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तमिलनाडु में मेकेदातु बांध विवाद बढ़ा; सीपीएम ने अलग न्यायाधिकरण की मांग पर सवाल उठाए | न्यूज18

तमिलनाडु में मेकेदातु बांध विवाद बढ़ा; सीपीएम ने अलग न्यायाधिकरण की मांग पर सवाल उठाए | न्यूज18

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डॉट कॉम क्रैश से खतरनाक हो सकता है एआई बबल:दामोदरन की चेतावनी; एआई बूम में गिरावट आई तो संभलना नामुमकिन

डॉट कॉम क्रैश से खतरनाक हो सकता है एआई बबल:दामोदरन की चेतावनी; एआई बूम में गिरावट आई तो संभलना नामुमकिन

दुनियाभर की बड़ी टेक कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई की रेस में आगे निकलने के लिए ट्रिलियन (लाखों करोड़ रुफए) डॉलर का निवेश कर रही हैं। इसे इतिहास के सबसे बड़े तकनीकी निवेशों में से एक माना जा रहा है। लेकिन इस बीच कॉर्पोरेट जगत में ‘डीन ऑफ वैल्यूएशन’ के नाम से मशहूर न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के फाइनेंस प्रोफेसर अश्वथ दामोदरन ने एक बड़ी चेतावनी दी है। भारतीय-अमेरिकी मूल के प्रोफेसर दामोदरन का मानना है कि भविष्य में आने वाला एआई मार्केट करेक्शन साल 2000 के डॉट-कॉम क्रैश से भी कहीं ज्यादा दर्दनाक हो सकता है। ‘एक्सेस रिटर्न्स’ यूट्यूब चैनल पर दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब भी बाजार में किसी चीज को लेकर जरूरत से ज्यादा उत्साह होता है, तो उसके बाद गिरावट जरूर आती है। एआई में भी मंदी आने की पूरी आशंका है, जिसका असर केवल वॉल स्ट्रीट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी सोसाइटी को इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है। भारी कर्ज, डिफॉल्ट और प्राइवेट कैपिटल का संकट आम जनता की जेब तक पहुंच सकता है। डॉट-कॉम एआई- इस बार जोखिम इतना बड़ा क्यों है? जानें तीन बड़ी वजह डॉट कॉम में सीमित खर्च था, लेकिन एआई में इतिहास का बड़ा निवेश अश्वथ दामोदरन ने दोनों दौर के अंतर को समझाते हुए बताया कि डॉट-कॉम के दौर में कंपनियों के पास सिर्फ वेबसाइट्स, सॉफ्टवेयर और इंटरनेट आधारित आइडिया थे। लेकिन एआई में अब तक का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च हो रहा है। इसकी तुलना 100 साल पहले के ऑटोमोबाइल बिजनेस की शुरुआत से की जा सकती है। डेटा सेंटर्स, सेमीकंडक्टर, कंप्यूटिंग पावर और भारी ऊर्जा खपत वाले सिस्टम पर भारी-भरकम पूंजी लगाई जा रही है। पूंजी का यह आकार ही सबसे बड़ा खतरा है। 2008 का सबक- कर्ज न चुका पाना सबसे ज्यादा दर्दनाक प्रोफेसर दामोदरन ने साफ किया कि वह 2008 जैसी वैश्विक आर्थिक मंदी की भविष्यवाणी नहीं कर रहे हैं, पर 2008 की मंदी का टेकअवे यह है कि जब कर्ज देने वाले जरूरत से ज्यादा आगे बढ़ जाते हैं और कम ब्याज दरों पर पैसा बांटते हैं, तो सुधार आने पर दर्द पूरी दुनिया को झेलना पड़ता है। यदि आप समय पर कर्ज नहीं चुकाते हैं, तो सामाजिक लागत बहुत बड़ी होती है। यह स्थिति शेयर 90% टूटने के दर्द से कहीं ज्यादा भयानक होती है। लोन के पैसे से खड़ी हो रही है एआई की इमारत, ये बड़ी चिंता डॉट-कॉम बबल जब 2000-01 में फूटा, तो टेक शेयरों की वैल्यू जरूर गिरी और निवेशकों को 70 से 90% तक का नुकसान हुआ। इसके चलते कई टेक कंपनियां पूरी तरह खत्म हो गई। लेकिन यह नुकसान सिर्फ शेयरधारकों तक सीमित रहा। बैंक और आम बिजनेस सुरक्षित रहे। इसके विपरीत, मौजूदा एआई एक्सपेंशन के लिए कर्ज लिया जा रहा है। यह बैंकों के बजाय प्राइवेट कैपिटल मार्केट्स से आ रहा है।

डॉट कॉम क्रैश से खतरनाक हो सकता है एआई बबल:दामोदरन की चेतावनी; एआई बूम में गिरावट आई तो संभलना नामुमकिन

डॉट कॉम क्रैश से खतरनाक हो सकता है एआई बबल:दामोदरन की चेतावनी; एआई बूम में गिरावट आई तो संभलना नामुमकिन

दुनियाभर की बड़ी टेक कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई की रेस में आगे निकलने के लिए ट्रिलियन (लाखों करोड़ रुफए) डॉलर का निवेश कर रही हैं। इसे इतिहास के सबसे बड़े तकनीकी निवेशों में से एक माना जा रहा है। लेकिन इस बीच कॉर्पोरेट जगत में ‘डीन ऑफ वैल्यूएशन’ के नाम से मशहूर न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के फाइनेंस प्रोफेसर अश्वथ दामोदरन ने एक बड़ी चेतावनी दी है। भारतीय-अमेरिकी मूल के प्रोफेसर दामोदरन का मानना है कि भविष्य में आने वाला एआई मार्केट करेक्शन साल 2000 के डॉट-कॉम क्रैश से भी कहीं ज्यादा दर्दनाक हो सकता है। ‘एक्सेस रिटर्न्स’ यूट्यूब चैनल पर दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब भी बाजार में किसी चीज को लेकर जरूरत से ज्यादा उत्साह होता है, तो उसके बाद गिरावट जरूर आती है। एआई में भी मंदी आने की पूरी आशंका है, जिसका असर केवल वॉल स्ट्रीट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी सोसाइटी को इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है। भारी कर्ज, डिफॉल्ट और प्राइवेट कैपिटल का संकट आम जनता की जेब तक पहुंच सकता है। डॉट-कॉम एआई- इस बार जोखिम इतना बड़ा क्यों है? जानें तीन बड़ी वजह डॉट कॉम में सीमित खर्च था, लेकिन एआई में इतिहास का बड़ा निवेश अश्वथ दामोदरन ने दोनों दौर के अंतर को समझाते हुए बताया कि डॉट-कॉम के दौर में कंपनियों के पास सिर्फ वेबसाइट्स, सॉफ्टवेयर और इंटरनेट आधारित आइडिया थे। लेकिन एआई में अब तक का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च हो रहा है। इसकी तुलना 100 साल पहले के ऑटोमोबाइल बिजनेस की शुरुआत से की जा सकती है। डेटा सेंटर्स, सेमीकंडक्टर, कंप्यूटिंग पावर और भारी ऊर्जा खपत वाले सिस्टम पर भारी-भरकम पूंजी लगाई जा रही है। पूंजी का यह आकार ही सबसे बड़ा खतरा है। 2008 का सबक- कर्ज न चुका पाना सबसे ज्यादा दर्दनाक प्रोफेसर दामोदरन ने साफ किया कि वह 2008 जैसी वैश्विक आर्थिक मंदी की भविष्यवाणी नहीं कर रहे हैं, पर 2008 की मंदी का टेकअवे यह है कि जब कर्ज देने वाले जरूरत से ज्यादा आगे बढ़ जाते हैं और कम ब्याज दरों पर पैसा बांटते हैं, तो सुधार आने पर दर्द पूरी दुनिया को झेलना पड़ता है। यदि आप समय पर कर्ज नहीं चुकाते हैं, तो सामाजिक लागत बहुत बड़ी होती है। यह स्थिति शेयर 90% टूटने के दर्द से कहीं ज्यादा भयानक होती है। लोन के पैसे से खड़ी हो रही है एआई की इमारत, ये बड़ी चिंता डॉट-कॉम बबल जब 2000-01 में फूटा, तो टेक शेयरों की वैल्यू जरूर गिरी और निवेशकों को 70 से 90% तक का नुकसान हुआ। इसके चलते कई टेक कंपनियां पूरी तरह खत्म हो गई। लेकिन यह नुकसान सिर्फ शेयरधारकों तक सीमित रहा। बैंक और आम बिजनेस सुरक्षित रहे। इसके विपरीत, मौजूदा एआई एक्सपेंशन के लिए कर्ज लिया जा रहा है। यह बैंकों के बजाय प्राइवेट कैपिटल मार्केट्स से आ रहा है।

विज्ञापनों में गुपचुप बढ़ रही एआई इन्फ्लुएंसर्स की भूमिका:ग्राहकों को इसकी भनक तक नहीं; कंटेंट क्रिएटर्स से अनुबंध करा रहीं कंपनियां

विज्ञापनों में गुपचुप बढ़ रही एआई इन्फ्लुएंसर्स की भूमिका:ग्राहकों को इसकी भनक तक नहीं; कंटेंट क्रिएटर्स से अनुबंध करा रहीं कंपनियां

सोशल मीडिया पर किसी प्रोडक्ट की तारीफ करता दिखने वाला मॉडल हमेशा असली हो, यह जरूरी नहीं है। एक रिपोर्ट के मुताबिक कई कंपनियां अपने उत्पादों के प्रचार के लिए एआई से बनाए गए नकली इन्फ्लुएंसर्स का इस्तेमाल कर रही हैं। ये वीडियो और तस्वीरें इस तरह तैयार की जाती हैं कि दर्शकों को लगे कि कोई असली ग्राहक अनुभव साझा कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक कुछ कंपनियां एआई कंटेंट बनाने वाले क्रिएटर्स से नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट (एनडीए) भी साइन करा रही हैं, ताकि वे इस बारे में सार्वजनिक रूप से न बताएं। विशेषज्ञों के मुताबिक इससे यूजर्स के लिए असली और नकली प्रचार में फर्क करना मुश्किल हो रहा है। वहीं, उपभोक्ता संगठन पारदर्शिता की मांग कर चेतावनी दे रहे हैं कि भविष्य में ये लोगों के भरोसे का संकट बन सकता है। एआई मॉडल को देख भ्रमित होने का जोखिम जांच में कई ऐसे उदाहरण मिले जहां कंपनियों ने प्रचार में एआई से बनाए गए चेहरे इस्तेमाल किए। अमेरिका की फोटो एप ‘वंस’ के प्रचार वीडियो में दुल्हनें अपने अनुभव बताती दिखीं, जबकि विश्लेषण में उनके एआई से बने होने की आशंका जताई गई। दुबई के फैशन ब्रांड ‘एशले’ ने भी ऐसे प्रचार चित्र पोस्ट किए, जिनमें एआई की गड़बड़ियां दिखाई दीं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे कंटेंट को देखकर सामान्य उपभोक्ता आसानी से भ्रमित हो सकता है। यही नहीं, इससे लोगों का उस प्रोडक्ट से भरोसा भी उठ सकता है। भारत में सख्ती, ब्रिटेन में अभी कोई स्पष्ट नियम नहीं फिलहाल ब्रिटेन में ऐसा कोई स्पष्ट नियम नहीं है जो कंपनियों को एआई से बने विज्ञापनों या इन्फ्लुएंसर्स की पहचान बताने के लिए बाध्य करे। दूसरी ओर भारत ने एआई से तैयार या संशोधित कंटेंट की पहचान को लेकर नियमों को सख्त किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ऐसे कंटेंट पर स्पष्ट लेबल लगाने और डीपफेक जैसी सामग्री पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। एनडीए के जरिए छिपाया जा रहा एआई का इस्तेमाल ब्रिटेन की एआई कंटेंट निर्माता क्लैरिसा मैन्सब्रिज का दावा है कि कई बड़े ब्रांड एआई कंटेंट तैयार कराने के बाद क्रिएटर्स से एनडीए साइन कराते हैं। इससे वे सार्वजनिक रूप से नहीं बता सकते कि विज्ञापन में दिख रहे लोग असली नहीं हैं। उनका कहना है कि कंपनियों के लिए एआई कंटेंट पारंपरिक फोटोशूट की तुलना में काफी सस्ता पड़ता है।

वर्ल्ड अपडेट्स:फिलीपींस के स्कूल में गोलीबारी में 3 छात्रों की मौत, हिरासत में 2 संदिग्ध

वर्ल्ड अपडेट्स:फिलीपींस के स्कूल में गोलीबारी में 3 छात्रों की मौत, हिरासत में 2 संदिग्ध

फिलीपींस के एक हाई स्कूल में सोमवार को हुई गोलीबारी में तीन छात्रों की मौत हो गई, जबकि पांच घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दो लोगों ने टैकलोबान सिटी के सैन जोस नेशनल हाई स्कूल में गोलीबारी की। पुलिस ने दोनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक इसी स्कूल का छात्र है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गोलीबारी की वजह क्या थी और हमलावरों ने इस घटना को क्यों अंजाम दिया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्कूल और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और शुरुआती पूछताछ के आधार पर घटना के पीछे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

वर्ल्ड अपडेट्स:फिलीपींस के स्कूल में गोलीबारी में 3 छात्रों की मौत, हिरासत में 2 संदिग्ध

वर्ल्ड अपडेट्स:फिलीपींस के स्कूल में गोलीबारी में 3 छात्रों की मौत, हिरासत में 2 संदिग्ध

फिलीपींस के एक हाई स्कूल में सोमवार को हुई गोलीबारी में तीन छात्रों की मौत हो गई, जबकि पांच घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दो लोगों ने टैकलोबान सिटी के सैन जोस नेशनल हाई स्कूल में गोलीबारी की। पुलिस ने दोनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक इसी स्कूल का छात्र है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गोलीबारी की वजह क्या थी और हमलावरों ने इस घटना को क्यों अंजाम दिया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्कूल और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और शुरुआती पूछताछ के आधार पर घटना के पीछे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… जर्मनी में रिटायरमेंट की उम्र 70 साल करने की तैयारी जर्मन सरकार पेंशन सिस्टम में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। प्रस्ताव के तहत रिटायरमेंट की उम्र 67 से बढ़ाकर 70 साल की जा सकती है। साथ ही 45 साल तक पेंशन फंड में योगदान देने वाले कर्मचारियों को मिलने वाली अर्ली रिटायरमेंट सुविधा भी समाप्त की जा सकती है। जर्मन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और श्रम मंत्री बार्बेल बास द्वारा गठित आयोग मंगलवार को अपनी सिफारिशें पेश करेगा। आयोग ने सुझाव दिया है कि रिटायरमेंट की उम्र को जीवन प्रत्याशा से जोड़ा जाए और इसे चरणबद्ध तरीके से 70 साल तक बढ़ाया जाए। आयोग ने ‘पेंशन एट 63’ नाम से लोकप्रिय उस योजना को खत्म करने की भी सिफारिश की है, जिसके तहत 45 साल तक योगदान देने वाले कर्मचारी बिना कटौती के जल्दी रिटायर हो सकते हैं। प्रस्ताव में कर्मचारियों और उनके नियोक्ताओं से अतिरिक्त 2% योगदान लेने की भी बात कही गई है। यह राशि एक नए सरकारी निवेश फंड में जमा होगी। फिलहाल जर्मनी में पेंशन के लिए 18.6% योगदान लिया जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार संसद के जुलाई अवकाश से पहले इस सुधार पैकेज को मंजूरी दिलाने की कोशिश में है। जर्मनी में तेजी से बढ़ती उम्रदराज आबादी और बड़ी संख्या में लोगों के रिटायर होने से पेंशन व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। यूरोप में हीटवेव: तापमान 40°C के करीब, फ्रांस में ट्रेनें रद्द; इटली-स्पेन में रेड अलर्ट यूरोप के कई देश भीषण हीटवेव की चपेट में हैं। इटली, स्पेन, फ्रांस और जर्मनी में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। हालात को देखते हुए कई शहरों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। गर्मी का असर परिवहन, पर्यटन और वन्यजीवों पर भी दिखाई देने लगा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि सहारा रेगिस्तान से उत्तर की ओर बढ़ रही गर्म हवा और “अफ्रीकन एंटीसाइक्लोन” नामक उच्च दबाव प्रणाली के कारण पश्चिमी और मध्य यूरोप के ऊपर “हीट डोम” बन गया है। इससे गर्म हवा फंस गई है और तापमान लगातार बढ़ रहा है। इटली में कई दिनों से तापमान 35°C से ऊपर बना हुआ है। इसके चलते बोलोन्या, फ्लोरेंस, मिलान और ट्यूरिन समेत 8 शहरों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। स्पेन की मौसम एजेंसी AEMET ने देश के कई हिस्सों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। फ्रांस में भीषण गर्मी का असर रेल नेटवर्क पर पड़ रहा है। राष्ट्रीय रेल ऑपरेटर SNCF के अनुसार अधिक तापमान के कारण बिजली की ओवरहेड लाइनों और रेल पटरियों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। एहतियात के तौर पर प्रमुख मार्गों पर सोमवार तक 71 इंटरसिटी ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। जर्मनी में तापमान 38°C तक पहुंच चुका है। मौसम विभाग DWD ने बर्लिन समेत पूर्वी क्षेत्रों में तेज आंधी और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

‘टाइगर’ जाल: कैसे श्रीकांत शिंदे ने उद्धव की सेना में निर्णायक विभाजन कराया | विशेष | भारत समाचार

Uddhav and Aaditya Thackeray. (File)

आखरी अपडेट:22 जून, 2026, 11:01 IST सूत्रों ने कहा कि सबसे शुरुआती सफलताओं में से एक तब मिली जब सांसद अशोक अष्टिकर को विश्वास हो गया कि पार्टी के भीतर एक पुनर्गठन आसन्न है। श्रीकांत शिंदे ने सांसदों के साथ संपर्क बनाए रखने, संचार माध्यमों को खुला रखने और बदलाव पर विचार कर रहे नेताओं की चिंताओं को दूर करने में केंद्रीय भूमिका निभाई। (पीटीआई) उद्धव ठाकरे के लिए एक ताजा झटके में, अक्सर चर्चा में रहने वाले ‘ऑपरेशन टाइगर’ ने एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति में आंतरिक समीकरणों को नया आकार दे दिया है, जिसमें छह शिवसेना (यूबीटी) सांसद सोमवार को मुंबई में एकनाथ शिंदे गुट के साथ गठबंधन करने और गठबंधन करने के लिए तैयार हैं। हालाँकि, पुनर्संरेखण कोई अचानक राजनीतिक पैंतरेबाज़ी नहीं थी। सूत्रों ने सीएनएन-न्यूज18 को बताया है कि सावधानीपूर्वक नियोजित अभ्यास लगभग एक साल से चल रहा था और ऑपरेशन को अंजाम देने की जिम्मेदारी काफी हद तक शिवसेना नेता और सांसद श्रीकांत शिंदे को सौंपी गई थी, जो आउटरीच प्रयास के प्रमुख वास्तुकार के रूप में उभरे। सूत्रों ने बताया कि जमीनी कार्य लगभग एक साल पहले शुरू हुआ था, लेकिन पिछले छह से आठ महीनों में योजना ने महत्वपूर्ण गति पकड़ी है। सूत्रों के मुताबिक, श्रीकांत शिंदे ने सांसदों के साथ संपर्क बनाए रखने, संचार माध्यमों को खुला रखने और बदलाव पर विचार कर रहे नेताओं की चिंताओं को दूर करने में केंद्रीय भूमिका निभाई। उन्होंने मुंबई में राजनीतिक विकास और दिल्ली में निर्णय निर्माताओं के बीच महत्वपूर्ण पुल के रूप में भी काम किया। सबसे शुरुआती सफलताओं में से एक तब मिली जब सांसद अशोक अष्टिकर को विश्वास हो गया कि पार्टी के भीतर एक पुनर्गठन आसन्न था। सूत्रों का दावा है कि जब रविवार को उद्धव ठाकरे ने पार्टी सांसदों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई, तब तक प्रस्तावित कदम के समर्थन में पांच बागी सांसदों के हस्ताक्षर पहले ही सुरक्षित कर लिए गए थे। कथित तौर पर ऑपरेशन को गुप्त रखा गया था, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के अलावा केवल चार से पांच व्यक्तियों को पूरी योजना के बारे में पता था। सूत्रों ने कहा कि छोटे समूह में महाराष्ट्र कैबिनेट के दो सदस्य शामिल हैं। निर्णायक चरण दिल्ली में सामने आया। 16 जून को, छह विद्रोही शिवसेना (यूबीटी) सांसद विभिन्न शहरों से निजी जेट के माध्यम से राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे और उन्हें नोएडा के एक होटल में ठहराया गया। अगले दिन, 17 जून को, श्रीकांत शिंदे, ओमराजे निंबालकर और विद्रोही सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की और विद्रोहियों द्वारा समर्थित एक हस्ताक्षरित प्रस्ताव प्रस्तुत किया। जिन सांसदों ने खेमा बदलने का फैसला किया है, उन्होंने कथित तौर पर यह दावा करके अपने कदम को उचित ठहराया है कि शिवसेना (यूबीटी) अपनी मूल वैचारिक नींव से दूर हो गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर वरिष्ठ नेता कांग्रेस के साथ घनिष्ठ गठबंधन या अंततः विलय पर जोर दे रहे थे, उन्होंने कहा कि एक विकास ने उन्हें बाहर निकलने और शिंदे के नेतृत्व वाले गुट का समर्थन करने के निर्णय के लिए प्रेरित किया। नवीनतम घटनाक्रम 2022 के विभाजन के बाद से उद्धव ठाकरे द्वारा सामना किया गया सबसे बड़ा विद्रोह है। पिछले हफ्ते, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एकनाथ शिंदे के गुट के पीछे अपना वजन डालते हुए घोषणा की कि अब केवल एक ही शिवसेना है। “…पहले, हमें (एकनाथ) शिंदे के बाद शिव सेना शिंदे गुट को बुलाना पड़ता था। अब, कोई गुट नहीं है। केवल एक ही शिव सेना है।” दूसरी ओर, आक्रामक उद्धव ठाकरे ने पहले एक बैठक में सांसदों से कहा कि जो लोग पार्टी छोड़ना चाहते हैं वे ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं और वह केवल उनके अच्छे होने की कामना करेंगे। उन्होंने सांसदों से कहा, “चार साल पहले पार्टी में एक बड़ा विभाजन हुआ था। चालीस विधायक चले गए। क्या आपको लगता है कि मुझे पता नहीं था कि क्या हो रहा है? आज मेरा समय नहीं है, लेकिन कल निश्चित रूप से होगा। तब तक, हमें सहना और दृढ़ रहना होगा।” फिलहाल, यह प्रकरण शिव सेना और बाल ठाकरे की विरासत के लिए जारी लड़ाई में एक और महत्वपूर्ण अध्याय का प्रतीक है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘टाइगर’ जाल: कैसे श्रीकांत शिंदे ने उद्धव की सेना में निर्णायक विभाजन कराया | अनन्य अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)शिवसेना विद्रोह(टी)उद्धव ठाकरे झटका(टी)ऑपरेशन टाइगर महाराष्ट्र(टी)एकनाथ शिंदे गुट(टी)श्रीकांत शिंदे भूमिका(टी)शिवसेना यूबीटी सांसद(टी)महाराष्ट्र राजनीतिक संकट(टी)अमित शाह शिव सेना टिप्पणी

आकाशदीप का साला बोला- जीजा हमारे DSP हैं:10 लाख के पंडाल में तिलक, दिल्ली से पहुंचे मेकअप आर्टिस्ट; आज मेहंदी, 24 जून को होगी शादी

आकाशदीप का साला बोला- जीजा हमारे DSP हैं:10 लाख के पंडाल में तिलक, दिल्ली से पहुंचे मेकअप आर्टिस्ट; आज मेहंदी, 24 जून को होगी शादी

आकाश दीप के विवाह समारोह की रस्में शुरू हो चुकी हैं। सोमवार को मेहंदी की रस्म होगी। 24 जून को वे वाराणसी में डेहरी-ऑन-सोन निवासी अक्षिता राज के साथ सात फेरे लेंगे। आकाश दीप के घर को बॉलीवुड थीम पर सजाया गया है। दूल्हा-दुल्हन के मेकअप के लिए दिल्ली से मेकअप आर्टिस्ट बुलाए गए हैं। शादी समारोह में क्रिकेट जगत की कई हस्तियों के शामिल हो सकते हैं। रविवार को आकाश दीप का तिलक समारोह आयोजित हुआ। इस मौके पर करीब 10 लाख रुपए का पंडाल तैयार किया गया था, जिसमें 20 हजार से अधिक लोग शामिल हुए। समारोह में मनोज कुमार, मुरारी प्रसाद गौतम समेत कई गणमान्य लोग पहुंचे। हाल ही में बिहार सरकार ने आकाश दीप को डीएसपी (DSP) पद पर नियुक्त किया है। इससे परिवार की खुशी और बढ़ गई है। समारोह में आकाश दीप के होने वाले साले ने बताया, “जब शादी की बात को लेकर पहली बार मुलाकात हुई थी, तभी गर्व महसूस हुआ था। लेकिन आज तिलक चढ़ाने के दौरान जो खुशी मिली, उसका एहसास बिल्कुल अलग है।” उन्होंने कहा, “मेरे जीजा भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी हैं और अब डीएसपी भी बन गए हैं। इससे पूरे परिवार का सम्मान बढ़ा है और घर में खुशी का माहौल है।” आकाशदीप के घर की कुछ तस्वीरें देखिए… आकाशदीप की कौन है दुल्हनिया आकाश दीप की होने वाली दुल्हन अक्षिता राज मानिकपुर की रहने वाली हैं। वह इंद्रपुरी थाना क्षेत्र के मानिकपुर निवासी अमित कुमार सिंह (बबलू जी) और रेणु सिंह की बेटी हैं। अक्षिता ने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेसरा से BCA और MCA की पढ़ाई उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ पूरी की है। शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए संस्थान की ओर से उन्हें नौकरी का प्रस्ताव भी मिला था। हालांकि, इसी दौरान शादी की बातचीत आगे बढ़ने के कारण उन्होंने वह नौकरी जॉइन नहीं की। दोनों परिवारों की सहमति से यह रिश्ता तय हुआ है। बताया जा रहा है कि आकाश दीप और अक्षिता राज का विवाह पूरी तरह पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार परिवार के बड़े-बुजुर्गों की मौजूदगी में तय किया गया है। 10 लाख के पंडाल, सतरंगी रौशनी से नहाया आकाशदीप का घर शादी की रस्मों को लेकर गांव में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रोहतास के एक टेंट व्यवसायी की ओर से भव्य पंडाल तैयार कराया गया है। आयोजन स्थल पर चार अलग-अलग पंडाल बनाए गए हैं। इनकी अनुमानित लागत करीब 10 लाख रुपए बताई जा रही है। समारोह में आने वाले मेहमानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वीआईपी (VIP) मेहमानों के लिए अलग पंडाल बनाया गया है। वहीं, स्थानीय लोगों और ग्रामीणों के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है। सभी पंडालों में कूलर, सोफा, टेबल और कुर्सियों की व्यवस्था की गई है, ताकि गर्मी के मौसम में मेहमानों को किसी तरह की असुविधा न हो। सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए बनाया गया विशेष मंच तिलक समारोह को यादगार बनाने के लिए आयोजन स्थल पर कलाकारों के लिए विशेष मंच तैयार किया गया था। इस मंच पर देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए, जिसका मेहमान और ग्रामीण आनंद उठाया। परिवार की ओर से समारोह को खास बनाने के लिए हर छोटी-बड़ी व्यवस्था का ध्यान रखा गया था। आकाशदीप के होने वाले साले ने अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि पहली मुलाकात के दौरान भी गर्व महसूस हुआ था, लेकिन तिलक चढ़ाने के समय खुशी का अनुभव कुछ अलग ही था। उनके अनुसार, भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी और अब डीएसपी बने आकाशदीप से पूरे परिवार का सम्मान बढ़ा है। आकाशदीप के बचपन के मित्र धर्मेंद्र ने उनके खेल के प्रति समर्पण और कड़ी मेहनत की सराहना की। उन्होंने कहा कि एक समय था जब गांव के बच्चे दूसरे राज्यों के खिलाड़ियों से प्रेरणा लेते थे, लेकिन आज उनके अपने गांव का बेटा भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर रहा है। धर्मेंद्र ने आकाशदीप की सफलता को पूरे गांव के लिए गर्व का क्षण बताया। बहनों ने कहा- बचपन से पढ़ाई और खेल में रहे आगे आकाशदीप की बहन ब्यूटी और खुशी ने बताया, हमलोगों में सबसे ज्यादा तेज आकाशदीप ही रहा है। वो बचपन से ही पढ़ाई और खेल दोनों में बेहतर करता था। आज पूरा परिवार उस पर गर्व करता है। भारतीय क्रिकेट टीम तक पहुंच बनाना और फिर डीएसपी पद पर नियुक्ति मिलना परिवार, गांव, जिला और पूरे बिहार के लिए गौरव की बात है। आकाशदीप के छोटे भाई प्रिंस, उनके करीबी मित्र वैभव और सतीश शादी की तैयारियों में जुटे हुए हैं। परिवार के अन्य सदस्य भी अपनी-अपनी जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। नियुक्ति के बाद क्या सुविधाएं मिलेंगी DSP पद पर नियुक्ति मिलने के बाद दोनों खिलाड़ियों को राज्य सरकार के निर्धारित वेतनमान का लाभ मिलेगा। उन्हें वेतन स्तर-9 के तहत वेतन, ग्रेड पे तथा अन्य सरकारी भत्ते उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही सरकारी सेवा से जुड़े अन्य लाभ भी मिलेंगे। सरकार ने नियुक्ति के साथ कुछ शर्तें भी तय की हैं। चरित्र सत्यापन और अन्य आवश्यक जांच पूरी होने तक नियुक्ति प्रारंभिक तौर पर छह महीने के लिए अस्थायी रहेगी। सभी रिपोर्ट संतोषजनक मिलने के बाद ही सेवा को नियमित किया जाएगा। खिलाड़ियों को निभानी होगी यह अहम शर्त खेल कोटे के तहत नौकरी पाने वाले खिलाड़ियों को एक बांड भरना होगा। इसके अनुसार नियुक्ति के बाद अगले पांच वर्षों तक उन्हें सक्रिय खिलाड़ी के रूप में विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेना होगा। यदि वे निर्धारित अवधि तक खेल गतिविधियों से जुड़े नहीं रहते हैं तो उनकी सेवा स्थायी नहीं की जाएगी। दस्तावेजों की होगी कड़ी जांच बिहार राज्य खेल प्राधिकरण द्वारा दोनों खिलाड़ियों के खेल प्रमाणपत्रों का सत्यापन किया जा चुका है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में शैक्षणिक, आवासीय या खेल उपलब्धियों से संबंधित कोई भी दस्तावेज गलत या फर्जी पाया जाता है तो नियुक्ति तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी जाएगी। साथ ही संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई भी की जाएगी। स्थायी निवासी होने की भी होगी पुष्टि नियमों के अनुसार खेल कोटे से सरकारी नौकरी पाने के लिए बिहार का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। इसी वजह से दोनों खिलाड़ियों के आवासीय प्रमाणपत्रों की भी विस्तृत जांच की जाएगी। सभी

सेंसेक्स 400 अंक चढ़कर 77,200 पर:निफ्टी में भी 100 अंक की तेजी; IT और ऑयल एंड गैस शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी

सेंसेक्स 400 अंक चढ़कर 77,200 पर:निफ्टी में भी 100 अंक की तेजी; IT और ऑयल एंड गैस शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी

शेयर बाजार में इस हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को तेजी है। सेंसेक्स 400 अंक चढ़कर 77,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 100 अंक की तेजी है, ये 24,100 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। IT सेक्टर और ऑयल एंड गैस शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी है। एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार गुरुवार को अमेरिकी बाजार में तेजी रही थी FII ने शुक्रवार को 4,859 करोड़ की खरीदारी की थी नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। शुक्रवार को सेंसेक्स 607 अंक गिरा था बीते हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को शेयर बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स करीब 607 अंक गिरकर 76,802 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 154 अंकों की गिरावट रही, ये 24,013 के स्तर पर बंद हुआ था।

अर्जुन कपूर की बहन अंशुला कपूर की प्री-वेडिंग शुरू:जाह्नवी-शनाया समेत पूरा कपूर परिवार सेलिब्रेशन में पहुंचा; रोहन ठक्कर के साथ हो रही शादी

अर्जुन कपूर की बहन अंशुला कपूर की प्री-वेडिंग शुरू:जाह्नवी-शनाया समेत पूरा कपूर परिवार सेलिब्रेशन में पहुंचा; रोहन ठक्कर के साथ हो रही शादी

फिल्ममेकर बोनी कपूर की बेटी और अर्जुन कपूर की बहन अंशुला कपूर की शादी की रस्में शुरू हो गई हैं। अंशुला अपने मंगेतर रोहन ठक्कर के साथ जल्द ही शादी के बंधन में बंधने वाली हैं। प्री-वेडिंग फंक्शंस की शुरुआत माता की चौकी से हुई, जिसमें पूरे कपूर परिवार ने हिस्सा लिया। शनाया कपूर ने इस पारिवारिक कार्यक्रम की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की हैं, जिसमें पूरा परिवार पारंपरिक कपड़ों में नजर आ रहा है। अंशुला और रोहन ने पिछले साल जुलाई 2025 में सगाई की थी। ट्रेडिशनल लुक में नजर आया कपूर परिवार अभिनेता संजय कपूर की बेटी शनाया कपूर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस सेलिब्रेशन की तस्वीरें शेयर की हैं। तस्वीरों में शनाया के साथ उनके पिता संजय कपूर, मां महीप कपूर और भाई जहान कपूर दिखाई दे रहे हैं। इसके साथ ही अंशुला के भाई अर्जुन कपूर, बहन जाह्नवी कपूर और खुशी कपूर भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी पारंपरिक आउटफिट्स में मुस्कुराते हुए पोज दे रहे हैं। शनाया ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, ‘वी लव यू अंशुला और रोहन।’ माता की चौकी से हुई शुरुआत अंशुला कपूर और रोहन ठक्कर के प्री-वेडिंग सेलिब्रेशन की शुरुआत सांस्कृतिक तरीके से हुई। दोनों ने माता की चौकी का आयोजन किया, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में यह कपल प्रार्थना करता नजर आ रहा है। पूजा संपन्न होने के बाद परिवार के सदस्यों ने संगीत और डांस के साथ इस कार्यक्रम का जश्न मनाया। सेंट्रल पार्क में रोहन ने किया था प्रपोज अंशुला कपूर और रोहन ठक्कर की लव स्टोरी साल 2022 में एक डेटिंग ऐप के जरिए शुरू हुई थी। अपनी सगाई की जानकारी देते हुए अंशुला ने बताया था कि उनकी पहली बातचीत एक मंगलवार को रात 1:15 बजे शुरू हुई थी, जो घंटों चली थी। इसके ठीक तीन साल बाद रोहन ने न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में कैसल के सामने उसी समय यानी रात के ठीक 1:15 बजे अंशुला को शादी के लिए प्रपोज किया था। बोनी कपूर की बेटी हैं अंशुला अंशुला कपूर फिल्ममेकर बोनी कपूर और उनकी दिवंगत पहली पत्नी मोना शौरी कपूर की बेटी हैं। वे अभिनेता अर्जुन कपूर की सगी छोटी बहन हैं। बोनी कपूर और दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी की बेटियां जाह्नवी कपूर और खुशी कपूर भी अंशुला के काफी करीब हैं। चारों भाई-बहनों के बीच एक मजबूत बॉन्डिंग है।