समय के लेटेंट पर फिर हो सकता है विवाद:मेडिकल इमरजेंसी में शो से निकली लड़की पर की टिप्पणी, प्रणीत मोरे के 370 की बिरयानी जैसा बयान दिया

कॉमेडियन समय रैना फिर एक बार विवादों से घिर सकते हैं। दरअसल, उन्होंने इंडियाज गॉट लेटेंट सीजन 2 के दूसरे एपिसोड में एक लड़की पर लगभग वैसा ही कमेंट किया है, जिससे प्रणीत मोरे विवादों में घिरे थे और उनके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई थी। दरअसल, हाल ही में इंडियाज गॉट लेटेंट सीजन 2 के दूसरे एपिसोड से जुड़ा एक क्लिप वायरल हो गया है। एक कंटेस्टेंट को स्कोर दे रहे समय के सामने से शो देख रही एक लड़की रोती हुई गुजरी। समय ने उसके साथ आए शख्स से लड़की के जाने पर सवाल किया। जबकि साथ आया लड़का बेहद आराम से बैठा हुआ था। समय ने दबाव देकर पूछा तो लड़के ने बताया कि उसके साथ आई लड़की के पिता को माइनर हार्ट अटैक आया है। इस पर समय ने उस लड़के से कहा, ‘तुम भी साथ जाओ, कंधा दो उसे। कंधा दोगे तभी तो हेड देगी।’ सेंसिटिव मेडिकल कंडीशन पर दिया गया समय रैना का ये बयान तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कई लोग उनके बयान की कड़ी निंदा कर रहे हैं। ऐसे ही बयान पर फंसे थे कॉमेडियन प्रणीत मोरे कुछ समय पहले ही स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे ने गुरुग्राम में लाइव क्राउड वर्क कॉमेडी का एक क्लिप शेयर किया था। इस क्लिप में हिमांशू जांगड़ा नाम के एक शख्स ने डेटिंग पर बात करते हुए कहा था कि उसने महिला को 370 रुपए की बिरयानी खिलाई थी, लेकिन इसके बावजूद वो लड़की बिना फिजिकल हुए वहां से चली गई। शो में उन्होंने कहा था कि 370 रुपए वसूल नहीं हो सके। वीडियो वायरल होने के बाद हिमांशू को नौकरी से निकाल दिया गया, जबकि प्रणीत मोरे के खिलाफ साइबर सेल में शिकायत दर्ज की गई। विवाद बढ़ने के बाद प्रणीत मोरे ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी। आलिया भट्ट बनी थीं पहले एपिसोड की गेस्ट समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ के पहले एपिसोड में आलिया भट्ट और शरवरी वाघ बतौर गेस्ट शामिल हुईं। एपिसोड के दौरान समय रैना और आलिया भट्ट ने एक-दूसरे पर मजाकिया अंदाज में तंज कसे और रोस्ट किया। शो में समय रैना ने आलिया भट्ट का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा कि आलिया शो के पहले एपिसोड में गेस्ट बनकर आई हैं। इस दौरान आलिया ने हंसते हुए कहा, “मुझे अब थोड़ा पछतावा हो रहा है।” पहले भी विवादों में रहा लेटेंट-
सेंसेक्स में 100 अंक की तेजी:77,200 पर कारोबार कर रहा, निफ्टी भी 50 अंक चढ़ा; मेटल और फार्मा शेयर्स में ज्यादा खरीदारी

शेयर बाजार में आज यानी 29 जून को बढ़त है। सेंसेक्स करीब 100 अंकों की तेजी के साथ 77,200 पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में भी करीब 50 अंक की बढ़त है, ये 24,100 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। मेटल और फार्मा शेयर्स में ज्यादा खरीदारी है। एशियाई बाजारों में आज गिरावट अमेरिकी बाजार में शुक्रवार को गिरावट रही विदेशी निवेशकों ने 7 दिन में 1,442 करोड़ के शेयर बेचे गुरुवार को बाजार में रही थी तेजी इससे पहले गुरुवार, 25 जून को बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 109 अंक की बढ़त के साथ 77,100 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी में भी 34 अंक की बढ़त रही, ये 24,056 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में 200 अंक की गिरावट:76,900 पर कारोबार कर रहा, निफ्टी भी 50 अंक टूटा; ऑटो और IT शेयर्स में ज्यादा बिकवाली

शेयर बाजार में आज यानी 29 जून को गिरावट है। सेंसेक्स करीब 200 अंक की गिरावट के साथ 76,900 पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में भी करीब 50 अंक की गिरावट है, ये 24,000 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। ऑटो, IT और मेटट शेयर्स में ज्यादा बिकवाली है। एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार अमेरिकी बाजार में शुक्रवार को गिरावट रही विदेशी निवेशकों ने 7 दिन में 1,442 करोड़ के शेयर बेचे गुरुवार को बाजार में रही थी तेजी इससे पहले गुरुवार, 25 जून को बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 109 अंक की बढ़त के साथ 77,100 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी में भी 34 अंक की बढ़त रही, ये 24,056 पर बंद हुआ।
ईरान का कुवैत-बहरीन में 8 अमेरिकी ठिकानों पर हमला:खामेनेई बोले- दुश्मन देशाओं के बयान ही अपराध का सबूत, हर मौत का हिसाब लेंगे

ईरान ने रविवार को दावा किया कि उसने कुवैत और बहरीन में अमेरिका के 8 सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया है। रिवोल्यूशनरी फोर्स ने कहा कि यह हमला ईरान के ठिकानों पर अमेरिका की दूसरी बड़ी सैन्य कार्रवाई के जवाब में किया गया है। वहीं, ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजराइल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि दोनों देशों के नेताओं ने हालिया हमलों को लेकर जिस तरह बयान दिए हैं और उन पर गर्व जताया है, वह अपने आप में अपराध स्वीकार करने जैसा है। उन्होंने कहा कि ईरान पर हुए हर हमले, हर मौत और हर नुकसान के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय अदालतों में कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स…
दीप्ति सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली महिला क्रिकेटर:हरमनप्रीत की टी-20 वर्ल्डकप में फास्टेस्ट इंडियन फिफ्टी, कोहली और अनुष्का मैच देखने पहुंचे

ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 6 विकेट से हराकर विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया। लॉर्ड्स में स्पिनर दीप्ति शर्मा महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज बनीं। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भारत की ओर से वर्ल्ड कप की सबसे तेज फिफ्टी लगाई। स्टेडियम में विराट कोहली व अनुष्का शर्मा भारतीय टीम का हौसला बढ़ाते नजर आए। मैच में ऑस्ट्रेलिया ने वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज भी पूरा किया। टीम ने 171 रन का टारगेट 19 ओवर में हासिल कर लिया। AUS-IND मैच के टॉप रिकॉर्ड्स और मोमेंट्स… 1. विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा सफल रन चेज ऑस्ट्रेलिया ने 171 रन का टारगेट हासिल कर विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा रन चेज किया। इससे पहले सबसे बड़ा चेज 164 रन का था। यह इंग्लैंड ने 2009 के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किया था। वर्ल्ड कप में अब तक 150+ रन के 8 सफल चेज में से 6 इसी एडीशन में देखने को मिले हैं। वहीं, यह ऑस्ट्रेलिया का महिला टी-20 इंटरनेशनल में दूसरा सबसे बड़ा रन चेज भी रहा। 2. दीप्ति सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली महिला क्रिकेटर बनीं दीप्ति शर्मा ने महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में नया इतिहास रच दिया। उन्होंने झूलन गोस्वामी को पीछे छोड़ते हुए सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। दीप्ति के अब तीनों फॉर्मेट मिलाकर 356 इंटरनेशनल विकेट हो गए हैं, जबकि झूलन गोस्वामी ने अपने करियर में 355 विकेट लिए थे। दीप्ति ने टेस्ट में 22, वनडे में 166 और टी-20 इंटरनेशनल में 168 विकेट हासिल किए हैं। 3. चरणी एक एडिशन की दूसरी हाईएस्ट विकेट टेकर भारतीय स्पिनर श्री चरणी ने टूर्नामेंट में अपना 14वां विकेट लेकर बड़ा रिकॉर्ड बनाया। वह महिला टी-20 वर्ल्ड कप के एक संस्करण में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली दूसरी गेंदबाज बन गईं। इस सूची में पहले स्थान पर न्यूजीलैंड की अमेलिया केर हैं, जिन्होंने 2024 संस्करण में 15 विकेट लिए थे। 4. हरमनप्रीत ने कप्तान के तौर पर पांचवीं फिफ्टी लगाई हरमनप्रीत कौर ने टी-20 वर्ल्ड कप में कप्तान के तौर पर अपना पांचवां 50+ स्कोर बनाया। इसके साथ ही उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की मेग लैनिंग और इंग्लैंड की चार्लोट एडवर्ड्स के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। हरमनप्रीत ने सिर्फ 25 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। यह महिला टी-20 वर्ल्ड कप में किसी भारतीय बल्लेबाज की सबसे तेज फिफ्टी है। उन्होंने अपना ही 2024 का 27 गेंदों वाला रिकॉर्ड तोड़ा। यह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ महिला टी-20 इंटरनेशनल में तीसरा सबसे तेज अर्धशतक भी है। इस सूची में वेस्टइंडीज की डिएंड्रा डॉटिन (22 गेंद) पहले और इंग्लैंड की सोफिया डंकली (24 गेंद) दूसरे स्थान पर हैं। 5. हरमनप्रीत ने एक ओवर में 3 छक्के लगाए भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पारी के आखिरी ओवर में ऑस्ट्रेलियाई कप्तान सोफी मोलिन्यू पर लगातार तीन छक्के जड़ दिए। इसके साथ ही वह महिला टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में एक ओवर में तीन छक्के लगाने वाली चौथी बल्लेबाज बन गईं। 6. भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्ल्ड कप में सबसे बड़ा स्कोर बनाया भारतीय महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास का अपना सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया। टीम ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 170 रन बनाए। इससे पहले भारत का बेस्ट स्कोर 167/8 था, जो उसने 2018 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ही बनाया था। 7. शेफाली-स्मृति ने एक टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा साझेदारी रन बनाए शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ महिला टी-20 इंटरनेशनल में साझेदारी के 772 रन पूरे कर लिए। इसके साथ ही दोनों किसी एक विपक्षी टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा साझेदारी रन बनाने वाली जोड़ी बन गईं। उन्होंने इस मामले में न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स और सोफी डिवाइन की जोड़ी को पीछे छोड़ दिया। 8. पेरी-गार्डनर ने चौथे विकेट के लिए रिकॉर्ड साझेदारी की एलिस पेरी और एश्ले गार्डनर ने चौथे विकेट के लिए 100 रन जोड़कर भारत के हाथ से मैच छीन लिया। यह विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में चौथे या उससे नीचे के विकेट के लिए संयुक्त छठी सबसे बड़ी साझेदारी है। इस मुकाबले में कुल चार 50+ साझेदारियां हुईं, जो महिला टी-20 इंटरनेशनल का संयुक्त रिकॉर्ड है। साथ ही, विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली बार किसी एक मैच में चार 50+ साझेदारियां देखने को मिलीं। एक और खास रिकॉर्ड भी बना। वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार नंबर-4 या उससे नीचे बल्लेबाजी करने वाले तीन खिलाड़ियों ने एक ही मैच में 50+ स्कोर बनाए। ऑस्ट्रेलिया के लिए एलिस पेरी (56) और एश्ले गार्डनर (53), जबकि भारत की ओर से कप्तान हरमनप्रीत कौर (56) ने यह उपलब्धि हासिल की। 9. ग्रुप मैच में सबसे ज्यादा दर्शक पहुंचे लॉर्ड्स में भारत और ऑस्ट्रेलिया के मुकाबले को 27,163 दर्शकों ने देखा। यह महिला टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में किसी भी ग्रुप स्टेज मैच में सबसे ज्यादा दर्शक संख्या का नया रिकॉर्ड है। यहां से टॉप-2 मोमेंट्स पढ़िए 1. गलतफहमी में मंधाना रनआउट भारतीय पारी के 12वें ओवर में स्मृति मंधाना रनआउट होकर पवेलियन लौटीं। जेमिमा रोड्रिग्स ने रिवर्स स्वीप खेलकर गेंद बैकवर्ड पॉइंट की ओर भेजी और रन लेने का प्रयास किया। मंधाना आधी पिच तक पहुंच चुकी थीं, लेकिन जेमिमा ने उन्हें वापस भेज दिया। लूसी हैमिल्टन ने तेजी से गेंद उठाकर जॉर्जिया वेयरहैम के पास थ्रो किया, जिन्होंने बेल्स उड़ाकर मंधाना को रनआउट कर दिया। 2. कोहली-अनुष्का ने स्टैंड्स से बढ़ाया टीम इंडिया का हौसला भारत और ऑस्ट्रेलिया मैच देखने पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली लॉर्ड्स पहुंचे। उनके साथ पत्नी अनुष्का शर्मा और टीम इंडिया के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री भी स्टैंड्स में मौजूद रहे। एक अन्य स्टैंड में पूर्व भारतीय ओपनर शिखर धवन भी पत्नी सोफी शाइन के साथ मुकाबले का लुत्फ उठाते नजर आए।
दीप्ति सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली महिला क्रिकेटर:हरमनप्रीत की टी-20 वर्ल्डकप में फास्टेस्ट इंडियन फिफ्टी, कोहली और अनुष्का मैच देखने पहुंचे

ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 6 विकेट से हराकर विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया। लॉर्ड्स में स्पिनर दीप्ति शर्मा महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज बनीं। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भारत की ओर से वर्ल्ड कप की सबसे तेज फिफ्टी लगाई। स्टेडियम में विराट कोहली व अनुष्का शर्मा भारतीय टीम का हौसला बढ़ाते नजर आए। मैच में ऑस्ट्रेलिया ने वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज भी पूरा किया। टीम ने 171 रन का टारगेट 19 ओवर में हासिल कर लिया। AUS-IND मैच के टॉप रिकॉर्ड्स और मोमेंट्स… 1. विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा सफल रन चेज ऑस्ट्रेलिया ने 171 रन का टारगेट हासिल कर विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा रन चेज किया। इससे पहले सबसे बड़ा चेज 164 रन का था। यह इंग्लैंड ने 2009 के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किया था। वर्ल्ड कप में अब तक 150+ रन के 8 सफल चेज में से 6 इसी एडीशन में देखने को मिले हैं। वहीं, यह ऑस्ट्रेलिया का महिला टी-20 इंटरनेशनल में दूसरा सबसे बड़ा रन चेज भी रहा। 2. दीप्ति सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली महिला क्रिकेटर बनीं दीप्ति शर्मा ने महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में नया इतिहास रच दिया। उन्होंने झूलन गोस्वामी को पीछे छोड़ते हुए सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। दीप्ति के अब तीनों फॉर्मेट मिलाकर 356 इंटरनेशनल विकेट हो गए हैं, जबकि झूलन गोस्वामी ने अपने करियर में 355 विकेट लिए थे। दीप्ति ने टेस्ट में 22, वनडे में 166 और टी-20 इंटरनेशनल में 168 विकेट हासिल किए हैं। 3. चरणी एक एडिशन की दूसरी हाईएस्ट विकेट टेकर भारतीय स्पिनर श्री चरणी ने टूर्नामेंट में अपना 14वां विकेट लेकर बड़ा रिकॉर्ड बनाया। वह महिला टी-20 वर्ल्ड कप के एक संस्करण में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली दूसरी गेंदबाज बन गईं। इस सूची में पहले स्थान पर न्यूजीलैंड की अमेलिया केर हैं, जिन्होंने 2024 संस्करण में 15 विकेट लिए थे। 4. हरमनप्रीत ने कप्तान के तौर पर पांचवीं फिफ्टी लगाई हरमनप्रीत कौर ने टी-20 वर्ल्ड कप में कप्तान के तौर पर अपना पांचवां 50+ स्कोर बनाया। इसके साथ ही उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की मेग लैनिंग और इंग्लैंड की चार्लोट एडवर्ड्स के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। हरमनप्रीत ने सिर्फ 25 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। यह महिला टी-20 वर्ल्ड कप में किसी भारतीय बल्लेबाज की सबसे तेज फिफ्टी है। उन्होंने अपना ही 2024 का 27 गेंदों वाला रिकॉर्ड तोड़ा। यह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ महिला टी-20 इंटरनेशनल में तीसरा सबसे तेज अर्धशतक भी है। इस सूची में वेस्टइंडीज की डिएंड्रा डॉटिन (22 गेंद) पहले और इंग्लैंड की सोफिया डंकली (24 गेंद) दूसरे स्थान पर हैं। 5. हरमनप्रीत ने एक ओवर में 3 छक्के लगाए भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पारी के आखिरी ओवर में ऑस्ट्रेलियाई कप्तान सोफी मोलिन्यू पर लगातार तीन छक्के जड़ दिए। इसके साथ ही वह महिला टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में एक ओवर में तीन छक्के लगाने वाली चौथी बल्लेबाज बन गईं। 6. भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्ल्ड कप में सबसे बड़ा स्कोर बनाया भारतीय महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास का अपना सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया। टीम ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 170 रन बनाए। इससे पहले भारत का बेस्ट स्कोर 167/8 था, जो उसने 2018 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ही बनाया था। 7. शेफाली-स्मृति ने एक टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा साझेदारी रन बनाए शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ महिला टी-20 इंटरनेशनल में साझेदारी के 772 रन पूरे कर लिए। इसके साथ ही दोनों किसी एक विपक्षी टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा साझेदारी रन बनाने वाली जोड़ी बन गईं। उन्होंने इस मामले में न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स और सोफी डिवाइन की जोड़ी को पीछे छोड़ दिया। 8. पेरी-गार्डनर ने चौथे विकेट के लिए रिकॉर्ड साझेदारी की एलिस पेरी और एश्ले गार्डनर ने चौथे विकेट के लिए 100 रन जोड़कर भारत के हाथ से मैच छीन लिया। यह विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में चौथे या उससे नीचे के विकेट के लिए संयुक्त छठी सबसे बड़ी साझेदारी है। इस मुकाबले में कुल चार 50+ साझेदारियां हुईं, जो महिला टी-20 इंटरनेशनल का संयुक्त रिकॉर्ड है। साथ ही, विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली बार किसी एक मैच में चार 50+ साझेदारियां देखने को मिलीं। एक और खास रिकॉर्ड भी बना। वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार नंबर-4 या उससे नीचे बल्लेबाजी करने वाले तीन खिलाड़ियों ने एक ही मैच में 50+ स्कोर बनाए। ऑस्ट्रेलिया के लिए एलिस पेरी (56) और एश्ले गार्डनर (53), जबकि भारत की ओर से कप्तान हरमनप्रीत कौर (56) ने यह उपलब्धि हासिल की। 9. ग्रुप मैच में सबसे ज्यादा दर्शक पहुंचे लॉर्ड्स में भारत और ऑस्ट्रेलिया के मुकाबले को 27,163 दर्शकों ने देखा। यह महिला टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में किसी भी ग्रुप स्टेज मैच में सबसे ज्यादा दर्शक संख्या का नया रिकॉर्ड है। यहां से टॉप-2 मोमेंट्स पढ़िए 1. गलतफहमी में मंधाना रनआउट भारतीय पारी के 12वें ओवर में स्मृति मंधाना रनआउट होकर पवेलियन लौटीं। जेमिमा रोड्रिग्स ने रिवर्स स्वीप खेलकर गेंद बैकवर्ड पॉइंट की ओर भेजी और रन लेने का प्रयास किया। मंधाना आधी पिच तक पहुंच चुकी थीं, लेकिन जेमिमा ने उन्हें वापस भेज दिया। लूसी हैमिल्टन ने तेजी से गेंद उठाकर जॉर्जिया वेयरहैम के पास थ्रो किया, जिन्होंने बेल्स उड़ाकर मंधाना को रनआउट कर दिया। 2. कोहली-अनुष्का ने स्टैंड्स से बढ़ाया टीम इंडिया का हौसला भारत और ऑस्ट्रेलिया मैच देखने पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली लॉर्ड्स पहुंचे। उनके साथ पत्नी अनुष्का शर्मा और टीम इंडिया के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री भी स्टैंड्स में मौजूद रहे। एक अन्य स्टैंड में पूर्व भारतीय ओपनर शिखर धवन भी पत्नी सोफी शाइन के साथ मुकाबले का लुत्फ उठाते नजर आए।
पाकिस्तान का दावा- अफगानिस्तान के तीन ठिकानों पर हमले किए:TTP कमांडर समेत 29 आतंकी मारे; एक दिन पहले कराची में आतंकी हमला हुआ था

पाकिस्तान ने रविवार रात को अफगानिस्तान सीमा से लगे इलाकों में 29 आतंकियों को मार गिराने का दावा किया है। पाकिस्तान के मुताबिक, पहले खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले में जमीनी ऑपरेशन किया गया। इसके बाद सीमा पार अफगानिस्तान के भीतर तीन आतंकियों के ठिकानों पर हमले किए गए। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने X पर लिखा- यह ऑपरेशन देश में हाल के आतंकी हमलों के जवाब में किया गया। इसमें जमात-उल-अहरार और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों को निशाना बनाया गया। TTP का कमांडर खान फरोश भी मारा गया। बाजौर में 4, अफगानिस्तान में 25 आतंकी मारे अताउल्लाह तरार ने बताया कि बाजौर जिले में खुफिया जानकारी मिलने के बाद ऑपरेशन शुरू किया गया। इसमें खान फरोश समेत चार आतंकी मारे गए। बाजौर, खैबर पख्तूनख्वा का अफगानिस्तान से लगा जिला है। इसके बाद अफगानिस्तान के पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में तीन अलग-अलग ठिकानों पर हमले किए गए। वहां 25 आतंकी मारे गए। इन ठिकानों पर रखा हथियार और गोला-बारूद भी नष्ट कर दिया गया। एक दिन पहले कराची में हमला हुआ था शनिवार को कराची में सिंध रेंजर्स के क्षेत्रीय मुख्यालय पर हथियारों और विस्फोटकों से लैस आतंकियों ने हमला किया था। इस हमले में चार रेंजर्स जवान मारे गए थे। पाकिस्तान के मुताबिक, जवाबी फायरिंग में छह हमलावर मारे गए। एक घायल हमलावर को गिरफ्तार किया गया। पाकिस्तान ने उसे अफगान नागरिक बताया है। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान तालिबान से अलग हुए संगठन जमात-उल-अहरार ने ली थी। पाकिस्तान का कहना है कि ताजा ऑपरेशन में इसी संगठन और TTP के ठिकानों को निशाना बनाया गया। पाकिस्तान बोला- नागरिकों की सुरक्षा से समझौता नहीं करेंगे अताउल्लाह तरार ने कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना चाहता है, लेकिन अपने नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। पाकिस्तान पिछले साल से अफगान सीमा और उसके भीतर कई बार हमले कर चुका है। उसका कहना है कि इन हमलों का निशाना TTP और दूसरे आतंकी संगठनों के ठिकाने रहे हैं। पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार TTP के आतंकियों को पनाह देती है। काबुल इन आरोपों से लगातार इनकार करता रहा है। पाकिस्तान और TTP में लड़ाई क्यों? 2001 में अमेरिका के अफगानिस्तान पर हमले के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका का साथ दिया। इससे TTP नाराज हो गया, वह इसे इस्लाम के खिलाफ मानता था। TTP का मानना है कि पाकिस्तान सरकार सच्चा इस्लाम नहीं मानती है, इसलिए वो उसके खिलाफ हमला करता है। TTP का अफगान तालिबान के साथ गहरा जुड़ाव है। दोनों समूह एक-दूसरे को समर्थन देते हैं। 2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान ने TTP को निशाना बनाकर अफगानिस्तान में हमले किए।
पाकिस्तान का दावा- अफगानिस्तान में तीन ठिकानों पर हमले किए:TTP कमांडर समेत 29 आतंकी मारे; एक दिन पहले कराची में आतंकी हमला हुआ था

पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में तीन ठिकानों पर अटैक करने का दावा किया है। पाकिस्तान के मुताबिक, पहले खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले में जमीनी ऑपरेशन किया गया। इसके बाद सीमा पार अफगानिस्तान के भीतर तीन आतंकियों के ठिकानों पर हमले किए गए। इन हमलों में 29 आतंकियों को मार गिराया हैं। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने X पर लिखा- यह ऑपरेशन देश में हाल के आतंकी हमलों के जवाब में किया गया। इसमें जमात-उल-अहरार और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों को निशाना बनाया गया। TTP का कमांडर खान फरोश भी मारा गया। इससे एक दिन पहले पाकिस्तान के कराची में सिंध रेंजर्स के हेडकॉर्टर पर हथियारों और विस्फोटकों से लैस आतंकियों ने हमला किया था। इसमें चार रेंजर्स जवान मारे गए थे। वहीं, छह हमलावर मारे गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी जमात-उल-अहरार ने ली थी। बाजौर में 4, अफगानिस्तान में 25 आतंकी मारे अताउल्लाह तरार ने बताया कि खुफिया जानकारी मिलने पर बाजौर जिले में ऑपरेशन शुरू किया गया। इसमें खान फरोश समेत चार आतंकी मारे गए। खैबर पख्तूनख्वा का बाजौर, अफगानिस्तान से लगा जिला है। इसके बाद अफगानिस्तान के पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में तीन अलग-अलग ठिकानों पर हमले किए गए। वहां 25 आतंकी मारे गए। इन ठिकानों पर रखा हथियार और गोला-बारूद भी नष्ट कर दिया गया। पाकिस्तान बोला- नागरिकों की सुरक्षा से समझौता नहीं करेंगे तरार ने कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की कोशिश करता रहा है, लेकिन अपने नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। पाकिस्तान पिछले साल से अफगान सीमा और उसके भीतर कई बार हमले कर चुका है। उसका कहना है ये हमले TTP और दूसरे आतंकी संगठनों के ठिकाने किए गए हैं। पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार TTP के आतंकियों को पनाह देती है। पाकिस्तान और TTP में लड़ाई क्यों? 2001 में अमेरिका के अफगानिस्तान पर हमले के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका का साथ दिया। इससे TTP नाराज हो गया, वह इसे इस्लाम के खिलाफ मानता था। TTP का मानना है कि पाकिस्तान सरकार सच्चा इस्लाम नहीं मानती है, इसलिए वो उसके खिलाफ हमला करता है। TTP का अफगान तालिबान के साथ गहरा जुड़ाव है। दोनों समूह एक-दूसरे को समर्थन देते हैं। 2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान ने TTP को निशाना बनाकर अफगानिस्तान में हमले किए। अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के पिछले दो बड़े हमले…. 10 जून: पाकिस्तानी मिसाइल हमले में 13 की मौत, इनमें 11 बच्चे थे पाकिस्तान ने 10 जून को अफगानिस्तान के कई इलाकों में मिसाइल हमले किए थे। अफगान तालिबान सरकार के मुताबिक इन हमलों में 13 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 11 बच्चे थे। तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के एयरस्पेस का उल्लंघन किया। कुनार, खोस्त तथा पक्तिका प्रांतों में आम लोगों के घरों पर बमबारी की। वहीं पाकिस्तान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि उसने खुफिया जानकारी के आधार पर आतंकियों के ठिकानों पर सटीक हमला किया। पूरी खबर पढ़ें… 16 मार्च: पाकिस्तान के एयरस्ट्राइक में 400 की मौत, 250 घायल पाकिस्तान ने 16 मार्च की रात को अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक किया था। पाकिस्तानी एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों ने राजधानी काबुल के कई इलाकों को निशाना बनाया, जिनमें एक हॉस्पिटल भी था। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक इसमें 400 लोगों की मौत हुई थी। वहीं 250 से ज्यादा घायल हुए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक दारुलअमान, अरजान कीमत, खैरखाना और काबुल इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास कई जगहों पर धमाकों और गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सेना ने काबुल में एक नशा मुक्ति अस्पताल पर बम गिराए। पूरी खबर पढ़ें… ——————- ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान के कराची में पैरामिलिट्री हेडक्वार्टर पर आतंकी हमला:4 सुरक्षाकर्मियों और 6 आतंकियों की मौत; तालिबान से जुड़े जमात-उल-अहरार ने जिम्मेदारी ली पाकिस्तान के कराची में शनिवार रात आतंकियों ने सिंध रेंजर्स के पैरामिलिट्री हेडक्वार्टर पर हमला कर दिया। हमला रात करीब 8.30 बजे गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में हुआ। इसमें चार रेंजर्स की मौत हो गई। जवाबी कार्रवाई में छह आतंकी मारे गए, जबकि एक आतंकी को घायल हालत में गिरफ्तार कर लिया गया। पूरी खबर पढ़ें…
मलेरिया के लक्षण: सीजन में इन 5 शुरूआती आदेशों को कभी न मानें, हो सकता है मलेरिया; जानिए कैसे करें बचाव

मानसून के मौसम में मलेरिया से कैसे बचें: ठंड का मौसम चिलचिलाती गर्मी से राहत तो देता है और बारिश की बौछारें मन को भी अच्छी लगती हैं, लेकिन यह सुहाना मौसम अपने साथ कई परेशानियां भी लेकर आता है। बारिश का पानी जगह-जगह जम जाता है, जिससे मच्छरों का खतरा काफी बढ़ जाता है। मलेरिया मादा ‘एनाफिलीज’ मच्छर के काटने से होने वाली बीमारी एक गंभीर बीमारी है। अगर समय पर इसके प्रोटोटाइप को पहचान लिया जाए, तो इसका इलाज आसानी से हो सकता है, लेकिन विविधता पर यह प्राकृतिक भी साबित हो सकता है। तो जानें कि वो कौन से शुरुआती लक्षण हैं जिनमें पूरी तरह से वैध नहीं होना चाहिए और इससे आप कैसे बच सकते हैं। मलेरिया के प्रारंभिक लक्षण अगर बारिश के मौसम में आपकी तबीयत खराब है, तो इन पर जरूर गौर करें। अचानक चमकीला बुखार और कंपनी मलेरिया का सबसे आम और पहला लक्षण है अचानक से तेज बुखार आना। इसके साथ ही मरीज को बहुत तेज ठंड लगने लगती है और शरीर खराब होने लगता है। कुछ घंटों बाद बुखार उतरते समय मरीज को बहुत ज्यादा खाना भी मिल सकता है। भयंकर सिरदर्द बुखार के साथ-साथ यदि सिर में बहुत तेज दर्द हो रहा है, तो यह मलेरिया का संकेत हो सकता है। अक्सर लोग इसे मौसम के कारण या थकान की वजह से होने वाला सामान्य सिरदर्द समझकर पेनकिलर खा लेते हैं, जो गलत है। जोड़ों और जोड़ों में दर्द मलेरिया के परजीवी जब खून में मिलते हैं, तो पूरे शरीर में भयंकर दर्द होता है। खासकर पीठ, कमर, सामान और जोड़ों में गहरी ऐंठन और दर्द होता है जिससे उठना भी मुश्किल लगता है। उल्टी और जी मिचलाना मलेरिया का प्रभाव आपके पाचन तंत्र पर भी पड़ता है। पेट में भारीपन, कुछ खाने का मन न करना, बार-बार उल्टी आना या जी मिचलाना जैसे शुरुआती खुलासे में शामिल हैं। हद से ज्यादा थकान और कमजोरी बिना किसी भारी काम या पर्याप्त आराम के अगर आपको बहुत अधिक थकान महसूस हो रही है और शरीर बिल्कुल भी काबू नहीं पा रहा है, तो यह मलेरिया का एक बड़ा लक्षण हो सकता है। मलेरिया से बचाव कैसे करें? मलेरिया से बचने का सबसे आसान और असरदार तरीका। मच्छरों को खुद से और अपने घर से दूर रखें। इसके लिए आप ये आसान उपाय अपना सकते हैं। आस-पास पानी जमा न हो जाएं: मच्छर मारे गए साफ पानी में अंडे देते हैं। इसलिए घर के आस-पास, खाली गैमलों, बाल्टियों, पेंसिलों या पुराने टायरों में बारिश का पानी बिल्कुल जमा नहीं होता। ब्लॉकचेन का पानी सप्ताह में एक बार घटा। पूरी तरह से आरामदायक सुविधा: बारिश के मौसम में बाहर जाने का समय, विशेष रूप से शाम और सुबह के समय, ऐसे कपड़े के कपड़े जिससे आपके हाथ और पैर पूरी तरह से बने रहें। मच्छरदानी और रिपेलेंट्स का उपयोग: रात को रात को मच्छर दानी का उपयोग करना सबसे सुरक्षित तरीका है। इसके अलावा मॉस्किटो रिपेलेंट क्रीम, स्पाइडर या कॉइल का भी उपयोग करें। साफ़-सफाई का पूरा ध्यान रखें: घर और घर के आस-पास की नियमित सफाई। जहां नालों या चट्टानों में पानी भरता हो, वहां मिट्टी का तेल या औषधि का मिश्रण होता है, जहां मिट्टी का तेल या औषधि का मिश्रण होता है। मलेरिया कोई मामूली सामान्य बुखार नहीं है। यदि आपके या आपके परिवार में किसी को भी नामित लक्षण दिखाई देते हैं, तो घरेलू नुस्खों में समय बर्बाद न करें। तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर से मिलें और खून की जांच करवाएं। यह अवश्य पढ़ें: लौकी के छिलके की चटनी रेसिपी: सस्ते समझकर न खाएं लोकी के अनोखे, ऐसे बनाएं चटपटी चटनी; गर्मी में पेट को रखेगी ठंडा अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें। (टैग्सटूट्रांसलेट)मानसून में मलेरिया(टी)मलेरिया के लक्षण(टी)मानसून टिप्स(टी)मलेरिया से बचने के उपाय(टी)मलेरिया के लक्षण(टी)मानसून के मौसम में मलेरिया से कैसे बचें(टी)मलेरिया के लक्षण(टी)मलेरिया से बचने के उपाय
एसी कूलिंग टिप्स: एसी को ठंडा करने के चक्कर में कहीं खराब न हो जाए मशीन, जानें आउटर यूनिट पर पानी कितना सही?

28 जून 2026 को 21:21 IST पर अपडेट किया गया एसी आउटडोर यूनिट को सुरक्षित रूप से ठंडा कैसे करें: भीषण गर्मी में एसी का दिन-रात चलना आम बात है। जब भी एसी कूलिंग कम कर देता है या स्ट्रिप मारने का आभास होता है, तो लोग ‘देसी जुगाड़’ के रूप में अपनी बाहरी यूनिट पर बाल्टी या पाइप से पानी डाल देते हैं। लेकिन क्या ऐसा करना सुरक्षित है? कहीं ठंडक बढ़ाने के चक्कर में आप अपनी मशीन तो खराब नहीं कर रहे? तो जानें ये कितना सही है? अनुसरण करना : अगर सही तरीके से पानी डाला जाए, तो आमतौर पर कोई परेशानी नहीं होती। क्योंकि AC का आउटर यूनिट बारिश और धूप झेलने के लिए बनाया जाता है। लेकिन अंतिम नुकसान हो सकता है। छवि: फ्रीपिक पाइप से तेज़ दस्तावेज़ में वॉटर हीटर से आउटर यूनिट की परत एल्युमीनियम फ़िनिशें निकाली जा सकती हैं। इससे हवा का प्रवाह कम हो जाता है और AC की कूलिंग भी कम हो जाती है। छवि: एआई अगर एसी चल रही हो और उसी समय आउटर यूनिट पर पानी डाला जाए, तो शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ सकता है। इससे मोटर या मॉडल खराब होने की संभावना बनी रहती है। छवि: एआई अगर यूनिट पर केवल थोड़ा-सा पानी छिड़कर छोड़ दिया जाए, तो धूल फांकता हुआ पंखों में जाम लग जाता है। इससे संबंधित अतिरिक्त दबाव वाले सामान और एसी बार-बार यात्रा कर सकते हैं। छवि: फ्रीपिक बाहरी इकाई पर शेड रूम। हर 10-15 दिन में इलेक्ट्रॉनिक्स इलेक्ट्रॉनिक्स को साफ करें। AC का तापमान 24°C होता है, इससे बेहतर कूलिंग और बिजली की बचत दोनों होती है। छवि: एआई बाहरी इकाई पर बार-बार पानी का कोई स्थायी समाधान नहीं है। छवि: फ्रीपिक अगर एसी की कूलिंग कम हो रही है या यूनिट बहुत खराब है, तो प्रोफेशनल सर्विसिंग सबसे सुरक्षित और बेहतर विकल्प है। इससे आपका AC लंबे समय तक अच्छा काम करेगा। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: समृद्धि ब्रेजा प्रकाशित 28 जून 2026 को 21:21 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)एसी कूलिंग टिप्स(टी)एसी को ठंडा कैसे करें(टी)एसी कूलिंग हैक(टी)एसी रखरखाव टिप्स(टी)एसी सफाई टिप्स(टी)एसी बाहरी इकाई(टी)एसी कूलिंग हैक






