आज IPL में DC-SRH का मुकाबला:पिछले मैच में ईशान पहली गेंद पर हुए थे आउट, आज बड़ी पारी की उम्मीद

आज IPL में पहला मुकाबला सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) के बीच हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। SRH की कप्तानी बिहार के ईशान किशन कर रहे हैं। इस मैच में ईशान से बड़ी पारी की उम्मीद है, क्योंकि CSK के खिलाफ पिछले मैच में वो अपना खाता भी नहीं खोल सके थे और 0 पर आउट हो गए थे। हालांकि, उनकी टीम ने ये मैच जरूर जीत लिया था, मगर ईशान खुद इस जीत से संतुष्ट नहीं दिखे थे। उनका मानना था कि टीम के बल्लेबाज बेहतर प्रदर्शन करके और ज्यादा स्कोर बना सकते थे। ईशान ने RR के खिलाफ 30 गेंदों में अर्धशतक जड़ा था उनकी टीम फिलहाल पॉइंट्स टेबल में चौथे स्थान पर है, जिसमें 6 में से 3 मैच जीते हैं। RR के खिलाफ मैच में ईशान ने शानदार प्रदर्शन किया था और 30 गेंदों में अर्धशतक जड़ा था। दूसरी ओर बिहार के साकिब हुसैन ने भी अपने प्रदर्शन से सबको चौंका दिया है। साकिब ने IPL के अपने डेब्यू मैच में 4 विकेट लिए थे। वहीं, CSK के खिलाफ मैच में उन्होंने 1 विकेट लिए थे। उन्होंने शिवम दुबे को आउट किया था। ईशान ने तारीफ करते हुए कहा था कि जब लक्ष्य उम्मीद से कम हो, तब गेंदबाजों पर दबाव बढ़ जाता है, लेकिन युवा गेंदबाजों ने अपनी नई योजनाओं और सटीक लाइन-लेंथ से मैच को चेन्नई की मुट्ठी से निकाल लिया। ईशान ने छक्का लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया था ईशान किशन ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 44 बॉल पर 91 रन बनाए थे, जिसमें 6 छक्के, 8 चौके शामिल थे। 10वें ओवर में रवि बिश्नोई की चौथी गेंद पर डीप मिडविकेट पर छक्का लगाकर उन्होंने अर्धशतक पूरा किया था। इससे पहले पंजाब किंग्स (PBKS) के खिलाफ मैच में ईशान 14वें ओवर की आखिरी बॉल पर 27 रन बनाकर आउट हुए थे। मार्को यानसन ने डीप मिडविकेट पर एक हाथ से ईशान का कैच पकड़ा था। अर्शदीप की बॉल पर वह आउट होकर वापस पवेलियन गए। इस दौरान उन्होंने 3 चौका और 1 छक्का मारा था। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में 80 रन बनाए थे ईशान किशन फिलहाल पैट कमिंस की जगह सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की कप्तानी कर रहे हैं। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में अच्छा प्रदर्शन किया था और 80 रन बनाए थे। RCB के खिलाफ मैच में ईशान ने धमाकेदार पारी खेली और 5 चौके और 6 छक्कों से 80 रन बनाए थे। वह IPL में कप्तानी डेब्यू पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले संजू सैमसन और श्रेयस अय्यर जैसे प्लेयर्स की लिस्ट शामिल हो गए हैं। साकिब हुसैन ने डेब्यू मैच में लिए 4 विकेट साकिब हुसैन ने डेब्यू मैच में अपने 4 ओवर में 24 रन देते हुए 4 विकेट चटकाए। इसमें यशस्वी जायसवाल, डोनोवन फरेरा, जोफ्रा आर्चर और रवि बिश्नोई का विकेट शामिल है। उन्होंने पहला विकेट यशस्वी जयसवाल का लिया था। 15वें ओवर की आखिरी बॉल पर उन्होंने दूसरा विकेट लिया था। साकिब ने डोनोवन फरेरा को क्लीन बोल्ड किया था और जडेजा-फरेरा की शतकीय साझेदारी तोड़ी थी। इसी के साथ उन्होंने 17वें ओवर में बैक टू बैक 2 विकेट लिए थे। उन्होंने 8वां विकेट जोफ्रा आर्चर और 9वा विकेट रवि बिश्नोई का लिया था। साकिब का IPL डेब्यू में बेस्ट बॉलिंग फिगर हुसैन ने अपनी तेज गति के साथ-साथ स्लोवर वन से प्रभावित किया था। उन्होंने डेथ ओवर्स में भी किफायती गेंदबाजी की थी। साकिब हुसैन IPL डेब्यू में बेस्ट बॉलिंग परफॉर्मेंस वाले प्लेयर बने। उन्होंने 24 रन देकर 4 विकेट लिए। साकिब ने MI के अश्विनी कुमार का रिकॉर्ड तोड़ा। अश्विनी ने 2025 में KKR के खिलाफ डेब्यू करते हुए 26 रन देकर 4 विकेट लिए थे।
‘समान अवसर को कम किया गया’: 700 से अधिक कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन में एमसीसी के उल्लंघन का आरोप लगाया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:21 अप्रैल, 2026, 10:42 IST पत्र में पोल पैनल से मुद्दे का संज्ञान लेने, पते की सामग्री और तरीके की जांच करने और उचित कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया गया। पीएम मोदी ने 18 अप्रैल को राष्ट्र को संबोधित किया। (एक्स/फाइल फोटो) पूर्व सिविल सेवकों, शिक्षाविदों, कार्यकर्ताओं और पत्रकारों सहित 700 से अधिक नागरिकों ने भारत के चुनाव आयोग को पत्र लिखकर 18 अप्रैल को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन के दौरान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया है। 20 अप्रैल को मुख्य चुनाव आयुक्त को संबोधित एक पत्र में, कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि महिला आरक्षण विधेयक पर प्रधान मंत्री का संबोधन एमसीसी अवधि के दौरान “चुनावी प्रचार और पक्षपातपूर्ण प्रचार” था। उन्होंने जांच की भी मांग की आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) वर्तमान में असम, केरल और पुडुचेरी में लागू है, जहां 9 अप्रैल को मतदान हुआ था, तमिलनाडु (23 अप्रैल को मतदान) और पश्चिम बंगाल (23 और 29 अप्रैल को मतदान) में मतदान हुआ था। इन सभी विधानसभा चुनावों के लिए वोटों की गिनती 4 मई को होगी. शिकायत में, हस्ताक्षरकर्ताओं ने दावा किया कि चल रहे विधानसभा चुनावों के बीच, प्रधान मंत्री ने लागू संहिता का उल्लंघन करते हुए, “चुनावी प्रचार और पक्षपातपूर्ण प्रचार” के लिए आधिकारिक सरकारी मशीनरी और जन मीडिया का इस्तेमाल किया। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी के संबोधन का आधिकारिक सरकारी जन मीडिया प्लेटफार्मों पर सीधा प्रसारण किया गया था, जो सरकारी खजाने से वित्त पोषित हैं। संहिता के प्रावधानों का हवाला देते हुए इसमें कहा गया है, “इस तरह की कार्रवाई सत्ता में पार्टी को अनुचित लाभ प्रदान करती है और स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए आवश्यक समान अवसर को कमजोर करती है।” इसमें इस बात पर प्रकाश डाला गया कि सत्ता में रहने वाली पार्टी को चुनावी लाभ के लिए आधिकारिक पद, सरकारी परिवहन, कर्मियों का उपयोग नहीं करना चाहिए या आधिकारिक यात्राओं को अभियान गतिविधियों के साथ नहीं जोड़ना चाहिए। पत्र में कहा गया है, “संबंधित राष्ट्रीय संबोधन प्रधानमंत्री द्वारा अपनी आधिकारिक क्षमता में दिया गया था और सार्वजनिक खर्च पर आधिकारिक जन मीडिया का उपयोग करके प्रसारित किया गया था। इससे आदर्श आचार संहिता की धारा VII के खंड 1 (ए), 1 (बी) और 4 में निहित स्पष्ट निषेध का उल्लंघन हुआ।” सीपीएम और सीपीआई ने रविवार को पैनल को इसी तरह की शिकायत सौंपी थी। पत्र में पोल पैनल से मुद्दे का संज्ञान लेने, पते की सामग्री और तरीके की जांच करने और उचित कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया गया। इसमें अन्य राजनीतिक दलों के लिए सार्वजनिक प्रसारकों पर समान प्रसारण समय का भी आह्वान किया गया, यदि प्रसारण के लिए पूर्व अनुमति दी गई हो। हस्ताक्षरकर्ता कौन हैं? हस्ताक्षरकर्ताओं में दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग, राजनीतिक अर्थशास्त्री परकला प्रभाकर, कार्यकर्ता योगेन्द्र यादव, अर्थशास्त्री जयति घोष, संगीतकार-लेखक टीएम कृष्णा, पूर्व केंद्रीय सचिव ईएएस सरमा, कार्यकर्ता हर्ष मंदर, पत्रकार परंजॉय गुहा ठाकुरता, अकादमिक जोया हसन और पूर्व राजदूत मधु भादुड़ी शामिल हैं। अन्य में पारदर्शिता कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज, पूर्व सिविल सेवक आशीष जोशी, अमिताभ पांडे और अवे शुक्ला, पत्रकार जॉन दयाल और विद्या सुब्रमण्यम और सीपीआई नेता एनी राजा के साथ-साथ कई शिक्षाविद, वकील और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं। पीएम मोदी के संबोधन में क्या था? 18 अप्रैल को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में, पीएम मोदी ने नारी शक्ति पहल को 21वीं सदी में महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक “महान यज्ञ” बताया। उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर परिसीमन प्रक्रिया के बारे में गलत जानकारी फैलाने का भी आरोप लगाया, उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के बीच भ्रम पैदा करने के लिए भ्रामक कथाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह संशोधन महिलाओं को उनके लंबे समय से लंबित अधिकारों को प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया था, जो दशकों से विलंबित था, जिसकी शुरुआत 2029 के लोकसभा चुनावों से हुई थी। यह संबोधन एक प्रमुख महिला आरक्षण विधेयक के संसद में पारित होने में विफल रहने के एक दिन बाद आया। लोकसभा में शुक्रवार को संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पर तीखी बहस हुई, जिसमें कुल सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव है। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 21 अप्रैल, 2026, 10:42 IST न्यूज़ इंडिया ‘समान अवसर को कम किया गया’: 700 से अधिक कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन में एमसीसी के उल्लंघन का आरोप लगाया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन(टी)भारत का चुनाव आयोग(टी)नरेंद्र मोदी का संबोधन(टी)महिला आरक्षण बिल(टी)नारी शक्ति पहल(टी)पक्षपातपूर्ण प्रचार आरोप(टी)विधानसभा चुनाव भारत(टी)सरकारी मीडिया का उपयोग
सिंहस्थ क्षेत्र में अवैध निर्माण पर निगम की कार्रवाई:चार मकान तोड़े, तीन को खाली करने के लिए दो दिन का समय

उज्जैन में आगामी सिंहस्थ 2028 को देखते हुए नगर निगम ने प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध निर्माण पर कार्रवाई की। मंगलवार को निगम ने चार निर्माणाधीन मकानों को तोड़ दिया, जबकि तीन मकान मालिकों को दो दिन में निर्माण हटाने का समय दिया गया है। नगर निगम के जोन क्रमांक-1 के सिंहस्थ क्षेत्र में उन्हेल नाके के पास कई लोगों ने बिना अनुमति निर्माण कर लिया था। कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य जारी भी था, जिस पर निगम ने कार्रवाई की। जेसीबी से तोड़े गए निर्माण नगर निगम की रिमूवल गैंग ने पुलिस प्रशासन के साथ मौके पर पहुंचकर जेसीबी की मदद से अवैध निर्माण ध्वस्त किए। जिन मकानों में अभी छत नहीं डली थी, ऐसे चार निर्माण गिराए गए। 20 अवैध निर्माण किए गए चिन्हित नगर निगम उपायुक्त संतोष टैगोर के अनुसार सिंहस्थ क्षेत्र में कुल 20 अवैध निर्माण चिन्हित किए गए हैं। इनमें से चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा रही है। तीन मकान मालिकों को मिला समय तीन मकानों में रहने वाले लोगों ने घर खाली करने के लिए समय मांगा। इस पर निगम ने उन्हें दो दिन का समय दिया है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि सिंहस्थ मेले के लिए क्षेत्र खाली रखना जरूरी है। सभी लोगों से अपील की गई है कि कोई भी अवैध निर्माण न करें।
ABV-IIITM सहायक रजिस्ट्रार मामले में बड़ा फैसला:हाईकोर्ट ने कहा- चयन प्रक्रिया पूरी तो विवाद खत्म, जॉब जॉइन के बाद जांच पर रोक

ग्वालियर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान में सहायक रजिस्ट्रार की नियुक्ति विवाद पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी होने और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की मंजूरी मिलने के बाद नियुक्ति को बार-बार जांच के दायरे में लाना उचित नहीं है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस तरह बार-बार जांच करना कर्मचारी के अधिकारों के साथ अन्याय होगा। अदालत ने यह भी माना कि एक बार वैधानिक प्रक्रिया पूरी हो जाए तो उसे अनावश्यक रूप से विवादित नहीं किया जा सकता। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि चयन प्रक्रिया में कोई गंभीर खामी नहीं थी। लिखित परीक्षा केवल क्वालिफाइंग थी, जबकि अंतिम चयन इंटरव्यू के आधार पर किया गया, जो नियमों के अनुरूप था। अदालत ने कहा कि चयन प्रक्रिया को पहले ही बोर्ड ऑफ गवर्नर्स से मंजूरी मिल चुकी थी, ऐसे में तकनीकी त्रुटियों के आधार पर इसे चुनौती देना उचित नहीं है। कोर्ट ने यह भी गौर किया कि न तो किसी असफल अभ्यर्थी ने चयन को चुनौती दी और न ही पक्षपात का कोई ठोस आरोप सामने आया। SBI छोड़कर जॉइन किया था पद मामला संदीप उपाध्याय की नियुक्ति से जुड़ा है, जिन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की नौकरी छोड़कर साल 2019 में संस्थान में सहायक रजिस्ट्रार पद पर जॉइन किया था। नियुक्ति के बाद कुछ शिकायतों के आधार पर संस्थान ने कई जांच समितियां गठित कीं। इन समितियों ने चयन प्रक्रिया, पे प्रोटेक्शन और प्रोबेशन अवधि पर सवाल उठाए। यहां तक कि नियुक्ति रद्द करने की सिफारिश भी कर दी गई थी।
लेंसकार्ट शोरूम घेराव, तिलक-कलावा पर बवाल:भोपाल में हिंदू संगठनों ने कर्मचारियों को तिलक लगाया, बोले- सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान

भोपाल के न्यू मार्केट रोशनपुरा में ड्रेस कोड विवाद ने तूल पकड़ लिया है। लेंसकार्ट शोरूम के बाहर हिंदू उत्सव समिति के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने यहां कर्मचारियों को तिलक लगाया और मंत्रोच्चार के साथ कलावा बांधा। कहा- सनातन का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान। हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि संगठन लेंसकार्ट के बहिष्कार का आह्वान कर रहा है। यह हिंदुस्तान है, यहां तिलक, कलावा और बिंदी का सम्मान होना चाहिए। अगर कंपनी ने इन पर रोक लगाने की कोशिश की, तो इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कॉरपोरेट कंपनियों को कहा- सनातन धर्म के प्रतीकों का अपमान हुआ, तो आगे भी इसी तरह सख्त विरोध किया जाएगा। भले ही कंपनी के CEO पीयूष बंसल ने माफी मांगी हो, लेकिन संगठन इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं है। अगर हमने कंपनी को ऊंचाइयों तक पहुंचाया है, तो जरूरत पड़ने पर उसे नीचे लाने का काम भी करेंगे। लेंसकार्ट शोरूम में ड्रेस कोड विवाद से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग गुजर जाइए…
सेंसेक्स 400 अंक चढ़कर 78,950 पर पहुंचा:निफ्टी-50 में भी 100 अंक की तेजी; रियल्टी और ऑटो शेयर्स सबसे ज्यादा चढ़े

शेयर बाजार में आज यानी मंगलवार, 21 अप्रैल को तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 78,950 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में 100 अंक की बढ़त है, ये 24,450 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 25 में बढ़त और 5 में गिरावट है। रियल्टी और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिल रही है। एशियाई बाजारों में मिला जुला कारोबार अमेरिकी बाजार 20 अप्रैल को गिरकर बंद हुए शेयर बाजार में सोमवार को मामूली बढ़त रही थी शेयर बाजार में सोमवार, 20 अप्रैल को मामूली बढ़त रही। सेंसेक्स 27 अंक की तेजी के साथ 78,520 पर बंद हुआ। निफ्टी में 11 अंक की बढ़त रही, ये 24,365 के स्तर पर बंद हुआ। आज बैंकिंग, मीडिया और ऑटो शेयर्स में खरीदारी रही। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 18 में गिरावट और 12 में बढ़त रही।
सेंसेक्स 400 अंक चढ़कर 78,950 पर पहुंचा:निफ्टी-50 में भी 100 अंक की तेजी; रियल्टी और ऑटो शेयर्स सबसे ज्यादा चढ़े

शेयर बाजार में आज यानी मंगलवार, 21 अप्रैल को तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 78,950 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में 100 अंक की बढ़त है, ये 24,450 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 25 में बढ़त और 5 में गिरावट है। रियल्टी और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिल रही है। एशियाई बाजारों में मिला जुला कारोबार अमेरिकी बाजार 20 अप्रैल को गिरकर बंद हुए शेयर बाजार में सोमवार को मामूली बढ़त रही थी शेयर बाजार में सोमवार, 20 अप्रैल को मामूली बढ़त रही। सेंसेक्स 27 अंक की तेजी के साथ 78,520 पर बंद हुआ। निफ्टी में 11 अंक की बढ़त रही, ये 24,365 के स्तर पर बंद हुआ। आज बैंकिंग, मीडिया और ऑटो शेयर्स में खरीदारी रही। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 18 में गिरावट और 12 में बढ़त रही।
गांधी सागर में चीतों 'प्रभास-पावक' का एक साल पूरा:नए माहौल में ढले, हाईटेक निगरानी में सुरक्षित और स्वस्थ

मन्दसौर जिले के गांधी सागर अभयारण्य से वन्यजीव संरक्षण की एक ऐतिहासिक और उत्साहजनक खबर सामने आई है। यहां बसे दो चीतों ‘प्रभास’ और ‘पावक’ ने अपने प्रवास का एक वर्ष सोमवार को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह उपलब्धि न केवल वन विभाग के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बन गई है। दरअसल, इन दोनों चीतों को चीता प्रोजेक्ट के तहत 20 अप्रैल 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा गांधी सागर अभयारण्य में छोड़ा गया था। यह कदम प्रदेश में वन्यजीव पुनर्वास और जैव विविधता संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना गया। नए माहौल में बेहतर तालमेल के संकेत एक साल के इस सफर में ‘प्रवास’ और ‘पावक’ ने नए वातावरण में खुद को सफलतापूर्वक ढालते हुए सकारात्मक संकेत दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार दोनों चीते स्वस्थ हैं और उनकी गतिविधियों में स्वाभाविकता दिखाई दे रही है, जो इस परियोजना की सफलता का स्पष्ट प्रमाण है। हाईटेक निगरानी में सुरक्षित हैं चीते वन विभाग द्वारा दोनों चीतों की लगातार और सघन मॉनिटरिंग की जा रही है। अत्याधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम, जीपीएस कॉलर और विशेषज्ञों की टीम के माध्यम से उनके खान-पान, मूवमेंट और स्वास्थ्य पर पैनी नजर रखी जा रही है। विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि उन्हें किसी प्रकार का खतरा न हो और वे प्राकृतिक परिवेश में सुरक्षित रह सकें। जैव विविधता संरक्षण में मील का पत्थर विशेषज्ञों का मानना है कि इन चीतों का एक वर्ष सफलतापूर्वक पूरा करना मध्यप्रदेश में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। यह न केवल जैव विविधता को सशक्त करेगा, बल्कि भविष्य में अन्य वन्यजीव पुनर्वास परियोजनाओं के लिए भी एक सफल मॉडल के रूप में उभरेगा। भविष्य में बनेगा चीतों का स्थायी घर आने वाले समय में उम्मीद जताई जा रही है कि ‘प्रभास’ और ‘पावक’ न केवल यहां स्थायी रूप से बसेंगे, बल्कि गांधी सागर अभयारण्य को चीतों के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल आवास के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएंगे। गांधी सागर अभयारण्य में चीतों का यह एक वर्ष का सफल सफर प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण की एक नई कहानी लिख रहा है, जो आने वाले वर्षों में और भी बड़े परिणाम लेकर सामने आ सकता है।
टीकमगढ़ में यात्री बस पलटी, यात्रियों के सिर पर चोट:घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया; इंदौर से टीकमगढ़ आ रही बस

टीकमगढ़ में आज मंगलवार सुबह बड़ागांव रोड पर एक यात्री बस पलट गई, जिसमें 10 से 15 लोग घायल हो गए। हादसा जिला मुख्यालय से लगभग 5 किलोमीटर दूर हनुमान मंदिर के पास क्रॉसिंग के दौरान हुआ। बस सर्विस कंपनी की थी और इंदौर से टीकमगढ़ आ रही थी। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई। कोतवाली थाना प्रभारी रवि भूषण पाठक ने मौके पर पहुंचकर बताया कि सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया है। कुछ यात्रियों को सिर में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि अधिकांश को मामूली चोटें लगी हैं। पुलिस फिलहाल घटना के कारणों की जांच कर रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि उनकी पहली प्राथमिकता घायलों को उचित इलाज कराना है।
सूरत में AAP उम्मीदवार ने लहराया 90 लाख का सोना, दो बाउंसरों के साथ किया प्रचार! | सूरत समाचार

आखरी अपडेट:21 अप्रैल, 2026, 08:53 IST आप उम्मीदवार कल्पेश बारोट ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए बाउंसरों के साथ 90 लाख रुपये का सोना पहनकर सूरत के वार्ड 1 में प्रचार किया। विरोधियों ने इसे पब्लिसिटी स्टंट बताकर खारिज कर दिया आप उम्मीदवार कल्पेश बारोट का तर्क है कि यह अधिनियम एक गंभीर चिंता को उजागर करने के लिए है: सार्वजनिक सुरक्षा। सूरत में चुनावों में कभी भी साज़िशों की कमी नहीं रही है, लेकिन इस सीज़न में, वार्ड नंबर 1 एक असामान्य कारण से ध्यान का केंद्र बन गया है। एक उम्मीदवार केवल भाषणों के माध्यम से नहीं, बल्कि एक आकर्षक दृश्य वक्तव्य के माध्यम से जनता की जिज्ञासा को आकर्षित करने में कामयाब रहा है, जो कि वह जहां भी जाता है, उसका अनुसरण करता है। सोना, रक्षक, और बढ़ती जिज्ञासा आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार कल्पेश बारोट निर्वाचन क्षेत्र में सबसे चर्चित चेहरों में से एक बनकर उभरे हैं। हर बार जब वह प्रचार के लिए निकलते हैं, तो निवासी खुद को खिड़कियों से बाहर झाँकते और सड़कों पर इकट्ठा होते हुए पाते हैं। इस दृश्य को नज़रअंदाज़ करना मुश्किल है: बारोट भारी सोने की जंजीरों और अंगूठियों से सुसज्जित है, साथ में दो मांसल बाउंसर भी हैं जो हर समय करीब रहते हैं। उनके चुनावी हलफनामे के मुताबिक, बारोट के पास लगभग 90 लाख रुपये का सोना है। इस धन को गुप्त रखने के बजाय, उन्होंने इसे सीधे अपने अभियान व्यक्तित्व में बुना है, इसे एक गतिशील प्रदर्शन में बदल दिया है जो सूरत की गलियों से होकर गुजरता है। धन के प्रदर्शन से कहीं अधिक पहली नज़र में, यह प्रदर्शन संपन्नता का सीधा-सीधा प्रदर्शन प्रतीत होता है। हालाँकि, बारोट इस बात पर ज़ोर देते हैं कि सोने और गार्डों के पीछे एक गहरा संदेश है। उनका तर्क है कि यह अधिनियम एक गंभीर चिंता को उजागर करने के लिए है: सार्वजनिक सुरक्षा। बारोट का कहना है कि खुले तौर पर मूल्यवान आभूषण पहनकर निजी सुरक्षा के साथ प्रचार करने का विकल्प चुनकर वह एक बड़ा सवाल उठाने का प्रयास कर रहे हैं: यदि कोई राजनीतिक उम्मीदवार अपने सामान के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा की व्यवस्था करने के लिए मजबूर महसूस करता है, तो यह मौजूदा कानून और व्यवस्था की स्थिति के बारे में क्या सुझाव देता है? इस अर्थ में, उनका अभियान दिखावे के बारे में कम और प्रतीकवाद के बारे में अधिक है। इस दृष्टिकोण के माध्यम से, वह चाहते हैं कि मतदाता इस पर विचार करें कि क्या वे वास्तव में अपने दैनिक जीवन में सुरक्षित महसूस करते हैं, और क्या निजी सुरक्षा पर निर्भरता सार्वजनिक पुलिसिंग में अंतर का संकेत देती है। ज़मीनी स्तर पर मिली-जुली प्रतिक्रिया आश्चर्य की बात नहीं है कि इस रणनीति ने मतदाताओं और राजनीतिक पर्यवेक्षकों के बीच समान रूप से व्यापक प्रतिक्रियाएं उत्पन्न की हैं। कुछ निवासी अपरंपरागत दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहते हैं कि यह कम से कम सुरक्षा के मुद्दे पर ध्यान आकर्षित करने में कामयाब रहा है, जैसा कि पारंपरिक अभियान अक्सर करने में विफल रहता है। हालाँकि, अन्य लोग सशंकित रहते हैं। विपक्षी दलों ने इस कदम को पूरी तरह से ध्यान आकर्षित करने और वोट सुरक्षित करने के लिए बनाया गया एक सोचा-समझा स्टंट बताया है। उनका तर्क है कि इस तरह की नाटकीयता सड़क के बुनियादी ढांचे, पानी की आपूर्ति और बिजली जैसी अधिक महत्वपूर्ण नागरिक चिंताओं से ध्यान भटकाती है, जो मुद्दे सीधे निर्वाचन क्षेत्र में रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं। एक कड़ा राजनीतिक मुकाबला इस ध्यान आकर्षित करने वाले अभियान का समय महत्वपूर्ण है। गुजरात में 26 अप्रैल को चुनाव होने हैं और सूरत में कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है, खासकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच। दांव ऊंचे होने के साथ, हर अभियान रणनीति की जांच की जा रही है, और बारोट की ‘स्वर्ण-केंद्रित’ पहुंच ने यह सुनिश्चित किया है कि वह मजबूती से सुर्खियों में बने रहें। सभी की निगाहें नतीजों पर हैं यह अपरंपरागत रणनीति चुनावी सफलता में तब्दील होती है या नहीं, यह देखना अभी बाकी है। क्या मतदाता इसे सुरक्षा पर एक साहसिक टिप्पणी के रूप में व्याख्या करेंगे, या इसे महज दिखावा कहकर खारिज कर देंगे? उत्तर तब स्पष्ट हो जाएगा जब 28 अप्रैल को परिणाम घोषित किए जाएंगे, जिससे यह निर्धारित होगा कि क्या कल्पेश बारोट का चमकदार अभियान एक स्थायी राजनीतिक प्रभाव छोड़ता है या एक क्षणभंगुर तमाशे के रूप में फीका पड़ जाता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : सूरत, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 21 अप्रैल, 2026, 08:53 IST समाचार शहर सूरत सूरत में AAP उम्मीदवार ने लहराया 90 लाख का सोना, दो बाउंसरों के साथ किया प्रचार! अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)सूरत चुनाव(टी)कल्पेश बारोट सोना(टी)आप उम्मीदवार सूरत(टी)वार्ड नंबर 1 सूरत(टी)गुजरात चुनाव 2024(टी)राजनीतिक अभियान तमाशा(टी)कानून और व्यवस्था का मुद्दा(टी)राजनीति में निजी सुरक्षा







