Monday, 09 Nov 2026 | 01:43 AM

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पाकिस्तान में नमाज के दौरान मस्जिद के पास धमाका:खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट जिले में 15 की मौत, 50 से ज्यादा घायल

पाकिस्तान में नमाज के दौरान मस्जिद के पास धमाका:खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट जिले में 15 की मौत, 50 से ज्यादा घायल

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट जिले में शुक्रवार को मस्जिद के पास जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका शुक्रवार की नमाज के दौरान पुलिस लाइंस इलाके में हुआ। मेडिकल अधिकारियों के मुताबिक, इसमें कम से कम 15 लोगों की मौत हुई है, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हैं। कोहाट के जिला मुख्यालय अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ताहिर अली शाह ने जियो न्यूज को बताया कि अस्पताल में 15 शव और 50 से ज्यादा घायलों को लाया गया। पुलिस के मुताबिक, विस्फोट से मस्जिद के बाहरी हिस्से को काफी नुकसान पहुंचा। एक दीवार भी गिर गई। कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी है। धमाके के बाद पुलिस लाइंस इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया। घटना के बाद राहत और बचाव का काम शुरू किया गया। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कोहाट-हंगू रोड को बंद कर दिया है। अस्पताल प्रशासन ने घायलों के इलाज के लिए इमरजेंसी घोषित कर दी है। फिलहाल विस्फोट की वजह और इसमें किसका हाथ था, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

लंदन-ढाका फ्लाइट में दो यात्रियों के बीच मारपीट:एक-दूसरे को घूंसे मारे, एक की टी-शर्ट फटी; यात्रियों ने छुड़ाया

लंदन-ढाका फ्लाइट में दो यात्रियों के बीच मारपीट:एक-दूसरे को घूंसे मारे, एक की टी-शर्ट फटी; यात्रियों ने छुड़ाया

लंदन से ढाका जा रही बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की फ्लाइट में दो यात्रियों के बीच बहस के बाद मारपीट हो गई। दोनों ने एक-दूसरे को घूंसे मारे। इस दौरान एक यात्री की टी-शर्ट फट गई। आसपास के यात्रियों और केबिन क्रू ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में दोनों यात्री पहले बहस करते नजर आते हैं। कुछ ही देर बाद दोनों हाथापाई पर उतर आते हैं। झगड़े के दौरान आसपास बैठे यात्रियों में घबराहट फैल गई। फ्लाइट में बच्चे और बुजुर्ग भी मौजूद थे। मारपीट बढ़ने पर कुछ यात्री और केबिन क्रू के सदस्य दोनों के बीच पहुंच गए। उन्होंने दोनों को अलग कर स्थिति संभाली। वीडियो में भी यात्रियों को झगड़ा रोकने की कोशिश करते देखा जा सकता है। एयरलाइन को घटना की जानकारी नहीं थी बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस के जनरल मैनेजर (पब्लिक रिलेशंस) महबूबुद्दीन अहमद ने ढाका ट्रिब्यून से कहा कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा, “मुझे अभी इस मामले की जानकारी नहीं है। मैं इसकी जानकारी ले रहा हूं।” एयरलाइन ने अभी विवाद की वजह और दोनों यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी नहीं दी है।

लंदन-ढाका फ्लाइट में दो यात्रियों के बीच मारपीट:एक-दूसरे को घूंसे मारे, एक की टी-शर्ट फटी; यात्रियों ने छुड़ाया

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लंदन से ढाका जा रही बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की फ्लाइट में दो यात्रियों के बीच बहस के बाद मारपीट हो गई। दोनों ने एक-दूसरे को घूंसे मारे। इस दौरान एक यात्री की टी-शर्ट फट गई। आसपास के यात्रियों और केबिन क्रू ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में दोनों यात्री पहले बहस करते नजर आते हैं। कुछ ही देर बाद दोनों हाथापाई पर उतर आते हैं। झगड़े के दौरान आसपास बैठे यात्रियों में घबराहट फैल गई। फ्लाइट में बच्चे और बुजुर्ग भी मौजूद थे। मारपीट बढ़ने पर कुछ यात्री और केबिन क्रू के सदस्य दोनों के बीच पहुंच गए। उन्होंने दोनों को अलग कर स्थिति संभाली। वीडियो में भी यात्रियों को झगड़ा रोकने की कोशिश करते देखा जा सकता है। घटना का पूरा वीडियो… एयरलाइन को घटना की जानकारी नहीं थी बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस के जनरल मैनेजर (पब्लिक रिलेशंस) महबूबुद्दीन अहमद ने ढाका ट्रिब्यून से कहा कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा, “मुझे अभी इस मामले की जानकारी नहीं है। मैं इसकी जानकारी ले रहा हूं।” एयरलाइन ने अभी विवाद की वजह और दोनों यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी नहीं दी है। खबर अपडेट हो रही है…

मूवी रिव्यू – 'दायरा':पृथ्वीराज का गुस्सा, करीना का सवाल और चार लाशों का राज… कहानी में मसाला खूब, लेकिन यहां कमजोर है मूवी

मूवी रिव्यू – 'दायरा':पृथ्वीराज का गुस्सा, करीना का सवाल और चार लाशों का राज… कहानी में मसाला खूब, लेकिन यहां कमजोर है मूवी

रेटिंग: 2.5/5 अवधि: 2 घंटे 23 मिनट शैली: क्राइम थ्रिलर / इन्वेस्टिगेटिव ड्रामा निर्देशक: मेघना गुलजार मुख्य कलाकार: करीना कपूर खान, पृथ्वीराज सुकुमारन, क्षिती जोग, कनवलजीत सिंह, जितेंद्र जोशी रिलीज डेट: 18 सितंबर 2026 कुछ फिल्में आपको कुर्सी पर इसलिए बैठाए रखती हैं क्योंकि आपको जानना होता है कि आगे क्या होगा। ‘दायरा’ शुरुआत में बिल्कुल यही काम करती है। एक लड़की की निर्मम हत्या, पुलिस का तेजी से आरोपियों तक पहुंचना, फिर उनका एनकाउंटर और उसके बाद उठता बड़ा सवाल क्या यह सच में न्याय था या कानून को किनारे रखकर किया गया फैसला? मेघना गुलजार की यह फिल्म 2019 के हैदराबाद रेप-मर्डर केस और उसके बाद हुए पुलिस एनकाउंटर से प्रेरित है। फिल्म ने वास्तविक घटना को हूबहू दोहराने के बजाय काल्पनिक नामों और परिस्थितियों के साथ अपनी कहानी गढ़ी है और यहीं से फिल्म दिलचस्प हो जाती है, क्योंकि यह आपको किसी एक पक्ष की तरफ आराम से बैठने नहीं देती। लेकिन दिक्कत यह है कि जिस फिल्म की शुरुआत इतनी मजबूत हो, उससे अंत भी उतना ही दमदार चाहिए। ‘दायरा’ में शुरुआत और पहला हिस्सा जितना पकड़ता है, दूसरा हिस्सा उतना ही धीरे-धीरे हाथ से निकलता जाता है। फिल्म की कहानी कहानी शुरू होती है रागिनी (प्रगति मिश्रा) से, जो एक रात हाईवे के पास मुसीबत में फंस जाती है। इसके बाद वह गायब हो जाती है और अगले दिन उसका जला हुआ शव मिलता है। रागिनी की मां पार्वती (क्षिती जोग) और भाई कबीर (भावेश बब्बानी) पुलिस से मदद मांगते हैं, लेकिन शुरुआती स्तर पर सिस्टम जिस तरह से मामले को लेता है, वही आगे की पूरी कहानी की नींव रख देता है। मामला मीडिया में उछलता है और जांच की जिम्मेदारी डीसीपी रमन कुमार (पृथ्वीराज सुकुमारन) को मिलती है। रमन अपनी टीम के साथ चार आरोपियों को पकड़ लेता है, लेकिन अदालत तक मामला पहुंचने से पहले ही चारों एक पुलिस एनकाउंटर में मारे जाते हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने भागने और हमला करने की कोशिश की थी। जवाबी कार्रवाई में वे मारे गए। बस, यहीं से असली फिल्म शुरू होती है। एक तरफ जनता रमन को हीरो मान रही है। दूसरी तरफ सवाल उठ रहा है क्या यह एनकाउंटर सच में हुआ था या सब कुछ पहले से तय था? मामले की जांच के लिए डीसीपी अजूनी कोहली (करीना कपूर खान) के नेतृत्व में विशेष जांच टीम बनाई जाती है। अजूनी का काम सिर्फ एनकाउंटर की जांच करना नहीं है, बल्कि उस पूरी कड़ी को जोड़ना है जो रागिनी के गायब होने से शुरू हुई थी। और फिर फिल्म रमन बनाम अजूनी नहीं, बल्कि तेज न्याय बनाम सही न्याय की बहस बन जाती है। फिल्म में एक्टिंग पृथ्वीराज सुकुमारन रमन कुमार के किरदार में पृथ्वीराज फिल्म की सबसे मजबूत कड़ियों में से एक हैं। उनके किरदार में पुलिस अधिकारी का रौब है, लेकिन उसके पीछे एक ऐसा आदमी भी है जो अपने फैसलों को सही मानता है। पृथ्वीराज का अभिनय ज्यादा शोर नहीं करता। खासकर उनकी आंखों और संवाद बोलने के अंदाज में काफी वजन है। वह रमन को पूरी तरह विलेन बनने से रोकते हैं और यही फिल्म के लिए जरूरी भी था। करीना कपूर खान करीना की अजूनी चमक-दमक वाली पुलिस अफसर नहीं है। वह ज्यादा शांत, व्यवस्थित और दिमाग से काम करने वाली अधिकारी है। करीना यहां ओवर-द-टॉप अभिनय नहीं करतीं और यही उनके पक्ष में जाता है। वह सवाल पूछती हैं, लोगों को पढ़ती हैं और छोटी-छोटी विसंगतियों को पकड़ती हैं। हालांकि, किरदार में जितनी संभावनाएं थीं, फिल्म उनका पूरा इस्तेमाल नहीं कर पाती। क्षिती जोग रागिनी की मां पार्वती के रूप में क्षिती जोग कई जगह पूरी फिल्म पर भारी पड़ती हैं। उनका दुख चीखने-चिल्लाने से ज्यादा उनकी खामोशी में दिखाई देता है। फिल्म के सबसे मानवीय और भावुक हिस्से उन्हीं से जुड़े हैं। बाकी कलाकार भी अपने-अपने हिस्से को संभालते हैं और फिल्म को विश्वसनीय बनाने में मदद करते हैं। फिल्म का निर्देशन मेघना गुलजार को पता है कि क्राइम स्टोरी को सिर्फ अपराध की कहानी बनाकर नहीं छोड़ना है। ‘तलवार’ की तरह यहां भी वह दर्शक को जांच की प्रक्रिया के भीतर ले जाने की कोशिश करती हैं। फिल्म का पहला हिस्सा काफी प्रभावी है। घटनाओं को धीरे-धीरे खोलने का तरीका अच्छा है और दर्शक लगातार सोचता रहता है कि आखिर सच क्या है, लेकिन इंटरवल के बाद फिल्म का टेम्पो थोड़ा गिरता है। कुछ जगहों पर कहानी जरूरत से ज्यादा समझाने लगती है और वही फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी बन जाती है। फिल्म की स्टोरीलाइन विचार बेहद मजबूत है। फिल्म का असली सवाल यह नहीं है कि रमन सही है या अजूनी। सवाल यह है कि अगर सिस्टम धीमा है तो क्या पुलिस को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार मिल जाता है? और अगर किसी अपराधी को अदालत तक पहुंचने से पहले मार दिया जाए, तो क्या वह न्याय कहलाएगा? फिल्म इन सवालों को उठाती जरूर है, लेकिन कई जगह उन पर और गहराई से उतरने की जरूरत महसूस होती है। फिल्म का स्क्रीनप्ले स्क्रीनप्ले की शुरुआत काफी चुस्त है। घटनाएं एक-दूसरे से जुड़ती हैं और रहस्य धीरे-धीरे खुलता है, लेकिन दूसरे हिस्से में कुछ चीजें खिंचती हुई लगती हैं। कई जगह कहानी की गति कम हो जाती है और दर्शक को लगता है कि फिल्म उसी बात को थोड़ा अलग तरीके से फिर समझा रही है। सबसे बड़ी समस्या क्लाइमैक्स है। इतने सवाल खड़े करने के बाद फिल्म जिस तरह खत्म होती है, वह दर्शक को संतुष्ट करने के बजाय थोड़ा अधूरा छोड़ देती है। ऐसा लगता है जैसे फिल्म ने पटाखे दिखाए बहुत, लेकिन फुलझड़ी जलाकर घर चली गई। फिल्म का तकनीकी पक्ष कैमरा वर्क फिल्म के मूड को अच्छी तरह सपोर्ट करता है। बंद फ्रेम और क्लोज-अप्स किरदारों के तनाव को बढ़ाते हैं। एडिटिंग पहले हिस्से में काफी प्रभावी है, हालांकि इंटरवल के बाद फिल्म थोड़ी और चुस्त हो सकती थी। फिल्म की कमियां सबसे बड़ी कमी है इसका कमजोर दूसरा हिस्सा। दूसरी बड़ी परेशानी है कि फिल्म जिस शानदार सवाल से शुरुआत करती है, उसका जवाब देने की कोशिश में कुछ जगह बहुत ज्यादा समझाने लगती है। और फिर आता है क्लाइमैक्स। इतनी गंभीर

मूवी रिव्यू – 'दायरा':पृथ्वीराज का गुस्सा, करीना का सवाल और चार लाशों का राज… कहानी में मसाला खूब, लेकिन यहां कमजोर है मूवी

मूवी रिव्यू – 'दायरा':पृथ्वीराज का गुस्सा, करीना का सवाल और चार लाशों का राज… कहानी में मसाला खूब, लेकिन यहां कमजोर है मूवी

रेटिंग: 2.5/5 अवधि: 2 घंटे 23 मिनट शैली: क्राइम थ्रिलर / इन्वेस्टिगेटिव ड्रामा निर्देशक: मेघना गुलजार मुख्य कलाकार: करीना कपूर खान, पृथ्वीराज सुकुमारन, क्षिती जोग, कनवलजीत सिंह, जितेंद्र जोशी रिलीज डेट: 18 सितंबर 2026 कुछ फिल्में आपको कुर्सी पर इसलिए बैठाए रखती हैं क्योंकि आपको जानना होता है कि आगे क्या होगा। ‘दायरा’ शुरुआत में बिल्कुल यही काम करती है। एक लड़की की निर्मम हत्या, पुलिस का तेजी से आरोपियों तक पहुंचना, फिर उनका एनकाउंटर और उसके बाद उठता बड़ा सवाल क्या यह सच में न्याय था या कानून को किनारे रखकर किया गया फैसला? मेघना गुलजार की यह फिल्म 2019 के हैदराबाद रेप-मर्डर केस और उसके बाद हुए पुलिस एनकाउंटर से प्रेरित है। फिल्म ने वास्तविक घटना को हूबहू दोहराने के बजाय काल्पनिक नामों और परिस्थितियों के साथ अपनी कहानी गढ़ी है और यहीं से फिल्म दिलचस्प हो जाती है, क्योंकि यह आपको किसी एक पक्ष की तरफ आराम से बैठने नहीं देती। लेकिन दिक्कत यह है कि जिस फिल्म की शुरुआत इतनी मजबूत हो, उससे अंत भी उतना ही दमदार चाहिए। ‘दायरा’ में शुरुआत और पहला हिस्सा जितना पकड़ता है, दूसरा हिस्सा उतना ही धीरे-धीरे हाथ से निकलता जाता है। फिल्म की कहानी कहानी शुरू होती है रागिनी (प्रगति मिश्रा) से, जो एक रात हाईवे के पास मुसीबत में फंस जाती है। इसके बाद वह गायब हो जाती है और अगले दिन उसका जला हुआ शव मिलता है। रागिनी की मां पार्वती (क्षिती जोग) और भाई कबीर (भावेश बब्बानी) पुलिस से मदद मांगते हैं, लेकिन शुरुआती स्तर पर सिस्टम जिस तरह से मामले को लेता है, वही आगे की पूरी कहानी की नींव रख देता है। मामला मीडिया में उछलता है और जांच की जिम्मेदारी डीसीपी रमन कुमार (पृथ्वीराज सुकुमारन) को मिलती है। रमन अपनी टीम के साथ चार आरोपियों को पकड़ लेता है, लेकिन अदालत तक मामला पहुंचने से पहले ही चारों एक पुलिस एनकाउंटर में मारे जाते हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने भागने और हमला करने की कोशिश की थी। जवाबी कार्रवाई में वे मारे गए। बस, यहीं से असली फिल्म शुरू होती है। एक तरफ जनता रमन को हीरो मान रही है। दूसरी तरफ सवाल उठ रहा है क्या यह एनकाउंटर सच में हुआ था या सब कुछ पहले से तय था? मामले की जांच के लिए डीसीपी अजूनी कोहली (करीना कपूर खान) के नेतृत्व में विशेष जांच टीम बनाई जाती है। अजूनी का काम सिर्फ एनकाउंटर की जांच करना नहीं है, बल्कि उस पूरी कड़ी को जोड़ना है जो रागिनी के गायब होने से शुरू हुई थी। और फिर फिल्म रमन बनाम अजूनी नहीं, बल्कि तेज न्याय बनाम सही न्याय की बहस बन जाती है। फिल्म में एक्टिंग पृथ्वीराज सुकुमारन रमन कुमार के किरदार में पृथ्वीराज फिल्म की सबसे मजबूत कड़ियों में से एक हैं। उनके किरदार में पुलिस अधिकारी का रौब है, लेकिन उसके पीछे एक ऐसा आदमी भी है जो अपने फैसलों को सही मानता है। पृथ्वीराज का अभिनय ज्यादा शोर नहीं करता। खासकर उनकी आंखों और संवाद बोलने के अंदाज में काफी वजन है। वह रमन को पूरी तरह विलेन बनने से रोकते हैं और यही फिल्म के लिए जरूरी भी था। करीना कपूर खान करीना की अजूनी चमक-दमक वाली पुलिस अफसर नहीं है। वह ज्यादा शांत, व्यवस्थित और दिमाग से काम करने वाली अधिकारी है। करीना यहां ओवर-द-टॉप अभिनय नहीं करतीं और यही उनके पक्ष में जाता है। वह सवाल पूछती हैं, लोगों को पढ़ती हैं और छोटी-छोटी विसंगतियों को पकड़ती हैं। हालांकि, किरदार में जितनी संभावनाएं थीं, फिल्म उनका पूरा इस्तेमाल नहीं कर पाती। क्षिती जोग रागिनी की मां पार्वती के रूप में क्षिती जोग कई जगह पूरी फिल्म पर भारी पड़ती हैं। उनका दुख चीखने-चिल्लाने से ज्यादा उनकी खामोशी में दिखाई देता है। फिल्म के सबसे मानवीय और भावुक हिस्से उन्हीं से जुड़े हैं। बाकी कलाकार भी अपने-अपने हिस्से को संभालते हैं और फिल्म को विश्वसनीय बनाने में मदद करते हैं। फिल्म का निर्देशन मेघना गुलजार को पता है कि क्राइम स्टोरी को सिर्फ अपराध की कहानी बनाकर नहीं छोड़ना है। ‘तलवार’ की तरह यहां भी वह दर्शक को जांच की प्रक्रिया के भीतर ले जाने की कोशिश करती हैं। फिल्म का पहला हिस्सा काफी प्रभावी है। घटनाओं को धीरे-धीरे खोलने का तरीका अच्छा है और दर्शक लगातार सोचता रहता है कि आखिर सच क्या है, लेकिन इंटरवल के बाद फिल्म का टेम्पो थोड़ा गिरता है। कुछ जगहों पर कहानी जरूरत से ज्यादा समझाने लगती है और वही फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी बन जाती है। फिल्म की स्टोरीलाइन विचार बेहद मजबूत है। फिल्म का असली सवाल यह नहीं है कि रमन सही है या अजूनी। सवाल यह है कि अगर सिस्टम धीमा है तो क्या पुलिस को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार मिल जाता है? और अगर किसी अपराधी को अदालत तक पहुंचने से पहले मार दिया जाए, तो क्या वह न्याय कहलाएगा? फिल्म इन सवालों को उठाती जरूर है, लेकिन कई जगह उन पर और गहराई से उतरने की जरूरत महसूस होती है। फिल्म का स्क्रीनप्ले स्क्रीनप्ले की शुरुआत काफी चुस्त है। घटनाएं एक-दूसरे से जुड़ती हैं और रहस्य धीरे-धीरे खुलता है, लेकिन दूसरे हिस्से में कुछ चीजें खिंचती हुई लगती हैं। कई जगह कहानी की गति कम हो जाती है और दर्शक को लगता है कि फिल्म उसी बात को थोड़ा अलग तरीके से फिर समझा रही है। सबसे बड़ी समस्या क्लाइमैक्स है। इतने सवाल खड़े करने के बाद फिल्म जिस तरह खत्म होती है, वह दर्शक को संतुष्ट करने के बजाय थोड़ा अधूरा छोड़ देती है। ऐसा लगता है जैसे फिल्म ने पटाखे दिखाए बहुत, लेकिन फुलझड़ी जलाकर घर चली गई। फिल्म का तकनीकी पक्ष कैमरा वर्क फिल्म के मूड को अच्छी तरह सपोर्ट करता है। बंद फ्रेम और क्लोज-अप्स किरदारों के तनाव को बढ़ाते हैं। एडिटिंग पहले हिस्से में काफी प्रभावी है, हालांकि इंटरवल के बाद फिल्म थोड़ी और चुस्त हो सकती थी। फिल्म की कमियां सबसे बड़ी कमी है इसका कमजोर दूसरा हिस्सा। दूसरी बड़ी परेशानी है कि फिल्म जिस शानदार सवाल से शुरुआत करती है, उसका जवाब देने की कोशिश में कुछ जगह बहुत ज्यादा समझाने लगती है। और फिर आता है क्लाइमैक्स। इतनी गंभीर

अमेरिका के फ्लोरिडा में मां ने बेटे से संबंध बनाए:पुलिस पूछताछ में कबूला- करीब 100 बार ऐसा किया; पति को जानकारी नहीं थी

अमेरिका के फ्लोरिडा में मां ने बेटे से संबंध बनाए:पुलिस पूछताछ में कबूला- करीब 100 बार ऐसा किया; पति को जानकारी नहीं थी

अमेरिका के फ्लोरिडा में एक 46 वर्षीय महिला पर अपने ही बेटे से संबंध बनाने का आरोप है। पुलिस पूछताछ के दौरान महिला ने बताया कि उसने अपने 22 वर्षीय बेटे के साथ यौन संबंध बनाए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, महिला ने बताया कि ऐसा करीब 100 बार हुआ। उसके पति को इसकी जानकारी नहीं थी। मामले में महिला और उसके बेटे पर अनाचार का केस दर्ज किया गया है। घरेलू विवाद के बाद सामने आया मामला मामला फ्लोरिडा के लेकलैंड में एक घरेलू विवाद के बाद सामने आया। क्रिस्टिना क्लेमेन्स ने पुलिस को फोन कर अपने बेटे शेन क्लेमेन्स पर मारपीट करने का आरोप लगाया था। पुलिस के पहुंचने के बाद शेन को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान उसने अधिकारियों को बताया कि वह 18 साल की उम्र से अपनी मां के साथ यौन संबंध बना रहा था। जांचकर्ताओं ने उससे दोबारा इस दावे की पुष्टि की। शेरिफ ग्रेडी जुड के मुताबिक, शेन ने अपनी बात दोहराई। पति को दोनों के बीच संबंधों का शक था जांच के दौरान क्रिस्टिना के पति से भी पूछताछ की गई। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि उन्हें कथित संबंध की जानकारी नहीं थी। हालांकि, उन्हें मां-बेटे के एक साथ मास्टर बेडरूम में समय बिताने पर शक होता था। उन्होंने बताया कि दोनों कभी-कभी कमरे में जाकर दरवाजा बंद कर लेते थे। उन्होंने पुलिस को यह भी बताया कि वह और क्रिस्टिना शादीशुदा हैं और साथ रह रहे हैं। बेटे पर मारपीट का भी आरोप शेन पर अपनी मां के साथ घरेलू हिंसा के तहत मारपीट का अतिरिक्त आरोप लगाया गया है। वह फिलहाल हिरासत में है और उसके लिए जमानत तय नहीं की गई है। क्रिस्टिना पर अनाचार के अलावा घरेलू मारपीट और खुले तौर पर व्यभिचार का आरोप भी लगाया गया। उन्हें 4 सितंबर को कुल 6,250 डॉलर के मुचलके पर रिहा कर दिया गया। पुलिस ने मां-बेटे के कथित संबंध को गैरकानूनी बताया है। मामले में लगाए गए आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं।

अमेरिका में महिला पर बेटे से संबंध बनाने का आरोप:46 साल की मां ने पुलिस पूछताछ में कबूला- 4 साल से ऐसा कर रही थी

अमेरिका के फ्लोरिडा में मां ने बेटे से संबंध बनाए:पुलिस पूछताछ में कबूला- करीब 100 बार ऐसा किया; पति को जानकारी नहीं थी

अमेरिका के फ्लोरिडा में 46 साल की महिला पर अपने 22 वर्षीय बेटे के साथ यौन संबंध बनाने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, महिला ने पूछताछ में संबंध होने की बात कबूली। उसने बताया कि बेटे के 18 साल का होने के बाद यानी करीब 4 साल से ऐसा चल रहा था। अधिकारियों के मुताबिक, महिला ने बताया कि ऐसा करीब 100 बार हुआ। उसके पति को इसकी जानकारी नहीं थी। मामले में महिला और उसके बेटे पर अनाचार का केस दर्ज किया गया है। घरेलू विवाद के बाद सामने आया मामला मामला फ्लोरिडा के लेकलैंड में एक घरेलू विवाद के बाद सामने आया। क्रिस्टिना क्लेमेन्स ने पुलिस को फोन कर अपने बेटे शेन क्लेमेन्स पर मारपीट करने का आरोप लगाया था। पुलिस के पहुंचने के बाद शेन को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान उसने अधिकारियों को बताया कि वह 18 साल की उम्र से अपनी मां के साथ यौन संबंध बना रहा था। जांचकर्ताओं ने उससे दोबारा इस दावे की पुष्टि की। शेरिफ ग्रेडी जुड के मुताबिक, शेन ने अपनी बात दोहराई। पति को दोनों के बीच संबंधों का शक था जांच के दौरान क्रिस्टिना के पति से भी पूछताछ की गई। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि उन्हें कथित संबंध की जानकारी नहीं थी। हालांकि, उन्हें मां-बेटे के एक साथ मास्टर बेडरूम में समय बिताने पर शक होता था। उन्होंने बताया कि दोनों कभी-कभी कमरे में जाकर दरवाजा बंद कर लेते थे। उन्होंने पुलिस को यह भी बताया कि वह और क्रिस्टिना शादीशुदा हैं और साथ रह रहे हैं। बेटा मारपीट के आरोप में हिरासत में शेन पर अपनी मां के साथ घरेलू हिंसा के तहत मारपीट का अतिरिक्त आरोप लगाया गया है। वह फिलहाल हिरासत में है और उसके लिए जमानत तय नहीं की गई है। क्रिस्टिना पर अनाचार के अलावा घरेलू मारपीट और खुले तौर पर व्यभिचार का आरोप भी लगाया गया। उन्हें 4 सितंबर को कुल 6,250 डॉलर के मुचलके पर रिहा कर दिया गया। पुलिस ने मां-बेटे के कथित संबंध को गैरकानूनी बताया है। मामले में लगाए गए आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं। ———————— ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में सिख ट्रक ड्राइवर को 17 बार चाकू मारा:हमले से कुछ दिन पहले ट्रम्प के मंत्रालय ने मिस्टर सिंह वाला पोस्ट किया था अमेरिका के व्योमिंग में 28 साल के पंजाबी सिख ट्रक ड्राइवर पर 17 बार चाकू से हमला किया गया। उनकी गर्दन, सीने, हाथ और पसलियों पर चोट आई है। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

अमेरिका में सिख ट्रक ड्राइवर को 17 बार चाकू मारा:हमले से कुछ दिन पहले ट्रम्प के मंत्रालय ने मिस्टर सिंह वाला पोस्ट किया था

अमेरिका में सिख ट्रक ड्राइवर को 17 बार चाकू मारा:हमले से कुछ दिन पहले ट्रम्प के मंत्रालय ने मिस्टर सिंह वाला पोस्ट किया था

अमेरिका के व्योमिंग में 28 साल के पंजाबी सिख ट्रक ड्राइवर पर चाकू से 17 बार हमला किया गया। हमले में उनकी गर्दन, सीने, हाथ और पसलियों पर चोट आई है। वह अस्पताल में भर्ती हैं। ड्राइवर ने अपनी पहचान सिर्फ सरनेम सिंह के रूप में बताई है। NPR के मुताबिक, हमला रविवार सुबह इंटरस्टेट-80 पर स्थित बिटर क्रीक रेस्ट एरिया के एक बाथरूम में हुआ। सिंह ने बताया कि वह पेंसिल्वेनिया जा रहे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति उनका पीछा करते हुए बाथरूम में पहुंचा और अचानक चाकू से हमला कर दिया। सिंह के मुताबिक, हमलावर ने उन पर लगातार चाकू से वार किए। वह किसी तरह बाथरूम से बाहर निकलने में कामयाब हुए, लेकिन बाहर गिर गए। इसके बाद उन्होंने मदद के लिए फोन किया। खबर अपडेट हो रही है…

अमेरिका में सिख ट्रक ड्राइवर को 17 बार चाकू मारा:हमले से कुछ दिन पहले ट्रम्प के मंत्रालय ने मिस्टर सिंह वाला पोस्ट किया था

अमेरिका में सिख ट्रक ड्राइवर को 17 बार चाकू मारा:हमले से कुछ दिन पहले ट्रम्प के मंत्रालय ने मिस्टर सिंह वाला पोस्ट किया था

अमेरिका के व्योमिंग में 28 साल के पंजाबी सिख ट्रक ड्राइवर पर 17 बार चाकू से हमला किया गया। उनकी गर्दन, सीने, हाथ और पसलियों पर चोट आई है। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी पहचान एंड्रयू क्रिस बजडैक के तौर पर की है। उस पर फर्स्ट-डिग्री मर्डर की कोशिश का आरोप लगाया गया है। हमले से कुछ दिन पहले ट्रम्प प्रशासन के डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने अप्रवासी ट्रक ड्राइवरों पर निशाना साधते हुए ‘मिस्टर सिंह’ लिखा एक विवादित पोस्ट किया था। हालांकि पुलिस ने अभी तक दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध नहीं बताया है। हमले का मकसद भी स्पष्ट नहीं है। बाथरूम में पीछा कर पहुंचा हमलावर NPR के मुताबिक, ड्राइवर ने अपनी पहचान सिर्फ सिंह सरनेम से बताई है। रविवार सुबह वह इंटरस्टेट-80 केबिटर क्रीक रेस्ट एरिया में बाथरूम गए थे। इसी दौरान एक व्यक्ति उनका पीछा करते हुए अंदर पहुंचा और चाकू से हमला कर दिया। सिंह के मुताबिक, हमलावर ने लगातार वार किए। वह किसी तरह बाथरूम से बाहर निकले और मदद के लिए फोन किया। वहां मौजूद एक हिस्पैनिक परिवार ने उनकी आवाज सुनी और मदद के लिए पहुंचा। परिवार ने खून रोकने की कोशिश की और पुलिस को हमलावर के ट्रक की जानकारी दी। इसके बाद व्योमिंग हाईवे पेट्रोल ने रॉलिन्स के पास संदिग्ध ट्रक को रोककर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। यह जगह घटनास्थल से करीब 113 किमी दूर है। खबर अपडेट हो रही है…

हरियाणवी सिंगर दिलेर खरकिया की रेंज रोवर पर फायरिंग:4 बदमाशों ने पोस्ट डालकर ली जिम्मेदारी, लिखा-कॉल का जवाब दो नहीं तो छाती में गोली लगेगी

हरियाणवी सिंगर दिलेर खरकिया की रेंज रोवर पर फायरिंग:4 बदमाशों ने पोस्ट डालकर ली जिम्मेदारी, लिखा-कॉल का जवाब दो नहीं तो छाती में गोली लगेगी

हरियाणवी सिंगर दिलेर खरकिया की रेंज रोवर गाड़ी पर फायरिंग का मामला सामने आया है। यह घटनाक्रम सिंगर के घर के बाहर हुआ। इस हमले में सिंगर बाल-बाल बच गए। घटना के बाद उन्होंने पुलिस को मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। पता चला कि हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार होकर आया था। उधर, फायरिंग के तुरंत बाद ही सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर इस हमले की जिम्मेदारी ली गई है। पोस्ट में लिखा- इस फायरिंग की जिम्मेदारी हिमांशु सोनीपत, हैरी बॉक्सर, हरमन संधू और अनिल पंडित लेते हैं। या तो हमारी कॉल का जवाब दो, नहीं तो तेरी छाती में गोली मारी जाएगी। बता दें कि दिलेर खरकिया सिंगर, एक्टर और मॉडल है। उनके पिता मशहूर रागनी कलाकार राजेंद्र खरकिया है। पिता से प्रेरित होकर ही 9 साल की उम्र में ही दिलेर ने रागनी कार्यक्रमों में भाग लेना शुरू कर दिया था। 2018 में हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में कदम रखा। लीलो चमन, मोटो, जूती काली, “हाई कोर्ट”, “कबूतरी, आलू मटर उनके हिट सॉन्ग हैं। दिलेर खरकिया-अंजलि राघव के सॉन्ग प्रमोशन इवेंट में हुआ था विवाद हरियाणवी सिंगर दिलेर खरकिया और एक्ट्रेस अंजलि राघव के सॉन्ग ‘प्रोटीन’ प्रमोशन इवेंट में विवाद खड़ा हो चुका है। 11 माह पहले भिवानी के खरक कलां गांव में यह इवेंट हुआ था। इसमें 2 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ईशा राठी और प्रिया खारी आपस में भिड़ गईं। घटना का एक CCTV वीडियो सामने आया था, जिसमें ईशा और प्रिया एक दूसरे से गुस्से में बात करती दिख रही थीं। तभी प्रिया ईशा को थप्पड़ मार देती है। गुस्साई ईशा सैंडल उठाकर लाती है और प्रिया के माथे पर मार देती है। इसके बाद प्रिया के माथे से खून निकलता है और वह बेहोश होकर गिर जाती है। किसी तरह बाकी इन्फ्लुएंसर ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया। जब यह हंगामा हुआ तो खरकिया भी पास में ही थे। हालांकि, उनकी इस झगड़े में कोई भूमिका नहीं रही। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…