Monday, 21 Sep 2026 | 11:52 PM

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रिपोर्ट: ईरानी राष्ट्रपति पजशकियान ने सुप्रीम लीडर को इस्तीफा भेजा:इस्लामिक सेना के कंट्रोल से नाराज, कहा- बड़े फैसलों में शामिल नहीं किया जाता

रिपोर्ट: ईरानी राष्ट्रपति पजशकियान ने सुप्रीम लीडर को इस्तीफा भेजा:इस्लामिक सेना के कंट्रोल से नाराज, कहा- बड़े फैसलों में शामिल नहीं किया जाता

ईरान में राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने इस्तीफा दे दिया है। ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने देश के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह मोजतबा खामेनेई को अपना इस्तीफा भेज दिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पजशकियान ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि देश की सत्ता पर अब पूरी तरह इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडरों का कंट्रोल हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि फरवरी में अमेरिका और इजराइल के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से उनकी सरकार को अहम फैसलों की प्रक्रिया से लगभग अलग कर दिया गया है। पजशकियान के मुताबिक, उनकी सरकार को बड़े फैसलों में शामिल नहीं किया जा रहा है और वास्तविक नियंत्रण सैन्य नेतृत्व के हाथों में चला गया है। अभी यह साफ नहीं है कि सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई उनका इस्तीफा स्वीकार करेंगे या नहीं। हालांकि, फर्स्टपोस्ट के मुताबिक ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय में संचार और सूचना प्रसार विभाग के डिप्टी चीफ सैयद मेहदी तबातबाई ने इस रिपोर्ट को खारिज किया है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

बेंगलुरु को दोबारा चैंपियन बनाने वाले टॉप-5 फैक्टर:टीम में 8 मैच विनर; कोहली ने 675 रन बनाए, भुवनेश्वर ने 28 विकेट लिए

बेंगलुरु को दोबारा चैंपियन बनाने वाले टॉप-5 फैक्टर:टीम में 8 मैच विनर; कोहली ने 675 रन बनाए, भुवनेश्वर ने 28 विकेट लिए

18 साल तक ट्रॉफी का इंतजार… फिर लगातार दो खिताब। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL में अपनी कहानी ही बदल दी है। जिस टीम को कभी ‘अंडरअचीवर’ कहा जाता था, वही अब लगातार दूसरी बार चैंपियन बन गई है। उसने रविवार को खेले गए फाइनल में गुजरात को 5 विकेट से हराकर IPL 2026 की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। कप्तान रजत पाटीदार लगातार दो IPL ट्रॉफी जीतने वाले सिर्फ तीसरे कप्तान बने। उनसे पहले महेंद्र सिंह धोनी (2009, 2010) और रोहित शर्मा (2019, 2020) ही ऐसा कर पाए थे। RCB की सफलता की सबसे बड़ी वजह यह रही कि टीम किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं रही। बल्लेबाजी में विराट कोहली, रजत पाटीदार और देवदत्त पडिक्कल ने रन बनाए। गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार, रसिख सलाम और जोश हेजलवुड ने जिम्मेदारी संभाली। टीम के 8 अलग-अलग खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द मैच भी बने। RCB के टाइटल जीतने के 5 फैक्टर्स… 1. टॉप ऑर्डर ने मिलकर दबाव नहीं बनने दिया बेंगलुरु की बल्लेबाजी इस सीजन उसकी सबसे बड़ी ताकत रही। ओपनर विराट कोहली ने फाइनल में नाबाद 75 रन की पारी खेलकर टीम को चैंपियन बनाया। उन्होंने 16 मैचों में 675 रन बनाए। स्ट्राइक रेट 165.84 का रहा और एक शतक के साथ 5 अर्धशतक भी लगाए। कप्तान रजत पाटीदार ने भी आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने 15 मैचों में 501 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 192.69 का रहा। वहीं देवदत्त पडिक्कल ने 464 रन बनाकर टॉप ऑर्डर को और मजबूत किया। इन तीनों बल्लेबाजों ने मिलकर 1640 रन बनाए। वहीं वेंकटेश अय्यर 6 इनिंग में 209 रन बनाए। फाइनल में उन्होंने 16 बॉल पर 32 रन की पारी खेली। यही कारण रहा कि RCB को पूरे सीजन में मिडिल ऑर्डर में ज्यादा दबाव नहीं झेलना पड़ा। 2. भुवनेश्वर-हेजलवुड ने संभाली गेंदबाजी RCB की बॉलिंग यूनिट इस सीजन बेहद संतुलित नजर आई। अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने 16 मैचों में 28 विकेट लेकर टीम को लीड किया। रसिख सलाम ने 12 मैचों में 19 विकेट लेकर सभी को प्रभावित किया। वहीं जोश हेजलवुड ने सिर्फ 13 मैच खेलकर 15 विकेट लिए। जैकब डफी ने भी 6 मैचों में 9 विकेट निकालकर योगदान दिया। स्पिन डिपार्टमेंट में क्रुणाल पंड्या ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 226 रन बनाने के साथ 14 विकेट भी लिए। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान देने के कारण वे टूर्नामेंट के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर साबित हुए। जब तेज गेंदबाज विकेट नहीं निकाल पाते थे, तब क्रुणाल और सुयश शर्मा (9 विकेट) जैसे स्पिनर बीच के ओवरों में रन रोककर मैच का रुख बदल देते थे। यही बैलेंस RCB की गेंदबाजी को बाकी टीमों से अलग बनाता रहा। 3. अलग-अलग 8 मैच विनर किसी भी चैंपियन टीम की पहचान उसके मैच विनर्स होते हैं और RCB के पास उनकी कोई कमी नहीं थी। इस सीजन टीम के 8 अलग-अलग खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द मैच बने। विराट कोहली ने सबसे ज्यादा 3 बार यह अवॉर्ड जीता। जोश हेजलवुड 2 बार और टिम डेविड, जैकब डफी, वेंकटेश अय्यर, भुवनेश्वर कुमार, रजत पाटीदार और फिल सॉल्ट भी एक-एक बार प्लेयर ऑफ द मैच बने। यानी टीम की जीत सिर्फ कोहली या पाटीदार पर निर्भर नहीं रही। अलग-अलग मुकाबलों में अलग-अलग खिलाड़ियों ने जिम्मेदारी संभाली और टीम को जीत दिलाई। यही कारण रहा कि जब किसी एक खिलाड़ी का दिन खराब रहा, तब दूसरा खिलाड़ी टीम को जीत की मंजिल तक ले गया। 4. होमग्राउंड में 86% मैच जीते RCB ने इस सीजन अपने घरेलू मैदान को किला बना दिया। टीम ने होम ग्राउंड पर खेले 7 में से 6 मुकाबले जीते और जीत प्रतिशत 86 रहा। पिछले सीजन टीम को घर पर हुए 6 मैचों में 3 में हार मिली थी। 2 में जीत मिली वहीं एक मैच बेनतीजा रहा। बेंगलुरु ने चिन्नास्वामी स्टेडियम के अलावा रायपुर को भी अपने घरेलू मैदान के तौर पर इस्तेमाल किया और दोनों जगह शानदार प्रदर्शन किया। खास बात यह रही कि टीम पूरे सीजन कभी लगातार दो से ज्यादा मैच नहीं हारी। बेंगलुरु ने अपने घर में सनराइजर्स हैदराबाद, चेन्नई सुपर किंग्स, लखनऊ सुपर जायंट्स और गुजरात टाइटंस जैसी मजबूत टीमों को हराया। घरेलू मैदान पर उसे सिर्फ दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ हार मिली। घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने के साथ-साथ रजत पाटीदार की कप्तानी भी शानदार रही। उन्होंने परिस्थितियों और बल्लेबाजों की कमजोरी के हिसाब से गेंदबाजों का इस्तेमाल किया। यही वजह रही कि टीम लीग स्टेज में लगातार जीत दर्ज करती रही और प्लेऑफ में मजबूत स्थिति के साथ पहुंची। 5. कोहली के लगातार चौथे सीजन 600+ रन विराट कोहली का शानदार फॉर्म RCB की सफलता की सबसे बड़ी वजहों में शामिल रहा। उन्होंने लगातार चौथे सीजन 600 से ज्यादा रन बनाए। इससे भी खास बात यह रही कि पूरे सीजन टीम का ओपनिंग कॉम्बिनेशन बदलता रहा, लेकिन कोहली के प्रदर्शन में कोई गिरावट नहीं आई। RCB के ओपनर फिल सॉल्ट चोट के कारण सिर्फ 6 मैच ही खेल सके। इसके बाद टीम ने जैकब बेथेल को मौका दिया, लेकिन वे 7 मैचों में सिर्फ 96 रन ही बना पाए। लीग स्टेज के आखिरी मुकाबलों और प्लेऑफ में वेंकटेश अय्यर ने कोहली के साथ पारी की शुरुआत की। लगातार बदलते ओपनिंग पार्टनर्स के बावजूद कोहली ने अपनी लय बरकरार रखी। उन्होंने सीजन में टीम के लिए सबसे ज्यादा 675 रन बनाए। बड़े मैचों में उन्होंने पारी को संभाला, जबकि दूसरे बल्लेबाज अटैकिंग बैटिंग करते रहे। RCB की इस खिताबी जीत ने साबित कर दिया कि IPL सिर्फ स्टार खिलाड़ियों के दम पर नहीं जीता जाता। मजबूत टीम कॉम्बिनेशन, कई मैच विनर्स, बैलेंस्ड बॉलिंग और बेहतरीन कप्तानी ही किसी टीम को चैंपियन बनाते हैं।

पाटीदार ने धोनी और रोहित की बराबरी की:कोहली की फास्टेस्ट फिफ्टी, सूर्यवंशी ने सीजन में सबसे ज्यादा 72 सिक्स लगाए; टॉप-15 रिकॉर्ड्स

पाटीदार ने धोनी और रोहित की बराबरी की:कोहली की फास्टेस्ट फिफ्टी, सूर्यवंशी ने सीजन में सबसे ज्यादा 72 सिक्स लगाए; टॉप-15 रिकॉर्ड्स

IPL 2026 रिकॉर्ड्स वाला सीजन साबित हुआ। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लगातार दूसरी बार ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा। कप्तान रजत पाटीदार ने महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा के खास क्लब में जगह बना ली। वे लगातार दो ट्रॉफी जीतने वाले तीसरे कप्तान बने। फाइनल में विराट कोहली ने अपने IPL करियर की सबसे तेज फिफ्टी लगाकर जीत दिलाई। दूसरी ओर, 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने एक सीजन में 72 सिक्स लगाकर क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया और एक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। सूर्यवंशी सबसे कम उम्र में ऑरेंज कैप जीतने वाले खिलाड़ी भी बने। इस सीजन बल्लेबाजों ने मिलकर रन बनाने का नया इतिहास भी रच दिया। पूरे सीजन में 27,450 रन बने, जो IPL के किसी भी सीजन में सबसे ज्यादा हैं। आइए नजर डालते हैं IPL 2026 के 15 सबसे बड़े रिकॉर्ड्स पर… 1. बेंगलुरु सबसे ज्यादा ट्रॉफी जीतने वाली चौथी टीम बेंगलुरु ने लगातार दूसरी बार IPL ट्रॉफी जीतकर इतिहास रच दिया। टीम लगातार दो सीजन (2025, 2026) चैंपियन बनने वाली सिर्फ तीसरी फ्रेंचाइजी बनी। इससे पहले केवल चेन्नई सुपर किंग्स (2010, 2011) और मुंबई इंडियंस (2019, 2020) ही यह उपलब्धि हासिल कर सके थे। बेंगलुरु सबसे ज्यादा ट्रॉफी जीतने वाली टीमों की लिस्ट में कोलकाता (3), मुंबई (5) और चेन्नई (5) के बाद चौथे स्थान पर पहुंच गई। टीम ने अपने दोनों ट्रॉफी अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में जीते। वे मुंबई, चेन्नई और कोलकाता के बाद एक ही मैदान पर दो IPL फाइनल जीतने वाली चौथी टीम बन गई। 2. कोहली की 25 बॉल में फिफ्टी कोहली ने फाइनल में गुजरात के खिलाफ 25 बॉल में फिफ्टी लगा दी। यह IPL में उनकी सबसे तेज फिफ्टी है। इससे पहले उन्होंने 2018 में 26 बॉल पर फिफ्टी लगाई थी। कोहली फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच भी रहे। 3. पाटीदार ने लगातार दूसरा खिताब जीता रजत पाटीदार ने बेंगलुरु को लगातार दूसरा IPL टाइटल जिताया। वे ऐसा करने वाले तीसरे कप्तान बने। उन्होंने एमएस धोनी और रोहित शर्मा की बराबरी की। धोनी ने 2010 और 2011 में चेन्नई सुपर किंग्स को खिताब जिताया था, जबकि रोहित ने 2019 और 2020 में मुंबई इंडियंस को चैंपियन बनाया था। 4. वैभव ने क्रिस गेल के छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा राजस्थान के वैभव सूर्यवंशी ने एक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने के क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। उन्होंने इस सीजन 72 छक्के लगाए। गेल ने 2012 में बेंगलुरु के लिए 59 छक्के लगाए थे। 5. IPL के एक दिन में 986 रन बने इस सीजन 25 अप्रैल रिकॉर्ड का दिन रहा, जब दो मुकाबलों में कुल 986 रन बन गए। दिन के पहले मैच में दिल्ली कैपिटल्स ने 264/2 का स्कोर बनाया, जिसे पंजाब ने 5 विकेट रहते चेज कर लिया। दूसरे मैच में राजस्थान के 229 रन के टारगेट को हैदराबाद ने चेज किया। इससे पहले 2024 में एक दिन में 899 रन बने थे। 6. पंजाब ने सबसे बड़ा रन चेज किया पंजाब ने दिल्ली के खिलाफ टूर्नामेंट इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज किया। टीम ने 18.5 ओवर में 265 रन बना डाले। उन्होंने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा, जो 2024 में कोलकाता के खिलाफ 262 रन चेज कर बनाया था। 7. एक सीजन में सबसे ज्यादा शतक लगे IPL 2026 के सीजन में कुल 14 बल्लेबाजों ने 15 शतक लगाए। संजू 2 शतक लगाने वाले इकलौते खिलाड़ी रहे। इससे पहले 2024 में सबसे ज्यादा 14 शतक लगे थे। 8. वैभव सबसे कम बॉल पर हजार रन बनाने वाले बैटर वैभव ने IPL में सबसे कम गेंद में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बने। उन्होंने इसके लिए 440 गेंद खेली। उन्होंने आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने हजार रन बनाने के लिए 545 गेंद खेली थी। 9. वैभव ने वॉर्नर का रिकॉर्ड तोड़ा वैभव ने इस सीजन पावरप्ले में 521 रन बनाए। उन्होंने 233.63 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर का रिकॉर्ड तोड़ा। वॉर्नर ने 2016 के पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। 10. वैभव सबसे ज्यादा रन बनाने वाले अनकैप्ड प्लेयर वैभव को सीजन में 776 रन बनाने के लिए ऑरेंज कैप मिली। वे IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले अनकैप्ड बल्लेबाज बन गए। पहले यह रिकॉर्ड उनके ही साथी ओपनर यशस्वी जायसवाल के नाम था, जिन्होंने 2023 में राजस्थान के लिए 625 रन बनाए थे। 11. राहुल IPL में 150 रन बनाने पहले भारतीय राहुल ने पंजाब के खिलाफ 67 गेंद पर नाबाद 152 रन बनाए। यह किसी भारतीय का IPL में सबसे बड़ा स्कोर है। इससे पहले यह रिकॉर्ड अभिषेक शर्मा के नाम था। उन्होंने पंजाब के खिलाफ ही 141 रन बनाए थे। ओवरऑल IPL के सबसे बड़े इंडिविजुअल स्कोर में पहले स्थान पर क्रिस गेल (175*) और दूसरे पर ब्रेंडन मैकुलम (158*) हैं। राहुल का 152 रन टी-20 में किसी भी भारतीय का सबसे बड़ा स्कोर भी है। इससे पहले यह रिकॉर्ड तिलक वर्मा के नाम था, जिन्होंने 2024 में भारतीय डोमेस्टिक टूर्नामेंट सैय्यद मुस्ताक अली में राजकोट के मैदान में मेघालय के खिलाफ 151 रन बनाए थे। 12. पाटीदार सबसे तेज 200 टी-20 छक्के लगाने वाले भारतीय पाटीदार ने टी-20 क्रिकेट में सिर्फ 105 पारियों में 200 छक्के लगाए। वे इस आंकड़े तक पहुंचने वाले सबसे तेज भारतीय बल्लेबाज बन गए। उन्होंने अभिषेक शर्मा (125 पारी) को पीछे छोड़ा। 13. हैदराबाद एक सीजन में सबसे ज्यादा बार 200+ रन बनाने वाली टीम बनी हैदराबाद IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा बार 200+ स्कोर करने वाली टीम बन गई। टीम ने 9 बार इस आंकड़े को पार किया। ये रिकॉर्ड पहले गुजरात के नाम था, जिन्होंने 2025 में 8 बार 200 या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया। 14. प्रभसिमरन लगातार दो सीजन में 500+ रन बनाने वाले पहले अनकैप्ड बैटर प्रभसिमरन सिंह ने इस सीजन 510 रन बना दिए। वे पहले अनकैप्ड खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने दो सीजन में 500 से ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने 2025 में भी 549 रन बनाए थे। 15. गिल-सुदर्शन ने 11 बार शतकीय साझेदारी की शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने एलिमिनेटर में राजस्थान के खिलाफ 167 रन की साझेदारी

पाटीदार ने धोनी और रोहित की बराबरी की:कोहली की फास्टेस्ट फिफ्टी, सूर्यवंशी ने सीजन में सबसे ज्यादा 72 सिक्स लगाए; टॉप-15 रिकॉर्ड्स

पाटीदार ने धोनी और रोहित की बराबरी की:कोहली की फास्टेस्ट फिफ्टी, सूर्यवंशी ने सीजन में सबसे ज्यादा 72 सिक्स लगाए; टॉप-15 रिकॉर्ड्स

IPL 2026 रिकॉर्ड्स वाला सीजन साबित हुआ। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लगातार दूसरी बार ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा। कप्तान रजत पाटीदार ने महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा के खास क्लब में जगह बना ली। वे लगातार दो ट्रॉफी जीतने वाले तीसरे कप्तान बने। फाइनल में विराट कोहली ने अपने IPL करियर की सबसे तेज फिफ्टी लगाकर जीत दिलाई। दूसरी ओर, 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने एक सीजन में 72 सिक्स लगाकर क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया और एक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। सूर्यवंशी सबसे कम उम्र में ऑरेंज कैप जीतने वाले खिलाड़ी भी बने। इस सीजन बल्लेबाजों ने मिलकर रन बनाने का नया इतिहास भी रच दिया। पूरे सीजन में 27,450 रन बने, जो IPL के किसी भी सीजन में सबसे ज्यादा हैं। आइए नजर डालते हैं IPL 2026 के 15 सबसे बड़े रिकॉर्ड्स पर… 1. बेंगलुरु सबसे ज्यादा ट्रॉफी जीतने वाली चौथी टीम बेंगलुरु ने लगातार दूसरी बार IPL ट्रॉफी जीतकर इतिहास रच दिया। टीम लगातार दो सीजन (2025, 2026) चैंपियन बनने वाली सिर्फ तीसरी फ्रेंचाइजी बनी। इससे पहले केवल चेन्नई सुपर किंग्स (2010, 2011) और मुंबई इंडियंस (2019, 2020) ही यह उपलब्धि हासिल कर सके थे। बेंगलुरु सबसे ज्यादा ट्रॉफी जीतने वाली टीमों की लिस्ट में कोलकाता (3), मुंबई (5) और चेन्नई (5) के बाद चौथे स्थान पर पहुंच गई। टीम ने अपने दोनों ट्रॉफी अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में जीते। वे मुंबई, चेन्नई और कोलकाता के बाद एक ही मैदान पर दो IPL फाइनल जीतने वाली चौथी टीम बन गई। 2. कोहली की 25 बॉल में फिफ्टी कोहली ने फाइनल में गुजरात के खिलाफ 25 बॉल में फिफ्टी लगा दी। यह IPL में उनकी सबसे तेज फिफ्टी है। इससे पहले उन्होंने 2018 में 26 बॉल पर फिफ्टी लगाई थी। कोहली फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच भी रहे। 3. पाटीदार ने लगातार दूसरा खिताब जीता रजत पाटीदार ने बेंगलुरु को लगातार दूसरा IPL टाइटल जिताया। वे ऐसा करने वाले तीसरे कप्तान बने। उन्होंने एमएस धोनी और रोहित शर्मा की बराबरी की। धोनी ने 2010 और 2011 में चेन्नई सुपर किंग्स को खिताब जिताया था, जबकि रोहित ने 2019 और 2020 में मुंबई इंडियंस को चैंपियन बनाया था। 4. वैभव ने क्रिस गेल के छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा राजस्थान के वैभव सूर्यवंशी ने एक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने के क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। उन्होंने इस सीजन 72 छक्के लगाए। गेल ने 2012 में बेंगलुरु के लिए 59 छक्के लगाए थे। 5. IPL के एक दिन में 986 रन बने इस सीजन 25 अप्रैल रिकॉर्ड का दिन रहा, जब दो मुकाबलों में कुल 986 रन बन गए। दिन के पहले मैच में दिल्ली कैपिटल्स ने 264/2 का स्कोर बनाया, जिसे पंजाब ने 5 विकेट रहते चेज कर लिया। दूसरे मैच में राजस्थान के 229 रन के टारगेट को हैदराबाद ने चेज किया। इससे पहले 2024 में एक दिन में 899 रन बने थे। 6. पंजाब ने सबसे बड़ा रन चेज किया पंजाब ने दिल्ली के खिलाफ टूर्नामेंट इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज किया। टीम ने 18.5 ओवर में 265 रन बना डाले। उन्होंने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा, जो 2024 में कोलकाता के खिलाफ 262 रन चेज कर बनाया था। 7. एक सीजन में सबसे ज्यादा शतक लगे IPL 2026 के सीजन में कुल 14 बल्लेबाजों ने 15 शतक लगाए। संजू 2 शतक लगाने वाले इकलौते खिलाड़ी रहे। इससे पहले 2024 में सबसे ज्यादा 14 शतक लगे थे। 8. वैभव सबसे कम बॉल पर हजार रन बनाने वाले बैटर वैभव ने IPL में सबसे कम गेंद में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बने। उन्होंने इसके लिए 440 गेंद खेली। उन्होंने आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने हजार रन बनाने के लिए 545 गेंद खेली थी। 9. वैभव ने वॉर्नर का रिकॉर्ड तोड़ा वैभव ने इस सीजन पावरप्ले में 521 रन बनाए। उन्होंने 233.63 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर का रिकॉर्ड तोड़ा। वॉर्नर ने 2016 के पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। 10. वैभव सबसे ज्यादा रन बनाने वाले अनकैप्ड प्लेयर वैभव को सीजन में 776 रन बनाने के लिए ऑरेंज कैप मिली। वे IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले अनकैप्ड बल्लेबाज बन गए। पहले यह रिकॉर्ड उनके ही साथी ओपनर यशस्वी जायसवाल के नाम था, जिन्होंने 2023 में राजस्थान के लिए 625 रन बनाए थे। 11. राहुल IPL में 150 रन बनाने पहले भारतीय राहुल ने पंजाब के खिलाफ 67 गेंद पर नाबाद 152 रन बनाए। यह किसी भारतीय का IPL में सबसे बड़ा स्कोर है। इससे पहले यह रिकॉर्ड अभिषेक शर्मा के नाम था। उन्होंने पंजाब के खिलाफ ही 141 रन बनाए थे। ओवरऑल IPL के सबसे बड़े इंडिविजुअल स्कोर में पहले स्थान पर क्रिस गेल (175*) और दूसरे पर ब्रेंडन मैकुलम (158*) हैं। राहुल का 152 रन टी-20 में किसी भी भारतीय का सबसे बड़ा स्कोर भी है। इससे पहले यह रिकॉर्ड तिलक वर्मा के नाम था, जिन्होंने 2024 में भारतीय डोमेस्टिक टूर्नामेंट सैय्यद मुस्ताक अली में राजकोट के मैदान में मेघालय के खिलाफ 151 रन बनाए थे। 12. पाटीदार सबसे तेज 200 टी-20 छक्के लगाने वाले भारतीय पाटीदार ने टी-20 क्रिकेट में सिर्फ 105 पारियों में 200 छक्के लगाए। वे इस आंकड़े तक पहुंचने वाले सबसे तेज भारतीय बल्लेबाज बन गए। उन्होंने अभिषेक शर्मा (125 पारी) को पीछे छोड़ा। 13. हैदराबाद एक सीजन में सबसे ज्यादा बार 200+ रन बनाने वाली टीम बनी हैदराबाद IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा बार 200+ स्कोर करने वाली टीम बन गई। टीम ने 9 बार इस आंकड़े को पार किया। ये रिकॉर्ड पहले गुजरात के नाम था, जिन्होंने 2025 में 8 बार 200 या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया। 14. प्रभसिमरन लगातार दो सीजन में 500+ रन बनाने वाले पहले अनकैप्ड बैटर प्रभसिमरन सिंह ने इस सीजन 510 रन बना दिए। वे पहले अनकैप्ड खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने दो सीजन में 500 से ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने 2025 में भी 549 रन बनाए थे। 15. गिल-सुदर्शन ने 11 बार शतकीय साझेदारी की शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने एलिमिनेटर में राजस्थान के खिलाफ 167 रन की साझेदारी

दिग्गज गायिका सुमन कल्याणपुर का निधन:'आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे' जैसे गानों के लिए जानी गईं; मराठी, असमी, कन्नड़, बंगाली और उड़िया में भी गाने गाए

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मशहूर और दिग्गज गायिका सुमन कल्याणपुर का रविवार शाम को मुंबई में 89 की उम्र में अपने आवास पर निधन हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके मौत की वजह उम्र से जुड़ी दिक्कतें हैं। उनकी करीबी दोस्त मंगला खाडिलकर ने बताया कि सुमन जी ने रात करीब 8 बजे अंतिम सांस ली। वह पिछले कुछ दिनों से अपने ही गाए हुए गाने सुन रही थीं और उन्होंने बहुत शांति से दुनिया को अलविदा कहा। सोमवार सुबह करीब 11:30 से 12 बजे के बीच पवन हंस श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके परिवार में उनकी बेटी चारू हैं। 1960 और 1970 के दशक में खास पहचान बनाई सुमन कल्याणपुर ने 1960 और 1970 के दशक में अपनी सुरीली आवाज से संगीत जगत में एक खास पहचान बनाई थी। उस दौर में लता मंगेशकर जैसी महान गायिका के रहते हुए भी उन्होंने अपनी अलग जगह बनाई। उनके गाए ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे’, ‘ना ना करते प्यार तुम्हीं से’ और ‘तुमने पुकारा और हम चले आए’ जैसे गाने आज भी लोकप्रिय हैं। उन्होंने हिंदी के अलावा मराठी, असमी, कन्नड़, बंगाली और उड़िया सहित कई भाषाओं में गाने गाए। हालांकि लोग अक्सर उनकी आवाज की तुलना लता मंगेशकर से करते थे, लेकिन सुमन जी हमेशा इस तुलना को खारिज करती थीं। साल 2022 के एक इंटरव्यू में उन्होंने लता जी को अपनी बेहद करीबी दोस्त बताते हुए कहा था कि उनसे मिलना हमेशा एक सहेली से मिलने जैसा अहसास कराता था। ——————————————————— ये खबर भी पढ़ें… एक्टर अजित कुमार की मां का निधन:सीएम विजय और तृषा कृष्णन ने घर पहुंचकर दी श्रद्धांजलि एक्टर अजित कुमार की मां मोहिनी मणि का शनिवार को चेन्नई में निधन हो गया। वह 85 साल की थीं और लंबे समय से उम्र से जुड़ी बीमारियों से जूझ रही थीं। पूरी खबर पढ़ें…

दिग्गज गायिका सुमन कल्याणपुर का निधन:'आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे' जैसे गानों के लिए जानी गईं; मराठी, असमी, बंगाली और उड़िया में भी गाने गाए

दिग्गज गायिका सुमन कल्याणपुर का निधन:'आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे' जैसे गानों के लिए जानी गईं; मराठी, असमी, बंगाली और उड़िया में भी गाने गाए

मशहूर गायिका सुमन कल्याणपुर का रविवार शाम को मुंबई में 89 की उम्र में अपने आवास पर निधन हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके मौत की वजह उम्र से जुड़ी दिक्कतें हैं। उनकी करीबी दोस्त मंगला खाडिलकर ने बताया कि सुमन जी ने रात करीब 8 बजे अंतिम सांस ली। वह पिछले कुछ दिनों से अपने ही गाए हुए गाने सुन रही थीं और उन्होंने बहुत शांति से दुनिया को अलविदा कहा। सोमवार सुबह करीब 11:30 से 12 बजे के बीच पवन हंस श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके परिवार में उनकी बेटी चारू हैं। उन्हें 2023 में ‘पद्म भूषण’ मिला था। 1960 और 1970 के दशक में खास पहचान बनाई सुमन कल्याणपुर ने 1960 और 1970 के दशक में अपनी सुरीली आवाज से संगीत जगत में एक खास पहचान बनाई थी। उस दौर में लता मंगेशकर जैसी महान गायिका के रहते हुए भी उन्होंने अपनी अलग जगह बनाई। उनके गाए ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे’, ‘ना ना करते प्यार तुम्हीं से’ और ‘तुमने पुकारा और हम चले आए’ जैसे गाने आज भी लोकप्रिय हैं। उन्होंने हिंदी के अलावा मराठी, असमी, कन्नड़, बंगाली और उड़िया सहित कई भाषाओं में गाने गाए। हालांकि लोग अक्सर उनकी आवाज की तुलना लता मंगेशकर से करते थे, लेकिन सुमन जी हमेशा इस तुलना को खारिज करती थीं। साल 2022 के एक इंटरव्यू में उन्होंने लता जी को अपनी बेहद करीबी दोस्त बताते हुए कहा था कि उनसे मिलना हमेशा एक सहेली से मिलने जैसा अहसास कराता था। लता मंगेशकर से मिलती आवाज सुमन कल्याणपुर की आवाज लता मंगेशकर से मिलती थी। दोनों के गाने का अंदाज, सुरों की शुद्धता और आवाज की बनावट एक जैसी मानी जाती थी। कई बार लता मंगेशकर जी के सहायक और उनके करीबी मिलने वाले भी उनकी और सुमन जी की आवाज़ के बीच धोखा खा जाते थे। इसी खूबी की वजह से जब 1960 के दशक में लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी के बीच विवाद हुआ, तो सुमन कल्याणपुर फिल्म इंडस्ट्री की पहली पसंद बनीं और उन्होंने रफी साहब के साथ एक से बढ़कर एक ब्लॉकबस्टर गाने गाए। अमीन सयानी को 45 साल इंतजार कराया जाने-माने रेडियो अनाउंसर अमीन सयानी 45 सालों तक सुमन जी से एक इंटरव्यू के लिए समय मांगते रहे। लेकिन सुमन हर बार टाल जाती थीं। आखिर 45 सालों के बाद अमीन सयानी का इंतजार 2005 में खत्म हुआ, जब सुमन जी एक घंटे के इंटरव्यू के लिए राजी हुईं । हालांकि उन्होंने इंटरव्यू की मंजूरी सिर्फ इस शर्त पर दी कि कोई उनकी फोटो नहीं खींचेगा और अगर कोई सवाल उन्हें असहज लगा तो वो उसका जवाब नहीं देंगी। पड़ोसी ने पिता से संगीत सिखाने को कहा सुमन का रुझान बचपन से ही पेंटिंग और म्यूजिक की तरफ था। जिसके चलते स्कूल के बाद ग्रेजुएशन भी आर्ट्स में की। वो पेंटर बनना चाहती थीं लेकिन सुमन की आवाज की परख उनके पड़ोसी और पिता के दोस्त पंडित केशव राव भोले को हो गयी थी। उन्होंने सुमन के पिता से सुमन को संगीत सिखाने की बात कही। पहले तो सुमन शौकिया ही संगीत सीख रहीं थीं लेकिन समय के साथ-साथ इसमें उनकी रुचि बढ़ने लगी। संगीत को वो और गंभीरता से सीखने लगीं। आने वाले सालों में सुमन ने उस्ताद खान, अब्दुल रहमान खान और गुरुजी मास्टर नवरंग जैसे दिग्गजों से भी संगीत की बारिकियां सीखीं। ——————————————————— ये खबर भी पढ़ें… एक्टर अजित कुमार की मां का निधन:सीएम विजय और तृषा कृष्णन ने घर पहुंचकर दी श्रद्धांजलि एक्टर अजित कुमार की मां मोहिनी मणि का शनिवार को चेन्नई में निधन हो गया। वह 85 साल की थीं और लंबे समय से उम्र से जुड़ी बीमारियों से जूझ रही थीं। पूरी खबर पढ़ें…

पश्चिम बंगाल में कैबिनेट विस्तार: सोमवार को 35 मंत्री होंगे शामिल | भारत समाचार

RCB star batter Virat Kohli. (Picture credit: AP)

आखरी अपडेट:31 मई, 2026, 23:50 IST सुवेंदु अधिकारी ने घोषणा की कि राज्यपाल आरएन रवि सुबह 11 बजे लोक भवन में शपथ दिलाएंगे। पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी. (पीटीआई/फ़ाइल) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घोषणा की कि उनके मंत्रिमंडल के विस्तार के तहत सोमवार को 35 मंत्री शपथ लेंगे। अधिकारी ने कहा कि राज्यपाल आरएन रवि सुबह 11 बजे लोक भवन में शपथ दिलाएंगे। उन्होंने रविवार शाम एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “कल, पश्चिम बंगाल के लोगों द्वारा चुनी गई राष्ट्रवादी सरकार की पूर्ण मंत्रिपरिषद का गठन किया जाएगा।” उन्होंने कहा, “कैबिनेट विस्तार के तहत पश्चिम बंगाल सरकार के 35 मंत्री सुबह 11 बजे लोक भवन में शपथ लेंगे। माननीय राज्यपाल श्री आरएन रवि लोक भवन में उन्हें पद की शपथ दिलाएंगे।” विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत के बाद अधिकारी ने 9 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और टीएमसी के 15 साल के शासन को समाप्त कर दिया। उस दिन अधिकारी के साथ चार मंत्रियों ने शपथ ली थी. वे थे अग्निमित्र पॉल, निसिथ प्रमाणिक, अशोक कीर्तनिया और क्षुदिराम टुडू। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : पश्चिम बंगाल, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया पश्चिम बंगाल में कैबिनेट विस्तार: सोमवार को 35 मंत्री शामिल होंगे अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

‘मैं आशान्वित हूं’: सिद्धारमैया के बेटे का कहना है कि कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें मंत्री पद का आश्वासन दिया है | भारत समाचार

RCB star batter Virat Kohli. (Picture credit: AP)

आखरी अपडेट:31 मई, 2026, 22:56 IST यतींद्र ने कहा कि कर्नाटक के नए मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने के बारे में अभी तक कुछ भी तय नहीं हुआ है और वह अपनी संभावनाओं को लेकर आशान्वित हैं। कांग्रेस नेता यतींद्र सिद्धारमैया. (फोटो: इंस्टाग्राम) निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे, कांग्रेस एमएलसी यतींद्र सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार के नेतृत्व में नए कर्नाटक मंत्रिमंडल में जगह को लेकर आश्वस्त दिखे, उन्होंने कहा कि कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें मंत्री पद का आश्वासन दिया है। हालाँकि, यतींद्र ने कहा कि अभी तक कुछ भी तय नहीं हुआ है और वह अपनी संभावनाओं को लेकर आशान्वित हैं। उन्होंने बेंगलुरु में संवाददाताओं से कहा, “अभी तक कुछ भी तय नहीं हुआ है। मैं मंत्री पद का आकांक्षी हूं और आलाकमान ने भी मुझे आश्वासन दिया है कि मुझे मंत्री बनाया जाएगा। इसलिए, स्वाभाविक रूप से, मैं आशान्वित हूं।” यह उन रिपोर्टों के बाद आया है जिसमें कहा गया था कि सिद्धारमैया ने नेतृत्व परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करने के लिए 28 मई को अपना इस्तीफा देने से पहले अपने बेटे को कर्नाटक का उपमुख्यमंत्री नियुक्त करने के लिए कहा था। वीडियो | बेंगलुरु: कांग्रेस नेता सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया का कहना है, ”मैं कैबिनेट में मंत्री बनने का इच्छुक हूं और पार्टी आलाकमान ने भी मुझसे वादा किया है कि वे मुझे कैबिनेट में शामिल करेंगे।” (पूरा वीडियो पीटीआई वीडियो पर उपलब्ध है -… pic.twitter.com/xYYN2G6DNc – प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 31 मई, 2026 यह भी पढ़ें: कर्नाटक में शपथ ग्रहण समारोह का स्वरूप कैसा है? डीके शिवकुमार ने कम महत्वपूर्ण आयोजन का वादा किया यतींद्र पर क्या बोले डीके शिवकुमार? इस बीच, मनोनीत मुख्यमंत्री शिवकुमार यतींद्र के डिप्टी सीएम बनने की संभावना पर चुप रहे, लेकिन कहा कि दोनों को साथ काम करना जारी रखना चाहिए। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “वह मेरे सहयोगी हैं। हमने पहले भी पार्टी में साथ काम किया है, हमें साथ काम करना जारी रखना चाहिए।” दूसरी ओर, यतींद्र ने कहा कि उन्होंने शिवकुमार को सीएम बनने पर व्यक्तिगत रूप से बधाई देने के लिए फोन किया था। उन्होंने कहा, “मैं उनसे केवल विधान सौध में और कुछ अवसरों पर कहीं और मिला हूं। मैं उनसे उनके कार्यालय या उनके आवास पर नहीं मिला था। इसलिए मैं सिर्फ आना चाहता था और व्यक्तिगत रूप से उन्हें बधाई देना चाहता था।” यह पूछे जाने पर कि क्या वह डिप्टी सीएम पद की दौड़ में हैं, यतींद्र ने कहा कि उन्होंने या उनके समर्थकों ने ऐसी कोई मांग नहीं की है, उन्होंने फैसला पार्टी आलाकमान पर छोड़ दिया है। उन्होंने अधिक विस्तार से बताए बिना यह भी कहा कि उन्होंने राज्य में विशेष गहन संशोधन और मैसूरु जिले के राजनीतिक मामलों पर चर्चा की थी। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘मैं आशान्वित हूं’: सिद्धारमैया के बेटे का कहना है कि कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें मंत्री पद का आश्वासन दिया है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

उत्तराखंड सीनियर एथलेटिक्स में अमेरिका से रेस लगाने आए वरुण:आकर्षण का केंद्र बने; प्रतियोगिता में 176 खिलाड़ियों ने ट्रैक पर दिखाया दम

उत्तराखंड सीनियर एथलेटिक्स में अमेरिका से रेस लगाने आए वरुण:आकर्षण का केंद्र बने; प्रतियोगिता में 176 खिलाड़ियों ने ट्रैक पर दिखाया दम

महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के एथलेटिक्स ट्रैक पर चल रही दो दिवसीय उत्तराखंड स्टेट सीनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता का रविवार को समापन हुआ। इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उत्तराखंड के सभी जिलों से आए 176 एथलीट्स ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के मानक पूरे करने वाले खिलाड़ियों को आगामी नेशनल प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा। प्रतियोगिता का मुख्य आकर्षण, अमेरिका से दौड़ने पहुंचे वरुण इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में खेल के प्रति दीवानगी का एक अनूठा उदाहरण भी देखने को मिला। चेस्ट नंबर 980 के खिलाड़ी वरुण ओबेरॉय केवल इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए विशेष रूप से अमेरिका से उत्तराखंड आए। उन्होंने 5000 मीटर और 10000 मीटर दौड़ में प्रतिभाग कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। इन खिलाड़ियों ने जीता स्वर्ण पुरुष वर्ग में ऊधमसिंह नगर के गुरशन सिंह, नवजोत सिंह, हरिद्वार के प्रखर शर्मा, अल्मोड़ा के धीरज बिष्ट, काशीपुर के राम सिंह, नैनीताल के दीपक भट्ट, पौड़ी गढ़वाल के प्रभु महतो, हरिद्वार के विक्रांत चौधरी, बागेश्वर के नीरज चंदोला, नैनीताल के सागर राम, चमोली के परमजीत सिंह बिष्ट, ऊधमसिंह नगर के वंश चौधरी, सोहेल, भूपेंद्र बिष्ट, देहरादून के अनिकेत काला, उत्तराखंड पुलिस के शिवकुमार और देहरादून के विकास शर्मा प्रथम स्थान पर रहे। जबकि महिला वर्ग में ऊधमसिंह नगर की कनिष्का मनचंदा, देहरादून की अर्का गोरिया, चमोली की अनीशा, नैनीताल की अनु भट्ट, पिथौरागढ़ की माया कुमारी, हरिद्वार की सोनिया, आयशा रहमान, रुद्रप्रयाग की अंजलि, काशीपुर की पायल, चंपावत की भगवती बिष्ट, उत्तरकाशी की तक्षशिला चौहान, हरिद्वार की वृद्धि सचदेवा, देहरादून की आरुषि, पिथौरागढ़ की इंदिरा, देहरादून की निकिता रावत, ऊधमसिंह नगर की नीतू चंद प्रथम रहीं। इनकी देखरेख में संपन्न हुआ आयोजन आयोजन के दौरान उत्तराखंड एथलेटिक संघ के अध्यक्ष संदीप शर्मा, सचिव के.जे.एस. कलसी, कोषाध्यक्ष एम.सी. शाह और कोचिंग व प्लानिंग कमेटी के अध्यक्ष गुरुफूल सिंह सहित गुलशन अली, सुनील शर्मा, सरफराज चौधरी विशेष रूप से मौजूद रहे।

डार्क लिप्स ट्रीटमेंट: काले पड़ गए हैं मूंछें? चुकंदर के साथ-साथ घर में बचे हुए होंठ बाम, होंठ गुलाबी-गुलाबी बने रहते हैं

तस्वीर का विवरण

चुकंदर लिप बाम बनाने की सामग्री के लिए: 1 छोटा चम्मच, 1 छोटा नारियल तेल, 1 बड़ा चम्मच वैसलीन या सिया बटर, 1/2 नारियल तेल छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: सबसे पहले चुकंदर को धोकर छील लें और कद्दू कर लें। अब इसे अच्छा कर इसका रस निकाल लें। एक छोटी कटोरी में 1 बड़े चुकंदर का रस लें। इसमें कोकोनट तेल, वैसलीन और ऑटोमोबाइल अच्छी तरह मिला लें। छवि: फ्रीपिक तैयार मिश्रण को एक छोटी सी जिंस में भर लें और 15-20 मिनट के लिए फ़िरोज़ में रख दें। आपका पिज्जा लिप बाम तैयार है। छवि: फ्रीपिक प्रयोग करने का उपाय: रात को सोने से पहले इस लिप बाम को कपड़े पर रखें। दिन में भी नोटबंदी पर इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। नियमित उपयोग से मोल्ड और सुपरमार्केट बने। छवि: फ्रीपिक सामुद्रिक को प्राकृतिक गुलाबी रंग देने में मदद मिलती है। स्ट्रेंथ और फेटे वाले मोटरसाइकिलों को क्रैजिट करता है। यूनिवर्सल की डेड स्किन को नर निर्माण करता है। रसायन मुक्त होना त्वचा के लिए सुरक्षित माना जाता है। छवि: फ्रीपिक अगर आपके शरीर पर किसी तरह की एलर्जी, जलन या घाव है तो किसी भी घरेलू उपाय को पहले विशेषज्ञ की सलाह से जरूर लें। साथ ही उपयुक्त सामाग्री पानी पौराणिक और स्टॉक को धूप से बचाना भी आवश्यक है। छवि: फ्रीपिक घर में आसानी से बनने वाला यह चुकंदर लिप बाम आपके कार्टून की देखभाल का एक शानदार और सस्ता तरीका हो सकता है। नियमित रूप से प्रयुक्त प्राकृतिक रूप से प्राकृतिक, और प्राकृतिक रूप से सुंदर नज़ारे आ सकते हैं। छवि: फ्रीपिक अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।