Tuesday, 06 Oct 2026 | 08:31 PM

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लुधियाना में पुल पर रील बनाकर फंसी युवती:वेस्टर्न ड्रेस में मॉडलिंग करते VIDEO शूट कराया, पंजाबी गाना लगा डांस मूव्स दिखाए

लुधियाना में पुल पर रील बनाकर फंसी युवती:वेस्टर्न ड्रेस में मॉडलिंग करते VIDEO शूट कराया, पंजाबी गाना लगा डांस मूव्स दिखाए

लुधियाना में फिरोजपुर रोड पर बने एलीवेटिड पुल पर चलते ट्रैफिक के दौरान वेस्टर्न ड्रेस पहनकर रील बनाने वाली युवती और उसके कैमरामैन साथी के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। युवती ने बैकग्राउंड में पंजाब गाना लगाकर मूव्स दिखाए थे। पुलिस ने यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल रील के आधार पर की है। हालांकि, पुलिस अब तक यह पहचान नहीं कर पाई है कि रील बनाने वाले युवती और युवक कौन हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों की पहचान के लिए साइबर और टेक टीम की मदद ली जा रही है। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ा जाएगा। पुलिस ने पब्लिक प्लेस में अश्लील कृत्य करने, अव्यवस्था फैलाने, आम लोगों के लिए असुविधा पैदा करने और आम लोगों के लिए खतरा पैदा करने जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। ASI ने यह शिकायत देकर केस कराया थाना डिवीजन नंबर 8 के जांच अधिकारी ASI परमजीत सिंह की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। उन्होंने शिकायत में लिखवाया है कि 18 अप्रैल 2026 को वह पुलिस टीम के साथ फव्वारा चौक के पास गश्त पर थे। इसी दौरान खास मुखबिर से सूचना मिली कि एक अज्ञात युवती ने अपने साथी के साथ एलिवेटेड पुल पर होटल पार्क प्लाजा के सामने सड़क पर वीडियो बनाई है। इसका तुरंत संज्ञान लिया गया और सोशल मीडिया पर वायरल रील की जांच की गई। इस रील को कई मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने भी आपत्तिजनक बताकर शेयर किया था। इसके बाद युवती और युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई। ASI परमजीत सिंह ने कहा कि पुलिस टीमें जांच कर रही हैं। युवती के सोशल मीडिया एकाउंट खंगाले जा रहे हैं। उससे युवती का पता लगाने में पुलिस की साइबर और टेक टीमों की मदद ली जा रही है। जल्द ही उन्हें पकड़ा जाएगा। दोनों वायरल वीडियो में क्या दिख रहा… इंस्टाग्राम पर 1 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स युवती के इंस्टाग्राम पर 1.30 लाख फॉलोअर्स हैं। जबकि, वह अब तक 255 पोस्ट शेयर कर चुकी है। युवती ने अपनी प्रोफाइल में खुद को ब्लॉगर बताया हुआ है। उसके प्रोफाइल बायो में उसने लिखा है- डोंट बी ए वुमन दैट नीड्स ए मैन…बी ए वुमन ए मैन नीड्स (वह महिला मत बनो जिसे एक पुरुष की जरूर है, वह महिला बनो जिसकी पुरुष को जरूरत हो)। युवती ने जिम में एक्सरसाइज करते हुए और पंजाबी सूट पहनकर भी कई रील पोस्ट कर रखे हैं। वहीं, कुछ वीडियो में वह हुक्का पीते हुए भी नजर आई है।

इंदौर में छात्रा से दुष्कर्म, धर्म परिवर्तन का आरोप:खजराना थाने में मामला दर्ज, आरोपी हिरासत में लिया गया

इंदौर में छात्रा से दुष्कर्म, धर्म परिवर्तन का आरोप:खजराना थाने में मामला दर्ज, आरोपी हिरासत में लिया गया

इंदौर के कनाडिया क्षेत्र में किराए से रहकर निजी कॉलेज में पढ़ाई कर रही 19 वर्षीय छात्रा ने युवक पर दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन के दबाव का आरोप लगाया है। छात्रा की शिकायत पर खजराना थाने में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पीड़िता ने बताया कि करीब एक साल पहले उसकी मुलाकात आरोपी से स्कीम नंबर 78 क्षेत्र में हुई थी। आरोपी ने अपना नाम राहुल बताया और बातचीत शुरू हुई। बाद में उसने शादी का प्रस्ताव रखा। जून 2025 में घर बुलाकर बनाए संबंध छात्रा के अनुसार, जून 2025 में आरोपी ने उसे घर बुलाया, जहां उसके माता-पिता मौजूद नहीं थे। वहां उसने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता ने बताया कि बाद में आरोपी ने अपना नाम अब्दुल अजीज पठान बताया और कहा कि शादी के लिए धर्म परिवर्तन करना होगा। वीडियो वायरल करने की धमकी छात्रा ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर आरोपी ने वीडियो वायरल करने की धमकी दी। इसके बाद वह लगातार दबाव बनाकर शोषण करता रहा। परिवार को बताने के बाद दर्ज हुई शिकायत घटना से परेशान होकर छात्रा छिंदवाड़ा चली गई। परिजनों को जानकारी देने के बाद वह इंदौर लौटी और करणी सेना के पदाधिकारियों के साथ थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने आरोपी पर जबरन बुर्का पहनाने, नशा कराने और धार्मिक गतिविधियों के लिए मजबूर करने के आरोप भी लगाए हैं। पुलिस ने फिलहाल दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन से जुड़े आरोपों में मामला दर्ज किया है। आरोपी हिरासत में, जांच जारी पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

IVF Cases in Jodhpur | What is IVF | जोधपुर में आईवीएफ केस बढ़े | Rising IVF Cases in Jodhpur News

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जोधपुर. राजस्थान के जोधपुर शहर में आधुनिक जीवनशैली और करियर को प्राथमिकता देने के चलते विवाह की उम्र में 5 से 10 साल की देरी अब एक बड़ी सामाजिक और स्वास्थ्य समस्या बनकर उभर रही है. इस बढ़ते ट्रेंड का सीधा असर दंपतियों की प्रजनन क्षमता पर पड़ रहा है, जिसके परिणामस्वरूप माता-पिता बनने के लिए ‘इन विट्रो फर्टिलाइजेशन’ (IVF) का सहारा लेने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है. आंकड़ों के अनुसार, जोधपुर में हर साल करीब 1500 नए आईवीएफ मामले सामने आ रहे हैं. आर्थिक दृष्टि से देखें तो एक औसत आईवीएफ प्रक्रिया पर लगभग 2 लाख रुपये का खर्च आता है, जिससे शहर में इस तकनीक पर सालाना 25 से 30 करोड़ रुपये तक खर्च किए जा रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि तनाव, असंतुलित खानपान और बढ़ती उम्र के कारण प्राकृतिक रूप से संतान सुख पाने में चुनौतियां बढ़ गई हैं. 30 के बाद जैविक सीमाओं का बढ़ता प्रभाव जोधपुर के विनायक हॉस्पिटल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. कविता शर्मा के अनुसार, महिलाओं के शरीर में 20 से 30 वर्ष की आयु गर्भधारण के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है. जैसे ही उम्र 30 के पार पहुँचती है, अंडाणुओं की संख्या और उनकी गुणवत्ता में गिरावट शुरू हो जाती है. 35 वर्ष की आयु के बाद यह गिरावट और भी तीव्र हो जाती है, जिससे प्राकृतिक गर्भधारण की संभावनाएं बेहद कम रह जाती हैं. डॉक्टर बताती हैं कि देरी से शादी करने वाले जोड़ों को अक्सर इसी जैविक बाधा का सामना करना पड़ता है, जिसके बाद उनके पास मेडिकल सहायता लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता. हालांकि आईवीएफ की सफलता दर वर्तमान में 40 से 50 प्रतिशत के बीच है, लेकिन यह भी पूरी तरह से महिला की उम्र पर निर्भर करती है. आधुनिक तकनीक और बदलता दृष्टिकोणव्यस्त जीवनशैली के इस दौर में कामकाजी महिलाएं अब ‘एग फ्रीजिंग’ (अंडाणु संरक्षण) जैसी आधुनिक तकनीकों की ओर भी आकर्षित हो रही हैं, ताकि भविष्य में करियर स्थिर होने पर वे मातृत्व का आनंद ले सकें. आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने सफलता दर में सुधार जरूर किया है, लेकिन डॉक्टर शर्मा का मानना है कि करियर और जैविक प्राथमिकताओं के बीच संतुलन बनाना अनिवार्य है. कई बार महिलाएं जल्दी परिणाम की चाह में भी सीधे आईवीएफ प्रक्रिया को चुन लेती हैं. विशेषज्ञों की सलाह है कि अगर किसी कारणवश मातृत्व में देरी हो रही है, तो समय रहते विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए. सही समय पर लिया गया चिकित्सकीय फैसला और संतुलित दिनचर्या कई शारीरिक और मानसिक परेशानियों को कम कर सकती है. Q1. जोधपुर में IVF मामलों के बढ़ने की मुख्य वजह क्या है?Ans. जोधपुर में IVF मामलों के बढ़ने के पीछे सबसे बड़ी वजह बदलती जीवनशैली और देर से शादी करने का ट्रेंड है. आज के समय में युवा पहले अपने करियर को स्थिर करना चाहते हैं, जिसके चलते शादी की उम्र 30 वर्ष या उससे अधिक हो रही है. इसके साथ ही तनाव, फास्ट फूड, अनियमित दिनचर्या और शारीरिक गतिविधियों की कमी भी प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर रही है. इन सभी कारणों के चलते प्राकृतिक रूप से गर्भधारण मुश्किल हो रहा है, जिससे दंपतियों को IVF जैसी मेडिकल तकनीकों का सहारा लेना पड़ रहा है. Q2. जोधपुर में हर साल कितने दंपति IVF का सहारा ले रहे हैं और इसका क्या मतलब है?Ans. जोधपुर में हर साल लगभग 1500 दंपति IVF तकनीक का सहारा ले रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि शहर में बांझपन या गर्भधारण में कठिनाई की समस्या तेजी से बढ़ रही है. यह आंकड़ा सिर्फ एक मेडिकल ट्रेंड नहीं बल्कि एक सामाजिक बदलाव की ओर भी इशारा करता है. पहले जहां लोग प्राकृतिक तरीके से माता-पिता बनते थे, वहीं अब बड़ी संख्या में लोग चिकित्सा सहायता ले रहे हैं. इससे यह भी साफ होता है कि आधुनिक जीवनशैली और बढ़ती उम्र का असर सीधे तौर पर परिवार नियोजन पर पड़ रहा है. Q3. IVF प्रक्रिया पर होने वाला खर्च समाज पर क्या प्रभाव डाल रहा है?Ans. IVF प्रक्रिया का खर्च आम लोगों के लिए काफी महंगा साबित हो रहा है, क्योंकि एक बार के इलाज में लगभग 2 लाख रुपये तक खर्च आता है. जोधपुर में इस पर सालाना 25 से 30 करोड़ रुपये तक खर्च हो रहे हैं, जो एक बड़ी आर्थिक गतिविधि बन चुकी है. इससे एक तरफ मेडिकल इंडस्ट्री को बढ़ावा मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक दबाव भी बढ़ रहा है. कई दंपति अपने सपने को पूरा करने के लिए कर्ज तक लेने को मजबूर हो जाते हैं, जिससे यह सिर्फ स्वास्थ्य नहीं बल्कि आर्थिक चुनौती भी बन गई है. Q4. 30 साल के बाद महिलाओं की फर्टिलिटी में क्या बदलाव आते हैं और यह क्यों चिंता का विषय है?Ans. 30 साल की उम्र के बाद महिलाओं के शरीर में प्राकृतिक रूप से अंडाणुओं की संख्या और उनकी गुणवत्ता कम होने लगती है. 35 साल के बाद यह गिरावट और तेजी से होती है, जिससे गर्भधारण की संभावना काफी कम हो जाती है. यही कारण है कि डॉक्टर इस उम्र के बाद गर्भधारण को चुनौतीपूर्ण मानते हैं. यह स्थिति इसलिए चिंता का विषय है क्योंकि आज के समय में अधिकतर महिलाएं इसी उम्र के बाद मातृत्व की योजना बनाती हैं, जिससे उन्हें मेडिकल सहायता की जरूरत पड़ती है और मानसिक तनाव भी बढ़ता है. Q5. एग फ्रीजिंग जैसी तकनीक क्यों लोकप्रिय हो रही है और इसके क्या फायदे हैं?Ans. एग फ्रीजिंग तकनीक आज की कामकाजी महिलाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है, क्योंकि यह उन्हें अपने करियर और मातृत्व के बीच संतुलन बनाने का विकल्प देती है. इस प्रक्रिया में महिलाएं कम उम्र में अपने अंडाणु सुरक्षित रख सकती हैं और भविष्य में जब वे तैयार हों, तब उनका उपयोग कर सकती हैं. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि बढ़ती उम्र के बावजूद भी गर्भधारण की संभावना बनी रहती है. हालांकि यह तकनीक महंगी है, लेकिन यह उन महिलाओं के लिए एक सुरक्षित विकल्प बन रही है जो देर से शादी या मातृत्व की योजना बना रही हैं.

आसाराम केस का गवाह ब्लैकमेलिंग में अरेस्ट:पानीपत में सरपंच से ₹70 लाख हड़पे, महेंद्र के भाई- भतीजे और मां पर भी FIR

आसाराम केस का गवाह ब्लैकमेलिंग में अरेस्ट:पानीपत में सरपंच से ₹70 लाख हड़पे, महेंद्र के भाई- भतीजे और मां पर भी FIR

हरियाणा के पानीपत में आसाराम केस के मुख्य गवाह महेंद्र चावला को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। महेंद्र ने एक केस में सरपंच से ब्लैकमेल कर 70 लाख रुपए हड़प लिए। रुपए देने के बाद भी आरोपी 80 लाख रुपए की डिमांड करता रहा। महेंद्र को रुपए देने की अब एक वीडियो भी सामने आई है, जिसमें एक व्यक्ति बैग ले जाता दिख रहा है। दावा किया जा रहा है कि महेंद्र का भाई एक मीडिएटर के घर से बैग में 70 लाख रुपए कैश ले गया। सीआईए ने मामले में कार्रवाई करते हुए महेंद्र, भाई देवेंद्र और भतीजे राम को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं पुलिस ने महेंद्र की मां गोपाली देवी के खिलाफ भी FIR दर्ज कर ली है। जानिए महेंद्र ने कैसे ठगे ₹70 लाख आसाराम से कैसे जुड़ा महेंद्र पानीपत के सनौली खुर्द गांव का रहने वाला महेंद्र 1996 में आसाराम से जुड़ा है। काफी दिनों तक आसाराम के अहमदाबाद और सूरत आश्रम में भी उनके साथ रहा। परिजनों के अनुसार, महेंद्र 2006 में वापस गांव लौट गया। 2008 में आसाराम के अहमदाबाद आश्रम में 2 बच्चों के मरने की घटना से महेंद्र आहत हुआ था। इसके बाद से ही उसने आसाराम से दूरी बनानी शुरू कर दी। जब दोनों आसाराम और बेटे नारामण साई पर दुराचार के आरोप लगे तो महेंद्र आश्रम से अलग रहने ला। साल 2013 में एक नाबालिग ने आसाराम पर यौन शोषण का आरोप लगाया था, इस केस में महेंद्र चावला ने गवाही दी थी। सरपंच के पक्ष में दी गवाही शिकायतकर्ता भगत सिंह ने बताया कि 2 मार्च को महेंद्र चावला ने सरपंच के पक्ष में गवाही दी। उस समय उसने कोर्ट में अपने ही परिचितों को पहचानने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसने और रुपए हड़पने की प्लानिंग शुरू की। 5 मार्च को अगली तारीख पर पेश न होने के लिए झूठा मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करा दिया। 3 पॉइंट में पढ़िए…क्यों मुकरा महेंद्र चावला महेंद्र के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई 15 अप्रैल को भगत सिंह ने महेद्र के खिलाफ चांदनीबाग थाने में शिकायत दर्ज कराई। जिसमें आरोप लगाया कि महेंद्र, उसके भाई देवेंद्र और उसके बेटे राम, मां गोपाली देवी ने ब्लैकमेल कर उनसे 70 लाख रुपए हड़प लिए। इसके बाद और रुपयों की भी डिमांड की गई। रुपए न देने पर जान से मारने की धमकी दी गई। DSP बोले- तीन लोगों को गिरफ्तार किया DSP हेडक्वार्टर सतीश वत्स ने बताया कि चांदनी बाग थाना में दर्ज ब्लैकमेलिंग के एक मुकदमे में महेंद्र चावला, देवेंद्र चावला और राम को गिरफ्तार किया गया है। तीनों को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। रुपए लेने से संबंधित वीडियो की भी जांच की जा रही है।

IPL में डबल हेडर का पहला मुकाबला कोलकाता Vs राजस्थान:5 मैच हार चुकी KKR को पहली जीत की तलाश, RR की वापसी की कोशिश

IPL में डबल हेडर का पहला मुकाबला कोलकाता Vs राजस्थान:5 मैच हार चुकी KKR को पहली जीत की तलाश, RR की वापसी की कोशिश

IPL 2026 में रविवार को डबल हेडर का पहला मुकाबला कोलकाता के ईडन गार्डन्स में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच दोपहर 3:30 बजे से खेला जाएगा। दोनों टीमों की टूर्नामेंट में स्थिति बिल्कुल अलग है। एक तरफ राजस्थान रॉयल्स (RR) है, जो इस सीजन की मजबूत टीमों में से एक रही है, जबकि दूसरी ओर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) है, जो अब तक अपनी पहली जीत का इंतजार कर रही है। अब तक 6 मैच खेल चुकी कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को 5 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है, जबकि एक मैच बारिश की वजह से रद्द हो गया था। अजिंक्य रहाणे की कप्तानी वाली KKR के लिए यह मैच साख बचाने जैसा है। दूसरी ओर, राजस्थान रॉयल्स (RR) भी अपना पिछला मुकाबला हैदराबाद से हारकर यहां पहुंची है, ऐसे में वह भी वापसी की पूरी कोशिश करेगी। अब तक दोनों टीमों के बीच 31 मैच खेले गए हैं। इनमें KKR ने 16 और राजस्थान ने 12 मुकाबले जीते हैं। इसके अलावा दो मैच टाई रहे, जिन्हें राजस्थान ने जीता। वहीं, एक मैच रद्द हो गया था। पिछले साल खेले गए दोनों मुकाबले कोलकाता नाइट राइडर्स ने अपने नाम किए थे। रहाणे की कप्तानी और नायर की रणनीति पर उठे सवाल अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में KKR का प्रदर्शन अब तक निराशाजनक रहा है। टीम अक्सर जीती हुई स्थिति से मैच हार रही है, जिससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास कम हुआ है। KKR को अब तक एकमात्र अंक पंजाब किंग्स के खिलाफ बारिश के कारण धुले मैच से मिला है। कप्तान रहाणे के टॉस के फैसलों और हेड कोच अभिषेक नायर के टीम मैनेजमेंट पर भी सवाल उठ रहे हैं। गुजरात टाइटंस के खिलाफ नमी वाली पिच पर पहले बल्लेबाजी का फैसला गलत साबित हुआ था और टीम 32 रन पर 3 विकेट गंवा बैठी थी।। स्पिनर्स की फॉर्म और सिलेक्शन को लेकर उलझन KKR के मुख्य स्पिनर वरुण चक्रवर्ती टी-20 वर्ल्ड कप के बाद से लय में नहीं दिख रहे हैं। उन्हें पावरप्ले में गेंदबाजी दी गई, जहां वे काफी महंगे साबित हुए। हालांकि, पिछले मैच में जोस बटलर और वॉशिंगटन सुंदर के विकेट लेना उनके लिए सकारात्मक रहा। इसके अलावा, रचिन रवींद्र जैसे स्टार खिलाड़ी को बेंच पर बिठाने और टिम सीफर्ट को देर से मौका देने जैसे फैसलों की भी आलोचना हो रही है। शेन वॉटसन, टिम साउदी और ड्वेन ब्रावो जैसे दिग्गजों वाले सपोर्ट स्टाफ के बावजूद टीम मैदान पर दिशाहीन नजर आ रही है। KKR पास होम ग्राउंड पर आखिरी मौका, फिर एक महीने का ब्रेक कोलकाता में होने वाले विधानसभा चुनावों के कारण इस मैच के बाद ईडन गार्डन्स में करीब एक महीने तक कोई मुकाबला नहीं होगा। केकेआर की टीम 16 मई को दोबारा अपने घर लौटेगी। ऐसे में होम फैंस के सामने पहली जीत दर्ज करने के लिए कोलकाता की टीम पूरी जान लगाएगी। कैमरून ग्रीन की 79 रनों की पारी और चक्रवर्ती की फॉर्म में वापसी उनके लिए उम्मीद की किरण है। हैदराबाद की हार से सबक लेगी टीम राजस्थान रॉयल्स ने सीजन की शुरुआत लगातार चार जीत के साथ की थी,लेकिन पिछले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने उनकी लय बिगाड़ दी। उस मैच में राजस्थान का पूरा टॉप ऑर्डर यशस्वी जायसवाल,वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल और रियान पराग दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके थे। रियान पराग की कप्तानी वाली यह टीम कोलकाता के खिलाफ अपनी पुरानी गलतियों को सुधारना चाहेगी। राजस्थान की टीम गर्मी और कंडिशन्स के तालमेल बिठाने के लिए कोलकाता पहले ही पहुंच गई थी। पिच रिपोर्ट कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों को ज्यादा मदद दे सकती है। पिच पर अच्छा बाउंस देखने को मिलता है, जिससे बॉल भी बल्ले पर अच्छी आती है। आउटफील्ड भी काफी तेज रहती है, इसके अलावा मैदान छोटा है तो ज्यादा चौके-छ्क्के भी लगते हैं। शुरुआत में तेज गेंदबाजों को मदद मिल सकती है जबकि मिडल ओवर्स में स्पिनर्स कारगर साबित हो सकते हैं। ऐसे में बल्ले और गेंद के बीच अच्छा कॉन्टेस्ट देखने को मिल सकता है। ईडन गार्डन्स स्टेडियम में अब तक कुल 103 IPLमुकाबले खेले गए हैं, जिसमें से पहले बैटिंग करने वाली टीम ने 43तो दूसरी बैटिंग करने वाली टीम ने 58 मुकाबले जीते हैं। दो मुकाबले का कोई नतीजा नहीं निकला। मौसम कोलकाता के ईडन गार्डन्स में रविवार (19 अप्रैल 2026) को KKR बनाम RR मैच के दौरान मौसम गर्म रहने के साथ ही उमस बनी रहेगी। दोपहर के समय तापमान लगभग 36 डिग्री तक जा सकता है और शाम को हल्की ओस रहने की संभावना है। दोनों की टीमों की प्लेइंग -12 कोलकाता नाइट राइडर्स: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), कैमरन ग्रीन, रिंकू सिंह, रमनदीप सिंह, रोवमन पॉवेल, सुनील नारायण, अनूकुल रॉय, वरुण चक्रवर्ती, कार्तिक त्यागी और वैभव अरोरा। इम्पैक्ट: फिन एलन। राजस्थान रॉयल्स: यशस्वी जायसवाल, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), शिमरोन हेटमायर, डोनोवन फरेरा, रवींद्र जड़ेजा, जोफ्रा आर्चर, नांद्रे बर्गर, बृजेश शर्मा, संदीप शर्मा, रवि बिश्नोई। इम्पैक्ट प्लेयर: वैभव सूर्यवंशी।

जूता-चप्पल और प्लास्टिक खा रही हैं गायें? पशुओं के एक्सपर्ट बोले- पशुओं में हो सकता है पाइका रोग, बचाने का सिर्फ ये है उपाय

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Last Updated:April 19, 2026, 05:54 IST Cow Pica Disease: बोकारो के चास पेट क्लीनिक के डॉ अनिल कुमार ने बताया कि कुपोषण और फास्फोरस की कमी से होने वाला पाइका रोग गायों के पाचन और दूध उत्पादन को गंभीर रूप से प्रभावित करता है. यह बीमारी दिखने पर डॉक्टर से जरूर सलाह लें. ख़बरें फटाफट बोकारो: अक्सर पशुपालक इस बात से परेशान रहते हैं कि उनकी गायें जूता, चप्पल, प्लास्टिक, कागज या चमड़ा जैसी चीजें खाने लगती हैं. पहली नजर में यह एक साधारण आदत लग सकती है, लेकिन एक्सपर्ट इसे गंभीर बीमारी मानते हैं. ऐसे में बोकारो के चास पेट क्लीनिक के पशु चिकित्सक और एक्सपर्ट डॉ. अनिल कुमार ने पाइका रोग के गंभीरता को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है. आइये जानते हैं इसके बारे में. जानें पशु एक्सर्ट से डॉ. अनिल कुमार के अनुसार पाइका पशुओं में होने वाली एक गंभीर बीमारी है. जो मुख्य रूप से कुपोषण और फास्फोरस की कमी से होती है, जिस कारण पशुओं का खान-पान और व्यवहार बदलने लगता है और वे असामान्य चीजों को चबाने या खाने लगते हैं और कई बार गौशाला में बंधे होने के बावजूद गाय रस्सी, लकड़ी के खूटे या आसपास पड़ी अनुपयोगी वस्तुओं को चबाने लगते हैं, जिससे उनका पाचन बुरी तरह से प्रभावित होता है. रोग से पशुओं के रोग पर पड़ता है असर वहीं, पाइका बीमारी के बढ़ने पर इसका सीधा असर पशुओं के स्वास्थ्य और दूध उत्पादन दोनों पर दिखाई देता है, जिससे पशु के शरीर की चमक कम होने लगती है, बाल झड़ने लगते हैं और हड्डियां कमजोर हो जाती हैं. इसकी वजह से गायें कमजोर दिखने लगती हैं. वहीं, कई बार गाय गलती से प्लास्टिक या लकड़ी खाने से पाचन संबंधित समस्या उत्पन्न होता है, जिससे पशुओं का पेट बुरी तरह से फूल जाता है और कई बार गंभीर स्थिति में सर्जरी तक की जरूरत पड़ जाती है. वही, लंबे समय तक असंतुलित आहार देने से यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है. ऐसे में लक्षण दिखने पर पशुपालकों को तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए. वहीं, डॉ, अनिल कि मानें तो पाइका रोग से बचाव के लिए संतुलित आहार सबसे अहम उपाय है. इसलिए पशुओं को नियमित रूप से हरा चारा, सूखा चारा  और दाना मिश्रण देना चाहिए. साथ ही पशु चिकित्सक की सलाह से विटामिन और मिनरल सप्लीमेंट भी देना चाहिए. इसके अलावा गाय की डी-वॉर्मिंग कराना बेहद जरूरी है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bokaro,Jharkhand First Published : April 19, 2026, 05:54 IST

चारधाम यात्रा के पहले दिन खुलेंगे गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट:खरशाली से विदा हुई मां यमुना की डोली; कैलाश के लिए तैयार बाबा केदार

चारधाम यात्रा के पहले दिन खुलेंगे गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट:खरशाली से विदा हुई मां यमुना की डोली; कैलाश के लिए तैयार बाबा केदार

उत्तराखंड में आज से चारधाम यात्रा शुरू हो रही है। इसकी शुरुआत गंगोत्री धाम के कपाट खुलने से होगी, जबकि यमुनोत्री धाम के कपाट भी आज ही श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे। आज सुबह 8 बजे उत्तरकाशी जिले के शीतकालीन गद्दी स्थल खरशाली से मां यमुना की उत्सव डोली, समेश्वर देवता की अगुवाई में यमुनोत्री धाम के लिए रवाना हुई। इस दौरान ग्रामीणों ने नम आंखों और जयकारों के साथ अपनी आराध्य देवी को विदा किया। केदारनाथ के लिए रवाना हो रही है बाबा की डोली बाबा केदारनाथ के दर्शनों का इंतजार खत्म होने वाला है। आज रुद्रप्रयाग जिले के शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ से बाबा केदार की पंचमुखी उत्सव डोली कैलाश (केदारनाथ धाम) के लिए रवाना हो रही है। भक्तिमय माहौल और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों के बीच डोली अपने प्रथम रात्रि पड़ाव के लिए प्रस्थान करेगी और आज शाम विश्राम के लिए फाटा पहुंचेगी। विभिन्न पड़ावों से होते हुए यह डोली पैदल यात्रा कर 21 अप्रैल की शाम तक केदारनाथ धाम पहुंचेगी। इसके बाद 22 अप्रैल की सुबह शुभ मुहूर्त पर बाबा के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। गंगोत्री में पीएम मोदी के नाम होगी पहली पूजा गंगोत्री धाम में पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से की जाएगी। इस दौरान सीएम पुष्कर सिंह धामी भी मंदिर में मौजूद रहेंगे। तय मुहूर्त के अनुसार, दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इससे पहले मां गंगा की डोली मंदिर पहुंचेगी, जहां हवन और भोग के बाद दर्शन शुरू होंगे। वहीं, यमुनोत्री धाम के कपाट दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर खुलेंगे। मां यमुना की उत्सव डोली अपने पारंपरिक पैदल मार्ग से होते हुए धाम पहुंचेगी, जिसके बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कपाट खोले जाएंगे। प्रशासन और मंदिर समिति ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। गंगोत्री में चरणबद्ध तरीके से पूरी होगी प्रक्रिया गंगोत्री धाम में कपाट खुलने की प्रक्रिया परंपराओं के अनुसार चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। मां गंगा की उत्सव डोली भैरव घाटी से सुबह 8 बजे धाम के लिए रवाना होगी और मंदिर पहुंचने से पहले परिसर में तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी। मंदिर समिति के सचिव और जिला प्रशासन के प्रतिनिधि के रूप में भटवाड़ी के एसडीएम की निगरानी में मंदिर के पिछले द्वार को खोलकर सफाई व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद तीर्थ पुरोहितों द्वारा हवन और देवी स्थापना की प्रक्रिया शुरू होगी। डोली पहुंचते ही मुख्य द्वार खुलेगा, फिर दर्शन शुरू जैसे ही मां गंगा की डोली मंदिर परिसर में पहुंचेगी, मंदिर के मुख्य द्वार की सील हटाई जाएगी। इसके बाद मंदिर समिति, प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में मुख्य धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। हवन के बाद मां गंगा को भोग अर्पित किया जाएगा और इसके बाद कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। एक दिन पहले मुखबा से निकली थी डोली उत्तरकाशी के मुखबा गांव में मां गंगा की शीतकालीन गद्दी है, 18 अप्रैल को यहीं से डोली यात्रा शुरू हो गई थी, जो आज गंगोत्री धाम में पहुंचेगी। मुखबा से गंगोत्री धाम की दूरी करीब 25 किलोमीटर है। ग्रामीणों ने नम आंखों से मां गंगा को छह महीने के प्रवास के लिए विदा किया। परंपरा के अनुसार इस दौरान मां को फाफरे का भोग लगाया गया और ‘कल्यो’ अर्पित कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की गई। डोली मुखबा से जांगला होते हुए कठिन रास्ते से भैरव घाटी पहुंची, जहां रात्रि विश्राम किया गया। यमुनोत्री में डोली के साथ खुलेगा कपाट वहीं, यमुनोत्री धाम में भी अक्षय तृतीया के दिन कपाट खोलने की परंपरा निभाई जाएगी। मंदिर समिति के अनुसार निर्धारित मुहूर्त पर कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। मां यमुना की उत्सव डोली शीतकालीन गद्दी स्थल खरशाली से आज सुबह 8 बजे धाम के लिए रवाना हुई समेश्वर देवता की अगुवाई में निकलने वाली इस डोली यात्रा के दौरान शंखनाद, ढोल-नगाड़ों और पुलिस बैंड की धुनों के बीच पूरा क्षेत्र गूंज उठा। खरशाली में परंपरा, महिलाएं देती हैं विदाई खरशाली गांव में डोली प्रस्थान के समय पारंपरिक रीति-रिवाज निभाए जाते हैं। ग्रामीण महिलाएं मां यमुना को विदा करते हुए क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और हर बार पूरे विधि-विधान के साथ निभाई जाती है। डोली के यमुनोत्री धाम पहुंचने के बाद धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मंदिर के कपाट खोले जाएंगे और श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू हो जाएंगे। इसके साथ ही चारधाम यात्रा का क्रम आगे बढ़ेगा। अब इनफोग्राफिक से दोनों धामों के बारे में जानिए… 2025 में 51 लाख लोगों ने की थी चार धाम यात्रा पिछले साल 2025 में चारधाम यात्रा में कुल मिलाकर 51 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे थे। गंगोत्री और यमुनोत्री में भी बड़ी संख्या में भक्तों ने दर्शन किए थे, हालांकि शुरुआत में मौसम और अन्य कारणों से संख्या में उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। इस साल 2026 में यात्रा शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। आंकड़ों के अनुसार गंगोत्री के लिए 3 लाख से ज्यादा और यमुनोत्री के लिए 3.7 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहले ही रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के कपाट कब खुलेंगे? चारधाम यात्रा के बाकी दो प्रमुख धामों के कपाट भी तय तारीखों पर खोले जाएंगे। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे, जबकि बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 को खोले जाएंगे। इन दोनों धामों के खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा पूरी तरह से गति पकड़ लेगी और प्रदेश में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ेगी। 22 अप्रैल से केदारनाथ के लिए हेलिकॉप्टर केदारनाथ के लिए हेलिकॉप्टर की सेवा 22 अप्रैल से शुरू हो रही है, जिसके के लिए रुद्रप्रयाग जिले के गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी से 8 हेली कंपनियां उड़ान भरेंगी। सुरक्षा के मद्देनजर उड़ानों की संख्या सीमित की गई है (गुप्तकाशी/फाटा से 24 और सिरसी से 32 शटल)। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) अधिकारी सोनप्रयाग और केदारनाथ से लाइव मॉनिटरिंग करेंगे। श्रद्धालुओं को पहली बार केदारनाथ और लिनचोली में 24 घंटे गर्म पानी की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा ‘पीरुल’ (चीड़ की पत्तियां) और ‘खच्चर की लीद’ से बने बायोमास पैलेट्स

चंडीगढ़- एलांते मॉल के फूड कोर्ट में बवाल:बच्चे को सर्व चाइनीज डिश में निकला कीड़ा, स्टाफ बोला- सॉरी; ग्राहक ने VIDEO बना कंप्लेंट की

चंडीगढ़- एलांते मॉल के फूड कोर्ट में बवाल:बच्चे को सर्व चाइनीज डिश में निकला कीड़ा, स्टाफ बोला- सॉरी; ग्राहक ने VIDEO बना कंप्लेंट की

चंडीगढ़ के एलांते मॉल के फूड कोर्ट में खाने की गुणवत्ता को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हुआ है। एक परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्हें परोसे गए खाने में कैटरपिलर (कीड़ा) मिला। जिस वक्त कीड़ा मिला, खाना उनका छोटा बेटा खा रहा था। जब उन्होंने खाने की शिकायत कैफे के इंचार्ज से की तो उसने भी माना कि खाने में कीड़ा निकला है। वीडियो में महिला कहती दिख रही है कि जाने मैंने क्या खा लिया, ये बेटे की प्लेट में निकला है। ये सीधा ब्रेन में जाता है हालांकि, उसने कहा कि यह पहली घटना है। इससे पहले उनके यहां इस तरह का कोई केस नहीं आया है। ग्राहक ने इस घटना के वीडियो बनाकर फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट को भेजे हैं और मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में चंडीगढ़ में फूड सेफ्टी अधिकारियों ने अभी खुलकर कुछ नहीं कहा। हालांकि एक अधिकारी ने बताया कि परिवार को सोमवार को ऑफिस बुलाया गया है। उनसे शिकायत लेकर कैफे की जांच की जाएगी। चाइनीज खाने में निकला कीड़ा सेक्टर-40ए के रहने वाले नवप्रीत कुमार चौधरी ने फूड कोर्ट स्थित एक कैफे से चाइनीज वेज सुप्रीम सिजलर ऑर्डर किया था। जब वह अपने बेटे के साथ खाना खा रहे थे, तभी उन्हें उसमें कैटरपिलर दिखाई दिया। इस दौरान उन्होंने तुरंत खाना रोक दिया और मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने तुरंत इसका वीडियो बनाना शुरू कर दिया और मौके पर इस मामले की शिकायत के लिए फूड कोर्ट के इंचार्ज सुमित को बुलाया। फूड कोर्ट इंचार्ज ने भी माना कि खाने में कीड़ा निकला है। इसके बाद कैफे के इंचार्ज को मौके पर बुलाया गया। उसने भी देखा और ग्राहक से क्षमा मांगी। हालांकि, ग्राहक ने उसे माफ नहीं किया और पूरे मामले के फोटो और वीडियो बनाकर संबंधित अधिकारियों को भेज दिया। पीड़ित ने प्रशासन से मामले की जांच करने और सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी अन्य ग्राहक के साथ ऐसा न हो। घटना के 2 वीडियो सामने आए… 17 सेकेंड के वीडियो में क्या दिख रहा वीडियो में एक महिला नूडल्स जैसी डिश खा रही है। डिश को बड़े-बड़े बंद गोभी के पत्ते में सर्व किया गया है, जो एक तरह का प्राकृतिक बाउल बना रहा है। अंदर ब्राउन सॉस में बनाए गए नूडल्स हैं, जिसमें मशरूम, टमाटर, प्याज और अन्य सब्जियां मिली हुई हैं। महिला दाहिने हाथ में लकड़ी का फॉर्क लेकर नूडल्स को अच्छी तरह मिक्स कर रही है। इसके बाद वह फोर्क से नूडल्स, मशरूम और सॉस को उठाकर दिखाती है। वीडियो में नूडल्स के साथ सब्जियों का मिश्रण साफ नजर आता है। कुछ देर बाद वही डिश क्लोज-अप में दिखाई जाती है, जिससे खाने की बनावट और उसमें मौजूद सामग्री स्पष्ट दिखती है। आखिर में वीडियो में महिला का चेहरा भी दिखता है। दूसरे वीडियो में दिखता कीड़ा दूसरे वीडियो में महिला ग्राहक रेस्टोरेंट में शिकायत करती नजर आ रही है कि उनके खाने में कीड़ा निकला है। वह कहती है कि अगर अनजाने में उसका बच्चा यह खाना खा लेता, तो उसकी तबीयत खराब हो सकती थी। महिला इस बात को लेकर काफी नाराज दिखाई देती है। वह तुरंत रेस्टोरेंट के कर्मचारियों को बुलाती है और उन्हें पूरा मामला दिखाती है। महिला बार-बार इस बात पर जोर देती है कि खाने में कीड़ा मिलना बेहद गंभीर लापरवाही है। मौके पर पहुंचे कर्मचारी सिर्फ सॉरी कहकर बात को टालने की कोशिश करते हैं। इस पर महिला एतराज जताती है और कहती है कि यह लापरवाही गंभीर है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। वह इस मामले में उचित कार्रवाई की मांग करती है, ताकि आगे किसी और ग्राहक के साथ ऐसी घटना न हो। कैफे के GM ने कहा- हम माफी मांग चुके एलांते फूड कोर्ट में सिजलर कैफे के GM लक्ष्मण ने बताया कि पिछले 13 साल से उनका रेस्टोरेंट चल रहा है। पहले कभी ऐसा नहीं हुआ। सुरक्षा के सारे मानकों को पूरा किया जाता है। कल खाने में कीड़ा निकला, जिसके लिए हमने परिवार से माफी भी मांगी। अब वह कीड़ा कैसे और कहां से आया, उसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि कैफे में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर हम बेहद सख्त मानकों का पालन करते हैं। हम नियमित रूप से किचन की साफ-सफाई करते हैं, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और हाइजीन प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करते हैं।

घरेलू विवाद में पत्नी का पत्थर से सिर कुचला:बेटे के साथ मिलकर जमीन पर पटका, गला दबाया; सबूत मिटाने बदले कपड़े, दोनों गिरफ्तार

घरेलू विवाद में पत्नी का पत्थर से सिर कुचला:बेटे के साथ मिलकर जमीन पर पटका, गला दबाया; सबूत मिटाने बदले कपड़े, दोनों गिरफ्तार

मंडला जिले के ग्राम घुरनेर में हुई 45 वर्षीय महिला तुलसा बाई की अंधी हत्या की गुत्थी पुलिस ने 24 घंटे में सुलझा ली है। महिला की हत्या उसके पति चंद्रिका प्रसाद और बेटे मनोहर प्रसाद ने मिलकर की थी। पुलिस ने शनिवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया। 15 साल से चल रहे घरेलू विवाद में मारा पुलिस जांच में सामने आया कि तुलसा बाई का अपने पति से पिछले 15-20 वर्षों से विवाद चल रहा था और वे अलग रह रहे थे। 15 अप्रैल की शाम पुराने विवाद को लेकर फिर झगड़ा हुआ। इस दौरान बेटे ने मां को जमीन पर पटक दिया और पति ने गला दबाने के बाद पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी। एफएसएल और डॉग स्क्वॉड की मदद से मिले सुराग 17 अप्रैल को महिला का शव घर में मिलने के बाद मुकेश पटेल की सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम किया था। एसपी रजत सकलेचा के निर्देश पर गठित टीम ने घटनास्थल पर एफएसएल और डॉग स्क्वॉड की मदद से साक्ष्य जुटाए। संदेह के आधार पर जब पति और बेटे से पूछताछ की गई, तो उन्होंने जुर्म स्वीकार कर लिया। साक्ष्य छिपाने के लिए बदले कपड़े और धोए हाथ वारदात के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के उद्देश्य से अपने खून से सने कपड़े बदल लिए थे और हाथ धो लिए थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त पत्थर और छिपाए गए खून से सने कपड़े बरामद कर लिए हैं। निवास पुलिस ने 24 घंटे में पकड़ा थाना प्रभारी गोपाल घासले के नेतृत्व वाली टीम ने एक दिन में हत्या की गुत्थी सुलझाई। TI ने बताया कि घरेलू हिंसा और आपसी रंजिश इस जघन्य हत्याकांड की मुख्य वजह रही। अधिकारियों ने साक्ष्य जुटाकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की है।

बालाघाट में मील के पत्थर से टकराई बाइक:भतीजे की मौत, चाचा गंभीर घायल; कारंजा बाजार से खरीदारी कर लौट रहे थे

बालाघाट में मील के पत्थर से टकराई बाइक:भतीजे की मौत, चाचा गंभीर घायल; कारंजा बाजार से खरीदारी कर लौट रहे थे

बालाघाट जिले के मिरिया गांव के पास शनिवार दोपहर एक बाइक सड़क किनारे लगे मील के पत्थर से टकरा गई। इस हादसे में 18 वर्षीय लोकेश वाघारे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके चाचा महेंद्र सोनवाने गंभीर रूप से घायल हो गए। कारंजा बाजार से खरीदारी कर लौट रहे थे रामपायली थाना क्षेत्र के चंगेरा निवासी लोकेश और महेंद्र मिरिया गांव स्थित अपनी ससुराल आए हुए थे। 18 अप्रैल को दोपहर करीब 4 से 5 बजे के बीच दोनों कारंजा बाजार से खरीदारी कर बाइक (एमपी 50 जेडसी 8205) से वापस लौट रहे थे, तभी मिरिया के समीप वाहन अनियंत्रित होकर किलोमीटर पत्थर से टकरा गया। चाचा महाराष्ट्र के गोंदिया रेफर हादसे के बाद डायल 112 और 108 एंबुलेंस की मदद से घायल महेंद्र को सिविल अस्पताल लांजी पहुंचाया गया। महेंद्र के पैर में गंभीर चोट होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए महाराष्ट्र के गोंदिया रेफर किया गया है। कल होगा पीएम बहेला पुलिस ने मृतक लोकेश के शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रखवाया है। शनिवार रात होने के कारण शव का पोस्टमार्टम रविवार सुबह किया जाएगा। पुलिस हादसे की जांच कर रही है।