UK में भारतीय मूल की थेरेपिस्ट बर्खास्त:अंग्रेजी न समझ पाने पर नौकरी गई, फॉर्म में गलत जानकारी देने का आरोप

यूके में एक भारतीय मूल की स्पीच एंड लैंग्वेज थेरेपिस्ट साई कीर्तना श्रीपेरंबुदुरु को अंग्रेजी ठीक से न समझ पाने और आवेदन में गलत जानकारी देने के आरोप में नौकरी से निकाल दिया गया। कारण यह रहा कि वह मरीजों और सहकर्मियों की बात ठीक से समझ नहीं पा रही थीं। यह मामला जून 2024 का हो, लेकिन इसकी जानकारी अब सामने आई है। र्कीतना ने अक्टूबर 2023 में यॉर्क एंड स्कारबरो टीचिंग हॉस्पिटल्स NHS ट्रस्ट जॉइन किया था। जॉइनिंग के कुछ ही समय बाद सहकर्मियों को पता चला कि वह मरीजों और स्टाफ की अंग्रेजी ठीक से समझ नहीं पा रही थीं। स्पीच थेरेपिस्ट होने के बावजूद उन्हें उच्चारण, व्याकरण और बातचीत समझने में समस्या थी। अंततः जून 2024 में उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। अंग्रेजी फर्स्ट लैंग्वेज का दावा गलत निकला आवेदन में कीर्तना ने अंग्रेजी को अपनी पहली भाषा बताया था, लेकिन बाद में रिव्यू मीटिंग में स्वीकार किया कि उनकी मातृभाषा तेलुगु है। बाद में दिसंबर में उन्होंने बताया कि वह नौकरी के साथ-साथ अंग्रेजी सुधारने के लिए क्लास भी ले रही थीं। इस मामले में एक और अहम बात सामने आई कि नौकरी के आवेदन में उन्होंने अंग्रेजी को अपनी ‘फर्स्ट लैंग्वेज’ बताया था। जबकि फॉर्म के नियमों के अनुसार, ‘फर्स्ट लैंग्वेज’ वही मानी जाती है जो व्यक्ति रोजमर्रा की जिंदगी में सबसे ज्यादा इस्तेमाल करता हो। केवल अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करना इसे पहली भाषा नहीं बनाता। आमने-सामने की बातचीत से बचना चाहती थी कीर्तना कीर्तना के मैनेजर ने यह भी बताया कि इंटरव्यू के दौरान उसने चैट बॉक्स के जरिए सवाल पूछने का अनुरोध किया था, यानी आमने-सामने बातचीत से बचना चाहती थीं। इसे असामान्य माना गया, खासकर इसलिए क्योंकि वह उस समय यूके में ही रह रही थीं। अस्पताल ट्रस्ट के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि साई कीर्तना अक्टूबर 2023 से जून 2024 तक काम पर थीं और जून में उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। कीर्तना ने इस फैसले को चुनौती दी और कहा कि उनकी पढ़ाई अंग्रेजी में हुई है, इसलिए इसे उनकी पहली भाषा माना जाना चाहिए। लेकिन पैनल ने इस तर्क को नहीं माना। पैनल का कहना था कि उन्होंने नौकरी पाने के लिए गलत जानकारी दी और यह धोखा देने की कोशिश थी। इसके बाद उन्हें रजिस्टर से हटा दिया गया। ट्रिब्यूनल ने क्या कहा आवेदन फॉर्म में साफ लिखा होता है कि “क्या अंग्रेजी आपकी पहली भाषा है?” इसका जवाब ‘हां’ तभी देना चाहिए, जब अंग्रेजी आपकी रोजमर्रा की मुख्य भाषा हो। सिर्फ अंग्रेजी में पढ़ाई करने से यह पहली भाषा नहीं मानी जाती। डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, साई कीर्तना का कहना था कि उन्हें सच में लगता था कि उनकी शिक्षा और पेशेवर काम के संदर्भ में अंग्रेजी को उनकी पहली भाषा माना जा सकता है। उन्होंने पैनल को लिखित में बताया कि उन्हें यह नहीं पता था कि यूके के नियमों के अनुसार “पहली भाषा” का मतलब रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली मुख्य भाषा होता है। सुनवाई के बाद पैनल ने कहा कि यह उनकी अंग्रेजी क्षमता की कमी छिपाने की कोशिश थी और इसे बेईमानी माना गया।
UK में भारतीय मूल की स्पीच एंड लैंग्वेज थेरेपिस्ट बर्खास्त:अंग्रेजी न समझ पाने पर नौकरी गई, फॉर्म में गलत जानकारी देने का आरोप

यूके में एक भारतीय मूल की स्पीच एंड लैंग्वेज थेरेपिस्ट साई कीर्तना श्रीपेरंबुदुरु को अंग्रेजी ठीक से न समझ पाने और आवेदन में गलत जानकारी देने के आरोप में नौकरी से निकाल दिया गया। कारण यह रहा कि वह मरीजों और सहकर्मियों की बात ठीक से समझ नहीं पा रही थीं। यह मामला जून 2024 का हो, लेकिन इसकी जानकारी अब सामने आई है। र्कीतना ने अक्टूबर 2023 में यॉर्क एंड स्कारबरो टीचिंग हॉस्पिटल्स NHS ट्रस्ट जॉइन किया था। जॉइनिंग के कुछ ही समय बाद सहकर्मियों को पता चला कि वह मरीजों और स्टाफ की अंग्रेजी ठीक से समझ नहीं पा रही थीं। स्पीच थेरेपिस्ट होने के बावजूद उन्हें उच्चारण, व्याकरण और बातचीत समझने में समस्या थी। अंततः जून 2024 में उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। अंग्रेजी फर्स्ट लैंग्वेज का दावा गलत निकला आवेदन में कीर्तना ने अंग्रेजी को अपनी पहली भाषा बताया था, लेकिन बाद में रिव्यू मीटिंग में स्वीकार किया कि उनकी मातृभाषा तेलुगु है। बाद में दिसंबर में उन्होंने बताया कि वह नौकरी के साथ-साथ अंग्रेजी सुधारने के लिए क्लास भी ले रही थीं। इस मामले में एक और अहम बात सामने आई कि नौकरी के आवेदन में उन्होंने अंग्रेजी को अपनी ‘फर्स्ट लैंग्वेज’ बताया था। जबकि फॉर्म के नियमों के अनुसार, ‘फर्स्ट लैंग्वेज’ वही मानी जाती है जो व्यक्ति रोजमर्रा की जिंदगी में सबसे ज्यादा इस्तेमाल करता हो। केवल अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करना इसे पहली भाषा नहीं बनाता। आमने-सामने की बातचीत से बचना चाहती थी कीर्तना कीर्तना के मैनेजर ने यह भी बताया कि इंटरव्यू के दौरान उसने चैट बॉक्स के जरिए सवाल पूछने का अनुरोध किया था, यानी आमने-सामने बातचीत से बचना चाहती थीं। इसे असामान्य माना गया, खासकर इसलिए क्योंकि वह उस समय यूके में ही रह रही थीं। अस्पताल ट्रस्ट के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि साई कीर्तना अक्टूबर 2023 से जून 2024 तक काम पर थीं और जून में उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। कीर्तना ने इस फैसले को चुनौती दी और कहा कि उनकी पढ़ाई अंग्रेजी में हुई है, इसलिए इसे उनकी पहली भाषा माना जाना चाहिए। लेकिन पैनल ने इस तर्क को नहीं माना। पैनल का कहना था कि उन्होंने नौकरी पाने के लिए गलत जानकारी दी और यह धोखा देने की कोशिश थी। इसके बाद उन्हें रजिस्टर से हटा दिया गया। ट्रिब्यूनल ने क्या कहा आवेदन फॉर्म में साफ लिखा होता है कि “क्या अंग्रेजी आपकी पहली भाषा है?” इसका जवाब ‘हां’ तभी देना चाहिए, जब अंग्रेजी आपकी रोजमर्रा की मुख्य भाषा हो। सिर्फ अंग्रेजी में पढ़ाई करने से यह पहली भाषा नहीं मानी जाती। डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, साई कीर्तना का कहना था कि उन्हें सच में लगता था कि उनकी शिक्षा और पेशेवर काम के संदर्भ में अंग्रेजी को उनकी पहली भाषा माना जा सकता है। उन्होंने पैनल को लिखित में बताया कि उन्हें यह नहीं पता था कि यूके के नियमों के अनुसार “पहली भाषा” का मतलब रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली मुख्य भाषा होता है। सुनवाई के बाद पैनल ने कहा कि यह उनकी अंग्रेजी क्षमता की कमी छिपाने की कोशिश थी और इसे बेईमानी माना गया।
जबलपुर में शातिर मोबाइल चोर गिरफ्तार:20 हजार का मोबाइल 1 हजार में बेचता था आरोपी, 1.11 लाख के 6 फोन जब्त

जबलपुर रेलवे स्टेशन पर चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान के दौरान जीआरपी पुलिस ने एक शातिर मोबाइल चोर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से विभिन्न कंपनियों के छह महंगे मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 1 लाख 11 हजार रुपए है। जीआरपी थाना प्रभारी संजीवनी राजपूत ने बताया कि अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध युवक को पकड़ा गया। पूछताछ में उसकी पहचान नाथूराम बर्मन (28) निवासी ग्राम शीतलपुर, थाना शाहपुरा भिटोनी के रूप में हुई। तलाशी लेने पर उसके पास से महंगे मोबाइल फोन बरामद हुए। आरोपी मोबाइल बेचने की फिराक में था, लेकिन वह इन फोनों से संबंधित कोई बिल या वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने सभी मोबाइल जब्त कर आरोपी नाथूराम बर्मन के खिलाफ धारा 317(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी नाथूराम बर्मन थाना निगरानी बदमाश है और उसके खिलाफ चोरी तथा अन्य मामलों के करीब 18 प्रकरण पहले से ही दर्ज हैं। पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह 20 से 30 हजार रुपए के मोबाइल फोन को 1 से 2 हजार रुपए में बेच देता था। वह अब तक एक दर्जन से अधिक फोन विभिन्न गांवों और स्टेशन के यात्रियों को बेच चुका है।
गर्मी की थकान और कमजोरी होगी गायब! बस डाइट में शामिल करें ये देसी चीजें, एकदम रहेंगे फिट

Last Updated:April 14, 2026, 17:04 IST गोरखपुर समेत पूरे भारत में गर्मियों के मौसम में शरीर को ठंडक और ऊर्जा की अधिक जरूरत होती है. ऐसे में पारंपरिक भारतीय खानपान में शामिल अचार, मुरब्बा और प्राकृतिक पेय न सिर्फ स्वाद बढ़ाते हैं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद होते हैं. सही तरीके से इनका सेवन करने से लू, डिहाइड्रेशन और पाचन संबंधी समस्याओं से राहत मिलती है और शरीर स्वस्थ बना रहता है. गोरखपुर में गर्मियों के मौसम में शरीर को ठंडक, ऊर्जा और पोषण की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. ऐसे में पारंपरिक भारतीय खानपान में शामिल अचार, मुरब्बा और सिरका न सिर्फ स्वाद बढ़ाते हैं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद होते हैं. सही तरीके से इनका सेवन करने से लू, डिहाइड्रेशन और पाचन संबंधी समस्याओं से बचाव किया जा सकता है. अमड़ा (हॉग प्लम) का अचार गर्मियों में बहुत फायदेमंद माना जाता है. इसमें विटामिन C भरपूर मात्रा में होता है, जो शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करता है. इसका खट्टा-तीखा स्वाद भूख बढ़ाता है और पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है. साथ ही, यह गर्मी में होने वाली सुस्ती और कमजोरी को दूर करने में भी सहायक होता है. रेड चेरी का मुरब्बा एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है. यह शरीर को ठंडक देता है और त्वचा को हेल्दी बनाए रखने में मदद करता है. इसके सेवन से थकान कम होती है और शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है, जिससे गर्मी में कमजोरी महसूस नहीं होती. Add News18 as Preferred Source on Google आम का खेचा (कच्चे आम से बना) गर्मियों में बेहद लोकप्रिय होता है. यह लू से बचाव करने के साथ शरीर के इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित रखने में मदद करता है. इसमें मौजूद खट्टापन पाचन को बेहतर बनाता है और पेट से जुड़ी समस्याओं को कम करने में सहायक होता है. गन्ने से बना मुरब्बा शरीर को तुरंत ऊर्जा देने का काम करता है. यह ठंडक प्रदान करता है और शरीर में पानी की कमी को दूर करने में मदद करता है. गर्मियों में कमजोरी और थकान से राहत दिलाने के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है. नींबू का मसाला या अचार विटामिन C का अच्छा स्रोत होता है. यह पाचन को सुधारता है और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है. गर्मियों में इसका सेवन करने से पेट हल्का रहता है और गैस, अपच जैसी समस्याएं कम होती हैं. आंवले का मुरब्बा सेहत के लिए बेहद लाभकारी होता है. इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन C पाया जाता है, जो इम्युनिटी को मजबूत बनाता है. यह आंखों, बालों और त्वचा के लिए भी फायदेमंद होता है और गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है. हरड़ का मुरब्बा पाचन तंत्र को दुरुस्त करने के लिए जाना जाता है. यह कब्ज, गैस और पेट से जुड़ी समस्याओं में राहत देता है. गर्मियों में जब पाचन कमजोर हो जाता है, तब इसका सेवन काफी फायदेमंद साबित होता है. First Published : April 14, 2026, 17:04 IST
मुंबई कॉन्सर्ट में ड्रग ओवरडोज से 2 की मौत:दोनों MBA स्टूडेंट, पुलिस बोली- पता नहीं कौन सा नशा किया था; 5 आरोपी गिरफ्तार

मुंबई के गोरेगांव में एक इवेंट में ड्रग के ओवरडोज से 2 लोगों की मौत हो गई। घटना नेस्को सेंटर की है, जहां 11 अप्रैल की रात एक म्यूजिक कॉन्सर्ट था। मरने वाले युवक और युवती MBA स्टूडेंट्स हैं। अभी यह साफ नहीं हो सका है कि मरने वालों ने कौन सा नशीला पदार्थ लिया था। मुंबई के वनराई पुलिस स्टेशन में इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। अब तक इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से एक व्यक्ति इस इवेंट से जुड़ा हुआ है। पुलिस का दावा है कि मरने वालों को ड्रग्स देने वाला व्यक्ति भी स्टूडेंट है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी से छह से सात गोलियां बरामद की गई हैं। मामले को 4 पॉइंट्स में समझें… पुलिस इंवेंट से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही नेस्को सेंटर ने कहा कि वह जांच में पूरी तरह सहयोग कर रहा है। प्रवक्ता ने बताया कि हम इस मामले की गंभीरता को समझते हैं। अधिकारियों को हर संभव जानकारी और सहायता दे रहे हैं, ताकि सच्चाई जल्द सामने आ सके। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक इवेंट ऑर्गनाइजर विहान उर्फ आकाश सामल, नेस्को इवेंट ऑर्गनाइजेशन एंड मैनेजमेंट से जुड़े सनी विनोद जैन, इंटरनल सिक्योरिटी टीम के सदस्य बालकृष्णन बलराम और दो अन्य छात्रों को भी गिरफ्तार किया गया है। ————— ये खबर भी पढ़ें… पंजाबी महिला ड्रग डीलर को 15 साल कैद:केटामाइन क्वीन के नाम से फेमस, हॉलीवुड सेलिब्रिटीज कस्टमर; ड्रग्स लेने से एक्टर की हुई मौत अमेरिका में केटामाइन क्वीन के नाम से फेमस पंजाबी मूल की महिला जसवीन संघा को 15 साल की सजा सुनाई गई है। लॉस एंजेलिस फेडरल कोर्ट के जज शेरिलिन पीस गार्नेट ने 8 अप्रैल को सजा सुनाते हुए कहा कि संघा ने हाई-प्रोफाइल क्लाइंट्स को ड्रग्स सप्लाई कर लग्जरी जिंदगी जी। पूरी खबर पढ़ें…
गैंगवार में युवक को मारी गोली, 4दिन में तीसरी वारदात:धार्मिक नगरी में दहशत; आगजनी और फायरिंग में 6 बदमाश गिरफ्तार

उज्जैन में गैंगवार की घटनाओं ने पुलिस की नींद उड़ा दी है। चार दिन में तीसरी वारदात सामने आई, जिसमें बीती रात शहर में फिर गोलीबारी हुई और एक युवक घायल हो गया। लगातार हो रही घटनाओं से धार्मिक नगरी में दहशत का माहौल है। वहीं, हिस्ट्रीशीटर बदमाश के घर में आगजनी के मामले में चिमनगंज पुलिस ने संदिग्ध बदमाशों की धरपकड़ कर कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सोमवार रात करीब एक बजे विष्णुपुरा निवासी लव सांडिया, दोस्त की बारात से लौटने के बाद हिरामिल क्षेत्र स्थित ब्रिज के नीचे खड़ी बाइक लेने जा रहा था। इसी दौरान उस पर पिस्टल से फायरिंग की गई, जिसमें वह घायल हो गया। लव के अनुसार, अनमोल और उसके साथी जय बच्चा ने पुरानी रंजिश के चलते उस पर हमला किया। एक गोली उसे छूकर निकल गई, जबकि दूसरी उसके पैर में लगी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। गोली की आवाज सुनकर लव के दोस्त ध्रुव और देव मौके पर पहुंचे और उसे तुरंत कार से अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलते ही देवासगेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जय बच्चा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी अनमोल फरार है। घायल लव ने बताया कि करीब एक साल पहले विशाल सांडिया से उसका विवाद हुआ था। अनमोल, विशाल का साथी है और उसी रंजिश के चलते उस पर हमला किया गया। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है। चार दिन में तीसरी घटना 10 अप्रैल को ढांचा भवन क्षेत्र में 12वीं के छात्र अतीक माहोरकर जांघ में गोली लगने से घायल हो गया था। अतीक, जिसे बदमाश रोशन का साथी माना जाता है, ने छंबू बुंदेला गैंग के सदस्य आला बाथम पर गोली मारने का आरोप लगाया था, हालांकि पुलिस इसे संदिग्ध मान रही थी। इसके बाद 11 अप्रैल की रात करीब एक दर्जन बदमाशों ने रौनक गुर्जर के घर पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। घटना का वीडियो दो दिन बाद वायरल होने पर पुलिस हरकत में आई। वहीं, 13 अप्रैल की रात एक बार फिर गोलीकांड ने शहर की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। आधा दर्जन बदमाश गिरफ्तार रौनक गुर्जर और बुंदेला गैंग के बीच लंबे समय से रंजिश चल रही है। रौनक के घर में आगजनी के मामले में अब तक कोई औपचारिक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई, लेकिन पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कमल परमार सहित आधा दर्जन बदमाशों को गिरफ्तार कर उनका जुलूस निकाला। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि लव पर गोली चलाने के मामले में जय को गिरफ्तार किया गया है, जबकि आगजनी प्रकरण में राहुल को पकड़ा गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
ग्लोबल बॉक्स ऑफिस:‘द सुपर मारियो गैलेक्सी’ बनी 2026 की सबसे बड़ी फिल्म; दुनियाभर में कमाए ₹5,200 करोड़

हॉलीवुड में 2026 की बॉक्स ऑफिस रेस में ‘द सुपर मारियो गैलेक्सी’ ने बाजी मार ली है। मारियो फ्रेंचाइज की इस नई फिल्म ने दुनियाभर में 629 मिलियन डॉलर (लगभग 5,200 करोड़ रुपए) की कमाई के साथ साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म का खिताब अपने नाम कर लिया है और अब यह 1 बिलियन डॉलर क्लब की ओर तेजी से बढ़ रही है। फिल्म ने रिलीज के दूसरे वीकेंड में ही जबरदस्त रफ्तार पकड़ी। अमेरिका और कनाडा के 4,284 थिएटर्स से इसे 69 मिलियन डॉलर करीब 570 करोड़ रुपए) की कमाई मिली, जिससे इसका घरेलू कलेक्शन 308.1 मिलियन डॉलर (लगभग 2,550 करोड़ रुपए) तक पहुंच गया। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में भी फिल्म ने 81 देशों से 83.5 मिलियन डॉलर (करीब 690 करोड़ रुपए) जुटाकर अपनी ग्लोबल पकड़ मजबूत कर ली है। हालांकि, फ्रेंचाइज की पिछली फिल्म ‘द सुपर मारियो ब्रॉस’ ने दूसरे वीकेंड तक 2,930 करोड़ रुपए लगभग की घरेलू कमाई की थी। आखिर में 10,800 करोड़ का आंकड़ा पार किया था।
शाजापुर में जर्जर पीएम रूम में हो रहा पोस्टमार्टम:डॉक्टरों को हादसे का खतरा, कुंडी टूटने से गेट पर हथकड़ी का ताला

शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया में बना पोस्टमार्टम रूम खराब हालत में है। यहां की बिल्डिंग इतनी जर्जर हो चुकी है कि डॉक्टरों को डर के साये में काम करना पड़ता है। सुरक्षा का आलम यह है कि पीएम रूम के गेट पर ताला लगाने के लिए पुलिस को हथकड़ी का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। पीएम रूम की दीवारें इतनी कमजोर हो गई हैं कि वे कभी भी गिर सकती हैं। इसके आसपास सफाई का नामोनिशान नहीं है और भारी बदबू फैली रहती है। खुले में ग्लव्स, खराब कपड़े और खून से सना मेडिकल कचरा पड़ा रहता है, जिससे बीमारी फैलने का डर है। बड़ी बात यह है कि इसी के पास पीने के पानी की टंकी भी बनी हुई है। नई बिल्डिंग की मांग अब तक अधूरी स्थानीय निवासी दीपक जैन ने बताया कि पीएम रूम की हालत सुधारने या नया बनवाने के लिए कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। बीजेपी मंडल अध्यक्ष जगदीश पाल का कहना है कि यह बहुत पुराना अस्पताल है और फिलहाल कोई और जगह न होने की वजह से इसी जर्जर कमरे में काम चलाना पड़ रहा है। उन्होंने जल्द ही नए पीएम रूम के लिए बड़े अधिकारियों से बात करने का भरोसा दिया है। अधिकारियों का क्या कहना है? बीएमओ डॉ. आर.सी. चक्रवर्ती ने बताया कि उनसे पहले के अधिकारियों ने भी इस समस्या के बारे में ऊपर जानकारी दी थी। उन्होंने कहा कि वे एक बार फिर बड़े अफसरों को इस स्थिति के बारे में बताएंगे ताकि जल्द ही नई व्यवस्था हो सके।
बंगाल में सांसद भूचाल: टीएमसी का हमला- ईडी बनी ‘बेहद हताश’, बीजेपी-वामपंथी बोले- गठबंधन का नेटवर्क शामिल

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक 10 दिन पहले I-PAC के संस्थापक विनेश चंदेल की गर्लफ्रेंड ने राजनीति में तूफान खड़ा कर दिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के खिलाफ इस कार्रवाई को लेकर एक तरफ जहां लोकतंत्र पर हमला बोल रही है, वहीं बीजेपी और वाम दल इसे मजबूत करने के सख्त कदम दे रहे हैं। ऐसे में इस मामले में अब सिर्फ कानूनी जांच नहीं, बल्कि निर्वाची जंग का बड़ा भुगतान हो चुका है। एडी ने 13 अप्रैल को विनेश चंदेल को कथित कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। 13 अप्रैल की शाम को ही दिल्ली की अदालत ने उन्हें 10 दिन की एचडी कस्टडी में भेज दिया। एजेंसी का आरोप है कि I-PAC के माध्यम से करोड़ों रुपये की देनदारी लेन-देन, दिवालियापन चैनल और अनएकाउंटेड कैश का इस्तेमाल किया गया। जांच के अनुसार, चंदेल ने कथित तौर पर फंडों को दो मानदंडों में विभाजित किया – बैंकिंग और कैश – में बैंकर सिस्टम में निवेश और निवेश खर्च और सार्वजनिक प्रसार को प्रभावित करने के लिए इसका इस्तेमाल किया गया। एचडी का दावा है कि एनसिकॉर्ड लोन से फर्जी तरीके से करीब 3.5 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की कोशिश की गई। ब्रह्मांड का हमला- यह विचारधारा हैइस कार्रवाई पर अनैच्छिक ने केंद्र सरकार और एचडीएफसी पर सीधा हमला बोला है। पार्टी नेता डेरेक ओब्रायन ने कहा, ‘हम विनेश चंदेल की रिहाई और बिना शर्त रिलीज की मांग कर रहे हैं।’ हम मांग करते हैं कि चुनाव से पहले बंगाल से केंद्रीय आरक्षण को हटाया जाए.’ उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘जिस ऑर्गनाइजेशन को पहले डॉक्टर ने कहा था, उसने कल रात अपना नया नाम रख लिया है- बेहद हताश। मतदान से 10 दिन पहले यह कानून का पालन नहीं, बल्कि बेरोजगारी है।’ डेरेक ओ’ब्रायन ने एचडी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘हम पहले भी कह चुके हैं और फिर मूर्ति-पीएमएलए के तहत सिर्फ 0.1 प्रतिशत मामलों में सजा होती है। 25 में 23 से 23 सुपरस्टार्स लीडर पर केस हैं, लेकिन जैसे ही बीजेपी में शामिल होते हैं, उन्हें ‘निरमा’ मिल जाता है और सब साफ हो जाते हैं। यह एक राजनीतिक उपकरण है, जिसे सभी जानते हैं।’ अभिषेक बनर्जी का युद्ध- डर का मोहरा बना हुआ हैलोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया गया लोकतंत्र के राष्ट्रीय महासचिव महासभा ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया। उन्होंने कहा, ‘बंगाल चुनाव से 10 दिन पहले I-PAC के सह-संस्थापक विनेश चंदेल की गर्लफ्रेंड सिर्फ पार्टिसिपेट नहीं है, यह अध्येता के मैदान की पूरी अवधारणा को हिला देती है।’ उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ‘अगर आप कलाकारों के साथ काम करते हैं, तो आप अगला उत्पाद बन सकते हैं। यह लोकतंत्र नहीं, यह लोकतंत्र की राजनीति है।’अभिषेक बैंच ने गांगुली पर आरोप लगाते हुए कहा, ‘जिन लोगों पर गंभीर गरीबों के आरोप हैं, वे जैसे ही पाला बंगले हैं, उन्हें संरक्षण मिल जाता है, जबकि बाकी लोगों को राजनीतिक सुविधा के दायरे से बाहर कर दिया जाता है।’ जनता अब सब देख रही है।’ बीजेपी और वाम का पलटवार- समर्थकों का नेटवर्क संपर्कजहां कश्मीर इसे साजिश के खिलाफ बता रही है, वहीं भाजपा और वाम आश्रम ने इस अपराधी को बंधक बनाने की बड़ी कार्रवाई बताई है। बिहार के मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा, ‘आपने देखा होगा कि मुख्यमंत्री ममता दीदी कैसे I-PAC के पास पहुंच गईं, संवैधानिक संविधान को भंग कर दिया गया, जांच के दौरान अधिकारियों से दस्तावेज़ ले लिया गया। अब उनका असली रंग सामने आ गया है. यह सारा सामान मित्रता के संरक्षण में हो रहा था। ‘बंगाल की जनता को लूटा जा रहा था।’ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया, ‘I-PAC के राजनीतिक सलाहकार के नाम पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का नाम शामिल हो गया है। यह कंसल्टेंसी सिर्फ एक दिखावा है। ये लोग अलौकिक के काले धन को छिपाते और बचाते हैं। आज कोल ऑर्केस्ट्रा से सीधा संबंध सामने आया है। जांच आगे बढ़ें और कई लोग गिरफ़्तार होंगे।’ सीपीआई (एम) नेता बिकाश रंजन भट्टाचार्य ने कहा, ‘आई-पीएसी क्लासिक के लिए एक शेल कंपनी है, जिसके जरिए अलग-अलग तरह के सेलेब्रिटी पैसे को इधर-उधर कर दिया जाता है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री ने डीडी को रोकने की कोशिश के दौरान जांच की। अभिषेक बनर्जी और उनके सहयोगी ममता बनर्जी के समर्थक हैं और वे किसी भी पद पर निर्वाचित से मठाधीश हैं।’ एचडी की कार्रवाई क्यों? I-PAC के सह-संस्थापक विनेश चंदेल को प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग और कथित आरोपी लेन-डेन मामले में गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद दिल्ली की अदालत ने उन्हें 10 दिन की मोहलत में भेज दिया। चंदेल, जो एनएलआईयू भोपाल से लॉ के ग्रेजुएट हैं और कंपनी में 33 प्रतिशत शेयरधारक हैं, शाम 7.45 बजे पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया और देर रात कोर्ट में पेश किया गया। यह कार्रवाई 28 मार्च को पीएमएलए केस के तहत दर्ज की गई, जो दिल्ली पुलिस की एफआईआर पर आधारित है। आरोप है कि I-PAC ने फर्जी अकाउंटिंग और अनएकाउंटेड फंडों के माध्यम से फाइनेंस कंपनियों को छुपाया। डी.एच.डी. के अनुसार, चंदेल के नेतृत्व वाली कंपनी ने फंडों को कैश चैनलों में बांटकर उनकी असली प्रकृति छिपाई और करीब 3.5 करोड़ रुपए के फर्जी लोन के रूप में सिस्टम में डाला। एजेंसी का दावा है कि इसमें मनी लॉन्ड्रिंग खर्च और जनमत को प्रभावित करने का इस्तेमाल किया गया, जबकि कुल 50 करोड़ रुपये तक मनी लॉन्ड्रिंग का खतरा है। प्रोटोटाइप के दौरान सार्वभौम पुरातत्व की कोशिश के आरोप भी लगे हैं. वहीं बचाव पक्ष ने इसे चुनाव से पहले राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाई बताया है। जांच या राजनीतिक रणनीति?इस पूरी घटना पर कई बड़े सवाल नीचे दिए गए हैं। क्या यह कार्रवाई कानून के तहत आवश्यक जांच है, या फिर चुनाव से पहले नामांकन की रणनीति को पूरा करना है? एक तरफ के गंभीर आरोप हैं-हवाला, फर्जी फंडिंग और करोड़ों के लेन-देन। दूसरे पक्ष का आरोप है कि विचारधारा का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। यह भी पढ़ें:-एक्सक्लूसिव: ‘ईसीआई के खिलाफ दायर जनहित याचिका’, चुनाव आयोग ने क्यों भड़के असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी(टी)टीएमसी(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव
रणवीर सिंह ने क्या ध्रुव राठी को किया रोस्ट:धुरंधर की आलोचना पर पोस्टर के जरिए दिया जवाब; ससुर के साथ पहली बार एड में दिखे

रणवीर सिंह इन दिनों अपनी फिल्मों ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ की सफलता के बाद सुर्खियों में हैं। अब एक्टर पहली बार अपने ससुर और पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण के साथ एक विज्ञापन में नजर आए हैं। लेकिन इसकी चर्चा की वजह सिर्फ ससुर-दामाद की जोड़ी नहीं है। वीडियो के बैकग्राउंड में एक फिल्म का पोस्टर लगा है। पोस्टर पर रणवीर सिंह की फोटो है और फिल्म का नाम ‘बवंडर: द टॉरनेडो’ (Bavandar: The Tornado) लिखा है। फैंस का दावा है कि इस विज्ञापन के जरिए रणवीर ने यूट्यूबर ध्रुव राठी पर निशाना साधा है। दरअसल, ध्रुव राठी ने रणवीर की फिल्म ‘धुरंधर’ की आलोचना करते हुए अपने वीडियो में एक काल्पनिक फिल्म ‘ऑपरेशन बवंडर’ का नाम लिया था। पोस्टर के जरिए ध्रुव राठी पर तंज RuPay के इस कमर्शियल में रणवीर सिंह और प्रकाश पादुकोण पेमेंट के फायदों पर बात कर रहे हैं। एक सीन में दोनों थिएटर में बैठे हैं, जहां बैकग्राउंड में एक फिल्म का पोस्टर लगा है। पोस्टर पर रणवीर सिंह की फोटो है और फिल्म का नाम ‘बवंडर: द टॉरनेडो’ (Bavandar: The Tornado) लिखा है। फैंस ने तुरंत इसे ध्रुव राठी से जोड़ दिया। फैंस ने पकड़ी ‘पीक डिटेलिंग’ सोशल मीडिया यूजर्स विज्ञापन की बारीकियों की तारीफ कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “रणवीर ने ध्रुव राठी के बवंडर वाले जोक को उन्हीं पर पलट दिया है, यह कमाल की डिटेलिंग है।” विज्ञापन में रणवीर अपने ससुर को ‘पप्पा’ कहते दिखते हैं। बता दें कि दीपिका पादुकोण भी अपने पिता को इसी नाम से बुलाती हैं। एक अन्य सीन में रणवीर हाथ में यूनिकॉर्न पकड़े हैं, जिसे फैंस उनके ‘गर्ल डैड’ (बेटी के पिता) होने से जोड़कर देख रहे हैं। ध्रुव राठी ने बताया था ‘चुनावी विज्ञापन’ यूट्यूबर ध्रुव राठी ने अपने पिछले वीडियो में फिल्म ‘धुरंधर’ और इसके सीक्वल को सत्ताधारी पार्टी का प्रोपेगैंडा बताया था। ध्रुव ने कहा था कि ‘धुरंधर 2’ मनोरंजन के लिए नहीं बनी है, बल्कि यह बीजेपी का सबसे महंगा चुनावी विज्ञापन है, जिसे देखने के लिए दर्शक 500 रुपए दे रहे हैं। उन्होंने फिल्म में नोटबंदी को सही दिखाने के दावों पर भी सवाल उठाए थे।







