सुप्रीम कोर्ट बोला- मध्यप्रदेश सरकार अवैध खनन रोकने में विफल:कहा- चंबल नदी के पुल की नींव तक खुदाई; वन रक्षक की हत्या का जिम्मेदार कौन

मध्यप्रदेश के मुरैना में वन रक्षक की हत्या और चंबल नदी पर बने पुल की नींव तक अवैध खनन के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने इन घटनाओं को गंभीर बताते हुए राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि रेत माफिया पुल की नींव तक खोद रहे हैं और वन अधिकारियों को कुचलकर मार रहे हैं, तो ऐसे में राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े होते हैं। कोर्ट ने पूछा कि यदि पुल गिर जाता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। अधिकारियों की मिलीभगत हो सकती है सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि ये घटनाएं संकेत देती हैं कि या तो राज्य सरकार अवैध खनन रोकने में विफल रही है या फिर इसमें अधिकारियों की मिलीभगत हो सकती है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह सब राज्य सरकार की निगरानी में हो रहा है, जो बेहद चिंताजनक है। पुल की नींव तक की गई खुदाई जानकारी के अनुसार, राजस्थान और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे-44 का चंबल पुल मुरैना के राजघाट क्षेत्र में स्थित है। इस पुल के कई पिलरों के नीचे रेत माफिया द्वारा करीब 15 फीट तक खुदाई किए जाने की बात सामने आई है, जिससे संरचना की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। यह भी पूछा सुप्रीम कोर्ट ने क्या मुरैना पुलिस प्रशासन को चंबल नदी में अवैध रेत उत्खनन होता दिखाई नहीं देता क्या प्रशासन अंधा है। अवैध उत्खनन रोकने के क्या क्या प्रयत्न किए गए? यह क्यों रुक नहीं पा रहा? इस सब की जानकारी सुप्रीक कोर्ट ने मांगी है। वन रक्षक हत्या मामले में मांगी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने वन रक्षक की हत्या के मामले में अब तक की जांच की स्थिति रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज पेश करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया है, जो 17 अप्रैल को सुनाया जाएगा। सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ राज्यों में वन अधिकारियों को रेत माफिया पर कार्रवाई के लिए विशेष अधिकार दिए गए हैं। इसी तरह मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों ने भी केंद्र से ऐसे अधिकारों की मांग की है, ताकि अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। बता दें कि 8 अप्रैल को वन आरक्षक की ट्रेक्टर से कुचल कर हत्या के बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्वयं इस मामले को संज्ञान में लिया है और वन आरक्षक हरकेश गुर्जर को हत्या के मामले में मुरैना पुलिस से जानकारी मांगी गई। इसमें सोमवार को मुरैना पुलिस की ओर से अपनी दलील में हत्या के तीनों आरोपी को गिरफ्तार बताए। यह भी पढ़ें… यह खबर भी पढ़ें चंबल में 100 ट्रैक्टर–डंपरों का VIDEO चंबल में अवैध रेत खनन खुल्लम खुल्ला हो रहा है। 1000 से ज्यादा डंपर, ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली नदी में रेत के लिए दिनभर फर्राटा भर रहे हैं। माफिया जेसीबी से नदी को खोखला कर रहे हैं, लेकिन कोई देखने वाला नहीं है। हालात ऐसे हैं कि एसपी ऑफिस, 6 थाने के सामने से यह वाहन दिनभर दौड़ते हैं, लेकिन इन्हें कोई रोकने वाला नहीं है। पूरी खबर पढ़िए… BJP नेताओं के ट्रैक्टर ने वन रक्षक को कुचला, मौत:मुरैना में मंडल मंत्री-उपाध्यक्ष हैं पार्टनर मुरैना में रेत का अवैध परिवहन कर रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली ड्राइवर ने वन रक्षक को कुचल दिया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात दिमनी थाना इलाके में रानपुर गांव चौराहे के पास बुधवार सुबह करीब 6 बजे की है। पुलिस ने बताया कि वन विभाग की 6 सदस्यीय टीम रूटीन गश्त पर निकली थी। इसी दौरान सामने से रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली आती दिखी। टीम ने रुकने का इशारा किया तो ड्राइवर विनोद कोरी ने रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भागने की कोशिश की। पूरी खबर पढ़िए…
गर्मियों में मिलने वाला ये छोटा गोल-मटोल फल, शरीर को दे ठंडक, एनर्जी करे बूस्ट, खाएंगे तो होंगे ये बड़े फायदे

Last Updated:April 13, 2026, 23:57 IST Falsa khane ke fayde: फालसा गर्मियों में शरीर को अंदर से ठंडक देने का काम करता है और लू से बचाव करता है. यह पसीने की वजह से होने वाली कमजोरी को कम करता है. इसका रस प्राकृतिक टॉनिक की तरह काम करता है और शरीर को तुरंत एनर्जी देता है. जानिए, फालसा फल के अन्य सेहत लाभ और सेवन का सही तरीका. फालसा खाने के फायदे. Falsa khane ke fayde: गर्मी का मौसम शुरू होते ही थकान, लू लगना और एनर्जी की कमी जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. ऐसे समय में एक खास खट्टा-मीठा फल बाजार में मिलता है, जिसे फालसा कहा जाता है. यह फल शरीर को प्राकृतिक रूप से ठंडक और ताजगी प्रदान करता है और कमजोरी को दूर करने में मदद करता है. जानिए फालसा किस तरह से गर्मियों में शरीर को लाभ पहुंचाता है. फालसा के पौष्टिक तत्वफालसा का वैज्ञानिक नाम ग्रेविया एशियाटिका है और यह भारत के पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे शुष्क क्षेत्रों में उगाया जाता है. इसमें विटामिन ए, विटामिन सी, कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. साथ ही इसमें मैग्नीशियम, पोटेशियम, सोडियम और प्रोटीन भी मौजूद होते हैं, जबकि इसमें कैलोरी और फैट बहुत कम होता है. ये सभी पोषक तत्व इसे एक बेहतरीन इम्युनिटी बूस्टर बनाते हैं. गर्मियों में फालसा के फायदेफालसा गर्मियों में शरीर को अंदर से ठंडक देने का काम करता है और लू से बचाव करता है. यह पसीने की वजह से होने वाली कमजोरी को कम करता है. इसका रस प्राकृतिक टॉनिक की तरह काम करता है और शरीर को तुरंत एनर्जी देता है. फालसा के आयुर्वेदिक लाभआयुर्वेद के अनुसार, फालसा खून की कमी यानी एनीमिया में फायदेमंद माना जाता है. यह त्वचा की जलन, पेट की जलन, पित्त विकार, हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और पाचन संबंधी समस्याओं में राहत देता है. यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है और कब्ज व दस्त दोनों को नियंत्रित करने में मदद करता है. इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर को कई बीमारियों से बचाने में सहायक होते हैं. फालसा खाने के तरीके और सावधानियांफालसा को ताजा खाया जा सकता है, इसका जूस या शरबत बनाया जा सकता है और इसे सलाद या चाट में भी इस्तेमाल किया जा सकता है. इसका स्वाद खट्टा-मीठा होता है, इसलिए कुछ लोगों को अधिक मात्रा में सेवन करने पर हल्की एलर्जी या पेट की समस्या हो सकती है. इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 13, 2026, 23:57 IST
‘बीजेपी ने हमें लिखा था कि…’, कांग्रेस पार्टी की मां ने कहा- बंगाल के मैदान में कैसे उतरें

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल की सबसे बड़ी डकैती और हत्याकांड आरजी कर अस्पताल की पीड़ित महिला डॉक्टर की मां को बीजेपी ने मैदान में उतारा है। अब ऐसे में महिला सुरक्षा निवेशकों सहित राज्य में महिलाओं के मुद्दे पर अड़े हाथ ले रही है। दो साल पहले हुआ था यह हत्याकांड ने राज्य की राजधानी भूचाल ला दिया था। उत्तर 24 परगना जिले के पानीहाटी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने पीड़ित डॉक्टर की मां को टिकट दिया है। भाजपा को पत्र लिखकर मांग की गई थी टिकटें, स्मृति ईरानी ने नामांकन नामांकन पत्र जारी किया थारत्ना देबनाथ एक आम महिला हैं। उनकी राजनीति से किसी भी तरह का कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन इस बार वो नॉचलिस्ट मैदान में उतर गए हैं. उनकी पिछली बीजेपी ने पूरी ताकत लगा दी है. भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के लिए उनकी नामांकन दाखिल की गई थी। 9 अप्रैल को उन्हें अपना नामांकन पद दिया गया। ईरानी दल बीजेपी महिलाओं के साथ मिलकर काम करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। वहीं, देबनाथ ने बताया कि उन्होंने ही बीजेपी से संपर्क किया था. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने बताया कि चुनाव लड़ना की इच्छा है। हमने बीजेपी को एक पत्र लिखा था. देबनाथ ने कहा कि उनकी 200 प्रतिशत की निश्चितता है कि वो चुनाव जीतेंगे। यह उनकी जीत की नहीं होगी. यह पूरे पानीहाटी क्षेत्र और बंगाल के लोगों की जीत होगी। उन्होंने कहा कि हमारी बेटी तो चली गई, लेकिन अब दूसरी युवा महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी रिकॉर्डिंग पर आ गई है। लोग भी कहते हैं कि बंगाल रत्ना के साथ खड़ा है। यहां, लोकतंत्र के खिलाफ़ जनता है। इस सीट पर बीजेपी का पलड़ा भारी, लोकतांत्रिक के खिलाफ लोगलोगों का यह भी कहना है कि जो महिला बच्चे रात 8 बजे बाहर कुर्सी से रुकती हैं, उन्हें भी रात 8 बजे के बाद अपनी कुर्सी से बाहर जाना चाहिए। इस सीट पर निर्मल घोष घोषाल से हैं। वह यहां 1996 से इस सीट पर जीत हासिल कर रही हैं। सबसे पहले उन्होंने यहां कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था। उन्होंने इस सीट पर 2001,2011,2016 और 2021 में जीत हासिल की। 2006 में जोड़ दिया गया, तो निर्मल घोष को सी क्वेश्चन के प्रतियोगी ने हरा दिया था। इस बार उनके बेटे तीर्थंकर घोष झील मैदान में हैं। यह तीर्थंकर का पहला चुनाव है। ऐसे में एक अजीबोगरीब राजनीतिक मुकाबला देखने को मिल सकता है। यह भी पढ़ें: मक्के में फिर हुआ मकबरा नाटक, 30 बजरे ने दिल्ली में डाला मकबरा, मकड़े में मकड़े की मांग
ऑपरेशन के बाद युवक की मौत पर सतना में हंगामा:परिजनों ने शव रखकर जाम किया; 20 करोड़ मुआवजा और डॉक्टरों पर केस की मांग

सतना में कथित तौर पर डॉक्टरों की लापरवाही के कारण सोमवार को एक युवक की रीवा में मौत हो गई। किडनी स्टोन के ऑपरेशन के बाद युवक को रीवा रेफर किया गया था। इस घटना से नाराज परिजनों ने सतना पहुंचकर जमकर हंगामा किया और मुआवजे की मांग की। परिजनों ने पहले कोलगवां थाना के पास शव रखकर हाईवे जाम किया। पुलिस द्वारा हटाए जाने के बाद, उन्होंने पाठक हॉस्पिटल के बाहर शव रखकर धरना प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तीन थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। परिजनों की मांग है कि अस्पताल के डॉक्टरों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। इसके साथ ही, मृतक के परिवार को 20 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए। किडनी के इलाज के लिए भर्ती किया था परिजनों का आरोप है कि युवक को किडनी के इलाज के लिए भर्ती किया गया था। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही से उसकी दूसरी किडनी भी क्षतिग्रस्त हो गई, जिसमें धागा बांधकर उसे रीवा रेफर कर दिया गया। रीवा में मरीज की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, पन्ना जिले के देवेंद्रनगर निवासी रवि रजक को किडनी में पथरी की शिकायत थी। परिजन उसे इलाज के लिए सतना के मुख्तियारगंज स्थित स्टार मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। जांच के बाद डॉक्टरों ने एक किडनी में गंभीर समस्या बताते हुए ऑपरेशन की सलाह दी। 4 अप्रैल को पाठक नर्सिंग होम में मरीज का करीब पांच घंटे तक ऑपरेशन चला। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने लापरवाही बरती और दूसरी स्वस्थ किडनी में भी कट लगा दिया। ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होते देख अस्पताल प्रबंधन ने उसे रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रेफर कर दिया। रीवा पहुंचने पर जांच और इमरजेंसी ऑपरेशन के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए, जिसके बाद मरीज की मौत हो गई। दूसरी किडनी में बंधा था धागा बताया गया कि दूसरी किडनी पर गहरा कट था, जिसे धागे से बांध दिया गया था। इससे खून का रिसाव हुआ और किडनी ने काम करना बंद कर दिया। रीवा के डॉक्टरों ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन संक्रमण और आंतरिक क्षति अधिक होने के कारण दूसरी किडनी को भी निकालना पड़ा। इसके बाद मरीज की हालत लगातार बिगड़ती गई और अंतत: उसकी मौत हो गई। पिता ने लगाए डॉक्टरों पर गंभीर आरोप मृतक के पिता गिरधारीलाल रजक ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को मामूली पथरी की समस्या थी, लेकिन पाठक अस्पताल के डॉ पुष्पेंद्र सिंह, डॉ राजीव पाठक और डॉ राजीव सिंह लापरवाही के कारण उसकी जान चली गई। उन्होंने बताया कि पहले सोनोग्राफी में पथरी की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद उन्हें किडनी विशेषज्ञ के पास भेजा गया। डॉक्टरों के कहने पर बेटे को पाठक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया और ऑपरेशन कर दिया गया, लेकिन इलाज के नाम पर गंभीर लापरवाही की गई। सीएसपी से भिडीं महिलाएं घटना के बाद परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। सोमवार देर रात उन्होंने कोलगवां थाना के सामने चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया गया। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाइश देकर मामला शांत कराया। इसके बाद पाठक हॉस्पिटल के पास शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सीएसपी देवेन्द्र सिंह और महिलाओं के बीच झड़प भी देखने को मिली। दरअसल महिलाओं को अस्पताल की ओर नहीं जाने दिया जा रहा था, ऐसे में वह आक्रोशित हो गईं। वायरल वीडियो में गिड़गिड़ाते नजर आए डॉक्टर पाठक हॉस्पिटल में किडनी का ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर पुष्पेन्द्र सिंह का एक वीडियो भी सामने आया। इसमें डॉक्टर पुष्पेन्द्र सिंह और मृतक के परिजनों के बीच बातचीत हो रही है। इस बातचीत में डॉक्टर ने अपनी गलती स्वीकारी। साथ ही इस मामले में तूल न देने की गुजारिश कर रहे हैं। यही नहीं वे अपनी जिम्मेदारी रीवा के अस्पताल पर थोपते हुए दिखाई दे रहे हैं। सीएमएचओ को पहले दे चुके थे शिकायत परिजनों ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, पोस्टमार्टम विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम से कराया जाए और दोषी डॉक्टरों व अस्पताल प्रबंधन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। बताया जाता है कि डॉक्टरों की लापरवाही के संबंध में परिजनों ने चार दिन पहले सीएमएचओ डॉ मनोज शुक्ला को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन इस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया। सतना सीएमएचओ डॉ मनोज शुक्ला का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। टीम बनाकर प्रकरण की जांच कराई जाएगी। यदि आरोप प्रमाणित पाए गए तो संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर में पैक हो रहा था नकली टाटा नमक:840 पैकेट और 1850 किलो कच्चा माल मिला, दिल्ली से बुलवाता था पैकिंग का सामान

इंदौर के एरोड्रम इलाके में टाटा नमक की नकली पैकिंग करने वाली फैक्ट्री पर पुलिस ने दबिश दी। यहां से 840 पैकेट नकली नमक और 1850 किलो कच्चा माल और मशीनरी जब्त की। पूछताछ में ये बात निकलकर सामने आई है कि आरोपी दिल्ली से पैकेजिंग का सामान बुलवाता था। सोमवार को पुलिस ने मामले का खुलासा किया। एरोड्रम टीआई तरुण सिंह भाटी ने बताया कि इंदौर में टाटा कंज्यूमर प्रोटक्ट लिमिटेड के टेक्निकल एक्सपर्ट ने लिखित शिकायत की थी कि इंदौर में कंपनी के ब्रांड टाटा नमक की नकली पैकेजिंग कर बाजार में बेचा जा रहा है। इससे कंपनी और शासन को आर्थिक नुकसान हो रहा है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने लोकनायक नगर में एक जगह पर दबिश दी और मौके से जितेंद्र गुप्ता को पकड़ा। वह बड़े स्तर पर नकली नमक की पैकेजिंग करने का काम कर रहा था। उसके पास से लगभग 1 लाख रुपए से ज्यादा माल जब्त किया है। इसमें मुख्य रूप से 840 पैकेट (1 किलो) नकली टाटा नमक, 1850 किलो कच्चा नमक, 980 खाली ब्रांडेड पैकेजिंग, 32 खाली कट्टे, वेइंग मशीन, पैकिंग मशीन, सिलाई मशीन और डिजिटल तराजू जब्त किया है। दिल्ली से बुलवाता था पैकेजिंग का सामान आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह नकली पैकेजिंग का सामान (ब्रांडेड कट्टे/पॉलीथिन) दिल्ली से मंगवाता था और स्थानीय स्तर पर सस्ते कच्चे नमक को पैक कर टाटा नमक के नाम से आसपास के इलाकों में बेचता था। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है। उससे पूछताछ कर ओर भी जानकारी निकाली जा रही है।
विधायक बोले- सरपंच पति-पार्षद पति सुनकर बुरा लगता:सिंगरौली में नारी शक्ति सम्मेलन में कहा- मानसिकता बदलना जरूरी

सिंगरौली में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में विधायक रामनिवास शाह का बयान काफी चर्चा में है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि 33% आरक्षण से महिलाओं को बराबरी का हक तो मिलेगा, लेकिन असली बदलाव तब आएगा जब ‘सरपंच पति’ जैसी मानसिकता खत्म होगी। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री के भाषण का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। ‘सरपंच पति’ वाली सोच बदलनी होगी विधायक रामनिवास शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को बराबरी का दर्जा देना चाहते हैं, इसीलिए आरक्षण की व्यवस्था की गई है। उन्होंने यह भी माना कि आज भी कई जगहों पर महिलाएं खुलकर काम नहीं कर पा रही हैं और उनके अधिकारों का इस्तेमाल घर के पुरुष कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज को ‘सरपंच पति’ या ‘पार्षद पति’ वाले ढर्रे से बाहर निकलना होगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह बदलाव धीरे-धीरे ही आएगा। महिलाओं ने किया समर्थन कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने भी विधायक की बात का समर्थन किया। एक महिला हितग्राही ने कहा कि महिलाओं की पहचान उनके पति के पद से होना गलत है, उन्हें खुद आत्मनिर्भर और सशक्त बनना चाहिए। प्रधानमंत्री का संबोधन और सम्मान प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में महिलाओं की आत्मनिर्भरता और लोकतंत्र में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। इस मौके पर देवसर विधायक राजेंद्र मेश्राम, कलेक्टर गौरव बैनल और अन्य बड़े अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतरीन काम करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया गया।
आलीराजपुर के टॉकीज चौराहे पर डीपी में लगी आग:आबकारी नियंत्रण कक्ष के पास पोल से 15 फीट ऊंची उठीं लपटें; आधे शहर की बिजली गुल

आलीराजपुर नगर के व्यस्त टाकीज चौराहे पर सोमवार रात करीब 8:30 बजे एक डीपी में आग लग गई। आबकारी नियंत्रण कक्ष के समीप स्थित पोल से अचानक उठी आग की लपटों ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। 15 फीट ऊंची उठीं लपटें प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि डीपी से करीब 15 फीट ऊंची लपटें उठ रही थीं। शॉर्ट सर्किट की आशंका के बीच लोगों ने तुरंत अपने वाहनों को सुरक्षित स्थान पर हटाया और बिजली विभाग को सूचना दी। आग की तीव्रता के कारण पूरे इलाके में धुएं का गुबार छा गया। दमकल और बिजली कंपनी ने पाया काबू सूचना मिलते ही बिजली कंपनी की टीम और दमकल वाहन मौके पर पहुंचे। बिजली सप्लाई बंद कर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से आसपास के लोगों को दूर कर दिया गया था। आधे नगर में छाया अंधेरा इस हादसे के कारण आलीराजपुर नगर के आधे से अधिक हिस्से की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। बिजली कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल करने में 1 से 2 घंटे का समय लग सकता है। विभाग अब आग लगने के कारणों की जांच कर रहा है।
जबलपुर स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों की गड़बड़ी का आरोप:सपा ने कहा- नियमों को दरकिनार कर हुआ भुगतान; FIR दर्ज करने की मांग

जबलपुर के स्वास्थ्य विभाग में 1.75 करोड़ रुपए के कथित घोटाले का मामला सामने आया है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव आशीष मिश्रा ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। आरोप है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की राशि का भुगतान नियमों का उल्लंघन करते हुए किया गया। इस घोटाले में पूर्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. संजय मिश्रा और जिला कार्यक्रम प्रबंधक आदित्य तिवारी पर राशि के गबन का आरोप है। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि भोपाल की सिंह एंटरप्राइजेज नामक एक फर्म को करोड़ों रुपए का भुगतान किया गया, जबकि यह फर्म केवल 15 दिन पुरानी थी। इसके अतिरिक्त, स्टॉक रजिस्टर में सामग्री की प्राप्ति दर्ज होने के बावजूद, मौके पर कोई भी सामान उपलब्ध नहीं पाया गया। समाजवादी पार्टी ने इस मामले के मीडिया में आने के 11 दिन बाद भी एफआईआर दर्ज न होने पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने इसे अधिकारियों की मिलीभगत करार दिया है। समाजवादी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपते समय एडवोकेट दीपांशु साहू, शैलेंद्र सिंह, सीता कुशवाहा, दीपेंद्र दुबे, राहुल अहिरवार, राम बालक पटेल, कमलेश पटेल, बेनी प्रसाद उड़िया, देवेंद्र यादव, शुभम अहिरवार, राजेंद्र पटेल, अभिषेक शर्मा और अब्दुल कयूम सहित कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
कर्नाटक कांग्रेस के लगभग 30 विधायकों ने दिल्ली में खड़गे से मुलाकात की, कैबिनेट में फेरबदल की मांग की | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:13 अप्रैल, 2026, 21:27 IST विधायकों ने कहा कि उनकी मांग पूरी तरह से फेरबदल पर केंद्रित है, न कि नेतृत्व में किसी बदलाव पर। नई दिल्ली: शुक्रवार, 10 अप्रैल, 2026 को इंदिरा भवन, नई दिल्ली में कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पार्टी नेता राहुल गांधी, बाएं और केसी वेणुगोपाल के साथ। (पीटीआई फोटो/सलमान अली) (पीटीआई04_10_2026_000179बी) कर्नाटक के लगभग 30 कांग्रेस विधायकों ने सोमवार को नई दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की और लंबे समय से लंबित कैबिनेट फेरबदल के लिए दबाव डाला और मंत्री पद की मांग की। विधायकों ने कहा कि उनकी मांग पूरी तरह से फेरबदल पर केंद्रित है, न कि नेतृत्व में किसी बदलाव पर। बैठक के बाद बोलते हुए, वरिष्ठ कांग्रेस विधायक अशोक पट्टन ने कहा कि खड़गे ने उन्हें आश्वासन दिया है कि उनकी चिंताओं पर पार्टी नेतृत्व के साथ चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा, ”हमारा एकमात्र मुद्दा फेरबदल को लेकर है और हम किसी अन्य विषय पर नहीं जाएंगे… हम किसी के भी मंत्री बनने से खुश हैं।” उन्होंने कहा कि उनके जैसे वरिष्ठ नेताओं को भी मौका दिया जाना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल में एसएन नारायणस्वामी, के शदाक्षरी, एआर कृष्णमूर्ति, पुत्तरंगा शेट्टी और बेलूर गोपाल कृष्ण जैसे कई अनुभवी विधायक शामिल थे। उनमें से कई कई बार के विधायक हैं, जो मानते हैं कि सरकार में अधिक वरिष्ठ नेताओं को शामिल करने के लिए कैबिनेट में बदलाव का समय आ गया है। पैटन ने दोहराया कि समूह की यात्रा एक “एक सूत्री कार्यक्रम” थी जो कर्नाटक कैबिनेट में फेरबदल पर केंद्रित थी। उन्होंने यह भी कहा कि बेंगलुरु लौटने से पहले वे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ आगे की चर्चा का इंतजार करेंगे। उन्होंने कहा, “यह केवल एक सूत्रीय कार्यक्रम है। हम आए हैं, 30 सदस्य हैं, हम केवल आए हैं, हम कर्नाटक सरकार के मंत्रिमंडल में फेरबदल करने के लिए कह रहे हैं।” पार्टी सूत्रों ने पहले कहा था कि अगर आलाकमान फेरबदल पर सहमत होता है, तो यह मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व में मौजूदा नेतृत्व में स्थिरता का संकेत दे सकता है, जिससे पता चलता है कि वह अपना पूरा कार्यकाल पूरा कर सकते हैं। यह राज्य इकाई के भीतर आंतरिक नेतृत्व की गतिशीलता को भी प्रभावित कर सकता है। कर्नाटक कैबिनेट में मुख्यमंत्री सहित 34 मंत्रियों की स्वीकृत शक्ति है। वर्तमान में, हाल के घटनाक्रमों के बाद दो पद रिक्त हैं, जिनमें एक इस्तीफा और अलग-अलग मुद्दों से जुड़ी एक बर्खास्तगी शामिल है। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 13 अप्रैल, 2026, 21:27 IST समाचार राजनीति कर्नाटक कांग्रेस के लगभग 30 विधायकों ने दिल्ली में खड़गे से मुलाकात की, कैबिनेट में फेरबदल की मांग की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कर्नाटक कैबिनेट में फेरबदल(टी)कर्नाटक कांग्रेस विधायकों(टी)मल्लिकार्जुन खड़गे की बैठक(टी)सिद्धारमैया सरकार(टी)मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधित्व की मांग(टी)कांग्रेस आलाकमान(टी)कैबिनेट में फेरबदल कर्नाटक(टी)वरिष्ठ विधायक कांग्रेस
दतिया के बड़ेरा धनौटी में गेहूं की फसल जली:5 बीघा फसल राख, सरकारी फायर ब्रिगेड में आई तकनीकि खराबी

पंडोखर थाना क्षेत्र के ग्राम बड़ेरा धनौटी मौजे में सोमवार दोपहर करीब 1 बजे अचानक लगी आग ने किसान राकेश राजपूत के खेत में खड़ी गेहूं की फसल को चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और करीब पांच बीघा में फैली पूरी फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने तत्काल आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तेज लपटों और हवा के कारण आग पर काबू पाना संभव नहीं हो सका। सूचना मिलने पर पण्डोखर धाम की निजी फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। समय रहते आग पर काबू पा लेने से आसपास के खेतों में खड़ी अन्य फसल को बचा लिया गया। सरकारी फायर ब्रिगेड में आई खराबी वहीं, सरकारी फायर ब्रिगेड भी मौके पर पहुंची, लेकिन तकनीकी खामी के चलते मौके पर निष्क्रिय रही। बताया गया कि पानी सप्लाई का पाइप फटा होने के कारण वह आग बुझाने में उपयोग नहीं हो सकी। इस लापरवाही ने आपातकालीन सेवाओं की तैयारियों और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। राजस्व विभाग द्वारा नुकसान का आंकलन किए जाने की बात कही जा रही है।







