PoK रावलकोट में खून-खराबा: क्या पाकिस्तान ने नियंत्रण खो दिया है? | आसिम मुनीर | सही स्टैंड | न्यूज18

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तरबूज का जूस: गर्मी में पिसाई के बिना सिर्फ 2 मिनट में ऐसे बनाएं मुंह में पानी, देखें ही आ जाएगा पानी

तरबूज़ का उत्पाद बनाने के लिए सामग्री: 2 कप ताजा तरबूज़ के टुकड़े, 1 मसाले का रस, चुटकी भर काला नमक, कुछ बर्फ के टुकड़े, पुदीने की मिठाई छवि: फ्रीपिक सबसे पहले तरबूज़ों को छोटे-छोटे बीजों में काट लें और बीज निकाल दें। एक बड़े टोकरे में टरबाइन के टुकड़े डाले। अब ओरिएंट या किसी साफा कटोरी के पीछे वाले हिस्सों की मदद से अच्छी तरह मैश कर लें। छवि: फ्रीपिक जब तरबूज पूरी तरह से रस छोड़ने लगे तो इसे एक चुनौती की मदद से अच्छा लें। इससे उत्पाद अलग हो जाएगा और गुडा ऊपर रह जाएगा। अब साबुत नींबू का रस, काला नमक और शहद या चीनी की आवश्यकता के अनुसार। छवि: एआई एक गोले में बर्फ के टुकड़े डालें और तैयार सामग्री डालें। ऊपर से पुदीने की सीट पर सजाकर सर्व करें। पाचन को बेहतर बनाने में सहायक है। कम गुणवत्ता वाले होने के कारण वजन नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। छवि: फ्रीपिक शरीर को लंबे समय तक निकोलसएस्ट तक रखा गया है। गर्मी और लू से बचने में मदद मिलती है। इसमें मौजूद विटामिन-ए और सी त्वचा के लिए आकर्षक होते हैं। छवि: फ्रीपिक हमेशा ताज़ा और मीठा तरबूज़ चुनें। सामग्री बनाने के बाद तुरंत पी लें, इससे स्वाद और पोषण दोनों कायम रहते हैं। बहुत अधिक मात्रा में चीनी से इनकार किया गया, क्योंकि तरबूज़ प्राकृतिक रूप से मीठा होता है। छवि: एआई गर्मियों में जब कुछ ठंडा और स्टेक ड्रिंकिंग का मन करे, तो बिना पिज्जा के तैयार होने वाला यह आसान तरबूज का स्वाद जरूर खरीदें। इसका ताज़ा स्वाद और ठंडक हर किसी को पसंद आएगी। छवि: फ्रीपिक
न्यू मुल्लांपुर स्टेडियम में 'वॉल ऑफ फेम' स्थापित:33 क्रिकेटरों की तस्वीरें लगाई गईं, शुभमन गिल, युवराज-हरमनप्रीत कौर को मिली जगह

मुल्लांपुर स्थित न्यू चंडीगढ़ क्रिकेट स्टेडियम में पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) ने पंजाब के खेल इतिहास को सहेजने के लिए ‘वॉल ऑफ फेम’ स्थापित की है। इस वॉल पर पंजाब के उन 33 दिग्गज क्रिकेटरों की तस्वीरें लगाई गई हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश-दुनिया में राज्य का नाम रोशन किया है। इसमें भारतीय टीम के वनडे और टी-20 विश्व कप जीतने के ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षणों की ग्रुप फोटोज को भी जगह दी गई है। पंजाब का गौरव बढ़ाने वाली महिला क्रिकेटरों को इस वॉल पर खास स्थान दिया गया है, ताकि महिला क्रिकेट को और बढ़ावा मिल सके। शुभमन गिल, युवराज और हरमनप्रीत की तस्वीरें शामिल हैं। इसका उद्घाटन बीसीसीआई (BCCI) अध्यक्ष मिथुन मन्हास और पीसीए के मानद सचिव गुरमीत सिंह मीत हेयर ने किया। इस मौके पर पीसीए के संयुक्त सचिव सिद्धांत शर्मा भी मौजूद रहे। इसमें भारतीय टीम के वनडे और टी-20 विश्व कप जीतने के ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षणों की ग्रुप फोटोज को भी जगह दी गई है। छह विश्व कप अपने नाम किए देश के क्रिकेट इतिहास का जिक्र करते हुए अधिकारियों ने बताया कि भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों ने अब तक कुल 6 विश्व कप अपने नाम किए हैं। इनमें तीन वनडे विश्व कप (दो पुरुष और एक महिला) तथा तीन टी-20 विश्व कप (2007, 2024 और 2026) शामिल हैं। पंजाब की ऐतिहासिक जीतों को भी संजोया गया है। वॉल ऑफ फेम में सिर्फ व्यक्तिगत खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि पंजाब टीम की ऐतिहासिक जीतों की यादों को भी ताजा किया गया है। सत्र 1992-93 में रणजी ट्रॉफी जीतने वाली पंजाब टीम के यादगार पल तथा साल 2022-23 में इस ट्रॉफी पर कब्जा जमाने वाली पंजाब की विजेता टीम की तस्वीरें शामिल हैं। पंजाब के क्रिकेटरों पर गर्व पीसीए के सचिव गुरमीत सिंह मीत हेयर ने कहा, “हमें पंजाब के क्रिकेटरों की उपलब्धियों पर गर्व है। यह ‘वॉल ऑफ फेम’ राज्य की समृद्ध खेल विरासत को संजोने का एक प्रयास है, ताकि युवा खिलाड़ी इनसे प्रेरणा ले सकें। यह पहल सुनिश्चित करेगी कि देश के खेल इतिहास में पंजाब का योगदान हमेशा अमर रहे।” बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मनहास ने पीसीए की इस अनूठी पहल की जमकर तारीफ की। उन्होंने इसे खेल इतिहास को जीवंत रखने के लिए एक गौरवपूर्ण और प्रेरणादायक कदम बताया।
अमेरिका में साइबर फ्रॉड 4 गुना तक बढ़ा:ग्राहकों को ठगी से बचाने के लिए मनोवैज्ञानिकों का सहारा ले रहे बैंक

अमेरिका में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों ने बैंकों की चिंता बढ़ा दी है। ठगी के मामलों में तेजी आने के बाद कुछ बैंक अब तकनीक के साथ मनोवैज्ञानिक तरीकों का भी सहारा ले रहे हैं। अमेरिका के सबसे बड़े बैंक जेपी मोर्गन नेइसी उद्देश्य से व्यवहार साइंटिस्ट की नियुक्ति की है। अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई के इंटरनेट क्राइम कंप्लेंट सेंटर के अनुसार 2025 में साइबर अपराधों से लोगों को 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ। यह 2024 की तुलना में 25% ज्यादा और 2020 के 42 हजार करोड़ रुपए से करीब चार गुना है। जेपी मॉर्गन ने दो वर्ष पहले व्यवहार साइंटिस्ट एलिजाबेथ हपर्ट को नियुक्त किया था। उनका काम कॉल सेंटर और बैंक शाखाओं के कर्मचारियों को यह समझाना है कि ठग किस तरह लोगों का भरोसा जीतते हैं और उन्हें बैंक की सलाह पर संदेह करने के लिए तैयार करते हैं। कई मामलों में ठग महीनों तक अपने शिकार से संपर्क बनाए रखते हैं और फिर उनसे खुद ही पैसे ट्रांसफर करवाते हैं। बैंक अब संदिग्ध मामलों में ग्राहकों से सीधे संपर्क कर रहे हैं। स्कैम विशेषज्ञ सवाल पूछकर और संदेह के आधार पर ग्राहकों को ठगी के जाल से बाहर निकालने की कोशिश करते हैं। बैंक पासवर्ड दर्ज करते समय असामान्य रुकावट, हिचकिचाहट या किसी अन्य व्यक्ति के साथ स्क्रीन साझा करना संभावित धोखाधड़ी के संकेत मान रहे हैं।
अमेरिका में साइबर फ्रॉड 4 गुना तक बढ़ा:ग्राहकों को ठगी से बचाने के लिए मनोवैज्ञानिकों का सहारा ले रहे बैंक

अमेरिका में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों ने बैंकों की चिंता बढ़ा दी है। ठगी के मामलों में तेजी आने के बाद कुछ बैंक अब तकनीक के साथ मनोवैज्ञानिक तरीकों का भी सहारा ले रहे हैं। अमेरिका के सबसे बड़े बैंक जेपी मोर्गन नेइसी उद्देश्य से व्यवहार साइंटिस्ट की नियुक्ति की है। अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई के इंटरनेट क्राइम कंप्लेंट सेंटर के अनुसार 2025 में साइबर अपराधों से लोगों को 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ। यह 2024 की तुलना में 25% ज्यादा और 2020 के 42 हजार करोड़ रुपए से करीब चार गुना है। जेपी मॉर्गन ने दो वर्ष पहले व्यवहार साइंटिस्ट एलिजाबेथ हपर्ट को नियुक्त किया था। उनका काम कॉल सेंटर और बैंक शाखाओं के कर्मचारियों को यह समझाना है कि ठग किस तरह लोगों का भरोसा जीतते हैं और उन्हें बैंक की सलाह पर संदेह करने के लिए तैयार करते हैं। कई मामलों में ठग महीनों तक अपने शिकार से संपर्क बनाए रखते हैं और फिर उनसे खुद ही पैसे ट्रांसफर करवाते हैं। बैंक अब संदिग्ध मामलों में ग्राहकों से सीधे संपर्क कर रहे हैं। स्कैम विशेषज्ञ सवाल पूछकर और संदेह के आधार पर ग्राहकों को ठगी के जाल से बाहर निकालने की कोशिश करते हैं। बैंक पासवर्ड दर्ज करते समय असामान्य रुकावट, हिचकिचाहट या किसी अन्य व्यक्ति के साथ स्क्रीन साझा करना संभावित धोखाधड़ी के संकेत मान रहे हैं।
टीएमसी संकट के बीच भारत में गुटबाजी के बाद ममता बनर्जी ने सोनिया गांधी से मुलाकात की | भारत समाचार

आखरी अपडेट:09 जून, 2026, 16:18 IST सोनिया गांधी और अन्य भारतीय ब्लॉक नेताओं ने दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक में ममता बनर्जी के समर्थन में रैली की, क्योंकि टीएमसी अपने सबसे बड़े आंतरिक संकट का सामना कर रही है। दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की बैठक में टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के साथ कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी। (पीटीआई छवि) पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कल इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद मंगलवार को कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी से मुलाकात की, क्योंकि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) बंगाल विधानसभा और संसद में हाई-प्रोफाइल इस्तीफों और विद्रोहों के साथ अपने सबसे बड़े आंतरिक संकट से जूझ रही है। एक दिन पहले, चुनावी असफलताओं की एक श्रृंखला के बाद इंडिया ब्लॉक के नेता राष्ट्रीय राजधानी में एकत्र हुए। बैठक की शुरुआत ममता बनर्जी के जोरदार बचाव के साथ हुई क्योंकि विपक्षी नेता तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो के पीछे लामबंद हो गए, जिनकी पार्टी अब लोकसभा में एक बड़े विद्रोह का सामना कर रही है। यह एक विकासशील प्रति है. अधिक विवरण जोड़े जाने हैं. चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में अवीक बनर्जी अवीक बनर्जी News18 में वरिष्ठ उप संपादक हैं। ग्लोबल स्टडीज में मास्टर की डिग्री के साथ नोएडा में रहने वाले अवीक के पास डिजिटल मीडिया और न्यूज क्यूरेशन में तीन साल से अधिक का अनुभव है, जो कि अंतर्राष्ट्रीय विषयों में विशेषज्ञता रखते हैं…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया टीएमसी संकट के बीच इंडिया ब्लॉक हडल के बाद ममता बनर्जी ने सोनिया गांधी से मुलाकात की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)ममता बनर्जी सोनिया गांधी की बैठक(टी)ममता बनर्जी(टी)सोनिया गांधी(टी)इंडिया ब्लॉक(टी)तृणमूल कांग्रेस संकट(टी)टीएमसी विद्रोह(टी)बंगाल राजनीति(टी)भारत विपक्षी गठबंधन
मूंग दाल पालक इडली रेसिपी: 15 मिनट में तैयार करें प्रोटीन से भरपूर मूंग दाल-पालक इडली, जानने के लिए है असर; विधि नोट करें

9 जून 2026 को 16:11 IST पर अद्यतन किया गया हाई प्रोटीन ब्रेकफास्ट रेसिपी: अगर आप कुछ स्वादिष्ट और जल्दी बनने वाली डिश की तलाश में हैं, तो मूंग दाल-पालक इडली एक बेहतरीन विकल्प है। यह इडली प्रोटीन, हराभरा और आयरन से भरपूर है, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करने के साथ-साथ लंबे समय तक पेट भरने में भी मदद करती है। इसे बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता और यह बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आती है। अनुसरण करना : सामग्री: 1 कप ढीली मूंग दाल, 1 कप साधारण कटा हुआ पालक, 1 हरी मिर्च, 1 छोटा टुकड़ा अदरक, 1/2 छोटा जीरा, 1/2 काला नमक, 1 छोटा चम्मच ईनो या 1/4 सोडा सोडा, तेल छवि: एआई बनाने की विधि: मूंग दाल को अच्छी तरह धोकर 2-3 घंटे के लिए सस्ते दाम पर लें। इसके बाद पानी की स्वादिष्ट दाल को हरी मिर्च और अदरक के साथ पीस लें। बैटर अधिकांश सोलोमन न रहें। छवि: फ्रीपिक तैयार बैटर में सुपरमार्केट, जीरा और नमक का सामान अच्छी तरह मिला लें। इडली बनाने से पहले ठीक है बैटर में इनो और हाथ से मिला लें। इससे इडली नर और स्पाइनी गे। छवि: फ्रीपिक इडली मोल्ड में लाइट ऑयल और बैटर भर दें। अब पहले से हॉट स्टीमर में 10-12 मिनट तक का समय। इडली पाक जाने के बाद कुछ मिनट के लिए अनिवासी हो गए और फिर मोल्ड से बाहर हो गए। छवि: एआई गर्मागर्म मूंग दाल-पालक इडली को नारियल चटनी या हरी चटनी के साथ सर्व करें। प्रोटीन से भरपूर होने के कारण यह तत्व को मजबूत बनाने में मदद करता है। छवि: एआई पालक के शरीर में मौजूद आयरन की कमी को दूर करने में सहायक होता है। जड़ी बूटी पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है। कम तेल में बनने के कारण यह वजन नियंत्रण धारकों के लिए भी अच्छा विकल्प है। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: समृद्धि ब्रेजा प्रकाशित 9 जून 2026 16:11 IST पर
सलमान खान ने दोस्त कुमोद रैनी का निधन:अंतिम संस्कार में इमोशनल नजर आए एक्टर

सलमान खान के परिवार ने अपने करीबी पारिवारिक मित्र कुमोद रैनी के अंतिम संस्कार में पहुंचे। इस दौरान खान परिवार के कई सदस्य मौजूद रहे और उन्होंने दिवंगत को श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम संस्कार के दौरान सलमान खान काफी इमोशनल नजर आए। पिछले महीने सलमान खान ने अपने 42 साल पुराने करीबी दोस्त सुशील कुमार के निधन पर एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दुख जताया था। सलमान ने बताया कि सुशील उनके लिए सिर्फ दोस्त नहीं बल्कि एक भाई की तरह थे। सुशील के लिए सलमान ने एक लंबा और ईमोशनल नोट लिखा था। सलमान ने अपने और पिता सलीम खान के साथ सुशील की पुरानी तस्वीरें शेयर की हैं। एक्टर ने लिखा कि सुशील पिछले 42 सालों से उनके साथ भाई की तरह थे। वे एक बहुत ही दयालु और मददगार इंसान थे। सलमान के मुताबिक, चाहे आर्थिक तंगी हो, भावनात्मक परेशानी हो या शारीरिक बीमारी, सुशील के चेहरे से मुस्कान कभी कम नहीं होती थी। वे मुश्किल से मुश्किल हालात में भी डांस करते थे और मुस्कुराते रहते थे। ‘की फरक नई पैंदा’ कहते थे सुशील सलमान ने सुशील की सकारात्मक सोच को याद करते हुए बताया कि वे हमेशा एक ही बात कहते थे- “की फरक नई पैंदा, सब ठीक होगा” (कोई फर्क नहीं पड़ता, सब ठीक हो जाएगा)। सलमान ने उन्हें एक ऐसा योद्धा बताया जिसने मौत का सामना किसी ‘हैवीवेट चैंपियन’ की तरह किया। एक्टर ने लिखा, “तुम्हारे लिए मेरी आंखों में आंसू नहीं हैं भाई, बल्कि सिर्फ तुम्हारी यादें और हंसी है। मेरा भाई चेहरे पर मुस्कान लिए दुनिया से गया।” अंतिम विदाई पर भावुक हुए सलमान अपनी पोस्ट में सलमान ने जिंदगी की फिलॉसफी पर भी बात की। उन्होंने कहा कि हम सभी को एक न एक दिन जाना है, बस कोई पहले जाता है और कोई बाद में। इसलिए जाने से पहले जीवन में कुछ ऐसा कर जाना चाहिए जिससे लोग आपको याद रखें। सलमान ने इमोशनल होते हुए लिखा कि वे सुशील को बहुत मिस करेंगे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वे इस खबर के बाद गुस्सा करना चाहते थे और रोना चाहते थे, लेकिन उन्होंने खुद को संभाला। ‘मातृभूमि’ फिल्म में नजर आएंगे सलमान वर्कफ्रंट की बात करें तो सलमान खान इन दिनों अपनी अगली फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ की तैयारी कर रहे हैं। इस फिल्म का निर्माण सलमा खान के बैनर सलमान खान फिल्म्स के तले हो रहा है। फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया कर रहे हैं और इसमें चित्रांगदा सिंह लीड रोल में नजर आएंगी।
दोस्त के अंतिम संस्कार में रो पड़े सलमान खान:सहारा लेकर क्रिमेटोरियम से निकले, हेलन को संभालते दिखे सोहेल खान; पूरा परिवार पहुंचा

एक्टर सलमान खान अपने परिवार के साथ मंगलवार को अपने फैमिली फ्रेंड कुमुद राणे के अंतिम संस्कार में पहुंचे। इस दौरान सलमान के भाई सोहेल, अरबाज और उनकी मां सलमा खान भी मौजूद थीं। परिवार ने कुमुद को श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम संस्कार के दौरान सलमान काफी इमोशनल नजर आए। पिछले महीने भी सलमान के दोस्त का निधन हुआ था पिछले महीने सलमान खान ने अपने 42 साल पुराने करीबी दोस्त सुशील कुमार के निधन पर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दुख जताया था। सलमान ने बताया था कि सुशील उनके लिए सिर्फ दोस्त नहीं बल्कि एक भाई की तरह थे। सुशील के लिए सलमान ने एक लंबा और इमोशनल नोट लिखा था। सलमान ने अपने और पिता सलीम खान के साथ सुशील की पुरानी तस्वीरें शेयर की हैं। एक्टर ने लिखा कि सुशील पिछले 42 सालों से उनके साथ भाई की तरह थे। वे एक बहुत ही दयालु और मददगार इंसान थे। सलमान के मुताबिक, चाहे आर्थिक तंगी हो, भावनात्मक परेशानी हो या शारीरिक बीमारी, सुशील के चेहरे से मुस्कान कभी कम नहीं होती थी। वे मुश्किल से मुश्किल हालात में भी डांस करते थे और मुस्कुराते रहते थे। ‘की फरक नई पैंदा’ कहते थे सुशील सलमान ने सुशील की पॉजिटिव सोच को याद करते हुए बताया था कि वे हमेशा एक ही बात कहते थे- “की फरक नई पैंदा, सब ठीक होगा” (कोई फर्क नहीं पड़ता, सब ठीक हो जाएगा)। सलमान ने उन्हें एक ऐसा योद्धा बताया जिसने मौत का सामना किसी ‘हैवीवेट चैंपियन’ की तरह किया। एक्टर ने लिखा था, “तुम्हारे लिए मेरी आंखों में आंसू नहीं हैं भाई, बल्कि सिर्फ तुम्हारी यादें और हंसी है। मेरा भाई चेहरे पर मुस्कान लिए दुनिया से गया।” अंतिम विदाई पर भावुक हुए सलमान अपनी पोस्ट में सलमान ने जिंदगी की फिलॉसफी पर भी बात की थी। उन्होंने कहा था कि हम सभी को एक न एक दिन जाना है, बस कोई पहले जाता है और कोई बाद में। इसलिए जाने से पहले जीवन में कुछ ऐसा कर जाना चाहिए जिससे लोग आपको याद रखें। सलमान ने इमोशनल होते हुए लिखा कि वे सुशील को बहुत मिस करेंगे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वे इस खबर के बाद गुस्सा करना चाहते थे और रोना चाहते थे, लेकिन उन्होंने खुद को संभाला। ‘मातृभूमि’ फिल्म में नजर आएंगे सलमान वर्कफ्रंट की बात करें तो सलमान खान इन दिनों अपनी अगली फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ की तैयारी कर रहे हैं। इस फिल्म का निर्माण सलमा खान के बैनर सलमान खान फिल्म्स के तले हो रहा है। फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया कर रहे हैं और इसमें चित्रांगदा सिंह लीड रोल में नजर आएंगी।
नॉर्वे में बन रहा यूरोप का सबसे बड़ा एआई डेटासेंटर:माइक्रोसॉफ्ट और ओपनएआई करेंगे इस्तेमाल; ठंडे मौसम और सस्ती बिजली के कारण चुनी गई जगह

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बढ़ती मांग से दुनिया भर में डेटा सेंटर्स की होड़ है। इसी कड़ी में ब्रिटिश स्टार्टअप ‘Nscale’ नॉर्वे के नारविक में एक विशाल डेटा सेंटर बना रहा है। आर्कटिक सर्कल के पास बन रहा यह प्रोजेक्ट यूरोप के सबसे बड़े एआई डेटा सेंटर्स में से एक होगा। लोकेशन का फायदा नारविक में कड़ाके की ठंड होती है, जो डेटा सेंटर की गर्म चिप्स को नेचुरली ठंडा रखने में मदद करेगी। जून-जुलाई यहां का सबसे गर्म महीना होता है, तब भी अधिकतम तापमान 15 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। सर्दियों में औसत तापमान -4 से -6 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है। सस्ती बिजली नॉर्वे में हाइड्रोपावर से भरपूर और सस्ती ऊर्जा उपलब्ध है। यहां बिजली 3-4 रु. प्रति यूनिट है, जो यूरोप से काफी कम है। खपत पूरी तरह से चालू होने पर यह सेंटर 520 मेगावाट बिजली की खपत करेगा, जो कि नॉर्वे के सभी मौजूदा डेटा सेंटर्स की कुल खपत से भी ज्यादा है। लागत- तकनीक इसमें एनवीडिया के नए ‘वेरा रुबिन’ प्रोसेसर लगेंगे। प्रोजेक्ट की कुल लागत 9.57 लाख करोड़ रु. ज्यादा आंकी जा रही है, जिसमें 60-80% खर्च चिप्स का होगा। उपयोग इस सेंटर का इस्तेमाल ‘माइक्रोसॉफ्ट’ और ‘ओपनएआई’ करेंगे। साल के अंत तक इसे 1 लाख से ज्यादा एडवांस ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट के साथ शुरू किया जाएगा।








