Saturday, 26 Sep 2026 | 02:48 AM

Trending :

EXCLUSIVE

Delhi TB outbreak| delhi TB patient| TB in delhi| दिल्ली में टीबी विस्फोट! डेढ़ महीने में मिले 12 हजार मरीज, अभी और कितने?

authorimg

TB cases in Delhi: देश कर राजधानी दिल्ली में टीबी विस्फोट हो गया है. दिल्ली स्वास्थ्य विभाग की स्क्रीनिंग में आए नतीजों से खलबली मच गई है. स्क्रीनिंग ड्राइव में महज डेढ़ महीने में 12,078 मामले सामने आए हैं. दिल्ली की स्वास्थ्य विभाग ने 24 मार्च से 5 मई तक दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में टीबी स्क्रीनिंग ड्राइव चलाई थी, जिनमें कुल 12,078 मामले दर्ज किए हैं. यह अभियान अभी भी जारी है और संभावना है कि आगे टीबी मरीजों की और भी बड़ी संख्या सामने आ सकती है. राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के तहत इतनी बड़ी संख्या में मिले टीबी मरीजों ने चिंता पैदा कर रही है और एक तरह की मेडिकल इमरजेंसी जैसे हालात बन गए हैं. इन मरीजों के कुल मामलों में 42 प्रतिशत यानी 5,073 मामले एक्स्ट्रापल्मोनरी टीबी (EPTB) के हैं, जो देश में सबसे अधिक अनुपातों में से एक है. यह फेफड़ों की टीबी है. बच्चे भी टीबी के शिकार हिंदुस्तान टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक ये टीबी के इन केसेज में सबसे ज्यादा खतरनाक आंकड़ा उन बच्चों का है जो टीबी के इलाज में दी जाने वाली दवाओं का पूरा उपयोग भी काफी मुश्किलों से करते हैं. इन आंकड़ों में बच्चों में टीबी के 1,323 मामले (11 प्रतिशत) सामने आए हैं जबकि व्यस्कों के 10,755 मामले (89 प्रतिशत) दर्ज किए गए. लिंग के आधार पर 6,360 पुरुष (52.6%), 5,715 महिलाएं (47.3%) और तीन ट्रांसजेंडर व्यक्ति प्रभावित पाए गए हैं. स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने कहा, ‘देश में टीबी के मामले अभी भी मौजूद होना दुर्भाग्यपूर्ण है. इस कार्यक्रम के तहत हमने दिल्ली के सभी जिलों में 38 हाई-रिस्क वार्ड्स को कवर किया है, जिससे प्रभावित व्यक्तियों को तेजी से उपचार मिल सकेगा, संक्रमण का प्रसार रुकेगा और मृत्यु दर कम होगी.’ उन्होंने बताया कि जांच में पाए गए मरीजों को परिवार की स्क्रीनिंग सहित पेशेंट सपोर्ट सिस्टम भी उपलब्ध कराया जा रहा है. दिल्ली बन गया सबसे ज्यादा टीबी वाला राज्य भारत टीबी प्रिवेलेंस सर्वे (2019-2021) के अनुसार दिल्ली देश में सबसे अधिक टीबी बोझ वाला राज्य है, जहां प्रति एक लाख लोगों में 747 मामले हैं और औसत संक्रमण दर 61 प्रतिशत है. सामान्य रूप से देशभर में EPTB के मामले 20-24 प्रतिशत होते हैं, लेकिन दिल्ली में यह आंकड़ा 42 प्रतिशत पहुंच गया है. एक्स्ट्रापल्मोनरी टीबी फेफड़ों के अलावा लिम्फ नोड्स, हड्डियों, जोड़ों और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करती है. इस टीबी की जांच है चुनौतीपूर्ण इस टीबी की जांच चुनौतीपूर्ण है क्योंकि इसमें फेफड़ों की बीमारी वाले सामान्य लक्षण नहीं दिखते और बायोप्सी या एडवांस्ड इमेजिंग जैसी आक्रामक प्रक्रियाओं की जरूरत पड़ती है. हालांकि यह आमतौर पर कम संक्रामक होती है, लेकिन देरी से जांच होने पर मृत्यु दर बढ़ सकती है. पड़ोसी राज्यों के भी मरीज एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में EPTB रिपोर्टिंग अधिक होने का कारण यहां उपलब्ध उन्नत डायग्नोस्टिक तकनीकें हैं. दिल्ली में पड़ोसी राज्यों से भी मरीज रेफर किए जाते हैं, इसलिए डायग्नोस्टिक लोड ज्यादा है. इस ड्राइव में कुल 71,603 लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें 16.8 प्रतिशत पॉजिटिविटी दर रही. 984 आयुष्मान आरोग्य शिविरों के जरिए यह कार्य हुआ, जिनमें 224 हाई-रिस्क वार्ड्स में और 79 कांग्रिगेट सेटिंग्स में लगाए गए. कुल 64,764 चेस्ट एक्स-रे और 33,038 NAAT (मॉलेकुलर) टेस्ट किए गए.

वेणुगोपाल बनाम सतीसन: केरल में मुख्यमंत्री पद की दौड़ तेज होते ही कांग्रेस में पोस्टर युद्ध छिड़ गया | भारत समाचार

Maharashtra SSC Result 2026 LIVE: MSBSHSE Class 10 Release Date & Time, Check Marks Memo Link

आखरी अपडेट:08 मई, 2026, 10:53 IST सतीसन और वेणुगोपाल के समर्थकों ने पोस्टर लगाकर अपने नेता को राज्य का मुख्यमंत्री बनाने की मांग की. पूरे राज्य में पोस्टर युद्ध छिड़ गया, जो गहराते विभाजन को दर्शाता है। केरल के मुख्यमंत्री चयन: केरल में मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान तेज होने के साथ ही वरिष्ठ नेताओं वीडी सतीसन और केसी वेणुगोपाल के समर्थन वाले कांग्रेस खेमों में पोस्टर युद्ध छिड़ गया है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने 140 विधानसभा सीटों में से 102 सीटों पर कब्जा कर लिया, जिससे एक दशक के बाद ऐतिहासिक वापसी हुई और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा सिर्फ 35 सीटों पर सिमट गया। हालाँकि, जीत ने जल्द ही अंदरूनी कलह को जन्म दे दिया, क्योंकि प्रमुख राजनेताओं के समर्थकों ने शीर्ष पद के लिए अपना जोर तेज कर दिया। और पढ़ें: केरल में सीएम पद की दौड़ तेज: वेणुगोपाल को 43 कांग्रेस विधायकों का समर्थन मिला, आईयूएमएल ने सतीसन के लिए वकालत की सतीसन और वेणुगोपाल के समर्थकों ने पोस्टर लगाकर अपने नेता को राज्य का मुख्यमंत्री बनाने की मांग की. #घड़ी | तिरुवनंतपुरम | केरल में मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान तेज हो गई है क्योंकि वरिष्ठ नेता वीडी सतीसन और केसी वेणुगोपाल के समर्थकों ने पोस्टर लगाकर मांग की है कि उनके नेता को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया जाए।एआईसीसी पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक… pic.twitter.com/sBD659d8b5 – एएनआई (@ANI) 8 मई 2026 कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने केरल में एक दशक के बाद सत्ता में वापसी करते हुए निर्णायक वापसी की है। लेकिन जश्न थमने से पहले ही सारा ध्यान तेजी से मुख्यमंत्री के चयन के बड़े सवाल पर केंद्रित हो गया है. केरल के मुख्यमंत्री पद के लिए तीन प्रमुख नाम सबसे आगे चल रहे हैं, वे हैं वीडी सतीसन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला। इस स्थिति में क्लासिक कांग्रेस सत्ता संघर्ष के सभी तत्व मौजूद हैं – संगठनात्मक प्रभुत्व बनाम विधायी नेतृत्व, पीढ़ीगत बदलाव बनाम अनुभव, और दिल्ली का प्रभाव बनाम राज्य इकाई की प्राथमिकता। पार्टी सूत्रों के अनुसार, 63 नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायकों में से 43 वेणुगोपाल का समर्थन कर रहे हैं। मुट्ठी भर विधायकों ने अपनी पसंद नहीं बताई और समझा जाता है कि उन्होंने पर्यवेक्षकों को बता दिया है कि वे आलाकमान की पसंद का पालन करेंगे। इस बीच, यूडीएफ में कांग्रेस की प्रमुख सहयोगी, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल), 22 विधायकों के साथ गठबंधन में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी, कथित तौर पर मुख्यमंत्री पद के लिए विपक्ष के नेता वीडी सतीसन का समर्थन कर रही है। आईयूएमएल नेताओं ने पर्यवेक्षकों को यह भी बताया कि उपचुनाव की आवश्यकता से बचने के लिए एक मौजूदा विधायक को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। और पढ़ें: सतीसन, चेन्निथला, वेणुगोपाल: केरल के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में तीन शीर्ष कांग्रेस नेता कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी), जो तिरुवनंतपुरम में केपीसीसी मुख्यालय में हुई, ने पारंपरिक एक-पंक्ति प्रस्ताव पारित किया जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सीएलपी नेता पर अंतिम निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया, जो अगला मुख्यमंत्री बनेगा। इस बीच, वट्टियूरकावु से जीतने वाले वरिष्ठ कांग्रेस नेता के मुरलीधरन ने संवाददाताओं से कहा कि केरल के अगले मुख्यमंत्री का नाम संभवत: रविवार तक तय हो जाएगा। उन्होंने आगे कुछ भी बताने से इनकार करते हुए कहा, “मैंने अपनी राय दे दी है। मुख्यमंत्री कौन होगा इसका फैसला रविवार तक पता चल जाएगा।” यूडीएफ ने विधानसभा चुनाव में 102 सीटें जीतीं और कांग्रेस के 63 विधायक हैं जो मुख्यमंत्री का चयन करने के लिए एआईसीसी पर्यवेक्षकों को अपनी राय देते हैं। चूंकि सीएलपी की बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया है जिसमें पार्टी के आलाकमान को अगला सीएम तय करने के लिए अधिकृत किया गया है, पर्यवेक्षक कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व को एक रिपोर्ट दाखिल करेंगे, जो अंतिम फैसला लेगा। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : केरल, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया वेणुगोपाल बनाम सतीसन: केरल में मुख्यमंत्री पद की दौड़ तेज होते ही कांग्रेस में पोस्टर युद्ध छिड़ गया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल के मुख्यमंत्री का चयन(टी)केरल के सीएम की दौड़(टी)कांग्रेस सत्ता संघर्ष(टी)वीडी सतीसन(टी)केसी वेणुगोपाल(टी)रमेश चेन्निथला(टी)यूडीएफ की जीत केरल(टी)आईयूएमएल समर्थन

हार्दिक की मुंबई इंडियंस में वापसी:RCB मैच से पहले रायपुर पहुंचे कप्तान; पीठ में खिंचाव के कारण पिछला मैच नहीं खेले थे

हार्दिक की मुंबई इंडियंस में वापसी:RCB मैच से पहले रायपुर पहुंचे कप्तान; पीठ में खिंचाव के कारण पिछला मैच नहीं खेले थे

मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या चोट के बाद रायपुर पहुंच गए हैं। वे रविवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ अहम मुकाबले के लिए टीम से जुड़ गए हैं। हार्दिक सोमवार को लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ खेले गए पिछले मैच में नहीं खेले थे। उनकी गैरमौजूदगी में सूर्य कुमार ने टीम की कप्तानी संभाली थी। सूर्या भी बच्चे के जन्म की वजह से मुंबई में हैं और रायपुर नहीं पहुंचे हैं। मुंबई इंडियंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर हार्दिक की फोटो शेयर कर उनके रायपुर पहुंचने की जानकारी दी। पीठ में खिंचाव के कारण पिछले मैच में नहीं खेले थे हार्दिक पंड्या को पिछले हफ्ते अचानक पीठ में खिंचाव की समस्या हुई थी। इसके बाद मेडिकल टीम ने उन्हें आराम की सलाह दी थी। हालांकि, चोट गंभीर नहीं थी। एहतियात के तौर पर उन्हें लखनऊ के खिलाफ मैच से बाहर रखा गया था, ताकि वे बाकी मैचों के लिए फिट रह सकें। अब वे पूरी तरह रिकवर हो चुके हैं। आज नेट्स पर अभ्यास करेंगे कप्तान रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में शुक्रवार को मुंबई इंडियंस का ट्रेनिंग सेशन होगा। उम्मीद है कि हार्दिक इसमें शामिल होकर नेट्स पर बल्लेबाजी और गेंदबाजी का अभ्यास करेंगे। रविवार के मैच से पहले उनकी फिटनेस परखने के लिए यह सेशन अहम माना जा रहा है। पॉइंट्स टेबल में नौवें स्थान पर मुंबई इस सीजन में मुंबई इंडियंस का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। टीम ने 10 में से केवल 3 मैच जीते हैं, जबकि 7 में हार मिली है। मुंबई फिलहाल पॉइंट्स टेबल में नौवें स्थान पर है। प्लेऑफ की उम्मीदें बनाए रखने के लिए टीम को बाकी सभी मैच जीतने होंगे। एक भी मैच हारने पर टीम प्लेऑफ से बाहर हो जाएगी मुंबई इंडियंस के लिए अब स्थिति ‘करो या मरो’ की हो गई है। टीम एक भी मैच हारती है, तो प्लेऑफ की रेस से बाहर हो जाएगी। ऐसे में हार्दिक पंड्या की वापसी जरूरी है, क्योंकि वे गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में अहम योगदान देते हैं। प्रशंसकों को उम्मीद है कि उनकी लीडरशिप में टीम वापसी करेगी।

शक्ति कपूर अपनी मौत की अफवाह पर भड़के:बोले- मैं बिल्कुल ठीक और खुश हूं, फेक न्यूज फैलाने वालों के खिलाफ लीगल एक्शन लूंगा

शक्ति कपूर अपनी मौत की अफवाह पर भड़के:बोले- मैं बिल्कुल ठीक और खुश हूं, फेक न्यूज फैलाने वालों के खिलाफ लीगल एक्शन लूंगा

बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर के पिता और दिग्गज एक्टर शक्ति कपूर अपनी मौत की फर्जी खबरों को लेकर भड़क गए हैं। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर उनके निधन की अफवाहें उड़ रही थीं, जिससे एक्टर परेशान हो गए थे। अब शक्ति कपूर ने खुद सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर इन खबरों का खंडन किया है। उन्होंने बताया कि वे पूरी तरह स्वस्थ हैं और ऐसी हरकत करने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे। कहा- मैं स्वस्थ और खुश हूं शक्ति कपूर ने इंस्टाग्राम पर अपना एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वे काफी फिट नजर आ रहे हैं। वीडियो में एक्टर ने कहा, “सभी को नमस्कार, मेरी मौत की अफवाह पूरी तरह झूठी है। मैं स्वस्थ और खुश हूं। प्लीज इसे इग्नोर करें। मैं इसकी शिकायत करने जा रहा हूं, लेकिन ये ठीक नहीं है।” उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह की फर्जी खबरें फैलाना अच्छी बात नहीं है और इससे परिवार और चाहने वालों को मानसिक तनाव होता है। अस्पताल जाने के बाद शुरू हुई थी चर्चा शक्ति कपूर के स्वास्थ्य को लेकर अटकलें इस साल की शुरुआत में तब शुरू हुई थीं, जब उन्हें बेटी श्रद्धा कपूर के साथ एक अस्पताल के बाहर देखा गया था। उस वक्त श्रद्धा वहां मौजूद पैपराजी पर काफी भड़क गई थीं। श्रद्धा का गुस्सा देख सोशल मीडिया पर यह चर्चा होने लगी थी कि शायद शक्ति कपूर की तबीयत काफी ज्यादा खराब है। मेरे हसबैंड की बीवी में आए नजर वर्क फ्रंट की बात करें तो शक्ति कपूर को आखिरी बार फिल्म ‘मेरे हसबैंड की बीवी’ में देखा गया था। इस फिल्म में अर्जुन कपूर, भूमि पेडनेकर और रकुल प्रीत सिंह मुख्य भूमिकाओं में थे। हालांकि, बड़े सितारों के बावजूद यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही थी। शक्ति कपूर काफी समय से लाइमलाइट और सोशल मीडिया से दूर हैं।

'जॉनी-जॉनी, यस पापा' बच्चों को झूठ बोलना सिखाती है:कानपुर में बोले यूपी के शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय; कहा- पुरानी हिंदी कविताओं में गहरे मूल्य

'जॉनी-जॉनी, यस पापा' बच्चों को झूठ बोलना सिखाती है:कानपुर में बोले यूपी के शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय; कहा- पुरानी हिंदी कविताओं में गहरे मूल्य

उत्तर प्रदेश के हायर एजुकेशन मिनिस्टर योगेंद्र उपाध्याय पॉपुलर इंग्लिश राइम्स पर अपने बयान की वजह से चर्चा में हैं। उन्होंने 5 मई को कानपुर में एक समारोह में कहा कि बच्चों की इंग्लिश राइम ‘जॉनी-जॉनी यस पापा’ भारतीय मूल्य और संस्कार नहीं सिखाती, बल्कि झूठ बोलना सिखाती है। इंग्लिश राइम्स बच्चों को झूठ बोलना सिखाती है कानपुर में आयोजित शिक्षामित्र (पैरा टीचर्स और कॉन्ट्रैक्चुअल एजुकेटर्स) सम्मान समारोह के दौरान योगेंद्र उपाध्याय ने शिक्षा और संस्कारों पर अपनी बात रखी थी। इसमें उन्होंने मशहूर इंग्लिश राइम्स की आलोचना करते कहा कि ये कविताएं बच्चों को संस्कार की बजाय झूठ बोलना सीखाती है, जबकि हिंदी की बाल कविताएं बच्चों को जीवन मूल्य और संस्कार सिखाते हैं जो उनके जीने के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘जॉनी जॉनी यस पापा, ईटिंग शुगर? नो पापा, टेलिंग अ लाय, नो पापा, ओपन योर माउथ, हा हा हा, ये पोएम झूठ बोलने का संस्कार देते हैं।’ मंत्री ने कहा कि आज की पीढ़ी को जिन मूल्यों की जरूरत है, वो इस तरह की पश्चिमी कविताओं से नहीं मिलते। हिंदी कविताएं जीवन मूल्य सिखाते हैं योगेंद्र उपाध्याय ने एक दूसरे पोएम का उदाहरण देकर कहा कि भारतीय मूल्यों में स्वांत: सुखाय यानी खुद के सुख के लिए जगह नहीं है, बल्कि वो बहुजन हिताय की बात करता है। उन्होंने कहा कि ‘रेन रेन गो अवे, माय जॉनी वॉन्ट्स टू प्ले’ जैसी कविताओं में खुद के सुख के लिए सबकी जरूरत को नजरअंदाज करना हिंदी कविताएं नहीं सिखाती। योगेंद्र उपाध्याय ने यह भी कहा कि पुरानी हिंदी कविताएं, जिन्हें पिछली पीढ़ियां पढ़ते हुए बड़ी हुईं, उनमें जीवन के गहरे मूल्य छिपे होते थे। शिक्षकों से आग्रह किया- ‘खुद को सिर्फ शिक्षक नहीं, गुरु समझें’ अपने भाषण में उन्होंने पश्चिमी और भारतीय संस्कारों के फर्क पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की पुरानी ‘गुरु-शिष्य परंपरा’ सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं थी, बल्कि उसमें जीवन मूल्यों और संस्कारों की शिक्षा भी शामिल होती थी। उनका कहना था कि शिक्षक तभी बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित कर पाएंगे, जब वे खुद गुरु की भूमिका को समझेंगे और सिर्फ किताबों तक सीमित न रहकर रोजमर्रा की छोटी-छोटी बातों से भी बच्चों को सही रास्ता दिखाएंगे। शिक्षामित्रों का मानदेय 10 से बढ़ाकर 18 हजार रुपए किया कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 12 शिक्षामित्रों को मानदेय बढ़ोतरी के प्रतीकात्मक चेक भी सौंपे। उन्होंने बताया कि सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 18 हजार रुपए कर दिया है। मंत्री के मुताबिक इससे खासकर ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में काम कर रहे शिक्षामित्रों के जीवन स्तर में सुधार होगा। साथ ही उन्होंने दोहराया कि शिक्षा को सिर्फ पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जा सकता, उसमें संस्कार और मूल्य भी शामिल होने चाहिए। ——————- ये खबर भी पढ़ें… NIT कुरुक्षेत्र में 2 महीने में 4 स्‍टूडेंट्स का सुसाइड:कॉलेज ने एग्‍जाम तक छुट्टी घोषित की, प्रोफेसर कहते हैं-कैंपस से बाहर जाकर सुसाइड करो NIT कुरुक्षेत्र में 2 महीने में 4 कॉलेज स्टूडेंट्स की सुसाइड से मौत हो गई। ये नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी NIT कुरुक्षेत्र में 16 फरवरी से 16 अप्रैल तक में हुई मौतों का आंकड़ा है। इन 4 स्टूडेंट्स ने या तो एकेडमिक या फिर फाइनेंशियल प्रेशर की वजह से अपनी जान दी। पूरी खबर पढ़ें…

शक्ति कपूर अपनी मौत की अफवाह पर भड़के:बोले- मैं बिल्कुल ठीक और खुश हूं, फेक न्यूज फैलाने वालों के खिलाफ लीगल एक्शन लूंगा

शक्ति कपूर अपनी मौत की अफवाह पर भड़के:बोले- मैं बिल्कुल ठीक और खुश हूं, फेक न्यूज फैलाने वालों के खिलाफ लीगल एक्शन लूंगा

बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर के पिता और दिग्गज एक्टर शक्ति कपूर अपनी मौत की फर्जी खबरों को लेकर भड़क गए हैं। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर उनके निधन की अफवाहें उड़ रही थीं, जिससे एक्टर परेशान हो गए थे। अब शक्ति कपूर ने खुद सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर इन खबरों का खंडन किया है। उन्होंने बताया कि वे पूरी तरह स्वस्थ हैं और ऐसी हरकत करने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे। कहा- मैं स्वस्थ और खुश हूं शक्ति कपूर ने इंस्टाग्राम पर अपना एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वे काफी फिट नजर आ रहे हैं। वीडियो में एक्टर ने कहा, “सभी को नमस्कार, मेरी मौत की अफवाह पूरी तरह झूठी है। मैं स्वस्थ और खुश हूं। प्लीज इसे इग्नोर करें। मैं इसकी शिकायत करने जा रहा हूं, लेकिन ये ठीक नहीं है।” उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह की फर्जी खबरें फैलाना अच्छी बात नहीं है और इससे परिवार और चाहने वालों को मानसिक तनाव होता है। अस्पताल जाने के बाद शुरू हुई थी चर्चा शक्ति कपूर के स्वास्थ्य को लेकर अटकलें इस साल की शुरुआत में तब शुरू हुई थीं, जब उन्हें बेटी श्रद्धा कपूर के साथ एक अस्पताल के बाहर देखा गया था। उस वक्त श्रद्धा वहां मौजूद पैपराजी पर काफी भड़क गई थीं। श्रद्धा का गुस्सा देख सोशल मीडिया पर यह चर्चा होने लगी थी कि शायद शक्ति कपूर की तबीयत काफी ज्यादा खराब है। मेरे हसबैंड की बीवी में आए नजर वर्क फ्रंट की बात करें तो शक्ति कपूर को आखिरी बार फिल्म ‘मेरे हसबैंड की बीवी’ में देखा गया था। इस फिल्म में अर्जुन कपूर, भूमि पेडनेकर और रकुल प्रीत सिंह मुख्य भूमिकाओं में थे। हालांकि, बड़े सितारों के बावजूद यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही थी। शक्ति कपूर काफी समय से लाइमलाइट और सोशल मीडिया से दूर हैं।

केरल में कौन होगा नया सीएम? सामने आया नाम, मुकुल वासनिक के हाथ से बेंचमार्क वाली चिट्ठी की फोटो वायरल

केरल में कौन होगा नया सीएम? सामने आया नाम, मुकुल वासनिक के हाथ से बेंचमार्क वाली चिट्ठी की फोटो वायरल

केरल में कांग्रेस के पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक के हाथ से बातचीत के समर्थन वाली पत्रिका की फोटो सामने आई है, जिसमें बातचीत ने कल (07 मई, 2026) सीएम पद के लिए अपनी पसंद की घोषणा की थी। इस लेबल में नाम के आगे उनकी पसंद के सीएम फेस का नाम भी लिखा है। कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के लिए वीडियो देखें श्रीशंन और केसी वेणुगोपाल दो नाम बहुत आगे चल रहे थे। ऐसे में ये लेबल सामने आया है. इसमें जो भी नेता सिद्धार्थन के समर्थन का दावा कर रहे थे, उन्होंने भी केसी वेणुगोपाल को समर्थन दिया है। प्रदेश अध्यक्ष सनी जोसेफ भी श्रीशेषन के समर्थन की बात कर रहे थे, लेकिन लिस्ट के मुताबिक उन्होंने भी केसी को समर्थन दिया है, जिसे आज उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में रद्द कर दिया है. बिश्नाई कांग्रेस ने बताई अपनी पसंद एआईसीसी के केंद्रीय पर्यवेक्षकों के साथ आए खुलासे- मंत्रिमंडल की बैठक में कांग्रेस के 63 प्रतिभागियों में से 47 ने कहा- जिसमें केपीसीसी अध्यक्ष सन्नी जोसेफ भी शामिल हैं- केरल के अगले मुख्यमंत्री के रूप में वेणुगोपाल का नाम प्रस्तावित किया गया है. पार्टी अलकमान इस हफ्ते के आखिरी तक मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा कर सकती है. ये भी पढ़ें- ‘हमारी पीठ पर छुरा कहाँ था?’ तमिल में विजय की टीवीके के समर्थन को लेकर पीएलआई डीएमके-कांग्रेस! सन्नी के अलावा, संदीप जी। वेरियर, सजीव जोसेफ, टी.ओ. मोहन और उषा विजयन भी शामिल थे, जिसमें वेणुगोपाल के नाम का प्रस्ताव रखा गया था। शीर्ष पद के लिए एक अन्य नामांकित राकेश चेन्निथला के लिए यह एक बड़ा झटका था, क्योंकि उनके करीबी सहयोगी आई.सी. बालकृष्णन ने वेणुगोपाल और चेन्निथला, दोनों का ही समर्थन किया। केरल में सीएम रेस में किसका नाम? नामांकन ने बताया कि नामांकन के पूर्व नेताओं को आठ शेयरों का समर्थन मिला। सूची के अंतिम नेता वीडी शिरेशनन, जिसमें इस पद के लिए पसंदीदा पसंद के तौर पर देखा जा रहा है, उनमें से छह विश्लेषकों का समर्थन प्राप्त है। श्रीशन और चेन्निथला, दोनों ने भी पर्यवेक्षकों से मुलाकात की और इस पद के लिए अपनी नामांकित पेशगी की। वेणुगोपाल इस बैठक में शामिल नहीं हुए. ये भी पढ़ें- ‘चोर-चोर, टीएमसी चोर’, बंगाल चुनाव के बाद पुराने मोइत्रा को दिखा लोगों ने नारा 63 के अलावा, माकन और वासनिक ने कांग्रेस और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ भी अलग-अलग बैठकें कीं ताकि उनकी पसंद जान जा सके। जहां केपीसीसी के तीन पूर्व अध्यक्षों ने श्रीशन का समर्थन किया, वहीं कई वरिष्ठ नेताओं ने वेणुगोपाल का समर्थन किया. पर्यवेक्षक, जो नई दिल्ली लौटे हैं, अपनी रिपोर्ट पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को कहेंगे। सूत्रों ने बताया कि यदि आवश्यक हुआ, तो केपीसीसी के तीन कार्यकारी अध्यक्षों, अलाकमान सन्नी, और श्रीशेन और चेन्निथला को बातचीत के लिए बुलाया गया। इस बीच, कांग्रेस विधायक दल की बैठक में संविधान से खड़गे को अगले मुख्यमंत्री का नाम तय करने का अधिकार दिया गया. बताया गया कि किश्तो को पूरा करने के बाद शनिवार या रविवार तक अगले मुख्यमंत्री की घोषणा कर दी जाएगी; और नए मुख्यमंत्री, दो वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं और यूडीएफ के अन्य घटक दलों के नेताओं ने मिलकर दो दिन की शपथ लेने की घोषणा की। (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)केरल कांग्रेस(टी)केरल सीएम(टी)केरल विधानसभा चुनाव(टी)केरल कांग्रेस सीएम(टी)रमेश चेन्निथला(टी)केसी वेणुगोपाल(टी)वीडी सतीशन(टी)शशि थरूर(टी)मुकुल वासनिक(टी)केरल में नया सीएम कौन होगा? सामने आया नाम मुकुल वासनिक के हाथ से बिश्राम के समर्थन वाली चिट्ठी की फोटो वायरल

रात में बार-बार बिस्तर गीला करता है बच्चा, तो यहां डॉक्टर से जानिए बड़ी वजह और इसका इलाज

authorimg

Last Updated:May 08, 2026, 10:13 IST रात में बच्चों का बार-बार बिस्तर गीला करना सिर्फ आदत नहीं, कई बार शरीर में ADH हार्मोन की कमी, गहरी नींद, ब्लैडर की कमजोरी, कब्ज या इंफेक्शन की वजह भी हो सकती है. बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुशील सिंगला के मुताबिक बच्चों को डांटने के बजाय प्यार और सही इलाज की जरूरत होती है. फरीदाबाद: रात के अंधेरे में जब पूरा घर गहरी नींद में सो रहा होता है तब कई घरों में एक चिंता हर रोज़ दोहराई जाती है. 8 से 10 साल के बच्चे नींद में बिस्तर गीला कर देते हैं. मां-बाप समझ नहीं पाते कि आखिर बच्चा बड़ा होने के बाद भी ऐसा क्यों कर रहा है. कई बार मां सोने से पहले बच्चे को पेशाब भी करवाती है, लेकिन इसके बावजूद बच्चा रात में बिस्तर पर पेशाब कर देता है. ऐसे में घर वाले डांटते हैं बच्चा शर्मिंदा होता है और उसका आत्मविश्वास भी कमजोर पड़ने लगता है. आखिर इसके पीछे वजह क्या है बीमारी है या फिर कोई सामान्य समस्या? क्या है वजह Local18 से बातचीत में सर्वोदय हॉस्पिटल के डायरेक्टर और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुशील सिंगला ने बताते हैं सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि सामान्य स्थिति में रात के समय शरीर में एंटी डाययूरेटिक हार्मोन (ADH) बनता है जो नींद के दौरान पेशाब बनने की मात्रा को कम कर देता है. लेकिन जिन बच्चों को रात में बिस्तर गीला करने की समस्या होती है उनमें कई बार यह हार्मोन कम बनता है. इसकी वजह से शरीर में यूरिन ज्यादा बनने लगता है और बच्चा नींद में ही पेशाब कर देता है. डॉ. सुशील सिंगला ने बताते कुछ बच्चों में ADH हार्मोन बनता तो है लेकिन वह किडनी पर सही तरीके से असर नहीं कर पाता. ऐसे में भी रात में पेशाब निकल जाता है. इसके अलावा गहरी नींद भी इसका एक बड़ा कारण है. कई बच्चों की ब्लैडर कैपेसिटी कम होती है यानी थोड़ा सा यूरिन भरते ही ब्लैडर फुल हो जाता है और बच्चा पेशाब कर देता है. कुछ मामलों में ब्लैडर समय से पहले सिकुड़ जाता है जिससे पेशाब अपने आप निकल जाता है. डॉ. सुशील सिंगला बताते हैं कुछ बच्चों को नींद में सांस रोकने की आदत भी होती है. इससे शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है और एक हार्मोन यूरिन बनने की मात्रा बढ़ा देता है. यही वजह है कि बच्चा रात में बिस्तर गीला कर देता है. इसके अलावा यूरिन इंफेक्शन और कब्ज भी इस समस्या की बड़ी वजह बन सकते हैं. कब्ज होने पर पेट में रुकी हुई पोट्टी ब्लैडर पर दबाव डालती है जिससे बच्चा दिन और रात दोनों समय पेशाब कंट्रोल नहीं कर पाता. क्या है इसका इलाज डॉ. सुशील सिंगला बताते हैं इसका इलाज कारण जानने के बाद ही शुरू किया जाता है. सबसे जरूरी है कि बच्चे को मानसिक रूप से मजबूत रखा जाए. बार-बार डांटने या मजाक उड़ाने से बच्चे का आत्मविश्वास टूटने लगता है और समस्या और बढ़ सकती है. कुछ दवाइयां ऐसी होती हैं जो रात में यूरिन बनने की मात्रा कम कर देती हैं. इसके अलावा बाजार में अलार्म डिवाइस भी उपलब्ध हैं जिन्हें बच्चे के नीचे लगाया जाता है. जैसे ही बिस्तर गीला होता है अलार्म बज जाता है. धीरे-धीरे बच्चा अलार्म बजने से पहले ही उठना सीख जाता है और यह ठीक होने का संकेत माना जाता है. माता-पिता को सलाह डॉ. सुशील सिंगला बताते हैं माता-पिता को सलाह दी कि अगर बच्चा बिस्तर गीला कर दे, तो उसे डांटना नहीं चाहिए. बच्चे को प्यार से समझाएं और उसका हौसला बढ़ाएं. जिस दिन बच्चा बिस्तर गीला न करे उस दिन उसे छोटी-छोटी चीजें देकर प्रोत्साहित किया जा सकता है. अगर बच्चा पेशाब कर दे तो उसके उठने से पहले चुपचाप कपड़े और बेडशीट बदल दें, ताकि उसे शर्मिंदगी महसूस न हो. डॉ. सुशील सिंगला बताते हैं ज्यादातर मामलों में यह समस्या 10 साल की उम्र के बाद अपने आप ठीक होने लगती है. डॉक्टर की सलाह लेकर इलाज कराना चाहिए. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Faridabad,Faridabad,Haryana

केरल में मुख्यमंत्री पद की दौड़ तेज: वेणुगोपाल को 43 कांग्रेस विधायकों का समर्थन, आईयूएमएल ने सतीसन को समर्थन दिया | भारत समाचार

Maharashtra SSC Result 2026 LIVE: MSBSHSE Class 10 Release Date & Time, Check Marks Memo Link

आखरी अपडेट:08 मई, 2026, 09:45 IST यूडीएफ में कांग्रेस की प्रमुख सहयोगी, आईयूएमएल, 22 विधायकों के साथ गठबंधन में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी, कथित तौर पर विपक्ष के नेता वीडी सतीसन का समर्थन कर रही है। वीडी सतीसन को कांग्रेस और यूडीएफ अभियान के मुख्य चेहरे के रूप में देखा गया था। केरल के मुख्यमंत्री की दौड़ गरमाई: केरल के अगले मुख्यमंत्री को चुनने का काम कांग्रेस आलाकमान के लिए एक मुश्किल संतुलन कार्य बन गया है, जिसमें यूडीएफ की सत्ता में जोरदार वापसी के बाद वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल और वीडी सतीसन सबसे आगे उभर रहे हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, 63 नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायकों में से 43 गुरुवार को तिरुवनंतपुरम में एआईसीसी पर्यवेक्षकों अजय माकन और मुकुल वासनिक द्वारा आयोजित परामर्श के दौरान शीर्ष पद के लिए एआईसीसी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल का समर्थन कर रहे हैं। मुट्ठी भर विधायकों ने अपनी पसंद नहीं बताई और समझा जाता है कि उन्होंने पर्यवेक्षकों को बता दिया है कि वे आलाकमान की पसंद का पालन करेंगे। इस बीच, यूडीएफ में कांग्रेस की प्रमुख सहयोगी, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल), 22 विधायकों के साथ गठबंधन में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी, कथित तौर पर मुख्यमंत्री पद के लिए विपक्ष के नेता वीडी सतीसन का समर्थन कर रही है। आईयूएमएल नेताओं ने पर्यवेक्षकों को यह भी बताया कि उपचुनाव की आवश्यकता से बचने के लिए एक मौजूदा विधायक को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। सतीसन को कांग्रेस और यूडीएफ अभियान के मुख्य चेहरे के रूप में देखा गया था। विपक्ष के नेता के रूप में, उन्होंने पिछले पांच वर्षों में पिनाराई विजयन सरकार के खिलाफ हमले का नेतृत्व किया। पार्टी में कई लोगों का मानना ​​है कि जनता के मन में वह मुख्यमंत्री पद के लिए स्वाभाविक पसंद हैं। सूत्रों ने आगे कहा कि सतीसन ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें मुख्यमंत्री के अलावा कोई अन्य पद लेने में दिलचस्पी नहीं होगी। उनके रुख को सौदेबाजी की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है. वेणुगोपाल और सतीसन के अलावा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला विवाद में बने हुए हैं, जिससे नेतृत्व का मुद्दा पार्टी के भीतर तीव्र पैरवी द्वारा चिह्नित त्रिकोणीय प्रतियोगिता बन गया है। कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी), जो तिरुवनंतपुरम में केपीसीसी मुख्यालय में हुई, ने पारंपरिक एक-पंक्ति प्रस्ताव पारित किया जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सीएलपी नेता पर अंतिम निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया, जो अगला मुख्यमंत्री बनेगा। बैठक के बाद, पर्यवेक्षकों माकन और वासनिक ने नवनिर्वाचित विधायकों के साथ एक-पर-एक परामर्श किया और बाद में नेतृत्व के सवाल पर उनके विचारों का आकलन करने के लिए आईयूएमएल, केरल कांग्रेस गुटों और आरएसपी सहित यूडीएफ सहयोगियों के नेताओं से मुलाकात की। सूत्रों ने कहा कि सतीसन और चेन्निथला दोनों खेमों ने पर्यवेक्षकों से अगले मुख्यमंत्री का फैसला करते समय केवल विधायक संख्या पर भरोसा नहीं करने का आग्रह किया। उनका तर्क था कि पार्टी कार्यकर्ताओं की राय और जनभावना को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए. आईयूएमएल नेता पीके कुन्हालीकुट्टी ने एआईसीसी टीम से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, “पर्यवेक्षकों ने धैर्यपूर्वक हमारी बात सुनी और कहा कि वे हमारे रुख से आलाकमान को अवगत कराएंगे।” वासनिक ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ की जीत को “उल्लेखनीय” और “ऐतिहासिक” बताया, जबकि माकन ने कहा कि नेतृत्व निर्णय लेने से पहले सभी विधायकों के साथ विस्तृत परामर्श चाहता था। उम्मीद है कि दोनों पर्यवेक्षक दिल्ली में खड़गे को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे, हालांकि बैठक का समय अभी तय नहीं हुआ है क्योंकि दोनों नेता गुरुवार रात को राष्ट्रीय राजधानी नहीं पहुंचे थे। नेतृत्व की लड़ाई सड़कों और सोशल मीडिया पर भी फैल गई है। वेणुगोपाल के समर्थकों ने केपीसीसी मुख्यालय के बाहर और राज्य के विभिन्न हिस्सों में बड़े होर्डिंग्स लगाए, जबकि सतीसन के समर्थकों ने उन्हें अगला मुख्यमंत्री चुने जाने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। यूडीएफ ने 9 अप्रैल के विधानसभा चुनावों में व्यापक जनादेश हासिल किया, विधानसभा की 140 सीटों में से 102 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को अकेले 63 सीटें मिलीं। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : तिरुवनंतपुरम, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया केरल में मुख्यमंत्री पद की दौड़ तेज: वेणुगोपाल को 43 कांग्रेस विधायकों का समर्थन, आईयूएमएल ने सतीसन को समर्थन दिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट) केरल के मुख्यमंत्री की दौड़(टी)केरल के मुख्यमंत्री(टी)केरल की राजनीति(टी)सीएम की दौड़ केरल(टी)केरल सरकार(टी)नेतृत्व प्रतियोगिता केरल(टी)राज्य की राजनीति केरल(टी)केरल समाचार

DMK और AIADMK एक साथ? भारत में 5 सबसे चौंकाने वाले राजनीतिक गठबंधन जिन्हें किसी ने होते नहीं देखा

DMK और AIADMK एक साथ? भारत में 5 सबसे चौंकाने वाले राजनीतिक गठबंधन जिन्हें किसी ने होते नहीं देखा

भारतीय राजनीति में कोई स्थायी शत्रु नहीं है – केवल स्थायी महत्वाकांक्षाएँ हैं। वही हाथ जो गलियारे के पार उंगलियां उठाते थे, अब उस पार पहुंच रहे हैं। सत्ता का खेल कभी नहीं बदलता; केवल खिलाड़ी पुनर्व्यवस्थित होते हैं। द्रमुक और अन्नाद्रमुक – दशकों की प्रतिद्वंद्विता, प्रतिस्पर्धी विरासत और दो कद्दावर नेताओं की लंबी छाया। फिर भी इतिहास कहता है कि जब कुर्सी दांव पर हो तो विचारधारा झुक जाती है। तमिलनाडु देखता है, और इंतजार करता है। महाराष्ट्र ने हमें सबसे पहले दिखाया. हिंदुत्व की आग से जन्मी शिवसेना 2019 में कांग्रेस के साथ एक ही कैबिनेट टेबल पर बैठी। यह तीन साल तक चला, लेकिन विरोधाभास के बोझ ने सब कुछ खत्म कर दिया। पाठ स्पष्ट रूप से लिखा गया था, फिर भी अन्य लोग इसे बहुत देर से पढ़ते रहे। महबूबा मुफ्ती और नरेंद्र मोदी ने एक मंच, एक हाथ मिलाना और एक सरकार साझा की – जबकि धारा 370 के विपरीत पक्षों पर खड़े थे। जब 2019 में कानून गिर गया, तो गठबंधन भी गिर गया। कश्मीर में विश्वास हमेशा सत्ता की पहली हानि रहा है। (टैग्सटूट्रांसलेट)एआईएडीएमके(टी)चेन्नई(टी)डीएमके(टी)तमिलनाडु चुनाव 2026