ललित मोदी बोले- मेरी बायोपिक पर काम जारी:रणवीर सिंह ने मेरा रोल निभाने की इच्छा जताई थी, लंदन में मुझसे मिले थे

बिजनेसमैन और पूर्व आईपीएल चेयरमैन ललित मोदी ने कहा कि उनकी जिंदगी पर फिल्म बनने जा रही है और इसकी स्क्रिप्ट पर काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि एक्टर रणवीर सिंह ने उनका रोल निभाने में रुचि दिखाई थी। न्यूज एजेंसी ANI के साथ बातचीत में ललित मोदी ने कहा कि उनकी एक पूरी टीम इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। हालांकि, अभी कहानी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जब उनसे पूछा गया कि वह अपने रोल में किसे देखना चाहते हैं, तो उन्होंने रणवीर सिंह का नाम लिया। मोदी ने कहा, ‘रणवीर सिंह मेरा रोल निभाना चाहते थे। वह खुद मेरे पास आए थे। मैं भी चाहूंगा कि वही मेरा रोल करें, लेकिन अब वह इतने बड़े स्टार बन चुके हैं कि पता नहीं उनके पास समय होगा या नहीं।’ ललित मोदी बोले- दो साल पहले हुई थी मुलाकात ललित मोदी ने कहा, ‘मैं रणवीर को नहीं जानता था। मैं दीपिका को अच्छी तरह जानता था, लेकिन रणवीर से कभी नहीं मिला था। फिर एक दिन मुझे फोन आया कि रणवीर आपसे मिलना चाहते हैं। वह मुझसे मिलने लंदन आए। यह करीब दो साल पहले की बात है। उस मुलाकात में उन्होंने कहा था कि अगर उन्हें अपनी जिंदगी में कोई एक किरदार निभाने का मौका मिले, तो वह आईपीएल कमिश्नर के रूप में ललित मोदी का रोल निभाना चाहेंगे।’ मोदी ने यह भी कहा, ‘यहीं से यह बात शुरू हुई थी। मैंने उनसे नहीं कहा था। मुझे लगता है कि वह बेहतरीन एक्टर हैं। उन्होंने अपने करियर में शानदार काम किया है। अब वह आज भी मेरा रोल निभाना चाहते हैं या नहीं, यह मुझे नहीं पता, लेकिन दो साल पहले हम इसी घर में बैठे थे और इस रोल को लेकर बात हुई थी। हम इसे आगे बढ़ाने वाले थे। फिलहाल बायोपिक की स्क्रिप्ट पर काम चल रहा है।’ मोदी ने बताया कि यह सिर्फ उनकी निजी कहानी नहीं होगी। फिल्म में आईपीएल के जन्म और उसे दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग में बदलने की कहानी भी दिखाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा प्रोडक्शन होगा और इसे बनाने में काफी मेहनत लग रही है। —————————- ये खबर भी पढ़ें… ललित मोदी बोले- मैं सुष्मिता सेन का केप्ट बॉयफ्रेंड था, हर जगह वही पेमेंट करती थीं बिजनेसमैन और पूर्व आईपीएल चेयरमैन ललित मोदी ने हाल ही में अपनी पूर्व पार्टनर सुष्मिता सेन को स्पेशल बताया। साथ ही उन्होंने एक्ट्रेस पर लगे ‘गोल्ड डिगर’ (पैसे के लिए रिश्ता रखने वाली) के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एक्ट्रेस हर चीज की पेमेंट करती थीं। ललित मोदी ने कहा कि सुष्मिता उनकी जिंदगी का बेहद खास हिस्सा रही हैं। पूरी खबर पढ़ें…
‘कोई भी स्वतंत्र है…’: तमिलनाडु बीजेपी प्रमुख का कहना है कि अन्नामलाई के जाने से पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ेगा | भारत समाचार

आखरी अपडेट:05 जून, 2026, 12:51 IST यह तब हुआ जब तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रमुख अन्नामलाई ने पार्टी से अपना इस्तीफा दे दिया और घोषणा की कि वह एक नया राजनीतिक संगठन लॉन्च करेंगे। तमिलनाडु भाजपा प्रमुख नैनार नागरेंद्रन (बाएं) ने के अन्नामलाई के इस्तीफे के प्रभाव को कम करके आंका। (फाइल फोटो) तमिलनाडु भाजपा प्रमुख नैनार नागेंद्रन ने शुक्रवार को पार्टी के पूर्व नेता के अन्नामलाई के इस्तीफे के प्रभाव को कम करते हुए कहा कि इसका भाजपा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और कोई भी नया राजनीतिक आंदोलन शुरू करने के लिए स्वतंत्र है। अन्नामलाई के भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा देने के बाद उनके राजनीतिक भविष्य पर कई हफ्तों का सस्पेंस खत्म हो गया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और संगठनात्मक जिम्मेदारियों दोनों से उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है, जिससे अन्नामलाई का भाजपा के साथ छह साल का जुड़ाव खत्म हो गया है। अन्नामलाई के बाहर निकलने पर प्रतिक्रिया देते हुए नैनार नागेंद्रन ने कहा कि इसका पार्टी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, “कोई भी पार्टी शुरू करने के लिए स्वतंत्र है। यह एक लोकतांत्रिक अधिकार है।” अन्नामलाई के इस्तीफे पर लाइव अपडेट देखें नागेंद्रन ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी अपनी विदेश यात्राओं के दौरान तमिल भाषा के महत्व के बारे में मुखर रहे हैं। अन्नामलाई ने क्या कहा? अपने त्यागपत्र में अन्नामलाई ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व से प्रेरित होकर और तमिलनाडु की राजनीतिक संस्कृति को बदलने के लिए भाजपा में शामिल हुए हैं। महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपने के लिए पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने पिछले 18 महीनों में शीर्ष नेतृत्व को अपनी असहमति से अवगत कराया था। यह भी पढ़ें: पूरा पाठ: नितिन नबीन को अन्नामलाई का इस्तीफा पत्र और भाजपा की प्रतिक्रिया भाजपा से इस्तीफे के बाद साझा किए गए एक संदेश में, अन्नामलाई ने पार्टी में अपने छह वर्षों को एक मूल्यवान सीखने का अनुभव बताया और प्रदान किए गए अवसरों के लिए संगठन को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, ”भाजपा में काम करते हुए बिताए गए छह वर्षों को हम एक महत्वपूर्ण अवसर और सीखने का अनुभव मानते हैं।” अन्नामलाई ने पंथ या वंशवादी राजनीति को समाप्त करने का आह्वान करते हुए सीएम जोसेफ विजय और उनके गठबंधन सहयोगियों पर कटाक्ष किया और तमिलनाडु में एक नया राजनीतिक आंदोलन शुरू करने का संकेत दिया। उन्होंने युवाओं से अपने नए संगठन में शामिल होने का भी आग्रह किया। उन्होंने घोषणा की, “हमारे मूल सिद्धांतों से उभरकर राजनीति में एक नया आंदोलन और एक नया आयाम शुरू होने वाला है,” उन्होंने कहा कि उनका ध्यान राज्य के विकास पर रहेगा। अन्नामलाई ने कहा कि वह जो राजनीतिक आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं उसे “बहुत ही भावना और सिद्धांत” द्वारा निर्देशित किया जाना चाहिए। अन्नामलाई ने आगे घोषणा की कि वह अगला आम चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेंगे। उन्होंने कहा, “मैं अगला आम चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ूंगा। हम बीजेपी को उसी तरह देखेंगे जैसे हम डीएमके, एआईएडीएमके, टीटीवी, वाइको और सीमन को देखते हैं।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में अवीक बनर्जी अवीक बनर्जी News18 में वरिष्ठ उप संपादक हैं। ग्लोबल स्टडीज में मास्टर की डिग्री के साथ नोएडा में रहने वाले अवीक के पास डिजिटल मीडिया और न्यूज क्यूरेशन में तीन साल से अधिक का अनुभव है, जो कि अंतर्राष्ट्रीय विषयों में विशेषज्ञता रखते हैं…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया ‘कोई भी स्वतंत्र है…’: तमिलनाडु बीजेपी प्रमुख का कहना है कि अन्नामलाई के जाने से पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ेगा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन 16 विकेट गिरे:इंग्लैंड पहली पारी में 140 पर ऑलआउट; न्यूजीलैंड 61/6; रॉबिन्सन को 4 विकेट

न्यूजीलैंड के इंग्लैंड दौरे का पहला टेस्ट मैच लॉर्ड्स स्टेडियम में खेला जा रहा है। इस मैच के पहले दिन गेंदबाजों का बोलबाला रहा। यहां गुरुवार को कुल 16 विकेट गिरे। इस मुकाबले का टॉस न्यूजीलैंड ने जीता और गेंदबाजी चुनी। मेजबान इंग्लैंड पहली पारी में 140 रन पर ऑलआउट हो गई। जबकि, न्यूजीलैंड ने स्टंप्स तक 61 रन बनाने में 6 विकेट गंवा दिए। ग्लेन फिलिप्स 31 और नाथन स्मिथ 6 रन पर नाबाद लौटे। इंग्लैंड के ओली रॉबिन्सन ने 4 विकेट झटके। गस एटकिंसन और जोश टंग को एक-एक विकेट मिला। रॉबिन्सन ने पहले ओवर में ही 3 विकेट लिए रॉबिन्सन ने अपनी तीसरी, पांचवीं और छठी गेंद पर विकेट लेकर लॉर्ड्स में मौजूद दर्शकों को उत्साहित कर दिया। उन्होंने डेवोन कॉन्वे (एक रन), केन विलियमसन (3 रन) और रचिन रवींद्र (जीरो) को जल्दी आउट किया। इसके बाद गस एटकिंसन ने कप्तान टॉम लैथम को 3 रन पर आउट कर न्यूजीलैंड का स्कोर 12/4 कर दिया। रॉबिन्सन ने डेरिल मिचेल को भी पवेलियन भेजा, जबकि जोश टंग ने टॉम ब्लंडेल का विकेट लिया। न्यूजीलैंड के टॉप-5 बैटर्स कुल 16 रन ही बना सके। इनमें से दो खाता भी नहीं खोल सके। पहले इंग्लैंड की बल्लेबाजी भी लड़खड़ाई न्यूजीलैंड के कप्तान टॉम लैथम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। बादलों से घिरे मौसम और तेज गेंदबाजों के लिए मददगार परिस्थितियों का कीवी गेंदबाजों ने पूरा फायदा उठाया। फरवरी 2024 के बाद टेस्ट मैच खेलने उतरे काइल जैमीसन ने 5 विकेट लेकर इंग्लैंड की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। उन्होंने 62 रन देकर 5 विकेट हासिल किए। नाथन स्मिथ ने 3 और विल ओ’रूर्के ने 2 विकेट लिए। इंग्लैंड की ओर से हैरी ब्रूक ने सबसे ज्यादा 52 रन बनाए। कप्तान बेन स्टोक्स ने 35वें जन्मदिन पर उपयोगी पारी खेली, लेकिन बड़ी साझेदारी नहीं बना सके। बारिश और खराब रोशनी से खेल प्रभावित मैच के दौरान बारिश और खराब रोशनी ने भी खेल में बाधा डाली। दोपहर में बारिश के कारण लगभग दो घंटे का खेल रुका, जबकि खराब रोशनी की वजह से चाय और दिन का खेल निर्धारित समय से पहले समाप्त करना पड़ा। इंग्लैंड की आखिरी जोड़ी जोश टंग और शोएब बशीर ने 22 रन जोड़कर टीम को 140 रन तक पहुंचाया। दिन के अंत तक यह साझेदारी इंग्लैंड के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होती दिख रही है। ————————————————————- इंटरनेशनल क्रिकेट की यह खबर भी पढ़िए… पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया से लगातार तीसरी वनडे सीरीज जीती, तीसरे मैच में 4 विकेट से हराया लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार तीसरी वनडे सीरीज अपने नाम कर ली। ऑस्ट्रेलिया पहले बल्लेबाजी करते हुए 42 ओवर में 157 रन पर सिमट गई थी। जवाब में पाकिस्तान ने 41.1 ओवर में 6 विकेट खोकर 158 रन का टारगेट हासिल कर लिया। पढ़ें पूरी खबर
लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन 16 विकेट गिरे:इंग्लैंड पहली पारी में 140 पर ऑलआउट; न्यूजीलैंड 61/6; रॉबिन्सन को 4 विकेट

न्यूजीलैंड के इंग्लैंड दौरे का पहला टेस्ट लॉर्ड्स स्टेडियम में खेला जा रहा है। पहले दिन गेंदबाज हावी रहे। यहां गुरुवार को कुल 16 विकेट गिरे। न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। इंग्लैंड पहली पारी में 140 रन पर ऑलआउट हो गई। जवाब में न्यूजीलैंड ने स्टंप्स तक 61 रन पर 6 विकेट गंवा दिए। ग्लेन फिलिप्स 31 और नाथन स्मिथ 6 रन पर नाबाद रहे। इंग्लैंड के ओली रॉबिन्सन ने 4 विकेट लिए। गस एटकिंसन और जोश टंग को एक-एक विकेट मिला। रॉबिन्सन ने पहले ओवर में ही 3 विकेट लिए रॉबिन्सन ने पहले ओवर में तीन विकेट झटके। उन्होंने तीसरी, 5वीं और छठी गेंद पर विकेट लिए। उन्होंने डेवोन कॉन्वे (एक रन), केन विलियमसन (3 रन) और रचिन रवींद्र (जीरो) को जल्दी आउट किया। इसके बाद गस एटकिंसन ने कप्तान टॉम लैथम को 3 रन पर आउट कर न्यूजीलैंड का स्कोर 12/4 कर दिया। रॉबिन्सन ने डेरिल मिचेल को भी पवेलियन भेजा, जबकि जोश टंग ने टॉम ब्लंडेल का विकेट लिया। न्यूजीलैंड के टॉप-5 बैटर्स सिर्फ 16 रन बना सके। इनमें से दो खाता भी नहीं खोल सके। पहले इंग्लैंड की बल्लेबाजी भी लड़खड़ाई न्यूजीलैंड के कप्तान टॉम लैथम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। बादलों से घिरे मौसम और तेज गेंदबाजों के लिए मददगार परिस्थितियों का कीवी गेंदबाजों ने पूरा फायदा उठाया। फरवरी 2024 के बाद टेस्ट खेलने उतरे काइल जैमीसन ने 62 रन देकर 5 विकेट लिए और इंग्लैंड की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। नाथन स्मिथ ने 3 और विल ओ’रूर्के ने 2 विकेट लिए। इंग्लैंड की ओर से हैरी ब्रूक ने सबसे ज्यादा 52 रन बनाए। कप्तान बेन स्टोक्स ने 35वें जन्मदिन पर उपयोगी पारी खेली, लेकिन बड़ी साझेदारी नहीं बना सके। बारिश और खराब रोशनी से खेल प्रभावित मैच के दौरान बारिश और खराब रोशनी ने भी खेल में बाधा डाली। दोपहर में बारिश के कारण लगभग दो घंटे का खेल रुका, जबकि खराब रोशनी की वजह से चाय और दिन का खेल निर्धारित समय से पहले समाप्त करना पड़ा। इंग्लैंड की आखिरी जोड़ी जोश टंग और शोएब बशीर ने 22 रन जोड़कर टीम को 140 रन तक पहुंचाया। दिन के अंत तक यह साझेदारी इंग्लैंड के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होती दिख रही है। ————————————————————- इंटरनेशनल क्रिकेट की यह खबर भी पढ़िए… पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया से लगातार तीसरी वनडे सीरीज जीती, तीसरे मैच में 4 विकेट से हराया लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार तीसरी वनडे सीरीज अपने नाम कर ली। ऑस्ट्रेलिया पहले बल्लेबाजी करते हुए 42 ओवर में 157 रन पर सिमट गई थी। जवाब में पाकिस्तान ने 41.1 ओवर में 6 विकेट खोकर 158 रन का टारगेट हासिल कर लिया। पढ़ें पूरी खबर
वरुण धवन ने पैर छूकर गोविंदा का लिया आशीर्वाद:गले भी लगे, डेविड धवन को भी संभालते दिखे; देखें वीडियो

फिल्म प्रोड्यूसर और पूर्व CBFC सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन) अध्यक्ष पहलाज निहलानी के अंतिम संस्कार के दौरान वरुण धवन और उनके भाई रोहित धवन ने एक्टर गोविंदा के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान गोविंदा ने भी दोनों को गले लगाया और प्यार जताया। इस मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद फैंस वरुण और रोहित के संस्कारों की जमकर तारीफ कर रहे हैं। वहीं, अंतिम संस्कार के दौरान वरुण धवन अपने पिता डेविड धवन का हाथ पकड़कर उन्हें सहारा देते हुए भी नजर आए। गोविंदा को उनके करियर का पहला बड़ा ब्रेक निहलानी की फिल्म इल्जाम से मिला था। उनके निधन पर गोविंदा ने कहा, “पहलाज निहलानी हमारे लिए नींव के पत्थर जैसे थे। मेरे जैसे कई कलाकार, जो गरीबी से निकलकर आगे बढ़े, उन्हें सफल बनाने में उनका बड़ा योगदान रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “देश में कम से कम एक दर्जन ऐसे कलाकार होंगे, जिनकी जिंदगी बदलने में पहलाज निहलानी का बड़ा हाथ रहा। उन्होंने कई लोगों को जमीन से उठाकर आसमान तक पहुंचाने का काम किया। यह खास हुनर उन्हें भगवान ने दिया था।” पहलाज निहलानी का 76 साल की उम्र में निधन बुधवार देर रात 3 बजे हुआ। वह कई दिनों से बीमार थे। निहलानी का अंतिम संस्कार गुरूवार दोपहर 3 बजे मुंबई के सांताक्रूज श्मशान में हुआ। दैनिक भास्कर से बातचीत में ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन ने बताया है कि कोविड में तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें कुछ दवाइयों से कॉम्प्लिकेशन्स हो गए थे, जिससे उनकी किडनी पर असर पड़ा था। उनका इसी से संबंधित इलाज चल रहा था। अंतिम दर्शन करने पहुंचे थे सेलेब्स कई दिनों से इलाज जारी था फिल्म एसोसिएशन IMPAA के प्रेसिडेंट अभय सिन्हा ने पहलाज निहलानी के निधन पर कहा- वो कई दिनों से बीमार थे, हॉस्पिटल में थे। रात 3 बजे उनका देहांत हुआ है। इंडस्ट्री ने एक अच्छा इंसान खो दिया। बहुत बड़े प्रोड्यूसर थे। वो IMPAA के भी चेयरपर्सन थे। शत्रुघ्न सिन्हा के बेहद क्लोज थे, उनकी हर पार्टी में पहुंचते थे। पहलाज निहलानी को 5 साल पहले खून की उल्टियां हुई थीं, जिसके बाद वो 28 दिनों तक मुंबई के नानावटी अस्पातल में भर्ती रहे थे। पहलाज निहलानी का करियर गोविंदा को दिया था करियर का पहला बड़ा ब्रेक गोविंदा ने पहलाज निहलानी के साथ आंखें, शोला और शबनम जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में काम किया। कुछ समय पहले ही उन्होंने लर्न फ्रॉम द लीजेंड के पॉडकास्ट में गोविंदा पर कहा था, ‘फिल्म आंधी तूफान के बाद मैं मिथुन चक्रवर्ती और शत्रुघ्न के साथ एक फिल्म बनाना चाहता था, लेकिन उस समय मिथुन और शत्रुघ्न 4-4 शिफ्ट करते थे। इस वजह से हमारी नहीं बनी। फिर रीक्कू राकेश, गोविंदा को मेरे पास लेकर आए। फोटोग्राफ भी लेकर आए, लेकिन मुझे पसंद नहीं आए। उसका लुक पसंद नहीं आया।’ ‘अगले दिन वो मेरे पास वीडियो कैसेट लेकर आया, जिसमें उसके डांस थे। उस समय ब्रेक डांस माइकल जैक्सन की वजह से पॉपुलर थे। उसने मुझे कैसेट दिखाया, तो मैंने पूछा क्या-क्या आता है। मुझे उसका चेहरा पसंद नहीं था, लेकिन उसका डांस और एक्शन पसंद आया। मेरी स्टोरी पूरी एक्शन थी। मैं लंदन जा रहा था, तो मैं उससे कहकर गया कि तुम अपनी तैयारी करो। लंदन में छुट्टियों के समय मैंने कहानी पूरी की। फिर मैंने उसमें डांस डाला। आज की डेट में उसके जितना टैलेंटेड कोई एक्टर नहीं है। उस समय वो एडवोकेट के रोल में, इंसपेक्टर के रोल में फिट नहीं होता था, हाइट की वजह से। लेकिन अब वो स्टार हो गया, स्टार से तो कुछ भी करवा लो।’ पूरी खबर यहां पढ़ें…
वरुण धवन ने पैर छूकर गोविंदा का लिया आशीर्वाद:गले भी लगे, डेविड धवन को भी संभालते दिखे; देखें वीडियो

फिल्म प्रोड्यूसर और पूर्व CBFC सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन) अध्यक्ष पहलाज निहलानी के अंतिम संस्कार के दौरान वरुण धवन और उनके भाई रोहित धवन ने एक्टर गोविंदा के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान गोविंदा ने भी दोनों को गले लगाया और प्यार जताया। इस मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद फैंस वरुण और रोहित के संस्कारों की जमकर तारीफ कर रहे हैं। वहीं, अंतिम संस्कार के दौरान वरुण धवन अपने पिता डेविड धवन का हाथ पकड़कर उन्हें सहारा देते हुए भी नजर आए। गोविंदा को उनके करियर का पहला बड़ा ब्रेक निहलानी की फिल्म इल्जाम से मिला था। उनके निधन पर गोविंदा ने कहा, “पहलाज निहलानी हमारे लिए नींव के पत्थर जैसे थे। मेरे जैसे कई कलाकार, जो गरीबी से निकलकर आगे बढ़े, उन्हें सफल बनाने में उनका बड़ा योगदान रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “देश में कम से कम एक दर्जन ऐसे कलाकार होंगे, जिनकी जिंदगी बदलने में पहलाज निहलानी का बड़ा हाथ रहा। उन्होंने कई लोगों को जमीन से उठाकर आसमान तक पहुंचाने का काम किया। यह खास हुनर उन्हें भगवान ने दिया था।” पहलाज निहलानी का 76 साल की उम्र में निधन बुधवार देर रात 3 बजे हुआ। वह कई दिनों से बीमार थे। निहलानी का अंतिम संस्कार गुरूवार दोपहर 3 बजे मुंबई के सांताक्रूज श्मशान में हुआ। दैनिक भास्कर से बातचीत में ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन ने बताया है कि कोविड में तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें कुछ दवाइयों से कॉम्प्लिकेशन्स हो गए थे, जिससे उनकी किडनी पर असर पड़ा था। उनका इसी से संबंधित इलाज चल रहा था। अंतिम दर्शन करने पहुंचे थे सेलेब्स कई दिनों से इलाज जारी था फिल्म एसोसिएशन IMPAA के प्रेसिडेंट अभय सिन्हा ने पहलाज निहलानी के निधन पर कहा- वो कई दिनों से बीमार थे, हॉस्पिटल में थे। रात 3 बजे उनका देहांत हुआ है। इंडस्ट्री ने एक अच्छा इंसान खो दिया। बहुत बड़े प्रोड्यूसर थे। वो IMPAA के भी चेयरपर्सन थे। शत्रुघ्न सिन्हा के बेहद क्लोज थे, उनकी हर पार्टी में पहुंचते थे। पहलाज निहलानी को 5 साल पहले खून की उल्टियां हुई थीं, जिसके बाद वो 28 दिनों तक मुंबई के नानावटी अस्पातल में भर्ती रहे थे। पहलाज निहलानी का करियर गोविंदा को दिया था करियर का पहला बड़ा ब्रेक गोविंदा ने पहलाज निहलानी के साथ आंखें, शोला और शबनम जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में काम किया। कुछ समय पहले ही उन्होंने लर्न फ्रॉम द लीजेंड के पॉडकास्ट में गोविंदा पर कहा था, ‘फिल्म आंधी तूफान के बाद मैं मिथुन चक्रवर्ती और शत्रुघ्न के साथ एक फिल्म बनाना चाहता था, लेकिन उस समय मिथुन और शत्रुघ्न 4-4 शिफ्ट करते थे। इस वजह से हमारी नहीं बनी। फिर रीक्कू राकेश, गोविंदा को मेरे पास लेकर आए। फोटोग्राफ भी लेकर आए, लेकिन मुझे पसंद नहीं आए। उसका लुक पसंद नहीं आया।’ ‘अगले दिन वो मेरे पास वीडियो कैसेट लेकर आया, जिसमें उसके डांस थे। उस समय ब्रेक डांस माइकल जैक्सन की वजह से पॉपुलर थे। उसने मुझे कैसेट दिखाया, तो मैंने पूछा क्या-क्या आता है। मुझे उसका चेहरा पसंद नहीं था, लेकिन उसका डांस और एक्शन पसंद आया। मेरी स्टोरी पूरी एक्शन थी। मैं लंदन जा रहा था, तो मैं उससे कहकर गया कि तुम अपनी तैयारी करो। लंदन में छुट्टियों के समय मैंने कहानी पूरी की। फिर मैंने उसमें डांस डाला। आज की डेट में उसके जितना टैलेंटेड कोई एक्टर नहीं है। उस समय वो एडवोकेट के रोल में, इंसपेक्टर के रोल में फिट नहीं होता था, हाइट की वजह से। लेकिन अब वो स्टार हो गया, स्टार से तो कुछ भी करवा लो।’ पूरी खबर यहां पढ़ें…
‘ममता हमारी सर्वोच्च नेता हैं, सलाहकार नहीं’: रीताब्रता की योजना पर आंतरिक कलह ने टीएमसी विद्रोही खेमे को प्रभावित किया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:05 जून, 2026, 09:54 IST बागी टीएमसी विधायकों ने ऋतब्रत बनर्जी का समर्थन किया, लेकिन जोर देकर कहा कि ममता बनर्जी ही सर्वोच्च नेता बनी रहेंगी, उन्हें एकमात्र मुख्य सलाहकार बनाने की योजना को खारिज कर दिया। टीएमसी संस्थापक ममता बनर्जी और नेता प्रतिपक्ष रीताब्रत बनर्जी की फ़ाइल छवि। (स्रोत: पीटीआई) ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले विद्रोही गुट द्वारा तृणमूल कांग्रेस विधायक दल पर कब्ज़ा करने और उन्हें 58 विधायकों के समर्थन के साथ विपक्ष के नेता के रूप में स्थापित करने के एक दिन बाद, कई विधायकों ने ममता बनर्जी के प्रति अपनी वफादारी की पुष्टि की, और जोर देकर कहा कि वह उनकी सर्वोच्च नेता बनी रहेंगी। यह टिप्पणी रीताब्रता के उस प्रस्ताव के जवाब में आई है जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री को नवगठित विधायक दल के लिए “मुख्य सलाहकार” के रूप में नियुक्त किया जाना चाहिए। कई बागी विधायकों ने खुले तौर पर इस सुझाव का विरोध किया और तर्क दिया कि ममता बनर्जी पार्टी की सर्वोच्च नेता बनी हुई हैं। कुछ लोगों ने यह भी चेतावनी दी कि यदि उनकी स्थिति को घटाकर मात्र मुख्य सलाहकार तक सीमित कर दिया गया तो वे नई व्यवस्था के लिए अपने समर्थन पर पुनर्विचार कर सकते हैं। ममता की भूमिका को लेकर विद्रोही खेमे में मतभेद नव-मान्यता प्राप्त विपक्ष के नेता रीताब्रत बनर्जी की अध्यक्षता वाले विद्रोही विधायी समूह की बैठक के दौरान मतभेद सामने आए। इस एपिसोड में असंतुष्ट खेमे के सामने आने वाली चुनौती पर प्रकाश डाला गया क्योंकि यह टीएमसी संस्थापक ममता बनर्जी के प्रति वफादारी और सम्मान को जारी रखते हुए सांसद अभिषेक बनर्जी से स्वतंत्र रास्ता अपनाने का प्रयास कर रहा है। यह भी पढ़ें: ‘मुख्य सलाहकार और मार्गदर्शक’: क्या ममता ने वह तृणमूल कांग्रेस पार्टी खो दी है जिसे उन्होंने खड़ा किया था? बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए बागी विधायक गुलशन मलिक ने कहा, “हमें बताया गया कि पार्टी ममता बनर्जी के नेतृत्व में जारी रहेगी। वह महज एक सलाहकार नहीं हैं। हम चाहते हैं कि पार्टी उनके नेतृत्व में काम करे।” पंचला विधायक ने कहा, “अगर ममता बनर्जी को सर्वोच्च नेता के रूप में स्वीकार नहीं किया जाता है, तो हमें सोचना होगा कि हमें इस ब्लॉक में रहना चाहिए या नहीं।” बयानों ने विद्रोही खेमे के भीतर एक प्रमुख तनाव को रेखांकित किया: ममता बनर्जी के नाम पर किए गए विद्रोह ने अब उस पार्टी में उनकी भविष्य की भूमिका पर बहस छेड़ दी है, जिसकी स्थापना उन्होंने लगभग तीन दशक पहले की थी। इसी तरह की भावना व्यक्त करते हुए सिताई की बागी विधायक संगीता रॉय बसुनिया ने कहा, “ममता बनर्जी हमारी सर्वोच्च नेता हैं और रहेंगी। वह सलाहकार नहीं हो सकतीं। वह हमारी नेता हैं।” ऋतब्रत बनर्जी ने ममता को क्या दिया सुझाव? ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी से अपील की थी कि वह उनकी “मुख्य सलाहकार” बनी रहें और “विधानसभा के अंदर और बाहर रचनात्मक कार्य करने के लिए इस विधायक दल का मार्गदर्शन करें।” उन्होंने कहा, “हम उनसे अनुरोध करेंगे कि वह हमारे मुख्य सलाहकार बने रहें और विधानसभा के अंदर और बाहर रचनात्मक कार्य करने के लिए इस विधायक दल का मार्गदर्शन करें। हम उनसे अपील करते हैं कि वह हमें पहचानें क्योंकि हमारे पास दो-तिहाई बहुमत है। लेकिन अभिषेक बनर्जी का इस विधायक दल से कोई संबंध नहीं है।” यह भी पढ़ें: ‘प्रमुख विपक्ष के रूप में प्रदर्शन करेंगे’: रीताब्रता को विपक्ष के नेता के रूप में स्पीकर की मंजूरी के एक दिन बाद ‘असली तृणमूल’ ने नियंत्रण हासिल कर लिया टिप्पणियाँ विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं क्योंकि 58 विधायकों के एक बड़े वर्ग ने, जो विधायक दल पर रीताब्रत बनर्जी के कब्जे के पीछे थे, लगातार तर्क दिया था कि उनका विद्रोह ममता बनर्जी पर नहीं बल्कि संगठन के भीतर उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के बढ़ते प्रभाव पर था। उस पृष्ठभूमि में, ममता बनर्जी को “मुख्य सलाहकार” के रूप में नामित करने के ऋतब्रत के प्रस्ताव को कई लोगों ने असंतुष्टों के इस दावे को संरक्षित करने के प्रयास के रूप में देखा कि उनका आंदोलन पार्टी संस्थापक के साथ जुड़ा हुआ है। इस कदम को व्यापक रूप से तृणमूल कार्यकर्ताओं और समर्थकों को आश्वस्त करने के प्रयास के रूप में देखा गया कि विद्रोह स्वयं ममता बनर्जी के बजाय पार्टी की वर्तमान सत्ता संरचना पर निर्देशित था। ममता को समर्थन, अभिषेक बनर्जी के खिलाफ बगावत हालाँकि, गुरुवार को बागी विधायकों के बयानों से पता चलता है कि किसी भी कदम पर विद्रोही खेमे के कुछ वर्गों में बेचैनी बढ़ रही है, जिसे पार्टी के भीतर ममता बनर्जी के कद को कम करने के रूप में समझा जा सकता है। असहमति असंतुष्टों के राजनीतिक आख्यान के मूल पर प्रहार करती है। विद्रोह शुरू होने के बाद से, कई बागी विधायकों ने कहा है कि उनकी आपत्ति अभिषेक बनर्जी के बढ़ते प्रभाव पर थी, न कि ममता बनर्जी के नेतृत्व पर। फिर भी, जैसा कि समूह विधायक दल के नाटकीय अधिग्रहण के बाद एक नई नेतृत्व व्यवस्था स्थापित करने के लिए आगे बढ़ रहा है, उस अंतर को बनाए रखना कठिन होता जा रहा है। असंतुष्टों ने लगातार अपने अभियान को उस नेता को चुनौती देने के बजाय पार्टी की मूल दिशा को पुनः प्राप्त करने के प्रयास के रूप में प्रस्तुत किया है, जिन्होंने 1998 में तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की और 2011 में इसे पश्चिम बंगाल में सत्ता तक पहुंचाया। यह भी पढ़ें: ‘अगर ममता मेरे पास आती हैं…’: दलबदलू हुमायूं कबीर ने पूर्व बॉस को बंगाल विधानसभा में वापस जाने का प्रस्ताव दिया यहां तक कि विधानसभा अध्यक्ष को अपने पत्र में भी बागी विधायकों ने ममता बनर्जी को पार्टी अध्यक्ष के रूप में स्वीकार करना जारी रखा, साथ ही विधायक दल के मामलों पर अभिषेक बनर्जी के अधिकार को खारिज कर दिया। ममता बनर्जी के प्रति वफादारी और अभिषेक बनर्जी के विरोध के बीच अलगाव विद्रोहियों के तर्क की आधारशिला बना हुआ है। इससे उन्हें उन आरोपों का प्रतिकार करने में भी मदद मिली है कि उनके कार्य पार्टी के संस्थापक नेतृत्व को कमजोर करने का प्रयास हैं। टीएमसी के भीतर दरार ताज़ा तनाव भाजपा से चुनावी हार और इसके बाद उसके विधायी रैंकों में विभाजन के
RBI की मॉनेटरी पॉलिसी के फैसलों का ऐलान आज:रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रहने का अनुमान; रुपए को संभालने और महंगाई रोकने पर फोकस

भारतीय रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की तीन दिवसीय बैठक के फैसले आज घोषित होंगे। बाजार को उम्मीद है कि केंद्रीय बैंक रेपो रेट को 5.25% पर ही बरकरार रखेगा। हालांकि, विशेषज्ञों का एक छोटा हिस्सा रुपए पर बढ़ते दबाव और महंगाई के जोखिम को देखते हुए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना भी जता रहा है। इससे पहले अप्रैल में भी रेपो रेट में बदलाव नहीं हुआ था। RBI ने आखिरी बार दिसंबर 2025 में ब्याज दर 0.25% घटाकर 5.25% की थी। RBI जिस रेट पर बैंकों को लोन देता है, उसे रेपो रेट कहते हैं। जब RBI रेपो रेट घटाता है तो बैंक इस फायदे को ग्राहकों तक पहुंचाते हैं। हर दो महीने में होती है RBI की मीटिंग मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी में 6 सदस्य होते हैं। इनमें से 3 RBI के होते हैं, जबकि बाकी केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। RBI की मीटिंग हर दो महीने में होती है। वित्त वर्ष 2026-27 में मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की कुल 6 बैठकें होंगी। पहली बैठक 6-8 अप्रैल 2026 को हुई थी। रेपो रेट क्या है, इससे लोन कैसे सस्ता होता है? RBI जिस ब्याज दर पर बैंकों को लोन देता है उसे रेपो रेट कहते हैं। रेपो रेट कम होने से बैंक को कम ब्याज पर लोन मिलेगा। बैंकों को लोन सस्ता मिलता है, तो वो अक्सर इसका फायदा ग्राहकों को पास कर देते हैं यानी बैंक भी अपनी ब्याज दरें घटा देते हैं। रिजर्व बैंक रेपो रेट बढ़ाता और घटाता क्यों है? किसी भी सेंट्रल बैंक के पास पॉलिसी रेट के रूप में महंगाई से लड़ने का एक शक्तिशाली टूल है। जब महंगाई बहुत ज्यादा होती है तो सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट बढ़ाकर इकोनॉमी में मनी फ्लो को कम करने की कोशिश करता है। पॉलिसी रेट ज्यादा होगी तो बैंकों को सेंट्रल बैंक से मिलने वाला कर्ज महंगा होगा। बदले में बैंक अपने ग्राहकों के लिए लोन महंगा कर देते हैं। इससे इकोनॉमी में मनी फ्लो कम होता है। मनी फ्लो कम होता है तो डिमांड में कमी आती है और महंगाई घट जाती है। इसी तरह जब इकोनॉमी बुरे दौर से गुजरती है तो रिकवरी के लिए मनी फ्लो बढ़ाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट कम कर देता है। इससे बैंकों को सेंट्रल बैंक से मिलने वाला कर्ज सस्ता हो जाता है और ग्राहकों को भी सस्ती दर पर लोन मिलता है। ————————————————————— बिजनेस से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… सेंसेक्स 150 अंक चढ़कर 74,500 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी 50 अंक ऊपर 23,450 पर पहुंचा; मीडिया और आईटी शेयरों में खरीदारी आज यानी शुक्रवार, 5 जून को सेंसेक्स 150 अंक (0.23%) की तेजी के साथ 74,500 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 50 अंकों (0.18%) की तेजी है, ये 23,450 के स्तर पर आ गया है। आज के कारोबार में मीडिया और आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी है। पूरी खबर पढ़े…
इजराइल बोला- पाकिस्तान की मध्यस्थता पर भरोसा नहीं:वहां हमास नेता बहुत दौरे कर रहे; ईरान की चेतावनी- हमला हुआ तो पलटवार करेंगे

भारत में इजराइल के राजदूत रियुवेन अजार ने पाकिस्तान को समस्याग्रस्त देश बताते हुए कहा है कि उस पर क्षेत्रीय विवादों में मध्यस्थ के रूप में आसानी से भरोसा नहीं किया जा सकता। PTI को दिए एक इंटरव्यू में अजार ने कहा कि पाकिस्तान की भूमिका को लेकर उनके मन में सवाल हैं। अगर कोई मध्यस्थ किसी एक पक्ष के ज्यादा करीब हो जाए, तो बातचीत मुश्किल हो सकती है। अजार ने यह भी दावा किया कि पिछले कुछ सालों में हमास नेताओं की पाकिस्तान और बांग्लादेश यात्राएं बढ़ी हैं। भारत के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि इजराइल जिन सुरक्षा खतरों का सामना कर रहा है, उनसे दूसरे देश भी सीख ले सकते हैं। वहीं, ईरान का कहना है कि अगर उसके ऊपर हमला किया जाता है तो वह उसका जवाब जरूर देगा। ईरानी अधिकारियों का मानना है कि अपनी सुरक्षा के लिए ऐसा करना जरूरी है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि कुवैत और बहरीन भी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते, क्योंकि उन्होंने अमेरिका को अपनी जमीन और सैन्य सुविधाओं का इस्तेमाल करने की अनुमति दी है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
पुतिन बोले- अमेरिका का मोदी पर दबाव डालना बेकार:भारत महान देश, रूस को उसपर भरोसा है, US से उसकी नजदीकी पर हमें दिक्कत नहीं

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि अमेरिका भारत पर रूस के साथ उसके रिश्ते सहित कई मुद्दों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन इस तरह की कोशिशें बेकार हैं। भारत इसका विरोध करेगा। पुतिन ने PTI समेत दुनिया की प्रमुख न्यूज एजेंसियों के हेड से बातचीत के दौरान भारत और प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ भी की। उन्होंने कहा- भारत एक महान देश है। भारत एक महान देश और लोकतंत्र है। रूस उसे अपना भरोसेमंद पार्टनर मानता है। रूसी राष्ट्रपति ने आगे कहा- भारत अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देता है। अमेरिका से उसके बढ़ते संबंधों का भारत-रूस साझेदारी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। रूस के साथ भारत के रिश्ते पहले की तरह मजबूत रहेंगे। पुतिन ने भरोसा जताया कि आने वाले सालों में भारत और रूस के बीच व्यापार 100 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। PTI के सवाल के जवाब में पुतिन ने कहा कि भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और सबसे तेज विकास दर वाले देशों में गिना जाता है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि अचानक नहीं मिली, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की लगातार मेहनत और नीतियों का परिणाम है। पुतिन ने कहा- हमें खुशी है कि भारत उन सभी देशों के साथ संबंध बढ़ा रहा है, जिन्हें वह अपने राष्ट्रीय हितों के लिए महत्वपूर्ण मानता है। उन्होंने कहा कि रूस के साथ सहयोग को लेकर भारत पर पश्चिमी देशों की ओर से दबाव बनाने की कोशिशें हुई हैं। पुरूसी राष्ट्रपति ने कहा कि कुछ पश्चिमी देशों ने भारत पर रूस के साथ सहयोग कम करने का दबाव बनाने की कोशिश की थी। हालांकि अब सभी को समझ आ गया है कि प्रधानमंत्री मोदी और भारत पर दबाव डालना अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए नुकसानदायक साबित होगा।









