Wednesday, 07 Oct 2026 | 10:47 PM

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उज्जैन के महाकाल रेस्टोरेंट में लगी आग:समय रहते आग पर काबू पाया, बड़ा हादसा टला

उज्जैन के महाकाल रेस्टोरेंट में लगी आग:समय रहते आग पर काबू पाया, बड़ा हादसा टला

उज्जैन के महाकाल क्षेत्र स्थित गुदरी चौराहे पर मंगलवार को महाकाल रेस्टोरेंट में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। घटना रात 10.30 बजे की है। पुलिस और फायर ब्रिगेड की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग किचन में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। घटना के समय रेस्टोरेंट में लोग मौजूद थे। इसके साथ ही, बाहर सड़क पर भी भारी भीड़ थी, क्योंकि यह मार्ग पंचकोशी यात्रा के श्रद्धालुओं और महाकाल दर्शनार्थियों द्वारा उपयोग किया जाता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, महाकाल थाना की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। पुलिस और स्थानीय टीम ने सूझबूझ दिखाते हुए रेस्टोरेंट में मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। आग बुझाने और रेस्क्यू अभियान में थाना प्रभारी गगन बादल, एएसआई चंद्रभान सिंह और मनीष यादव सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। महाकाल क्षेत्र में लगातार लोगों का आवागमन बना रहता है, ऐसे में समय रहते की गई कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।

ग्वालियर में ऑनलाइन सट्‌टे में गंवाए 20 लाख, किया सुसाइड:सुसाइड नोट में लिखा- मेरी मौत के जिम्मेदार राजेन्द्र और रौनक हैं, प्रिया को बता देना

ग्वालियर में ऑनलाइन सट्‌टे में गंवाए 20 लाख, किया सुसाइड:सुसाइड नोट में लिखा- मेरी मौत के जिम्मेदार राजेन्द्र और रौनक हैं, प्रिया को बता देना

‘मेरी, मौत के जिम्मेदार राजेन्द्र शर्मा और रौनक गुप्ता हैं। राजेन्द्र अब जयपुर (राजस्थान) में रहता है, जबकि रौनक डबरा का रहने वाला है। मैं मैच पर ऑनलाइन सट्‌टे में 20 लाख रुपए हार गया हूं। जिसमें रौनक ने डेढ़ लाख रुपए की बेइमानी की है। मेरी मौत के बाद मेरे यह रुपए रौनक से लेकर मेरी मां को दिलाए जाएं। मेरी मौत की खबर राजेन्द्र शर्मा को जरूर दे देना, वो प्रिया को बता देगा, जिससे मेरा बेटा मुखाग्नि दे सके। ’ 47 वर्षीय रवि चौहान ने फांसी लगाने से यह सुसाइड नोट लिखा और हमेशा के लिए खामोश हो गया। घटना मंगलवार शाम सिकंदर कंपू गिरवाई थाना की है। जब उसकी वृद्ध मां घर पहुंची तो बेटा फांसी पर लटका हुआ था। बिजलीघर के पास राजेन्द्र नाथ दुबे के मकान में 47 वर्षीय रवि चौहान उर्फ रवि ठाकुर अपनी वृद्ध मां आशा ठाकुर के साथ किराए से रहता है। वह दिसंबर 2025 से इसी मकान में रह रहा था। रवि शादी शुदा था, लेकिन उसकी नशे और ऑनलाइन मैच सट्‌टे की लत के चलते उसकी पत्नी प्रिया उसे कुछ समय पहले छोड़कर चली गई थी। साथ में अपने बेटे को भी ले गई थी। मंगलवार को रवि घर में अकेला था। शाम को जब मां बाहर से लौटी तो उसने देखा कि अंदर कमरे में रवि फांसी के फंदे पर लटका हुआ है। रवि की मां के चिल्लाने की आवाज सुनकर मकान मालिक, उसका बेटा व आसपास के लोग वहां पहुंचे। मकान मालिक ने तत्काल रवि को फंदा काटकर नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। घटना स्थल से मिला सुसाइड नोट पुलिस ने जब घटना स्थल पर पहुंचकर छानबीन की तो रूम से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें रवि ने खुदकुशी से पहले का जो दर्द था वो बंया किया है।

शुजालपुर में अनियंत्रित ट्रक बिजली पोल से टकराया:ट्रांसफार्मर में लगी आग, शहर में डेढ़ घंटे तक बंद रही बिजली सप्लाई

शुजालपुर में अनियंत्रित ट्रक बिजली पोल से टकराया:ट्रांसफार्मर में लगी आग, शहर में डेढ़ घंटे तक बंद रही बिजली सप्लाई

शुजालपुर मंडी क्षेत्र में राम मंदिर के पास रात 10 बजे एक अनियंत्रित ट्रक ने 33 केवी बिजली लाइन के पोल को टक्कर मार दी। इस हादसे के कारण बिजली कंपनी के कार्यालय में स्थित एक पुराने ऑयल फिल्टर ट्रांसफार्मर में भीषण आग लग गई। आग की लपटें देख सुरक्षा की दृष्टि से पूरे शहर की बिजली कंपनी बंद कर दी गई। सूखे पेड़ ने बढ़ाई आग की लपटें ट्रांसफार्मर के ऊपर एक सूखा पेड़ होने के कारण आग तेजी से फैल गई। सूचना मिलते ही नगर पालिका की दमकल टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। रात का समय होने के कारण सड़क पर भीड़ कम थी, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि घटनास्थल के पास लगे बिजली के तार पूरी तरह पिघल गए। डेढ़ घंटे बाद बहाल हुई बिजली आपूर्ति बिजली कंपनी के ग्रामीण उपयंत्री गौरव बनाने ने बताया कि जिस ट्रांसफार्मर में आग लगी, उसका सीधा संबंध मुख्य सप्लाई से नहीं था। क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत के बाद रात 11:37 बजे शहर की बिजली आपूर्ति दोबारा शुरू की गई। करीब डेढ़ घंटे तक शहर अंधेरे में डूबा रहा। टक्कर मारकर ट्रक लेकर फरार हुआ चालक अनियंत्रित ट्रक ने पोल से टकराने से पहले एक कार और एक लोडिंग वाहन को भी टक्कर मारी, जिससे दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। वारदात के बाद चालक ट्रक लेकर मौके से फरार हो गया, जिसकी पहचान नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, तीन सप्ताह पहले भी रोकड़िया हनुमान चौक पर इसी तरह की ट्रक दुर्घटना हुई थी। लापरवाही से खड़े वाहनों से बढ़ रहे हादसे क्षेत्र में लापरवाही से खड़े और अनियंत्रित गति से चलने वाले भारी वाहनों के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। बिजली कंपनी और पुलिस अब फरार ट्रक चालक की तलाश कर रही है। पुलिस द्वारा सीसीटीवी कैमरों की मदद से वाहन नंबर और मालिक की जानकारी जुटाई जा रही है।

‘नीतीश कुमार की निरंतरता का प्रतिबिंब’: बीजेपी ने बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी को क्यों चुना | राजनीति समाचार

Chennai Super Kings' Khaleel Ahmed, second right, celebrates with teammates the wicket of Kolkata Knight Riders' Sunil Narine during the Indian Premier League cricket match between Chennai Super Kings and Kolkata Knight Riders in Chennai, India, Tuesday, April 14, 2026. (AP Photo)

आखरी अपडेट:14 अप्रैल, 2026, 23:48 IST सूत्रों ने कहा कि भाजपा नेता सम्राट चौधरी की कटौती का एक और कारण यह था कि उनके पास वित्त और गृह विभाग जैसे मजबूत और महत्वपूर्ण विभाग थे। भाजपा नेता सम्राट चौधरी 15 अप्रैल, 2026 को बिहार के 23वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) 15 अप्रैल को बिहार के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने से पहले सम्राट चौधरी इतिहास रचने से एक कदम दूर हैं। ऐसे कई कारण हैं कि भाजपा, जो अब युवा रक्त पर ध्यान केंद्रित कर रही है, ने चौधरी को बिहार का नेतृत्व करने के लिए आदर्श उम्मीदवार के रूप में चुना क्योंकि राज्य कम से कम दो दशकों के जेडी (यू) प्रमुख नीतीश कुमार के शासनकाल के बाद “भगवा” मोड में चला गया है। लेकिन नीतीश कुमार सबसे महत्वपूर्ण कारण हो सकते हैं क्योंकि भाजपा सूत्रों के अनुसार, चौधरी का चयन “निरंतरता का प्रतिबिंब” है क्योंकि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री के डिप्टी के रूप में काम किया है। बिहार के नए मुख्यमंत्री की घोषणा के लाइव अपडेट यहां देखें सूत्रों ने बताया न्यूज18 यह कटौती करने का एक और कारण यह था कि उनके पास वित्त और गृह विभाग जैसे मजबूत और महत्वपूर्ण विभाग थे। उन्होंने कहा, यह उनके अनुभव को दर्शाता है क्योंकि राज्य के गृह मंत्री का पोर्टफोलियो महत्वपूर्ण है और पहले यह विशेष रूप से नीतीश के पास था। युवा नेताओं पर भाजपा के फोकस के बारे में विस्तार से बताते हुए, खासकर 45 वर्षीय नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने पर, सूत्रों ने कहा कि 57 वर्षीय चौधरी एक युवा नेता हैं और इसलिए, शीर्ष पदों पर युवाओं की पदोन्नति को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने राज्य इकाई प्रमुख सहित संगठन में विभिन्न पदों पर भी काम किया है और उनके पास व्यापक प्रशासनिक अनुभव है जिसके कारण वह सरकार और पार्टी के बीच बेहतर समन्वय कर सकते हैं, जो आने वाले समय में महत्वपूर्ण होगा। सम्राट चौधरी कौन हैं? सम्राट चौधरी बुधवार को बिहार के 23वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे, जो हिंदी पट्टी के केंद्र में “भगवा” राजनीति के एक नए युग का संकेत है। उनकी राजद की जड़ों से लेकर उनकी भाजपा के प्रति निष्ठा तक, एक प्रभावशाली क्षेत्रीय नेता के रूप में उनके उदय का पता राज्य की राजनीति में एक मजबूत पारिवारिक विरासत और कुशवाह (कोइरी) समुदाय से एक ओबीसी नेता के रूप में उनकी पकड़ से लगाया जा सकता है। उनके राजनीतिक विकास में उन्हें उनके पिता, शकुनी चौधरी – जो कि राजद के दिग्गज नेता लालू प्रसाद यादव के करीबी सहयोगी थे, का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ – जिसके बाद वह 1999 तक राबड़ी देवी के नेतृत्व वाली सरकार के तहत बिहार के सबसे युवा मंत्रियों में से एक बन गए। 2000 के दशक की शुरुआत में, वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के तीखे आलोचक थे। लेकिन, 2014 में, वह जेडीयू में शामिल हो गए, जिसे आज उनके सीएम पद पर पहुंचने की शुरुआत के रूप में देखा जा सकता है। वह अंततः 2017 और 2018 के बीच भाजपा में शामिल हो गए, जिससे अनजाने में बिहार में भगवा पार्टी के शासन के अग्रदूत के रूप में उनका भाग्य तय हो गया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 14 अप्रैल, 2026, 23:39 IST समाचार राजनीति ‘नीतीश कुमार की निरंतरता का प्रतिबिंब’: बीजेपी ने बिहार के सीएम के रूप में सम्राट चौधरी को क्यों चुना? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री(टी)सम्राट चौधरी(टी)बिहार के मुख्यमंत्री(टी)बिहार में बीजेपी(टी)नीतीश कुमार की विरासत(टी)युवा बीजेपी नेतृत्व(टी)बिहार की राजनीति 2024(टी)बीजेपी सरकार का गठन

सीएम हाउस में हुई बीजेपी कोर ग्रुप की पहली बैठक:देर से पहुंचे विजयवर्गीय, शिवराज को छोड़कर डेढ़ दर्जन दिग्गज रहे मौजूद

सीएम हाउस में हुई बीजेपी कोर ग्रुप की पहली बैठक:देर से पहुंचे विजयवर्गीय, शिवराज को छोड़कर डेढ़ दर्जन दिग्गज रहे मौजूद

सीएम हाउस में बीजेपी के नए कोर ग्रुप की पहली बैठक हुई। करीब डेढ़ घंटे चली इस बैठक में केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को छोड़कर बाकी सभी नेतागण शामिल हुए। शिवराज पटना में पर्यवेक्षक होने के चलते बैठक में नहीं आ सके। बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह ने कोर ग्रुप के सदस्यों के साथ चर्चा की। विजयवर्गीय देर से पहुंचे बैठक में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय काफी देर से पहुंचे। विजयवर्गीय दिल्ली में थे। वे पौने नौ बजे के करीब सीएम हाउस पहुंचे और बैठक में शामिल हुए। केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने तय समय के मुताबिक बैठक खत्म होने पहले ही दिल्ली रवाना हो गए। बैठक के बाद सीएम हाउस में कोर ग्रुप में शामिल नेताओं के लिए डिनर भी रखा गया। बैठक में ये हुए शामिल राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, सीएम डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह, केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, राजेन्द्र शुक्ल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, एससी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, मंत्री संपतिया उईके, सांसद व प्रदेश महामंत्री लता वानखेड़े, पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया बैठक में शामिल हुए। संगठन के काम और आगे की योजना पर हुई चर्चा कोर ग्रुप की बैठक में बीजेपी के संगठन और सरकार के अब तक के कामों पर चर्चा हुई। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पार्टी के जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी संवाद करेंगे। सूत्र बताते हैं कि बैठक में बताया गया कि निगम-मंडलों को लेकर मामला केन्द्रीय नेतृत्व के स्तर पर स्वीकृति के लिए लंबित है। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद राजनीतिक नियुक्तियां शुरु हो सकती हैं।

देवास में कलेक्ट्रेट के बाबू समेत चार गिरफ्तार:सील और फर्जी साइन से दर्जनभर आदेश जारी किए; पंजीयन कार्यालय के शक पर पकड़े गए

देवास में कलेक्ट्रेट के बाबू समेत चार गिरफ्तार:सील और फर्जी साइन से दर्जनभर आदेश जारी किए; पंजीयन कार्यालय के शक पर पकड़े गए

देवास कलेक्टर कार्यालय में फर्जी आदेश जारी करने का एक बड़ा मामला मंगलवार को सामने आया है। फर्जीवाड़े को कार्यालय के कुछ बाबुओं ने अन्य लोगों के साथ मिलकर अंजाम दिया। आरोपी अधिकारियों के नाम पर जाली आदेश तैयार कर उन्हें विभिन्न विभागों में जारी कर रहे थे। मामले में नजूल शाखा सहित अलग-अलग तहसीलों में पदस्थ तीन बाबू और एक बिचौलिया लंबे समय से इस फर्जीवाड़े में शामिल थे। आरोप है कि ये लोग आवेदन प्रक्रिया पूरी करवाने के बाद अधिकारियों की जानकारी के बिना उनके हस्ताक्षर और सील की नकल कर फर्जी आदेश जारी करते थे। पंजीयन कार्यालय में संदिग्ध आदेश से पकड़े गए फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ, जब एक संदिग्ध आदेश पंजीयन कार्यालय पहुंचा। जांच के दौरान उसमें गड़बड़ी सामने आई, जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई। कलेक्टर के निर्देश पर पुलिस को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया। बीएनपी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें नजूल शाखा के बाबू रमेश लोबानिया, एडीएम कार्यालय के रीडर संजय जाटव, विजयागंज मंडी तहसील के बाबू जितेंद्र भद्रे और बिचौलिया महेंद्र कुशवाह शामिल हैं। एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। गिरफ्तारी की पुष्टि सीएसपी ने मंगलवार रात करीब 8 बजे की। एक दर्जन से अधिक फर्जी आदेश जारी होने की आशंका प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने एक दर्जन से अधिक फर्जी आदेश जारी किए हैं। यह गड़बड़ी विशेष रूप से भू-राजस्व संहिता की धारा 165(6) से जुड़े मामलों में की गई, जिनमें जमीन अंतरण की अनुमति दी जाती है। एक फर्जी आदेश के आधार पर रजिस्ट्री भी हो चुकी है, जिसे निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह फर्जीवाड़ा कब से चल रहा था और इसमें कितने लोग शामिल हैं। एसपी पुनीत गेहलोद ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है। मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है। प्रशासन सख्त, होगी कड़ी कार्रवाई कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने कहा कि मामले की जानकारी मिलते ही जांच के आदेश दे दिए गए थे। आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और सख्त कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें पद से पृथक भी किया जाएगा। वहीं, सीएसपी सुमित अग्रवाल के अनुसार, कलेक्टर कार्यालय की नजूल शाखा में विभिन्न प्रकार के आदेश जारी किए जाते हैं, जिनमें कुछ लोगों ने कूटरचना कर अवैध लाभ अर्जित किया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

राजगढ़ में शादीशुदा प्रेमी जोड़े ने पेड़ पर फांसी लगाई:पांच साल से एक दूसरे को जानते थे; दो दिन में दूसरी ऐसी घटना

राजगढ़ में शादीशुदा प्रेमी जोड़े ने पेड़ पर फांसी लगाई:पांच साल से एक दूसरे को जानते थे; दो दिन में दूसरी ऐसी घटना

राजगढ़ जिले के भोजपुर थाना क्षेत्र के दुर्गपुरा गांव में मंगलवार सुबह एक प्रेमी जोड़े के शव गांव से करीब 2 किलोमीटर दूर जंगल की पहाड़ी पर नीम के पेड़ से लटके मिले। युवक ने गमछे और महिला ने चुन्नी से फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, वहीं पुलिस ने पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। सुबह करीब 10 बजे बकरी चराने गए एक युवक की नजर पहाड़ी पर पेड़ से लटके दोनों शवों पर पड़ी। वह घबरा गया और तुरंत गांव पहुंचकर लोगों को जानकारी दी। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को खबर दी गई। कुछ ही देर में पूरा गांव घटनास्थल पर जुट गया। सूचना मिलते ही एसडीओपी धर्मवीर सिंह और भोजपुर थाना प्रभारी अजय यादव मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए खिलचीपुर अस्पताल भेजा और मामले की जांच शुरू कर दी। पांच साल से चल रहा था प्रेम प्रसंग, दोनों थे शादीशुदा मृतकों की पहचान चैनसिंह तंवर (37) और मांगीबाई (35) के रूप में हुई। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों एक ही गांव के रहने वाले थे और पिछले करीब पांच साल से उनके बीच प्रेम संबंध था। दोनों पहले से शादीशुदा थे और उनके बच्चे भी हैं। इस रिश्ते को लेकर दोनों परिवारों में पहले भी विवाद हो चुका था। परिजनों के अनुसार, करीब एक साल पहले दोनों घर छोड़कर भाग गए थे। उस समय परिजन उन्हें राजस्थान से ढूंढकर वापस लेकर आए थे। बाद में पंचायत और पुलिस के सामने समझाइश देकर दोनों को अलग कर दिया गया था। इसके बाद मांगीबाई पिछले चार महीने से अपने मायके कोयला गांव में रह रही थी। सोमवार को घर से निकले, फिर नहीं लौटे जानकारी के मुताबिक, सोमवार को चैनसिंह घर से खिलचीपुर जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। वहीं मांगीबाई भी अपने मायके कोयला से बिना बताए निकल गई थी। मंगलवार सुबह दोनों के शव एक ही पेड़ पर अलग-अलग फंदों में लटके मिले। घटनास्थल से पुलिस को शराब की दो बोतलें भी बरामद हुई हैं। हालांकि, पुलिस ने आत्महत्या के पीछे के वास्तविक कारणों का अभी खुलासा नहीं किया है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। पिता प्रभुलाल के अनुसार, चैनसिंह खेती और मजदूरी करता था और उसके चार बच्चे हैं। वहीं मांगीबाई का भी एक 10 वर्षीय बेटा है। दो दिन पहले भी हुई थी ऐसी ही घटना गौरतलब है कि दो दिन पहले ही दुर्गपुरा से करीब 8 किलोमीटर दूर ढाबलीखुर्द गांव में भी एक प्रेमी जोड़े ने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी।

पैदल जा रहे दंपती को वाहन ने टक्कर मारी:मंडला में पति का पैर कटकर अलग, मौत, पत्नी गंभीर घायल; खेत से घर जा रहे थे

पैदल जा रहे दंपती को वाहन ने टक्कर मारी:मंडला में पति का पैर कटकर अलग, मौत, पत्नी गंभीर घायल; खेत से घर जा रहे थे

मंडला जिले के टिकरिया थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-30 पर बबैहा पुल के पास तेज रफ्तार वाहन ने पैदल जा रहे पति-पत्नी को जोरदार टक्कर मार दी, जिसमें पति की जान चली गई और पत्नी गंभीर रूप से घायल हैं। जुझारी गांव के रहने वाले 50 साल के रामचरण मरकाम अपनी पत्नी धनवती के साथ खेत का काम निपटाकर घर लौट रहे थे। जब वे बबैहा पुल पर पहुंचे, तभी एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने उन्हें टक्कर मारी और ड्राइवर गाड़ी लेकर मौके से भाग निकला। नाले में जा गिरे रामचरण टक्कर इतनी भीषण थी कि रामचरण का पैर कट गया और वे उछलकर पुल के नीचे नाले में जा गिरे। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। काफी तलाश के बाद पुलिस को नाले से रामचरण का शव मिला और उसे पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा। पत्नी की हालत नाजुक घायल पत्नी धनवती मरकाम को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, उनके सिर में गंभीर चोटें आई हैं और उनकी हालत काफी नाजुक बनी हुई है। हादसे के बाद इलाके में काफी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है।

महू में दो मकानों में लगी आग:शॉर्ट सर्किट से लाखों का घरेलू सामान जलकर खाक, दमकल ने पाया काबू

महू में दो मकानों में लगी आग:शॉर्ट सर्किट से लाखों का घरेलू सामान जलकर खाक, दमकल ने पाया काबू

महू के सिमरोल थाना क्षेत्र के शिव नगर में सोमवार रात आग लगने से दो परिवारों का भारी नुकसान हो गया। शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी इस आग ने देखते ही देखते दो मकानों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। आग इतनी अचानक और तेजी से फैली कि घर के लोगों को सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला। लपटों ने दोनों घरों को घेर लिया और अंदर रखा सारा घरेलू सामान जलकर राख हो गया। शोर सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए और बचाव कार्य में जुट गए। ग्रामीणों ने पाया काबू दमकल विभाग को सूचना देने के साथ ही स्थानीय लोगों ने खुद ही आग बुझाने की कोशिशें शुरू कर दीं। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक दोनों मकानों का कीमती सामान पूरी तरह नष्ट हो चुका था। कोई जनहानि नहीं राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई भी घायल नहीं हुआ और समय रहते लोग घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, पीड़ित परिवारों को बड़ा आर्थिक झटका लगा है। मौके पर पहुंची सिमरोल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

जल-मिट्टी-चिता सत्याग्रह के बाद कल सांकेतिक फांसी:छतरपुर में केन-बेतवा परियोजना का विरोध तेज; प्रदर्शनकारी जमीन नहीं छोड़ने पर अड़े

जल-मिट्टी-चिता सत्याग्रह के बाद कल सांकेतिक फांसी:छतरपुर में केन-बेतवा परियोजना का विरोध तेज; प्रदर्शनकारी जमीन नहीं छोड़ने पर अड़े

छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में आदिवासी और किसानों का आंदोलन पहले से और तेज हो गया। मंगलवार को जिले में कई मोर्चों पर एक साथ प्रदर्शन हुए, जिनमें ‘जल सत्याग्रह’, ‘मिट्टी सत्याग्रह’ और ‘चिता आंदोलन’ शामिल थे। आंदोलनकारियों ने कल (बुधवार) को सांकेतिक फांसी की घोषणा की है। आज (मंगलवार) बड़ी संख्या में ग्रामीण केन नदी में उतरकर घंटों पानी में खड़े रहे। उन्होंने अपने विस्थापन के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जिस केन नदी के पानी के नाम पर यह परियोजना बनाई जा रही है, वही अब उनके उजड़ने का कारण बन रही है। आंदोलनकारियों ने इसे “जीवन और अस्तित्व की अंतिम लड़ाई” बताया। बोले- पुश्तैनी जमीन नहीं छोड़ेंगे ‘मिट्टी सत्याग्रह’ का मंगलवार को दूसरा दिन था। ग्रामीणों ने अपने खेतों की मिट्टी हाथ में लेकर संकल्प लिया कि वे अपनी पुश्तैनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे। वहीं, ‘चिता आंदोलन’ दसवें दिन भी जारी रहा, जहां लोग प्रतीकात्मक चिताओं के पास बैठकर विस्थापन के दर्द को व्यक्त कर रहे हैं। इसके साथ ही कई प्रभावित गांवों में ‘चूल्हा बंद’ रखा गया। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भूखे रहकर आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं, जिससे गांवों में सन्नाटा पसरा हुआ है। आरोप- फर्जी ग्राम सभाएं कराई गईं प्रभावितों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि फर्जी ग्राम सभाएं कराई गईं, अधूरा मुआवजा दिया गया और दबाव बनाकर बेदखली की कोशिश की जा रही है। आंदोलनकारियों का दावा है कि रुंज, मझगांय और नेगुवा बांध से जुड़ी ग्राम सभाएं केवल कागजों में पूरी कर ली गईं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गांवों में बिचौलिये सक्रिय हैं, जो मुआवजे की राशि में अवैध कटौती कर रहे हैं। पहचान पत्रों के नाम पर गरीबों से पैसे वसूले जा रहे हैं। जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर के अनुसार, प्रशासन के साथ हुई बातचीत बेनतीजा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी जमीनी सच्चाई से दूर रहकर केवल कागजी कार्रवाई कर रहे हैं। भटनागर ने कहा, “हम विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर आदिवासियों का विनाश स्वीकार नहीं करेंगे।” कल सांकेतिक फांसी का ऐलान आंदोलनकारियों ने बुधवार को ‘सांकेतिक फांसी आंदोलन’ की घोषणा की है। उनका कहना है कि जमीन और आजीविका छिनने के बाद जीवन का कोई अर्थ नहीं बचता। यह प्रदर्शन प्रशासन को चेतावनी देने के लिए किया जाएगा। फिलहाल हजारों ग्रामीण प्रदर्शन स्थलों पर डटे हुए हैं। ‘भूख-पड़ताल’ जारी है और आंदोलन लगातार उग्र रूप लेता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है, “हम पानी में खड़े हैं, भूखे हैं और चिता पर लेटने को तैयार हैं, लेकिन अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे।”