Tuesday, 01 Sep 2026 | 08:54 AM

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टीएमसी की बागी सांसद रचना बनर्जी ने एनसीपीआई विलय पर उठाए सवाल | भाजपा के समर्थन के आरोप से छिड़ी बहस | न्यूज18

टीएमसी की बागी सांसद रचना बनर्जी ने एनसीपीआई विलय पर उठाए सवाल | भाजपा के समर्थन के आरोप से छिड़ी बहस | न्यूज18

टीएमसी की बागी सांसद रचना बनर्जी ने सीमित चुनावी उपस्थिति वाले एक राजनीतिक समूह एनसीपीआई के साथ पार्टी के विलय के विवाद पर जोर दिया है। इस मुद्दे पर बोलते हुए, बनर्जी ने निर्णय को आकार देने में वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं की भूमिका पर प्रकाश डाला और इस कदम के पीछे व्यापक राजनीतिक गतिशीलता पर सवाल उठाए। उन्होंने भाजपा के कथित समर्थन का भी जिक्र किया, जिससे चल रही बहस में एक नई परत जुड़ गई। इस टिप्पणी ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक रणनीति, गठबंधन और क्षेत्रीय राजनीति की भविष्य की दिशा के बारे में चर्चा शुरू कर दी है। मुख्य विवरण और प्रतिक्रियाओं के लिए पूरी रिपोर्ट देखें। n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_breaking-newsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 16 जून, 2026, 23:16 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)गठबंधन राजनीति(टी)बीजेपी(टी)बीजेपी नवीनतम समाचार(टी)बीजेपी बनाम टीएमसी(टी)ब्रेकिंग न्यूज(टी)करंट अफेयर्स(टी)चुनाव राजनीति(टी)भारत समाचार(टी)भारतीय राजनीति(टी)कोलकाता समाचार(टी)ताजा राजनीतिक समाचार(टी)ममता बनर्जी(टी)विलय विवाद(टी)एनसीपीआई(टी)समाचार विश्लेषण(टी)समाचार अद्यतन(टी)राजनीतिक विवाद(टी)राजनीतिक बहस(टी)राजनीतिक घटनाक्रम(टी)राजनीतिक समाचार(टी)राजनीतिक रणनीति(टी)रचना बनर्जी(टी)क्षेत्रीय राजनीति(टी)टीएमसी(टी)टीएमसी नवीनतम समाचार(टी)टीएमसी विद्रोही एमपी(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)पश्चिम बंगाल समाचार(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति

नेपाल ने चीन के सामने कालापानी-लिपुलेख का मुद्दा उठाया:कहा- भारत के साथ समझौता किस आधार पर हुआ; वांग यी बोले- बातचीत से विवाद सुलझाएं

नेपाल ने चीन के सामने कालापानी-लिपुलेख का मुद्दा उठाया:कहा- भारत के साथ समझौता किस आधार पर हुआ; वांग यी बोले- बातचीत से विवाद सुलझाएं

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात के दौरान कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख विवाद का मुद्दा उठाया। उन्होंने भारत और चीन के बीच लिपुलेख दर्रे के इस्तेमाल को लेकर हुए समझौते पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यह व्यवस्था किस आधार पर बनाई गई और इसकी प्रकृति क्या है। इसके जवाब में वांग यी ने कहा कि यह मूल रूप से भारत और नेपाल के बीच का मामला है और इसका समाधान बातचीत से ही निकलेगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के मुद्दे संबंधित देशों के बीच कूटनीतिक वार्ता के जरिए सुलझाए जाने चाहिए। नेपाल ने दोहराया कि कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख उसके क्षेत्र का हिस्सा हैं। काठमांडू पहले भी नई दिल्ली और बीजिंग को विरोध नोट भेजकर कह चुका है कि उसकी सहमति के बिना इस इलाके से जुड़ा कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा। खनाल ने भारत दौरे पर नहीं उठाया था मुद्दा दिलचस्प बात यह है कि शिशिर खनाल ने हाल की भारत यात्रा के दौरान यह मुद्दा नहीं उठाया था। उस समय उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बातचीत की थी। बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में भी कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख का जिक्र नहीं था। ऐसे में कूटनीतिक हलकों में इस बात पर चर्चा है कि नेपाल ने नई दिल्ली के मुकाबले बीजिंग में ज्यादा सख्त रुख दिखाया। विश्लेषकों का मानना है कि नेपाल दोनों पड़ोसियों के साथ संतुलन बनाए रखते हुए सीमा विवाद को जिंदा रखना चाहता है, लेकिन खुलकर टकराव से भी बचना चाहता है। भारत-नेपाल में 2020 के बाद बढ़ा विवाद कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख को लेकर विवाद कई दशक पुराना है। हालांकि, 2020 में भारत और चीन के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा और व्यापार के लिए लिपुलेख दर्रे के इस्तेमाल पर सहमति बनने के बाद मामला फिर गरमा गया था। नेपाल ने उस समय इसका कड़ा विरोध किया था। उसका कहना था कि यह फैसला उसकी भागीदारी के बिना लिया गया। इसके बाद उसने भारत और चीन दोनों को विरोध पत्र भेजे थे। इसके बावजूद भारत और चीन लगातार इस रास्ते का इस्तेमाल करते रहे हैं। विवाद के बाद कुछ समय के लिए भारत-नेपाल रिश्तों में तनाव बढ़ा था, लेकिन हाल के उच्चस्तरीय दौरों से दोनों देशों के संबंधों में धीरे-धीरे सुधार आया है। दो नदियों से तय हुई भारत-नेपाल की सीमा भारत, नेपाल और चीन सीमा से लगे इस इलाके में हिमालय की नदियों से मिलकर बनी एक घाटी है, जो नेपाल और भारत में बहने वाली काली या महाकाली नदी का उद्गम स्थल है। इस इलाके को कालापानी भी कहते हैं। यहीं पर लिपुलेख दर्रा भी है। यहां से उत्तर-पश्चिम की तरफ कुछ दूरी पर एक और दर्रा है, जिसे लिंपियाधुरा कहते हैं। अंग्रेजों और नेपाल के गोरखा राजा के बीच 1816 में हुए सुगौली समझौते में काली नदी के जरिए भारत और नेपाल के बीच सीमा तय की थी। समझौते के तहत काली नदी के पश्चिमी क्षेत्र को भारत का इलाका माना गया, जबकि नदी के पूर्व में पड़ने वाला इलाका नेपाल का हो गया। काली नदी के उद्गम स्थल, यानी ये सबसे पहले कहां से निकलती है, इसे लेकर दोनों देशों के बीच विवाद रहा है। भारत पूर्वी धारा को काली नदी का उद्गम मानता है। वहीं नेपाल पश्चिमी धारा को उद्गम धारा मानता है और इसी आधार पर दोनों देश कालापानी के इलाके पर अपना-अपना दावा करते हैं। —————————– ये खबर भी पढ़ें…. नेपाल बोला- भारतीय यात्री लिपुलेख से मानसरोवर न जाएं:ये हमारा इलाका; भारत बोला- नेपाल के दावे का कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं नेपाल सरकार ने पिछले महीने भारतीय तीर्थयात्रियों से लिपुलेख के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा न करने की अपील की। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि 1816 की सुगौली संधि के मुताबिक लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी क्षेत्र नेपाल का हिस्सा है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

नेपाल ने चीन के सामने कालापानी-लिपुलेख का मुद्दा उठाया:कहा- भारत के साथ समझौता किस आधार पर; चीन बोला- ये आप दोनों का मामला

नेपाल ने चीन के सामने कालापानी-लिपुलेख का मुद्दा उठाया:कहा- भारत के साथ समझौता किस आधार पर; चीन बोला- ये आप दोनों का मामला

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात के दौरान कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख विवाद का मुद्दा उठाया। उन्होंने भारत और चीन के बीच लिपुलेख दर्रे के इस्तेमाल को लेकर हुए समझौते पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यह व्यवस्था किस आधार पर बनाई गई और इसकी प्रकृति क्या है। इसके जवाब में वांग यी ने कहा कि यह मूल रूप से भारत और नेपाल के बीच का मामला है और इसका समाधान बातचीत से ही निकलेगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के मुद्दे संबंधित देशों के बीच कूटनीतिक वार्ता के जरिए सुलझाए जाने चाहिए। नेपाल ने दोहराया कि कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख उसके क्षेत्र का हिस्सा हैं। काठमांडू पहले भी नई दिल्ली और बीजिंग को विरोध नोट भेजकर कह चुका है कि उसकी सहमति के बिना इस इलाके से जुड़ा कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा। 2020 में हुआ था भारत-चीन समझौता भारत और चीन ने 2020 में लिपुलेख दर्रे के जरिए कैलाश मानसरोवर यात्रा और सीमा पार व्यापार को फिर से शुरू करने पर सहमति बनाई थी। दोनों देशों ने इस मार्ग को तीर्थयात्रा और व्यापार के लिए इस्तेमाल करने की व्यवस्था पर सहमति जताई थी। नेपाल ने उस समय इसका विरोध किया था। काठमांडू का कहना था कि लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा उसके क्षेत्र का हिस्सा हैं, इसलिए उससे बिना राय लिए इस मार्ग को लेकर कोई भी समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसके बाद नेपाल ने भारत और चीन दोनों को राजनयिक विरोध नोट भेजा था। इसके बावजूद भारत और चीन कैलाश मानसरोवर यात्रा और सीमावर्ती व्यापार के लिए इस मार्ग का इस्तेमाल करते रहे हैं। खनाल ने भारत दौरे पर नहीं उठाया था मुद्दा दिलचस्प बात यह है कि शिशिर खनाल ने हाल की भारत यात्रा के दौरान यह मुद्दा नहीं उठाया था। उस समय उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बातचीत की थी। बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में भी कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख का जिक्र नहीं था। ऐसे में कूटनीतिक हलकों में इस बात पर चर्चा है कि नेपाल ने नई दिल्ली के मुकाबले बीजिंग में ज्यादा सख्त रुख दिखाया। विश्लेषकों का मानना है कि नेपाल दोनों पड़ोसियों के साथ संतुलन बनाए रखते हुए सीमा विवाद को जिंदा रखना चाहता है, लेकिन खुलकर टकराव से भी बचना चाहता है। भारत-चीन में लिपुलेख दर्रा से व्यापार शुरू भारत-चीन सीमा पर स्थित लिपुलेख दर्रे से व्यापार दोबारा शुरू होने जा रहा है। गलवान घाटी में 2020 में हुए संघर्ष के बाद यह मार्ग बंद हो गया था। करीब छह साल बाद अब इस रास्ते से व्यापार बहाल करने की तैयारी शुरू हो गई है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले से करीब 300 व्यापारियों के नाम विदेश मंत्रालय को भेजे गए हैं। इन्हें पासपोर्ट और वीजा के बजाय ट्रेड पास के जरिए तिब्बत के तकलाकोट बाजार तक जाने की अनुमति दी जाएगी। इस बार सीमा तक सड़क पहुंचने से व्यापारियों को बड़ा फायदा मिलेगा। पहले सामान घोड़े-खच्चरों के जरिए ले जाया जाता था, लेकिन अब वाहन सीधे सीमा तक पहुंच सकेंगे। इससे व्यापार की लागत और समय दोनों कम होंगे। लिपुलेख दर्रा भारत और तिब्बत के बीच सदियों पुराने व्यापार का हिस्सा रहा है। तिब्बती व्यापारी नमक, ऊन और बोरेक्स लेकर भारत आते थे, जबकि भारतीय व्यापारी कपड़ा, अनाज और मसाले तिब्बत ले जाते थे। 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद यह मार्ग बंद हो गया था। 1991 में दोनों देशों के बीच समझौते के बाद इसे फिर खोला गया था। हालांकि 2020 के गलवान संघर्ष के बाद व्यापारिक गतिविधियां बंद हो गई हुई थीं। दो नदियों से तय हुई भारत-नेपाल की सीमा भारत, नेपाल और चीन सीमा से लगे इस इलाके में हिमालय की नदियों से मिलकर बनी एक घाटी है, जो नेपाल और भारत में बहने वाली काली या महाकाली नदी का उद्गम स्थल है। इस इलाके को कालापानी भी कहते हैं। यहीं पर लिपुलेख दर्रा भी है। यहां से उत्तर-पश्चिम की तरफ कुछ दूरी पर एक और दर्रा है, जिसे लिंपियाधुरा कहते हैं। अंग्रेजों और नेपाल के गोरखा राजा के बीच 1816 में हुए सुगौली समझौते में काली नदी के जरिए भारत और नेपाल के बीच सीमा तय की थी। समझौते के तहत काली नदी के पश्चिमी क्षेत्र को भारत का इलाका माना गया, जबकि नदी के पूर्व में पड़ने वाला इलाका नेपाल का हो गया। काली नदी के उद्गम स्थल, यानी ये सबसे पहले कहां से निकलती है, इसे लेकर दोनों देशों के बीच विवाद रहा है। भारत पूर्वी धारा को काली नदी का उद्गम मानता है। वहीं नेपाल पश्चिमी धारा को उद्गम धारा मानता है और इसी आधार पर दोनों देश कालापानी के इलाके पर अपना-अपना दावा करते हैं। —————————– ये खबर भी पढ़ें…. नेपाल बोला- भारतीय यात्री लिपुलेख से मानसरोवर न जाएं:ये हमारा इलाका; भारत बोला- नेपाल के दावे का कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं नेपाल सरकार ने पिछले महीने भारतीय तीर्थयात्रियों से लिपुलेख के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा न करने की अपील की। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि 1816 की सुगौली संधि के मुताबिक लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी क्षेत्र नेपाल का हिस्सा है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

'वैभव सूर्यवंशी उकसाने पर श्रीलंका के खिलाड़ियों से भिड़े':कोच बोले- गिल, रोहित से लीडरशिप सीख रहे, इकाना में कल इंडिया का मैच

'वैभव सूर्यवंशी उकसाने पर श्रीलंका के खिलाड़ियों से भिड़े':कोच बोले- गिल, रोहित से लीडरशिप सीख रहे, इकाना में कल इंडिया का मैच

भारत और अफगानिस्तान के बीच बुधवार को इकाना स्टेडियम में दूसरा वनडे मैच खेला जाएगा। इससे पहले दोनों ही टीमों ने जमकर पसीना बहाया। प्रैक्टिस सेशन के बाद दोनों टीमों ने बारी-बारी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। भारतीय बॉलिंग कोच साईं राज ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंकाई खिलाड़ियों के बीच इंडिया ए के मैच के विवाद को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। बोले- वैभव बेहद शांत स्वभाव के खिलाड़ी हैं और उन्हें किस तरह उकसाया गया, इसकी पूरी जानकारी नहीं है। हां, उनके साथ मौजूद टीम के वरिष्ठ कोच उन्हें सही मार्गदर्शन देंगे। साईं राज ने कहा कि वैभव अभी युवा हैं और देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। ऐसे में वह इस घटना से सीखेंगे। श्रीलंकाई खिलाड़ियों को भी खेल भावना और व्यवहार के प्रति जागरूक किए जाने की जरूरत है। दूसरे वनडे मुकाबले से पहले कोच ने अपनी रणनीति के संकेत दिए, लेकिन प्लेइंग-11 के पत्ते नहीं खोले। वहीं, अफगानिस्तान की ओर कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए। उन्होंने कहा- यहां का मौसम हमारे लिए काफी मुफीद, इकाना हमारे लिए होम ग्राउंड जैसा है। हम यहां पहले भी प्रैक्टिस करते रहे हैं। प्लेइंग-11 पर दोनों टीमों ने बनाए रखा सस्पेंस दूसरे वनडे के लिए टीम कॉम्बिनेशन को लेकर पूछे गए सवाल पर भारतीय कोच ने कहा कि अंतिम फैसला पिच देखने के बाद लिया जाएगा। कुलदीप यादव को खिलाने के सवाल पर साईं राज ने कहा कि परिस्थितियों को देखते हुए गेंदबाजी लाइनअप तय किया जाएगा। वहीं अफगानिस्तान के कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर अभी सब कुछ बता दिया तो कल मैच खेलने का मजा ही क्या रहेगा। रणनीति जाननी है तो बाद में अकेले में आइए। रोहित शर्मा की लीडरशिप से सीख रहे शुभमन गिल रोहित शर्मा की भूमिका पर साईं राज ने कहा कि वह सिर्फ एक बल्लेबाज नहीं, बल्कि टीम के लिए प्रेरणा और अनुभव का बड़ा स्रोत हैं। उनकी कप्तानी और अनुभव से शुभमन गिल जैसे युवा खिलाड़ियों को काफी फायदा मिल रहा है। उन्होंने केएल राहुल को टीम का अहम खिलाड़ी बताते हुए कहा कि वह किसी भी बल्लेबाजी क्रम में खुद को ढाल सकते हैं और आगामी विश्व कप की योजनाओं में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है। लखनऊ की पिच और परिस्थितियों से अफगानिस्तान वाकिफ अफगानिस्तान के कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने कहा कि इकाना स्टेडियम उनके लिए नया नहीं है। यहां अफगान टीम पहले भी वेस्टइंडीज के खिलाफ और 2023 विश्व कप के दौरान खेल चुकी है। उन्होंने कहा कि लखनऊ की पिच धीमी रहती है और स्पिन गेंदबाजों को मदद मिलती है। हालांकि भारतीय टीम ने यहां उनसे ज्यादा मैच खेले हैं, लेकिन अफगानिस्तान को भी परिस्थितियों का अच्छा अनुभव है और उसी के अनुसार रणनीति बनाई जाएगी। पहले वनडे में लगातार विकेट गंवाना पड़ा भारी पहले वनडे में हार पर शाहिदी ने कहा कि टीम ने अच्छा क्रिकेट खेला, लेकिन नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से नुकसान हुआ। रहमानुल्लाह गुरबाज की शानदार पारी के बावजूद मिडिल ऑर्डर बड़ी साझेदारी नहीं कर पाया। उन्होंने कहा कि टीम ने अपनी गलतियों पर चर्चा की है और दूसरे मुकाबले में बल्लेबाजों के बीच बेहतर साझेदारियां देखने को मिलेंगी। लखनऊ की गर्मी पर बोले- मौसम नहीं, प्रदर्शन पर है पूरा ध्यान धर्मशाला की ठंड के बाद लखनऊ की गर्मी को लेकर भारतीय कोच साईं राज ने कहा कि प्रोफेशनल खिलाड़ियों को हर तरह के मौसम में खेलने की आदत होती है। उनका पूरा ध्यान प्रदर्शन पर है। वहीं शाहिदी ने कहा कि क्रिकेट गर्मी का खेल है और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मौसम को बहाना नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान का जलालाबाद भी लखनऊ की तरह गर्म रहता है और खिलाड़ी हर परिस्थिति के लिए मानसिक रूप से तैयार हैं। जडेजा-अश्विन की बराबरी आसान नहीं भारतीय कोच ने कहा कि रवींद्र जडेजा और आर अश्विन जैसे दिग्गजों की जगह लेना आसान नहीं है। हालांकि मानव सुथार, सारांश जैन और शिवांग जैसे युवा स्पिनरों के लिए यह संक्रमण का दौर है और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अवसर दिए जाएंगे। वहीं अफगान कप्तान ने ऑलराउंडर अजमतुल्लाह उमरजई की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी रिस्ट पोजिशन और स्विंग शानदार है। इसी वजह से वह नई गेंद और डेथ ओवरों में टीम के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहे हैं। शाहिदी बोले- मुश्किल समय में पूरा देश उनके साथ शाहिदी ने बताया कि पहले वनडे से पहले दरविश रसूली के पिता का निधन हो गया था, जिसके कारण वह स्वदेश लौट गए थे। अब वह वापस टीम से जुड़ चुके हैं और अभ्यास सत्र में हिस्सा लिया है। अफगान कप्तान ने कहा कि यह उनके लिए बेहद कठिन समय है, लेकिन पूरी टीम और पूरा देश उनके साथ खड़ा है। …………….. ये खबर भी पढ़ें… लखनऊ में दिखा मोहर्रम का चांद:26 जून को मनाया जाएगा आशूरा; जुलूस मार्ग से हटाए गए रूमी गेट के स्टोन पिलर लखनऊ में मोहर्रम का चांद नजर आ गया है। शिया मरकजी चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास ने बताया कि बुधवार, 17 जून से पहला मोहर्रम होगा। 26 जून को दस मोहर्रम होगी। इसी दिन आशूरा मनाया जाएगा। वहीं सुरक्षा को देखते हुए जुलूस मार्ग से रुमी गेट से स्टोन पिलर हटाए गए हैं। पढ़िए पूरी खबर…

ब्रेकिंग न्यूज़ |नागपुर में धर्मांतरण विवाद छिड़ा, वीएचपी ने मामलों में बढ़ोतरी पर जताई चिंता | न्यूज18

ब्रेकिंग न्यूज़ |नागपुर में धर्मांतरण विवाद छिड़ा, वीएचपी ने मामलों में बढ़ोतरी पर जताई चिंता | न्यूज18

नागपुर में एक परेशान करने वाले मामले से उस समय आक्रोश फैल गया जब एक 24 वर्षीय महिला, जो कथित तौर पर एक रक्षा कर्मी की पत्नी है, ने आरोप लगाया कि उसके पेय में नशीला पदार्थ मिला कर उसका यौन उत्पीड़न किया गया। कथित तौर पर यह घटना वीडियो में कैद हो गई, जिससे दो गिरफ्तारियां हुईं, जबकि पुलिस इस मामले से कथित तौर पर जुड़े एक मौलाना की तलाश जारी रखे हुए है। विहिप ने धर्मांतरण से संबंधित मामलों में बढ़ोतरी पर चिंता जताई है और ऐसे अपराधों की कथित प्रवृत्ति की निंदा की है। यह मामला महिलाओं की सुरक्षा, कथित जबरदस्ती, आपराधिक जवाबदेही और संभावित धर्मांतरण लिंक की जांच पर गंभीर सवाल उठाता है। n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_breaking-newsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 16 जून, 2026, 16:47 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)कथित जबरदस्ती(टी)कथित धर्म परिवर्तन का मामला(टी)ब्रेकिंग न्यूज इंडिया(टी)सीएनएन-न्यूज18(टी)रूपांतरण मामला नागपुर(टी)रूपांतरण के मामले(टी)अपराध समाचार भारत(टी)आपराधिक जांच(टी)रक्षा कर्मी पत्नी(टी)पेय में नशीला पदार्थ(टी)भारत समाचार(टी)ताजा समाचार(टी)महाराष्ट्र समाचार(टी)मौलाना मैनहंट(टी)मौलाना वांटेड(टी)नागपुर हमला मामला(टी)नागपुर मामला(टी)नागपुर पुलिस(टी)नागपुर शॉकर(टी)न्यूज18(टी)धार्मिक रूपांतरण विवाद(टी)यौन उत्पीड़न मामला(टी)दो गिरफ्तार(टी)वीएचपी(टी)विश्व हिंदू परिषद(टी)महिला सुरक्षा

शिंदे के ‘ऑपरेशन टाइगर’ पर चुप रहने पर शिवसेना यूबीटी ने एमपी में दलबदल की चर्चा को खारिज किया | न्यूज18

शिंदे के 'ऑपरेशन टाइगर' पर चुप रहने पर शिवसेना यूबीटी ने एमपी में दलबदल की चर्चा को खारिज किया | न्यूज18

महाराष्ट्र की राजनीति में “ऑपरेशन टाइगर” के बारे में अटकलों के जोर पकड़ने के बीच, शिवसेना यूबीटी ने एमपी के संभावित दल-बदल की चर्चा को खारिज कर दिया है। एकनाथ शिंदे ने कथित ऑपरेशन पर चुप्पी बनाए रखी है, जबकि रिपोर्टों से पता चलता है कि राजनीतिक लड़ाई संख्या के आसपास केंद्रित हो सकती है – शिंदे ने कथित तौर पर 6 सांसदों का लक्ष्य रखा है और उद्धव ठाकरे 9 सांसदों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन लड़ाई अंकगणित से परे मायने रखती है। यह विवाद शिवसेना की संसदीय ताकत, पार्टी पर उद्धव ठाकरे की पकड़, शिंदे की विस्तार रणनीति, गठबंधन की गणना और महाराष्ट्र में राजनीतिक वैधता की बड़ी लड़ाई पर बड़े सवाल उठाता है। n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_breaking-newsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 16 जून, 2026, 16:17 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज इंडिया(टी)सीएनएन-न्यूज18(टी)एकनाथ शिंदे(टी)इंडिया ब्लॉक(टी)भारतीय राजनीति(टी)ताजा राजनीतिक समाचार(टी)महाराष्ट्र समाचार(टी)महाराष्ट्र राजनीति(टी)एमपी दलबदल(टी)एनडीए(टी)न्यूज18(टी)ऑपरेशन टाइगर(टी)राजनीतिक दलबदल(टी)शिवसेना विभाजन(टी)शिंदे का लक्ष्य 6 एमपीएस(टी)शिंदे गुट(टी)शिंदे ऑपरेशन टाइगर(टी)शिवसेना(टी)शिवसेना एमपी दलबदल(टी)शिवसेना विभाजन(टी)शिवसेना यूबीटी(टी)यूबीटी(टी)यूबीटी एमपीएस(टी)उद्धव गुट(टी)उद्धव ने 9 सांसद बचाये(टी)उद्धव ठाकरे

दुबई में प्रॉपर्टी पर 15% तक डिस्काउंट, भुना रहे रईस:टैक्स-फ्री माहौल, इन्वेस्टर-गोल्डन वीसा; 100% विदेशी मालिकाना हक बड़े आकर्षण

दुबई में प्रॉपर्टी पर 15% तक डिस्काउंट, भुना रहे रईस:टैक्स-फ्री माहौल, इन्वेस्टर-गोल्डन वीसा; 100% विदेशी मालिकाना हक बड़े आकर्षण

पश्चिम एशिया में युद्ध के बीच दुबई का रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी मार्केट दिलचस्प तस्वीर पेश कर रहा है। वहां के आम निवेशकों ने इस बाजार में जो जगह खाली की है, उसे भरने के लिए एशिया और यूरोप के रईस (जैसे प्रवासी भारतीय या एनआरआई) आगे आ रहे हैं। वजह साफ है, चुनिंदा प्रॉपर्टी पर 12-15% छूट मिल रही है। साथ ही बाजार में ऐसी डील्स मिल रही हैं, जो एक साल पहले संभव नहीं थी। निसस फाइनेंस के सीएमडी अमित गोयनका के मुताबिक, फौरन डील चाहने वाले विक्रेताओं की वजह से बाजार में नए विकल्प खुले हैं। एनारॉक चैनल पार्टनर्स के सीईओ आयुष पुरी का कहना है कि सामान्य निवेशकों की तादाद जरूर घटी है, लेकिन बड़े खिलाड़ी तैयार और अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स दोनों में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। तनाव के चरम पर दुबई का डीएफएम रियल एस्टेट इंडेक्स सिर्फ पांच दिन में 20% टूट गया था, लेकिन लंबी अवधि के निवेशक इसे संकट नहीं, एंट्री पॉइंट मान रहे हैं। दुबई की असली ताकत उसकी नीतिगत बनावट में है। टैक्स-फ्री माहौल, इन्वेस्टर वीसा, गोल्डन वीसा और 100% विदेशी मालिकाना हक- ये चार खूबियां इसे वैश्विक निवेशकों के लिए स्थायी आकर्षण बनाए रखते हैं। नाइट फ्रैंक इंडिया के सीनियर ईडी गुलाम जिया के मुताबिक, वैश्विक निवेशक मौजूदा प्राइस करेक्शन को एंट्री का मौका मान रहे हैं। खासतौर पर भारतीय एनआरआई के लिए दुबई का टैक्स-फ्री ढांचा और 5-9% नेट रेंटल इनकम बड़ा आकर्षण है। कीमतों की बात करें तो इस साल मार्च में ‘वैल्यूस्ट्रैट होम प्राइस इंडेक्स’ 5.9% टूटा, जो 2020 के बाद पहली मासिक गिरावट है। इसके बावजूद कीमतें 1,980 दिरहम यानी करीब 51,300 रुपए प्रति वर्ग फुट के स्तर पर हैं, जो 12 महीनों में 4.59% बढ़ा है। एटमॉस्फियर लिविंग के एमडी संदीप आहूजा का कहना है कि दुबई का न्यूट्रल हब होना लंबी अवधि के नजरिए से निवेश की दिलचस्पी बनाए रखता है और खरीदार अभी मोलभाव की स्थिति में हैं। आयुष पुरी इसे बाजार का क्रैश नहीं, बल्कि कीमतों का एडजस्टमेंट मानते हैं। गुलाम जिया का अनुमान है कि सेंटिमेंट सुधरते ही बाजार तेजी से स्थिर हो जाएगा। जनवरी-मार्च में ₹4.6 लाख करोड़ के घर बिके दुबई में 2026 की पहली तिमाही में 47,996 डील्स के जरिए 176.7 अरब दिरहम यानी करीब 4.6 लाख करोड़ रुपए के मकानों की बिक्री हो गई। यह सालाना आधार पर वैल्यू में 23.4% और वॉल्यूम (संख्या) में 5.5% की बढ़त है। अमित गोयनका के मुताबिक, संकटग्रस्त विक्रेताओं की वजह से फिलहाल बाजार में एंट्री के ऐसे विकल्प खुले हैं, जो एक साल पहले उपलब्ध नहीं थे।

'किसी के साथ सोओगे नहीं तो रिप्लेस कर देंगे':संचिता उगले सुसाइड केस के बाद एक्ट्रेस आंचल खुराना ने टीवी इंडस्ट्री पर उठाए सवाल

'किसी के साथ सोओगे नहीं तो रिप्लेस कर देंगे':संचिता उगले सुसाइड केस के बाद एक्ट्रेस आंचल खुराना ने टीवी इंडस्ट्री पर उठाए सवाल

22 साल की टीवी एक्ट्रेस संचिता उगले के कथित सुसाइड मामले के बाद एक्ट्रेस आंचल खुराना ने टीवी इंडस्ट्री पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए एक्ट्रेस ने कहा, “एक एक्टर ने सुसाइड कर लिया। चैनल को टीआरपी चाहिए, प्रोड्यूसर को बजट बचाना है और दर्शकों को मनोरंजन चाहिए। लेकिन इसके पीछे क्या आपने कभी सोचा है कि एक एक्टर किन हालातों से गुजरता है?” एक्ट्रेस ने आगे कहा, “एक छोटी सी बात पर रिप्लेसमेंट, किसी के साथ सोओगे नहीं तो रिप्लेसमेंट, किसी से बहस कर लोगे तो रिप्लेसमेंट, सेल्फ-रिस्पेक्ट बचाओगे तो रिप्लेसमेंट।” चैनल को सिर्फ टीआरपी की चिंता है: आंचल आंचल खुराना ने यह भी कहा कि जहां तक चैनल और प्रोड्यूसर्स की बात है, वे सबसे स्वार्थी लोग हैं। उन्हें अपने मुनाफे और फायदे से ऊपर कुछ दिखाई नहीं देता। यकीन मानिए, मेरे साथ भी ऐसा हुआ है। अगर आपका ऑडिशन अच्छा है, आप एक अच्छे परफॉर्मर हैं, तब भी वे आपको सिर्फ 1000 रुपए के लिए रिजेक्ट कर देंगे। 1000 रुपए के लिए। या फिर आप किसी को लाइन नहीं दे रहे हैं। आप किसी के साथ कुछ भी करने के लिए तैयार नहीं हैं। वे आपको रिप्लेस कर देंगे। उनके लिए यह बहुत आसान है। मुश्किल समय में परिवार का सहारा लेने को कहा वीडियो में आंचल ने कलाकारों से कहा कि जब परिस्थितियां बेहद कठिन लगें तो अपने परिवार और घर का सहारा लेना चाहिए। आंचल के अनुसार, वह खुद भी डिप्रेशन और स्ट्रेस के दौर से गुजर चुकी हैं और ऐसे समय में काम से ज्यादा अपनों का साथ अहम होता है। टीवी सीरियल कुमकुम भाग्य से मशहूर हुईं एक्ट्रेस संचिता उगले ने रविवार रात को सुसाइड कर लिया। वे 22 साल की थीं। पुलिस ने बताया कि एक्ट्रेस का शव घर में सीलिंग फैन से लटका मिला। उन्होंने साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगाई। मुंबई पुलिस मीडिया को बताया, ‘हमारी टीम सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची। वहां कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला। घटना के समय वे घर में अकेली थीं। उनके पिता ने बेटी की मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया।’ संचिता अपने माता-पिता के साथ महाराष्ट्र के पालघर में रहती थीं। रविवार शाम करीब 5:30 बजे उनकी बहन अंजली घर से बाहर गई थी। इसी दौरान संचिता ने अपने बेडरूम के सीलिंग फैन से साड़ी के सहारे फांसी लगा ली। परिवार संचिता को महानगरपालिका के तुलिंज अस्पताल लेकर गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वे टीवी सीरियल ‘कुमकुम भाग्य’ के अलावा ‘वागले की दुनिया’ में भी नजर आई थीं। कई टीवी शोज और फिल्मों का हिस्सा रहीं संचिता उगले ने कई टीवी शो और फिल्मों में काम किया। वे लोकप्रिय टीवी शो ‘कुमकुम भाग्य’, ‘वागले की दुनिया’ जैसे कई शो का हिस्सा रह चुकी थीं। आखिरी बार वे दंगल टीवी चैनल के शो ‘साजन घर में’ नजर आई थीं। वे पॉपुलर शो ‘दिलवाली दूल्हा ले जाएगी’ में सौरभ बेदी के साथ लीड रोल में नजर आ चुकी हैं। संचिता ने फिल्म ‘छावा’ में भी काम किया था। इसमें वे ताराबाई के किरदार में नजर आई थीं। फिल्म मुख्य भूमिकाओं में विक्की कौशल और अक्षय खन्ना नजर आए थे। इसके अलावा संचिता ने मनोज बाजपेई के साथ ‘साइलेंस 2: द नाइट आउल बार शूटआउट’ में भी काम किया था। यह खबर भी पढ़ें… हेलिकॉप्टर क्रैश में सिंगर ओलिवर ट्री की मौत:ब्राजील में दो हेलिकॉप्टर टकराए, यूट्यूबर गैस्पी की भी जान गई सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक हेलिकॉप्टर क्रैश में मौत हो गई। वह 32 साल के थे। इस हादसे में कुल छह लोगों की जान चली गई। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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22 साल की टीवी एक्ट्रेस संचिता उगले के कथित सुसाइड मामले के बाद एक्ट्रेस आंचल खुराना ने टीवी इंडस्ट्री पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए एक्ट्रेस ने कहा, “एक एक्टर ने सुसाइड कर लिया। चैनल को टीआरपी चाहिए, प्रोड्यूसर को बजट बचाना है और दर्शकों को मनोरंजन चाहिए। लेकिन इसके पीछे क्या आपने कभी सोचा है कि एक एक्टर किन हालातों से गुजरता है?” एक्ट्रेस ने आगे कहा, “एक छोटी सी बात पर रिप्लेसमेंट, किसी के साथ सोओगे नहीं तो रिप्लेसमेंट, किसी से बहस कर लोगे तो रिप्लेसमेंट, सेल्फ-रिस्पेक्ट बचाओगे तो रिप्लेसमेंट।” चैनल को सिर्फ टीआरपी की चिंता है: आंचल आंचल खुराना ने यह भी कहा कि जहां तक चैनल और प्रोड्यूसर्स की बात है, वे सबसे स्वार्थी लोग हैं। उन्हें अपने मुनाफे और फायदे से ऊपर कुछ दिखाई नहीं देता। यकीन मानिए, मेरे साथ भी ऐसा हुआ है। अगर आपका ऑडिशन अच्छा है, आप एक अच्छे परफॉर्मर हैं, तब भी वे आपको सिर्फ 1000 रुपए के लिए रिजेक्ट कर देंगे। 1000 रुपए के लिए। या फिर आप किसी को लाइन नहीं दे रहे हैं। आप किसी के साथ कुछ भी करने के लिए तैयार नहीं हैं। वे आपको रिप्लेस कर देंगे। उनके लिए यह बहुत आसान है। मुश्किल समय में परिवार का सहारा लेने को कहा वीडियो में आंचल ने कलाकारों से कहा कि जब परिस्थितियां बेहद कठिन लगें तो अपने परिवार और घर का सहारा लेना चाहिए। आंचल के अनुसार, वह खुद भी डिप्रेशन और स्ट्रेस के दौर से गुजर चुकी हैं और ऐसे समय में काम से ज्यादा अपनों का साथ अहम होता है। टीवी सीरियल कुमकुम भाग्य से मशहूर हुईं एक्ट्रेस संचिता उगले ने रविवार रात को सुसाइड कर लिया। वे 22 साल की थीं। पुलिस ने बताया कि एक्ट्रेस का शव घर में सीलिंग फैन से लटका मिला। उन्होंने साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगाई। मुंबई पुलिस मीडिया को बताया, ‘हमारी टीम सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची। वहां कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला। घटना के समय वे घर में अकेली थीं। उनके पिता ने बेटी की मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया।’ संचिता अपने माता-पिता के साथ महाराष्ट्र के पालघर में रहती थीं। रविवार शाम करीब 5:30 बजे उनकी बहन अंजली घर से बाहर गई थी। इसी दौरान संचिता ने अपने बेडरूम के सीलिंग फैन से साड़ी के सहारे फांसी लगा ली। परिवार संचिता को महानगरपालिका के तुलिंज अस्पताल लेकर गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वे टीवी सीरियल ‘कुमकुम भाग्य’ के अलावा ‘वागले की दुनिया’ में भी नजर आई थीं। कई टीवी शोज और फिल्मों का हिस्सा रहीं संचिता उगले ने कई टीवी शो और फिल्मों में काम किया। वे लोकप्रिय टीवी शो ‘कुमकुम भाग्य’, ‘वागले की दुनिया’ जैसे कई शो का हिस्सा रह चुकी थीं। आखिरी बार वे दंगल टीवी चैनल के शो ‘साजन घर में’ नजर आई थीं। वे पॉपुलर शो ‘दिलवाली दूल्हा ले जाएगी’ में सौरभ बेदी के साथ लीड रोल में नजर आ चुकी हैं। संचिता ने फिल्म ‘छावा’ में भी काम किया था। इसमें वे ताराबाई के किरदार में नजर आई थीं। फिल्म मुख्य भूमिकाओं में विक्की कौशल और अक्षय खन्ना नजर आए थे। इसके अलावा संचिता ने मनोज बाजपेई के साथ ‘साइलेंस 2: द नाइट आउल बार शूटआउट’ में भी काम किया था। यह खबर भी पढ़ें… हेलिकॉप्टर क्रैश में सिंगर ओलिवर ट्री की मौत:ब्राजील में दो हेलिकॉप्टर टकराए, यूट्यूबर गैस्पी की भी जान गई सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक हेलिकॉप्टर क्रैश में मौत हो गई। वह 32 साल के थे। इस हादसे में कुल छह लोगों की जान चली गई। पूरी खबर यहां पढ़ें…