बिजनेस के मामले में भी सबसे कीमती फीफा वर्ल्ड कप:99 हजार करोड़ विज्ञापनों पर खर्च, एक विज्ञापन का खर्च 200 करोड़ से ज्यादा

इस बार का फीफा वर्ल्ड कप सिर्फ एक खेल टूर्नामेंट नहीं, बल्कि एक ऐसा आर्थिक महाकुंभ है, जो पेरिस ओलिंपिक से करीब चार गुना बड़ा है। फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया की लगभग तीन-चौथाई आबादी यानी करीब 600 करोड़ लोग लोग इस आयोजन से जुड़ेंगे। 39 दिन तक चलने वाले इतने बड़े आयोजन को लेकर दुनिया भर के ब्रांड्स पानी की तरह पैसा बहा रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक, दुनियाभर की कंपनियां इस वर्ल्ड कप में विज्ञापनों पर लगभग 99 हजार करोड़ रुपए खर्च कर रही हैं। फीफा और विश्व व्यापार संगठन की स्टडी के अनुसार, यह वर्ल्ड कप वैश्विक इकोनॉमी में करीब 3 लाख 86 हजार करोड़ रुपए का योगदान देगा और दुनियाभर में आठ लाख से ज्यादा नई नौकरियां पैदा करेगा। इसका सबसे बड़ा फायदा अमेरिका की अर्थव्यवस्था को होगा, जहां सिर्फ होटल, रेस्टोरेंट और रियल एस्टेट जैसे सेक्टर्स में ही करीब 41 हजार करोड़ रुपए की बंपर कमाई होगी, जबकि कुल फायदा 1 लाख 62 करोड़ तक होगा। विज्ञापनों की कीमत आसमान छू रही है। वर्ल्ड कप फाइनल के दौरान अपना विज्ञापन दिखाने के लिए कंपनियों को लगभग 236 करोड़ रुपए तक की भारी-भरकम रकम चुकानी पड़ रही है। टीवी ब्रॉडकास्टर्स भी शुरुआती विज्ञापनों के लिए करीब 47 करोड़ रुपए का न्यूनतम पैकेज दे रहे हैं। फीफा को ब्रॉडकास्टिंग, स्पॉन्सरशिप और टिकटों की बिक्री से करीब 84 हजार करोड़ रुपए की कमाई होने की उम्मीद है, जो 2022 के कतर वर्ल्ड कप (करीब 71 हजार करोड़) के मुकाबले काफी ज्यादा है। इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि टूर्नामेंट शुरू होने से बहुत पहले ही सभी 16 ग्लोबल स्पॉन्सरशिप डील बिक चुकी थीं। एडिडास, कोका-कोला और पहली बार टेक पार्टनर के रूप में जुड़ी लेनोवो जैसी दिग्गज कंपनियां टॉप स्पॉन्सर बनने के लिए 1400 से 1900 करोड़ रुपए तक खर्च कर रही हैं। इतना पैसा खर्च, क्योंकि एक फोटो से पूरी दुनिया में चमक सकता है ब्रांड लेनोवो के एक अधिकारी ने बताया कि 2022 के वर्ल्ड कप फाइनल में जब अर्जेंटीना ने विनिंग पेनल्टी मारी थी, तो गोल के ठीक पीछे स्क्रीन पर वीजा (Visa) का लोगो चमक रहा था और जीत की वह तस्वीर अगले दिन दुनिया के हर अखबार के पहले पन्ने पर छपी थी। आज के दौर में, जब दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचना बेहद मुश्किल है, तब फीफा वर्ल्ड कप ब्रांड्स को दुनियाभर के अरबों लोगों के बीच अपनी अमिट पहचान बनाने का ऐसा सुनहरा मौका देता है, जिसकी कीमत किसी भी रकम से कहीं ज्यादा है।
गुरुग्राम में योग दिवस पर ग्लैमर का तड़का:एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी और एलनाज नौरोजी ने कराया योग, खेलमंत्री गौरव गौतम सरकारी कार्यक्रम में पहुंचे

गुरुग्राम में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग और बॉलीवुड ग्लैमर का संगम देखने को मिला। मशहूर फिटनेस आइकन एवं बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी और जर्मन अभिनेत्री एलनाज नौरोजी ने हजारों लोगों को योग और सेहतमंद जीवनशैली के टिप्स देते हुए योगाभ्यास कराया। इस खास मौके पर जहां साइबर सिटी के मॉल्स में बॉलीवुड हस्तियों ने समां बांधा, वहीं ताऊ देवी लाल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित मुख्य सरकारी कार्यक्रम में प्रदेश के खेल मंत्री गौरव गौतम ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने सैकड़ों की संख्या में मौजूद लोगों के साथ योगाभ्यास किया। इसके अलावा सोसाइटियों में भी रेजिडेंट्स द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग किया। द्वारका एक्सप्रेसवे, गोल्फ कोर्स रोड, न्यू गुरुग्राम की सोसाइटियों में लोग योग करते नजर आए। साइबर सिटी मॉल में शिल्पा शेट्टी का जलवा गुरुग्राम के सबसे पॉश और लोकप्रिय डीएलएफ साइबर हब सिटी मॉल में सुबह से ही भारी उत्साह का माहौल था। बॉलीवुड की सबसे फिट अभिनेत्रियों में शुमार शिल्पा शेट्टी को अपने बीच पाकर योग प्रेमियों का जोश दोगुना हो गया। शिल्पा ने मंच संभालते ही बेहद सरल और प्रभावी अंदाज में लोगों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को मोड़ने या कसरत करने का नाम नहीं है, बल्कि यह मन, आत्मा और शरीर को एक सूत्र में पिरोने का विज्ञान है। शिल्पा शेट्टी ने खुद कठिन आसनों को सहजता से करके दिखाया और उपस्थित लोगों से प्राणायाम तथा ध्यान को अपनी दैनिक दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बनाने की अपील की। उनके साथ सैकड़ों युवाओं और कामकाजी पेशेवरों ने भी सूर्य नमस्कार और अनुलोम-विलोम जैसे महत्वपूर्ण योगासन किए। एलान मिराकल मॉल में एलनाज नौरोजी ने बिखेरी चमक ग्लैमर का दूसरा बड़ा केंद्र सेक्टर-84 स्थित एलान मिराकल मॉल बना, जहां इंडो-जर्मन अभिनेत्री एलनाज नौरोजी ने ‘सनराइज योग सेशन’ किया। सुबह 6:00 बजे से ही मॉल परिसर में योग के दीवाने जुटने लगे थे। एलनाज ने योग सत्र की शुरुआत की और उपस्थित महिलाओं व युवाओं को मानसिक शांति और तनाव मुक्ति के लिए गाइडेड ब्रीदिंग के गुरु सिखाए। एलनाज ने कहा कि भागदौड़ भरी आधुनिक जिंदगी में मानसिक रूप से खुद को शांत रखना सबसे बड़ी चुनौती है, और योग ही इसका एकमात्र और सबसे अचूक समाधान है। सरकारी कार्यक्रम में पहुंचे खेल मंत्री मॉस और कॉर्पोरेट जगत से अलग जिला प्रशासन द्वारा ताऊ देवी लाल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एक विशाल और भव्य जिला स्तरीय योग समारोह का आयोजन किया गया। इस मुख्य सरकारी कार्यक्रम में हरियाणा के युवा अधिकारिता, उद्यमिता और खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौरव गौतम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। स्टेडियम में उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस बल और हजारों नागरिकों के साथ खेल मंत्री ने भी चटाई पर बैठकर पूरे प्रोटोकॉल के साथ योग किया। खेलमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आज योग को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान मिली है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे खेलों के साथ-साथ अपनी शारीरिक क्षमता और मानसिक एकाग्रता को बढ़ाने के लिए हर दिन योग को अपनाएं। स्वस्थ जीवन का आधार है योग उन्होंने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन, सकारात्मक सोच और आत्मिक संतुलन का आधार है। सभी से प्रतिदिन योग अपनाने, फिट इंडिया अभियान से जुड़ने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग रहते हुए आत्मनिर्भर हरियाणा और विकसित भारत के निर्माण में सहभागी बनने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व में हरियाणा खेल, स्वास्थ्य, शिक्षा और जनसेवा सहित प्रत्येक क्षेत्र में निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहा है। जिला जेल में योग दिवस मनाया योग दिवस के अवसर पर आज जिला जेल गुरुग्राम में “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” थीम के अंतर्गत आयुष विभाग एवं आर्ट ऑफ लिविंग, गुरुग्राम के संयुक्त तत्वावधान में योग शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 2,800 बंदियों सहित जेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों को योगासन, प्राणायाम एवं मेडिटेशन का अभ्यास कराया गया तथा स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए नियमित योग अपनाने का संदेश दिया गया।
लेबनान पर हमले से नाराज ईरान ने होर्मुज बंद किया:कहा- इजराइल पर अमेरिका लगाम नहीं लगा पा रहा; आज स्विट्जरलैंड में अमेरिका-ईरान की बातचीत

लेबनान पर इजराइल के हमले से नाराज होकर ईरान ने एक बार फिर से होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया है। ईरान की जॉइंट मिलिट्री कमांड ने सरकारी टीवी पर इसका ऐलान किया। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि ईरान ने अपनी सभी जिम्मेदारियां पूरी की हैं, लेकिन अमेरिका, इजराइल पर लगाम नहीं लगा पा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून की रात शांति समझौते पर दस्तखत हुए थे। इसमें होर्मुज को खोलने और लेबनान में हमले बंद करने की शर्तें थीं। पीस डील पर साइन के बाद भी इजराइल ने लेबनान में हमले जारी रखे। इस बीच अमेरिका और ईरान दोनों देश शांति वार्ता पर बातचीत के लिए स्विट्जरलैंड पहुंच चुके हैं। अमेरिकी डेलिगेशन में मिडिल ईस्ट के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर हैं। वहीं, ईरानी डेलिगेशन का नेतृत्व विदेश मंत्री अब्बास अराघची कर रहे हैं। होर्मुज में ईरानी नौसेना की चेतावनी का VIDEO पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ईरान की जहाजों को चेतावनी: ईरान की रिवोल्यूशनरी फोर्स (IRGC) ने जहाजों को होर्मुज के पास से न गुजरने की चेतावनी दी और कहा कि अगर वे ऐसा करते हैं तो उनकी सुरक्षा की गारंटी नहीं होगी। 2. ईरानी टीम स्विट्जरलैंड रवाना: अमेरिका से बातचीत करने ईरान की टीम स्विट्जरलैंड रवाना हो गई। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। 3. भारत से जुड़े 3 तेल टैंकर ने होर्मुज पार किया: भारतीय झंडे वाले तीन तेल टैंकर शनिवार को सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर भारत के लिए रवाना हो गए। इन जहाजों में 8.6 लाख मीट्रिक टन से अधिक कच्चा तेल और 94 भारतीय क्रू मेंबर शामिल हैं। 4. नेतन्याहू बोले- हमले जारी रखेंगे: इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इजराइल अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा, और दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह पर हमले जारी रखेगा। 5. ट्रम्प बोले- पाकिस्तान ने बहुत मदद की: अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ हुए समझौते (MoU) में पाकिस्तान ने अमेरिका की बहुत मदद की। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
मूंग दाल समोसा रेसिपी: आलू नहीं, घर पर बनाएं हाई प्रोटीन मूंग दाल वाला समोसा; एक मिनट में तैयार हो जाएगा

लेख के लिए: 2 कप मैदा, 3 बड़े चम्मच नमक, 3 बड़े चम्मच नमक, आवश्यकतानुसार पानी छवि: फ्रीपिक स्टफिंग: 1 कप बड़ा मूंगदाल, 1 छोटा मोटा जीरा, 1 छोटा मोटा मूंग दाल, 1/2 छोटा मोटा धनिया पाउडर, 1/2 छोटा मोटा धनिया पाउडर, 1/4 छोटा मोटा धनिया पाउडर, 1 छोटा छोटा मोटा गरम मसाला, 1 हरी मिर्च, 1 टुकड़ा अदरक, तेल, नमक छवि: सोशल मीडिया बनाने की विधि: सबसे पहले एक पाइथन में मैदा, नमक और तेल का निर्माण अच्छा तरह से मिला लें। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डाले हुए सख्त आटा गूंध लें। 15-20 मिनट के लिए इंटरनेट पर फॉलो करें। छवि: फ्रीपिक अब भीगी हुई मूंग दाल का पानी, उसे दरदरा पीस लें। एक पैन में तेल गर्म करें और इसमें जीरा और सौंफ का मसाला चटकाएं। इसके बाद हरी मिर्च और प्रमुख स्मारक कुछ सेकंड। छवि: सोशल मीडिया इसमें पिसी हुई मूंग दाल डाली और मध्यम आंच पर 4-5 मिनट तक शुरुआती गति पकड़ी। लाल मिर्च, हल्दी, धनिया पाउडर, गर्म मसाला और नमक के टुकड़े अच्छी तरह मिला लें। छवि: सोशल मीडिया इसके बाद अटेच्ट्स की छोटी-छोटी लोएं निकलीं और उन्हें बेल लें। बीच से विखंडित कोन का आकार और इसमें मूंग दाल की स्टफिंग भर शामिल है। विद्यार्थियों को पानी भरने के लिए अच्छी तरह से बंद कर दें। छवि: एआई अब मसाले में तेल गर्म करें और समोसों को मिश्रण पर मसाले तक तल लें। अगर आपको तेल खाना पसंद है, तो एयर फ्रायर या अयाल में भी बेक कर सकते हैं। छवि: एआई गरमा-गरम मूंग दाल समोसे को हरी चटनी, इमली की चटनी या एक कप चाय के साथ बनाएं। इस शाम के लिए एक रॉकेट और टेस्टी विकल्प उपलब्ध है। छवि: फ्रीपिक मूंग दाल प्रोटीन और बेरोज़गार से अधिक होती है, जिससे बाकी हिस्सों से सबसे बड़ा रसायन बन जाता है। अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं या वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो यह रेसिपी जरूर आजमाएं। छवि: एआई (टैग्सटूट्रांसलेट)मूंग दाल समोसा रेसिपी(टी)मूंग दाल रेसिपी(टी)मूंग दाल समोसा(टी)समोसा रेसिपी(टी)हाई प्रोटीन स्नैक
‘भक्त वह सुन सकते हैं जो पीएम ने कभी नहीं कहा’: पवन खेड़ा ने मोदी-ट्रंप मुलाकात के रुख पर शशि थरूर को लताड़ा | भारत समाचार

आखरी अपडेट:20 जून, 2026, 20:08 IST खेड़ा ने द्विपक्षीय आदान-प्रदान के थरूर के चरित्र-चित्रण और विदेश मंत्रालय (एमईए) द्वारा जारी किए गए आधिकारिक रिकॉर्ड के बीच एक बड़ा अंतर बताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खेड़ा ने थरूर की सार्वजनिक टिप्पणी पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि प्रधानमंत्री के लिए उनके सहयोगी की प्रशंसा भौतिक वास्तविकताओं से कहीं अधिक है। फ़ाइल छवि/पीटीआई फ्रांस के एवियन में जी7 शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हालिया द्विपक्षीय बैठक को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के भीतर तीखी सार्वजनिक असहमति पैदा हो गई है। कांग्रेस सांसद और विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष डॉ. शशि थरूर द्वारा सार्वजनिक रूप से प्रधानमंत्री की कूटनीतिक पहुंच का समर्थन करने और समुद्री सुरक्षा के संबंध में भारत की चिंताओं को मजबूती से बताने के लिए उनकी प्रशंसा करने के बाद टकराव तेज हो गया। इस समर्थन पर साथी कांग्रेस नेता और मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने तुरंत तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिन्होंने थरूर पर ऐसी कूटनीतिक सफलताओं की कल्पना करने का आरोप लगाया जो कभी नहीं हुईं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खेड़ा ने थरूर की सार्वजनिक टिप्पणी पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि प्रधानमंत्री के लिए उनके सहयोगी की प्रशंसा भौतिक वास्तविकताओं से कहीं अधिक है। खेड़ा ने द्विपक्षीय आदान-प्रदान के थरूर के चरित्र-चित्रण और विदेश मंत्रालय (एमईए) द्वारा जारी किए गए आधिकारिक रिकॉर्ड के बीच एक बड़ा अंतर बताया। उन्होंने तर्क दिया कि आधिकारिक रीडआउट में ज़बरदस्त दावे या मजबूत प्रतिवाद का कोई सबूत नहीं था, जिसे थरूर ने पता लगाने का दावा किया था, मज़ाक में उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री के भक्त” कुछ भी नहीं बोले जाने पर भी संदेश सुनने में सक्षम लगते हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि मेरे वरिष्ठ सहयोगी डॉ. शशि थरूर की पीएम मोदी के प्रति प्रशंसा भौतिक दुनिया की सीमाओं को पार कर गई है। ऐसा लगता है कि वह अब वह सुनने में सक्षम हैं जो मोदी कहते भी नहीं हैं। मोदी-ट्रंप बैठक से इतर विदेश मंत्रालय की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार… pic.twitter.com/6U7BFRxAgZ – पवन खेड़ा 🇮🇳 ಪವನ್ ಖೇರಾ (@पवनखेरा) 20 जून, 2026 विपक्ष ने अनसुलझी सुरक्षा शिकायतों का हवाला दिया द्विपक्षीय वार्ता की अपनी आलोचना का समर्थन करने के लिए, खेड़ा ने तीन महत्वपूर्ण सुरक्षा और रणनीतिक मुद्दों पर प्रकाश डाला, उनका दावा है कि प्रधानमंत्री अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ अपनी बैठक के दौरान प्रभावी ढंग से चुनौती देने में विफल रहे। इनमें से प्रमुख था ओमान की खाड़ी में संयुक्त राज्य अमेरिका की सेना द्वारा तीन भारतीय नागरिक नाविकों की नृशंस हत्या के संबंध में आधिकारिक उल्लेख की कमी, एक ऐसी घटना जिसने पहले नई दिल्ली से औपचारिक राजनयिक विरोध शुरू कर दिया था। खेड़ा ने यह भी देखा कि ऑपरेशन सिन्दूर की सालगिरह के बाद यह पहली मोदी-ट्रम्प बैठक होने के बावजूद, आधिकारिक रीडआउट ने कोई संकेत नहीं दिया कि भारत ने ट्रम्प के बार-बार किए गए सार्वजनिक दावे का खंडन किया है – जो 120 से अधिक बार किया गया है – कि उन्होंने भारत को जवाबी व्यापार परिणामों की धमकी देकर युद्धविराम के लिए मजबूर किया। इसके अलावा, कांग्रेस मीडिया प्रमुख ने ईरानी युद्धपोत आईआरआईएस देना पर हालिया हमले के संबंध में किसी भी दस्तावेजी चर्चा के अभाव पर गंभीर चिंता व्यक्त की। यह जहाज MILAN-2026 समुद्री अभ्यास के दौरान भारतीय नौसेना का आधिकारिक अतिथि था, और खेरा ने तर्क दिया कि भारत के रणनीतिक पिछवाड़े के भीतर ऐसे जहाज पर हमले के लिए सीधी कूटनीति की आवश्यकता होती है, जो कि विदेश मंत्रालय के रिकॉर्ड से संकेत मिलता है कि ऐसा नहीं हुआ। थरूर ने राष्ट्रीय सुरक्षा निरंतरता पर रुख का बचाव किया डॉ. शशि थरूर ने कहा है कि राष्ट्रीय हित और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के मामले एक एकीकृत घरेलू मोर्चे की मांग करते हैं जो नियमित पक्षपातपूर्ण राजनीति से ऊपर उठे। जी7 द्विपक्षीय के रणनीतिक मूल्य पर बोलते हुए, थरूर ने तर्क दिया कि उनके सूत्रों ने पुष्टि की कि बैठक गर्मजोशी और सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई, और प्रधान मंत्री ने सार्वजनिक बयानों और निजी सत्रों दोनों में भारत की स्थिति को उचित रूप से स्पष्ट किया था। थरूर ने इस बात पर जोर दिया कि पश्चिम एशिया में वाणिज्यिक जहाजों पर काम करने वाले नागरिक नाविकों की सुरक्षा के संबंध में भारत का संदेश आवश्यक था, उन्होंने कहा कि निर्दोष नाविकों को कभी भी क्षेत्रीय नाकेबंदी में युद्ध का निशाना नहीं बनना चाहिए। व्यापार घर्षण और क्षेत्रीय सुरक्षा के बारे में विपक्षी खेमे के भीतर अंतर्निहित चिंताओं को स्वीकार करते हुए, अनुभवी राजनयिक ने जोर देकर कहा कि अमेरिका एक अपरिहार्य वैश्विक शक्ति बना हुआ है, जिसके साथ भारत को रचनात्मक जुड़ाव बनाए रखना चाहिए, उन्होंने कहा कि विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के एक सामान्य सिद्धांत की राजनीतिक स्पेक्ट्रम में सराहना की जानी चाहिए। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में पथिकृत सेन गुप्ता पथिकृत सेन गुप्ता News18.com के वरिष्ठ एसोसिएट संपादक हैं और लंबी कहानी को छोटा करना पसंद करते हैं। वह राजनीति, खेल, वैश्विक मामलों, अंतरिक्ष, मनोरंजन और भोजन पर छिटपुट रूप से लिखते हैं। वह …और पढ़ें न्यूज़ इंडिया ‘भक्त वह सुन सकते हैं जो पीएम ने कभी नहीं कहा’: पवन खेड़ा ने मोदी-ट्रंप मुलाकात के रुख पर शशि थरूर को घेरा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
एक फैसला, छह ‘लापता’ सांसद और एक सेना में फूट की चर्चा: क्यों महाराष्ट्र की राजनीति ओम राजे निंबालकर पर नजर रख रही है | भारत समाचार

आखरी अपडेट:20 जून, 2026, 19:00 IST निंबालकर उन छह शिव सेना (यूबीटी) सांसदों में से एक हैं, जो रिपोर्टों के मुताबिक, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिव सेना में जाने पर विचार कर रहे हैं। मुंबई की एक सीबीआई अदालत ने शनिवार को 2006 में महाराष्ट्र कांग्रेस नेता पवनराजे निंबालकर की हत्या के मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया। छवि/एएनआई मुंबई की एक विशेष केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) अदालत ने 2006 के हाई-प्रोफाइल कांग्रेस नेता पवनराजे निंबालकर और उनके ड्राइवर समद काजी के दोहरे हत्याकांड मामले में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री पदमसिंह पाटिल और सात अन्य को बरी कर दिया है। विशेष न्यायाधीश एसआर नवांदर ने आरोपी से सरकारी गवाह बने पारसमल जैन के बयानों में पर्याप्त विरोधाभासों को देखते हुए फैसला सुनाया कि अभियोजन पक्ष साजिश की एक निश्चित श्रृंखला स्थापित करने में विफल रहा। ऐतिहासिक न्यायिक निर्णय बीस साल की कानूनी लड़ाई का नाटकीय समापन करता है जिसने धाराशिव जिले के राजनीतिक परिदृश्य को निर्धारित किया है। हालाँकि, कानूनी निष्कर्ष ने तुरंत एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। पवनराजे के बेटे, धाराशिव के सांसद ओमप्रकाश राजे निंबालकर के उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) द्वारा बुलाई गई लोकसभा सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल नहीं होने के कुछ ही घंटों बाद यह फैसला आया। 24 घंटे के सख्त अल्टीमेटम और पार्टी व्हिप के बावजूद ओमराजे और पांच अन्य पार्टी सांसदों की अनुपस्थिति ने उद्धव सेना के भीतर एक आसन्न संरचनात्मक विभाजन के बारे में तीव्र अटकलों को हवा दे दी है, विद्रोही विधायक कथित तौर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट के साथ विलय करने की स्थिति में हैं। कानूनी समापन और ऑपरेटिव दलबदल का अंतर्विरोध अदालत के फैसले और पार्टी के आंतरिक विद्रोह के अंतर्संबंध ने महाराष्ट्र की गुटीय राजनीति के ऑप्टिकल ढांचे को पूरी तरह से बदल दिया है। विपक्षी महा विकास अघाड़ी गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं ने पहले दावा किया था कि ओम राजे अपने परिवार के लिए अनुकूल कानूनी परिणाम के वादे के तहत सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में शामिल होने पर विचार कर रहे थे। पदमसिंह पाटिल – जो उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के जैविक भाई हैं – अब सभी सह-आरोपियों के साथ पूरी तरह दोषमुक्त हो गए हैं, धाराशिव सत्ता गलियारे के अंदर संरचनात्मक उत्तोलन बिंदु रातोंरात बदल गए हैं। ओम राजे निंबालकर की राजनीतिक पहचान पूरी तरह से 2006 में मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर उनके पिता की नृशंस हत्या के कारण बनी, जिसने स्थानीय सहानुभूति की एक बड़ी लहर पैदा की और उन्हें 26 साल की उम्र में सार्वजनिक जीवन में प्रेरित किया। दो दशकों तक, पाटिल के मजबूत सहकारी चीनी व्यापारी नेटवर्क के खिलाफ न्याय की खोज ने ओम राजे की जमीनी स्तर की अपील के एकमात्र आधार के रूप में काम किया। बरी होने से लंबे समय से चले आ रहे कानूनी दाग को पवार परिवार के नेटवर्क से दूर कर दिया गया है, साथ ही ओम राजे को विकासात्मक आधार पर अपनी उत्तरजीविता रणनीतियों का सख्ती से मूल्यांकन करने के लिए मजबूर किया गया है। स्थानीय विचार-विमर्श गुटीय संरेखण की कुंजी है फैसले के बाद प्रेस को संबोधित करते हुए, ओम राजे ने न्यायिक परिणाम और अपने रणनीतिक बदलावों के बीच किसी भी सीधे संबंध से इनकार किया, इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान यूबीटी नेतृत्व के साथ उनकी आपत्तियां निर्वाचन क्षेत्र प्रबंधन की तीव्र वास्तविकताओं से उपजी हैं। उन्होंने तर्क दिया कि मतदाताओं का खाली हाथ सामना करना अस्थिर हो गया है, जो सत्तारूढ़ गठबंधन और अलग-थलग विपक्षी ब्लॉक के बीच धन आवंटन में भारी असंतुलन की ओर इशारा करता है। विधायक ने संगठनात्मक उपेक्षा के बारे में भी गंभीर सवाल उठाए, जिसमें शीर्ष पार्टी प्रबंधकों की ओर से जमीनी स्तर पर पहुंच की स्पष्ट कमी देखी गई। विद्रोही सांसद समूह के लिए तत्काल प्राथमिकता शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ कानूनी रूप से सुरक्षित विलय को अंजाम देने के लिए दल-बदल विरोधी कानून की संख्या सीमा को पार करना बनी हुई है। ओम राजे ने पुष्टि की है कि वह अपने अंतिम गठबंधन की घोषणा करने से पहले स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ विस्तृत परामर्श करने के लिए धाराशिव लौटेंगे। जैसा कि राजनीतिक गुट प्रभाव के लिए तैयार हैं, 2006 की हत्या के मुकदमे का पतन साबित करता है कि महाराष्ट्र के अस्थिर पारिस्थितिकी तंत्र में, एक एकल अदालत का फैसला विधायी गणित को पूरी तरह से नया रूप देने की शक्ति रखता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में पथिकृत सेन गुप्ता पथिकृत सेन गुप्ता News18.com के वरिष्ठ एसोसिएट संपादक हैं और लंबी कहानी को छोटा करना पसंद करते हैं। वह राजनीति, खेल, वैश्विक मामलों, अंतरिक्ष, मनोरंजन और भोजन पर छिटपुट रूप से लिखते हैं। वह …और पढ़ें न्यूज़ इंडिया एक फैसला, छह ‘लापता’ सांसद और एक सेना में फूट की चर्चा: क्यों महाराष्ट्र की राजनीति ओम राजे निंबालकर पर नजर रख रही है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)महाराष्ट्र(टी)शिवसेना(टी)उद्धव ठाकरे(टी)एकनाथ शिंदे(टी)बीजेपी(टी)कोर्ट
‘भारत कोई धर्मशाला नहीं है’: अमित शाह ने घुसपैठियों को बाहर निकालने का संकल्प लिया, तुष्टीकरण पर कांग्रेस की आलोचना की | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:20 जून, 2026, 16:34 IST अमित शाह ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए सुझाव दिया कि वह कांग्रेस पार्टी के समर्थन पर भरोसा कर रहे हैं। उन्होंने घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी चेतावनी भी जारी की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह | फ़ाइल छवि क्रेडिट: एक्स/@अमितशाह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शिवसेना-यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे और कांग्रेस पर तीखा हमला किया और दावा किया कि वे घुसपैठियों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करके जीवित रहना चाहते हैं। महाराष्ट्र के कोल्हापुर में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए, शाह ने ठाकरे पर निशाना साधा – जो छह लोकसभा सांसदों के विद्रोह के बाद अपनी पार्टी के भीतर आंतरिक संकट का सामना कर रहे हैं – यह सुझाव देते हुए कि वह कांग्रेस पार्टी के समर्थन पर निर्भर थे। गृह मंत्री ने घुसपैठियों के खिलाफ अपनी चेतावनी तेज करते हुए कहा कि केवल “इस देश में पैदा हुए लोग ही यहां रहेंगे”। उन्होंने कहा, “यह कांग्रेस पार्टी, जिसकी गोद में उद्धव बैठे हैं, घुसपैठियों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करके जीवित रहना चाहती है। मैं उनसे कहता हूं, ध्यान से सुनो, यह देश कोई ‘धर्मशाला’ नहीं है, इस देश में पैदा होने वाले ही यहां रहेंगे।” #देखें | कोल्हापुर, महाराष्ट्र: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कहते हैं, “यह कांग्रेस पार्टी, जिसकी गोद में उद्धव बैठे हैं, घुसपैठियों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करके जीवित रहना चाहती है। मैं उनसे कहता हूं, ध्यान से सुनो, यह देश कोई ‘धर्मशाला’ नहीं है, इस देश में केवल पैदा होने वाले लोग हैं… pic.twitter.com/RD3a7RiyIF– एएनआई (@ANI) 20 जून, 2026 ‘वहां केवल एक ही शिव सेना है’ ‘ऑपरेशन टाइगर’ पर चर्चा के बीच – यह शब्द शिव सेना-यूबीटी से संभावित दलबदल का संकेत देने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है – शाह ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी पर कटाक्ष करते हुए कहा: “पहले, हमें (एकनाथ) शिंदे के बाद शिव सेना शिंदे गुट को बुलाना पड़ता था। अब, कोई गुट नहीं है। केवल एक ही शिव सेना है”। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : कोल्हापुर, भारत, भारत समाचार राजनीति ‘भारत कोई धर्मशाला नहीं है’: अमित शाह ने घुसपैठियों को बाहर निकालने का संकल्प लिया, तुष्टीकरण पर कांग्रेस की आलोचना की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)उद्धव ठाकरे पर अमित शाह का हमला(टी)अमित शाह कोल्हापुर भाषण(टी)उद्धव ठाकरे कांग्रेस गठबंधन(टी)घुसपैठियों वोट बैंक टिप्पणी(टी)शिवसेना आंतरिक संकट(टी)ऑपरेशन टाइगर शिव सेना(टी)एकनाथ शिंदे गुट(टी)शिवसेना की एक टिप्पणी
कुन्हा के डबल गोल से जीता ब्राजील:ग्रुप-सी के टॉप पर आया, हैती फुटबॉल वर्ल्डकप से बाहर होने वाली पहली टीम

5 बार की वर्ल्ड चैंपियन ब्राजील ने हैती को 3-0 से हराकर फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में अपनी पहली जीत दर्ज की। इस जीत से ब्राजील ग्रुप-सी के टॉप पर आ गई। जबकि, हैती टूर्नामेंट से बाहर होने वाली पहली टीम बन गई। अब 24 जून को ब्राजील का मुकाबला स्कॉटलैंड से होगा, जबकि हैती अपने अंतिम ग्रुप मैच में मोरक्को से भिड़ेगा। मैनचेस्टर यूनाइटेड के फॉरवर्ड माथियस कुन्हा को इस मैच की स्टार्टिंग-11 में मौका मिला। उन्होंने 23वें और 36वें मिनट में गोल दागे। एक गोल विनीसियस जूनियर ने पहले हाफ के इंजरी टाइम के तीसरे मिनट में किया। इस मैच के बाद ब्राजील और मोरक्को के एक समान 4-4 अंक हैं, लेकिन ब्राजील गोल डिफरेंस की वजह से टेबल के टॉप पर है। ब्राजील का गोल डिफरेंस 3 है, जबकि मोरक्को का 1 है। गोल डिफरेंस टूर्नामेंट में किसी टीम के टोटल गोल और गंवाए गए गोल के बीच का अंतर होता है। उदाहरण के रुप में किसी टीम ने टूर्नामेंट में 5 गोल दागे हैं और 3 गोल खाए हैं, तो उसका गोल डिफरेंस 2 होगा। पहले हाफ में आए तीनों गोल ब्राजील ने 24 साल पुराना वर्ल्ड कप रिकॉर्ड दोहराया दूसरे हाफ में डिफेंस ने संभाली जिम्मेदारी, गोल रहित रहा मैच के दूसरे हाफ में हैती ने वापसी की कोशिश की, लेकिन ब्राजील के मजबूत डिफेंस और गोलकीपर के सामने कोई खास मौका नहीं बना सका। 1974 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप में खेल रही हैती की टीम दो मैचों में हार के बाद नॉकआउट की दौड़ से बाहर हो गई। ब्राजील वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल करने वाली टीम ब्राजील वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाली टीम बन गई है। उसने टूर्नामेंट में अब तक खेले 116 मैचों में 241 गोल दागे हैं। ब्राजील ने जर्मनी के वर्ल्ड रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। जर्मनी ने 113 मैचों में 239 गोल दागे हैं। ——————————————-
न्यूजीलैंड की इंग्लैंड पर 352 रन की बढ़त:ओवल टेस्ट में हेनरी निकोल्स का कमबैक शतक, रचिन के साथ 161 रन की पार्टनरशिप

लंदन के द ओवल मैदान पर न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में कीवी टीम ने मैच पर मजबूत पकड़ बना ली है। तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक न्यूजीलैंड ने अपनी दूसरी पारी में 3 विकेट पर 252 रन बना लिए हैं और उसकी कुल बढ़त 352 रन की हो गई है। पहली पारी में 391 रन बनाने वाली न्यूजीलैंड को इंग्लैंड के 291 रन पर ऑलआउट होने के बाद 100 रन की बढ़त मिली थी। इसके बाद दूसरी पारी में हेनरी निकोल्स और रचिन रवींद्र ने तीसरे विकेट के लिए 161 रन जोड़कर न्यूजीलैंड की स्थिति बेहद मजबूत कर दी। केन विलियमसन के संन्यास के बाद टीम में लौटे हेनरी निकोल्स ने नाबाद 119 रन की बेहतरीन पारी खेली, जबकि रचिन रवींद्र ने 76 रन बनाए। दिन का खेल खत्म होने तक डेरिल मिचेल 32 रन बनाकर निकोल्स का साथ निभा रहे थे। जेम्स रीव ने दो कैच किया इंग्लैंड के विकेटकीपर जेम्स रीव की खराब फील्डिंग मैच का बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई। दूसरी पारी में न्यूजीलैंड के दोनों ओपनर टॉम लाथम और डेवोन कॉनवे जल्दी आउट हो गए थे। इसके बाद रचिन रवींद्र 7 रन पर थे, जब जोश टंग की गेंद पर रीव ने उनका आसान कैच छोड़ दिया। उस समय न्यूजीलैंड का स्कोर 48 रन था और इंग्लैंड तीसरा विकेट हासिल कर सकता था। टी-ब्रेक के बाद हेनरी निकोल्स को भी 42 रन के स्कोर पर जीवनदान मिला, जब जोफ्रा आर्चर की गेंद पर रीव उनसे भी कैच नहीं पकड़ सके। इन दोनों मौकों का फायदा उठाकर रवींद्र और निकोल्स ने इंग्लैंड को मैच में पीछे धकेल दिया। निकोल्स ने जड़ा करियर का 11वां टेस्ट शतक केन विलियमसन की जगह नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने उतरे हेनरी निकोल्स ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपने टेस्ट करियर का 11वां शतक पूरा किया। उन्होंने 136 गेंदों में शतक पूरा किया और अपनी पारी में 14 चौके लगाए। निकोल्स की यह पारी न्यूजीलैंड की बढ़त को मजबूत करने में निर्णायक साबित हुई। मैथ्यू फिशर की जुझारू हाफ सेंचुरी, इंग्लैंड ने पहली पारी में बनाए 287 रन इससे पहले इंग्लैंड ने तीसरे दिन 9 विकेट पर 238 रन से आगे खेलना शुरू किया। निचले क्रम के बल्लेबाज मैथ्यू फिशर ने अपने फर्स्ट क्लास करियर की तीसरी अर्धशतकीय पारी खेली। उन्होंने सोनी बेकर के साथ अंतिम विकेट के लिए 53 रन जोड़े, जिससे इंग्लैंड 291 रन तक पहुंच सका। हालांकि, पहली पारी के आधार पर न्यूजीलैंड को 100 रन की महत्वपूर्ण बढ़त मिल गई। फिशर ने अपनी यह पारी अपने दिवंगत पिता को समर्पित की। मैट हेनरी का सातवां फाइव-विकेट हॉल न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज मैट हेनरी ने पहली पारी में शानदार गेंदबाजी करते हुए 80 रन देकर 5 विकेट लिए। यह उनके टेस्ट करियर का सातवां फाइव-विकेट हॉल है। खास बात यह रही कि इंग्लैंड के खिलाफ किसी टेस्ट पारी में उन्होंने पहली बार पांच विकेट लेने का कारनामा किया। हेनरी की धारदार गेंदबाजी के कारण इंग्लैंड पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सका और न्यूजीलैंड को अहम बढ़त मिल गई।
ओवल टेस्ट-न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड पर 352 रन की बढ़त बनाई:हेनरी निकोल्स का कमबैक शतक, रचिन के साथ 161 रन की पार्टनरशिप

न्यूजीलैंड ने दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन इंग्लैंड पर 352 रन की मजबूत बढ़त हासिल कर ली है। लंदन के द ओवल मैदान पर शुक्रवार को इंग्लैंड पहली पारी में 291 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह न्यूजीलैंड को पहली पारी में 100 रन की बढ़त मिली। दिन का खेल समाप्त होने तक कीवियों ने अपनी दूसरी पारी में 3 विकेट पर 252 रन बना लिए हैं। केन विलियमसन की जगह टीम में वापसी कर रहे हेनरी निकोल्स 119 रन पर नाबाद हैं। डेरिल मिचेल (32 रन) उनका साथ दे रहे हैं। रचिन रवींद्र ने 76 रन बनाए। निकोल्स और रवींद्र ने तीसरे विकेट के लिए 161 रन की साझेदारी की। जेम्स रीव ने दो कैच पकड़े इंग्लैंड के विकेटकीपर जेम्स रीव की खराब फील्डिंग मैच का बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई। दूसरी पारी में न्यूजीलैंड के दोनों ओपनर टॉम लाथम और डेवोन कॉनवे जल्दी आउट हो गए थे। इसके बाद रचिन रवींद्र 7 रन पर थे, जब जोश टंग की गेंद पर रीव ने उनका आसान कैच छोड़ दिया। उस समय न्यूजीलैंड का स्कोर 48 रन था और इंग्लैंड तीसरा विकेट हासिल कर सकता था। टी-ब्रेक के बाद हेनरी निकोल्स को भी 42 रन के स्कोर पर जीवनदान मिला, जब जोफ्रा आर्चर की गेंद पर रीव उनसे भी कैच नहीं पकड़ सके। इन दोनों मौकों का फायदा उठाकर रवींद्र और निकोल्स ने इंग्लैंड को मैच में पीछे धकेल दिया। निकोल्स ने जड़ा करियर का 11वां टेस्ट शतक केन विलियमसन की जगह नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने उतरे हेनरी निकोल्स ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपने टेस्ट करियर का 11वां शतक पूरा किया। उन्होंने 136 गेंदों में शतक पूरा किया और अपनी पारी में 14 चौके लगाए। निकोल्स की यह पारी न्यूजीलैंड की बढ़त को मजबूत करने में निर्णायक साबित हुई। मैथ्यू फिशर की जुझारू हाफ सेंचुरी, इंग्लैंड ने पहली पारी में बनाए 287 रन इससे पहले इंग्लैंड ने तीसरे दिन 9 विकेट पर 238 रन से आगे खेलना शुरू किया। निचले क्रम के बल्लेबाज मैथ्यू फिशर ने अपने फर्स्ट क्लास करियर की तीसरी अर्धशतकीय पारी खेली। उन्होंने सोनी बेकर के साथ अंतिम विकेट के लिए 53 रन जोड़े, जिससे इंग्लैंड 291 रन तक पहुंच सका। हालांकि, पहली पारी के आधार पर न्यूजीलैंड को 100 रन की महत्वपूर्ण बढ़त मिल गई। फिशर ने अपनी यह पारी अपने दिवंगत पिता को समर्पित की। मैट हेनरी का 5वां फाइव-विकेट हॉल न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज मैट हेनरी ने पहली पारी में शानदार गेंदबाजी करते हुए 80 रन देकर 5 विकेट लिए। यह उनके टेस्ट करियर का सातवां फाइव-विकेट हॉल है। खास बात यह रही कि इंग्लैंड के खिलाफ किसी टेस्ट पारी में उन्होंने पहली बार पांच विकेट लेने का कारनामा किया। हेनरी की धारदार गेंदबाजी के कारण इंग्लैंड पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सका और न्यूजीलैंड को अहम बढ़त मिल गई।





