Monday, 09 Nov 2026 | 01:17 AM

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नेशनल अवॉर्ड जीतकर भावुक कार्तिक आर्यन:कहा- ऐसे माहौल में एक्टर बनने का सपना देखा, जहां लोग हंसते हैं; छोटे शहर के लड़के का सपना पूरा हुआ

नेशनल अवॉर्ड जीतकर भावुक कार्तिक आर्यन:कहा- ऐसे माहौल में एक्टर बनने का सपना देखा, जहां लोग हंसते हैं; छोटे शहर के लड़के का सपना पूरा हुआ

कार्तिक आर्यन को फिल्म चंदू चैंपियन के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड दिया गया है। सेरेमनी मंगलवार को गुजरात के एकता नगर में हुई, जहां राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने कार्तिक को अवॉर्ड दिया। ये कार्तिक का पहला नेशनल अवॉर्ड है। इसे जीतने के बाद उन्होंने भावुक अंदाज में एक छोटे शहर से निकलकर सपने पूरे करने के सफर को याद किया है। कार्तिक ने नेशनल अवॉर्ड सेरेमनी की कुछ तस्वीरों के साथ लिखा है, ‘ग्वालियर के उस मम्मा के लाड़ले लड़के को आज प्यार से मुस्कुराते हुए याद कर रहा हूं, जिसने ऐसे माहौल में अभिनेता बनने का सपना देखने की हिम्मत की, जहां लोग अक्सर ऐसे सपनों पर हंसकर आगे बढ़ जाते हैं। आखिरकार वह पल मेरी आंखों के सामने था, जिसे मैंने जिया भी और महसूस भी किया। आज भी उत्साह और घबराहट के कारण यकीन नहीं हो रहा है।’ आगे कार्तिक ने लिखा, ‘एक छोटे शहर के लड़के का सपना, देश के हर अभिनेता का सपना, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान। ‘चंदू नहीं, चैंपियन है मैं।’ मैं हमेशा कबीर सर और साजिद सर का आभारी रहूंगा, जिन्होंने मुझ पर भरोसा किया और मुझे भारत के पहले पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट मुरलीकांत पेटकर सर का किरदार बड़े पर्दे पर निभाने की जिम्मेदारी दी। यह सफर बेहद मुश्किल और दर्द भरा रहा, लेकिन इसका नतीजा रस मलाई की तरह मीठा है। मैं एक साथ बहुत भावुक और खुद को बेहद सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूं।’ ‘इस लंबे सफर में मेरा सबसे बड़ा सहारा रहा, खुद पर मेरा विश्वास, मेरे माता-पिता का आशीर्वाद, उनका बिना शर्त प्यार और साथ, दोस्तों का हर कदम पर हौसला, खासकर तब जब मैं खुद उम्मीद खोने लगा था। मेरी पूरी टीम का भी धन्यवाद, जो मेरी प्रोफेशनल जिंदगी को आसान बनाने के लिए लगातार मेहनत करती है। इस असंभव से लगने वाले सफर का हिस्सा बनने वाले हर व्यक्ति का मैं दिल से शुक्रिया अदा करता हूं।’ आखिर में कार्तिक लिखते हैं, ‘मैं अपना यह सबसे बड़ा सम्मान देश के हर पैरालंपियन और उन सभी लोगों के साथ साझा करना चाहता हूं, जो असंभव सपने देखने की हिम्मत करते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए कभी हार नहीं मानते। सम्मानित ज्यूरी, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और माननीय राष्ट्रपति जी का इस खास पल के लिए दिल से धन्यवाद। आखिर में मैं यही कहना चाहूंगा कि यह सिर्फ शुरुआत है। उम्मीद है कि आने वाले समय में ऐसे कई और मुकाम हासिल करूंगा।’ देखिए नेशनल अवॉर्ड सेरेमनी से कार्तिक आर्यन की चुनिंदा तस्वीरें-

रानी मुखर्जी की मां कृष्णा मुखर्जी का निधन:75 साल की उम्र में ली अंतिम सांस; बंगाली सिनेमा में प्लेबैक सिंगर थीं

रानी मुखर्जी की मां कृष्णा मुखर्जी का निधन:75 साल की उम्र में ली अंतिम सांस; बंगाली सिनेमा में प्लेबैक सिंगर थीं

बॉलीवुड एक्ट्रेस रानी मुखर्जी की मां कृष्णा मुखर्जी का मंगलवार दोपहर 75 साल की उम्र में निधन हो गया। यशराज फिल्म्स (YRF) ने आधिकारिक बयान जारी करके इस बात की जानकारी दी है। कृष्णा मुखर्जी बंगाली सिनेमा की जानी-मानी प्लेबैक सिंगर रह चुकी हैं। वे अक्सर अपनी बेटी रानी के साथ कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आती थीं। मां के निधन से मुखर्जी परिवार में दुख का माहौल है। परिवार ने इस मुश्किल समय में मीडिया और फैंस से प्राइवेसी बनाए रखने की अपील की है। यशराज फिल्म्स ने जारी किया आधिकारिक बयान यशराज फिल्म्स ने बयान जारी करते हुए लिखा, ‘भारी दिल से हम यह जानकारी दे रहे हैं कि रानी मुखर्जी की मां श्रीमती कृष्णा मुखर्जी का आज दोपहर निधन हो गया। वे 75 वर्ष की थीं। परिवार आप सभी के प्यार, प्रार्थनाओं और समर्थन के लिए गहराई से आभारी है। इस बेहद मुश्किल समय में परिवार आपसे प्राइवेसी की अपील करता है।’ कृष्णा मुखर्जी ने हर मोड़ पर बेटी का साथ दिया कृष्णा मुखर्जी का भारतीय सिनेमा, विशेषकर बंगाली फिल्म इंडस्ट्री से गहरा जुड़ाव रहा। वे खुद एक पेशेवर प्लेबैक सिंगर थीं और उन्होंने कई बंगाली फिल्मों में गाने गाए थे। संगीत से जुड़े रहने के कारण उन्होंने अपनी बेटी रानी मुखर्जी को भी कला और अभिनय के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए हमेशा प्रेरित किया। रानी अपनी मां के बेहद करीब थीं और कई मौकों पर वे अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां को दे चुकी हैं। दोनों के बीच मजबूत बॉन्डिंग देखने को मिलती थी। अपने करियर की शुरुआत से ही रानी जब भी किसी अवॉर्ड फंक्शन, फिल्म स्क्रीनिंग या सार्वजनिक कार्यक्रम में जाती थीं, कृष्णा मुखर्जी उनके साथ जरूर नजर आती थीं। पति राम मुखर्जी के निधन के बाद भी कृष्णा अपनी बेटी रानी के साथ रहकर परिवार की भूमिका निभतीं थीं। ‘मर्दानी 3’ में नजर आई थीं रानी मुखर्जी वर्कफ्रंट की बात करें तो रानी मुखर्जी ने अपने लंबे करियर में ‘गुलाम’, ‘कुछ कुछ होता है’, ‘साथिया’, ‘हम तुम’ और ‘ब्लैक’ जैसी कई मशहूर फिल्में दी हैं। रानी हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘मर्दानी 3’ में नजर आई थीं। इस फिल्म में उनके शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार को दर्शकों ने काफी पसंद किया था।

नेशनल फिल्म अवॉर्ड सेरेमनी आज:कार्तिक आर्यन, यामी को मिलेगा अवॉर्ड, दिल्ली की जगह गुजरात में होने पर विवाद; जानिए इतिहास, विवाद और इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स

नेशनल फिल्म अवॉर्ड सेरेमनी आज:कार्तिक आर्यन, यामी को मिलेगा अवॉर्ड, दिल्ली की जगह गुजरात में होने पर विवाद; जानिए इतिहास, विवाद और इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स

72वीं नेशनल फिल्म अवॉर्ड सेरेमनी आज गुजरात में आयोजित हो रही है। इतिहास में पहली बार नई दिल्ली के विज्ञान भवन की बजाए ये सेरेमनी गुजरात के केवड़िया में यानी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास होगी, जिस पर विवाद है। राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने इस फैसले की आलोचना की है। वहीं, शिवसेना के सांसद संजय राउत ने कलाकारों से इस समारोह का बहिष्कार करने की अपील की है। विवाद के बीच सेरेमनी की तैयारियां पूरी हो रही हैं। कार्तिक आर्यन को फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ और ममूटी को ‘ब्रह्मयुग’ के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला है, जिसके लिए वह गुजरात पहुंच चुके हैं। बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड यामी गौतम को फिल्म ‘आर्टिकल 370’ के लिए मिलेगा, जबकि बेस्ट हिंदी फिल्म ‘श्रीकांत’ और बेस्ट फीचर फिल्म का अवॉर्ड ‘आर्टिकल 370’ को दिया जाएगा। विजेताओं की घोषणा 18 जुलाई को चुकी है, आज राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू अवॉर्ड वितरण करेंगी। 72वीं नेशनल फिल्म अवॉर्ड सेरेमनी से पहले जानिए, विजेताओं की लिस्ट, सेरेमनी पर विवाद, इतिहास, इससे जुड़े इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स और किस्से- इस साल इन फिल्मों और कलाकारों को मिलेगा अवॉर्ड, देखिए पूरी लिस्ट- नई दिल्ली की जगह गुजरात में सेरेमनी होने पर विवाद- नेशनल अवॉर्ड सेरेमनी नई दिल्ली की जगह गुजरात में आयोजित होने पर राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने कड़ी निंदा की। वहीं, शिवसेना के सांसद संजय राउत ने कलाकारों से इस समारोह का बहिष्कार करने की अपील की है। राज ठाकरे ने आपत्ति जताते हुए लिखा, ‘आखिर इसकी जरूरत क्यों पड़ी? देश की आर्थिक राजधानी मुंबई का महत्व कम करने की कोशिश के बाद अब क्या देश की राजधानी दिल्ली की अहमियत भी धीरे-धीरे खत्म करने की कोशिश हो रही है?’ शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि ये गुजरात से जुड़ा कोई प्रोग्राम नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय फिल्म पुरुस्कार है, तो इसकी लोकेशन गुजरात क्यों रखी गई। इसे राजधानी में ही रखना था, जैसा पिछले कई सालों से चला आ रहा है। उन्होंने अन्य सेलेब्स से इस इवेंट में न जाने और इसे बॉयकॉट करने की अपील की है। पिछले साल शाहरुख खान-रानी मुखर्जी ने जीता नेशनल अवॉर्ड शाहरुख खान ने 40 साल के करियर में पिछले साल फिल्म जवान के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड जीता। उनके साथ विक्रांत मैसी को भी 12वीं फेल के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला। जबकि रानी मुखर्जी को मिसेस चटर्जी वर्सेस नॉर्वे के लिए बेस्ट एक्ट्रेस चुना गया। पिछले साल मोहनलाल को इस साल अनंत नाग को मिला दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड 72वीं नेशनल फिल्म अवॉर्ड सेरेमनी में दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। 4 सितंबर 1948 को जन्मे अनंत नाग (अनंत नागरकट्टे) कन्नड़ सिनेमा के सबसे सम्मानित और दिग्गज अभिनेताओं में से एक हैं। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने 300 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया है, जिनमें 250 से ज्यादा कन्नड़ फिल्में शामिल हैं। कन्नड़ के अलावा अनंत नाग ने हिंदी, तेलुगु, तमिल, मराठी, मलयालम और अंग्रेजी भाषाओं की फिल्मों में भी काम किया है। कन्नड़ सुपरस्टार यश की ब्लॉकबस्टर फिल्म KGF के दोनों पार्ट में वह नजर आए थे। नेशनल अवॉर्ड से जुड़े ये किस्से भी पढ़िए- ऑक्सीजन मास्क लगाकर अवॉर्ड लेने पहुंचे राज कपूर, राष्ट्रपति की एंबुलेंस दी गई साल 1972 में पृथ्वीराज कपूर को मरणोपरांत दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। 2 मई 1988 को हुई अवॉर्ड सेरेमनी में उनकी जगह ये अवॉर्ड लेने उनके बेटे राज कपूर पहुंचे थे। राज कपूर इतने बीमार रहते थे कि वो ऑक्सीजन सिलेंडर लिए और मास्क लगाए सेरेमनी में बैठे थे। जिस समय पृथ्वीराज कपूर का नाम अनाउंस हुआ, तो राज कपूर की हालत इतनी बिगड़ गई कि वो कुर्सी से उठ नहीं सके। ऐसे में राष्ट्रपति आर. वेंकटरमन ने सेरेमनी का प्रोटोकॉल तोड़ते हुए खुद उनकी कुर्सी तक जाकर अवॉर्ड दिया। कुछ ही देर में राज कपूर को सेरेमनी में ही अस्थमा का अटैक पड़ा। राष्ट्रपति आर. वेंकटरमन ने उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाने के लिए अपनी गाड़ी दी। राज कपूर को दिल्ली के AIIMS में भर्ती करवाया गया था। 2 महीने तक चले इलाज के बाद उनका 2 जून 1988 को निधन हो गया। ये किस्सा राज कपूर की बेटी रीमा ने फिल्मफेयर को दिए इंटरव्यू में सुनाया था। फिल्म ब्लैक के नेशनल अवॉर्ड जीतने पर हुई थी कंट्रोवर्सी 53वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में संजय लीला भंसाली की फिल्म ब्लैक को बेस्ट फीचर फिल्म (हिंदी) का नेशनल अवॉर्ड दिया गया था, जो हॉलीवुड फिल्म द मिरेकल वर्क की कहानी से प्रेरित थी। नेशनल अवॉर्ड के नियमों के अनुसार, किसी भी एडेप्शन फिल्म को अवॉर्ड नहीं दिया जा सकता। ऐसे में ज्यूरी मेंबर में शामिल देब बनर्जी ने आरोप लगाए कि फिल्म को फेवरिज्म कर अवॉर्ड दिया गया है। देव बनर्जी ने पिटीशन भी फाइल की थी, हालांकि कोई कार्यवाही नहीं हुई। फिल्म ब्लैक ने 3 नेशनल अवॉर्ड जीते, जिमें बेस्ट फीचर फिल्म (हिंदी), बेस्ट एक्टर (अमिताभ बच्चन) और बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइन (सब्यसाची मुखर्जी) शामिल हैं। अवॉर्ड सेरेमनी पर लगे पक्षपात के आरोप इसी साल फिल्म परजानिया के लिए राहुल ढोलकिया को बेस्ट डायेरक्टर, सारिका को बेस्ट एक्ट्रेस और फिल्म परिणीता के लिए प्रदीप सरकार को बेस्ट डायरेक्टर डेब्यू का अवॉर्ड दिए जाने पर भी विवाद रहा। कोलकाता बेस्ड क्रिटिक और ज्यूरी में शामिल देब बनर्जी ने इनके खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में पिटीशन फाइल की थी। उनका आरोप था कि पक्षपात के जरिए इन कैटेगरी में अवॉर्ड दिए गए हैं। किरण खैर का नेशनल अवॉर्ड विवादों से रहा बंगाली फिल्म बरीवाली के लिए किरण खैर को बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड दिया गया था। इस फिल्म के नॉमिनेशन के दौरान भरे गए फॉर्म में कहा गया था कि किरण खैर ने अपनी आवाज खुद डब की है, हालांकि डबिंग आर्टिस्ट और एक्ट्रेस रीता कोइराला ने आरोप लगाए कि फिल्म में उन्होंने किरण खैर के लिए बंगाली डबिंग की थी, जिसको नॉमिनेशन फॉर्म में मेंशन नहीं किया गया था। 65वीं नेशनल अवॉर्ड सेरेमनी में 68 विजेताओं ने सेरेमनी में आने से इनकार किया था 65वीं नेशनल अवॉर्ड सेरेमनी 68 विजेताओं के सेरेमनी में न पहुंचने से विवादों में रही थी। विजेताओं को मिले इन्विटेशन कार्ड में

नेशनल फिल्म अवॉर्ड सेरेमनी आज:कार्तिक आर्यन, यामी को मिलेगा अवॉर्ड, दिल्ली की जगह गुजरात में होने पर विवाद; जानिए इतिहास, विवाद और इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स

नेशनल फिल्म अवॉर्ड सेरेमनी आज:कार्तिक आर्यन, यामी को मिलेगा अवॉर्ड, दिल्ली की जगह गुजरात में होने पर विवाद; जानिए इतिहास, विवाद और इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स

72वीं नेशनल फिल्म अवॉर्ड सेरेमनी आज गुजरात में आयोजित हो रही है। इतिहास में पहली बार नई दिल्ली के विज्ञान भवन की बजाए ये सेरेमनी गुजरात के केवड़िया में यानी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास होगी, जिस पर विवाद है। राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने इस फैसले की आलोचना की है। शिवसेना (उद्धव गुट) सांसद संजय राउत ने कलाकारों से इस समारोह का बहिष्कार करने की अपील की है। विवाद के बीच सेरेमनी की तैयारियां पूरी हो रही हैं। कार्तिक आर्यन को फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ और ममूटी को ‘ब्रह्मयुग’ के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला है, जिसके लिए वह गुजरात पहुंच चुके हैं। बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड यामी गौतम को फिल्म ‘आर्टिकल 370’ के लिए मिलेगा, जबकि बेस्ट हिंदी फिल्म ‘श्रीकांत’ और बेस्ट फीचर फिल्म का अवॉर्ड ‘आर्टिकल 370’ को दिया जाएगा। विजेताओं की घोषणा 18 जुलाई को चुकी है, आज राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू अवॉर्ड वितरण करेंगी। 72वीं नेशनल फिल्म अवॉर्ड सेरेमनी से पहले जानिए, विजेताओं की लिस्ट, सेरेमनी पर विवाद, इतिहास, इससे जुड़े इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स और किस्से- इस साल इन फिल्मों और कलाकारों को मिलेगा अवॉर्ड, देखिए पूरी लिस्ट- नई दिल्ली की जगह गुजरात में सेरेमनी होने पर विवाद- नेशनल अवॉर्ड सेरेमनी नई दिल्ली की जगह गुजरात में आयोजित होने पर राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने कड़ी निंदा की। वहीं, शिवसेना के सांसद संजय राउत ने कलाकारों से इस समारोह का बहिष्कार करने की अपील की है। राज ठाकरे ने आपत्ति जताते हुए लिखा, ‘आखिर इसकी जरूरत क्यों पड़ी? देश की आर्थिक राजधानी मुंबई का महत्व कम करने की कोशिश के बाद अब क्या देश की राजधानी दिल्ली की अहमियत भी धीरे-धीरे खत्म करने की कोशिश हो रही है?’ शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि ये गुजरात से जुड़ा कोई प्रोग्राम नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय फिल्म पुरुस्कार है, तो इसकी लोकेशन गुजरात क्यों रखी गई। इसे राजधानी में ही रखना था, जैसा पिछले कई सालों से चला आ रहा है। उन्होंने अन्य सेलेब्स से इस इवेंट में न जाने और इसे बॉयकॉट करने की अपील की है। पिछले साल शाहरुख खान-रानी मुखर्जी ने जीता नेशनल अवॉर्ड शाहरुख खान ने 40 साल के करियर में पिछले साल फिल्म जवान के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड जीता। उनके साथ विक्रांत मैसी को भी 12वीं फेल के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला। जबकि रानी मुखर्जी को मिसेस चटर्जी वर्सेस नॉर्वे के लिए बेस्ट एक्ट्रेस चुना गया। पिछले साल मोहनलाल को इस साल अनंत नाग को मिला दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड 72वीं नेशनल फिल्म अवॉर्ड सेरेमनी में दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। 4 सितंबर 1948 को जन्मे अनंत नाग (अनंत नागरकट्टे) कन्नड़ सिनेमा के सबसे सम्मानित और दिग्गज अभिनेताओं में से एक हैं। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने 300 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया है, जिनमें 250 से ज्यादा कन्नड़ फिल्में शामिल हैं। कन्नड़ के अलावा अनंत नाग ने हिंदी, तेलुगु, तमिल, मराठी, मलयालम और अंग्रेजी भाषाओं की फिल्मों में भी काम किया है। कन्नड़ सुपरस्टार यश की ब्लॉकबस्टर फिल्म KGF के दोनों पार्ट में वह नजर आए थे। नेशनल अवॉर्ड से जुड़े ये किस्से भी पढ़िए- ऑक्सीजन मास्क लगाकर अवॉर्ड लेने पहुंचे राज कपूर, राष्ट्रपति की एंबुलेंस दी गई साल 1972 में पृथ्वीराज कपूर को मरणोपरांत दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। 2 मई 1988 को हुई अवॉर्ड सेरेमनी में उनकी जगह ये अवॉर्ड लेने उनके बेटे राज कपूर पहुंचे थे। राज कपूर इतने बीमार रहते थे कि वो ऑक्सीजन सिलेंडर लिए और मास्क लगाए सेरेमनी में बैठे थे। जिस समय पृथ्वीराज कपूर का नाम अनाउंस हुआ, तो राज कपूर की हालत इतनी बिगड़ गई कि वो कुर्सी से उठ नहीं सके। ऐसे में राष्ट्रपति आर. वेंकटरमन ने सेरेमनी का प्रोटोकॉल तोड़ते हुए खुद उनकी कुर्सी तक जाकर अवॉर्ड दिया। कुछ ही देर में राज कपूर को सेरेमनी में ही अस्थमा का अटैक पड़ा। राष्ट्रपति आर. वेंकटरमन ने उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाने के लिए अपनी गाड़ी दी। राज कपूर को दिल्ली के AIIMS में भर्ती करवाया गया था। 2 महीने तक चले इलाज के बाद उनका 2 जून 1988 को निधन हो गया। ये किस्सा राज कपूर की बेटी रीमा ने फिल्मफेयर को दिए इंटरव्यू में सुनाया था। फिल्म ब्लैक के नेशनल अवॉर्ड जीतने पर हुई थी कंट्रोवर्सी 53वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में संजय लीला भंसाली की फिल्म ब्लैक को बेस्ट फीचर फिल्म (हिंदी) का नेशनल अवॉर्ड दिया गया था, जो हॉलीवुड फिल्म द मिरेकल वर्क की कहानी से प्रेरित थी। नेशनल अवॉर्ड के नियमों के अनुसार, किसी भी एडेप्शन फिल्म को अवॉर्ड नहीं दिया जा सकता। ऐसे में ज्यूरी मेंबर में शामिल देब बनर्जी ने आरोप लगाए कि फिल्म को फेवरिज्म कर अवॉर्ड दिया गया है। देव बनर्जी ने पिटीशन भी फाइल की थी, हालांकि कोई कार्यवाही नहीं हुई। फिल्म ब्लैक ने 3 नेशनल अवॉर्ड जीते, जिमें बेस्ट फीचर फिल्म (हिंदी), बेस्ट एक्टर (अमिताभ बच्चन) और बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइन (सब्यसाची मुखर्जी) शामिल हैं। अवॉर्ड सेरेमनी पर लगे पक्षपात के आरोप इसी साल फिल्म परजानिया के लिए राहुल ढोलकिया को बेस्ट डायेरक्टर, सारिका को बेस्ट एक्ट्रेस और फिल्म परिणीता के लिए प्रदीप सरकार को बेस्ट डायरेक्टर डेब्यू का अवॉर्ड दिए जाने पर भी विवाद रहा। कोलकाता बेस्ड क्रिटिक और ज्यूरी में शामिल देब बनर्जी ने इनके खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में पिटीशन फाइल की थी। उनका आरोप था कि पक्षपात के जरिए इन कैटेगरी में अवॉर्ड दिए गए हैं। किरण खैर का नेशनल अवॉर्ड विवादों से रहा बंगाली फिल्म बरीवाली के लिए किरण खैर को बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड दिया गया था। इस फिल्म के नॉमिनेशन के दौरान भरे गए फॉर्म में कहा गया था कि किरण खैर ने अपनी आवाज खुद डब की है, हालांकि डबिंग आर्टिस्ट और एक्ट्रेस रीता कोइराला ने आरोप लगाए कि फिल्म में उन्होंने किरण खैर के लिए बंगाली डबिंग की थी, जिसको नॉमिनेशन फॉर्म में मेंशन नहीं किया गया था। 65वीं नेशनल अवॉर्ड सेरेमनी में 68 विजेताओं ने सेरेमनी में आने से इनकार किया था 65वीं नेशनल अवॉर्ड सेरेमनी 68 विजेताओं के सेरेमनी में न पहुंचने से विवादों में रही थी। विजेताओं को मिले इन्विटेशन कार्ड में

रोहतक फिल्म फेस्टिवल में एक्टर रणदीप हुड्डा का देसी अंदाज:युवाओं से बोले- कलेजा पाटैन नै हो रहा; किमै न किमै जरूर होवेगा

रोहतक फिल्म फेस्टिवल में एक्टर रणदीप हुड्डा का देसी अंदाज:युवाओं से बोले- कलेजा पाटैन नै हो रहा; किमै न किमै जरूर होवेगा

रोहतक की दादा लख्मी चंद यूनिवर्सिटी सुपवा में चल रहे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में कई बॉलीवुड हस्तियों ने हिस्सा लिया और कुछ अभिनेताओं ने अपनी वीडियो भेजकर संदेश दिया। गांव जसिया के रहने वाले अभिनेता रणदीप हुड्डा ने अपनी वीडियो में रोहतक वासियों के लिए संदेश भेजा। रणदीप हुड्डा ने अपनी वीडियो की शुरूआत में सभी को देसी अंदाज में राम राम कहा। रणदीप ने कहा कि मेरा तो कलेजा पाटैन नै हो रहा है कि रोहतक में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल हो रहा है। सारे ज्यूरी आले, इन कलाकारा पर थोड़ा रहम करियो और स्टूडेंट्स कुछ सीख भी लियो। जिस बीज का मैं पौधा, उसने राम-राम कर दियो रणदीप हुड्डा ने अपने मजाकिया अंदाज में युवाओं से कहा कि लागे रहो, किमै न किमै जरूर होवेगा। जिस पौधे का मैं बीज हूं मेरी मां, वहां जरूर आ रही है। उसने राम-राम जरूर करियो। लागे रहो, खैंचे रहो मीटर। मेहनत कभी बेकार नहीं होती, सफलता जरूर मिलती है। हरियाणवी सिनेमा को छूना हुआ मुश्किल बॉलीवुड अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा ने कहा कि हरियाणवी सिनेमा उद्योग जिस तरफ जा रहा है, उसे छूना मुश्किल हो गया है। मासूम शर्मा मेरा स्टूडेंट भी रहा है और लाइसेंस के रूप में एक अच्छी फिल्म बनाई है। युवा पीढ़ी में बहुत ऊर्जा है, लेकिन उसे सही दिशा देने की जरूरत है। हरियाणा के युवा कमाल कर रहे है। चंद्र शेखर आजाद का किया रोल बॉलीवुड अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा ने कहा कि केवल डरावने रोल नहीं किए, बल्कि अच्छे रोल भी किए है। लेकिन लोग डरते हैं तो मैं क्या करू। शहीद भगत सिंह मूवी में चंद्र शेखर आजाद का रोल किया, उससे बड़ा कौन सा रोल हो सकता है। नई पीढ़ी को बताना कि इस प्रकार का सिनेमा बन रहा है। हरियाणवी फिल्म सांगी से कैरियर की शुरूआत अभिनेता रणदीप हुड्डा की मां आशा हुड्डा ने कहा कि वह डीएलएफ कॉलोनी में रहती थी और पढ़ाई भी रोहतक से ही की है। एमडीयू से एमए किया है, पहले इसका नाम कुछ और था। हरियाणवी फिल्म सांगी से कैरियर की शुरूआत की थी। आशा हुड्‌डा ने कहा कि वही गुण बेटे रणदीप में भी आए और डॉक्टर बनने की बजाय एक्टिंग में कैरियर बनाया और आज एक सफल अभिनेता के रूप में देखकर काफी खुश है। 22 साल पहले रोहतक को छोड़ा था, लेकिन आज भी आकर वही अहसास जिंदा हो जाता है।

'2019 में पूर्णिया आया था सुशांत, कुछ बताना चाहता था':कहा था- कुछ होने वाला है; भाई बोला- दिशा की मौत से जुड़ी है सुशांत की हत्या

'2019 में पूर्णिया आया था सुशांत, कुछ बताना चाहता था':कहा था- कुछ होने वाला है; भाई बोला- दिशा की मौत से जुड़ी है सुशांत की हत्या

‘मेरे चचेरे भाई सुशांत सिंह राजपूत का मामला उसके पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की हत्या से जुड़ा है। सुशांत आखिरी बार साल 2019 में पूर्णिया आया था। वो मुझे कुछ बताना चाहता था, लेकिन समय कम होने की वजह से नहीं बता सका। लौटते समय उसने कहा था- भइया जल्दी आपको कुछ बताऊंगा। कुछ बड़ा होने वाला है, मैं जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सब कुछ दुनिया के सामने लाऊंगा। सारे सबूत मेरे पास हैं, मैं किसी से डरता नहीं हूं।’ बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के चचेरे भाई पन्ना सिंह ने दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बातें कही है। दरअसल, पिछले सोमवार यानी 13 सितंबर को एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में CBI ने FIR दर्ज की। इस मामले में भास्कर रिपोर्टर ने सुशांत सिंह राजपूत के चचेरे भाई पन्ना सिंह और चाचा मनमोहन सिंह से बातचीत की। पन्ना सिंह, सुपौल जिले के छातापुर से भाजपा विधायक और बिहार के पूर्व मंत्री नीरज सिंह बबलू के छोटे भाई हैं। दिशा की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड में एक इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने से हुई थी। घटना के छह दिन बाद 14 जून 2020 को सुशांत सिंह भी मुंबई के बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत मिले थे। सुशांत सिंह राजपूत के चचेरे भाई और चाचा ने क्या-क्या कहा? दिशा की हत्या मामले को कैसे सुशांत की मौत से जुड़ा बताया? आदित्य ठाकरे को लेकर दोनों ने क्या दावे किए? पढ़िए एक्सक्लूसिव रिपोर्ट। सबसे पहले देखिए, पूर्णिया आने के दौरान सुशांत की तस्वीरें अब पढ़िए सुशांत सिंह राजपूत के चचेरे भाई और चाचा ने क्या कहा… पूर्णिया के मलडीहा के रहने वाले पन्ना सिंह ने कहा कि बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने दिशा सालियान मामले में एफआईआर दर्ज की है। इसके बाद हम लोगों को उम्मीद है कि जल्द सुशांत को भी जस्टिस मिलेगा, क्योंकि दिशा का मामला मेरे भाई से जुड़ा है। सुशांत सिंह राजपूत साल 2019 में पूर्णिया आया था। उस दौरान सुशांत ने मुझे कुछ बताना चाहता था। लेकिन, समय कम होने की वजह से वह बात नहीं कर सका। बस इतना ही बताया था कि भइया जल्द ही आपसे इस बारे में बात करूंगा। पन्ना सिंह ने कहा कि सुशांत बहुत ज्यादा मैच्योर नहीं था। इसी का फायदा उसके दुश्मनों ने उठा लिया। दिशा मामले की सीबीआई जांच चल रही है। बस हम लोग यही चाहते हैं कि कोई निर्दोष इस केस में न फंसे, लेकिन जो दोषी है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पन्ना ने कहा कि हम लोग शुरू से ये कहते आए हैं कि इस केस में आदित्य ठाकरे की भूमिका है। चूंकि जिस वक्त की घटना है, आदित्य के पिता उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे। आदित्य एकलौता बेटा था, इसलिए जो उसके मन में आता था, करता था। पन्ना का दावा- आदित्य ठाकरे की दिशा, सुशांत केस में डायरेक्ट इन्वॉलमेंट पन्ना सिंह ने कहा कि आदित्य ठाकरे के बारे में सीबीआई बिना किसी दबाव के अपने स्तर से जांच करे, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। सुशांत ने चांद पर जमीन खरीदी थी, ऐसा कैसे और क्यों होगा कि वो आत्महत्या करेगा। जब कोई डिप्रेशन में होता है, तब सुसाइड करता है या अपने लाइफ में किसी तरह की विफलता को फेस कर रहा हो तो ऐसे कदम उठाता है, लेकिन मेरे भाई के साथ ऐसा कुछ नहीं था। सुशांत पर परिवार या फिर पैसे की कोई लाइबिलिटी भी नहीं थी। पैसे या फिर गाड़ियों की उसके पास कोई कमी नहीं थी। चाचा मनमोहन बोले- साजिश के तहत सुशांत की हत्या की गई सुशांत सिंह राजपूत के चाचा मनमोहन सिंह ने बताया कि बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले का हम लोग स्वागत करते हैं। जिस वक्त सुशांत की मौत की खबर आई थी, तब कोई विश्वास नहीं कर रहा था कि वह सुसाइड कर सकता है। सुशांत की साजिश के तहत हत्या की गई थी। इसमें काफी बड़े-बड़े लोग शामिल थे, कुछ लोग तो ऐसे हैं, जिनका अभी तक नाम भी सामने नहीं आया है। मनमोहन सिंह ने कहा कि सीबीआई ने दिशा की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज की है। अब हम लोगों को भरोसा है कि सुशांत और दिशा मामले में कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा। पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक पहलुओं पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सुशांत के शरीर और गले पर मौजूद निशान आत्महत्या के नहीं, बल्कि शारीरिक हिंसा के संकेत दे रहे थे। यहां तक कि शुरुआती रिपोर्ट देखने वाले डॉक्टरों के बयानों से भी यह स्पष्ट होता था कि मामला संदिग्ध था। विधायक नीरज सिंह बबलू ने केस दबाने का आरोप लगाया था 6 दिन पहले बीजेपी विधायक नीरज बबलू ने सहरसा के नया बाजार स्थित अपने घर पर दावा किया था कि दिशा के हत्यारे पकड़े जाते हैं, तो सुशांत की हत्या का राज भी खुल जाएगा। महाराष्ट्र की तत्कालीन उद्धव ठाकरे सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब सुशांत की हत्या हुई थी, तब हम लोग मुंबई गए थे। हमें उसी वक्त पता चल गया था कि सुशांत और दिशा सालियान की हत्या के मामले एक-दूसरे से जुड़े हैं। अगर उसी समय दिशा सालियान मामले का खुलासा हो जाता, तो सुशांत के हत्यारों का भी पता चल जाता। उद्धव सरकार पर मामले को दबाने का आरोप नीरज बबलू ने आरोप लगाया कि उस वक्त महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की सरकार थी, जो उनके खिलाफ थी। उन्होंने जानबूझकर दोनों हत्याओं के मामलों को दबाने का काम किया। जब बिहार में सीबीआई जांच की मांग उठी, तब तक वहां सभी सबूत मिटा दिए गए थे और तथ्य छिपा लिए गए थे। पूर्व मंत्री ने बताया कि उस समय दिशा सालियान के पिता सदमे में थे। लेकिन महाराष्ट्र में सरकार बदलने और बीजेपी के सत्ता में आने के बाद उन्हें सुरक्षा और न्याय की उम्मीद जगी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने जांच बढ़ाते हुए एफआईआर दर्ज की है।

मां बनने के बाद पहले जैसी बॉडी की उम्मीद क्यों?:सिर्फ कैटरीना कैफ नहीं, ऐश्वर्या राय, करीना कपूर समेत कई अभिनेत्रियों की हुई ट्रोलिंग

मां बनने के बाद पहले जैसी बॉडी की उम्मीद क्यों?:सिर्फ कैटरीना कैफ नहीं, ऐश्वर्या राय, करीना कपूर समेत कई अभिनेत्रियों की हुई ट्रोलिंग

साल 2026 में भी महिलाओं के शरीर को लेकर बनी पुरानी सोच पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। खासकर फिल्म इंडस्ट्री में एक्ट्रेसेस से मां बनने के बाद भी पहले जैसी बॉडी और ग्लैमरस लुक की उम्मीद की जाती है। कटरीना कैफ के हालिया मामले ने एक बार फिर इस मुद्दे को चर्चा में ला दिया। कटरीना कैफ और विक्की कौशल की पहली संतान यानी बेटे विहान का जन्म 7 नवंबर 2025 को हुआ था। कटरीना अब 40 की उम्र पार कर चुकी हैं और लंबे समय से अपनी फिटनेस के लिए जानी जाती हैं। डाइट और फिटनेस को लेकर उनकी सतर्कता की वजह से उनकी एक खास फिटनेस इमेज बनी हुई है। हालांकि, मां बनने के बाद उनके शरीर में आए बदलावों को लेकर सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। पहले बच्चे के जन्म के बाद कटरीना काफी समय तक लाइमलाइट से दूर रहीं। इस साल अगस्त के आखिर में वह पहली बार पति विक्की कौशल के साथ फिल्ममेकर कुकू कोहली के अंतिम संस्कार में नजर आईं। 26 अगस्त 2026 को सामने आए वीडियो और तस्वीरों के बाद सोशल मीडिया पर कटरीना के पोस्टपार्टम लुक को लेकर कमेंट्स शुरू हो गए। कुछ यूजर्स ने उनके बढ़े हुए वजन और चेहरे पर आए बदलावों को लेकर कमेंट्स किए। इसके बाद गणेश चतुर्थी के मौके पर जब कटरीना मुंबई में नजर आईं, तो सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरों और वीडियो को लेकर ट्रोलिंग और बढ़ गई। उनकी पुरानी तस्वीरों के साथ नई तस्वीरों की तुलना की गई। इस पूरे मामले में सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। एक तरफ कुछ लोग कटरीना के वजन और लुक पर टिप्पणी कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ फैंस, महिलाएं, क्रिएटर्स और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने ऐसी बॉडी शेमिंग का विरोध किया। इस चर्चा के दौरान यह सवाल भी उठा कि मां बनने के बाद किसी महिला से कितने कम समय में पहले जैसी बॉडी में लौटने की उम्मीद की जानी चाहिए। प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के बाद शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं और हर महिला के लिए रिकवरी का समय अलग हो सकता है। एक्ट्रेसेस के लिए ‘बाउंस बैक’ का दबाव एक्ट्रेसेस के लिए यह प्रेशर नया नहीं है। कई एक्ट्रेसेस मां बनने के बाद अपने वजन, शरीर और लुक को लेकर सार्वजनिक आलोचना झेल चुकी हैं। कटरीना के मामले ने एक बार फिर ऐश्वर्या राय, करीना कपूर खान और बिपाशा बसु जैसी अभिनेत्रियों के अनुभवों की याद दिलाई। इन सभी को मां बनने के बाद अपने शरीर में आए बदलावों को लेकर सार्वजनिक टिप्पणियों का सामना करना पड़ा है। एक्ट्रेसेस से अक्सर उम्मीद की जाती है कि वे प्रेग्नेंसी के बाद बहुत कम समय में अपने पुराने फिगर में लौट आएं। ऐश्वर्या राय: बेटी के जन्म के बाद वजन को लेकर हुई थीं ट्रोल ऐश्वर्या राय बच्चन को दुनिया की सबसे खूबसूरत महिलाओं में गिना जाता रहा है। पूर्व मिस वर्ल्ड होने की वजह से उनकी खूबसूरती को लेकर हमेशा काफी चर्चा रही है, लेकिन मां बनने के बाद यही पब्लिक इमेज उनके लिए आलोचना की वजह भी बनी। ऐश्वर्या ने नवंबर 2011 में बेटी आराध्या को जन्म दिया था। बेटी के जन्म के करीब सात महीने बाद ऐश्वर्या राय बच्चन की एक तस्वीर सामने आई थी। तस्वीर में उनका वजन बढ़ा हुआ नजर आया। इसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें जमकर ट्रोल किया गया। कान्स फिल्म फेस्टिवल 2012 में उनकी वापसी की खबरों के बीच उनके लुक को लेकर चर्चा और बढ़ गई। कुछ लोगों ने कहा कि एक एक्ट्रेस होने के नाते उन्हें फिट दिखना चाहिए। दिसंबर 2012 में ऐश्वर्या ने मशहूर ब्रिटिश पत्रकार सर डेविड फ्रॉस्ट के शो में कहा था कि वह अपने शरीर को लेकर सहज थीं। ऐश्वर्या ने यह भी कहा था कि उन्होंने कभी डाइटिंग नहीं की। उन्होंने कहा था कि अगर उन्हें लगता कि उनका वजन कोई बड़ी समस्या है, तो वह छिप जातीं या कुछ करतीं। उन्होंने इस दौरान अपनी बेटी के साथ जिंदगी को एंजॉय करने को प्रायोरिटी दी। बिपाशा बसु ने भी झेली बॉडी शेमिंग 2000 के दशक की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल बिपाशा बसु भी मां बनने के बाद बॉडी शेमिंग का सामना कर चुकी हैं। उन्होंने नवंबर 2022 में बेटी देवी को जन्म दिया था। हाल ही में बिपाशा ने बताया कि उनकी बेटी के जन्म के बाद वजन और शरीर को लेकर उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था। बिपाशा ने ‘एल इंडिया’ से बातचीत में कहा कि महिलाओं से उम्मीद की जाती है कि वे बच्चे को जन्म देने के बाद भी 20 साल की उम्र जैसा शरीर बना लें। बिपाशा ने कहा, “आज भी महिलाओं के शरीर को लेकर होने वाली बातें काफी अजीब हैं। ऐसा लगता है कि बच्चे को जन्म देने के बाद 40 की उम्र में भी आपको 20 साल की उम्र जैसी बॉडी में वापस आ जाना चाहिए।” उन्होंने कहा, “20 साल की महिला से जो उम्मीद की जाती है, वही 40 साल की महिला से भी की जाती है। अगर आप जल्दी अपनी पुरानी शेप में नहीं लौटतीं, तो आपको ट्रोल किया जाएगा। लोग बहुत बेरहमी से पेश आएंगे।” बिपाशा ने बेटी देवी के जन्म के बाद खुद इसका सामना किया। उन्होंने कहा, “मुझे बहुत ज्यादा ट्रोलिंग झेलनी पड़ी। कुछ पैपराजी ने मेरी बेहद अजीब तस्वीरें खींचीं। वे यह नहीं देखते कि एक महिला कितनी मेहनत कर रही है। बच्चे के साथ उसे कितना कुछ संभालना पड़ता है। उसकी जिंदगी, लाइफस्टाइल और निजी परेशानियां भी होती हैं, लेकिन किसी को इसकी परवाह नहीं होती। हर कोई बस यही चाहता है कि महिला जल्दी अपनी पुरानी बॉडी शेप में लौट आए।” करीना ने वजन घटाने के दबाव पर बात की थी करीना कपूर खान भी लंबे समय से अपनी फिटनेस और ग्लैमरस इमेज के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने दिसंबर 2016 में अपने पहले बेटे तैमूर को जन्म दिया था। प्रेग्नेंसी के दौरान करीना का करीब 18 किलोग्राम यानी लगभग 40 पाउंड वजन बढ़ा था। बच्चे के जन्म के बाद उनके पैरों, जांघों और शरीर के अन्य हिस्सों को लेकर सोशल मीडिया पर टिप्पणियां की गईं। करीना ने 2021 में अपने दूसरे

कटरीना की ट्रोलिंग के बाद भड़के सलमान:बोले- मुझे भी कहा गया- बूढ़ा हो गया; बीच शो में उतारी टी-शर्ट, दिखाए एब्स

कटरीना की ट्रोलिंग के बाद भड़के सलमान:बोले- मुझे भी कहा गया- बूढ़ा हो गया; बीच शो में उतारी टी-शर्ट, दिखाए एब्स

टीवी शो ‘बिग बॉस 20’ के दूसरे ‘वीकेंड का वार’ में शनिवार को ट्रोलर्स पर जमकर भड़के। सलमान खान ने बॉडी-शेमिंग और एज-शेमिंग पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें भी ‘बूढ़ा हो गया’ कहा गया है। इसके बाद सलमान ने बीच शो में अपनी टी-शर्ट उतारकर एब्स दिखाए। बता दें कि सलमान की टिप्पणी हाल ही कटरीना कैफ की हुई ट्रोलिंग के बाद आई। दरअसल, सलमान ने शनिवार के एपिसोड में कंटेस्टेंट स्काउटओपी के सोशल मीडिया और गेमिंग कम्युनिटी से जुड़े बयान का जिक्र किया। सलमान ने कहा कि सोशल मीडिया आज एक बड़ा प्रोफेशन बन चुका है। गेमिंग, कंटेंट क्रिएशन, वीडियो एडिटिंग और सोशल मीडिया के दूसरे कामों के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार और पहचान मिल रही है, लेकिन इसी प्लेटफॉर्म का एक दूसरा पहलू ट्रोलिंग भी है। सलमान ने समझाया कि जब कोई व्यक्ति आगे बढ़ रहा होता है तो उसे नीचे खींचने की कोशिश अक्सर वही लोग करते हैं जो खुद पीछे रह गए हैं। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को आप गाली दे रहे हैं, जिसके शरीर और वजन पर टिप्पणी कर रहे हैं, जिसके लुक्स का मजाक उड़ा रहे हैं, वही व्यक्ति कहीं न कहीं आपके कंटेंट और कमाई का हिस्सा बन रहा है। ‘उसके जिस्म, वजन और लुक्स पर गंदा लिख रहे हो’ सलमान ने ट्रोलिंग के कई रूप गिनाए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लोग किसी के जिस्म, वजन, लुक्स, खानदान, मुस्कान, फ्लॉप होने या मां बनने तक पर टिप्पणी करने लगे हैं। उन्होंने ऐसे कमेंट्स का जिक्र करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर किसी को ‘भद्दी लग रही है’, ‘मोटी हो गई है’ या ‘बूढ़ा हो गया है’ जैसी बातें कही जाती हैं। ‘जब अपनी शक्ल से ही परेशान हो तो दूसरे को क्यों देखते हो?’ सलमान ने ट्रोलर्स से सवाल किया कि अगर कोई व्यक्ति अपनी शक्ल या शरीर को लेकर इतना असहज है कि उसे अपनी पहचान से परेशानी होती है, तो वह किसी ऐसे व्यक्ति के शरीर और लुक्स पर टिप्पणी क्यों करता है, जिससे वह शायद कभी मिला भी नहीं है? सलमान ने ट्रोलिंग करने वालों के परिवारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ट्रोल करने वालों के अपने घर में भी मां, पिता, बहन, पत्नी, गर्लफ्रेंड, बेटी या भाई हो सकते हैं। ऐसे में उन्हें सोचना चाहिए कि अगर इसी तरह की टिप्पणी उनके अपने परिवार के किसी सदस्य के बारे में की जाए तो उन्हें कैसा लगेगा। ‘मेरे ऊपर भी हुआ था- बूढ़ा हो गया’ इसके बाद सलमान ने अपनी उम्र और लुक्स को लेकर हुई ट्रोलिंग का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके बारे में भी सोशल मीडिया पर लगातार लिखा जाता है कि वह बूढ़े हो गए हैं। सलमान ने इस पर कहा कि ‘बूढ़ा हो गया, ऑफकोर्स 60 साल का हो गया हूं।’ उन्होंने इस बात को स्वीकार करते हुए कहा कि उम्र बढ़ना स्वाभाविक है। इसके बाद सलमान ने मंच पर अपनी टोपी और जैकेट उतार दी। महिलाओं की बॉडी पर कमेंट करने वालों को भी जवाब सलमान ने महिलाओं के शरीर को लेकर होने वाली ऑनलाइन टिप्पणियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब कोई महिला मां बनती है तो प्रेग्नेंसी के दौरान वजन बढ़ना स्वाभाविक है। उन्होंने सवाल किया कि किसी महिला के मां बनने के बाद उसके शरीर में आए बदलावों को लेकर लोग उसे क्यों ट्रोल करते हैं? सलमान ने कहा कि जब वह महिला दोबारा काम पर लौटेगी तो वह अपनी फिटनेस पर भी ध्यान दे सकती है, लेकिन यह उसका निजी फैसला है कि वह अपने परिवार के साथ कितना समय बिताना चाहती है और अपने शरीर के साथ क्या करना चाहती है। हालांकि, सलमान ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी इस टिप्पणी को प्रेग्नेंसी के बाद कटरीना कैफ की सोशल मीडिया पर बॉडी-शेमिंग से जोड़कर देखा गया। ‘सोशल मीडिया का इस्तेमाल मोहब्बत फैलाने के लिए भी हो रहा’ सलमान ने यह भी साफ किया कि वह सोशल मीडिया को पूरी तरह नकारात्मक नहीं मानते। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर बहुत से लोग अच्छा काम कर रहे हैं। सलमान ने कहा कि इंडस्ट्री के कई लोग देश में चल रहे राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय नहीं देना चाहते। यह उनका व्यक्तिगत फैसला है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की अपनी पसंद है कि वह किसी राजनीतिक मुद्दे पर बात करना चाहता है या नहीं। सलमान ने पत्रकारिता को लेकर कहा कि पत्रकारों का काम किसी मुद्दे की सच्चाई पता लगाना और उसे दर्शकों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को उनसे सिर्फ इसलिए प्रतिक्रिया लेने की जरूरत नहीं होनी चाहिए कि उनकी टिप्पणी को चलाकर टीआरपी हासिल की जा सके। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को जाकर सच्चाई पता करनी चाहिए और लोगों को जानकारी देनी चाहिए। ‘अगर मैं अपने फैन क्लब को बोल दूं तो?’ सलमान ने ट्रोलिंग के खतरनाक पहलू की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि अगर वह अपने फैन क्लब से कह दें कि उनके बारे में गलत बातें लिखने वाले कुछ लोगों की पहचान सामने लाओ, तो उनके बारे में काफी निजी जानकारी सामने आ सकती है। सलमान ने एक पुराना किस्सा भी सुनाया। उन्होंने बताया कि करीब 8-10 साल पहले एक व्यक्ति उनके बारे में बेहद आपत्तिजनक बातें लिख रहा था। उन्होंने साइबर सेल की मदद से उस व्यक्ति की पहचान और पता निकलवाया और उसके घर तक पहुंच गए। सलमान के मुताबिक, उस व्यक्ति के माता-पिता पढ़े-लिखे थे और परिवार में अन्य सदस्य भी थे। उन्होंने उस व्यक्ति से कहा कि अगर वह चाहे तो उसकी पहचान और उसके परिवार के बारे में जानकारी सार्वजनिक कर सकते हैं। सलमान ने बताया कि इसके बाद उस व्यक्ति ने उनसे माफी मांगी। सलमान खान ने कहा कि किसी के वजन बढ़ने या घटने को लेकर चिंता जताना अलग बात है, लेकिन किसी का मजाक उड़ाना या उसके लुक्स को लेकर लगातार टिप्पणी करना ठीक नहीं है। सलमान ने कहा कि सोहेल खान, वरुण धवन और इंडस्ट्री के दूसरे लोगों को लेकर भी ट्रोलिंग की जाती है और कई बार ट्रोलर्स को किसी की ड्रेस, लुक या निजी जिंदगी में कमी निकालने का मौका मिल जाता है। सलमान ने

कटरीना की ट्रोलिंग के बाद भड़के सलमान:बोले- मुझे भी कहा गया- बूढ़ा हो गया; बीच शो में उतारी टी-शर्ट, दिखाए एब्स

कटरीना की ट्रोलिंग के बाद भड़के सलमान:बोले- मुझे भी कहा गया- बूढ़ा हो गया; बीच शो में उतारी टी-शर्ट, दिखाए एब्स

टीवी शो ‘बिग बॉस 20’ के दूसरे ‘वीकेंड का वार’ में शनिवार को ट्रोलर्स पर जमकर भड़के। सलमान खान ने बॉडी-शेमिंग और एज-शेमिंग पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें भी ‘बूढ़ा हो गया’ कहा गया है। इसके बाद सलमान ने बीच शो में अपनी टी-शर्ट उतारकर एब्स दिखाए। बता दें कि सलमान की टिप्पणी हाल ही में कटरीना कैफ की हुई ट्रोलिंग के बाद आई। दरअसल, सलमान ने शनिवार के एपिसोड में कंटेस्टेंट स्काउटओपी के सोशल मीडिया और गेमिंग कम्युनिटी से जुड़े बयान का जिक्र किया। सलमान ने कहा कि सोशल मीडिया आज एक बड़ा प्रोफेशन बन चुका है। गेमिंग, कंटेंट क्रिएशन, वीडियो एडिटिंग और सोशल मीडिया के दूसरे कामों के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार और पहचान मिल रही है, लेकिन इसी प्लेटफॉर्म का एक दूसरा पहलू ट्रोलिंग भी है। सलमान ने समझाया कि जब कोई व्यक्ति आगे बढ़ रहा होता है तो उसे नीचे खींचने की कोशिश अक्सर वही लोग करते हैं जो खुद पीछे रह गए हैं। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को आप गाली दे रहे हैं, जिसके शरीर और वजन पर टिप्पणी कर रहे हैं, जिसके लुक्स का मजाक उड़ा रहे हैं, वही व्यक्ति कहीं न कहीं आपके कंटेंट और कमाई का हिस्सा बन रहा है। ‘उसके जिस्म, वजन और लुक्स पर गंदा लिख रहे हो’ सलमान ने ट्रोलिंग के कई रूप गिनाए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लोग किसी के जिस्म, वजन, लुक्स, खानदान, मुस्कान, फ्लॉप होने या मां बनने तक पर टिप्पणी करने लगे हैं। उन्होंने ऐसे कमेंट्स का जिक्र करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर किसी को ‘भद्दी लग रही है’, ‘मोटी हो गई है’ या ‘बूढ़ा हो गया है’ जैसी बातें कही जाती हैं। ‘जब अपनी शक्ल से ही परेशान हो तो दूसरे को क्यों देखते हो?’ सलमान ने ट्रोलर्स से सवाल किया कि अगर कोई व्यक्ति अपनी शक्ल या शरीर को लेकर इतना असहज है कि उसे अपनी पहचान से परेशानी होती है, तो वह किसी ऐसे व्यक्ति के शरीर और लुक्स पर टिप्पणी क्यों करता है, जिससे वह शायद कभी मिला भी नहीं है? सलमान ने ट्रोलिंग करने वालों के परिवारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ट्रोल करने वालों के अपने घर में भी मां, पिता, बहन, पत्नी, गर्लफ्रेंड, बेटी या भाई हो सकते हैं। ऐसे में उन्हें सोचना चाहिए कि अगर इसी तरह की टिप्पणी उनके अपने परिवार के किसी सदस्य के बारे में की जाए तो उन्हें कैसा लगेगा। ‘मेरे ऊपर भी हुआ था- बूढ़ा हो गया’ इसके बाद सलमान ने अपनी उम्र और लुक्स को लेकर हुई ट्रोलिंग का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके बारे में भी सोशल मीडिया पर लगातार लिखा जाता है कि वह बूढ़े हो गए हैं। सलमान ने इस पर कहा कि ‘बूढ़ा हो गया, ऑफकोर्स 60 साल का हो गया हूं।’ उन्होंने इस बात को स्वीकार करते हुए कहा कि उम्र बढ़ना स्वाभाविक है। इसके बाद सलमान ने मंच पर अपनी टोपी, जैकेट और टी-शर्ट भी उतार दी। महिलाओं की बॉडी पर कमेंट करने वालों को भी जवाब सलमान ने महिलाओं के शरीर को लेकर होने वाली ऑनलाइन टिप्पणियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब कोई महिला मां बनती है तो प्रेग्नेंसी के दौरान वजन बढ़ना स्वाभाविक है। उन्होंने सवाल किया कि किसी महिला के मां बनने के बाद उसके शरीर में आए बदलावों को लेकर लोग उसे क्यों ट्रोल करते हैं? सलमान ने कहा कि जब वह महिला दोबारा काम पर लौटेगी तो वह अपनी फिटनेस पर भी ध्यान दे सकती है, लेकिन यह उसका निजी फैसला है कि वह अपने परिवार के साथ कितना समय बिताना चाहती है और अपने शरीर के साथ क्या करना चाहती है। ‘सोशल मीडिया का इस्तेमाल मोहब्बत फैलाने के लिए भी हो रहा’ सलमान ने यह भी साफ किया कि वह सोशल मीडिया को पूरी तरह नकारात्मक नहीं मानते। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर बहुत से लोग अच्छा काम कर रहे हैं। ट्रोलर के घर तक पहुंच गए थे सलमान सलमान ने ट्रोलिंग के खतरनाक पहलू की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि अगर वह अपने फैन क्लब से कह दें कि उनके बारे में गलत बातें लिखने वाले कुछ लोगों की पहचान सामने लाओ, तो उनके बारे में काफी निजी जानकारी सामने आ सकती है। सलमान ने एक पुराना किस्सा भी सुनाया। उन्होंने बताया कि करीब 8-10 साल पहले एक व्यक्ति उनके बारे में बेहद आपत्तिजनक बातें लिख रहा था। उन्होंने साइबर सेल की मदद से उस व्यक्ति की पहचान और पता निकलवाया और उसके घर तक पहुंच गए। सलमान के मुताबिक, उस व्यक्ति के माता-पिता पढ़े-लिखे थे और परिवार में अन्य सदस्य भी थे। उन्होंने उस व्यक्ति से कहा कि अगर वह चाहे तो उसकी पहचान और उसके परिवार के बारे में जानकारी सार्वजनिक कर सकते हैं। सलमान ने बताया कि इसके बाद उस व्यक्ति ने उनसे माफी मांगी। सलमान खान ने सोहेल खान और वरुण धवन की हुई ट्रोलिंग को लेकर बात की। सलमान ने कहा कि ट्रोलर्स सिर्फ कलाकारों को ही नहीं, बल्कि एक्टर्स, इंफ्लुएंसर्स और राजनेताओं को भी निशाना बनाते हैं। उन्होंने कहा कि किसी का काम पसंद नहीं है तो सीधे कहा जा सकता है कि काम अच्छा नहीं लगा या फिल्म पसंद नहीं आई। किसी मंत्री के काम पर भी सवाल उठाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए गाली देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें खुद भी ट्रोल किया जाता है। कभी उनके बाल या लुक को लेकर कहा जाता है कि वह टकले हो गए हैं, जबकि वह किसी फिल्म के लुक का हिस्सा हो सकता है। सलमान ने कहा कि वह आलोचना को अपने फायदे में बदलने की कोशिश करते हैं। उनकी तारीफ की जाए तो वह और बेहतर करने की कोशिश करते हैं और बुराई की जाए तो खुद को गलत साबित करने की कोशिश करते हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति एक जैसा नहीं होता। कई लोग लगातार झूठी और अपमानजनक टिप्पणियों से डिप्रेशन में चले जाते हैं। सलमान बोले- हम इसमें पड़ना नहीं चाहते सलमान ने कहा कि इंडस्ट्री के कई लोग देश में चल रहे राजनीतिक मुद्दों पर

मिर्जापुर में मुमताज बीवी बनीं सोनल चौहान बोलीं:सोशल मीडिया पर शादी के प्रस्ताव बहुत आते हैं, सपनों का राजकुमार शायद आसपास ही है

मिर्जापुर में मुमताज बीवी बनीं सोनल चौहान बोलीं:सोशल मीडिया पर शादी के प्रस्ताव बहुत आते हैं, सपनों का राजकुमार शायद आसपास ही है

फिल्म मिर्जापुर: द मूवी में सोनल चौहान ने मुमताज बीवी का किरदार निभाकर दर्शकों का ध्यान खींचा है। उनका किरदार भले ही कम स्क्रीन टाइम में नजर आया, लेकिन मुमताज और बब्बन की लव स्टोरी को खूब पसंद किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर उनके किरदार को लेकर मीम्स और चर्चाएं भी हो रही हैं। सोनल ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि वह मुमताज के किरदार तक कैसे पहुंचीं, टेंट से बाहर आने के सवाल पर क्या सोचती हैं, रवि किशन के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा और जन्नत के बाद करियर में लंबा अंतर क्यों आया। उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ काम करने के अनुभव और अपने ड्रीम रोल पर भी बात की। सवाल: फिल्म में आपके किरदार मुमताज बीवी की काफी चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि आप टेंट से बाहर क्यों आईं? जवाब: मुझे उम्मीद नहीं थी कि लोग मुझसे यह सवाल इतने ज्यादा पूछेंगे। सोशल मीडिया पर लोग डीएम और फोन करके पूछ रहे हैं कि मैं टेंट से बाहर क्यों आई। मुझे लगता है कि सही जवाब यही है कि मैं प्यार के लिए बाहर आई और उसी के लिए लड़ रही थी। अगर आगे कहानी बढ़ती है तो मुमताज बब्बन की मौत का बदला ले सकती है। फिल्म में भी हमने एक-दूसरे से कहा था कि हम एक-दूसरे की जिम्मेदारी हैं। सवाल: आपको मुमताज के किरदार के लिए कैसे चुना गया? जवाब: मुझे लगता है कि मिर्जापुर मेरे लिए डेस्टिनी थी। मैं डायरेक्टर गुरमीत सिंह से किसी दूसरे काम के सिलसिले में मिली थी। उस समय फिल्म की कास्टिंग लगभग पूरी हो चुकी थी। करीब 10 मिनट बाद उन्होंने कहा कि शायद एक कास्टिंग अभी बाकी है और उन्हें लगा कि मैं मुमताज का किरदार निभा सकती हूं। मुझे लगता है कि मैं सही समय पर सही जगह पहुंची थी। सवाल: मुमताज के किरदार को निभाने के लिए आपने क्या तैयारी की? जवाब: हमने तय किया था कि मुमताज को बहुत सॉफ्ट रखा जाएगा। मिर्जापुर की दुनिया हिंसा, सत्ता और मैनिपुलेशन से भरी है, इसलिए मुमताज उस दुनिया में कॉन्ट्रास्ट थी। मेरे पास ज्यादा स्क्रीन टाइम और डायलॉग नहीं थे, इसलिए मैंने कोशिश की कि कम समय में भी दर्शकों का कनेक्शन किरदार से बने। दो लाइनों के बीच वह बिना कुछ कहे भी बहुत कुछ कहती है। मुझे खुशी है कि दर्शकों ने उन छोटी-छोटी चीजों को समझा। सवाल: जैसलमेर के रेगिस्तान में ‘घूम घूम’ गाने की शूटिंग करना कितना चुनौतीपूर्ण था? जवाब: वह शूट दिसंबर की सर्दियों में रात के समय हुआ था। रात में करीब 2 बजे के बाद तापमान बहुत गिर जाता था और मेरे कॉस्ट्यूम में गर्म कपड़े पहनने की गुंजाइश नहीं थी। यह चुनौतीपूर्ण था, लेकिन अब अच्छी याद बन चुका है। सबसे ज्यादा मायने यह रखता है कि दर्शकों ने गाने को पसंद किया। सवाल: राजस्थान में शूटिंग के दौरान सांप-बिच्छुओं से डर नहीं लगा? जवाब: नहीं, मुझे तो सांप बहुत पसंद हैं। फिल्म में जो बिच्छू दिखा था, वह नकली था। मैं खुद राजपूत हूं और हमारी जड़ें राजस्थान से हैं। इसलिए राजस्थान जाकर ऐसा लगता है जैसे घर आ गए हों। सवाल: आप रॉयल फैमिली से आती हैं। इंडस्ट्री में आने पर परिवार ने विरोध नहीं किया? जवाब: बहुत डांट पड़ी थी। हमने कभी सोचा भी नहीं था कि मैं फिल्म इंडस्ट्री में आ सकती हूं। मैं बहुत कंजर्वेटिव फैमिली से आती हूं। मेरी परवरिश ऐसी हुई थी कि घर से बाहर जाना भी आसानी से अलाउड नहीं था। आज मैं अकेले मुंबई में रहती हूं। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि जिंदगी ऐसी होगी। इसलिए मैं डेस्टिनी में बहुत मानती हूं। कुछ चीजें शायद पहले से लिखी होती हैं। अब मैं बहुत सारी चीजें भगवान के हाथों में छोड़कर चलती हूं। सवाल: जन्नत के बाद आपके करियर में लंबा गैप क्यों आया? जवाब: फिल्में आई थीं, लेकिन शायद उतनी नहीं, जितनी लोगों को लगता है। मैंने जन्नत बहुत कम उम्र में की थी और उस समय इंडस्ट्री में मेरे कोई कॉन्टैक्ट्स नहीं थे। मुझे यह भी नहीं पता था कि काम के लिए लोगों से मिलना पड़ता है। मुझे लगता था कि जैसे जन्नत आई है, वैसे ही काम आता जाएगा। लेकिन समय बीतता गया और जैसा काम मैं करना चाहती थी, वैसा नहीं आया। जन्नत के बाद लोग मुझे जोया कहते थे और आज भी कई लोग जोया कहते हैं। अब लोग मुमताज बीवी भी बुला रहे हैं। एक कलाकार के लिए इससे बड़ी जीत क्या होगी कि लोग आपका नाम भूलकर आपको किरदार के नाम से बुलाने लगें। सवाल: आपने साउथ की फिल्मों में भी काम किया है। वहां का अनुभव कैसा रहा? जवाब: साउथ में मेरा अनुभव बहुत अच्छा रहा। मैंने बड़े और अनुभवी कलाकारों के साथ काम किया और उनसे बहुत कुछ सीखा। वहां अपनी ऑडियंस को बहुत महत्व दिया जाता है और अनुशासन के साथ काम होता है। अगर मुझे आगे अच्छे मौके मिलते हैं तो मैं जरूर काम करना चाहूंगी। सवाल: फिल्म ‘बुड्ढा होगा तेरा बाप’ का कनेक्शन साउथ से कैसे बना? जवाब: जन्नत के बाद मैंने एक साउथ फिल्म की थी। उसके बाद बुड्ढा होगा तेरा बाप के डायरेक्टर पुरी जगन्नाथ सर के साथ काम करने का मौका मिला। वह साउथ के बहुत बड़े डायरेक्टर हैं। वहीं से यह सिलसिला आगे बढ़ता गया। सवाल: अमिताभ बच्चन के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: मेरी दूसरी हिंदी फिल्म में ही अमिताभ बच्चन जी के साथ काम करने का मौका मिला। उनके साथ एक फ्रेम शेयर करना भी बहुत बड़ी बात है। उनके सामने बैठकर भी आप बहुत कुछ सीख सकते हैं- ह्यूमिलिटी, अनुशासन, डेडिकेशन और पैशन। एक्टिंग के अलावा लोगों के साथ किस तरह व्यवहार करना है और हर किसी को बराबर सम्मान देना है, यह भी उनसे सीखा। सवाल: बुड्ढा होगा तेरा बाप के सेट का कोई खास किस्सा याद है? जवाब: बच्चन साहब की एनर्जी देखकर हम लोग थक जाते थे, लेकिन वह कभी नहीं थकते थे। मैंने खुद देखा कि वह लगातार काम करते रहते थे। उन्होंने कभी यह नहीं पूछा कि मेरे शॉट में कितना समय है।