Saturday, 19 Sep 2026 | 06:00 PM

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“बेतुका रंगमंच!” — कपिल सिब्बल ने बागी टीएमसी गुट के एनसीपी में विलय की आलोचना की | ब्रेकिंग | न्यूज18

"बेतुका रंगमंच!" — कपिल सिब्बल ने बागी टीएमसी गुट के एनसीपी में विलय की आलोचना की | ब्रेकिंग | न्यूज18

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स्पोर्ट्स अपडेट:धीरज-कुमकुम ने जीता रिकर्व मिक्स्ड टीम गोल्ड: फाइनल में ओलिंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया को 5-1 से हराया

स्पोर्ट्स अपडेट:धीरज-कुमकुम ने जीता रिकर्व मिक्स्ड टीम गोल्ड: फाइनल में ओलिंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया को 5-1 से हराया

भारत के धीरज बोम्मादेवरा और 17 वर्षीय युवा तीरंदाज कुमकुम मोहोद ने अंताल्या में चल रहे आर्चरी वर्ल्ड कप स्टेज-3 में रिकर्व मिक्स्ड टीम स्पर्धा का गोल्ड मेडल जीता। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में ओलिंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया की स्टार जोड़ी ओह ये-जिन और किम जे-देओक को 5-1 से हराकर खिताब अपने नाम किया। मिक्स्ड टीम इवेंट में धीरज और कुमकुम, दोनों के करियर का यह पहला वर्ल्ड कप गोल्ड मेडल है। आर्चरी वर्ल्ड कप में रिकर्व मिक्स्ड टीम स्पर्धा में भारत को पिछला गोल्ड मेडल 2022 में मिला था। संयोग से वह स्वर्ण पदक भी तुर्किये के अंताल्या में ही आया था। तब भारतीय जोड़ी रिद्धि फोर और तरुणदीप राय ने ग्रेट ब्रिटेन की ब्रायोनी पिटमैन और एलेक्स वाइज की जोड़ी को रोमांचक शूट-ऑफ में हराकर गोल्ड मेडल जीता था।

स्पोर्ट्स अपडेट:धीरज-कुमकुम ने जीता रिकर्व मिक्स्ड टीम गोल्ड: फाइनल में ओलिंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया को 5-1 से हराया

स्पोर्ट्स अपडेट:धीरज-कुमकुम ने जीता रिकर्व मिक्स्ड टीम गोल्ड: फाइनल में ओलिंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया को 5-1 से हराया

भारत के धीरज बोम्मादेवरा और 17 वर्षीय युवा तीरंदाज कुमकुम मोहोद ने अंताल्या में चल रहे आर्चरी वर्ल्ड कप स्टेज-3 में रिकर्व मिक्स्ड टीम स्पर्धा का गोल्ड मेडल जीता। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में ओलिंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया की स्टार जोड़ी ओह ये-जिन और किम जे-देओक को 5-1 से हराकर खिताब अपने नाम किया। मिक्स्ड टीम इवेंट में धीरज और कुमकुम, दोनों के करियर का यह पहला वर्ल्ड कप गोल्ड मेडल है। आर्चरी वर्ल्ड कप में रिकर्व मिक्स्ड टीम स्पर्धा में भारत को पिछला गोल्ड मेडल 2022 में मिला था। संयोग से वह स्वर्ण पदक भी तुर्किये के अंताल्या में ही आया था। तब भारतीय जोड़ी रिद्धि फोर और तरुणदीप राय ने ग्रेट ब्रिटेन की ब्रायोनी पिटमैन और एलेक्स वाइज की जोड़ी को रोमांचक शूट-ऑफ में हराकर गोल्ड मेडल जीता था।

ब्राजील- बंजी जम्पिंग के दौरान रस्सी बांधे बिना फेंका, VIDEO:21 साल की युवती की मौत; पुलिस ने 6 लोगों को हिरासत में लिया

ब्राजील- बंजी जम्पिंग के दौरान रस्सी बांधे बिना फेंका, VIDEO:21 साल की युवती की मौत; पुलिस ने 6 लोगों को हिरासत में लिया

ब्राजील के साओ पाउलो राज्य में बंजी जंपिंग के दौरान एक हादसे में 21 साल की युवती की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कर्मचारियों ने उसे सेफ्टी रोप लगाए बिना ही पुल से छलांग लगवा दी, जिससे वह 130 फीट से ज्यादा गहराई में जा गिरी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक युवती की पहचान मारिया एडुआर्डा रोड्रिग्स डी फ्रेटास के रूप में हुई है। वह एक निजी कंपनी की ओर से आयोजित बंजी जंपिंग एक्टिविटी में हिस्सा लेने पहुंची थी। यह हादसा स्केलेटन ब्रिज पर हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कर्मचारी युवती को पुल के किनारे लेकर जाते हैं और उसे नीचे छोड़ देते हैं। जैसे ही वह गिरने लगती है, वहां मौजूद लोगों को एहसास होता है कि उसकी सेफ्टी रोप नहीं बंधी है। वीडियो में कई लोग जोर से चिल्लाते सुनाई देते हैं, “रोप… रोप…”, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और युवती गहरी खाई में गिर चुकी थी। मारिया ने हादसे से पहले अपनी तस्वीरें शेयर की थी हादसे से कुछ समय पहले मारिया ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर जंपिंग स्थल की तस्वीरें शेयर की थीं। एक तस्वीर में पुल और उसकी जंपिंग रिस्टबैंड दिखाई दे रही थी। तस्वीर के साथ उसने लिखा था, “आखिर किस पागल इंसान ने मुझे पुल से छलांग लगाने आने दिया?” रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के समय मारिया का मंगेतर भी वहां मौजूद था। युवती की मौत की जानकारी मिलने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसका ट्रीटमेंट किया गया। पुलिस ने घटना के बाद मौके से छह लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस जांच कर रही है कि सेफ्टी प्रोसेस में कहां चूक हुई, कर्मचारियों की क्या जिम्मेदारी थी और क्या बंजी जंपिंग से पहले तय सभी सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इस हादसे के बाद एडवेंचर टूरिज्म स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लिमेरा के मेयर मुरिलो फ्लिक्स ने कहा कि सिटी एडमिनिस्ट्रेशन इस मामले की शिकायत ब्राजील की सरकार से करेगा और सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग करेगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से जोखिम वाले इस क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं और अब जिम्मेदारी तय करना जरूरी है। क्या होती है बंजी जंपिंग? बंजी जंपिंग एक एडवेंचर स्पोर्ट है, जिसमें व्यक्ति को किसी ऊंचे पुल, टावर, क्रेन या चट्टान से एक खास तरह की मजबूत और लचीली इलास्टिक रोप के सहारे छलांग लगानी होती है। जंप से पहले व्यक्ति के पैरों या पूरे शरीर पर हार्नेस लगाया जाता है और उसे बंजी रोप से जोड़ा जाता है। छलांग लगाने के बाद व्यक्ति कुछ सेकंड तक तेजी से नीचे गिरता है। जैसे ही रोप पूरी तरह खिंचती है, वह व्यक्ति को वापस ऊपर की ओर खींचती है। यही ऊपर-नीचे उछलने का अनुभव बंजी जंपिंग को रोमांचक बनाता है। बंजी जंपिंग कराने वाली कंपनियां आमतौर पर सुरक्षा के लिए कई चरणों का पालन करती हैं। सबसे पहले जंप करने वाले व्यक्ति का वजन मापा जाता है और उसी के हिसाब से रोप का चुनाव किया जाता है। इसके बाद हार्नेस, सेफ्टी बेल्ट, एंकरिंग सिस्टम और बैकअप कनेक्शन की कई बार जांच की जाती है। प्रशिक्षक की अनुमति मिलने के बाद ही जंप कराया जाता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक बंजी जंपिंग एक हाई एडवेंचर स्पोर्ट जरूर है, लेकिन अगर बंजी जंपिंग अनुभवी लोगों की देखरेख में और सभी सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए कराई जाए, तो इसे काफी हद तक सुरक्षित माना जाता है। दुनिया में कहां सबसे ज्यादा लोकप्रिय है बंजी जंपिंग? बंजी जंपिंग का सबसे बड़ा केंद्र न्यूजीलैंड को माना जाता है। यहां का कावराउ ब्रिज आधुनिक कमर्शियल बंजी जंपिंग की शुरुआत करने वाली जगह माना जाता है और हर साल हजारों पर्यटक यहां पहुंचते हैं। इसके अलावा चीन का मकाऊ टावर, जिम्बाब्वे और जाम्बिया की सीमा पर स्थित विक्टोरिया फॉल्स ब्रिज और स्विट्जरलैंड का वेरजास्का डैम भी दुनिया की सबसे मशहूर बंजी जंपिंग साइटों में शामिल हैं। दुनिया में बंजी जंपिंग के लिए मशहूर जगहें 1. कावराउ ब्रिज, न्यूजीलैंड- इसे आधुनिक कमर्शियल बंजी जंपिंग की शुरुआत करने वाली जगह माना जाता है। हर साल हजारों पर्यटक यहां पहुंचते हैं। 2. मकाऊ टावर, चीन- करीब 233 मीटर ऊंचाई से होने वाली यह दुनिया की सबसे प्रसिद्ध कमर्शियल बंजी जंपिंग साइटों में से एक है। 3. विक्टोरिया फॉल्स ब्रिज (जिम्बाब्वे – जाम्बिया बॉर्डर)- झरने के शानदार दृश्य के साथ यहां बंजी जंपिंग का अलग अनुभव मिलता है। 4. वेरजास्का डैम, स्विट्जरलैंड- यह वही जगह है जहां जेम्स बॉन्ड फिल्म गोल्डनआई का मशहूर जंप सीन फिल्माया गया था। भारत में बंजी जंपिंग के लिए मशहूर जगहें 1. ऋषिकेश (उत्तराखंड)- भारत की सबसे लोकप्रिय बंजी जंपिंग डेस्टिनेशन मानी जाती है। यहां 80 मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाले जंप मौजूद हैं। 2. लोनावला (महाराष्ट्र)- मुंबई और पुणे के लोगों के बीच यह काफी लोकप्रिय एडवेंचर स्पॉट है। 3. गोवा- बीच टूरिज्म के साथ एडवेंचर एक्टिविटीज के लिए भी जाना जाता है। 4. बेंगलुरु (कर्नाटक)- शहर के आसपास कई एडवेंचर पार्क बंजी जंपिंग की फैसिलिटी है।

काजोल बोलीं- आमिर का फिल्मों को लेकर गजब का सेंस:मजाक में कहा- महिलाओं की भी समझ अच्छी, सुनते ही एक्टर मुस्कुरा दिए

काजोल बोलीं- आमिर का फिल्मों को लेकर गजब का सेंस:मजाक में कहा- महिलाओं की भी समझ अच्छी, सुनते ही एक्टर मुस्कुरा दिए

आमिर खान की फिल्म ‘लगान’ के 25 साल पूरे होने और ‘आमिर खान प्रोडक्शंस’ की 25वीं सालगिरह के इवेंट में काजोल ने आमिर के फिल्मों के टेस्ट की तारीफ की। काजोल ने कहा कि आमिर की प्रोडक्शन कंपनी ने ‘लगान’ से लेकर अब तक बेहतरीन फिल्मों का चुनाव किया है, जो उनके शानदार टेस्ट को दिखाता है। इसके बाद काजोल ने मजाकिया अंदाज में कहा कि आमिर का फिल्मों के साथ-साथ महिलाओं को लेकर भी समझ काफी अच्छी है। जिस पर एक्टर मुस्कुराते हुए दिखे। वहीं बातचीत के दौरान जूही ने कहा कि अगर वह आमिर के बारे में बोलना शुरू करें तो पूरी शाम निकल जाएगी। जूही ने आमिर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा, “AKP बनने से पहले वह सिर्फ AK थे।” उन्होंने कहा कि आमिर की पहली फिल्म उनके साथ थी। एक्ट्रेस ने मजाक में कहा, “देखो, जिसने मेरे साथ काम किया, कहां पहुंच गया।” लगान के 25 साल पूरे आमिर खान की फिल्म ‘लगान’ भारतीय सिनेमा की सबसे फेमस फिल्मों में गिनी जाती है। साल 2001 में रिलीज हुई इस फिल्म का डायरेक्शन आशुतोष गोवारिकर ने किया था, जबकि आमिर खान इसके मेन लीड और को-प्रोड्यूसर थे। फिल्म की कहानी ब्रिटिश शासन काल के दौरान चंपानेर गांव की है। सूखे और भारी कर से परेशान ग्रामीणों के लिए भुवन नाम का युवक अंग्रेज अधिकारी कैप्टन रसेल की क्रिकेट चुनौती स्वीकार करता है। शर्त यह होती है कि जीत मिलने पर तीन साल का लगान माफ होगा, जबकि हारने पर तीन गुना कर देना पड़ेगा। फिल्म में आमिर खान के अलावा ग्रेसी सिंह, पॉल ब्लैकथॉर्न और राहेल शेली ने अहम भूमिकाएं निभाईं। ए.आर. रहमान का म्यूजिक और जावेद अख्तर के गीत भी काफी लोकप्रिय हुए। ‘लगान’ को ऑस्कर में बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म कैटेगरी में नामिनेशन मिला था। करीब 25 करोड़ रुपए के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर में 65 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की थी।

काजोल बोलीं- आमिर का फिल्मों को लेकर गजब का सेंस:मजाक में कहा- महिलाओं की भी समझ अच्छी, सुनते ही एक्टर मुस्कुरा दिए

काजोल बोलीं- आमिर का फिल्मों को लेकर गजब का सेंस:मजाक में कहा- महिलाओं की भी समझ अच्छी, सुनते ही एक्टर मुस्कुरा दिए

आमिर खान की फिल्म ‘लगान’ के 25 साल पूरे होने और ‘आमिर खान प्रोडक्शंस’ की 25वीं सालगिरह के इवेंट में काजोल ने आमिर के फिल्मों के टेस्ट की तारीफ की। काजोल ने कहा कि आमिर की प्रोडक्शन कंपनी ने ‘लगान’ से लेकर अब तक बेहतरीन फिल्मों का चुनाव किया है, जो उनके शानदार टेस्ट को दिखाता है। इसके बाद काजोल ने मजाकिया अंदाज में कहा कि आमिर का फिल्मों के साथ-साथ महिलाओं को लेकर भी समझ काफी अच्छी है। जिस पर एक्टर मुस्कुराते हुए दिखे। वहीं बातचीत के दौरान जूही ने कहा कि अगर वह आमिर के बारे में बोलना शुरू करें तो पूरी शाम निकल जाएगी। जूही ने आमिर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा, “AKP बनने से पहले वह सिर्फ AK थे।” उन्होंने कहा कि आमिर की पहली फिल्म उनके साथ थी। एक्ट्रेस ने मजाक में कहा, “देखो, जिसने मेरे साथ काम किया, कहां पहुंच गया।” लगान के 25 साल पूरे आमिर खान की फिल्म ‘लगान’ भारतीय सिनेमा की सबसे फेमस फिल्मों में गिनी जाती है। साल 2001 में रिलीज हुई इस फिल्म का डायरेक्शन आशुतोष गोवारिकर ने किया था, जबकि आमिर खान इसके मेन लीड और को-प्रोड्यूसर थे। फिल्म की कहानी ब्रिटिश शासन काल के दौरान चंपानेर गांव की है। सूखे और भारी कर से परेशान ग्रामीणों के लिए भुवन नाम का युवक अंग्रेज अधिकारी कैप्टन रसेल की क्रिकेट चुनौती स्वीकार करता है। शर्त यह होती है कि जीत मिलने पर तीन साल का लगान माफ होगा, जबकि हारने पर तीन गुना कर देना पड़ेगा। फिल्म में आमिर खान के अलावा ग्रेसी सिंह, पॉल ब्लैकथॉर्न और राहेल शेली ने अहम भूमिकाएं निभाईं। ए.आर. रहमान का म्यूजिक और जावेद अख्तर के गीत भी काफी लोकप्रिय हुए। ‘लगान’ को ऑस्कर में बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म कैटेगरी में नामिनेशन मिला था। करीब 25 करोड़ रुपए के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर में 65 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की थी।

अंडे के छिलके का उपयोग: लागत समझकर दश्तबिन में न खाएं अंडे के छिलके, इन 4 में शामिल से बदल जाएगी आपकी लाइफ

अंडे के छिलकों का उपयोग करने के टिप्स

14 जून 2026 को 12:34 IST पर अपडेट किया गया अंडे के छिलके का उपयोग: अंडा प्रोटीन और पोषक तत्वों का एक बेहतरीन स्रोत है, जिसे हम अपने उपभोग में प्रचुर मात्रा में शामिल करते हैं। लेकिन लोग ज्यादातर अंडे का इस्तेमाल करने के बाद चिप्स को सस्ते में समझकर नारियल के टुकड़े में फेंक देते हैं। क्या आप जानते हैं कि ये स्केलेटन का पावर हाउस क्या है? अगर आप भी ऐसे देते हैं, तो आज से ही अपनी आदत बदल लें। आइए जानते हैं कि आप इसे स्मार्ट तरीके से कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं। अनुसरण करना : खाल का पाउडर त्वचा के लिए एक्सफोलिएटर का काम करता है। लिटिलोव एलेरा जेल या अंडे का सफेद भाग स्टेक। इसे शरीर पर साधारण हाथों से मिलाया जाता है, जिससे डेड सेल्स साफ हो जाते हैं और दाग-धब्बे कम हो जाते हैं। छवि: फ्रीपिक अंडे के छिलकों में सीमेंट का प्लास्टर होता है। टमाटर-मिर्च के चिप्स को धोकर, सुखाकर इनका पाउडर बना लें। इसे मिट्टी में मिलाने से प्रमाणित को पूर्ण पोषण मिलता है और वे तेजी से बढ़ रहे हैं। छवि: फ्रीपिक जले हुए पाइथन्स- सिंथ पर जमीयताई को निकालना बहुत आसान है। अंडे के छिलकों को दारारा पीस लें, इसमें थोड़ा सा डिशवॉश शामिल है। इससे तालाबों को रांगने पर जमा हुआ कालापन और जिद्दी दाग ​​निकल जाते हैं। छवि: फ्रीपिक अंडे के छिलके का सबसे सस्ता और आसान इलाज। छवि: फ्रीपिक घर के उन पुराने या प्राकृतिक पर अंडे के अनोखे राख से बने बच्चे जहां से आते हैं। गंध से छिपकली भाग जाती हैं- छोटे कीड़े दूर जाते हैं। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 14 जून 2026 12:34 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)अंडे के छिलके का उपयोग(टी)त्वचा की देखभाल के टिप्स(टी)घर की सफाई के तरीके(टी)अंडे के छिलकों से बागवानी के टिप्स(टी)प्राकृतिक एक्सफोलिएटर(टी)अपशिष्ट प्रबंधन(टी)घरेलू टिप्स(टी)अंडे के छिलके के सौंदर्य लाभ(टी)कैल्शियम से भरपूर अंडे के छिलके

100% इथेनॉल से चलेंगी गाड़ियां, सरकार ने दी मंजूरी:गडकरी बोले- 6 हफ्ते में कंपनियां इसके लिए गाड़ियां लॉन्च करेंगी, प्रदूषण और पेट्रोल खर्च घटेगा

100% इथेनॉल से चलेंगी गाड़ियां, सरकार ने दी मंजूरी:गडकरी बोले- 6 हफ्ते में कंपनियां इसके लिए गाड़ियां लॉन्च करेंगी, प्रदूषण और पेट्रोल खर्च घटेगा

केंद्र सरकार ने देश में 100% शुद्ध इथेनॉल को बतौर ईंधन इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार, 13 जून को नागपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस फैसले से जुड़े नियमों और रेगुलेशंस को अंतिम रूप देने वाली फाइल पर उन्होंने साइन कर दिए हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य देश की कच्चे तेल (फॉसिल फ्यूल) के इम्पोर्ट पर निर्भरता को कम करना और ट्रांसपोर्ट सेक्टर से होने वाले प्रदूषण को रोकना है। अगले 6 हफ्तों में बाजार में आएंगी इथेनॉल से चलने वाली कारें केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर ने इस बदलाव को स्वीकार कर लिया है और कई बड़ी कंपनियां 100% इथेनॉल से चलने वाले वाहन बाजार में उतारने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। गडकरी के मुताबिक, टोयोटा , सुजुकी, MG और हुंडई सहित अन्य कंपनियां अगले 6 हफ्तों के भीतर अपने ऐसे नए मॉडल्स भारतीय बाजार में लॉन्च करने जा रही हैं जो पूरी तरह इथेनॉल पर चलेंगे। पेट्रोल के मुकाबले काफी सस्ता ऑप्शन, घटेगा इम्पोर्ट बिल नितिन गडकरी ने जोर देकर कहा कि इथेनॉल पेट्रोल के मुकाबले किफायती और टिकाऊ विकल्प बनकर उभर सकता है। भारत अभी अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से क्रूड ऑयल इम्पोर्ट करके पूरा करता है, जिससे देश के खजाने पर वित्तीय बोझ पड़ता है। 100% इथेनॉल के आने से न सिर्फ आम जनता को महंगे पेट्रोल से राहत मिलेगी, बल्कि भारत का भारी-भरकम ईंधन आयात बिल भी काफी हद तक कम हो जाएगा। क्या होता है एथेनॉल? एथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है, जो स्टार्च और शुगर के फर्मेंटेशन से बनाया जाता है। इसे पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में इको-फ्रैंडली फ्यूल की तरह इस्तेमाल किया जाता है। एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने के रस से होता है, लेकिन स्टार्च कॉन्टेनिंग मटेरियल्स जैसे मक्का, सड़े आलू, कसावा और सड़ी सब्जियों से भी एथेनॉल तैयार किया जा सकता है। पिछले हफ्ते ही लॉन्च हुआ था E85 फ्यूल, बायोफ्यूल पर सरकार का फोकस ट्रांसपोर्ट सेक्टर से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। इसी कड़ी में पिछले हफ्ते ही सरकार ने फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए E85 ईंधन पेश किया था। दिल्ली में E85 फ्यूल की कीमत ₹82.12 प्रति लीटर तय की गई है। यह दिल्ली में बिक रहे रेगुलर E20 पेट्रोल से पूरे ₹20 कम है। यह ईंधन एक ऐसा मिश्रण है जिसमें 85% तक इथेनॉल और 15% पेट्रोल मिलाया जाता है। अब 100% इथेनॉल को मंजूरी मिलने से देश में ग्रीन एनर्जी और बायोफ्यूल के सेक्टर में एक नया चैप्टर शुरू हो गया है। अभी बाजार में 4 तरह के फ्लेक्स-फ्यूल बिक रहे हैं। सिर्फ इन चुनिंदा गाड़ियों में इस्तेमाल किया जा सकेगा E85 फ्यूल को सामान्य पेट्रोल गाड़ियों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। इसके लिए गाड़ियों का इंजन खास तौर पर ‘फ्लेक्स-फ्यूल’ तकनीक पर आधारित होना चाहिए। मारुति सुजुकी वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल: यह भारत की पहली पैसेंजर कार है, जिसे E100 (100% एथेनॉल) तक के ब्लेंड पर चलने के लिए तैयार किया गया है, जो E85 के लिए पूरी तरह सही है। हीरो स्प्लेंडर+ और HF डीलक्स: हीरो मोटोकॉर्प ने देश के मास-मार्केट 100cc सेगमेंट में पहली फ्लेक्स-फ्यूल मोटरसाइकिल पेश की है। ये बाइक्स E20 से लेकर E85 तक के फ्यूल पर चल सकती हैं और दिल्ली और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में जुलाई 2026 से इनकी बिक्री शुरू होगी। सुजुकी जिक्सर SF: यह बाइक भी इस सूची में शामिल है जो हाई-एथेनॉल फ्यूल को सपोर्ट करती है।

100% इथेनॉल से चलेंगी गाड़ियां, सरकार ने दी मंजूरी:गडकरी बोले- 6 हफ्ते में कंपनियां इसके लिए गाड़ियां लॉन्च करेंगी, प्रदूषण और पेट्रोल खर्च घटेगा

100% इथेनॉल से चलेंगी गाड़ियां, सरकार ने दी मंजूरी:गडकरी बोले- 6 हफ्ते में कंपनियां इसके लिए गाड़ियां लॉन्च करेंगी, प्रदूषण और पेट्रोल खर्च घटेगा

केंद्र सरकार ने देश में 100% शुद्ध इथेनॉल को बतौर ईंधन इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार, 13 जून को नागपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस फैसले से जुड़े नियमों और रेगुलेशंस को अंतिम रूप देने वाली फाइल पर उन्होंने साइन कर दिए हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य देश की कच्चे तेल (फॉसिल फ्यूल) के इम्पोर्ट पर निर्भरता को कम करना और ट्रांसपोर्ट सेक्टर से होने वाले प्रदूषण को रोकना है। अगले 6 हफ्तों में बाजार में आएंगी इथेनॉल से चलने वाली कारें केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर ने इस बदलाव को स्वीकार कर लिया है और कई बड़ी कंपनियां 100% इथेनॉल से चलने वाले वाहन बाजार में उतारने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। गडकरी के मुताबिक, टोयोटा , सुजुकी, MG और हुंडई सहित अन्य कंपनियां अगले 6 हफ्तों के भीतर अपने ऐसे नए मॉडल्स भारतीय बाजार में लॉन्च करने जा रही हैं जो पूरी तरह इथेनॉल पर चलेंगे। पेट्रोल के मुकाबले काफी सस्ता ऑप्शन, घटेगा इम्पोर्ट बिल नितिन गडकरी ने जोर देकर कहा कि इथेनॉल पेट्रोल के मुकाबले किफायती और टिकाऊ विकल्प बनकर उभर सकता है। भारत अभी अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से क्रूड ऑयल इम्पोर्ट करके पूरा करता है, जिससे देश के खजाने पर वित्तीय बोझ पड़ता है। 100% इथेनॉल के आने से न सिर्फ आम जनता को महंगे पेट्रोल से राहत मिलेगी, बल्कि भारत का भारी-भरकम ईंधन आयात बिल भी काफी हद तक कम हो जाएगा। क्या होता है एथेनॉल? एथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है, जो स्टार्च और शुगर के फर्मेंटेशन से बनाया जाता है। इसे पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में इको-फ्रैंडली फ्यूल की तरह इस्तेमाल किया जाता है। एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने के रस से होता है, लेकिन स्टार्च कॉन्टेनिंग मटेरियल्स जैसे मक्का, सड़े आलू, कसावा और सड़ी सब्जियों से भी एथेनॉल तैयार किया जा सकता है। पिछले हफ्ते ही लॉन्च हुआ था E85 फ्यूल, बायोफ्यूल पर सरकार का फोकस ट्रांसपोर्ट सेक्टर से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। इसी कड़ी में पिछले हफ्ते ही सरकार ने फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए E85 ईंधन पेश किया था। दिल्ली में E85 फ्यूल की कीमत ₹82.12 प्रति लीटर तय की गई है। यह दिल्ली में बिक रहे रेगुलर E20 पेट्रोल से पूरे ₹20 कम है। यह ईंधन एक ऐसा मिश्रण है जिसमें 85% तक इथेनॉल और 15% पेट्रोल मिलाया जाता है। अब 100% इथेनॉल को मंजूरी मिलने से देश में ग्रीन एनर्जी और बायोफ्यूल के सेक्टर में एक नया चैप्टर शुरू हो गया है। अभी बाजार में 4 तरह के फ्लेक्स-फ्यूल बिक रहे हैं। सिर्फ इन चुनिंदा गाड़ियों में इस्तेमाल किया जा सकेगा E85 फ्यूल को सामान्य पेट्रोल गाड़ियों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। इसके लिए गाड़ियों का इंजन खास तौर पर ‘फ्लेक्स-फ्यूल’ तकनीक पर आधारित होना चाहिए। मारुति सुजुकी वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल: यह भारत की पहली पैसेंजर कार है, जिसे E100 (100% एथेनॉल) तक के ब्लेंड पर चलने के लिए तैयार किया गया है, जो E85 के लिए पूरी तरह सही है। हीरो स्प्लेंडर+ और HF डीलक्स: हीरो मोटोकॉर्प ने देश के मास-मार्केट 100cc सेगमेंट में पहली फ्लेक्स-फ्यूल मोटरसाइकिल पेश की है। ये बाइक्स E20 से लेकर E85 तक के फ्यूल पर चल सकती हैं और दिल्ली और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में जुलाई 2026 से इनकी बिक्री शुरू होगी। सुजुकी जिक्सर SF: यह बाइक भी इस सूची में शामिल है जो हाई-एथेनॉल फ्यूल को सपोर्ट करती है।

‘बागी टीएमसी सांसद बीजेपी में शामिल होना चाहते हैं, लेकिन दरवाजे बंद हैं’: शांतनु ठाकुर, जब तृणमूल ने ऑपरेशन लोटस का नारा दिया | भारत समाचार

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आखरी अपडेट:14 जून, 2026, 10:58 IST वरिष्ठ टीएमसी नेता और छह बार के सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय की शनिवार को दिल्ली में भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव से मुलाकात के बाद राजनीतिक अनिश्चितता तेज हो गई। शांतनु ठाकुर ने भविष्यवाणी की कि विद्रोही खेमा गति पकड़ रहा है और टीएमसी का अंत हो जाएगा तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर बढ़ते संकट के बीच, केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने शनिवार को दावा किया कि पार्टी का भविष्य संदेह में है क्योंकि इसके सांसदों और विधायकों के बीच विद्रोह फैल रहा है। ठाकुर ने कहा, ”आने वाले समय में टीएमसी पार्टी नहीं रहेगी.” कथित तौर पर राजनीतिक विकल्प तलाश रहे नेताओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “ये लोग भाजपा में शामिल होना चाहते हैं, लेकिन भाजपा के दरवाजे बंद हैं।” टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के आवास पर पुलिस कार्रवाई पर टिप्पणी करते हुए ठाकुर ने कहा, “जो भी नकारात्मक कार्रवाई हुई है, ईडी उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी।” सुदीप बंद्योपाध्याय ने दिल्ली में बीजेपी नेता से की मुलाकात वरिष्ठ टीएमसी नेता और छह बार के सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय की शनिवार को दिल्ली में भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव से मुलाकात के बाद राजनीतिक अनिश्चितता तेज हो गई। बैठक के दौरान बंद्योपाध्याय के साथ असंतुष्ट सांसद शताब्दी रॉय भी थीं। इस बैठक से अटकलें तेज हो गई हैं कि एक और लोकसभा सांसद उस विद्रोही समूह में शामिल हो सकता है जो टीएमसी नेतृत्व को चुनौती दे रहा है। यह घटनाक्रम सोमवार को असंतुष्ट सांसदों और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के बीच संभावित बैठक से पहले आया है, जहां उनके एक अलग संसदीय समूह के रूप में मान्यता मांगने की उम्मीद है। टीएमसी ने पार्टी पदों में फेरबदल किया दिल्ली में बैठक के कुछ घंटों बाद टीएमसी ने बंद्योपाध्याय को उत्तरी कोलकाता संगठनात्मक जिला अध्यक्ष पद से हटा दिया. उनकी जगह पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल घोष ने ली। पार्टी ने टीएमसी सांसद सायोनी घोष को राज्य युवा कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटा दिया और उनकी जगह अर्नब बनर्जी को नियुक्त किया। पार्टी के लिए एक और झटका में, पूर्व मंत्री मानस रंजन भुनिया ने देर रात टीएमसी से इस्तीफा दे दिया। संकट पर प्रतिक्रिया देते हुए, टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा, “यह बीजेपी के चल रहे ऑपरेशन लोटस का हिस्सा है। उन्होंने टीएमसी के लोगों को प्रलोभन दिया और धमकाया। जो कमजोर हैं – जिनमें सिद्धांतों की कमी है या जिनके दृढ़ विश्वास ठोस नहीं हैं – वे चले गए हैं। बीजेपी का ‘ऑपरेशन लोटस’ – जो भारतीय लोकतंत्र के खिलाफ जाता है – को कुछ सफलता मिली है… उनमें (बागी सांसदों) विश्वास की कमी है, यही कारण है कि वे जा रहे हैं। मुझे नहीं पता कि बीजेपी उन्हें शामिल करेगी या नहीं। कुछ भी नहीं है। अभी तक निर्णय नहीं लिया गया है। वे कह रहे हैं कि वे एक अलग गुट में बैठेंगे।” बागी टीएमसी खेमे की निगाहें मान्यता पर हाल ही में विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद विद्रोह में तेजी आ गई। कई नेताओं ने दावा किया है कि पार्टी के भीतर उनकी राय और सुझावों को नजरअंदाज किया गया। उनमें से कई लोगों ने इस स्थिति के लिए अभिषेक बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया है। घटनाक्रम से परिचित एक व्यक्ति के अनुसार, बागी सांसद “असली टीएमसी” के रूप में मान्यता पाने के लिए संसद और विधानसभा दोनों में अपनी ताकत पर भरोसा कर रहे हैं। व्यक्ति ने कहा, “बागी सांसद असली टीएमसी के रूप में पहचाने जाने का दावा पेश करने के लिए विधानसभा और संसद दोनों में अपनी विधायी ताकत पर भरोसा कर रहे हैं। बेशक, अध्यक्ष का निर्णय अंतिम होगा।” विद्रोही समूह के रविवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से भी मिलने की उम्मीद है। आंकड़ों से ममता बनर्जी पर दबाव बढ़ गया है कथित तौर पर विद्रोही कदम का समर्थन करने वाले 19 सांसदों द्वारा 18 मई को लिखे एक पत्र पर हस्ताक्षर किए गए हैं। सूची में क्रमांक 1 से 20 तक हैं, लेकिन क्रमांक 13 के सामने कोई हस्ताक्षर नहीं है। यह स्पष्ट नहीं है कि बंद्योपाध्याय ने पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं या नहीं और वह 20वें हस्ताक्षरकर्ता बन सकते हैं। लोकसभा में फिलहाल अभिषेक बनर्जी समेत टीएमसी के 28 सांसद हैं। इनमें से 19 सांसद कथित तौर पर एक अलग संसदीय समूह के रूप में मान्यता पाने के लिए एक साथ आए हैं। संकट पश्चिम बंगाल विधानसभा में भी फैल गया है, जहां रीताब्रत बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी के 80 विधायकों में से 64 ने सोवनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष के नेता के रूप में नियुक्त करने के ममता बनर्जी के फैसले के खिलाफ विद्रोह कर दिया है। सुखेंदु शेखर रे, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाइक के इस्तीफे के बाद राज्यसभा में टीएमसी की ताकत 13 से घटकर 10 हो गई है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में शुद्धान्त पात्र आठ साल के अनुभव के साथ एक अनुभवी पत्रकार, शुद्धंता पात्रा, सीएनएन न्यूज़ 18 में वरिष्ठ उप-संपादक के रूप में कार्यरत हैं। राष्ट्रीय राजनीति, भू-राजनीति, व्यावसायिक समाचारों में विशेषज्ञता के साथ, उन्होंने प्रभावित किया है…और पढ़ें जगह : दिल्ली, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया ‘बागी टीएमसी सांसद बीजेपी में शामिल होना चाहते हैं, लेकिन दरवाजे बंद हैं’: शांतनु ठाकुर, जब तृणमूल ने ऑपरेशन लोटस का नारा दिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)टीएमसी(टी)तृणमूल(टी)तृणमूल संकट(टी)टीएमसी संकट(टी)ममता बनर्जी(टी)टीएमसी विद्रोह(टी)तृणमूल कांग्रेस संकट(टी)शांतनु 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