Wednesday, 16 Sep 2026 | 12:31 PM

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मैं किसी स्टार के पीछे नहीं भागता:निखिल आडवाणी बोले- 25 साल बाद मनोज बाजपेयी संग काम किया तो उन्होंने कहा- अब आए हो

मैं किसी स्टार के पीछे नहीं भागता:निखिल आडवाणी बोले- 25 साल बाद मनोज बाजपेयी संग काम किया तो उन्होंने कहा- अब आए हो

वेब सीरीज ‘द रिवोल्यूशनरीज’ आजादी की लड़ाई के उन युवा क्रांतिकारियों की कहानी है, जिनके बारे में कम चर्चा हुई। यह सीरीज संजीव सान्याल की किताब ‘रेवोल्यूशनरीज: द अदर स्टोरी ऑफ हाउ इंडिया वॉन इट्स फ्रीडम’ पर आधारित है। दैनिक भास्कर से बातचीत में डायरेक्टर निखिल आडवाणी ने बताया कि ‘फ्रीडम एट मिडनाइट’ के बाद उन्हें लगा कि ऐसी कहानियों में यूथ का नजरिया मिसिंग था। उन्होंने प्रतिभा रांटा की तारीफ करते हुए कहा कि अगर वह शो के लिए मना कर देतीं तो उनका दिल टूट जाता। निखिल ने मनोज बाजपेयी का किस्सा भी सुनाया, जिन्होंने 25 साल बाद साथ काम करने पर पूछा था- ‘अब आए हो?’ प्रतिभा ने किरदार की तैयारी और रोहित सराफ ने एक्शन को चुनौती बताया। सवाल: पहले भी आपने आजादी से जुड़ी कहानियां कही हैं। ‘द रिवोल्यूशनरीज’ में ऐसा क्या था, जो आपको पहले की कहानियों में मिसिंग लगा? जवाब/निखिल आडवाणी: मुझे लगा कि यूथ मिसिंग था। हमने भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, ऊधम सिंह और जलियांवाला बाग के बारे में बहुत पढ़ा है। लेकिन इनसे करीब 10 साल पहले भी एक समानांतर कहानी चल रही थी। रिसर्च करते हुए मुझे लगा कि इन युवाओं की कहानी भी बतानी चाहिए। उस समय के क्रांतिकारियों में एक अलग तरह का जुनून था। उन्होंने तय कर लिया था कि अंग्रेजों को भारत से बाहर निकालना है। कैसे करेंगे, यह बाद की बात थी। यही जुनून मुझे इस कहानी में सबसे ज्यादा आकर्षित करता है। सवाल: प्रतिभा रांटा में आपको वह प्रतिभा कब नजर आई, जो इस किरदार के लिए जरूरी थी? अगर वह शो करने से मना कर देतीं तो क्या होता? जवाब/निखिल आडवाणी: मेरे लिए किसी एक्टर के पास जाना सिर्फ कास्टिंग नहीं है। मैं किसी कलाकार के पास तब तक नहीं जाना चाहता, जब तक मेरे पास उसके लिए ऐसा कुछ न हो, जिसमें वह पूरी तरह डूब सके। प्रतिभा के मामले में भी ऐसा ही था। मुझे पता था कि वह बहुत अच्छी एक्टर हैं, लेकिन यह समझना भी जरूरी था कि वह किरदार को किस तरह अपने अंदर उतारेंगी। हमने कई सीन्स पर महीनों चर्चा की। एक-एक लाइन पर बात की कि इसका मतलब क्या है और इसे किस तरह करना है। अगर प्रतिभा ने इस शो के लिए मना कर दिया होता, तो मैं सच में मेरा दिल टूट हो जाता। क्योंकि उन्होंने इस किरदार के लिए जो दिया है, वह बहुत खास है। मैं हमेशा मानता हूं कि एक एक्टर के अंदर यह चुनौती होनी चाहिए कि क्या मैं इस सीन को और बेहतर कर सकता हूं? क्या मैं इसे पेपर पर लिखे हुए सीन से आगे ले जा सकता हूं? अगर यह चुनौती नहीं है तो काम बोरिंग हो जाता है। सवाल: आपने कहा कि आप किसी कलाकार को सिर्फ इसलिए नहीं लेते कि वह बड़ा नाम है। मनोज बाजपेयी का 25 साल वाला किस्सा क्या है? जवाब/निखिल आडवाणी: मनोज बाजपेयी मुझसे करीब 25 साल से कहते रहे थे कि मेरे साथ काम करना है। जब मैं आखिरकार उनके पास ‘सत्यमेव जयते’ लेकर गया तो उन्होंने मुझसे कहा- ‘अब आए हो?’ मैं किसी बिजी स्टार के पीछे भागने में विश्वास नहीं करता। मेरे लिए जरूरी है कि मेरे पास उस कलाकार के लिए सही किरदार हो। मैं किसी एक्टर के पास सिर्फ इसलिए नहीं जाता कि वह बड़ा नाम है। मुझे ऐसा किरदार लेकर जाना होता है, जिसमें वह अपने दांत गड़ा सके और पूरी तरह डूब सके। यही बात प्रतिभा के साथ भी थी। मुझे उनके लिए सही किरदार मिला और फिर हमने साथ में उसे खोजा। सवाल: प्रतिभा, निखिल सर ने आपको किरदार किस तरह समझाया? जवाब/प्रतिभा रांटा: जब मैंने स्क्रिप्ट पढ़ी तो उसमें काफी कुछ पहले से मौजूद था, क्योंकि सर और उनकी टीम ने बहुत रिसर्च की थी। लेकिन प्रतिभा के बारे में ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं थी। इसलिए दूसरी क्रांतिकारी महिलाओं से भी प्रेरणा ली गई। मैंने भिकाजी कामा और बीबी गुलाब कौर जैसी महिलाओं के बारे में पढ़ा। मुझे फिल्म ‘लिटिल वुमन’ भी बहुत पसंद है और उससे भी मुझे प्रेरणा मिली। सर के साथ लगातार चर्चा होती थी कि प्रतिभा को किस तरह अप्रोच करना है। वह स्क्रीन पर सामान्य लड़की की तरह नहीं दिखती। उसमें आत्मविश्वास और आग है। वह बराबरी का हक मांगती है और अपनी बात रखने से पीछे नहीं हटती। सवाल: शूटिंग के दौरान कौन सा सीन आपके लिए सबसे खास रहा? जवाब/प्रतिभा रांटा: बाघा जतिन और प्रतिभा के बीच का एक सीन मेरे लिए बहुत खास है। उसमें प्रतिभा उनसे कहती है कि आपको किसने हक दिया कि आप हमारे बारे में फैसला करें? अगर आप अपने लिए फैसले ले सकते हैं तो हम क्यों नहीं ले सकते? उस सीन में प्रतिभा का नजरिया साफ दिखाई देता है। वह महिलाओं को बराबरी से देखती है और अपने फैसले खुद लेना चाहती है। निखिल आडवाणी: यह सीन सुबह करीब 5 बजे शूट हुआ था। शूटिंग में देरी हो गई थी और वह लोकेशन का आखिरी दिन था, इसलिए हम वापस भी नहीं आ सकते थे। प्रतिभा और मैं उस सीन पर महीनों से बात कर रहे थे। वह उस वक्त काफी परेशान थी, लेकिन सुबह 5 बजे उसने जो परफॉर्म किया, वह शानदार था। यह उनके किरदार का बहुत महत्वपूर्ण सीन है और उन्होंने इसे बेहतरीन तरीके से निभाया। सवाल: रोहित, आपके लिए शो में सबसे चुनौतीपूर्ण क्या रहा? जवाब/रोहित सराफ: मेरे लिए राजबिहारी बोस के साथ वाले सीन्स बहुत खास रहे। मुझे ऐसा किरदार निभाने का मौका मिला, जिसे मैं बहुत मानता हूं। उनके साथ इंटरपर्सनल रिलेशनशिप वाले सीन्स करना मेरे लिए बहुत मजेदार था। लेकिन सबसे चुनौतीपूर्ण एक्शन था। मैंने पहले इतना एक्शन नहीं किया था। इसकी तैयारी की और शूटिंग के दौरान बहुत कुछ सीखा। सवाल: अगर उस दौर का कोई क्रांतिकारी आज आपके सामने आ जाए तो क्या पूछेंगे? जवाब/रोहित सराफ: मैं उनसे पूछूंगा- ‘आप क्या खाकर पैदा हुए थे?’ सच में, क्योंकि उस दौर के लोगों में जिस तरह का जज्बा और जुनून था, उसी की वजह से आज हम यहां हैं। मैं जानना चाहूंगा कि उस तरह सपने देखना कैसा था? सवाल: प्रतिभा के किरदार से आज की लड़कियां क्या सीख

मैं किसी स्टार के पीछे नहीं भागता:निखिल आडवाणी बोले- 25 साल बाद मनोज बाजपेयी संग काम किया तो उन्होंने कहा- अब आए हो

मैं किसी स्टार के पीछे नहीं भागता:निखिल आडवाणी बोले- 25 साल बाद मनोज बाजपेयी संग काम किया तो उन्होंने कहा- अब आए हो

वेब सीरीज ‘द रिवोल्यूशनरीज’ आजादी की लड़ाई के उन युवा क्रांतिकारियों की कहानी है, जिनके बारे में कम चर्चा हुई। यह सीरीज संजीव सान्याल की किताब ‘रेवोल्यूशनरीज: द अदर स्टोरी ऑफ हाउ इंडिया वॉन इट्स फ्रीडम’ पर आधारित है। दैनिक भास्कर से बातचीत में डायरेक्टर निखिल आडवाणी ने बताया कि ‘फ्रीडम एट मिडनाइट’ के बाद उन्हें लगा कि ऐसी कहानियों में यूथ का नजरिया मिसिंग था। उन्होंने प्रतिभा रांटा की तारीफ करते हुए कहा कि अगर वह शो के लिए मना कर देतीं तो उनका दिल टूट जाता। निखिल ने मनोज बाजपेयी का किस्सा भी सुनाया, जिन्होंने 25 साल बाद साथ काम करने पर पूछा था- ‘अब आए हो?’ प्रतिभा ने किरदार की तैयारी और रोहित सराफ ने एक्शन को चुनौती बताया। सवाल: पहले भी आपने आजादी से जुड़ी कहानियां कही हैं। ‘द रिवोल्यूशनरीज’ में ऐसा क्या था, जो आपको पहले की कहानियों में मिसिंग लगा? जवाब/निखिल आडवाणी: मुझे लगा कि यूथ मिसिंग था। हमने भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, ऊधम सिंह और जलियांवाला बाग के बारे में बहुत पढ़ा है। लेकिन इनसे करीब 10 साल पहले भी एक समानांतर कहानी चल रही थी। रिसर्च करते हुए मुझे लगा कि इन युवाओं की कहानी भी बतानी चाहिए। उस समय के क्रांतिकारियों में एक अलग तरह का जुनून था। उन्होंने तय कर लिया था कि अंग्रेजों को भारत से बाहर निकालना है। कैसे करेंगे, यह बाद की बात थी। यही जुनून मुझे इस कहानी में सबसे ज्यादा आकर्षित करता है। सवाल: प्रतिभा रांटा में आपको वह प्रतिभा कब नजर आई, जो इस किरदार के लिए जरूरी थी? अगर वह शो करने से मना कर देतीं तो क्या होता? जवाब/निखिल आडवाणी: मेरे लिए किसी एक्टर के पास जाना सिर्फ कास्टिंग नहीं है। मैं किसी कलाकार के पास तब तक नहीं जाना चाहता, जब तक मेरे पास उसके लिए ऐसा कुछ न हो, जिसमें वह पूरी तरह डूब सके। प्रतिभा के मामले में भी ऐसा ही था। मुझे पता था कि वह बहुत अच्छी एक्टर हैं, लेकिन यह समझना भी जरूरी था कि वह किरदार को किस तरह अपने अंदर उतारेंगी। हमने कई सीन्स पर महीनों चर्चा की। एक-एक लाइन पर बात की कि इसका मतलब क्या है और इसे किस तरह करना है। अगर प्रतिभा ने इस शो के लिए मना कर दिया होता, तो मैं सच में मेरा दिल टूट हो जाता। क्योंकि उन्होंने इस किरदार के लिए जो दिया है, वह बहुत खास है। मैं हमेशा मानता हूं कि एक एक्टर के अंदर यह चुनौती होनी चाहिए कि क्या मैं इस सीन को और बेहतर कर सकता हूं? क्या मैं इसे पेपर पर लिखे हुए सीन से आगे ले जा सकता हूं? अगर यह चुनौती नहीं है तो काम बोरिंग हो जाता है। सवाल: आपने कहा कि आप किसी कलाकार को सिर्फ इसलिए नहीं लेते कि वह बड़ा नाम है। मनोज बाजपेयी का 25 साल वाला किस्सा क्या है? जवाब/निखिल आडवाणी: मनोज बाजपेयी मुझसे करीब 25 साल से कहते रहे थे कि मेरे साथ काम करना है। जब मैं आखिरकार उनके पास ‘सत्यमेव जयते’ लेकर गया तो उन्होंने मुझसे कहा- ‘अब आए हो?’ मैं किसी बिजी स्टार के पीछे भागने में विश्वास नहीं करता। मेरे लिए जरूरी है कि मेरे पास उस कलाकार के लिए सही किरदार हो। मैं किसी एक्टर के पास सिर्फ इसलिए नहीं जाता कि वह बड़ा नाम है। मुझे ऐसा किरदार लेकर जाना होता है, जिसमें वह अपने दांत गड़ा सके और पूरी तरह डूब सके। यही बात प्रतिभा के साथ भी थी। मुझे उनके लिए सही किरदार मिला और फिर हमने साथ में उसे खोजा। सवाल: प्रतिभा, निखिल सर ने आपको किरदार किस तरह समझाया? जवाब/प्रतिभा रांटा: जब मैंने स्क्रिप्ट पढ़ी तो उसमें काफी कुछ पहले से मौजूद था, क्योंकि सर और उनकी टीम ने बहुत रिसर्च की थी। लेकिन प्रतिभा के बारे में ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं थी। इसलिए दूसरी क्रांतिकारी महिलाओं से भी प्रेरणा ली गई। मैंने भिकाजी कामा और बीबी गुलाब कौर जैसी महिलाओं के बारे में पढ़ा। मुझे फिल्म ‘लिटिल वुमन’ भी बहुत पसंद है और उससे भी मुझे प्रेरणा मिली। सर के साथ लगातार चर्चा होती थी कि प्रतिभा को किस तरह अप्रोच करना है। वह स्क्रीन पर सामान्य लड़की की तरह नहीं दिखती। उसमें आत्मविश्वास और आग है। वह बराबरी का हक मांगती है और अपनी बात रखने से पीछे नहीं हटती। सवाल: शूटिंग के दौरान कौन सा सीन आपके लिए सबसे खास रहा? जवाब/प्रतिभा रांटा: बाघा जतिन और प्रतिभा के बीच का एक सीन मेरे लिए बहुत खास है। उसमें प्रतिभा उनसे कहती है कि आपको किसने हक दिया कि आप हमारे बारे में फैसला करें? अगर आप अपने लिए फैसले ले सकते हैं तो हम क्यों नहीं ले सकते? उस सीन में प्रतिभा का नजरिया साफ दिखाई देता है। वह महिलाओं को बराबरी से देखती है और अपने फैसले खुद लेना चाहती है। निखिल आडवाणी: यह सीन सुबह करीब 5 बजे शूट हुआ था। शूटिंग में देरी हो गई थी और वह लोकेशन का आखिरी दिन था, इसलिए हम वापस भी नहीं आ सकते थे। प्रतिभा और मैं उस सीन पर महीनों से बात कर रहे थे। वह उस वक्त काफी परेशान थी, लेकिन सुबह 5 बजे उसने जो परफॉर्म किया, वह शानदार था। यह उनके किरदार का बहुत महत्वपूर्ण सीन है और उन्होंने इसे बेहतरीन तरीके से निभाया। सवाल: रोहित, आपके लिए शो में सबसे चुनौतीपूर्ण क्या रहा? जवाब/रोहित सराफ: मेरे लिए राजबिहारी बोस के साथ वाले सीन्स बहुत खास रहे। मुझे ऐसा किरदार निभाने का मौका मिला, जिसे मैं बहुत मानता हूं। उनके साथ इंटरपर्सनल रिलेशनशिप वाले सीन्स करना मेरे लिए बहुत मजेदार था। लेकिन सबसे चुनौतीपूर्ण एक्शन था। मैंने पहले इतना एक्शन नहीं किया था। इसकी तैयारी की और शूटिंग के दौरान बहुत कुछ सीखा। सवाल: अगर उस दौर का कोई क्रांतिकारी आज आपके सामने आ जाए तो क्या पूछेंगे? जवाब/रोहित सराफ: मैं उनसे पूछूंगा- ‘आप क्या खाकर पैदा हुए थे?’ सच में, क्योंकि उस दौर के लोगों में जिस तरह का जज्बा और जुनून था, उसी की वजह से आज हम यहां हैं। मैं जानना चाहूंगा कि उस तरह सपने देखना कैसा था? सवाल: प्रतिभा के किरदार से आज की लड़कियां क्या सीख

मूवी रिव्यू- जीवन या भीमा कॉन:करोड़ों का लालच और घर में बवाल; कहानी बढ़िया, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले, एक जैसे घिसे-पिटे डायलॉग ने बिगाड़ा गेम

मूवी रिव्यू- जीवन या भीमा कॉन:करोड़ों का लालच और घर में बवाल; कहानी बढ़िया, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले, एक जैसे घिसे-पिटे डायलॉग ने बिगाड़ा गेम

कास्ट- अरशद वारसी, विजय राज, संजीदा शेख डायरेक्टर- अभिषेक डोगरा ड्यूरेशन: 1 घंटा 55 मिनट रेटिंग- 1.5/ 5 एक आदमी अपनी मौत का झूठा नाटक रचता है, करोड़ों का इंश्योरेंस पाने का सपना देखता है और फिर उसकी जिंदगी में ऐसा बवाल शुरू होता है कि संभालना मुश्किल हो जाता है। ‘जीवन या भीमा कॉन?’ का आइडिया पहली नजर में काफी मजेदार लगता है और फिल्म की शुरुआत भी इसी वजह से उम्मीद जगाती है। लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, कॉमेडी के साथ उलझन भी बढ़ती जाती है। कुछ सीन खूब हंसाते हैं, कलाकारों की टाइमिंग भी अच्छी है, लेकिन कहानी हर बार अपने ही सेटअप का पूरा फायदा नहीं उठा पाती। कैसी है फिल्म की कहानी? कहानी है जीवन (अरशद वारसी) की, जो एक आम आदमी है और अपनी जमा-पूंजी एक रेस्टोरेंट खोलने में लगा देता है। हालात बिगड़ते हैं, कर्ज बढ़ता है और पैसे की जरूरत ऐसी आती है कि जीवन अपनी मौत का नाटक करने की खतरनाक योजना बना लेता है। किस्मत उसका साथ कुछ इस तरह देती है कि उसे अपने हमशक्ल भीमा (अरशद वारसी) के बारे में पता चलता है। भीमा एक डायमंड स्मगलर है, जिसका संबंध गैंगस्टर विनायक (विजय राज) से है। जीवन और उसकी पत्नी योजना (संजीदा शेख) मिलकर भीमा की पहचान का फायदा उठाकर दो करोड़ रुपए का इंश्योरेंस हासिल करने की कोशिश करते हैं। लेकिन प्लान यहां से बिगड़ना शुरू होता है। भीमा के पीछे पड़े विनायक और उसका साथी मनु (बृजेंद्र काला) उनके घर तक पहुंच जाते हैं। दूसरी तरफ इंश्योरेंस इंस्पेक्टर (अतुल परचुरे) भी क्लेम की जांच में लग जाता है। घर की मालकिन याशिका (पूजा चोपड़ा) की अपनी अलग दिलचस्पी है। इसके बाद हर किरदार दूसरे को शक की नजर से देखने लगता है और शुरू होती है गलत पहचान, झूठ और पैसों के पीछे भागने की कॉमेडी। कैसी है स्टारकास्ट की एक्टिंग? अरशद वारसी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत हैं। एक तरफ वह परेशान, कर्ज में डूबे जीवान बने हैं और दूसरी तरफ शराबी डायमंड स्मगलर भीमा। दोनों किरदारों के हाव-भाव, बोलने के तरीके और बॉडी लैंग्वेज में फर्क दिखाना आसान नहीं था, लेकिन अरशद इसे अच्छी तरह संभालते हैं। खासकर भीमा वाले हिस्सों में उनका कॉमिक टाइमिंग फिल्म को कई बार बचाता है। संजीदा शेख, योजना के किरदार में अच्छी लगती हैं और अरशद के साथ उनकी केमिस्ट्री भी सहज लगती है। विजय राज अपने अंदाज में फिल्म में क्राइम और कॉमेडी का अच्छा बैलेंस बनाते हैं। बृजेंद्र काला भी अपने किरदार में फिट बैठते हैं और कुछ सीन में अच्छी हंसी निकालते हैं। पूजा चोपड़ा को याशिका के रूप में कुछ मजेदार मौके मिलते हैं, हालांकि उनके किरदार को थोड़ा और इस्तेमाल किया जा सकता था। दिवंगत अतुल परचुरे इंश्योरेंस इंस्पेक्टर के छोटे लेकिन असरदार रोल में अपनी स्वाभाविक कॉमिक टाइमिंग दिखाते हैं। कैसा है डायरेक्शन, स्क्रीनप्ले और टेक्निकल एस्पेक्ट्स? डायरेक्टर अभिषेक डोगरा ने कहानी को ज्यादातर एक ही घर के अंदर रखा है। इससे फिल्म का सेटअप एक तरह की कमरे में बंद कॉमेडी जैसा बन जाता है, जहां कलाकारों और स्क्रीनप्ले पर पूरा दारोमदार रहता है। शुरुआत में यह तरीका काम करता है, लेकिन बाद में यही सीमित लोकेशन कहानी पर भारी पड़ने लगती है। स्क्रीनप्ले की सबसे बड़ी समस्या यह है कि फिल्म के पास एक अच्छा आइडिया होने के बावजूद उसके साथ लगातार नए और मजेदार खेल नहीं किए जाते। कुछ स्थितियां बार-बार दोहराई जाती हैं। गलत पहचान से पैदा होने वाली कॉमेडी में काफी गुंजाइश थी, लेकिन कहानी उस संभावनाओं को पूरी तरह इस्तेमाल नहीं कर पाती। फिल्म में कुछ वन-लाइनर्स हंसाते हैं, लेकिन कई जगह हास्य जरूरत से ज्यादा साधारण और जबरदस्ती का लगता है। खासकर फार्ट जोक्स और टॉयलेट ह्यूमर हर दर्शक को पसंद आए, यह जरूरी नहीं। फिल्म का दूसरा हिस्सा कुछ जगह खिंचता हुआ महसूस होता है और क्लाइमैक्स भी बहुत ज्यादा चौंकाता नहीं है। टेक्निकल तौर पर फिल्म ठीक-ठाक है। सिनेमैटोग्राफी कहानी के हिसाब से काम करती है और प्रोडक्शन डिजाइन फिल्म के मिडिल क्लास माहौल को सपोर्ट करता है। एडिटिंग पहले हिस्से में ठीक रहती है, लेकिन बाद के हिस्से में कुछ सीन और छोटे किए जा सकते थे। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? फिल्म का म्यूजिक कहानी पर हावी नहीं होता और ज्यादातर बैकग्राउंड तक ही सीमित रहता है। कोई ऐसा गाना नहीं है जो फिल्म देखने के बाद लंबे समय तक याद रह जाए। हालांकि बैकग्राउंड स्कोर कॉमेडी और क्राइम वाले हिस्सों को सपोर्ट करता है और फिल्म के माहौल के हिसाब से ठीक बैठता है। फाइनल वर्डिक्ट: फिल्म देखें या नहीं? ‘जीवन या भीमा कॉन?’ के पास एक ऐसा आइडिया है, जिससे एक शानदार कॉमेडी ऑफ एरर्स बनाई जा सकती थी। कलाकार भी अच्छे हैं और अरशद वारसी फिल्म को लगातार संभालते नजर आते हैं। लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले, दोहराए गए मजाक, कुछ जबरदस्ती के जोक्स और अनुमान लगाने लायक क्लाइमैक्स फिल्म को उस स्तर तक नहीं पहुंचने देते, जहां यह यादगार कॉमेडी बन सके। फिर भी अगर आप बिना ज्यादा उम्मीद के हल्की-फुल्की कॉमेडी देखना चाहते हैं, तो फिल्म एक बार मनोरंजन कर सकती है। मसाला मौजूद है, कलाकार भी दमदार हैं, बस कहानी की आंच थोड़ी और तेज होती तो स्वाद काफी बेहतर होता।

एस्टोनिया के रक्षामंत्री ने इस्तीफा दिया:यूक्रेन को समय पर तोप के गोले नहीं दे पाए; कॉन्ट्रेक्ट में भारतीय कंपनी शामिल, अनुभव नहीं होने का आरोप

एस्टोनिया के रक्षामंत्री ने इस्तीफा दिया:यूक्रेन को समय पर तोप के गोले नहीं दे पाए; कॉन्ट्रेक्ट में भारतीय कंपनी शामिल, अनुभव नहीं होने का आरोप

एस्टोनिया के रक्षा मंत्री हानो पेवकुर ने इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे की वजह यूक्रेन के लिए की गई करीब 768 करोड़ रुपए की एक डील है। सौदे के तहत भारतीय कंपनी से जुड़ी इटली की एक फर्म को गोला-बारूद सप्लाई का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था। आरोप है कि कंपनी के पास तोप के गोले बनाने या बेचने का अनुभव नहीं था। इसके बावजूद उसे बड़ा कॉन्ट्रैक्ट दिया गया और भारी रकम एडवांस में दी गई। कंपनी के साथ किए गए थे 4 समझौते 2024 में एस्टोनिया के सेंटर फॉर डिफेंस इन्वेस्टमेंट ने तोप के गोलों की खरीद के लिए डेटासेल एसआरएल के साथ चार समझौते किए। यह कंपनी इटली में रजिस्टर्ड है। मार्च 2024 में इसे भारतीय कंपनी नेको डिफेंस म्यूनिशंस ने खरीदा था। पहला कॉन्ट्रैक्ट अगस्त 2024 में हुआ था। इसके तहत करीब 1.5 करोड़ यूरो एडवांस दिए गए। इसके बाद दूसरे और फिर दो अन्य कॉन्ट्रैक्ट किए गए। चारों सौदों में एडवांस भुगतान करीब 7 करोड़ यूरो तक पहुंच गया। नवंबर 2024 तक यूक्रेन पहुंचने थे गोले गोला-बारूद का पहला बैच नवंबर 2024 में यूक्रेन पहुंचना था, लेकिन डेटासेल ने देरी की। बाद में जो सामान पहुंचा, उसे लेकर भी सवाल उठाए गए। अधिकारियों के मुताबिक, कुछ खेप अधूरी थी और उसमें गोले चलाने के लिए जरूरी हिस्से मौजूद नहीं थे। इनमें फ्यूज, प्रोपेलेंट चार्ज और प्राइमर जैसे हिस्से शामिल बताए गए हैं। इसलिए एस्टोनिया ने कुछ सामान को स्वीकार नहीं किया। कंपनी ने आरोपों को खारिज किया डेटासेल ने एस्टोनिया के आरोपों को स्वीकार नहीं किया है। कंपनी का कहना है कि उसने बड़ी मात्रा में सामान तैयार किया और उसकी सप्लाई के लिए बिल भी दिए। कंपनी ने यह भी कहा कि डिलीवरी में देरी के पीछे अलग-अलग देशों से मंजूरी और जरूरी दस्तावेज मिलने में हुई देरी जैसी वजहें थीं। एस्टोनिया के 768 करोड़ रुपए अटके एस्टोनिया ने इस सौदे में करीब 768 करोड़ रुपए दिए थे। अब वह इस रकम को वापस पाने की कोशिश कर रहा है। अनुबंध को लेकर मामला मध्यस्थता तक पहुंच गया है। अगर पैसा वापस नहीं मिला तो एस्टोनिया पर इस रकम का वित्तीय बोझ पड़ सकता है। यूरोपीय आयोग भी एस्टोनिया के साथ इस मामले पर बातचीत कर रहा है। EU के फंड से आया था पैसा इस सौदे में इस्तेमाल हुआ पैसा यूरोपीय संघ की यूरोपियन पीस फैसिलिटी (EPF) से आया था। यह फंड यूक्रेन को सैन्य सहायता देने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। अब सवाल यह है कि अगर एस्टोनिया कंपनी से पैसा वापस नहीं ले पाया तो इस फंड का क्या होगा। यूरोपीय आयोग इस मामले में एस्टोनियाई अधिकारियों के संपर्क में है। मंत्री बोले- हर सौदे की जिम्मेदारी मेरी रक्षा मंत्री हानो पेवकुर ने कहा कि मंत्री खुद हर हथियार खरीद के कॉन्ट्रैक्ट पर बातचीत नहीं करता। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने संबंधित कॉन्ट्रैक्ट व्यक्तिगत रूप से नहीं पढ़े थे। लेकिन उनके मुताबिक, मंत्रालय के काम की राजनीतिक जिम्मेदारी रक्षा मंत्री की होती है। इसी वजह से उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया। जांच में खरीद प्रक्रिया पर भी सवाल एस्टोनिया के राष्ट्रीय लेखा कार्यालय ने इस सौदे को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। जांच का एक बड़ा मुद्दा यह है कि इतने बड़े रक्षा सौदे में ऐसी कंपनी को कैसे चुना गया, जिसके पास तोप के गोले की सप्लाई का पहले का अनुभव नहीं था। यानी विवाद सिर्फ इस बात पर नहीं है कि गोले समय पर पहुंचे या नहीं। सवाल यह भी है कि कंपनी का चयन कैसे हुआ और इतनी बड़ी रकम एडवांस में क्यों दी गई। ————————-

पान मसाला एड विवाद में शाहरुख की मुश्किल बढ़ेंगी!:FDA को नहीं भेजा जवाब, 15 दिन की समय सीमा खत्म, अजय देवगन-टाइगर श्रॉफ ने आदेश माना

पान मसाला एड विवाद में शाहरुख की मुश्किल बढ़ेंगी!:FDA को नहीं भेजा जवाब, 15 दिन की समय सीमा खत्म, अजय देवगन-टाइगर श्रॉफ ने आदेश माना

पान मसाला एड मामले में अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ ने महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) को अपना जवाब भेज दिया है। वहीं, शाहरुख खान की तरफ से अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। तीनों एक्टर्स को 14 अगस्त को नोटिस जारी कर 15 दिन के अंदर जवाब देने का आदेश दिया गया था। महाराष्ट्र FDA ने 11 अगस्त को शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को ‘च्युइंग इलायची’ ब्रांड का विज्ञापन करने के मामले में नोटिस भेजा था। नोटिस में 15 दिन के अंदर जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की बात कही गई थी। ‘सीएनएन-न्यूज18’ की रिपोर्ट के मुताबिक, रेगुलेटर को अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ के जवाब मिल गए हैं। शाहरुख खान का जवाब अभी तक नहीं मिला है और FDA उनके रिप्लाई का इंतजार कर रहा है। रेगुलेटर ने सवाल उठाया है कि क्या यह विज्ञापन विमल पान मसाला के सरोगेट प्रमोशन के बराबर हो सकता है। महाराष्ट्र में पान मसाला के प्रमोशन पर रोक है। FDA का कहना है कि भले ही विज्ञापन इलायची प्रोडक्ट के लिए है, लेकिन इसकी ब्रांडिंग पान मसाला ब्रांड से अप्रत्यक्ष कनेक्शन बना सकती है। तीनों एक्टर्स से मांगे गए थे सबूत FDA ने अजय देवगन, शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ से इस बात के सबूत मांगे थे कि उन्होंने विमल इलायची का जो विज्ञापन किया है, वह पूरी तरह अलग प्रोडक्ट है। इसके साथ ही उनसे यह भी साबित करने को कहा गया था कि यह विज्ञापन बैन किए गए विमल पान मसाला और तंबाकू के दूसरे प्रोडक्ट्स के प्रमोशन के लिए बनाया गया सरोगेट विज्ञापन नहीं है। शाहरुख के जवाब नहीं दिया तो लगेगा जुर्माना अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ का जवाब मिलने के बाद अब FDA शाहरुख खान के जवाब का इंतजार कर रहा है। शाहरुख की तरफ से जवाब नहीं मिलने पर FDA क्या कार्रवाई करेगा, यह अभी साफ नहीं है। जानकारी के मुताबिक, समय सीमा तक जवाब न देने की स्थिति में लाखों रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पान मसाला एड विवाद पर सेलेब्स के पुराने बयान पान मसाला एड पर लंबे समय से विवाद है। हालांकि एक्टर्स का कहना है कि एड नहीं बल्कि बिक्री पर रोक लगाना चाहिए। शाहरुख खान और अजय देवगन पहले भी कह चुके हैं कि अगर कोई प्रॉडक्ट सेहत के लिए नुकसानदेह है, तो सरकार को उसके निर्माण और बिक्री पर ही रोक लगा देनी चाहिए। CNN-IBN को दिए एक पुराने इंटरव्यू में शाहरुख खान से पूछा गया था कि स्वास्थ्य मंत्री ने सेलिब्रिटीज से सॉफ्ट ड्रिंक्स जैसे उत्पादों का विज्ञापन न करने की अपील की है, क्योंकि बच्चे उन्हें देखकर पीने लगते हैं। इस पर शाहरुख ने कहा था कि अगर सिगरेट या सॉफ्ट ड्रिंक्स खराब हैं, तो सरकार देश में उनकी बिक्री और उत्पादन ही रोक दे। सरकार को मिलता है रेवेन्यू, फिर मेरी कमाई क्यों रोकते हैं – शाहरुख शाहरुख खान ने अपने जवाब में तर्क दिया था कि सरकार ऐसे उत्पादों को इसलिए बंद नहीं करती क्योंकि वे सरकार के लिए राजस्व (रेवेन्यू) का जरिया हैं। शाहरुख ने कहा था कि जब सरकार अपने रेवेन्यू के लिए उत्पादन नहीं रोक रही है, तो उनकी कमाई को भी नहीं रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे एक एक्टर हैं और काम करके कमाना उनका पेशा है। अगर कोई चीज वाकई गलत है, तो उसका बनना ही बंद होना चाहिए। अजय देवगन बोले- मैं केवल इलायची का प्रचार करता हूं साल 2022 में भी जब इस तरह के विज्ञापन पर विवाद बढ़ा था, तब अभिनेता अजय देवगन ने अपना पक्ष रखा था। अजय ने कहा था कि वे केवल ‘इलायची’ का विज्ञापन करते हैं और सरोगेट एडवरटाइजिंग के आरोपों से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि किसी उत्पाद को इस्तेमाल करना इंसान की व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है। अजय ने भी शाहरुख खान की बात से सहमति जताते हुए कहा था कि अगर कोई उत्पाद हानिकारक है, तो सबसे पहले उसके निर्माण पर रोक लगानी चाहिए। सेलेब्स के इन एड पर भी हुआ विवाद- कृति सेनन रक्षाबंधन एड विवादः एक्ट्रेस कृति सेनन हाल ही में जूलरी ब्रांड जीवा के जूलरी ब्रांड में नजर आईं। एड में भाई और कुत्ते को राखी बांधती हुईं कृति ने रिवीलिंग कपड़े पहने, जिससे विवाद हो गया। आलोचना के बीच ब्रांड ने एड हटा दिया। आमिर खान गृहप्रवेश एड विवादः आमिर खान कुछ सालों पहले एक प्राइवेट बैंक के एड में कियारा आडवाणी संग नजर आए। इसमें आमिर शादी के बाद दुल्हन के गृह प्रवेश करने के उलट घर जमाई के रूप में ससुराल में गृह प्रवेश करते नजर आ रहे हैं। तनिष्क एड पर हिंदू-मुस्लिम विवादः टाटा ग्रुप के मशहूर ज्वेलरी ब्रांड तनिष्क ने कुछ सालों पहले इंटर रिलीजन मैरिज पर आधारित एड जारी किया था। विज्ञापन में एक हिंदू लड़की की मुस्लिम लड़के से शादी दिखाई गई है। एड पर जमकर विवाद हुआ, जिसके बाद तनिष्क ने वीडियो को यूट्यूब चैनल से हटा दिया है।

पान मसाला एड विवाद में शाहरुख की मुश्किल बढ़ेंगी!:FDA को नहीं भेजा जवाब, 15 दिन की समय सीमा खत्म, अजय देवगन-टाइगर श्रॉफ ने आदेश माना

पान मसाला एड विवाद में शाहरुख की मुश्किल बढ़ेंगी!:FDA को नहीं भेजा जवाब, 15 दिन की समय सीमा खत्म, अजय देवगन-टाइगर श्रॉफ ने आदेश माना

पान मसाला एड मामले में अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ ने महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) को अपना जवाब भेज दिया है। वहीं, शाहरुख खान की तरफ से अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। तीनों एक्टर्स को 14 अगस्त को नोटिस जारी कर 15 दिन के अंदर जवाब देने का आदेश दिया गया था। महाराष्ट्र FDA ने 11 अगस्त को शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को ‘च्युइंग इलायची’ ब्रांड का विज्ञापन करने के मामले में नोटिस भेजा था। नोटिस में 15 दिन के अंदर जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की बात कही गई थी। ‘सीएनएन-न्यूज18’ की रिपोर्ट के मुताबिक, रेगुलेटर को अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ के जवाब मिल गए हैं। शाहरुख खान का जवाब अभी तक नहीं मिला है और FDA उनके रिप्लाई का इंतजार कर रहा है। रेगुलेटर ने सवाल उठाया है कि क्या यह विज्ञापन विमल पान मसाला के सरोगेट प्रमोशन के बराबर हो सकता है। महाराष्ट्र में पान मसाला के प्रमोशन पर रोक है। FDA का कहना है कि भले ही विज्ञापन इलायची प्रोडक्ट के लिए है, लेकिन इसकी ब्रांडिंग पान मसाला ब्रांड से अप्रत्यक्ष कनेक्शन बना सकती है। तीनों एक्टर्स से मांगे गए थे सबूत FDA ने अजय देवगन, शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ से इस बात के सबूत मांगे थे कि उन्होंने विमल इलायची का जो विज्ञापन किया है, वह पूरी तरह अलग प्रोडक्ट है। इसके साथ ही उनसे यह भी साबित करने को कहा गया था कि यह विज्ञापन बैन किए गए विमल पान मसाला और तंबाकू के दूसरे प्रोडक्ट्स के प्रमोशन के लिए बनाया गया सरोगेट विज्ञापन नहीं है। शाहरुख के जवाब नहीं दिया तो लगेगा जुर्माना अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ का जवाब मिलने के बाद अब FDA शाहरुख खान के जवाब का इंतजार कर रहा है। शाहरुख की तरफ से जवाब नहीं मिलने पर FDA क्या कार्रवाई करेगा, यह अभी साफ नहीं है। जानकारी के मुताबिक, समय सीमा तक जवाब न देने की स्थिति में लाखों रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पान मसाला एड विवाद पर सेलेब्स के पुराने बयान पान मसाला एड पर लंबे समय से विवाद है। हालांकि एक्टर्स का कहना है कि एड नहीं बल्कि बिक्री पर रोक लगाना चाहिए। शाहरुख खान और अजय देवगन पहले भी कह चुके हैं कि अगर कोई प्रॉडक्ट सेहत के लिए नुकसानदेह है, तो सरकार को उसके निर्माण और बिक्री पर ही रोक लगा देनी चाहिए। CNN-IBN को दिए एक पुराने इंटरव्यू में शाहरुख खान से पूछा गया था कि स्वास्थ्य मंत्री ने सेलिब्रिटीज से सॉफ्ट ड्रिंक्स जैसे उत्पादों का विज्ञापन न करने की अपील की है, क्योंकि बच्चे उन्हें देखकर पीने लगते हैं। इस पर शाहरुख ने कहा था कि अगर सिगरेट या सॉफ्ट ड्रिंक्स खराब हैं, तो सरकार देश में उनकी बिक्री और उत्पादन ही रोक दे। सरकार को मिलता है रेवेन्यू, फिर मेरी कमाई क्यों रोकते हैं – शाहरुख शाहरुख खान ने अपने जवाब में तर्क दिया था कि सरकार ऐसे उत्पादों को इसलिए बंद नहीं करती क्योंकि वे सरकार के लिए राजस्व (रेवेन्यू) का जरिया हैं। शाहरुख ने कहा था कि जब सरकार अपने रेवेन्यू के लिए उत्पादन नहीं रोक रही है, तो उनकी कमाई को भी नहीं रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे एक एक्टर हैं और काम करके कमाना उनका पेशा है। अगर कोई चीज वाकई गलत है, तो उसका बनना ही बंद होना चाहिए। अजय देवगन बोले- मैं केवल इलायची का प्रचार करता हूं साल 2022 में भी जब इस तरह के विज्ञापन पर विवाद बढ़ा था, तब अभिनेता अजय देवगन ने अपना पक्ष रखा था। अजय ने कहा था कि वे केवल ‘इलायची’ का विज्ञापन करते हैं और सरोगेट एडवरटाइजिंग के आरोपों से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि किसी उत्पाद को इस्तेमाल करना इंसान की व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है। अजय ने भी शाहरुख खान की बात से सहमति जताते हुए कहा था कि अगर कोई उत्पाद हानिकारक है, तो सबसे पहले उसके निर्माण पर रोक लगानी चाहिए। सेलेब्स के इन एड पर भी हुआ विवाद- कृति सेनन रक्षाबंधन एड विवादः एक्ट्रेस कृति सेनन हाल ही में जूलरी ब्रांड जीवा के जूलरी ब्रांड में नजर आईं। एड में भाई और कुत्ते को राखी बांधती हुईं कृति ने रिवीलिंग कपड़े पहने, जिससे विवाद हो गया। आलोचना के बीच ब्रांड ने एड हटा दिया। आमिर खान गृहप्रवेश एड विवादः आमिर खान कुछ सालों पहले एक प्राइवेट बैंक के एड में कियारा आडवाणी संग नजर आए। इसमें आमिर शादी के बाद दुल्हन के गृह प्रवेश करने के उलट घर जमाई के रूप में ससुराल में गृह प्रवेश करते नजर आ रहे हैं। तनिष्क एड पर हिंदू-मुस्लिम विवादः टाटा ग्रुप के मशहूर ज्वेलरी ब्रांड तनिष्क ने कुछ सालों पहले इंटर रिलीजन मैरिज पर आधारित एड जारी किया था। विज्ञापन में एक हिंदू लड़की की मुस्लिम लड़के से शादी दिखाई गई है। एड पर जमकर विवाद हुआ, जिसके बाद तनिष्क ने वीडियो को यूट्यूब चैनल से हटा दिया है।

PAK ग्रूमिंग गैंग ने लंदन में सिख युवती को फंसाया:ब्रेनवॉश किया, नितनेम-गुरुद्वारा जाना छोड़ा, पुलिस को मां-बाप की शिकायत की, फिर घर छोड़ चली गई

PAK ग्रूमिंग गैंग ने लंदन में सिख युवती को फंसाया:ब्रेनवॉश किया, नितनेम-गुरुद्वारा जाना छोड़ा, पुलिस को मां-बाप की शिकायत की, फिर घर छोड़ चली गई

इंग्लैंड (UK) में पंजाबी युवती पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग के चंगुल में फंस गई। युवती की मां ने एक पंजाबी चैनल से बातचीत में कहा कि उसकी 19 साल की बेटी है। वह नितनेम करती, गुरुद्वारे जाकर सेवा करती थी लेकिन गैंग ने उसे फंसा लिया। उसने सब कुछ छोड़ दिया। उसका ब्रेनवॉश कर दिया। जब हमने समझाने की कोशिश की तो हमारी शिकायत लंदन पुलिस को कर दी। इसके बाद हमें छोड़कर चली गई। मां ने कहा कि यूनिवर्सिटी में लड़कियों के एक ग्रुप से जोड़ने के बाद एक लड़का उसके टच में आया, उसके बाद ही उसका पूरा व्यवहार बदल गया। उसने इंग्लैंड में रहते सिखों से इस मामले में मदद मांगी है। लड़की को कैसे फंसाया, ग्रूमिंग गैंग का पूरा प्रोसेस क्या है, आगे क्या होता है, ये जानने के लिए पूरी रिपोर्ट पढ़िए… 5 पॉइंट में जानिए, युवती की मां ने ग्रूमिंग को लेकर क्या कहा.. 1. स्कूल में पढ़ी, यूनिवर्सिटी तक सब ठीक था मां ने कहा- मेरी बेटी का नाम सिमरन है। वह 19 साल की है। बेटी यहीं (लंदन) की जन्मी है, लेकिन फिर भी वह जैसी हमारी भारतीय समुदाय की बच्चियां होती हैं, उस तरह थी। हमारे घर में एक अच्छे माहौल में पली-बढ़ी थी उसने स्कूल खत्म किया और सितंबर 2025 में यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए गई। तब तक सब कुछ ठीक था। 2. यूनिवर्सिटी में लड़कियों का ग्रुप बना, फिर एक लड़का उसके टच में आया मां ने कहा- यूनिवर्सिटी में जाकर मुस्लिम लड़कियों का ग्रुप बना। फिर एक लड़का उनके संपर्क में आया। जिसने मेरी बेटी से संपर्क किया और फिर उसका थोड़ा-थोड़ा व्यवहार बदलने लगा। वह पहले बहुत अच्छी थी, बहुत इज्जत करती थी हमारी, कभी वह हमारे आगे बोलती नहीं थी। फिर हमें शक हुआ कि शायद कुछ गलत है। हमें जून 2026 में पता चला कि एक मुस्लिम लड़का उसके साथ जुड़ चुका है। उसके बाद उसका व्यवहार बदल गया। 3. मां-बाप को वह बातें बोलती, जिससे यकीन नहीं आता मां ने कहा- वह काफी आक्रामक होने लगी। यहां तक कि उसको यह पता चलना बंद हो गया कि हम उसके माता-पिता हैं। वह कभी-कभी हमें इतनी गलत चीजें बोल देती थी कि हम विश्वास ही नहीं कर पाते थे कि यह सिमरन ही बोल रही है। स्कूल में हर टीचर उसकी तारीफ करता था कि यह हमारी बहुत इज्जत करती है। 4. घर पर पाठ करती, गुरुद्वारे जाती, फिर पूरी बदल गई मां ने कहा- वह घर पर पाठ करती थी। जब भी उसको समय मिलता था, हम गुरुद्वारे जाते, सेवा करके आते थे। उसका ब्रेनवाश कर दिया गया। मतलब कि पूरी तरह से बदल दिया उसको। वह अपना किरदार ही भूल गई। मेरी फैमिली गुरसिख है। पति का परिवार अमृतधारी है। बेटी सिमरन भी सिक्खी को मानती थी लेकिन फिर वह पूरी तरह से बदल गई। 5. समझाया तो पुलिस को हमारी ही शिकायत कर दी, फिर छोड़कर चली गई मां ने कहा- जब हमने उसे समझाने की कोशिश की तो उसने लंदन पुलिस को शिकायत कर दी। उसने झूठ कहा कि हमने उसको मारा-पीटा। जबकि हमने कभी भी उस पर हाथ नहीं उठाया। यहां तक कि हमने उससे ऊंची आवाज में बात करना भी बंद कर दिया था। हमें लगता था कि हम प्यार से उसको समझा लें, घर वापस ले आएं, हर वह चीजें करने लगे, जिससे वह खुश रहती थी। लेकिन मुझे नहीं पता कि उसका इतना माइंडवॉश कर दिया उन्होंने कि हमारी मेरी पूरी फैमिली पर आरोप लगाकर वह चली गई। पहले भी एक युवती ने ऑनसक्रीन किए थे खुलासे बता दें, 6 महीने पहले इंग्लैंड में रहने वाले पंजाबी नवदीप सिंह ने एक युवती का वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें युवती ने ऐसे ही कुछ दावे किए थे। उसने बताया था कि ब्रिटेन में कौर-टू-खान मूवमेंट चल रहा है। सिख लड़कियों को फंसाकर उन्हें मुसलमान बनाया जा रहा है। इसके लिए यूके में पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग सक्रिय है। युवती ने वीडियो में दावा किया था कि यूके में ग्रूमिंग गैंग को कौर (सिख लड़की) से खान (मुस्लिम) बनाने पर 10 हजार पाउंड दिए जा रहे हैं। युवती का कहना था कि पाकिस्तानी मूल की ग्रूमिंग गैंग सोची-समझी साजिश के तहत गैर-मुस्लिम लड़कियों, खासकर सिख लड़कियों को निशाना बना रहे हैं। युवती ने ग्रूमिंग गैंग की स्ट्रेटजी का भी खुलासा किया था। उसका कहना था कि ग्रूमिंग गैंग पहले लड़कियों को टारगेट कर उनसे इमोशनली अटैच होते हैं, फिर उन्हें महंगी गाड़ियों व रेस्टोरेंट्स में घुमाते हैं और जब लड़की उनके जाल में फंस जाती है तो उसका धर्म परिवर्तन करा देते हैं। युवती का दावा है कि अलग-अलग धर्म की लड़कियों को फंसाने के रेट भी अलग हैं। सिख लड़की को फंसाकर मुस्लिम बनाने पर युवक को 10,000 पाउंड (करीब 11 लाख रुपये) मिलते हैं। वहीं, हिंदू या ईसाई लड़की के धर्म परिवर्तन कराने पर 5,000 पाउंड (करीब साढ़े 5 लाख रुपये) का इनाम दिया जाता है। कैसे जाल बिछाते हैं ग्रूमिंग गैंग, स्टेप-टू-स्टेप प्रोसेस जानिए…

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PAK ग्रूमिंग गैंग ने लंदन में सिख युवती को फंसाया:ब्रेनवॉश किया, नितनेम-गुरुद्वारा जाना छोड़ा, पुलिस को मां-बाप की शिकायत की, फिर घर छोड़ चली गई

इंग्लैंड (UK) में पंजाबी युवती पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग के चंगुल में फंस गई। युवती की मां ने एक पंजाबी चैनल से बातचीत में कहा कि उसकी 19 साल की बेटी है। वह नितनेम करती, गुरुद्वारे जाकर सेवा करती थी लेकिन गैंग ने उसे फंसा लिया। उसने सब कुछ छोड़ दिया। उसका ब्रेनवॉश कर दिया। जब हमने समझाने की कोशिश की तो हमारी शिकायत लंदन पुलिस को कर दी। इसके बाद हमें छोड़कर चली गई। मां ने कहा कि यूनिवर्सिटी में लड़कियों के एक ग्रुप से जोड़ने के बाद एक लड़का उसके टच में आया, उसके बाद ही उसका पूरा व्यवहार बदल गया। उसने इंग्लैंड में रहते सिखों से इस मामले में मदद मांगी है। लड़की को कैसे फंसाया, ग्रूमिंग गैंग का पूरा प्रोसेस क्या है, आगे क्या होता है, ये जानने के लिए पूरी रिपोर्ट पढ़िए… 5 पॉइंट में जानिए, युवती की मां ने ग्रूमिंग को लेकर क्या कहा.. 1. स्कूल में पढ़ी, यूनिवर्सिटी तक सब ठीक था मां ने कहा- मेरी बेटी का नाम सिमरन है। वह 19 साल की है। बेटी यहीं (लंदन) की जन्मी है, लेकिन फिर भी वह जैसी हमारी भारतीय समुदाय की बच्चियां होती हैं, उस तरह थी। हमारे घर में एक अच्छे माहौल में पली-बढ़ी थी उसने स्कूल खत्म किया और सितंबर 2025 में यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए गई। तब तक सब कुछ ठीक था। 2. यूनिवर्सिटी में लड़कियों का ग्रुप बना, फिर एक लड़का उसके टच में आया मां ने कहा- यूनिवर्सिटी में जाकर मुस्लिम लड़कियों का ग्रुप बना। फिर एक लड़का उनके संपर्क में आया। जिसने मेरी बेटी से संपर्क किया और फिर उसका थोड़ा-थोड़ा व्यवहार बदलने लगा। वह पहले बहुत अच्छी थी, बहुत इज्जत करती थी हमारी, कभी वह हमारे आगे बोलती नहीं थी। फिर हमें शक हुआ कि शायद कुछ गलत है। हमें जून 2026 में पता चला कि एक मुस्लिम लड़का उसके साथ जुड़ चुका है। उसके बाद उसका व्यवहार बदल गया। 3. मां-बाप को वह बातें बोलती, जिससे यकीन नहीं आता मां ने कहा- वह काफी आक्रामक होने लगी। यहां तक कि उसको यह पता चलना बंद हो गया कि हम उसके माता-पिता हैं। वह कभी-कभी हमें इतनी गलत चीजें बोल देती थी कि हम विश्वास ही नहीं कर पाते थे कि यह सिमरन ही बोल रही है। स्कूल में हर टीचर उसकी तारीफ करता था कि यह हमारी बहुत इज्जत करती है। 4. घर पर पाठ करती, गुरुद्वारे जाती, फिर पूरी बदल गई मां ने कहा- वह घर पर पाठ करती थी। जब भी उसको समय मिलता था, हम गुरुद्वारे जाते, सेवा करके आते थे। उसका ब्रेनवाश कर दिया गया। मतलब कि पूरी तरह से बदल दिया उसको। वह अपना किरदार ही भूल गई। मेरी फैमिली गुरसिख है। पति का परिवार अमृतधारी है। बेटी सिमरन भी सिक्खी को मानती थी लेकिन फिर वह पूरी तरह से बदल गई। 5. समझाया तो पुलिस को हमारी ही शिकायत कर दी, फिर छोड़कर चली गई मां ने कहा- जब हमने उसे समझाने की कोशिश की तो उसने लंदन पुलिस को शिकायत कर दी। उसने झूठ कहा कि हमने उसको मारा-पीटा। जबकि हमने कभी भी उस पर हाथ नहीं उठाया। यहां तक कि हमने उससे ऊंची आवाज में बात करना भी बंद कर दिया था। हमें लगता था कि हम प्यार से उसको समझा लें, घर वापस ले आएं, हर वह चीजें करने लगे, जिससे वह खुश रहती थी। लेकिन मुझे नहीं पता कि उसका इतना माइंडवॉश कर दिया उन्होंने कि हमारी मेरी पूरी फैमिली पर आरोप लगाकर वह चली गई। पहले भी एक युवती ने ऑनसक्रीन किए थे खुलासे बता दें, 6 महीने पहले इंग्लैंड में रहने वाले पंजाबी नवदीप सिंह ने एक युवती का वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें युवती ने ऐसे ही कुछ दावे किए थे। उसने बताया था कि ब्रिटेन में कौर-टू-खान मूवमेंट चल रहा है। सिख लड़कियों को फंसाकर उन्हें मुसलमान बनाया जा रहा है। इसके लिए यूके में पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग सक्रिय है। युवती ने वीडियो में दावा किया था कि यूके में ग्रूमिंग गैंग को कौर (सिख लड़की) से खान (मुस्लिम) बनाने पर 10 हजार पाउंड दिए जा रहे हैं। युवती का कहना था कि पाकिस्तानी मूल की ग्रूमिंग गैंग सोची-समझी साजिश के तहत गैर-मुस्लिम लड़कियों, खासकर सिख लड़कियों को निशाना बना रहे हैं। युवती ने ग्रूमिंग गैंग की स्ट्रेटजी का भी खुलासा किया था। उसका कहना था कि ग्रूमिंग गैंग पहले लड़कियों को टारगेट कर उनसे इमोशनली अटैच होते हैं, फिर उन्हें महंगी गाड़ियों व रेस्टोरेंट्स में घुमाते हैं और जब लड़की उनके जाल में फंस जाती है तो उसका धर्म परिवर्तन करा देते हैं। युवती का दावा है कि अलग-अलग धर्म की लड़कियों को फंसाने के रेट भी अलग हैं। सिख लड़की को फंसाकर मुस्लिम बनाने पर युवक को 10,000 पाउंड (करीब 11 लाख रुपये) मिलते हैं। वहीं, हिंदू या ईसाई लड़की के धर्म परिवर्तन कराने पर 5,000 पाउंड (करीब साढ़े 5 लाख रुपये) का इनाम दिया जाता है। कैसे जाल बिछाते हैं ग्रूमिंग गैंग, स्टेप-टू-स्टेप प्रोसेस जानिए…

बिहार डूबेगा या बचेगा?:नेपाल में दूसरा ग्लेशियर फटने वाला है; 8 दिनों में ऐसा क्या हुआ कि सरकार बोली- हालात गंभीर हैं

बिहार डूबेगा या बचेगा?:नेपाल में दूसरा ग्लेशियर फटने वाला है; 8 दिनों में ऐसा क्या हुआ कि सरकार बोली- हालात गंभीर हैं

बिहार डूबेगा कि बचेगा…नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के 8 दिन बाद अब हर कोई जानना चाहता है। राज्य की 8 नदियां- गंगा, सोन, पुनपुन, कोसी, गंडक, बुढ़ी गंडक, बागमती और घाघरा खतरे के निशान से ऊपर हैं। दूसरी तरफ नेपाल में दूसरे ग्लेशियर के फटने का अलर्ट जारी कर दिया गया है। ऐसा क्यों कहा जा रहा कि अबकी ग्लेशियर फटा तो पटना सहित 10 शहर डूब जाएंगे, हिमालय की चोटी पर क्या चल रहा है, समझेंगे; बूझे की नाही में…। बिहार की चिंता बढ़ाने वाले 3 बड़े फैक्टर 1. नेपाल में फटने वाला है दूसरा ग्लेशियर चीन के जल संसाधन मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल में एक नया ग्लेशियल लेक फटने वाला है। कब फटेगा, इसका सटीक अंदाजा लगाना कठिन है। नया ग्लेशियल लेक लांगटांग लिरुंग हिमालय के पश्चिमी ढलान पर, रसुवा में तेनजिंग के ठीक सामने है। दरअसल… नेपाल से निकलने वाली 7 से 9 बड़ी नदियां बहकर बिहार-UP के मैदानी इलाकों में आती हैं। जब नेपाल के पहाड़ों में भारी बारिश होती है, तो इन्हीं नदियों के जरिए बिहार में बाढ़ का पानी आता है। इसे ऐसे समझिए… केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, कोसी, गंडक, बागमती और घाघरा ही वे नदियां हैं, जो बिहार में बाढ़ लाती हैं। इसलिए अगर अबकी बार ग्लेशियर फटा तो फिर भारी मात्रा में पानी बिहार पहुंचेगा। 2. 8 नदियां उफान पर, दबाव बढ़ा तो टूट जाएंगे बाढ़ ताजा हालात है कि बिहार की आठ नदियां गंगा, सोन, पुनपुन, कोसी, गंडक, बुढ़ी गंडक, बागमती और घघरा खतरे के निशान से ऊपर हैं। 3 सितंबर तक बिहार जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक… वहीं, नेपाल में आई तबाही के दिन 26 अगस्त से 3 सितंबर की सुबह 8 बजे तक बिहार में 3 बैराज से 1.98 करोड़ क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। एक क्यूसेक पानी यानी 28.3 लीटर/प्रति सेकंड। मतलब 56,119.4 करोड़ लीटर/प्रति सेकंड पानी बिहार में 9 दिन के अंदर आ चुका है। मतलब अगर नेपाल में दूसरा ग्लेशियर टूटा तो बिहार में हालात खराब हो जाएंगे। क्योंकि अभी ही नदियों में पानी काफी बढ़ गया है। आगे पानी आने पर तबाही ही मचेगी। 3. नेपाल में बारिश का अलर्ट, नदियों में बढ़ेगा पानी बिहार की सबसे बड़ी चिंता नेपाल में भारी बारिश का अलर्ट है। नेपाल के बाढ़ पूर्वानुमान विभाग के मुताबिक, भोटेकोशी और त्रिशूली नदी फिलहाल चेतावनी स्तर से नीचे बह रही हैं, फिर भी रसुवा और नुवाकोट में अचानक बाढ़ आने की ज्यादा संभावना है। दोनों जिलों में भोटेकोशी, त्रिशूली और छोटी नदियों का जलस्तर काफी बढ़ सकता है, जिससे अचानक बाढ़ आने का भारी खतरा है। वहीं, नेपाल के मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों यानी 6 सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। नेपाल के जल संसाधन विभाग ने कहा कि कोशी बेसिन की सप्तकोशी, तमोर, अरुण, दूधकोशी, तामाकोशी और सुनकोशी तथा नारायणी बेसिन की नारायणी, त्रिशूली, बूढ़ी गंडकी, मर्स्यांगदी, सेती और काली गंडकी जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। विभाग ने नेपाल की छोटी नदियों में पानी बढ़ने की भी बातें कही है। इधर… पटना मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, 5 सितंबर तक पूरे बिहार में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज और सीवान जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। जबकि, पटना, नालंदा, जहानाबाद, नवादा, गया, लखीसराय, शेखपुरा और बेगूसराय में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। …तो क्या बड़े शहर भी डूब सकते हैं? बिल्कुल। राज्य की नदियों में बढ़ते पानी से 13 जिले दरभंगा, मधुबनी, पश्चिम चंपारण, कटिहार, मधेपुरा, पूर्णिया, सहरसा, खगड़िया, वैशाली, बेगूसराय, भागलपुर, समस्तीपुर, मुंगेर प्रभावित हैं। बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग ने 3 सितंबर की शाम अलर्ट जारी करते हुए कहा कि पटना में गंगा नदी हाई फ्लड लेबल को क्रास करने वाली है। इसलिए सभी पदाधिकारी और लोग अलर्ट रहें। निचले इलाकों को बचाने के लिए तुरंत तैयारी में जुट जाएं। विभाग ने कहा है कि दक्षिण बिहार की सोन, पुनपुन, दरधा में बढ़ते पानी को देखते हुए नालंदा, भोजपुर, वैशाली, सारण, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद में लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। मतलब साफ है कि अगर नेपाल से और पानी आया तो बिहार के कम से कम 10 से ज्यादा शहर डूब सकते हैं। जिसमें राजधानी पटना भी शामिल हो सकता है। ऐसा पहले भी हो चुका है…

अमिताभ बच्चन ने परीक्षा में की थी चीटिंग:अक्षय कुमार के सवाल पर बोले- थोड़ी चीटिंग की थी, एक्टर ने जोड़ लिए हाथ

अमिताभ बच्चन ने परीक्षा में की थी चीटिंग:अक्षय कुमार के सवाल पर बोले- थोड़ी चीटिंग की थी, एक्टर ने जोड़ लिए हाथ

टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) के अपकमिंग एपिसोड में अक्षय कुमार और सैफ अली खान हॉटसीट पर नजर आएंगे। एपिसोड में अक्षय ने होस्ट अमिताभ बच्चन से पूछा कि क्या उन्होंने कभी परीक्षा में चीटिंग की है। जिसके बाद अमिताभ ने जवाब दिया कि उन्होंने भी थोड़ी-बहुत चीटिंग की है। दरअसल, शो के सामने आए प्रोमो में अक्षय कुमार अमिताभ बच्चन से मजेदार सवाल करते दिखाई दे रहे हैं। बातचीत के दौरान परीक्षा में पास होने की बात छिड़ती है। अमिताभ ने अक्षय से पूछा कि इतनी बदमाशी करने के बावजूद वह इम्तिहान कैसे पास करते थे। इस पर अक्षय ने स्वीकार किया कि वह चीटिंग करके पास होते थे। इसके बाद अक्षय ने अमिताभ से भी पूछ लिया कि क्या उन्होंने कभी चीटिंग की है। अमिताभ ने जवाब दिया, “सच बात तो यह है कि मैंने भी थोड़ी-बहुत चीटिंग की है।” बिग बी का यह जवाब सुनकर अक्षय ने हाथ जोड़ लिए और दर्शकों से कहा कि यह गलत बात है, इसलिए ऐसे जवाब पर ताली न बजाएं। B.Sc के पेपर में अमिताभ बच्चन फेल हो गए थे इससे पहले साल 2023 में KBC पर ही अमिताभ बच्चन ने बताया था कि B.Sc के पेपर में वो फेल हो गए थे। बिग बी ने कहा था कि ग्रेजुएशन में उन्होंने गलत सब्जेक्ट का चुनाव कर लिया था, जिस कारण उन्हें ये दिक्कत हुई। अमिताभ बच्चन ने कहा था कि उन्होंने B.Sc में एडमिशन लिया था। बाद में ये सब्जेक्ट लेने पर उन्हें बहुत पछतावा हुआ। ये उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं था। 3 साल तक इस सब्जेक्ट को उन्होंने एक बोझ की तरह झेला। खासतौर पर फिजिक्स उन्हें बिल्कुल भी समझ नहीं आती थी। जिस कारण उनके मन में डर सा बैठ गया था। जब पेपर होने को 2 महीने बचे थे, तब उन्होंने किसी तरह सब कुछ बस रट लिया था। हालांकि, उनका ये रटा काम नहीं आया और फिजिक्स में फेल हो गए। इस कारण उन्हें दोबारा से एग्जाम देना पड़ा, पर इस बार वो सारे सब्जेक्ट में पास हो गए थे। अमिताभ ने पूछा, करीना उन्हें रिश्ते में क्या कहेंगी? इस एपिसोड में अमिताभ बच्चन ने सैफ अली खान से उनके पारिवारिक रिश्ते को लेकर बात की। अमिताभ ने सैफ से कहा, “बहुत से लोगों को नहीं पता कि ये हमारे रिश्ते में हैं।” यह सुनकर सैफ हैरान हुए और उन्होंने पूछा, “मैं?” अमिताभ ने इसके बाद कपूर और नंदा परिवार के जरिए दोनों परिवारों के जुड़ाव की जानकारी दी। शो पर अमिताभ ने यह कनेक्शन समझाते हुए कहा, “राज कपूर की बेटी रितु का बेटा निखिल मेरी बेटी श्वेता से शादीशुदा है।” इसके बाद अमिताभ ने मजाकिया अंदाज में सैफ से पूछा कि करीना उन्हें क्या कहेंगी? इस पर सैफ ने कहा कि भगवान का शुक्र है कि यह सवाल शो में नहीं है। कपूर-नंदा परिवार से जुड़ा रिश्ता अमिताभ बच्चन की बेटी श्वेता बच्चन की शादी निखिल नंदा से हुई है। निखिल की मां रितु नंदा, फिल्ममेकर राज कपूर की बेटी हैं। राज कपूर, करीना कपूर के दादा थे। करीना राज कपूर के बड़े बेटे रणधीर कपूर की बेटी हैं। इस वजह से निखिल नंदा और करीना कपूर कजिन हैं। सैफ अली खान की शादी करीना से हुई है, इसलिए बच्चन परिवार से उनका सीधा रिश्ता (जैसे चाचा-भतीजी, मामा-भांजी आदि) नहीं है, बल्कि शादी के जरिए जुड़ा है। सैफ अली खान और अक्षय कुमार की अपकमिंग फिल्म ‘हैवान’ की बात करें तो यह फिल्म प्रियदर्शन की 2016 में रिलीज हुई मलयालम फिल्म ‘ओप्पम’ का रीमेक है, जिसमें मोहनलाल मुख्य भूमिका में थे। फिल्म में बोमन ईरानी, श्रिया पिलगांवकर, सैयामी खेर, राजपाल यादव, शारिब हाशमी, राजेश शर्मा और मनोज जोशी भी अहम भूमिकाओं में हैं। …………….. यह खबर भी पढ़ें… दाऊद इब्राहिम ने ऋषि कपूर को चाय पर बुलाया था: रोल्स रॉयस भेजी थी, फिल्म ‘तवायफ’ में दाऊद नाम रखने की भी तारीफ की थी दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर की आज 74वीं बर्थ एनिवर्सरी है। ऋषि कपूर ने अपनी किताब ‘खुल्लम खुल्ला’ में जिंदगी से जुड़े कई किस्से साझा किए थे। किताब में उन्होंने दाऊद इब्राहिम से दुबई में 2 बार हुई मुलाकात का जिक्र भी किया था। इंडिया टुडे टीवी को दिए इंटरव्यू में भी ऋषि कपूर ने दाऊद से हुई पहली मुलाकात को लेकर कई बातें शेयर की थीं। उन्होंने बताया था कि 1988 में वह आर.डी. बर्मन, आशा भोसले और बिट्टू आनंद के साथ शो के लिए दुबई पहुंचे थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…