रणवीर सिंह ने क्या ध्रुव राठी को किया रोस्ट:धुरंधर की आलोचना पर पोस्टर के जरिए दिया जवाब; ससुर के साथ पहली बार एड में दिखे

रणवीर सिंह इन दिनों अपनी फिल्मों ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ की सफलता के बाद सुर्खियों में हैं। अब एक्टर पहली बार अपने ससुर और पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण के साथ एक विज्ञापन में नजर आए हैं। लेकिन इसकी चर्चा की वजह सिर्फ ससुर-दामाद की जोड़ी नहीं है। वीडियो के बैकग्राउंड में एक फिल्म का पोस्टर लगा है। पोस्टर पर रणवीर सिंह की फोटो है और फिल्म का नाम ‘बवंडर: द टॉरनेडो’ (Bavandar: The Tornado) लिखा है। फैंस का दावा है कि इस विज्ञापन के जरिए रणवीर ने यूट्यूबर ध्रुव राठी पर निशाना साधा है। दरअसल, ध्रुव राठी ने रणवीर की फिल्म ‘धुरंधर’ की आलोचना करते हुए अपने वीडियो में एक काल्पनिक फिल्म ‘ऑपरेशन बवंडर’ का नाम लिया था। पोस्टर के जरिए ध्रुव राठी पर तंज RuPay के इस कमर्शियल में रणवीर सिंह और प्रकाश पादुकोण पेमेंट के फायदों पर बात कर रहे हैं। एक सीन में दोनों थिएटर में बैठे हैं, जहां बैकग्राउंड में एक फिल्म का पोस्टर लगा है। पोस्टर पर रणवीर सिंह की फोटो है और फिल्म का नाम ‘बवंडर: द टॉरनेडो’ (Bavandar: The Tornado) लिखा है। फैंस ने तुरंत इसे ध्रुव राठी से जोड़ दिया। फैंस ने पकड़ी ‘पीक डिटेलिंग’ सोशल मीडिया यूजर्स विज्ञापन की बारीकियों की तारीफ कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “रणवीर ने ध्रुव राठी के बवंडर वाले जोक को उन्हीं पर पलट दिया है, यह कमाल की डिटेलिंग है।” विज्ञापन में रणवीर अपने ससुर को ‘पप्पा’ कहते दिखते हैं। बता दें कि दीपिका पादुकोण भी अपने पिता को इसी नाम से बुलाती हैं। एक अन्य सीन में रणवीर हाथ में यूनिकॉर्न पकड़े हैं, जिसे फैंस उनके ‘गर्ल डैड’ (बेटी के पिता) होने से जोड़कर देख रहे हैं। ध्रुव राठी ने बताया था ‘चुनावी विज्ञापन’ यूट्यूबर ध्रुव राठी ने अपने पिछले वीडियो में फिल्म ‘धुरंधर’ और इसके सीक्वल को सत्ताधारी पार्टी का प्रोपेगैंडा बताया था। ध्रुव ने कहा था कि ‘धुरंधर 2’ मनोरंजन के लिए नहीं बनी है, बल्कि यह बीजेपी का सबसे महंगा चुनावी विज्ञापन है, जिसे देखने के लिए दर्शक 500 रुपए दे रहे हैं। उन्होंने फिल्म में नोटबंदी को सही दिखाने के दावों पर भी सवाल उठाए थे।
माइथोलॉजिकल हॉरर कॉमेडी में नजर आएंगी यामी:‘नई नवेली’ की कहानी मॉडर्न है पर पौराणिक मान्यताओं से जुड़ी हैं जड़ें

कंटेंट-ड्रिवेन सिनेमा के लिए जानी जाने वाली यामी गौतम अब अपने करियर के सबसे अलग और साहसी प्रोजेक्ट की ओर बढ़ चुकी हैं। फिल्म गलियारों में चर्चा है कि उन्होंने दिग्गज निर्माता-निर्देशक आनंद एल. राय के साथ एक मायथोलॉजिकल हॉरर कॉमेडी ‘नई नवेली’ के लिए हाथ मिलाया है। यह फिल्म लोक कथाओं और आधुनिक कहानी कहने के फॉर्मेट का अनोखा मेल होगी, जिसमें तकनीकी स्तर पर दक्षिण भारतीय सिनेमा की मजबूत भागीदारी देखने को मिलेगी। मालवणी में चल रही शूटिंग, 2 साल की तैयारी सीक्रेट रही सूत्रों के मुताबिक, फिल्म की शूटिंग मुंबई के मालवणी इलाके में पिछले एक हफ्ते से तेजी से जारी है। यह प्रोजेक्ट आनंद एल. राय के बैनर कलर येलो प्रोडक्शंस के तहत बनाया जा रहा है। खास बात यह है कि इस फिल्म पर लगभग दो वर्षों से सीक्रेटली प्रोडक्शन का काम चल रहा था। कहानी वर्तमान समय में सेट है, लेकिन इसकी जड़ें हजारों साल पुरानी पौराणिक मान्यताओं से जुड़ी हुई बताई जा रही हैं, जो इसे एक अलग सिनेमाई पहचान देंगी। मेरठ की पृष्ठभूमि में रहस्य और फैमिली ड्रामा भी दिखेगा फिल्म का कैनवास मॉडर्न-डे में है, जहां मेरठ के बैकग्राउंड में एक नवविवाहित बहू के घर में आने के बाद रहस्यमयी घटनाओं का सिलसिला शुरू होता है। यह कहानी किसी लुटेरी दुल्हन या ग्रे शेड वाले किरदार पर नहीं है, बल्कि एक फैमिली एंटरटेनर है, जिसमें हॉरर और कॉमेडी के साथ इमोशनल एलिमेंट्स भी हैं। टेक्निकल क्रू में साउथ से जुड़े बड़े दिग्गज नाम होंगे शामिल फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसका टेक्निकल क्रू है, जिसमें साउथ सिनेमा के बड़े नाम शामिल हैं। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता संगीतकार जी.वी. प्रकाश कुमार इससे हिंदी सिनेमा में डेब्यू करने जा रहे हैं और चूंकि फिल्म म्यूजिकल टोन लिए हुए है, इसलिए उनका संगीत इसकी आत्मा माना जा रहा है। ‘आर्टिकल 370’ के बाद यामी एक बार फिर एक्शन अवतार में दिखेंगी। दिव्य निधि ने लिखी है स्क्रिप्ट, दिखाएगी लोक कथाओं का गहरा पक्ष फिल्म की स्क्रिप्ट दिव्य निधि शर्मा ने लिखी है। उन्होंने इस स्क्रिप्ट में हॉरर और कॉमेडी के बीच एक बारीक संतुलन तैयार किया है। कहानी सिर्फ डराने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय लोक कथाओं के उस गहरे पक्ष को सामने लाती है, जो हजारों साल पुरानी मिथकीय कहानियों को आज से जोड़ता है। ‘धुरंधर 2′ के लिए भी सराही गई यामी, आगे फिर पति आदित्य की फिल्म में दिखेंगी यामी फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ में भी दिखीं। इसकी सफलता ने उनके करियर को नई मजबूती दी है। ‘धुरंधर 2′ में उनके कैमियो को जिस तरह सराहा गया, उसने उनके एक्शन-ब्रांड को और मजबूत किया है। ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि ‘नई नवेली’ 2026 के अंत तक रिलीज हो सकती है और अपने कॉन्सेप्ट के चलते स्लीपर हिट बनने की क्षमता रखती है। सूत्रों के मुताबिक, यामी का 2027 का शेड्यूल पूरी तरह से बड़े प्रोजेक्ट्स से भरा हुआ है। साल की शुरुआत में वह एक स्पाई थ्रिलर में दिखेंगी। इसमें उनका किरदार एक हाई-प्रोफाइल इंटेलिजेंस ऑफिसर का होगा। फिर 2027 के अंत तक पति आदित्य धर के निर्देशन में एक भव्य एक्शन फिल्म भी आएगी जो ‘धुरंधर’ यूनिवर्स को और विस्तार देगी।
जबलपुर में डॉ.अंबेडकर की 135वीं जयंती मनाई गई:धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक हस्तियों ने मंच साझा किया

भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती मंगलवार, 14 अप्रैल को जबलपुर शहर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों ने कार्यक्रम आयोजित कर बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की। बोधिसत्व डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर संयुक्त जयंती महोत्सव समिति, ऑल इंडिया समता सैनिक दल और त्रिरत्न बौद्ध विहार निर्भय नगर सहित कई अन्य संगठनों ने आंबेडकर चौक स्थित प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इसी क्रम में विश्वदीप बौद्ध विहार, रामपुर छापर में सुबह 9 बजे कार्यक्रम आयोजित हुआ। संयुक्त बौद्ध विहार समिति अधारताल के तत्वावधान में भी आयोजन किए गए। महर्षि वाल्मीकि क्षेत्रीय समिति ने साप्ताहिक जन्मोत्सव कार्यक्रम आयोजित कर बाबा साहब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया। भाजपा के सांसद और मंत्री ने भी श्रद्धांजलि दी राजनीतिक दलों ने भी इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए। भारतीय जनता पार्टी ने आंबेडकर चौक पर प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान सांसद आशीष दुबे, भाजपा नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर और मध्य प्रदेश महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी परांजपे सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस अवसर पर सांसद आशीष दुबे ने कहा कि भारतीय संविधान भारत की आधारशिला है और इसका पूरा श्रेय डॉ. भीमराव आंबेडकर को जाता है। उन्होंने देश को एकजुट रखते हुए सभी को समानता का अधिकार देने वाला संविधान दिया, जिसके आधार पर आज भारत निरंतर प्रगति कर रहा है। बाबा साहब के पदचिन्हों पर चलने का संकल्प इसके अलावा आदिवासी बहुजन अधिकार कल्याण संघ और वाल्मीकि समाज जबलपुर ने भी बाबा साहब की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उनके पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लिया। सुदर्शन समाज और मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति अधिकार मंच (अजाक्स) की ओर से भी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। लगातार 32 वर्षों से आयोजन जारी है बोधिसत्व डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर संयुक्त जयंती महोत्सव समिति के संयोजक जेपी नन्हट बौद्ध ने बताया कि यह आयोजन पिछले 32 वर्षों से लगातार किया जा रहा है। इसमें शहर के प्रबुद्धजन शामिल होकर बाबा साहब के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेते हैं।
श्योपुर में डॉ. अंबेडकर की भव्य शोभायात्रा:भाजपा-कांग्रेस ने अलग-अलग कार्यक्रमों में किया बाबा साहेब को नमन

संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती मंगलवार को श्योपुर जिले में उत्साह और सामाजिक समरसता के साथ मनाई गई। जिलेभर में शोभायात्राएं, माल्यार्पण और संगोष्ठियों का आयोजन कर बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। श्योपुर नगर के वार्ड क्रमांक 11 स्थित अंबेडकर नगर से एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में अनुयायी शामिल हुए, जो डीजे की धुन पर नाचते-गाते हुए चल रहे थे। यह शोभायात्रा मुख्य बाजार, गणेश गली, पुल दरवाजा और पटेल चौक से होते हुए अंबेडकर पार्क में समाप्त हुई। मार्ग में विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने पुष्पवर्षा कर इसका स्वागत किया। भाजपा पांडोला मंडल के तहत पांडोला और लुहाड़ ग्राम में भी बाबा साहेब की जयंती मनाई गई। लुहाड़ स्थित अंबेडकर प्रतिमा पर आयोजित कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष शशांक भूषण और पूर्व जिला महामंत्री गिरधारीलाल बैरवा ने डॉ. अंबेडकर के जीवन और संघर्षों पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में शिक्षा प्राप्त कर डॉ. अंबेडकर ने देश के पहले कानून मंत्री और संविधान निर्माता के रूप में अतुलनीय योगदान दिया। कार्यक्रम से पूर्व कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। शिवकरण मीणा ने संचालन किया और रघुनंदन शर्मा ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इसी क्रम में जिला कांग्रेस कार्यालय श्योपुर में भी डॉ. अंबेडकर की जयंती श्रद्धा और समर्पण के साथ मनाई गई। कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके विचारों को याद किया तथा संविधान की उद्देशिका का वाचन किया। इस दौरान वक्ताओं ने समानता, न्याय, स्वतंत्रता और बंधुत्व के मूल्यों को समाज में स्थापित करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में जिला कांग्रेस अध्यक्ष मांगीलाल फौजी, विधायक बाबू जंडेल, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष दौलतराम गुप्ता सहित अनेक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस प्रकार श्योपुर जिले में डॉ. अंबेडकर की जयंती सामाजिक समरसता और जागरूकता के साथ मनाई गई, जहां सभी वर्गों के लोगों ने बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
चना दाल हलवा रेसिपी: मिनटों में घर पर ही तैयार करें चना दाल हलवा, नोट कर लें रेसिपी

चना दाल हलवा रेसिपी: अगर आप अपने घर पर ही रेस्तरां के तौर पर डेजर्ट तैयार करना चाहते हैं, तो चना दाल का हलवा एक बेहतरीन रैंकिंग है। यह हलवे में शानदार खुशबू और क्रीमी टेक्सचर इसे हर उम्र के लोगों के लिए फ़ेवरेट बनाता है। खास बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता। इसके साथ ही कम कंटेंट में भी इसे आसानी से बनाया जा सकता है। इस हलवे को आप वीकेंड में या किसी खास मौत से आसानी से तयार कर सकते हैं। चने की दाल का हलवा सेहत के लिए अच्छा होता है चने की दाल का हलवा सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। ये आपके गाए और क्रीमी टेक्स्टचर के लिए जाना जाता है। जब इसे घी में अच्छी तरह से अलग-अलग तरह से बनाया जाता है, तो इसका स्वाद पूरे घर में फैल जाता है। बादाम और बादाम का स्वाद इसे और भी स्वादिष्ट बनाता है। यह डिश बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आती है और इसे गर्म या ठंडा करके भी सर्व किया जाए तो इसे खाने में मजा ही आ जाता है। चना दाल का हलवा बनाने की आवश्यक सामग्री इस हलवे को बनाने के लिए चना दाल, घी, चीनी, दूध, इलायची पाउडर और बादाम जैमी सामान्य सामग्री की आवश्यकता होती है। ये सभी चीजें घर पर आसानी से उपलब्ध हैं, जिससे ये रेसिपी और भी आसान बन जाती है। (टैग्सटूट्रांसलेट)चना दाल हलवा रेसिपी(टी)आसान भारतीय मिठाई(टी)घर पर हलवा रेसिपी(टी)भारतीय मिठाई(टी)घर का बना हलवा(टी)त्यौहार मिठाई भारत(टी)त्वरित मिठाई रेसिपी(टी)दाल हलवा(टी)पारंपरिक भारतीय मिठाई
पाकिस्तान में अस्पताल की लापरवाही से 331 बच्चे HIV पॉजिटिव:8 साल के बच्चे की मौत के बाद खुलासा, सिरिंज के दोबारा इस्तेमाल से फैला संक्रमण

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के ताउंसा शहर में 331 बच्चे HIV पॉजिटिव पाए गए। ये मामले नवंबर 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच दर्ज हुए। अब इस मामले में सरकारी अस्पताल में गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं। BBC की रिपोर्ट में पाया गया कि THQ ताउंसा अस्पताल में सिरिंज दोबारा इस्तेमाल हो रही थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, कई मामलों में एक ही दवा की शीशी से अलग-अलग बच्चों को इंजेक्शन दिया गया। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया। मामले का खुलासा आठ साल के बच्चे मोहम्मद अमीन की मौत के बाद हुआ। उसकी बहन असमा भी HIV पॉजिटिव है। मां का कहना है कि बच्चों को अस्पताल में इलाज के दौरान संक्रमित सुई से HIV हुआ। 32 घंटे में 10 बार दोबारा इस्तेमाल हुई सिरिंज BBC की जांच में 32 घंटे की अंडरकवर रिकॉर्डिंग की गई। इसमें 10 बार देखा गया कि सिरिंज को मल्टी-डोज वायल में दोबारा इस्तेमाल किया गया। इनमें से चार मामलों में उसी दवा को दूसरे बच्चों को दिया गया। संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ अल्ताफ अहमद ने वीडियो देखने के बाद कहा कि सिरिंज का पिछला हिस्सा वायरस को ट्रांसफर कर सकता है, भले ही नई सुई लगा दी जाए। उन्होंने इसे बेहद खतरनाक बताया। जांच में यह भी सामने आया कि 66 बार अस्पताल स्टाफ ने बिना स्टरलाइज्ड ग्लव्स के इंजेक्शन लगाए। एक नर्स को मेडिकल वेस्ट बॉक्स में बिना ग्लव्स के हाथ डालते भी देखा गया। विशेषज्ञों ने इसे संक्रमण नियंत्रण की बड़ी कमी बताया। हालांकि, अस्पताल के नए मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ कासिम बुजदार ने इन वीडियो को मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह फुटेज पुरानी या स्टेज्ड हो सकती है। प्राइवेट क्लिनिक के डॉक्टर ने संक्रमण का पता लगाया सबसे पहले इस आउटब्रेक को निजी क्लिनिक के डॉक्टर गुल कैसरानी ने पहचाना था। उन्होंने बताया कि 65-70 HIV पॉजिटिव बच्चों में से ज्यादातर का इलाज THQ ताउंसा में हुआ था। कुछ माता-पिता ने भी सिरिंज दोबारा इस्तेमाल की शिकायत की थी। डेटा के मुताबिक, 97 संक्रमित बच्चों के परिवारों में सिर्फ चार माताएं HIV पॉजिटिव पाई गईं। इससे संकेत मिलता है कि संक्रमण मां से बच्चों में नहीं, बल्कि अन्य कारणों से फैला। पंजाब एड्स स्क्रीनिंग प्रोग्राम के डेटा में आधे से ज्यादा मामलों में “कंटैमिनेटेड नीडल” को संक्रमण का कारण बताया गया है। हालांकि बाकी मामलों में कारण स्पष्ट नहीं है। मार्च 2025 में सरकार ने हस्तक्षेप किया और उस समय 106 केस बताए गए। अस्पताल के तत्कालीन सुपरिटेंडेंट डॉ तैयब फारूक चांदियो को सस्पेंड किया गया, लेकिन तीन महीने बाद वे फिर एक ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र में काम करते पाए गए। डॉ चांदियो ने कहा कि उन्होंने तुरंत कार्रवाई की थी, लेकिन अस्पताल को संक्रमण का कारण मानने से इनकार किया। उनके बाद आए डॉ बुजदार ने दावा किया कि उन्होंने स्टाफ को ट्रेनिंग दी और “जीरो टॉलरेंस” नीति लागू की। इसके बावजूद BBC की फुटेज से पता चलता है कि नवंबर-दिसंबर 2025 तक भी असुरक्षित तरीके जारी थे। दवाइयों की शीशियां और इस्तेमाल की गई सुइयां खुले में रखी मिलीं। अस्पताल में बच्चों को अक्सर कैन्युला के जरिए इंजेक्शन दिए जाते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है क्योंकि दवा सीधे खून में जाती है। अस्पताल और प्रशासन ने आरोपों से इनकार किया एक वीडियो में नर्स को इस्तेमाल की हुई सिरिंज फिर से इस्तेमाल के लिए देते देखा गया। जब यह फुटेज अस्पताल प्रशासन को दिखाई गई, तो उन्होंने इसे फिर खारिज कर दिया। स्थानीय सरकार ने बयान में कहा कि अभी तक कोई पुख्ता सबूत नहीं है कि THQ ताउंसा ही इस आउटब्रेक का स्रोत है। साथ ही, UNICEF, WHO और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त रिपोर्ट में निजी क्लिनिक और बिना जांचे खून चढ़ाने को भी कारण बताया गया। हालांकि, अप्रैल 2025 की लीक रिपोर्ट में अस्पताल में गंभीर खामियां बताई गईं। रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चों के इमरजेंसी वार्ड में दवाइयों की कमी थी, IV फ्लूइड दोबारा इस्तेमाल हो रहे थे और साफ-सफाई की हालत खराब थी। फिलहाल ताउंसा में संक्रमित बच्चों के परिवारों पर इसका गहरा असर पड़ा है। असमा के परिवार के मुताबिक, अब लोग उससे दूरी बनाते हैं और वह अकेलापन महसूस करती है।असमा अपनी मां से पूछती है, “मुझे क्या हो गया है?” वह पढ़ाई में मेहनत करती है और कहती है कि बड़ी होकर डॉक्टर बनना चाहती है। पाकिस्तान में HIV फैलने की ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं पाकिस्तान में इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। 2019 में सिंध के रतोदेरो में सैकड़ों बच्चे HIV पॉजिटिव पाए गए थे। 2021 तक यह संख्या 1500 तक पहुंच गई थी। इसी दौरान कराची के SITE टाउन में भी 84 बच्चों के संक्रमित होने का मामला सामने आया। स्वास्थ्य मंत्री ने माना कि वहां भी दूषित सिरिंज का इस्तेमाल हुआ था। कराची के आगा खान यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल की प्रोफेसर डॉ फातिमा मीर ने कहा कि यह मामला पूरे देश में संक्रमण नियंत्रण की कमजोरी दिखाता है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को इंजेक्शन देने में ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान में जरूरत से ज्यादा इंजेक्शन देने की प्रवृत्ति है। मरीज खुद भी इंजेक्शन मांगते हैं और डॉक्टर भी दे देते हैं, जबकि कई मामलों में दवा मुंह से दी जा सकती है। सप्लाई की कमी भी एक बड़ा कारण है। अस्पतालों को सीमित संसाधन दिए जाते हैं, जिससे स्टाफ पर दबाव रहता है कि वे उन्हें लंबे समय तक चलाएं। HIV क्या है और कैसे फैलता है? HIV (ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस) ऐसा वायरस है जो शरीर की इम्यून सिस्टम (रोगों से लड़ने की क्षमता) को कमजोर कर देता है। इलाज न मिलने पर यह AIDS में बदल सकता है। सिरिंज से HIV फैलने का जोखिम कितना बड़ा? एक ही सिरिंज या मल्टी-डोज वायल का दोबारा इस्तेमाल HIV फैलाने का सबसे खतरनाक तरीका माना जाता है। अगर एक संक्रमित मरीज को लगी सिरिंज दोबारा इस्तेमाल होती है, तो उसमें मौजूद वायरस सीधे अगले मरीज के खून में पहुंच सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, भले ही नई सुई लगा दी जाए, लेकिन सिरिंज का पिछला हिस्सा भी संक्रमण फैला सकता है।
आशा भोसले को लेकर पोती जनाई का इमोशनल पोस्ट:लोगों ने दादी को अंतिम संस्कार में मिले सम्मान और प्यार पर जताया आभार

आशा भोसले की पोती जनाई भोसले उनकी दादी के अंतिम संस्कार में मिले सम्मान को देखकर इमोशनल हो गईं। जनाई ने सोमवार को इंस्टाग्राम स्टोरी पर कुछ तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें आशा भोसले के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लिपटा हुआ था। साथ ही उन्होंने लिखा कि मैं अभी इमोशन्स से ओवरवेल्म्ड हूं… जब संभव होगा, तब कुछ लिखूंगी। लेकिन इतना जरूर कहना चाहती हूं कि आज और उससे आगे भी बहुत से लोगों ने उनका सम्मान किया और उन्हें इतना प्यार दिया। मैं दिल की गहराइयों से आप सभी का धन्यवाद करती हूं। जनाई ने आगे लिखा, वह इस सब की पूरी हकदार थीं। मुझे एहसास है कि वह हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगी और ऊपर से सब कुछ देख रही हैं। आशा भोसले का निधन आशा भोसले का रविवार को 92 साल की उम्र में मुंबई में निधन हो गया। सोमवार को उनका राजकीय सम्मान के साथ शिवाजी पार्क श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार हुआ। उन्हें महाराष्ट्र पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। अंतिम संस्कार में आमिर खान, विक्की कौशल, अनु मलिक, शान समेत कई सेलेब्स श्रद्धांजलि देने पहुंचे। देखें आशा भोसले के अंतिम संस्कार की तस्वीरें- आशा भोसले के घर कई सेलेब्स पहुंचे शिवाजी पार्क श्मशान घाट में अंतिम संस्कार से पहले सोमवार सुबह आशा भोसले के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए मुंबई स्थित उनके निवास ‘कासा ग्रांडे’ में रखा गया। सचिन तेंदुलकर, रणवीर सिंह, जैकी श्रॉफ, रितेश देशमुख सहित कई सेलेब्स अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। देखें अंतिम दर्शन के दौरान की तस्वीरें-
जनवरी-मार्च में गोल्ड ETF में 31,561 करोड़ का निवेश:इसमें बीते 1 साल में 64% तक का रिटर्न मिला, जानें इससे जुड़ी खास बातें

2026 की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (गोल्ड ETFs) में निवेशकों ने 31,561 करोड़ रुपए का निवेश किया है। ये दिसंबर 2025 तिमाही के मुकाबले 36% ज्यादा है। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में गोल्ड ETF में 23,132 करोड़ रुपए का निवेश आया था। यह पिछले साल की जनवरी-मार्च तिमाही के मुकाबले करीब 6 गुना ज्यादा निवेश आया है। साल 2025 की पहली तिमाही में यह निवेश मात्र 5,654 करोड़ रुपए था। जियोपॉलिटिकल तनाव और बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशक अब सुरक्षित संपत्ति के रूप में सोने पर ज्यादा भरोसा जता रहे हैं। गोल्ड ETFs में निवेश के 2 बड़े कारण एक्सपर्ट की राय: क्यों पसंद आ रहा है डिजिटल गोल्ड? मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया की सीनियर एनालिस्ट नेहल मेश्राम का कहना है कि गोल्ड ETFs निवेशकों को फिजीकल रखने की झंझट के बिना निवेश का पारदर्शी और आसान तरीका देते हैं। यह बाजार की अनिश्चितता के समय पोर्टफोलियो को सुरक्षा प्रदान करता है। क्या होता है गोल्ड ETF? एक्सचेंज ट्रेडेड फंड सोने के गिरते-चढ़ते भावों पर बेस्ड होते हैं। गोल्ड ETFs की खरीद-बिक्री शेयर की ही तरह BSE और NSE पर की जा सकती है। हालांकि, इसमें आपको सोना नहीं मिलता। आप जब इससे निकलना चाहें तब आपको उस समय के सोने के भाव के बराबर पैसा मिल जाएगा। इसमें कैसे कर सकते हैं निवेश? गोल्ड ETF खरीदने के लिए आपको अपने ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलना होता है। इसमें NSE पर उपलब्ध गोल्ड ETF के यूनिट आप खरीद सकते हैं और उसके बराबर की राशि आपके डीमैट अकाउंट से जुड़े बैंक अकाउंट से कट जाएगी। आपके डीमैट अकाउंट में ऑर्डर लगाने के दो दिन बाद गोल्ड ETF आपके अकाउंट में डिपॉजिट हो जाते हैं। ट्रेडिंग खाते के जरिए ही गोल्ड ETF को बेचा जाता है। सोने में सीमित निवेश फायदेमंद एक्सपर्ट के अनुसार, भले ही आपको सोने में निवेश करना पसंद हो तब भी आपको इसमें सीमित निवेश ही करना चाहिए। कुल पोर्टफोलियो का सिर्फ 10 से 15% ही सोने में निवेश करना चाहिए। किसी संकट के दौर में सोने में निवेश आपके पोर्टफोलियो को स्थिरता दे सकता
एक्टर राम चरण बोले- मैं सख्त पिता हूं:बच्चों को रिस्क लेना और मिट्टी में खेलना सिखाता हूं, पत्नी उपासना घर में केयरिंग रोल निभाती हैं

साउथ एक्टर राम चरण इन दिनों अपनी प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी पेरेंटिंग स्टाइल यानी बच्चों को पालने के तरीके पर खुलकर बात की। तीन बच्चों के पिता राम चरण ने खुद को एक ‘रफ’ (एक तरह से सख्त) पिता बताया है। उनका मानना है कि बच्चों को बचपन से ही चुनौतियों का सामना करना और जोखिम लेना सीखना चाहिए। बच्चों को जोखिम लेना सिखाते हैं एक्टर एस्क्वायर इंडिया के साथ बातचीत में राम चरण ने बताया कि वे अपने बच्चों के लिए किस तरह के पिता हैं। उन्होंने कहा, “मैं वह पिता हूं जो बच्चों को कूदने, गंदा होने और रिस्क लेने के लिए मोटिवेट करता है। मैं चाहता हूं कि वे बेझिझक बाहर खेलें और मिट्टी में गंदे होने से न डरें।” एक्टर के मुताबिक, जब उनके बच्चों को हिम्मत की जरूरत होती है, तो वे उनके पास आते हैं। उपासना और राम चरण के बीच पेरेंटिंग बैलेंस राम चरण ने अपनी पत्नी उपासना कामिनेनी के रोल के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि उनके घर में पेरेंटिंग का एक सही बैलेंस है। उपासना बच्चों के लिए ममता और केयर का सेंटर हैं। जब बच्चों को आराम और सुकून चाहिए होता है, तो वे अपनी मां के पास जाते हैं, लेकिन किसी भी मुश्किल चुनौती का सामना करने के लिए वे अपने पिता की ओर देखते हैं। कहा- बच्चों के लिए ‘प्रेजेंट’ रहना जरूरी एक्टर ने पेरेंटिंग को लेकर एक जरूरी सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि बच्चे सलाह सुनने से ज्यादा अपने माता-पिता के व्यवहार को देखकर सीखते हैं। राम चरण ने कहा, “मैं सबसे पहले एक ऐसा पिता बनना चाहता हूं जो हर पल अपने बच्चों के साथ मौजूद रहे।” 2012 में हुई थी शादी, तीन बच्चों के पिता राम चरण और उपासना की निजी जिंदगी की बात करें तो दोनों ने 2012 में शादी की थी। कपल ने 2023 में अपनी पहली बेटी ‘क्लिन कारा’ का स्वागत किया। इसके बाद जनवरी 2026 में उनके घर जुड़वां बच्चों (एक बेटा और एक बेटी) का जन्म हुआ। अब राम चरण दो बेटियों और एक बेटे के पिता हैं। अपकमिंग फिल्म ‘पेद्दी’ में आएंगे नजर राम चरण इन दिनों अपनी फिल्म ‘पेद्दी’ की तैयारी में बिजी हैं। यह एक स्पोर्ट्स एक्शन ड्रामा फिल्म है, जिसका निर्देशन बुच्ची बाबू सना कर रहे हैं। इस फिल्म में उनके साथ जान्हवी कपूर, शिवराजकुमार और जगपति बाबू जैसे कलाकार अहम रोल में नजर आएंगे।
नर्मदापुरम में अंबेडकर जयंती पर निकाली वाहन रैली:यूपीएससी में चयनितग हुए श्रेयांश बड़ोदिया का कलेक्टर ने किया सम्मान

भारत रत्न, संविधान निर्माता श्रद्धेय बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135 वीं जयंती मंगलवार को जिलेभर में मनाई गई। अजाक्स (AJAKS – अनुसूचित जाति/जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ) ने भाजपा कार्यालय के सामने आंबेडकर प्रतिमा स्थल पर कार्यक्रम किया। कलेक्टर सोमेश मिश्रा, कार्यवाहक जिला अध्यक्ष एनआर हरियाले, जिला अध्यक्ष रविशंकर वाल्मीकि ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प माला अर्पित कर उन्हें नमन किया। एनआर हरियाले, रविशंकर वाल्मीकि ने बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन, प्रारंभिक शिक्षा, संविधान निर्माण समिति में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका और राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब का संपूर्ण जीवन संघर्ष, शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय का प्रतीक है। उनका जीवन प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। कार्यक्रम में सभी ने खड़े होकर बाबा साहब की प्रार्थना की। यूपीएससी में चयनित होने वाले श्रेयांश बड़ोदिया का कलेक्टर सोमेश मिश्रा के हाथों स्वागत, सम्मान हुआ। इस अवसर पर अतिथि कलेक्टर सोमेश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन, नर्मदापुरम के पूर्व जिला कोषालय अधिकारी जीडी बड़ोदिया, उनके बेटे यूपीएसी पासआउट श्रेयांश बड़ोदिया, ललित डेहरिया, सुमित्रा अहिरवार समेत अन्य मौजूद रहे। जय भीम सेना ने निकाली वाहन रैली जयंती के अवसर पर जय भीम आर्मी सेना ने वाहन रैली का आयोजन किया। डीजे के साथ वाहन रैली शहर के प्रमुख मार्गो से होते हुए पुराने बस स्टैंड स्थित आंबेडकर प्रतिमा स्थल पहुंची।







