Thursday, 24 Sep 2026 | 06:50 AM

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महवश ने चहल संग रिश्ते की अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी:कहा- युजवेंद्र को एक अच्छे दोस्त की जरूरत थी, मैं दोस्ती अच्छे से निभाती हूं

महवश ने चहल संग रिश्ते की अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी:कहा- युजवेंद्र को एक अच्छे दोस्त की जरूरत थी, मैं दोस्ती अच्छे से निभाती हूं

एक्ट्रेस और कंटेंट क्रिएटर आरजे महवश ने क्रिकेटर युजवेंद्र चहल के साथ अपने रिश्ते को लेकर चल रही अफवाहों पर रिएक्शन दिया। महवश ने कहा कि उनके और चहल के बीच सिर्फ दोस्ती थी। हाल ही में दोनों ने इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो किया था, जिसके बाद चर्चाएं तेज हो गईं। इस पर महवश ने पिंकविला को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘लोगों का यह है ना कि चीजों को बहुत बड़ा बना देते हैं। इतनी कोई बड़ी बात नहीं होती, जब आप खुद उस चीज से गुजर रहे होते हो। दोस्तों में बहस हो गई, अनफॉलो हो गया और बात खत्म। इसमें इतनी बड़ी बात है ही नहीं।’ उन्होंने कहा, ‘जिन दोस्तों के साथ आपने छोटी-छोटी बातों पर हंसते हुए वक्त बिताया हो, उनके लिए दिल में बैर नहीं रखना चाहिए। मैं हमेशा उन्हें ऑल द बेस्ट विश करूंगी और मेरी शुभकामनाएं हमेशा उनके साथ रहेंगी।’ महवश बोलीं- मैं दोस्ती बहुत अच्छे से निभाती हूं जब उनसे पूछा गया कि क्या उनकी और चहल की दोस्ती से बढ़कर भी कुछ था, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। महवश ने कहा, ‘नहीं, ऐसा कुछ नहीं था। मैं दोस्ती बहुत अच्छे से निभाती हूं। उस समय उन्हें एक अच्छे दोस्त की बहुत जरूरत थी।’ महवश ने चहल के मेंटल स्ट्रगल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘जैसा कि उन्होंने अपने पॉडकास्ट में बताया था कि उनके मन में सुसाइडल थॉट्स आ रहे थे। उस समय हम सब कोशिश कर रहे थे कि किसी तरह उनका IPL सीजन अच्छे से निकल जाए। हम सबने मिलकर उनका जितना साथ दे सकते थे, दिया।’ उन्होंने यह भी कहा, ‘मेरे लिए बस इतना था कि अपने दोस्त के साथ खड़े रहना है। हम ऐसे वक्त में उनके साथ थे।’ महवश ने यह भी साफ किया कि अगर आगे उनकी और चहल की मुलाकात होगी, तो सब पहले जैसा ही रहेगा। उन्होंने कहा, ‘हम वैसे ही मिलेंगे जैसे हमेशा मिलते थे। जिन दोस्तों के साथ आपने चाय पर बातें की हों और हर तरह के मजाक किए हों, उनसे दिल में क्या ही रखोगे।’ चहल ने रिश्ते की अफवाहों को पहले ही नकारा महवश से पहले चहल रिलेशनशिप की अफवाहों को खारिज कर चुके हैं। राज शमानी के पॉडकास्ट में उन्होंने कहा था कि उनके और महवश के बीच सिर्फ दोस्ती है। उन्होंने यह भी बताया था कि इन अफवाहों की वजह से महवश को ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा, जिसे लेकर उन्हें काफी बुरा लगा। महवश ने अपने पहले प्यार का जिक्र किया हाल ही में दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में महवश ने कहा कि जो पहला प्यार होता है, वो हमेशा आपको याद रहता है। वो एक इंटेंसिटी थी कि जब मैं अपनी स्कूटी लेके उसकी कोचिंग के बाहर जाकर खड़े हुआ करती थी कि वह बस निकलेगा तो बस देख लूंगी। उन्होंने आगे कहा था कि सर्दियों में वह सुबह जल्दी उठ जाती थीं, क्योंकि उस लड़के की स्कूल बस उनके घर के सामने से गुजरती थी। वह सुबह 6 बजे अपने स्कूल जाने से पहले बाहर खड़ी होकर बस का इंतजार करती थीं, सिर्फ एक बार उसे देखने के लिए। बातचीत के दौरान महवश ने एक और मजेदार किस्सा भी शेयर किया। उन्होंने बताया कि एक दूसरा लड़का बाइक लेकर उनके घर के आसपास चक्कर लगाया करता था। जब उनके भाई को इस बारे में पता चला, तो वह उस लड़के को घर ले आए। उसके बाद उस लड़के से एक लेटर लिखवाया गया, जिसमें उसने वादा किया कि वह दोबारा उस घर या मोहल्ले के आसपास नहीं आएगा। बाद में उस लेटर पर लड़के और उसके माता-पिता के भी साइन करवाए गए।

दूध पीने का सही समय क्या है, सुबह या शाम? जानिये इस बारे में एक्सपर्ट का कहना

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दूध को “संपूर्ण आहार” माना जाता है, क्योंकि इसमें कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं. लेकिन अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि दूध पीने का सबसे सही समय क्या है, सुबह या शाम? इसका जवाब आपकी जरूरत और शरीर की स्थिति पर निर्भर करता है. आइए इस बारे में समझते हैं. सुबह दूध पीने के फायदेसुबह दूध पीना उन लोगों के लिए अच्छा माना जाता है, जिन्हें दिनभर ऊर्जा की जरूरत होती है. फायदेशरीर को तुरंत ऊर्जा और ताकत मिलती है.मांसपेशियों के विकास में मदद करता है.वजन बढ़ाने वालों के लिए उपयोगी.बच्चों और युवाओं के लिए खास फायदेमंद.लेकिन कुछ लोगों को सुबह दूध पीने से भारीपन या गैस की समस्या हो सकती है, खासकर अगर उनका पाचन तंत्र कमजोर है. रात में दूध पीने के फायदेआयुर्वेद और आधुनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, दूध पीने का सबसे अच्छा समय रात माना जाता है. फायदेदूध में मौजूद ट्रिप्टोफैन (एक अमीनो एसिड) अच्छी नींद लाने में मदद करता है.शरीर को दिनभर की थकान से राहत मिलती है.हड्डियों को मजबूत बनाने में बेहतर असर.पाचन पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता.खासतौर पर सोने से 30–60 मिनट पहले गुनगुना दूध पीना सबसे बेहतर माना जाता है. सुबह vs शाम: कौन बेहतर?समयकिसके लिए बेहतरसुबहबच्चों, एथलीट्स, वजन बढ़ाने वालेरात (शाम)अच्छी नींद, पाचन और सामान्य स्वास्थ्य.आमतौर पर रात में दूध पीना ज्यादा हेल्दी माना जाता है, लेकिन यह आपकी दिनचर्या और शरीर की जरूरत पर भी निर्भर करता है. ध्यान रखने वाली बातेंदूध हमेशा गुनगुना पीना बेहतर होता है.खाने के तुरंत बाद दूध न पिएं.लैक्टोज इनटॉलरेंस वाले लोग सावधानी रखें.जरूरत से ज्यादा दूध न पिएं. निष्कर्षदूध पीने का कोई एक तय समय सभी के लिए सही नहीं होता. अगर आपको दिनभर ऊर्जा चाहिए, तो सुबह दूध पी सकते हैं. लेकिन अगर आप बेहतर नींद और संपूर्ण स्वास्थ्य चाहते हैं, तो रात में दूध पीना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है.

शादी में दूल्हे ने दाढ़ी रखी तो ढाई लाख जुर्माना:गुर्जर महापंचायत में फैसला; बाल विवाह-मृत्युभोज पर भी रोक; कार्यक्रमों में नशा नहीं परोसा जाएगा

शादी में दूल्हे ने दाढ़ी रखी तो ढाई लाख जुर्माना:गुर्जर महापंचायत में फैसला; बाल विवाह-मृत्युभोज पर भी रोक; कार्यक्रमों में नशा नहीं परोसा जाएगा

राजस्थान के 5 जिलों के गुर्जर समाज ने सामाजिक कुरीतियों और फिजूलखर्ची के खिलाफ ऐतिहासिक और कड़ा फैसला लिया है। अब समाज के किसी भी सामाजिक समारोह में डोडा, अफीम या शराब जैसी नशे की चीजों की मनुहार (परोसना) पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। यदि किसी आयोजन में ऐसा किया गया, तो समाज के लोग वहां भोजन नहीं करेंगे और कार्यक्रम छोड़कर चले जाएंगे। नियम तोड़ने वाले की सूचना तुरंत पुलिस को दी जाएगी और उस पर 2.51 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। तय किया गया कि शादी में दूल्हा क्लीन शेव रहेगा। किसी भी कीमत पर शेव (दाढ़ी) में कोई शादी नहीं कर सकेगा। इस तरह के कई अन्य क्रांतिकारी निर्णय लिए गए हैं। 16 मई को पाली जिले के चंडावल के पास स्थित देवडूंगरी भगवान देवनारायण मंदिर परिसर में महापंचायत हुई थी। यह महापंचायत भगवान देवनारायण मंदिर ट्रस्ट देवडूंगरी और 11 हथाई गुर्जर समाज मारवाड़ की ओर से बुलाई गई थी। इस दौरान समाजहित में तमाम बिंदुओं पर चर्चा हुई और कठोर फैसले लिए गए। देवडूंगरी को गुर्जर समाज में ‘गुर्जर हाईकोर्ट’के नाम से भी जाना जाता है। इन 5 जिलों में 16 मई से लागू हुए नए सामाजिक नियम महापंचायत में मुख्य रूप से 5 जिलों के समाजबंधु शामिल हुए थे। इन जिलों में ये नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। महापंचायत में समाज का आह्वान… कुरीतियों का पैसा बच्चों की पढ़ाई और गरीबों की शादी में लगाएं मृत्युभोज जैसी प्रथाओं को बंद करना अब बेहद जरूरी हो गया है। इसमें फिजूल खर्च होने वाले दो लाख रुपए को यदि किसी गरीब के बेटे-बेटी के विवाह या किसी जरूरतमंद और प्रतिभावान बच्चे की उच्च शिक्षा में लगाया जाए, तो इससे समाज का भला होगा और समाज आगे बढ़ेगा। फिजूलखर्ची रोकना और शिक्षा को बढ़ावा देना भगवान देवनारायण मंदिर ट्रस्ट देवडूंगरी और 11 हथाई गुर्जर समाज मारवाड़ के उपाध्यक्ष नारायण फौजी कहते हैं- समाज में लगातार बढ़ रही फिजूलखर्ची को रोकने, सामाजिक कुरीतियों से समाजबंधुओं को मुक्त कराने और बालक-बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से ये कठोर निर्णय लिए गए हैं। समाज के साथ-साथ हर परिवार की प्रगति हो, इसी सोच के साथ यह प्रस्ताव पारित हुआ है। इस महापंचायत के दौरान अध्यक्ष राजूराम मिणदार सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु, विभिन्न क्षेत्रों के पंच-पटेल और कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने हाथ उठाकर इस फैसले का समर्थन किया।

बार्सिलोना ने ला लीगा में सभी घरेलू मैच जीते:38 मैचों के सीजन में सभी 19 होम मुकाबले जीतने वाली पहली टीम बनी

बार्सिलोना ने ला लीगा में सभी घरेलू मैच जीते:38 मैचों के सीजन में सभी 19 होम मुकाबले जीतने वाली पहली टीम बनी

स्पैनिश चैंपियन बार्सिलोना ला लीगा में अपने सभी होम मैच जीतने वाली 11वीं टीम बनी है। 38 मैचों वाले सीजन में ऐसा करने वाली वह पहली टीम है। इससे पहले 1985-86 में रियल मैड्रिड ने अपने सभी 17 होम मैच जीते थे। वहीं, बार्सिलोना ने 1959-60 सीजन में अपने 15 होम मैच जीते थे। बार्सिलोना ने रियल बेटिस को 3-1 से हराया। ला लीगा इतिहास में इससे पहले कोई भी टीम 38 मैचों के फॉर्मेट में अपने सभी होम मैच नहीं जीत सकी थी। मैनेजर हंसी फ्लिक की टीम बार्सिलोना पिछले रविवार को रियल मैड्रिड को हराकर चैंपियन बनी थी। रियल बेटिस के खिलाफ राफिन्या ने दो गोल किए, जबकि तीसरा गोल जोआओ कान्सेलो ने किया। राफिन्या के दो गोल और कान्सेलो की स्ट्राइक से मिली जीत मैच के 28वें मिनट में राफिन्या ने फ्री-किक से गोल कर बार्सिलोना को 1-0 की बढ़त दिलाई। फिर 62वें मिनट में हेक्टर बेलरिन की खराब पास का फायदा उठाकर उन्होंने दूसरा गोल किया। इसके बाद गावी के फाउल पर रियल बेटिस को पेनल्टी मिली, जिसे इस्को ने गोल में बदला। हालांकि, मैच के आखिर में जोआओ कान्सेलो ने 20 गज दूर से शानदार शॉट लगाकर बार्सिलोना की 3-1 से जीत पक्की कर दी। 3 अलग-अलग स्टेडियम में खेलकर भी अजेय रही टीम बार्सिलोना के लिए यह रिकॉर्ड इसलिए भी खास है क्योंकि टीम ने पूरे सीजन एक ही मैदान पर मैच नहीं खेले। कैंप नोउ में रेनोवेशन के कारण टीम ने एस्टाडी जोहान क्रूफ, बार्सिलोना ओलंपिक स्टेडियम और नए कैंप नोउ में अपने घरेलू मैच खेले और हर जगह जीत दर्ज की। इस सीजन में बार्सिलोना को घर पर सिर्फ दो हार मिलीं और दोनों चैंपियंस लीग में आईं। अक्टूबर में PSG और अप्रैल में एटलेटिको मैड्रिड ने उन्हें हराया था। लेवांडोव्स्की की विदाई: 191 मैचों में 119 गोल मैच के आखिरी पलों में रॉबर्ट लेवांडोव्स्की को सब्स्टीट्यूट किए जाने पर दर्शकों ने खड़े होकर उन्हें विदाई दी। 37 साल के लेवांडोव्स्की इस समर में कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद क्लब छोड़ देंगे। 2022 में बार्सिलोना से जुड़ने के बाद उन्होंने 191 मैचों में 119 गोल किए हैं। बार्सिलोना अब अपने खिताबी सीजन का आखिरी मैच अगले शनिवार को वालेंसिया के मैदान पर खेलेगी।

बार्सिलोना ने ला लीगा में सभी घरेलू मैच जीते:38 मैचों के सीजन में सभी 19 होम मुकाबले जीतने वाली पहली टीम बनी

बार्सिलोना ने ला लीगा में सभी घरेलू मैच जीते:38 मैचों के सीजन में सभी 19 होम मुकाबले जीतने वाली पहली टीम बनी

स्पैनिश चैंपियन बार्सिलोना ला लीगा में अपने सभी होम मैच जीतने वाली 11वीं टीम बनी है। 38 मैचों वाले सीजन में ऐसा करने वाली वह पहली टीम है। इससे पहले 1985-86 में रियल मैड्रिड ने अपने सभी 17 होम मैच जीते थे। वहीं, बार्सिलोना ने 1959-60 सीजन में अपने 15 होम मैच जीते थे। बार्सिलोना ने रियल बेटिस को 3-1 से हराया। ला लीगा इतिहास में इससे पहले कोई भी टीम 38 मैचों के फॉर्मेट में अपने सभी होम मैच नहीं जीत सकी थी। मैनेजर हंसी फ्लिक की टीम बार्सिलोना पिछले रविवार को रियल मैड्रिड को हराकर चैंपियन बनी थी। रियल बेटिस के खिलाफ राफिन्या ने दो गोल किए, जबकि तीसरा गोल जोआओ कान्सेलो ने किया। राफिन्या के दो गोल और कान्सेलो की स्ट्राइक से मिली जीत मैच के 28वें मिनट में राफिन्या ने फ्री-किक से गोल कर बार्सिलोना को 1-0 की बढ़त दिलाई। फिर 62वें मिनट में हेक्टर बेलरिन की खराब पास का फायदा उठाकर उन्होंने दूसरा गोल किया। इसके बाद गावी के फाउल पर रियल बेटिस को पेनल्टी मिली, जिसे इस्को ने गोल में बदला। हालांकि, मैच के आखिर में जोआओ कान्सेलो ने 20 गज दूर से शानदार शॉट लगाकर बार्सिलोना की 3-1 से जीत पक्की कर दी। 3 अलग-अलग स्टेडियम में खेलकर भी अजेय रही टीम बार्सिलोना के लिए यह रिकॉर्ड इसलिए भी खास है क्योंकि टीम ने पूरे सीजन एक ही मैदान पर मैच नहीं खेले। कैंप नोउ में रेनोवेशन के कारण टीम ने एस्टाडी जोहान क्रूफ, बार्सिलोना ओलंपिक स्टेडियम और नए कैंप नोउ में अपने घरेलू मैच खेले और हर जगह जीत दर्ज की। इस सीजन में बार्सिलोना को घर पर सिर्फ दो हार मिलीं और दोनों चैंपियंस लीग में आईं। अक्टूबर में PSG और अप्रैल में एटलेटिको मैड्रिड ने उन्हें हराया था। लेवांडोव्स्की की विदाई: 191 मैचों में 119 गोल मैच के आखिरी पलों में रॉबर्ट लेवांडोव्स्की को सब्स्टीट्यूट किए जाने पर दर्शकों ने खड़े होकर उन्हें विदाई दी। 37 साल के लेवांडोव्स्की इस समर में कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद क्लब छोड़ देंगे। 2022 में बार्सिलोना से जुड़ने के बाद उन्होंने 191 मैचों में 119 गोल किए हैं। बार्सिलोना अब अपने खिताबी सीजन का आखिरी मैच अगले शनिवार को वालेंसिया के मैदान पर खेलेगी।

गर्मी के मौसम में गूलर का फल बना है सेहत का खजाना, औषधीय गुणों से है भरपूर, जाने

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Last Updated:May 18, 2026, 09:48 IST Chitakoot news: गर्मी और बरसात के मौसम में गूलर के फल आसानी से जंगलों में मिल जाते हैं,और ग्रामीण इन्हें तोड़कर घर लाते हैं और सेवन करते हैं. माना जाता है कि गूलर का फल शरीर को ताकत देने के साथ कई स्वास्थ्य लाभ भी पहुंचाता है, गूलर का फल एंटीऑक्सीडेंट और कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है. इसका सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है. इसमें पाए जाने वाले तत्व शरीर को ऊर्जा देने के साथ बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने में भी सहायक माने जाते हैं. चित्रकूटः पाठा क्षेत्र के जंगल अपनी प्राकृतिक संपदा और औषधीय पौधों के लिए लंबे समय से पहचान रखते हैं. यहां जंगलों में कई प्रकार के फल, जड़ी,बूटियां और औषधीय पेड़ बड़ी संख्या में पाए जाते हैं, जिनका उपयोग स्थानीय लोग वर्षों से करते आ रहे हैं. इन्हीं पेड़ों में से एक पेड़ गूलर का भी खास माना जाता है. पाठा के जंगलों में गूलर के पेड़ बड़ी संख्या में देखने को मिलते हैं. इसके फल का उपयोग लोग खाने में करते हैं. वहीं इसकी छाल, पत्तियां और पेड़ से निकलने वाला दूध कई बीमारियों में लाभकारी माना जाता है. शरीर को ताकत देता है गूलर का फूल जानकारी के लिए बता दे कि गर्मी और बरसात के मौसम में गूलर के फल आसानी से जंगलों में मिल जाते हैं,और ग्रामीण इन्हें तोड़कर घर लाते हैं और सेवन करते हैं. माना जाता है कि गूलर का फल शरीर को ताकत देने के साथ कई स्वास्थ्य लाभ भी पहुंचाता है, गूलर का फल एंटीऑक्सीडेंट और कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है. इसका सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है. इसमें पाए जाने वाले तत्व शरीर को ऊर्जा देने के साथ बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने में भी सहायक माने जाते हैं. पेट की बीमारी और ब्लड शुगर रहता है कंट्रोल इस संबंध में चित्रकूट के डॉक्टर अजय ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि गूलर पेट संबंधी समस्याओं में काफी लाभकारी माना जाता है. इसका फल खाने से पेट दर्द, गैस और पाचन संबंधी परेशानियों में राहत मिल सकती है.उन्होंने बताया कि गूलर की छाल में ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के गुण भी पाए जाते हैं,इसके लिए छाल का काढ़ा बनाकर सेवन किया जाता है, जो मधुमेह के मरीजों के लिए लाभकारी हो सकता है. गूलर के पेड़ से निकलने वाला दूध घाव भरने में उपयोगी माना जाता है. हालांकि उनका यह भी कहना है कि कोई भी औषधि का प्रयोग करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Chitrakoot,Uttar Pradesh

‘मैंने इसे हंसी में उड़ा दिया’: वीसीके प्रमुख ने डीएमके-एआईएडीएमके की ओर से ‘टीवीके का समर्थन करने के बाद भी’ मुख्यमंत्री के लिए आश्चर्यजनक प्रस्ताव का खुलासा किया | भारत समाचार

Bangladesh Vs Pakistan 2nd Test Day 3 Live Updates (AP)

आखरी अपडेट:18 मई, 2026, 08:56 IST News18 से विशेष रूप से बात करते हुए, थोल थिरुमावलवन ने पुष्टि की कि इस महीने सरकार गठन नाटक के चरम पर प्रतिद्वंद्वी द्रविड़ दिग्गजों के बीच बातचीत हुई थी। तमिलनाडु के सीएम विजय (दाएं) वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन के साथ। (एक्स @थिरुमाऑफिशियल) एक रहस्योद्घाटन में, जो तमिलनाडु की पहले से ही अस्थिर चुनाव के बाद की राजनीति को और हिला सकता है, वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने दावा किया है कि सी जोसेफ विजय और उनके तमिलगा वेट्री कड़गम (टीवीके) को सरकार बनाने से रोकने के लिए डीएमके और एआईएडीएमके दोनों ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की पेशकश सहित असाधारण शक्ति-साझाकरण फार्मूले की खोज की। News18 तमिलनाडु से विशेष रूप से बात करते हुए, वीसीके प्रमुख ने पुष्टि की कि प्रतिद्वंद्वी द्रविड़ दिग्गजों के बीच बातचीत इस महीने की शुरुआत में सरकार गठन के नाटक के चरम पर हुई थी, जब विजय की टीवीके सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बाद बहुमत के आंकड़े को पार करने के लिए संघर्ष कर रही थी। तिरुमावलवन ने वीसीके और वामपंथी नेताओं से जुड़ी बैठकों का जिक्र करते हुए कहा, “7 मई को हमें अलग-अलग निमंत्रण मिला कि सीएम स्टालिन हमसे मिलना चाहते हैं।” “जब हम गए तो उन्होंने प्रस्ताव रखा कि एआईएडीएमके ने हमसे हाथ मिलाने और एडप्पादी पलानीस्वामी को मुख्यमंत्री बनाने के लिए कहा है। मैंने उनसे कहा कि डीएमके के भविष्य पर ही सवालिया निशान लग जाएगा। वाम दलों की भी ऐसी ही राय थी।” यह टिप्पणियाँ तनावपूर्ण सरकार गठन चरण के दौरान द्रमुक और अन्नाद्रमुक के बीच पर्दे के पीछे की बातचीत के बारे में कई हफ्तों की अटकलों की पुष्टि करती प्रतीत होती हैं। यह भी पढ़ें | केवल 4,649 वोटों से विजय की टीवीके को तमिलनाडु में अपने दम पर बहुमत मिल जाता लेकिन सबसे बड़ा राजनीतिक झटका तिरुमावलवन के अगले दावे से लगा। वीसीके नेता के अनुसार, उन्हें मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में पेश करने के लिए 8 मई को एक नया प्रस्ताव लाया गया था, जबकि पलानीस्वामी डिप्टी सीएम बनेंगे। उन्होंने कहा, “मैंने इसे हंसी में उड़ा दिया। तमिलनाडु में ऐसा कुछ कभी नहीं हो सकता।” तिरुमावलवन ने यह भी दावा किया कि वीसीके द्वारा टीवीके को समर्थन देने वाले पत्र पर हस्ताक्षर करने के बाद भी उन्हें प्रस्ताव मिलते रहे। उन्होंने कहा, ”टीवीके को समर्थन पर हस्ताक्षर करने के बाद भी मुझे मुख्यमंत्री पद की पेशकश की गई थी।” वीसीके ने अंततः विजय की पार्टी का समर्थन किया, जिससे टीवीके को बहुमत का आंकड़ा पार करने में मदद मिली और विजय के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने का मार्ग प्रशस्त हुआ। यह भी पढ़ें | टीवीके की सबसे बड़ी ढाल? कैसे सीएम विजय का फ्लोर टेस्ट टैली उन्हें मजबूत स्थिति में छोड़ देता है विस्फोटक खुलासे ऐसे समय में हुए हैं जब अन्नाद्रमुक गहरे आंतरिक संकट से जूझ रही है। पार्टी के भीतर एक विद्रोही गुट, जिसने बाद में विश्वास मत के दौरान विजय के नेतृत्व वाली सरकार का समर्थन किया था, ने ईपीएस पर केवल विजय के उत्थान को रोकने के लिए द्रमुक के साथ गठबंधन करने को तैयार होने का आरोप लगाया है। इस बीच, ईपीएस खेमे ने आरोप लगाया है कि बागी एआईएडीएमके विधायकों को टीवीके को समर्थन देने के बदले में कैबिनेट में जगह देने का वादा किया गया था। इस विवाद में सुपरस्टार रजनीकांत भी शामिल हो गए हैं, जिनका नाम राजनीतिक गलियारों में उन अफवाहों के बीच सामने आया था कि उन्होंने DMK-AIADMK के बीच समझौते के प्रयास के दौरान संचार चैनलों को सुविधाजनक बनाने में अनौपचारिक रूप से मदद की थी। हालांकि, रजनीकांत ने इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। “मैं स्टालिन को 35-40 वर्षों से जानता हूं। मैं दुखी था कि वह कोलाथुर निर्वाचन क्षेत्र में हार गए। क्या राजनीतिक तनाव के चरम पर इस तरह की चर्चा करना संभव है?” उन्होंने संवाददाताओं से कहा. रहस्योद्घाटन से पता चलता है कि कैसे टीवीके शुरू में आधे के निशान से पीछे रह गया, प्रतिद्वंद्वी खेमों ने संख्या के लिए हाथापाई की, जिससे उन परिदृश्यों के लिए दरवाजा खुल गया जिन्हें एक बार राजनीतिक रूप से अकल्पनीय माना जाता था। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘मैंने इसे हंसी में उड़ा दिया’: वीसीके प्रमुख ने डीएमके-एआईएडीएमके की ओर से ‘टीवीके का समर्थन करने के बाद भी’ मुख्यमंत्री के लिए आश्चर्यजनक प्रस्ताव का खुलासा किया। अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु की राजनीति(टी)थोल थिरुमावलवन(टी)वीसीके प्रमुख(टी)डीएमके एआईएडीएमके वार्ता(टी)पावर-शेयरिंग डील(टी)तमिलगा वेट्री कड़गम(टी)सी जोसेफ विजय(टी)ईपीएस एआईएडीएमके संकट

ट्रक ने मैजिक को टक्कर मारी, 8 की मौत:लखीमपुर में अंदर बैठे लोग सीट के बीच दबे, कई बाहर गिरे; 4 गंभीर

ट्रक ने मैजिक को टक्कर मारी, 8 की मौत:लखीमपुर में अंदर बैठे लोग सीट के बीच दबे, कई बाहर गिरे; 4 गंभीर

लखीमपुर खीरी में सोमवार सुबह 7.30 बजे भीषण सड़क हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई। यहां एक तेज रफ्तार ट्रक ने सामने से आ रही मैजिक को टक्कर मार दी। मैजिक में दो महिलाओं समेत 12 लोग सवार थे। गंभीर रूप से घायल 4 लोगों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। टक्कर इतनी भीषण थी कि मैजिक पलट गई। घिसटते हुए 10 फीट दूर जाकर रुकी। अंदर बैठे कई लोग सीट के बीच में ही फंस गए। कुछ लोग उछलकर सड़क पर गिरे। मैजिक और सड़क पर खून ही खून फैल गया। मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोग भागकर मौके पर पहुंचे। पुलिस को सूचना दी। राहत कार्य शुरू किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को एंबुलेंस से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया- ट्रक तेज रफ्तार में था। अचानक बेकाबू हो गया। उसने सामने से आ रही मैजिक को टक्कर मार दी। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। हादसा जिला मुख्यालय से 40 किमी. दूर पीलीभीत-बस्ती हाईवे पर गांव अदलीसपुर के पास हुआ। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…

वर्ल्ड अपडेट्स:चीन में 5.2 तीव्रता का भूकंप, 2 की मौत; 13 इमारतें गिरीं

वर्ल्ड अपडेट्स:चीन में 5.2 तीव्रता का भूकंप, 2 की मौत; 13 इमारतें गिरीं

चीन के गुआंग्शी क्षेत्र में सोमवार तड़के 5.2 तीव्रता का भूकंप आया, जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई। भूकंप के बाद लिउझोउ शहर से 7 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। सरकारी मीडिया के मुताबिक, सोमवार तड़के आए भूकंप से 13 इमारतें ढह गईं। एक व्यक्ति अब भी लापता बताया जा रहा है, जबकि 4 अन्य घायल हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, घायलों की हालत खतरे से बाहर है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भूकंप के बाद इलाके में बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने परिवहन सेवाओं में बाधा की आशंका भी जताई है। रेलवे अधिकारियों ने ट्रैक और अन्य ढांचे की जांच शुरू कर दी है। हालांकि प्रशासन ने कहा कि बिजली, संचार, पानी, गैस सप्लाई और सड़क यातायात सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।

वर्ल्ड अपडेट्स:चीन में 5.2 तीव्रता का भूकंप, 2 की मौत; 13 इमारतें गिरीं

वर्ल्ड अपडेट्स:चीन में 5.2 तीव्रता का भूकंप, 2 की मौत; 13 इमारतें गिरीं

चीन के गुआंग्शी क्षेत्र में सोमवार तड़के 5.2 तीव्रता का भूकंप आया, जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई। भूकंप के बाद लिउझोउ शहर से 7 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। सरकारी मीडिया के मुताबिक, सोमवार तड़के आए भूकंप से 13 इमारतें ढह गईं। एक व्यक्ति अब भी लापता बताया जा रहा है, जबकि 4 अन्य घायल हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, घायलों की हालत खतरे से बाहर है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भूकंप के बाद इलाके में बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने परिवहन सेवाओं में बाधा की आशंका भी जताई है। रेलवे अधिकारियों ने ट्रैक और अन्य ढांचे की जांच शुरू कर दी है। हालांकि प्रशासन ने कहा कि बिजली, संचार, पानी, गैस सप्लाई और सड़क यातायात सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।