रसोई में तेजी से जगह बना रहे फ्रोजन फूड:बर्गर पैटी, नगेट्स, मोमो और कबाब अब हमारे लंच-डिनर का हिस्सा; सालाना ग्रोथ 14.5%

भारतीय किचन में फ्रोजन फूड अब सिर्फ इमरजेंसी या पार्टी की जरूरत नहीं रहा। बर्गर पैटी, नगेट्स, मोमो और कबाब जैसे प्रोडक्ट्स तेजी से रोजमर्रा के खाने का हिस्सा बन रहे हैं। मार्केट रिसर्च फ्यूचर के मुताबिक अगले 10 साल में देश का फ्रोजन फूड बाजार हर साल 14% से भी ज्यादा बढ़ने का अनुमान है। बदलती लाइफस्टाइल, वर्किंग वुमन की बढ़ती तादाद और क्विक कॉमर्स का विस्तार- ये तीन ताकतें मिलकर इस बाजार को अगले दौर में ले जा रही हैं। आईटीसी मास्टरशेफ, मैकेन और एलटी फूड्स जैसी कंपनियां नए प्रोडक्ट्स, कोल्ड चेन इन्फ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल चैनलों में भारी निवेश कर रही हैं। घर का खाना पसंद, तैयारी का झंझट नहीं चाहते लोग फ्रोजन फूड कैटेगरी अभी सालाना करीब 13% की दर से बढ़ रही है। इसमें तैयार फ्रोजन स्नैक्स की रफ्तार पारंपरिक फ्रोजन सब्जियों, मसलन, मटर और मक्का से काफी तेज है। अलवारेज एंड मार्सल इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर ऋषभ जैन के मुताबिक, ग्राहक ऐसा खाना चाहते हैं जो घर पर ताजा पका हो, लेकिन तैयारी का झंझट न हो। नगेट्स, फ्राइज और मोमो जैसे प्रोडक्ट्स इसीलिए सबसे तेजी से बिक रहे हैं। इनमें पकाने का आखिरी काम ग्राहक खुद करता है। फ्रोजन फूड की बढ़ती लोकप्रियता के जानिए चार बड़े कारण 1. बदली लाइफस्टाइल – बढ़ती आय, व्यस्त दिनचर्या, बढ़ती कामकाजी महिलाओं ने रोज के खाने की प्लानिंग बदल दी है। 2. एयर फ्रायर कल्चर – घर पर रेस्तरां जैसा अनुभव देने वाले एयर फ्रायर ने फ्रोजन स्नैक्स की खपत के नए दरवाजे खोले हैं। 3. क्विक कॉमर्स की पहुंच – स्विगी, इंस्टामार्ट, ब्लिंकिट जैसे प्लेटफॉर्म युवा खरीदारों तक फ्रोजन प्रोडक्ट्स मिनटों में पहुंचा रहे। 4. सिर्फ स्नैकिंग से आगे – आईटीसी मास्टरशेफ कहती है- फ्रोजन फूड अब सिर्फ स्नैकिंग नहीं, लंच-डीनर हिस्सा बन रहा। कंपनियों की बड़ी तैयारी – आफ्टर-स्कूल स्नैकिंग से बिरयानी किट तक आईटीसी मास्टरशेफ – अनियन रिंग्स, पेरी-पेरी प्रॉन्स, फलाफेल कबाब, साबूदाना टिक्की; आईक्यूएफ (इंडिविजुअली क्विक फ्रीजिंग) टेक्नोलॉजी। मैकेन फूड्स इंडिया – एयर फ्रायर के लिए खास प्रोडक्ट्स; आफ्टर-स्कूल स्नैकिंग और मिनी मील सेगमेंट। एलटी फूड्स (दावत) – बिरयानी किट, थाई ग्रीन करी राइस किट, कप्पा राइस; डिजिटल चैनल से सालाना 45% से ज्यादा ग्रोथ। फैक्ट्री से लेकर रिटेल शेल्फ तक खर्चीला कोल्ड चेन फ्रोजन फूड बाजार आकर्षक जरूर है, लेकिन मुनाफा कमाना आसान नहीं है। फैक्ट्री से लेकर रिटेल शेल्फ तक बिना रुके कोल्ड चेन बनाए रखना बहुत खर्चीला है। ऋषभ जैन के मुताबिक, इस सेगमेंट में सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनियां डिस्ट्रीब्यूशन की लागत और किफायती दाम के बीच किस हद तक संतुलन बना पाती हैं। निरंतर नए-नए प्रोडक्ट भी लाते रहना जरूरी है क्योंकि लोग एक ही तरह के खाने से जल्द ऊब जाते हैं।
ग्रीस में शुरू हुई भारत की UPI सर्विस:अब दुनिया के 10 देशों में डिजिटल पेमेंट कर सकेंगे भारतीय; पीयूष गोयल की मौजूदगी में लाइव डेमो हुआ

भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) अब ग्रीस में भी लाइव हो गया है। ग्रीस इस डिजिटल पेमेंट नेटवर्क से जुड़ने वाला नया देश बन गया है। एथेंस में यूरोबैंक के हेडक्वार्टर में यूरोबैंक और NPCI इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड की पार्टनरशिप से शुरू हुई इस सर्विस का लाइव डेमो भी देखा गया। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में डेमो हुआ केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एथेंस की अपनी ऑफिशियल विजिट के दौरान इस सर्विस के लाइव डेमो को देखा। उन्होंने कहा कि UPI को मिल रही वैश्विक स्वीकार्यता से यह साबित होता है कि भारत की टेक्नोलॉजी पर दुनिया का भरोसा बढ़ रहा है। यह तकनीक सीमाओं के पार भी बेहतरीन तरीके से काम कर सकती है। अब 10 देशों में मिलेगी UPI की सुविधा ग्रीस के इस नेटवर्क में शामिल होने के बाद अब दुनिया के 10 देशों में अलग-अलग रूपों में UPI का इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह भारतीय यात्रियों के लिए QR-कोड आधारित मर्चेंट पेमेंट से लेकर क्रॉस-बॉर्डर रेमिटेंस सर्विसेज (पैसे ट्रांसफर करने) तक की सुविधा देता है। ग्रीस से पहले कंबोडिया में शुरू हुआ था UPI ग्रीस से ठीक पहले कंबोडिया इस लिस्ट में शामिल होने वाला 9वां देश बना था। इसके लिए NPCI इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड ने वहां के ACLEDA बैंक के साथ पार्टनरशिप की थी। इसके तहत कंबोडिया के नेशनल QR कोड ‘KHQR’ के जरिए क्रॉस-बॉर्डर UPI पेमेंट्स की शुरुआत की गई थी। इससे पहले सिंगापुर, UAE, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर और श्रीलंका को उन आठ देशों के रूप में लिस्ट किया था, जहां UPI को स्वीकार किया जा रहा है। फ्रांस के एफिल टॉवर से हुई थी शुरुआत यूरोप में UPI के विस्तार में फ्रांस एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। साल 2024 में पेरिस के एफिल टॉवर से UPI को लॉन्च किया गया था। इसके बाद इस सर्विस का विस्तार वहां के बड़े रिटेल डेस्टिनेशंस जैसे नीस में स्थित ‘गैलरीज लाफायेट’ तक किया गया। क्या है UPI और इसके ग्लोबल विस्तार का भविष्य कैसे काम करता है विदेशी धरती पर UPI? भारतीय यात्री विदेशों में इंटरनेशनल रोमिंग या एक्टिवेटेड UPI एप के जरिए वहां के स्थानीय QR कोड (जैसे कंबोडिया में KHQR या ग्रीस में यूरोबैंक मर्चेंट नेटवर्क) को स्कैन करके सीधे अपने भारतीय बैंक अकाउंट से पेमेंट कर सकते हैं। इससे उन्हें विदेशी करेंसी एक्सचेंज कराने के झंझट से मुक्ति मिलती है। ये खबर भी पढ़ें… अब यूजरनेम से भी होगी WhatsApp पर चैट: 29 जून से बुकिंग शुरू; बिना मोबाइल नंबर बताए बातचीत भी कर सकेंगे अब तक वॉट्सएप पर किसी नए व्यक्ति से बात करने के लिए मोबाइल नंबर देना जरूरी होता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। मेटा के स्वामित्व वाले वॉट्सएप ने यूजरनेम फीचर लॉन्च करने का ऐलान किया है। इसके बाद लोग अपना मोबाइल नंबर बताए बिना भी सिर्फ यूजरनेम के जरिए चैट कर सकेंगे। पूरी खबर पढ़ें…
ग्रीस में शुरू हुई भारत की UPI सर्विस:अब दुनिया के 10 देशों में डिजिटल पेमेंट कर सकेंगे भारतीय; पीयूष गोयल की मौजूदगी में लाइव डेमो हुआ

भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) अब ग्रीस में भी लाइव हो गया है। ग्रीस इस डिजिटल पेमेंट नेटवर्क से जुड़ने वाला नया देश बन गया है। एथेंस में यूरोबैंक के हेडक्वार्टर में यूरोबैंक और NPCI इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड की पार्टनरशिप से शुरू हुई इस सर्विस का लाइव डेमो भी देखा गया। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में डेमो हुआ केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एथेंस की अपनी ऑफिशियल विजिट के दौरान इस सर्विस के लाइव डेमो को देखा। उन्होंने कहा कि UPI को मिल रही वैश्विक स्वीकार्यता से यह साबित होता है कि भारत की टेक्नोलॉजी पर दुनिया का भरोसा बढ़ रहा है। यह तकनीक सीमाओं के पार भी बेहतरीन तरीके से काम कर सकती है। अब 10 देशों में मिलेगी UPI की सुविधा ग्रीस के इस नेटवर्क में शामिल होने के बाद अब दुनिया के 10 देशों में अलग-अलग रूपों में UPI का इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह भारतीय यात्रियों के लिए QR-कोड आधारित मर्चेंट पेमेंट से लेकर क्रॉस-बॉर्डर रेमिटेंस सर्विसेज (पैसे ट्रांसफर करने) तक की सुविधा देता है। ग्रीस से पहले कंबोडिया में शुरू हुआ था UPI ग्रीस से ठीक पहले कंबोडिया इस लिस्ट में शामिल होने वाला 9वां देश बना था। इसके लिए NPCI इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड ने वहां के ACLEDA बैंक के साथ पार्टनरशिप की थी। इसके तहत कंबोडिया के नेशनल QR कोड ‘KHQR’ के जरिए क्रॉस-बॉर्डर UPI पेमेंट्स की शुरुआत की गई थी। इससे पहले सिंगापुर, UAE, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर और श्रीलंका को उन आठ देशों के रूप में लिस्ट किया था, जहां UPI को स्वीकार किया जा रहा है। फ्रांस के एफिल टॉवर से हुई थी शुरुआत यूरोप में UPI के विस्तार में फ्रांस एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। साल 2024 में पेरिस के एफिल टॉवर से UPI को लॉन्च किया गया था। इसके बाद इस सर्विस का विस्तार वहां के बड़े रिटेल डेस्टिनेशंस जैसे नीस में स्थित ‘गैलरीज लाफायेट’ तक किया गया। क्या है UPI और इसके ग्लोबल विस्तार का भविष्य कैसे काम करता है विदेशी धरती पर UPI? भारतीय यात्री विदेशों में इंटरनेशनल रोमिंग या एक्टिवेटेड UPI एप के जरिए वहां के स्थानीय QR कोड (जैसे कंबोडिया में KHQR या ग्रीस में यूरोबैंक मर्चेंट नेटवर्क) को स्कैन करके सीधे अपने भारतीय बैंक अकाउंट से पेमेंट कर सकते हैं। इससे उन्हें विदेशी करेंसी एक्सचेंज कराने के झंझट से मुक्ति मिलती है। ये खबर भी पढ़ें… अब यूजरनेम से भी होगी WhatsApp पर चैट: 29 जून से बुकिंग शुरू; बिना मोबाइल नंबर बताए बातचीत भी कर सकेंगे अब तक वॉट्सएप पर किसी नए व्यक्ति से बात करने के लिए मोबाइल नंबर देना जरूरी होता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। मेटा के स्वामित्व वाले वॉट्सएप ने यूजरनेम फीचर लॉन्च करने का ऐलान किया है। इसके बाद लोग अपना मोबाइल नंबर बताए बिना भी सिर्फ यूजरनेम के जरिए चैट कर सकेंगे। पूरी खबर पढ़ें…
अमेरिकी सांसद बोले- भारत-अमेरिका रिश्ते 30 साल में सबसे खराब:ट्रम्प की टैरिफ नीति और एकतरफा फैसलों ने भरोसे को नुकसान पहुंचाया

भारतीय मूल के अमेरिकी डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नीतियों की वजह से भारत और अमेरिका के रिश्ते पिछले 30 साल में सबसे खराब दौर में पहुंच गए हैं। वॉशिंगटन में आयोजित यूएस-इंडिया स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) लीडरशिप समिट 2026 में उन्होंने कहा कि ट्रम्प की टैरिफ नीति, ईरान के साथ युद्ध और सहयोगी देशों से बिना सलाह लिए फैसले करने से अमेरिका की साख को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने भारत, यूरोप और कनाडा जैसे अपने सहयोगी देशों से बात किए बिना ईरान पर सैन्य कार्रवाई की। इस तरह के फैसलों से अपने सहयोगी देशों का भरोसा कमजोर हुआ है। खन्ना बोले- टैरिफ से भरोसे की एक पीढ़ी खत्म हो गई रो खन्ना ने ट्रम्प की टैरिफ नीति को भी गलत बताया। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में चीन यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात एक भारतीय राजदूत से हुई। खन्ना के मुताबिक, राजदूत ने उनसे कहा, “आपके राष्ट्रपति की वजह से भरोसे की एक पूरी पीढ़ी खत्म हो गई है।” उन्होंने कहा कि अगर ट्रम्प की नीतियों से हुए नुकसान को स्वीकार नहीं किया गया तो यह सच्चाई से मुंह मोड़ने जैसा होगा। रो खन्ना ने ट्रम्प को ‘लेम डक’ राष्ट्रपति बताते हुए दावा किया कि डेमोक्रेटिक पार्टी अगले मिड-टर्म चुनाव में प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल करेगी और 2028 का राष्ट्रपति चुनाव भी जीतेगी। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अमेरिका के साथ-साथ दुनिया के देशों के साथ उसके रिश्ते भी दोबारा मजबूत करने होंगे। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट का जिक्र करते हुए कहा कि वे दुनिया के देशों के साथ मिलकर चलने में विश्वास रखते थे और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का भी समर्थन करते थे। अमेरिकी राजदूत बोले- भारत के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं कार्यक्रम में भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि अमेरिका भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करना चाहता है और दुनिया में भारत की बढ़ती ताकत को पूरी तरह स्वीकार करता है। गोर ने कहा, “हम भारत के साथ एक और बड़े समझौते को पूरा करने के बहुत करीब हैं। प्रस्तावित व्यापार समझौता अंतिम चरण में पहुंच गया है।” गोर ने बताया कि कुछ सप्ताह पहले नई दिल्ली में एक भारतीय मंत्री से उनकी मुलाकात हुई थी। मंत्री ने उनसे कहा, खबरों में चाहे जो दिखे, 50 साल बाद भी भारत और अमेरिका दोस्त रहेंगे। अमेरिका दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र है और भारत सबसे बड़ा लोकतंत्र। गोर ने मोदी-ट्रम्प की दोस्ती का किस्सा भी सुनाया गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प की दोस्ती का एक किस्सा भी सुनाया। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले ट्रम्प सुबह 6 बजे (भारतीय समयानुसार) ही पीएम मोदी को फोन करना चाहते थे। गोर ने बताया कि वह मियामी में एक UFC इवेंट के दौरान ट्रम्प के साथ बैकस्टेज बैठे थे। तभी ट्रम्प ने कहा, “चलो प्रधानमंत्री मोदी को फोन करते हैं।” जब गोर ने बताया कि भारत में उस समय सुबह के 6 बजे हैं, तो ट्रम्प ने जवाब दिया, “वो उठे होंगे। वो मेरी तरह हैं, सोते नहीं।” हालांकि, ट्रम्प को कुछ देर बाद मंच पर जाना था, इसलिए दोनों नेताओं की बातचीत अगले दिन तय की गई। गोर ने कहा कि यह दिखाता है कि ट्रम्प, प्रधानमंत्री मोदी को अपना करीबी दोस्त मानते हैं। उन्होंने कहा, “जब कोई आपका दोस्त होता है तो हर बातचीत पहले से तय नहीं करनी पड़ती। आप सीधे फोन करके पूछ सकते हैं कि कैसे हैं।” उन्होंने कहा कि ट्रम्प भारत का सम्मान करते हैं और प्रधानमंत्री मोदी को कई दूसरे विश्व नेताओं से अलग नजर से देखते हैं। गोर के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच यही भरोसा भारत-अमेरिका संबंधों को भी मजबूत करता है।
अमेरिकी सांसद बोले- भारत-अमेरिका रिश्ते 30 साल में सबसे खराब:ट्रम्प की टैरिफ नीति और एकतरफा फैसलों ने भरोसे को नुकसान पहुंचाया

भारतीय मूल के अमेरिकी डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नीतियों की वजह से भारत और अमेरिका के रिश्ते पिछले 30 साल में सबसे खराब दौर में पहुंच गए हैं। वॉशिंगटन में आयोजित यूएस-इंडिया स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) लीडरशिप समिट 2026 में उन्होंने कहा कि ट्रम्प की टैरिफ नीति, ईरान के साथ युद्ध और सहयोगी देशों से बिना सलाह लिए फैसले करने से अमेरिका की साख को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने भारत, यूरोप और कनाडा जैसे अपने सहयोगी देशों से बात किए बिना ईरान पर सैन्य कार्रवाई की। इस तरह के फैसलों से अपने सहयोगी देशों का भरोसा कमजोर हुआ है। खन्ना बोले- टैरिफ से भरोसे की एक पीढ़ी खत्म हो गई रो खन्ना ने ट्रम्प की टैरिफ नीति को भी गलत बताया। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में चीन यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात एक भारतीय राजदूत से हुई। खन्ना के मुताबिक, राजदूत ने उनसे कहा, “आपके राष्ट्रपति की वजह से भरोसे की एक पूरी पीढ़ी खत्म हो गई है।” उन्होंने कहा कि अगर ट्रम्प की नीतियों से हुए नुकसान को स्वीकार नहीं किया गया तो यह सच्चाई से मुंह मोड़ने जैसा होगा। रो खन्ना ने ट्रम्प को ‘लेम डक’ राष्ट्रपति बताते हुए दावा किया कि डेमोक्रेटिक पार्टी अगले मिड-टर्म चुनाव में प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल करेगी और 2028 का राष्ट्रपति चुनाव भी जीतेगी। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अमेरिका के साथ-साथ दुनिया के देशों के साथ उसके रिश्ते भी दोबारा मजबूत करने होंगे। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट का जिक्र करते हुए कहा कि वे दुनिया के देशों के साथ मिलकर चलने में विश्वास रखते थे और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का भी समर्थन करते थे। अमेरिकी राजदूत बोले- भारत के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं कार्यक्रम में भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि अमेरिका भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करना चाहता है और दुनिया में भारत की बढ़ती ताकत को पूरी तरह स्वीकार करता है। गोर ने कहा, “हम भारत के साथ एक और बड़े समझौते को पूरा करने के बहुत करीब हैं। प्रस्तावित व्यापार समझौता अंतिम चरण में पहुंच गया है।” गोर ने बताया कि कुछ सप्ताह पहले नई दिल्ली में एक भारतीय मंत्री से उनकी मुलाकात हुई थी। मंत्री ने उनसे कहा, खबरों में चाहे जो दिखे, 50 साल बाद भी भारत और अमेरिका दोस्त रहेंगे। अमेरिका दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र है और भारत सबसे बड़ा लोकतंत्र। गोर ने मोदी-ट्रम्प की दोस्ती का किस्सा भी सुनाया गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प की दोस्ती का एक किस्सा भी सुनाया। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले ट्रम्प सुबह 6 बजे (भारतीय समयानुसार) ही पीएम मोदी को फोन करना चाहते थे। गोर ने बताया कि वह मियामी में एक UFC इवेंट के दौरान ट्रम्प के साथ बैकस्टेज बैठे थे। तभी ट्रम्प ने कहा, “चलो प्रधानमंत्री मोदी को फोन करते हैं।” जब गोर ने बताया कि भारत में उस समय सुबह के 6 बजे हैं, तो ट्रम्प ने जवाब दिया, “वो उठे होंगे। वो मेरी तरह हैं, सोते नहीं।” हालांकि, ट्रम्प को कुछ देर बाद मंच पर जाना था, इसलिए दोनों नेताओं की बातचीत अगले दिन तय की गई। गोर ने कहा कि यह दिखाता है कि ट्रम्प, प्रधानमंत्री मोदी को अपना करीबी दोस्त मानते हैं। उन्होंने कहा, “जब कोई आपका दोस्त होता है तो हर बातचीत पहले से तय नहीं करनी पड़ती। आप सीधे फोन करके पूछ सकते हैं कि कैसे हैं।” उन्होंने कहा कि ट्रम्प भारत का सम्मान करते हैं और प्रधानमंत्री मोदी को कई दूसरे विश्व नेताओं से अलग नजर से देखते हैं। गोर के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच यही भरोसा भारत-अमेरिका संबंधों को भी मजबूत करता है।
चार बार की चैंपियन जर्मनी फुटबॉल वर्ल्ड कप से बाहर:पराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराया; ब्राजील ने आखिरी मिनट में जापान को हराया

फुटबॉल वर्ल्ड कप में मंगलवार को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला। जब पराग्वे ने चार बार की वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर बाहर कर दिया। इससे पहले 5 बार की चैंपियन ब्राजील ने एक रोमांचक मुकाबले में जापान को 2-1 से हराते हुए प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। टीम 20वीं बार राउंड ऑफ 16 में पहुंची है। ब्राजील अब राउंड ऑफ-16 में आइवरी कोस्ट या नॉर्वे से भिड़ेगा, जबकि पराग्वे का मुकाबला फ्रांस और स्वीडन के विजेता से होगा। गिल ने 2 सेव किए; मार्टिनेली ने आखिरी मिनट में गोल किया फॉक्सबोरो में फीफा रैंकिंग में 34वें नंबर की टीम पराग्वे ने राउंड ऑफ 32 में 12वें नंबर की जर्मनी को कड़ी टक्कर दी। निर्धारित समय और इंजरी टाइम के बाद स्कोर 1-1 की बराबरी पर रहा। पेनल्टी शूटआउट में जोस कैनाले ने पहला सडन डेथ पेनल्टी गोल किया, जबकि गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने दो अहम बचाव कर टीम को जीत दिलाई। इधर, ह्यूस्टन में ब्राजील की जीत आखिरी क्षणों में आई। दूसरे हाफ में सब्स्टीट्यूट के तौर पर उतरे गैब्रियल मार्टिनेली ने इंजरी टाइम के छठे मिनट में गोल कर मुकाबला खत्म होने से ठीक पहले टीम को जीत दिला दी। आगे दोनों मैच रिपोर्ट जर्मनी Vs पराग्वे इंजरी टाइम में जोनाथन ताह का गोल अमान्य हुआ पराग्वे ने 42वें मिनट में बढ़त बनाई। मिगेल अल्मिरोन के पास पर मातियास गालार्सा ने क्रॉस किया, जिस पर जूलियो एनसिसो ने हेडर से गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। जर्मनी ने 52वें मिनट में वापसी की। फ्लोरियन विर्ट्ज के क्रॉस पर काई हैवर्ट्ज ने हेडर से बराबरी का गोल किया। अतिरिक्त समय के 102वें मिनट में जोनाथन ताह ने कॉर्नर पर गोल किया, लेकिन वीडियो रिव्यू में वाल्डेमार एंटोन द्वारा गोलकीपर ऑरलैंडो गिल को धक्का देने की पुष्टि होने पर गोल रद्द कर दिया गया। जर्मनी ने पहले हाफ में 78% गेंद पर कब्जा रखा, लेकिन पराग्वे की 4-5-1 रक्षात्मक रणनीति नहीं तोड़ सका। ग्रुप स्टेज में 10 गोल करने के बावजूद टीम नॉकआउट में संघर्ष करती दिखी। गोलकीपर गिल बोले- हर प्लेयर का विश्लेषण किया मैच के बाद ऑरलैंडो गिल ने कहा, ‘हमने हर खिलाड़ी और हर छोटी बात का विश्लेषण किया था। उसी की बदौलत मैं सिर्फ दो पेनल्टी मिस होने दे पाया। यह जीत पराग्वे के सभी लोगों के लिए है।’ जोस कैनाले ने कहा, ‘हमने साबित कर दिया कि हमारी टीम कितनी एकजुट है। आज हमें अपना असली खेल दिखाना था।’ काई हैवर्ट्ज ने हार के बाद कहा, ‘इस वर्ल्ड कप से हमारी बहुत बड़ी उम्मीदें थीं। फिर से निराश होना बहुत मुश्किल है। हम मौके बनाने और खेल की रफ्तार बनाए रखने में संघर्ष करते रहे।’ मैच में खास ब्राजील Vs जापान ब्राजील ने इंजरी टाइम में छीनी जीत जापान ने 29वें मिनट में बढ़त बनाई। काइशू सानो ने मिडफील्ड में ब्राजील की गलत पासिंग का फायदा उठाकर दूर से दाएं पैर से शानदार गोल किया। ब्राजील ने 56वें मिनट में बराबरी की। गैब्रियल मागाल्हाइस के असिस्ट पर कासेमिरो ने हेडर से गोल किया। इससे 2 मिनट पहले उनका हेडर जापान के गोलकीपर जियोन सुजुकी ने रोक लिया था। 58वें मिनट में विनीसियस जूनियर के पास बढ़त दिलाने का मौका था, लेकिन सुजुकी ने उनका शॉट डिफ्लेक्ट कर दिया और गेंद पोस्ट से टकराकर बाहर चली गई। ब्राजील के कोच कार्लो एंसेलोटी ने दूसरे हाफ में गैब्रियल मार्टिनेली को उतारा। उन्होंने इंजरी टाइम के छठे मिनट में विजयी गोल कर टीम को 2-1 से जीत दिला दी। एंसेलोटी बोले- हमारा टारगेट टॉप लेवल फुटबॉल खेलना है एंसेलोटी ने कहा, ‘हम मैदान पर नई ऊर्जा लाना चाहते थे, क्योंकि मार्टिनेली काफी तीव्रता से खेलते हैं। जब भी वह मैदान पर उतरते हैं, अपना सर्वश्रेष्ठ देते हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हम अच्छा खेल रहे हैं, लेकिन हमें इससे संतुष्ट नहीं होना चाहिए। हमारा लक्ष्य सबसे ऊंचे स्तर का फुटबॉल खेलना है।’ पहले गोल के बाद एंसेलोटी ने अपनी टीम की वापसी की तारीफ करते हुए कहा, ‘गलतियां हर टीम से होती हैं, लेकिन उनसे उबरना जरूरी है। दूसरे हाफ में टीम ने यही किया।’ कासेमिरो दूसरे हाफ के इंजरी टाइम के पहले मिनट में पैर की चोट के कारण मैदान से बाहर चले गए। मैच के बाद उनकी चोट की गंभीरता की जानकारी नहीं दी गई। ब्राजील के स्टार खिलाड़ी नेमार इस मुकाबले में नहीं खेले। वे पिछले मैच में सिर्फ 14 मिनट खेले थे। एंसेलोटी ने कहा कि उन्हें उतारने पर विचार किया गया था, लेकिन जरूरत नहीं पड़ी। मैच में खास ब्राजील अपने ग्रुप में टॉप पर रहा ब्राजील ने ग्रुप C में मोरक्को से ड्रॉ और हैती व स्कॉटलैंड पर जीत के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया था। सोमवार की जीत उसके 1958 में स्वीडन में जीते पहले वर्ल्ड कप खिताब की वर्षगांठ के दिन आई। वहीं जापान ग्रुप F में नीदरलैंड और स्वीडन से ड्रॉ तथा ट्यूनीशिया पर जीत के बाद उपविजेता बनकर नॉकआउट में पहुंचा था। ————————————————–
चार बार का चैंपियन जर्मनी फुटबॉल वर्ल्ड कप से बाहर:पराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में हराया; आखिरी मिनट में मार्टिनेली के गोल से जीता ब्राजील

फुटबॉल वर्ल्ड कप में मंगलवार को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला। जब पराग्वे ने चार बार की वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर बाहर कर दिया। इससे पहले 5 बार की चैंपियन ब्राजील ने एक रोमांचक मुकाबले में जापान को 2-1 से हराते हुए प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। टीम 20वीं बार राउंड ऑफ 16 में पहुंची है। ब्राजील अब राउंड ऑफ-16 में आइवरी कोस्ट या नॉर्वे से भिड़ेगा, जबकि पराग्वे का मुकाबला फ्रांस और स्वीडन के विजेता से होगा। गिल ने 2 सेव किए; मार्टिनेली ने आखिरी मिनट में गोल किया फॉक्सबोरो में फीफा रैंकिंग में 34वें नंबर की टीम पराग्वे ने राउंड ऑफ 32 में 12वें नंबर की जर्मनी को कड़ी टक्कर दी। निर्धारित समय और इंजरी टाइम के बाद स्कोर 1-1 की बराबरी पर रहा। पेनल्टी शूटआउट में जोस कैनाले ने पहला सडन डेथ पेनल्टी गोल किया, जबकि गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने दो अहम बचाव कर टीम को जीत दिलाई। इधर, ह्यूस्टन में ब्राजील की जीत आखिरी क्षणों में आई। दूसरे हाफ में सब्स्टीट्यूट के तौर पर उतरे गैब्रियल मार्टिनेली ने इंजरी टाइम के छठे मिनट में गोल कर मुकाबला खत्म होने से ठीक पहले टीम को जीत दिला दी। आगे दोनों मैच रिपोर्ट जर्मनी Vs पराग्वे इंजरी टाइम में जोनाथन ताह का गोल अमान्य हुआ पराग्वे ने 42वें मिनट में बढ़त बनाई। मिगेल अल्मिरोन के पास पर मातियास गालार्सा ने क्रॉस किया, जिस पर जूलियो एनसिसो ने हेडर से गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। जर्मनी ने 52वें मिनट में वापसी की। फ्लोरियन विर्ट्ज के क्रॉस पर काई हैवर्ट्ज ने हेडर से बराबरी का गोल किया। अतिरिक्त समय के 102वें मिनट में जोनाथन ताह ने कॉर्नर पर गोल किया, लेकिन वीडियो रिव्यू में वाल्डेमार एंटोन द्वारा गोलकीपर ऑरलैंडो गिल को धक्का देने की पुष्टि होने पर गोल रद्द कर दिया गया। जर्मनी ने पहले हाफ में 78% गेंद पर कब्जा रखा, लेकिन पराग्वे की 4-5-1 रक्षात्मक रणनीति नहीं तोड़ सका। ग्रुप स्टेज में 10 गोल करने के बावजूद टीम नॉकआउट में संघर्ष करती दिखी। गोलकीपर गिल बोले- हर प्लेयर का विश्लेषण किया मैच के बाद ऑरलैंडो गिल ने कहा, ‘हमने हर खिलाड़ी और हर छोटी बात का विश्लेषण किया था। उसी की बदौलत मैं सिर्फ दो पेनल्टी मिस होने दे पाया। यह जीत पराग्वे के सभी लोगों के लिए है।’ जोस कैनाले ने कहा, ‘हमने साबित कर दिया कि हमारी टीम कितनी एकजुट है। आज हमें अपना असली खेल दिखाना था।’ काई हैवर्ट्ज ने हार के बाद कहा, ‘इस वर्ल्ड कप से हमारी बहुत बड़ी उम्मीदें थीं। फिर से निराश होना बहुत मुश्किल है। हम मौके बनाने और खेल की रफ्तार बनाए रखने में संघर्ष करते रहे।’ मैच में खास ब्राजील Vs जापान ब्राजील ने इंजरी टाइम में छीनी जीत जापान ने 29वें मिनट में बढ़त बनाई। काइशू सानो ने मिडफील्ड में ब्राजील की गलत पासिंग का फायदा उठाकर दूर से दाएं पैर से शानदार गोल किया। ब्राजील ने 56वें मिनट में बराबरी की। गैब्रियल मागाल्हाइस के असिस्ट पर कासेमिरो ने हेडर से गोल किया। इससे 2 मिनट पहले उनका हेडर जापान के गोलकीपर जियोन सुजुकी ने रोक लिया था। 58वें मिनट में विनीसियस जूनियर के पास बढ़त दिलाने का मौका था, लेकिन सुजुकी ने उनका शॉट डिफ्लेक्ट कर दिया और गेंद पोस्ट से टकराकर बाहर चली गई। ब्राजील के कोच कार्लो एंसेलोटी ने दूसरे हाफ में गैब्रियल मार्टिनेली को उतारा। उन्होंने इंजरी टाइम के छठे मिनट में विजयी गोल कर टीम को 2-1 से जीत दिला दी। एंसेलोटी बोले- हमारा टारगेट टॉप लेवल फुटबॉल खेलना है एंसेलोटी ने कहा, ‘हम मैदान पर नई ऊर्जा लाना चाहते थे, क्योंकि मार्टिनेली काफी तीव्रता से खेलते हैं। जब भी वह मैदान पर उतरते हैं, अपना सर्वश्रेष्ठ देते हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हम अच्छा खेल रहे हैं, लेकिन हमें इससे संतुष्ट नहीं होना चाहिए। हमारा लक्ष्य सबसे ऊंचे स्तर का फुटबॉल खेलना है।’ पहले गोल के बाद एंसेलोटी ने अपनी टीम की वापसी की तारीफ करते हुए कहा, ‘गलतियां हर टीम से होती हैं, लेकिन उनसे उबरना जरूरी है। दूसरे हाफ में टीम ने यही किया।’ कासेमिरो दूसरे हाफ के इंजरी टाइम के पहले मिनट में पैर की चोट के कारण मैदान से बाहर चले गए। मैच के बाद उनकी चोट की गंभीरता की जानकारी नहीं दी गई। ब्राजील के स्टार खिलाड़ी नेमार इस मुकाबले में नहीं खेले। वे पिछले मैच में सिर्फ 14 मिनट खेले थे। एंसेलोटी ने कहा कि उन्हें उतारने पर विचार किया गया था, लेकिन जरूरत नहीं पड़ी। मैच में खास ब्राजील अपने ग्रुप में टॉप पर रहा ब्राजील ने ग्रुप C में मोरक्को से ड्रॉ और हैती व स्कॉटलैंड पर जीत के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया था। सोमवार की जीत उसके 1958 में स्वीडन में जीते पहले वर्ल्ड कप खिताब की वर्षगांठ के दिन आई। वहीं जापान ग्रुप F में नीदरलैंड और स्वीडन से ड्रॉ तथा ट्यूनीशिया पर जीत के बाद उपविजेता बनकर नॉकआउट में पहुंचा था। ————————————————– फुटबॉल वर्ल्ड कप की जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… नॉर्वे पहली बार आइवरी कोस्ट से भिड़ेगा, FIFA वर्ल्ड कप में आज 3 मुकाबले FIFA वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ-32 में आज तीन मुकाबले खेले जाएंगे। पहले मैच में आइवरी कोस्ट का सामना नॉर्वे से होगा। दोनों टीमें पहली बार आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला भारतीय समय के हिसाब से 30 जून रात 10:30 बजे डलास स्टेडियम में खेला जाएगा। पढ़ें पूरी खबर
ट्रम्प बोले- आज कतर में अमेरिका-ईरान की बातचीत होगी:अपने खास दूत विटकॉफ को भेजा; तेहरान ने बातचीत से इनकार किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच अहम बातचीत होगी। ट्रम्प का कहना है कि ईरान ने खुद इस बैठक का अनुरोध किया था। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच 17 जून को हुए समझौता ज्ञापन (MoU) को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ दोहा के लिए रवाना हो चुके हैं। हालांकि, यह साफ नहीं किया गया कि ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर उनके साथ यात्रा कर रहे हैं या नहीं। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय ने ट्रम्प के दावे को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर कोई राजनीतिक वार्ता तय नहीं है। मंत्रालय ने साफ किया कि ईरान केवल एक एक्सपर्ट प्रतिनिधिमंडल दोहा भेजेगा, जो MoU को आगे बढ़ाने और कतर में फंसी ईरानी संपत्तियों को जारी करने जैसे तकनीकी मुद्दों पर काम करेगा। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… 1. होर्मुज से जहाजों की आवाजाही घटी: समुद्री ट्रैकिंग कंपनी केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को कुल 29 मालवाहक जहाज होर्मुज से गुजरे, जबकि रविवार को यह संख्या घटकर सिर्फ 12 रह गई। 2. होर्मुज को लेकर ईरान और ओमान की मीटिंग: ईरान और ओमान ने सोमवार को मस्कट में जॉइंट होर्मुज कमेटी की पहली बैठक की। इसमें होर्मुज स्ट्रेट को चलाने को लेकर चर्चा हुई। 3. खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होगा इंडियन डेलिगेशन: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में बिहार के राज्यपाल जनरल सैयद हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा शामिल हो सकते हैं। 4. ईरान बोला- कतर में फंसे 6 अरब डॉलर जल्द मिलेंगे: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा है कि कतर में फंसी ईरान की 12 अरब डॉलर की राशि में से 6 अरब डॉलर जल्द जारी कर दिए जाएंगे। ईरान पीस डील से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
कुणाल खेमू बोले- होस्टिंग मेरे लिए नया अनुभव:‘अलायंस’ में रियलिटी, रिश्ते और रणनीति का अनोखा मिश्रण दिखेगा

बाल कलाकार से शुरुआत करने वाले कुणाल खेमू ने अभिनय, लेखन और निर्देशन में पहचान बनाई है। अब वह प्राइम वीडियो के पहले डेली रियलिटी शो ‘अलायंस’ को होस्ट कर रहे हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने शो के फॉर्मेट, होस्टिंग अनुभव, परिवार और करियर से जुड़े सवालों पर बात की। सवाल: पहली बार किसी रियलिटी शो को होस्ट कर रहे हैं। ऐसा क्या था जिसने आपको इसके लिए हामी भरने पर मजबूर किया? जवाब: मुझे यह पसंद आया कि सिर्फ मेरा ही पहला कदम नहीं था। प्राइम वीडियो भी पहली बार डेली रियलिटी शो ला रहा है। यह फॉर्मेट भारत में पहली बार बन रहा है। लगा कि हम सब साथ सीखेंगे। इसमें रियलिटी और चुनौतियां हैं। रिश्ते बनते हैं, टूटते हैं और हर दिन खेल बदलता है। यहां फैसले बाहर से नहीं होते, कंटेस्टेंट्स खुद तय करते हैं। सवाल: बिग बॉस और दूसरे रियलिटी शोज से यह कितना अलग है? जवाब: सबसे बड़ा फर्क इसका फॉर्मेट है। यहां लोग अकेले नहीं, जोड़ियों में आते हैं। चार गठबंधन बनते हैं और खेल उन्हीं के आसपास घूमता है। यहां रसोई या रोजमर्रा की लड़ाइयों से ज्यादा ध्यान रणनीति और रिश्तों पर है। सवाल: अमिताभ बच्चन, सलमान खान, करण जौहर और शिल्पा शेट्टी जैसे बड़े नाम पहले ही होस्टिंग कर चुके हैं। तुलना का दबाव महसूस हुआ? जवाब: मैंने कभी तुलना का दबाव नहीं लिया। अगर कोई बेहतर कर चुका है तो मैं उसे कॉपी क्यों करूं। निर्माताओं ने कहा कि उन्हें मेरी अलग ऊर्जा चाहिए। मैंने सोचा कि भगवान का नाम लेकर शुरुआत करता हूं। मैं पहले खुद जानना चाहता हूं कि मुझे इसमें मजा आता है या नहीं। अगर यह स्वाभाविक नहीं लगा तो मैं अपने पुराने काम पर लौट जाऊंगा। सवाल: असल जिंदगी में आप अकेले चलने वाले इंसान हैं या गठबंधन बनाने में भरोसा रखते हैं? जवाब: जिंदगी का सबसे जरूरी साथ तो मैं बना चुका हूं। हर काम के लिए अलग साथी चाहिए। दौड़ने के लिए धावक, फिल्म के लिए कलाकार और लेखन के लिए अच्छे लेखक चाहिए। मुझे जुनूनी लोगों के साथ काम करना पसंद है। सवाल: अगर शो में दोस्ती, दुश्मनी और धोखा तीनों देखने को मिलें तो आपको सबसे ज्यादा क्या पसंद आएगा? जवाब: रियलिटी शो में हर तरह की भावनाएं जरूरी हैं। सिर्फ हंसी या लड़ाई से मजा नहीं आता। मुझे लोग ज्यादा दिलचस्प लगते हैं। कई बार चुप रहने वाले लोग भी असर छोड़ जाते हैं। पहले ही दिन ऐसी घटनाएं हुईं जिनकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। असली रियलिटी स्क्रिप्ट से अलग होती है। सवाल: अगर फिल्म इंडस्ट्री से किसी को इस शो में कंटेस्टेंट बनाकर बुलाना हो तो किसे बुलाएंगे? जवाब: अभी कहना मुश्किल है। पहले पूरा सीजन देख लूं, तब समझ आएगा कि किस तरह के लोग फिट बैठेंगे। सवाल: अगर सोहा, सैफ और करीना इस शो में आ जाएं तो किसके साथ गठबंधन बनाएंगे और किसे धोखा देंगे? जवाब: ऐसा होने वाला ही नहीं है, इसलिए अभी सोचने का मतलब नहीं। मुझे नहीं पता खेल कैसे आगे बढ़ेगा। मौका आएगा तब देखा जाएगा। सवाल: किसी कंटेस्टेंट को देखकर लगा कि यह तो गोलमाल के किसी किरदार जैसा है? जवाब: अभी तक नहीं। अरमान की ऊर्जा अलग लगी। वह प्यारा और अलग अंदाज का इंसान है। खेल आगे बढ़ने पर असली रंग सामने आएंगे। सवाल: अभिनय, निर्देशन, लेखन, संगीत और अब होस्टिंग। सबसे मुश्किल क्या लगा? जवाब: इस समय सबसे चुनौतीपूर्ण होस्टिंग लग रही है क्योंकि यह मेरे लिए नया अनुभव है। अभिनय और निर्देशन का अनुभव था, लेकिन यहां हर पल कुछ नया सीखना पड़ रहा है। सवाल: इस शो में रणनीति ज्यादा काम आएगी या भावनाएं? जवाब: रणनीति थोड़ी दूर तक साथ देती है, लेकिन लंबे समय में असली स्वभाव सामने आ जाता है। फैसले बाहर के लोग नहीं बल्कि घर के लोग करेंगे। इसलिए असली पहचान ही मायने रखती है। सवाल: कैमरे के सामने ज्यादा मजा आता है या कैमरे के पीछे? जवाब: अभिनय मेरा पहला प्यार है और हमेशा रहेगा। निर्देशन ने मुझे अलग तरह की आजादी दी। निर्देशक के तौर पर आप पूरी टीम से जुड़े रहते हैं। भावनाएं खुलकर सामने आती हैं। वह अनुभव मुझे पसंद आया। सवाल: मडगांव एक्सप्रेस के बाद अब किस पर काम चल रहा है? जवाब: मेरी लिखी और निर्देशित फिल्म ‘वाइब’ 18 सितंबर को रिलीज होगी। ‘मडगांव एक्सप्रेस 2’ की पटकथा तैयार है और उस पर काम चल रहा है। सवाल: ‘गो गोवा गॉन २’ का इंतजार आज भी हो रहा है। उस पर क्या अपडेट है? जवाब: अगर मेरे हाथ में फैसला होता तो दूसरा भाग कब का बन चुका होता। लेकिन अधिकार मेरे पास नहीं हैं। फैसला वही लोग करेंगे जिनके पास अधिकार हैं। सवाल: दर्शकों से क्या कहना चाहेंगे? जवाब: हर दिन रात 12 बजे प्राइम वीडियो पर ‘अलायंस’ देखिए। यह नया फॉर्मेट है और उम्मीद है कि दर्शकों को पसंद आएगा।
अरशद वारसी बोले- अच्छे लोगों के साथ काम जरूरी:कुछ फिल्में पसंद से, कुछ जिंदगी की मजबूरी में करनी पड़ती हैं

‘प्रीतम एंड पेड्रो’ में दिलचस्प किरदार निभा रहे अरशद वारसी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में सीरीज के साथ अपने काम के नजरिए और करियर पर बात की। उन्होंने बताया कि कहानी में क्या खास लगा, राजकुमार हिरानी के साथ काम करना क्यों आसान और मजेदार है और क्यों उनके लिए अच्छी स्क्रिप्ट के साथ अच्छा माहौल भी जरूरी है। उन्होंने गोवा शूट के किस्से, एक्टिंग प्रोसेस और सफलता की सोच भी साझा की। सवाल: जब आपने ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ की स्क्रिप्ट पढ़ी तो ऐसी कौन-सी बात थी जिसने आपको इस प्रोजेक्ट के लिए तुरंत तैयार कर दिया? जवाब: सबसे पहले इसका विषय मुझे महत्वपूर्ण लगा। साइबर क्राइम आज का बड़ा मुद्दा है और इसके बारे में ज्यादा जागरूक होने की जरूरत है। लेकिन सिर्फ यही वजह नहीं थी। मुझे राजू ( राजकुमार हिरानी) की कहानी कहने की शैली पसंद है। उनके किरदार मानवीय होते हैं। ‘पेड्रो’ का किरदार बहुत प्यारा लगा, जिसमें ह्यूमर, खुशी और भावनाएं हैं। यह कहानी बाहर से आसान लगती है, लेकिन अंदर कई परतें हैं और यही बात मुझे सबसे ज्यादा पसंद आई। सवाल: राजकुमार हिरानी के साथ काम करने में सबसे ज्यादा क्या पसंद आता है? जवाब:दो बातें हैं। पहली प्रोफेशनल और दूसरी पर्सनल। प्रोफेशनल तौर पर उन्हें स्क्रिप्ट की शानदार समझ है और वे हर सीन को बेहतर बनाते हैं। उनके साथ काम करते हुए बहुत कुछ सीखने को मिलता है। पर्सनल तौर पर उनके साथ काम करना मजेदार होता है। सेट पर बातचीत और हंसी-मजाक का अच्छा माहौल रहता है। लोग उन्हें गंभीर समझते हैं, लेकिन उनका सेंस ऑफ ह्यूमर अच्छा है। सवाल: शूटिंग के दौरान कोई ऐसा पल जो हमेशा याद रहेगा? जवाब: इस बार मैंने राजू से ऐसा काम करवाया जो उन्होंने पहले कभी नहीं किया होगा। मेरे पास एक खुला पिकअप ट्रक है। हम दोनों पीछे बैठकर गोवा घूमने गए, जैसे कॉलेज के दिनों की मस्ती हो। गोवा में हमने टीनएजर वाली हरकतें कीं। वह अनुभव बहुत मजेदार था और आज भी याद रहेगा। सवाल: क्या कभी ऐसा लगा कि करियर आपकी उम्मीदों के मुताबिक नहीं चल रहा? जवाब: हर इंसान की जिंदगी में ऐसा समय आता है। कुछ काम दिल से होते हैं और कुछ जिम्मेदारियों की वजह से करने पड़ते हैं। लेकिन समय के साथ मैंने सीखा कि मेरे लिए अच्छे लोगों के साथ काम करना ज्यादा जरूरी है। अगर माहौल अच्छा हो तो काम का अनुभव बेहतर होता है। मैं ऐसे लोगों के साथ काम करना पसंद करता हूं जहां बेवजह का तनाव न हो। सवाल: एक एक्टर के तौर पर आप किसी प्रोजेक्ट में कितना इन्वॉल्व रहते हैं? जवाब: मेरे हिसाब से एक्टिंग सिर्फ डायलॉग बोलना नहीं है। अगर आपके पास कोई आइडिया है या सीन को बेहतर बनाने की सोच है, तो उसे टीम के साथ साझा करना चाहिए। मुझे लगता है जितनी ज्यादा भागीदारी होगी, उतना बेहतर काम निकलेगा। सवाल: अगर एक लाइन में ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ को बताना हो तो क्या कहेंगे? जवाब: यह दो लोगों की कहानी है जो मुश्किल हालात से गुजर रहे हैं। उनके बीच एक रिश्ता बनता है और वे एक-दूसरे की जिंदगी बदल देते हैं। इस कहानी में दोस्ती, इमोशन और हंसी है। इसमें ऐसे पल हैं जो दर्शकों को छू जाएंगे। लोगों को यह सफर पसंद आएगा। __________________________________ यह इंटरव्यू भी पढ़ें.. राजकुमार हिरानी का ओटीटी डेब्यू:बोले- नई कहानी की तलाश में फ्रस्ट्रेशन होना तय, यही बेचैनी नई कहानी तक ले जाती है साइबर क्राइम जैसे गंभीर विषय को मनोरंजक अंदाज में पर्दे पर लाने की तैयारी कर रहे राजकुमार हिरानी अपनी पहली वेब सीरीज ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ से ओटीटी डेब्यू कर रहे हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहानी के आइडिया, फिल्म और ओटीटी में फर्क, क्रिएटिव प्रोसेस, दर्शकों की उम्मीदों और सीरीज के भावनात्मक संदेश पर बात की। पूरा इंटरव्यू पढ़ें..









