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छत्तीसगढ़ में पेड़ से तोता उतारने फायर ब्रिगेड पहुंची, VIDEO:पानी की बौछार कर हजारों लीटर बहाया; लोग बोले- बड़े घर का है

छत्तीसगढ़ में पेड़ से तोता उतारने फायर ब्रिगेड पहुंची, VIDEO:पानी की बौछार कर हजारों लीटर बहाया; लोग बोले- बड़े घर का है

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में एक पालतू तोता पेड़ पर बैठ गया। उसे नीचे उतारने के लिए फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और पानी की तेज बौछारें कीं। इस दौरान हजारों लीटर पानी बहा दिया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो OBC बॉयज हॉस्टल के पास का बताया जा रहा है। तोता किसका है, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के रिएक्शंस आ रहे हैं। कोई इसे किसी अधिकारी का तोता बता रहा है, तो कोई फायर ब्रिगेड के इस्तेमाल पर सवाल उठा रहा है। भीषण गर्मी के बीच पानी की बर्बादी को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। पहले देखिए ये तस्वीरें… जानिए क्या है पूरा मामला ? जानकारी के अनुसार, ओबीसी बॉयज हॉस्टल कैंपस के पास कहीं से आकर एक तोता पेड़ पर बैठ गया। लंबे समय तक वहीं बैठा रहा। वह नीचे उतरने का नाम ही नहीं ले रहा था। इस दौरान फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। जिसके बाद फायर ब्रिगेड कर्मियों ने पानी की तेज बौछारें डाली। तोता काफी ऊंचाई पर बैठा था और उसे नीचे लाने के लिए पाइप से लगातार पानी डाला गया। कड़ी मशक्कत के बाद तोता नीचे उतरा। इस दौरान हजारों लीटर पानी बहाया गया, जबकि इलाका पहले से ही भीषण गर्मी और पानी की कमी से जूझ रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स ने उठाए सवाल स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स ने वीडियो वायरल होने के बाद सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि, फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवा का इस्तेमाल आगजनी, दुर्घटनाओं और जनसेवा के लिए होना चाहिए, न कि इस तरह के कामों के लिए। किस अधिकारी का था तोता, स्पष्ट नहीं लोगों का आरोप है कि, यह सरकारी संसाधनों और पानी की खुली बर्बादी है। हालांकि, तोता किस अधिकारी का है, फिलहाल अभी यह आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं है। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। अब देखना होगा कि इस मामले में जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है। ……………………… इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… प्रवासी पक्षियों से गुलजार खैरागढ़..ब्राह्मणी बतख भी दिखी:जिले में 213 प्रजाति के पक्षी; वेटलैंड्स में 90 रंगबिरंगे सारस, 1100 से ज्यादा बत्तख दिखे छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ इस समय प्रवासी पक्षियों से गुलजार है। जिले में 213 प्रजाति के पक्षी मिले हैं। रूस के कॉमन क्रेन पक्षी के अलावा 90 पेंटेड स्टॉर्क्स और 1100 से अधिक प्रवासी बत्तखें देखी गई हैं। जलचर पक्षियों में नॉर्दर्न शोवलर, यूरेशियन कर्ल्यू और कॉमन पोचार्ड शामिल हैं। पढ़ें पूरी खबर…

राहुल गांधी का कोलकाता दौरा रद्द:प्रशासन पर परमिशन नहीं देने का आरोप; शाह बोले- बंगाल में बाबरी मस्जिद नहीं बनने देंगे

राहुल गांधी का कोलकाता दौरा रद्द:प्रशासन पर परमिशन नहीं देने का आरोप; शाह बोले- बंगाल में बाबरी मस्जिद नहीं बनने देंगे

कांग्रेस नेता राहुल गांधी का 23 अप्रैल को कोलकाता दौरा रद्द कर दिया गया है। पार्टी का आरोप है कि स्थानीय प्रशासन ने ममता सरकार के इशारे पर अनुमति नहीं दी। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, पार्टी ने शाम 6 बजे तक मंजूरी का इंतजार किया। पुलिस से अनुमति नहीं मिलने पर कार्यक्रम की तैयारियां पूरी करना संभव नहीं रहा। पार्टी अब नए शेड्यूल के लिए आवेदन करेगी। दौरा 25 या 26 अप्रैल को कराया जा सकता है। इधर, गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल में तीन रैलियां की। उन्होंने चांदीपुर में कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर बंगाल में बाबरी मस्जिद नहीं बनने देंगे। अयोध्या में जहां बाबरी मस्जिद थी, वहां राम मंदिर बन चुका है। बंगाल में ऐसी कोई कोशिश सफल नहीं होगी। इसके अलावा शाह ने आसनसोल में कहा कि ममता के गुंडों कान खोलकर सुन लें। 23 तारीख को मतदान में जरा भी खलल डाला तो 4 मई के बाद उल्टा लटकाकर सीधा करने का काम करेंगे। ममता के गुंडों की बंगाल के जनता के सामने कोई मजाल नहीं है। चुनाव राज्यों में मंगलवार के तीन बड़े अपडेट्स…

भोपाल की गैस एजेंसी में गड़बड़ी, FIR की तैयारी:खाद्य विभाग ने एडीएम को सौंपी रिपोर्ट; एक एजेंसी रिटायर्ड अफसर की

भोपाल की गैस एजेंसी में गड़बड़ी, FIR की तैयारी:खाद्य विभाग ने एडीएम को सौंपी रिपोर्ट; एक एजेंसी रिटायर्ड अफसर की

भोपाल के जेके रोड स्थित फीनिक्स एचपीसीएल और कोटरा सुल्तानाबाद स्थित बीएस एचपी गैस एजेंसियों की जांच पूरी हो गई है। इसके बाद खाद्य विभाग ने जांच रिपोर्ट एडीएम प्रकाश नायक को सौंपी है। दो में से एक एजेंसी खाद्य विभाग के ही रिटायर्ड अफसर और उनके रिश्तेदारों की बताई जा रही है। बता दें कि एजेंसियों में गैस सिलेंडर की सप्लाई की शिकायत मिली थी। इसके बाद फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने टीम से जांच करवाई थी। जांच में सामने आया कि करीब 36 हजार वर्गफीट क्षेत्र में दोनों एजेंसियों के साझा गोदाम बने हैं। स्टॉक जांच में सबसे बड़ी गड़बड़ी फीनिक्स एजेंसी में मिली। यहां 350 घरेलू, 350 कमर्शियल, और 2 हजार 5 किलोग्राम वाले छोटू सिलेंडर गायब थे। बीएस एजेंसी के गोदाम में भी 254 भरे सिलेंडर गायब मिले। यहां कमर्शियल सिलेंडरों के स्टॉक में भी गड़बड़ी सामने आई। जांच में एजेंसियां रिटायर्ड सहायक आपूर्ति अधिकारी बीपी शर्मा और उनके रिश्तेदारों की होना सामने आया है। सिलेंडर बुक हुए, लेकिन ग्राहकों तक पहुंचे ही नहीं जांच में सामने आया कि गैस एजेंसियों के संचालकों ने बड़ी संख्या में सिलेंडरों का हेरफेर किया है। जिन्होंने ऑनलाइन गैस सिलेंडर बुक कराए थे, एजेंसियों की ओर से उन उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं पहुंचाए। जब उपभोक्ता एजेंसियों पर पहुंचे तो पता चला कि उनको सिलेंडर की डिलीवरी हो गई है, जबकि उपभोक्ताओं तक सिलेंडर पहुंचे ही नहीं थे। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि सिलेंडर अधिक पैसे लेकर किसी और को दिए गए। एजेंसियों के गोदाउन में स्टॉक के अनुसार भी सिलेंडर नहीं पाए गए। इतना नहीं शहर इन एजेंसियों की अलावा अन्य एजेंसियों व अवैध परिवहन, अवैध रिफिलिंग करने वालों की भी जांच रिपोर्ट एडीएम को दी गई है। 10 से 12 मामलों की जांच रिपोर्ट सौंपी गई है। ऐसे में इन एजेंसियों के संचालकों व अवैध गैस सिलेंडरों का परिवहन व रिफिलिंग करने वालों पर जुर्माना व एफआईआर तक कार्रवाई हो सकती है। एजेंसियों का लाइसेंस निरस्त करने के लिए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के अनुमोदन पर एडीएम संबंधित गैस कंपनियों को एजेंसियों का लाइसेंस निरस्त करने का प्रस्ताव जल्द भेजा सकता है। 238 रुपए का फर्जी सुरक्षा चार्ज, 10 लाख की वसूली उजागर जेके रोड स्थित मीनाल रेसिडेंसी की मेसर्स फिनिक्स एचपीसीएल गैस एजेंसी में 10 तरह की गड़बड़ियां मिली हैं। जानिए क्या हैं वो 10 प्रकार की गड़बड़ियां, इनके जरिए कैसे उपभोक्ताओं के साथ की गई ठगी— 1- जेके रोड मिनाल स्थित मेसर्स फिनिक्स एचपी गैस एजेंसी में 15 अप्रैल 2026 को 250 से ज्यादा उपभोक्ताओं के ओटीपी के आधार पर ऑनलाइन बिल जनरेट किए गए। लेकिन उपभोक्ताओं को ऑफलाइन बिल 16 अप्रैल का काटकर दिया गया। लोगों को होम डिलीवरी की जगह एजेंसी के पीछे खड़े ट्रकों से सिलेंडर दिए गए। 2- मौके पर पाया गया कि एजेंसी द्वारा 16 अप्रैल 2026 को उपभोक्ताओं से प्रति सिलेंडर 918 रुपए लिए गए, जिसमें होम डिलीवरी शुल्क भी शामिल था। जबकि मौके पर सिलेंडर देने पर 34 रुपए घटाकर नया बिल दिया जाना चाहिए था। ऐसा नहीं किया गया। इससे अनुमान है कि हर महीने 10 से 12 हजार सिलेंडरों में से 6 हजार सिलेंडरों पर ‘कैश एंड कैरी’ के नाम पर करीब 2 लाख रुपए अवैध वसूली की गई। 3- एजेंसी के पीछे खाली मैदान में सिलेंडर वितरण के दौरान सुरक्षा निरीक्षण (मेंटेटरी इंस्पेक्शन) के नाम पर 238 रुपए लेकर कैश मेमो दिया गया। जबकि यह निरीक्षण उपभोक्ता के घर जाकर किया जाना चाहिए था। एजेंसी ने बिना निरीक्षण के ही राशि ली और बिल जारी करने को इस भुगतान से जोड़ दिया। करीब 25 हजार कनेक्शन में से 5 हजार उपभोक्ताओं से लगभग 10 लाख रुपए वसूले गए। 4- बुकिंग के बाद भी उपभोक्ताओं को घर पर सिलेंडर नहीं पहुंचाया गया, लेकिन मोबाइल पर ‘डिलीवर्ड’ का मैसेज भेज दिया गया। जांच में सामने आया कि ऐसे सिलेंडर डिलीवरी कर्मियों द्वारा अन्य जगहों पर बेच दिए गए। एजेंसी ने सफाई दी कि उपभोक्ता घर पर नहीं मिले, जो सही नहीं पाया गया। 5- 1 अप्रैल से जांच तक करीब 2 हजार ऑनलाइन बुकिंग लंबित मिलीं। उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं दिया गया और उन्हें वेटिंग में रखा गया। 6- 9 अप्रैल को जारी इनवॉइस का लोड 10 अप्रैल को मिला, लेकिन 15 अप्रैल तक नया लोड नहीं आया। एचपीसीएल के विक्रय अधिकारी के अनुसार एजेंसी ने ओटीपी सिस्टम का पालन नहीं किया और बिना ओटीपी के बिक्री दर्ज कर सिलेंडर अन्य जगह बेच दिए। इसी कारण कंपनी ने सप्लाई रोक दी थी। 7- अप्रैल 2026 में डिपो पीलूखेड़ी (जिला राजगढ़) से 11 ट्रकों की जानकारी दी गई। दूरी के हिसाब से 2–2.5 घंटे लगने चाहिए थे, लेकिन ट्रक 24 घंटे बाद पहुंचे। 11 में से 10 बार ऐसा हुआ, जिससे बीच में ट्रक कहां रुके—यह संदिग्ध है। 8- एजेंसी ने 9 डिलीवरी वाहन बताए, लेकिन मौके पर केवल 5 ही सक्रिय मिले। 9- स्टॉक में गड़बड़ी मिली—करीब 2 हजार छोटे सिलेंडर गायब पाए गए, जबकि 40 घरेलू सिलेंडर अतिरिक्त मिले। 10- 17 अप्रैल को नीलबड़ हरिनगर स्थित गोदाम की आकस्मिक जांच में स्टॉक और कैश एंड कैरी रेट का प्रदर्शन नहीं मिला। गोदाम करीब 36 हजार वर्गफुट क्षेत्र में है, जहां दो गोदाम संचालित हैं। दूसरा गोदाम बीएस सर्विसेस गैस एजेंसी (कोटरा सुल्तानाबाद) का है, जो एचपीसीएल की ही सिस्टर कंपनी है। दोनों गोदाम आवासीय क्षेत्र से सटे पाए गए। बीएस सर्विसेस के संचालक सुयश शर्मा पाए गए, जिनकी भी जांच की गई।

MP के पीथमपुर की कंपनी में भीषण आग:केमिकल ड्रमों में लगातार हो रहे धमाके; आसपास की फैक्ट्रियां खाली कराईं

MP के पीथमपुर की कंपनी में भीषण आग:केमिकल ड्रमों में लगातार हो रहे धमाके; आसपास की फैक्ट्रियां खाली कराईं

मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थिति पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर-3 स्थित ‘हजारगो वेस्ट’ कंपनी में मंगलवार रात करीब 9:45 बजे लगी भीषण आग लग गई। आग इतनी विकराल हो गई कि इसकी लपटें पास की अन्य इकाइयों तक पहुंच गईं, जिसके बाद एहतियातन आसपास की फैक्ट्रियों को खाली कराया गया। इलाके में काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दे रहा है और केमिकल ड्रमों में लगातार धमाके हो रहे हैं, जिससे दहशत का माहौल है। घटना के करीब 2 घंटे बाद भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका है। इंदौर समेत आसपास से बुलाई दमकलें इंदौर समेत आसपास के शहरों से दमकल की गाड़ियां लगातार मौके पर पहुंच रही हैं और अब तक 14 फायर फाइटर आग बुझाने में जुटे हैं। पानी की सप्लाई के लिए नगर पालिका और निजी टैंकर लगाए गए हैं, वहीं आग पर काबू पाने के लिए रेत भी मंगवाई गई है। आग से एक जेसीबी और हाइड्रा वाहन जलकर खाक हो गए हैं। घटना की तस्वीरें देखिए मौके पर पहुंचे प्रशासन-पुलिस के अफसर मौके पर एडिशनल एसपी पारुल बेलापुरकर, एसडीएम राहुल गुप्ता, कार्यपालन मजिस्ट्रेट राहुल गायकवाड़, तहसीलदार शिवानी श्रीवास्तव समेत प्रशासनिक और पुलिस अमला मौजूद है। धार कलेक्टर भी घटनास्थल के लिए रवाना हो चुके हैं। कचरे का निस्तारण करती है कंपनी बताया जा रहा है कि यह कंपनी फैक्ट्रियों के कचरे के निस्तारण का काम करती है, जिससे आग में केमिकल रिएक्शन और बढ़ने का खतरा बना हुआ है। नगर पुलिस अधीक्षक रवि सोनेर के अनुसार, फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, जबकि आग लगने के कारणों की जांच की जाएगी।

ग्वालियर में ई-रिक्शा से सवा दो लाख के गहने चोरी:दिल्ली का व्यवसायी पत्नी के साथ आदित्यपुरम जा रहा था, दो संदेही महिलाओं ने की वारदात

ग्वालियर में ई-रिक्शा से सवा दो लाख के गहने चोरी:दिल्ली का व्यवसायी पत्नी के साथ आदित्यपुरम जा रहा था, दो संदेही महिलाओं ने की वारदात

ग्वालियर में ई-रिक्शा में गहने चोरी की एक और वारदात सामने आई है। इस बार दिल्ली के सराफा व्यवसायी निशाना बने। वह पत्नी और बच्चों के साथ गोला का मंदिर से ससुराल आदित्यपुरम जा रहे थे। रास्ते में दो महिलाएं ई-रिक्शा में सवार हुईं और डीडी नगर गेट के पास उतर गईं। कुछ देर बाद व्यापारी की पत्नी ने बैग देखा तो चेन खुली मिली। जांच करने पर गहनों का पाउच गायब था। घटना दो दिन पहले की है। पुलिस ने अब मामला दर्ज कर संदिग्ध महिलाओं की तलाश शुरू कर दी है। मुरैना निवासी 32 वर्षीय भारत सिंह राठौर, पिता रमेश सिंह राठौर, दिल्ली में ज्वेलरी का कारोबार करते हैं। वह बहन के ससुर के निधन पर मुरैना आए थे और कार्यक्रम के बाद पत्नी के साथ आदित्यपुरम स्थित ससुराल जा रहे थे। गोला का मंदिर पर बस से उतरने के बाद उन्होंने ई-रिक्शा (MP 07 ZJ 0250) लिया। कुछ दूरी पर दो महिलाएं भी उसमें बैठ गईं। डीडी नगर गेट के पास उतरने के बाद किराया देकर वे आगे बढ़े। तभी बैग की चेन खुली दिखी। बैग चेक करने पर गहने गायब मिले। उन्होंने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें थाने ले गई। दो दिन बाद दर्ज हुई एफआईआर पीड़ित के अनुसार, दो दिन तक थाने के चक्कर लगाने के बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने पुलिस कप्तान से शिकायत की, तब जाकर मामला दर्ज किया गया। यह सामान हुआ चोरी पीड़ित ने बताया कि बैग से एक मंगलसूत्र, तीन सोने की अंगूठियां, कान के सुई-धागा और 18,500 रुपए चोरी हुए हैं। शक है कि वारदात उन्हीं महिलाओं ने की, जो रास्ते में ई-रिक्शा में सवार हुई थीं।

Health Tips: गर्म खाना एल्युमिनियम फॉयल में रखना पड़ सकता है भारी, एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी

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Last Updated:April 21, 2026, 23:20 IST रोटी और खाना पैक करने के लिए एल्युमिनियम फॉयल आसान विकल्प लगता है, लेकिन इसका रोजाना इस्तेमाल सही नहीं माना जाता. खासकर गर्म खाने के साथ यह आदत सेहत पर असर डाल सकती है. ख़बरें फटाफट हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में कई ऐसी आदतें शामिल होती हैं, जिन्हें हम सालों से बिना ज्यादा सोचे अपनाते आ रहे हैं. खासकर रसोई से जुड़ी परंपराएं अक्सर एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक चलती रहती हैं. इन्हीं में से एक आदत है रोटी, पराठा या स्नैक्स को अखबार में लपेटकर रखना. समय बदला तो अखबार की जगह एल्युमिनियम फॉयल ने ले ली, लेकिन क्या ये दोनों तरीके सच में सुरक्षित हैं? विशेषज्ञों के अनुसार, सुविधा के लिए अपनाई गई ये आदतें सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं. अखबार देखने में आसान विकल्प लगता है, लेकिन इसमें छपी स्याही और प्रिंटिंग केमिकल्स खाने के संपर्क में आ सकते हैं. खासतौर पर गरम, तैलीय या नम खाने की चीजें जब अखबार पर रखी जाती हैं, तो स्याही के कुछ तत्व भोजन में ट्रांसफर हो सकते हैं. यही वजह है कि कई स्वास्थ्य विशेषज्ञ खाने को सीधे अखबार पर रखने से बचने की सलाह देते हैं. अक्सर बाजार में समोसा, पकौड़े, जलेबी या अन्य स्नैक्स अखबार में लपेटकर दिए जाते हैं. लोग इसे सामान्य मानते हैं, लेकिन बार-बार ऐसा खाना खाने से अनचाहे रसायनों के शरीर में जाने की संभावना बढ़ सकती है. इसका असर तुरंत महसूस न हो, लेकिन लंबे समय में यह आदत बेहतर नहीं मानी जाती. एल्युमिनियम फॉयल भी हर बार सही विकल्प नहींकई लोग सोचते हैं कि फॉयल अखबार से बेहतर और पूरी तरह सुरक्षित है. हालांकि फॉयल कई मामलों में ज्यादा साफ-सुथरा विकल्प माना जाता है, लेकिन इसका इस्तेमाल भी समझदारी से करना चाहिए. जब बहुत गरम, खट्टा या ज्यादा मसालेदार खाना लंबे समय तक फॉयल में रखा जाता है, तो एल्युमिनियम की थोड़ी मात्रा भोजन में मिल सकती है. यह मात्रा सामान्य तौर पर कम होती है, लेकिन रोजाना और बार-बार ऐसा करना आदत बन जाए तो इससे बचना बेहतर माना जाता है. खासतौर पर गर्म खाने को सीधे फॉयल में पैक करके लंबे समय तक रखने से परहेज करना चाहिए. कौन-कौन सी चीजें ज्यादा रिस्की हैंनींबू वाला खाना, टमाटर आधारित डिश, इमली, सिरके वाली सब्जियां या बहुत मसालेदार व्यंजन फॉयल के साथ ज्यादा प्रतिक्रिया कर सकते हैं. इसी तरह गरमा-गरम पराठे या तैलीय स्नैक्स अखबार में लपेटना भी अच्छा विकल्प नहीं है. अगर आप खाना पैक करना चाहते हैं या गर्म रोटी रखना चाहते हैं, तो स्टील के डिब्बे, कांच के कंटेनर या फूड-ग्रेड डिब्बे अच्छे विकल्प हैं. इसके अलावा साफ सूती कपड़ा, मलमल का कपड़ा या फूड-सेफ पेपर भी इस्तेमाल किया जा सकता है. रोटी रखने के लिए कपड़े का डिब्बा या इंसुलेटेड कैसरोल भी अच्छा रहता है. इससे रोटी नरम भी रहती है और अनावश्यक केमिकल संपर्क से भी बचाव होता है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 21, 2026, 23:20 IST

ग्वालियर में भगवान परशुराम पर बयान पड़ा भारी:दामोदर यादव को ‘याददाश्त बढ़ाने अखरोट-बादाम वाला बॉक्स भेजकर दिया अनोखा जवाब

ग्वालियर में भगवान परशुराम पर बयान पड़ा भारी:दामोदर यादव को ‘याददाश्त बढ़ाने अखरोट-बादाम वाला बॉक्स भेजकर दिया अनोखा जवाब

भगवान परशुराम को लेकर दिए गए बयान ने सियासी और सामाजिक हलकों में आग लगा दी है। आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव के “परशुराम कौन हैं, मैं नहीं जानता” वाले बयान के बाद ब्राह्मण समाज खुलकर सामने आ गया है। विरोध का अंदाज भी बिल्कुल अलग है। राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय महासचिव रूद्र शर्मा ने दामोदर यादव को एक ‘स्पेशल बॉक्स’ कूरियर किया है। यह कोई आम पार्सल नहीं, बल्कि तंज और संदेश से भरा हुआ पैकेज है। बॉक्स में क्या-क्या निकला इस अनोखे बॉक्स में अखरोट, बादाम, गुलाब शरबत, आयुर्वेदिक दवा शंखपुष्पी, एक पत्र और भगवान परशुराम की जीवनी किताब रखी गई है। संदेश साफ है—“याददाश्त तेज करो, दिमाग ठंडा रखो और इतिहास को पहचानो।” ‘इलाज’ से नहीं हुआ फायदा तो टॉप मनोचिकित्सक तैयार, रूद्र शर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि अगर इस ‘आयुर्वेदिक इलाज’ से भी दामोदर यादव को फायदा नहीं हुआ, तो ब्राह्मण समाज उनकी पूरी जिम्मेदारी उठाते हुए देश के टॉप-5 मनोचिकित्सकों से इलाज करवाने को भी तैयार है। परशुराम जयंती से पहले भड़की चिंगारी दरअसल, सिवनीमालवा में अंबेडकर यात्रा के दौरान मंच से दिए गए इस बयान ने माहौल गर्मा दिया। परशुराम जयंती से ठीक पहले आए इस बयान ने विवाद को और हवा दे दी है। यह पहली बार नहीं है जब दामोदर यादव अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में आए हों। इससे पहले भी सनातन और Dhirendra Shastri को लेकर दिए गए बयानों पर वे विवादों में रह चुके हैं। अब बढ़ता जा रहा है विरोध देशभर में ब्राह्मण समाज और सवर्ण वर्ग में इस बयान को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। सवाल यही है—क्या यह ‘बॉक्स वाला तंज’ विवाद को शांत करेगा या आग में घी का काम करेगा? अगर चाहो तो इसे और ज्यादा “टीवी डिबेट” या “तेज-तर्रार एंकर स्टाइल” में भी बना सकता हूँ।

संजय मिश्रा, विक्रम प्रताप ने महाकालेश्वर में किए दर्शन:अभिनेता संजय मिश्रा ने पारिवारिक शादी सकुशल होने पर जताया आभार

संजय मिश्रा, विक्रम प्रताप ने महाकालेश्वर में किए दर्शन:अभिनेता संजय मिश्रा ने पारिवारिक शादी सकुशल होने पर जताया आभार

अभिनेता संजय मिश्रा और विक्रम प्रताप ने मंगलवार देर शाम उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन किए। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया और पारिवारिक शादी सकुशल संपन्न होने पर आभार व्यक्त किया। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में इन दिनों फिल्मी हस्तियों का आना-जाना लगा रहता है। इसी कड़ी में बॉलीवुड अभिनेता संजय मिश्रा और फिल्म अभिनेता विक्रम प्रताप मंगलवार देर शाम मंदिर पहुंचे। दर्शन के दौरान दोनों कलाकारों ने नंदी हॉल में बैठकर ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप किया। संजय मिश्रा भगवा धोती और शर्ट पहने हुए थे। संजय मिश्रा ने बताया कि वे पहले भी कई बार महाकाल के दर्शन कर चुके हैं और हर बार उन्हें यहां आकर विशेष शांति मिलती है। विक्रम प्रताप ने भी इस अनुभव को सौभाग्यशाली बताया। अभिनेता संजय मिश्रा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मैं पहले भी कई बार यहां आ चुका हूं। घर में शादी थी, सब कुछ सकुशल हुआ, यह बाबा महाकाल की कृपा है। हम धन्यवाद देने आए थे और उन्होंने हमें फिर बुला लिया। भविष्य में भी यहां आने की इच्छा है।” विक्रम प्रताप ने बताया, “कल दीदी की शादी थी, सभी कार्य बहुत अच्छे से संपन्न हो गए। हम बाबा को धन्यवाद देने आए हैं। संजय सर भी इसी कारण यहां आए हैं। मैंने भी कुछ फिल्मों में काम किया है और यह मेरे लिए बेहद खास अनुभव है।”

स्पीड-ब्रेकर पर कार स्लो, पीछे से आ रहा टेंपो टकराया:नीमच शहर में दो युवक घायल, दोनों मनासा के रहने वाले

स्पीड-ब्रेकर पर कार स्लो, पीछे से आ रहा टेंपो टकराया:नीमच शहर में दो युवक घायल, दोनों मनासा के रहने वाले

नीमच सिटी थाना इलाके के जवासा चौराहे पर मंगलवार देर शाम चौराहे पर बने स्पीड ब्रेकर पर जैसे ही एक कार धीमी हुई, पीछे से आ रहे टेंपो ने उसमें जोरदार टक्कर मार दी। इस एक्सीडेंट में टेंपो सवार दो लोग घायल हो गए। हादसे के बाद वहां मौजूद लोगों ने तुरंत एंबुलेंस और पुलिस को फोन किया। एंबुलेंस ने मौके पर पहुंचकर दोनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टर के मुताबिक, घायलों के मुंह और गले पर काफी गंभीर चोटें आई हैं। मनासा के रहने वाले हैं घायल घायलों की पहचान विक्रम (26 साल) और शांतिलाल (60 साल) के रूप में हुई है। ये दोनों ही मनासा के रहने वाले हैं। कैसे हुआ हादसा? चश्मदीदों ने बताया कि चौराहे पर स्पीड ब्रेकर आने की वजह से कार की रफ्तार कम हो गई थी। इसी दौरान पीछे से आ रहे टेंपो का बैलेंस बिगड़ गया और वह सीधे कार से जा टकराया। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

छतरपुर में दो ट्रकों की आमने-सामने भिड़ंत:ड्राइवर केबिन में फंसा; डायल 112 टीम ने रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया

छतरपुर में दो ट्रकों की आमने-सामने भिड़ंत:ड्राइवर केबिन में फंसा; डायल 112 टीम ने रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया

छतरपुर जिले के गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र में गरेला टोल प्लाजा के पास बुधवार देर रात दो ट्रकों की आमने-सामने की टक्कर हो गई। हादसे में दोनों ट्रकों के चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। एक चालक ट्रक के केबिन में बुरी तरह फंस गया था। जानकारी के अनुसार, बरेली निवासी मुमत्याज अहमद (23 वर्ष) अपने ट्रक में माल लादकर चेन्नई जा रहे थे। गरेला टोल के आगे पहुंचते ही सामने से आ रहे एक अन्य ट्रक से उनकी सीधी भिड़ंत हो गई। दूसरा घायल चालक सागर जिले के शाहगढ़ का निवासी बताया जा रहा है। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मुमत्याज अहमद ट्रक के क्षतिग्रस्त हिस्से में बुरी तरह फंस गए थे। सूचना मिलते ही गढ़ीमलहरा पुलिस और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद मुमत्याज अहमद को केबिन से बाहर निकाला गया। गढ़ीमलहरा टीआई रीता सिंह के मुताबिक घटना की जानकारी लगते ही, पुलिस FRB डायल 112 और लोकल लोगों की मदद से रेस्कयू कर दोनों घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जिला अस्पताल में घायल मुमत्याज अहमद का इलाज जारी है।