जबलपुर में गर्मी का प्रकोप:पारा 40 डिग्री के पार, लू जैसे हालात; अगले तीन दिन भी राहत नहीं

जबलपुर में इन दिनों तेज गर्मी का असर बना हुआ है। पिछले तीन दिनों से तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है और आने वाले दिनों में भी लोगों को राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर ही बना रहेगा। शहर में बीते तीन दिनों से मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क बना हुआ है। इस दौरान अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दिन के समय लू जैसे हालात महसूस किए जा रहे हैं। मौसम साफ रहने का अनुमान गुरुवार (16 अप्रैल) को भी मौसम साफ रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान 41 से 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। बारिश के कोई संकेत नहीं हैं और कम आर्द्रता के कारण गर्मी का असर और अधिक तीखा महसूस होगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले तीन दिनों तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। प्रदेश सहित उत्तर भारत में गर्मी और लू की स्थिति बनने लगी है, जिससे तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अप्रैल के मध्य में इस तरह की गर्मी सामान्य से अधिक है। दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और तेज धूप से बचाव के उपाय अपनाएं। फिलहाल जबलपुर में गर्मी से राहत के कोई संकेत नहीं हैं, ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
गर्मियों में किस वजह से फटने लगती है स्किन? किस तरह कर सकते हैं बचाव, डॉक्टर ने बताए स्किन केयर टिप्स

Last Updated:April 16, 2026, 10:16 IST Summer Skin Problems: गर्मियों में स्किन ड्राई होने और फटने का मुख्य कारण डिहाइड्रेशन, तेज धूप और त्वचा की नमी का कम होना है. ज्यादा साबुन और केमिकल्स के इस्तेमाल से भी यह समस्या बढ़ सकती है. पर्याप्त पानी पीना, मॉइश्चराइजर लगाना और धूप से बचाव करना स्किन को हेल्दी बनाए रखने में मदद करता है. गर्मियों में तेज धूप, डिहाइड्रेशन और लू के कारण स्किन फटने लगती है. Summer Skin Care Tips: गर्मियों के मौसम में धूप की तपिश बढ़ जाती है और पसीने से लोगों का बुरा हाल हो जाता है. इसके साथ गर्मी में स्किन से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं. अक्सर माना जाता है कि स्किन ड्राइनेस और स्किन फटने की समस्या केवल सर्दियों में होती है, लेकिन ऐसा नहीं है. गर्मियों में भी स्किन ड्राई हो जाती है और फटने लगती है. ऐसे में सवाल है कि गर्मी में स्किन से जुड़ी ये समस्याएं क्यों पैदा होती हैं और इनसे कैसे बचाव किया जा सकता है. इस बारे में स्पेशलिस्ट से जान लेते हैं. यूपी के कानपुर स्थित जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. युगल राजपूत ने News18 को बताया कि गर्मियों में स्किन फटने का सबसे बड़ा कारण डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी है. जब हम पर्याप्त पानी नहीं पीते, तो शरीर अंदर से सूखने लगता है और इसका असर स्किन पर साफ दिखाई देता है. तेज धूप और गर्म हवाएं भी स्किन की नमी छीन लेती हैं, जिससे स्किन ड्राई और फटी हुई नजर आने लगती है. ऐसे में लू से बचना, हाइड्रेशन बेहतर बनाए रखना और धूप से बचना जरूरी है. एक्सपर्ट ने बताया कि गर्मियों में लोग बार-बार नहाते हैं और साबुन का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं. ज्यादा केमिकल वाले साबुन या बॉडी वॉश का इस्तेमाल करने से स्किन के नेचुरल ऑयल खत्म हो जाते हैं. इससे स्किन की बाहरी परत कमजोर हो जाती है और वह फटने लगती है. इसके अलावा सूरज की हानिकारक UV किरणें भी त्वचा को नुकसान पहुंचाती हैं. ज्यादा देर तक धूप में रहने से स्किन बर्न हो सकती है, जिससे उसमें दरारें आ जाती है. बिना सनस्क्रीन के बाहर निकलना इस समस्या को बढ़ा सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. एक्सपर्ट के मुताबिक स्किन को ड्राइनेस और फटने से बचाने के लिए खुद को हाइड्रेटेड रखना सबसे जरूरी है. दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और नारियल पानी, छाछ जैसे हेल्दी ड्रिंक्स लें. इसके साथ ही त्वचा को मॉइश्चराइज रखना भी जरूरी है. हल्का और नॉन-ऑयली मॉइश्चराइजर दिन में 1 से 2 बार जरूर लगाएं. धूप में निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें और जितना हो सके सीधे सूरज की किरणों से बचें. नहाने के बाद मॉइश्चराइजर लगाएं, ताकि त्वचा की नमी बनी रहे. गर्मियों में स्किन फटना एक कॉमन समस्या है, लेकिन सही देखभाल और छोटी-छोटी सावधानियों से इसे आसानी से रोका जा सकता है. हाइड्रेशन, सन प्रोटेक्शन और सही स्किन केयर रूटीन अपनाकर आप अपनी त्वचा को हेल्दी और सॉफ्ट बनाए रख सकते हैं. अगर तमाम कोशिशों के बावजूद आपकी स्किन ड्राई है, तो डॉक्टर से मिलकर कंसल्ट करना चाहिए. कई बार यह शरीर में पल रही स्किन डिजीज का संकेत भी हो सकता है. इसे लेकर लापरवाही नहीं करनी चाहिए. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 16, 2026, 10:16 IST
'धुरंधर में रहमान डकैत का रोल तुम्हें करना चाहिए था':शत्रुघ्न सिन्हा ने गुलशन ग्रोवर से कही बात, एक्टर ने जताई सहमति

एक्टर गुलशन ग्रोवर ने बताया कि हाल ही में शत्रुघ्न सिन्हा ने उनसे कहा था कि फिल्म धुरंधर में अक्षय खन्ना द्वारा निभाया गया रहमान डकैत का रोल उन्हें करना चाहिए था। दरअसल, गुलशन ग्रोवर इन दिनों अपनी आने वाली सीरीज मटका किंग का प्रमोशन कर रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने इंडस्ट्री में पुराने ट्रेंड्स की वापसी पर बात की। इंडिया टुडे से बातचीत में ग्रोवर ने कहा कि सिनेमा एक ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां पुराने स्टाइल, किरदार और कहानी कहने के तरीके फिर से लौट रहे हैं। उनके मुताबिक, फैशन से लेकर फिल्मों तक, नॉस्टेल्जिया का असर साफ दिख रहा है। एक्टर ने कहा कि आजकल बेल-बॉटम जैसे पुराने फैशन ट्रेंड वापस आ रहे हैं। साथ ही कई पुराने गाने रीमेक के रूप में लौट रहे हैं और परफॉर्मेंस-ड्रिवन सिनेमा भी फिर से देखने को मिल रहा है। ग्रोवर बोले- पब्लिक भी इस बात से सहमत है ग्रोवर ने हाल ही में हुए एक डिनर का जिक्र किया, जिसमें शत्रुघ्न सिन्हा, राकेश रोशन मौजूद थे। उन्होंने बताया कि डिनर में शत्रुघ्न ने फिल्म धुरंधर का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें उसमें होना चाहिए था। ग्रोवर के मुताबिक, सिन्हा ने यह भी कहा कि अगर वह रहमान डकैत का रोल निभाते, तो और बेहतर होता। इस पर ग्रोवर ने सहमति जताई और कहा कि पब्लिक भी इस बात से सहमत है। ग्रोवर ने धुरंधर का उदाहरण देते हुए कहा कि पुराने दौर के रोल और फिल्मी एलिमेंट्स आज फिर से फिल्मों में लौट रहे हैं। उनके अनुसार, उस दौर की कई खासियतें अब दोबारा दिखाई दे रही हैं।
'धुरंधर में रहमान डकैत का रोल तुम्हें करना चाहिए था':शत्रुघ्न सिन्हा ने गुलशन ग्रोवर से कही बात, एक्टर ने जताई सहमति

एक्टर गुलशन ग्रोवर ने बताया कि हाल ही में शत्रुघ्न सिन्हा ने उनसे कहा था कि फिल्म धुरंधर में अक्षय खन्ना द्वारा निभाया गया रहमान डकैत का रोल उन्हें करना चाहिए था। दरअसल, गुलशन ग्रोवर इन दिनों अपनी आने वाली सीरीज मटका किंग का प्रमोशन कर रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने इंडस्ट्री में पुराने ट्रेंड्स की वापसी पर बात की। इंडिया टुडे से बातचीत में ग्रोवर ने कहा कि सिनेमा एक ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां पुराने स्टाइल, किरदार और कहानी कहने के तरीके फिर से लौट रहे हैं। उनके मुताबिक, फैशन से लेकर फिल्मों तक, नॉस्टेल्जिया का असर साफ दिख रहा है। एक्टर ने कहा कि आजकल बेल-बॉटम जैसे पुराने फैशन ट्रेंड वापस आ रहे हैं। साथ ही कई पुराने गाने रीमेक के रूप में लौट रहे हैं और परफॉर्मेंस-ड्रिवन सिनेमा भी फिर से देखने को मिल रहा है। ग्रोवर बोले- पब्लिक भी इस बात से सहमत है ग्रोवर ने हाल ही में हुए एक डिनर का जिक्र किया, जिसमें शत्रुघ्न सिन्हा, राकेश रोशन मौजूद थे। उन्होंने बताया कि डिनर में शत्रुघ्न ने फिल्म धुरंधर का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें उसमें होना चाहिए था। ग्रोवर के मुताबिक, सिन्हा ने यह भी कहा कि अगर वह रहमान डकैत का रोल निभाते, तो और बेहतर होता। इस पर ग्रोवर ने सहमति जताई और कहा कि पब्लिक भी इस बात से सहमत है। ग्रोवर ने धुरंधर का उदाहरण देते हुए कहा कि पुराने दौर के रोल और फिल्मी एलिमेंट्स आज फिर से फिल्मों में लौट रहे हैं। उनके अनुसार, उस दौर की कई खासियतें अब दोबारा दिखाई दे रही हैं।
ग्वालियर में गर्मी बढ़ी, अधिकतम तापमान 40 पार:न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ऊपर, राजस्थान से आ रही हवाओं का असर

ग्वालियर में अप्रैल के पहले पखवाड़े में ही तेज गर्मी का प्रकोप शुरू हो गया है। राजस्थान से आ रही गर्म हवाओं के कारण तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। बुधवार को इस सीजन में पहली बार अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जिससे लोगों को असहजता महसूस हुई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बुधवार को अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.9 डिग्री अधिक था। इसके साथ ही गुरुवार सुबह न्यूनतम तापमान भी 21.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 0.5 डिग्री ज्यादा है। दिन के साथ-साथ रात का तापमान बढ़ने से लोगों को चौबीस घंटे गर्मी का अहसास हो रहा है। उमस जैसी स्थिति बन रही आर्द्रता के स्तर में भी बदलाव देखा गया है। सुबह के समय नमी 59 प्रतिशत दर्ज की गई, जो सामान्य से लगभग 20 प्रतिशत कम थी। वहीं, शाम को यह बढ़कर 37 प्रतिशत हो गई, जो सामान्य से 12 प्रतिशत अधिक है। नमी और गर्म हवाओं के संयुक्त प्रभाव से शहर में उमस जैसी स्थिति बन रही है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। तापमान में बढ़ोतरी का अनुमान मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी का अनुमान जताया है। बढ़ती गर्मी का असर जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है, और लोग अपने आवश्यक कार्य जल्दी निपटाकर घरों को लौट रहे हैं। विशेषज्ञों ने नागरिकों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। बढ़ती गर्मी के मद्देनजर प्रशासन भी सतर्क है और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने में जुटा हुआ है।
सेंसेक्स 550 अंक चढ़कर 78,600 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी भी 150 बढ़कर 24,400 पर पहुंचा; आईटी, रियल्टी और फार्मा शेयरों में खरीदारी

आज यानी गुरुवार, 16 अप्रैल को सेंसेक्स 550 अंक (1.64%) की तेजी के साथ 78,600 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 150 अंकों (1.63%) की तेजी है, ये 24,400 के स्तर पर आ गया है। आज के कारोबार में आईटी, रियल्टी और फार्मा सेक्टर के शेयरों में खरीदारी है। एशियन मार्केट में तेजी 15 अप्रैल को अमेरिकी मार्केट में मिलाजुला कारोबार रहा सपोर्ट और रेजिस्टेंस सपोर्ट जोन: 23,940 | 23,850 | 23,462 | 23,330 | 22,857 सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है। रेजिस्टेंस जोन: 24,143 | 24,387 | 24,450 | 24,538 | 24,650 | 25,002 रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है। नोट: सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लेवल्स वेल्थ व्यू एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार है। बुधवार को सेंसेक्स 1264 अंक चढ़कर बंद हुआ था शेयर बाजार में 15 अप्रैल को तेजी रही। सेंसेक्स 1264 अंक (1.64%) चढ़कर 78,111 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी भी 388 अंक (1.63%) बढ़कर 24,231 पर आ गया। कारोबार में ऑटो, आईटी, मेटल और रियल्टी के शेयरों में ज्यादा खरीदारी रही।
आगे “राजनीतिक भूकंप”: विशेष सत्र में जयराम रमेश ने दी अराजकता की चेतावनी | News18 अपडेट

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टैबलेट के बीच में एक लाइन क्यों होती है? क्या होता है इसका मतलब, एक्सपर्ट से जान लीजिए काम की बात

Last Updated:April 16, 2026, 09:06 IST Tablet Score Line Meaning: टैबलेट के बीच में बनी लाइन को स्कोर लाइन कहा जाता है. इसके जरिए गोली को आसानी से बराबर हिस्सों में तोड़ा जा सकता है. इससे सही डोज लेना आसान हो जाता है. हालांकि हर टैबलेट में यह लाइन नहीं होती है. कुछ गोलियां बिना लाइन के भी होती हैं. डॉक्टर की सलाह के अनुसार लोगों को दवाएं लेनी चाहिए. मेडिकल की भाषा में गोली के बीच में बनी रेखा को स्कोर लाइन कहा जाता है. What Does Line on Pills Mean: आपने देखा होगा अधिकतर टैबलेट के बीच में एक हल्की सी लाइन बनी होती है. कुछ गोली में यह लाइन नहीं होती है, लेकिन ओवर द काउंटर मिलने वाली दवाओं में अक्सर आपको यह लाइन देखने को मिल जाएगी. कई लोग इसे दवा की डिजाइन समझते हैं, लेकिन इस लाइन की कुछ खास वजह होती हैं. मेडिकल की भाषा में गोली पर बनी लाइन को स्कोर लाइन कहा जाता है और इसे दवा को सही तरीके से इस्तेमाल करने में मदद के लिए बनाया जाता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो यह लाइन कई बार मरीजों को सही डोज लेने में मदद करती है और इससे गोली को बराबर तोड़ने में भी आसानी होती है. नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने News18 को बताया कि कुछ टैबलेट्स पर बनी स्कोर लाइन उसे बराबर हिस्सों में तोड़ने में मदद करती है, ताकि अगर किसी मरीज को आधी गोली लेने की सलाह दी जाए, तो वह सही डोज में ले सके. हालांकि कुछ गोलियों पर यह लाइन सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया के कारण भी होती है या पहचान के लिए बनाई जाती है. इतना ही नहीं, कुछ टैबलेट ऐसी होती हैं, जिन पर यह स्कोर लाइन नहीं बनाई जाती है. इसका मतलब है कि उन गोलियों को नहीं तोड़ना चाहिए, वरना असर कम हो सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डॉक्टर ने बताया कि कुछ दवाइयां एंटेरिक-कोटेड या सस्टेन्ड रिलीज होती हैं, जिन्हें तोड़ने से उनका असर बदल सकता है. अगर ऐसी टैबलेट को बीच से तोड़ा जाए, तो दवा एकदम से शरीर में रिलीज हो सकती है, जिससे साइड इफेक्ट्स का खतरा बढ़ जाता है या दवा सही तरीके से काम नहीं करती. अगर टैबलेट पर स्कोर लाइन है और दवा के निर्देश में इसे तोड़ने की अनुमति है, तभी इसे आधा करना चाहिए. अगर इसे लेकर कोई डाउट हो, तो डॉक्टर या फार्मासिस्ट से पूछना ही बेहतर होता है. एक्सपर्ट की मानें तो टैबलेट के बीच की लाइन सिर्फ डिजाइन नहीं, बल्कि एक उपयोगी फीचर है. अगर आपको गोली तोड़नी हो, तो इससे काफी मदद मिलती है. जिस गोली पर स्कोरिंग लाइन नहीं होती है, उसे तोड़ना मुश्किल होता है और यह बराबर हिस्सों में नहीं टूटती है. ऐसे में यह लाइ मरीजों के लिए कई मायनों में फायदेमंद साबित होती है. हालांकि हर टैबलेट को तोड़ना सुरक्षित नहीं होता, इसलिए दवा लेने से पहले उसकी जानकारी जरूर लें और डॉक्टर की सलाह से दवाएं लें. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 16, 2026, 09:06 IST
तालाब में दिखाई गेहूं की फसल, पटवारी सस्पेंड:दोबारा जांच में भी नहीं सुधारी रिपोर्ट; त्योंथर के चन्दई का मामला

त्योंथर तहसील के ग्राम चन्दई में गेहूं फसल सत्यापन में गड़बड़ी करने पर प्रशासन ने पटवारी शारदा प्रसाद तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ने बुधवार रात इस कार्रवाई का आदेश जारी किया। पटवारी ने तालाब और खाली पड़ी जमीन पर गेहूं की फसल दर्ज कर दी थी। निलंबन अवधि के दौरान पटवारी का मुख्यालय त्योंथर तहसील निर्धारित करते हुए आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। आराजी नंबर 248/1 और 250 में दर्ज कर दी थी फसल अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) त्योंथर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पटवारी हल्का चन्दई के प्रभारी शारदा प्रसाद तिवारी को निलंबित किया गया है। ग्राम चन्दई की आराजी नंबर 248/1 एवं 250 में तालाब और खाली पड़ी भूमि होने के बावजूद पटवारी ने वहां गेहूं की फसल दर्ज कर दी थी। शिकायत मिलने पर मामले का प्रशासन ने दोबारा सत्यापन कराया गया, लेकिन इसके बाद भी पटवारी ने अपनी रिपोर्ट में कोई सुधार नहीं किया। लापरवाही और स्वेच्छाचारिता पर हुई सख्त कार्रवाई जांच में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित पटवारी द्वारा कार्य में भारी लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता बरती गई, जो कदाचार की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत निलंबन की कार्रवाई की है। निलंबन अवधि में मिलेगा जीवन निर्वाह भत्ता प्रशासन द्वारा निलंबन का यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। निलंबन अवधि में पटवारी शारदा प्रसाद तिवारी का मुख्यालय तहसील त्योंथर निर्धारित किया गया है और इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
पैट कमिंस फिट हुए:सिडनी में बैक स्कैन की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, 25 अप्रैल को राजस्थान के खिलाफ मैच से वापसी कर सकते हैं

सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के कप्तान पैट कमिंस अपनी कमर की चोट से पूरी तरह उबर चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में हुई ताजा स्कैन रिपोर्ट में उनकी पीठ की चोट के ठीक होने की पुष्टि हुई है। अब वे जल्द ही टीम के साथ IPL में जुड़ेंगे। उम्मीद है कि वह 25 अप्रैल को जयपुर में राजस्थान के खिलाफ मैच में खेल सकते हैं। कमिंस ने इंस्टाग्राम पर एक फैमिली हॉलिडे पोस्ट पर जवाब देते हुए बताया कि वे शुक्रवार को भारत के लिए रवाना होंगे और 25 अप्रैल को जयपुर में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैच में खेलने का लक्ष्य रख रहे हैं। टूर्नामेंट की शुरुआत में वे टीम के साथ थे, लेकिन फॉलो-अप स्कैन के लिए ऑस्ट्रेलिया लौट गए थे। लंबे समय से थी बैक इंजरी की समस्या कमिंस को अगस्त में कमर की हड्डी में स्ट्रेस इंजरी हुई थी। इसकी वजह से वह पिछले जुलाई के बाद सिर्फ एक ही मैच खेल पाए थे। इंग्लैंड के खिलाफ एडिलेड टेस्ट में उन्होंने 6 विकेट लेकर टीम को एशेज बरकरार रखने में मदद की थी। हालांकि, इसके बाद वे टी-20 वर्ल्ड कप और IPL के शुरुआती मैचों से बाहर रहे। ईशान किशन संभाल रहे हैं कमान कमिंस की गैरमौजूदगी में फिलहाल ईशान किशन सनराइजर्स हैदराबाद की कप्तानी कर रहे हैं। टीम फिलहाल पॉइंट्स टेबल में चौथे स्थान पर है, जिसने 5 में से 2 मैच जीते हैं। हेड कोच डेनियल वेटोरी ने बताया कि भले ही कमिंस मैदान पर नहीं थे, लेकिन वे टीम के साथ जुड़े हुए थे। वेटोरी के मुताबिक,’पैट ग्रुप के साथ रहे हैं और उन्होंने ईशान से उनकी कप्तानी स्टाइल को लेकर काफी चर्चा की है, जिसका फायदा टीम को मिल रहा है।’ ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का वर्कलोड मैनेजमेंट ऑस्ट्रेलियाई टीम को इस साल अगस्त से अगले जुलाई के बीच कम से कम 20 टेस्ट मैच खेलने हैं, जिसमें भारत और इंग्लैंड के खिलाफ बड़ी सीरीज शामिल हैं। इसी वर्कलोड को देखते हुए ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को सावधानी से मैनेज किया जा रहा है। जोश हेजलवुड: RCB के लिए खेल रहे हेजलवुड चोट के बाद वापसी कर चुके हैं। लखनऊ के खिलाफ उन्होंने 20 रन देकर 1 विकेट लिया, हालांकि उन्हें बीच-बीच में आराम दिया जा रहा है। मिचेल स्टार्क: दिल्ली कैपिटल्स के स्टार स्टार्क अभी तक टीम से नहीं जुड़े हैं। वे कंधे और कोहनी की चोट से उबर रहे हैं, जो उन्हें बिग बैश लीग (BBL) के दौरान लगी थी। ———————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें,,, मार्श का 102 मीटर लंबा सिक्स:पंत रिटायर हर्ट हुए, कोहली 49 पर आउट, जितेश के सिक्स पर बॉल बॉय का कैच; मोमेंट्स रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL 2026 के 23वें मैच में लखनऊ सुपर जाएंट्स को 5 विकेट से हराया। चिन्नास्वामी स्टेडियम में मिचेल मार्श ने 102 मीटर लंबा सिक्स लगाया। लखनऊ के कप्तान ऋषभ पंत चोटिल होकर रिटायर हर्ट हुए। पूरी खबर







