Tuesday, 06 Oct 2026 | 11:19 AM

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मणिपुर में प्रदर्शनकारियों-सुरक्षा बलों में झड़प, आंसू गैस छोड़ी:मशाल रैली रोकने पर टकराव हुआ; सगोलबंद हिंसा में 21 गिरफ्तार

मणिपुर में प्रदर्शनकारियों-सुरक्षा बलों में झड़प, आंसू गैस छोड़ी:मशाल रैली रोकने पर टकराव हुआ; सगोलबंद हिंसा में 21 गिरफ्तार

मणिपुर में शटडाउन के बीच रविवार रात कई इलाकों में प्रदर्शन हुए। इंफाल ईस्ट के कोईरेंगेई, इंफाल वेस्ट के उरिपोक और कक्चिंग जिले में मशाल रैलियां निकाली गईं। कक्चिंग में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई। भीड़ को हटाने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस, स्मोक बम और स्टन ग्रेनेड का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया। झड़प में कई लोग घायल हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दरअसल, 6 अप्रैल को ट्रोंग्लाओबी आवांग लेइकाई एक घर पर बम धमाके में दो बच्चों की मौत हुई थी। इन्हीं के न्याय के लिए प्रदर्शन हो रहे है। हालात को काबू में करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) तैनात की गई। प्रदर्शन और झड़प की 5 तस्वीरें… पुलिस बोली- रैलियों की आड़ में हमले इंफाल वेस्ट के एसपी शिवकांत सिंह ने कहा कि हाल के प्रदर्शनों में कुछ असामाजिक तत्व रैलियों का फायदा उठाकर सुरक्षाबलों पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हमलों में लोहे के प्रोजेक्टाइल, गुलेल, पत्थर और पेट्रोल बम का इस्तेमाल किया गया। कई लोग नशे की हालत में भी पाए गए। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सगोलबंद हिंसा में 21 गिरफ्तार पुलिस ने 18 अप्रैल को पातसोई से सगोलबंद के बीच इम्फाल-जिरीबाम रोड पर निकाली गई मशाल रैली के दौरान हुई हिंसा के मामले में 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। रैली के दौरान भीड़ ने पथराव, पेट्रोल बम और गुलेल का इस्तेमाल किया, जिससे कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए। सीआरपीएफ की 232वीं बटालियन के तीन जवान गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। गिरफ्तार किए गए लोगों में सगोलबंद, तेरा, उरिपोक, ब्रह्मापुर, लांगथाबल, नगामापाल, नाओरेमथोंग और थांगमेइबंद समेत इंफाल के कई इलाकों के निवासी शामिल हैं। 5 दिनों तक शटडाउन मेइरा पाइबी संगठन ने हमले के आरोपियों की 25 अप्रैल तक गिरफ्तारी की मांग की है। घाटी के जिलों में पहले से ही 5 दिन का टोटल शटडाउन जारी है। वहीं, नागा बहुल इलाकों में अलग से 3 दिन का बंद बुलाया गया है। बाजार बंद होने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। अब समझें 6-7 अप्रैल को क्या हुआ… बम हमले में 2 बच्चों की मौत, फिर प्रदर्शनकारियों का CRPF कैंप पर हमला 6 अप्रैल को मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाके में देर रात उग्रवादियों ने एक घर में बम फेंक दिया था। इसमें 5 साल के एक लड़के और छह महीने की बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ऑफिसर ने बताया कि जब घर में बम फटा, तब बच्चे अपनी मां के साथ बेडरूम में सो रहे थे। इसके बाद भीड़ ने घटनास्थल से 100 मीटर दूर CRPF कैंप पर भी हमला कर दिया। जवाबी फायरिंग में 2 की मौत हो गई, पांच घायल हो गए। मणिपुर सरकार ने मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए, इंफाल वेस्ट, इंफाल ईस्ट, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों में इंटरनेट और मोबाइल डेटा सर्विस को 3 दिनों के लिए बंद कर दिया था। ————- ये खबर भी पढ़ें… मणिपुर हिंसा-घायल मां से 3 दिन बच्चों की मौत छिपाई:अस्पताल में अखबार से सच पता चला; बम हमले में 2 बच्चों की मौत हुई थी मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के मोइरांग ट्रोंगलाओबी में 6 अप्रैल की आधी रात एक घर पर बम से हमला हुआ। इसमें 5 साल के बेटे और 6 महीने की बच्ची की मौत हो गई, जबकि उनकी मां बिनाता ओइनाम गंभीर रूप से घायल हो गईं। पूरी खबर पढ़ें…

लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी ने जयपुर में किया था निकाह:फेक पासपोर्ट बनवाकर देश से भागा, सऊदी अरब में बनाया छिपने का ठिकाना

लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी ने जयपुर में किया था निकाह:फेक पासपोर्ट बनवाकर देश से भागा, सऊदी अरब में बनाया छिपने का ठिकाना

लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी उमर हारिस उर्फ ‘खरगोश’ ने पहचान बदलकर जयपुर में निकाह किया था। निकाह के लिए फर्जी दस्तावेज बनवाए। इन डॉक्यूमेंट का इस्तेमाल कर भारतीय पासपोर्ट बनवाया। फिर देश से भाग निकला। भागने के बाद उसके सऊदी अरब में छिपने का ठिकाना बनाने की आशंका है। अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल की जांच में इस पूरे मामले का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों के अनुसार, आतंकी उमर हारिस साल 2012 में पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कर आया था। लंबे समय तक सिक्योरिटी एजेंसियों से छिपकर घाटी में अपनी जड़ें मजबूत करता रहा। उसकी फुर्ती और ठिकाने बदलने के चलते उसे ‘खरगोश’ कोड नेम दिया गया था। राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में था नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल की जांच का सुपरविजन कर रही श्रीनगर पुलिस ने उमर हारिस की जानकारी केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के साथ शेयर की। इसमें बताया गया कि श्रीनगर पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा के एक मॉड्यूल का खुलासा कर 5 संदिग्धों को पकड़ा। यह गिरफ्तारी फरीदाबाद (हरियाणा) के अल फलाह विश्वविद्यालय में केंद्रित एक ‘सफेदपोश’ आतंकी सेल के भंडाफोड़ के छह महीने बाद हुई है। इसमें पाकिस्तानी आतंकी अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा और उस्मान उर्फ खुबैब भी शामिल हैं। आतंकी अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा 16 साल से फरार था और जम्मू-कश्मीर के बाहर सफलतापूर्वक ठिकाने बना चुका था। पूछताछ में अब्दुल्ला ने अपने और उमर हारिस की देशभर में विशेष रूप से राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में गतिविधियों के बारे में बताया। फर्जी डॉक्यूमेंट से पासपोर्ट बनवाया जांच में सामने आया कि उत्तरी कश्मीर घाटी में घुसपैठ के दौरान आतंकी उमर हारिस बांदीपोरा और श्रीनगर के विभिन्न स्थानों पर रुका था। लश्कर-ए-तैयबा के एक ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) की बेटी से निकाह किया। उसने जयपुर में निकाह फेक नाम सज्जाद के साथ किया। निकाह के डॉक्यूमेंट का यूज भारतीय पासपोर्ट के लिए आवेदन करने में भी किया गया था। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में चूक पर सवाल श्रीनगर पुलिस की ओर से इस अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करने से कई खामियां उजागर हुई हैं। सवाल उठ रहे हैं कि पुलिस सत्यापन प्रणाली के बावजूद राजस्थान के अधिकारियों की ओर से पासपोर्ट कैसे जारी किया गया। अधिकारियों ने बताया- लश्कर-ए-तैयबा का यह आतंकवादी इंडोनेशिया भागने में कामयाब रहा। जहां से उसने एक और फेक ट्रैवल डॉक्यूमेंट का यूज करके 2024-25 में सऊदी अरब में अपना ठिकाना बना लिया।

एंजायटी और डिप्रेशन में क्या अंतर है? दोनों में क्या ज्यादा खतरनाक, साइकेट्रिस्ट से जान लीजिए

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Last Updated:April 20, 2026, 11:59 IST Anxiety and Depression Difference: एंजायटी और डिप्रेशन दोनों मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं हैं, लेकिन इनके लक्षण और प्रभाव अलग होते हैं. एंजायटी में अत्यधिक चिंता और डर होता है, जबकि डिप्रेशन में गहरी उदासी और निराशा महसूस होती है. दोनों ही कंडीशन खतरनाक होती हैं और सही समय पर साइकेट्रिस्ट से मिलकर ट्रीटमेंट कराना जरूरी होता है. एंजायटी और डिप्रेशन के बीच बड़ा अंतर है, जिसे समझना जरूरी है. Anxiety vs Depression Symptoms: आजकल मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो एंजायटी और डिप्रेशन सबसे कॉमन मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम्स हैं. करोड़ों की संख्या में लोग इन परेशानियों से जूझ रहे हैं. चिंता की बात यह है कि अधिकतर लोग एंजायटी और डिप्रेशन के बीच अंतर नहीं समझ पाते हैं. इसकी वजह से परेशानी बढ़ती रहती है और सही समय पर एक्सपर्ट की मदद नहीं ले पाते हैं. एंजायटी और डिप्रेशन के बीच अंतर जानना बहुत जरूरी है, ताकि इनकी वक्त रहते पहचान की जा सके. काउंसिलिंग और दवाओं की मदद से दोनों प्रॉब्लम्स को ठीक किया जा सकता है. नई दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर और साइकेट्रिस्ट डॉ. प्रेरणा कुकरेती ने News18 को बताया एंजायटी एक मेंटल डिसऑर्डर है, जिसमें लोग फ्यूचर की अनिश्चितताओं को लेकर अत्यधिक चिंता और डर महसूस करते हैं. इसमें व्यक्ति को लगातार बेचैनी, घबराहट, दिल की धड़कन तेज होना, पसीना आना और नींद में परेशानी जैसी समस्याएं होती हैं. कई बार यह डर बिना किसी स्पष्ट कारण के भी महसूस होता है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने लगती है. यह स्थिति अक्सर तनावपूर्ण परिस्थितियों में बढ़ जाती है. अगर थोड़ा बहुत एंजायटी हो, तो यह नॉर्मल है. ज्यादा होने लगे, तब यह डिसऑर्डर बन जाता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डॉक्टर प्रेरणा ने बताया डिप्रेशन एक ऐसी कंडीशन है, जिसमें व्यक्ति लंबे समय तक उदास और निराश महसूस करता है. उसे किसी भी चीज में इंट्रेस्ट नहीं रहता और किसी भी काम में मन नहीं लगता. इससे आत्मविश्वास कम हो जाता है और कई बार जीवन के प्रति नकारात्मक विचार भी आने लगते हैं. डिप्रेशन केवल मूड की समस्या नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति की सोच, व्यवहार और शारीरिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है. दोनों के बीच सबसे बड़ा अंतर यह है कि एंजायटी में व्यक्ति भविष्य की चिंता से जूझता है, जबकि डिप्रेशन में व्यक्ति वर्तमान की निराशा से परेशान रहता है. एंजायटी में शरीर हाइपर एक्टिव रहता है, जबकि डिप्रेशन में एनर्जी कम हो जाती है. कई मामलों में दोनों एक साथ भी हो सकते हैं, जिसे मिक्स्ड एंजायटी-डिप्रेशन कहा जाता है. अगर गंभीरता की बात करें, तो दोनों ही कंडीशन खतरनाक हो सकती हैं. हालांकि डिप्रेशन को अक्सर ज्यादा गंभीर माना जाता है, क्योंकि इसमें आत्महत्या जैसे विचार भी आने लगते हैं. एंजायटी लंबे समय तक रहने पर हार्ट डिजीज, नींद की समस्याएं और मानसिक थकान पैदा हो सकती है. इसलिए किसी भी लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय पर इलाज लेना जरूरी है. इन दोनों परेशानियों का इलाज संभव है. थेरेपी, काउंसलिंग, लाइफस्टाइल बदलाव और जरूरत पड़ने पर दवाइयों से मरीज की स्थिति में सुधार लाया जा सकता है. समय पर पहचान और इलाज से इन्हें पूरी तरह कंट्रोल किया जा सकता है. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 20, 2026, 11:59 IST

चलती कार में लगी आग, परिवार ने बमुश्किल बचाई जान:ग्वालियर में शादी समारोह में शामिल होने जा रहा था परिवार, गाड़ी जलकर खाक

चलती कार में लगी आग, परिवार ने बमुश्किल बचाई जान:ग्वालियर में शादी समारोह में शामिल होने जा रहा था परिवार, गाड़ी जलकर खाक

ग्वालियर के कंपू थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक चलती कार में आग लग गई। आमखो रोड पर हुई इस घटना में कार में सवार एक परिवार ने बमुश्किल अपनी जान बचाई। परिवार शादी समारोह में शामिल होने जा रहा था, तभी यह हादसा हुआ। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। बताया गया कि कार सामान्य गति से चल रही थी, तभी अचानक उसमें से धुआं निकलने लगा। देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगीं। चालक ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए गाड़ी रोकी और परिवार के सभी सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला। कुछ ही पलों में आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गया। इलेक्ट्रिक कार से जा रहे थे इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मौके पर मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल में यह दृश्य कैद कर लिया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कार धू-धू कर जल रही है और आसपास खड़े लोग सुरक्षित दूरी बनाकर स्थिति को देख रहे हैं। जानकारी के अनुसार यह एक बैटरी वाली गाड़ी थी जिसमें अचानक आग लगी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। हालांकि, कार में आग लगने के दौरान सड़क पर लंबा जाम लग गया, जिससे आमजन को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

अवैध रेत उत्खनन पर कार्रवाई, पनडुब्बी मशीन जलाकर नष्ट:शिवपुरी के नरवर में शिकायतों के बाद पहुंची थी टीम

अवैध रेत उत्खनन पर कार्रवाई, पनडुब्बी मशीन जलाकर नष्ट:शिवपुरी के नरवर में शिकायतों के बाद पहुंची थी टीम

शिवपुरी में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर एसडीएम अनुराग निंगवाल के नेतृत्व में राजस्व और प्रशासनिक टीम ने नरवर तहसील के ग्राम अंदौरा में छापा मारा। इस दौरान अवैध उत्खनन में लगी एक पनडुब्बी मशीन को मौके पर ही जलाकर नष्ट कर दिया गया। ग्राम अंदौरा के नदी क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर रविवार शाम एसडीएम अनुराग निंगवाल और तहसीलदार ललित शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कार्रवाई के दौरान पनडुब्बी मशीन के माध्यम से अवैध उत्खनन किया जा रहा था, जिसे तुरंत जब्त कर नष्ट कर दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसमें संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद अवैध उत्खनन गतिविधियों में शामिल लोगों में हड़कंप मच गया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले करैरा तहसील के थनरा चौकी क्षेत्र में भी अवैध रेत परिवहन करते एक ट्रैक्टर को जब्त कर पुलिस को सौंपा गया था। प्रशासन की लगातार सख्ती से अवैध खनन माफियाओं पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है।

ग्वालियर में पारा 42.4 डिग्री पर पहुंचा:सीजन का सबसे गर्म दिन, रातें भी हो रही गर्म; जनजीवन प्रभावित

ग्वालियर में पारा 42.4 डिग्री पर पहुंचा:सीजन का सबसे गर्म दिन, रातें भी हो रही गर्म; जनजीवन प्रभावित

ग्वालियर में इस बार गर्मी ने समय से पहले ही अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। रविवार को शहर का अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक है। तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते जनजीवन प्रभावित रहा, वहीं रविवार की रात भी गर्म रही और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रविवार को सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक करीब आठ घंटे तक तापमान 39 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहा। भीषण गर्मी के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही भी कम देखने को मिली। लोग गर्मी से बचने के लिए छांव और ठंडी जगहों का सहारा लेते नजर आए। पश्चिमी विक्षोभ से हल्की राहत के आसार मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान की ओर से आ रही गर्म हवाओं के कारण तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे आने वाले दिनों में गर्मी और तेज होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हल्की राहत मिल सकती है, लेकिन इसका असर सीमित रहने की संभावना है। पिछले दिनों के तापमान पर नजर डालें तो बढ़ोतरी का सिलसिला लगातार जारी है। 15 अप्रैल को अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री, 16 अप्रैल को 40.5 डिग्री, 17 अप्रैल को 41.9 डिग्री, 18 अप्रैल को 42.1 डिग्री और 19 अप्रैल को 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि गर्मी लगातार अपने चरम की ओर बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की इधर, बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी की है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों ने लू से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पीने, हल्के और ढीले कपड़े पहनने तथा धूप में निकलते समय सिर ढकने की सलाह दी है।

लेडीज संगीत पर डांस करने पर भाभी की हत्या:रोहतक में पड़ोसियों के घर देखकर भड़का जेठ, दरात से मुंह, छाती और हाथ काटे

लेडीज संगीत पर डांस करने पर भाभी की हत्या:रोहतक में पड़ोसियों के घर देखकर भड़का जेठ, दरात से मुंह, छाती और हाथ काटे

रोहतक में जेठ ने दरात से काटकर अपनी भाभी की हत्या कर दी। महिला पड़ोसियों के यहां लेडीज संगीत पर गई थी। वहां उसे डांस करता देख जेठ भड़क गया। जैसे ही महिला घर आई तो उसने दरात से उस पर हमला किया। उसने मुंह, छाती, हाथ समेत शरीर के कई हिस्सों पर वार किए। हमला करने के बाद जेठ फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया गया। महिला के मायके वालों की तरफ से पुलिस के खिलाफ शिकायत दी गई है। अब सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला… पड़ोसियों के घर लेडीज संगीत पर गई रोहतक के रिठाल गांव निवासी सुखबीर फोगाट के पड़ोसियों के यहां शादी है। रविवार रात को उनके लेडीज संगीत था। सुखबीर की पत्नी प्रवेश (39) उनके बुलावे पर वहां गई थी। उसने वहां अन्य महिलाओं के साथ डांस भी किया। घर आते ही जेठी ने दरात से हमला किया परिवार के मुताबिक, जैसे ही प्रवेश वहां डांस करने के बाद लौटी तो घर पर जेठ जसबीर फोगाट ने उससे डांस करने पर झगड़ा करना शुरू कर दिया। तभी जसबीर घर में रखी दरात उठाकर लाया और अपनी भाभी पर हमला कर दिया। उसने मुंह, पेट और हाथ पर वार किए और फरार हो गया। बच्चे सो रहे थे, पति PGI में था उस समय प्रवेश के तीनों बच्चे घर में सो रहे थे। जबकि उसका पति सुखबीर अपनी मां को इलाज के लिए रोहतक PGI लेकर गया हुआ था। प्रवेश को खून से लथपथ छोड़कर जसबीर फरार हो गया। सुखबीर जब घर आया तो प्रवेश खून से लथपथ हालत में मिली। प्रवेश को PGI लेकर जाया गया, वहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस मामले में कर रही जांच सदर थाना पुलिस ने बताया कि उन्हें एक महिला की हत्या होने की सूचना मिली है। इसके बाद वह मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस मामले में मृतका के परिजनों की शिकायत पर आरोपी की तलाश कर रही है। जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

उज्जैन में आधी रात क्रिकेट का रोमांच, CM पहुंचे:विजेता टीम को 1 लाख, क्षीर सागर मैदान बनेगा आधुनिक स्टेडियम

उज्जैन में आधी रात क्रिकेट का रोमांच, CM पहुंचे:विजेता टीम को 1 लाख, क्षीर सागर मैदान बनेगा आधुनिक स्टेडियम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार देर रात उज्जैन के क्षीर सागर मैदान में आयोजित फिरोजिया ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने विजेता टीम को 1 लाख रुपए और उपविजेता टीम को 51 हजार रुपए का अतिरिक्त नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री रात करीब 12 बजे मैदान पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद थे। भीड़ देखकर उन्होंने कहा कि यह नजारा उज्जैन के खेल प्रेमियों के गहरे लगाव को दर्शाता है। उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि खेल के बीच भाषण देना ठीक नहीं लगता, क्योंकि लोग यहां खेल देखने आते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करते हैं और प्रदेश की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर देते हैं। उन्होंने जिले के अन्य खेल स्थलों के आधुनिकीकरण का भी जिक्र किया। क्षीर सागर मैदान बनेगा आधुनिक स्टेडियम मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए क्षीर सागर मैदान को आधुनिक स्टेडियम के रूप में विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में खेल भावना को बढ़ावा देते हैं और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं। 21 वर्षों से हो रहा आयोजन, 12 अप्रैल से चल रही थी ट्रॉफी फिरोजिया ट्रॉफी का आयोजन 12 अप्रैल से किया जा रहा था, जिसका रविवार को फाइनल मुकाबला खेला गया। यह टूर्नामेंट उज्जैन-आलोट सांसद अनिल फिरोजिया के पिता भूरेलाल फिरोजिया की स्मृति में पिछले 21 वर्षों से आयोजित किया जा रहा है।

उज्जैन में आधी रात क्रिकेट का रोमांच, CM पहुंचे:विजेता टीम को 1 लाख, क्षीर सागर मैदान बनेगा आधुनिक स्टेडियम

उज्जैन में आधी रात क्रिकेट का रोमांच, CM पहुंचे:विजेता टीम को 1 लाख, क्षीर सागर मैदान बनेगा आधुनिक स्टेडियम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार देर रात उज्जैन के क्षीर सागर मैदान में आयोजित फिरोजिया ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने विजेता टीम को 1 लाख रुपए और उपविजेता टीम को 51 हजार रुपए का अतिरिक्त नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री रात करीब 12 बजे मैदान पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद थे। भीड़ देखकर उन्होंने कहा कि यह नजारा उज्जैन के खेल प्रेमियों के गहरे लगाव को दर्शाता है। उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि खेल के बीच भाषण देना ठीक नहीं लगता, क्योंकि लोग यहां खेल देखने आते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करते हैं और प्रदेश की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर देते हैं। उन्होंने जिले के अन्य खेल स्थलों के आधुनिकीकरण का भी जिक्र किया। क्षीर सागर मैदान बनेगा आधुनिक स्टेडियम मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए क्षीर सागर मैदान को आधुनिक स्टेडियम के रूप में विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में खेल भावना को बढ़ावा देते हैं और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं। 21 वर्षों से हो रहा आयोजन, 12 अप्रैल से चल रही थी ट्रॉफी फिरोजिया ट्रॉफी का आयोजन 12 अप्रैल से किया जा रहा था, जिसका रविवार को फाइनल मुकाबला खेला गया। यह टूर्नामेंट उज्जैन-आलोट सांसद अनिल फिरोजिया के पिता भूरेलाल फिरोजिया की स्मृति में पिछले 21 वर्षों से आयोजित किया जा रहा है।

पूरे भारत में कितने एम्स हैं? दिल्ली के अलावा कहां-कहां करा सकते हैं हाई क्वालिटी वाला इलाज

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Last Updated:April 20, 2026, 09:26 IST Best AIIMS Hospitals in India: एम्स दिल्ली को दुनिया के सबसे बेहतरीन अस्पतालों में गिना जाता है. यहां बेस्ट ट्रीटमेंट किया जाता है और इलाज में बेहद कम पैसे खर्च होते हैं. हालांकि भारत में सिर्फ एक ही एम्स नहीं है, बल्कि 20 एम्स बनाए जा चुके हैं. इन सभी एम्स में मरीजों का बेहद सस्ते में अच्छा इलाज किया जा रहा है. अगर आप दिल्ली एम्स नहीं जा पा रहे हैं, तो अपने नजदीकी एम्स जाकर बेहतरीन ट्रीटमेंट करवा सकते हैं. देश में इस वक्त 5 एम्स अंडर कंस्ट्र्क्शन हैं. भारत में कुल 25 एम्स हैं, जिनमें से 20 अस्पताल पूरी तरह फंक्शनल हैं. List of AIIMS Hospitals in India: जब भी बेहतरीन इलाज की बात होती है, तब अधिकतर लोगों की जुबां पर दिल्ली एम्स का नाम आता है. देश के कोने-कोने से लाखों लोग हर साल एम्स दिल्ली में अपना इलाज कराने आते हैं. दिल्ली एम्स देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बेहतरीन अस्पतालों में शुमार है. यहां बेहद सस्ते में हाई क्वालिटी ट्रीटमेंट किया जाता है. साल 1956 में बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की स्थापना की गई थी. धीरे-धीरे देश में नए एम्स बनते गए और आज देशभर में 20 एम्स बन चुके हैं और यहां लाखों मरीज अपना इलाज करवा रहे हैं. अब लोगों को अपने ही राज्य या नजदीकी क्षेत्र में हाई क्वालिटी इलाज मिलना संभव हो गया है. दिल्ली एम्स सबसे पुराना और बेस्ट एम्स दिल्ली सबसे पुराना और बेस्ट हॉस्पिटल है. यह देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के बेहतरीन सरकारी अस्पतालों में गिना जाता है. यहां सुपर स्पेशलिटी ट्रीटमेंट, एडवांस रिसर्च और अनुभवी डॉक्टरों की टीम मौजूद है. दिल्ली के अलावा देश के कई हिस्सों में स्थापित AIIMS भी अब हाई क्वालिटी इलाज के लिए जाने जाते हैं. सेंट्रल इंडिया में एम्स भोपाल (मध्य प्रदेश), एम्स रायपुर (छत्तीसगढ़) और एम्स नागपुर (महाराष्ट्र) जैसे संस्थान बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं. ये अस्पताल कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी और ट्रॉमा केयर जैसी आधुनिक सुविधाएं दे रहे हैं. अगर आप दिल्ली नहीं आ सकते हैं, तो यहां जा सकते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. पूर्वी भारत में एम्स भुवनेश्वर (ओडिशा), एम्स पटना (बिहार) और एम्स कल्याणी (पश्चिम बंगाल) लाखों लोगों को हाई क्वालिटी ट्रीटमेंट दे रहे हैं. इन अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ-साथ आधुनिक उपकरणों की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे गंभीर बीमारियों का इलाज संभव हो पाता है. उत्तर भारत की बात करें, तो यहां एम्स ऋषिकेश (उत्तराखंड), एम्स गोरखपुर (उत्तर प्रदेश), एम्स जोधपुर (राजस्थान), एम्स बठिंडा (पंजाब) और एम्स रायबरेली (उत्तर प्रदेश) जैसे संस्थान मरीजों को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं. खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों के लोगों के लिए ये अस्पताल वरदान साबित हो रहे हैं. दक्षिण और पश्चिम भारत में भी AIIMS का विस्तार हुआ है. एम्स मंगलागिरी (आंध्र प्रदेश), एम्स बिबीनगर (तेलंगाना) और एम्स राजकोट (गुजरात) जैसे संस्थान इस दिशा में अहम भूमिका निभा रहे हैं. वहीं एम्स बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश) और एम्स विजयपुर (जम्मू-कश्मीर) भी मरीजों के इलाज में अग्रणी बन रहे हैं. पूर्वोत्तर और अन्य क्षेत्रों में एम्स गुवाहाटी (असम) और एम्स देवघर (झारखंड) जैसे संस्थान स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को और बढ़ा रहे हैं. इसके अलावा एम्स मदुरै (तमिलनाडु) भी ऑपरेशनल है और यहां मरीजों का बेहतरीन इलाज किया जा रहा है. इन 5 एम्स का चल रहा निर्माण कार्य देश में लगातार नए एम्स बनाने का काम चल रहा है. इस वक्त बिहार के दरभंगा, हरियाणा के रेवाड़ी, जम्मू-कश्मीर के अवंतीपोरा, हरियाणा के मनेठी और मणिपुर में एम्स अंडर कंस्ट्रक्शन हैं. इन 5 एम्स का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भारत में कुल 25 एम्स बन जाएंगे, जिससे लोगों को उनके ही राज्य में बेहतरीन इलाज की सुविधाएं मिल सकेंगी. इस वक्त अधिकतर लोग दिल्ली एम्स में इलाज कराने के लिए भागते हैं, लेकिन जब सभी एम्स ऑपरेशनल हो जाएंगे, तब लोगों को नजदीक में ही सभी बीमारियों का सस्ता और अच्छा इलाज मिलने लगेगा. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 20, 2026, 09:26 IST