जापान में 5.9 तीव्रता का भूकंप, 37 लोग घायल:ट्रेन सेवाओं पर असर; सुनामी का खतरा नहीं

जापान में रविवार को 5.9 तीव्रता का भूकंप आया। इससे पूर्वी जापान और टोक्यो इलाके में कम से कम 37 लोग घायल हुए, जिनमें ज्यादातर को हल्की चोटें आईं। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक, भूकंप की शुरुआती तीव्रता 5.9 थी। इसका केंद्र दक्षिणी इबाराकी प्रांत में जमीन से 70 किलोमीटर नीचे था। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण ने इसकी तीव्रता 5.8 दर्ज की। भूकंप के कारण टोक्यो और नारिता एयरपोर्ट जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों में देरी हुई।सुनामी का कोई खतरा नहीं बताया गया। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
'अंग्रेजों के सम्मान में लिखा गया जन गण मन':मुकेश खन्ना बोले- ये राष्ट्रगान नहीं हो सकता; इसमें अंग्रेजों को भाग्य विधाता बताया गया

शक्तिमान एक्टर मुकेश खन्ना ने एक बार फिर ‘वंदे मातरम’ को ‘जन गण मन’ की जगह देश का राष्ट्रगान बनाने की मांग की है। ANI से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि ‘जन गण मन’ ब्रिटिश शासन के दौरान जॉर्ज पंचम की तारीफ में लिखा गया था। इसलिए इसे राष्ट्रगान नहीं माना जाना चाहिए। ‘जन गण मन’ ब्रिटिश शासक के लिए लिखा गया था मुकेश खन्ना ने कहा कि ‘जन गण मन’ में ‘अधिनायक’ शब्द ब्रिटिश हुक्मरान के लिए इस्तेमाल किया गया है, जिन्हें भारत के भाग्य का विधाता बताया गया था। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ में मातृभूमि के प्रति भक्ति दिखाई देती है, इसलिए इसे राष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा महत्व मिलना चाहिए। मुकेश खन्ना के मुताबिक, आजादी के सालों बाद भी देश में अंग्रेजी शिक्षा और ब्रिटिश दौर की व्यवस्थाओं को जरूरत से ज्यादा तरजीह दी जा रही है। पहले रानी एलिजाबेथ का नाम लेकर हुए थे ट्रोल इससे पहले भी मुकेश खन्ना राष्ट्रगान को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं। तब उन्होंने दावा किया था कि ‘जन गण मन’ रवींद्रनाथ टैगोर ने रानी एलिजाबेथ की तारीफ में लिखा था। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें ट्रोल किया था। यूज़र्स ने याद दिलाया था कि ‘जन गण मन’ पहली बार 1911 में गाया गया था, जबकि रानी एलिजाबेथ द्वितीय का जन्म ही 1926 में हुआ था। केंद्र सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन इससे पहले केंद्र सरकार ने राष्ट्रगान जन-गण-मन और राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को लेकर सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों को नए निर्देश जारी किए थे। मंत्रालय ने कहा है कि नियमों में पहले से तय है कि किन कार्यक्रमों में दोनों को गाना या बजाना जरूरी है। मंत्रालय ने कहा कि एक ही कार्यक्रम में दोनों में से पहले वंदे और फिर जन-गण-मन होगा। जिन राज्यों में राज्य गीत होता है, वहां भी सीक्वेंस का पालन करना होगा। 9 जुलाई को सभी राज्यों और मंत्रालयों को पत्र भेजा गया, जिसकी जानकारी शुक्रवार को सामने आई है। सभी राज्यों से कहा गया है कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत हमेशा उनके असली शब्दों, सही उच्चारण और तय नियमों के अनुसार ही गाया और बजाया जाए। इसके लिए दोनों की ऑफिशियल कॉपी मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड की गई है। राष्ट्रगीत वंदे मातरम को बंकिम चंद्र ने 1875 में लिखा भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम को बंकिम चंद्र चटर्जी ने 7 नवंबर 1875 को अक्षय नवमी पर लिखा था। यह 1882 में पहली बार उनकी पत्रिका बंगदर्शन में उनके उपन्यास आनंदमठ के हिस्से के रूप में छपा था। 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने मंच पर वंदे मातरम गाया। यह पहला मौका था जब यह गीत सार्वजनिक रूप से राष्ट्रीय स्तर पर गाया गया। सभा में मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गई थीं। वंदे मातरम एक संस्कृत वाक्यांश है, जिसका मतलब है- हे मां, मैं तुम्हें नमन करता हूं। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वंदे मातरम भारत को औपनिवेशिक शासन से मुक्त कराने के लिए संघर्ष कर रहे स्वतंत्रता सेनानियों का नारा बन गया था। 1911 में लिखा गया था राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ ऐतिहासिक तथ्यों के मुताबिक, ‘जन गण मन’ की रचना नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर ने 1911 में की थी। इसे पहली बार 27 दिसंबर 1911 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कोलकाता अधिवेशन में गाया गया था। 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने इसे भारत के राष्ट्रगान के रूप में अपनाया था। वहीं बंकिम चंद्र चटर्जी के लिखे गीत ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रीय गीत (नेशनल सॉन्ग) का दर्जा दिया गया है।
पहली भारतीय महिला मिमिक्री आर्टिस्ट आशा सिंह जयसवाल का निधन:मीना कुमारी की नकल से फेम मिला, बीआर चोपड़ा की महाभारत में द्रोणाचार्य की पत्नी बनी थीं

दिग्गज अभिनेत्री और भारत की पहली महिला मिमिक्री आर्टिस्ट आशा सिंह जायसवाल का निधन हो गया है। उन्होंने 22 अगस्त को शाम करीब 7:30 बजे अंतिम सांस ली। उनके बेटे आकाश भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर इस बात की जानकारी दी। आकाश ने अपनी मां को एक ‘कर्मठ लोह-महिला’ बताते हुए लोगों से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने की अपील की है। आशा सिंह जायसवाल का अंतिम संस्कार 23 अगस्त को सुबह 10 बजे मुंबई के विले पार्ले स्थित पवन हंस श्मशान घाट पर किया गया। बेटे आकाश ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी आशा सिंह जायसवाल के बेटे आकाश भारद्वाज ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट लिखकर अपनी मां के काम को याद किया। उन्होंने लिखा कि उनकी मां के लिए उनका काम ही सब कुछ था। आकाश ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर उनकी मां के काम को जरूर देखें और याद रखें, ताकि उनकी आत्मा को शांति मिले। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि उनकी मां का संदेश था कि मृत्यु का दुख मनाने के बजाय आनंद महसूस करना चाहिए। भारत की पहली महिला मिमिक्री आर्टिस्ट के रूप में मिली पहचान आशा सिंह जायसवाल को भारत की पहली महिला मिमिक्री आर्टिस्ट माना जाता है। वे हिंदी सिनेमा की मशहूर एक्ट्रेस मीना कुमारी की आवाज की नकल करने के लिए पहचानी जाती थीं। इसके अलावा उन्होंने कई प्रोजेक्ट्स में एक्टिंग भी की थी। एक्टिंग के साथ-साथ वे लगातार सामाजिक कार्यों से भी जुड़ी रहीं। मुंबई के विले पार्ले में हुआ अंतिम संस्कार रिपोर्ट्स के मुताबिक, आशा सिंह जायसवाल का अंतिम संस्कार 23 अगस्त को सुबह 10 बजे मुंबई के विले पार्ले वेस्ट स्थित पवन हंस श्मशान घाट में किया गया। इस दौरान उनके परिवार के सदस्य और करीबी लोग मौजूद रहे। आशा सिंह जायसवाल एक एंटरप्रेन्योर भी थीं। उन्होंने ‘आशा इवेंट्स एंड फिल्म्स’ नाम की कंपनी बनाई थी, जिसकी वे फाउंडर और ऑपरेटर थीं। इस कंपनी के जरिए वे कई सांस्कृतिक और इवेंट्स आयोजित करती थीं। जीवन के आखिरी दिनों तक वे अपने काम से जुड़ी रहीं।
'ये रिश्ता क्या कहलाता है' एक्टर मोहसिन ने सगाई की:मंगेतर तमन्ना के साथ तस्वीरें शेयर की; बोले- पहली नजर में लगा हमसफर मिल गई

टीवी शो ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में कार्तिक का किरदार निभा चुके एक्टर मोहसिन खान ने सगाई कर ली है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी मंगेतर तमन्ना के साथ तस्वीरें शेयर कर इस बात का ऐलान किया। सगाई के दौरान मोहसिन काले रंग के कोट-पैंट में नजर आए, जबकि तमन्ना ने लाल रंग का गाउन पहना था। इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट लिखकर मोहसिन ने बताया कि पहली बार मिलते ही उन्हें अहसास हो गया था कि तमन्ना ही उनकी हमसफर हैं। सोशल मीडिया पर शेयर की सगाई की तस्वीरें मोहसिन खान ने इंस्टाग्राम पर सगाई की कई तस्वीरें पोस्ट की हैं। तस्वीरों में दोनों एक-दूसरे की सगाई की अंगूठी दिखाते नजर आ रहे हैं। एक अन्य तस्वीर में मोहसिन और तमन्ना एक-दूसरे का हाथ थामकर चल रहे हैं, जबकि उनके आसपास मौजूद रिश्तेदार उन पर नोट उड़ाते दिख रहे हैं। मोहसिन की मंगेतर तमन्ना के बारे में फिलहाल ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है। देखें सगाई की चुनिंदा तस्वीरें… पहली मुलाकात में लगा हमसफर मिल गया अपनी पोस्ट में मोहसिन खान ने तमन्ना के लिए एक मैसेज लिखा। उन्होंने लिखा कि तमन्ना एक बेहद खूबसूरत, कॉन्फिडेंट और हंसमुख इंसान हैं, जिन्हें ऊपर वाले ने उनके लिए चुना है। मोहसिन ने पहली मुलाकात को याद करते हुए लिखा कि जब उन्होंने पहली बार तमन्ना का हाथ थामा था और उन्होंने गाना गाया था, तभी उन्हें महसूस हुआ कि उनकी तलाश पूरी हो चुकी है और किस्मत में दोनों का मिलना तय था। मंगेतर की पसंदीदा फिल्म का डायलॉग लिखा मोहसिन ने अपनी पोस्ट के आखिर में मंगेतर की पसंदीदा फिल्म की एक लाइन भी शेयर की। उन्होंने लिखा, “मोहब्बत क्या होती है यह तो मैं नहीं जानता, लेकिन इसके लिए दिल से दुआ जरूर निकलती है कि इसकी आंखों में कभी आंसू न आएं। यह हमेशा हंसती रहे।” उन्होंने कहा कि वे दोनों मिलकर प्यार, दोस्ती और यादों से भरी अपनी नई जिंदगी की शुरुआत कर रहे हैं। 2021 में हुआ था शिवांगी जोशी से ब्रेकअप मोहसिन खान की पर्सनल लाइफ की बात करें तो ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में काम करने के दौरान उनका नाम अपनी को-स्टार शिवांगी जोशी के साथ जुड़ा था। दोनों के रिलेशनशिप की खबरें काफी चर्चा में रही थीं, हालांकि दोनों ने इसे सार्वजनिक तौर पर कभी स्वीकार नहीं किया था। फैंस उन्हें ‘शिविन’ कहते थे। 2021 में दोनों का ब्रेकअप हो गया था। ये खबर भी पढ़ें 53 साल के अर्जुन रामपाल ने दूसरी शादी की:14 साल छोटी गर्लफ्रेंड गैब्रिएला से शादी रजिस्टर कराई, रिलेशनशिप से दो बेटे बॉलीवुड एक्टर अर्जुन रामपाल ने अपनी लंबे समय से गर्लफ्रेंड गैब्रिएला डेमेट्रियड्स से शादी कर ली है। गोवा में शुक्रवार को यह शादी रजिस्टर्ड कराई गई। दोनों ने उत्तरी गोवा के मापुसा स्थित सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में शादी की कानूनी प्रक्रिया पूरी की। पूरी खबर पढ़ें
पाकिस्तान में 12-12 घंटे बिजली कटौती:लोग सड़कों पर उतरे, रास्ता रोका; लगातार कटौती से पानी सप्लाई ठप

पाकिस्तान में कराची के कई इलाकों में लंबे समय से हो रही बिजली कटौती के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने बड़े रास्ते रोके और बिजली सप्लाई बहाल करने की मांग को लेकर टायर जलाए। प्रदर्शन पाकिस्तान की कराची के पाक कॉलोनी, लियाकताबाद, गरीबाबाद, निश्तर रोड, भीमपुरा और रैंचोर लाइन में हुए। इससे शहर के कई प्रमुख हिस्सों में ट्रैफिक पर असर पड़ा। लियाकताबाद में प्रदर्शनकारियों ने बड़े चौराहे और रास्ते रोक दिए। स्थानीय न्यूज आउटलेट डॉन के मुताबिक, निश्तर रोड पर बिजली कटौती को लेकर कारोबारियों और के-इलेक्ट्रिक (केई) कर्मचारियों के बीच विवाद बढ़ गया, जिसके बाद टायर जलाए गए। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
'ये रिश्ता क्या कहलाता है' एक्टर मोहसिन ने सगाई की:मंगेतर तमन्ना के साथ तस्वीरें शेयर की; बोले- पहली नजर में लगा हमसफर मिल गई

टीवी शो ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में कार्तिक का किरदार निभा चुके एक्टर मोहसिन खान ने सगाई कर ली है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी मंगेतर तमन्ना के साथ तस्वीरें शेयर कर इस बात का ऐलान किया। सगाई के दौरान मोहसिन काले रंग के कोट-पैंट में नजर आए, जबकि तमन्ना ने लाल रंग का गाउन पहना था। इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट लिखकर मोहसिन ने बताया कि पहली बार मिलते ही उन्हें अहसास हो गया था कि तमन्ना ही उनकी हमसफर हैं। सोशल मीडिया पर शेयर की सगाई की तस्वीरें मोहसिन खान ने इंस्टाग्राम पर सगाई की कई तस्वीरें पोस्ट की हैं। तस्वीरों में दोनों एक-दूसरे की सगाई की अंगूठी दिखाते नजर आ रहे हैं। एक अन्य तस्वीर में मोहसिन और तमन्ना एक-दूसरे का हाथ थामकर चल रहे हैं, जबकि उनके आसपास मौजूद रिश्तेदार उन पर नोट उड़ाते दिख रहे हैं। मोहसिन की मंगेतर तमन्ना के बारे में फिलहाल ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है। देखें सगाई की चुनिंदा तस्वीरें… पहली मुलाकात में लगा हमसफर मिल गया अपनी पोस्ट में मोहसिन खान ने तमन्ना के लिए एक मैसेज लिखा। उन्होंने लिखा कि तमन्ना एक बेहद खूबसूरत, कॉन्फिडेंट और हंसमुख इंसान हैं, जिन्हें ऊपर वाले ने उनके लिए चुना है। मोहसिन ने पहली मुलाकात को याद करते हुए लिखा कि जब उन्होंने पहली बार तमन्ना का हाथ थामा था और उन्होंने गाना गाया था, तभी उन्हें महसूस हुआ कि उनकी तलाश पूरी हो चुकी है और किस्मत में दोनों का मिलना तय था। मंगेतर की पसंदीदा फिल्म का डायलॉग लिखा मोहसिन ने अपनी पोस्ट के आखिर में मंगेतर की पसंदीदा फिल्म की एक लाइन भी शेयर की। उन्होंने लिखा, “मोहब्बत क्या होती है यह तो मैं नहीं जानता, लेकिन इसके लिए दिल से दुआ जरूर निकलती है कि इसकी आंखों में कभी आंसू न आएं। यह हमेशा हंसती रहे।” उन्होंने कहा कि वे दोनों मिलकर प्यार, दोस्ती और यादों से भरी अपनी नई जिंदगी की शुरुआत कर रहे हैं। 2021 में हुआ था शिवांगी जोशी से ब्रेकअप मोहसिन खान की पर्सनल लाइफ की बात करें तो ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में काम करने के दौरान उनका नाम अपनी को-स्टार शिवांगी जोशी के साथ जुड़ा था। दोनों के रिलेशनशिप की खबरें काफी चर्चा में रही थीं, हालांकि दोनों ने इसे सार्वजनिक तौर पर कभी स्वीकार नहीं किया था। फैंस उन्हें ‘शिविन’ कहते थे। 2021 में दोनों का ब्रेकअप हो गया था। ये खबर भी पढ़ें 53 साल के अर्जुन रामपाल ने दूसरी शादी की:14 साल छोटी गर्लफ्रेंड गैब्रिएला से शादी रजिस्टर कराई, रिलेशनशिप से दो बेटे बॉलीवुड एक्टर अर्जुन रामपाल ने अपनी लंबे समय से गर्लफ्रेंड गैब्रिएला डेमेट्रियड्स से शादी कर ली है। गोवा में शुक्रवार को यह शादी रजिस्टर्ड कराई गई। दोनों ने उत्तरी गोवा के मापुसा स्थित सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में शादी की कानूनी प्रक्रिया पूरी की। पूरी खबर पढ़ें
पाकिस्तान में 12-12 घंटे बिजली कटौती:लोग सड़कों पर उतरे, रास्ता जाम किया; लगातार कटौती से पानी सप्लाई ठप

पाकिस्तान के कराची में लंबे समय से जारी बिजली कटौती के खिलाफ शनिवार को कई इलाकों में लोगों ने प्रदर्शन किया। लोगों ने कई घंटे तक सड़कें जाम रखीं बिजली तुरंत बहाल करने की मांग की। इससे शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया और हजारों लोग जाम में फंस गए। डॉन के मुताबिक, लोगों ने बताया कि उन्हें रोज 12 घंटे या उससे ज्यादा बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि कई बार कटौती की जानकारी भी पहले नहीं दी जाती। बिजली नहीं होने पर पानी के पंपिंग स्टेशन बंद रहते हैं। इससे पानी की सप्लाई भी रुक रही है और लोगों का गुस्सा बढ़ रहा है। कराची में व्यापारी भी प्रदर्शन में उतरे कराची के निश्तर रोड पर बिजली लंबे समय तक बंद रहने को लेकर व्यापारियों और के-इलेक्ट्रिक (KE) के कर्मचारियों के बीच विवाद भी हुआ। इसके बाद प्रदर्शन तेज हो गया और कई जगह टायर जलाए गए। भिमपुरा और रैंचोर लाइन में दुकानदार भी प्रदर्शन में शामिल हुए। उनका कहना था कि बिजली की अनियमित सप्लाई से कारोबार को काफी नुकसान हो रहा है। सड़कें बंद होने से साउथ जिले और आसपास के इलाकों में भी ट्रैफिक जाम फैल गया। गुलशन-ए-इकबाल की एक महिला ने बताया कि उनकी मां को बुखार था और सदर में डॉक्टर से अपॉइंटमेंट था। वे मां को जांच के लिए क्लिनिक ले जा रहे थे, लेकिन उनकी एंबुलेंस सिविक सेंटर के पास करीब 2 घंटे तक जाम में फंसी रही। गरीबाबाद के रहने वाले इमरान ने कहा कि वे समय पर बिजली का बिल भरते हैं, फिर भी 12 घंटे तक बिजली कटती है। उन्होंने कहा, “आज तो हम घर तक नहीं पहुंच पाए। जुलूस और इन प्रदर्शनों की वजह से पूरा शहर जाम है।” खबर लगातार अपडेट हो रही है…
कंगना रनोट के बयान पर भड़के रामदेव:बोले- ओछे लोगों पर टिप्पणी नहीं; एक्ट्रेस ने कहा था- मेरी जवानी के बारे में सपने मत देखो

हिमाचल प्रदेश से बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट के ‘जेनरेशन गटर’ वाले बयान पर शुरू हुआ विवाद अब फिर चर्चा में है। योग गुरु बाबा रामदेव की टिप्पणी के बाद कंगना ने पलटवार करते हुए कहा था, “बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम मत कीजिए।” अब कंगना के इस पलटवार पर रामदेव ने जवाब दिया है। रविवार को हरिद्वार में रामदेव ने कहा कि वह इस विवाद को बढ़ावा नहीं देना चाहते। उन्होंने कहा, “स्वामी रामदेव क्या है, ये देश जानता है। रामदेव का योगदान क्या है, ये भी देश जानता है। इसलिए मैं ओछे लोगों के बारे में टिप्पणी नहीं करना चाहता।” दरअसल, रामदेव ने कंगना के ‘जेनरेशन गटर’ वाले बयान पर कहा था कि जेन-Z को गटर-पटर कहना बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। उन्होंने कंगना की योग्यता, बचपन, जवानी और पुराने कारनामों को लेकर भी टिप्पणी की थी। इसके बाद कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए रामदेव पर पलटवार किया था। अब समझिए आखिर ये पूरा विवाद शुरू कहां से हुआ.. दरअसल, हाल ही में कंगना ने एक इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा था, “सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है। वे स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी को कमाना नहीं चाहतीं। जो महिलाएं वास्तव में स्वतंत्र होती हैं, वे विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की जिम्मेदारी भी खुद उठाती हैं, क्योंकि वे अपने दम पर जीवन जीती हैं। वे यह सब अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर नहीं करतीं। यह तथाकथित पश्चिमी सोच वाली भारतीय महिलाओं की नई पीढ़ी है, जिन्हें मैं ‘जनरेशन गटर’ कहती हूं।” Gen-Z पर दिए बयान पर भड़के रामदेव कंगना के इस पोस्ट के बाद ही बाबा रामदेव की इस पूरे विवाद में एंट्री हुई। दरअसल एक हिंदी न्यूज चैनल के साथ बातचीत में बाबा रामदेव ने जेन Z को लेकर कंगना की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के जवान को, जेन Z को गटर-पटर बोलना, ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। गलत बात है। इसके ऊपर जो है, उनके पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए।” जब सवाल पूछा गया था कि वो आपके योग की प्रशंसक रही हैं तो बाबा रामदेव ने कहा कि “मेरी प्रशंसा करें, योग की प्रशंसा करें तो मैं उनके गुनाहों पर यहां लीपापोती कर दूं?” बाबा रामदेव ने यह भी कहा था कि युवा की कोई जाति नहीं है। युवा में सब हैं। उसमें ब्राह्मणों के भी बालक हैं, क्षत्रियों के भी, वैश्यों के भी, दलित के भी, आदिवासी-वनवासी के, SC-ST के, सबके बालक हैं। आज युवा अपने आप में एक बहुत बड़ी ताकत है, उसको कोई नकार नहीं सकता। बाबा के पलटवार के बाद चुन नहीं बैठी कंगना बाबा रामदेव कंगना को बिगड़े दिमाग की निशानी कहा तो कंगना भड़क गईं फिर उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बाबा रामदेव पर पलटवार करते हुए लिखा, “बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम मत कीजिए। कोई सिर्फ अफवाहों और गॉसिप के आधार पर ही ऐसा सोच सकता है। कम से कम मुझे कभी सुप्रीम कोर्ट से झूठे या फर्जी मेडिकल दावों को लेकर फटकार नहीं लगी। इसलिए मुझे चरित्र का पाठ मत पढ़ाइए। आपका चरित्र जैसा भी है, मेरा उससे कहीं बेहतर है। यहां कोई फ्रॉड नहीं मिला है।” अब रामदेव ने कंगना के इसी बयान का जवाब देते हुए कहा है कि देश जनता है कि रामदेव बाबा का देश के लिए क्या योगदान रहा। ——————- ये खबर भी पढ़ें… ब्रिटेन-अमेरिका से आगे पतंजलि का हर्बल आर्ट म्यूजियम:65 हजार वनस्पति कलाकृतियां संरक्षित, 300 साल तक सुरक्षित रखने का दावा पतंजलि अनुसंधान फाउंडेशन में तैयार हुआ हर्बल आर्ट म्यूजियम भारत की आयुर्वेदिक और वनस्पति विरासत को दुनिया के सामने नई पहचान दे रहा है। यहां 65 हजार से ज्यादा वनस्पति कलाकृतियां एक ही छत के नीचे संरक्षित हैं। (पढ़ें पूरी खबर)
बांग्लादेश- हिंदू परिवार के 4 लोगों की संदिग्ध-हालात में मौत:बंद घर से रिटायर्ड शिक्षक पत्नी और बच्चों के शव मिले; पुलिस जांच में जुटी

बांग्लादेश के रंगपुर शहर में एक हिंदू परिवार के चार लोग संदिग्ध हालात में मृत मिले हैं। इनमें रिटायर्ड स्कूल शिक्षक, उनकी पत्नी, बेटी और बेटा शामिल हैं। चारों के शव शनिवार रात एक बंद घर से मिले। पुलिस, CID और डिटेक्टिव ब्रांच ने जांच शुरू कर दी है। मृतकों की पहचान गणपति चक्रवर्ती (65), पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती (50), बेटी आगमी चक्रवर्ती प्रार्थी (23) और बेटे प्रियम चक्रवर्ती (12) के रूप में हुई है। गणपति रंगपुर जिला स्कूल में शिक्षक थे और पिछले साल 31 दिसंबर को रिटायर हुए थे। रिटायरमेंट के बाद वे होम्योपैथी का काम भी कर रहे थे। गुरुवार से परिवार से संपर्क नहीं हुआ, फोन बंद थे परिजनों के मुताबिक, प्रीतिलता की छोटी बहन पूजा चक्रवर्ती ने उनसे गुरुवार दोपहर आखिरी बार बात की थी। इसके बाद गुरुवार रात से परिवार के चारों मोबाइल फोन बंद हो गए। शनिवार रात परिजन रंगपुर के दासपाड़ा इलाके में उनके घर पहुंचे। घर का मुख्य गेट बंद था और अंदर की सभी लाइटें भी बंद थीं। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने घर का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और चारों के शव बरामद किए। चारों के शव घर में अलग-अलग जगह मिले रंगपुर मेट्रोपॉलिटन CID के अधिकारी सुबीर चौधरी के मुताबिक, गणपति का शव छत पर, उनकी पत्नी और बेटी के शव सीढ़ियों के पास मिले। वहीं 12 साल के बेटे प्रियम का शव बिस्तर के नीचे मिला। परिजनों ने बताया कि उन्हें नहीं पता कि परिवार को किसने और क्यों निशाना बनाया। गणपति की भतीजी सोमा चक्रवर्ती ने कहा कि उनके चाचा का किसी से विवाद या दुश्मनी नहीं थी। परिवार ने दासपाड़ा में नया घर बनाया था और वहीं रह रहा था। गणपति की बेटी आगमी ने इसी साल अंग्रेजी में मास्टर्स की डिग्री पूरी की थी। उनका 12 साल का बेटा प्रियम 5वीं कक्षा में पढ़ता था। पुलिस के साथ CID ने भी मामले की जांच शुरू की रंगपुर मेट्रोपॉलिटन कोतवाली थाने के प्रभारी अधिकारी नजमुल कादेर के मुताबिक, पुलिस के साथ CID और डिटेक्टिव ब्रांच भी मामले की जांच कर रही हैं। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से सबूत जुटाए हैं। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चारों की मौत कब और कैसे हुई और इसके पीछे क्या वजह थी। मौत का सही कारण और घटना का पूरा क्रम अभी सामने नहीं आया है। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है। खबर अपडेट हो रही है…
वर्ल्ड ह्यूमनायड रोबोट गेम्स शुरू:उसैन बोल्ट से भी तेज निकला रोबोट, 9.39 सेकेंड में 100 मीटर दौड़ा

चीन की राजधानी बीजिंग में शनिवार से शुरू हुए 5 दिवसीय ‘दूसरे वर्ल्ड ह्यूमनायड रोबोट गेम्स’ के दौरान टेक्नोलॉजी की दुनिया में नया इतिहास रचा गया। चीन की सिंहुआ यूनिवर्सिटी की ‘तियानझुओ’ टीम द्वारा विकसित ह्यूमनाइड रोबोट ने 100 मीटर की रेस महज 9.39 सेकेंड में पूरी कर ली। इसके साथ ही ‘लाइटनिंग’ नाम के इस रोबोट ने उसैन बोल्ट द्वारा 2009 में स्थापित 100 मीटर दौड़ के 9.58 सेकेंड के विश्व रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। पिछले साल इसी प्रतियोगिता में रोबोट का बेस्ट टाइम 21.50 सेकेंड था, जो अब घटकर आधे से भी कम रह गया है। इसके अलावा तिएनकुंग रोबोट ने हाई जंप में 2.88 मी. पार कर रिकॉर्ड बनाया। इंसानों का सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड 2.45 मी. है। दूसरे वर्ल्ड ह्यूमनायड रोबोट गेम्स टूर्नामेंट में 16 देशों की 666 टीमों और 2,056 रोबोट्स हिस्सा ले रहे हैं। इनके बीच 51 अलग-अलग इवेंट्स के तहत 1,301 मुकाबले खेले जाएंगे। इनमें फुटबॉल, बास्केटबॉल, टेबल टेनिस, ताइक्वांडो और जूडो शामिल हैं।









