अमिताभ बच्चन ने परीक्षा में की थी चीटिंग:अक्षय कुमार के सवाल पर बोले- थोड़ी चीटिंग की थी, एक्टर ने जोड़ लिए हाथ

टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) के अपकमिंग एपिसोड में अक्षय कुमार और सैफ अली खान हॉटसीट पर नजर आएंगे। एपिसोड में अक्षय ने होस्ट अमिताभ बच्चन से पूछा कि क्या उन्होंने कभी परीक्षा में चीटिंग की है। जिसके बाद अमिताभ ने जवाब दिया कि उन्होंने भी थोड़ी-बहुत चीटिंग की है। दरअसल, शो के सामने आए प्रोमो में अक्षय कुमार अमिताभ बच्चन से मजेदार सवाल करते दिखाई दे रहे हैं। बातचीत के दौरान परीक्षा में पास होने की बात छिड़ती है। अमिताभ ने अक्षय से पूछा कि इतनी बदमाशी करने के बावजूद वह इम्तिहान कैसे पास करते थे। इस पर अक्षय ने स्वीकार किया कि वह चीटिंग करके पास होते थे। इसके बाद अक्षय ने अमिताभ से भी पूछ लिया कि क्या उन्होंने कभी चीटिंग की है। अमिताभ ने जवाब दिया, “सच बात तो यह है कि मैंने भी थोड़ी-बहुत चीटिंग की है।” बिग बी का यह जवाब सुनकर अक्षय ने हाथ जोड़ लिए और दर्शकों से कहा कि यह गलत बात है, इसलिए ऐसे जवाब पर ताली न बजाएं। B.Sc के पेपर में अमिताभ बच्चन फेल हो गए थे इससे पहले साल 2023 में KBC पर ही अमिताभ बच्चन ने बताया था कि B.Sc के पेपर में वो फेल हो गए थे। बिग बी ने कहा था कि ग्रेजुएशन में उन्होंने गलत सब्जेक्ट का चुनाव कर लिया था, जिस कारण उन्हें ये दिक्कत हुई। अमिताभ बच्चन ने कहा था कि उन्होंने B.Sc में एडमिशन लिया था। बाद में ये सब्जेक्ट लेने पर उन्हें बहुत पछतावा हुआ। ये उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं था। 3 साल तक इस सब्जेक्ट को उन्होंने एक बोझ की तरह झेला। खासतौर पर फिजिक्स उन्हें बिल्कुल भी समझ नहीं आती थी। जिस कारण उनके मन में डर सा बैठ गया था। जब पेपर होने को 2 महीने बचे थे, तब उन्होंने किसी तरह सब कुछ बस रट लिया था। हालांकि, उनका ये रटा काम नहीं आया और फिजिक्स में फेल हो गए। इस कारण उन्हें दोबारा से एग्जाम देना पड़ा, पर इस बार वो सारे सब्जेक्ट में पास हो गए थे। अमिताभ ने पूछा, करीना उन्हें रिश्ते में क्या कहेंगी? इस एपिसोड में अमिताभ बच्चन ने सैफ अली खान से उनके पारिवारिक रिश्ते को लेकर बात की। अमिताभ ने सैफ से कहा, “बहुत से लोगों को नहीं पता कि ये हमारे रिश्ते में हैं।” यह सुनकर सैफ हैरान हुए और उन्होंने पूछा, “मैं?” अमिताभ ने इसके बाद कपूर और नंदा परिवार के जरिए दोनों परिवारों के जुड़ाव की जानकारी दी। शो पर अमिताभ ने यह कनेक्शन समझाते हुए कहा, “राज कपूर की बेटी रितु का बेटा निखिल मेरी बेटी श्वेता से शादीशुदा है।” इसके बाद अमिताभ ने मजाकिया अंदाज में सैफ से पूछा कि करीना उन्हें क्या कहेंगी? इस पर सैफ ने कहा कि भगवान का शुक्र है कि यह सवाल शो में नहीं है। कपूर-नंदा परिवार से जुड़ा रिश्ता अमिताभ बच्चन की बेटी श्वेता बच्चन की शादी निखिल नंदा से हुई है। निखिल की मां रितु नंदा, फिल्ममेकर राज कपूर की बेटी हैं। राज कपूर, करीना कपूर के दादा थे। करीना राज कपूर के बड़े बेटे रणधीर कपूर की बेटी हैं। इस वजह से निखिल नंदा और करीना कपूर कजिन हैं। सैफ अली खान की शादी करीना से हुई है, इसलिए बच्चन परिवार से उनका सीधा रिश्ता (जैसे चाचा-भतीजी, मामा-भांजी आदि) नहीं है, बल्कि शादी के जरिए जुड़ा है। सैफ अली खान और अक्षय कुमार की अपकमिंग फिल्म ‘हैवान’ की बात करें तो यह फिल्म प्रियदर्शन की 2016 में रिलीज हुई मलयालम फिल्म ‘ओप्पम’ का रीमेक है, जिसमें मोहनलाल मुख्य भूमिका में थे। फिल्म में बोमन ईरानी, श्रिया पिलगांवकर, सैयामी खेर, राजपाल यादव, शारिब हाशमी, राजेश शर्मा और मनोज जोशी भी अहम भूमिकाओं में हैं। …………….. यह खबर भी पढ़ें… दाऊद इब्राहिम ने ऋषि कपूर को चाय पर बुलाया था: रोल्स रॉयस भेजी थी, फिल्म ‘तवायफ’ में दाऊद नाम रखने की भी तारीफ की थी दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर की आज 74वीं बर्थ एनिवर्सरी है। ऋषि कपूर ने अपनी किताब ‘खुल्लम खुल्ला’ में जिंदगी से जुड़े कई किस्से साझा किए थे। किताब में उन्होंने दाऊद इब्राहिम से दुबई में 2 बार हुई मुलाकात का जिक्र भी किया था। इंडिया टुडे टीवी को दिए इंटरव्यू में भी ऋषि कपूर ने दाऊद से हुई पहली मुलाकात को लेकर कई बातें शेयर की थीं। उन्होंने बताया था कि 1988 में वह आर.डी. बर्मन, आशा भोसले और बिट्टू आनंद के साथ शो के लिए दुबई पहुंचे थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…
बिग बॉस 20 का घर बना ‘हाउस ऑफ इल्यूजन’:गार्डन में शार्क से लेकर बेडरूम में बिच्छू तक, हर कोना सुनाएगा नई कहानी

‘बिग बॉस 20’ का घर इस बार सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि एक अलग ही दुनिया नजर आ रहा है। शो की थीम ‘हाउस ऑफ इल्यूजन’ और ‘ड्युअलिटी’ को ध्यान में रखते हुए घर के हर हिस्से को अलग अंदाज में डिजाइन किया गया है। गार्डन में जानवरों और पक्षियों की आकृतियां, दीवारों पर कई आंखें, तालाब में शार्क, पेड़ पर सांप और एक अलग जिम एरिया नजर आता है। ड्राइंग रूम से लेकर किचन, डाइनिंग एरिया और बेडरूम तक हर जगह कोई न कोई कहानी छिपी है। इस बार घर को डिजाइन किया है वर्षा जैन ने। इसे तैयार करने में करीब डेढ़ महीने तक रोजाना 100 से ज्यादा लोग दिन-रात काम करते रहे। गार्डन में कदम रखते ही दिखेगा ‘अलग संसार’ बिग बॉस के घर में प्रवेश करते ही सबसे पहले गार्डन एरिया नजर आता है। यहां दीवारों पर अलग-अलग जानवरों और पक्षियों की बड़ी-बड़ी आकृतियां बनाई गई हैं। एक तरफ गोरिल्ला नजर आता है तो दूसरी ओर ईगल की आकृति खास ध्यान खींचती है। बिग बॉस के हाथ पर बना ईगल भी इस डिजाइन का हिस्सा है। इसका शो की कहानी से क्या कनेक्शन है, यह आने वाले एपिसोड में सामने आएगा। गार्डन के एक हिस्से में पेड़ पर खतरनाक सांप की आकृति बनाई गई है। वहीं एक विचित्र प्राणी को कैंप लगाए हुए दिखाया गया है। यानी घर के बाहर का हिस्सा भी सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि शो की थीम का हिस्सा है। स्विमिंग पूल में इस बार दिखेगी शार्क गार्डन का स्विमिंग पूल भी इस बार पहले जैसा सामान्य नहीं है। पानी के बीच शार्क की आकृति इसे बिल्कुल अलग लुक देती है। साफ पानी के बीच नजर आती शार्क घर के ‘इल्यूजन’ वाले कॉन्सेप्ट को और मजबूत करती है। गार्डन में कंटेस्टेंट्स के लिए छोटा जिम गार्डन एरिया में ही कंटेस्टेंट्स के लिए जिम बनाया गया है। यहां वे एक्सरसाइज और फिटनेस पर ध्यान दे सकेंगे। यानी घर के अंदर होने वाले तनाव और गेम के बीच फिटनेस के लिए भी अलग जगह रखी गई है। ड्राइंग रूम में हर चीज बताएगी अपनी कहानी गार्डन से आगे बढ़ते ही घर का ड्राइंग और लिविंग एरिया आता है। घर का हर हिस्सा अलग नजर आता है, लेकिन सभी हिस्से एक ही थीम से जुड़े हुए हैं। बेडरूम, किचन, लिविंग एरिया और टेरेस के रंग और कॉन्सेप्ट अलग रखे गए हैं, लेकिन ओवरऑल थीम एक ही है। यही वजह है कि एक कमरे से दूसरे कमरे में जाते ही दर्शकों को अलग दुनिया का एहसास होगा। दीवारों पर बनी आंखें देंगी ‘हर चीज देखे जाने’ का एहसास घर की कुछ दीवारों पर बड़ी संख्या में आंखों की आकृतियां बनाई गई हैं। इनका मतलब भी सीधा है- घर के अंदर कुछ भी छिपा नहीं है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। यह डिजाइन बिग बॉस के उस मूल कॉन्सेप्ट को भी दर्शाता है, जिसमें कंटेस्टेंट्स लगातार कैमरों की निगरानी में रहते हैं। किचन में खाना कम, गॉसिप और झगड़े ज्यादा! अब पहुंचते हैं बिग बॉस के सबसे चर्चित हिस्सों में से एक- किचन एरिया में। यहां खाना बनाने के साथ-साथ गॉसिप, बहस और लड़ाई-झगड़े भी खूब होते हैं। इस बार किचन का लुक भी थीम के मुताबिक रखा गया है। फिलहाल यहां नजर आने वाली कुछ चीजें असली नहीं, बल्कि सेट का हिस्सा हैं। किचन से आगे बढ़ते ही डाइनिंग एरिया आता है। डाइनिंग टेबल पर खाने से ज्यादा होंगी बातें बिग बॉस के घर की डाइनिंग टेबल सिर्फ खाना खाने की जगह नहीं होती। यहां कंटेस्टेंट्स बैठकर एक-दूसरे से बातें करते हैं, रणनीतियां बनाते हैं और कई बार छोटी-सी बात बड़े विवाद में बदल जाती है। यही वजह है कि इस घर में डाइनिंग एरिया भी कहानी का अहम हिस्सा नजर आता है। बेडरूम में मधुमक्खी, बिच्छू और रंग-बिरंगी तितलियां घर का बेडरूम इस बार सबसे ज्यादा रहस्यमयी हिस्सों में से एक है। यहां दीवारों और आसपास के डिजाइन में मधुमक्खी, बिच्छू, छिपकली और रंग-बिरंगी तितलियों की आकृतियां नजर आती हैं। डिजाइन को इस तरह तैयार किया गया है कि रात में सोने वाला कंटेस्टेंट भी इस अजीबोगरीब दुनिया के बीच खुद को महसूस करे। बिच्छू और सांप जैसी आकृतियां जहां खतरे का संकेत देती हैं, वहीं तितलियां सपनों और कल्पना की दुनिया का एहसास कराती हैं। समुद्र में डूबती कश्ती भी डिजाइन का हिस्सा बेडरूम के एक हिस्से में पेड़ के पीछे समुद्र और डूबती हुई कश्ती का दृश्य दिखाई देता है। ऐसा लगता है जैसे समुद्र में कोई नाव डूब रही हो और उसमें मौजूद लोग मुश्किल में हों। यह पूरा सेटअप ‘हाउस ऑफ इल्यूजन’ की थीम को आगे बढ़ाता है, जहां वास्तविक और काल्पनिक दुनिया के बीच की सीमा धुंधली नजर आती है। ऑक्टोपस चेस खेलेगा, जानवर भी देंगे संकेत घर में कई ऐसी चीजें रखी गई हैं, जो सामान्य दुनिया में संभव नहीं लगतीं। उदाहरण के तौर पर एक ऑक्टोपस को चेस खेलते हुए दिखाया गया है। इस तरह की ‘लार्जर दैन लाइफ’ आकृतियां दर्शकों को लगातार यह एहसास कराती हैं कि वे एक सामान्य घर नहीं, बल्कि एक काल्पनिक दुनिया में प्रवेश कर चुके हैं। ‘हाउस ऑफ इल्यूजन’ और ‘ड्युअलिटी’ है पूरे डिजाइन की थीम इस बार पूरे घर का कॉन्सेप्ट ‘हाउस ऑफ इल्यूजन’ और ‘ड्युअलिटी’ पर आधारित है। गेम शो की थीम को ध्यान में रखते हुए घर के हर हिस्से को अलग बनाया गया है। यानी एक तरफ घर खूबसूरत और आकर्षक दिखाई देता है, तो दूसरी तरफ उसमें छिपे सांप, बिच्छू, आंखें और दूसरी आकृतियां एक रहस्यमयी और चुनौतीपूर्ण दुनिया का एहसास कराती हैं। डेढ़ महीने में तैयार हुआ इतना बड़ा सेट इतने बड़े सेट को तैयार करना आसान नहीं था। डिजाइनर वर्षा जैन को फिजिकल कंस्ट्रक्शन में करीब डेढ़ महीने का समय लगा। हालांकि, उससे पहले डिजाइन को अंतिम रूप देने में काफी समय लगा। बारिश के मौसम में भी करीब 100 से ज्यादा मजदूर रोजाना दिन-रात काम करते रहे, ताकि तय समय में इतना बड़ा सेट तैयार किया जा सके। इस बार घर सिर्फ घर नहीं, कहानी का हिस्सा है बिग बॉस 20 के घर को देखकर साफ नजर आता है कि इस बार डिजाइन को सिर्फ खूबसूरत बनाने पर ध्यान
बॉबी देओल स्टारर वेब सीरीज ‘आश्रम’ की जयपुर में शूटिंग:हरियाणा पुलिस टीम की हॉस्पिटल में एंट्री; प्रकाश झा ने फिल्माए सीन

बॉबी देओल स्टारर वेब सीरीज ‘आश्रम’ के चौथे सीजन ‘आश्रम 4’ की शूटिंग जयपुर में शुरू हो गई है। मानसरोवर स्थित प्रियंका हॉस्पिटल में कई सीन फिल्माए गए। प्रोड्यूसर-डायरेक्टर प्रकाश झा कलाकारों को उनके किरदार की बारीकियां समझाते नजर आए। कहानी के मुताबिक- हरियाणा पुलिस की टीम हॉस्पिटल में जांच के लिए पहुंचती है। पिंक सिटी के जवाहर सर्किल और एनआरआई क्षेत्र में भी शूटिंग की जाएगी। जल्द ही सीरीज के मेन लीड एक्टर बॉबी देओल भी जयपुर आएंगे और शूटिंग से जुड़ेंगे। ‘आश्रम 4’ में बॉबी के साथ चंदन रॉय सान्याल, अदिति पोहनकर, अक्षय ओबेरॉय, सचिन श्रॉफ, दर्शन कुमार, त्रिधा चौधरी और अनुप्रिया गोयनका भी हैं। आज हॉस्पिटल में त्रिधा चौधरी और अदिति पोहनकर पर सीन फिल्माए गए। हॉस्पिटल में शूटिंग के दौरान की देखें PHOTOS मुहूर्त के साथ शुरू हुई थी ‘आश्रम 4’ की शूटिंग ‘आश्रम’ के पिछले सीजन की शूटिंग जयपुर में की जा चुकी है। इस बार भी जयपुर को सीरीज के महत्वपूर्ण शूटिंग लोकेशन के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। शूटिंग के दौरान कलाकारों और क्रू की मौजूदगी से शहर में फिल्म और वेब सीरीज को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। हाल में मेकर्स ने जयपुर में हुई मुहूर्त सेरेमनी की फोटो सोशल मीडिया पर शेयर कर ‘आश्रम 4’ की शूटिंग शुरू होने का एलान किया था। तस्वीर में टेबल पर रखा क्लैपरबोर्ड नजर आया, जिस पर ‘एक बदनाम आश्रम’ लिखा था। पोस्ट के साथ मेकर्स ने नए अध्याय की शुरुआत का संकेत देते हुए ‘जपनाम’ के साथ शूटिंग शुरू होने की जानकारी साझा की थी। सीरीज के चौथे सीजन को लेकर दर्शकों में पहले से ही खासा उत्साह है। पिछले सीजन्स में बाबा निराला के साम्राज्य, उसके प्रभाव और उससे जुड़े अपराधों की कहानी ने दर्शकों को बांधे रखा था। बाबा निराला के किरदार में फिर दिखेंगे बॉबी देओल प्रकाश झा के निर्देशन में बनी ‘आश्रम’ में बॉबी देओल ने काशीपुर वाले बाबा निराला का किरदार निभाया है। बाबा निराला खुद को भगवान का दूत बताकर लोगों की आस्था का फायदा उठाता है और धीरे-धीरे राजनीति, अपराध और अंधविश्वास के सहारे अपना प्रभावशाली साम्राज्य खड़ा करता है। सीरीज में उसके बढ़ते प्रभाव के साथ उसके साम्राज्य से जुड़े कई काले राज और अपराध सामने आते हैं। चौथे सीजन में कहानी आगे किस मोड़ पर जाएगी, इसे लेकर दर्शकों में काफी उत्सुकता है। प्रकाश झा ने हॉस्पिटल में शुरू की नई स्वास्थ्य सुविधाएं ‘आश्रम 4’ की शूटिंग के दौरान प्रकाश झा ने मानसरोवर स्थित प्रियंका हॉस्पिटल एंड कार्डियक सेंटर में टोटल नी रिप्लेसमेंट यूनिट और नियोनेटल इंसेंटिव केयर यूनिट का भी उद्घाटन किया। उद्घाटन के दौरान प्रकाश झा ने अस्पताल प्रबंधन की इस पहल की सराहना की। झा ने कहा कि आमजन तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना समाज के लिए महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम है। प्रियंका हॉस्पिटल के चेयरमैन और सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. जी.एल. शर्मा ने प्रकाश झा का आभार जताया।
भारत यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में मदद के लिए तैयार:विदेश मंत्री जयशंकर कीव में बोले- जरूरत पड़ने पर मध्यस्थता करेंगे,

केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में मदद के लिए तैयार है। उन्होंने जरूरत पड़ने पर मध्यस्थता करने की भी पेशकश की है। जयशंकर ने यह बात गुरुवार को कीव दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कही। वे यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के साथ मौजूद थे। जयशंकर और एंड्री सिबिहा के बीच ब्लैक सी में कमर्शियल शिपिंग पर हो रहे हमलों को लेकर भी चर्चा हुई। जयशंकर के यूक्रेन दौरे की तस्वीरें… यूक्रेनी विदेश मंत्री बोले- रूसी हमलों के बीच जयशंकर का दौरा अहम यूक्रेन के विदेश मंत्री ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर का कीव पहुंचने पर स्वागत किया। उन्होंने इसे भारतीय विदेश मंत्री की यूक्रेन की पहली खास द्विपक्षीय यात्रा बताया। उन्होंने कहा कि रूस लगातार यूक्रेनी शहरों, बंदरगाहों और नागरिक जहाजों पर हमले कर रहा है। ऐसे हालात में जयशंकर का कीव दौरा अहम है। दोनों नेताओं ने ब्लैक सी में जहाजों की आवाजाही फिर से सामान्य करने और दुनिया की खाद्य सुरक्षा पर चर्चा की। यूक्रेनी विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के युद्ध खत्म करने के लिए कूटनीति और बातचीत वाले रुख का स्वागत किया। बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर, फार्मा, टेक्नोलॉजी और डिजिटल सेक्टर में भारत-यूक्रेन सहयोग बढ़ाने पर भी बात हुई। दोनों देश अगली अंतर-सरकारी आयोग की बैठक कराने पर भी सहमत हुए। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
जयशंकर बोले-भारत यूक्रेन जंग खत्म कराने में मदद को तैयार:कहा- जरूरत पड़ी तो मध्यस्थता करेंगे; ब्लैक सी में नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया

केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में मदद के लिए तैयार है। उन्होंने जरूरत पड़ने पर मध्यस्थता करने की भी पेशकश की है। जयशंकर ने यह बात गुरुवार को कीव दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कही। वे यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के साथ मौजूद थे। जयशंकर ने ब्लैक सी में भारतीयों समेत सभी नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत पर भी जोर दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि युद्ध का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए निकाला जाना चाहिए। ब्लैक सी दुनिया के प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। रूस और यूक्रेन से गेहूं, मक्का और सूरजमुखी तेल का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से दुनिया के दूसरे देशों तक पहुंचता है। जयशंकर के यूक्रेन दौरे की तस्वीरें… यूक्रेन बोला- रूसी हमलों के बीच जयशंकर का दौरा अहम यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने जयशंकर के कीव दौरे को अहम बताया। उन्होंने कहा कि रूसी हमलों के बीच भारतीय विदेश मंत्री की यह यात्रा खास मायने रखती है। सिबिहा ने कहा कि रूस लगातार यूक्रेनी शहरों, बंदरगाहों और नागरिक जहाजों को निशाना बना रहा है। दोनों नेताओं ने ब्लैक सी में जहाजों की आवाजाही सामान्य करने और इससे जुड़ी वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर भी चर्चा की। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के उस रुख का भी स्वागत किया, जिसमें भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के जरिए युद्ध खत्म करने की बात कहता रहा है। दोनों देश अगली अंतर-सरकारी आयोग की बैठक कराने पर भी सहमत हुए। दोनों नेताओं के बीच इंफ्रास्ट्रक्चर, फार्मा, टेक्नोलॉजी और डिजिटल सेक्टर में भारत-यूक्रेन के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी बात हुई। जयशंकर 3 से 5 सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड दौरे पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर 3 से 5 सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड की आधिकारिक यात्रा पर हैं। यूक्रेन के बाद वे पोलैंड जाएंगे, जहां उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की से द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस यात्रा का मकसद दोनों देशों के साथ भारत के रिश्तों को और मजबूत करना है। इस दौरान क्षेत्रीय हालात और आपसी हितों से जुड़े दूसरे अहम मुद्दों पर भी चर्चा होगी। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
अमेरिकी महिलाओं का वोटिंग पैटर्न:महिलाएं कहती हैं कि राजनीति में रुचि नहीं, पर ट्रम्प की जीत में बड़ा योगदान

अमेरिका में अगर महिलाओं से राजनीति के बारे में पूछें, तो उनमें से कई यही कहेंगी कि वे राजनीति में बिल्कुल भी दिलचस्पी नहीं रखतीं। फिर भी, 1970 के दशक से शुरू होकर रिपब्लिकन पार्टी के भीतर उनके वोट की ताकत एक अलग ही कहानी बयां करती है। 2024 के चुनाव में लगभग दो-तिहाई महिलाओं ने डोनाल्ड ट्रम्प के पक्ष में मतदान किया। ये अमेरिका के कुल वोटरों का 37% हिस्सा हैं और इनमें से 68% खुद को ईसाई मानती हैं। वहीं, श्वेत इवेंजेलिकल (एक धार्मिक समूह) महिलाओं में से 80% से अधिक ने ट्रम्प को वोट दिया। इसके उलट, खुद को किसी भी धर्म से न जोड़ने वाली लगभग 80% श्वेत महिलाओं ने 2024 में कमला हैरिस को वोट दिया। अमेरिका में महिलाओं की राजनीति को किसी एक मुद्दे तक सीमित नहीं किया जा सकता। बल्कि, उनके मतदान के तरीके एक तरह के सांस्कृतिक नजरिए को दर्शाते हैं। महिलाओं की राजनीतिक पसंद केवल नेताओं के भाषणों से तय नहीं होती। वे जो किताबें पढ़ती हैं, घर में जो सामान रखती हैं और रोजमर्रा के जो कंटेंट देखती हैं, उसका भी उनकी सोच और वोट पर गहरा असर पड़ता है। आम धारणा यह है कि गर्भपात का विरोध ईसाई महिलाओं को रिपब्लिकन पार्टी को वोट देने के लिए प्रेरित करता है, लेकिन कई सर्वे से पता चलता है कि गर्भपात का नंबर महंगाई, आप्रवासन, अपराध जैसे मुद्दों से काफी नीचे है। महिलाओं के वोट पाने की रणनीति अलग है… लंबे समय से, फूलों से सजी बाइबल स्टडी बुक्स, लोकप्रिय उपन्यास महिलाओं को सिखाते रहे हैं कि उन्हें क्या मानना चाहिए, कैसे जीना चाहिए और कैसे मतदान करना चाहिए। मीडिया और लाइफस्टाइल ब्रांड ‘द कंजर्वेटर’ की फाउंडर जेमी लीघ फ्रैंकलिन ने दक्षिणपंथी रणनीति का वर्णन किया – महिलाओं को सांस्कृतिक रूप से रूढ़िवादी नजरिए में शामिल करो, फिर ‘अमेरिका समर्थक, पश्चिमी सभ्यता समर्थक, परिवार समर्थक’ वोट हासिल करो। राजनीति की बात करने की कोई जरूरत ही नहीं है।
अमेरिका में $1 के सिक्के पर ट्रम्प की तस्वीर:250वीं वर्षगांठ पर जारी हुआ, बिक्री शुरू होने के कुछ घंटे बाद आउट ऑफ स्टॉक

अमेरिका ने अपनी 250वीं वर्षगांठ के मौके पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीर वाला $1 का खास सिक्का जारी किया है। अमेरिकी मिंट ने बुधवार दोपहर 12 बजे इसकी बिक्री शुरू की। बिक्री शुरू होने के कुछ ही घंटे बाद सिक्का आउट ऑफ स्टॉक हो गया। अमेरिकी मिंट की वेबसाइट पर दोपहर करीब 3 बजे 25 सिक्कों का रोल स्टॉक में नहीं था, जबकि 100 सिक्कों का बैग भी उपलब्ध नहीं था। सिक्के के आगे वाले हिस्से पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का पोर्ट्रेट है। इसके साथ ‘IN GOD WE TRUST’ और ‘LIBERTY’ लिखा है। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति की आधिकारिक मुहर और अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के प्रतीक के तौर पर ‘250’ लिखा गया है। 25 सिक्कों के रोल की कीमत 61 डॉलर अमेरिकी मिंट के मुताबिक, 25 सिक्कों के एक रोल की कीमत 61 डॉलर और 100 सिक्कों के एक बैग की कीमत 154.50 डॉलर है। बिक्री शुरू होने के करीब आधे घंटे बाद वेबसाइट पर ग्राहकों को वेटिंग एरिया में भेजा गया। उन्हें करीब 1 घंटे का इंतजार बताया गया। गुरुवार दोपहर 2 बजे तक एक परिवार अधिकतम 2 खरीदारी कर सकता था। अमेरिकी मिंट ने बताया कि 2.5 लाख सिक्कों को खास ‘4 जुलाई’ प्रिवी मार्क के साथ रैंडम तरीके से रोल और बैग में शामिल किया गया है। इन सिक्कों पर यह निशान 4 जुलाई को बनाया गया था। अमेरिका में 4 जुलाई को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। 1926 के बाद पहली बार जीवित राष्ट्रपति की तस्वीर अमेरिकी मिंट के मुताबिक, इससे पहले किसी जीवित राष्ट्रपति की तस्वीर 1926 में सिक्के पर दिखाई गई थी। उस समय राष्ट्रपति कैल्विन कूलिज की तस्वीर अमेरिका की स्वतंत्रता की घोषणा पर हस्ताक्षर की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर जारी आधे डॉलर के सिक्के पर लगाई गई थी। अमेरिकी कानून के तहत किसी जीवित राष्ट्रपति या जीवित पूर्व राष्ट्रपति की तस्वीर सिक्के पर लगाना प्रतिबंधित है। हालांकि, अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के लिए कांग्रेस नेसर्कुलेटिंग कलेक्टिबल कॉइन रीडिजाइन एक्ट पास किया। इसके तहत ट्रेजरी को इस अवसर पर खास $1 के सिक्के जारी करने की अनुमति मिली। कानून में यह भी कहा गया है कि सिक्के के पीछे वाले हिस्से पर किसी जीवित व्यक्ति का पोर्ट्रेट नहीं हो सकता। ट्रम्प की तस्वीर सिक्के के आगे वाले हिस्से पर है, इसलिए इसे कानून के मुताबिक माना गया है।
अमेरिका में $1 के सिक्के पर ट्रम्प की तस्वीर:250वीं वर्षगांठ पर जारी हुआ, बिक्री शुरू होने के कुछ घंटे बाद आउट ऑफ स्टॉक

अमेरिका ने अपनी 250वीं वर्षगांठ के मौके पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीर वाला $1 का खास सिक्का जारी किया है। अमेरिकी मिंट ने बुधवार दोपहर 12 बजे इसकी बिक्री शुरू की। बिक्री शुरू होने के कुछ घंटे बाद ही सिक्का आउट ऑफ स्टॉक हो गया। दोपहर करीब 3 बजे अमेरिकी मिंट की वेबसाइट पर 25 सिक्कों का रोल उपलब्ध नहीं था। वहीं, 100 सिक्कों का बैग भी आउट ऑफ स्टॉक दिख रहा था। सिक्के के एक तरफ ट्रम्प की तस्वीर है। इसके साथ ‘IN GOD WE TRUST’ और ‘LIBERTY’ लिखा है। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति की मुहर और अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के लिए ‘250’ लिखा गया है। 25 सिक्कों के रोल की कीमत 61 डॉलर अमेरिकी मिंट के मुताबिक, 25 सिक्कों के रोल की कीमत 61 डॉलर और 100 सिक्कों के बैग की कीमत 154.50 डॉलर है। बिक्री शुरू होने के करीब आधे घंटे बाद ही वेबसाइट पर लोगों को वेटिंग एरिया में भेजा जाने लगा। वहां करीब 1 घंटे का वेटिंग टाइम बताया गया। गुरुवार दोपहर 2 बजे तक एक परिवार अधिकतम 2 खरीदारी कर सकता था। अमेरिकी मिंट ने बताया कि 2.5 लाख सिक्कों को खास ‘4 जुलाई’ निशान के साथ रैंडम तरीके से रोल और बैग में रखा गया है। ये सिक्के 4 जुलाई को बनाए गए थे। अमेरिका में इसी दिन स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। 1926 के बाद पहली बार जीवित राष्ट्रपति की तस्वीर अमेरिकी मिंट के मुताबिक, इससे पहले किसी जीवित राष्ट्रपति की तस्वीर 1926 में सिक्के पर दिखाई गई थी। उस समय राष्ट्रपति कैल्विन कूलिज की तस्वीर अमेरिका की स्वतंत्रता की घोषणा पर हस्ताक्षर की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर जारी आधे डॉलर के सिक्के पर लगाई गई थी। अमेरिकी कानून के तहत किसी जीवित राष्ट्रपति या जीवित पूर्व राष्ट्रपति की तस्वीर सिक्के पर लगाना प्रतिबंधित है। हालांकि, अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के लिए कांग्रेस नेसर्कुलेटिंग कलेक्टिबल कॉइन रीडिजाइन एक्ट पास किया। इसके तहत ट्रेजरी को इस अवसर पर खास $1 के सिक्के जारी करने की अनुमति मिली। कानून में यह भी कहा गया है कि सिक्के के पीछे वाले हिस्से पर किसी जीवित व्यक्ति का पोर्ट्रेट नहीं हो सकता। ट्रम्प की तस्वीर सिक्के के आगे वाले हिस्से पर है, इसलिए इसे कानून के मुताबिक माना गया है। —————————– ये खबर भी पढ़ें… नीदरलैंड्स ने अमेरिका-कनाडा से 86 टन सोना हटाकर लंदन भेजा:बैंक ऑफ इंग्लैड में रखा, कहा- संकट आने पर यहां आसानी से बेच सकेंगे नीदरलैंड्स ने अमेरिका और कनाडा में रखा अपना 86 टन सोना निकालकर लंदन भेज दिया है। डच सेंट्रल बैंक (DNB) के मुताबिक, यह ट्रांसफर मार्च से अगस्त के बीच कई महीनों में किया गया। अब यह सोना बैंक ऑफ इंग्लैंड में रखा गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
भारत की जगह चीन से महंगी बिजली खरीद रहा बांग्लादेश:दोगुनी कीमत चुका रहा, फैसले के लेकर देश में विरोध

बांग्लादेश भारत से मिलने वाली सस्ती बिजली के बावजूद चीन से महंगी बिजली खरीद रहा है। ढाका के पास अमीनबाजार में लग रहे वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट से 42 MW बिजली 25 टका यानी करीब 19.25 रुपए प्रति यूनिट की दर से खरीदी जाएगी। इसके लिए 25 साल का करार हुआ है। भारत से बांग्लादेश को करीब 11 टका यानी 8.50 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही है। चीन से मिलने वाली बिजली की कीमत भारत से दोगुने से भी ज्यादा है। 2 सितंबर को बीजिंग में हुए इस समझौते का बांग्लादेश में विरोध हो रहा है। बांग्लादेश ने भारत के 1 पैसे के चार्ज पर आपत्ति जताई थी भारत के केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (CERC) ने सीमा-पार बिजली लेनदेन और ग्रिड से जुड़े खर्च के लिए 1 पैसे प्रति यूनिट शुल्क प्रस्तावित किया था। बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड (BPDB) ने इसका विरोध किया। इसके बाद भारत ने शुल्क को घटाकर आधा पैसा प्रति यूनिट करने की बात कही। चीन के प्रोजेक्ट से कचरे की समस्या भी होगी कम अमीनबाजार का प्रोजेक्ट सिर्फ बिजली बनाने के लिए नहीं है। इसमें ढाका के कचरे का इस्तेमाल बिजली उत्पादन के लिए किया जाएगा। करीब 2.3 करोड़ आबादी वाले ढाका में रोजाना 8 हजार मीट्रिक टन कचरा निकलता है। वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट से कचरे की समस्या कम करने के साथ बिजली भी पैदा होगी। बांग्लादेश इस समय बिजली की कमी और पावर कट की समस्या से जूझ रहा है। देश के सामने विदेशी मुद्रा का संकट भी है। बांग्लादेश के पावर सेक्टर में चीन का दखल बढ़ रहा चीन बांग्लादेश के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर में अपनी भूमिका बढ़ा रहा है। वह तीस्ता नदी पर हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट समेत बिजली से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। अमीनबाजार का वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट भी इसी बढ़ती भागीदारी का हिस्सा है। चीन की योजना बांग्लादेश के रास्ते म्यांमार तक भी ऊर्जा पहुंच बढ़ाने की है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2030 तक ढाका के वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट से म्यांमार को बिजली सप्लाई करने की तैयारी है। इस तरह अमीनबाजार प्रोजेक्ट का इस्तेमाल बांग्लादेश की बिजली जरूरत के साथ क्षेत्रीय ऊर्जा कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए भी किया जाएगा। ———————– ये खबर भी पढ़ें… रूस-यूक्रेन ने ब्लैक सी में 300 जहाजों पर हमले किए:दुनिया में गेहूं-मक्का महंगा होने का खतरा; रूस का अनाज निर्यात 71% घटा रूस-यूक्रेन युद्ध में ब्लैक सी अब जंग का बड़ा मोर्चा बन गया है। पिछले करीब डेढ़ महीने में दोनों देशों ने 300 से ज्यादा जहाजों को निशाना बनाया है। पूरी खबर पढ़ें…
आतिफ असलम बोले- भारत से बेहतर है पाकिस्तान कोक स्टूडियो:पाकिस्तान के गानों में दिखता है जादू; भारतीय संगीत में कमर्शियलाइजेशन ज्यादा

पाकिस्तानी सिंगर आतिफ असलम ने भारत और पाकिस्तान के लोकप्रिय संगीत प्लेटफॉर्म ‘कोक स्टूडियो’ के बीच तुलना करते हुए पाकिस्तान कोक स्टुडियो को बेहतर बताया है। एक इंटरव्यू में आतिफ ने कहा कि कोक स्टूडियो पाकिस्तान की सफलता के पीछे उसका ‘रॉ और ओरिजनल’ संगीत है, जबकि कोक स्टूडियो इंडिया में ‘कमर्शियलाइजेशन’ (व्यावसायीकरण) ज्यादा हावी दिखता है। ‘भारतीय संगीत में कमर्शियलाइजेशन हावी’ दुबई के रेडियो स्टेशन मिर्ची यूएई को दिए इंटरव्यू में आतिफ असलम ने दोनों देशों के कोक स्टूडियो के काम करने के तरीके पर बात की। आतिफ ने कहा, दोनों ही तरफ संगीत की कंपोजिशन बेहतरीन बनाई जाती है, लेकिन भारतीय संगीत में वह रॉ-नेस गायब है जो हमारे गानों में होती है। इंडियन कोक स्टूडियो कमर्शियलाइजेशन पर बहुत ज्यादा भरोसा करता है और गानों को बाजार के हिसाब से ढालता है। इसके उलट, पाकिस्तानी कोक स्टूडियो पूरी तरह से ओरिजनल कंपोजिशन पर जोर देता है। वहां संगीतकारों के पास अपनी कला दिखाने की आजादी होती है और एक तरह से यह उनके लिए करो या मरो की स्थिति होती है, जहां वे अपनी अलग पहचान जोड़ सकते हैं। 2008 में शुरू हुआ कोक स्टूडियो पाकिस्तान कोक स्टूडियो पाकिस्तान की शुरुआत साल 2008 में हुई थी। इसके फाउंडर और प्रोड्यूसर रोहेल हयात थे। इस शो ने पारंपरिक सूफी, कव्वाली, गजल और लोक संगीत को आधुनिक वेस्टर्न इंस्ट्रूमेंट्स के साथ मिलाकर फ्यूजन म्यूजिक को एक नया मुकाम दिया। कोक स्टूडियो भारत: 2011 में हुई थी शुरुआत भारत में कोक स्टूडियो की शुरुआत साल 2011 में ‘एमटीवी कोक स्टूडियो इंडिया’ के नाम से हुई थी। शुरुआती सीजन्स में ए.आर. रहमान, अमित त्रिवेदी और क्लिंटन सेरेजो जैसे संगीतकारों ने कई बेहतरीन ओरिजनल ट्रैक्स बनाए, लेकिन बाद के सालों में यह प्लेटफॉर्म भारतीय फिल्म इंडस्ट्री और बॉलीवुड कंपोजर्स के प्रभाव में ज्यादा आ गया। भारत में बैन हुए, बोले- लोग VPN से गाने सुनते हैं इससे पहले आतिफ असलम ने भारत में लगे बैन पर बात करते हुए कहा कि लोग वीपीएन के जरिए उनका संगीत सुनते हैं और वो अपने फैंस को मिस करते हैं। यह बात उन्होंने रेडियो प्रेजेंटर क्रिस फेड के यूट्यूब चैनल पर बातचीत में कही। बातचीत में आतिफ असलम ने कहा, “मुझे भारत में बैन हुए लगभग 10 साल हो गए हैं। यह भारतीय सरकार का फैसला था। उन्होंने पाकिस्तान के कलाकारों को बैन करने का फैसला किया। भारतीय कलाकार भी पाकिस्तान में बैन हैं। पिछले 10 साल से। मैंने वहां कोई गाना रिलीज नहीं किया है।” उन्होंने भारतीय फैंस के लगातार अपने संगीत को सुनने का जिक्र करते हुए कहा कि लोग वीपीएन के जरिए उनका संगीत सुनते हैं और सीडी बनाकर दूसरों को देते हैं। उन्होंने कहा कि वह पाइरेसी को बढ़ावा नहीं देते, लेकिन संगीत जहां पहुंचना होता है, वहां पहुंच जाता है। मेरे पहले सिंगल के साथ भी ऐसा ही हुआ था। आतिफ ने भारतीय फैंस को उदास नहीं होने कहा भारतीय फैंस के लिए आतिफ ने कहा, “हां, इसे लेकर बुरा मत महसूस करो। उदास मत हो। मैं हमेशा से आप लोगों से कहना चाहता था कि मुझे आप लोगों की याद आती है। मुझे वहां काम करने की याद नहीं आती, लेकिन आप लोगों की याद आती है।” आतिफ ने आगे कहा कि मैंने प्लेबैक सिंगिंग से बहुत कुछ सीखा है। अगर यह बैन नहीं हुआ होता, तो शायद मैं अपना खुद का म्यूजिक नहीं बना पाता। इसलिए इसके लिए भी मैं आप लोगों का शुक्रिया अदा करता हूं। पाकिस्तानी कलाकारों पर क्यों लगा था बैन सितंबर 2016 में उरी आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था। इसी दौरान इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) ने अपने निर्माता सदस्यों को भारत-पाकिस्तान के रिश्ते सामान्य होने तक पाकिस्तानी कलाकारों और तकनीशियनों को काम न देने का निर्देश दिया था। हालांकि, 2016 के बाद भी कई बॉलीवुड फिल्मों में आतिफ असलम के गाने आए। 2017 में फिल्म ‘टाइगर जिंदा है’ का ‘दिल दियां गल्लां’, ‘राब्ता’ का ‘दरअसल’, ‘ट्यूबलाइट’ का ‘मैं अगर’ और ‘करीब करीब सिंगल’ का ‘जाने दे’ रिलीज हुआ। वहीं, 2018 में ‘बागी 2’ का ‘ओ साथी’, ‘सत्यमेव जयते’ का ‘पानियों सा’, ‘लवयात्री’ का ‘तेरा हुआ’ और ‘जीनियस’ का ‘दिल मेरी ना सुने’ गाना रिलीज हुआ। वहीं, मार्च 2019 के बाद से उनका कोई गाना बॉलीवुड फिल्मों में रिलीज नहीं हुआ। गौरतलब है कि फरवरी 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के कुछ दिनों बाद ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने भी भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में पाकिस्तानी एक्टर्स और कलाकारों पर पूरी तरह बैन की घोषणा की थी। इस हमले में 40 CRPF जवानों की जान गई थी। 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा। इसके बाद भारत सरकार ने पाकिस्तानी फिल्मों, वेब सीरीज, गानों और पॉडकास्ट पर रोक लगा दी। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने IT रूल्स 2021 के तहत OTT और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स से पाकिस्तानी कंटेंट हटाने का आदेश दिया। इसके अलावा कई पाकिस्तानी कलाकारों के सोशल मीडिया अकाउंट्स भी भारत में अस्थायी रूप से ब्लॉक किए गए। इनमें माहिरा खान और हानिया आमिर जैसे कलाकार शामिल थे।








