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सतना में सूने घर से 5 लाख के जेवरात चोरी:20 हजार की नकदी भी ले गए बदमाश; परिवार रीवा गया था

सतना में सूने घर से 5 लाख के जेवरात चोरी:20 हजार की नकदी भी ले गए बदमाश; परिवार रीवा गया था

सतना में एक सूने घर में दिनदहाड़े चोरी की वारदात हुई। कोलगवां थाना क्षेत्र के बाईपास उतैली स्थित संजय कुशवाहा के घर से चोरों ने 20 हजार रुपए नकद और करीब 5 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवरात चुरा लिए। यह घटना सोमवार दोपहर को हुई, जब परिवार रीवा गया हुआ था। संजय कुशवाहा अपने परिवार के साथ सोमवार सुबह लगभग 11 बजे रीवा गए थे। शाम 5 बजे जब वे वापस लौटे, तो घर का मुख्य ताला टूटा था। अंदर का सारा सामान बिखरा पड़ा था और अलमारी खुली हुई थी। कुशवाहा ने बताया कि चोरों ने तिजोरी में रखे 20 हजार रुपए नकद और लगभग 5 लाख रुपए मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात चुरा लिए। घटना की सूचना मिलने पर कोलगवां पुलिस मौके पर पहुंची और मुआयना कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि चोरों का सुराग मिल सके। पुलिस के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस चोरी की वारदात में किसी परिचित का हाथ होने की संभावना है।

डल स्किन से परेशान? रोज पिएं ये जूस, कुछ ही दिनों में दिखेगा जबरदस्त ग्लो

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Last Updated:April 13, 2026, 20:57 IST ABC Juice Health Benefits: सेब, चुकंदर और गाजर का जूस गर्मी और प्रदूषण में स्किन के लिए फायदेमंद माना जाता है. यह शरीर को जरूरी विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट देता है, जिससे त्वचा में नैचुरल ग्लो आता है और वह टाइट बनी रहती है. ख़बरें फटाफट स्किन के लिए पूरा न्यूट्रिशन पैक. (AI Image) आजकल गर्मी, धूल और प्रदूषण के कारण त्वचा की चमक जल्दी फीकी पड़ने लगती है. ऐसे में सिर्फ बाहरी स्किनकेयर से ज्यादा असर नहीं दिखता, बल्कि अंदर से शरीर को पोषण देना जरूरी होता है. इसी वजह से सेब, चुकंदर और गाजर से बना नैचुरल जूस तेजी से पॉपुलर हो रहा है, जो त्वचा को अंदर से हेल्दी बनाकर नेचुरल ग्लो देने में मदद करता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, सेब, चुकंदर और गाजर का यह मिक्स जूस शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स देता है. यह त्वचा की कोशिकाओं को मजबूत बनाता है और डल स्किन में जान डालता है. खासतौर पर जिन लोगों की स्किन बेजान हो गई है या जिन पर जल्दी एजिंग के साइन दिखने लगे हैं, उनके लिए यह जूस काफी फायदेमंद माना जाता है. सेब बढ़ाता है स्किन की टाइटनेससेब में विटामिन C अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर में कोलेजन बनने की प्रक्रिया को तेज करता है. कोलेजन त्वचा को टाइट और यंग बनाए रखने में मदद करता है. इसके साथ ही सेब में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री रेडिकल्स को कम करते हैं और त्वचा को डैमेज होने से बचाते हैं. यह स्किन को हाइड्रेट रखकर उसमें नैचुरल ग्लो लाने में भी मदद करता है. चुकंदर करता है खून साफचुकंदर को नेचुरल ब्लड प्यूरीफायर माना जाता है. इसमें मौजूद नाइट्रेट्स शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाते हैं, जिससे त्वचा तक ज्यादा ऑक्सीजन और पोषण पहुंचता है. इससे चेहरा साफ और चमकदार दिखने लगता है. साथ ही, चुकंदर लिवर को डिटॉक्स करने में मदद करता है, जिससे शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और त्वचा हेल्दी बनती है. गाजर देता है विटामिन Aगाजर में बीटा कैरोटीन भरपूर मात्रा में होता है, जो शरीर में जाकर विटामिन A में बदल जाता है. यह त्वचा की मरम्मत करता है और नई कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है. विटामिन A स्किन को ड्राई होने से बचाता है और उसे सॉफ्ट व स्मूद बनाए रखता है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 13, 2026, 20:57 IST

MP में कल बैंकें बंद रहेंगी, आदेश जारी:40 हजार बैंककर्मी कर रहे थे मांग; वित्तीय संस्थाओं में भी अवकाश रहेगा

MP में कल बैंकें बंद रहेंगी, आदेश जारी:40 हजार बैंककर्मी कर रहे थे मांग; वित्तीय संस्थाओं में भी अवकाश रहेगा

अंबेडकर जयंती पर मध्य प्रदेश की बैंक और वित्तीय संस्थाओं में भी 14 अप्रैल को अवकाश रहेगा। इसे लेकर राज्य शासन ने भी आदेश जारी कर दिए हैं। राज्य शासन ने सोमवार को आदेश जारी किया। जिसमें निगोशिएबल इंन्स्ट्रूमेंटस एक्ट के तहत पूरे प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का उल्लेख है। आदेश के बाद मंगलवार को प्रदेश की 7 हजार से अधिक बैंक शाखाएं नहीं खुलेंगी। वहीं, करीब 40 हजार बैंककर्मियों को फायदा मिलेगा। वित्त मंत्रालय 9 अप्रैल को जारी कर चुका लेटर इससे पहले वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी पत्र 9 अप्रैल 2026 के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती (14 अप्रैल 2026) के अवसर पर अब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, बीमा कंपनियां, वित्तीय संस्थान एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRBs) में भी सार्वजनिक अवकाश रहेगा। उल्लेखनीय है कि कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा जारी आदेश को वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने सभी सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों पर भी लागू करने का निर्णय लिया है। जिससे बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र के कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस मध्य प्रदेश के कोऑर्डिनेटर वीके शर्मा ने कहा कि यह निर्णय देश के महान संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। बैंकिंग क्षेत्र के कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग की पूर्ति भी है।

कचरा और गंदगी मिलने पर दरोगा की सेवा समाप्त:कर्मचारी अनुपस्थित मिले, दरोगा का कटा वेतन; सफाई में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

कचरा और गंदगी मिलने पर दरोगा की सेवा समाप्त:कर्मचारी अनुपस्थित मिले, दरोगा का कटा वेतन; सफाई में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

इंदौर नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने सोमवार को शहर की सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दीपमाला ढाबा, सुपर कॉरिडोर लवकुश चौराहा, अरविंदो हॉस्पिटल क्षेत्र, रेलवे स्टेशन, बाणगंगा मेन रोड, इंडस्ट्रियल एरिया, बीमा हॉस्पिटल, नंदा नगर सहित विभिन्न स्थानों का जायजा लिया गया। 5 संस्थाओं से 13 हजार की वसूली दीपमाला ढाबा क्षेत्र में वाइन शॉप, गन्ने की चरखी एवं अन्य दुकानों के बाहर कचरा और गंदगी पाए जाने पर उन्होंने तत्काल चालानी कार्रवाई के निर्देश दिए। निर्देशों के पालन में क्षेत्रीय सीएसआई द्वारा 5 संस्थाओं के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 13 हजार रुपए की वसूली की गई। अरविंदो हॉस्पिटल के पास सड़क किनारे मिट्टी के ढेर से यातायात प्रभावित होने पर उसे तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए। जोनल अधिकारीनरेंद्र कुरील ने मौके पर कार्रवाई करते हुए मिट्टी हटाकर यातायात सुचारू कराया। बाणगंगा मेन रोड और इंडस्ट्री एरिया में कर्मचारी अनुपस्थित जोन 9 के वार्ड 47 के तहत रेलवे स्टेशन क्षेत्र के निरीक्षण में स्टेशन और संपर्क मार्गों पर गंदगी पाए जाने पर संबंधित क्षेत्रीय दरोगा का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। इसी तरह बाणगंगा मेन रोड और इंडस्ट्री एरिया में कर्मचारी अनुपस्थित मिलने तथा गंदगी पाए जाने पर संबंधित दरोगाओं का एक-एक दिन का वेतन काटने के आदेश दिए गए। दरोगा विकेंद्र करोसिया की सेवा समाप्त अरविंदो हॉस्पिटल एवं लवकुश चौराहा क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था अत्यंत खराब मिलने पर क्षेत्रीय दरोगा विकेंद्र करोसिया की सेवा समाप्त करने के निर्देश जारी किए गए। बीमा अस्पताल रोड, नंदा नगर क्षेत्र में रोड डिवाइडर के बीच सी एंड डी वेस्ट पड़े होने और समुचित सफाई नहीं मिलने पर संबंधित दरोगा का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। निगम कमिश्नर ने स्पष्ट कहा कि शहर की स्वच्छता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

भिंड में कांग्रेस कमेटी करेगी संगठन का विस्तार:हर वार्ड में 25 सदस्यीय कमेटी बनाएगी, कार्यकर्ता हर वार्ड में घर-घर पहुंचकर लोगों से संवाद करेंगे

भिंड में कांग्रेस कमेटी करेगी संगठन का विस्तार:हर वार्ड में 25 सदस्यीय कमेटी बनाएगी, कार्यकर्ता हर वार्ड में घर-घर पहुंचकर लोगों से संवाद करेंगे

भिंड शहर में कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने के लिए जिला कांग्रेस कमेटी ने संगठन विस्तार का अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में शहर के प्रत्येक वार्ड में 25 सदस्यीय कमेटियों के गठन की तैयारी शुरू कर दी गई है, जिससे पार्टी की सक्रियता बूथ स्तर तक बढ़ाई जा सके। जिला कांग्रेस नेतृत्व के निर्देश पर आयोजित बैठक में संगठन विस्तार को लेकर रणनीति बनाई गई। इसमें तय किया गया कि वार्ड स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं को जोड़कर मजबूत टीम तैयार की जाएगी। इसके साथ ही मंडल स्तर पर भी कमेटियों का गठन किया जाएगा, जिससे संगठनात्मक ढांचा और प्रभावी बन सके। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम जनता की समस्याओं को सीधे तौर पर जानना और उनके समाधान के लिए आवाज उठाना है। कार्यकर्ता हर वार्ड में घर-घर पहुंचकर लोगों से संवाद करेंगे और स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता देंगे। नेताओं ने विश्वास जताया कि इस अभियान से कांग्रेस संगठन को नई मजबूती मिलेगी और कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ेगा।

मुंह से बदबू आ रही है? बिना एक पैसा खर्च किए इस पत्ते को चबाइए, मिनटों में आने लगेगी खुशबू

मुंह से बदबू आ रही है? बिना एक पैसा खर्च किए इस पत्ते को चबाइए, मिनटों में आने लगेगी खुशबू

Last Updated:April 13, 2026, 19:32 IST Guava Leaves Benefits: कुछ इधर-उधर की चीजें खा लें तो सही हेल्दी मुंह से भी बदबू आने लगती है. मुंह की बदबू से न केवल आत्मविश्वास में कमी आती है बल्कि किसी से मुलाकातों में शर्मिंदगी का कारण भी बन जाता है. इसका तत्काल उपाय दवाइयों में नहीं है. बाजार में मिलने वाले महंगे माउथवॉश और स्प्रे कुछ देर के लिए तो असर दिखाते हैं, लेकिन समस्या को जड़ से खत्म नहीं करते. ऐसे में यदि आप इसका परमानेंट इलाज चाहते हैं तो आपके लिए अमरूद का पत्ता सबसे बेस्ट आयुर्वेदिक ऑप्शन है. मुंह की सफाई हमारी पूरी सेहत के लिए जरूरी है. मसूड़ों में सूजन, दांत दर्द या मुंह की बदबू जैसी समस्याएं न सिर्फ परेशानी देती हैं, बल्कि आत्मविश्वास भी कम कर देती हैं. सुबह खाली पेट ताजे अमरूद के पत्ते चबाना इन परेशानियों का आसान और सस्ता तरीका है. इन पत्तों में सूजन कम करने और बैक्टीरिया से लड़ने की खूबियां होती हैं, जो मुंह में बढ़ने वाले बैक्टीरिया को खत्म करने में किसी महंगे दवा जैसी असरदार होती हैं. मुंह की बदबू के लिए एक प्राकृतिक उपाय – मुंह की बदबू बहुत लोगों के लिए परेशानी होती है. दुकानों में मिलने वाले माउथवॉश सिर्फ थोड़ी देर के लिए असर करते हैं, लेकिन अमरूद के पत्ते असली वजह पर काम करते हैं. इनमें मौजूद फ्लावोनॉयड और टैनिन्स मुंह की बदबू पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म करते हैं. सुबह एक या दो ताजे पत्ते धोकर अच्छे से चबाएं. पूरे दिन आप फ्रेश महसूस करेंगे और आपको माउथ स्प्रे की जरूरत नहीं पड़ेगी. सूजन और मजबूत मसूड़ों के लिए राहत देती है – अमरूद के पत्ते मसूड़ों से होने वाले खून के लिए एक अच्छा इलाज है. जब इन पत्तों को चबाते हैं, तो इनसे निकलने वाला रस मसूड़ों को गहराई से साफ करता है और सूजन कम करता है. इन पत्तों का काढ़ा या सीधे चबाना मुंह की बदबू और दांत दर्द के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक उपाय है. Add News18 as Preferred Source on Google पाचन तंत्र को डिटॉक्स करना – हैरानी की बात है कि इसके फायदे सिर्फ आपके मुंह तक सीमित नहीं हैं. इन पत्तों को चबाना और उनका रस निगलना आपके पाचन तंत्र को डिटॉक्स करने में मदद करता है. अमरूद के पत्तों में ऐसे तत्व होते हैं जो पेट में नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया को मारते हैं. इससे गैस, कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याओं से तुरंत राहत मिलती है. ये आपके मेटाबॉलिज्म को भी बढ़ाने में मदद करते हैं. शुगर कंट्रोल करने में मदद करता है – अमरूद के पत्ते डायबिटीज के मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं. “न्यूट्रिशन एंड मेटाबॉलिज्म मैगजीन में छपी रिसर्च के मुताबिक, अमरूद के पत्तों का रस शरीर में अल्फा-ग्लूकोसिडेज एंजाइम की एक्टिविटी को कम करता है. आसान भाषा में कहें तो, खाने के बाद ब्लड शुगर अचानक बढ़ने से ये रोकता है. सुबह एक अमरूद का पत्ता चबाने से आपकी शुगर लेवल को नेचुरली कंट्रोल करने में मदद मिलती है. वजन कम करने और ग्लोइंग स्किन के लिए खास तरीका – जो लोग अपना वजन कम करना चाहते हैं उनके लिए यह एक सीक्रेट तरीका है. अमरूद की पत्तियां शरीर में कार्ब्स को शुगर में बदलने से रोकती हैं और फैट जमा होने से बचाती हैं. इनमें विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स भी भरपूर होते हैं. ये आपकी त्वचा को नेचुरल ग्लो देते हैं और झुर्रियां आने से रोकते हैं. मतलब, एक छोटी सी पत्ती आपकी खूबसूरती और सेहत दोनों का ध्यान रखती है. सावधानी और सही तरीका जरूरी है – लेकिन किसी भी चीज का ज्यादा इस्तेमाल नुकसान कर सकता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, दिन में 2 से 3 ताजे पत्ते चबाना काफी है. अगर आप प्रेग्नेंट हैं या कोई गंभीर बीमारी के लिए दवा ले रहे हैं तो इसे न लें, और अपनी रोजमर्रा की आदत में शामिल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें. (डिस्क्लेमर : यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है. न्यूज 18 इसकी पुष्टि नहीं करता.) First Published : April 13, 2026, 19:32 IST

आयुर्वेद में ‘रानी औषधि’ कही जाने वाली शतावरी नुकसान भी पहुंचाती है, खाने से पहले जान लें ये साइड एफेक्ट्स

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Last Updated:April 13, 2026, 19:03 IST shatavari ke side effects: शतावरी को आयुर्वेद में “रानी औषधि” कहा जाता है. गर्भवती महिलाओं को शतावरी के सेवन से नुकसान हो सकता है. कुछ महिलाओं में गर्भपात का जोखिम बढ़ सकता है. शतावरी के सेवन से पहले उसके दुष्परिणामों को जान लेना बहुत जरूरी है. यह गर्भ में पल रहे बच्चे को नुकसान पहुंचा सकता है. जानिए, शतावरी और किन -किन शारीरिक समस्याओं में सेवन से बचना चाहिए. शतावरी के नुकसान. shatavari ke side effects: महिलाओं में गर्भाशय और हार्मोनल असंतुलन से जुड़ी परेशानियां आज के समय में बहुत आम हैं. ये परेशानियां इस हद तक बढ़ चुकी हैं कि इससे प्रजनन क्षमता भी प्रभावित होने लगी है. आयुर्वेद की दुनिया में इन सभी परेशानियों का हल छिपा है और शतावरी को महिलाओं के गर्भाशय से जुड़ी समस्या से छुटकारा पाने का तरीका बताया गया है. शतावरी को आयुर्वेद में “रानी औषधि” कहा गया है. शतावरी पीसीओडी, अनियमित पीरियड, फर्टिलिटी बूस्टर, डिलीवरी के दूध उत्पादन में मददगार, तनाव और एजिंग से मुक्ति से मुक्ति पाने का साधन माना गया है. इन सभी समस्यों से निपटने के लिए आयुर्वेद शतावरी के सेवन की सलाह देता है. शतावरी के फायदों के बारे में तो सभी जानते हैं कि लेकिन इसके नुकसान के बारे में कम ही बात होती है. शतावरी के सेवन के साइड-इफेक्ट्स सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. गर्भवती महिलाओं को शतावरी के सेवन से नुकसान हो सकता है. कुछ महिलाओं में गर्भपात का इतिहास रहा होता है. ऐसे में शतावरी का सेवन शरीर को कमजोर कर सकता है, इसलिए शतावरी के सेवन से पहले उसके दुष्परिणामों को जान लेना बहुत जरूरी है. यह गर्भ में पल रहे बच्चे को नुकसान पहुंचा सकता है. थायरॉइड के मरीज को भी शतावरी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. शतावरी के सेवन से हार्मोन ओवरस्टिम्युलेट हो सकते हैं और यह परेशानी को कम करने की बजाय बढ़ा सकता है. इसके साथ ही, जिन लोगों का पाचन कमजोर होता है और खाना ठीक से पचता नहीं है, उन्हें भी शतावरी का सेवन नहीं करना चाहिए. शतावरी के सेवन से पेट फूलना, गैस, पेट में मरोड़ और दस्त जैसी परेशानी हो सकती है. शतावरी हर किसी को सूट नहीं करती है, कुछ लोगों को इसके सेवन से एलर्जी भी हो जाती है. इसके सेवन से कुछ महिलाओं में त्वचा पर चकत्ते, पित्ती, आंखों से पानी और सांस लेने में परेशानी होने की समस्या भी देखी गई है. ऐसे में सेवन के साथ एलर्जी का भी ध्यान रखें और अगर किसी भी खाद्य पदार्थ से पहले ही एलर्जी है, तो शतावरी के सेवन से बचे. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 13, 2026, 19:03 IST

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर भाजपा का जोर:मंदसौर में प्रदेश मंत्री बोलीं- 2029 तक दिखेगा असर, 33% आरक्षण से बदलेगा समीकरण

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर भाजपा का जोर:मंदसौर में प्रदेश मंत्री बोलीं- 2029 तक दिखेगा असर, 33% आरक्षण से बदलेगा समीकरण

मंदसौर भाजपा जिला कार्यालय में सोमवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर आयोजित प्रेसवार्ता में भाजपा प्रदेश मंत्री बबीता परमार ने कहा कि यह अधिनियम देश का भाग्य बदलने वाला साबित होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण का एक नया स्वर्णिम अध्याय लिखा जा रहा है। प्रेसवार्ता में जिला संगठन से जुड़े कई पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान अधिनियम के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बबिता परमार ने कहा कि आजादी के बाद से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण देने की मांग लंबे समय से की जाती रही, लेकिन इसे लागू नहीं किया गया। अब 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान महिलाओं को नीति-निर्धारण में भागीदारी का अवसर देगा और उन्हें नेतृत्वकारी भूमिका में स्थापित करेगा। यह कानून महिलाओं को “वोट बैंक” की मानसिकता से बाहर निकालकर उन्हें निर्णय लेने वाली भूमिका में स्थापित करेगा। अटल सरकार के प्रयासों का भी किया उल्लेख परमार ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय भी महिला आरक्षण विधेयक लाने का प्रयास किया गया था, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण यह पारित नहीं हो सका। बबिता ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा गया कि पार्टी ने वर्षों तक महिला आरक्षण को लेकर केवल राजनीतिक बयानबाजी की, लेकिन इसे लागू करने की ठोस कोशिश नहीं की। शाहबानो प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटकर महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं के मुद्दों को हमेशा राजनीतिक स्वार्थ के नजरिये से देखा। भाजपा प्रदेश मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित हो। 2029 के आम चुनाव तक इसका व्यापक असर देखने को मिलेगा और बड़ी संख्या में महिला प्रतिनिधि सदनों में पहुंचेंगी। महिला सशक्तिकरण की योजनाओं का जिक्र प्रेसवार्ता में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा गया कि पिछले वर्षों में महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उज्ज्वला योजना, जनधन खाते, मुद्रा योजना, स्वयं सहायता समूह और “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” जैसे अभियानों के जरिए महिलाओं को मुख्यधारा में लाया गया है। “नया भारत” में महिलाओं की निर्णायक भूमिका प्रदेश मंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम है। इससे महिलाओं को समान अवसर मिलेगा और वे देश के विकास में निर्णायक भूमिका निभा सकेंगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाना ही राष्ट्र को सशक्त बनाने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है।

48 साल बाद टूटा शिवनाथ सिंह का रिकॉर्ड:सेना के हवलदार सावन बरवाल ने नीदरलैंड में रचा इतिहास, मैराथन में बनाया नया नेशनल रिकॉर्ड

48 साल बाद टूटा शिवनाथ सिंह का रिकॉर्ड:सेना के हवलदार सावन बरवाल ने नीदरलैंड में रचा इतिहास, मैराथन में बनाया नया नेशनल रिकॉर्ड

भारतीय सेना के हवलदार सावन बरवाल ने एथलेटिक्स की दुनिया में एक नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने 12 अप्रैल को नीदरलैंड के रॉटरडैम में आयोजित प्रतिष्ठित ‘एनएन मैराथन’ में फुल मैराथन (42.195 किमी) दौड़कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड (नेशनल रिकॉर्ड) अपने नाम कर लिया है। एडीजी मिलिट्री सर्वे के अंतर्गत देहरादून स्थित 501 एफएसईजी यूनिट में कार्यरत सावन ने यह दूरी महज 2 घंटे 11 मिनट 58 सेकंड में पूरी की। भारतीय एथलेटिक्स का सबसे पुराना रिकॉर्ड टूटा सावन के इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास का सबसे लंबे समय तक कायम रहने वाला रिकॉर्ड टूट गया है। इससे पहले फुल मैराथन का नेशनल रिकॉर्ड महान धावक शिवनाथ सिंह के नाम था। उन्होंने 1978 में 2 घंटे 12 मिनट (2:12:00) के समय के साथ यह कीर्तिमान स्थापित किया था। पिछले 48 सालों से यह रिकॉर्ड अजेय था, जिसे अब सावन बरवाल ने पीछे छोड़ दिया है। तेज हवाओं को चीरते हुए पहली ही मैराथन में छा गए सावन सावन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस बेहद प्रतिस्पर्धी दौड़ में एलीट वर्ग में 20वां स्थान हासिल किया है। सबसे खास बात यह है कि यह उनके करियर की पहली फुल मैराथन थी। अंतिम चरण में नीदरलैंड का मौसम बेहद चुनौतीपूर्ण था और तेज हवाएं चल रही थीं, लेकिन सावन ने गजब का धैर्य और दृढ़ता दिखाते हुए अपनी लय नहीं टूटने दी और फिनिश लाइन पार की। मंडी के छोटे से गांव से आर्मी तक का सफर हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंदर नगर स्थित एक छोटे से गांव से ताल्लुक रखने वाले सावन की यह कामयाबी उनकी कड़ी मेहनत और निरंतर अभ्यास का नतीजा है। 2019 में भारतीय सेना में भर्ती होने के बाद से ही उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनानी शुरू कर दी थी। सेना की खेल प्रोत्साहन नीति और सावन की लगन ने आज देश का मान पूरी दुनिया में बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि लंबी दूरी की दौड़ में भारत की स्थिति को मजबूत करेगी और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

ट्रम्प-पुतिन के समर्थन के बावजूद हंगरी में चुनाव हारे ऑर्बन:16 साल बाद सत्ता से बाहर, पुराने साथी पीटर मग्यार भारी बहुमत से जीते

ट्रम्प-पुतिन के समर्थन के बावजूद हंगरी में चुनाव हारे ऑर्बन:16 साल बाद सत्ता से बाहर, पुराने साथी पीटर मग्यार भारी बहुमत से जीते

विक्टर ऑर्बन हंगरी का प्रधानमंत्री चुनाव हार गए हैं। वे 16 साल से सत्ता में थे। विपक्षी तिस्जा पार्टी के पीटर मग्यार अगले प्रधानमंत्री बनेंगे। मग्यार पहले ऑर्बन की पार्टी फिदेस से जुड़े थे, लेकिन पार्टी में भ्रष्टाचार के खिलाफ उनसे अलग हो गए थे। ऑर्बन दुनिया के गिने-चुने नेताओं में हैं, जिनकी करीबी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से है। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, इस बार के चुनाव में करीब 80% रिकॉर्ड वोटिंग हुई थी। नतीजों को बड़े राजनीतिक उलटफेर के रूप में देखा जा रहा है। इसका असर यूरोप और ग्लोबल राजनीति पर पड़ेगा। तिस्जा पार्टी की 138 सीटों के साथ बड़ी जीत BBC के मुताबिक, शुरुआती नतीजों में तिस्जा पार्टी ने 199 में 138 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं, ऑर्बन की फिदेस पार्टी को सिर्फ 55 सीटें ही मिली हैं। तिस्जा को करीब 53% और फिदेस को करीब 37% वोट मिले। इन चुनाव नतीजों के बाद हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में देर रात तक जश्न चलता रहा। डेन्यूब नदी किनारे हजारों लोग जुटे। कारों के हॉर्न, झंडे और नारेबाजी के बीच जश्न चलता रहा। कई जगह लोगों ने रूसियों घर जाओ जैसे नारे लगाए। हंगरी में जश्न की 4 तस्वीरें… ट्रम्प और पुतिन के करीबी माने जाते हैं ऑर्बन ऑर्बन ने अपनी हार स्वीकार कर ली है और अपने समर्थकों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि अब वे विपक्ष से देश की सेवा करेंगे। ऑर्बन को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का करीबी सहयोगी माना जाता रहा है। हाल ही में उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने चुनाव से पहले हंगरी का दौरा किया था और उनका समर्थन किया था। ऑर्बन यूरोप में ट्रम्प के सबसे भरोसेमंद सहयोगी रहे हैं। 2016 में ट्रम्प के पहली बार चुनाव लड़ने की घोषणा पर ऑर्बन पहले यूरोपीय नेता थे जिन्होंने उन्हें समर्थन दिया था। ऑर्बन को पुतिन का भी समर्थक माना जाता है ऑर्बन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी माने जाते रहे हैं। उनकी राजनीति रूस से करीबी और यूरोपीय यूनियन से दूरी पर आधारित रही है। उन्होंने रूस पर लगे प्रतिबंधों का कई बार विरोध किया और यूक्रेन युद्ध जल्दी खत्म करने की बात कही। उनके आलोचकों का कहना है कि यह रुख रूस को खुश करने के लिए है। ऑर्बन ने रूस के बड़े हमले के खिलाफ यूक्रेन को समर्थन देने की यूरोपीयन यूनियन की कोशिशों में बार-बार बाधा डाली। साथ ही उन्होंने पुतिन से करीबी रिश्ते बनाए रखे और रूस से ऊर्जा आयात पर हंगरी की निर्भरता खत्म करने से इनकार किया पीटर मग्यार का राजनीतिक एजेंडा और वादे जीत के बाद पीटर मग्यार ने कहा कि जनता ने झूठ पर सच्चाई को चुना है। उन्होंने यूरोपीयन यूनियन (EU) और NATO के साथ रिश्ते मजबूत करने का वादा किया। EU यह देखेगा कि मग्यार यूक्रेन को लेकर हंगरी की नीति में क्या बदलाव करते हैं। माना जा रहा है कि विदेश नीति में बड़ा बदलाव आ सकता है। मग्यार ने भ्रष्टाचार खत्म करने, न्यायपालिका की स्वतंत्रता बहाल करने और शिक्षा-स्वास्थ्य में सुधार की बात कही। साथ ही उन्होंने ऑर्बन काल की ‘पैट्रोनेज सिस्टम’ (NER) खत्म करने का वादा किया। ऑर्बन के न जीतने की क्या वजह? विक्टर ऑर्बन 2010 में पहली बार हंगरी की सत्ता में आए और तब से उन पर कई आरोप लगते रहे हैं। आरोप है कि सत्ता में आते ही उन्होंने सिस्टम अपने हिसाब से बदलना शुरू किया। उन्होंने चुनाव के ऐसे नियम तय किए कि फायदा उनकी फिदेस पार्टी को मिले। उन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने देश की करीब 80% मीडिया और सरकारी संस्थाओं को कंट्रोल में रखा था। उन्होंने EU में अपने करीबियों के लिए कई मुश्किलें पैदा की, जिससे हंगरी के कई फैसले विवादों में आ गए। ————————- ये खबर भी पढ़ें… युगांडा आर्मी चीफ ने तुर्किये से सबसे खूबसूरत महिला मांगी:कहा- शादी करूंगा, नहीं मिली तो डिप्लोमेटिक रिश्ते तोड़ेंगे, तुर्किश एयरलाइंस पर भी रोक लगा देंगे युगांडा के आर्मी चीफ और राष्ट्रपति के बेटे मुहूजी कैनेरुगाबा ने तुर्किये से 1 अरब डॉलर (₹9000 करोड़) और देश की ‘सबसे खूबसूरत महिला’ को अपनी पत्नी बनाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं हुई तो तुर्किये से कूटनीतिक संबंध खत्म कर दिए जाएंगे और तुर्किश एयरलाइन पर रोक लगाई जा सकती है। कैनेरुगाबा ने X पर लिखा कि अगर तुर्किये ने हमारी समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो 30 दिन में संबंध तोड़ दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि या तो वे भुगतान करें या हम उनका दूतावास बंद कर देंगे। पूरी खबर पढ़ें…