कनाडा में पंजाबी ने पत्नी का कत्ल किया:2 बच्चों और सास के सामने चाकू घोंपा, कहासुनी के बाद वार किए

कनाडा के ओंटारियो में 41 वर्षीय पंजाबी व्यक्ति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। पहले दोनों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद पति ने चाकू से उसके पेट में कई वार किए। व्यक्ति ने अपने दो बच्चों और सास के सामने घटना को अंजाम दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, उन्होंने शुरू में चीखने-चिल्लाने की आवाजें सुनी और फिर आरोपी के घर से उसकी सास, दो बच्चों के साथ डर के मारे भागती दिखीं। पुलिस को खबर मिली तो वो समरसाइड कम्युनिटी के चैलटन रोड स्थित घर में पहुंची, जहां महिला गंभीर रूप से घायल मिली। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके से ही मनदीप सिंह को गिरफ्तार कर उस पर सेकंड डिग्री मर्डर का केस दर्ज किया है। बच्चों-सास के बाहर निकलने पर पड़ोसियों को पता चला घटना 15 सितंबर की शाम करीब 6:25 बजे की है। वारदात के वक्त घर में आरोपी मनदीप (41) की पत्नी, उनके दो बच्चे और मृतका की मां मौजूद थीं। वारदात के बाद दोनों बच्चे और उनकी नानी घबराई हुई हालत में घर से बाहर निकले। उन्हें देखकर पड़ोसियों को घर में कुछ अनहोनी होने का पता चला और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस पहुंची तो महिला गंभीर हालत में मिली सूचना मिलने के कुछ ही देर बाद पुलिस टीम चैलटन रोड स्थित मकान पर पहुंची। घर के अंदर महिला गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली। पुलिस ने उसे बचाने की कोशिश में मेडिकल सहायता दिलाई, लेकिन अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। पति गिरफ्तार, सेकंड डिग्री मर्डर का केस पुलिस ने मामले की जांच शुरू करने के बाद मृतका के पति मनदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ सेकंड डिग्री मर्डर के आरोप में केस दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और हत्या की परिस्थितियों की जांच जारी है। परिवार में दो बच्चे और सास भी रहती थीं पड़ोसियों के मुताबिक, मनदीप का परिवार इसी घर में रहता था। परिवार में पति-पत्नी के अलावा दो बच्चे और मृतका की मां भी रहती थीं। पुलिस ने आरोपी की तस्वीर जारी नहीं की है। हत्या के पीछे क्या कारण रहा और वारदात से पहले घर में क्या हुआ, इसकी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। लंदन में इस साल हत्या की चौथी घटना लंदन पुलिस के मुताबिक, शहर में इस साल अब तक हत्या की यह चौथी घटना है। वहीं, स्थानीय जानकारी के अनुसार इस साल इलाके में महिला की हत्या का यह पहला मामला है। घटना के बाद स्थानीय लोगों और पंजाबी समुदाय में भी चिंता का माहौल है।
अंबानी परिवार के गणेशोत्सव में पहुंचे शाहरुख और रणवीर सिंह:दोनों एक्टर्स ने नीता अंबानी के साथ गणपति आरती की; पारंपरिक ड्रेस में नजर आए

मुंबई में अंबानी परिवार के घर ‘एंटीलिया’ में आयोजित गणेशोत्सव में शामिल होने शाहरुख खान और रणवीर सिंह पहुंचे।इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इस वीडियो में शाहरुख और रणवीर एक साथ गणपति की आरती करते नजर आ रहे हैं। दोनों एक्टर्स नीता अंबानी के साथ खड़े होकर पूजा-अर्चना में शामिल हुए। पारंपरिक ड्रेस में पहुंचे दोनों एक्टर्स वीडियो में रणवीर सिंह सफेद रंग के कुर्ते-पायजामे में नजर आ रहे हैं। वहीं शाहरुख खान भी फेस्टिवल के हिसाब से सफेद शर्ट और ब्लैक ट्राउजर पहना। नीता अंबानी पारंपरिक परिधान में दोनों अभिनेताओं के पास खड़ी होकर प्रार्थना करती दिख रही हैं। वहीं शाहरुख खान के एंटीलिया में अंदर जाने या पैपराजी के सामने पोज देने का कोई वीडियो सामने नहीं आया है। वी सीधे गणेश पंडाल में नीता अंबानी के साथ स्पॉट हुए। एंटीलिया के गणेशोत्सव में दिखे कई फिल्मी सितारे नीता और मुकेश अंबानी का यह धार्मिक आयोजन हर साल की तरह इस बार भी कई फिल्मी सितारे पहुंचे। इस लिस्ट में सलमान खान, कटरीना कैफ, विक्की कौशल, रणबीर कपूर, आलिया भट्ट, रितेश देशमुख और जेनेलिया देशमुख का नाम शामिल है। इनके अलावा माधुरी दीक्षित, डॉ. श्रीराम नेने, कृति सेनन, करण जौहर, रेखा और खुशी कपूर भी बाप्पा का आशीर्वाद लेने पहुंचे। देखिए अंबानी परिवार के गणपति सेलिब्रेशन में पहुंचे सेलेब्स के लुक- एंटीलिया में गणपति बप्पा का स्वागत मूर्ति के स्वागत के दौरान एंटीलिया गेंदे के फूलों, शानदार लाइटिंग और त्योहारों वाली सजावट से जगमगा उठा। सामने आए वीडियो और तस्वीरों में घर के अंदर और बाहर हो रहे जश्न की झलक दिखी। इस मौके पर नीता अंबानी, राधिका मर्चेंट, अनंत अंबानी और मुकेश अंबानी गणपति बप्पा का स्वागत करते नजर आए। नीता अंबानी ने गहरे लाल रंग का पारंपरिक परिधान पहना था। वह शानदार गहनों में नजर आईं। राधिका मर्चेंट ने चमकीले नारंगी रंग का कढ़ाई वाला एथनिक आउटफिट चुना। उन्होंने पारंपरिक एक्सेसरीज के साथ अपना फेस्टिव लुक पूरा किया।
अंबानी परिवार के गणेशोत्सव में पहुंचे शाहरुख और रणवीर सिंह:दोनों एक्टर्स ने नीता अंबानी के साथ गणपति आरती की; पारंपरिक ड्रेस में नजर आए

मुंबई में अंबानी परिवार के घर ‘एंटीलिया’ में आयोजित गणेशोत्सव में शामिल होने शाहरुख खान और रणवीर सिंह पहुंचे।इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इस वीडियो में शाहरुख और रणवीर एक साथ गणपति की आरती करते नजर आ रहे हैं। दोनों एक्टर्स नीता अंबानी के साथ खड़े होकर पूजा-अर्चना में शामिल हुए। पारंपरिक ड्रेस में पहुंचे दोनों एक्टर्स वीडियो में रणवीर सिंह सफेद रंग के कुर्ते-पायजामे में नजर आ रहे हैं। वहीं शाहरुख खान भी फेस्टिवल के हिसाब से सफेद शर्ट और ब्लैक ट्राउजर पहना। नीता अंबानी पारंपरिक परिधान में दोनों अभिनेताओं के पास खड़ी होकर प्रार्थना करती दिख रही हैं। वहीं शाहरुख खान के एंटीलिया में अंदर जाने या पैपराजी के सामने पोज देने का कोई वीडियो सामने नहीं आया है। वी सीधे गणेश पंडाल में नीता अंबानी के साथ स्पॉट हुए। एंटीलिया के गणेशोत्सव में दिखे कई फिल्मी सितारे नीता और मुकेश अंबानी का यह धार्मिक आयोजन हर साल की तरह इस बार भी कई फिल्मी सितारे पहुंचे। इस लिस्ट में सलमान खान, कटरीना कैफ, विक्की कौशल, रणबीर कपूर, आलिया भट्ट, रितेश देशमुख और जेनेलिया देशमुख का नाम शामिल है। इनके अलावा माधुरी दीक्षित, डॉ. श्रीराम नेने, कृति सेनन, करण जौहर, रेखा और खुशी कपूर भी बाप्पा का आशीर्वाद लेने पहुंचे। देखिए अंबानी परिवार के गणपति सेलिब्रेशन में पहुंचे सेलेब्स के लुक- एंटीलिया में गणपति बप्पा का स्वागत मूर्ति के स्वागत के दौरान एंटीलिया गेंदे के फूलों, शानदार लाइटिंग और त्योहारों वाली सजावट से जगमगा उठा। सामने आए वीडियो और तस्वीरों में घर के अंदर और बाहर हो रहे जश्न की झलक दिखी। इस मौके पर नीता अंबानी, राधिका मर्चेंट, अनंत अंबानी और मुकेश अंबानी गणपति बप्पा का स्वागत करते नजर आए। नीता अंबानी ने गहरे लाल रंग का पारंपरिक परिधान पहना था। वह शानदार गहनों में नजर आईं। राधिका मर्चेंट ने चमकीले नारंगी रंग का कढ़ाई वाला एथनिक आउटफिट चुना। उन्होंने पारंपरिक एक्सेसरीज के साथ अपना फेस्टिव लुक पूरा किया।
ट्रम्प ने कनाडा को लेकर यूरोप को धमकी दी:कहा- EU में शामिल किया तो भारी टैरिफ लगाऊंगा, व्यापार भी रोक दूंगा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यूरोपीय संघ को गंभीर टैरिफ लगाने की धमकी दी है। ट्रम्प ने कहा, अगर यूरोपीय संघ कनाडा को अपना पहला ‘एसोसिएट मेंबर’ बनाने की योजना पर आगे बढ़ता है तो अमेरिका यूरोप पर बहुत भारी टैरिफ लगा सकता है। जरूरत पड़ने पर यूरोप के साथ व्यापार भी रोक सकता है। ट्रम्प की धमकी के कुछ ही समय बाद कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने साफ कर दिया कि कनाडा अपनी विदेश नीति और दूसरे देशों के साथ समझौते खुद तय करेगा। यूरोपीय संसद में गुरुवार को भाषण देते हुए कार्नी ने कहा, “कोई भी यह तय नहीं करेगा कि हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसके साथ समझौते कर सकते हैं।” खबर लगातार अपडेट हो रही है…
ईरान में अमेरिकी हमला युद्ध अपराध हो सकता है:UN रिपोर्ट में गर्ल्स स्कूल पर हमले का जिक्र; पुतिन के बाद अब ट्रम्प की जवाबदेही पर सवाल

ईरान पर फरवरी में हुए अमेरिका हमलों को लेकर UN की जांच रिपोर्ट गुरुवार को सामने आई। UN की स्वतंत्र जांच टीम ने कहा कि उसके पास यह मानने की पर्याप्त वजह है कि मिनाब के गर्ल्स स्कूल और एक स्पोर्ट्स सेंटर पर हमले अमेरिकी सेना ने किए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों हमले अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत युद्ध अपराध हो सकते हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध में भी रूसी राष्ट्रपति पुतिन पर युद्ध अपराध के आरोप लगे थे। इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने 2023 में उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। अब UN की रिपोर्ट के बाद ट्रम्प की किसी तरह की व्यक्तिगत जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ईरान में अमेरिका के 2 हमलों की UN ने जांच की पहला- मिनाब गर्ल्स स्कूल पर हमले में 120 बच्चों की मौत दूसरा- स्पोर्ट्स सेंटर पर हमले में 22 नागरिक मारे गए खबर लगातार अपडेट हो रही है…
रिपोर्ट- ट्रम्प-जिनपिंग की मुलाकात से पहले ताइवान में डर:जापान-साउथ कोरिया को चिंता, चीन से डील के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति नरम न पड़ जाएं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 24 सितंबर को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करने वाले हैं। इस मुलाकात से पहले ताइवान को लेकर चिंता बढ़ गई है। जापान और साउथ कोरिया समेत अमेरिका के करीबी देशों को डर है कि चीन के साथ व्यापार में कोई बड़ा फायदा लेने के लिए ट्रम्प ताइवान पर अपना रुख नरम कर सकते हैं। ट्रम्प पहले ही कह चुके हैं कि ताइवान को हथियार देने का फैसला चीन से बातचीत में उनके काम आ सकता है। ऐसे में अगर ट्रम्प के बयान या ताइवान को लेकर अमेरिका की नीति में जरा भी बदलाव आया, तो चीन को ताइवान पर दबाव बढ़ाने का हौसला मिल सकता है। इससे इलाके में तनाव और बढ़ सकता है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
सलमान का मजाक उड़ाते दिखे सोनू निगम, अब दी सफाई:वायरल क्लिप को कहा फर्जी, बोले- मैं पाकिस्तानी बच्ची की सिंगिंग देखकर रो पड़ा था

बॉलीवुड सिंगर सोनू निगम का एक एडिटेड वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे टीवी पर ‘मैं हूं हीरो तेरा’ गाना गा रहे सलमान खान की गायकी का मजाक उड़ाते दिख रहे हैं। इस क्लिप में सोनू सिर पकड़ते और कहते नजर आ रहे हैं कि ऐसी सिंगिंग सुनकर वे रो पड़ेंगे। वीडियो पर विवाद बढ़ता देख सोनू निगम ने खुद इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर करके इस वायरल वीडियो का सच सामने रखा है। उन्होंने साफ किया कि इंटरनेट पर कुछ भी दिखाया जा सकता है और यह वीडियो एडिट करके बनाया गया है। असल में वे किसी का मजाक नहीं उड़ा रहे थे, बल्कि एक पाकिस्तानी बच्ची की गायकी से प्रभावित होकर रो पड़े थे। पाकिस्तानी बच्ची हादिया हाशमी के लिए था ओरिजिनल वीडियो सोनू निगम ने स्पष्ट किया कि जिस वीडियो को सलमान खान से जोड़कर शेयर किया जा रहा है, वह साल 2020 का है। उस समय एक्टर जावेद जाफरी ने सोनू को नेसकैफे बेसमेंट के गाने ‘बोल हू’ का एक वीडियो भेजा था, जिसमें छोटी बच्ची हादिया हाशमी ने आलाप गाया था। हादिया की गायकी सुनकर सोनू इतने भावुक हो गए थे कि उनकी आंखों में आंसू आ गए थे। उसी दौरान उन्होंने बच्ची की तारीफ में एक वीडियो बनाकर शेयर किया था। अब कुछ लोगों ने उस पुराने वीडियो को सलमान खान के टीवी पर दिए परफॉर्मेंस के साथ एडिट करके वायरल कर दिया। सिंगर अनीश मैथ्यूज ने भी बताई ओरिजिनल क्लिप की सच्चाई सोनू निगम के स्पष्टीकरण वाले पोस्ट पर सिंगर अनीश मैथ्यूज ने भी कमेंट करके एडिटेड वीडियो की सच्चाई की पुष्टि की। अनीश ने लिखा कि उन्हें अच्छी तरह याद है कि सोनू जी का यह रिएक्शन ‘नेस्कैफे बेसमेंट’ के गाने ‘बोल हू’ में छोटी बच्ची हादिया हाशमी के आलाप पर था। अन्य यूजर्स ने भी लिखा कि इंटरनेट पर व्यूज और ट्रोलिंग के लिए किसी भी वीडियो का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। ‘मैं हूं हीरो तेरा’ गाने के क्रेडिट को लेकर शुरू हुआ था विवाद यह पूरा मामला सलमान खान फिल्म्स (SKF) के एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद शुरू हुआ। मेकर्स ने फिल्म ‘हीरो’ के 10 साल पूरे होने पर सलमान के गाए गाने ‘मैं हूं हीरो तेरा’ को लेकर एक पोस्ट शेयर किया था, जिसमें म्यूजिक कंपोजर अमाल मलिक का नाम नहीं लिखा था। अमाल ने सोशल मीडिया पर क्रेडिट न मिलने पर अपनी नाराजगी जताई थी। हालांकि बाद में मेकर्स ने पोस्ट को एडिट करके अमाल का नाम शामिल कर लिया था। लेकिन इसके बाद सलमान के फैंस ने अमाल और उनके भाई अरमान मलिक को ट्रोल करना शुरू कर दिया था। ये खबर भी पढ़ें सलमान से विवाद के दावों पर अमाल मलिक की सफाई:कहा- निशाना सलमान नहीं, उनकी प्रोडक्शन टीम पर है; सॉन्ग क्रेडिट न देने का आरोप लगाया था अमाल मलिक ने क्रेडिट विवाद पर सफाई दी है। उन्होंने सलमान खान के प्रोडक्शन हाउस पर निशाना साधा था, जिसके बाद लोग ये कहते हुए उनकी आलोचना करने लगे कि वह फिल्मों में ब्रेक देने वाले सलमान के खिलाफ बयान दे रहे हैं। अब अमाल ने कहा है कि उनका निशाना, सलमान नहीं बल्कि उनके प्रोडक्शन की टीम है। अमाल ने कहा कि मेहनत को कमतर दिखाने का हक किसी को नहीं है। पूरी खबर पढ़ें सलमान के खिलाफ भाई अमाल के सपोर्ट में उतरे अरमान:कहा- हक के लिए लड़ना जरूरी, फिल्म हीरो के गाने में क्रेडिट न दिए जाने पर विवाद कुछ दिनों पहले सिंगिंग से ब्रेक लेने वाले अरमान मलिक ने हाल ही में सलमान खान और उनके प्रोडक्शन के खिलाफ कई पोस्ट किए। उन्होंने दावा किया है कि उन्हें प्रोडक्शन की हालिया पोस्ट में फिल्म हीरो के गाने में क्रेडिट नहीं दिया गया। पूरी खबर पढ़ें
बांग्लादेश में 20 साल का सबसे बड़ा बिजली संकट:अस्पताल में टॉर्च की रोशनी में मरीजों का इलाज, भारत भी ज्यादा मदद नहीं कर पाएगा

बांग्लादेश इस समय 20 साल के सबसे गंभीर बिजली संकट से जूझ रहा है। देश में बिजली की कमी से कई इलाकों में रोजाना घंटों कटौती हो रही है। बारिशाल के एक अस्पताल में बैकअप जनरेटर का डीजल खत्म होने के बाद नर्सों को मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में मरीजों की देखभाल करनी पड़ी। संकट के बीच बांग्लादेश को भारत से भी तत्काल बड़ी राहत मिलने की संभावना कम है, क्योंकि भारत पहले ही उसे 2,656 MW से ज्यादा बिजली दे रहा है और अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराने के लिए भारत को अपनी उत्पादन क्षमता और ट्रांसमिशन व्यवस्था को भी देखना होगा। 2022 के मुकाबले चार गुना ज्यादा बिजली की कमी बांग्लादेश में इस समय 3,000 से 3,500 मेगावाट बिजली कम पड़ रही है। यानी लोगों और कारखानों को जितनी बिजली चाहिए, उतनी बन ही नहीं पा रही। अगस्त में देश में रोज औसतन करीब 13,000 मेगावाट बिजली बनी, जबकि जरूरत 16,000 मेगावाट से ज्यादा थी। यानी हर दिन करीब 3,000 मेगावाट बिजली की कमी रही। 2022 में भी बांग्लादेश में बिजली का संकट आया था। तब कमी करीब 750 मेगावाट थी। यानी आज की कमी उस समय के मुकाबले करीब चार गुना है। बिजली पैदा करने के लिए प्लांट में ईंधन की कमी बांग्लादेश में बिजली बनाने वाले प्लांट पर्याप्त हैं, लेकिन उन्हें चलाने के लिए जरूरी ईंधन की कमी हो गई है। खासकर प्राकृतिक गैस की सप्लाई घटने से गैस आधारित प्लांट पूरी क्षमता से नहीं चल पा रहे। 2024-25 में बांग्लादेश की करीब 44% बिजली गैस से बनी थी। लेकिन देश में गैस का उत्पादन लगातार कम हुआ है। 2018-19 में घरेलू गैस उत्पादन 27.2 अरब घन मीटर था, जो 2024-25 में घटकर 19.6 अरब घन मीटर रह गया। कमी पूरी करने के लिए बांग्लादेश ने गैस का आयात बढ़ाया। इस दौरान आयात 143% बढ़कर 3.28 अरब से 7.98 अरब घन मीटर हो गया। LNG टर्मिनल बंद होने से बिजली संकट बढ़ा बांग्लादेश विदेशी से आने वाली गैस के लिए कॉक्स बाजार के मोहेशखाली में बने LNG टर्मिनलों पर निर्भर है। 21 जुलाई को दो टर्मिनलों में से एक में आग लग गई और उसे बंद करना पड़ा। इससे गैस की कमी और बढ़ गई। अगस्त में रोज करीब 2,235 मिलियन क्यूबिक फीट गैस मिल रही थी, जबकि जरूरत 3,860 मिलियन क्यूबिक फीट की थी। हालांकि, 16 सितंबर को द डेली स्टार ने बताया कि देश में गैस का उत्पादन बढ़ने के बाद सप्लाई अब पहले जैसी हो गई है। कोयला प्लांट भी पूरी क्षमता से नहीं चल रहे गैस की कमी के साथ कोयले से चलने वाले बिजली प्लांटों में खराबी ने भी संकट बढ़ा दिया है। बांग्लादेश में ऐसे प्लांटों की कुल क्षमता करीब 7,000 मेगावाट है, लेकिन कई प्लांट पूरी क्षमता से नहीं चल रहे। चीन के साथ मिलकर बनाए गए पाटुआखाली के दो 1,320 मेगावाट के प्लांटों में हर एक से सिर्फ 500 से 800 मेगावाट बिजली बन रही थी। वहीं, भारत के साथ मिलकर बने 1,100 मेगावाट के रामपाल प्लांट में बॉयलर खराब होने से उत्पादन घटकर 657 मेगावाट रह गया था। बिजली कटौती से गारमेंट इंडस्ट्री पर असर पड़ा बिजली संकट का बड़ा असर बांग्लादेश के गारमेंट सेक्टर पर पड़ा है। देश के कुल मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट में इस सेक्टर की हिस्सेदारी 80% से ज्यादा है। BKMEA के सर्वे के मुताबिक, 55% निटवेयर फैक्ट्रियों के ऑर्डर रद्द हुए या कम हुए। 78% फैक्ट्रियों में उत्पादन घटा, जबकि 87% को सामान भेजने में देरी हुई। बिजली की कमी से निटिंग का उत्पादन 37-38%, डाइंग 51% और गारमेंट सिलाई का उत्पादन 40% तक घट गया। गैस और बिजली की कमी के चलते करीब 600 टेक्सटाइल फैक्ट्रियों में उत्पादन रुकने की भी रिपोर्ट है। कई इलाकों में 3 से 10 घंटे बिजली कटौती बिजली संकट का असर आम लोगों पर भी पड़ रहा है। मयमनसिंह, बारिशाल, रंगपुर, सिलहट, राजशाही और खुलना में कई जगह रोज 3 से 10 घंटे तक बिजली कट रही है। बारिशाल जनरल अस्पताल में बिजली हर एक-दो घंटे में जा रही थी। जनरेटर के लिए डीजल खत्म होने के बाद नर्सों ने मोबाइल की टॉर्च से मरीजों की देखभाल की। बिजली संकट पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने बिजली कटौती के खिलाफ देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन हुए हैं। सितंबर में जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन ने ढाका-चटगांव लॉन्ग मार्च किया। प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने 5 सितंबर को संकट से प्रभावित लोगों से माफी मांगी। उन्होंने 9 सितंबर को कहा कि सरकार आयातित ऊर्जा पर निर्भरता कम करने के लिए सोलर पावर की लंबी अवधि की योजना बना रही है। सरकार ने संकट के लिए पिछली अवामी लीग सरकार की नीतियों को जिम्मेदार बताया है। वहीं विपक्ष ने मौजूदा सरकार पर संकट से निपटने में कुप्रबंधन और देरी के आरोप लगाए हैं। संकट की जड़ सिर्फ बिजली की कमी नहीं बांग्लादेश की मौजूदा परेशानी के पीछे कई वजहें एक साथ काम कर रही हैं। गैस पर ज्यादा निर्भरता, घरेलू गैस उत्पादन में गिरावट, महंगे आयात और कुछ बिजली प्लांटों में तकनीकी खराबी ने स्थिति बिगाड़ी है। घरेलू गैस उत्पादन बढ़ने और बंद प्लांट फिर शुरू होने से राहत मिल सकती है। लेकिन लंबे समय के लिए बांग्लादेश को आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करने और बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत होगी। ———————— ये खबर भी पढ़ें… जापान में 1 लाख लोग 100 साल के पार:इनमें 88 फीसदी महिलाएं; सेहतमंद खाना, एक्टिव रहना और समय पर इलाज लंबी उम्र का राज जापान में 100 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या पहली बार 1 लाख का आंकड़ा पार कर गई है। इनमें 88 फीसदी महिलाएं हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में अब 1,07,677 लोग ऐसे हैं, जिनकी उम्र कम से कम 100 साल है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इमोशनल हुईं:सिंगर एमएस सुब्बुलक्ष्मी की जयंती पर गीत सुनते हुए आंखों में आए आंसू

बेंगलुरु में मंगलवार को महान कर्नाटक गायिका एमएस सुब्बुलक्ष्मी की 110वीं जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भावुक हो गईं। कार्यक्रम में गीत सुनते हुए उनकी आंखों में आंसू आ गए। दरअसल, यह कार्यक्रम बेंगलुरु के चौडैया मेमोरियल हॉल में आयोजित किया गया था। सीतारमण कार्यक्रम की मुख्य अतिथि थीं। सुब्बुलक्ष्मी की परपोती एस ऐश्वर्या और एस सौंदर्या ने भी समारोह में प्रस्तुति दी थी। ऐश्वर्या और सौंदर्या ने अपनी परदादी की संगीत परंपरा को आगे बढ़ाया है। कार्यक्रम में उन्होंने सुब्बुलक्ष्मी की कुछ रचनाएं प्रस्तुत कीं। समारोह में संगीत प्रेमियों ने सुब्बुलक्ष्मी और भारतीय शास्त्रीय संगीत में उनके योगदान को याद किया। सुब्बुलक्ष्मी की जिंदगी पर जल्द बायोपिक फिल्म आएगी एमएस सुब्बुलक्ष्मी का जन्म 16 सितंबर 1916 को मदुरै में हुआ था। वह भारत की सबसे सम्मानित गायिकाओं में शामिल थीं। 1998 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। सुब्बुलक्ष्मी की जिंदगी पर जल्द एक बायोपिक फिल्म आएगी। रश्मिका मंदाना फिल्म में उनका किरदार निभाएंगी। फिल्म का आधिकारिक लॉन्च 16 सितंबर 2026 को उनकी 110वीं जयंती पर चेन्नई के द म्यूजिक एकेडमी में किया गया। गौतम तिन्ननुरी फिल्म का निर्देशन कर रहे हैं, जिन्होंने पहले ‘जर्सी’ और ‘किंगडम’ जैसी फिल्में बनाई हैं। रश्मिका से पहले साई पल्लवी का नाम इस बायोपिक के लिए सामने आया था। रश्मिका पहली बार ऐसी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक शख्सियत का किरदार निभाएंगी, जिसकी पहचान मुख्य रूप से कर्नाटक शास्त्रीय संगीत से जुड़ी है। महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू भी थे फैन एस.एस.सुब्बूलक्ष्मी कर्नाटक की महान गायिका थीं, जिनके गाए हुए भजन विष्णु सहास्त्रनामम को यूट्यूब पर 10 करोड़ बार सुना जा चुका है। वहीं भजन गोविंदम को 17 मिलियन और श्री वेंकटेश्वरा सुप्रभातम को 47 मिलियन बार सुना गया है। पद्मश्री से लेकर भारत रत्न तक, ऐसा कोई नामी अवॉर्ड नहीं जो इनके नाम ना हो। आवाज में वो आकर्षण था कि महात्मा गांधी और पं. जवाहरलाल नेहरू भी इनके प्रशंसकों में से एक रहे। महात्मा गांधी खास फरमाइश पर इनसे रघुपति राघव राजा राम सुनते थे। नीली साड़ी इन पर इतनी जंचती थी कि इनके नाम पर ही उस रंग का नाम एमएस ब्लू रख दिया गया। जानिए कैसे देश की सबसे बड़ी गायिका बनीं एम.एस.सुब्बूलक्ष्मी? एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी उर्फ कुंजम्मा का जन्म 16 सितंबर 1916 को मदुरै (तमिलनाडु) में हुआ था। उनकी मां शानमुकावादिर अम्माल देवदासी समाज का हिस्सा थीं जो वीणा बजाती थीं और पिता सुब्रमण्यम अय्यर एक सिंगर। मां ने उनकी ट्रेनिंग मशहूर पं. नारायण राव व्यास से करवाई और महज 10 साल की उम्र में उन्होंने पहली रिकॉर्डिंग की। सुब्बुलक्ष्मी मां की स्टेज परफॉर्मेंस के दौरान उनका साथ देते हुए भजन गाया करती थीं। उनकी पहली परफॉर्मेंस 1929 में मद्रास म्यूजिक एकेडमी के मंच पर हुई, तब वो महज 13 साल की थीं। द वायर को दिए इंटरव्यू में सुब्बुलक्ष्मी ने बताया था कि एक दिन वो घर के बाहर बैठीं मिट्टी का घर बना ही रही थीं कि कोई उन्हें उठाकर सीधे मां के पास मंच पर ले गया। मां करीब 50-100 लोगों के सामने परफॉर्म कर रही थीं और वो चाहती थीं कि सुब्बुलक्ष्मी भी चंद गाने सुनाएं। उन्होंने मिट्टी से सने हाथ पोछे और गाना शुरू किया, तो म्यूजिक एकेडमी तालियों से गूंज उठी। इसके बाद उन्हें लगातार गाने के मौके दिए जाने लगे। उस जमाने के मशहूर पत्रकार टी. सदाशिवम ने 1936 में हुई एक सुब्बुलक्ष्मी की इस परफॉर्मेंस के बाद तमिल वीकली मैगजीन आनंदा विकातम में फ्रंटपेज आर्टिकल लिखा, जिसके बाद उनके कॉन्सर्ट में भारी भीड़ पहुंचने लगी। काम के सिलसिले में हुई मुलाकात के बाद दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे और परिवार के खिलाफ जाकर शादी की। सदाशिवम जानते थे कि सुब्बुलक्ष्मी का हुनर सिर्फ मंच तक सीमित रहने के लिए नहीं है। फिल्ममेकर के. सुब्रह्मण्यम से सिफारिश कर सदाशिवम ने सुब्बुलक्ष्मी को फिल्म सेवासदन में लीड रोल दिलवाया। 1938 की ये फिल्म जबरदस्त हिट रही और सुब्बुलक्ष्मी साउथ का बड़ा नाम बनकर उभरीं। सुब्बुलक्ष्मी के गानों को आम जनता तक पहुंचाने के लिए पति सदाशिवम ने खुद पैसे लगाकर फिल्में बनाने का फैसला किया। सुब्बुलक्ष्मी के सुझाव पर सदाशिवम ने मीराबाई पर पहली फिल्म मीरा (1945) बनाई। फिल्म में सुब्बुलक्ष्मी को ही मीराबाई का लीड रोल दिया गया। मीरा का रोल निभाने के लिए सुब्बुलक्ष्मी खुद उन सभी जगहों पर जाकर रहीं, जहां मीरा ने कृष्ण भक्ति में समय बिताया था। 1944 में फिल्म की शूटिंग न्यूटोन स्टूडियो, मद्रास में शुरू हुई, जिसके बाद टीम ने जयपुर, वृंदावन, चित्तौड़ और द्वारका का चयन किया। फिल्म के कॉन्सेप्ट से प्रभावित होकर उदयपुर के महाराजा ने हाथी-घोड़ों के साथ फिल्म बनाने के लिए अपना पैलेस इस्तेमाल करने की इजाजत से लेकर हर तरह से मदद की। महाराजा के मंत्री की मदद से उन्हें शाही हाथी-घोड़े मिले और साथ ही महल में कहीं भी कभी भी शूटिंग करने की इजाजत भी। शूटिंग के लिए महल की शाही डांसर्स भी दी गईं। फिल्म में नजर आए कई एक्स्ट्रा कलाकार भी शाही लोग थे। 136 मिनट की फिल्म में थे सुब्बुलक्ष्मी के 20 गाने 3 नवंबर 1945 को दिवाली पर फिल्म मीरा रिलीज की गई। 136 मिनट की इस फिल्म में 20 गाने थे, जो सुब्बुलक्ष्मी ने ही गाए थे। ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर इतनी बड़ी हिट रही कि दो साल बाद कुछ सीन को रीशूट कर 1947 में हिंदी में मीराबाई नाम से फिर रिलीज किया गया था। प्रीमियर में पहुंचे थे माउंटबेटन, राजेंद्र प्रसाद, इंदिरा गांधी, जवाहरलाल नेहरू 21 नवंबर 1947 को मीराबाई फिल्म रिलीज हुई, जिससे सुब्बुलक्ष्मी तमिल स्टार से नेशनल स्टार बन गईं। फिल्म में सरोजिनी नायडू ने सुब्बुलक्ष्मी का परिचय करवाते हुए उन्हें नाइटेंगल ऑफ इंडिया (भारत की बुलबुल) नाम दिया था। फिल्म के प्रीमियर में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू भी पहुंचे थे। इनके अलावा लॉर्ड माउंटबेटन, राजेंद्र प्रसाद, विजयालक्ष्मी पंडित और इंदिरा गांधी जैसी देश की अन्य बड़ी हस्तियां भी थीं। फिल्म देखने के बाद जवाहरलाल नेहरू और माउंटबेटन सुब्बुलक्ष्मी के फैन बन गए थे। फिल्म मीरा तमिल सिनेमा में म्यूजिकल कल्ट साबित हुई। ये फिल्म आज भी भारत की 100 सबसे महान फिल्मों की लिस्ट में शामिल है। मीरा हिट होने के बाद उन्हें
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इमोशनल हुईं:सिंगर एमएस सुब्बुलक्ष्मी की जयंती पर गीत सुनते हुए आंखों में आए आंसू

बेंगलुरु में मंगलवार को महान कर्नाटक गायिका एमएस सुब्बुलक्ष्मी की 110वीं जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भावुक हो गईं। कार्यक्रम में गीत सुनते हुए उनकी आंखों में आंसू आ गए। दरअसल, यह कार्यक्रम बेंगलुरु के चौडैया मेमोरियल हॉल में आयोजित किया गया था। सीतारमण कार्यक्रम की मुख्य अतिथि थीं। सुब्बुलक्ष्मी की परपोती एस ऐश्वर्या और एस सौंदर्या ने भी समारोह में प्रस्तुति दी थी। ऐश्वर्या और सौंदर्या ने अपनी परदादी की संगीत परंपरा को आगे बढ़ाया है। कार्यक्रम में उन्होंने सुब्बुलक्ष्मी की कुछ रचनाएं प्रस्तुत कीं। समारोह में संगीत प्रेमियों ने सुब्बुलक्ष्मी और भारतीय शास्त्रीय संगीत में उनके योगदान को याद किया। सुब्बुलक्ष्मी की जिंदगी पर जल्द बायोपिक फिल्म आएगी एमएस सुब्बुलक्ष्मी का जन्म 16 सितंबर 1916 को मदुरै में हुआ था। वह भारत की सबसे सम्मानित गायिकाओं में शामिल थीं। 1998 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। सुब्बुलक्ष्मी की जिंदगी पर जल्द एक बायोपिक फिल्म आएगी। रश्मिका मंदाना फिल्म में उनका किरदार निभाएंगी। फिल्म का आधिकारिक लॉन्च 16 सितंबर 2026 को उनकी 110वीं जयंती पर चेन्नई के द म्यूजिक एकेडमी में किया गया। गौतम तिन्ननुरी फिल्म का निर्देशन कर रहे हैं, जिन्होंने पहले ‘जर्सी’ और ‘किंगडम’ जैसी फिल्में बनाई हैं। रश्मिका से पहले साई पल्लवी का नाम इस बायोपिक के लिए सामने आया था। रश्मिका पहली बार ऐसी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक शख्सियत का किरदार निभाएंगी, जिसकी पहचान मुख्य रूप से कर्नाटक शास्त्रीय संगीत से जुड़ी है। महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू भी थे फैन एस.एस.सुब्बूलक्ष्मी कर्नाटक की महान गायिका थीं, जिनके गाए हुए भजन विष्णु सहास्त्रनामम को यूट्यूब पर 10 करोड़ बार सुना जा चुका है। वहीं भजन गोविंदम को 17 मिलियन और श्री वेंकटेश्वरा सुप्रभातम को 47 मिलियन बार सुना गया है। पद्मश्री से लेकर भारत रत्न तक, ऐसा कोई नामी अवॉर्ड नहीं जो इनके नाम ना हो। आवाज में वो आकर्षण था कि महात्मा गांधी और पं. जवाहरलाल नेहरू भी इनके प्रशंसकों में से एक रहे। महात्मा गांधी खास फरमाइश पर इनसे रघुपति राघव राजा राम सुनते थे। नीली साड़ी इन पर इतनी जंचती थी कि इनके नाम पर ही उस रंग का नाम एमएस ब्लू रख दिया गया। जानिए कैसे देश की सबसे बड़ी गायिका बनीं एम.एस.सुब्बूलक्ष्मी? एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी उर्फ कुंजम्मा का जन्म 16 सितंबर 1916 को मदुरै (तमिलनाडु) में हुआ था। उनकी मां शानमुकावादिर अम्माल देवदासी समाज का हिस्सा थीं जो वीणा बजाती थीं और पिता सुब्रमण्यम अय्यर एक सिंगर। मां ने उनकी ट्रेनिंग मशहूर पं. नारायण राव व्यास से करवाई और महज 10 साल की उम्र में उन्होंने पहली रिकॉर्डिंग की। सुब्बुलक्ष्मी मां की स्टेज परफॉर्मेंस के दौरान उनका साथ देते हुए भजन गाया करती थीं। उनकी पहली परफॉर्मेंस 1929 में मद्रास म्यूजिक एकेडमी के मंच पर हुई, तब वो महज 13 साल की थीं। द वायर को दिए इंटरव्यू में सुब्बुलक्ष्मी ने बताया था कि एक दिन वो घर के बाहर बैठीं मिट्टी का घर बना ही रही थीं कि कोई उन्हें उठाकर सीधे मां के पास मंच पर ले गया। मां करीब 50-100 लोगों के सामने परफॉर्म कर रही थीं और वो चाहती थीं कि सुब्बुलक्ष्मी भी चंद गाने सुनाएं। उन्होंने मिट्टी से सने हाथ पोछे और गाना शुरू किया, तो म्यूजिक एकेडमी तालियों से गूंज उठी। इसके बाद उन्हें लगातार गाने के मौके दिए जाने लगे। उस जमाने के मशहूर पत्रकार टी. सदाशिवम ने 1936 में हुई एक सुब्बुलक्ष्मी की इस परफॉर्मेंस के बाद तमिल वीकली मैगजीन आनंदा विकातम में फ्रंटपेज आर्टिकल लिखा, जिसके बाद उनके कॉन्सर्ट में भारी भीड़ पहुंचने लगी। काम के सिलसिले में हुई मुलाकात के बाद दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे और परिवार के खिलाफ जाकर शादी की। सदाशिवम जानते थे कि सुब्बुलक्ष्मी का हुनर सिर्फ मंच तक सीमित रहने के लिए नहीं है। फिल्ममेकर के. सुब्रह्मण्यम से सिफारिश कर सदाशिवम ने सुब्बुलक्ष्मी को फिल्म सेवासदन में लीड रोल दिलवाया। 1938 की ये फिल्म जबरदस्त हिट रही और सुब्बुलक्ष्मी साउथ का बड़ा नाम बनकर उभरीं। सुब्बुलक्ष्मी के गानों को आम जनता तक पहुंचाने के लिए पति सदाशिवम ने खुद पैसे लगाकर फिल्में बनाने का फैसला किया। सुब्बुलक्ष्मी के सुझाव पर सदाशिवम ने मीराबाई पर पहली फिल्म मीरा (1945) बनाई। फिल्म में सुब्बुलक्ष्मी को ही मीराबाई का लीड रोल दिया गया। मीरा का रोल निभाने के लिए सुब्बुलक्ष्मी खुद उन सभी जगहों पर जाकर रहीं, जहां मीरा ने कृष्ण भक्ति में समय बिताया था। 1944 में फिल्म की शूटिंग न्यूटोन स्टूडियो, मद्रास में शुरू हुई, जिसके बाद टीम ने जयपुर, वृंदावन, चित्तौड़ और द्वारका का चयन किया। फिल्म के कॉन्सेप्ट से प्रभावित होकर उदयपुर के महाराजा ने हाथी-घोड़ों के साथ फिल्म बनाने के लिए अपना पैलेस इस्तेमाल करने की इजाजत से लेकर हर तरह से मदद की। महाराजा के मंत्री की मदद से उन्हें शाही हाथी-घोड़े मिले और साथ ही महल में कहीं भी कभी भी शूटिंग करने की इजाजत भी। शूटिंग के लिए महल की शाही डांसर्स भी दी गईं। फिल्म में नजर आए कई एक्स्ट्रा कलाकार भी शाही लोग थे। 136 मिनट की फिल्म में थे सुब्बुलक्ष्मी के 20 गाने 3 नवंबर 1945 को दिवाली पर फिल्म मीरा रिलीज की गई। 136 मिनट की इस फिल्म में 20 गाने थे, जो सुब्बुलक्ष्मी ने ही गाए थे। ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर इतनी बड़ी हिट रही कि दो साल बाद कुछ सीन को रीशूट कर 1947 में हिंदी में मीराबाई नाम से फिर रिलीज किया गया था। प्रीमियर में पहुंचे थे माउंटबेटन, राजेंद्र प्रसाद, इंदिरा गांधी, जवाहरलाल नेहरू 21 नवंबर 1947 को मीराबाई फिल्म रिलीज हुई, जिससे सुब्बुलक्ष्मी तमिल स्टार से नेशनल स्टार बन गईं। फिल्म में सरोजिनी नायडू ने सुब्बुलक्ष्मी का परिचय करवाते हुए उन्हें नाइटेंगल ऑफ इंडिया (भारत की बुलबुल) नाम दिया था। फिल्म के प्रीमियर में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू भी पहुंचे थे। इनके अलावा लॉर्ड माउंटबेटन, राजेंद्र प्रसाद, विजयालक्ष्मी पंडित और इंदिरा गांधी जैसी देश की अन्य बड़ी हस्तियां भी थीं। फिल्म देखने के बाद जवाहरलाल नेहरू और माउंटबेटन सुब्बुलक्ष्मी के फैन बन गए थे। फिल्म मीरा तमिल सिनेमा में म्यूजिकल कल्ट साबित हुई। ये फिल्म आज भी भारत की 100 सबसे महान फिल्मों की लिस्ट में शामिल है। मीरा हिट होने के बाद उन्हें









