Monday, 09 Nov 2026 | 12:17 AM

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फ्लाईदुबई विमान में कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी:'नीरजा’ से ‘बेल बॉटम’ तक प्लेन हाईजैक और संकट पर बनी 10 फिल्में

फ्लाईदुबई विमान में कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी:'नीरजा’ से ‘बेल बॉटम’ तक प्लेन हाईजैक और संकट पर बनी 10 फिल्में

30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में बड़ा संकट पैदा हो गया। दुबई से तेल अवीव जा रहे बोइंग 737 MAX 8 के कॉकपिट में को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया। विमान में 174 यात्री और 8 क्रू मेंबर सवार थे। हमले के बाद विमान तेजी से नीचे आने लगा और करीब 30 सेकंड में 14 हजार फीट की ऊंचाई खो बैठा। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा अनलॉक किया। यात्रियों ने हमलावर को काबू किया। दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान संभाला और ताबुक में सुरक्षित लैंडिंग कराई। इस घटना ने बॉलीवुड की उन फिल्मों की याद दिलाई, जिनमें विमान हाईजैक, विमान संकट और यात्रियों को बचाने की कहानियां दिखाई गई हैं। इनमें कुछ फिल्में वास्तविक घटनाओं से प्रेरित हैं, जबकि कुछ काल्पनिक कहानियों पर आधारित हैं। 1. ‘नीरजा’ 2016 की फिल्म ‘नीरजा’ में सोनम कपूर ने एयर होस्टेस नीरजा भनोट का किरदार निभाया था। फिल्म 1986 के पैन एम फ्लाइट 73 हाईजैक पर आधारित थी। नीरजा ने यात्रियों को बचाने की कोशिश में अपनी जान गंवा दी थी। उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था। 2. ‘बेल बॉटम’ अक्षय कुमार की 2021 की फिल्म ‘बेल बॉटम’ 1980 के दशक की विमान हाईजैक घटनाओं से प्रेरित स्पाई थ्रिलर थी। फिल्म में अक्षय ने RAW एजेंट का किरदार निभाया, जो हाईजैक किए गए विमान से यात्रियों को बचाने के मिशन पर जाता है। 3. ‘योद्धा’ 2024 में आई सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म ‘योद्धा’ में एक पूर्व सैनिक हाईजैक किए गए विमान में फंस जाता है। इसके बाद वह यात्रियों की जान बचाने और हमलावरों का सामना करने की कोशिश करता है। यह एक काल्पनिक एक्शन थ्रिलर थी। 4. ‘कंधार’ मलयालम फिल्म ‘कंधार’ में मोहनलाल ने मेजर महादेवन का किरदार निभाया था। फिल्म में एक यात्री विमान के हाईजैक होने के बाद बंधकों को बचाने का अभियान दिखाया गया है। इसकी कहानी 1999 के इंडियन एयरलाइंस फ्लाइट 814 हाईजैक से प्रेरित थी। 5. ‘जमीन’ अजय देवगन और अभिषेक बच्चन स्टारर ‘जमीन’ में एक विमान हाईजैक होने के बाद यात्रियों को बचाने का ऑपरेशन दिखाया गया है। यह फिल्म 1999 के IC-814 हाईजैकिंग से थोड़ी-बहुत प्रेरित थी और ऑपरेशन एंटेबे से भी प्रभावित थी। 6. ‘हाईजैक’ 2008 की फिल्म ‘हाईजैक’ में शाइनी आहूजा ने ग्राउंड मेंटेनेंस इंजीनियर विक्रम मदान का किरदार निभाया था। उनकी बेटी जिस विमान में सफर कर रही होती है, उसे आतंकवादी हाईजैक कर लेते हैं। इसके बाद विक्रम विमान में घुसकर अपनी बेटी और दूसरे यात्रियों को बचाने की कोशिश करता है। 7. ‘चोर निकल के भागा’ यामी गौतम और सनी कौशल स्टारर यह नेटफ्लिक्स थ्रिलर एक डायमंड चोरी की साजिश से शुरू होती है। इसके बाद विमान हाईजैक होने से कहानी पूरी तरह बदल जाती है। 8. ‘रनवे 34’ फिल्म ‘रनवे 34’ में अजय देवगन ने ‘कैप्टन विक्रांत खन्ना’ नाम के एक विलक्षण और आत्मविश्वासी पायलट की भूमिका निभाई है। कहानी में दिखाया गया है कि खराब मौसम और बेहद कम दृश्यता (लो विजिबिलिटी) के बीच वह जोखिम उठाकर विमान की एक ‘ब्लाइंड लैंडिंग’ करवाते हैं। इसके बाद यात्रियों की जान जोखिम में डालने के आरोप में उन पर कानूनी जांच (एविएशन इंक्वायरी) बैठती है, जिसका नेतृत्व अमिताभ बच्चन (नारायण वेदांत के रूप में) करते हैं। 9. ‘फ्लाइट’ 2012 की हॉलीवुड फिल्म ‘फ्लाइट’ में डेंजल वॉशिंगटन ने पायलट व्हिप व्हिटेकर का किरदार निभाया था। विमान में गंभीर तकनीकी खराबी आने के बाद वह इमरजेंसी लैंडिंग करता है। इसके बाद उसके फैसलों और हादसे की जांच होती है। 10. ‘एयर फोर्स वन’ 1997 में रिलीज हुई हॉलीवुड फिल्म ‘एयर फोर्स वन’ एक पॉलिटिकल एक्शन थ्रिलर थी। फिल्म का निर्देशन मशहूर जर्मन डायरेक्टर वोल्फगैंग पीटरसन ने किया था। फिल्म की कहानी में राष्ट्रपति मार्शल रूस के मॉस्को से अमेरिका लौट रहे होते हैं। इसी दौरान उनके आधिकारिक विमान ‘एयर फोर्स वन’ को रूसी नव-राष्ट्रवादी आतंकवादी हाईजैक कर लेते हैं। इन आतंकियों का नेतृत्व इगोर कोर्शुनोव करता है। हाईजैक के दौरान सुरक्षा अधिकारी राष्ट्रपति को विमान से सुरक्षित निकालने की कोशिश करते हैं। हालांकि, मार्शल विमान से बाहर निकलने के बजाय वहीं छिपे रहते हैं। वह खुद को कार्गो होल्ड में छिपा लेते हैं और आतंकियों से बचते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर देते हैं।

सलमान खान की मातृभूमि को सरकार से NOC:CBFC की मंजूरी बाकी, भारत-चीन रिश्तों को ध्यान में रखकर फिल्म में हुए कई बदलाव, जानिए क्यों अटकी फिल्म

सलमान खान की मातृभूमि को सरकार से NOC:CBFC की मंजूरी बाकी, भारत-चीन रिश्तों को ध्यान में रखकर फिल्म में हुए कई बदलाव, जानिए क्यों अटकी फिल्म

सलमान खान की फिल्म ‘मातृभूमि’ को सरकार से NOC मिल गई है। अब फिल्म को CBFC की मंजूरी का इंतजार है। भारत-चीन के बीच 2020 में हुए टकराव पर बनी इस फिल्म में कई बदलाव किए गए हैं। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी देश के सम्मान को ठेस न पहुंचे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सूचना और प्रसारण मंत्रालय (IB Ministry) को मेकर्स के दिए ‘मातृभूमि’ के नए वर्जन से कोई आपत्ति नहीं है।इसके बाद इस वॉर-ड्रामा फिल्म को NOC दे दी गई है। NOC मिलने के बाद फिल्म इस साल के आखिर में सिनेमाघरों में रिलीज हो सकती है। फिल्म की आधिकारिक रिलीज डेट अभी सामने नहीं आई है। हालांकि, सलमान खान और उनकी टीम इसे 13 नवंबर को रिलीज करने पर विचार कर रही है। उनका मानना है कि दिवाली के बाद का फेस्टिव माहौल फिल्म की रिलीज के लिए सही रहेगा। फिल्म की सेंसर प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। मेकर्स जल्द ही फिल्म को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के पास जमा करेंगे। अगर CBFC से मंजूरी मिल जाती है और यह प्रक्रिया इसी महीने पूरी हो जाती है, तो सलमान और उनकी टीम फिल्म को 13 नवंबर को रिलीज कर सकती है। NOC के बाद CBFC सर्टिफिकेट जरूरी NOC और CBFC की मंजूरी अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। मंत्रालय से NOC मिलने के बाद फिल्म CBFC के पास भेजी जाती है। CBFC से सर्टिफिकेट मिलने के बाद ही फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज के लिए पूरी तरह तैयार मानी जाती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 10 दिनों में फिल्म की स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी। ओरिजिनल वर्जन में किए गए बदलाव फिल्म जिस घटना पर आधारित है, वह चीन से तनावपूर्ण रिश्तों के बीच घटी थी, हालांकि अब चीन के साथ सुधरे रिश्तों को देखते हुए सरकार ने फिल्म के कुछ हिस्सों पर आपत्ति जताई थी। सरकार ने मेकर्स को उनमें बदलाव करने का सुझाव दिया। इसके बाद ‘मातृभूमि’ को ओरिजिनल वर्जन की तुलना में काफी बदला गया है। अब फिल्म में भारत और चीन के रिश्तों को सकारात्मक नजरिए से दिखाया जाएगा। डीटेल में जानिए क्यों बार-बार टल रही मातृभूमि, क्या है पूरा विवाद? फिल्म मातृभूमि लंबे समय से विवादों में है। फिल्म 2020 में हुई गलवान झड़प पर बनी है। पहले इसका टाइटल ही बैटल ऑफ गलवान रखा गया था। ‘बैटल ऑफ गलवान’ का ट्रेलर 27 दिसंबर को सलमान खान के जन्मदिन के मौके पर रिलीज हुआ था। ट्रेलर सामने आने के बाद चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सलमान खान की ड्रेस और हेयर स्टाइल को लेकर भी आलोचना हुई थी। चीनी एक्सपर्ट्स ने कहा था कि बॉलीवुड फिल्में मनोरंजन के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन वे इतिहास को बदल नहीं सकतीं। चीनी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने मिलिट्री एक्सपर्ट सॉन्ग झोंगपिंग के हवाले से लिखा था कि भारत में फिल्मों का इस्तेमाल देशभक्ति की भावना को बढ़ाने के लिए किया जाता है। हालांकि, उनके मुताबिक कोई भी फिल्म गलवान झड़प से जुड़े तथ्यों को नहीं बदल सकती। सॉन्ग ने दावा किया था कि पहले भारतीय सैनिकों ने सीमा पार की थी और इसके जवाब में चीनी सैनिकों ने चीनी सीमा की रक्षा की थी। आलोचना के बाद मेकर्स ने फिल्म के कुछ हिस्सों को दोबारा शूट करने का फैसला किया। करीब 40 दिनों तक री-शूट किया गया, ताकि कहानी के कुछ हिस्सों में बदलाव कर उसे ज्यादा प्रभावी बनाया जा सके। इसी वजह से फिल्म की तय रिलीज डेट आगे बढ़ा दी गई।आपत्ति उठाए जाने पर टाइटल बदलकर मातृभूमिः मे वॉर रेस्ट इन पीस कर दिया गया है। फिल्म के नाम और रिलीज में बदलाव को गलवान संघर्ष से जुड़े संवेदनशील भू-राजनीतिक मुद्दे से भी जोड़कर देखा गया। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया था कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म ‘मातृभूमि’ को सर्टिफिकेट देने पर फिलहाल रोक लगा दी है। प्रोडक्शन हाउस ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि फिल्म की सीबीएफसी सर्टिफिकेशन प्रक्रिया रुकी होने की खबरें पूरी तरह गलत और बेबुनियाद हैं। सर्टिफिकेट से जुड़े दावों के बीच सलमान खान फिल्म्स ने बयान जारी कर कहा कि फिल्म को अभी तक सेंसर बोर्ड के पास सर्टिफिकेशन के लिए भेजा ही नहीं गया। इसलिए इस तरह की रिपोर्ट्स पर भरोसा न करें। सलमान खान फिल्म्स ने मीडिया और लोगों से अपील की कि बिना पुष्टि की जानकारी न फैलाएं। फिल्म से जुड़े सभी आधिकारिक अपडेट केवल उनके ऑफिशियल प्लेटफॉर्म पर ही शेयर किए जाएंगे। फिल्म में सलमान खान मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। उनके अलावा ‘मातृभूमि’ में चित्रांगदा सिंह, अंकुर भाटिया, अभिलाष चौधरी और जेन शॉ समेत कई कलाकार नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है। सीबीएफसी कैसे काम करता है? सीबीएफसी यानी सेंसर बोर्ड के पास फिल्म के सर्टिफिकेशन के लिए अधिकतम 68 दिनों का समय होता है। पहले फिल्म के आवेदन की जांच की जाती है। इसमें एक हफ्ते का समय लगता है। इसके बाद फिल्म को जांच समिति के पास भेजा जाता है। उनके पास फिल्म की जांच के लिए 15 दिनों का समय होता है। जांच समिति फिल्म को सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष के पास भेजती है। सेंसर बोर्ड का अध्यक्ष फिल्म की जांच के लिए अधिकतम 10 दिनों का समय ले सकता है। इसके बाद 36 दिनों के भीतर सेंसर बोर्ड आवेदक को जरूरी कट्स के बारे में जानकारी और सर्टिफिकेट प्रदान करता है।

CJP के आंदोलन में शामिल हुए नसीरुद्दीन शाह:पुलिस परमिशन न मिलने के बाद भी पहुंचे, दीपके को गले लगाया; शबाना आजमी-विशाल ददलानी भी पहुंचे

CJP के आंदोलन में शामिल हुए नसीरुद्दीन शाह:पुलिस परमिशन न मिलने के बाद भी पहुंचे, दीपके को गले लगाया; शबाना आजमी-विशाल ददलानी भी पहुंचे

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित प्रदर्शन में नसीरुद्दीन शामिल हुए। पुलिस की इजाजत न मिलने के बावजूद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के इस प्रदर्शन में अभिनेत्री शबाना आजमी और संगीतकार विशाल ददलानी भी पहुंचे। शर्लिन चोपड़ा और विशाल भारद्वाज समेत कई सेलेब्स ने सरकार के खिलाफ आवाज उठाई। इन बॉलीवुड सेलेब्स की मौजूदगी से प्रदर्शन स्थल पर भीड़ जुट गई। इन कलाकारों ने वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाई और नागरिकों के विरोध करने के अधिकार का खुलकर समर्थन किया। नसीरुद्दीन शाह ने दीपके को गले लगाकर कहा शुक्रिया प्रदर्शन के दौरान अभिनेता नसीरुद्दीन शाह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस वीडियो को शेयर किया। वीडियो में नसीरुद्दीन शाह आयोजक अभिजीत को गले लगाते और धन्यवाद कहते दिख रहे हैं। अभिजीत ने बताया कि वे नसीरुद्दीन शाह के बहुत बड़े फैन हैं और उनका इस प्रदर्शन में आना किसी सपने के सच होने जैसा है। शबाना आजमी बोलीं- अधिकारों के लिए आवाज उठाना जरूरी अभिनेत्री शबाना आजमी भी प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचीं और उनका हौसला बढ़ाया। शबाना ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है। जब वोटर लिस्ट से बिना किसी कारण लोगों के नाम हटा दिए जाएं, तो जनता का विरोध करना बिल्कुल सही है। इससे पहले शबाना आजमी नीट पेपर लीक मुद्दे पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में भी शामिल हो चुकी हैं। संगीतकार विशाल ददलानी ने जताया समर्थन बॉलीवुड सिंगर विशाल ददलानी ने भी शिवाजी पार्क पहुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने सीजेपी नेता अभिजीत दीपके से मुलाकात की और उन्हें गले लगाया। विशाल ने कार्यक्रम से पहले भी सोशल मीडिया के जरिए इस प्रदर्शन का समर्थन किया था। सीजेपी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से विशाल की मौजूदगी की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए गए। वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने पर बोलीं शर्लिन चोपड़ा एक्ट्रेस शर्लिन चोपड़ा ने वोट देने के अधिकार को मौलिक अधिकार बताते हुए कहा कि लोकतंत्र की हत्या नहीं होनी चाहिए और नागरिकों से मतदान का हक नहीं छीना जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के जरिए जिन 13 करोड़ भारतीयों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, क्या यह साबित किया जा सकता है कि वे गैर-नागरिक हैं। शर्लिन ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्मान करती हैं और उन्हें पिता तुल्य मानती हैं, इसलिए एक बेटी के तौर पर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी असहमति दर्ज कराना उनका अधिकार है। उन्होंने पीएम मोदी से भारतीय नागरिकों के इस अधिकार को न छीनने की अपील की। सीजेपी की मांग और चुनाव आयोग से जुड़ा विवाद यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए किया मुंबई के शिवाजी पार्क में किया गया। सीजेपी नेता अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नीट लीक के बाद दो महीने में यह उनका दूसरा बड़ा आंदोलन है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चुनौती दी कि सरकार चाहे तो उन्हें जेल भेज सकती है। दरअसल, यह विवाद मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में गड़बड़ी को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स के बाद शुरू हुआ था।

CJP के आंदोलन में शामिल हुए नसीरुद्दीन शाह:पुलिस परमिशन न मिलने के बाद भी पहुंचे, दीपके को गले लगाया; शबाना आजमी-विशाल ददलानी भी पहुंचे

CJP के आंदोलन में शामिल हुए नसीरुद्दीन शाह:पुलिस परमिशन न मिलने के बाद भी पहुंचे, दीपके को गले लगाया; शबाना आजमी-विशाल ददलानी भी पहुंचे

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित प्रदर्शन में नसीरुद्दीन शामिल हुए। पुलिस की इजाजत न मिलने के बावजूद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के इस प्रदर्शन में अभिनेत्री शबाना आजमी और संगीतकार विशाल ददलानी भी पहुंचे। शर्लिन चोपड़ा और विशाल भारद्वाज समेत कई सेलेब्स ने सरकार के खिलाफ आवाज उठाई। इन बॉलीवुड सेलेब्स की मौजूदगी से प्रदर्शन स्थल पर भीड़ जुट गई। इन कलाकारों ने वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाई और नागरिकों के विरोध करने के अधिकार का खुलकर समर्थन किया। नसीरुद्दीन शाह ने दीपके को गले लगाकर कहा शुक्रिया प्रदर्शन के दौरान अभिनेता नसीरुद्दीन शाह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस वीडियो को शेयर किया। वीडियो में नसीरुद्दीन शाह आयोजक अभिजीत को गले लगाते और धन्यवाद कहते दिख रहे हैं। अभिजीत ने बताया कि वे नसीरुद्दीन शाह के बहुत बड़े फैन हैं और उनका इस प्रदर्शन में आना किसी सपने के सच होने जैसा है। शबाना आजमी बोलीं- अधिकारों के लिए आवाज उठाना जरूरी अभिनेत्री शबाना आजमी भी प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचीं और उनका हौसला बढ़ाया। शबाना ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है। जब वोटर लिस्ट से बिना किसी कारण लोगों के नाम हटा दिए जाएं, तो जनता का विरोध करना बिल्कुल सही है। इससे पहले शबाना आजमी नीट पेपर लीक मुद्दे पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में भी शामिल हो चुकी हैं। संगीतकार विशाल ददलानी ने जताया समर्थन बॉलीवुड सिंगर विशाल ददलानी ने भी शिवाजी पार्क पहुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने सीजेपी नेता अभिजीत दीपके से मुलाकात की और उन्हें गले लगाया। विशाल ने कार्यक्रम से पहले भी सोशल मीडिया के जरिए इस प्रदर्शन का समर्थन किया था। सीजेपी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से विशाल की मौजूदगी की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए गए। वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने पर बोलीं शर्लिन चोपड़ा एक्ट्रेस शर्लिन चोपड़ा ने वोट देने के अधिकार को मौलिक अधिकार बताते हुए कहा कि लोकतंत्र की हत्या नहीं होनी चाहिए और नागरिकों से मतदान का हक नहीं छीना जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के जरिए जिन 13 करोड़ भारतीयों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, क्या यह साबित किया जा सकता है कि वे गैर-नागरिक हैं। शर्लिन ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्मान करती हैं और उन्हें पिता तुल्य मानती हैं, इसलिए एक बेटी के तौर पर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी असहमति दर्ज कराना उनका अधिकार है। उन्होंने पीएम मोदी से भारतीय नागरिकों के इस अधिकार को न छीनने की अपील की। सीजेपी की मांग और चुनाव आयोग से जुड़ा विवाद यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए किया मुंबई के शिवाजी पार्क में किया गया। सीजेपी नेता अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नीट लीक के बाद दो महीने में यह उनका दूसरा बड़ा आंदोलन है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चुनौती दी कि सरकार चाहे तो उन्हें जेल भेज सकती है। दरअसल, यह विवाद मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में गड़बड़ी को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स के बाद शुरू हुआ था।

एक्ट्रेस नुसरत भरूचा को रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर:इंडोनेशिया के बाली में एक्सीडेंट, एयर एंबुलेंस से मुंबई लाया जा रहा, सर्जरी होगी

एक्ट्रेस नुसरत भरूचा को रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर:इंडोनेशिया के बाली में एक्सीडेंट, एयर एंबुलेंस से मुंबई लाया जा रहा, सर्जरी होगी

एक्ट्रेस नुसरत भरूचा के बाली में हुए हादसे के बाद रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया है। न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, नुसरत फिलहाल बाली के अस्पताल में भर्ती हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं। शुक्रवार को नुसरत की टीम की पब्लिसिस्ट संचिता त्रिवेदी ने बताया कि डॉक्टर आगे की जांच के बाद उनकी रीढ़ की सर्जरी करेंगे। उन्हें इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से बाली से मुंबई लाने की तैयारी की जा रही है। मुंबई पहुंचने के बाद उनकी सर्जरी होगी। टीम के मुताबिक, चोट और सर्जरी की वजह से नुसरत को आराम करने और ठीक होने में समय लगेगा। इसका असर आने वाले हफ्तों में उनकी काम से जुड़ी जिम्मेदारियों पर भी पड़ सकता है। टीम ने सभी से उनकी निजता का सम्मान करने और उन्हें इलाज पर ध्यान देने देने की अपील की है। बता दें कि हादसे से करीब एक हफ्ते पहले नुसरत ने सोशल मीडिया पर छुट्टियों की कुछ तस्वीरें शेयर की थीं। टाइगर श्रॉफ की फिल्म में एंट्री नुसरत के टाइगर श्रॉफ की अगली फिल्म की कास्ट में शामिल होने की भी खबर है। यह टाइगर और नुसरत की पहली ऑन-स्क्रीन जोड़ी होगी। एक सूत्र ने पिंकविला को बताया, “टीम को ऐसी एक्ट्रेस चाहिए थी, जो कहानी में मजबूती और भावनात्मक गहराई ला सके। नुसरत हमेशा सबसे मजबूत विकल्पों में थीं।” फिल्म में पश्मीना रोशन, अभिषेक बनर्जी और एल्विश यादव भी अहम भूमिकाओं में हैं। शूटिंग के दौरान घायल हुई थीं नुसरत साल 2023 में नुसरत भरूचा के शूटिंग के दौरान घायल होने की दो घटनाएं सामने आई थीं। अप्रैल 2023 में फिल्म ‘अकेली’ की शूटिंग के दौरान भी नुसरत हादसे का शिकार हुई थीं। एक सीन में उन्हें भागते हुए दिखाया जाना था। इसी दौरान वह संगमरमर के फर्श पर सिर के बल गिर गई थीं। हादसे के बाद वह करीब आधे घंटे तक दर्द से रोती रहीं। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें कुछ दिन आराम करने की सलाह दी थी। वहीं, जनवरी 2023 में फिल्म ‘छोरी 2’ की शूटिंग के दौरान एक एक्शन सीन करते समय उनके चेहरे पर चोट लग गई थी। चोट इतनी थी कि उन्हें चेहरे और भौंह के पास टांके लगवाने पड़े थे। इसके बाद उनका एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वह टांके लगवाती नजर आई थीं। अगस्त 2021 में शूटिंग के दौरान तबीयत बिगड़ी थी इससे पहले अगस्त 2021 में नुसरत की शूटिंग के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। वह लव रंजन की फिल्म की शूटिंग कर रही थीं। करीब 23-24 दिनों से लगातार काम करने के कारण वह काफी थक गई थीं। घटना वाले दिन उन्हें तेज चक्कर आए और वह ठीक से खड़ी या बात नहीं कर पा रही थीं। इसके बाद उन्हें मुंबई के हिंदुजा अस्पताल ले जाया गया। वहां उनका ब्लड प्रेशर 65/55 तक गिर गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद इसे गंभीर वर्टिगो अटैक बताया था। इसकी वजह ज्यादा तनाव और थकान बताई गई थी। इलाज के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। डॉक्टरों ने 15 दिन आराम की सलाह दी थी। उनकी वजह से फिल्म की शूटिंग भी रोक दी गई थी। मौलाना रजवी ने मंदिर जाने पर आपत्ति जताई थी नुसरत भरूचा पिछले साल उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर पहुंची थीं। उन्होंने महाकाल के दर्शन किए और भस्म आरती में भी शामिल हुईं। नुसरत ने मंदिर से अपनी तस्वीर भी शेयर की थी और लिखा था, ‘जय श्री महाकाल।’ इसके बाद ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने उनके मंदिर जाने और हिंदू रीति-रिवाजों का पालन करने पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने इसे शरिया कानून के खिलाफ बताते हुए ‘गुनाह-ए-अजीम’ (बड़ा पाप) कहा था और नुसरत को तौबा (माफी) करने व कलमा पढ़ने की सलाह दी थी। नुसरत मुस्लिम बोहरा परिवार से ताल्लुक रखती हैं। हालांकि, उन्होंने बताया था कि उनका परिवार बचपन से ही सभी धर्मों का सम्मान करता रहा है। नुसरत के मुताबिक, वह मंदिरों के अलावा गुरुद्वारे और चर्च भी जाती रही हैं। उन्होंने वैष्णो देवी और केदारनाथ के दर्शन भी किए हैं। साथ ही वह नमाज भी पढ़ती हैं।

एक्ट्रेस नुसरत भरूचा को रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर:इंडोनेशिया के बाली में एक्सीडेंट, एयर एंबुलेंस से मुंबई लाया जा रहा, सर्जरी होगी

एक्ट्रेस नुसरत भरूचा को रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर:इंडोनेशिया के बाली में एक्सीडेंट, एयर एंबुलेंस से मुंबई लाया जा रहा, सर्जरी होगी

एक्ट्रेस नुसरत भरूचा के बाली में हुए हादसे के बाद रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया है। न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, नुसरत फिलहाल बाली के अस्पताल में भर्ती हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं। शुक्रवार को नुसरत की टीम की पब्लिसिस्ट संचिता त्रिवेदी ने बताया कि डॉक्टर आगे की जांच के बाद उनकी रीढ़ की सर्जरी करेंगे। उन्हें इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से बाली से मुंबई लाने की तैयारी की जा रही है। मुंबई पहुंचने के बाद उनकी सर्जरी होगी। टीम के मुताबिक, चोट और सर्जरी की वजह से नुसरत को आराम करने और ठीक होने में समय लगेगा। इसका असर आने वाले हफ्तों में उनकी काम से जुड़ी जिम्मेदारियों पर भी पड़ सकता है। टीम ने सभी से उनकी निजता का सम्मान करने और उन्हें इलाज पर ध्यान देने देने की अपील की है। बता दें कि हादसे से करीब एक हफ्ते पहले नुसरत ने सोशल मीडिया पर छुट्टियों की कुछ तस्वीरें शेयर की थीं। टाइगर श्रॉफ की फिल्म में एंट्री नुसरत के टाइगर श्रॉफ की अगली फिल्म की कास्ट में शामिल होने की भी खबर है। यह टाइगर और नुसरत की पहली ऑन-स्क्रीन जोड़ी होगी। एक सूत्र ने पिंकविला को बताया, “टीम को ऐसी एक्ट्रेस चाहिए थी, जो कहानी में मजबूती और भावनात्मक गहराई ला सके। नुसरत हमेशा सबसे मजबूत विकल्पों में थीं।” फिल्म में पश्मीना रोशन, अभिषेक बनर्जी और एल्विश यादव भी अहम भूमिकाओं में हैं। शूटिंग के दौरान घायल हुई थीं नुसरत साल 2023 में नुसरत भरूचा के शूटिंग के दौरान घायल होने की दो घटनाएं सामने आई थीं। अप्रैल 2023 में फिल्म ‘अकेली’ की शूटिंग के दौरान भी नुसरत हादसे का शिकार हुई थीं। एक सीन में उन्हें भागते हुए दिखाया जाना था। इसी दौरान वह संगमरमर के फर्श पर सिर के बल गिर गई थीं। हादसे के बाद वह करीब आधे घंटे तक दर्द से रोती रहीं। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें कुछ दिन आराम करने की सलाह दी थी। वहीं, जनवरी 2023 में फिल्म ‘छोरी 2’ की शूटिंग के दौरान एक एक्शन सीन करते समय उनके चेहरे पर चोट लग गई थी। चोट इतनी थी कि उन्हें चेहरे और भौंह के पास टांके लगवाने पड़े थे। इसके बाद उनका एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वह टांके लगवाती नजर आई थीं। अगस्त 2021 में शूटिंग के दौरान तबीयत बिगड़ी थी इससे पहले अगस्त 2021 में नुसरत की शूटिंग के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। वह लव रंजन की फिल्म की शूटिंग कर रही थीं। करीब 23-24 दिनों से लगातार काम करने के कारण वह काफी थक गई थीं। घटना वाले दिन उन्हें तेज चक्कर आए और वह ठीक से खड़ी या बात नहीं कर पा रही थीं। इसके बाद उन्हें मुंबई के हिंदुजा अस्पताल ले जाया गया। वहां उनका ब्लड प्रेशर 65/55 तक गिर गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद इसे गंभीर वर्टिगो अटैक बताया था। इसकी वजह ज्यादा तनाव और थकान बताई गई थी। इलाज के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। डॉक्टरों ने 15 दिन आराम की सलाह दी थी। उनकी वजह से फिल्म की शूटिंग भी रोक दी गई थी। मौलाना रजवी ने मंदिर जाने पर आपत्ति जताई थी नुसरत भरूचा पिछले साल उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर पहुंची थीं। उन्होंने महाकाल के दर्शन किए और भस्म आरती में भी शामिल हुईं। नुसरत ने मंदिर से अपनी तस्वीर भी शेयर की थी और लिखा था, ‘जय श्री महाकाल।’ इसके बाद ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने उनके मंदिर जाने और हिंदू रीति-रिवाजों का पालन करने पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने इसे शरिया कानून के खिलाफ बताते हुए ‘गुनाह-ए-अजीम’ (बड़ा पाप) कहा था और नुसरत को तौबा (माफी) करने व कलमा पढ़ने की सलाह दी थी। नुसरत मुस्लिम बोहरा परिवार से ताल्लुक रखती हैं। हालांकि, उन्होंने बताया था कि उनका परिवार बचपन से ही सभी धर्मों का सम्मान करता रहा है। नुसरत के मुताबिक, वह मंदिरों के अलावा गुरुद्वारे और चर्च भी जाती रही हैं। उन्होंने वैष्णो देवी और केदारनाथ के दर्शन भी किए हैं। साथ ही वह नमाज भी पढ़ती हैं।

मूवी रिव्यू- ‘प्रेम कीटाणु’:प्यार की तलाश में निकले वीर पहाड़िया की कहानी में है हंसी, उलझन और एक मजेदार ट्विस्ट; जानिए कैसी है फिल्म

मूवी रिव्यू- ‘प्रेम कीटाणु’:प्यार की तलाश में निकले वीर पहाड़िया की कहानी में है हंसी, उलझन और एक मजेदार ट्विस्ट; जानिए कैसी है फिल्म

कॉलेज में किसी पर दिल आ जाए तो लगता है कहानी बस इतनी सी है, लेकिन कभी प्यार पूरा होने से पहले ही कोई नया मोड़ आ जाता है और फिर वही कहानी चार साल बाद एक बिल्कुल अलग दुनिया में लौटती है। फिल्म ‘प्रेम कीटाणु’ इसी प्यार, दोस्ती और जिंदगी के बदलते रंगों को हल्के फुल्के अंदाज में लेकर चलती है। फिल्म हंसाती है, रिलेट करती है और बीच बीच में जिंदगी की थोड़ी सी कड़वी सच्चाई भी दिखा देती है। फिल्म की कहानी कैसी है कहानी बनारस के इंजीनियरिंग कॉलेज से शुरू होती है। एडमिशन के दौरान विशाल ठाकुर (वीर पहाड़िया) और सुहानी (आफिया सैयद) पहली बार आमने सामने आते हैं। पहली मुलाकात नोकझोंक में बदलती है और दोनों एक दूसरे को श्राप दे बैठते हैं कि चार साल तक विशाल की कोई गर्लफ्रेंड नहीं बनेगी और सुहानी का कोई बॉयफ्रेंड नहीं होगा। इसके बाद दोनों अलग अलग कॉलेज चले जाते हैं। चार साल की कॉलेज लाइफ में विशाल की जिंदगी में प्यार की दस्तक तो होती है, लेकिन बात मुकम्मल नहीं हो पाती। उधर सुहानी अपनी पढ़ाई और फिर करियर की तरफ बढ़ती है। चार साल बाद दोनों की जिंदगी कॉलेज से निकलकर नौकरी की दुनिया में पहुंच चुकी है। सुहानी को अच्छी नौकरी मिलती है, जबकि विशाल को करियर और जिंदगी की अपनी जद्दोजहद से गुजरना पड़ता है। फिर दोनों की मुलाकात होती है और यहीं से पुरानी कहानी नए हालात में दोबारा खुलती है। फिल्म सिर्फ यह नहीं पूछती कि दोनों प्यार में पड़ेंगे या नहीं, बल्कि यह भी देखती है कि वक्त के साथ बदले दो लोग एक दूसरे की जिंदगी में फिर जगह बना पाएंगे या नहीं। इसी के साथ दोस्ती, परिवार और जिम्मेदारियां कहानी को थोड़ा और बड़ा बनाती हैं। फिल्म में एक्टिंग कैसी है वीर पहाड़िया विशाल के किरदार में सहज हैं। कॉलेज के मस्तमौला लड़के से लेकर जिंदगी की परेशानियों से जूझते युवा तक वह किरदार के बदलाव को स्वाभाविक रखते हैं। आफिया सैयद की यह पहली फिल्म है और वह सुहानी के किरदार में फ्रेश लगती हैं। वीर के साथ उनकी नोकझोंक और केमिस्ट्री फिल्म के रोमांटिक हिस्सों में अच्छी लगती है। निखिल विजय फिल्म की जान हैं। मगन अरोड़ा बनकर उनकी कॉमिक टाइमिंग, पंच और वीर के साथ झगड़बंदी कई जगह जबरदस्त मजा देती है। कहानी जहां थोड़ी धीमी पड़ती है, निखिल वहां माहौल फिर से गर्म कर देते हैं। अपारशक्ति खुराना ने अपने किरदार को पूरे अंदाज में निभाया है और उसे इंटरेस्टिंग रखा है। हां, किरदार की लिखावट थोड़ी और मजबूत होती तो उनकी परफॉर्मेंस का असर और बढ़ सकता था। फिल्म का डायरेक्शन कैसा है? अपूर्व सिंह कार्की ने फिल्म को हल्का और यूथफुल रखा है। कॉलेज की मस्ती से लेकर नौकरी और जिम्मेदारियों वाली जिंदगी तक टोन बदलता है, लेकिन फिल्म जरूरत से ज्यादा भारी नहीं होती। राइटर दीपक किंगरानी, जिन्हें सिर्फ एक बंदा काफी है के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिल चुका है, ने रिश्तों, दोस्ती और कॉमेडी को सहज अंदाज में पिरोया है। स्क्रीनप्ले की अच्छी बात यह है कि कहानी सिर्फ रोमांस पर नहीं टिकी। परिवार और दोस्ती को भी जगह मिलती है। हां, बीच में रफ्तार थोड़ी ढीली पड़ती है और कुछ मोड़ पहले से भांपे जा सकते हैं। इमोशनल हिस्सों में थोड़ा और ठहराव होता तो कहानी का असर और बढ़ता। तकनीकी तौर पर फिल्म का विजुअल ट्रीटमेंट रंगीन और यूथफुल है। कॉलेज और बनारस का माहौल कहानी को अपनी अलग फील देता है। फिल्म का म्यूजिक कैसा है ‘कहो तो’, ‘तू मेरा रइयो’ और ‘इश्क का गुलाम’ फिल्म के रोमांटिक और यूथफुल मूड को अच्छे से सपोर्ट करते हैं। गाने कहानी से अलग नहीं लगते और फिल्म की फील को बनाए रखते हैं। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट प्यार की मस्ती, दोस्ती की शरारत और जिंदगी की थोड़ी सी कड़वी मिठास, ‘प्रेम कीटाणु’ इन तीनों का अच्छा कॉम्बिनेशन है। निखिल विजय खूब हंसाते हैं, वीर और आफिया की जोड़ी जमती है। थोड़ी कसावट की कमी जरूर है, लेकिन ये फिल्म मुस्कुराने और पुराने कॉलेज वाले दिनों को याद करने का अच्छा बहाना है।

मूवी रिव्यू- ‘प्रेम कीटाणु’:प्यार की तलाश में निकले वीर पहाड़िया की कहानी में है हंसी, उलझन और एक मजेदार ट्विस्ट; जानिए कैसी है फिल्म

मूवी रिव्यू- ‘प्रेम कीटाणु’:प्यार की तलाश में निकले वीर पहाड़िया की कहानी में है हंसी, उलझन और एक मजेदार ट्विस्ट; जानिए कैसी है फिल्म

कॉलेज में किसी पर दिल आ जाए तो लगता है कहानी बस इतनी सी है, लेकिन कभी प्यार पूरा होने से पहले ही कोई नया मोड़ आ जाता है और फिर वही कहानी चार साल बाद एक बिल्कुल अलग दुनिया में लौटती है। फिल्म ‘प्रेम कीटाणु’ इसी प्यार, दोस्ती और जिंदगी के बदलते रंगों को हल्के फुल्के अंदाज में लेकर चलती है। फिल्म हंसाती है, रिलेट करती है और बीच बीच में जिंदगी की थोड़ी सी कड़वी सच्चाई भी दिखा देती है। फिल्म की कहानी कैसी है कहानी बनारस के इंजीनियरिंग कॉलेज से शुरू होती है। एडमिशन के दौरान विशाल ठाकुर (वीर पहाड़िया) और सुहानी (आफिया सैयद) पहली बार आमने सामने आते हैं। पहली मुलाकात नोकझोंक में बदलती है और दोनों एक दूसरे को श्राप दे बैठते हैं कि चार साल तक विशाल की कोई गर्लफ्रेंड नहीं बनेगी और सुहानी का कोई बॉयफ्रेंड नहीं होगा। इसके बाद दोनों अलग अलग कॉलेज चले जाते हैं। चार साल की कॉलेज लाइफ में विशाल की जिंदगी में प्यार की दस्तक तो होती है, लेकिन बात मुकम्मल नहीं हो पाती। उधर सुहानी अपनी पढ़ाई और फिर करियर की तरफ बढ़ती है। चार साल बाद दोनों की जिंदगी कॉलेज से निकलकर नौकरी की दुनिया में पहुंच चुकी है। सुहानी को अच्छी नौकरी मिलती है, जबकि विशाल को करियर और जिंदगी की अपनी जद्दोजहद से गुजरना पड़ता है। फिर दोनों की मुलाकात होती है और यहीं से पुरानी कहानी नए हालात में दोबारा खुलती है। फिल्म सिर्फ यह नहीं पूछती कि दोनों प्यार में पड़ेंगे या नहीं, बल्कि यह भी देखती है कि वक्त के साथ बदले दो लोग एक दूसरे की जिंदगी में फिर जगह बना पाएंगे या नहीं। इसी के साथ दोस्ती, परिवार और जिम्मेदारियां कहानी को थोड़ा और बड़ा बनाती हैं। फिल्म में एक्टिंग कैसी है वीर पहाड़िया विशाल के किरदार में सहज हैं। कॉलेज के मस्तमौला लड़के से लेकर जिंदगी की परेशानियों से जूझते युवा तक वह किरदार के बदलाव को स्वाभाविक रखते हैं। आफिया सैयद की यह पहली फिल्म है और वह सुहानी के किरदार में फ्रेश लगती हैं। वीर के साथ उनकी नोकझोंक और केमिस्ट्री फिल्म के रोमांटिक हिस्सों में अच्छी लगती है। निखिल विजय फिल्म की जान हैं। मगन अरोड़ा बनकर उनकी कॉमिक टाइमिंग, पंच और वीर के साथ झगड़बंदी कई जगह जबरदस्त मजा देती है। कहानी जहां थोड़ी धीमी पड़ती है, निखिल वहां माहौल फिर से गर्म कर देते हैं। अपारशक्ति खुराना ने अपने किरदार को पूरे अंदाज में निभाया है और उसे इंटरेस्टिंग रखा है। हां, किरदार की लिखावट थोड़ी और मजबूत होती तो उनकी परफॉर्मेंस का असर और बढ़ सकता था। फिल्म का डायरेक्शन कैसा है? अपूर्व सिंह कार्की ने फिल्म को हल्का और यूथफुल रखा है। कॉलेज की मस्ती से लेकर नौकरी और जिम्मेदारियों वाली जिंदगी तक टोन बदलता है, लेकिन फिल्म जरूरत से ज्यादा भारी नहीं होती। राइटर दीपक किंगरानी, जिन्हें सिर्फ एक बंदा काफी है के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिल चुका है, ने रिश्तों, दोस्ती और कॉमेडी को सहज अंदाज में पिरोया है। स्क्रीनप्ले की अच्छी बात यह है कि कहानी सिर्फ रोमांस पर नहीं टिकी। परिवार और दोस्ती को भी जगह मिलती है। हां, बीच में रफ्तार थोड़ी ढीली पड़ती है और कुछ मोड़ पहले से भांपे जा सकते हैं। इमोशनल हिस्सों में थोड़ा और ठहराव होता तो कहानी का असर और बढ़ता। तकनीकी तौर पर फिल्म का विजुअल ट्रीटमेंट रंगीन और यूथफुल है। कॉलेज और बनारस का माहौल कहानी को अपनी अलग फील देता है। फिल्म का म्यूजिक कैसा है ‘कहो तो’, ‘तू मेरा रइयो’ और ‘इश्क का गुलाम’ फिल्म के रोमांटिक और यूथफुल मूड को अच्छे से सपोर्ट करते हैं। गाने कहानी से अलग नहीं लगते और फिल्म की फील को बनाए रखते हैं। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट प्यार की मस्ती, दोस्ती की शरारत और जिंदगी की थोड़ी सी कड़वी मिठास, ‘प्रेम कीटाणु’ इन तीनों का अच्छा कॉम्बिनेशन है। निखिल विजय खूब हंसाते हैं, वीर और आफिया की जोड़ी जमती है। थोड़ी कसावट की कमी जरूर है, लेकिन ये फिल्म मुस्कुराने और पुराने कॉलेज वाले दिनों को याद करने का अच्छा बहाना है।

प्रेम कीटाणु की स्क्रीनिंग में पहुंचे सलमान:एक्ट्रेस के लिए रेड कार्पेट पर पोज देने के लिए किया इंतजार, वीर पहाड़िया के गले मिले

प्रेम कीटाणु की स्क्रीनिंग में पहुंचे सलमान:एक्ट्रेस के लिए रेड कार्पेट पर पोज देने के लिए किया इंतजार, वीर पहाड़िया के गले मिले

फिल्म ‘प्रेम कीटाणु’ की स्टार-स्टडेड स्क्रीनिंग गुरुवार को मुंबई में आयोजित हुई। स्क्रीनिंग में सलमान खान पहुंचे और वह फिल्म के लीड एक्टर वीर पहाड़िया के साथ नजर आए। वहीं, इवेंट में जैकलीन फर्नांडिस, करण जौहर, सारा तेंदुलकर, जरीन खान और एल्विश यादव भी आए। स्क्रीनिंग के दौरान सलमान खान का एक वीडियो चर्चा में आया। फिल्म ‘प्रेम कीटाणु’ की स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान सलमान खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। स्क्रीनिंग में सलमान जब पहुंचे तो मीडिया और पैपराजी ने उन्हें रेड कार्पेट पर आकर तस्वीरें देने के लिए कहा। हालांकि, उसी समय मॉडल और एक्ट्रेस साक्षी मलिक कैमरों के सामने पोज दे रही थीं। सलमान खान ने तुरंत रेड कार्पेट पर पहुंचने के बजाय इंतजार किया। वह कुछ देर पीछे खड़े रहे और साक्षी मलिक को अपने पोज पूरे करने का मौका दिया। साक्षी मलिक के पोज देने के बाद सलमान खान रेड कार्पेट पर पहुंचे और पोज दिए। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर सलमान के इस व्यवहार की तारीफ हो रही है। ‘प्रेम कीटाणु’ एक हिंदी रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म है, जिसमें वीर पहाड़िया, आफिया सैयद और अपारशक्ति खुराना मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का रनटाइम करीब 2 घंटे 18 मिनट है। फिल्म की कहानी रोमांस और कॉमेडी के इर्द-गिर्द बुनी गई है।

प्रेम कीटाणु की स्क्रीनिंग में पहुंचे सलमान:एक्ट्रेस के लिए रेड कार्पेट पर पोज देने के लिए किया इंतजार, वीर पहाड़िया के गले मिले

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फिल्म ‘प्रेम कीटाणु’ की स्टार-स्टडेड स्क्रीनिंग गुरुवार को मुंबई में आयोजित हुई। स्क्रीनिंग में सलमान खान पहुंचे और वह फिल्म के लीड एक्टर वीर पहाड़िया के साथ नजर आए। वहीं, इवेंट में जैकलीन फर्नांडिस, करण जौहर, सारा तेंदुलकर, जरीन खान और एल्विश यादव भी आए। स्क्रीनिंग के दौरान सलमान खान का एक वीडियो चर्चा में आया। फिल्म ‘प्रेम कीटाणु’ की स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान सलमान खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। स्क्रीनिंग में सलमान जब पहुंचे तो मीडिया और पैपराजी ने उन्हें रेड कार्पेट पर आकर तस्वीरें देने के लिए कहा। हालांकि, उसी समय मॉडल और एक्ट्रेस साक्षी मलिक कैमरों के सामने पोज दे रही थीं। सलमान खान ने तुरंत रेड कार्पेट पर पहुंचने के बजाय इंतजार किया। वह कुछ देर पीछे खड़े रहे और साक्षी मलिक को अपने पोज पूरे करने का मौका दिया। साक्षी मलिक के पोज देने के बाद सलमान खान रेड कार्पेट पर पहुंचे और पोज दिए। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर सलमान के इस व्यवहार की तारीफ हो रही है। ‘प्रेम कीटाणु’ एक हिंदी रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म है, जिसमें वीर पहाड़िया, आफिया सैयद और अपारशक्ति खुराना मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का रनटाइम करीब 2 घंटे 18 मिनट है। फिल्म की कहानी रोमांस और कॉमेडी के इर्द-गिर्द बुनी गई है।