून 2026 सोना इस साल 9 हजार महंगा हुआ इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 9 हजार रुपए महंगा हुई है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.22 लाख रुपए पर पहुंच गई है। यानी इसकी कीमत 8 हजार रुपए कम हुई है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके
टेक्सास डेटा सेंटर, 47 लाख करोड़ का प्रोजेक्ट:चीन से होड़ में ट्रंप; सुरक्षा की अनदेखी से साइट पर 8,000 वर्कर्स को खतरा

दुनिया की एआई रेस अब सिर्फ टेक कंपनियों और सुपरपावर देशों की लड़ाई नहीं रही। इसकी कीमत निर्माण साइटों पर काम कर रहे वर्कर्स भी चुका रहे हैं। अमेरिका के टेक्सास स्थित एबिलीन में बन रहा स्टारगेट डेटा सेंटर 500 अरब डॉलर (47.18 लाख करोड़ रुपए) का मेगा एआई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है। इसे ओपनएआई, ओरेकल और सॉफ्टबैंक जैसे दिग्गज मिलकर बना रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इसे अमेरिका की एआई ताकत का बड़ा दांव बता चुके हैं। मकसद है चीन को एआई रेस में पीछे छोड़ना। लेकिन टाइम की ग्राउंड पड़ताल इस चमकदार प्रोजेक्ट की दूसरी तस्वीर दिखाती है। रिपोर्ट के मुताबिक तेजी से निर्माण की इस अंधी दौड़ में मजदूरों की जान और सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रोजेक्ट साइट पर 8,000 मजदूरों के साथ कई हादसे सामने आए हैं। ओशा रिकॉर्ड्स संस्था के मुताबिक 2025 में कई मजदूरों की टांगों में फ्रैक्चर हुआ। एक मजदूर एक्सकेवेटर के नीचे दबा। एक सीढ़ी से गिरा। एक पर 1,400 पाउंड वजन वाले कांच के पैनल गिर गए। एक मजदूर पोर्टा-पॉटी में मृत मिला। दिसंबर 2024 से साइट से 911 पर 14 इमरजेंसी कॉल दर्ज हुईं। इनमें चोट, हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और हार्ट अटैक जैसी मेडिकल इमरजेंसी शामिल थीं। इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहीं दो ठेकेदार कंपनियों पर अदालत में मुकदमे चल रहे हैं। ग्राउंड जीरो से खुलासा… वर्कर्स को पानी और पंखे तक के लिए ‘लग्जरी’ बता तरसाया गया वर्कर्स ने साइट के अंदर के हालात को काफी कठिन बताया। एक इलेक्ट्रिशियन ने आरोप लगाया कि टेक्सास की तेज गर्मी में भी साइट पर पीने का पानी आसानी से उपलब्ध नहीं है। वर्कर्स से कहा गया कि ठंडा पानी ‘लग्जरी’ है, अधिकार नहीं। पंखे भी वापस ले लिए गए। एक वर्कर्स के मुताबिक कूलिंग स्टेशन में ज्यादा समय बिताने पर लिखित चेतावनी दी गई। एक कर्मी ने कहा कि कई को पैनिक अटैक भी आ चुको हैं। निर्माण की स्पीड बनाए रखने में बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दी जा रहीं। 3 मामलों से समझें… रफ्तार में नियम कैसे छूटे केस 1 – ट्रक ड्राइवर डेनियल गोंजालेज बिजली उपकरणों वाला कंक्रीट बॉक्स उतार रहे थे। शोर में कम्युनिकेशन कमजोर था, वॉकी-टॉकी नहीं थे। तभी ऊपर से फेंकी गई चेन उनके सिर पर लगी। वे बेहोश हो गए। उन्होंने मुकदमा दायर किया है। केस 2 – 23 मई 2025 को एक मजदूर मिनी एक्सकेवेटर को रास्ता दिखा रहा था। जरूरी सुरक्षा न होने से वह ट्रैक के नीचे दब गया। उसके टखने और रीड की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ। ओशा रिकॉर्ड्स संस्था ने पाया कि मजदूर को ट्रेनिंग नहीं दी गई थी। केस 3 – एक कर्मचारी कांच के पैनल खोल रहा था। तभी 650 किलो वजन के तीन पैनल उसके पैर पर गिर पड़े। जांघ की हड्डी टूट गई और कई सर्जरी करानी पड़ी। जांच में माना गया कि उस कर्मी को काम जल्दी खत्म करने का दबाव था। गोपनीयता समझौते ताकि वर्कर शिकायत नहीं करें कई मजदूरों ने पहचान छिपाकर बात की, क्योंकि उनसे गोपनीयता समझौते पर हस्ताक्षर कराए गए थे। आरोप है कि ऐसे समझौते साइट की वास्तविक स्थिति सामने आने से रोक रहे हैं। उन्हें डर रहता है कि खुलकर बोलने पर नौकरी जा सकती है या आगे काम मिलने में दिक्कत होगी। स्टारगेट – अमेरिकी एआई रेस में सबसे बड़ा हथियार स्टारगेट अमेरिका का मेगा एआई इंफ्रा प्रोजेक्ट है। यह सामान्य डेटा सेंटर नहीं, बल्कि एआई मॉडल चलाने और ट्रेन करने के लिए जरूरी विशाल कंप्यूटिंग नेटवर्क का हिस्सा है। इसमें ओपनएआई, ओरेकल और सॉफ्टबैंक जैसे नाम जुड़े हैं। इसका लक्ष्य चीन से आगे रहने की क्षमता विकसित करना है। रेस जीतनी है, प्रोजेक्ट जल्दी बनाना होगा – ट्रम्प अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प स्टारगेट को एआई रणनीति का बड़ा हिस्सा बता चुके हैं। ओपनएआई के सैम, ओरेकल के लैरी व सॉफ्टबैंक के सन के साथ इसकी घोषणा हुई थी। ट्रम्प ने कहा था कि रेस जीतनी है, इसे जल्दी बनाना होगा।
टेक्सास डेटा सेंटर, 47 लाख करोड़ का प्रोजेक्ट:चीन से होड़ में ट्रंप; सुरक्षा की अनदेखी से साइट पर 8,000 वर्कर्स को खतरा

दुनिया की एआई रेस अब सिर्फ टेक कंपनियों और सुपरपावर देशों की लड़ाई नहीं रही। इसकी कीमत निर्माण साइटों पर काम कर रहे वर्कर्स भी चुका रहे हैं। अमेरिका के टेक्सास स्थित एबिलीन में बन रहा स्टारगेट डेटा सेंटर 500 अरब डॉलर (47.18 लाख करोड़ रुपए) का मेगा एआई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है। इसे ओपनएआई, ओरेकल और सॉफ्टबैंक जैसे दिग्गज मिलकर बना रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इसे अमेरिका की एआई ताकत का बड़ा दांव बता चुके हैं। मकसद है चीन को एआई रेस में पीछे छोड़ना। लेकिन टाइम की ग्राउंड पड़ताल इस चमकदार प्रोजेक्ट की दूसरी तस्वीर दिखाती है। रिपोर्ट के मुताबिक तेजी से निर्माण की इस अंधी दौड़ में मजदूरों की जान और सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रोजेक्ट साइट पर 8,000 मजदूरों के साथ कई हादसे सामने आए हैं। ओशा रिकॉर्ड्स संस्था के मुताबिक 2025 में कई मजदूरों की टांगों में फ्रैक्चर हुआ। एक मजदूर एक्सकेवेटर के नीचे दबा। एक सीढ़ी से गिरा। एक पर 1,400 पाउंड वजन वाले कांच के पैनल गिर गए। एक मजदूर पोर्टा-पॉटी में मृत मिला। दिसंबर 2024 से साइट से 911 पर 14 इमरजेंसी कॉल दर्ज हुईं। इनमें चोट, हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और हार्ट अटैक जैसी मेडिकल इमरजेंसी शामिल थीं। इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहीं दो ठेकेदार कंपनियों पर अदालत में मुकदमे चल रहे हैं। ग्राउंड जीरो से खुलासा… वर्कर्स को पानी और पंखे तक के लिए ‘लग्जरी’ बता तरसाया गया वर्कर्स ने साइट के अंदर के हालात को काफी कठिन बताया। एक इलेक्ट्रिशियन ने आरोप लगाया कि टेक्सास की तेज गर्मी में भी साइट पर पीने का पानी आसानी से उपलब्ध नहीं है। वर्कर्स से कहा गया कि ठंडा पानी ‘लग्जरी’ है, अधिकार नहीं। पंखे भी वापस ले लिए गए। एक वर्कर्स के मुताबिक कूलिंग स्टेशन में ज्यादा समय बिताने पर लिखित चेतावनी दी गई। एक कर्मी ने कहा कि कई को पैनिक अटैक भी आ चुको हैं। निर्माण की स्पीड बनाए रखने में बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दी जा रहीं। 3 मामलों से समझें… रफ्तार में नियम कैसे छूटे केस 1 – ट्रक ड्राइवर डेनियल गोंजालेज बिजली उपकरणों वाला कंक्रीट बॉक्स उतार रहे थे। शोर में कम्युनिकेशन कमजोर था, वॉकी-टॉकी नहीं थे। तभी ऊपर से फेंकी गई चेन उनके सिर पर लगी। वे बेहोश हो गए। उन्होंने मुकदमा दायर किया है। केस 2 – 23 मई 2025 को एक मजदूर मिनी एक्सकेवेटर को रास्ता दिखा रहा था। जरूरी सुरक्षा न होने से वह ट्रैक के नीचे दब गया। उसके टखने और रीड की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ। ओशा रिकॉर्ड्स संस्था ने पाया कि मजदूर को ट्रेनिंग नहीं दी गई थी। केस 3 – एक कर्मचारी कांच के पैनल खोल रहा था। तभी 650 किलो वजन के तीन पैनल उसके पैर पर गिर पड़े। जांघ की हड्डी टूट गई और कई सर्जरी करानी पड़ी। जांच में माना गया कि उस कर्मी को काम जल्दी खत्म करने का दबाव था। गोपनीयता समझौते ताकि वर्कर शिकायत नहीं करें कई मजदूरों ने पहचान छिपाकर बात की, क्योंकि उनसे गोपनीयता समझौते पर हस्ताक्षर कराए गए थे। आरोप है कि ऐसे समझौते साइट की वास्तविक स्थिति सामने आने से रोक रहे हैं। उन्हें डर रहता है कि खुलकर बोलने पर नौकरी जा सकती है या आगे काम मिलने में दिक्कत होगी। स्टारगेट – अमेरिकी एआई रेस में सबसे बड़ा हथियार स्टारगेट अमेरिका का मेगा एआई इंफ्रा प्रोजेक्ट है। यह सामान्य डेटा सेंटर नहीं, बल्कि एआई मॉडल चलाने और ट्रेन करने के लिए जरूरी विशाल कंप्यूटिंग नेटवर्क का हिस्सा है। इसमें ओपनएआई, ओरेकल और सॉफ्टबैंक जैसे नाम जुड़े हैं। इसका लक्ष्य चीन से आगे रहने की क्षमता विकसित करना है। रेस जीतनी है, प्रोजेक्ट जल्दी बनाना होगा – ट्रम्प अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प स्टारगेट को एआई रणनीति का बड़ा हिस्सा बता चुके हैं। ओपनएआई के सैम, ओरेकल के लैरी व सॉफ्टबैंक के सन के साथ इसकी घोषणा हुई थी। ट्रम्प ने कहा था कि रेस जीतनी है, इसे जल्दी बनाना होगा।
समय के लेटेंट पर फिर हो सकता है विवाद:मेडिकल इमरजेंसी में शो से निकली लड़की पर की टिप्पणी, प्रणीत मोरे के 370 की बिरयानी जैसा बयान दिया

कॉमेडियन समय रैना फिर एक बार विवादों से घिर सकते हैं। दरअसल, उन्होंने इंडियाज गॉट लेटेंट सीजन 2 के दूसरे एपिसोड में एक लड़की पर लगभग वैसा ही कमेंट किया है, जिससे प्रणीत मोरे विवादों में घिरे थे और उनके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई थी। दरअसल, हाल ही में इंडियाज गॉट लेटेंट सीजन 2 के दूसरे एपिसोड से जुड़ा एक क्लिप वायरल हो गया है। एक कंटेस्टेंट को स्कोर दे रहे समय के सामने से शो देख रही एक लड़की रोती हुई गुजरी। समय ने उसके साथ आए शख्स से लड़की के जाने पर सवाल किया। जबकि साथ आया लड़का बेहद आराम से बैठा हुआ था। समय ने दबाव देकर पूछा तो लड़के ने बताया कि उसके साथ आई लड़की के पिता को माइनर हार्ट अटैक आया है। इस पर समय ने उस लड़के से कहा, ‘तुम भी साथ जाओ, कंधा दो उसे। कंधा दोगे तभी तो हेड देगी।’ सेंसिटिव मेडिकल कंडीशन पर दिया गया समय रैना का ये बयान तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कई लोग उनके बयान की कड़ी निंदा कर रहे हैं। ऐसे ही बयान पर फंसे थे कॉमेडियन प्रणीत मोरे कुछ समय पहले ही स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे ने गुरुग्राम में लाइव क्राउड वर्क कॉमेडी का एक क्लिप शेयर किया था। इस क्लिप में हिमांशू जांगड़ा नाम के एक शख्स ने डेटिंग पर बात करते हुए कहा था कि उसने महिला को 370 रुपए की बिरयानी खिलाई थी, लेकिन इसके बावजूद वो लड़की बिना फिजिकल हुए वहां से चली गई। शो में उन्होंने कहा था कि 370 रुपए वसूल नहीं हो सके। वीडियो वायरल होने के बाद हिमांशू को नौकरी से निकाल दिया गया, जबकि प्रणीत मोरे के खिलाफ साइबर सेल में शिकायत दर्ज की गई। विवाद बढ़ने के बाद प्रणीत मोरे ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी। आलिया भट्ट बनी थीं पहले एपिसोड की गेस्ट समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ के पहले एपिसोड में आलिया भट्ट और शरवरी वाघ बतौर गेस्ट शामिल हुईं। एपिसोड के दौरान समय रैना और आलिया भट्ट ने एक-दूसरे पर मजाकिया अंदाज में तंज कसे और रोस्ट किया। शो में समय रैना ने आलिया भट्ट का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा कि आलिया शो के पहले एपिसोड में गेस्ट बनकर आई हैं। इस दौरान आलिया ने हंसते हुए कहा, “मुझे अब थोड़ा पछतावा हो रहा है।” पहले भी विवादों में रहा लेटेंट-
समय के लेटेंट पर फिर हो सकता है विवाद:मेडिकल इमरजेंसी में शो से निकली लड़की पर की टिप्पणी, प्रणीत मोरे के 370 की बिरयानी जैसा बयान दिया

कॉमेडियन समय रैना फिर एक बार विवादों से घिर सकते हैं। दरअसल, उन्होंने इंडियाज गॉट लेटेंट सीजन 2 के दूसरे एपिसोड में एक लड़की पर लगभग वैसा ही कमेंट किया है, जिससे प्रणीत मोरे विवादों में घिरे थे और उनके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई थी। दरअसल, हाल ही में इंडियाज गॉट लेटेंट सीजन 2 के दूसरे एपिसोड से जुड़ा एक क्लिप वायरल हो गया है। एक कंटेस्टेंट को स्कोर दे रहे समय के सामने से शो देख रही एक लड़की रोती हुई गुजरी। समय ने उसके साथ आए शख्स से लड़की के जाने पर सवाल किया। जबकि साथ आया लड़का बेहद आराम से बैठा हुआ था। समय ने दबाव देकर पूछा तो लड़के ने बताया कि उसके साथ आई लड़की के पिता को माइनर हार्ट अटैक आया है। इस पर समय ने उस लड़के से कहा, ‘तुम भी साथ जाओ, कंधा दो उसे। कंधा दोगे तभी तो हेड देगी।’ सेंसिटिव मेडिकल कंडीशन पर दिया गया समय रैना का ये बयान तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कई लोग उनके बयान की कड़ी निंदा कर रहे हैं। ऐसे ही बयान पर फंसे थे कॉमेडियन प्रणीत मोरे कुछ समय पहले ही स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे ने गुरुग्राम में लाइव क्राउड वर्क कॉमेडी का एक क्लिप शेयर किया था। इस क्लिप में हिमांशू जांगड़ा नाम के एक शख्स ने डेटिंग पर बात करते हुए कहा था कि उसने महिला को 370 रुपए की बिरयानी खिलाई थी, लेकिन इसके बावजूद वो लड़की बिना फिजिकल हुए वहां से चली गई। शो में उन्होंने कहा था कि 370 रुपए वसूल नहीं हो सके। वीडियो वायरल होने के बाद हिमांशू को नौकरी से निकाल दिया गया, जबकि प्रणीत मोरे के खिलाफ साइबर सेल में शिकायत दर्ज की गई। विवाद बढ़ने के बाद प्रणीत मोरे ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी। आलिया भट्ट बनी थीं पहले एपिसोड की गेस्ट समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ के पहले एपिसोड में आलिया भट्ट और शरवरी वाघ बतौर गेस्ट शामिल हुईं। एपिसोड के दौरान समय रैना और आलिया भट्ट ने एक-दूसरे पर मजाकिया अंदाज में तंज कसे और रोस्ट किया। शो में समय रैना ने आलिया भट्ट का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा कि आलिया शो के पहले एपिसोड में गेस्ट बनकर आई हैं। इस दौरान आलिया ने हंसते हुए कहा, “मुझे अब थोड़ा पछतावा हो रहा है।” पहले भी विवादों में रहा लेटेंट-
सेंसेक्स में 100 अंक की तेजी:77,200 पर कारोबार कर रहा, निफ्टी भी 50 अंक चढ़ा; मेटल और फार्मा शेयर्स में ज्यादा खरीदारी

शेयर बाजार में आज यानी 29 जून को बढ़त है। सेंसेक्स करीब 100 अंकों की तेजी के साथ 77,200 पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में भी करीब 50 अंक की बढ़त है, ये 24,100 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। मेटल और फार्मा शेयर्स में ज्यादा खरीदारी है। एशियाई बाजारों में आज गिरावट अमेरिकी बाजार में शुक्रवार को गिरावट रही विदेशी निवेशकों ने 7 दिन में 1,442 करोड़ के शेयर बेचे गुरुवार को बाजार में रही थी तेजी इससे पहले गुरुवार, 25 जून को बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 109 अंक की बढ़त के साथ 77,100 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी में भी 34 अंक की बढ़त रही, ये 24,056 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में 200 अंक की गिरावट:76,900 पर कारोबार कर रहा, निफ्टी भी 50 अंक टूटा; ऑटो और IT शेयर्स में ज्यादा बिकवाली

शेयर बाजार में आज यानी 29 जून को गिरावट है। सेंसेक्स करीब 200 अंक की गिरावट के साथ 76,900 पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में भी करीब 50 अंक की गिरावट है, ये 24,000 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। ऑटो, IT और मेटट शेयर्स में ज्यादा बिकवाली है। एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार अमेरिकी बाजार में शुक्रवार को गिरावट रही विदेशी निवेशकों ने 7 दिन में 1,442 करोड़ के शेयर बेचे गुरुवार को बाजार में रही थी तेजी इससे पहले गुरुवार, 25 जून को बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 109 अंक की बढ़त के साथ 77,100 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी में भी 34 अंक की बढ़त रही, ये 24,056 पर बंद हुआ।
लेक्चरर (विशेष शिक्षा) भर्ती की कल लास्ट डेट:RPSC ने निकाली थी 121 पदों पर वैकेंसी;जानिए-RPSC की किन भर्तियों के आवेदन जारी

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से निकाली गई माध्यमिक शिक्षा विभाग में लेक्चरर (विशेष शिक्षा) के 121 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की कल लास्ट डेट है। कैंडिडेट की उम्र 1 जनवरी 2027 को 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। ऑफलाइन आवेदन मान्य नहीं होंगे। कैंडिडेट का सिलेक्शन एग्जाम के माध्यम से होगा। परीक्षा तिथि और परीक्षा केंद्रों की जानकारी बाद में अलग से जारी की जाएगी। यह रहेगा परीक्षा शुल्क अब जानिए आरपीएससी की इन भर्तियों के बारे में भी…. आरएएस-2026 का आवेदन प्रोसेस जारी, 3 जुलाई लास्ट डेट राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से निकाली गई राजस्थान राज्य और अधीनस्थ सेवाएं (RAS) संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2026 के 607 पदों के लिए आवेदन 4 जून से जारी हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 3 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा 29 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। इस भर्ती में राज्य सेवा के 192 पद और अधीनस्थ सेवा के 415 पद शामिल हैं। 1 जनवरी 2027 को अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए। सहायक अभियोजन अधिकारी के 371 पदों पर भर्ती जारी सहायक अभियोजन अधिकारी-एपीपी (गृह विभाग-अभियोजन) के 371 पदों पर भर्ती के लिए प्रोसेस जारी है। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन की लास्ट डेट 7 जुलाई है। इस भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 2 सितंबर को किया जाना प्रस्तावित है। आयु सीमा 1 जनवरी 2027 को न्यूनतम 21 साल और अधिकतम 40 साल से कम होनी चाहिए। आयोग द्वारा यह पद साल 2024 में विज्ञापित किए गए थे। इसके बाद आयु की गणना 1 जनवरी 2025 को आधार मानकर की गई। हालांकि इन पदों के लिए कोई विज्ञापन जारी नहीं किया। इसलिए अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में एक साल की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। अभ्यर्थियों का सिलेक्शन प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। प्रतियोगी परीक्षा दो चरणों में प्रारम्भिक परीक्षा व मुख्य परीक्षा के रूप में ली जाएगी। वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी भर्ती- 10 जुलाई लास्ट डेट राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला में वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी (Senior Scientific Officer) के कुल 3 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जारी है। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा निकाली गई इस भर्ती के तहत टॉक्सिकोलॉजी, फिजिक्स और बैलिस्टिक्स डिवीजन में 1-1 पद शामिल हैं। योग्य अभ्यर्थी 10 जुलाई की रात 12 बजे तक इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। यदि कोई अभ्यर्थी एक से अधिक डिवीजन (पद) के लिए योग्यता रखता है और आवेदन करना चाहता है, तो उसे प्रत्येक पद के लिए अलग-अलग आवेदन फॉर्म भरना होगा। परीक्षा-2026 का आयोजन 13 अक्टूबर 2026 से 17 अक्टूबर 2026 के बीच में किया जाएगा। आयोग ने परीक्षा कम्पयूटर बेस्ड रिक्रूटमेंट टेस्ट (सीबीआरटी) के माध्यम से आयोजित की जाएगी, जिसका विस्तृत कार्यक्रम यथासमय जारी कर दिया जाएगा।
ईरान का कुवैत-बहरीन में 8 अमेरिकी ठिकानों पर हमला:खामेनेई बोले- दुश्मन देशाओं के बयान ही अपराध का सबूत, हर मौत का हिसाब लेंगे

ईरान ने रविवार को दावा किया कि उसने कुवैत और बहरीन में अमेरिका के 8 सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया है। रिवोल्यूशनरी फोर्स ने कहा कि यह हमला ईरान के ठिकानों पर अमेरिका की दूसरी बड़ी सैन्य कार्रवाई के जवाब में किया गया है। वहीं, ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजराइल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि दोनों देशों के नेताओं ने हालिया हमलों को लेकर जिस तरह बयान दिए हैं और उन पर गर्व जताया है, वह अपने आप में अपराध स्वीकार करने जैसा है। उन्होंने कहा कि ईरान पर हुए हर हमले, हर मौत और हर नुकसान के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय अदालतों में कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स…





