Thursday, 17 Sep 2026 | 10:45 AM

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एसी कूलिंग टिप्स: एसी को ठंडा करने के चक्कर में कहीं खराब न हो जाए मशीन, जानें आउटर यूनिट पर पानी कितना सही?

एसी कूलिंग टिप्स

28 जून 2026 को 21:21 IST पर अपडेट किया गया एसी आउटडोर यूनिट को सुरक्षित रूप से ठंडा कैसे करें: भीषण गर्मी में एसी का दिन-रात चलना आम बात है। जब भी एसी कूलिंग कम कर देता है या स्ट्रिप मारने का आभास होता है, तो लोग ‘देसी जुगाड़’ के रूप में अपनी बाहरी यूनिट पर बाल्टी या पाइप से पानी डाल देते हैं। लेकिन क्या ऐसा करना सुरक्षित है? कहीं ठंडक बढ़ाने के चक्कर में आप अपनी मशीन तो खराब नहीं कर रहे? तो जानें ये कितना सही है? अनुसरण करना : अगर सही तरीके से पानी डाला जाए, तो आमतौर पर कोई परेशानी नहीं होती। क्योंकि AC का आउटर यूनिट बारिश और धूप झेलने के लिए बनाया जाता है। लेकिन अंतिम नुकसान हो सकता है। छवि: फ्रीपिक पाइप से तेज़ दस्तावेज़ में वॉटर हीटर से आउटर यूनिट की परत एल्युमीनियम फ़िनिशें निकाली जा सकती हैं। इससे हवा का प्रवाह कम हो जाता है और AC की कूलिंग भी कम हो जाती है। छवि: एआई अगर एसी चल रही हो और उसी समय आउटर यूनिट पर पानी डाला जाए, तो शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ सकता है। इससे मोटर या मॉडल खराब होने की संभावना बनी रहती है। छवि: एआई अगर यूनिट पर केवल थोड़ा-सा पानी छिड़कर छोड़ दिया जाए, तो धूल फांकता हुआ पंखों में जाम लग जाता है। इससे संबंधित अतिरिक्त दबाव वाले सामान और एसी बार-बार यात्रा कर सकते हैं। छवि: फ्रीपिक बाहरी इकाई पर शेड रूम। हर 10-15 दिन में इलेक्ट्रॉनिक्स इलेक्ट्रॉनिक्स को साफ करें। AC का तापमान 24°C होता है, इससे बेहतर कूलिंग और बिजली की बचत दोनों होती है। छवि: एआई बाहरी इकाई पर बार-बार पानी का कोई स्थायी समाधान नहीं है। छवि: फ्रीपिक अगर एसी की कूलिंग कम हो रही है या यूनिट बहुत खराब है, तो प्रोफेशनल सर्विसिंग सबसे सुरक्षित और बेहतर विकल्प है। इससे आपका AC लंबे समय तक अच्छा काम करेगा। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: समृद्धि ब्रेजा प्रकाशित 28 जून 2026 को 21:21 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)एसी कूलिंग टिप्स(टी)एसी को ठंडा कैसे करें(टी)एसी कूलिंग हैक(टी)एसी रखरखाव टिप्स(टी)एसी सफाई टिप्स(टी)एसी बाहरी इकाई(टी)एसी कूलिंग हैक

फ्रांस में पैराशूट स्कूल का प्लेन क्रेश:5 स्टूडेंट्स, 5 ट्रेनर और पायलट की मौत, ट्रेनिंग के लिए उड़ान भरते ही संतुलन बिगड़ा

फ्रांस में पैराशूट स्कूल का प्लेन क्रेश:5 स्टूडेंट्स, 5 ट्रेनर और पायलट की मौत, ट्रेनिंग के लिए उड़ान भरते ही संतुलन बिगड़ा

पूर्वी फ्रांस के टॉम्बलाइन में रविवार सुबह एक पैराशूटिस्ट स्कूल का सिविलियन एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया। हादसे में विमान में सवार सभी 11 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मरने वालों में 5 स्टूडेंट्स, 5 ट्रेनर और पायलट शामिल हैं। न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक, म्यूर्थ-ए-मोजेल इलाके के प्रशासनिक अधिकारी (प्रीफेक्ट) यवेस सेगुई ने बताया कि विमान ने नैन्सी-एस्से एयरोड्रोम से उड़ान भरी थी, जिसके बाद स्थानीय समयानुसार रविवार सुबह करीब 11 बजे यह नैन्सी शहर के पास क्रैश हो गया। इमरजेंसी सर्विसेज ने संभाला मोर्चा, जांच शुरू हादसे की खबर मिलते ही इमरजेंसी सर्विसेज और राहत-बचाव दल ने मोर्चा संभाल लिया है। अधिकारी मौके पर मौजूद चश्मदीदों के बयान दर्ज कर रहे हैं, ताकि हादसे की वजह का पता लगाया जा सके। फ्रांस के गृह मंत्रालय ने घटना पर दुख जताया है और कहा है कि गृह मंत्री खुद हालात का जायजा लेने घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए ऑपरेशनल सेंटर एक्टिव स्थानीय प्रशासन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि घटना की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए विभागीय परिचालन केंद्र (COD) को एक्टिव कर दिया गया है। सभी ऑपरेशनल टीमें काम पर लगा दी गई हैं और प्रीफेक्ट खुद मौके पर रहकर रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस की अपील- घटनास्थल की तरफ न जाएं लोग स्थानीय पुलिस ने आम जनता से साल्वाडोर अलेंदे स्ट्रीट इलाके से पूरी तरह दूर रहने की अपील की है। पुलिस ने X पर पोस्ट कर कहा, “राहत और बचाव काम में लगी टीमों और पुलिस के लिए रास्ता साफ रखें। घटनास्थल पर भीड़ न लगाएं और सुरक्षा एजेंसियों का सहयोग करें।” यह खबर हम लगातार अपडेट कर रहे हैं…

सऊदी अरब में अरामको का हेलिकॉप्टर क्रैश:सभी 14 सऊदी नागरिकों की मौत; सुबह 6 बजे रास तनुरा में हादसा

सऊदी अरब में अरामको का हेलिकॉप्टर क्रैश:सभी 14 सऊदी नागरिकों की मौत; सुबह 6 बजे रास तनुरा में हादसा

सऊदी अरब के रास तनुरा में रविवार, 2 जून को हेलिकॉप्टर क्रैश होने से इसमें सवार सभी 14 लोगों को मौत हो गई। सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के मुताबिक, हेलिकॉप्टर में सवार सभी लोग सऊदी अरब के ही नागरिक थे। हालांकि, क्रैश की वजह अभी भी अज्ञात है और अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।

थिएटर में फिल्म देखने पहुंचे शरवरी और वेदांग रैना:मैं वापस आऊंगा' पर एक्ट्रेस ने लिखा इमोशनल नोट, कहा- दर्शकों ने फिल्म को अपनाया

थिएटर में फिल्म देखने पहुंचे शरवरी और वेदांग रैना:मैं वापस आऊंगा' पर एक्ट्रेस ने लिखा इमोशनल नोट, कहा- दर्शकों ने फिल्म को अपनाया

फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ सिनेमाघरों में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है। हाल ही में फिल्म के मुख्य कलाकार शरवरी और वेदांग रैना दर्शकों के साथ एक स्पेशल स्क्रीनिंग में शामिल होने थिएटर पहुंचे। फिल्म को मिल रहे अच्छे रिस्पॉन्स को देखकर शरवरी ने सोशल मीडिया पर एक इमोशनल नोट शेयर कर फैंस का शुक्रिया अदा किया है। यह फिल्म भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौर के बैकग्राउन्ड पर आधारित एक इमोशनल ड्रामा है, जिसमें नसीरुद्दीन शाह और दिलजीत दोसांझ भी अहम किरदारों में हैं। देखें थिएटर में एक्टर्स की तस्वीरें.… शरवरी ने लिखा इमोशनल नोट थिएटर विजिट की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए शरवरी ने दर्शकों का आभार जताया। उन्होंने लिखा कि कुछ कहानियां क्रेडिट रोल होने के बाद खत्म नहीं होतीं। वे हर इमोशन, हर बातचीत और सोशल मीडिया रील्स में जिंदा रहती हैं। शरवरी ने आगे लिखा कि दर्शकों ने जिया और कीनू (फिल्म के किरदार) को अपने दिल में जगह दी और इस फिल्म को पूरी तरह अपना बना लिया। उन्होंने प्रशंसकों के एक सोशल मीडिया ट्रेंड को रीक्रिएट करके उन्हें थैंक्यू कहा। फिल्म को पाकिस्तान से मिल चुकी तारीफ इससे पहले ‘मैं वापस आऊंगा’ को पाकिस्तान से भी तारीफ मिल चुकी है। पाकिस्तानी फिल्ममेकर उमर नासिर अली ने इस फिल्म की जमकर तारीफ करते हुए इसे एक बेहद खूबसूरत और गहरी भावनात्मक फिल्म बताया है। उमर नासिर के मुताबिक, यह फिल्म उनके दिल के बेहद करीब है क्योंकि वे खुद भी इसी विषय के आसपास एक फिल्म बना रहे हैं। इस बीच फिल्म को मिल रहे अच्छे रिस्पॉन्स का असर इसके बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर भी दिख रहा है और फिल्म की कमाई सोमवार को कामकाजी दिन होने के बावजूद बढ़ गई है। सिनेमाघरों में आम दर्शकों के अलावा फिल्म इंडस्ट्री के लोग भी इस पीरियड ड्रामा की तारीफ कर रहे हैं। फिल्ममेकर जोया अख्तर, अनुराग कश्यप और अनुभव सिन्हा ने भी फिल्म की सराहना की है। जोया अख्तर ने सोशल मीडिया पर पूरी टीम को बधाई दी। अनुभव सिन्हा ने लिखा कि इम्तियाज की फिल्म का हर फ्रेम उनके कला के प्रति विश्वास को दिखाता है। तीन पीढ़ियों के अधूरे सफर की कहानी फिल्म की कहानी तीन पीढ़ियों के भावनात्मक सफर को दिखाती है, जिसमें बंटवारे के जख्मों को एक प्रेम कहानी के साथ पेश किया गया है। कहानी पाकिस्तान के सरगोधा से भारत आए एक सिख परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। बंटवारे के समय युवा कीनू (वेदांग रैना) अपनी प्रेमिका अफसाना (शरवरी) से अलग हो जाता है। करीब 70 साल बाद, 95 साल के हो चुके कीनू (नसीरुद्दीन शाह)अपने जीवन के आखिरी पड़ाव पर एक आखिरी बार सरगोधा वापस जाना चाहते हैं। इस यात्रा में उनका पोता निरवैर (दिलजीत दोसांझ) उनकी मदद करता है। ये खबर भी पढ़ें ‘मैं वापस आऊंगा’ को एंटी-नेशनल बताने पर हंसे एआर रहमान:इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया पोस्ट; फिल्म को पाकिस्तान से मिल चुकी तारीफ इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ को एंटी-नेशनल बताए जाने पर संगीतकार एआर रहमान ने रिएक्शन दिया है। दरअसल सोशल मीडिया पर फिल्म को एक वर्ग एंटी-नेशनल बता रहा है, क्योंकि इसमें पाकिस्तान को जासूसों और आतंकवादियों के बिना दिखाया गया है। पूरी खबर पढ़ें

थिएटर में फिल्म देखने पहुंचे शरवरी और वेदांग रैना:मैं वापस आऊंगा' पर एक्ट्रेस ने लिखा इमोशनल नोट, कहा- दर्शकों ने फिल्म को अपनाया

थिएटर में फिल्म देखने पहुंचे शरवरी और वेदांग रैना:मैं वापस आऊंगा' पर एक्ट्रेस ने लिखा इमोशनल नोट, कहा- दर्शकों ने फिल्म को अपनाया

फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ सिनेमाघरों में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है। हाल ही में फिल्म के मुख्य कलाकार शरवरी और वेदांग रैना दर्शकों के साथ एक स्पेशल स्क्रीनिंग में शामिल होने थिएटर पहुंचे। फिल्म को मिल रहे अच्छे रिस्पॉन्स को देखकर शरवरी ने सोशल मीडिया पर एक इमोशनल नोट शेयर कर फैंस का शुक्रिया अदा किया है। यह फिल्म भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौर के बैकग्राउन्ड पर आधारित एक इमोशनल ड्रामा है, जिसमें नसीरुद्दीन शाह और दिलजीत दोसांझ भी अहम किरदारों में हैं। देखें थिएटर में एक्टर्स की तस्वीरें.… शरवरी ने लिखा इमोशनल नोट थिएटर विजिट की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए शरवरी ने दर्शकों का आभार जताया। उन्होंने लिखा कि कुछ कहानियां क्रेडिट रोल होने के बाद खत्म नहीं होतीं। वे हर इमोशन, हर बातचीत और सोशल मीडिया रील्स में जिंदा रहती हैं। शरवरी ने आगे लिखा कि दर्शकों ने जिया और कीनू (फिल्म के किरदार) को अपने दिल में जगह दी और इस फिल्म को पूरी तरह अपना बना लिया। उन्होंने प्रशंसकों के एक सोशल मीडिया ट्रेंड को रीक्रिएट करके उन्हें थैंक्यू कहा। फिल्म को पाकिस्तान से मिल चुकी तारीफ इससे पहले ‘मैं वापस आऊंगा’ को पाकिस्तान से भी तारीफ मिल चुकी है। पाकिस्तानी फिल्ममेकर उमर नासिर अली ने इस फिल्म की जमकर तारीफ करते हुए इसे एक बेहद खूबसूरत और गहरी भावनात्मक फिल्म बताया है। उमर नासिर के मुताबिक, यह फिल्म उनके दिल के बेहद करीब है क्योंकि वे खुद भी इसी विषय के आसपास एक फिल्म बना रहे हैं। इस बीच फिल्म को मिल रहे अच्छे रिस्पॉन्स का असर इसके बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर भी दिख रहा है और फिल्म की कमाई सोमवार को कामकाजी दिन होने के बावजूद बढ़ गई है। सिनेमाघरों में आम दर्शकों के अलावा फिल्म इंडस्ट्री के लोग भी इस पीरियड ड्रामा की तारीफ कर रहे हैं। फिल्ममेकर जोया अख्तर, अनुराग कश्यप और अनुभव सिन्हा ने भी फिल्म की सराहना की है। जोया अख्तर ने सोशल मीडिया पर पूरी टीम को बधाई दी। अनुभव सिन्हा ने लिखा कि इम्तियाज की फिल्म का हर फ्रेम उनके कला के प्रति विश्वास को दिखाता है। तीन पीढ़ियों के अधूरे सफर की कहानी फिल्म की कहानी तीन पीढ़ियों के भावनात्मक सफर को दिखाती है, जिसमें बंटवारे के जख्मों को एक प्रेम कहानी के साथ पेश किया गया है। कहानी पाकिस्तान के सरगोधा से भारत आए एक सिख परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। बंटवारे के समय युवा कीनू (वेदांग रैना) अपनी प्रेमिका अफसाना (शरवरी) से अलग हो जाता है। करीब 70 साल बाद, 95 साल के हो चुके कीनू (नसीरुद्दीन शाह)अपने जीवन के आखिरी पड़ाव पर एक आखिरी बार सरगोधा वापस जाना चाहते हैं। इस यात्रा में उनका पोता निरवैर (दिलजीत दोसांझ) उनकी मदद करता है। ये खबर भी पढ़ें ‘मैं वापस आऊंगा’ को एंटी-नेशनल बताने पर हंसे एआर रहमान:इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया पोस्ट; फिल्म को पाकिस्तान से मिल चुकी तारीफ इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ को एंटी-नेशनल बताए जाने पर संगीतकार एआर रहमान ने रिएक्शन दिया है। दरअसल सोशल मीडिया पर फिल्म को एक वर्ग एंटी-नेशनल बता रहा है, क्योंकि इसमें पाकिस्तान को जासूसों और आतंकवादियों के बिना दिखाया गया है। पूरी खबर पढ़ें

एसएफयू एआई: सिलिकॉन वैली में बना क्रिकेट का एडवांस AI-टूल:आईपीएल में रोहित और गिल वहीं कैच हुए जहां इस मॉडल ने बताया

एसएफयू एआई: सिलिकॉन वैली में बना क्रिकेट का एडवांस AI-टूल:आईपीएल में रोहित और गिल वहीं कैच हुए जहां इस मॉडल ने बताया

क्रिकेट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अब सिर्फ आंकड़ों का विश्लेषण करने तक सीमित नहीं है, बल्कि टीम चयन, मैच रणनीति और खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आकलन करने का तरीका भी बदल रहा है। इसकी शुरुआत न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में हुई एक बातचीत से हुई, जब सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स के सह-मालिक आनंद राजारमन और कोलंबिया यूनिवर्सिटी में कंप्यूटिंग व एआई के वाइस डीन विशाल मिश्रा ने क्रिकेट में एआई के इस्तेमाल पर चर्चा की। इसी मुलाकात से ‘एसएफयू एआई’ विकसित हुआ। इस एआई की सबसे बड़ी खासियत इसकी ‘डिजिटल ट्विन’ तकनीक है। यह हजारों पुराने मैचों के डेटा के आधार पर मौजूदा मैच का वर्चुअल मॉडल तैयार करता है और हर गेंद के बाद जीत-हार की संभावना का आकलन करता है। इसकी सटीकता का सबसे बड़ा उदाहरण 2024 टी20 वर्ल्ड कप के भारत-पाकिस्तान मुकाबले में देखने को मिला। उस समय ज्यादातर क्रिकेट वेबसाइट्स पाकिस्तान की जीत की 95 प्रतिशत संभावना जता रही थीं, लेकिन एसएफयू एआई लगातार भारत को मजबूत स्थिति में बता रहा था। अंत में उसका आकलन सही साबित हुआ। फ्रेंचाइजियों के लिए भी यह तकनीक किसी गेम चेंजर से कम नहीं है। एआई यह पहचान सकता है कि टीम को किस तरह के खिलाड़ी की जरूरत है, जैसे डेथ ओवर विशेषज्ञ गेंदबाज या आक्रामक मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज। इतना ही नहीं, यह घरेलू क्रिकेटरों के प्रदर्शन का विश्लेषण कर यह भी अनुमान लगा सकता है कि वे आईपीएल या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कितना सफल हो सकते हैं। इसका ‘एवरेज डेल्टा विन प्रोबेबिलिटी’ पैमाना बताता है कि कोई खिलाड़ी मुश्किल परिस्थितियों में टीम की जीत की संभावना कितनी बढ़ाता है। आईपीएल 2026 में इसी आधार पर वैभव सूर्यवंशी सबसे प्रभावशाली मैच विनर साबित हुए। कोचिंग में भी एआई तेजी से जगह बना रहा है। ‘क्रिकेट लेंस’ नामक टूल कोच के लिए चैटजीपीटी की तरह काम करता है। कोच सामान्य भाषा में किसी बल्लेबाज या गेंदबाज से जुड़ी स्थिति लिखते हैं और कुछ सेकेंड में उससे जुड़े सभी वीडियो सामने आ जाते हैं। यही तकनीक फील्डिंग सेट करने में भी मदद करती है। आईपीएल 2026 से पहले इसने रोहित शर्मा, हार्दिक पंड्या, निकोलस पूरन और शुभमन गिल के खिलाफ खास फील्डिंग पोजिशन सुझाई थीं और सीजन के दौरान ये खिलाड़ी उन्हीं स्थानों पर कैच आउट हुए। हालांकि एआई की सीमाएं भी हैं। यह खिलाड़ियों की मानसिक स्थिति, व्यक्तिगत परेशानियों या शारीरिक थकान को पूरी तरह नहीं समझ सकता। इसी वजह से डेवलपर्स रविचंद्रन अश्विन जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ काम कर रहे हैं, ताकि खेल के मानवीय पहलुओं को भी इसमें शामिल किया जा सके।

एसएफयू एआई: सिलिकॉन वैली में बना क्रिकेट का एडवांस AI-टूल:आईपीएल में रोहित और गिल वहीं कैच हुए जहां इस मॉडल ने बताया

एसएफयू एआई: सिलिकॉन वैली में बना क्रिकेट का एडवांस AI-टूल:आईपीएल में रोहित और गिल वहीं कैच हुए जहां इस मॉडल ने बताया

क्रिकेट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अब सिर्फ आंकड़ों का विश्लेषण करने तक सीमित नहीं है, बल्कि टीम चयन, मैच रणनीति और खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आकलन करने का तरीका भी बदल रहा है। इसकी शुरुआत न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में हुई एक बातचीत से हुई, जब सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स के सह-मालिक आनंद राजारमन और कोलंबिया यूनिवर्सिटी में कंप्यूटिंग व एआई के वाइस डीन विशाल मिश्रा ने क्रिकेट में एआई के इस्तेमाल पर चर्चा की। इसी मुलाकात से ‘एसएफयू एआई’ विकसित हुआ। इस एआई की सबसे बड़ी खासियत इसकी ‘डिजिटल ट्विन’ तकनीक है। यह हजारों पुराने मैचों के डेटा के आधार पर मौजूदा मैच का वर्चुअल मॉडल तैयार करता है और हर गेंद के बाद जीत-हार की संभावना का आकलन करता है। इसकी सटीकता का सबसे बड़ा उदाहरण 2024 टी20 वर्ल्ड कप के भारत-पाकिस्तान मुकाबले में देखने को मिला। उस समय ज्यादातर क्रिकेट वेबसाइट्स पाकिस्तान की जीत की 95 प्रतिशत संभावना जता रही थीं, लेकिन एसएफयू एआई लगातार भारत को मजबूत स्थिति में बता रहा था। अंत में उसका आकलन सही साबित हुआ। फ्रेंचाइजियों के लिए भी यह तकनीक किसी गेम चेंजर से कम नहीं है। एआई यह पहचान सकता है कि टीम को किस तरह के खिलाड़ी की जरूरत है, जैसे डेथ ओवर विशेषज्ञ गेंदबाज या आक्रामक मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज। इतना ही नहीं, यह घरेलू क्रिकेटरों के प्रदर्शन का विश्लेषण कर यह भी अनुमान लगा सकता है कि वे आईपीएल या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कितना सफल हो सकते हैं। इसका ‘एवरेज डेल्टा विन प्रोबेबिलिटी’ पैमाना बताता है कि कोई खिलाड़ी मुश्किल परिस्थितियों में टीम की जीत की संभावना कितनी बढ़ाता है। आईपीएल 2026 में इसी आधार पर वैभव सूर्यवंशी सबसे प्रभावशाली मैच विनर साबित हुए। कोचिंग में भी एआई तेजी से जगह बना रहा है। ‘क्रिकेट लेंस’ नामक टूल कोच के लिए चैटजीपीटी की तरह काम करता है। कोच सामान्य भाषा में किसी बल्लेबाज या गेंदबाज से जुड़ी स्थिति लिखते हैं और कुछ सेकेंड में उससे जुड़े सभी वीडियो सामने आ जाते हैं। यही तकनीक फील्डिंग सेट करने में भी मदद करती है। आईपीएल 2026 से पहले इसने रोहित शर्मा, हार्दिक पंड्या, निकोलस पूरन और शुभमन गिल के खिलाफ खास फील्डिंग पोजिशन सुझाई थीं और सीजन के दौरान ये खिलाड़ी उन्हीं स्थानों पर कैच आउट हुए। हालांकि एआई की सीमाएं भी हैं। यह खिलाड़ियों की मानसिक स्थिति, व्यक्तिगत परेशानियों या शारीरिक थकान को पूरी तरह नहीं समझ सकता। इसी वजह से डेवलपर्स रविचंद्रन अश्विन जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ काम कर रहे हैं, ताकि खेल के मानवीय पहलुओं को भी इसमें शामिल किया जा सके।

बदल रहा है 1.1 लाख करोड़ का बाजार:लस्सी-छाछ से को​ल्ड ड्रिंक्स पीछे, बिक्री में हुई चौगुनी ग्रोथ

बदल रहा है 1.1 लाख करोड़ का बाजार:लस्सी-छाछ से को​ल्ड ड्रिंक्स पीछे, बिक्री में हुई चौगुनी ग्रोथ

इस साल की रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने देश के 1.1 लाख करोड़ रु. के सॉफ्ट ड्रिंक्स के बाजार का गणित बदल दिया है। किराना दुकानों के फ्रिज और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर कोल्ड ड्रिंक्स के साथ छाछ, लस्सी और प्रोबायोटिक ड्रिंक्स जगह बना रहे हैं। यह बदलाव खासकर युवा उपभोक्ताओं और शहरी घरों में दिख रहा है, जो कार्बोनेटेड ड्रिंक्स के बजाय हेल्थ और प्रोटीन-बेस्ड डेयरी बेवरेजेज को तरजीह दे रहे हैं। मदर डेयरी के मैनेजिंग डायरेक्ट जयतीर्थ चारी के मुताबिक, इस सीजन लस्सी और छाछ जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स ने 40% से ज्यादा की ग्रोथ दर्ज की है। क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ही डबल-डिजिट की वृद्धि देख रहे हैं। हेरिटेज फूड्स के सीईओ श्रीदीप केसवन कहते हैं कि कंपनी के रेवेन्यू में डेयरी बेवरेजेज का योगदान तीन साल में दोगुना हो चुका है। वहीं, पराग मिल्क फूड्स की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अक्षाली शाह ने बताया कि भारत की पैकेज्ड फूड और बेवरेज इंडस्ट्री 9.51 लाख करोड़ की है, जो 2030 तक 14.27 लाख करोड़ रु. की होगी। डेयरी ड्रिंक्स मार्केट 2031 तक 4.23 लाख करोड़ रु. तक पहुंचने का अनुमान है। इसीलिए कंपनी प्रोटीन, हेल्थ, वेलनेस जैसे प्रोडक्ट पर फोकस कर रही हैं। पराग के इस बिजनेस में सालाना आधार पर 109% की ग्रोथ हुई। इसी कंज्यूमर शिफ्ट को देखते हुए हमने अवतार प्रोटीन कोल्ड कॉफी लॉन्च की। 15 ग्राम प्रोटीन का पैक सुविधा और न्यूट्रिशन को साथ लाने के लिए डिजाइन किया है। मदर डेयरी प्रोबायोटिक छाछ, पुदीना छाछ जैसे नए वैरिएंट्स ~10 के एंट्री प्राइस पर ला रही है। एफएमसीजी कंपनियों के लिए नया ‘ग्रोथ इंजन’ नेस्ले, एचयूएल, टाटा कंज्यूमर और डाबर जैसी बड़ी एफएमसीजी कंपनियों के लिए अब केचप, मेयोनीज के मुकाबले पीने के प्रोडक्ट्स (बेवरेजेज) सबसे बड़े ग्रोथ ड्राइवर बन गए हैं। हिंदुस्तान यूनिलीवर: कॉफी और हॉर्लिक्स-बूस्ट सेगमेंट में मजबूत डबल-डिजिट ग्रोथ दर्ज की गई। टाटा कंज्यूमर: रेडी-टू-ड्रिंक पोर्टफोलियो में 23% का उछाल आया। डाबर: नारियल पानी का बिजनेस दोगुना हुआ और रियल जूस में 26% की ग्रोथ रही। पेप्सिको (वरुण बेवरेजेज): मार्च तिमाही की कुल वॉल्यूम सेल में लगभग 63% हिस्सा ‘लो-शुगर’ और ‘नो-शुगर’ प्रोडक्ट्स का रहा। लस्सी-छाछ की बिक्री बढ़ने की वजह टैक्स अंतर कार्बोनेटेड ड्रिंक्स पर 40% तो, डेयरी बेवरेजेज पर 5% जीएसटी है। इस 35% के अंतर के कारण डेयरी कंपनियां ₹10 रु. के भी प्रोडक्ट बेच पा रही हैं। हेल्थ और न्यूट्रिशन कोविड के बाद उपभोक्ता स्वाद के साथ सेहत चाहते हैं। लस्सी-छाछ प्रोबायोटिक और लो-शुगर होने के कारण ‘हेल्दी अल्टरनेटिव’ हैं। मॉडर्न-ट्रेडिशनल हाइजेनिक पैकेजिंग के साथ कोकम, जलजीरा, आम पना और छाछ जैसे पेयों की बाजार में री-एंट्री हुई है। मार्केट ट्रेंड: कार्बोनेटेड ड्रिंक्स बनाम देसी बेवरेज कैटेगरी- मार्केट- प्रोजेक्टेड- सालाना ग्रोथ सॉफ्ट ड्रिंक्स-111.81-168.13- 4.64% लस्सी – 5.60 – 24.57 -16.96% छाछ – 19.33- 101.18- 18.16% (स्रोत: आईएमएआरसी। मार्केट साइज हजार करोड़ रुपए में)

सेशेल्स में मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया:पीएम संसद को संबोधित करेंगे, भारतीय समुदाय से भी मिलेंगे; 3 दिन के दौरे पर हैं

सेशेल्स में मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया:पीएम संसद को संबोधित करेंगे, भारतीय समुदाय से भी मिलेंगे; 3 दिन के दौरे पर हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करेंगे। इसके साथ ही वे दुनिया के पहले ऐसे भारतीय प्रधानमंत्री बन जाएंगे, जिन्होंने 20 देशों की संसद या नेशनल असेंबली को संबोधित किया है। मोदी आज राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। इस दौरान दोनों समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग, कोस्ट गार्ड और समुद्री निगरानी समेत कई समझौतों पर दस्तखत कर सकते हैं। मोदी भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। मोदी शनिवार को तीन दिन की राजकीय यात्रा पर सेशेल्स पहुंचे थे। राजधानी विक्टोरिया में राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने उनका औपचारिक स्वागत किया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। दोनों नेताओं ने नेशनल बॉटनिकल गार्डन का दौरा किया और यादगार के तौर पर एक पौधा लगाया। PM मोदी के सेशेल्स दौरे से जुड़ी 5 तस्वीरें… सेशेल्स से जुड़ी खास बातें जानिए… सेशेल्स की पहली बस्ती में शामिल थे 5 भारतीय पुर्तगाली नाविक वास्को द गामा ने पहली बार सेशेल्स को 1502 में खोज की थी। तब यहां पर लोगों की कोई स्थाई बसावट नहीं थी। इसके बाद कई सदियों तक अरब और यूरोपीय जहाज यहां रुकते रहे, लेकिन कोई स्थायी आबादी नहीं बनी। पहली बार 1770 में फ्रांस ने पहली स्थायी बस्ती बसाई। इसी दल में 15 फ्रांसीसी बसने वाले, 7 अफ्रीकी गुलाम और 5 भारतीय शामिल थे। इन्हें सेशेल्स का पहला स्थायी निवासी माना जाता है। इसके बाद 19वीं सदी में ब्रिटिश शासन के दौरान बिहार के भोजपुरी भाषी इलाकों से भी लोग यहां आकर बसने लगे। 20वीं सदी से तमिलनाडु और गुजरात से भी बड़ी संख्या में भारतीय व्यापारी, मजदूर और निर्माण कार्य से जुड़े लोग सेशेल्स पहुंचे। सेशेल्स के पूर्व राष्ट्रपति के पूर्वज बिहार से आज करीब 1.20 लाख आबादी वाले इस देश में भारतीय मूल के लोग लगभग 8% हैं। भारतीय मूल के लोगों में बिहारी समुदाय तीसरा सबसे बड़ा समूह माना जाता है। साल 2020 में राष्ट्रपति बने वेवेल रामकलावन की जड़ें भी बिहार से जुड़ी हैं। रामकलावन के परदादा करीब 138 साल पहले बिहार के गोपालगंज जिले के परसौनी गांव से कोलकाता पहुंचे थे। वहां से उन्हें गन्ने के खेतों में काम करने के लिए मॉरीशस भेजा गया। बाद में उनका परिवार सेशेल्स में बस गया। साल 2018 में, जब रामकलावन विपक्ष के सांसद थे, तब उन्होंने अपने पूर्वजों के गांव परसौनी का दौरा भी किया था। सेशेल्स के कछुए लंबी उम्र के लिए मशहूर दुनिया में कछुओं की 360 से ज्यादा प्रजातियां हैं। इनमें से सेशेल्स में पाया जाने वाला अल्डाब्रा जायंट कछुआ सबसे प्रसिद्ध प्रजातियों में से एक है। यह प्रजाति अपनी बेहद लंबी उम्र (औसत उम्र 150 साल) के लिए जानी जाती है। दुनिया का सबसे उम्रदराज जीवित स्थलीय जानवर जोनाथन भी इसी प्रजाति का कछुआ है। जोनाथन की उम्र करीब 194 साल मानी जाती है। उसका जन्म लगभग 1832 में हुआ था। वह 1882 में करीब 50 साल की उम्र में सेशेल्स से सेंट हेलेना भेज दिया गया था। वैज्ञानिक उसकी लंबी उम्र का राज जानने के लिए उसके डीएनए का अध्ययन कर रहे हैं। उनका मानना है कि उसकी कोशिकाएं इंसानों की कोशिकाओं की तरह तेजी से बदलाव नहीं करतीं। इससे उम्र बढ़ने और लंबी जिंदगी से जुड़े नए रहस्यों का पता चल सकता है। मोदी बोले- भारत और सेशेल्स के राजनयिक संबंधों के 50 साल पूरे पीएम मोदी ने सेशेल्स दौरे पर कहा- सेशेल्स भारत का महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी और ‘विजन महासागर (MAHASAGAR)’ का प्रमुख साझेदार है। इस साल भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। दोनों देशों के संबंध आपसी विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों, विविधता के सम्मान और लोगों के गहरे जुड़ाव पर आधारित हैं। फरवरी 2026 में राष्ट्रपति हर्मिनी की भारत यात्रा के बाद अब इस दौरे में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। दोनों देश हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, समृद्धि और विकास को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करेंगे। मैं सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाला पहला भारतीय प्रधानमंत्री बनूंगा। यह अवसर दोनों देशों के मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं को दर्शाता है। सेशेल्स में बसे भारतीय समुदाय से मिलने का भी अवसर मिलेगा, जिसने पीढ़ियों से दोनों देशों की मित्रता को मजबूत किया है। मुझे विश्वास है कि यह यात्रा भारत-सेशेल्स संबंधों को और गहरा करेगी, हिंद महासागर में समुद्री सहयोग बढ़ाएगी और सुरक्षित, शांतिपूर्ण व समृद्ध हिंद महासागर क्षेत्र के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगी। मोदी सेशेल्स जाने वाले सिर्फ दूसरे प्रधानमंत्री पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी साल 1976 में सेशेल्स गई थीं। उसी साल सेशेल्स आजाद हुआ था। भारत ने सेशेल्स के स्वतंत्रता समारोह में नौसेना का युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि भी भेजा था। इसके बाद इंदिरा गांधी ने 1981 में फिर सेशेल्स का दौरा किया था। उनकी यात्रा के बाद, लगभग 34 साल तक किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की यात्रा नहीं की थी। इस दौरे का सबसे बड़ा उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक मौजूदगी और समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना था। मोदी की इस यात्रा के दौरान भारत ने सेशेल्स को दूसरा डोर्नियर समुद्री निगरानी विमान देने की घोषणा की, ताकि समुद्री निगरानी और तटीय सुरक्षा मजबूत हो सके। मोदी ने भारत की मदद से बने तटीय निगरानी रडार नेटवर्क का उद्घाटन किया। यह हिंद महासागर में जहाजों की निगरानी और समुद्री सुरक्षा बढ़ाने की भारत की बड़ी रणनीति का हिस्सा था। उस समय चीन हिंद महासागर के द्वीपीय देशों में अपना प्रभाव बढ़ा रहा था। ऐसे में मोदी का दौरा भारत की ‘पड़ोसी पहले’ और हिंद महासागर में रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने की नीति का अहम हिस्सा माना गया।

जुलाई में 12 दिन बैंकों में काम नहीं होगा:4 रविवार और 2 शनिवार के अलावा अलग-अलग जगहों पर 6 दिन बैंक बंद रहेंगे

जुलाई में 12 दिन बैंकों में काम नहीं होगा:4 रविवार और 2 शनिवार के अलावा अलग-अलग जगहों पर 6 दिन बैंक बंद रहेंगे

अगले महीने यानी जुलाई में अलग-अलग राज्यों व शहरों में कुल 12 दिन बैंक बंद रहेंगे। 4 रविवार और दूसरे-चौथे शनिवार के अलावा 6 दिन अलग-अलग जगहों पर बैंकों में कामकाज नहीं होगा। ऐसे में अगर आपको इस महीने बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम हो तो इन छुट्टियों के दिनों को छोड़कर आप बैंक जा सकते हैं। किस-किस शनिवार को बैंक बंद रहेंगे? रविवार की छुट्टी कब-कब रहेगी? ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए निपटा सकेंगे काम आप बैंकों की छुट्टी के बावजूद ऑनलाइन बैंकिंग और ATM के जरिए पैसे का लेनदेन या अन्य काम कर सकते हैं। इन सुविधाओं पर बैंकों की छुट्टियों का कोई असर नहीं पड़ेगा।