Thursday, 24 Sep 2026 | 12:21 PM

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कोलकाता की प्लेऑफ उम्मीदें बरकरार:बेंगलुरु के पास नॉकऑउट में पहुंचने का मौका; पंजाब, राजस्थान और दिल्ली को हर मैच जीतना जरूरी

कोलकाता की प्लेऑफ उम्मीदें बरकरार:बेंगलुरु के पास नॉकऑउट में पहुंचने का मौका; पंजाब, राजस्थान और दिल्ली को हर मैच जीतना जरूरी

IPL 2026 के 60 मैच पूरे हो चुके हैं। शनिवार को कोलकाता नाइट राइडर्स ने गुजरात टाइटंस को हराकर प्लेऑफ की उम्मीदें जिंदा रखीं। कोलकाता 12 मैचों में 11 पॉइंट्स के साथ सातवें स्थान पर पहुंच गई है। टीम को अंतिम-4 में पहुंचने के लिए बचे दोनों मैच जीतने होंगे। आज लीग में दो मुकाबले खेले जाएंगे। पहले मैच में बेंगलुरु के पास पंजाब को हराकर प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई करने वाली पहली टीम बनने का मौका है। पंजाब के लिए भी यह मुकाबला जीतना जरूरी है। दूसरे मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स आमने-सामने होंगी। दोनों टीमों के लिए यह मैच अहम है। दिल्ली 10 पॉइंट्स के साथ आठवें और राजस्थान 12 पॉइंट्स के साथ पांचवें स्थान पर है। पॉइंट्स टेबल की मौजूदा स्थिति… गुजरात हार के बाद भी दूसरे स्थान पर कायम कोलकाता से हार के बाद भी गुजरात दूसरे स्थान पर बनी हुई है। टीम के 13 मैच में 8 जीत और 5 हार के साथ 16 पॉइंट्स हैं। गुजरात का अगला मैच चेन्नई से है, जिसे उसे जीतना होगा। बेंगलुरु 16 पॉइंट्स और +1.053 नेट रनरेट के साथ पहले स्थान पर है। टीम पंजाब को हराकर प्लेऑफ में जगह पक्की कर सकती है। उसे पंजाब और हैदराबाद से मैच खेलना है। कोलकाता को एक स्थान का फायदा गुजरात पर जीत के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स सातवें स्थान पर पहुंच गई है। टीम के 12 मैचों में 11 पॉइंट्स हैं। KKR को अब मुंबई और दिल्ली से मैच खेलने हैं। प्लेऑफ में पहुंचने के लिए टीम को दोनों मुकाबले जीतने होंगे। साथ ही दूसरी टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा। हैदराबाद तीसरे पायदान पर हैदराबाद 12 मैच में 14 पॉइंट्स के साथ तीसरे पायदान पर है। टीम को प्लेऑफ में जाने के लिए 18 मई को चेन्नई और 22 मई को बेंगलुरु को हराना होगा। पंजाब को हर हाल में जीत चाहिए पंजाब किंग्स 13 पॉइंट्स के साथ चौथे स्थान पर है। टीम लगातार पांच मुकाबले हार चुकी है। पंजाब को आज बेंगलुरु और 23 मई को लखनऊ से मैच खेलना है। प्लेऑफ की उम्मीद बनाए रखने के लिए दोनों मुकाबले जीतने होंगे। राजस्थान पांचवें स्थान पर राजस्थान रॉयल्स 11 मैचों में 12 पॉइंट्स के साथ पांचवें स्थान पर है। टीम को अब दिल्ली, लखनऊ और मुंबई से मुकाबले खेलने हैं। प्लेऑफ में पहुंचने के लिए राजस्थान को बाकी तीनों मैच जीतने होंगे। चेन्नई की राह मुश्किल चेन्नई सुपर किंग्स 12 पॉइंट्स के साथ छठे स्थान पर है। टीम को अब हैदराबाद और गुजरात से मैच खेलने हैं। प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए CSK को दोनों मुकाबले जीतने होंगे। साथ ही दूसरी टीमों के नतीजों पर निर्भर रहना होगा। दिल्ली के लिए अब हर मैच फाइनल जैसा दिल्ली कैपिटल्स 10 पॉइंट्स के साथ आठवें स्थान पर है और उसका नेट रनरेट (-0.993) खराब है। दिल्ली को दोनों मुकाबले बड़े अंतर से जीतने होंगे। साथ ही दूसरी टीमों के नतीजों पर नजर रखनी होगी। आज राजस्थान से हारने पर टीम बाहर हो जाएगी। मुंबई-लखनऊ पहले ही बाहर मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स 8-8 पॉइंट्स के साथ क्रमश: नौवें और दसवें स्थान पर हैं। दोनों टीमें प्लेऑफ की रेस से बाहर हो चुकी हैं। टूर्नामेंट के टॉप प्लेयर्स… सुदर्शन बने ऑरेंज कैप होल्डर गुजरात के साई सुदर्शन हैदराबाद के हेनरिक क्लासन को पीछे छोड़कर ऑरेंज कैप होल्डर बन गए हैं। उन्होंने 13 मैचों में 554 रन बनाए हैं। शनिवार को 85 रन की पारी खेलने वाले शुभमन गिल 552 रन के साथ दूसरे स्थान पर हैं। क्लासन 508 रन के साथ तीसरे पायदान पर हैं। भुवनेश्वर के पास बरकरार पर्पल कैप बेंगलुरु के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार IPL 2026 में 22 विकेट के साथ पर्पल कैप होल्डर हैं। गुजरात के कगिसो रबाडा 13 मैचों में 21 विकेट लेकर दूसरे स्थान पर हैं। चेन्नई के अंशुल कम्बोज 19 विकेट के साथ तीसरे नंबर पर हैं।

IPL 2026 में 52वीं बार 200+ स्कोर बना:सुदर्शन सबसे तेज 3 हजार टी-20 रन वाले बैटर, कोलकाता ने 22 सिक्स लगाए; रिकॉर्ड्स

IPL 2026 में 52वीं बार 200+ स्कोर बना:सुदर्शन सबसे तेज 3 हजार टी-20 रन वाले बैटर, कोलकाता ने 22 सिक्स लगाए; रिकॉर्ड्स

कोलकाता नाइट राइडर्स ने IPL 2026 के 60वें मैच में गुजरात टाइटंस को 29 रन से हरा दिया। ईडन गार्डन्स स्टेडियम में कोलकाता ने 247 रन का बनाए। 248 रन का पीछा कर रही गुजरात 218/4 का स्कोर बना सकी। यह IPL 2026 में 52वीं बार रहा, जब किसी टीम ने 200+ टोटल बनाया। मैच में कुल 22 सिक्स लगे। वहीं गुजरात के साई सुदर्शन सबसे तेज 3000 टी-20 रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। कोलकाता-गुजरात मैच के टॉप-12 रिकॉर्ड्स… 1. IPL 2026 में एक सीजन में सबसे ज्यादा 200+ स्कोर की बराबरी की IPL 2026 में अब तक 52 बार टीमों ने 200+ टोटल बनाए हैं। यह IPL इतिहास में किसी एक सीजन में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा है। इससे पहले पिछले सीजन भी 52 बार 200+ स्कोर बने थे। 2. सुदर्शन सबसे तेज 3 हजार टी-20 रन बनाने वाले बैटर गुजरात के बल्लेबाज साई सुदर्शन सबसे तेज 3 हजार रन बनाने वाले बैटर बन गए। उन्होंने 78 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की। सुदर्शन ने ऑस्ट्रेलिया के शॉन मार्श का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 85 पारियों में 3000 टी-20 रन पूरे किए थे। 3. सुदर्शन लगातार चौथी बार 50+ स्कोर बनाने वाले गुजरात के पहले बल्लेबाज साई सुदर्शन लगातार चौथी पारी में 50+ स्कोर बनाने वाले गुजरात टाइटंस के पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने 2026 सीजन में यह कारनामा किया। उनसे पहले हार्दिक पंड्या ने 2022 सीजन में तीन बार यह कारनामा किया था। 4. सुदर्शन ने गुजरात के लिए एक सीजन में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर की बराबरी की साई सुदर्शन IPL 2026 में 7 बार 50+ स्कोर बना चुके हैं। उन्होंने शुभमन गिल और अपने ही रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। गिल ने 2023 के सीजन में 7 बार फिफ्टी लगाई थी। 5. गिल लगातार दूसरे सीजन 500+ रन बनाने वाले कप्तान गुजरात के कप्तान शुभमन गिल लगातार दूसरे IPL सीजन में 500+ रन बनाने वाले कप्तान बन गए हैं। उन्होंने 2025 और 2026, दोनों सीजन में यह उपलब्धि हासिल की। लगातार सबसे ज्यादा सीजन में कप्तान रहते हुए 500+ रन बनाने का रिकॉर्ड डेविड वॉर्नर और केएल राहुल के नाम है, जिन्होंने लगातार 3-3 सीजन में ऐसा किया था। 6. गिल ने कोलकाता के खिलाफ लगातार तीसरी 50+ पारी खेली शुभमन गिल ने कोलकाता के खिलाफ लगातार तीसरी बार 50+ स्कोर बनाया। वे IPL में KKR के खिलाफ लगातार तीन 50+ स्कोर बनाने वाले छठे बल्लेबाज बने। 7. गुजरात के लिए एक पारी में दूसरी बार 3 बल्लेबाजों ने लगाए 50+ स्कोर गुजरात टाइटंस की पारी में शुभमन गिल, जोस बटलर और साई सुदर्शन ने 50+ स्कोर बनाए। IPL में यह दूसरी बार हुआ, जब गुजरात के तीन बल्लेबाजों ने एक ही पारी में फिफ्टी लगाई। 8. गुजरात की 5 मैचों बाद हार, कोलकाता ने घर में पहली बार हराया गुजरात की लगातार 5 जीत के बाद यह पहली हार रही। इससे पहले टीम ने 2022 में भी लगातार 5 मुकाबले जीते थे। वहीं, कोलकाता ने गुजरात के खिलाफ 6 मैचों में सिर्फ दूसरी जीत दर्ज की। ईडन गार्डन्स में गुजरात के खिलाफ कोलकाता की यह पहली जीत भी रही। 9. कोलकाता ने बनाया अपना तीसरा सबसे बड़ा स्कोर कोलकाता नाइट राइडर्स ने 247/2 का स्कोर बनाया, जो टीम का IPL में तीसरा सबसे बड़ा टोटल है। यह गुजरात टाइटंस के खिलाफ किसी टीम का सबसे बड़ा स्कोर भी बन गया। कोलकाता का टूर्नामेंट में सबसे बड़ा IPL स्कोर दिल्ली के खिलाफ 2024 में आया था। टीम ने विशाखापट्नम में 7 विकेट खोकर 272 रन बनाए थे। 10. कोलकाता ने अपनी पारी में 22 सिक्स लगाए कोलकाता ने पारी में 22 सिक्स लगा दिए, जो IPL इतिहास में एक पारी में संयुक्त रूप से चौथे सबसे ज्यादा हैं। पहले नंबर पर 24 सिक्स के साथ पंजाब किंग्स हैं। टीम ने कोलकाता के खिलाफ ही 2024 में यह कारनामा किया था। 11. फिन एलन ने 10 सिक्स लगाए कोलकाता के बल्लेबाज फिन एलन ने गुजरात के खिलाफ 93 रन की पारी खेली। उन्होंने अपनी इनिंग में 10 छक्के लगाए, जो कोलकाता के किसी बल्लेबाज द्वारा IPL पारी में संयुक्त रूप से दूसरे सबसे ज्यादा हैं। एलन IPL में दो बार एक इनिंग में 10+ सिक्स लगाने वाले चौथे बल्लेबाज भी बने। 93 रन की यह पारी गुजरात के खिलाफ किसी कोलकाता बल्लेबाज का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर भी है। 12. रघुवंशी ने 5वीं बार 50+ स्कोर बनाया अंगकृष रघुवंशी ने 82 रन की नाबाद पारी खेली, जो उनके IPL करियर का सबसे बड़ा स्कोर है। वह IPL 2026 में KKR के लिए सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए। कोलकाता के लिए इस सीजन उन्होंने 5वीं बार 50+ का स्कोर बनाया। रघुवंशी IPL इतिहास में एक सीजन में 5+ फिफ्टी लगाने वाले चौथे अनकैप्ड खिलाड़ी भी बने। शॉन मार्श इस मामले में पहले पर पायदान पर हैं। उनके नाम 6 फिफ्टी हैं। फैक्ट्स…

IPL में आज दूसरा मुकाबला दिल्ली Vs राजस्थान:दोनों टीमों के लिए करो या मरो मैच; हेड-टु-हेड रिकॉर्ड बराबरी पर

IPL में आज दूसरा मुकाबला दिल्ली Vs राजस्थान:दोनों टीमों के लिए करो या मरो मैच; हेड-टु-हेड रिकॉर्ड बराबरी पर

IPL 2026 में रविवार के दूसरे मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स आमने-सामने होंगी। मुकाबला नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा। दोनों टीमों प्लेऑफ में बने रहने के लिए जीत जरूरी हैं। दिल्ली 12 मैचों में 10 अंक के साथ पॉइंट्स टेबल में सातवें स्थान पर मौजूद हैं। राजस्थान 11 मैचों में 12 अंक लेकर पांचवें स्थान पर हैं। दोनों टीमें 32वीं बार आमने-सामने होंगी दोनों टीमों के बीच अब तक 31 मैच हुए हैं। दिल्ली और राजस्थान ने 15-15 मैच जीते हैं। एक मैच टाई रहा था, जिसे राजस्थान ने जीता। इस सीजन दोनों टीमें दूसरी बार भिड़ेंगी। जयपुर में खेला गया पिछला मैच दिल्ली ने जीता था। स्टार्क Vs सूर्यवंशी देखने को मिलेगा इस मैच में सबसे दिलचस्प मुकाबला मिचेल स्टार्क और वैभव सूर्यवंशी के बीच होगा। वैभव ने 11 मैचों में 236.55 के स्ट्राइक रेट से 440 रन बनाए हैं, जिसमें 40 छक्के शामिल हैं। दूसरी ओर, 400 से ज्यादा टेस्ट विकेट ले चुके मिचेल स्टार्क IPL में कभी महंगे साबित होते हैं तो कभी मैच जिताऊ स्पेल डालते हैं। अगर उन्हें शुरुआती स्विंग और सीम मिली, तो वैभव के लिए मुश्किल हो सकती है। दिल्ली की कमजोरी बनी स्पिन जोड़ी दिल्ली के लिए सबसे बड़ी चिंता उनके स्पिनरों का खराब फॉर्म है। कप्तान अक्षर पटेल और कुलदीप यादव की जोड़ी इस सीजन में न विकेट ले पा रही है और न रन रोक पा रही है। लुंगी एनगिडी को छोड़कर दिल्ली का पेस अटैक भी साधारण रहा है। टी नटराजन और मुकेश कुमार महंगे साबित हुए हैं। अक्षर पटेल टीम के टॉप विकेट टेकर हैं। वहीं, केएल राहुल 12 मैचों में 477 रन के साथ टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। कप्तान रियान की फॉर्म राजस्थान के लिए चिंता राजस्थान के लिए कप्तान रियान पराग की फॉर्म चिंता बनी हुई है। उन्होंने 10 मैचों में 143 के स्ट्राइक रेट से 207 रन बनाए हैं। वहीं, वैभव सूर्यवंशी, यशस्वी जायसवाल और ध्रुव जुरेल की तिकड़ी दिल्ली के गेंदबाजों पर भारी पड़ सकती है। वैभव 11 मैचों में 440 रन के साथ टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। हालांकि, राजस्थान का बॉलिंग अटैक मजबूत है। जोफ्रा आर्चर 15 विकेट के साथ टीम के टॉप विकेट टेकर हैं। अरुण जेटली स्टेडियम की पिच रिपोर्ट अरुण जेटली स्टेडियम की पिच IPL में बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। सपाट पिच और 60-66 मीटर की छोटी बाउंड्री के कारण यहां हाई-स्कोरिंग मैच होते हैं। यहां IPL के 103 मैच खेले गए हैं। इनमें 47 बार पहले बल्लेबाजी और 53 बार चेज करने वाली टीम जीती है। एक मैच रद्द हुआ, जबकि दो मैच सुपर ओवर में गए। दिल्ली में आज बारिश की संभावना नहीं दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स के मैच के दौरान मौसम गर्म रहने की संभावना है। बारिश की कोई आशंका नहीं है। शाम में गर्मी और उमस खिलाड़ियों और दर्शकों को परेशान कर सकती है। दिन का तापमान 38°C से 40°C के बीच रहेगा, जो शाम तक 30°C के करीब पहुंच जाएगा। दोनों टीमों की प्लेइंग-12 दिल्ली कैपिटल्स: अभिषेक पोरेल, केएल राहुल, साहिल परख, ट्रिस्टन स्टब्स, डेविड मिलर, अक्षर पटेल (कप्तान), माधव तिवारी, मिचेल स्टार्क, मुकेश कुमार, आकिब नबी, लुंगी एनगिडी और आशुतोष शर्मा। राजस्थान रॉयल्स: यशस्वी जायसवाल (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), शिमरोन हेटमायर, डोनोवन फरेरा, रवींद्र जडेजा, शुभम दुबे, दसुन शनाका, जोफ्रा आर्चर, बृजेश शर्मा, तुषार देशपांडे और यश पुंजा।

कोलकाता की प्लेऑफ उम्मीदें बरकरार:बेंगलुरु के पास नॉकऑउट में पहुंचने का मौका; पंजाब, राजस्थान और दिल्ली को हर मैच जीतना जरूरी

कोलकाता की प्लेऑफ उम्मीदें बरकरार:बेंगलुरु के पास नॉकऑउट में पहुंचने का मौका; पंजाब, राजस्थान और दिल्ली को हर मैच जीतना जरूरी

IPL 2026 के 60 मैच पूरे हो चुके हैं। शनिवार को कोलकाता नाइट राइडर्स ने गुजरात टाइटंस को हराकर प्लेऑफ की उम्मीदें जिंदा रखीं। कोलकाता 12 मैचों में 11 पॉइंट्स के साथ सातवें स्थान पर पहुंच गई है। टीम को अंतिम-4 में पहुंचने के लिए बचे दोनों मैच जीतने होंगे। आज लीग में दो मुकाबले खेले जाएंगे। पहले मैच में बेंगलुरु के पास पंजाब को हराकर प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई करने वाली पहली टीम बनने का मौका है। पंजाब के लिए भी यह मुकाबला जीतना जरूरी है। दूसरे मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स आमने-सामने होंगी। दोनों टीमों के लिए यह मैच अहम है। दिल्ली 10 पॉइंट्स के साथ आठवें और राजस्थान 12 पॉइंट्स के साथ पांचवें स्थान पर है। पॉइंट्स टेबल की मौजूदा स्थिति… गुजरात हार के बाद भी दूसरे स्थान पर कायम कोलकाता से हार के बाद भी गुजरात दूसरे स्थान पर बनी हुई है। टीम के 13 मैच में 8 जीत और 5 हार के साथ 16 पॉइंट्स हैं। गुजरात का अगला मैच चेन्नई से है, जिसे उसे जीतना होगा। बेंगलुरु 16 पॉइंट्स और +1.053 नेट रनरेट के साथ पहले स्थान पर है। टीम पंजाब को हराकर प्लेऑफ में जगह पक्की कर सकती है। उसे पंजाब और हैदराबाद से मैच खेलना है। कोलकाता को एक स्थान का फायदा गुजरात पर जीत के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स सातवें स्थान पर पहुंच गई है। टीम के 12 मैचों में 11 पॉइंट्स हैं। KKR को अब मुंबई और दिल्ली से मैच खेलने हैं। प्लेऑफ में पहुंचने के लिए टीम को दोनों मुकाबले जीतने होंगे। साथ ही दूसरी टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा। हैदराबाद तीसरे पायदान पर हैदराबाद 12 मैच में 14 पॉइंट्स के साथ तीसरे पायदान पर है। टीम को प्लेऑफ में जाने के लिए 18 मई को चेन्नई और 22 मई को बेंगलुरु को हराना होगा। पंजाब को हर हाल में जीत चाहिए पंजाब किंग्स 13 पॉइंट्स के साथ चौथे स्थान पर है। टीम लगातार पांच मुकाबले हार चुकी है। पंजाब को आज बेंगलुरु और 23 मई को लखनऊ से मैच खेलना है। प्लेऑफ की उम्मीद बनाए रखने के लिए दोनों मुकाबले जीतने होंगे। राजस्थान पांचवें स्थान पर राजस्थान रॉयल्स 11 मैचों में 12 पॉइंट्स के साथ पांचवें स्थान पर है। टीम को अब दिल्ली, लखनऊ और मुंबई से मुकाबले खेलने हैं। प्लेऑफ में पहुंचने के लिए राजस्थान को बाकी तीनों मैच जीतने होंगे। चेन्नई की राह मुश्किल चेन्नई सुपर किंग्स 12 पॉइंट्स के साथ छठे स्थान पर है। टीम को अब हैदराबाद और गुजरात से मैच खेलने हैं। प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए CSK को दोनों मुकाबले जीतने होंगे। साथ ही दूसरी टीमों के नतीजों पर निर्भर रहना होगा। दिल्ली के लिए अब हर मैच फाइनल जैसा दिल्ली कैपिटल्स 10 पॉइंट्स के साथ आठवें स्थान पर है और उसका नेट रनरेट (-0.993) खराब है। दिल्ली को दोनों मुकाबले बड़े अंतर से जीतने होंगे। साथ ही दूसरी टीमों के नतीजों पर नजर रखनी होगी। आज राजस्थान से हारने पर टीम बाहर हो जाएगी। मुंबई-लखनऊ पहले ही बाहर मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स 8-8 पॉइंट्स के साथ क्रमश: नौवें और दसवें स्थान पर हैं। दोनों टीमें प्लेऑफ की रेस से बाहर हो चुकी हैं। टूर्नामेंट के टॉप प्लेयर्स… सुदर्शन बने ऑरेंज कैप होल्डर गुजरात के साई सुदर्शन हैदराबाद के हेनरिक क्लासन को पीछे छोड़कर ऑरेंज कैप होल्डर बन गए हैं। उन्होंने 13 मैचों में 554 रन बनाए हैं। शनिवार को 85 रन की पारी खेलने वाले शुभमन गिल 552 रन के साथ दूसरे स्थान पर हैं। क्लासन 508 रन के साथ तीसरे पायदान पर हैं। भुवनेश्वर के पास बरकरार पर्पल कैप बेंगलुरु के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार IPL 2026 में 22 विकेट के साथ पर्पल कैप होल्डर हैं। गुजरात के कगिसो रबाडा 13 मैचों में 21 विकेट लेकर दूसरे स्थान पर हैं। चेन्नई के अंशुल कम्बोज 19 विकेट के साथ तीसरे नंबर पर हैं।

IPL 2026 में 52वीं बार 200+ स्कोर बना:सुदर्शन सबसे तेज 3 हजार टी-20 रन वाले बैटर, कोलकाता ने 22 सिक्स लगाए; रिकॉर्ड्स

IPL 2026 में 52वीं बार 200+ स्कोर बना:सुदर्शन सबसे तेज 3 हजार टी-20 रन वाले बैटर, कोलकाता ने 22 सिक्स लगाए; रिकॉर्ड्स

कोलकाता नाइट राइडर्स ने IPL 2026 के 60वें मैच में गुजरात टाइटंस को 29 रन से हरा दिया। ईडन गार्डन्स स्टेडियम में कोलकाता ने 247 रन का बनाए। 248 रन का पीछा कर रही गुजरात 218/4 का स्कोर बना सकी। यह IPL 2026 में 52वीं बार रहा, जब किसी टीम ने 200+ टोटल बनाया। मैच में कुल 22 सिक्स लगे। वहीं गुजरात के साई सुदर्शन सबसे तेज 3000 टी-20 रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। कोलकाता-गुजरात मैच के टॉप-12 रिकॉर्ड्स… 1. IPL 2026 में एक सीजन में सबसे ज्यादा 200+ स्कोर की बराबरी की IPL 2026 में अब तक 52 बार टीमों ने 200+ टोटल बनाए हैं। यह IPL इतिहास में किसी एक सीजन में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा है। इससे पहले पिछले सीजन भी 52 बार 200+ स्कोर बने थे। 2. सुदर्शन सबसे तेज 3 हजार टी-20 रन बनाने वाले बैटर गुजरात के बल्लेबाज साई सुदर्शन सबसे तेज 3 हजार रन बनाने वाले बैटर बन गए। उन्होंने 78 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की। सुदर्शन ने ऑस्ट्रेलिया के शॉन मार्श का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 85 पारियों में 3000 टी-20 रन पूरे किए थे। 3. सुदर्शन लगातार चौथी बार 50+ स्कोर बनाने वाले गुजरात के पहले बल्लेबाज साई सुदर्शन लगातार चौथी पारी में 50+ स्कोर बनाने वाले गुजरात टाइटंस के पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने 2026 सीजन में यह कारनामा किया। उनसे पहले हार्दिक पंड्या ने 2022 सीजन में तीन बार यह कारनामा किया था। 4. सुदर्शन ने गुजरात के लिए एक सीजन में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर की बराबरी की साई सुदर्शन IPL 2026 में 7 बार 50+ स्कोर बना चुके हैं। उन्होंने शुभमन गिल और अपने ही रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। गिल ने 2023 के सीजन में 7 बार फिफ्टी लगाई थी। 5. गिल लगातार दूसरे सीजन 500+ रन बनाने वाले कप्तान गुजरात के कप्तान शुभमन गिल लगातार दूसरे IPL सीजन में 500+ रन बनाने वाले कप्तान बन गए हैं। उन्होंने 2025 और 2026, दोनों सीजन में यह उपलब्धि हासिल की। लगातार सबसे ज्यादा सीजन में कप्तान रहते हुए 500+ रन बनाने का रिकॉर्ड डेविड वॉर्नर और केएल राहुल के नाम है, जिन्होंने लगातार 3-3 सीजन में ऐसा किया था। 6. गिल ने कोलकाता के खिलाफ लगातार तीसरी 50+ पारी खेली शुभमन गिल ने कोलकाता के खिलाफ लगातार तीसरी बार 50+ स्कोर बनाया। वे IPL में KKR के खिलाफ लगातार तीन 50+ स्कोर बनाने वाले छठे बल्लेबाज बने। 7. गुजरात के लिए एक पारी में दूसरी बार 3 बल्लेबाजों ने लगाए 50+ स्कोर गुजरात टाइटंस की पारी में शुभमन गिल, जोस बटलर और साई सुदर्शन ने 50+ स्कोर बनाए। IPL में यह दूसरी बार हुआ, जब गुजरात के तीन बल्लेबाजों ने एक ही पारी में फिफ्टी लगाई। 8. गुजरात की 5 मैचों बाद हार, कोलकाता ने घर में पहली बार हराया गुजरात की लगातार 5 जीत के बाद यह पहली हार रही। इससे पहले टीम ने 2022 में भी लगातार 5 मुकाबले जीते थे। वहीं, कोलकाता ने गुजरात के खिलाफ 6 मैचों में सिर्फ दूसरी जीत दर्ज की। ईडन गार्डन्स में गुजरात के खिलाफ कोलकाता की यह पहली जीत भी रही। 9. कोलकाता ने बनाया अपना तीसरा सबसे बड़ा स्कोर कोलकाता नाइट राइडर्स ने 247/2 का स्कोर बनाया, जो टीम का IPL में तीसरा सबसे बड़ा टोटल है। यह गुजरात टाइटंस के खिलाफ किसी टीम का सबसे बड़ा स्कोर भी बन गया। कोलकाता का टूर्नामेंट में सबसे बड़ा IPL स्कोर दिल्ली के खिलाफ 2024 में आया था। टीम ने विशाखापट्नम में 7 विकेट खोकर 272 रन बनाए थे। 10. कोलकाता ने अपनी पारी में 22 सिक्स लगाए कोलकाता ने पारी में 22 सिक्स लगा दिए, जो IPL इतिहास में एक पारी में संयुक्त रूप से चौथे सबसे ज्यादा हैं। पहले नंबर पर 24 सिक्स के साथ पंजाब किंग्स हैं। टीम ने कोलकाता के खिलाफ ही 2024 में यह कारनामा किया था। 11. फिन एलन ने 10 सिक्स लगाए कोलकाता के बल्लेबाज फिन एलन ने गुजरात के खिलाफ 93 रन की पारी खेली। उन्होंने अपनी इनिंग में 10 छक्के लगाए, जो कोलकाता के किसी बल्लेबाज द्वारा IPL पारी में संयुक्त रूप से दूसरे सबसे ज्यादा हैं। एलन IPL में दो बार एक इनिंग में 10+ सिक्स लगाने वाले चौथे बल्लेबाज भी बने। 93 रन की यह पारी गुजरात के खिलाफ किसी कोलकाता बल्लेबाज का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर भी है। 12. रघुवंशी ने 5वीं बार 50+ स्कोर बनाया अंगकृष रघुवंशी ने 82 रन की नाबाद पारी खेली, जो उनके IPL करियर का सबसे बड़ा स्कोर है। वह IPL 2026 में KKR के लिए सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए। कोलकाता के लिए इस सीजन उन्होंने 5वीं बार 50+ का स्कोर बनाया। रघुवंशी IPL इतिहास में एक सीजन में 5+ फिफ्टी लगाने वाले चौथे अनकैप्ड खिलाड़ी भी बने। शॉन मार्श इस मामले में पहले पर पायदान पर हैं। उनके नाम 6 फिफ्टी हैं। फैक्ट्स…

सरकार बोली-चुनाव आयुक्त के चयन पैनल में जज जरूरी नहीं:SC से कहा- संविधान में ऐसा प्रावधान नहीं, जज को शामिल करना संसद का फैसला

सरकार बोली-चुनाव आयुक्त के चयन पैनल में जज जरूरी नहीं:SC से कहा- संविधान में ऐसा प्रावधान नहीं, जज को शामिल करना संसद का फैसला

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि चुनाव आयोग (EC) के मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करने वाली समिति में जज का होना जरूरी नहीं है। संविधान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। केंद्र ने कहा कि किसी जज को चयन समिति में शामिल करना संसद का फैसला हो सकता है, लेकिन इसे संवैधानिक मजबूरी नहीं माना जा सकता। कोर्ट में ‘मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023’ को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई चल रही थी। इस कानून के मुताबिक, CEC और EC की नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और एक केंद्रीय मंत्री वाली समिति करेगी। पहले सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम व्यवस्था में इसमें भारत के CJI को भी शामिल किया था। 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने CJI वाली समिति बनाई थी मार्च 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में कहा था कि जब तक संसद इस पर कानून नहीं बनाती, तब तक मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और CJI वाली समिति की सिफारिश पर होगी। इसके बाद केंद्र सरकार नया कानून लेकर आई। यह कानून 2 जनवरी 2024 से लागू हुआ। इसके तहत अब चयन समिति में प्रधानमंत्री, एक केंद्रीय मंत्री और लोकसभा में विपक्ष के नेता शामिल हैं। CJI को इस समिति से हटा दिया गया। सरकार की 4 मुख्य पॉइंट्स… 14 मई: SC ने कहा था- जब सरकार को ही फैसला लेना है, फिर कमेटी में नेता विपक्ष को रखने का दिखावा क्यों सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्तों (EC) की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार से सवाल किया था। कोर्ट ने कहा था- अगर सरकार को ही फैसला करना है तो सिलेक्शन कमेटी में नेता विपक्ष (LoP) को रखकर स्वतंत्रता का दिखावा करने की जरूरत क्या है। पूरी खबर पढ़ें… 6 मई: SC ने पूछा था- क्या हमारे पास कानून बनवाने का अधिकार सुप्रीम कोर्ट ने 6 मई को मामले की सुनवाई के दौरान पूछा था कि क्या अदालत संसद को नया कानून बनाने का निर्देश दे सकती है। बेंच ने कहा कि एक याचिका में संसद को कानून बनाने का निर्देश देने की मांग की गई है। लेकिन क्या अदालत ऐसा निर्देश दे सकती है और क्या यह याचिका सुनवाई योग्य है क्योंकि कानून बनाना संसद का विशेषाधिकार है। पूरी खबर पढ़ें… 12 मई : राहुल बोले- विपक्ष का नेता रबर स्टैंप नहीं राहुल गांधी ने 12 मई को पीएम आवास पर हुई मीटिंग में नए CBI डायरेक्टर के सेलेक्शन पर अपनी असहमति जताई थी। राहुल ने आरोप लगाया कि चयन के लिए जिन 69 उम्मीदवारों की लिस्ट दी है। उन्हें उनकी डिटेल उपलब्ध नहीं कराई। उन्होंने बैठक के बाद कहा- सरकार ने चयन प्रक्रिया को केवल एक औपचारिकता बना दिया है। किसी पहले से तय व्यक्ति का चयन होता है। विपक्ष का नेता रबर स्टांप नहीं होता। प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर हुई इस बैठक में CJI सूर्यकांत भी शामिल हुए थे। बैठक करीब एक घंटे चली। मीटिंग से निकलने के बाद राहुल ने सोशल मीडिया पर एक लेटर शेयर किया। जिसमें अपनी असहमति का कारण बताया। पूरी खबर पढ़ें… ———-

सरकार बोली-चुनाव आयुक्त के चयन पैनल में जज जरूरी नहीं:SC से कहा- संविधान में ऐसा प्रावधान नहीं, जज को शामिल करना संसद का फैसला होगा

सरकार बोली-चुनाव आयुक्त के चयन पैनल में जज जरूरी नहीं:SC से कहा- संविधान में ऐसा प्रावधान नहीं, जज को शामिल करना संसद का फैसला होगा

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि चुनाव आयोग (EC) के मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करने वाली समिति में जज का होना जरूरी नहीं है। संविधान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। केंद्र ने कहा कि किसी जज को चयन समिति में शामिल करना संसद का फैसला हो सकता है, लेकिन इसे संवैधानिक मजबूरी नहीं माना जा सकता। सरकार ने ये जवाब उस मामले में दिया है, जिसमें ‘मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023’ को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। इस कानून के मुताबिक, CEC और EC की नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और एक केंद्रीय मंत्री वाली समिति करेगी। पहले सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम व्यवस्था में इसमें भारत के CJI को भी शामिल किया था। 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने CJI वाली समिति बनाई थी मार्च 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में कहा था कि जब तक संसद इस पर कानून नहीं बनाती, तब तक मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और CJI वाली समिति की सिफारिश पर होगी। इसके बाद केंद्र सरकार नया कानून लेकर आई। यह कानून 2 जनवरी 2024 से लागू हुआ। इसके तहत अब चयन समिति में प्रधानमंत्री, एक केंद्रीय मंत्री और लोकसभा में विपक्ष के नेता शामिल हैं। CJI को इस समिति से हटा दिया गया। इस बदलाव के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गईं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इससे नियुक्ति प्रक्रिया में सरकार का प्रभाव बढ़ेगा और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है। सरकार की 4 मुख्य पॉइंट्स… 14 मई: SC ने कहा था- जब सरकार को ही फैसला लेना है, फिर कमेटी में नेता विपक्ष को रखने का दिखावा क्यों सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्तों (EC) की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार से सवाल किया था। कोर्ट ने कहा था- अगर सरकार को ही फैसला करना है तो सिलेक्शन कमेटी में नेता विपक्ष (LoP) को रखकर स्वतंत्रता का दिखावा करने की जरूरत क्या है। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने कहा था कि CBI डायरेक्टर की सिलेक्शन कमेटी में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) शामिल होते हैं, लेकिन चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति वाली समिति में कोई स्वतंत्र सदस्य नहीं रखा गया है। 6 मई: SC ने पूछा था- क्या हमारे पास कानून बनवाने का अधिकार सुप्रीम कोर्ट ने 6 मई को मामले की सुनवाई के दौरान पूछा था कि क्या अदालत संसद को नया कानून बनाने का निर्देश दे सकती है। बेंच ने कहा कि एक याचिका में संसद को कानून बनाने का निर्देश देने की मांग की गई है। लेकिन क्या अदालत ऐसा निर्देश दे सकती है और क्या यह याचिका सुनवाई योग्य है क्योंकि कानून बनाना संसद का विशेषाधिकार है। पूरी खबर पढ़ें… 12 मई : राहुल बोले- विपक्ष का नेता रबर स्टैंप नहीं राहुल गांधी ने 12 मई को पीएम आवास पर हुई मीटिंग में नए CBI डायरेक्टर के सेलेक्शन पर अपनी असहमति जताई थी। राहुल ने आरोप लगाया कि चयन के लिए जिन 69 उम्मीदवारों की लिस्ट दी है। उन्हें उनकी डिटेल उपलब्ध नहीं कराई। उन्होंने बैठक के बाद कहा- सरकार ने चयन प्रक्रिया को केवल एक औपचारिकता बना दिया है। किसी पहले से तय व्यक्ति का चयन होता है। विपक्ष का नेता रबर स्टांप नहीं होता। प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर हुई इस बैठक में CJI सूर्यकांत भी शामिल हुए थे। बैठक करीब एक घंटे चली। मीटिंग से निकलने के बाद राहुल ने सोशल मीडिया पर एक लेटर शेयर किया। जिसमें अपनी असहमति का कारण बताया। पूरी खबर पढ़ें…

काम या पढ़ाई में नहीं लगता मन? फोन छोड़कर सुबह उठते ही करें ये काम, दिनभर रहेगा फोकस और एक्टिव

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Last Updated:May 17, 2026, 01:11 IST How To Stay Focus: सुबह की आदतें पूरे दिन ध्यान और ऊर्जा बनाए रखने में बहुत मदद करती हैं. अक्सर लोग दोपहर की थकान दूर करने के तरीके ढूंढते हैं, लेकिन असली फर्क सुबह की दिनचर्या से पड़ता है. अगर सुबह सही शुरुआत हो, तो दिनभर फोकस बनाए रखना आसान हो जाता है. यहां हम आपको ऐसी कुछ आदतों के बारे में बता रहे हैं. ख़बरें फटाफट क्या आपको भी लगता है कि काम या पढ़ाई में फोकस कर पाना दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है? यदि आपका जवाब हां है, तो ये लेख आपके लिए है. यहां आप अपनी इस समस्या को खत्म करने का आसान तरीका जान सकते हैं. दरअसल, मोबाइल नोटिफिकेशन, तनाव और लगातार बढ़ती जिम्मेदारियों के कारण फोकस का भटकना सामान्य बात है. लेकिन इसका असली कारण दिन की शुरुआत से ही जुड़ा होता है.सुबह का समय हमारे मानसिक और शारीरिक स्तर को पूरे दिन के लिए तय करता है. यही वजह है कि दिनभर की ऊर्जा, स्पष्ट सोच और काम करने की क्षमता काफी हद तक सुबह की शुरुआत पर निर्भर करती है. दिनभर फोकस रहने के उपाय सबसे पहले, सुबह उठते ही फोन इस्तेमाल करने से बचना चाहिए. जैसे ही हम नोटिफिकेशन, सोशल मीडिया या ईमेल देखने लगते हैं, हमारा दिमाग तुरंत आसान मनोरंजन की आदत पकड़ लेता है. इससे बाद में जरूरी और कठिन कामों पर ध्यान लगाना मुश्किल हो जाता है. इसलिए कोशिश करें कि उठने के बाद कम से कम 20–30 मिनट तक फोन न देखें. सुबह हल्का व्यायाम या शरीर को सक्रिय करना भी बहुत जरूरी है. इससे शरीर में रक्त संचार बढ़ता है, तनाव कम होता है और दिमाग बेहतर तरीके से काम करता है. इसके लिए भारी वर्कआउट जरूरी नहीं है. आप हल्की स्ट्रेचिंग, योग या 10–15 मिनट की सैर भी कर सकते हैं. दिन की शुरुआत में अपने काम की योजना बनाना भी फायदेमंद होता है. सबसे जरूरी काम पहले तय करें और उसके लिए एक निश्चित समय रखें. साथ ही, थोड़ा आराम या ब्रेक लेने का समय भी पहले से तय कर लें. इससे दिमाग पर दबाव कम महसूस होता है और काम करने की क्षमता बढ़ती है. अपने दिन में किसी छोटी खुशी की चीज को भी शामिल करें. जैसे पसंदीदा खाना खाना, शाम को कोई शो देखना, किताब पढ़ना या दोस्त से बात करना. सुबह का नाश्ता कभी नहीं छोड़ना चाहिए. अच्छा नाश्ता दिमाग को सही तरीके से काम करने में मदद करता है. खासकर फाइबर और कॉम्प्लेक्स कार्ब्स वाले भोजन जैसे ओट्स, अंडे, फल या साबुत अनाज ज्यादा देर तक पेट भरा रखते हैं और ऊर्जा बनाए रखते हैं. इसके अलावा, सुबह पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है. शरीर में पानी की कमी होने से थकान, चिड़चिड़ापन और ध्यान की कमी महसूस हो सकती है. इसलिए उठते ही एक गिलास पानी पीने की आदत डालें. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

ऑक्सीजन भी बन सकती है जानलेवा! मालदीव में स्कूबा डाइविंग करते वक्त 5 लोगों की मौत, 160 फीट नीचे क्या हुआ?

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Last Updated:May 16, 2026, 23:45 IST Oxygen Toxicity: स्कूबा डाइविंग एक एडवेंचर एक्टिविटी है. लेकिन यदि इसे सावधानी और सतर्कता के साथ न किया जाए तो ये जानलेवा भी साबित हो सकता है. हाल ही में मालदीव में 5 लोगों की मौत का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि इसका कारण ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी हो सकता है. ये क्या होता है, चलिए इस लेख में समझते हैं. ख़बरें फटाफट मालदीव में हाल ही में हुई स्कूबा डाइविंग दुर्घटना ने समुद्र की गहराई में छिपी एक जानलेवा खतरे को उजागर किया है. दरअसल, इस हादसे में 5 इटालियन टूरिस्ट की मौत हुई है जो अंडरवाटर केव को एक्सप्लोर करने के लिए गहरे पानी में उतरे थें. बताया जा रहा है कि हादसा मालदीव के वावू एटोल इलाके के पास हुआ, जहां गोताखोर लगभग 160 फीट गहराई तक उतर गए थे. मृतकों में प्रसिद्ध समुद्री जीव वैज्ञानिक मोनिका मोंटेफाल्कोन और उनकी 20 साल की बेटी भी शामिल थीं. इनके अलावा रिसर्च फेलो म्यूरियल ओडेनिनो, मरीन बायोलॉजी ग्रेजुएट फेडेरिको गुआल्तियेरी और डाइविंग इंस्ट्रक्टर जियानलुका बेनेडेट्टी की भी जान चली गई. रिपोर्ट के अनुसार, 14 मई को ये ग्रुप अलीमाथा द्वीप के पास समुद्र के अंदर बनी गुफाओं की खोज कर रहा था, लेकिन डाइविंग के बाद वे वापस सतह पर नहीं लौट सके. ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी मौत की वजह?विशेषज्ञों का मानना है कि इस हादसे की एक बड़ी वजह “ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी” हो सकती है. ऑक्सीजन हमारे जीवन के लिए जरूरी है, लेकिन ज्यादा दबाव वाली परिस्थितियों में यही ऑक्सीजन शरीर के लिए खतरनाक बन सकती है. समुद्र में गहराई बढ़ने के साथ दबाव भी बढ़ता जाता है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन का असर सामान्य से ज्यादा हो जाता है. ज्यादा मात्रा में ऑक्सीजन भी जानलेवाएक्सपर्ट के मुताबिक, ज्यादा मात्रा में ऑक्सीजन शरीर में जहरीले तत्व पैदा कर सकती है, जो दिमाग और शरीर के अन्य अंगों को नुकसान पहुंचाते हैं. गहरे समुद्र में डाइविंग के दौरान सबसे बड़ा खतरा “सेंट्रल नर्वस सिस्टम ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी” का होता है. इसके लक्षण अचानक दिखाई दे सकते हैं. ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी के लक्षणऑक्सीजन टॉक्सिसिटी के दौरान चक्कर आना, उलझन महसूस होना, आंखों के सामने धुंधलापन, मांसपेशियों में झटके, मतली और अचानक दौरे पड़ना जैसी समस्याएं हो सकती हैं. अगर पानी के अंदर किसी डाइवर को दौरा पड़ जाए, तो उसके डूबने का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है. समुद्र की गहराई में छिपा खतराआमतौर पर स्कूबा डाइविंग में लोग सामान्य हवा जैसी गैस का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन ज्यादा गहराई पर यही गैस खतरनाक हो सकती है. अनुभवी डाइवर कई बार विशेष गैस मिश्रण का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन अगर उसकी मात्रा सही न हो तो ऑक्सीजन जहरीली साबित हो सकती है. गुफाओं में डाइविंग करना और भी ज्यादा जोखिम भरा होता है. वहां रोशनी कम होती है, पानी का बहाव तेज हो सकता है और घबराहट बढ़ने से सांस तेज चलने लगती है. इससे शरीर में ऑक्सीजन का प्रभाव और बढ़ सकता है. खराब मौसम, तेज हवाएं, तनाव और थकान भी इस खतरे को बढ़ाने वाले कारण माने जाते हैं. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

इस छुटकू से बीज में छिपे हैं बड़े-बड़े फायदे, त्वचा से लेकर पेट तक कैसे पहुंचाता हैं लाभ?

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Last Updated:May 16, 2026, 23:32 IST मिठाइयों में स्वाद बढ़ाने वाली छोटी सी चिरौंजी सिर्फ एक ड्राई फ्रूट नहीं, बल्कि सेहत का खजाना भी मानी जाती है. आयुर्वेद में खास जगह रखने वाली चिरौंजी त्वचा को चमकदार बनाने, पाचन को बेहतर रखने और शरीर को पोषण देने में मददगार बताई जाती है. मिठाइयों, हलवे और ड्राई फ्रूट्स का स्वाद बढ़ाने वाली चिरौंजी सिर्फ एक स्वादिष्ट मेवा नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद लाभकारी मानी जाती है. आयुर्वेद में इसे खास महत्व दिया गया है, क्योंकि इसमें कई औषधीय गुण पाए जाते हैं. त्वचा को स्वस्थ रखने से लेकर पाचन संबंधी परेशानियों में राहत देने तक, चिरौंजी का इस्तेमाल कई घरेलू और आयुर्वेदिक उपचारों में किया जाता है. बिहार सरकार का पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग लोगों को चिरौंजी के पेड़ और उसके फायदों के बारे में जागरूक कर रहा है. विभाग लोगों से अपील कर रहा है कि वे चिरौंजी के पेड़ों की पहचान करें, उनका संरक्षण करें और इसके महत्व को समझें. चिरौंजी का पेड़ मध्यम आकार का पतझड़ी वृक्ष होता है, जिसकी ऊंचाई लगभग 15 मीटर तक हो सकती है. इसकी छाल गहरे स्लेटी रंग की होती है, जो देखने में मगरमच्छ की त्वचा जैसी नजर आती है. वहीं, छाल के अंदर का हिस्सा लाल रंग का होता है, जिससे इसे आसानी से पहचाना जा सकता है. मिठाइयों में बढ़ाता है स्वादचिरौंजी के बीज स्वाद में बादाम जैसे होते हैं और इन्हें ड्राई फ्रूट्स की श्रेणी में काफी पसंद किया जाता है. भारतीय पारंपरिक मिठाइयों में इसका इस्तेमाल स्वाद और टेक्सचर बढ़ाने के लिए किया जाता है. खीर, हलवा, लड्डू, आइसक्रीम और कई तरह की स्वीट डिशेज में चिरौंजी खास तौर पर डाली जाती है. स्वादिष्ट होने के साथ-साथ यह पोषण से भी भरपूर होती है. आयुर्वेद में क्यों है खास महत्वअगर इसके औषधीय गुणों की बात करें, तो आयुर्वेद में चिरौंजी को बेहद उपयोगी माना गया है. इसकी जड़ों की तासीर ठंडी और स्वाद कसैला होता है, जो दस्त और पेट से जुड़ी समस्याओं में राहत पहुंचाने में सहायक माना जाता है. इसके अलावा चिरौंजी त्वचा संबंधी परेशानियों में भी फायदेमंद मानी जाती है और नियमित सेवन से त्वचा में प्राकृतिक निखार बना रहता है. पर्यावरण के लिए भी है जरूरीयह पेड़ सिर्फ स्वास्थ्य और स्वाद के लिहाज से ही नहीं, बल्कि पर्यावरण और आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है. यही वजह है कि बिहार सरकार लोगों को इसके संरक्षण के लिए प्रेरित कर रही है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस बहुमूल्य वृक्ष और इसके फायदों का लाभ उठा सकें. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi