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इवेंट में इग्नोर होने पर आया सीनियर एक्टर का रिएक्शन:कहा- ऐसा कुछ नहीं हुआ, मुझे वहां से जल्दी निकलना था; वीडियो में मंच के पीछे से उतरते दिखे थे

इवेंट में इग्नोर होने पर आया सीनियर एक्टर का रिएक्शन:कहा- ऐसा कुछ नहीं हुआ, मुझे वहां से जल्दी निकलना था; वीडियो में मंच के पीछे से उतरते दिखे थे

फिल्म गिन्नी वेड्स सनी 2 के ट्रेलर लॉन्च से जुड़े एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि इवेंट में सीनियर एक्टर सुधीर पांडे का अपमान हुआ और उन्हें नजरअंदाज किया गया। वीडियो वायरल होने के बाद फिल्म के लीड एक्टर अविनाश तिवारी की भी आलोचना होने लगी। विवाद बढ़ने पर अब सीनियर एक्टर ने खुद सफाई दी है। ट्रेलर लॉन्च से सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि फिल्म के लीड एक्टर अविनाश तिवारी और मेधा शंकर मंच पर हैं। तभी सीनियर एक्टर सुधीर पांडे पीछे की तरफ अकेले बिना कुछ कहे खड़े हैं। कुछ देर बाद ही वो पीछे से ही मंच से नीचे उतर गए। उन्हें न किसी ने रोका और न उन्हें किसी एक्टिविटी में शामिल किया गया। वीडियो वायरल होने के बाद अनिवाश तिवारी के सोशल मीडिया पर एक यूजर ने कमेंट कर लिखा, ‘अविनाश तिवारी भाई, आपने उन्हें स्टेज छोड़ते समय रोका क्यों नहीं? मैं आपकी फैन हूं, लेकिन आपसे यह उम्मीद नहीं थी।’ इस पर एक्टर ने जवाब देते हुए लिखा, ‘कैसी बात कर दी आपने, सुधीर पांडे सर आप ही कुछ बताइए।’ कुछ देर बाद इस पोस्ट में सुधीर पांडे ने भी कमेंट किया। उन्होंने लिखा, ‘अविनाश तिवारी, ये कोई बड़ी बात नहीं थी। मैं अपनी शूटिंग के बीच में हमारी फिल्म के ट्रेलर लॉन्च में शामिल होने आया था, इसलिए मुझे जल्दी वापस अपनी शूटिंग पर जाना जरूरी था।’ सोशल मीडिया पर हो रहे अपमान के दावे की पड़ताल करने के लिए जब ट्रेलर लॉन्च का पूरा वीडियो देखा गया, तो सामने आया कि फिल्म के प्रोड्यूसर विनोद बच्चन ने मंच से पहली लाइन में बैठे एक्टर सुधीर पांडे को मंच पर बुलाया था। उनके आते ही अविनाश तिवारी ने उन्हें गले भी लगाया था। एक्ट्रेस मेधा शंकर भी कई बरा उनसे बात करती दिखी थीं।

सांसद अमृतपाल की गिरफ्तारी के आसार:NSA खत्म होने से पहले अमृतसर पुलिस डिब्रूगढ़ पहुंची; थाने पर हमले के मामले में मुकदमा होगा शुरू

सांसद अमृतपाल की गिरफ्तारी के आसार:NSA खत्म होने से पहले अमृतसर पुलिस डिब्रूगढ़ पहुंची; थाने पर हमले के मामले में मुकदमा होगा शुरू

पंजाब के खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी को लेकर हलचल तेज हो गई है। पंजाब पुलिस की एक विशेष टीम असम के डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल पहुंच चुकी है, जहां अमृतपाल सिंह फिलहाल National Security Act यानी (एनएसए) के तहत बंद हैं। अमृतपाल सिंह की एनएसए हिरासत 22 अप्रैल को समाप्त हो रही है। सूत्रों के अनुसार जैसे ही उनकी नजरबंदी खत्म होगी अमृतपाल सिंह को अजनाला मामले में गिरफ्तार करके स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा, जहां से रिमांड लिया जाएगा। इसके बाद मुकदमे की कार्रवाई शुरू होने की संभावना है। अप्रैल 2023 में किया था अमृतपाल को गिरफ्तार अमृतपाल सिंह को अप्रैल 2023 में मोगा के रोड़े गांव से गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले फरवरी 2023 में अजनाला पुलिस थाना पर हमले का मामला सामने आया था, जहां वे अपने समर्थकों के साथ मिलकर बैरिकेड्स तोड़कर थाने में दाखिल हुए थे और एक साथी को छुड़ाने के लिए पुलिस से झड़प भी हुई थी। हथियारों के साथ थाने पर धावा बोला। गिरफ्तारी के बाद ट्रायल की प्रक्रिया तेज इस मामले में अमृतपाल सिंह समेत कुल 41 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, आपराधिक साजिश और दंगा जैसे गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, अमृतपाल इस केस के मुख्य आरोपी हैं और उनकी गिरफ्तारी के बाद ट्रायल की प्रक्रिया तेज की जाएगी। इसके अलावा, अमृतपाल सिंह के खिलाफ विभिन्न जिलों में कई अन्य मामले भी दर्ज हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला न केवल कानूनी बल्कि राजनीतिक रूप से भी अहम मोड़ ले सकता है।

काली कोहनी और घुटने: काली कोहनी और घुटनों पर जमे हुए मेल से हैं परेशान, तो इन घरेलू उपायों से करें साफ, 2 दिन में निकलेगी त्वचा

काली कोहनी और घुटने: काली कोहनी और घुटनों पर जमे हुए मेल से हैं परेशान, तो इन घरेलू उपायों से करें साफ, 2 दिन में निकलेगी त्वचा

कोहनी और घुटने का काला पड़ना: लोग अक्सर अपने चेहरे की देखभाल पर पूरा ध्यान देते हैं, लेकिन कोहनी और पैरों को चोट पहुंचाते हैं। यही कारण है कि समय के साथ इन आदर्शों की त्वचा काली और रूखी दिखती है। यह समस्या बेहद आम है, जो धूप, धूल, घर्षण और मॉश्चर की कमी का कारण बनती है। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान घरेलू उपायों से इस डार्कनेस की बात काफी हद तक कम की जा सकती है। आइए ऐसे ही कुछ नुस्खों के बारे में जानते हैं, जिन्हें आप घर पर ही इस्तेमाल कर सकते हैं। लैपटॉप में मौजूद सिलिकॉन सिलिकॉन के रंग को प्रभावित करने में मदद मिलती है। जबकि हायफिन को डेप्थ से ग्रैजुएट कर उसे सॉफ्ट बनाता है। इसके लिए एक बड़े पैमाने पर रस में थोड़ा सा हाथ पैर और पैर की अंगुली पर और करीब 20 मिनट बाद धो लें। कुछ दिनों में ही इसके इस्तेमाल से साफ असर नजर आने लगता है। बेसन त्वचा की सफाई और डेड त्वचा त्वचा को हटाने में मदद करता है, वहीं हल्दी के एंटीसेप्टिक गुण त्वचा को बनाए रखना है। दो बेसन में हल्का सा हल्दी और दूध पेस्ट पेस्ट तैयार करें और इसे प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं। बेकार के बाद प्यारे हाथों से राँघते हुए धो लें। इसका इस्तेमाल करने से त्वचा में साफा ग्लो नजर आता है। एलोवेरा जेल स्किन को ठंडक देने के साथ-साथ डार्कनेस कम करने में भी मदद मिलती है। रोज़ रात को सोने से पहले ताजा एलोवेरा जेल को कोहनी और होठों पर हल्के हाथों से मसलें। कुछ ही दिनों में साशा की झलक और झलकियां। मृत त्वचा सेल्स जाम से भी कोहनी और दांत काले दिखाई दे रहे हैं। इसलिए सप्ताह में कम से कम दो बार आवेदन करना जरूरी है। इसके लिए चीनी और तेल को मिलाकर पॉलिएस्टर तैयार करें और हाथों से हाथों से राँचें। इससे डेड स्किन हटेगी और स्किन साफ ​​व चमकदार दिखेंगी। (टैग्सटूट्रांसलेट)काली कोहनियां(टी)काले घुटने(टी)त्वचा को गोरा करने के घरेलू उपाय(टी)प्राकृतिक त्वचा देखभाल युक्तियाँ(टी)नींबू शहद के लाभ(टी)बेसन हल्दी त्वचा की देखभाल(टी)एलोवेरा त्वचा की देखभाल(टी)एक्सफोलिएशन युक्तियाँ(टी)मृत त्वचा को हटा दें(टी)प्राकृतिक रूप से चमकती त्वचा

सरकार ने अश्वगंधा के पत्तों को किया बैन, आयुर्वेद में इनका इस्तेमाल किया जाता है या नहीं, एक्सपर्ट से जानिए

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Last Updated:April 21, 2026, 13:16 IST Ashwagandha Uses in Ayurveda: अश्वगंधा को आयुर्वेद की सबसे शक्तिशाली जड़ी-बूटी माना जाता है. आयुर्वेद में अश्वगंधा की जड़ों को शरीर के लिए बेहद फायदेमंद माना गया है. हालांकि कई हर्बल सप्लीमेंट्स में अश्वगंधा के पत्ते और इसका अर्क भी इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसे फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने बैन कर दिया है. आयुर्वेद में अश्वगंधा के पत्तों का इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दी जाती है. इन पत्तों का सेवन करने से शरीर में टॉक्सिसिटी हो सकती है. FSSAI ने अश्वगंधा के पत्तों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. Ashwagandha Root vs Leaves: सदियों से अश्वगंधा को शक्तिशाली जड़ी-बूटी माना जा रहा है. आयुर्वेदिक ग्रंथों के अनुसार अश्वगंधा की जड़ें सेहत के लिए अमृत समान होती हैं. सही मात्रा में इनका सेवन करने से कई स्वास्थ्य समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है. अश्वगंधा को एक औषधि माना गया है, जो शरीर की ताकत बढ़ाने, तनाव कम करने और इम्यूनिटी सुधारने में मदद करती है. हाल ही में फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने अश्वगंधा के पत्तों और इसके अर्क के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. कई हर्बल सप्लीमेंट्स और दवाओं में इसके पत्तों का यूज किया जा रहा था, जिसके बाद सरकार ने यह फैसला लिया है. अब सवाल है कि आयुर्वेद में अश्वगंधा का कैसे इस्तेमाल किया जाता है और पत्तों को लेकर एक्सपर्ट्स की क्या राय है. यूपी के प्रेम रघु आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल और आयुर्वेदाचार्य डॉ. सरोज गौतम ने News18 को बताया आयुर्वेद में अश्वगंधा को एक औषधीय पौधा माना गया है, लेकिन इसके अलग-अलग हिस्सों का उपयोग अलग-अलग तरीकों से किया जाता है. कई ग्रंथों में इसकी जड़ों का सेवन करने का बात कही गई है. अश्वगंधा की जड़ में सबसे अधिक सक्रिय औषधीय तत्व पाए जाते हैं, जैसे विथानोलाइड्स. ये तत्व तनाव कम करने और शरीर को एनर्जी देने में मदद करते हैं. यही कारण है कि आयुर्वेदिक दवाओं और सप्लीमेंट्स में अधिकतर जड़ का ही उपयोग किया जाता है. इसे नींद सुधारने, मानसिक तनाव घटाने और शारीरिक कमजोरी दूर करने में भी उपयोगी माना जाता है. अश्वगंधा की जड़ें सही तरह इस्तेमाल करने से गजब के फायदे मिल सकते हैं. अश्वगंधा के पत्तों पर क्या कहता है आयुर्वेद आयुर्वेद एक्सपर्ट के मुताबिक पत्तों का उपयोग कुछ सप्लीमेंट्स और हर्बल उत्पादों में उपयोग बढ़ा है, लेकिन आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से इनका उपयोग मुख्य औषधि के रूप में नहीं किया जाता. पत्तों में सक्रिय तत्वों की मात्रा जड़ की तुलना में कम और असंतुलित हो सकती है, इसलिए इनके उपयोग को लेकर सावधानी जरूरी है. इसके पत्तों में विथायनोन नामक तत्व बहुत ज्यादा हो सकता है. ऐसे में अश्वगंधा के पत्ते खाने से शरीर में टॉक्सिसिटी हो सकती है. यही वजह कि आयुर्वेदिक एक्सपर्ट अश्वगंधा को लेकर बेहद सावधानी बरतने की सलाह देते हैं. इसकी जड़ों का इस्तेमाल भी एक्सपर्ट की सलाह के अनुसार करना चाहिए. अश्वगंधा की जड़ के हेल्थ बेनिफिट्स अश्वगंधा की जड़ को आयुर्वेद में अत्यंत शक्तिशाली औषधि माना जाता है, जो शरीर और मन दोनों के लिए कई तरह से फायदेमंद होती है. अश्वगंधा की जड़ का नियमित और संतुलित सेवन नींद की गुणवत्ता सुधारने, चिंता और थकान कम करने और एनर्जी लेवल बढ़ाने में मदद करता है. पुरुषों में यह ताकत और स्टैमिना बढ़ाने के साथ-साथ हार्मोन संतुलन में भी सहायक मानी जाती है, जबकि महिलाओं के लिए भी यह हार्मोनल हेल्थ को सपोर्ट करती है. यह मांसपेशियों की मजबूती, दिमागी कार्यक्षमता और एकाग्रता बढ़ाने में भी उपयोगी होती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 21, 2026, 13:16 IST

Summer Tips: गर्मियों में रामबाण है आंवला मुरब्बा! कब्ज-एसिडिटी से दिलाए राहत, ऐसे करें सेवन

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Last Updated:April 21, 2026, 13:01 IST गर्मियों की तपती धूप में शरीर को ठंडक और सेहत दोनों चाहिए और इसका देसी जवाब है आंवला का मुरब्बा. खट्टा-मीठा स्वाद वाला यह पारंपरिक फूड सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि कई बीमारियों से बचाव का भी आसान उपाय है. तराई क्षेत्रों में मिलने वाला आंवला, जब मुरब्बे के रूप में इस्तेमाल होता है, तो यह इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर पेट की समस्याओं तक में राहत देने वाला प्राकृतिक टॉनिक बन जाता है. लखीमपुर खीरी. गर्मियों का मौसम शुरू होते ही लोग अपने खान-पान को लेकर ज्यादा सजग हो जाते हैं. इस समय ऐसी चीजों की तलाश रहती है जो शरीर को ठंडक पहुंचाए और साथ ही सेहत के लिए भी फायदेमंद हो. यही कारण है कि पारंपरिक देसी खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है, जिनमें मुरब्बा एक खास स्थान रखता है. गर्मियों के मौसम में मुरब्बा की डिमांड अधिक रहती है क्योंकि मुरब्बा हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद पाया जाता है. खीरी जिले के तराई इलाके में आंवला के पौधे अधिक पाए जाते हैं, ऐसे में सर्दियों के मौसम में आंवला आपको बाजारों में मिल जाएगा. वहीं गर्मियों के मौसम में आंवला का मुरब्बा किसी देसी औषधि से कम नहीं है. आंवला में विटामिन सी और एंटी आक्सीडेंट से भरपूर होता है ऐसे में पाचन से लेकर कई बीमारियों के लिए रामबाण माना जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google लोकल 18 से बातचीत करते हुए राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय की डॉक्टर ऋचा श्रीवास्तव ने बताया कि गर्मियों के मौसम में सुबह खाली पेट मुरब्बा का सेवन करने से कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याओं से आपको राहत मिल जाएगी. पेट साफ ना हो पाने के कारण मुंह में छाले हो जाते हैं, ऐसे में मुरब्बा का सेवन करने से पेट की गर्मी शांत होती है. आंवला का मुरब्बा इम्यूनिटी बूस्टर होता है, जोकि हमारे शरीर को रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है. बदलते मौसम के कारण खांसी, जुकाम जैसी समस्याओं से भी राहत दिलाता है, सुबह खाली पेट मुरब्बा खाने से त्वचा में निखार आता हैं. आप आसानी से घर पर मुरब्बा बना सकते हैं इसके लिए सबसे पहले आपको आंवला लेना होगा, उसके बाद आंवला को साफ़ पानी से धो लें. फिर आंवला में छेद कर गर्म पानी में उबाल लें. फिर 1 किलो चीनी की चाशनी तैयार कर ले, चाशनी की सफाई के लिए 1 चम्मच दूध डालें और ऊपर आने वाले जांघ को हटा दें. चिपचिपा होने तक उबालें, इसमें आप इलायची पाउडर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. फिर उसके बाद उबले हुए आंवला को चाशनी में डूबा दे. 4 से 5 दिन के लिए आप मुरब्बा को एक सुरक्षित स्थान पर रख दें, इसके बाद आप इसका सेवन कर सकते हैं. First Published : April 21, 2026, 13:01 IST

इंदौर एक्सिस बैंक की 'ऑपरेशन-हेड' का खुलासा:अधिकारी केबिन में बुलाकर करते थे गंदी बातें-अश्लील इशारे, अधिकारी की धमकी-'तुझे तो बैंक बर्बाद कर देगा'

इंदौर एक्सिस बैंक की 'ऑपरेशन-हेड' का खुलासा:अधिकारी केबिन में बुलाकर करते थे गंदी बातें-अश्लील इशारे, अधिकारी की धमकी-'तुझे तो बैंक बर्बाद कर देगा'

इंदौर में एक्सिस बैंक की पूर्व महिला मैनेजर ने बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों पर शारीरिक और मानसिक शोषण के साथ-साथ वित्तीय धोखाधड़ी के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने मंगलवार को इंदौर कलेक्टर को ‘जनसुनवाई’ में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। शिकायत में न केवल कार्यस्थल पर होने वाले दुर्व्यवहार का जिक्र है, बल्कि नौकरी छोड़ने के बाद भी बैंक प्रबंधन द्वारा उनके हक का पैसा रोकने और डराने-धमकाने की बात कही गई है। एक्सिस बैंक की चोइथराम मंडी शाखा में ‘ऑपरेशन हेड’ के पद पर कार्यरत रहीं नेहा ने बताया कि उनका कार्यकाल फरवरी 2023 से मई 2025 तक रहा। इस दौरान उनका प्रदर्शन शानदार था और उन्हें ‘4 आउट ऑफ 5’ की रेटिंग के साथ कई अवॉर्ड भी मिले, लेकिन इस सफलता के पीछे की कहानी बेहद दर्दनाक है। दो-तीन घंटे केबिन में खड़ा रखा जाता था नेहा का आरोप है कि सीनियर अधिकारी उन्हें केबिन में बुलाकर अश्लील इशारे करते थे और दोहरे अर्थ वाली बातें की जाती थीं। हद तो तब हो गई जब उन्हें मासिक धर्म (पीरिड्स) के दौरान भी दो-तीन घंटे तक केबिन में खड़ा रखकर मीटिंग ली जाती थी और कुर्सी खाली होने के बावजूद बैठने नहीं दिया जाता था। बैंक की अनिवार्य छुट्टियां भी उन्हें नहीं दी जाती थीं। नौकरी छोड़ने के बाद भी नहीं खत्म हुआ संकट वरिष्ठ अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर नेहा ने अंततः इस्तीफा दे दिया। उन्होंने तीन महीने का नोटिस पीरियड भी पूरा किया, लेकिन आरोप है कि इस दौरान भी उन्हें मानसिक रूप से तोड़ा गया। जब उन्होंने अपने बकाया बोनस की मांग की, तो बैंक के क्षेत्रीय और जोनल स्तर के अधिकारियों ने कथित तौर पर अपनी पहुंच का फायदा उठाकर उनका भुगतान रुकवा दिया। नेहा का कहना है कि जब उन्होंने समाधान पोर्टल और लेबर एनफोर्समेंट ऑफिसर के माध्यम से शिकायत की, तो बैंक अधिकारियों ने मध्यस्थता बैठक में आने से साफ इनकार कर दिया। ‘बैंक तुझे बर्बाद कर देगा’ अधिकारियों की धमकी शिकायत पत्र के अनुसार जब लेबर ऑफिसर के कार्यालय में मामला पहुंचा, तो बैंक कर्मचारियों ने वहां भी अड़ियल रवैया अपनाया। नेहा का आरोप है कि बैंक अधिकारियों ने ऑफिस से बाहर निकलकर उन्हें खुलेआम धमकी दी कि “तुझे तो बैंक बर्बाद कर देगा।” पीड़िता ने बताया कि अब उन्हें भोपाल और जबलपुर के चक्कर लगवाकर शारीरिक और मानसिक रूप से और अधिक प्रताड़ित किया जा रहा है, ताकि वे अपनी शिकायत वापस ले लें। शी-बॉक्स पोर्टल और शासन से न्याय की उम्मीद नेहा ने बताया कि बैंक में रहते हुए वह डर के कारण चुप रहीं क्योंकि उन्हें करियर बर्बाद करने और वेतन रोकने की धमकी दी जाती थी, लेकिन अब सरकार की महिला नीति और ‘शी-बॉक्स’ पोर्टल से प्रेरणा लेकर उन्होंने आवाज उठाई है। उन्होंने कलेक्टर से निवेदन किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी बैंक अधिकारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। आवेदन में उन्होंने बैंक के एचआर हेड प्रवीण चंद्रा और डिप्टी एचआर शिवम गुप्ता के नाम का भी उल्लेख किया है, जिन पर इस पूरी प्रताड़ना में शामिल होने या उसे नजरअंदाज करने का संदेह है। 2 लाख रुपए रोके पीड़िता ने बताया कि जब उसने परेशान होकर नौकरी से इस्तीफा दिया, तब उसका एक साल का 2 लाख रुपए बोनस बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों ने देने से मना कर दिया। अधिकारियों ने तर्क दिया कि बैंक की पॉलिसी के कारण यह पैसा नहीं मिलेगा। वहीं पीड़िता इस मामले में 2025 से लगातार बैंक, लेबर ऑफिस, शी-बॉक्स पोर्टल पर शिकायत कर रही है, लेकिन कहीं से भी कोई कार्यवाही नहीं होने के बाद आज पीड़िता जनसुनवाई में पहुंची। मेरे पास उनकी कोई शिकायत नहीं आई एक्सिस बैंक के डिप्टी एचआर शिवम गुप्ता ने बताया कि मेरे पास उनकी कोई शिकायत नहीं आई है। उनको बैंक से अभी तक बोनस नहीं मिला है इसकी शिकायत हमारे पास आई है, बैंक की पॉलिसी के कारण वह बोनस के लिए एलिजिबल नहीं हैं। बाकी उनके साथ बैंक में क्या हुआ, उन्होंने कहां शिकायत की है। इसकी हमें कोई जानकारी नहीं है।

जीसीसी में नियुक्तियां 14% बढ़ीं, पर जेनजी नहीं टिक रहे:कंपनियां 2.5 गुना तक ज्यादा सैलरी देने को तैयार, हैदराबाद सबसे तेज उभरता हब

जीसीसी में नियुक्तियां 14% बढ़ीं, पर जेनजी नहीं टिक रहे:कंपनियां 2.5 गुना तक ज्यादा सैलरी देने को तैयार, हैदराबाद सबसे तेज उभरता हब

देश के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) में नौकरियों का बाजार फिर चमकने लगा है। साल 2026 की चौथी मार्च तिमाही में भर्तियों में 12 से 14% की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई। क्वेस कॉर्प की रिपोर्ट के मुताबिक, यह ग्रोथ पिछले तिमाही के 4-6% के मुकाबले दोगुने से ज्यादा है। हालांकि एआई और डेटा जैसे एडवांस स्किल्स में 42% तक टैलेंट की कमी है। इसी वजह से कंपनियां एक्सपर्ट्स को आकर्षित करने के लिए 1.5 से 2.5 गुना तक ज्यादा सैलरी पैकेज ऑफर कर रही हैं। भर्तियों के मामले में टियर-1 शहरों का दबदबा बरकरार है। कुल भर्तियों में 88-90% हिस्सा मेट्रो शहरों का है। हैदराबाद सबसे तेजी से उभरते हुए हब के रूप में सामने आया है। बेंगलुरु नियुक्तियों के मामले में अब भी नंबर-1 बना हुआ है। टियर-2 शहरों अपनी बढ़त बढ़ा रहे हैं। कोयंबटूर, जयपुर, कोच्चि और अहमदाबाद जैसे शहरों की हिस्सेदारी बढ़कर 10-12% हो गई है। हालांकि, हाई-कॉम्प्लेक्सिटी वाले बड़े काम अब भी मेट्रो शहरों में ही सिमटे हैं। 3 बड़े बदलाव, रिप्लेसमेंट हायरिंग बढ़ी, कन्ट्रैक्ट जॉब्स का बढ़ रहा क्रेज – जेन-जी वर्कफोर्स किसी भी रोल में औसतन 24 महीने से भी कम समय तक टिक रही है। छोटे एम्प्लॉयमेंट साइकिल की वजह से टैलेंट रोक कर रखने की चुनौती बढ़ गई है। – एआई और प्लेटफॉर्म ट्रांसफॉर्मेशन जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए कंपनियां अब पक्की नौकरी के बजाय फ्लेक्सिबल स्टाफिंग अपना रही हैं। इस तिमाही में 25% भर्तियां कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर हुईं। – कुल भर्तियों में 40% हिस्सा ‘रिप्लेसमेंट’ का है। यानी कंपनियां नए पद कम सृजित कर रही हैं, बल्कि नौकरी छोड़ने वालों की जगह नई भर्तियां ज्यादा कर रही हैं। एआई में बड़ा स्किल गैप रिपोर्ट के अनुसार, करीब 60% नई नौकरियां एआई, डेटा और प्लेटफॉर्म स्किल्स से जुड़ी हैं। मांग और सप्लाई के बीच बड़ा अंतर बना हुआ है: सेक्टर/स्किल- टैलेंट की कमी एआई-डेटा- 38%-42% प्लेटफॉर्म इंजीनियरिंग- 32%-36% क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर- 28%-32% आईटी ही नहीं, रियल एस्टेट और इंफ्रा सेक्टर में भी तेजी जीसीसी में हो रही यह रिकवरी अब केवल आईटी या टेक सेक्टर तक सीमित नहीं रह गई। इनमें सबसे आगे रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर है, जहां 18% की ग्रोथ देखी गई है। इसके बाद प्रोफेशनल सर्विसेज में 16% और कंस्ट्रक्शन व इंजीनियरिंग सेक्टर में 15% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ट्रैवल और सामान की आवाजाही से जुड़े हॉस्पिटैलिटी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी 13% ज्यादा भर्तियां हुई हैं। यह ट्रेंड संकेत दे रहा है कि बाजार में चौतरफा रिकवरी लौट रही है। अब सपोर्ट नहीं रणनीतिक हब बन रहे देश के जीसीसी आईटी स्टाफिंग के सीईओ कपिल जोशी का मानना है कि भारत में मौजूद ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के काम करने के तरीके में बदलाव आया है। ये केंद्र बैक-ऑफिस सपोर्ट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दुनिया भर के बिजनेस के लिए स्ट्रैटेजिक फैसले ले रहे हैं।

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को पहले चरण की वोटिंग, 152 सीटों पर मतदान होगा

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को पहले चरण की वोटिंग, 152 सीटों पर मतदान होगा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अप्रैल के पहले चरण में 23 को 16 को 152 को क्वार्टर पर मतदान होगा। इनमें उत्तर बंगाल के आठ, दक्षिण बंगाल के तीन और जंगलमहल क्षेत्र के 5 जिले शामिल हैं। पहले चरण के दौरान मतदान सुबह 7 बजे से शुरू होगा, जो शाम 6 बजे तक जारी रहेगा। हालाँकि, कुछ क्षेत्रीय इलाकों में सुरक्षा की दृष्टि से समय थोड़ा कम हो सकता है (जैसे शाम 5 बजे तक), लेकिन आम तौर पर मतदान शाम 7 बजे से शुरू होता है। पहले चरण में ज्यादातर दक्षिण और पश्चिम बंगाल के जिले शामिल हैं। इनमें पुरुलिया, बांकुरा, झाड़ग्राम, पश्चिम मेदिनीपुर, पूर्व मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना जैसे जिले आते हैं। इसके अलावा कोलकाता और कोलोराडो की कुछ अन्य पार्टियों के लिए भी इसी चरण में मतदान होगा। तेलंगाना में कई ऐसी वस्तुएं हैं जो काफी चर्चा में रहती हैं और राजनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण मणियां हैं। जैसे नंदीग्राम, खड़गपुर, पुरुलिया, बांकुरा और सफाईग्राम। इन सुझावों पर आम तौर पर कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है ये भी पढ़ें: बंगाल चुनाव 2026: हिमंता बिस्वा सरमा का बंगाल में हुंकार, कहा- ‘100 फीसदी बीजेपी की सरकार बन रही है क्योंकि…’ पहला चरण चुनाव क्यों है खास? पहले चरण को खास इसलिए भी माना जाता है क्योंकि यह पूरे चुनाव का माहौल है। यहां के अवलोकन से यह लगता है कि आगे के चरण में किस पार्टी को बढ़त मिल सकती है। खासकर कांग्रेस कांग्रेस (टीएमसी) और बीजेपी (बीजेपी) के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है। इसके अलावा, इस चरण में आने वाले कई क्षेत्रीय ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र हैं, जहां वोट के तरीके और मुद्दे विश्राम शहरों से अलग-अलग होते हैं। इसलिए यहां वोटिंग पैटर्न पर भी अलग नजर आती है और यह चुनाव को दिलचस्प बना देता है। पश्चिम बंगाल की हॉट सीट पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में ऐसी कई तस्वीरें हैं जो सबसे ज्यादा चर्चा में हैं और हॉट सीट मानी जा रही हैं। इन पोर्टफोलियो में बड़े नेताओं की साख हिस्सेदारी है और प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी देखने को मिल रही है। सबसे बड़ी चर्चा भवानीपुर सीट की हो रही है। यह सीट बहुत अहम मानी जाती है क्योंकि यहां से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव लड़ रही हैं। उनके सामने बीजेपी के सुवेंदु अधिकारी हैं, जिससे यह मुकाबला सीधा और बेहद दिलचस्प हो गया है। यह सत्य और प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। पानीहाटी सीट डेमोक्रेट में पानी हटी सीट भी इस बार रिपब्लिकन में है। यह सीट उत्तर 24 परगना जिले में आती है। हाल ही में सामने आए एक बड़े आपराधिक मामले के बाद यह सीट चर्चा में आई। बीजेपी ने यहां पर कातिल की मां रत्ना देबनाथ को उम्मीदवार बनाया है, जबकि मंज़िल की तरफ से तीर्थंकर घोष मैदान में हैं। इसी वजह से यहां चुनावी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर अहम बन गया है। नंदीग्राम सीट भी एक बार फिर केंद्र में है। इसे पहले ममता बनर्जी का मजबूत गढ़ माना जाता था, लेकिन अब यहां सुवेंदु अधिकारी की चुनौती के कारण प्रतिस्पर्धा बहुत कठिन हो गई है। इस सीट पर हर किसी की नजर बनी हुई है. मालदा और मुर्शिदाबाद जिले के कई श्रद्धालु भी इस बार खास हैं। यहां मुकाबला सीधा नहीं बल्कि तीन तरफा हो गया है, क्योंकि कांग्रेस भी चुनावी मुकाबले से अलग है। अंतर्राष्ट्रीय का होना अभी भी दिलचस्प और अनिश्चित माना जा रहा है। ये भी पढ़ें: विधानसभा चुनाव 2026 लाइव: सीएम ममता बनर्जी का बीजेपी पर बड़ा आरोप, कहा- ‘मेरा विमान 30 मिनट तक हवाईअड्डे पर दौड़ा, सहयोगी अधिकारियों को…’ (टैग्सटूट्रांसलेट)डब्ल्यूबी चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पहले चरण का मतदान(टी)नंदीग्राम सीट(टी)टीएमसी बनाम बीजेपी(टी)बंगाल चुनाव की तारीख(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव चरण 1(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पहले चरण का मतदान(टी)नंदीग्राम सीट(टी)टीएमसी बनाम भाजपा(टी)बंगाल चुनाव की तारीख(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव का पहला चरण

ग्वालियर में प्रॉपर्टी कारोबारी से पिस्टल दिखाकर ओरल सेक्स:मारपीट की, दस-दस लाख के तीन चेक साइन कराए, दुश्मन को गालियां देते वीडियो बनाए

ग्वालियर में प्रॉपर्टी कारोबारी से पिस्टल दिखाकर ओरल सेक्स:मारपीट की, दस-दस लाख के तीन चेक साइन कराए, दुश्मन को गालियां देते वीडियो बनाए

ग्वालियर में बेखौफ गुंडों ने एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के संचालक प्रॉपर्टी कारोबारी को अपने रूम पर बंधक बनाकर पिस्टल की दम पर उसके साथ ओरल सेक्स किया और मारपीट की। इतना ही नहीं ऑनलाइन पेमेंट करवाकर शराब की बोतल मंगाई। 10-10 लाख रुपए के तीन चेक साइन करवाए। गुंडों ने अपने दुश्मन को गालियां दिलवाकर वीडियो बनाए और पीड़ित के मोबाइल से ही भेजे। गुंडों का दुश्मन पीड़ित का बिजनेस पार्टनर भी है। जिससे आरोपियों का विवाद चल रहा है। घटना 15 अप्रैल शाम 5:30 से रात 9 बजे के बीच की है। घबराए प्रॉपर्टी कारोबारी ने अब जाकर पुलिस से शिकायत की है। मुख्य आरोपी ओमकार सिकरवार, मृतक गैंगस्टर पंकज सिकरवार का भाई है। पुलिस ने सोमवार को आरोपियों पर मामला दर्ज कर लिया है। बातचीत करने के लिए बुलाया था शहर के गोला का मंदिर इलाके में रहने वाले एक 48 वर्षीय युवक कंस्ट्रक्शन कंपनी का संचालन करता है और प्रॉपर्टी की खरीद फरोख्त का व्यवसाय करते हैं। ठेकेदार का कहना है कि वह पिछले 10 साल से ओमकार सिंह उर्फ भूरे सिकरवार को जानते हैं। ओमकार उनके दोस्त पंकज सिकरवार का छोटा भाई है। पंकज गैंगस्टर था और 10 जुलाई 2019 को उसकी शूटर्स ने गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। 15 अप्रैल को भूरे सिकरवार उर्फ ओमकार सिंह ने ठेकेदार को कॉल कर सोनू राठौर से चल रहे लेनदेन को लेकर बातचीत करने के लिए बुलाया। जिस पर वह पीतांबरा धर्मकांटा पहुंचा। यह धर्मकांटा ओमकार सिकरवार का है। कुछ देर इंतजार के बाद ओमकार सिंह तथा गौरी यादव ब्रेजा कार से वहां पर पहुंचा और उसे लेकर धर्मकांटे के ऑफिस पहुंचे। कमरे में ले जाकर बंधक बना लिया ऑफिस में ओमकार के आधा दर्जन साथी पहले से ही बैठे हुए थे। उनके अंदर आते गुंडों ने गाली गलौज करते हुए कहा कि आज बुरा फंसा है तू हमारे बीच। यहां से अब जिंदा नहीं जा पाएगा। इसके बाद उन्होंने शराब के लिए पैसे मांगे और पैसे नहीं होने पर QR कोड उसे दिया, जिस पर उसने अपने बेटे से कॉल कर पंद्रह सौ रुपए का पेमेंट कराया। गुंडे ने पिस्टल अड़ाकर किया ओरल सेक्स बदमाश ओमकार सिकरवार ने ठेकेदार पर पिस्टल अड़ाकर उसके साथ ओरल सेक्स किया। जिसका गुंडे का साथी गौरी यादव अपने मोबाइल से वीडियो बनाता रहा। इसके बाद आरोपी ने उससे उसके मित्र सोनू राठौर के लिए अपशब्द बुलवाए, जिन्हें भी वीडियो में सूट किया था। इसके बाद उन्होंने सोनू राठौर को बुलवाने का दबाव बनाया, लेकिन ठेकेदार ने कॉल नहीं किया। पिस्टल अड़ाकर तीन दस-दस लाख के चेक साइन कराए ओमकार सिकरवार व उसके साथी इंद्रपाल सिंह तोमर, जितेन्द्र सिकरवार ने पिस्टल अड़ाकर उससे चेक बुक मंगाने को कहा। नहीं मंगाने पर गोली मारने की धमकी दी। डर कर उसने अपने बेटे को कॉल किया तो वह चेक बुक लेकर वहां पर पहुंचा। इसके बाद तीन चेक दस-दस लाख के भरवाकर साइन करा लिए। जिसमें एक चेक ठेकेदार की पत्नी के नाम अकाउंट से था और दो चेक ठेकेदार के नाम से अकाउंट के थे। थप्पड़ों से पीटा, बुलवाया अपनी मर्जी से दिए चेक आरोपियों ने उसकी बेटे के सामने ही थप्पड़ों से मारपीट कर वीडियो सूट कर बुलवाया कि वह अपने लेनदेन के पैसों के चेक दिए हैं। करीब तीन घंटे बंधक रखने के बाद आरोपियों ने रात नौ बजे उसे छोड़ा। इसके बाद वह थाने पहुंचा और शिकायत की। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना सीएसपी महाराजपुरा ने बताया कि दोनों ही पक्ष में पहले से ही विवाद चल रहा है। एक पक्ष ने शिकायत की थी कि पिस्टल की दम पर उसके साथ गंदी हरकत की है। जिस पर मामला दर्ज कर लिया है आरोपियों की तलाश की जा रही है।

पंजाब में 5 दिन 8-10 घंटे बिजली कट लगेंगे:लुधियाना में सबसे ज्यादा, जालंधर-मोहाली, अमृतसर, बठिंडा, पटियाला में भी कट, शेड्यूल जानें

पंजाब में 5 दिन 8-10 घंटे बिजली कट लगेंगे:लुधियाना में सबसे ज्यादा, जालंधर-मोहाली, अमृतसर, बठिंडा, पटियाला में भी कट, शेड्यूल जानें

पंजाब में लोगों को अगले 5 दिन लंबे बिजली कट झेलने पड़ सकते हैं। पावरकॉम (PSPCL) की तरफ से बिजली कट लगाने को लेकर पब्लिक नोटिस जारी किया गया है। जिसके मुताबिक 21 अप्रैल से 28 अप्रैल तक लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, बठिंडा और पटियाला में लंबे बिजली कट लगेंगे। इसके लिए पावरकॉम ने बिजली डिस्ट्रिब्यूशन में सुधार और मॉडर्नाइजेशन का हवाला दिया है। इन शहरों में 8 से लेकर 10 घंटे तक का पावर कट रहेगा। हालांकि पंजाब में लगातार गर्मी बढ़ रही है और मौसम विभाग ने 3 दिन के लिए हीटवेव का यलो अलर्ट जारी किया है। 21 जिलों में टेंपरेचर 35 पार हो चुका है। सेहत विभाग को एडवाइजरी भी जारी करनी पड़ गई। वहीं अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखते हुए स्पेशल वार्ड बनाने के साथ 24 घंटे स्टाफ तैनात किया गया है। ऐसे में बिजली कटों से गर्मी के हालात और बिगड़ सकते हैं। डेटवाइज जानिए, कहां, कब और कितनी देर के कट लगेंगे 21 अप्रैल 22 अप्रैल: 23 अप्रैल: 24 अप्रैल: 25 अप्रैल: 26 अप्रैल: गर्मी से बिजली की डिमांड साढ़े 3 हजार मेगावाट बढ़ चुकी पावरकॉम के मुताबिक पंजाब में बिजली की डिमांड अभी 6 हजार मेगावाट के करीब है। हालांकि टेंपरेचर बढ़ने पर कुछ दिन पहले यह डिमांड 9500 मेगावाट तक पहुंच गई थी। पंजाब में बिजली का उत्पादन 3300 मेगावाट के करीब है और केंद्रीय पूल से 2700 मेगावाट बिजली खरीदी जा रही है। अप्रैल के दूसरे सप्ताह तक बिजली की डिमांड आम तौर पर 5 से 6 हजार मेगावाट के बीच में ही रहती है। आजकल पंजाब में व्यापक स्तर पर मेंटेनेंस कट लग रहे हैं, इसलिए बिजली की डिमांड कम आ रही है। पावरकॉम के मुताबिक पूरे राज्य में जब टेंपरेचर जब 40 डिग्री के पार पहुंचता है तो सूबे में डिमांड 10 हजार मेगावाट के आसपास रहती है।