Thursday, 17 Sep 2026 | 07:30 AM

Trending :

EXCLUSIVE

सुकन्या में 8.2% और PPF पर 7.1% ब्याज मिलता रहेगा:स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों में बदलाव नहीं, लगातार 10वीं तिमाही ब्याज दर स्थिर

सुकन्या में 8.2% और PPF पर 7.1% ब्याज मिलता रहेगा:स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों में बदलाव नहीं, लगातार 10वीं तिमाही ब्याज दर स्थिर

सरकार ने जुलाई-सितंबर तिमाही यानी वित्त-वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स जैसे- पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), पोस्ट ऑफिस FD, सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। यह लगातार 10वीं तिमाही है, जब ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार ने आखिरी बार दिसंबर 2023 में इंटरेस्ट रेट्स में बढ़ोतरी की थी। पब्लिक प्रोविडेंट फंड पर 7.1% ब्याज दर पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) पर 7.1% और सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.2% ब्याज मिलता रहेगा। स्मॉल सेविंग्स स्कीमों पर ब्याज दरें 4% से 8.2% के बीच हैं। सरकार छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों पर फैसला लेने से पहले देश में कैश और महंगाई की स्थिति पर भी नजर रखती है। इनकी समीक्षा हर तीन महीने पर होती है। ब्याज दरों का हर तिमाही में रिव्यू होता है स्मॉल सेविंग्स स्कीम की ब्याज दरों का हर तिमाही में रिव्यू होता है। इनकी ब्याज दरें तय करने का फॉर्मूला श्यामला गोपीनाथ समिति ने दिया था। समिति ने सुझाव दिया था कि इन स्कीम की ब्याज दरें समान मैच्योरिटी वाले सरकारी बॉन्ड के यील्ड से 0.25-1.00% ज्यादा होनी चाहिए। हाउसहोल्ड सेविंग का मेजर सोर्स हैं ये स्कीम स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स भारत में हाउसहोल्ड सेविंग का मेजर सोर्स हैं। इन स्कीम्स में डिपॉजिटर्स को उनके पैसे पर तय ब्याज मिलता है। सभी स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स से हुए कलेक्शन को नेशनल स्मॉल सेविंग्स फंड (NSSF) में जमा किया जाता है। क्लासिफिकेशन स्मॉल सेविंग्स इंस्ट्रूमेंट को तीन भागों में बांटा जा सकता है: पोस्टल डिपॉजिट: सेविंग अकाउंट, रिकरिंग डिपॉजिट, टाइम डिपॉजिट और मंथली इनकम स्कीम सेविंग सर्टिफिकेट: नेशनल स्मॉल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) और किसान विकास पत्र (KVP) सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स: सुकन्या समृद्धि योजना, सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF) और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS)

‘आवारापन 2’ का टीजर जारी:फिल्म 14 अगस्त को दुनियाभर के थिएटर्स में रिलीज होगी

‘आवारापन 2’ का टीजर जारी:फिल्म 14 अगस्त को दुनियाभर के थिएटर्स में रिलीज होगी

करीब दो दशक के इंतजार के बाद इमरान हाशमी स्टारर फिल्म ‘आवारापन 2’ ने आखिरकार अपनी पहली झलक के साथ दर्शकों के बीच दस्तक दे दी है। कल्ट फिल्म ‘आवारापन’ की विरासत को आगे बढ़ाते हुए रिलीज हुए टीजर ने एक बार फिर दर्शकों को शिवम पंडित की दुनिया में लौटा दिया है। टीजर की सबसे बड़ी खासियत है इमरान हाशमी की शिवम पंडित के रूप में वापसी। लगभग 19 साल बाद यह किरदार फिर परदे पर लौट रहा है और पहली झलक में ही पुराने दर्द, अकेलेपन और भावनात्मक संघर्ष की वही पहचान दिखाई देती है, जिसने पहली फिल्म को दर्शकों के बीच खास बनाया था। टीजर में इमरान की आवाज में सुनाई देने वाला नैरेशन किरदार की मानसिक स्थिति और उसकी नई जर्नी की ओर इशारा करता है। टीजर के अंतिम पलों में डायलॉग है- ‘इस बार ये आवारापन खत्म होगा… या मैं’। यह डायलॉग कहानी के भावनात्मक और तीव्र स्वर को और मजबूत बनाता है। निर्माता विशेष भट्ट ने इस बार भी मूल फिल्म की आत्मा को बनाए रखने की कोशिश की है, जबकि कहानी को नए स्तर पर ले जाने का संकेत दिया गया है। फिल्म का संगीत भी चर्चा में है। टीजर में ‘तो फिर आओ 2.0’ की झलक दिखाई गई है, जिसे मिथुन ने संगीत दिया है और गीत सईद क़ादरी ने लिखे हैं। फिल्म का निर्देशन नितिन कक्कड़ और लेखन बिलाल सिद्दीकी ने किया है। यह फिल्म 14 अगस्त 2026 को दुनियाभर के थिएटर्स में रिलीज होगी।

नोएल टाटा नवंबर में वोल्टास के चेयरमैन पद से हटेंगे:आज 72वीं एजीएम में ऐलान किया; शेयरहोल्डर्स से कहा- यह मेरी आखिरी सालाना जनरल मीटिंग

नोएल टाटा नवंबर में वोल्टास के चेयरमैन पद से हटेंगे:आज 72वीं एजीएम में ऐलान किया; शेयरहोल्डर्स से कहा- यह मेरी आखिरी सालाना जनरल मीटिंग

नोएल टाटा इस साल नवंबर में 70 साल की उम्र पूरी होने के बाद वोल्टास के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने मंगलवार को कंपनी की 72वीं सालाना जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरहोल्डर्स को खुद इसकी जानकारी दी। शेयरहोल्डर्स को संबोधित करते हुए वोल्टास के चेयरमैन नोएल टाटा ने कहा कि जैसा कि आप सभी को शायद पता ही होगा, चेयरमैन के रूप में यह मेरी आखिरी सालाना जनरल मीटिंग है। टाटा ग्रुप की पॉलिसी के कारण फैसला, ट्रेंट से भी हटे नोएल टाटा इसी साल नवंबर में 70 साल के होने जा रहे हैं। टाटा ग्रुप की कॉर्पोरेट गवर्नेंस पॉलिसी के अनुसार, सभी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स 65 साल की उम्र में और नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स 70 साल की उम्र में रिटायर हो जाते हैं। इसी पॉलिसी के तहत नोएल टाटा ने पिछले हफ्ते ही टाटा ग्रुप की रिटेल शाखा ट्रेंट के चेयरमैन पद से भी इस्तीफा दे दिया था। नोएल टाटा ने 2017 में संभाली थी वोल्टास की कमान नोएल टाटा ने साल 2017 में वोल्टास के चेयरमैन का पद संभाला था। वोल्टास के अलावा वे इस साल के आखिरी तक टाटा ग्रुप की कई अन्य बड़ी कंपनियों के बोर्ड से भी रिटायर होने वाले हैं। इन कंपनियों में टाइटन, टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन, टाटा स्टील और टाटा इंटरनेशनल शामिल हैं, जहां से वे इस साल के आखिरी तक हट जाएंगे। वोल्टास ने पहली तिमाही में बेचे 10 लाख से ज्यादा AC वोल्टास ने इस महीने की शुरुआत में घोषणा की थी कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के पहले तीन महीनों के भीतर ही 10 लाख से ज्यादा एयर-कंडीशनर बेचने का रिकॉर्ड बनाया है। कंपनी की इस मजबूत सेल को इस साल पड़ी भीषण गर्मी और वोल्टास के बड़े डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क से काफी मदद मिली है। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडस्ट्री में बड़ी ग्रोथ की उम्मीद देश के कंज्यूमर ड्यूरेबल्स उद्योग के बारे में बात करते हुए नोएल टाटा ने कहा कि इस सेक्टर के भारतीय अर्थव्यवस्था में सबसे तेजी से बढ़ने वाले सेगमेंट में से एक बनकर उभरने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि देश में बड़े और तेजी से बढ़ते मिडिल क्लास, लोगों की बढ़ती डिस्पोजेबल इनकम और सेमी-अर्बन व ग्रामीण बाजारों में बढ़ती पैठ से इस सेक्टर को मजबूत सपोर्ट मिल रहा है। 2030 तक 2.5 लाख करोड़ का होगा व्हाइट गुड्स सेगमेंट नोएल टाटा ने आगे जोड़ा कि सस्टेनेबिलिटी, डिजिटलाइजेशन और रीजनल सप्लाई चेन रीअलाइनमेंट की तरफ हो रहे स्ट्रक्चरल बदलावों के कारण इस सेक्टर में काफी बेहतरीन लॉन्ग-टर्म पोटेंशियल मौजूद है। प्रोजेक्शन के अनुसार, यह पूरी इंडस्ट्री 11% के कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़कर वित्त वर्ष 2028-29 (FY29) तक 3 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकती है। वहीं, इस इंडस्ट्री का व्हाइट गुड्स सेगमेंट साल 2030 तक 2.5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। वैश्विक चुनौतियों का बिजनेस सेंटीमेंट पर असर व्हाइट गुड्स क्या होते हैं व्हाइट गुड्स में भारी घरेलू उपकरण जैसे एसी, फ्रिज और वाशिंग मशीन शामिल होते हैं, जिन्हें पारंपरिक रूप से सफेद रंग में बनाया जाता था। कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट यह निवेश या इंडस्ट्री की सालाना औसत ग्रोथ को मापने का तरीका है, जिससे लॉन्ग-टर्म डेवलपमेंट का सटीक पता चलता है। ये खबर भी पढ़ें… ग्रीस में शुरू हुई भारत की UPI सर्विस: अब दुनिया के 10 देशों में डिजिटल पेमेंट कर सकेंगे भारतीय; पीयूष गोयल की मौजूदगी में लाइव डेमो हुआ भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) अब ग्रीस में भी लाइव हो गया है। ग्रीस इस डिजिटल पेमेंट नेटवर्क से जुड़ने वाला नया देश बन गया है। एथेंस में यूरोबैंक के हेडक्वार्टर में यूरोबैंक और NPCI इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड की पार्टनरशिप से शुरू हुई इस सर्विस का लाइव डेमो भी देखा गया। पूरी खबर पढ़ें…

नोएल टाटा नवंबर में वोल्टास के चेयरमैन पद से हटेंगे:आज 72वीं एजीएम में ऐलान किया; शेयरहोल्डर्स से कहा- यह मेरी आखिरी सालाना जनरल मीटिंग

नोएल टाटा नवंबर में वोल्टास के चेयरमैन पद से हटेंगे:आज 72वीं एजीएम में ऐलान किया; शेयरहोल्डर्स से कहा- यह मेरी आखिरी सालाना जनरल मीटिंग

नोएल टाटा इस साल नवंबर में 70 साल की उम्र पूरी होने के बाद वोल्टास के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने मंगलवार को कंपनी की 72वीं सालाना जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरहोल्डर्स को खुद इसकी जानकारी दी। शेयरहोल्डर्स को संबोधित करते हुए वोल्टास के चेयरमैन नोएल टाटा ने कहा कि जैसा कि आप सभी को शायद पता ही होगा, चेयरमैन के रूप में यह मेरी आखिरी सालाना जनरल मीटिंग है। टाटा ग्रुप की पॉलिसी के कारण फैसला, ट्रेंट से भी हटे नोएल टाटा इसी साल नवंबर में 70 साल के होने जा रहे हैं। टाटा ग्रुप की कॉर्पोरेट गवर्नेंस पॉलिसी के अनुसार, सभी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स 65 साल की उम्र में और नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स 70 साल की उम्र में रिटायर हो जाते हैं। इसी पॉलिसी के तहत नोएल टाटा ने पिछले हफ्ते ही टाटा ग्रुप की रिटेल शाखा ट्रेंट के चेयरमैन पद से भी इस्तीफा दे दिया था। नोएल टाटा ने 2017 में संभाली थी वोल्टास की कमान नोएल टाटा ने साल 2017 में वोल्टास के चेयरमैन का पद संभाला था। वोल्टास के अलावा वे इस साल के आखिरी तक टाटा ग्रुप की कई अन्य बड़ी कंपनियों के बोर्ड से भी रिटायर होने वाले हैं। इन कंपनियों में टाइटन, टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन, टाटा स्टील और टाटा इंटरनेशनल शामिल हैं, जहां से वे इस साल के आखिरी तक हट जाएंगे। वोल्टास ने पहली तिमाही में बेचे 10 लाख से ज्यादा AC वोल्टास ने इस महीने की शुरुआत में घोषणा की थी कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के पहले तीन महीनों के भीतर ही 10 लाख से ज्यादा एयर-कंडीशनर बेचने का रिकॉर्ड बनाया है। कंपनी की इस मजबूत सेल को इस साल पड़ी भीषण गर्मी और वोल्टास के बड़े डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क से काफी मदद मिली है। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडस्ट्री में बड़ी ग्रोथ की उम्मीद देश के कंज्यूमर ड्यूरेबल्स उद्योग के बारे में बात करते हुए नोएल टाटा ने कहा कि इस सेक्टर के भारतीय अर्थव्यवस्था में सबसे तेजी से बढ़ने वाले सेगमेंट में से एक बनकर उभरने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि देश में बड़े और तेजी से बढ़ते मिडिल क्लास, लोगों की बढ़ती डिस्पोजेबल इनकम और सेमी-अर्बन व ग्रामीण बाजारों में बढ़ती पैठ से इस सेक्टर को मजबूत सपोर्ट मिल रहा है। 2030 तक 2.5 लाख करोड़ का होगा व्हाइट गुड्स सेगमेंट नोएल टाटा ने आगे जोड़ा कि सस्टेनेबिलिटी, डिजिटलाइजेशन और रीजनल सप्लाई चेन रीअलाइनमेंट की तरफ हो रहे स्ट्रक्चरल बदलावों के कारण इस सेक्टर में काफी बेहतरीन लॉन्ग-टर्म पोटेंशियल मौजूद है। प्रोजेक्शन के अनुसार, यह पूरी इंडस्ट्री 11% के कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़कर वित्त वर्ष 2028-29 (FY29) तक 3 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकती है। वहीं, इस इंडस्ट्री का व्हाइट गुड्स सेगमेंट साल 2030 तक 2.5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। वैश्विक चुनौतियों का बिजनेस सेंटीमेंट पर असर व्हाइट गुड्स क्या होते हैं व्हाइट गुड्स में भारी घरेलू उपकरण जैसे एसी, फ्रिज और वाशिंग मशीन शामिल होते हैं, जिन्हें पारंपरिक रूप से सफेद रंग में बनाया जाता था। कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट यह निवेश या इंडस्ट्री की सालाना औसत ग्रोथ को मापने का तरीका है, जिससे लॉन्ग-टर्म डेवलपमेंट का सटीक पता चलता है। ये खबर भी पढ़ें… ग्रीस में शुरू हुई भारत की UPI सर्विस: अब दुनिया के 10 देशों में डिजिटल पेमेंट कर सकेंगे भारतीय; पीयूष गोयल की मौजूदगी में लाइव डेमो हुआ भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) अब ग्रीस में भी लाइव हो गया है। ग्रीस इस डिजिटल पेमेंट नेटवर्क से जुड़ने वाला नया देश बन गया है। एथेंस में यूरोबैंक के हेडक्वार्टर में यूरोबैंक और NPCI इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड की पार्टनरशिप से शुरू हुई इस सर्विस का लाइव डेमो भी देखा गया। पूरी खबर पढ़ें…

‘चौहान’ के लिए मुंबई में बना कश्मीर:अजय की ‘रेंजर’ भी पूरी होने के करीब; सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

‘चौहान’ के लिए मुंबई में बना कश्मीर:अजय की ‘रेंजर’ भी पूरी होने के करीब; सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

अजय देवगन की आगामी फिल्म ‘चौहान’ का टीजर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। यह कश्मीर में युवाओं द्वारा पत्थरबाजी और सैन्य विरोध के प्लॉट पर है। इसी बीच सूत्रों के हवाले से नई जानकारियां भी सामने आई हैं। हालांकि निर्माता या कलाकारों की ओर से इसकी पुष्टि अभी नहीं की गई है। ‘चौहान’ की तैयारी करीब 4 से 5 महीने पहले शुरू हो गई थी। इसी दौरान अजय को अप्रोच किया गया और इसे शुरुआती स्तर पर आकार दिया गया। क्रिएटिव तैयारियों के कारण आगे बढ़ी इसकी टाइमलाइन फिल्म की शूटिंग तय योजना से करीब एक-दो महीने बाद शुरू हुई। माना जा रहा है कि प्री-प्रोडक्शन, शेड्यूलिंग और शुरुआती क्रिएटिव तैयारियों के कारण टाइमलाइन आगे बढ़ी। टीजर की शूटिंग दो अलग-अलग स्टेज में पूरी की गई। शुरुआती कुछ विजुअल्स और बैकग्राउंड फुटेज करीब डेढ़ से दो महीने पहले शूट किए गए थे, जबकि अजय वाले हिस्से महज 10-12 दिन पहले फिल्माए गए। कई प्रोजेक्ट्स के बीच डेट्स का बैलेंस बना रहे हैं अजय बताया जा रहा है कि अजय ने टीजर के लिए केवल एक दिन शूट किया और बाकी कई शॉट्स स्टैंड-इन एक्टर्स और डमी सेटअप की मदद से पूरे किए गए। अजय इस समय एक साथ कई फिल्मों पर काम कर रहे हैं। ‘चौहान’ के अलावा उनके खाते में ‘रेंजर’, ‘दृश्यम 3’, ‘गोलमाल 5’ और पैनोरमा की हॉरर फिल्म जैसे प्रोजेक्ट्स हैं। अजय की ‘रेंजर’ का भी अंतिम शूटिंग शेड्यूल जुलाई में मुंबई में पूरा होगा। करीब 15 दिनों की शूटिंग बाकी है। ऐसे में मेकर्स के लिए शूटिंग शेड्यूल और प्रमोशन एक्टिविटिज के बीच बैलेंस बनाना बड़ी चुनौती है। इसी वजह से ‘चौहान’ के टीजर की शूटिंग भी सीमित दिनों में पूरी की गई। नए निर्देशक नीरज यादव के हाथ में है कमान ‘चौहान’ के निर्देशन की जिम्मेदारी नीरज यादव को सौंपी गई है। नीरज इससे पहले लंबे समय तक आनंद एल राय के साथ एसोसिएट डायरेक्टर के रूप में काम कर चुके हैं। आनंद प्रोजेक्ट से बतौर निर्माता जुड़े हैं। सूत्रों का दावा है कि ज्यादातर सीन मुंबई में ही तैयार किए गए। ऐसे तैयार हुआ टीजर 2 स्टेज में फिल्माए गए सीन्स। 1-2 महीने देरी से शूट शुरू हुआ। 4-5 महीने पहले तैयारी शुरू हुई। 10-12 दिन पहले ही फिल्माए गए अजय देवगन के सीन

‘चौहान’ के लिए मुंबई में बना कश्मीर:अजय की ‘रेंजर’ भी पूरी होने के करीब; सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

‘चौहान’ के लिए मुंबई में बना कश्मीर:अजय की ‘रेंजर’ भी पूरी होने के करीब; सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

अजय देवगन की आगामी फिल्म ‘चौहान’ का टीजर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। यह कश्मीर में युवाओं द्वारा पत्थरबाजी और सैन्य विरोध के प्लॉट पर है। इसी बीच सूत्रों के हवाले से नई जानकारियां भी सामने आई हैं। हालांकि निर्माता या कलाकारों की ओर से इसकी पुष्टि अभी नहीं की गई है। ‘चौहान’ की तैयारी करीब 4 से 5 महीने पहले शुरू हो गई थी। इसी दौरान अजय को अप्रोच किया गया और इसे शुरुआती स्तर पर आकार दिया गया। क्रिएटिव तैयारियों के कारण आगे बढ़ी इसकी टाइमलाइन फिल्म की शूटिंग तय योजना से करीब एक-दो महीने बाद शुरू हुई। माना जा रहा है कि प्री-प्रोडक्शन, शेड्यूलिंग और शुरुआती क्रिएटिव तैयारियों के कारण टाइमलाइन आगे बढ़ी। टीजर की शूटिंग दो अलग-अलग स्टेज में पूरी की गई। शुरुआती कुछ विजुअल्स और बैकग्राउंड फुटेज करीब डेढ़ से दो महीने पहले शूट किए गए थे, जबकि अजय वाले हिस्से महज 10-12 दिन पहले फिल्माए गए। कई प्रोजेक्ट्स के बीच डेट्स का बैलेंस बना रहे हैं अजय बताया जा रहा है कि अजय ने टीजर के लिए केवल एक दिन शूट किया और बाकी कई शॉट्स स्टैंड-इन एक्टर्स और डमी सेटअप की मदद से पूरे किए गए। अजय इस समय एक साथ कई फिल्मों पर काम कर रहे हैं। ‘चौहान’ के अलावा उनके खाते में ‘रेंजर’, ‘दृश्यम 3’, ‘गोलमाल 5’ और पैनोरमा की हॉरर फिल्म जैसे प्रोजेक्ट्स हैं। अजय की ‘रेंजर’ का भी अंतिम शूटिंग शेड्यूल जुलाई में मुंबई में पूरा होगा। करीब 15 दिनों की शूटिंग बाकी है। ऐसे में मेकर्स के लिए शूटिंग शेड्यूल और प्रमोशन एक्टिविटिज के बीच बैलेंस बनाना बड़ी चुनौती है। इसी वजह से ‘चौहान’ के टीजर की शूटिंग भी सीमित दिनों में पूरी की गई। नए निर्देशक नीरज यादव के हाथ में है कमान ‘चौहान’ के निर्देशन की जिम्मेदारी नीरज यादव को सौंपी गई है। नीरज इससे पहले लंबे समय तक आनंद एल राय के साथ एसोसिएट डायरेक्टर के रूप में काम कर चुके हैं। आनंद प्रोजेक्ट से बतौर निर्माता जुड़े हैं। सूत्रों का दावा है कि ज्यादातर सीन मुंबई में ही तैयार किए गए। ऐसे तैयार हुआ टीजर 2 स्टेज में फिल्माए गए सीन्स। 1-2 महीने देरी से शूट शुरू हुआ। 4-5 महीने पहले तैयारी शुरू हुई। 10-12 दिन पहले ही फिल्माए गए अजय देवगन के सीन

जापान में महिला मेयर के मातृत्व अवकाश पर विवाद:कवाटा बोली- देश में महिलाओं के प्रति अब भी कितना भेदभाव मौजूद है

जापान में महिला मेयर के मातृत्व अवकाश पर विवाद:कवाटा बोली- देश में महिलाओं के प्रति अब भी कितना भेदभाव मौजूद है

पश्चिमी जापान के यवाटा शहर की 35 वर्षीय मेयर शोको कवाटा छह माह की गर्भवती हैं और चार महीने की मैटरनिटी छुट्टी लेने की योजना बना रही हैं। ऐसा करने वाली वह जापान की पहली मेयर होंगी, लेकिन उनकी इस योजना ने जापान में राष्ट्रीय बहस छेड़ दी है। कई लोगों ने उन्हें बेबी शू और शुभकामना उपहार भेजकर समर्थन दिया, लेकिन समाज के एक वर्ग ने इसे गैर जिम्मेदार फैसला बताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने जनता से ज्यादा अपने निजी जीवन को प्राथमिकता दी है। कवाटा ने कहा कि इस विवाद ने उन्हें पहली बार महसूस कराया कि जापान में महिलाओं के प्रति अब भी कितना भेदभाव मौजूद है। देश में गर्भवती और कामकाजी महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव के लिए “माताहारा’ (मैटरनिटी हैरेसमेंट) जैसा अलग शब्द भी प्रचलित है। पूर्व जनरल तोशियो तमोगामी ने लिखा कि सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों को इतनी लंबी छुट्टी नहीं लेनी चाहिए और बच्चों की योजना बना रही महिलाओं को चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। बढ़ते विरोध के बाद कवाटा ने सोशल मीडिया से दूरी बना ली। जापान में स्थानीय निकायों के 1,740 प्रमुखों में महिलाओं की हिस्सेदारी अब भी 4% से कम है। राष्ट्रीय दैनिक मैनिची ने लिखा कि देश में ऐसा माहौल बनना चाहिए, जहां महिलाएं बिना भेदभाव के मैटरनिटी लीव ले सकें।

गर्मी से मौतें बढ़ने का अधिक खतरा यूरोपीय देशों में‎:फ्रांस में कार्डिएक अरेस्ट के मामले‎ चार गुना बढ़े; कई देशों में ट्रेन, न्यूक्लियर प्लांट बंद‎

गर्मी से मौतें बढ़ने का अधिक खतरा यूरोपीय देशों में‎:फ्रांस में कार्डिएक अरेस्ट के मामले‎ चार गुना बढ़े; कई देशों में ट्रेन, न्यूक्लियर प्लांट बंद‎

यूरोप इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। ‎इसका असर अब केवल लोगों के स्वास्थ्य तक‎ सीमित नहीं रहा, बल्कि अर्थव्यवस्था और‎ बुनियादी ढांचे पर भी साफ दिखने लगा है।‎ पश्चिमी यूरोप का रेल नेटवर्क अस्त-व्यस्त हो‎ गया है। फ्रांस में कई परमाणु रिएक्टर बंद कर दिए‎ गए हैं या उनकी क्षमता घटा दी गई है, क्योंकि वे‎ नदियों में अत्यधिक गर्म पानी छोड़ रहे हैं। फ्रांस‎ के एक ऑटोमोबाइल प्लांट में यूनियन नेताओं ने‎ फैक्ट्री फ्लोर पर असहनीय गर्मी का हवाला देते ‎हुए हड़ताल का ऐलान किया है।‎ फ्रांस और इटली में बिजली घरों के बंद होने से‎ सैकड़ों इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है।‎ विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गर्मी का यह दौर जारी रहा तो कई यूरोपीय देशों की अर्थव्यवस्था‎ पर असर पड़ सकता है और मृत्यु दर भी बढ़ ‎सकती है। शहरों में स्थिति और गंभीर है। मोटी‎ दीवारों वाली पुरानी इमारतें दिनभर की गर्मी‎ सोखकर रात तक छोड़ती रहती हैं, जिससे‎ अपार्टमेंट भट्ठी जैसे बन गए हैं। गर्मी से परेशान‎ लोग आधी रात के बाद पार्कों का रुख कर रहे हैं।‎ एयर कंडीशनर खरीदने की होड़ मची है। कई लोग‎ राहत के लिए होटलों में तक ठहर रहे हैं। पेरिस में राजनीतिक पर्यावरण के विशेषज्ञ ‎फ्रांस्वा जेमेने कहते हैं, “हर कोई यही पूछ रहा है ‎कि हम इस स्थिति के लिए तैयार क्यों नहीं थे। ”‎एक सप्ताह से अधिक समय से जारी इस हीटवेव ‎ने ब्रिटेन, फ्रांस और स्पेन में तापमान के कई‎ रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। दुनिया के सबसे तेजी से गर्म हो रहे महाद्वीप की अधिकांश इमारतें और‎ बुनियादी ढांचा ठंडे मौसम को ध्यान में रखकर ‎बनाए गए थे। पुराने भवनों में गर्मी सोखने वाली‎ निर्माण सामग्री का इस्तेमाल हुआ है। उनमें बाहरी‎ शटर जैसी व्यवस्थाएं भी कम हैं, जिससे गर्मी‎ इमारतों के भीतर ही कैद होकर मुश्किलें और बढ़ा‎ रही है। यूरोप का इंफ्रास्ट्रक्चर सर्दी से बचाव के लिए बना है, बढ़ती गर्मी के लिए यह तैयार नहीं‎ फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्री स्टीफेनी रिस्ट के‎ अनुसार कार्डिएक अरेस्ट के मामलो में चार गुना बढ़ोतरी हुई है। पहले 5 से 10 मामले‎ आते थे, अब 20 से 30 आ रहे हैं। 2023 ‎की एक स्टडी बताती है कि गर्मी से मौत का‎ खतरा फ्रांस, स्पेन और इटली में ज्यादा है।‎ इन देशों को ज्यादा नुकसान‎ जर्मन इंश्योरेंस कंपनी अलायंज की रिपोर्ट में ‎इटली, फ्रांस,जर्मनी व स्पेन को गर्मी की वजह से ‎सर्वाधिक आर्थिक नुकसान की बात कही गई है।‎ चार न्यूक्लियर रिएक्टर बंद‎ गर्मी की वजह से तापमान इतना बढ़ गया कि‎ फ्रांस में चार परमाणु बिजली घरों के रिएक्टर तक‎ बंद करने पड़े हैं।‎ जर्मनी, ब्रिटेन में कई ट्रेनें रद्द‎ गर्मी बढ़ने से जर्मनी, स्विटजरलैंड और ब्रिटेन में ‎ट्रेनें रद्द करना पड़ी हैं। कुछ अन्य देशों में ट्रेन के ‎ऑनबोर्ड सिस्टम गर्मी नहीं झेल पा रहे हैं।‎ गर्मी से बचने की योजनाएं फ्रांस ने 52 उपायों के साथ पिछले साल 388 पेज की योजना जारी की है। लंदन में इस सप्ताह ‎गर्मी से बचाने का प्लान पेश किया गया है।‎

गर्मी से मौतें बढ़ने का अधिक खतरा यूरोपीय देशों में‎:फ्रांस में कार्डिएक अरेस्ट के मामले‎ चार गुना बढ़े; कई देशों में ट्रेन, न्यूक्लियर प्लांट बंद‎

गर्मी से मौतें बढ़ने का अधिक खतरा यूरोपीय देशों में‎:फ्रांस में कार्डिएक अरेस्ट के मामले‎ चार गुना बढ़े; कई देशों में ट्रेन, न्यूक्लियर प्लांट बंद‎

यूरोप इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। ‎इसका असर अब केवल लोगों के स्वास्थ्य तक‎ सीमित नहीं रहा, बल्कि अर्थव्यवस्था और‎ बुनियादी ढांचे पर भी साफ दिखने लगा है।‎ पश्चिमी यूरोप का रेल नेटवर्क अस्त-व्यस्त हो‎ गया है। फ्रांस में कई परमाणु रिएक्टर बंद कर दिए‎ गए हैं या उनकी क्षमता घटा दी गई है, क्योंकि वे‎ नदियों में अत्यधिक गर्म पानी छोड़ रहे हैं। फ्रांस‎ के एक ऑटोमोबाइल प्लांट में यूनियन नेताओं ने‎ फैक्ट्री फ्लोर पर असहनीय गर्मी का हवाला देते ‎हुए हड़ताल का ऐलान किया है।‎ फ्रांस और इटली में बिजली घरों के बंद होने से‎ सैकड़ों इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है।‎ विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गर्मी का यह दौर जारी रहा तो कई यूरोपीय देशों की अर्थव्यवस्था‎ पर असर पड़ सकता है और मृत्यु दर भी बढ़ ‎सकती है। शहरों में स्थिति और गंभीर है। मोटी‎ दीवारों वाली पुरानी इमारतें दिनभर की गर्मी‎ सोखकर रात तक छोड़ती रहती हैं, जिससे‎ अपार्टमेंट भट्ठी जैसे बन गए हैं। गर्मी से परेशान‎ लोग आधी रात के बाद पार्कों का रुख कर रहे हैं।‎ एयर कंडीशनर खरीदने की होड़ मची है। कई लोग‎ राहत के लिए होटलों में तक ठहर रहे हैं। पेरिस में राजनीतिक पर्यावरण के विशेषज्ञ ‎फ्रांस्वा जेमेने कहते हैं, “हर कोई यही पूछ रहा है ‎कि हम इस स्थिति के लिए तैयार क्यों नहीं थे। ”‎एक सप्ताह से अधिक समय से जारी इस हीटवेव ‎ने ब्रिटेन, फ्रांस और स्पेन में तापमान के कई‎ रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। दुनिया के सबसे तेजी से गर्म हो रहे महाद्वीप की अधिकांश इमारतें और‎ बुनियादी ढांचा ठंडे मौसम को ध्यान में रखकर ‎बनाए गए थे। पुराने भवनों में गर्मी सोखने वाली‎ निर्माण सामग्री का इस्तेमाल हुआ है। उनमें बाहरी‎ शटर जैसी व्यवस्थाएं भी कम हैं, जिससे गर्मी‎ इमारतों के भीतर ही कैद होकर मुश्किलें और बढ़ा‎ रही है। यूरोप का इंफ्रास्ट्रक्चर सर्दी से बचाव के लिए बना है, बढ़ती गर्मी के लिए यह तैयार नहीं‎ फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्री स्टीफेनी रिस्ट के‎ अनुसार कार्डिएक अरेस्ट के मामलो में चार गुना बढ़ोतरी हुई है। पहले 5 से 10 मामले‎ आते थे, अब 20 से 30 आ रहे हैं। 2023 ‎की एक स्टडी बताती है कि गर्मी से मौत का‎ खतरा फ्रांस, स्पेन और इटली में ज्यादा है।‎ इन देशों को ज्यादा नुकसान‎ जर्मन इंश्योरेंस कंपनी अलायंज की रिपोर्ट में ‎इटली, फ्रांस,जर्मनी व स्पेन को गर्मी की वजह से ‎सर्वाधिक आर्थिक नुकसान की बात कही गई है।‎ चार न्यूक्लियर रिएक्टर बंद‎ गर्मी की वजह से तापमान इतना बढ़ गया कि‎ फ्रांस में चार परमाणु बिजली घरों के रिएक्टर तक‎ बंद करने पड़े हैं।‎ जर्मनी, ब्रिटेन में कई ट्रेनें रद्द‎ गर्मी बढ़ने से जर्मनी, स्विटजरलैंड और ब्रिटेन में ‎ट्रेनें रद्द करना पड़ी हैं। कुछ अन्य देशों में ट्रेन के ‎ऑनबोर्ड सिस्टम गर्मी नहीं झेल पा रहे हैं।‎ गर्मी से बचने की योजनाएं फ्रांस ने 52 उपायों के साथ पिछले साल 388 पेज की योजना जारी की है। लंदन में इस सप्ताह ‎गर्मी से बचाने का प्लान पेश किया गया है।‎

महाराजा रणजीत सिंह की बरसी पर पाकिस्तान गए श्रद्धालु लौटे:गुरुद्वारों के दर्शन कर जताई खुशी; सरकारों से मांगी वीजा में ढील

महाराजा रणजीत सिंह की बरसी पर पाकिस्तान गए श्रद्धालु लौटे:गुरुद्वारों के दर्शन कर जताई खुशी; सरकारों से मांगी वीजा में ढील

महाराजा रणजीत सिंह की बरसी के अवसर पर पाकिस्तान गया सिख श्रद्धालुओं का जत्था मंगलवार को अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते भारत लौट आया। इस यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने ननकाना साहिब, पंजा साहिब, करतारपुर साहिब सहित कई ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन किए। भारत लौटने पर श्रद्धालुओं के चेहरों पर खुशी झलक रही थी। श्रद्धालुओं ने बताया कि यह यात्रा उनके लिए काफी इमोशनल रही। इसे वह भुला नहीं सकते। अमृतसर के श्रद्धालु बलवीर सिंह ने कहा कि सबसे पहले उन्होंने ननकाना साहिब में गुरु नानक देव जी के जन्मस्थान के दर्शन किए। इसके बाद पंजा साहिब, लाहौर स्थित अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारे और करतारपुर साहिब के दर्शन का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि इन पवित्र स्थलों पर पहुंचकर मन को गहरी शांति और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हुआ। पाकिस्तान में व्यवस्थाओं और सुरक्षा की सराहना श्रद्धालुओं ने पाकिस्तान में की गई व्यवस्थाओं की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे और हर समय सुरक्षा कर्मी उनके साथ मौजूद रहे। किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। श्रद्धालुओं ने कहा कि उन्हें वहां लोगों से बहुत प्रेम, सम्मान और सहयोग मिला, जिससे उनका अनुभव और भी बेहतर हो गया। एक अन्य श्रद्धालु हरजीत कौर ने बताया कि यह जत्था 21 जून को पाकिस्तान गया था और आज 30 जून को वापस लौटा। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के दौरान उनकी वर्षों पुरानी मनोकामना पूरी हुई। पवित्र गुरुद्वारों के दर्शन कर उन्होंने अत्यंत आनंद और संतोष महसूस किया। वीजा प्रक्रिया आसान करने की श्रद्धालुओं की अपील श्रद्धालुओं ने भारत और पाकिस्तान दोनों सरकारों से अपील की कि धार्मिक यात्राओं को और सरल बनाया जाए। उन्होंने कहा कि वीजा प्रक्रिया को आसान किया जाना चाहिए और श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक अवसर दिए जाने चाहिए ताकि वे अपने पवित्र स्थलों के दर्शन कर सकें। इससे दोनों देशों के बीच आपसी प्रेम, भाईचारा और सांस्कृतिक संबंध मजबूत होंगे। साझा विरासत को संरक्षित करने बेहतर प्रयास उन्होंने यह भी कहा कि साझा विरासत को संरक्षित करने और लोगों के बीच विश्वास बढ़ाने के लिए सीमा पार धार्मिक यात्राओं को बढ़ावा देना बहुत आवश्यक है। श्रद्धालुओं का मानना है कि ऐसे आयोजनों से न केवल आध्यात्मिक लाभ मिलता है, बल्कि दोनों देशों के बीच शांति और सद्भाव का संदेश भी जाता है।