Thursday, 22 Oct 2026 | 01:53 AM

Trending :

RBI की मॉनेटरी पॉलिसी के फैसलों का ऐलान आज:रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रहने का अनुमान; रुपए को संभालने और महंगाई रोकने पर फोकस

RBI की मॉनेटरी पॉलिसी के फैसलों का ऐलान आज:रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रहने का अनुमान; रुपए को संभालने और महंगाई रोकने पर फोकस

भारतीय रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की तीन दिवसीय बैठक के फैसले आज घोषित होंगे। बाजार को उम्मीद है कि केंद्रीय बैंक रेपो रेट को 5.25% पर ही बरकरार रखेगा। हालांकि, विशेषज्ञों का एक छोटा हिस्सा रुपए पर बढ़ते दबाव और महंगाई के जोखिम को देखते हुए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना भी जता रहा है। इससे पहले अप्रैल में भी रेपो रेट में बदलाव नहीं हुआ था। RBI ने आखिरी बार दिसंबर 2025 में ब्याज दर 0.25% घटाकर 5.25% की थी। RBI जिस रेट पर बैंकों को लोन देता है, उसे रेपो रेट कहते हैं। जब RBI रेपो रेट घटाता है तो बैंक इस फायदे को ग्राहकों तक पहुंचाते हैं।
हर दो महीने में होती है RBI की मीटिंग मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी में 6 सदस्य होते हैं। इनमें से 3 RBI के होते हैं, जबकि बाकी केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। RBI की मीटिंग हर दो महीने में होती है। वित्त वर्ष 2026-27 में मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की कुल 6 बैठकें होंगी। पहली बैठक 6-8 अप्रैल 2026 को हुई थी। रेपो रेट क्या है, इससे लोन कैसे सस्ता होता है? RBI जिस ब्याज दर पर बैंकों को लोन देता है उसे रेपो रेट कहते हैं। रेपो रेट कम होने से बैंक को कम ब्याज पर लोन मिलेगा। बैंकों को लोन सस्ता मिलता है, तो वो अक्सर इसका फायदा ग्राहकों को पास कर देते हैं यानी बैंक भी अपनी ब्याज दरें घटा देते हैं। रिजर्व बैंक रेपो रेट बढ़ाता और घटाता क्यों है? किसी भी सेंट्रल बैंक के पास पॉलिसी रेट के रूप में महंगाई से लड़ने का एक शक्तिशाली टूल है। जब महंगाई बहुत ज्यादा होती है तो सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट बढ़ाकर इकोनॉमी में मनी फ्लो को कम करने की कोशिश करता है। पॉलिसी रेट ज्यादा होगी तो बैंकों को सेंट्रल बैंक से मिलने वाला कर्ज महंगा होगा। बदले में बैंक अपने ग्राहकों के लिए लोन महंगा कर देते हैं। इससे इकोनॉमी में मनी फ्लो कम होता है। मनी फ्लो कम होता है तो डिमांड में कमी आती है और महंगाई घट जाती है। इसी तरह जब इकोनॉमी बुरे दौर से गुजरती है तो रिकवरी के लिए मनी फ्लो बढ़ाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट कम कर देता है। इससे बैंकों को सेंट्रल बैंक से मिलने वाला कर्ज सस्ता हो जाता है और ग्राहकों को भी सस्ती दर पर लोन मिलता है। ————————————————————— बिजनेस से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… सेंसेक्स 150 अंक चढ़कर 74,500 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी 50 अंक ऊपर 23,450 पर पहुंचा; मीडिया और आईटी शेयरों में खरीदारी आज यानी शुक्रवार, 5 जून को सेंसेक्स 150 अंक (0.23%) की तेजी के साथ 74,500 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 50 अंकों (0.18%) की तेजी है, ये 23,450 के स्तर पर आ गया है। आज के कारोबार में मीडिया और आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी है। पूरी खबर पढ़े…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
India Vs Taiwan Stock Market; AI TSMC Share Price

May 26, 2026/
10:32 am

नई दिल्ली30 मिनट पहले कॉपी लिंक ताइवान ने शेयर बाजार की वैल्यू (मार्केट कैप) के मामले में भारत को पीछे...

बेटी के निकाह का कार्ड बांटकर लौट रहा था दंपती:खंडवा में बाइक से टकराया जंगली जानवर, पत्नी की मौत; 13 अप्रैल को होनी थी शादी

April 11, 2026/
2:30 pm

खंडवा जिले में शुक्रवार को बेटी के निकाह का निमंत्रण कार्ड बांटकर लौट रहे दंपती की बाइक से एक जंगली...

Bankers Books Evidence Bill 2026 Passed

August 5, 2026/
5:19 pm

33 मिनट पहले कॉपी लिंक लोकसभा ने आज यानी 5 अगस्त को ‘बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026’ को मंजूरी दे...

Salman Khan Cuts SVC 63 Fees

August 1, 2026/
2:46 pm

17 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्टर सलमान खान ने वामशी पेडिपल्ली के निर्देशन में बन रही फिल्म SVC 63...

‘वेलकम टू द जंगल' ट्रेलर 11 जून को होगा लॉन्च:विंदु दारा सिंह बोले- मजनू, उदय नहीं लेकिन फिल्म में कई नए सरप्राइज

June 2, 2026/
5:23 pm

मल्टीस्टारर फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ से अक्षय कुमार और दिशा पाटनी के साथ ‘ऊंचा लंबा कद फॉरएवर’ गाना रिलीज...

तस्वीर का विवरण

April 26, 2026/
11:27 am

सोयाबीन प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत है। यह संयोजन को मजबूत बनाता है और शरीर को ऊर्जावान बनाता है। छवि:...

तमिलनाडु में चुनाव के बाद टीवीके के ऑफिस में दुकान, पोस्ट भी दर्ज, पुलिस में शिकायत दर्ज, ईसी से पास की मांग

May 1, 2026/
5:45 pm

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित चार मई को होने वाली गणित की गिनती...

राजनीति

RBI की मॉनेटरी पॉलिसी के फैसलों का ऐलान आज:रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रहने का अनुमान; रुपए को संभालने और महंगाई रोकने पर फोकस

RBI की मॉनेटरी पॉलिसी के फैसलों का ऐलान आज:रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रहने का अनुमान; रुपए को संभालने और महंगाई रोकने पर फोकस

भारतीय रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की तीन दिवसीय बैठक के फैसले आज घोषित होंगे। बाजार को उम्मीद है कि केंद्रीय बैंक रेपो रेट को 5.25% पर ही बरकरार रखेगा। हालांकि, विशेषज्ञों का एक छोटा हिस्सा रुपए पर बढ़ते दबाव और महंगाई के जोखिम को देखते हुए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना भी जता रहा है। इससे पहले अप्रैल में भी रेपो रेट में बदलाव नहीं हुआ था। RBI ने आखिरी बार दिसंबर 2025 में ब्याज दर 0.25% घटाकर 5.25% की थी। RBI जिस रेट पर बैंकों को लोन देता है, उसे रेपो रेट कहते हैं। जब RBI रेपो रेट घटाता है तो बैंक इस फायदे को ग्राहकों तक पहुंचाते हैं।
हर दो महीने में होती है RBI की मीटिंग मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी में 6 सदस्य होते हैं। इनमें से 3 RBI के होते हैं, जबकि बाकी केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। RBI की मीटिंग हर दो महीने में होती है। वित्त वर्ष 2026-27 में मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की कुल 6 बैठकें होंगी। पहली बैठक 6-8 अप्रैल 2026 को हुई थी। रेपो रेट क्या है, इससे लोन कैसे सस्ता होता है? RBI जिस ब्याज दर पर बैंकों को लोन देता है उसे रेपो रेट कहते हैं। रेपो रेट कम होने से बैंक को कम ब्याज पर लोन मिलेगा। बैंकों को लोन सस्ता मिलता है, तो वो अक्सर इसका फायदा ग्राहकों को पास कर देते हैं यानी बैंक भी अपनी ब्याज दरें घटा देते हैं। रिजर्व बैंक रेपो रेट बढ़ाता और घटाता क्यों है? किसी भी सेंट्रल बैंक के पास पॉलिसी रेट के रूप में महंगाई से लड़ने का एक शक्तिशाली टूल है। जब महंगाई बहुत ज्यादा होती है तो सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट बढ़ाकर इकोनॉमी में मनी फ्लो को कम करने की कोशिश करता है। पॉलिसी रेट ज्यादा होगी तो बैंकों को सेंट्रल बैंक से मिलने वाला कर्ज महंगा होगा। बदले में बैंक अपने ग्राहकों के लिए लोन महंगा कर देते हैं। इससे इकोनॉमी में मनी फ्लो कम होता है। मनी फ्लो कम होता है तो डिमांड में कमी आती है और महंगाई घट जाती है। इसी तरह जब इकोनॉमी बुरे दौर से गुजरती है तो रिकवरी के लिए मनी फ्लो बढ़ाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट कम कर देता है। इससे बैंकों को सेंट्रल बैंक से मिलने वाला कर्ज सस्ता हो जाता है और ग्राहकों को भी सस्ती दर पर लोन मिलता है। ————————————————————— बिजनेस से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… सेंसेक्स 150 अंक चढ़कर 74,500 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी 50 अंक ऊपर 23,450 पर पहुंचा; मीडिया और आईटी शेयरों में खरीदारी आज यानी शुक्रवार, 5 जून को सेंसेक्स 150 अंक (0.23%) की तेजी के साथ 74,500 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 50 अंकों (0.18%) की तेजी है, ये 23,450 के स्तर पर आ गया है। आज के कारोबार में मीडिया और आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी है। पूरी खबर पढ़े…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.