Tuesday, 01 Sep 2026 | 01:20 PM

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भाई वैभव सूर्यवंशी की नेट पर प्रैक्टिस करते हैं आशीर्वाद:रोज 6 घंटे मैदान में बहा रहे पसीना; पिता बोले- छोटा बेटा बड़ा किक्रेटर बनेगा

भाई वैभव सूर्यवंशी की नेट पर प्रैक्टिस करते हैं आशीर्वाद:रोज 6 घंटे मैदान में बहा रहे पसीना; पिता बोले- छोटा बेटा बड़ा किक्रेटर बनेगा

‘जैसे मैंने बड़े बेटे वैभव सूर्यवंशी को कामयाब बनाया है, उसी तरह से मैं छोटे बेटे आशीर्वाद सूयवंशी को भी तैयार करूंगा। आशीर्वाद भी वैभव की तरह ही तेज खेलता है। बस अंतर इतना है कि वैभव एक बार में समझ जाता था, इसे बार-बार समझाना पड़ता है। अभी आशीर्वाद बच्चा है, घर में सबका का दुलारा है। धीरे-धीरे मैं उसे भी तैयार कर लूंगा। आशीर्वाद भी देश के लिए खेलेगा।’ ये बातें वैभव सूर्यवंशी के पिता संजीव सूर्यवंशी ने कहीं। दरअसल, 11 साल के आशीर्वाद ने 2 दिन पहले ताजपुर क्रिकेट टूर्नामेंट में 87 गेंदों पर शतक लगाया था। 20 चौके और एक सिक्स मारे थे। इसके अलावा 4 ओवर में 4 विकेट भी लिए। वैभव ने छोटे भाई के पहले शतक को अपने सोशल साइट पर शेयर किया है। जिसके बाद चर्चा होने लगी है कि वैभव के बाद आशीर्वाद भी कम उम्र में IPL में डेव्यू करेगा। आशीर्वाद कितने घंटे मेहनत करते हैं?, उनकी पैक्टिस कहां होती है?, शतक के पाद परिवार और ट्रेनर क्या बोले, पढ़ें रिपोर्ट…. पहले तस्वीरें, जहां आशीर्वाद अपनी पैक्टिस करते हैं वैभव की तरह ही लॉन्ग शॉर्ट लगाता है वैभव के चाचा राजीव सूर्यवंशी कहते हैं कि आशीर्वाद अभी 11 साल का है। अभी क्लास 6 में पढ़ाई करता है। दो दिन पहले ताजपुर क्रिकेट अकादमी की ओर से बघौनी में किक्रेट टूर्नामेंट हुआ था। जिसमें आशीर्वाद ने भी भाग लिया था। जिसमें उसने शानदार प्रदर्शन किया था। अपने भाई वैभव की तरह ही उसने लॉन्ग शॉर्ट लगाए। उसने इतना बढ़िया खेला है कि हमें लगता है कि 2 साल में वो आईपीएल तक चला जाएगा। हर दिन 6 घंटे मेहनत करते हैं आशीर्वाद वैभव के चाचा राजीव सूर्यवंशी कहते हैं कि जिस प्रैक्टिस नेट पर वैभव प्रैक्टिस किया करता था, उसी नेट पर आशीर्वाद भी प्रैक्टिस करता है। आशीर्वाद को उसके पिता संजीव सूर्यवंशी प्रैक्टिस करा रहे हैं। इसके अलावा कुछ युवक भी रहते हैं, जो वैभव की प्रैक्टिस के टाइम भी रहते थे। आशीर्वाद सुबह-शाम करीब 6 घंटे मेहनत करता है। राइट हैंड बैटिंग करता है और तेज रफ्तार बॉलर भी है। दो साल में आशीर्वाद को आईपीएल के लिए तैयार कर लिया जाएगा। जिस तरह से लोकल टूर्नामेंट में उसने प्रदर्शन किया है। परिवार की उम्मीद और बढ़ गई है। आशीर्वाद बड़ा क्रिकेटर बनेगा आशीर्वाद को पैक्टिस कराने वाले रौशन कुमार बताते हैं कि दो दिन पहले टूर्नामेंट में आशीर्वाद को लेकर मैं गया था। वहां उसने बेहतरीन खेला। उसे देखकर ऐसा लग रहा था कि जैसा वैभव अपने बचपन में खेला करता था। उसको देखकर लग रहा था कि आने वाले दिन में आशीर्वाद भी बड़ा क्रिकेटर बनेगा। वो काफी ऊपर तक जाएगा। आशीर्वाद की बदौलत टीम ने 234 रन बनाए आशीर्वाद सूर्यवंशी बिहार में क्रिकेट की ट्रेनिंग ले रहे हैं। वे बड़े भाई वैभव की तरह अटैकिंग बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। आशीर्वाद की शतकीय पारी की बदौलत क्रिकेट अकादमी ताजपुर ने 29.5 ओवर में 4 विकेट पर 234 रन बनाए। टीम के लिए शिवम राज ने 75 गेंदों में 52 रन का योगदान दिया। शतक पूरा करने के बाद आशीर्वाद ने हेलमेट उतारकर जश्न मनाया। उनकी तस्वीरें वायरल हो रही हैं। वैभव तीन भाइयों में मंझले हैं वैभव सूर्यवंशी तीन भाइयों में मंझले हैं। उनके बड़े भाई का नाम उज्ज्वल सूर्यवंशी है, जबकि सबसे छोटे भाई आशीर्वाद सूर्यवंशी हैं। पिता संजीव सूर्यवंशी और मां आरती सूर्यवंशी ने दोनों बेटों के क्रिकेट करियर में अहम भूमिका निभाई है। वैभव सबसे कम उम्र में भारतीय टीम में चुने गए आशीर्वाद के बड़े भाई वैभव सूर्यवंशी इस समय भारतीय क्रिकेट का चर्चित नाम हैं। 6 जून को उनका चयन आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज तथा एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम में हुआ। 15 साल 71 दिन की उम्र में टीम इंडिया में जगह बनाकर वे भारत के लिए चुने जाने वाले सबसे युवा क्रिकेटर बन गए। वैभव ने इस मामले में शेफाली वर्मा और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। शेफाली पहली बार 15 साल 220 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुनी गई थीं, जबकि सचिन को 16 साल 194 दिन की उम्र में राष्ट्रीय टीम में मौका मिला था। IPL में जीती ऑरेंज कैप वैभव इस समय श्रीलंका-A दौरे पर भारतीय टीम के साथ हैं। उन्होंने अब तक दो मैचों में 58 रन बनाए हैं। इससे पहले IPL 2026 में उन्होंने 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की थी। वैभव को मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर, इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द ईयर, सुपर स्ट्राइकर और सबसे ज्यादा छक्के लगाने का पुरस्कार भी मिला था। उन्होंने इसी सीजन 36 गेंदों पर शतक जड़कर नया रिकॉर्ड बनाया था। राजीव सूर्यवंशी ने घर के उत्तर वैभव के प्रैक्टिस नेट की ओर इशारा करते हुए बताया कि यहां वैभव का उसके पिता प्रैक्टिस कराया करते थे। वैभव के आईपीएल और अब टी-20 इंडियन टीम में सलेक्शन के बाद वह ज्यादातर बाहर ही रह रहा है। यहां पर उनके छोटे भाई आशीर्वाद के पिता संजीव सूर्यवंशी के साथ ही परिवार के लोग प्रैक्टिस करा रहे हैं। पैक्टिस कराने वालों में कभी वैभव को बॉलिंग करने वाले युवक भी रहते हैं। सुबह और शाम के समय उसे प्रैक्टिस कराई जा रही है। अभी 5-6 घंटा वह मैदान में पसीना बहाता है। यह दाहिए हाथ का बैट्समैंन और फास्ट बॉलर है। वैभव के स्टाइल में ही तेज खेलता है। लॉग शार्ट लगाता है। अभी कलाई से ज्यादा शॉर्ट लगाता है। चाचा ने बताया कि आने वाले दो सालों में इसे भी आईपीएल के लिए तैयार कर लिया जाएगा। जिस तरह से लोकल टूर्नामेंट में इसने प्रदर्शन किया है। उससे परिवार की उम्मीद और बढ गई है। आशीर्वाद ताजपुर के एक निजी स्कूल में वर्ग सिक्स का छात्र है। पढाई के साथ ही खेल में समय दे रहा है। कम उम्र में वैभव सूर्यवंशी के बाद उनका छोटा भाई आशीर्वाद सूर्यवंशी ने लोकल क्रिकेट टूर्नामेंट में शतक लगा कर भौकाल मचा दिया है। दस सालों के आशीर्वाद ने ताजपुर क्रिकेट अकादमी द्वारा बघौनी में आयोजित टूर्नामेंट में 87 गेंदों पर शतक लगाया है। और तो और इसमें 20 चौका और एक छक्का शामिल है। इसके साथ ही उसने चार ओवर

“जाओ पीएम मोदी को गले लगाओ!” | पिनाराई विजयन ने राहुल गांधी की “नो हग” टिप्पणी पर पलटवार किया | ब्रेकिंग | न्यूज18

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पीएम मोदी पर संजय राउत की ‘औरंगजेब’ टिप्पणी पर भड़की बीजेपी: ‘वे पागल हो गए हैं’ | भारत समाचार

Scotland Vs Ireland Live Score: Follow latest updates from ICC Women T20 World Cup 2026. (Picture Credit: ICC)

आखरी अपडेट:13 जून, 2026, 16:28 IST राउत ने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि उनका जन्म उसी भूमि पर हुआ है जहां मुगल बादशाह औरंगजेब का जन्म हुआ था, जिस पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना मुगल बादशाह औरंगजेब से करके राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया, जिस पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। राउत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा, “भारतीय राजनीति में ऐसा ‘अघोरी’ व्यक्ति कभी पैदा नहीं हुआ। इतना क्रूर व्यक्ति कभी पैदा नहीं हुआ।” वीडियो | पुणे, महाराष्ट्र: एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, शिव सेना (यूबीटी) नेता संजय राउत कहते हैं, “इस देश ने जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री, पीवी नरसिम्हा राव, राजीव गांधी, बीआर अंबेडकर और बाल ठाकरे जैसे महान नेता पैदा किए हैं। ऐसे महान… pic.twitter.com/e4h7J6Ceme– प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 13 जून, 2026 “इस देश ने जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री, पीवी नरसिम्हा राव, राजीव गांधी, बीआर अंबेडकर और बाल ठाकरे जैसे महान नेता पैदा किए हैं। ऐसे महान नेता इस देश की मिट्टी से पैदा हुए थे। लेकिन जब मैं नरेंद्र मोदी के पूरे चरित्र को देखता हूं, तो मुझे चिंता होती है। वह उसी मिट्टी से आते हैं जहां से औरंगजेब का जन्म हुआ था। औरंगजेब का जन्म गुजरात में हुआ था, है ना?” उन्होंने टिप्पणी की. चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में अवीक बनर्जी अवीक बनर्जी News18 में वरिष्ठ उप संपादक हैं। ग्लोबल स्टडीज में मास्टर की डिग्री के साथ नोएडा में रहने वाले अवीक के पास डिजिटल मीडिया और न्यूज क्यूरेशन में तीन साल से अधिक का अनुभव है, जो कि अंतर्राष्ट्रीय विषयों में विशेषज्ञता रखते हैं…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया पीएम मोदी पर संजय राउत की ‘औरंगजेब’ टिप्पणी पर भड़की बीजेपी: ‘वे पागल हो गए हैं’ अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)संजय राउत मोदी औरंगजेब टिप्पणी(टी)संजय राउत विवाद(टी)नरेंद्र मोदी तुलना(टी)औरंगजेब संदर्भ(टी)शिवसेना यूबीटी(टी)बीजेपी प्रतिक्रिया(टी)भारतीय राजनीति विवाद(टी)राजनीतिक तूफान भारत

‘मैं ममता के साथ रहूंगा’: कल्याण बनर्जी ने अभिषेक के साथ सुलह का संकेत दिया, विद्रोहियों पर निशाना साधा | भारत समाचार

India vs Afghanistan Live Score: Follow latest updates from the 1st ODI. (PTI Photo)

आखरी अपडेट:13 जून, 2026, 12:37 IST कल्याण बनर्जी ने स्पष्ट किया कि वह मौजूदा संकट के बावजूद ममता के साथ बने रहेंगे, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी का प्राथमिक ध्यान भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए से मुकाबला करना है। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी (बाएं) ने अभिषेक बनर्जी पर तृणमूल कांग्रेस को नष्ट करने का आरोप लगाया था। (पीटीआई छवि) अनुभवी तृणमूल कांग्रेस नेता कल्याण बनर्जी ने टीएमसी के भीतर चल रहे विद्रोह के बीच पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी का समर्थन किया है, और काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाले सांसदों के विद्रोही गुट पर तीखा हमला किया है। से बात हो रही है सीएनएन-न्यूज18कल्याण बनर्जी ने यह स्पष्ट कर दिया कि वह मौजूदा संकट के बावजूद ममता के साथ बने रहेंगे, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी का प्राथमिक ध्यान भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से मुकाबला करना है। उन्होंने टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी को पहले “भ्रष्ट” कहने के बाद उनके साथ सुलह का संकेत देते हुए कहा, “मैंने अभिषेक को बड़े होते देखा है। उन्होंने कहा है कि मैं उन्हें चीजें बता सकता हूं, तो ठीक है। अब हमें एनडीए के खिलाफ लड़ना है।” टीएमसी संकट लाइव अपडेट अभिषेक बनर्जी ने कल्याण बनर्जी की हालिया टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “कल्याण बनर्जी मुझसे बड़े हैं। उन्हें अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है। उन्होंने मुझे बचपन से देखा है। मैं उनके खिलाफ कुछ नहीं बोलूंगा।” कल्याण बनर्जी – टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के भरोसेमंद सहयोगी और पार्टी के प्रमुख चेहरों में से एक – विद्रोही हो गए क्योंकि उन्होंने उनके भतीजे अभिषेक पर पार्टी को नष्ट करने और अपमानित करने का आरोप लगाया। टीएमसी सांसद ने पार्टी के भीतर विभिन्न शक्ति केंद्रों के बीच संबंधों पर नए सिरे से ध्यान आकर्षित करते हुए, ममता बनर्जी को या तो उन्हें या अभिषेक बनर्जी को चुनने का अल्टीमेटम दिया। कल्याण बनर्जी ने ‘अवसरवादी’ विद्रोहियों पर निशाना साधा वरिष्ठ टीएमसी सांसद ने पार्टी के भीतर एक अलग गुट बनाने वाले बागी सांसदों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विकास के लिए काम करने के उनके दावों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या वे उन लोगों से जुड़े रहे हैं जिन्होंने उन्हें चुना था। “ये लोग जो ब्लॉक बना रहे हैं, क्या वे कभी अपने निर्वाचन क्षेत्र में गए हैं? काकोली घोष दस्तीदार अपने निर्वाचन क्षेत्र में क्यों नहीं जा रही हैं?” उसने पूछा. कल्याण ने कहा कि पार्टी उन लोगों के साथ अपनी राजनीतिक लड़ाई जारी रखेगी जो तृणमूल कांग्रेस के प्रति वफादार रहेंगे। उन्होंने कहा, “वे सभी अवसरवादी हैं। हमारे पास जो लोग हैं हम उनसे लड़ेंगे।” उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ हालिया पुलिस कार्रवाई की भी आलोचना की. तलाशी और जांच का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाला प्रशासन विपक्षी हस्तियों को निशाना बनाने के लिए राज्य एजेंसियों का इस्तेमाल कर रहा है। उनकी टिप्पणी तब आई है जब टीएमसी एक व्यापक संकट का सामना कर रही है जिसने उसके राजनीतिक भविष्य के बारे में संदेह पैदा कर दिया है। संसदीय स्तर पर काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया है कि करीब 20 सांसद एनडीए में शामिल होने के इच्छुक हैं. चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में कमालिका सेनगुप्ता कमलिका सेनगुप्ता CNN-News18 / News18.com में संपादक (पूर्व) हैं, जो राजनीति, रक्षा और महिलाओं के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करती हैं। वह एक अनुभवी मल्टीमीडिया पत्रकार हैं जिनके पास रिपोर्टिंग का 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया ‘मैं ममता के साथ रहूंगा’: कल्याण बनर्जी ने अभिषेक के साथ सुलह का संकेत दिया, विद्रोहियों पर निशाना साधा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट) कल्याण बनर्जी टीएमसी(टी)ममता बनर्जी(टी)तृणमूल कांग्रेस विद्रोह(टी)टीएमसी आंतरिक दरार(टी)काकोली घोष दस्तीदार विद्रोही गुट(टी)अभिषेक बनर्जी(टी)ममता बनर्जी नेतृत्व(टी)एनडीए के खिलाफ लड़ाई(टी)बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए

चीन में जमीन पर गिरकर हैलिकॉप्टर चरखी जैसा घूमता रहा:2 टुकड़ों में टूटा, सीट बेल्ट ने बचाई कॉकपिट में फंसे पायलटों की जान

चीन में जमीन पर गिरकर हैलिकॉप्टर चरखी जैसा घूमता रहा:2 टुकड़ों में टूटा, सीट बेल्ट ने बचाई कॉकपिट में फंसे पायलटों की जान

चीन में हेलिकॉप्टर क्रैश का एक वीडियो सामने आया है। इसमें एक हेलिकॉप्टर खेत में क्रैश होकर दो हिस्से में टूट गया, इसके बावजूद उसके रोटर ब्लेड तेज रफ्तार में काफी देर तक घूमते रहे। कॉकपिट के अंदर फंसे पायलट और उसका साथी इधर-उधर झटके खाते रहे। एक पायलट तो हेलिकॉप्टर के दरवाजे से आधा बाहर लटका हुआ था। वह कई बार जमीन और हेलिकॉप्टर के किनारे से टकराया। पास की सड़क पर मौजूद लोग यह सब देखकर इकट्ठा हो गए, लेकिन हेलिकॉप्टर के रोटर ब्लेड लगातार घूम रहे थे, इसलिए कोई भी उनकी मदद के लिए आगे नहीं बढ़ सका। दोनों पायलटों की जान सीट बेल्ट की वजह से बच गई। द सन की रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना चीन के वुजिन शहर में गुरुवार दोपहर 2 बजे हुई। 3 तस्वीरों में देखिए पूरा घटनाक्रम… एक डिस्चार्ज हुआ दूसरा अब भी अस्पताल में भर्ती हादसे की सूचना मिलते ही आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं। दोनों घायलों को अस्पताल ले जाया गया। इनमें से एक व्यक्ति को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि दूसरा अभी डॉक्टरों की निगरानी में है। राहत की बात यह है कि किसी की भी हालत जानलेवा नहीं बताई गई है। हेलिकॉप्टर हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। यह घटना चीन में हाल के कुछ साल में सामने आई कई विमान दुर्घटनाओं की कड़ी में एक और मामला है। पिछले साल एक मशहूर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर तांग फेइजी की लाइवस्ट्रीम के दौरान मौत हो गई थी। उनका अल्ट्रालाइट विमान अचानक आसमान से नीचे गिर गया था। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। रिपोर्टों के मुताबिक उस समय उन्होंने न तो हेलमेट पहना था और न ही पैराशूट। तांग फेइजी इससे पहले भी तकनीकी खराबी के कारण दो विमान हादसों से बच चुके थे, जिनमें एक दुर्घटना ईंधन मापने वाले उपकरण में खराबी की वजह से हुई थी। —————————— हेलिकॉप्टर क्रैश से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें PoK में पाकिस्तानी सेना का हेलिकॉप्टर क्रैश:21 सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने की खबर, दावा- प्रदर्शन रोकने के लिए जा रहे थे सैनिक पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सेना का एक MI-17 हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा मुजफ्फराबाद के पास उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद हुआ। हेलिकॉप्टर में सवार सभी 21 सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने की खबर है। पूरी खबर पढ़ें

चीन में जमीन पर गिरकर हैलिकॉप्टर चरखी जैसा घूमता रहा:2 टुकड़ों में टूटा, सीट बेल्ट ने बचाई कॉकपिट में फंसे पायलटों की जान

चीन में जमीन पर गिरकर हैलिकॉप्टर चरखी जैसा घूमता रहा:2 टुकड़ों में टूटा, सीट बेल्ट ने बचाई कॉकपिट में फंसे पायलटों की जान

चीन में हेलिकॉप्टर क्रैश का एक वीडियो सामने आया है। इसमें एक हेलिकॉप्टर खेत में क्रैश होकर दो हिस्से में टूट गया, इसके बावजूद उसके रोटर ब्लेड तेज रफ्तार में काफी देर तक घूमते रहे। कॉकपिट के अंदर फंसे पायलट और उसका साथी इधर-उधर झटके खाते रहे। एक पायलट तो हेलिकॉप्टर के दरवाजे से आधा बाहर लटका हुआ था। वह कई बार जमीन और हेलिकॉप्टर के किनारे से टकराया। पास की सड़क पर मौजूद लोग यह सब देखकर इकट्ठा हो गए, लेकिन हेलिकॉप्टर के रोटर ब्लेड लगातार घूम रहे थे, इसलिए कोई भी उनकी मदद के लिए आगे नहीं बढ़ सका। दोनों पायलटों की जान सीट बेल्ट की वजह से बच गई। द सन की रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना चीन के वुजिन शहर में गुरुवार दोपहर 2 बजे हुई। 3 तस्वीरों में देखिए पूरा घटनाक्रम… एक डिस्चार्ज हुआ दूसरा अब भी अस्पताल में भर्ती हादसे की सूचना मिलते ही आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं। दोनों घायलों को अस्पताल ले जाया गया। इनमें से एक व्यक्ति को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि दूसरा अभी डॉक्टरों की निगरानी में है। राहत की बात यह है कि किसी की भी हालत जानलेवा नहीं बताई गई है। हेलिकॉप्टर हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। यह घटना चीन में हाल के कुछ साल में सामने आई कई विमान दुर्घटनाओं की कड़ी में एक और मामला है। पिछले साल एक मशहूर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर तांग फेइजी की लाइवस्ट्रीम के दौरान मौत हो गई थी। उनका अल्ट्रालाइट विमान अचानक आसमान से नीचे गिर गया था। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। रिपोर्टों के मुताबिक उस समय उन्होंने न तो हेलमेट पहना था और न ही पैराशूट। तांग फेइजी इससे पहले भी तकनीकी खराबी के कारण दो विमान हादसों से बच चुके थे, जिनमें एक दुर्घटना ईंधन मापने वाले उपकरण में खराबी की वजह से हुई थी। —————————— हेलिकॉप्टर क्रैश से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें PoK में पाकिस्तानी सेना का हेलिकॉप्टर क्रैश:21 सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने की खबर, दावा- प्रदर्शन रोकने के लिए जा रहे थे सैनिक पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सेना का एक MI-17 हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा मुजफ्फराबाद के पास उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद हुआ। हेलिकॉप्टर में सवार सभी 21 सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने की खबर है। पूरी खबर पढ़ें

हरियाणा CM सैनी कंगना रनोट संग देखेंगे मूवी:एक दिन पहले दिल्ली में मुलाकात पर बना प्लान; BBV के स्पेशल शो में पहुंचेंगे

हरियाणा CM सैनी कंगना रनोट संग देखेंगे मूवी:एक दिन पहले दिल्ली में मुलाकात पर बना प्लान; BBV के स्पेशल शो में पहुंचेंगे

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार शाम अभिनेत्री और सांसद कंगना रनोट के साथ उनकी नई फिल्म भारत भाग्य विधाता (BBV) का विशेष प्रदर्शन देखेंगे। मुख्यमंत्री और कंगना चंडीगढ़ में आयोजित शाम के शो में एक साथ मौजूद रहेंगे। बता दें कि एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री सैनी और कंगना की दिल्ली में मुलाकात हुई थी। इस दौरान दोनों के बीच फिल्म और विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई थी। सूत्रों के अनुसार, उसी मुलाकात के दौरान फिल्म के विशेष प्रदर्शन को लेकर भी चर्चा हुई थी। फिल्म में कंगना का लीड रोल फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ में कंगना रनोट मुख्य भूमिका में नजर आ रही हैं। फिल्म देशभक्ति, नेतृत्व और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर आधारित बताई जा रही है। रिलीज के बाद फिल्म को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा बनी हुई है। मुख्यमंत्री सैनी का यह कार्यक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि हाल के वर्षों में हरियाणा सरकार राज्य में फिल्म निर्माण और मनोरंजन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई पहल कर चुकी है। ऐसे में मुख्यमंत्री का किसी फिल्म के विशेष प्रदर्शन में शामिल होना सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के नजरिए से भी देखा जा रहा है। इसलिए हो रही चर्चा राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कंगना रनोट न केवल फिल्म जगत की चर्चित हस्ती हैं, बल्कि सांसद होने के कारण उनकी राजनीतिक पहचान भी मजबूत हुई है। ऐसे में मुख्यमंत्री और कंगना का एक साथ फिल्म देखना स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन गया है। मुख्यमंत्री नायब सैनी शुक्रवार को दिल्ली दौरे पर थे। इस दौरान उनकी कंगना रनोट से मुलाकात हुई। दोनों की तस्वीरें और मुलाकात की जानकारी सामने आने के बाद राजनीतिक और फिल्मी गलियारों में इसकी चर्चा शुरू हो गई थी। अब अगले ही दिन चंडीगढ़ में फिल्म के विशेष शो में दोनों की मौजूदगी इस चर्चा को और बढ़ा रही है।

हरियाणा CM सैनी कंगना रनोट संग देखेंगे मूवी:एक दिन पहले दिल्ली में मुलाकात पर बना प्लान; BBV के स्पेशल शो में पहुंचेंगे

हरियाणा CM सैनी कंगना रनोट संग देखेंगे मूवी:एक दिन पहले दिल्ली में मुलाकात पर बना प्लान; BBV के स्पेशल शो में पहुंचेंगे

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार शाम अभिनेत्री और सांसद कंगना रनोट के साथ उनकी नई फिल्म भारत भाग्य विधाता (BBV) का विशेष प्रदर्शन देखेंगे। मुख्यमंत्री और कंगना चंडीगढ़ में आयोजित शाम के शो में एक साथ मौजूद रहेंगे। बता दें कि एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री सैनी और कंगना की दिल्ली में मुलाकात हुई थी। इस दौरान दोनों के बीच फिल्म और विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई थी। सूत्रों के अनुसार, उसी मुलाकात के दौरान फिल्म के विशेष प्रदर्शन को लेकर भी चर्चा हुई थी। फिल्म में कंगना का लीड रोल फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ में कंगना रनोट मुख्य भूमिका में नजर आ रही हैं। फिल्म देशभक्ति, नेतृत्व और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर आधारित बताई जा रही है। रिलीज के बाद फिल्म को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा बनी हुई है। मुख्यमंत्री सैनी का यह कार्यक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि हाल के वर्षों में हरियाणा सरकार राज्य में फिल्म निर्माण और मनोरंजन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई पहल कर चुकी है। ऐसे में मुख्यमंत्री का किसी फिल्म के विशेष प्रदर्शन में शामिल होना सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के नजरिए से भी देखा जा रहा है। इसलिए हो रही चर्चा राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कंगना रनोट न केवल फिल्म जगत की चर्चित हस्ती हैं, बल्कि सांसद होने के कारण उनकी राजनीतिक पहचान भी मजबूत हुई है। ऐसे में मुख्यमंत्री और कंगना का एक साथ फिल्म देखना स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन गया है। मुख्यमंत्री नायब सैनी शुक्रवार को दिल्ली दौरे पर थे। इस दौरान उनकी कंगना रनोट से मुलाकात हुई। दोनों की तस्वीरें और मुलाकात की जानकारी सामने आने के बाद राजनीतिक और फिल्मी गलियारों में इसकी चर्चा शुरू हो गई थी। अब अगले ही दिन चंडीगढ़ में फिल्म के विशेष शो में दोनों की मौजूदगी इस चर्चा को और बढ़ा रही है।

हरियाणवी सॉन्ग 'कॉलेज वाली छोरी' पर विवाद:कंडक्टर बोले- लड़कियों के लिए गलत शब्द कहे; एक्टर ने कहा- फेमस हुआ, इसलिए कॉन्ट्रोवर्सी कर रहे

हरियाणवी सॉन्ग 'कॉलेज वाली छोरी' पर विवाद:कंडक्टर बोले- लड़कियों के लिए गलत शब्द कहे; एक्टर ने कहा- फेमस हुआ, इसलिए कॉन्ट्रोवर्सी कर रहे

हरियाणवी सॉन्ग “कॉलेज वाली छोरी” को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हरियाणा रोडवेज के हिसार डिपो के कंडक्टरों ने सॉन्ग पर आपत्ति जताते हुए सिटी थाना हिसार में लिखित शिकायत दी है। शिकायत की एक कॉपी हरियाणा राज्य महिला आयोग को भी भेजी गई है। कंडक्टरों का आरोप है कि सॉन्ग में उनकी नौकरी और कॉलेज जाने वाली छात्राओं को लेकर आपत्तिजनक व भ्रामक शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे उनकी सामाजिक छवि प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि यह गाना समाज में गलत संदेश दे रहा है। इस सॉन्ग को सोमबीर खटक ने गाया है, जबकि इसमें नवीन नारू और सोनिका सिंह ने एक्टिंग की है। गाना नवीन नारू के यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया है, जिसे अब तक एक लाख से अधिक बार देखा और सुना जा चुका है। विवाद बढ़ने के बाद नवीन नारू ने दैनिक भास्कर से बातचीत में सभी आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा, “यह केवल मनोरंजन के उद्देश्य से बनाया गया हरियाणवी सॉन्ग है। किसी वर्ग, पेशे या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का हमारा कोई इरादा नहीं था। सॉन्ग फेमस हो गया है, इसलिए कुछ लोग इसे लेकर विवाद खड़ा कर रहे हैं।” पहले जानिए कंडक्टरों ने शिकायत में क्या कहा… कंडक्टरों की सामाजिक छवि खराब हुई हरियाणा रोडवेज हिसार डिपो के कंडक्टरों ने अपनी शिकायत में कहा है कि यूट्यूब पर रिलीज हुए हरियाणवी सॉन्ग “कॉलेज वाली छोरी” में कंडक्टर के पद को लेकर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है। उनकी बहन-बेटियां भी कॉलेजों में पढ़ती हैं और सॉन्ग में छात्राओं के बारे में भी गलत तरीके से पेश किया। उनकी सामाजिक छवि प्रभावित हुई है। सॉन्ग बनाने वालों पर कार्रवाई की जाए कंडक्टरों का आरोप है कि इस सॉन्ग से समाज में रोडवेज कर्मचारियों और कॉलेज छात्राओं को लेकर गलत संदेश जा रहा है। इससे इस गाने को यूट्यूब से हटाने तथा इसके लेखक, निर्देशक और सिंगर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। यदि ऐसे गानों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आम लोगों के मन में रोडवेज कर्मचारियों के प्रति गलत धारणा बन सकती है। इसलिए प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप कर उनकी साफ-सुथरी छवि की रक्षा करनी चाहिए। अध्यक्ष बोले- सॉन्ग में भिवानी डिपो की बस दिखाई सांझा संघर्ष समिति हिसार के बैनर तले विभिन्न यूनियनों के आठ पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से यह शिकायत दी है। समिति के अध्यक्ष जितेंद्र शर्मा ने बताया कि सॉन्ग में भिवानी डिपो की बस दिखाई गई है। इस संबंध में भिवानी डिपो के जनरल मैनेजर (GM) से भी संपर्क किया जाएगा। कंडक्टरों की छवि को लेकर अलग-अलग जिलों में भी शिकायतें दी जा रही हैं। ——————————————-इन लिरिक्स पर हो रहा विवाद स्लाइड—————————- सॉन्ग में एक्टिव करने वाले नवीन नारू ने क्या कहा, जानिए सॉन्ग केवल मनोरंजन के लिए बनाया सॉन्ग में एक्टिंग करने वाले नवीन नारू ने कहा- पारिवारिक परिस्थितियों के चलते मैं कुछ सालों से इंडस्ट्री से दूर था। अब दोबारा वापसी के बाद मेरा यह सॉन्ग काफी फेमस हुआ और लोग इस पर बड़ी संख्या में रील बना रहे हैं। कुछ लोगों को सॉन्ग की लोकप्रियता रास नहीं आ रही और वे रोडवेज कर्मचारियों के माध्यम से इसे विवाद का रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। सॉन्ग की शूटिंग हिसार में हुई थी। सोनिका सिंह ने कॉलेज छात्रा की भूमिका निभाई है। पूछा- एक कंडक्टर क्या प्यार नहीं कर सकता नारू ने कहा- हरियाणा में किसी लड़की से प्रेम होने को आम बोलचाल में “सेट होना” कहा जाता है। यदि यही सॉन्ग उत्तर प्रदेश की बोली में बनाया जाता तो उसे “कॉलेज वाली छोरी ने प्यार हो गया कंडक्टर तै” के रूप में गाया जाता। यह पूरी तरह मनोरंजन के लिए बनाया गया गाना है और इसमें किसी वर्ग को नीचा दिखाने का प्रयास नहीं किया गया। क्या एक कंडक्टर प्यार नहीं कर सकता? इससे पहले भी कई सॉन्ग आए हैं, जिनमें “भाभी तू पटोला” और “बन जा तू मेरी सॉलिड बॉडी” जैसे बोल रहे हैं। बॉलीवुड में भी “चोली के पीछे क्या है” जैसे सॉन्ग आए, लेकिन क्या उनसे कभी माहौल खराब हुआ? विरोध करने वालों को कॉलेजों का माहौल दिखाना चाहिए नवीन नारू ने कहा- जो लोग यह कह रहे हैं कि इस सॉन्ग से माहौल खराब हो रहा है, उन्हें पहले कॉलेजों का वास्तविक माहौल भी देखना चाहिए। कॉलेजों में क्या स्थिति है, यह किसी से छिपी नहीं है। हरियाणवी इंडस्ट्री के कुछ लोग जानबूझकर इस सॉन्ग का विरोध करवा रहे हैं। कुछ कंडक्टरों के साथ इंडस्ट्री के लोगों की अच्छी पहचान है। कोई धरने पर नहीं बैठा। कुछ लोग अपने निजी कार्यों के लिए बैठे हुए थे और वहीं से विरोध की बात सामने आई। नवीन नारू ने कहा कि हमारे परिवार में भी तीन से चार लोग कंडक्टर हैं। उन्होंने इस सॉन्ग की सराहना की है। यदि किसी को सॉन्ग के किसी हिस्से पर आपत्ति है तो वह स्पष्ट रूप से बताए कि उसमें आपत्तिजनक क्या है। ——————–कौन हैं नवीन नारू स्लाइड————————————

मदर शिप पर लौटें? कैसे टीएमसी संकट और पवार के खेल ने कांग्रेस के लिए ‘घर वापसी’ की बात छेड़ दी | भारत समाचार

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आखरी अपडेट:12 जून, 2026, 19:32 IST इस नए सिरे से अटकलों का प्राथमिक उत्प्रेरक तृणमूल कांग्रेस पर गहराता अस्तित्व का संकट है जैसे-जैसे कांग्रेस सफलतापूर्वक खुद को विपक्षी गुट के निर्विवाद केंद्र के रूप में फिर से स्थापित कर रही है, स्टैंडअलोन क्षेत्रीय दलों की सौदेबाजी की शक्ति धीरे-धीरे कम हो रही है। फ़ाइल चित्र/पीटीआई भारत के विपक्षी खेमे के भीतर एक नाटकीय एकजुटता की फुसफुसाहट तेज हो गई है, जिससे व्यापक अटकलें शुरू हो गई हैं कि क्या ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-शरदचंद्र पवार) जैसी क्षेत्रीय शाखाएं अंततः कांग्रेस में लौट आएंगी। राजनीतिक परिदृश्य तेजी से बदल गया है, जो मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल में टीएमसी के पुराने समर्थकों में आए अभूतपूर्व आंतरिक संकट और राष्ट्रीय स्तर पर एक पुनर्जीवित कांग्रेस को आगे बढ़ाने की रणनीतिक वास्तविकताओं से प्रेरित है। दशकों तक, बनर्जी और पवार दोनों ने वैचारिक और नेतृत्व घर्षण के कारण सबसे पुरानी पार्टी से अलग होने के बाद शक्तिशाली प्रांतीय साम्राज्य बनाए। हालाँकि, राजनीतिक परिदृश्य एक दुर्जेय सत्तारूढ़ गठबंधन का मुकाबला करने के लिए पूर्ण संरचनात्मक एकता की मांग कर रहा है, औपचारिक विलय या उच्च एकीकृत संस्थागत घर वापसी के विचार को अब केवल राजनीतिक कल्पना के रूप में खारिज नहीं किया जाता है। तृणमूल का इम्तिहान इस नए सिरे से अटकलों का प्राथमिक उत्प्रेरक तृणमूल कांग्रेस पर गहराता अस्तित्व का संकट है। पार्टी वर्तमान में एक कड़वे पीढ़ीगत युद्ध से खंडित हो गई है, जिसमें अनुभवी वफादार राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराधिकारी अभिषेक बनर्जी के ऊपर से नीचे, कॉर्पोरेट-शैली के कामकाज के खिलाफ खुलेआम विद्रोह कर रहे हैं। आंतरिक विद्रोह इतने चरम पर पहुंच गया है कि वरिष्ठ नेताओं ने कथित तौर पर ममता बनर्जी को अल्टीमेटम दिया है, जिससे उन्हें बुनियादी कैडर और अपने भतीजे के नेतृत्व के बीच चयन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। राजनीतिक विश्लेषक टीएमसी की मौजूदा उथल-पुथल और ऐतिहासिक “जी-23” विद्रोह के बीच सीधी समानताएं खींच रहे हैं, जिसने कभी कांग्रेस को परेशान किया था। जिस तरह सोनिया गांधी ने दिग्गज दिग्गजों की शिकायतों पर परिवार की वफादारी को प्राथमिकता दी, उसी तरह ममता बनर्जी राजनीतिक व्यावहारिकता पर खून को हावी होने देना चाहती हैं। इस आंतरिक टूट-फूट ने टीएमसी के आंतरिक स्थायित्व को कमजोर कर दिया है, जिससे व्यापक विपक्षी गठबंधन के भीतर बैकचैनल चर्चा शुरू हो गई है कि कांग्रेस के साथ अंततः अभिसरण वह संरचनात्मक स्थिरता प्रदान कर सकता है जिसकी क्षेत्रीय संगठन को अपने आंतरिक पतन से बचने के लिए सख्त जरूरत है। शरद पवार की दीर्घकालिक उत्तराधिकार रणनीति इसके साथ ही, अनुभवी रणनीतिकार शरद पवार के नेतृत्व वाले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी गुट को अपने स्वयं के संरचनात्मक गणित का सामना करना पड़ रहा है। अपने (दिवंगत) भतीजे अजीत पवार के साथ कड़वे विभाजन के बाद, वरिष्ठ पवार ने सफलतापूर्वक अपना जमीनी समर्थन मजबूत कर लिया है, फिर भी उनके गुट का दीर्घकालिक संस्थागत अस्तित्व एक व्यापक राष्ट्रीय आधार पर टिका हुआ है। टीएमसी के विपरीत, वर्तमान कांग्रेस नेतृत्व के साथ पवार के रिश्ते असाधारण रूप से मधुर हो गए हैं, दोनों पार्टियां एक-दूसरे के साथ मिलकर काम कर रही हैं। अंदरूनी सूत्रों का सुझाव है कि दीर्घकालिक राजनीतिक इंजीनियरिंग में माहिर पवार, कांग्रेस के साथ क्रमिक संस्थागत एकीकरण को अपनी राजनीतिक विरासत की रक्षा करने और अपने चुने हुए उत्तराधिकारी सुप्रिया सुले के लिए सत्ता का सुचारु परिवर्तन सुनिश्चित करने का एक सुरक्षित तरीका मानते हैं। अपने वफादार महाराष्ट्र आधार को भव्य पुरानी पार्टी में वापस मिलाकर, वह राष्ट्रीय नेतृत्व मैट्रिक्स के भीतर सुले की स्थिति को मजबूत करते हुए भविष्य में क्षेत्रीय अवैध शिकार से अपने गुट को प्रभावी ढंग से बचाएंगे। पूर्ण एकीकरण में संरचनात्मक बाधाएँ एकीकृत मोर्चे के स्पष्ट रणनीतिक लाभों के बावजूद, भारी तार्किक और भावनात्मक बाधाएँ बनी हुई हैं। अलग-अलग क्षेत्रीय मशीनरी को वापस कांग्रेस में विलय करने के लिए राज्य-स्तरीय नेतृत्व, स्थानीय टिकट वितरण और अत्यधिक स्वतंत्र क्षेत्रीय अहंकारों के समायोजन के संबंध में जटिल समीकरणों को हल करने की आवश्यकता है। अपनी घरेलू कमजोरियों के बावजूद, ममता बनर्जी एक कद्दावर, स्वतंत्र नेता बनी हुई हैं, जो नई दिल्ली को अपनी अंतिम वीटो शक्ति सौंपने का विरोध कर सकती हैं। हालाँकि, जैसे-जैसे कांग्रेस सफलतापूर्वक खुद को विपक्षी गुट के निर्विवाद केंद्र के रूप में फिर से स्थापित कर रही है, स्टैंडअलोन क्षेत्रीय दलों की सौदेबाजी की शक्ति धीरे-धीरे कम हो रही है। चाहे ये अटकलें-भारी बातचीत एक ऐतिहासिक औपचारिक विलय या अत्यधिक परिष्कृत, स्थायी संघीय व्यवस्था में परिणत हो, राजनीतिक हलकों में गूंजने वाला संदेश स्पष्ट है: खंडित विपक्षी शाखाओं का युग समाप्त हो रहा है, और मूल पार्टी में वापसी जल्द ही सरासर राजनीतिक अस्तित्व का कार्य बन सकती है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में पथिकृत सेन गुप्ता पथिकृत सेन गुप्ता News18.com के वरिष्ठ एसोसिएट संपादक हैं और लंबी कहानी को छोटा करना पसंद करते हैं। वह राजनीति, खेल, वैश्विक मामलों, अंतरिक्ष, मनोरंजन और भोजन पर छिटपुट रूप से लिखते हैं। वह …और पढ़ें न्यूज़ इंडिया मदर शिप पर लौटें? कैसे टीएमसी संकट और पवार के खेल ने कांग्रेस के लिए ‘घर वापसी’ की बात छेड़ दी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कांग्रेस(टी)शरद पवार(टी)एनसीपी(टी)टीएमसी(टी)ममता बनर्जी