नेपाल बाढ़ से 400 अरब रुपये का नुकसान:5 हजार लोग लापता, 1,344 शव मिले; पीक सीजन में बुकिंग रद्द कर रहे टूरिस्ट

नेपाल में 26 अगस्त को आई बाढ़ से करीब 400 अरब नेपाली रुपये के नुकसान का शुरुआती अनुमान है। हादसे में अब तक 1,344 शव मिल चुके हैं, जबकि करीब 5 हजार लोग अब भी लापता हैं। बाढ़ का असर अब नेपाल के पर्यटन कारोबार पर भी दिख रहा है। सितंबर से नवंबर के पीक टूरिस्ट सीजन में होटल और ट्रैवल कंपनियों की बुकिंग रद्द होने लगी हैं। काठमांडू के एक होटल की करीब 20% बुकिंग कैंसिल हो चुकी हैं। होटल के मैनेजिंग डायरेक्टर के मुताबिक, बाढ़ के बाद एक हफ्ते में खासकर ऑनलाइन बुकिंग में तेजी से कैंसिलेशन हुआ। नेपाल बाढ़ से जुड़ी तस्वीरें… खबर से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
कांगो में शादी समारोह में आग, 22 की मौत:कई घायल; बचने के लिए भागे लोग संकरी गलियों में फंसे, सड़क किनारे शव मिले

कांगो की राजधानी किंशासा में शादी समारोह के दौरान बिल्डिंग में आग लगने से कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई। कई अन्य लोग घायल हुए हैं। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। आग शुक्रवार रात उत्तरी किंशासा के लिंगवाला इलाके में एक इमारत में लगी और शनिवार सुबह तक जारी रही। आग लगने के बाद शादी में मौजूद लोगों ने बाहर निकलने की कोशिश की। बिल्डिंग के संकरे रास्तों और गलियों में बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने से हालात बिगड़ गए। लोग एक-दूसरे को धक्का देते हुए बाहर निकलने की कोशिश करते रहे। हादसे के बाद कुछ लोगों को सड़क किनारे लिटाकर उनकी मदद करने की कोशिश की गई। इनमें कुछ लोग जिंदा थे, जबकि कुछ की मौत हो चुकी थी। आग लगने की वजह साफ नहीं अधिकारियों ने अभी तक आग लगने की सही वजह की पुष्टि नहीं की है। कांगो के उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जैक्वेमिन शाबानी ने घटनास्थल का शनिवार सुबह दौरा किया। उन्होंने हादसे को दुखद त्रासदी बताया। अधिकारियों ने फिलहाल आग के कारणों की जांच शुरू कर दी है। मृतकों और घायलों की अंतिम संख्या भी जांच के बाद स्पष्ट हो सकती है। किंशासा में आग की घटनाएं आम स्थानीय मीडिया के मुताबिक किंशासा के घनी आबादी वाले इलाकों में आग लगने की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। शहर में तेजी से हो रहे अनियोजित शहरी विकास के कारण कई जगह पर्याप्त अग्निशमन सेवाएं और आपातकालीन सुविधाएं मौजूद नहीं हैं। सूखी गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाएं और बढ़ जाती हैं। स्थानीय मीडिया के अनुसार इस साल भी किंशासा में आग लगने के कई हादसे सामने आ चुके हैं।
कांगो में शादी समारोह में आग, 22 की मौत:कई घायल; बचने के लिए भागे लोग संकरी गलियों में फंसे, सड़क किनारे शव मिले

कांगो की राजधानी किंशासा में शादी समारोह के दौरान बिल्डिंग में आग लगने से कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई। कई अन्य लोग घायल हुए हैं। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। आग शुक्रवार रात उत्तरी किंशासा के लिंगवाला इलाके में एक इमारत में लगी और शनिवार सुबह तक जारी रही। आग लगने के बाद शादी में मौजूद लोगों ने बाहर निकलने की कोशिश की। बिल्डिंग के संकरे रास्तों और गलियों में बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने से हालात बिगड़ गए। लोग एक-दूसरे को धक्का देते हुए बाहर निकलने की कोशिश करते रहे। हादसे के बाद कुछ लोगों को सड़क किनारे लिटाकर उनकी मदद करने की कोशिश की गई। इनमें कुछ लोग जिंदा थे, जबकि कुछ की मौत हो चुकी थी। हादसे से जुड़ी 5 तस्वीरें… आग लगने की वजह साफ नहीं अधिकारियों ने अभी तक आग लगने की सही वजह की पुष्टि नहीं की है। कांगो के उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जैक्वेमिन शाबानी ने घटनास्थल का शनिवार सुबह दौरा किया। उन्होंने हादसे को दुखद त्रासदी बताया। अधिकारियों ने फिलहाल आग के कारणों की जांच शुरू कर दी है। मृतकों और घायलों की अंतिम संख्या भी जांच के बाद स्पष्ट हो सकती है। किंशासा में आग की घटनाएं आम स्थानीय मीडिया के मुताबिक किंशासा के घनी आबादी वाले इलाकों में आग लगने की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। शहर में तेजी से हो रहे अनियोजित शहरी विकास के कारण कई जगह पर्याप्त अग्निशमन सेवाएं और आपातकालीन सुविधाएं मौजूद नहीं हैं। सूखी गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाएं और बढ़ जाती हैं। स्थानीय मीडिया के अनुसार इस साल भी किंशासा में आग लगने के कई हादसे सामने आ चुके हैं। —————————– ये खबर भी पढ़ें… यमन में हूती विद्रोहियों के हमले में 129 की मौत, बाब अल-मंदेब पर कब्जे की कोशिश यमन में हूती विद्रोहियों और सरकारी फोर्स के बीच भीषण लड़ाई में 129 लोगों की मौत हुई है। यह हाल के वर्षों में यमन में हुई सबसे घातक झड़पों में से एक है। हूती विद्रोही लाल सागर के प्रवेश द्वार माने जाने वाले बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के करीब अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…
ग्रीस एयर शो में करतब दिखा रहा जेट क्रैश:2 पायलट सवार थे, मौत की जानकारी नहीं

ग्रीस की वायुसेना का दो सीटों वाला फैंटम F-4 जेट शनिवार को एयर शो के दौरान क्रैश हो गया। हादसा एथेंस के उत्तर में स्थित तानाग्रा एयर फोर्स बेस पर हुआ। विमान के गिरते ही आसमान में काले धुएं का बड़ा गुबार दिखाई दिया। हादसे के वक्त एयर शो देखने के लिए कई हजार लोग मौजूद थे। हालांकि, दर्शकों में किसी के घायल होने की तत्काल खबर नहीं है। वायुसेना अधिकारियों ने बताया कि विमान में सवार दोनों पायलटों का क्या हुआ, यह अभी साफ नहीं है। यह भी पता नहीं चल पाया है कि वे हादसे से पहले विमान से इजेक्ट कर पाए थे या नहीं। आग बुझाने में जुटी रेस्क्यू टीम जेट के क्रैश होते ही घटनास्थल पर आग लग गई। आग बुझाने के लिए एक हेलिकॉप्टर काफी देर तक मौके के ऊपर मंडराता रहा और पानी का छिड़काव करता रहा। जमीन पर मौजूद बचाव दल भी आग पर काबू पाने में जुटे रहे। हादसा तानाग्रा एयर फोर्स बेस पर आयोजित सालाना ‘एथेंस फ्लाइंग वीक’ एयर शो के दौरान हुआ। फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है कि फैंटम F-4 किस वजह से क्रैश हुआ। हादसे की जांच की जा रही है। खबर अपेडट हो रही है…
रामायण मेकर्स ने जन्माष्ठमी में रावण का पोस्टर शेयर किया:जमकर हुई आलोचना; क्या ये मेकर्स की प्रमोशनल स्ट्रेटेजी, जानिए नेगेटिव पब्लिसिटी से कैसे होता है फायदा-नुकसान

रणबीर कपूर की मोस्ट अवेटेड फिल्म रामायण के मेकर्स ने जन्माष्ठमी के दिन रावण का पोस्टर शेयर कर दिया, जिसके चलते उनकी जमकर आलोचना की जा रही है। कुछ यूजर्स इस चूक से हैरान हैं, तो वहीं कुछ का मानना है कि चर्चा में आने के लिए मेकर्स जानबूझकर ऐसी गलतियां करते हैं। सवाल ये है कि अगर मेकर्स जानबूझकर ऐसी गलती करें, तो नेगेटिव पब्लिसिटी से उन्हें क्या फायदा मिलेगा। दरअसल, फिल्मों से जुड़ी ट्रोलिंग या विवाद अगर सिर्फ चर्चा पैदा करता है तो फिल्म को फायदा मिल सकता है, लेकिन अगर विवाद इतना बढ़ जाए कि दर्शकों की धारणा फिल्म के खिलाफ हो जाए, तो नुकसान भी हो सकता है। एक नजर जानिए, कैसे पड़ता है नेगेटिव पब्लिसिटी का फिल्म पर असर- रामायण मेकर्स ने पोस्ट किया रावण का पोस्टर ये पोस्टर फिल्म रामायण के पेज से शुक्रवार शाम को पोस्ट किया गया था। साथ लिखा गया था, देव लोक, पृथ्वी लोक, पाताल लोक, तीनों लोकों में एख ही राज होगा, रावण राज। पोस्टर आते ही सोशल मीडिया पर मेकर्स की आलोचना शुरू होने लगी। लोगों ने इस पर कई सवाल खड़े किए। पोस्टर से कई तरह के सवाल उठ रहे हैं पहला सवाल- क्या मेकर्स जानबूझकर, पब्लिसिटी बटोरने और चर्चा में आने के लिए ऐसा कर रहे हैं? दूसरा सवाल- क्या फिल्म से जुड़ी सोशल मीडिया टीम ने गलती से पोस्टर शेयर किया? क्या 4 हजार करोड़ के मेगा बजट की इस फिल्म की रिसर्च टीम इतनी कमजोर है, जिन्हें ये भी नहीं पता कि जन्माष्ठमी में क्या पोस्ट करना चाहिए? इन सवालों के जवाब जानिए- नेगेटिव पब्लिसिटी से फिल्मों को कैसे फायदा होता है? 1. फिल्म की फ्री पब्लिसिटी किसी फिल्म का ट्रेलर, गाना या स्टार उतनी चर्चा न पैदा करे, जितनी कोई विवाद पैदा कर देता है। तो मेकर्स को इसका फायदा मिलता है। मीडिया कवरेज और सोशल मीडिया बहस फिल्म का नाम लगातार लोगों के सामने रखती है। 2. लोगों की उत्सुकता बढ़ती है अगर फिल्म लगातार विवादों में रहती है, तो दर्शक के मन में सवाल उठता है कि आखिर फिल्म में ऐसा क्या है कि इतना विवाद हो रहा है? यही उत्सुकता कई बार टिकट खरीदने की वजह बन जाती है। इसे इन फिल्मों के उदाहरण से समझिए- ‘द कश्मीर फाइल्स’ (2022):फिल्म की रिलीज से पहले और बाद में इसके कंटेंट और राजनीतिक इंटरप्रेटेशन को लेकर जबरदस्त बहस हुई। विवाद ने फिल्म को लगातार हैडलाइन में बनाए रखा। नतीजा यह हुआ कि कम बजट की फिल्म को कई लोगों ने देखा, जिससे फिल्म हिट हुई। अगर फिल्म से जुड़ा कोई विवाद न होता, तो फिल्म चर्चा में न आती। ‘पद्मावत’ (2018): फिल्म को लेकर राजपूत संगठनों का विरोध, कर्णी सेना का आंदोलन, शूटिंग के दौरान तोड़फोड़ और रिलीज रोकने की मांग तक हुई। विवाद इतना बड़ा हुआ कि फिल्म की रिलीज से पहले ही इसका नाम देशभर में चर्चा का विषय बन गया। लगातार टलने वाली फिल्म जब रिलीज हुई, तो लोग विवाद समझने के लिए ही बढ़-चढ़कर फिल्म देखने गए, जिससे फिल्म के कलेक्शन में फायदा हुआ। ‘द केरला स्टोरी’ (2023): फिल्म के कथानक और उसके आंकड़ों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक विवाद हुआ। कुछ राज्यों में इसे लेकर विरोध और प्रतिबंध की खबरें आईं, जबकि दूसरी तरफ समर्थकों ने इसे देखने की अपील की। इससे फिल्म को जबरदस्त एक्सपोजर मिला और फिल्म हिट रही। नेगेटिव पब्लिसिटी हमेशा काम नहीं करती? कंट्रोवर्सी तभी फायदा देती है जब दर्शकों की उत्सुकता, फिल्म के खिलाफ बनी नेगेटिविटी से ज्यादा मजबूत हो। इसके उलट कुछ फिल्मों में विवाद ने दर्शकों को फिल्म से दूर भी किया। ‘लक्ष्मी’ (2020): फिल्म के टाइटल और कथित धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोपों को लेकर विवाद हुआ। बॉयकॉट की मांग हुई और सोशल मीडिया पर आलोचना हुई। फिल्म विवाद से चर्चा में रही, लेकिन विवाद इतना बड़ा नहीं था, जो उत्सुकता पैदा कर सके। ‘आदिपुरुष’ (2023): फिल्म के डायलॉग, VFX और रामायण के किरदारों को मॉडर्नाइजेशन कर दिखाने को लेकर रिलीज के बाद भारी आलोचना हुई। यहां नेगेटिव पब्लिसिटी, फिल्म के कॉन्सेप्ट से आगे निकल गई। दर्शकों का एक बड़ा हिस्सा फिल्म की आलोचना करने लगा और वर्ड ऑफ माउथ खराब हुआ। लगातार हो रही है रामायण की आलोचना कास्टिंग पर विवादः बीफ विवाद में रहे रणबीर कपूर को रामायण में भगवान श्री राम का किरदार दिए जाने की लंबे समय से आलोचना हो रही है। इसके अलावा ठीक से हिंदी नहीं बोलने वालीं साई पल्लवी के सीता बनने पर भी विवाद है। रकुलप्रीत सिंह के शूर्पणखा वाले ‘ग्लैमरस लुक’ पर मीम बन रहे। ट्रेलर में स्टारकास्ट के पहनावे पर सवालः फिल्म का ट्रेलर आने के बाद कैकेयी का किरदार निभा रहीं लारा दत्ता के पहनावे पर सवाल उठाए जा रहे हैं। फैंस का मानना है कि लारा दत्ता फिल्म में किसी मॉडर्न डेली सोप की बहु के गेटअप में लग रही हैं। फिल्म के VFX, बजट की भी आलोचनाः ट्रेलर लॉन्च होने के बाद फिल्म के ग्राफिक्स की आलोचना की जा रही थी। इस पर रणबीर कपूर ने सफाई में कहा कि स्मार्टफोन और खराब इंटरनेट कनेक्शन पर लोग ट्रेलर देखकर विजुअल इफेक्ट्स को जज कर रहे हैं। मेकर्स ने दर्शकों से फिल्म को IMAX 3D में देखने का आग्रह किया है। रामलीला महासंघ ने उठाए सवालः श्री रामलीला महासंघ ने फिल्म के डायरेक्टर नितेश तिवारी और प्रोडक्शन कंपनी को एक पत्र लिखकर चेतावनी दी है। महासंघ के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने मांग की है कि इस दिवाली पर देश-विदेश में रिलीज होने से पहले यह फिल्म उनके प्रतिनिधिमंडल को दिखाई जाए। महासंघ का कहना है कि उन्हें मिली जानकारी के मुताबिक फिल्म में ऐसे कई सीन हो सकते हैं, जो हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं। अगर विवादित सीन नहीं हटाए गए तो सिनेमाघरों के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। महासंघ ने अपने पत्र में साल 2023 में आई फिल्म ‘आदिपुरुष’ का उदाहरण दिया है। अर्जुन कुमार ने याद दिलाया कि भूषण कुमार के प्रोडक्शन और प्रभास-सैफ अली खान स्टारर इस फिल्म के कई दृश्यों पर सनातन समाज और रामलीला से जुड़े लोगों ने कड़ा विरोध जताया था। उस फिल्म में सोने की लंका को काला दिखाया गया था और महाज्ञानी रावण व उसकी
रामायण मेकर्स ने जन्माष्ठमी में रावण का पोस्टर शेयर किया:जमकर हुई आलोचना; क्या ये मेकर्स की प्रमोशनल स्ट्रेटेजी, जानिए नेगेटिव पब्लिसिटी से कैसे होता है फायदा-नुकसान

रणबीर कपूर की मोस्ट अवेटेड फिल्म रामायण के मेकर्स ने जन्माष्ठमी के दिन रावण का पोस्टर शेयर कर दिया, जिसके चलते उनकी जमकर आलोचना की जा रही है। कुछ यूजर्स इस चूक से हैरान हैं, तो वहीं कुछ का मानना है कि चर्चा में आने के लिए मेकर्स जानबूझकर ऐसी गलतियां करते हैं। सवाल ये है कि अगर मेकर्स जानबूझकर ऐसी गलती करें, तो नेगेटिव पब्लिसिटी से उन्हें क्या फायदा मिलेगा। दरअसल, फिल्मों से जुड़ी ट्रोलिंग या विवाद अगर सिर्फ चर्चा पैदा करता है तो फिल्म को फायदा मिल सकता है, लेकिन अगर विवाद इतना बढ़ जाए कि दर्शकों की धारणा फिल्म के खिलाफ हो जाए, तो नुकसान भी हो सकता है। एक नजर जानिए, कैसे पड़ता है नेगेटिव पब्लिसिटी का फिल्म पर असर- रामायण मेकर्स ने पोस्ट किया रावण का पोस्टर ये पोस्टर फिल्म रामायण के पेज से शुक्रवार शाम को पोस्ट किया गया था। साथ लिखा गया था, देव लोक, पृथ्वी लोक, पाताल लोक, तीनों लोकों में एख ही राज होगा, रावण राज। पोस्टर आते ही सोशल मीडिया पर मेकर्स की आलोचना शुरू होने लगी। लोगों ने इस पर कई सवाल खड़े किए। पोस्टर से कई तरह के सवाल उठ रहे हैं पहला सवाल- क्या मेकर्स जानबूझकर, पब्लिसिटी बटोरने और चर्चा में आने के लिए ऐसा कर रहे हैं? दूसरा सवाल- क्या फिल्म से जुड़ी सोशल मीडिया टीम ने गलती से पोस्टर शेयर किया? क्या 4 हजार करोड़ के मेगा बजट की इस फिल्म की रिसर्च टीम इतनी कमजोर है, जिन्हें ये भी नहीं पता कि जन्माष्ठमी में क्या पोस्ट करना चाहिए? इन सवालों के जवाब जानिए- नेगेटिव पब्लिसिटी से फिल्मों को कैसे फायदा होता है? 1. फिल्म की फ्री पब्लिसिटी किसी फिल्म का ट्रेलर, गाना या स्टार उतनी चर्चा न पैदा करे, जितनी कोई विवाद पैदा कर देता है। तो मेकर्स को इसका फायदा मिलता है। मीडिया कवरेज और सोशल मीडिया बहस फिल्म का नाम लगातार लोगों के सामने रखती है। 2. लोगों की उत्सुकता बढ़ती है अगर फिल्म लगातार विवादों में रहती है, तो दर्शक के मन में सवाल उठता है कि आखिर फिल्म में ऐसा क्या है कि इतना विवाद हो रहा है? यही उत्सुकता कई बार टिकट खरीदने की वजह बन जाती है। इसे इन फिल्मों के उदाहरण से समझिए- ‘द कश्मीर फाइल्स’ (2022):फिल्म की रिलीज से पहले और बाद में इसके कंटेंट और राजनीतिक इंटरप्रेटेशन को लेकर जबरदस्त बहस हुई। विवाद ने फिल्म को लगातार हैडलाइन में बनाए रखा। नतीजा यह हुआ कि कम बजट की फिल्म को कई लोगों ने देखा, जिससे फिल्म हिट हुई। अगर फिल्म से जुड़ा कोई विवाद न होता, तो फिल्म चर्चा में न आती। ‘पद्मावत’ (2018): फिल्म को लेकर राजपूत संगठनों का विरोध, कर्णी सेना का आंदोलन, शूटिंग के दौरान तोड़फोड़ और रिलीज रोकने की मांग तक हुई। विवाद इतना बड़ा हुआ कि फिल्म की रिलीज से पहले ही इसका नाम देशभर में चर्चा का विषय बन गया। लगातार टलने वाली फिल्म जब रिलीज हुई, तो लोग विवाद समझने के लिए ही बढ़-चढ़कर फिल्म देखने गए, जिससे फिल्म के कलेक्शन में फायदा हुआ। ‘द केरला स्टोरी’ (2023): फिल्म के कथानक और उसके आंकड़ों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक विवाद हुआ। कुछ राज्यों में इसे लेकर विरोध और प्रतिबंध की खबरें आईं, जबकि दूसरी तरफ समर्थकों ने इसे देखने की अपील की। इससे फिल्म को जबरदस्त एक्सपोजर मिला और फिल्म हिट रही। नेगेटिव पब्लिसिटी हमेशा काम नहीं करती? कंट्रोवर्सी तभी फायदा देती है जब दर्शकों की उत्सुकता, फिल्म के खिलाफ बनी नेगेटिविटी से ज्यादा मजबूत हो। इसके उलट कुछ फिल्मों में विवाद ने दर्शकों को फिल्म से दूर भी किया। ‘लक्ष्मी’ (2020): फिल्म के टाइटल और कथित धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोपों को लेकर विवाद हुआ। बॉयकॉट की मांग हुई और सोशल मीडिया पर आलोचना हुई। फिल्म विवाद से चर्चा में रही, लेकिन विवाद इतना बड़ा नहीं था, जो उत्सुकता पैदा कर सके। ‘आदिपुरुष’ (2023): फिल्म के डायलॉग, VFX और रामायण के किरदारों को मॉडर्नाइजेशन कर दिखाने को लेकर रिलीज के बाद भारी आलोचना हुई। यहां नेगेटिव पब्लिसिटी, फिल्म के कॉन्सेप्ट से आगे निकल गई। दर्शकों का एक बड़ा हिस्सा फिल्म की आलोचना करने लगा और वर्ड ऑफ माउथ खराब हुआ। लगातार हो रही है रामायण की आलोचना कास्टिंग पर विवादः बीफ विवाद में रहे रणबीर कपूर को रामायण में भगवान श्री राम का किरदार दिए जाने की लंबे समय से आलोचना हो रही है। इसके अलावा ठीक से हिंदी नहीं बोलने वालीं साई पल्लवी के सीता बनने पर भी विवाद है। रकुलप्रीत सिंह के शूर्पणखा वाले ‘ग्लैमरस लुक’ पर मीम बन रहे। ट्रेलर में स्टारकास्ट के पहनावे पर सवालः फिल्म का ट्रेलर आने के बाद कैकेयी का किरदार निभा रहीं लारा दत्ता के पहनावे पर सवाल उठाए जा रहे हैं। फैंस का मानना है कि लारा दत्ता फिल्म में किसी मॉडर्न डेली सोप की बहु के गेटअप में लग रही हैं। फिल्म के VFX, बजट की भी आलोचनाः ट्रेलर लॉन्च होने के बाद फिल्म के ग्राफिक्स की आलोचना की जा रही थी। इस पर रणबीर कपूर ने सफाई में कहा कि स्मार्टफोन और खराब इंटरनेट कनेक्शन पर लोग ट्रेलर देखकर विजुअल इफेक्ट्स को जज कर रहे हैं। मेकर्स ने दर्शकों से फिल्म को IMAX 3D में देखने का आग्रह किया है। रामलीला महासंघ ने उठाए सवालः श्री रामलीला महासंघ ने फिल्म के डायरेक्टर नितेश तिवारी और प्रोडक्शन कंपनी को एक पत्र लिखकर चेतावनी दी है। महासंघ के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने मांग की है कि इस दिवाली पर देश-विदेश में रिलीज होने से पहले यह फिल्म उनके प्रतिनिधिमंडल को दिखाई जाए। महासंघ का कहना है कि उन्हें मिली जानकारी के मुताबिक फिल्म में ऐसे कई सीन हो सकते हैं, जो हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं। अगर विवादित सीन नहीं हटाए गए तो सिनेमाघरों के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। महासंघ ने अपने पत्र में साल 2023 में आई फिल्म ‘आदिपुरुष’ का उदाहरण दिया है। अर्जुन कुमार ने याद दिलाया कि भूषण कुमार के प्रोडक्शन और प्रभास-सैफ अली खान स्टारर इस फिल्म के कई दृश्यों पर सनातन समाज और रामलीला से जुड़े लोगों ने कड़ा विरोध जताया था। उस फिल्म में सोने की लंका को काला दिखाया गया था और महाज्ञानी रावण व उसकी
UN ने बदला दुनिया का नक्शा, अमेरिका ने विरोध किया:नए मैप में अफ्रीका बड़ा, यूरोप-US छोटे; 164 देशों ने पक्ष में वोट दिया

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने शुक्रवार को दुनिया के नक्शे को लेकर एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पास किया। इसमें पुराने मर्केटर वर्ल्ड मैप की जगह ऐसे नक्शे के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया गया है, जिसमें देशों और महाद्वीपों का आकार उनके असली क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाई देता है। नए नक्शे में अफ्रीका पहले से काफी बड़ा, जबकि यूरोप और उत्तरी अमेरिका छोटे नजर आएंगे। एशिया के कुछ हिस्सों का आकार भी तुलनात्मक रूप से छोटा दिखेगा। यह प्रस्ताव टोगो ने पेश किया था और इसे अफ्रीकी संघ (African Union) का समर्थन मिला। संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रस्ताव के पक्ष में 164 देशों ने वोट दिया, जबकि 6 देश वोटिंग से दूर रहे। अमेरिका अकेला देश था जिसने प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया। अमेरिका ने प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? अमेरिका ने इस पहल की कड़ी आलोचना की। अमेरिकी प्रतिनिधि यारिना फेरेन्सेविच ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को दुनिया की असली समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए, न कि 16वीं सदी के नक्शे को बदलने जैसी बहस पर। उन्होंने इसे एक वैचारिक एजेंडा बताया और कहा कि ऐसी बहसों की वजह से संयुक्त राष्ट्र अपनी विश्वसनीयता खो रहा है। वहीं, अफ्रीकी संघ ने इस फैसले का स्वागत किया। उसने इसे दुनिया का नक्शा ज्यादा सटीक और बराबरी वाला बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
दक्षिण अमेरिकी देश बोलिविया के सैन्य अड्डे में विस्फोट:15 लोगों की मौत, 58 से ज्यादा घायल

बोलिविया के एक सैन्य अड्डे में विस्फोट के बाद 10 से 15 लोगों की मौत होने की खबर है। वहीं, 58 से ज्यादा लोग घायल हैं। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
दक्षिण अमेरिकी देश बोलिविया के सैन्य अड्डे में विस्फोट:15 लोगों की मौत, 58 से ज्यादा घायल

बोलिविया के एक सैन्य अड्डे में विस्फोट के बाद 10 से 15 लोगों की मौत होने की खबर है। वहीं, 58 से ज्यादा लोग घायल हैं। विस्फोट से जुड़ी तस्वीरें… खबर लगातार अपडेट हो रही है…
नेपाल के दार्चुला में भारी लैंडस्लाइड, निचले इलाकों में अलर्ट:त्रिशूली से 3 और भारतीयों का रेस्क्यू; बाढ़ में अबतक 1300 की मौत, 5 हजार लापता

नेपाल के दार्चुला जिले में शुक्रवार को भारी भूस्खलन के बाद चौलानी नदी का रास्ता बंद हो गया। निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 26 अगस्त की बाढ़-लैंडस्लाइड के बाद से राहत-बचाव कार्य जारी है। त्रिशूली बाजार इलाके से 5 साल का बच्चे समेत तीन भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को बताया कि अब तक 169 भारतीयों को सुरक्षित निकाला है, जबकि 275 अब भी लापता हैं। वहीं, शुक्रवार को बाढ़ के 9 दिन बाद त्रिशूली-3 ‘A’ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से 2 मजदूर जिंदा निकाले गए हैं। 40 लोग अब भी फंसे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ से प्रभावित जलविद्युत परियोजनाओं में करीब 900 मजदूर लापता हैं। इनमें लगभग 500 के सुरंगों में फंसे होने की आशंका है। नेपाल में अब तक करीब 1300 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि राहत और बचाव दलों ने 12 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला है। फिलहाल 5300 से ज्यादा लोग लापता हैं। खबर को अपडेट किया जा रहा है।








