Monday, 09 Nov 2026 | 02:21 AM

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लीजेंड्री गायिका MS सुब्बुलक्ष्मी की बायोपिक में रश्मिका:जवाहरलाल नेहरू ने इनसे कहा था- आपके सामने मैं मामूली PM, जानिए क्यों गांधी जी थे फैन

लीजेंड्री गायिका MS सुब्बुलक्ष्मी की बायोपिक में रश्मिका:जवाहरलाल नेहरू ने इनसे कहा था- आपके सामने मैं मामूली PM, जानिए क्यों गांधी जी थे फैन

लीजेंड्री गायिका MS सुब्बुलक्ष्मी पर बायोपिक बनेगी। रश्मिका मंदाना फिल्म में उनका किरदार निभाएंगी। फिल्म का आधिकारिक लॉन्च 16 सितंबर 2026 को उनकी 110वीं जयंती पर चेन्नई के द म्यूजिक एकेडमी में किया गया। गौतम तिन्ननुरी फिल्म का निर्देशन कर रहे हैं, जो पहले ‘जर्सी’ और ‘किंगडम’ जैसी हिट फिल्में बना चुके हैं। रश्मिका से पहले साई पल्लवी का नाम इस बायोपिक के लिए सामने आया था। रश्मिका पहली बार ऐसी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक शख्सियत का किरदार निभाएंगी, जिसकी पहचान मुख्य रूप से कर्नाटक शास्त्रीय संगीत से जुड़ी है। महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू भी थे फैन एस.एस.सुब्बूलक्ष्मी कर्नाटक की महान गायिका थीं, जिनके गाए हुए भजन विष्णु सहास्त्रनामम को यूट्यूब पर 10 करोड़ बार सुना जा चुका है। वहीं भजन गोविंदम को 17 मिलियन और श्री वेंकटेश्वरा सुप्रभातम को 47 मिलियन बार सुना गया है। पद्मश्री से लेकर भारत रत्न तक, ऐसा कोई नामी अवॉर्ड नहीं जो इनके नाम ना हो। आवाज में वो आकर्षण था कि महात्मा गांधी और पं. जवाहरलाल नेहरू भी इनके प्रशंसकों में से एक रहे। महात्मा गांधी खास फरमाइश पर इनसे रघुपति राघव राजा राम सुनते थे। नीली साड़ी इन पर इतनी जंचती थी कि इनके नाम पर ही उस रंग का नाम एमएस ब्लू रख दिया गया। जानिए कैसे देश की सबसे बड़ी गायिका बनीं एम.एस.सुब्बूलक्ष्मी? एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी उर्फ कुंजम्मा का जन्म 16 सितंबर 1916 को मदुरै (तमिलनाडु) में हुआ था। उनकी मां शानमुकावादिर अम्माल देवदासी समाज का हिस्सा थीं जो वीणा बजाती थीं और पिता सुब्रमण्यम अय्यर एक सिंगर। मां ने उनकी ट्रेनिंग मशहूर पं. नारायण राव व्यास से करवाई और महज 10 साल की उम्र में उन्होंने पहली रिकॉर्डिंग की। सुब्बुलक्ष्मी मां की स्टेज परफॉर्मेंस के दौरान उनका साथ देते हुए भजन गाया करती थीं। उनकी पहली परफॉर्मेंस 1929 में मद्रास म्यूजिक एकेडमी के मंच पर हुई, तब वो महज 13 साल की थीं। द वायर को दिए इंटरव्यू में सुब्बुलक्ष्मी ने बताया था कि एक दिन वो घर के बाहर बैठीं मिट्टी का घर बना ही रही थीं कि कोई उन्हें उठाकर सीधे मां के पास मंच पर ले गया। मां करीब 50-100 लोगों के सामने परफॉर्म कर रही थीं और वो चाहती थीं कि सुब्बुलक्ष्मी भी चंद गाने सुनाएं। उन्होंने मिट्टी से सने हाथ पोछे और गाना शुरू किया, तो म्यूजिक एकेडमी तालियों से गूंज उठी। इसके बाद उन्हें लगातार गाने के मौके दिए जाने लगे। उस जमाने के मशहूर पत्रकार टी. सदाशिवम ने 1936 में हुई एक सुब्बुलक्ष्मी की इस परफॉर्मेंस के बाद तमिल वीकली मैगजीन आनंदा विकातम में फ्रंटपेज आर्टिकल लिखा, जिसके बाद उनके कॉन्सर्ट में भारी भीड़ पहुंचने लगी। काम के सिलसिले में हुई मुलाकात के बाद दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे और परिवार के खिलाफ जाकर शादी की। सदाशिवम जानते थे कि सुब्बुलक्ष्मी का हुनर सिर्फ मंच तक सीमित रहने के लिए नहीं है। फिल्ममेकर के. सुब्रह्मण्यम से सिफारिश कर सदाशिवम ने सुब्बुलक्ष्मी को फिल्म सेवासदन में लीड रोल दिलवाया। 1938 की ये फिल्म जबरदस्त हिट रही और सुब्बुलक्ष्मी साउथ का बड़ा नाम बनकर उभरीं। सुब्बुलक्ष्मी के गानों को आम जनता तक पहुंचाने के लिए पति सदाशिवम ने खुद पैसे लगाकर फिल्में बनाने का फैसला किया। सुब्बुलक्ष्मी के सुझाव पर सदाशिवम ने मीराबाई पर पहली फिल्म मीरा (1945) बनाई। फिल्म में सुब्बुलक्ष्मी को ही मीराबाई का लीड रोल दिया गया। मीरा का रोल निभाने के लिए सुब्बुलक्ष्मी खुद उन सभी जगहों पर जाकर रहीं, जहां मीरा ने कृष्ण भक्ति में समय बिताया था। 1944 में फिल्म की शूटिंग न्यूटोन स्टूडियो, मद्रास में शुरू हुई, जिसके बाद टीम ने जयपुर, वृंदावन, चित्तौड़ और द्वारका का चयन किया। फिल्म के कॉन्सेप्ट से प्रभावित होकर उदयपुर के महाराजा ने हाथी-घोड़ों के साथ फिल्म बनाने के लिए अपना पैलेस इस्तेमाल करने की इजाजत से लेकर हर तरह से मदद की। महाराजा के मंत्री की मदद से उन्हें शाही हाथी-घोड़े मिले और साथ ही महल में कहीं भी कभी भी शूटिंग करने की इजाजत भी। शूटिंग के लिए महल की शाही डांसर्स भी दी गईं। फिल्म में नजर आए कई एक्स्ट्रा कलाकार भी शाही लोग थे। 136 मिनट की फिल्म में थे सुब्बुलक्ष्मी के 20 गाने 3 नवंबर 1945 को दिवाली पर फिल्म मीरा रिलीज की गई। 136 मिनट की इस फिल्म में 20 गाने थे, जो सुब्बुलक्ष्मी ने ही गाए थे। ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर इतनी बड़ी हिट रही कि दो साल बाद कुछ सीन को रीशूट कर 1947 में हिंदी में मीराबाई नाम से फिर रिलीज किया गया था। प्रीमियर में पहुंचे थे माउंटबेटन, राजेंद्र प्रसाद, इंदिरा गांधी, जवाहरलाल नेहरू 21 नवंबर 1947 को मीराबाई फिल्म रिलीज हुई, जिससे सुब्बुलक्ष्मी तमिल स्टार से नेशनल स्टार बन गईं। फिल्म में सरोजिनी नायडू ने सुब्बुलक्ष्मी का परिचय करवाते हुए उन्हें नाइटेंगल ऑफ इंडिया (भारत की बुलबुल) नाम दिया था। फिल्म के प्रीमियर में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू भी पहुंचे थे। इनके अलावा लॉर्ड माउंटबेटन, राजेंद्र प्रसाद, विजयालक्ष्मी पंडित और इंदिरा गांधी जैसी देश की अन्य बड़ी हस्तियां भी थीं। फिल्म देखने के बाद जवाहरलाल नेहरू और माउंटबेटन सुब्बुलक्ष्मी के फैन बन गए थे। फिल्म मीरा तमिल सिनेमा में म्यूजिकल कल्ट साबित हुई। ये फिल्म आज भी भारत की 100 सबसे महान फिल्मों की लिस्ट में शामिल है। मीरा हिट होने के बाद उन्हें कई फिल्मों के ऑफर मिले, लेकिन उन्होंने फिल्मों से हमेशा के लिए रिश्ता तोड़ लिया। जवाहरलाल नेहरू ने कहा था- आपके सामने मैं मामूली प्रधानमंत्री हूं द प्रिंट के अनुसार, 1953 में दिल्ली में हुए कर्नाटक समारोह में सुब्बुलक्ष्मी को प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के सामने गाने का मौका मिला। जवाहरलाल नेहरू इस बार खुद को उनकी तारीफ करने से नहीं रोक सके। उन्होंने सुब्बुलक्ष्मी के पास जाकर कहा- आपकी आवाज में दिलों के तार हिला देने की ताकत है, मैं आपके सामने क्या हूं, सिर्फ एक मामूली प्रधानमंत्री। गांधी जी भी फैन थे, सामने बैठाकर करते थे गाने की गुजारिश स्वतंत्रता संग्राम में साथ काम करते हुए महात्मा गांधी और सुब्बुलक्ष्मी की दोस्ती हो गई। गांधी जी को उनकी आवाज इतनी पसंद थी कि उन्होंने कई बार सुब्बुलक्ष्मी से सामने बैठकर रघुपति राघव राजा राम सुनाने की गुजारिश की। 2 अक्टूबर 1947 को महात्मा गांधी ने दिल्ली में सुब्बुलक्ष्मी के लिए एक कार्यक्रम

अरब सागर में भारतीय-पाकिस्तानी जहाज टकराए:तेज रफ्तार में आ रहे पाकिस्तानी जहाज ने गलत दिशा में मोड़ा रास्ता, दिल्ली में PAK हाईकमिश्नर तलब

अरब सागर में भारतीय-पाकिस्तानी जहाज टकराए:तेज रफ्तार में आ रहे पाकिस्तानी जहाज ने गलत दिशा में मोड़ा रास्ता, दिल्ली में PAK हाईकमिश्नर तलब

अरब सागर में भारतीय और पाकिस्तानी नौसेना के जहाजों की टक्कर हुई। भारत के मुताबिक, तेज रफ्तार में आ रहे पाकिस्तानी जहाज ने अचानक गलत दिशा में मोड़ लिया, जिससे वह भारतीय नौसेना की यूनिट से टकरा गया। हादसे में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। इसके बाद भारत ने नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के चार्ज डी’अफेयर्स को तलब कर कड़ा विरोध जताया। भारत ने पाकिस्तानी नौसेना के इस व्यवहार को गैर-पेशेवर और अस्वीकार्य बताया। 35 साल पुराने समझौते का उल्लंघन बताया भारत ने कहा कि पाकिस्तानी नौसेना के जहाज का व्यवहार अप्रैल 1991 में दोनों देशों के बीच हुए समझौते के आर्टिकल 10 का सीधा उल्लंघन है। इस समझौते के तहत दोनों देशों को सैन्य अभ्यास, युद्धाभ्यास और सैनिकों की आवाजाही की पहले से जानकारी देनी होती है। भारत और पाकिस्तान पहले भी समुद्र में हुई घटनाओं के मामलों में इस समझौते के आर्टिकल 10 का हवाला दे चुके हैं। भारत बोला- समुद्र में सैन्य यूनिट्स पूरी सावधानी बरतें भारत ने पाकिस्तान से ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही, पाकिस्तानी चार्ज डी’अफेयर्स से कहा गया कि वे अपने संबंधित अधिकारियों को सभी सैन्य यूनिट्स को समुद्र में पूरी सावधानी बरतने की सलाह दें। भारत ने दोनों देशों के बीच हुए संबंधित समझौतों के प्रावधानों का पालन करने पर भी जोर दिया। खबर अपडेट हो रही है…

'सुशांत सिंह राजपूत के कातिल अब पकड़े जाएंगे':एक्टर के MLA भाई बोले-उद्धव सरकार ने सबूत मिटाए; दिशा सालियान केस में CBI ने की है FIR

'सुशांत सिंह राजपूत के कातिल अब पकड़े जाएंगे':एक्टर के MLA भाई बोले-उद्धव सरकार ने सबूत मिटाए; दिशा सालियान केस में CBI ने की है FIR

एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में CBI ने सोमवार को FIR दर्ज की है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2 सितंबर को दिशा के पिता की याचिका पर CBI जांच के निर्देश दिए थे। FIR दर्ज होने के बाद एक्टर सुशांत सिंह के चचेरे भाई और बीजेपी विधायक नीरज बब्लू ने दावा किया है कि अगर दिशा के हत्यारे पकड़े जाते हैं, तो सुशांत की हत्या का राज भी खुल जाएगा। उद्धव सरकार पर मामलों को दबाने का आरोप नीरज बबलू ने आरोप लगाया कि उस वक्त महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की सरकार थी, जो उनके खिलाफ थी। उन्होंने जानबूझकर दोनों हत्याओं के मामलों को दबाने का काम किया। जब बिहार में सीबीआई जांच की मांग उठी, तब तक वहां सभी सबूत मिटा दिए गए थे और तथ्य छिपा लिए गए थे। पूर्व मंत्री ने बताया कि उस समय दिशा सालियान के पिता सदमे में थे, लेकिन महाराष्ट्र में सरकार बदलने और बीजेपी के सत्ता में आने के बाद उन्हें सुरक्षा और न्याय की उम्मीद जगी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने जांच बढ़ाते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है। ‘सामने आएंगे बड़े नाम, करोड़ों फैंस को न्याय की आस’ नीरज बबलू ने विश्वास जताते हुए कहा कि अब दिशा सालियान के हत्यारे निश्चित रूप से पकड़े जाएंगे और सीधे जेल जाएंगे। दिशा के कातिलों के पकड़े जाते ही सुशांत मामले में भी चीजें बिल्कुल साफ हो जाएंगी। यह स्पष्ट हो जाएगा कि सुशांत की हत्या के पीछे किन ‘बड़े लोगों’ का हाथ था और इसके पीछे का असल मकसद क्या था। 14 जून 2020 को हुई थी सुशांत की मौत 14 जून 2020 में बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत का शव उनके बांद्रा स्थित फ्लैट में मिला था। खबर सामने आते ही पूरे देश में सनसनी मच गई थी। लोगों ने दावा किया कि सुशांत की मौत महज खुदकुशी नहीं हैं, बल्कि उनका मर्डर किया गया है, जिसके बाद हर किसी को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार था। 25 जून को सुशांत की फाइनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई थी, जिसे पांच डॉक्टरों की टीम द्वारा तैयार किया गया था। इस रिपोर्ट में साफ लिखा था कि एक्टर की मौत फांसी लगने के बाद दम घुटने से हुई है। विसरा रिपोर्ट में भी उनकी मौत को आत्महत्या करार दिया गया। लेकिन परिवार ने गड़बड़ी की आशंका जताते हुए जांच की मांग की। मुंबई पुलिस ने केस की जांच शुरू की, लेकिन मीडिया और पॉलिटिकल प्रेशर की वजह से केस CBI को सौंप दिया गया। 6 अगस्त 2020 को CBI ने FIR दर्ज की। 4 साल 6 महीने बाद मार्च 2025 में CBI ने फाइनल क्लोजर रिपोर्ट फाइल की। इसमें जांच एजेंसी ने कहा है कि आत्महत्या के लिए सुशांत को उकसाने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। हालांकि सुशांत का परिवार ये मानने को तैयार नहीं कि ये सामान्य सुसाइड केस है। अब जानिए एक्टर सुशांत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के बारे में दिशा की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड में एक इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने से हुई थी। घटना के छह दिन बाद, 14 जून 2020 को सुशांत सिंह भी मुंबई के बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत मिले थे। दिशा केस की शुरुआती जांच करीब तीन महीने में बंद कर दी गई थी। अक्टूबर 2020 में पुलिस ने मौत को सुसाइड बताया था। वहीं दिसंबर 2023 में केस दोबारा खोला गया और SIT बनाई गई। इसमें भी आत्महत्या की बात कही गई थी।

कनाडा में स्टडी वीजा के नियम बदले:अब ₹17 लाख बैंक बैलेंस रखना होगा; 31 अगस्त तक अप्लाई करने वाले पंजाबियों को फायदा हुआ

कनाडा में स्टडी वीजा के नियम बदले:अब ₹17 लाख बैंक बैलेंस रखना होगा; 31 अगस्त तक अप्लाई करने वाले पंजाबियों को फायदा हुआ

स्टडी वीजा पर कनाडा जाने वाले पंजाबियों को अब ज्यादा पैसे खर्चने पड़ेंगे। अब पढ़ने जाने वाले स्टूडेंट्स को अपने रहने-खाने सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए बैंक बैलेंस 17 लाख रखना होगा। इमीग्रेशन रिफ्यूजी सिटिजनशिप डिपार्टमेंट ने नए नियम लागू कर दिए है, जिसे अफिशियल वेबसाइट पर 1 दिन पहले अपडेट किया गया है। कनाडा सरकार का कहना है कि देश में बढ़ रही महंगाई के चलते ये निर्णय लिया गया है। पहले कनाडा स्टडी के लिए जाने वाले स्टूडेंट्स को 15 लाख के करीब सालाना बैंक बैलेंस मेंटेन रखना जरूरी था। IRCC के अनुसार 31 अगस्त तक अप्लाई कर चुके स्टूडेंट्स पर नए नियम लागू नहीं होंगे। 1 सितंबर 2026 से अप्लाई कर रहे स्टूडेंट्स पर नए नियमों के तहत अब कनाडाई यूनिवर्सिटी या कॉलेज में दाखिला लेने से पहले अपनी वित्तीय मजबूती साबित करने करने के लिए पहले से लगभग 2 लाख रुपए ज्यादा बैंक बैलेंस दिखाना होगा। कॉलेज फीस और ट्रेवल खर्च के अतिरिक्त दिखाना हो बैलेंस कनाडा सरकार की आधिकारिक वेबसाइट (canada.ca) पर जारी ताजा नोटिफिकेशन के अनुसार, अब सिंगल एप्लीकेंट (अकेले जाने वाले छात्र) को लिविंग एक्सपेंस यानी रहने-खाने के खर्च के तौर पर कम से कम 23,448 कनाडाई डॉलर (CAD) का फंड दिखाना अनिवार्य होगा। भारतीय रुपए में यह रकम करीब 17 लाख रुपए बैठती है। इस रकम में कॉलेज की ट्यूशन फीस और भारत से कनाडा आने-जाने का ट्रैवल खर्च शामिल नहीं है। ट्यूशन फीस और यात्रा खर्च का हिसाब इस निर्धारित राशि से अलग रहेगा। परिवार के 4 मेंबर के साथ दिखाने होंगे 30 लाख इमिग्रेशन विभाग (IRCC) के आधिकारिक डेटा चार्ट के मुताबिक, यदि छात्र के साथ उनके परिवार के सदस्य भी कनाडा जाते हैं, तो उसी हिसाब से फंड की सीमा बढ़ जाएगी। दो लोगों के परिवार के लिए यह सीमा 29,185 CAD (20.10 लाख), तीन सदस्यों के लिए 35,880 CAD (24.74 लाख) और चार सदस्यों के परिवार के लिए 43,562 CAD (30.04 लाख) तय की गई है। इसके बाद परिवार के प्रत्येक अतिरिक्त सदस्य के जुड़ने पर 6,315 कनाडाई डॉलर (4.35 लाख) का अतिरिक्त फंड बैंक खाते में दिखाना अनिवार्य होगा। हालांकि, ये नियम क्यूबेक प्रांत को छोड़कर पूरे कनाडा में लागू होंगे, क्योंकि क्यूबेक अपने लिविंग एक्सपेंस के नियम अलग से तय करता है। महंगाई के चलते कनाडा सरकार ने बढ़ाया बजट IRCC की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, इस फैसले का मुख्य मकसद कनाडा में रह रहे अंतरराष्ट्रीय छात्रों को वित्तीय संकट और महंगाई से बचाना है। बीते कुछ वर्षों में कनाडा के प्रमुख शहरों में रेंट (मकान का किराया), ग्रोसरी और बेसिक यूटिलिटीज के दाम काफी तेजी से बढ़े हैं। पुराना फंड पैरामीटर मौजूदा महंगाई दरों के हिसाब से काफी कम पड़ रहा था, जिसके चलते कई विदेशी छात्रों को वहां जाकर पार्ट-टाइम जॉब्स पर पूरी तरह निर्भर रहना पड़ता था या रहने-खाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। वीजा अप्लाई से पहले इन बातों का रखें ध्यान अब 1 सितंबर 2026 के बाद वीजा फाइल जमा करने वाले सभी छात्रों को तीन अलग-अलग मदों में अपना फंड प्रूफ देना होगा। पहला, पहले साल की पूरी ट्यूशन फीस; दूसरा तय लिविंग एक्सपेंस दिखाना होगा जो सिंगल छात्र के लिए 23,448 डालर है। तीसरा, भारत से कनाडा आने-जाने का टिकट खर्च। विशेषज्ञों की सलाह है कि कनाडाई वीजा के रिजेक्शन से बचने के लिए छात्र अपने स्पॉन्सर या बैंक स्टेटमेंट में आधिकारिक वेबसाइट द्वारा तय राशि से थोड़ा अधिक ही बैलेंस मेंटेन रखें, ताकि एप्लीकेशन में कोई अड़चन न आए। कनाडा में 10 लाख पंजाबी रह रहे कनाडा में पंजाबी मूल के लोगों की कुल संख्या लगभग 9.4 लाख से 10 लाख के बीच है, जो वहां की कुल आबादी का करीब 2.6% है।

उल्टी आरती कर रहे थे सलमान खान, बहन ने टोका:यूलिया वंतूर ने भी आरती की, सोहेल खान के गणपति विसर्जन में थिरका परिवार

उल्टी आरती कर रहे थे सलमान खान, बहन ने टोका:यूलिया वंतूर ने भी आरती की, सोहेल खान के गणपति विसर्जन में थिरका परिवार

सलमान खान मंगलवार को खान परिवार के गणपति विसर्जन में शामिल हुए। उन्होंने परिवार के साथ बप्पा की आरती की। इस बार खान परिवार ने सोहेल खान के घर गणेश चतुर्थी का आयोजन किया था। अब खान परिवार के विसर्जन का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें सलमान खान गणपति बप्पा की उल्टी आरती करते दिखे हैं। कुछ देर बाद बहन अर्पिता ने उन्हें टोकते हुए सही तरीका बताया, जिसके तुरंत बाद सलमान ने गलती सुधार ली। सलमान खान के परिवार के गणपति विसर्जन में उनकी रूमर्ड गर्लफ्रेंड यूलिया वंतूर भी पहुंची। सलमान के ठीक बाद यूलिया ने आरती की। अर्पिता खान उन्हें भी आरती सिखाती दिखीं। विसर्जन से पहले खान परिवार ने की आरती सोहेल खान के बिल्डिंग परिसर में हुए गणेश विसर्जन में पूरा खान परिवार शामिल रहा। सोहेल खान, अर्पिता शर्मा ने बच्चों के साथ आरती की। वहीं हेलेन और अन्य मेहमानों ने भी बप्पा के दर्शन किए। गणेश चतुर्थी पर सलमान ने बदला लुक सलमान खान ने गणेश चतुर्थी में अपना लुक पूरी तरह बदल लिया है। वह सोहेल खान और अंबानी परिवार के घर गणेश स्थापना के बाद बैंडाना लुक में पहुंचे। ऐसा ही कुछ मिलता-जुलता लुक विसर्जन में दिखा। उन्होंने टी-शर्ट, हाफ लेदर जैकेट के साथ विंटर कैप पहन रखी थी। सोहेल खान के घर विसर्जन में पहुंचे सलमान का स्टाफ की गोद में सो रही एक बच्ची ने ध्यान खींच लिया। सलमान पास गए और बच्ची को सहलाया। सलमान ने अंबानी परिवार के घर लिया था बप्पा का आशीर्वाद सलमान खान अंबानी परिवार के गणपति सेलिब्रेशन का हिस्सा बने हैं। इस दौरान उन्होंने बप्पा का आशीर्वाद लिया और भगवान को फूल अर्पण किए। सलमान खान ने नए लुक के साथ एंटीलिया में एंट्री ली और तस्वीरें क्लिक कराईं। कुछ देर बाद उन्होंने गणपति प्रतिमा के सामने जाकर आशीर्वाद लिया। पंडित जी ने उन्हें तिलक लगाया और पटका पहनाया। आगे सलमान ने गणपति बप्पा को पुष्प अर्पित किए।

उल्टी आरती कर रहे थे सलमान खान, बहन ने टोका:यूलिया वंतूर ने भी आरती की, सोहेल खान के गणपति विसर्जन में थिरका परिवार

उल्टी आरती कर रहे थे सलमान खान, बहन ने टोका:यूलिया वंतूर ने भी आरती की, सोहेल खान के गणपति विसर्जन में थिरका परिवार

सलमान खान मंगलवार को खान परिवार के गणपति विसर्जन में शामिल हुए। उन्होंने परिवार के साथ बप्पा की आरती की। इस बार खान परिवार ने सोहेल खान के घर गणेश चतुर्थी का आयोजन किया था। अब खान परिवार के विसर्जन का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें सलमान खान गणपति बप्पा की उल्टी आरती करते दिखे हैं। कुछ देर बाद बहन अर्पिता ने उन्हें टोकते हुए सही तरीका बताया, जिसके तुरंत बाद सलमान ने गलती सुधार ली। सलमान खान के परिवार के गणपति विसर्जन में उनकी रूमर्ड गर्लफ्रेंड यूलिया वंतूर भी पहुंची। सलमान के ठीक बाद यूलिया ने आरती की। अर्पिता खान उन्हें भी आरती सिखाती दिखीं। विसर्जन से पहले खान परिवार ने की आरती सोहेल खान के बिल्डिंग परिसर में हुए गणेश विसर्जन में पूरा खान परिवार शामिल रहा। सोहेल खान, अर्पिता शर्मा ने बच्चों के साथ आरती की। वहीं हेलेन और अन्य मेहमानों ने भी बप्पा के दर्शन किए। गणेश चतुर्थी पर सलमान ने बदला लुक सलमान खान ने गणेश चतुर्थी में अपना लुक पूरी तरह बदल लिया है। वह सोहेल खान और अंबानी परिवार के घर गणेश स्थापना के बाद बैंडाना लुक में पहुंचे। ऐसा ही कुछ मिलता-जुलता लुक विसर्जन में दिखा। उन्होंने टी-शर्ट, हाफ लेदर जैकेट के साथ विंटर कैप पहन रखी थी। सोहेल खान के घर विसर्जन में पहुंचे सलमान का स्टाफ की गोद में सो रही एक बच्ची ने ध्यान खींच लिया। सलमान पास गए और बच्ची को सहलाया। सलमान ने अंबानी परिवार के घर लिया था बप्पा का आशीर्वाद सलमान खान अंबानी परिवार के गणपति सेलिब्रेशन का हिस्सा बने हैं। इस दौरान उन्होंने बप्पा का आशीर्वाद लिया और भगवान को फूल अर्पण किए। सलमान खान ने नए लुक के साथ एंटीलिया में एंट्री ली और तस्वीरें क्लिक कराईं। कुछ देर बाद उन्होंने गणपति प्रतिमा के सामने जाकर आशीर्वाद लिया। पंडित जी ने उन्हें तिलक लगाया और पटका पहनाया। आगे सलमान ने गणपति बप्पा को पुष्प अर्पित किए।

अमेरिका में विदेशी छात्रों का नौकरी करना मुश्किल:पढ़ाई के बाद जॉब के लिए 1 करोड़ रुपए देने होंगे; व्हाइट हाउस की प्रस्ताव को मंजूरी

अमेरिका में विदेशी छात्रों का नौकरी करना मुश्किल:पढ़ाई के बाद जॉब के लिए 1 करोड़ रुपए देने होंगे; व्हाइट हाउस की प्रस्ताव को मंजूरी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सरकार विदेशी छात्रों के लिए अमेरिका में पढ़ाई के बाद नौकरी करना महंगा करने की तैयारी कर रही है। पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी करने के लिए छात्रों को करीब 96 लाख रुपए (1 लाख डॉलर) फीस देनी पड़ सकती है। यह फीस ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) के लिए प्रस्तावित है। OPT के तहत विदेशी छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के बाद अमेरिका में नौकरी करने की अनुमति मिलती है। इस प्रस्ताव को व्हाइट हाउस की मंजूरी मिल चुकी है। हालांकि, अभी यह नियम लागू नहीं हुआ है। लागू करने से पहले लोगों और संस्थानों से इस पर आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे। OPT क्या है और उसका ट्रेनिंग पीरियड OPT यानी ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग अमेरिका में पढ़ाई करने वाले विदेशी छात्रों को डिग्री पूरी करने के बाद काम करने की अनुमति देता है। इसके तहत ग्रेजुएशन करने वाले छात्रों को आम तौर पर 12 महीने तक नौकरी करने की छूट मिलती है। STEM यानी साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स से जुड़े विषयों के छात्रों को अतिरिक्त 24 महीने का एक्सटेंशन मिलता है। यानी पात्र STEM छात्रों को कुल 36 महीने तक OPT के तहत काम करने का मौका मिल सकता है। OPT के बाद कुछ छात्र अमेरिका में लंबे समय तक नौकरी करने के लिए अन्य वर्क वीजा विकल्पों का इस्तेमाल करते हैं। OPT के लिए फिलहाल 40 हजार रुपए फीस फिलहाल OPT के लिए फीस करीब 40 हजार रुपए है। प्रस्तावित 1 लाख डॉलर की फीस लागू होने पर छात्रों को मौजूदा फीस से कई गुना ज्यादा रकम चुकानी होगी। अमेरिका में पढ़ाई करने वाले विदेशी छात्रों के लिए यह खर्च ट्यूशन फीस और रहने-खाने के खर्च के अलावा होगा। इससे पढ़ाई के बाद अमेरिका में काम करने की योजना बना रहे छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। 2 लाख से भारतीय छात्र OPT के तहत नौकरी कर रहे अमेरिका में 2 लाख से ज्यादा भारतीय छात्र OPT के तहत नौकरी कर रहे हैं। विदेशी छात्रों में भारतीय छात्रों की संख्या सबसे ज्यादा है। प्रस्तावित फीस लागू होने पर अमेरिका में पढ़ाई के बाद नौकरी करने की योजना बना रहे भारतीय छात्रों पर भी इसका सीधा असर पड़ सकता है। पढ़ाई का खर्च करीब 50 लाख, जॉब के लिए अलग 1 करोड़ अमेरिका में ग्रेजुएशन की फीस करीब 50 लाख रुपए तक हो सकती है। इसके अलावा छात्रों को रहने, खाने और दूसरी जरूरतों पर भी खर्च करना पड़ता है। कई छात्र पढ़ाई के दौरान पार्ट-टाइम काम करके अपने रहने-खाने का खर्च निकालते हैं। ऐसे में पढ़ाई पूरी होने के बाद OPT के लिए करीब 96 लाख रुपए की फीस का प्रस्ताव छात्रों की कुल लागत को काफी बढ़ा सकता है। अमेरिका में करीब 10 लाख विदेशी छात्र पढ़ रहे अमेरिका में इस समय करीब 10 लाख विदेशी छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें से जो छात्र पढ़ाई के बाद अमेरिका में नौकरी करना चाहते हैं, उनके लिए OPT महत्वपूर्ण रास्ता है। फीस में इतनी बड़ी बढ़ोतरी होने पर अमेरिका के बजाय दूसरे देशों में पढ़ाई और नौकरी के विकल्प तलाशने वाले छात्रों की संख्या बढ़ सकती है। जर्मनी और फ्रांस जैसे यूरोपीय देशों में विदेशी छात्रों के लिए पढ़ाई के बाद काम करने के विकल्प उपलब्ध हैं। हालांकि, अभी यह प्रस्तावित फीस है। इसे लागू करने से पहले संबंधित प्रक्रिया पूरी की जाएगी और लोगों से आपत्तियां व सुझाव मांगे जाएंगे। कोलंबिया यूनिवर्सिटी ने छात्रों को ईमेल भेजा प्रस्ताव के बीच कोलंबिया यूनिवर्सिटी ने छात्रों को ईमेल भेजकर मौजूदा अनिश्चितता को लेकर भरोसा दिलाया है। यूनिवर्सिटी ने कहा कि वह स्थिति को समझती है और इससे जुड़े घटनाक्रम पर नजर रख रही है। OPT में बदलाव का प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब ट्रम्प प्रशासन विदेशी छात्रों और अमेरिका में पढ़ाई के बाद उनके रुकने से जुड़े नियमों को लेकर सख्ती बढ़ा रहा है।

ईरान में उड़ान भरते ही विमान का टायर फटा:बोइंग 737 के इंजन में भी खराबी आई; मशहद एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग हुई

ईरान में उड़ान भरते ही विमान का टायर फटा:बोइंग 737 के इंजन में भी खराबी आई; मशहद एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग हुई

ईरान की सेपेहरान एयरलाइंस के बोइंग 737 विमान के उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एक टायर फट गया। इसके बाद विमान की इमरजेंसी लैंडिग करानी पड़ी। RT के मुताबिक, विमान के इंजन में भी खराबी आ गई थी। इसके बाद पायलट ने विमान को वापस मशहद एयरपोर्ट लाने का फैसला किया। यह विमान मशहद से केरमानशाह जा रहा था। घटना के दौरान विमान के अंदर बैठे यात्री काफी घबरा गए। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

हूती विद्रोहियों ने सऊदी पर ड्रोन और मिसाइल हमला किया:मक्का में पहली बार इमरजेंसी अलर्ट जारी, लोगों से सुरक्षित जगह जाने को कहा

हूती विद्रोहियों ने सऊदी पर ड्रोन और मिसाइल हमला किया:मक्का में पहली बार इमरजेंसी अलर्ट जारी, लोगों से सुरक्षित जगह जाने को कहा

यमन के हूती विद्रोहियों ने मंगलवार को सऊदी अरब पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इसके बाद सऊदी अरब ने मक्का में पहली बार इमरजेंसी अलर्ट जारी किया। सऊदी सिविल डिफेंस के मुताबिक, नेशनल अर्ली वार्निंग प्लेटफॉर्म ने यह अलर्ट जारी किया था। इसमें खतरे की वजह नहीं बताई गई। लोगों से कहा गया कि वे भीड़ और खुले इलाकों में जाने से बचें और तुरंत किसी सुरक्षित जगह चले जाएं। कुछ देर बाद सिविल डिफेंस ने बताया कि खतरा टल गया है। हालांकि, लोगों से भीड़ से दूर रहने और किसी घटना की वीडियो या फोटो नहीं बनाने की अपील की गई। मंगलवार सुबह जेद्दा और ताइफ में भी ऐसे ही इमरजेंसी अलर्ट जारी किए गए थे। इन्हें भी कुछ देर बाद हटा लिया गया। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

रिपोर्ट-हूती हमले के बाद सऊदी ने इजराइल से मदद मांगी:अमेरिका की मध्यस्थता में हुई बातचीत; दोस्त पाकिस्तान ने मदद से इनकार किया

रिपोर्ट-हूती हमले के बाद सऊदी ने इजराइल से मदद मांगी:अमेरिका की मध्यस्थता में हुई बातचीत; दोस्त पाकिस्तान ने मदद से इनकार किया

यमन के लाल सागर तट और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के बड़े इलाके पर हूती विद्रोहियों के कब्जे के बाद सऊदी अरब बड़े संकट में है।यरुशलम पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब ने हूती सैन्य कार्रवाई से निपटने के लिए इजराइल से खुफिया मदद मांगी है। यह बातचीत अमेरिका की मध्यस्थता में हुई। खास बात यह है कि सऊदी अरब इजराइल को स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता नहीं देता। उसके इजराइल के साथ राजनयिक संबंध भी नहीं हैं। इसके बावजूद रियाद ने इजराइल से मदद मांगी है। रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब के मक्का रक्षा गठबंधन के साथी पाकिस्तान ने यमन में लड़ने के लिए अपनी सेना या सैन्य संसाधन भेजने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान ने कहा है कि उसकी सेना सऊदी अरब की जमीन की रक्षा के लिए तैनात की जा सकती है, लेकिन वह किसी दूसरे देश की जमीन पर युद्ध में शामिल नहीं होगी। अमेरिका और ब्रिटेन ने भी नहीं की सऊदी की मदद यमन में हूती विद्रोहियों के हमले और तेजी से बढ़ते कब्जे ने सऊदी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब अब मदद के लिए अपने सहयोगी देशों से संपर्क कर रहा है। पाकिस्तान के अलावा अमेरिका और ब्रिटेन ने भी यमन में हूती संगठन के खिलाफ सीधे हमले करने से इनकार कर दिया है। अमेरिका ने खुफिया मदद देने की पेशकश की है, जबकि ब्रिटेन सैन्य सलाहकार देने की बात कह रहा है। ऐसे में सऊदी अरब ने अब इजराइल से भी मदद मांगी है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…