डीके शिवकुमार औपचारिक रूप से सीएलपी नेता चुने गए, 3 जून को कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे | भारत समाचार

आखरी अपडेट:30 मई, 2026, 17:17 IST ऐसा तब हुआ जब कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया और शुक्रवार को तत्काल प्रभाव से मंत्रिपरिषद को भंग कर दिया। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (पीटीआई छवि) डीके शिवकुमार को विधान सौध में एक उच्च-स्तरीय बैठक में औपचारिक रूप से कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता के रूप में चुना गया था और 3 जून को अगले कर्नाटक मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने की उम्मीद है। कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक में सीएलपी सचिव अल्लमप्रभु पाटिल, एआईसीसी के कर्नाटक प्रभारी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भाग लिया। निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, जिन्होंने 28 मई को इस्तीफा दे दिया था, ने डीके शिवकुमार को अगले सीएलपी नेता के रूप में प्रस्तावित और घोषित किया। सीएलपी नेता के रूप में शिवकुमार के चुनाव की पुष्टि करने वाला आधिकारिक पत्र लोक भवन भेजा जाएगा और फिर वह राज्यपाल से मिलकर नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। शिवकुमार ने पहले कहा था कि शपथ ग्रहण समारोह 3 जून को होगा। यह एक विकासशील प्रति है. अधिक विवरण जोड़े जाने हैं. चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया डीके शिवकुमार औपचारिक रूप से सीएलपी नेता चुने गए, 3 जून को कर्नाटक के सीएम के रूप में शपथ लेंगे अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
खेल मंत्री रेखा आर्या का दावा:भविष्य में उत्तराखंड कर सकता है कॉमनवेल्थ और ओलंपिक जैसे खेलों की मेजबानी

उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्या ने शनिवार को राजधानी देहरादून में दो बड़े खेल आयोजनों में शिरकत की। परेड ग्राउंड में उन्होंने जहां ‘उत्तराखंड सचिवालय बैडमिंटन क्लब’ की वार्षिक प्रतियोगिता का शुभारंभ किया, वहीं आमवाला में ‘7वीं राज्य स्तरीय पेंचक सिलाट चैंपियनशिप’ के समापन समारोह में विजेताओं को सम्मानित किया। खेल मंत्री ने राज्य में खेलों के विकास पर जोर देते हुए कहा कि उत्तराखंड में जिस तरह से अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल ढांचा विकसित हुआ है, उसे देखते हुए हम आने वाले समय में कॉमनवेल्थ और ओलंपिक जैसे बड़े खेलों की मेजबानी की उम्मीद कर सकते हैं। संघर्ष और समर्पण सिखाते हैं खेल परेड ग्राउंड स्थित मल्टीपरपज हॉल में बैडमिंटन टूर्नामेंट का उद्घाटन करते हुए खेल मंत्री रेखा आर्या ने सचिवालय के कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि शनिवार और रविवार के अवकाश के दिन आयोजित यह प्रतियोगिता संदेश देती है कि काम के साथ-साथ शरीर के लिए खेल भी उतना ही जरूरी है। खेल हमें परिश्रम, संघर्ष और समर्पण जैसे अहम गुण सिखाता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की प्रोत्साहन नीतियों आरक्षण और सीधी नौकरी के कारण आज युवा खेलों को करियर के रूप में अपना रहे हैं। इस अवसर पर क्लब अध्यक्ष हीरा सिंह बसेड़ा, महासचिव प्रमोद कुमार, प्रभारी जिला खेल अधिकारी रविंदर भंडारी, अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी पुनीता और संजय जोशी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। आत्मरक्षा और फिटनेस का शानदार जरिया आमवाला स्थित मल्टीपरपज हॉल में दो दिवसीय पेंचक सिलाट चैंपियनशिप के समापन अवसर पर खेल मंत्री ने विजेता खिलाड़ियों को मेडल पहनाकर उनका हौसला बढ़ाया। इस प्रतियोगिता में राज्य के 8 जिलों से आए 250 से ज्यादा खिलाड़ियों ने अपना दमखम दिखाया। रेखा आर्या ने बताया कि यह खेल पहले उत्तराखंड की खेल नीति में शामिल नहीं था, लेकिन गोवा राष्ट्रीय खेलों में शानदार प्रदर्शन और मेडल जीतने के बाद इसे तुरंत नीति का हिस्सा बनाया गया। पिछले एक साल में राज्य के खिलाड़ियों ने इस खेल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपना लोहा मनवाया है। अभिभावकों की सोच में आया सकारात्मक बदलाव खेल मंत्री ने कहा कि पेंचक सिलाट युवाओं को अनुशासन सिखाता है और आत्मरक्षा का आत्मविश्वास देता है। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि अब अभिभावक खुद अपने बच्चों को खेल में करियर बनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। यह समाज में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव है। ऐसे में खिलाड़ियों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने माता-पिता की उम्मीदों पर खरे उतरें।
ऑनलाइन शॉपिंग में प्रोटीन पर खर्च तीन गुना बढ़ा:फास्ट फूड में ‘हाई प्रोटीन’ का चलन, सितारे भी शुरू कर रहे फूड ब्रांड्स

भारत में अब ‘हाई-प्रोटीन’ फूड्स का ट्रेंड सिर्फ फिटनेस की दुनिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि फास्ट फूड्स में भी शामिल होता जा रहा है। दरअसल मार्केट रिसर्च ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार देश में 73% लोगों की डाइट में प्रोटीन की कमी है, इसी वजह से अब ब्रांड्स और सेलेब्रिटीज ‘हाई-प्रोटीन’ डाइट को बढ़ावा दे रहे हैं। कई सेलेब्रिटीज तो प्रोटीन के बिजनेस में एंट्री तक ले चुके हैं। बिजनेस – लोगों का प्रोटीन पर खर्च तीन गुना तक बढ़ा स्विगी इंस्टामार्ट की रिपोर्ट बताती है कि देश में 2023 से 2025 के बीच प्रोटीन ऑर्डर्स में 150% की बढ़ोतरी हुई। लोगों का प्रोटीन पर खर्च 3 गुना तक बढ़ चुका है। रिपोर्ट के अनुसार टियर-2 शहरों में प्रोटीन उत्पादों की वृद्धि मेट्रो शहरों से 200% ज्यादा तेज है। नागपुर, जयपुर, चंडीगढ़ और गुवाहाटी जैसे शहर इस ट्रेंड को आगे बढ़ा रहे हैं। डाइट – नाश्ते में सबसे ज्यादा प्रोटीन पर जोर दे रहे लोग देश में सबसे ज्यादा प्रोटीन उत्पाद सुबह 7 बजे से 11 बजे के बीच ऑर्डर किए जा रहे हैं, यानी अब लोग हाई-प्रोटीन ब्रेकफास्ट ले रहे हैं। इसमें पीनट बटर और ग्रीक योगर्ट सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं। वहीं, प्रोटीन स्नैक्स और ग्रीक योगर्ट श्रेणी में लगभग 300% की सालाना वृद्धि दर्ज हुई। इसी तरह सत्तू की मांग भी दोगुनी से ज्यादा बढ़ी है। ब्रांड्स – मैकडॉनल्ड्स ने शुरू की प्रोटीन स्लाइस, अमूल भी ऐसे प्रोडक्ट्स बेच रहा मैकडॉनल्ड्स ने भारत में शाकाहारी प्रोटीन स्लाइस लॉन्च की है, जिसे किसी भी बर्गर में अतिरिक्त रूप से जोड़ा जा सकता है। यह स्लाइस लगभग 5 ग्राम अतिरिक्त प्रोटीन देती है। इसी तरह पेप्सिको की ब्रांड डोरिटोज ने प्रोटीन आधारित चिप्स लॉन्च किए हैं और स्टारबक्स ने प्रोटीन वाले कॉफी लाते शुरू किए हैं। अमूल भी ऐसे प्रोटीन रिच प्रोडक्ट्स बेच रहा है और फूड डिलीवरी एप्स जैसे जोमैटो-स्विगी में ‘प्रोटीन-फूड्स’ का अलग सेक्शन भी है। सेलेब्रिटीज – रणवीर सिंह – ऋतिक रोशन प्रोटीन बिजनेस में उतरे रणवीर सिंह – रणवीर की ब्रांड सुपरयू अब प्रोटीन वेफर्स, चिप्स और प्रोटीन पाउडर बेच रही है। ऋतिक रोशन – इनकी ब्रांड HRX ने कंट्री डिलाइट के साथ मिशन प्रोटीन इंडिया अभियान शुरू किया है। इसमें नए प्रोडक्ट्स शुरू किए हैं। रणदीप हुड्डा – फूड स्टार्टअप टीनप्रो में पार्टनर व निवेशक हैं। यह प्रोटीन बार जैसे प्रोडक्ट्स बेचती है। एमएस धोनी – ‘शाका हैरी’ नाम की कंपनी में निवेश किया है। यह कंपनी प्रोटीन स्नैक्स और मीट का शाकाहारी विकल्प तैयार करती है। एक्सपर्ट ओपिनियन – प्रोटीन फूड खरीदते समय लेबल जरूर पढ़ें भारत में लोग प्रोटीन कम लेते हैं, पर अति भी नुकसानदेह हो सकती है। कुछ लोग ट्रेंड के कारण जरूरत से ज्यादा प्रोटीन सप्लीमेंट्स ले रहे। मात्रा धीरे-धीरे व प्राकृतिक स्रोतों से बढ़ाएं। – कई प्रोटीन बार, चिप्स और पैकेज्ड फूड्स अब भी अत्यधिक प्रोसेस्ड होते हैं। इनमें अतिरिक्त चीनी, नमक, प्रिजर्वेटिव्स और कई कृत्रिम तत्व हो सकते हैं। कंपनियां हेल्दी दिखने वाले लेबल्स के जरिए मार्केटिंग करती हैं, इसलिए सिर्फ पैकेट के दावों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। – चीनी, हाई फ्रक्टोज कॉर्न सिरप और आर्टिफिशियल स्वीटनर्स प्रिजर्वेटिव्स जैसे तत्वों से सावधान रहें। यह भी देखें कि सामग्री सूची में सबसे पहला तत्व वास्तव में प्रोटीन का स्रोत है या नहीं। हाई-प्रोटीन, जीरो फैट या वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित जैसे दावों पर सतर्क हों।
ऑनलाइन शॉपिंग में प्रोटीन पर खर्च तीन गुना बढ़ा:फास्ट फूड में ‘हाई प्रोटीन’ का चलन, सितारे भी शुरू कर रहे फूड ब्रांड्स

भारत में अब ‘हाई-प्रोटीन’ फूड्स का ट्रेंड सिर्फ फिटनेस की दुनिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि फास्ट फूड्स में भी शामिल होता जा रहा है। दरअसल मार्केट रिसर्च ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार देश में 73% लोगों की डाइट में प्रोटीन की कमी है, इसी वजह से अब ब्रांड्स और सेलेब्रिटीज ‘हाई-प्रोटीन’ डाइट को बढ़ावा दे रहे हैं। कई सेलेब्रिटीज तो प्रोटीन के बिजनेस में एंट्री तक ले चुके हैं। बिजनेस – लोगों का प्रोटीन पर खर्च तीन गुना तक बढ़ा स्विगी इंस्टामार्ट की रिपोर्ट बताती है कि देश में 2023 से 2025 के बीच प्रोटीन ऑर्डर्स में 150% की बढ़ोतरी हुई। लोगों का प्रोटीन पर खर्च 3 गुना तक बढ़ चुका है। रिपोर्ट के अनुसार टियर-2 शहरों में प्रोटीन उत्पादों की वृद्धि मेट्रो शहरों से 200% ज्यादा तेज है। नागपुर, जयपुर, चंडीगढ़ और गुवाहाटी जैसे शहर इस ट्रेंड को आगे बढ़ा रहे हैं। डाइट – नाश्ते में सबसे ज्यादा प्रोटीन पर जोर दे रहे लोग देश में सबसे ज्यादा प्रोटीन उत्पाद सुबह 7 बजे से 11 बजे के बीच ऑर्डर किए जा रहे हैं, यानी अब लोग हाई-प्रोटीन ब्रेकफास्ट ले रहे हैं। इसमें पीनट बटर और ग्रीक योगर्ट सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं। वहीं, प्रोटीन स्नैक्स और ग्रीक योगर्ट श्रेणी में लगभग 300% की सालाना वृद्धि दर्ज हुई। इसी तरह सत्तू की मांग भी दोगुनी से ज्यादा बढ़ी है। ब्रांड्स – मैकडॉनल्ड्स ने शुरू की प्रोटीन स्लाइस, अमूल भी ऐसे प्रोडक्ट्स बेच रहा मैकडॉनल्ड्स ने भारत में शाकाहारी प्रोटीन स्लाइस लॉन्च की है, जिसे किसी भी बर्गर में अतिरिक्त रूप से जोड़ा जा सकता है। यह स्लाइस लगभग 5 ग्राम अतिरिक्त प्रोटीन देती है। इसी तरह पेप्सिको की ब्रांड डोरिटोज ने प्रोटीन आधारित चिप्स लॉन्च किए हैं और स्टारबक्स ने प्रोटीन वाले कॉफी लाते शुरू किए हैं। अमूल भी ऐसे प्रोटीन रिच प्रोडक्ट्स बेच रहा है और फूड डिलीवरी एप्स जैसे जोमैटो-स्विगी में ‘प्रोटीन-फूड्स’ का अलग सेक्शन भी है। सेलेब्रिटीज – रणवीर सिंह – ऋतिक रोशन प्रोटीन बिजनेस में उतरे रणवीर सिंह – रणवीर की ब्रांड सुपरयू अब प्रोटीन वेफर्स, चिप्स और प्रोटीन पाउडर बेच रही है। ऋतिक रोशन – इनकी ब्रांड HRX ने कंट्री डिलाइट के साथ मिशन प्रोटीन इंडिया अभियान शुरू किया है। इसमें नए प्रोडक्ट्स शुरू किए हैं। रणदीप हुड्डा – फूड स्टार्टअप टीनप्रो में पार्टनर व निवेशक हैं। यह प्रोटीन बार जैसे प्रोडक्ट्स बेचती है। एमएस धोनी – ‘शाका हैरी’ नाम की कंपनी में निवेश किया है। यह कंपनी प्रोटीन स्नैक्स और मीट का शाकाहारी विकल्प तैयार करती है। एक्सपर्ट ओपिनियन – प्रोटीन फूड खरीदते समय लेबल जरूर पढ़ें भारत में लोग प्रोटीन कम लेते हैं, पर अति भी नुकसानदेह हो सकती है। कुछ लोग ट्रेंड के कारण जरूरत से ज्यादा प्रोटीन सप्लीमेंट्स ले रहे। मात्रा धीरे-धीरे व प्राकृतिक स्रोतों से बढ़ाएं। – कई प्रोटीन बार, चिप्स और पैकेज्ड फूड्स अब भी अत्यधिक प्रोसेस्ड होते हैं। इनमें अतिरिक्त चीनी, नमक, प्रिजर्वेटिव्स और कई कृत्रिम तत्व हो सकते हैं। कंपनियां हेल्दी दिखने वाले लेबल्स के जरिए मार्केटिंग करती हैं, इसलिए सिर्फ पैकेट के दावों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। – चीनी, हाई फ्रक्टोज कॉर्न सिरप और आर्टिफिशियल स्वीटनर्स प्रिजर्वेटिव्स जैसे तत्वों से सावधान रहें। यह भी देखें कि सामग्री सूची में सबसे पहला तत्व वास्तव में प्रोटीन का स्रोत है या नहीं। हाई-प्रोटीन, जीरो फैट या वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित जैसे दावों पर सतर्क हों।
ट्रम्प की मेडिकल रिपोर्ट, 80 की उम्र में सेहतमंद:कॉलेस्ट्रॉल-हार्ट की दवाएं ले रहे, डॉक्टर बोले- प्रेसिडेंट पद के लिए बिल्कुल फिट

व्हाइट हाउस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नई मेडिकल रिपोर्ट शुक्रवार को जारी की है। 14 दिनों में 80 साल के होने वाले ट्रम्प की सेहत बेहतरीन हैं। मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प इस समय कॉलेस्ट्रॉल और हार्ट के लिए कुल तीन दवाएं ले रहे हैं। इनमें दो दवाएं, ‘रोसुवास्टैटिन’ और ‘एजेटिमिब’ कॉलेस्ट्रॉल कंट्रोल के लिए हैं। वहीं एक लो-डोज ‘एस्पिरिन’ हार्ट संबंधी बीमारियों से बचाव के लिए दी जा रही है। व्हाइट हाउस के डॉक्टर शॉन पी. बारबाबेला ने बताया कि ट्रम्प की सेहत शानदार है और वे राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारियां निभाने के लिए पूरी तरह फिट हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि उनकी कार्डियक, फेफड़ों और न्यूरोलॉजिकल हेल्थ मजबूत है। 22 विशेषज्ञ डॉक्टरों ने ट्रम्प की जांच की ट्रम्प का यह मेडिकल चेकअप मंगलवार को वॉल्टर रीड नेशनल मिलिट्री मेडिकल सेंटर में हुआ था। व्हाइट हाउस के मुताबिक, इस दौरान 22 विशेषज्ञ डॉक्टरों ने उनकी जांच की। इसमें CT स्कैन, हार्ट इमेजिंग, कैंसर स्क्रीनिंग और कई प्रिवेंटिव टेस्ट शामिल थे। रिपोर्ट में कहा गया कि ट्रम्प का कॉग्निटिव और फिजिकल परफॉर्मेंस एक्सीलेंट है। डॉक्टर ने यह भी लिखा कि ट्रम्प की व्यस्त शेड्यूल, लगातार मीटिंग्स, पब्लिक इवेंट्स और शारीरिक गतिविधियां उनके ओवरऑल हेल्थ को सपोर्ट करती हैं। डॉक्टर ने वजन कम करने की सलाह दी मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प का वजन अब 238 पाउंड यानी करीब 108 किलो है। अप्रैल 2025 की पिछली मेडिकल जांच में उनका वजन 224 पाउंड यानी करीब 101.6 किलो था। ट्रम्प की लंबाई 6 फीट 3 इंच बताई गई है। डॉक्टर बारबाबेला ने ट्रम्प को वजन कम करने, हेल्दी डाइट अपनाने और ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी करने की सलाह दी है। रिपोर्ट में कहा गया कि उन्हें कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ और वेट लॉस को लेकर प्रिवेंटिव काउंसलिंग भी दी गई। बार-बार लोगों से हाथ मिलाने की वजह से हाथों पर पड़े निशान ट्रम्प के हाथों पर दिख रहे निशानों को लेकर पिछले कई महीनों से सवाल उठ रहे हैं। मेडिकल रिपोर्ट में इसे लेकर भी सफाई दी गई है। डॉक्टर बारबाबेला के मुताबिक, बार-बार लोगों से हाथ मिलाने और एस्पिरिन लेने की वजह से उनके हाथों पर हल्के निशान पड़ रहे हैं। हालांकि, कुछ स्वतंत्र डॉक्टर पहले इस दावे पर सवाल उठा चुके हैं। उनका कहना था कि निशान ट्रम्प के बाएं हाथ पर ज्यादा दिखे, जबकि वे दाएं हाथ से काम करते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ट्रम्प के पैरों के निचले हिस्से में हल्की सूजन थी, जो पिछले साल की तुलना में बेहतर हुई है। हालांकि, इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई। ट्रम्प राष्ट्रपति पद संभालने वाले सबसे उम्रदराज नेताओं में शामिल डोनाल्ड ट्रम्प 14 जून को 80 साल के हो जाएंगे। वह अमेरिकी इतिहास में राष्ट्रपति पद संभालने वाले सबसे उम्रदराज नेताओं में शामिल हैं। पिछले एक साल में उनके पैरों में सूजन, कुछ कार्यक्रमों में नींद में दिखने और गर्दन पर दिखे रैश को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। व्हाइट हाउस पहले बता चुका है कि ट्रम्प को ‘क्रॉनिक वेनस इंसफिशिएंसी’ की समस्या है। यह उम्र से जुड़ी एक सामान्य बीमारी है, जिसमें पैरों में ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है। मार्च में उनकी गर्दन पर दिखे रैश को लेकर भी कहा गया था कि वह स्किन ट्रीटमेंट की वजह से था। इसी बीच, ट्रम्प और उनके सहयोगी लगातार यह दावा करते रहे हैं कि उन्हें कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या नहीं है। ट्रम्प ने हमेशा अपनी स्टैमिना और मानसिक क्षमता को अपनी सार्वजनिक छवि का अहम हिस्सा बताया है। मेडिकल रिपोर्ट में ‘कार्डियक एज’ का भी जिक्र व्हाइट हाउस की मेडिकल रिपोर्ट में एक और असामान्य बात शामिल की गई। डॉक्टर बारबाबेला ने दावा किया कि इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम के आधार पर ट्रम्प की ‘कार्डियक एज’ (यानी दिल की वास्तविक उम्र) उनकी असली उम्र से 14 साल कम है। कुछ स्वतंत्र डॉक्टरों ने इसे मेडिकल रिपोर्ट में शामिल किए जाने को असामान्य बताया। वहीं, ट्रम्प ने मंगलवार को चेकअप के बाद अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा था, “वॉल्टर रीड मिलिट्री मेडिकल सेंटर में मेरा 6 महीने का फिजिकल पूरा हुआ। सबकुछ बिल्कुल परफेक्ट निकला।” हालांकि, कई डॉक्टरों ने 6 महीने के फिजिकल वाले दावे पर सवाल उठाए। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की प्रोफेसर और डॉक्टर इशानी गांगुली ने कहा कि आमतौर पर फुल फिजिकल टेस्ट साल में एक बार होता है। छह महीने के फॉलोअप को आमतौर पर फिजिकल नहीं कहा जाता।
इस हफ्ते सोने-चांदी में गिरावट रही:चांदी की कीमत ₹2650 कम होकर ₹2.66 लाख किलो हुई, सोना ₹1654 सस्ता हुआ

सोने-चांदी के दाम में इस हफ्ते गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 1,654 रुपए गिरकर 1.56 लाख रुपए हो गया है। इससे पहले ये बीते हफ्ते यानी 23 मई को 1.58 लाख रुपए पर था। वहीं, चांदी 2.66 लाख रुपए किलो से गिरकर 2.63 लाख रुपए पर आ गई है। यानी इसकी कीमत 2,650 रुपए कम हुई। सोने की कीमतों का सफर: ₹1.76 लाख से ₹1.56 लाख तक सोने में इस साल की शुरुआत में तेजी दिखी थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में मुनाफावसूली और वैश्विक कारणों से इसमें गिरावट आई है। चांदी की कीमतों में क्रैश: ₹3.86 लाख से ₹2.63 लाख तक चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। यह अपने ऑलटाइम हाई से काफी नीचे आई है। गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है: ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें।
इस हफ्ते सोने-चांदी में गिरावट रही:चांदी की कीमत ₹2650 कम होकर ₹2.66 लाख किलो हुई, सोना ₹1654 सस्ता हुआ

सोने-चांदी के दाम में इस हफ्ते गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 1,654 रुपए गिरकर 1.56 लाख रुपए हो गया है। इससे पहले ये बीते हफ्ते यानी 23 मई को 1.58 लाख रुपए पर था। वहीं, चांदी 2.66 लाख रुपए किलो से गिरकर 2.63 लाख रुपए पर आ गई है। यानी इसकी कीमत 2,650 रुपए कम हुई। सोने की कीमतों का सफर: ₹1.76 लाख से ₹1.56 लाख तक सोने में इस साल की शुरुआत में तेजी दिखी थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में मुनाफावसूली और वैश्विक कारणों से इसमें गिरावट आई है। चांदी की कीमतों में क्रैश: ₹3.86 लाख से ₹2.63 लाख तक चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। यह अपने ऑलटाइम हाई से काफी नीचे आई है। गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है: ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें।
वैभव सूर्यवंशी के फैन हुए अमिताभ बच्चन:बोले- इस उम्र में हम गुल्ली-डंडा भी नहीं खेल पाते थे; वैभव झारखंड स्वास्थ्य विभाग के ब्रांड एंबेसडर बनेंगे

IPL 2026 से वैभव सूर्यवंशी की टीम राजस्थान रॉयल्स बाहर हो चुकी है। गुजरात टाइटंस ने क्वालिफायर-2 मुकाबले में राजस्थान को 7 विकेट से हरा दिया। फाइनल की रेस से बाहर होने के बाद वैभव सूर्यवंशी रो पड़े। राजस्थान रॉयल्स की टीम भले ही IPL से बाहर हो गई हो, लेकिन टीम के ओपनर बल्लेबाज और बिहार के वैभव सूर्यवंशी ने अपने परफॉर्मेंस से दुनियाभर के क्रिकेट एक्सपर्ट से लेकर बॉलीवुड तक अपना ध्यान खींचा है। इस बीच सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने भी वैभव सूर्यवंशी की तारीफ की है। उन्होंने सोशल मीडिया X पर लिखा, ‘15 साल की उम्र का अद्भुत सूर्या। इस उम्र में तो हम बंटों और गुल्ली डंडा भी ठीक से नहीं खेल पा रहे थे।’ वैभव बनेंगे झारखंड स्वास्थ्य विभाग के ब्रांड एंबेसडर वहीं, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने वैभव सूर्यवंशी को झारखंड स्वास्थ्य विभाग का ब्रांड एंबेसडर बनाने की घोषणा की है। उन्होंने X पर लिखा, वैभव, भले ही तुम्हारी टीम मैच हार गई हो, लेकिन तुम करोड़ों भारतीयों का दिल जीत चुके हो। मैं स्वयं क्रिकेट का खिलाड़ी रहा हूं, लेकिन इतनी कम उम्र में बड़े-बड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर के गेंदबाजों का जिस आत्मविश्वास और आक्रामकता से सामना करते हुए लगातार धुनाई करना, यह असाधारण प्रतिभा का प्रमाण है। तुमने केवल अपना नाम ही नहीं, बल्कि अपने माता-पिता, बिहार और पूरे हिंदुस्तान का नाम रोशन किया है। इसके लिए तुम्हें दिल से बधाई देता हूं। जल्द ही मैं तुम्हें झारखंड में सम्मानित करूंगा।’ वैभव IPL में सबसे कम गेंद पर हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बने सूर्यवंशी ने शुक्रवार को 440 गेंद में अपने 1000 IPL रन पूरे किए। वे IPL में सबसे कम गेंद में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड ध्वस्त किया, जिन्होंने हजार रन बनाने के लिए 545 गेंद खेली थी। सूर्यवंशी एक सीजन में पावरप्ले में 500+ रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ पावरप्ले में 31 रन बनाए। इसके साथ ही वह एक IPL सीजन के पावरप्ले में 500 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस सीजन पावरप्ले में 233.63 के स्ट्राइक रेट से 521 रन बनाए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर के नाम था, जिन्होंने 2016 में पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। सूर्यवंशी IPL में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने सूर्यवंशी ने न्यू चंडीगढ़ में IPL में अपने 1000 रन भी पूरे कर लिए। वे अपनी 23वीं पारी में इस आंकड़े तक पहुंचे। वे IPL में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने। उन्होंने साईं सुदर्शन को पीछे छोड़ा, जिन्होंने इसके लिए 25 पारी खेली थी। ओवरऑल IPL में सबसे कम पारी में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ियों में वे शॉन मार्श (21 पारी) और लेंडल सिमंस (23 पारी) के बाद तीसरे नंबर पर हैं। सूर्यवंशी ने IPL में सबसे ज्यादा बार 90s पर आउट होने की बराबरी की वैभव ने गुजरात के खिलाफ क्वालीफायर-2 में 96 रन पर आउट हुए। वे IPL में सबसे ज्यादा बार ‘नर्वस नाइंटीज’ (90-99 रन) का शिकार होने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। वे इसी सीजन पिछली चार पारी में तीसरी बार 90 से 99 रन के बीच आउट हुए। इससे पहले डेविड वॉर्नर, केएल राहुल, ग्लेन मैक्सवेल और ऋतुराज गायकवाड़ IPL में 3-3 बार 90s में आउट हो चुके हैं। IPL के एक सीजन के प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज सूर्यवंशी ने क्वालीफायर-2 के मुकाबले में 7 छक्के लगाए। इसके साथ ही वे IPL के एक सीजन में प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 12 छक्के लगाए थे। उनके प्लेऑफ में 19 छक्के हो गए हैं। इस मामले में उन्होंने ऋद्धिमान साहा (2014) और शुभमन गिल (2023) का 11-11 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा। IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर बनाने वाले राजस्थान के तीसरे बल्लेबाज वैभव ने गुजरात के खिलाफ फिफ्टी लगाई। इसके साथ ही वे IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर करने वाले राजस्थान के तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले सूर्यवंशी ने एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 97 रन बनाए थे। उनसे पहले ध्रुव जुरेल (2024, 2026) और जोस बटलर (2022) ने प्लेऑफ में राजस्थान के लिए दो फिफ्टी या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया था।
विनेश फोगाट की ट्रायल प्रक्रिया आज:दिल्ली के स्टेडियम पहुंचीं; मैट से VIDEO आई सामने, छावनी में तब्दील किया क्षेत्र

देश की दिग्गज पहलवान विनेश फोगाट आज शनिवार को एशियन गेम्स 2026 के लिए आयोजित हो रहे महत्वपूर्ण सिलेक्शन ट्रायल्स में हिस्सा लेने स्टेडियम पहुंच चुकी हैं। यह बड़ा घटनाक्रम सुप्रीम कोर्ट द्वारा शुक्रवार को दी गई उस ऐतिहासिक राहत के बाद सामने आया है, जिसमें शीर्ष अदालत ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की तमाम आपत्तियों को दरकिनार करते हुए विनेश को इस चयन प्रक्रिया में उतरने की विशेष अनुमति दी थी। स्टेडियम पहुंचीं विनेश, चेहरे पर दिखा पूरा फोकस आयोजन स्थल यानी इंदिरा गांधी स्टेडियम से विनेश फोगाट की जो तस्वीरें और विजुअल्स सामने आ रहे हैं, उनमें वे मैट पर उतरने से पहले अपने कोच और सपोर्ट स्टाफ के साथ रणनीति बनाती और वॉर्म-अप करती हुई दिखाई दे रही हैं। उनके चेहरे पर इस बड़े मुकाबले को लेकर बेहद गंभीरता और पूरा फोकस साफ नजर आ रहा है। कुश्ती महासंघ के साथ चल रहे हालिया विवादों और इस हाई-प्रोफाइल मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे स्टेडियम और ट्रायल एरिया के आसपास दिल्ली पुलिस द्वारा सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं, ताकि बिना किसी बाधा के पारदर्शी तरीके से ट्रायल्स संपन्न कराए जा सकें। सुप्रीम कोर्ट का संदेश- कंट्री फर्स्ट’, विनेश के करियर के लिए आज का दिन बेहद निर्णायक शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने विनेश फोगाट की खेल उपलब्धियों और देश के प्रति उनके योगदान का सम्मान करते हुए उन्हें ट्रायल्स में शामिल होने की इजाजत दी थी। हालांकि, शीर्ष अदालत ने इस दौरान ‘कंट्री फर्स्ट’ (देश सबसे पहले) का एक कड़ा और स्पष्ट संदेश भी दिया था। अदालत ने कहा था कि विनेश ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है, इसलिए उन्हें यह मौका मिलना चाहिए, लेकिन हमेशा देश का हित सर्वोपरि होना चाहिए। आज होने वाले ये ट्रायल्स विनेश के करियर के लिए बेहद निर्णायक साबित होंगे, क्योंकि यहाँ जीत दर्ज करते ही वे आगामी एशियन गेम्स 2026 में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए अपनी दावेदारी पक्की कर लेंगी। हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी चिंता विनेश फोगाट को इस चयन प्रक्रिया में शामिल होने की विशेष छूट देने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने खेल महासंघों के तकनीकी और आंतरिक चयन मामलों में अदालतों के बढ़ते दखल पर गहरी चिंता भी जताई थी। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट लहजे में कहा था कि खेल के मामले किसी मेडिकल कॉलेज के एडमिशन की तरह नहीं हैं, बल्कि ये राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल स्पर्धाएं हैं, जिनमें महासंघों की चयन प्रक्रिया का एक तय शेड्यूल होता है। कोर्ट ने यह टिप्पणी इसलिए की ताकि भविष्य में अदालती फैसलों की वजह से खेल के तय नियम और चयन प्रक्रियाएं बाधित न हों, लेकिन विनेश की साख और देश के लिए उनके पदकों को देखते हुए उन्हें इस बार ट्रायल्स में उतरने की अनुमति प्रदान की गई।
मुंबई में 15 दिन में दूसरी बार महंगी हुई CNG:₹2 की बढ़ोतरी के साथ दाम ₹86 हुए; ऑटो-टैक्सी यूनियनों ने की किराया बढ़ाने की मांग

महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने मुंबई और आसपास के इलाकों में CNG ₹2 प्रति किलो महंगी कर दी है। इसके साथ ही घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के दाम भी 50 पैसे प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (SCM) बढ़ा दिए गए हैं। नई दरें 29-30 मई की आधी रात से लागू हो गई हैं। 15 दिनों में ईंधन के दामों में यह दूसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले 13-14 मई को भी गैस की कीमतों में ₹2 बढ़ोतरी की गई थी। CNG ₹86 प्रति किलो और PNG ₹52 प्रति SCM हुई मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में CNG की कीमत ₹84 प्रति किलो से बढ़कर ₹86 प्रति किलो हो गई है। वहीं, घरेलू PNG की कीमत अब ₹52 प्रति SCM हो गई है। घरेलू गैस की कमी और कमजोर रुपए से बढ़े दाम कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि घरेलू गैस के आवंटन में कमी आई है। इस वजह से कंपनी को अधिक लागत वाले बाहरी स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए में आई गिरावट ने भी कुल लागत को काफी बढ़ा दिया है। बढ़ोतरी के बावजूद पेट्रोल-डीजल से सस्ती है CNG MGL का दावा है कि नेचुरल गैस अभी भी बाजार में उपलब्ध सबसे किफायती ईंधनों में से एक है। कंपनी के मुताबिक, मुंबई में मौजूदा ईंधन दरों की तुलना में CNG के इस्तेमाल से पेट्रोल के मुकाबले लगभग 45% और डीजल के मुकाबले करीब 12% की बचत होती है। CNG महंगी होने के बाद ₹2 से ₹3 किराया बढ़ाने की मांग इस बढ़ोतरी के बाद ऑटो-रिक्शा और टैक्सी यूनियनों ने ₹2 से ₹3 किराया बढ़ाने की मांग शुरू की है। ऐसा इसलिए क्योंकि उनकी ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ गई है। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में सीएनजी ईकोसिस्टम (नोट: पिछले एक साल में करीब 2 लाख नई गाड़ियां जुड़ने के बाद अब इस क्षेत्र में सीएनजी पर निर्भर वाहनों की कुल संख्या 12 लाख को पार कर गई है।) दिल्ली में CNG 2 हफ्ते में 4 बार महंगी ईरान जंग के बीच दिल्ली में भी CNG के दाम पिछले दो हफ्तों के भीतर चार बार बढ़ चुके हैं। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने मंगलवार 26 मई को CNG ₹2 प्रति किलोग्राम महंगी कर दी थी। नॉलेज पार्ट : क्या होता है SCM?







