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थकान-कमजोरी या हड्डियों में है दर्द, तो इस विटामिन की हो सकती है कमी, एक्सपर्ट ने बताया घरेलू उपाय

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Last Updated:April 16, 2026, 08:36 IST Vitamin D deficiency: आजकल लोगों में थकान, कमजोरी या हड्डियों में दर्द जैसी समस्याएं आम हो गई है. यदि किसी व्यक्ति को लगातार ऐसी कोई समस्याएं महसूस होती हैं, तो उसे विटामिन डी की जांच जरूर करानी चाहिए. समय पर जांच और उपचार से कई गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है. विटामिन डी की कमी से बचने के लिए आप इन उपायों को भी अपना सकते हैं. कोरबा. बदलती जीवनशैली का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है. वर्तमान समय में बड़ी संख्या में लोग विटामिन डी की कमी से जूझ रहे हैं, जो कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है. विशेषज्ञों के अनुसार, इसका मुख्य कारण आधुनिक लाइफस्टाइल और खानपान में आया बदलाव है. इस विषय पर डॉ. चंद्रकांत भास्कर, कोरबा मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक बताते हैं कि आजकल लोगों का जीवन पूरी तरह से बदल चुका है. पहले जहां लोग खुले वातावरण में अधिक समय बिताते थे, वहीं अब ज्यादातर समय घर या दफ्तर के अंदर ही बीतता है. लंबे ऑफिस ऑवर्स, वर्क फ्रॉम होम और धूप में कम निकलना विटामिन डी की कमी के प्रमुख कारण बन गए हैं. इसके अलावा खानपान में भी बदलाव आया है, जिससे शरीर को आवश्यक पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रहे हैं. थकान, कमजोरी या हड्डियों में दर्द जैसे लक्षणविटामिन डी हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है. यह शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है, जिससे हड्डियां मजबूत रहती हैं. इसकी कमी होने पर हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा विटामिन डी मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है. यह डिप्रेशन से लड़ने में मदद करता है और थकान व चिड़चिड़ेपन को कम करता है. बालों की सेहत बनाए रखने में भी इसकी अहम भूमिका होती है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार थकान, कमजोरी या हड्डियों में दर्द जैसी समस्याएं महसूस होती हैं, तो उसे विटामिन डी की जांच जरूर करानी चाहिए. समय पर जांच और उपचार से कई गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है. इस तरह बनाए रहें विटामिन डी की पर्याप्त मात्राशरीर में विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा बनाए रखने के लिए नियमित रूप से धूप लेना सबसे सरल और प्रभावी तरीका है. डॉ. भास्कर के अनुसार, सुबह 9 से 12 बजे के बीच 10 से 15 मिनट तक धूप में रहना पर्याप्त होता है. इस दौरान सूर्य की किरणें सीधे शरीर पर पढ़नी चाहिए, जिससे विटामिन डी का निर्माण हो सके. इसके अलावा आहार में भी सुधार जरूरी है. दूध, टोफू, मिलेट्स और नॉनवेज खाद्य पदार्थों में विटामिन डी की अच्छी मात्रा पाई जाती है. संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इस समस्या से आसानी से बचा जा सकता है. About the Author Mohd Majid with more than more than 5 years of experience in journalism. It has been two and half year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am cover…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Korba,Chhattisgarh First Published : April 16, 2026, 08:36 IST

पेशाब से प्रेग्नेंसी का पता कैसे चल जाता है? यूरिन में ऐसा कौन सा इंडिकेटर, डॉक्टर सोनाली गुप्ता से जानिए

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Last Updated:April 16, 2026, 08:15 IST Urine Pregnancy Test: यूरिन के जरिए प्रेग्नेंसी का पता आसानी से लग जाता है और अधिकतर लोग प्रेग्नेंसी किट के जरिए यह चेक कर लेते हैं. डॉक्टर सोनाली गुप्ता के अनुसार यूरिन में hCG हार्मोन होता है, जिससे प्रेग्नेंसी कंफर्म हो जाती है. यह हार्मोन गर्भधारण के बाद शरीर में बनने लगता है. यूरिन के अलावा ब्लड टेस्ट और अल्ट्रासाउंड से भी प्रेग्नेंसी डिटेक्ट की जा सकती है. पेशाब में एक खास हार्मोन होता है, जिससे प्रेग्नेंसी का पता लग जाता है. Can Urine Confirm Pregnancy: आजकल बाजार में तमाम ऐसी किट उपलब्ध हैं, जिनके जरिए घर बैठे प्रेग्नेंसी चेक की जा सकती है. इसके लिए महिलाओं को 3-4 बूंद यूरिन किट पर डालनी होती हैं और कुछ सेकंड में रिजल्ट पता लग जाता है. यूरिन के जरिए प्रेग्नेंसी डिटेक्ट करना सबसे पॉप्युलर तरीका है और अधिकतर मामलों में इसका रिजल्ट सटीक होता है. यूरिन हमारे शरीर के अंदरूनी बदलावों का इंडिकेटर होती है. अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि आखिर पेशाब से कैसे पता चल जाता है कि महिला प्रेग्नेंट है या नहीं? इस बारे में डॉक्टर से हकीकत जान लेते हैं. ग्रेटर नोएडा के ब्लिस आईवीएफ एंड गायनी केयर सेंटर की गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. सोनाली गुप्ता ने News18 को बताया कि जब कोई महिला प्रेग्नेंट होती है, तो उसके शरीर में एक खास हार्मोन बनने लगता है, जिसे ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन (hCG) कहा जाता है. यह हार्मोन प्लेसेंटा द्वारा बनाया जाता है और प्रेग्नेंसी के कुछ ही दिनों बाद खून और यूरिन दोनों में दिखाई देने लगता है. यही hCG हार्मोन प्रेग्नेंसी का सबसे बड़ा इंडिकेटर होता है. यूरिन प्रेग्नेंसी टेस्ट इसी hCG हार्मोन को पहचानने के लिए बनाया गया होता है. जब महिला टेस्ट किट पर कुछ बूंदें यूरिन की डालती है, तो उसमें मौजूद केमिकल्स hCG हार्मोन के साथ रिएक्ट करते हैं. अगर यह हार्मोन मौजूद होता है, तो टेस्ट किट पर लाइनें दिखाई देती हैं, जो प्रेग्नेंसी की पुष्टि करती हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डॉक्टर सोनाली गुप्ता ने बताया कि प्रेग्नेंसी टेस्ट पीरियड मिस होने के 5 से 7 दिन बाद करना सबसे सही माना जाता है, क्योंकि तब तक शरीर में hCG हार्मोन का स्तर पर्याप्त बढ़ चुका होता है. बहुत जल्दी टेस्ट करने पर रिजल्ट गलत भी आ सकता है, इसलिए सही समय का ध्यान रखना जरूरी है. सुबह का पहला यूरिन इस टेस्ट के लिए सबसे बेहतर होता है, क्योंकि उसमें hCG की मात्रा ज्यादा होती है. अगर टेस्ट पॉजिटिव आता है, तो इसकी पुष्टि के लिए ब्लड टेस्ट और डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी होता है. एक्सपर्ट के मुताबिक पेशाब के जरिए प्रेग्नेंसी का पता लगाना पूरी तरह वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जो hCG हार्मोन की मौजूदगी पर आधारित होती है. यह तरीका आसान, सस्ता और जल्दी रिजल्ट देने वाला है. बस सही समय और सही तरीके से टेस्ट करना जरूरी है. इसके अलावा अल्ट्रासाउंड के जरिए भी गर्भ में भ्रूण की मौजूदगी कंफर्म की जाती है, जो आमतौर पर कुछ हफ्तों बाद साफ दिखता है. पीरियड मिस होना, मॉर्निंग सिकनेस, थकान, ब्रेस्ट में बदलाव और बार-बार पेशाब आना भी प्रेग्नेंसी के संकेत हो सकते हैं. प्रेग्नेंसी कंफर्म करने के लिए डॉक्टर आमतौर पर ब्लड टेस्ट और अल्ट्रासाउंड को सबसे भरोसेमंद तरीके मानते हैं. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 16, 2026, 08:15 IST

बड़ा ही करामाती है सिर्फ गर्मियों में मिलने वाला यह जंगली फल, वजन करें कम, चील जैसी हो जाएंगी आंखों की रोशनी!

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Last Updated:April 16, 2026, 08:11 IST Tindu fruits benefits: तेंदू फल न केवल स्वाद और ताजगी का अनुभव कराता है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद लाभकारी साबित होता है. यही कारण है कि गर्मी के इस मौसम में यह जंगली फल लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है. इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के साथ-साथ वजन नियंत्रित करने में भी सहायक होता है. यह फल आंखों की रोशनी बढ़ाने में काफी कारगर है. कोरबा. छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में गर्मियों के मौसम के साथ ही जंगलों से मिलने वाला खास फल तेंदु बाजार में पहुंचना शुरू हो गया है. यह मौसमी जंगली फल न सिर्फ स्वाद में खास होता है, बल्कि सेहत के लिए भी किसी प्राकृतिक इम्यूनिटी बूस्टर से कम नहीं माना जाता है. इन दिनों शहर के बाजारों में तेंदू फल आना शुरू हो गया है. कोरबा जिले के घने जंगलों में तेंदू फल भरपूर मात्रा में पाया जाता है. गर्मी के शुरुआती दिनों में यह फल पककर तैयार हो जाता है, जिसे आसपास के ग्रामीण और आदिवासी समुदाय जंगलों से एकत्र कर शहर के बाजारों तक लाते हैं. यही उनकी आजीविका का भी एक महत्वपूर्ण साधन बनता है. वर्तमान में बाजार में तेंदू फल की कीमत करीब 100 रुपये प्रति किलो तक है. तेंदू फल की खासियत यह है कि यह शरीर को प्राकृतिक रूप से ठंडक प्रदान करता है और गर्मी से राहत दिलाता है. साथ ही इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को ऊर्जा देने में मदद करते हैं. वजन कम, पाचन से साथ इन चीजों में फायदेमंदस्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, तेंदू फल में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं. इसके अलावा तेंदू फल में विटामिन ए भी पाया जाता है, जो आंखों की रोशनी बढ़ाने और दृष्टि को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है. इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के साथ-साथ वजन नियंत्रित करने में भी सहायक होता है. यही वजह है कि इसे हेल्दी डाइट का हिस्सा माना जा रहा है. तेंदू फल के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी इसे खास बनाते हैं. यह जोड़ों के दर्द और गठिया (आर्थराइटिस) जैसी समस्याओं में राहत पहुंचाने में मददगार माना जाता है. प्राकृतिक औषधीय गुणों से भरपूर यह फल ग्रामीण जीवन शैली का अहम हिस्सा रहा है, जिसे अब शहरों में भी लोग अपनाने लगे हैं. About the Author Mohd Majid with more than more than 5 years of experience in journalism. It has been two and half year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am cover…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Korba,Korba,Chhattisgarh First Published : April 16, 2026, 08:11 IST

पंजाबी लेडी रेडियो होस्ट को कनाडा में सजा:₹83 करोड़ की ड्रग के साथ पकड़ी, मैसेज से खुलासा- गिरोह की भरोसेमंद पार्टनर थी

पंजाबी लेडी रेडियो होस्ट को कनाडा में सजा:₹83 करोड़ की ड्रग के साथ पकड़ी, मैसेज से खुलासा- गिरोह की भरोसेमंद पार्टनर थी

कनाडा में रहने वाली पंजाबी रेडियो होस्ट को नशा तस्करी के केस में ब्रिटिश कोलंबिया की कोर्ट ने साढ़े 5 साल की सजा सुनाई है। पुलिस ने 83 करोड़ रुपए की मेथामफेटामाइन ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। हालांकि कोर्ट में उन्होंने तस्करी में शामिल नहीं होने की दलील दी थी, लेकिन मोबाइल के टेक्स्ट मैसेज से खुलासा हुआ कि वह न केवल इस तस्करी में अपनी मर्जी से शामिल थीं, बल्कि वह तस्करी गिरोह की एक भरोसेमंद पार्टनर थीं। नशा तस्करी केस में दोषी पाई गईं सुखविंदर कौर संघा (47) जालंधर के नकोदर से संबंध रखती हैं। हालांकि उनका जन्म कनाडा के प्रिंस जॉर्ज में हुआ था। उन्होंने पिछले एक दशक में पंजाबी रेडियो जगत में अपनी पहचान बनाई थी। वह फ्रीलांसर रेडियो और टीवी होस्ट थी। देखते ही देखते वह पंजाबी समुदाय का बड़ा चेहरा बन गईं। उनके शो में अक्सर हाई-प्रोफाइल राजनेता, पुलिस अधिकारी और मशहूर हस्तियां शामिल होती थीं। अब विस्तार से पढ़ें पूरा मामला कोर्ट ने कहा- जेल में आत्मचिंतन करें न्यू वेस्टमिंस्टर की कोर्ट ने 15 अप्रैल को सजा सुनाई थी। फैसला सुनाते हुए जज ने स्पष्ट किया कि नशीले पदार्थों का व्यापार केवल अपराध नहीं है, इसके समाज पर घातक परिणाम होते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि संघा जेल में बिताए जाने वाले समय का उपयोग आत्मचिंतन के लिए करेंगी। अपनी शोज में अपराध के खिलाफ आवाज उठाने वाली संघा का खुद ड्रग तस्करी जैसे संगीन अपराध में फंसना ब्रिटिश कोलंबिया के पंजाबी समुदाय के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। जानिए क्या है मेथामफेटामाइन ड्रग्स मेथामफेटामाइन एक अत्यंत शक्तिशाली और नशीला सिंथेटिक उत्तेजक ड्रग है, जो सीधे शरीर के केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। यह आमतौर पर सफेद, गंधहीन और कड़वे स्वाद वाले पाउडर या कांच के टुकड़ों जैसे दिखने वाले ‘क्रिस्टल’ के रूप में पाया जाता है। इसके सेवन से मस्तिष्क में ‘डोपामाइन’ रसायन की भारी मात्रा निकलती है, जिससे व्यक्ति को अचानक ऊर्जा, अत्यधिक उत्साह और खुशी का अनुभव होता है। हालांकि, यह प्रभाव जितना तीव्र होता है, इसके दुष्परिणाम उतने ही घातक होते हैं; इसके निरंतर उपयोग से हृदय रोग, याददाश्त में कमी, हिंसक व्यवहार, मसूड़ों की गंभीर सड़न (मेथ माउथ) और मानसिक मतिभ्रम जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यह ड्रग बहुत जल्दी लत लगा देता है, जो व्यक्ति के शारीरिक और सामाजिक जीवन को पूरी तरह बर्बाद कर सकता है।

दिल्ली के AIIA में रोजाना आ रहे 2500 मरीज, अब 150 बेड का बना नया हॉस्पिटल, टोकन और QR स्कैनिंग की सुविधा है शुरू

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Last Updated:April 16, 2026, 06:48 IST All India Institute of Ayurveda Delhi: अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में रोज 2500 से ज्यादा मरीज आ रहे हैं. यहां 150 बेड का नया पंचकर्म हॉस्पिटल तैयार किया गया है. सात ही बच्चों के आंखों की स्कैनिंग, ईएनटी, बाल पंचकर्म ओपीडी, टोकन और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू किया गया है. ख़बरें फटाफट नई दिल्ली: अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) जिसे दिल्ली एम्स के बराबर का ही दर्जा प्राप्त है. यहां पर अब लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. रोजाना 2500 से ऊपर मरीज यहां पर जांच और इलाज के लिए आ रहे हैं, जिसे देखते हुए अस्पताल प्रबंधन की ओर से यहां पर सुविधा बढ़ाने का फैसला लिया गया है, जिसमें 150 बेड का नया अस्पताल शामिल है. इसके अलावा ऑनलाइन ओपीडी पंजीकरण से लेकर क्यूआर स्कैनिंग के जरिए रजिस्ट्रेशन करा कर सीधे तौर पर ओपीडी में मरीज इलाज करवा सकेंगे. यही नहीं, टोकन व्यवस्था भी लागू की जाएगी. ताकि मरीजों को और बेहतर से बेहतर सुविधाएं मिल सके. यह जानकारी अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के निदेशक प्रोफेसर वैद्य प्रदीप कुमार प्रजापति ने दी है. उन्होंने लोकल 18 से खास बातचीत में अस्पताल पर विस्तार से चर्चा की. 150 बेड का नया हॉस्पिटल तैयार अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के निदेशक प्रोफेसर वैद्य प्रदीप कुमार प्रजापति ने बताया कि अस्पताल में लगातार पंचकर्म करने के लिए मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. ऐसे में पंचकर्म के लिए ही 150 बेड का नया अस्पताल अलग से बनाया जा रहा है, जिसमें मरीजों को वमन, विरेचन, बस्ती, नस्य और रक्तमोक्षण करके उनके शरीर का शुद्धिकरण किया जाता है. साथ ही इसकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. इसीलिए इसका अलग से एक अस्पताल बनाया जा रहा है. आंखों की स्कैनिंग से लेकर स्पेशल ओपीडी होगी शुरू अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के निदेशक प्रोफेसर वैद्य प्रदीप कुमार प्रजापति ने बताया कि पुरानी बिल्डिंग में अभी ओपीडी बढ़ाने का फैसला लिया गया है. क्योंकि बच्चों की आंखों पर लगातार बेहद कम उम्र में चश्मा लग रहा है. जबकि पहले चश्मा आंखों पर लगने की उम्र 45 साल से ऊपर की होती थी. इसीलिए बच्चों के लिए आंखों की स्कैनिंग की ओपीडी शुरू की जाएगी. इसके अलावा ईएनटी की ओपीडी भी शुरू की जाएगी. उन्होंने यह भी बताया कि लगातार अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में स्पेशल बच्चे और जो बच्चे जन्म से ही ज्यादा उग्र होते हैं या जिनको मानसिक बीमारी होती है उनकी संख्या भी अब यहां पर बढ़ रही है. उनके लिए अलग से बाल पंचकर्म ओपीडी शुरू होगी. इसके अलावा जनरल स्कैनिंग ओपीडी और फिजियोथेरेपी के साथ योग भी शुरू करने का यहां मॉडल बनाया गया है, जिसका प्रस्ताव तैयार है. जल्द ही इसे भी शुरू किया जाएगा. टोकन सिस्टम और क्यूआर स्कैनिंग अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के निदेशक प्रोफेसर वैद्य प्रदीप कुमार प्रजापति ने बताया कि ओपीडी में पहले टोकन सिस्टम लागू किया गया था, लेकिन किसी वजह से उसे सफल नहीं बनाया जा सका, लेकिन अब एक बार फिर टोकन सिस्टम लागू किया जाएगा. सभी ओपीडी में इसे लागू किया जाएगा. इसके अलावा शाम की जो ओपीडी है. उसमें ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था शुरू की गई है. शाम को स्पेशल ओपीडी अस्पताल में होती है, उसमें मरीज ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा कर आ सकते हैं. इसके अलावा क्यूआर कोड से स्कैनिंग करके पंजीकरण कराने की भी व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है. ताकि मरीजों को ओपीडी में लाइन में लगकर अपना पंजीकरण न कराना पड़े. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 16, 2026, 06:48 IST

‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ में हंसी, प्यार और ट्विस्ट:मेधा बोलीं- रिश्ते में साथ होना सबसे खूबसूरत, अविनाश बोले- शादी से जीवन का मकसद मिलता है

‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ में हंसी, प्यार और ट्विस्ट:मेधा बोलीं- रिश्ते में साथ होना सबसे खूबसूरत, अविनाश बोले- शादी से जीवन का मकसद मिलता है

बॉलीवुड एक्टर अविनाश तिवारी और एक्ट्रेस मेधा शंकर की फिल्म ‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ जल्द रिलीज होगी। यह सिर्फ लव स्टोरी नहीं, बल्कि रिश्तों, परिवार और आज के दौर की उलझनों को हल्के-फुल्के अंदाज में दिखाती है। दैनिक भास्कर से बातचीत में मेधा शंकर ने कहा कि स्क्रिप्ट सुनते ही वह कहानी से जुड़ गईं। गिन्नी का किरदार उन्हें बेहद रिलेटेबल लगा, जिसकी जिंदगी, प्यार और परिवार असली जैसे हैं। अविनाश तिवारी ने कहा कि शुरुआत में वह कंफ्यूज थे, लेकिन कहानी की ताजगी और ह्यूमर ने उन्हें बांध लिया। दोनों का कहना है कि फिल्म में कॉमेडी के साथ मजबूत इमोशन भी हैं, जो दर्शकों को हंसाने के साथ छूएंगे। रिश्तों की सच्चाई, शादी का दबाव और प्यार की उलझनें फिल्म को खास बनाते हैं। अविनाश तिवारी और मेधा शंकर ने पर्सनल लाइफ, रिश्तों और एक-दूसरे की खूबियों-कमियों पर बात की। पेश हैं कुछ खास अंश। सवाल : ‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ आपके लिए क्या है? स्क्रिप्ट में ऐसा क्या था, जिससे आपने इसे चुना? जवाब (मेधा शंकर): यह स्क्रिप्ट राइटर और डायरेक्टर प्रशांत वर्मा ने सुनाई थी। मैं बहुत कम बार इतनी जोर से हंसी हूं जितनी इसे सुनते वक्त हंसी। तभी लगा कि यह फिल्म खास है। मुझे गिन्नी का किरदार अपने जैसा लगा। उसकी लव स्टोरी और परिवार बहुत रिलेटेबल हैं। फिल्म का परिवार थोड़ा पागलपन भरा लेकिन असली लगता है। हर किरदार असली है और प्यार की कहानी दिल छूने वाली है। फिल्म में मजा और कॉमेडी है। स्क्रिप्ट सुनकर ही मैं तैयार हो गई थी। सवाल : अविनाश, आपको फिल्म में क्या खास लगा? जवाब (अविनाश तिवारी): जब प्रशांत ने कहानी सुनाई, तो मैं हर 3-4 मिनट में हंस रहा था। सच बताऊं, शुरू में मन था कि फिल्म मना कर दूं, क्योंकि मैं कुछ अलग करना चाहता था। लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ी, लगा कि मैं यही तलाश कर रहा था। यह शादी वाली फिल्म है, लेकिन अलग और ताजा तरीके से बनाई गई है। सवाल : कहानी में आपको क्या सबसे ज्यादा रिलेटेबल लगा? जवाब (अविनाश तिवारी): इसमें दो लोगों की कहानी है, जिनकी शादी नहीं हो रही। क्यों नहीं हो रही, यही दिलचस्प है। रिश्ते की उलझनें और परिवार के ताने असली लगते हैं। लगा जैसे मेरे घर के लोग ऐसी बातें करते हैं। रिश्तों की आज की समस्याएं इसमें साफ दिखती हैं। इसलिए लगा कि लोग इस कहानी से जुड़ पाएंगे। सवाल : क्या इस फिल्म ने आपको भावनात्मक रूप से प्रभावित किया? जवाब (अविनाश तिवारी): हां, इस कहानी ने मुझे हंसाया और रुलाया। पहली बार सुनकर सभी भावनाएं महसूस हुईं। बाद में स्क्रिप्ट पढ़ी और पता चला कि गिन्नी के लिए मेधा को लिया जा रहा है, तो यह और खास हो गया। साथ ही निर्माता विनोद बच्चन जुड़े थे, जिनका मैं सम्मान करता हूं। इन वजहों से मैंने फिल्म करने का फैसला किया। सवाल : क्या आपने रिश्ते में कोई मजेदार झूठ बोला है, जिससे बड़ी स्थिति बनी हो? जवाब (मेधा शंकर): नहीं, मैंने झूठ नहीं बोला। लेकिन रिश्तों में उलझनें और हल्का कन्फ्यूजन हुआ है। अविनाश तिवारी: मुझमें इतनी हिम्मत नहीं हुई कि रिश्ते में झूठ बोलूं। लेकिन फिल्म की तरह अलग और जोखिम भरा प्यार खूबसूरत होता है। सवाल: आपको आपका एक्शन अवतार पसंद किया जाता है, क्या इसमें कुछ ऐसा देखने को मिलेगा? जवाब (अविनाश तिवारी): इस फिल्म में भी मैंने एक्शन किया है। लोगों को उठाकर पटका भी है। अब दर्शक देखेंगे कि किसे किसने पटका! सवाल : शादी करने और न करने के तीन-तीन फायदे क्या हैं? जवाब (अविनाश तिवारी): शादी के फायदे हैं कि जीवन में उद्देश्य मिलता है, अनुशासन आता है और जिंदगी साझा करने का मौका मिलता है। न करने के फायदे हैं कि जवाब नहीं देना पड़ता, अपनी मर्जी से जी सकते हैं और कोई टोकने वाला नहीं होता। मेधा शंकर: मेरे लिए शादी और रिश्ता लगभग एक जैसे हैं। सही इंसान के साथ हों, तो जिंदगी में ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। सबसे खूबसूरत बात है कि कोई आपकी जिंदगी का गवाह बनता है, खुशियां और तकलीफें साझा होती हैं। सवाल : रिश्ते में किन चीजों का नहीं होना चाहिए? जवाब (अविनाश तिवारी): व्यक्ति को डिफेंसिव नहीं होना चाहिए। गलती बताने पर उसे स्वीकार कर सुधार करना चाहिए। साथ ही वैल्यू सिस्टम मिलना चाहिए और हास्य भाव होना चाहिए। सवाल : आदर्श साथी में कौन-सी खूबियां होनी चाहिए? जवाब (मेधा शंकर): मेरे लिए यह बेसिक चीजें हैं- प्यार, ईमानदारी और वफादारी। कोई ऐसा हो जो जिंदगी समझे, साथ खड़ा रहे और खुशी-दुख का हिस्सा बने। सवाल : रिश्ते से आपकी क्या उम्मीदें हैं? जवाब (अविनाश तिवारी): मुझे साफ नहीं है कि क्या उम्मीद करनी चाहिए। लगता है सच्चा प्यार होगा, तभी मैं सामने वाले को समझूंगा और खुद को बेहतर बना पाऊंगा। सवाल: आप दोनों एक-दूसरे की दो अच्छी बातें और एक कमी बताएं? जवाब (मेधा शंकर): अविनाश समझदार हैं और अच्छी बातें करते हैं। कविता भी अच्छी करते हैं। वह संवेदनशील इंसान हैं। कमी यह है कि कभी-कभी डिफेंसिव हो जाते हैं। अविनाश तिवारी: मेधा मुश्किल समय में भी अपनी कोमलता बनाए रखती हैं। वह अपने विचारों पर मजबूती से खड़ी रहती हैं और जहां जाती हैं, वहां खुशी का माहौल बनाती हैं। जहां तक कमी की बात है, मुझे उनकी कोई कमी नहीं दिखी।

‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ में हंसी, प्यार और ट्विस्ट:मेधा बोलीं- रिश्ते में साथ होना सबसे खूबसूरत, अविनाश बोले- शादी से जीवन का मकसद मिलता है

‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ में हंसी, प्यार और ट्विस्ट:मेधा बोलीं- रिश्ते में साथ होना सबसे खूबसूरत, अविनाश बोले- शादी से जीवन का मकसद मिलता है

बॉलीवुड एक्टर अविनाश तिवारी और एक्ट्रेस मेधा शंकर की फिल्म ‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ जल्द रिलीज होगी। यह सिर्फ लव स्टोरी नहीं, बल्कि रिश्तों, परिवार और आज के दौर की उलझनों को हल्के-फुल्के अंदाज में दिखाती है। दैनिक भास्कर से बातचीत में मेधा शंकर ने कहा कि स्क्रिप्ट सुनते ही वह कहानी से जुड़ गईं। गिन्नी का किरदार उन्हें बेहद रिलेटेबल लगा, जिसकी जिंदगी, प्यार और परिवार असली जैसे हैं। अविनाश तिवारी ने कहा कि शुरुआत में वह कंफ्यूज थे, लेकिन कहानी की ताजगी और ह्यूमर ने उन्हें बांध लिया। दोनों का कहना है कि फिल्म में कॉमेडी के साथ मजबूत इमोशन भी हैं, जो दर्शकों को हंसाने के साथ छूएंगे। रिश्तों की सच्चाई, शादी का दबाव और प्यार की उलझनें फिल्म को खास बनाते हैं। अविनाश तिवारी और मेधा शंकर ने पर्सनल लाइफ, रिश्तों और एक-दूसरे की खूबियों-कमियों पर बात की। पेश हैं कुछ खास अंश। सवाल : ‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ आपके लिए क्या है? स्क्रिप्ट में ऐसा क्या था, जिससे आपने इसे चुना? जवाब (मेधा शंकर): यह स्क्रिप्ट राइटर और डायरेक्टर प्रशांत वर्मा ने सुनाई थी। मैं बहुत कम बार इतनी जोर से हंसी हूं जितनी इसे सुनते वक्त हंसी। तभी लगा कि यह फिल्म खास है। मुझे गिन्नी का किरदार अपने जैसा लगा। उसकी लव स्टोरी और परिवार बहुत रिलेटेबल हैं। फिल्म का परिवार थोड़ा पागलपन भरा लेकिन असली लगता है। हर किरदार असली है और प्यार की कहानी दिल छूने वाली है। फिल्म में मजा और कॉमेडी है। स्क्रिप्ट सुनकर ही मैं तैयार हो गई थी। सवाल : अविनाश, आपको फिल्म में क्या खास लगा? जवाब (अविनाश तिवारी): जब प्रशांत ने कहानी सुनाई, तो मैं हर 3-4 मिनट में हंस रहा था। सच बताऊं, शुरू में मन था कि फिल्म मना कर दूं, क्योंकि मैं कुछ अलग करना चाहता था। लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ी, लगा कि मैं यही तलाश कर रहा था। यह शादी वाली फिल्म है, लेकिन अलग और ताजा तरीके से बनाई गई है। सवाल : कहानी में आपको क्या सबसे ज्यादा रिलेटेबल लगा? जवाब (अविनाश तिवारी): इसमें दो लोगों की कहानी है, जिनकी शादी नहीं हो रही। क्यों नहीं हो रही, यही दिलचस्प है। रिश्ते की उलझनें और परिवार के ताने असली लगते हैं। लगा जैसे मेरे घर के लोग ऐसी बातें करते हैं। रिश्तों की आज की समस्याएं इसमें साफ दिखती हैं। इसलिए लगा कि लोग इस कहानी से जुड़ पाएंगे। सवाल : क्या इस फिल्म ने आपको भावनात्मक रूप से प्रभावित किया? जवाब (अविनाश तिवारी): हां, इस कहानी ने मुझे हंसाया और रुलाया। पहली बार सुनकर सभी भावनाएं महसूस हुईं। बाद में स्क्रिप्ट पढ़ी और पता चला कि गिन्नी के लिए मेधा को लिया जा रहा है, तो यह और खास हो गया। साथ ही निर्माता विनोद बच्चन जुड़े थे, जिनका मैं सम्मान करता हूं। इन वजहों से मैंने फिल्म करने का फैसला किया। सवाल : क्या आपने रिश्ते में कोई मजेदार झूठ बोला है, जिससे बड़ी स्थिति बनी हो? जवाब (मेधा शंकर): नहीं, मैंने झूठ नहीं बोला। लेकिन रिश्तों में उलझनें और हल्का कन्फ्यूजन हुआ है। अविनाश तिवारी: मुझमें इतनी हिम्मत नहीं हुई कि रिश्ते में झूठ बोलूं। लेकिन फिल्म की तरह अलग और जोखिम भरा प्यार खूबसूरत होता है। सवाल: आपको आपका एक्शन अवतार पसंद किया जाता है, क्या इसमें कुछ ऐसा देखने को मिलेगा? जवाब (अविनाश तिवारी): इस फिल्म में भी मैंने एक्शन किया है। लोगों को उठाकर पटका भी है। अब दर्शक देखेंगे कि किसे किसने पटका! सवाल : शादी करने और न करने के तीन-तीन फायदे क्या हैं? जवाब (अविनाश तिवारी): शादी के फायदे हैं कि जीवन में उद्देश्य मिलता है, अनुशासन आता है और जिंदगी साझा करने का मौका मिलता है। न करने के फायदे हैं कि जवाब नहीं देना पड़ता, अपनी मर्जी से जी सकते हैं और कोई टोकने वाला नहीं होता। मेधा शंकर: मेरे लिए शादी और रिश्ता लगभग एक जैसे हैं। सही इंसान के साथ हों, तो जिंदगी में ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। सबसे खूबसूरत बात है कि कोई आपकी जिंदगी का गवाह बनता है, खुशियां और तकलीफें साझा होती हैं। सवाल : रिश्ते में किन चीजों का नहीं होना चाहिए? जवाब (अविनाश तिवारी): व्यक्ति को डिफेंसिव नहीं होना चाहिए। गलती बताने पर उसे स्वीकार कर सुधार करना चाहिए। साथ ही वैल्यू सिस्टम मिलना चाहिए और हास्य भाव होना चाहिए। सवाल : आदर्श साथी में कौन-सी खूबियां होनी चाहिए? जवाब (मेधा शंकर): मेरे लिए यह बेसिक चीजें हैं- प्यार, ईमानदारी और वफादारी। कोई ऐसा हो जो जिंदगी समझे, साथ खड़ा रहे और खुशी-दुख का हिस्सा बने। सवाल : रिश्ते से आपकी क्या उम्मीदें हैं? जवाब (अविनाश तिवारी): मुझे साफ नहीं है कि क्या उम्मीद करनी चाहिए। लगता है सच्चा प्यार होगा, तभी मैं सामने वाले को समझूंगा और खुद को बेहतर बना पाऊंगा। सवाल: आप दोनों एक-दूसरे की दो अच्छी बातें और एक कमी बताएं? जवाब (मेधा शंकर): अविनाश समझदार हैं और अच्छी बातें करते हैं। कविता भी अच्छी करते हैं। वह संवेदनशील इंसान हैं। कमी यह है कि कभी-कभी डिफेंसिव हो जाते हैं। अविनाश तिवारी: मेधा मुश्किल समय में भी अपनी कोमलता बनाए रखती हैं। वह अपने विचारों पर मजबूती से खड़ी रहती हैं और जहां जाती हैं, वहां खुशी का माहौल बनाती हैं। जहां तक कमी की बात है, मुझे उनकी कोई कमी नहीं दिखी।

एमपी में मकान बनाना 35% तक महंगा:सीमेंट-ईंट, टाइल्स-सेनेटरी आइटम्स के रेट बढ़े, 1 हजार वर्गफीट पर मकान बनाने की लागत अब 16 लाख रुपए

एमपी में मकान बनाना 35% तक महंगा:सीमेंट-ईंट, टाइल्स-सेनेटरी आइटम्स के रेट बढ़े, 1 हजार वर्गफीट पर मकान बनाने की लागत अब 16 लाख रुपए

ईरान-इजराइल और अमेरिका युद्ध का असर अब आम आदमी की रसोई तक सीमित नहीं रहा। यह घर के सपने पर भी भारी पड़ रहा है। युद्ध की वजह से मकान निर्माण सामग्री की कीमतों में आई तेजी ने मध्यम वर्ग की चिंता बढ़ा दी है। भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि पेंट, टाइल्स, वायरिंग, बाथरूम फिटिंग, पाइप फिटिंग, सीमेंट और सरिया के दाम बढ़ चुके हैं। इससे एक हजार स्क्वायर फीट पर मकान बनाने की लागत औसतन 30 से 35 फीसदी बढ़ गई है। एक्सपर्ट के मुताबिक इसमें आगे भी बढ़ोतरी की आशंका है। इस केस स्टडी से समझिए मकान बनाने की लागत कैसे बढ़ी है… 1 हजार स्क्वायर फीट पर लागत 3.5 लाख रुपए बढ़ी इंदौर की एक निजी कंपनी के कर्मचारी रमेश कुमार ने पिछले साल 1000 वर्गफीट का घर बनाने की योजना बनाई थी। उस समय अनुमानित लागत 12.5 लाख रुपए थी। लेकिन निर्माण के आखिरी चरण तक पहुंचते-पहुंचते यह लागत बढ़कर 16 लाख रुपए से अधिक हो गई। यानी करीब 3.5 लाख रुपए का अतिरिक्त बोझ उन पर आ गया। अब जानिए किस सेक्टर पर क्या असर पड़ा 1.टाइल्स और सेनेटरी : मोरबी के प्लांट बंद, सप्लाई चेन टूटी देश की 80% टाइल्स सप्लाई करने वाले मोरबी (गुजरात) के लगभग 90% प्लांट बंद होने की कगार पर हैं। कच्चे माल की कमी और गैस की बढ़ती कीमतों ने उत्पादन ठप कर दिया है। इसका असर यह हुआ कि 2×4 साइज की टाइल्स, जो 32 रुपए में मिलती थी, अब 45 रुपए तक पहुंच गई है। टाइल्स एंड सेनेटरी वेयर व्यापारी एसोसिएशन के सचिव प्रेम माहेश्वरी के अनुसार यदि युद्ध जारी रहा तो अगले 15 दिनों में कीमतों में 20-30 पर्सेंट का और उछाल आ सकता है। ग्राहक को उपलब्ध स्टॉक में से ही चुनाव करना पड़ रहा है। 2. इलेक्ट्रिकल फिटिंग – कॉपर और एल्युमिनियम के दाम 35% बढ़े महारानी रोड ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र रामनानी के अनुसार कच्चे माल के संकट ने बिजली के सामान को 35% तक महंगा कर दिया है। एक एमएम वायर का बंडल 990 रुपए से बढ़कर 1560 रुपए हो गया है। पंखे, एलईडी और स्विच प्लेट्स की कीमतों में औसतन 400 से 500 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। रामनानी के मुताबिक जो काम पहले 10 लाख में हो रहा था, अब 15 लाख में हो रहा है। कॉपर और एल्युमिनियम में तेजी है। बाजार में कैश फ्लो की कमी है। आने वाले दिनों में दाम और बढ़ेंगे। 3. प्लंबरिंग और बाथरूम फिटिंग पर क्रूड ऑयल और ब्रास का असर पीवीसी का सीधा संबंध क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) से है। तेल महंगा होने से पाइप भी महंगा हुआ है। 350 रुपए वाला सीपीवीसी पाइप अब 490 रुपए में मिल रहा है। आयात रुकने से नल और डायवर्टर के दाम 25 से 40% बढ़ गए हैं। सेनेटरी एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सुनील गोयल के अनुसार बाथरूम फिटिंग ब्रास से बनती है और इसका कच्चा माल देश में सीमित है। युद्ध की वजह से ब्रास आयटमों में करीब 25 परसेंट रेट बढ़े हैं। पीवीसी पाइप-फिटिंग के रेट भी बढ़ गए हैं। 4. रंग रोगन करवाना भी हुआ महंगा इंदौर सियागंज के पेंट्स कारोबारी गुलाम अली के अनुसार कच्चे माल के रेट रोज बढ़ रहे हैं। कंपनी लेवल पर प्रीमियम सेगमेंट के प्रोडक्ट के रेट में करीब 50 रुपए प्रति लीटर बढ़ोतरी हुई है। रेट बढ़ने के साथ सप्लाई भी शॉर्ट है। सप्लाई पूरी नहीं हो पा रही है। आम आदमी की जेब पर ‘दोहरी मार’ सीमेंट पर जीएसटी का गणित भी ग्राहकों को परेशान कर रहा है। व्यापारियों के अनुसार जीएसटी 28% से घटकर 18% होने के बावजूद कीमतें फिर वहीं आ गई हैं। यानी टैक्स कम होने का लाभ महंगाई ने निगल लिया है। मकान बना रहे हैं तो 30 पर्सेंट का बफर लेकर चलें इंदौर के बाजारों में इस समय ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति है। बाजार में कैश फ्लो की कमी से व्यापारी परेशान हैं, और ग्राहक का होम लोन व बजट छोटे पड़ रहे हैं। मकान बनाने की योजना बना रहे लोग बजट में 30 पर्सेंट का ‘बफर’ लेकर चलें, वरना फिनिशिंग के वक्त काम रोकना पड़ सकता है।

पंजाबी सिंगर-एक्टर एमी विर्क के चेक बाउंस होते-होते बचे:बोले- अकाउंट में ढाई लाख थे, चेक साढ़े 7 लाख के काट दिए; मोहाली में सुनाया किस्सा

पंजाबी सिंगर-एक्टर एमी विर्क के चेक बाउंस होते-होते बचे:बोले- अकाउंट में ढाई लाख थे, चेक साढ़े 7 लाख के काट दिए; मोहाली में सुनाया किस्सा

पंजाबी एक्टर और सिंगर एमी विर्क ने 15 अप्रैल को लोगों की मदद की यादों का एक वीडियो शेयर कर बताया कि उनके चेक बाउंस होते-होते बच गए। इससे जुड़ा एक किस्सा उन्होंने मोहाली में शेयर किया, जिसमें वह बता रहे हैं कि उन्होंने गरीब का दर्द देखकर मदद तो कर दी थी, लेकिन उनके बैंक खाते में पैसे ही नहीं थे। उन्होंने साढ़े 7 लाख रुपए के चेक काट दिए थे, जबकि उनके खाते में कुछ ढाई लाख रुपए ही थे। जब उन्हें इसका पता चला तो वह डर गए और भगवान से दुआ करने लगे कि यह चेक कुछ दिन बाद लगाए जाएं, जिससे उनका खाता मेंटेन हो जाए और चेक बाउंस होने से बच जाएं। अंत में ऐसा ही हुआ। एक्टर ने यह किस्सा सुनाया… मोहाली में नई फिल्म के पोस्टर रिलीज पर सुनाया किस्सा बैसाखी वाले दिन मोहाली में एमी विर्क ने नई फिल्म जख्मों से चढ़दीकलां तक का पोस्टर लॉन्च इवेंट करवाया। इस कार्यक्रम के दौरान एमी विर्क और फिल्म की पूरी स्टारकास्ट ने मोगा जिले के उन किसानों और जरूरतमंद परिवारों को सहायता राशि के चेक बांटे, जिनकी फसलें खराब हो गई थीं या जो आर्थिक संकट से जूझ रहे थे। इस मौके पर एमी विर्क काफी भावुक नजर आए और उन्होंने सेवा के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि यह फिल्म 29 मई 2026 को रिलीज होगी और समाज को मुश्किलों के बाद भी हमेशा उच्च मनोबल यानी चढ़दीकलां में रहने का संदेश देगी। इसी दौरान उन्होंने चेक बांटने का पुराना किस्सा भी सुनाया। फसल बर्बाद होने पर की थी एमी ने मदद यह रील एक बूढ़े किसान की मदद से जुड़ी है। किसान ने रोते हुए वीडियो में अपना दर्द बयान किया था। एमी विर्क ने यह वीडियो देखा और तुरंत अपना रिएक्शन दिया। उनकी टीम ने उस किसान तक 1 लाख रुपए की मदद भिजवाई। जब उन्हें पता चला कि कुछ किसान और भी हैं तो उन्होंने साढ़े 7 लाख के चेक काट दिए। साथ ही कहा कि आगे भी जितनी मदद हो सकेगी, करेंगे। पंजाब में बाढ़ के दौरान भी एमी ने की थी किसानों की मदद सितंबर 2025 में पंजाब में आई बाढ़ पर भी एमी विर्क ने किसानों की मदद की थी और 200 घरों को गोद लेने का ऐलान किया था। इससे प्रभावित परिवारों को न सिर्फ घर मिला, बल्कि खेती करने के लिए और घर का गुजारा चलाने के लिए मदद मिली। इस दौरान दिलजीत दोसांझ ने 10 गांव गोद लिए थे। गुरु रंधावा ने राशन और पानी बांटा था और सोनू सूद ने भी मदद की थी। सभी कलाकार अपने ग्रुप बनाकर काम कर रहे थे। करोना काल में भी जरूरतमंदों को बांटा था राशन एमी विर्क हमेशा मदद करने के लिए तैयार रहते हैं। कोरोना काल में लगे लॉकडाउन में मार्च 2020 में भी पंजाबी सेलिब्रिटीज रणजीत बावा, अमृत मान के साथ मिलकर जरूरतमंद लोगों को सामान और राशन बांटा था। गरीब परिवारों, मजदूरों और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचकर मदद की थी। बोले- मदद का इरादा हो तो भगवान मदद करते हैं किसानों और जरूरतमंदों की सहायता करते हुए एमी विर्क लगातार नजर आते हैं। हाल में सोशल मीडिया पर शेयर की एक रील में उन्होंने अपनी सोच को बताया। एमी विर्क कहते हैं कि दिल से मदद करने का इरादा हो तो भगवान रास्ता बना देते हैं।

खबर हटके- 100 रोबोट मैराथन में दौड़ेंगे:सफाई में मिला सिक्का ₹1.37 करोड़ में बिका; चेहरा पढ़कर खाना देने वाला AI रेस्टोरेंट

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चीन में 100 रोबोट 21 किलोमीटर की मैराथन में दौड़ेंगे। वहीं, ब्रिटेन में घर की सफाई के दौरान मिला सिक्का ₹1.37 करोड़ में बिका। उघर, चीन के एक रेस्टोरेंट में लोगों का चेहरा पढ़कर खाना दिया जा रहा। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…